samacharsecretary.com

गर्मी में बढ़ा किडनी स्टोन का खतरा, डिहाइड्रेशन बन रहा बड़ा कारण

गर्मियों का मौसम आ गया है और देश के कई राज्यों-शहरों का तापमान 40-42 डिग्री से ऊपर जा चुका है. ऐसे में इस मौसम में कई लोगों को स्वास्थ्य समस्याएं भी होने लगती हैं लेकिन हमेशआ की तरह इस बार भी गर्मी का मौसम आते ही किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी के मामलों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है. डॉक्टरों का मानना है कि तापमान में बढ़ोतरी और लाइफस्टाइल की कुछ गलतियां सीधे तौर पर हमारी किडनी पर भारी पड़ रही हैं. दरअसल, जब बाहर का पारा बढ़ता है तो शरीर को ठंडा रखने के लिए हमें सामान्य से कहीं ज्यादा पानी की जरूरत होती है. अगर इसमें चूक हुई तो किडनी में मिनरल्स जमा होने लगते हैं जो बाद में दर्दनाक पथरी का रूप ले लेते हैं. इससे बचने के लिए क्या करें, इस बारे में जानना काफी जरूरी है. पसीना और डिहाइड्रेशन का कनेक्शन हार्वर्ड हेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक, तापमान बढ़ने पर शरीर में कैल्शियम का संतुलन बिगड़ता है जिससे स्टोन का रिस्क बढ़ता है इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. राजनाथ कश्यप के अनुसार, पसीने के माध्यम से शरीर का तरल पदार्थ निकल जाता है, जिससे यूरिन में कैल्शियम और ऑक्सालेट जैसे तत्वों का कंसंट्रेशन बढ़ जाता है. आसान शब्दों में समझें तो गर्मी में किडनी स्टोन होने का सबसे बड़ा कारण डिहाइड्रेशन है. जब हमें बहुत ज्यादा पसीना आता है तो शरीर का पानी कम हो जाता है. ऐसी स्थिति में किडनी कम यूरिन बनाती है जो काफी गाढ़ी होती है. यूरिन में कैल्शियम और ऑक्सालेट जैसे तत्व जब पानी की कमी के कारण बाहर नहीं निकल पाते तो वे आपस में जुड़कर क्रिस्टल बनाने लगते हैं. यही क्रिस्टल धीरे-धीरे बड़े होकर पथरी बन जाते हैं. खान-पान की इन गलतियों से बचें गर्मियों में लोग अक्सर कोल्ड ड्रिंक्स या ज्यादा नमक वाले स्नैक्स अधिक खा लेते हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्यादा नमक (सोडियम) यूरिन में कैल्शियम की मात्रा बढ़ा देता है, जो स्टोन का मुख्य कारण है. इसके अलावा, रेड मीट और ज्यादा शुगर वाली ड्रिंक्स भी इस खतरे को दोगुना कर देती हैं. अगर आप गर्मियों में एक्सरसाइज ज्यादा करते हैं और उस अनुपात में पानी नहीं पीते तो भी रिस्क बढ़ जाता है. बचाव के लिए क्या करें? मेयो क्लिनिक की रिसर्च के मुताबिक, किडनी स्टोन से बचने का सबसे आसान तरीका है कि आप दिन भर में कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी पिएं. नींबू पानी का सेवन भी बेहद फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें मौजूद साइट्रेट पथरी बनने की प्रक्रिया को रोकता है. साथ ही भोजन में नमक की मात्रा कम रखें और ताजी हरी सब्जियों को प्राथमिकता दें. अगर यूरिन का रंग गहरा पीला है, तो समझ लीजिए कि आपके शरीर को तुरंत पानी की जरूरत है.

2 जून से बनेगा हंस राजयोग, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत

 ज्योतिष के अनुसार, जब बृहस्पति ग्रह कर्क राशि में प्रवेश करते हैं, तो हंस राजयोग बनता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, गुरु 2 जून को कर्क राशि में जाएंगे और 31 अक्टूबर तक वहीं रहेंगे. इस दौरान कुछ राशियों के जीवन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. खासतौर पर 3 राशियों के लिए यह समय बेहद शुभ रहने वाला है, जिनकी किस्मत इस दौरान चमक सकती है. क्या होता है हंस महापुरुष राजयोग? वैदिक ज्योतिष के मुताबिक, हंस राजयोग बहुत ही शुभ योग माना जाता है. यह पंचमहापुरुष योगों में से एक है. जब कुंडली में बृहस्पति (गुरु) मजबूत और खास स्थिति में होते हैं, तब यह योग बनता है. इस योग के बनने से व्यक्ति को मान-सम्मान, धन, ज्ञान और सुख-समृद्धि मिलती है. जब बृहस्पति अपनी खुद की राशि धनु या मीन में हों या अपनी उच्च राशि कर्क में हों और कुंडली के केंद्र भाव में बैठे हों, तब हंस राजयोग का निर्माण होता है. तो आइए जानते हैं कि 2 जून को बनने जा रहे हंस राजयोग से किन राशियों को लाभ होगा. कर्क राशि (Cancer) इस समय बृहस्पति आपकी ही राशि में उच्च अवस्था में रहेंगे, इसलिए सबसे ज्यादा लाभ आपको ही मिल सकता है. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और करियर में अच्छी प्रगति देखने को मिलेगी. जो लोग शादी का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए अच्छे रिश्ते आ सकते हैं. व्यापार में फायदा होगा और रुके हुए काम पूरे होने लगेंगे. आमदनी में भी बढ़ोतरी के संकेत हैं. वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि वालों के लिए यह योग काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. अचानक धन लाभ के मौके बन सकते हैं. लंबे समय से रुके काम पूरे होंगे और करियर में नए अवसर मिल सकते हैं. नौकरी बदलने या नई नौकरी मिलने के योग हैं. बिजनेस करने वालों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है. पुराने कर्ज से राहत मिलने की संभावना है और कानूनी मामलों में भी सफलता मिल सकती है. मीन राशि (Pisces) मीन राशि के लोगों के लिए यह समय खुशखबरी लेकर आ सकता है. आमदनी में अच्छा इजाफा देखने को मिलेगा. घर या वाहन खरीदने के योग बन सकते हैं. विवाह से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है. अगर आप नया काम शुरू करना चाहते हैं, तो यह समय अनुकूल रहेगा. विदेश जाने या वहां नौकरी मिलने के भी संकेत हैं. परिवार से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है.

नीना मित्तल का बड़ा बयान: भाजपा के पंजाब में सत्ता में आने की उम्मीदें पूरी नहीं होंगी

लुधियाना  आम आदमी पार्टी की हलका विधायक नीना मित्तल की अगुवाई में  यहां पार्टी के सात पूर्व राज्यसभा सांसदों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। टाहली वाला चौक में हुए इस प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के अनेक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्यों के पुतले फूंके गए और नारेबाजी कर अपना रोष व्यक्त किया गया। इस मौके पर विधायक नीना मित्तल ने कहा कि जिन लोगों ने पार्टी के साथ विश्वासघात किया है, उन्हें पंजाब के लोग कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम केवल निजी लाभ के लिए उठाया गया है, जिससे जनता के भरोसे को ठेस पहुंची है। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र सरकार की सोच पंजाब विरोधी है और उसके मंसूबे कभी भी पंजाब की सत्ता पर काबिज होने के पूरे नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियों ने पहले ही पंजाब की किसानी और युवाओं को नुकसान पहुंचाया है, जिसे लोग भली-भांति समझते हैं। विधायक नीना मित्तल ने कहा कि पार्टी अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में राज्य को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ा रही है। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं, जिनका सीधा लाभ जनता को मिल रहा है। विधायक नीना मित्तल ने जनता से अपील की कि सच और विकास की राजनीति का साथ दें और विरोधियों की गुमराह करने वाली नीतियों से सतर्क रहे।

पंजाब में 33 हफ्ते में जन्मी नवजात को ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ से मिली जिंदगी, जीती मौत की जंग

चंडीगढ़  नवजात की पहली किलकारी राहत लेकर आनी चाहिए, लेकिन कई बार यह सन्नाटा भी लेकर आती है. बठिंडा जिले के रामपुरा फूल स्थित अग्रवाल अस्पताल में एक बच्ची का जन्म हुआ, लेकिन उसके जीवन की जंग अभी शुरू ही हुई थी।  सिर्फ 33 सप्ताह में जन्मी रेशम सिंह और गुरमेल कौर की बेटी समय से पहले बेहद नाजुक हालत में इस दुनिया में आई. उसका वजन केवल 1.926 किलोग्राम था, जो सामान्य पूर्णकालिक जन्म वजन (लगभग 2.5 से 4 किलोग्राम) से काफी कम है. जन्म के पहले ही पल से उसे सांस लेने में कठिनाई हो रही थी. बिना चिकित्सकीय सहायता के सांस लेना संभव नहीं था. ऐसे हालात में समय गंवाने की कोई गुंजाइश नहीं थी।  डॉ. सुरिंदर अग्रवाल (एमडी पीडियाट्रिक्स), जिनके पास 24 वर्षों का अनुभव है, ने अपनी टीम के साथ तुरंत उपचार शुरू किया. बच्ची को एनआईसीयू में भर्ती किया गया, जहां मशीनें वह काम कर रही थीं, जो उसके अविकसित फेफड़े नहीं कर पा रहे थे. मॉनिटर पर हर धड़कन और हर सांस पर नजर रखी जा रही थी. हर पल अनिश्चितता और हर पल महत्वपूर्ण था।  इसके बाद 17 दिनों तक लगातार देखभाल और सही उपचार जारी रहा. नवजात को 10 दिनों तक कंटीन्यूअस पॉजिटिव एयरवे प्रेशर (CPAP) सहायता दी गई, इसके बाद 4 दिनों तक ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया. इस दौरान बच्ची को पीलिया हो गया, जिसका इलाज फोटोथेरेपी से किया गया. सीमित कंगारू मदर केयर के जरिए सावधानीपूर्वक पोषण दिया गया, ताकि उसकी नाजुक स्थिति प्रभावित हुए बिना उसे गर्माहट और स्थिरता मिल सके।  डॉ. अग्रवाल ने कहा, “एनआईसीयू में सुधार अचानक नहीं आता, यह धीरे-धीरे स्थिर संकेतों के साथ आता है.” धीरे-धीरे सुधार दिखना शुरू हुआ। सांस सामान्य होने लगी. प्रतिक्रियाएं बेहतर हुईं. जो नाजुक शरीर पहले संघर्ष कर रहा था, वह दिन-ब-दिन मजबूत होने लगा. डॉ. अग्रवाल ने कहा, “कई बार बच्चे को बचाना सिर्फ इलाज पर नहीं, बल्कि सही समय पर निर्भर करता है. थोड़ी-सी देरी भी सब कुछ बदल सकती है।  इस मामले में कोई देरी नहीं हुई. मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत परिवार को कैशलेस इलाज मिला, जिससे डॉक्टर बिना किसी आर्थिक चिंता के पूरी तरह उपचार पर ध्यान केंद्रित कर सके।  17 दिनों के इलाज के बाद बच्ची को स्थिर हालत में छुट्टी दे दी गई. अब उसका वजन 2.106 किलोग्राम है. हालांकि वह अभी भी नाजुक है, लेकिन पहले से काफी स्वस्थ है. नवजात अपने माता-पिता की गोद में जीवित, स्थिर और स्वस्थ हालत में अस्पताल से बाहर आई।  एक अन्य मामले में, होशियारपुर के मनिंदर सिंह ने अपना अनुभव साझा किया. उनकी बेटी गुरकीरत कौर, जिसका जन्म इसी वर्ष 14 अप्रैल को हुआ था, को भी जन्म के बाद नवजात देखभाल की जरूरत पड़ी. उन्होंने कहा, “अस्पताल में उसका अच्छा इलाज हुआ और पूरा खर्च मुख्यमंत्री स्वास्थ्य कार्ड के तहत कवर हो गया।  रजिस्ट्रेशन उसी दिन पूरा हो गया और अब परिवार को हर साल 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिल रहा है।  मनिंदर सिंह ने धन्यवाद देते हुए कहा, “इसलिए ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ बहुत महत्वपूर्ण है. जो व्यक्ति अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए संघर्ष करता है, वह भी अपने बच्चे के लिए बेहतर इलाज ले सकता है. यह बहुत बड़ी बात है।  पंजाब के एनआईसीयू में अभी भी खामोशी होती है, लेकिन अब वह डर नहीं, बल्कि उम्मीद से भरी होती है।  यह उम्मीद बिल्कुल शांत और स्थिर होती है, जिसमें मॉनिटर हर दिन और मजबूत होती किसी नन्हे दिल की धड़कन दिखाता है, और कई बार यही खामोशी और स्थिरता सब कुछ बदलने के लिए काफी होती है। 

मोहिनी एकादशी व्रत कथ,धृष्टबुद्धि के जीवन में आया बड़ा बदलाव

 द्रिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है. इस दिन भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार की पूजा का विशेष महत्व होता है. मोहिनी एकादशी को विशेष रूप से पापों के नाश और मानसिक शांति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से इस व्रत को करता है, उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत की कथा सुनने से भी व्यक्ति के जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. आइए जानते हैं कि मोहिनी एकादशी की व्रत कथा. मोहिनी एकादशी की कथा पुराणों में मोहिनी एकादशी की एक कथा का वर्णन मिलता है. बहुत समय पहले सरस्वती नदी के किनारे भद्रावती नाम का एक समृद्ध नगर हुआ करता था. वहां धनपाल नाम का एक धनी और दयालु व्यक्ति रहता था, जो हमेशा दान-पुण्य और अच्छे कार्यों में लगा रहता था. उसके पांच बेटे थे, लेकिन सबसे छोटा बेटा धृष्टबुद्धि स्वभाव से बिल्कुल अलग था. धृष्टबुद्धि बुरी संगत में पड़ गया था और गलत आदतों में अपने पिता की संपत्ति बर्बाद करता रहता था. जब उसकी हरकतें हद से ज्यादा बढ़ गईं, तो पिता ने मजबूर होकर उसे घर से बाहर निकाल दिया. घर छोड़ने के बाद वह भटकता हुआ जंगलों में रहने लगा और अपने कर्मों पर पछताने लगा. एक दिन भटकते-भटकते वह ऋषि कौंडिन्या के आश्रम पहुंच गया. उस समय ऋषि स्नान करके लौटे थे. दुखी और परेशान धृष्टबुद्धि ने उनके चरणों में गिरकर अपने जीवन की समस्याएं बताईं और उनसे कोई उपाय पूछने लगा. ऋषि ने उसकी हालत देखकर उसे मोहिनी एकादशी व्रत के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि यह व्रत बहुत ही पुण्यदायक है और इसे श्रद्धा से करने पर व्यक्ति अपने पापों से मुक्ति पा सकता है. धृष्टबुद्धि ने पूरे विश्वास और नियम के साथ इस व्रत को किया. व्रत के प्रभाव से उसके जीवन में बदलाव आया. उसके पुराने पाप नष्ट हो गए और अंत में उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई. तभी से यह मान्यता प्रचलित है कि मोहिनी एकादशी का व्रत व्यक्ति को बुरे कर्मों के प्रभाव से मुक्त करने में सहायक होता है. मोहिनी एकादशी की पूजा विधि – सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र पहनें. – घर के पूजा स्थान पर कलश स्थापित करें और दीपक जलाएं. – भगवान विष्णु को चंदन, अक्षत, फूल, धूप, दीप और फल अर्पित करें. – श्रद्धा से 'विष्णु सहस्रनाम' या मंत्रों का जाप करें. – दिनभर व्रत रखें और मन को शांत रखते हुए भगवान का स्मरण करें. – शाम के समय आरती करें और कथा का पाठ या श्रवण जरूर करें. – रात में भजन-कीर्तन या ध्यान करते हुए जागरण करना भी शुभ माना जाता है.

भीषण गर्मी को देखते हुए करौली प्रशासन का बड़ा फैसला, सुबह लगेंगी कक्षाएं

करौली करौली में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने आदेश जारी कर सभी सरकारी और प्राइवेट स्‍कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल समय में बदलाव किया है. यह आदेश 27 अप्रैल 2026 से 16 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा. प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. सुबह 7:30 बजे से चलेंगी कक्षाएं    जिला कलेक्टर के जारी आदेश के अनुसार, अब जिले के सभी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से 11 बजे तक ही संचालित होंगी. कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए पूर्व निर्धारित समय यथावत रखा गया है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि गर्मी के बढ़ते प्रभाव और मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ज‍िससे विद्यार्थियों को लू और अत्यधिक तापमान से बचाया जा सके. नियमों का पालन करने के निर्देश जिला कलेक्टर ने यह आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत जारी किया है. साथ ही सभी विद्यालय संचालकों को सख्ती से निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश की पालना सुनिश्चित करें. अगर आदेश की अवहेलना की गई तो स्कूल संचालकों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. सहायक निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के धर्मेंद्र कुमार मीणा ने जानकारी दी है. यह जो फैसला लिया गया, इसलिए क्योंकि जिले में हीट वेब शुरू हो चुकी है, जिसके कारण छोटे-छोटे बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.  स्कूल प्रबंधकों से अपील की गई है क‍ि प्रभावी तरीके से नियमों का पालन करें.

मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट, 33 से 36 मंत्री तक बढ़ सकती है संख्या

पटना बिहार को सुंदर बनाना है। समृद्ध और विकसित बनाना है। फैक्ट्री लगानी है। इस दिशा में हरसंभव प्रयास करूंगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन सहित रोजगार को और अधिक बढ़ावा मिल सके, इसके लिए काम किया जायेगा।" मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 26 अप्रैल को अपने विधानसभा क्षेत्र तारापुर में जब यह बातें कहीं तो स्पष्ट हो गया कि वह लंबी पारी खेलना चाहते हैं। 15 अप्रैल को नई सरकार बनने के बाद से अब तक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के काम करने के तौर तरीके और बयानों से स्पष्ट हो गया है कि वह एक नई टीम चाहते हैं। सम्राट चौधरी के करीबी इसे 'नई विकास टीम' का नाम दे रहे हैं। नई टीम में कई चेहरों का नाम फाइल हो चुका है। कुछ पर मंथन चल रहा है। सूत्र बता रहे हैं कि जल्द ही इस नई टीम की घोषणा भी कर दी जाएगी। एक दिन पहले यानी रविवार को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट कहा कि जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार हो जाएगा। तारीख उन्होंने नहीं बताई लेकिन कयास लगाया जा रहा है कि चार मई को चुनाव परिणाम आने के बाद पांच मई तक बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार कर लिया जाए। वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी ने कहा कि भाजपा नए चेहरों को मौका जरूर देगी। विजय सिन्हा, मंगल पांडेय, रामकृपाल यादव, दिलीप जायसवाल जैसे पुराने दिग्गजों को दुबारा मौका मिल सकता है। युवा और महिलाओं पर सम्राट चौधरी का विशेष फोकस रहेगा। आलाकमान चाहते हैं कि सरकार में सोशल इंजीनियरिंग का खास ख्याल रखा जाए। हर वर्ग को मौका मिले ताकि संतुलन बरकरार रहे। सम्राट चौधरी की नई टीम में क्षेत्रीय और समाजिक समीकरण का समावेश दिख सकता है। जदयू ने अपने दो पुराने चेहरों को उपमुख्यमंत्री बनाकर यह साफ कर दिया है कि नीतीश कुमार अधिक प्रयोग नहीं करना चाहते हैं। निशांत कुमार फिलहाल सरकार में कोई पद नहीं लेंगे। यह लगभग तय है। अन्य पुराने चेहरे जैसे श्रवण कुमार, जमां खान, मदन सहनी, लेशी सिंह को दुबारा मौका मिल सकता है। हालांकि निशांत के करीबी कुछ युवा विधायक भी मंत्री बनने की कतार में खड़े हैं। इनमें कुछ को जदयू मौका दे सकती है। हाल के दिनों में विपक्ष ने जिन मंत्रियों पर सवाल उठाया है, उनपर  एनडीए विचार कर रहा है। विजय सिन्हा का क्या होगा? 2025 में जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी थी तो सम्राट चौधरी के साथ विजय सिन्हा भी उपमुख्यमंत्री बने थे। उन्हें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। इस विभाग में भ्रष्टाचार अंकुश लगाने के लिए कुछ ऐसे कदम उठाए, जिसकी चर्चा आज तक हो रही है। जनता ने विजय सिन्हा को एक ईमानदार नेता के रूप में देखा। हालांकि, राजस्व सेवा के अधिकारियों ने उनके काम करने की शैली का विरोध किया और हड़ताल पर चले गए। लेकिन, विजय सिन्हा अपने निर्णय पर अडिग रहे और उन्होंने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कही। नई सरकार बनी तो विजय सिन्हा उपमुख्यमंत्री नहीं बने। सोशल मीडिया पर विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी के बीच नोंकझोंक के पुराने वीडियो वायरल होने लगे। चर्चा होने लगी कि विजय सिन्हा अब किनारे कर दिए जाएंगे। तेजस्वी यादव ने भी विधानसभा में कहा कि विजय सिन्हा की नजर सम्राट चौधरी की पगड़ी पर है। हालांकि, सम्राट चौधरी ने विजय सिन्हा के काम की तारीफ की। इसके बाद ऐसा लगा कि विजय सिन्हा को दोबारा मंत्रिमंडल में जगह दिया जाएगा। चर्चा है कि नाराज चल रहे विजय सिन्हा की नाराजगी दूर करने के लिए उन्हें दोबारा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के साथ गृह विभाग की भी जिम्मेदारी मिल सकती है। फिलहाल गृह विभाग सम्राट चौधरी के पास है। हालांकि, आखिरी फैसला दिल्ली दरबार में बैठे आलाकमान को ही लेना है। अब वहीं से सारा कुछ तय होगा।   चिराग, उपेंद्र और मांझी के पार्टी से कितने मंत्री बनेंगे? 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद जो सरकार बनी, उसमें 26 मंत्रियों ने शपथ ली थी। उसमें भाजपा से 14 , जदयू से 8, लोजपा (राम) से दो, हम और रालोमो से एक-एक मंत्री शामिल थे। सम्राट चौधरी सरकार में जो खाका तैयार किया गया है उसमें मंत्रियों की संख्या 33 तक जा सकती है। इसमें जदयू के 14 और भाजपा के 15 मंत्री बनाए जा सकते हैं। वहीं चिराग की पार्टी से दो मंत्री बनाए जा सकते हैं जबकि उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी की पार्टी से पहले जैसे ही एक-एक मंत्री रहने की बात सामने आ रही है। अगर पूरी संख्या, यानी 36 विधायक रहे तो भाजपा के 17, जदयू के 15, लोजपा रामविलास के 2, रालोमो और हम के एक-एक मंत्री तय फॉर्मूले के तहत बनेंगे। विधानसभा अध्यक्ष पद किसके पास जाएगा? विधानसभा अध्यक्ष पद जदयू के कुछ नेता अपने पाले में चाह रहे हैं लेकिन भाजपा ऐसा नहीं होने देना चाहती है। भाजपा सूत्रों की मानें तो प्रेम कुमार अध्यक्ष के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा करेंगे, ऐसा आश्वासन उन्हें पहले ही दिया जा चुका है। इस सूरत में भाजपा विधानसभा अध्यक्ष पद के साथ छेड़छाड़ नहीं होने देगी। 

नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर टवेरा और ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर, 5 की मौत, 7 घायल

नर्मदापुरम  मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में आधी रात हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. टवेरा कार और अनाज से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली की आमने-सामने टक्कर में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 लोग घायल हो गए. हादसा नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर आंचलखेड़ा के पास हुआ, जहां टक्कर इतनी तेज थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. यह घटना उस समय हुई जब कार सवार लोग एक शादी समारोह से लौट रहे थे. अचानक हुए इस हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया।  रात करीब 1 बजे हुए इस हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद कार के परखच्चे उड़ गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जोरदार आवाज के साथ दोनों वाहन आपस में भिड़े और कुछ ही पलों में चीख-पुकार मच गई. आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया. हादसे के तुरंत बाद पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू हुआ।  आमने-सामने की टक्कर बनी मौत की वजह प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टवेरा और ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीच सीधी भिड़ंत हुई. ट्रॉली में अनाज भरा हुआ था, जिससे उसका वजन ज्यादा था और टक्कर का असर भीषण रहा. कार सवारों को संभलने का मौका नहीं मिला।  शादी से लौट रहे थे सभी लोग बताया जा रहा है कि कार में सवार सभी लोग एक शादी समारोह से लौट रहे थे. खुशी के माहौल में घर लौटते वक्त अचानक यह हादसा हुआ. परिवार और रिश्तेदारों के बीच खुशी का माहौल कुछ ही पलों में शोक में बदल गया।  घायलों का इलाज जारी, कुछ की हालत गंभीर हादसे में घायल हुए लोगों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है. प्रशासन की ओर से बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है।  तेज रफ्तार और कम दृश्यता का असर पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे की वजह तेज रफ्तार और रात के समय कम दृश्यता हो सकती है. हाईवे पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण ड्राइवर को सामने से आ रहे वाहन का अंदाजा नहीं लग पाया।  जांच में जुटी पुलिस, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है। 

ईरान ने दिया अमेरिका को शर्त—स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलो, तब होगी चर्चा

तेहरान  पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के सामने एक नया शांति प्रस्ताव रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के जरिए भेजे गए इस प्रस्ताव में ईरान ने कहा है कि सबसे पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से नाकेबंदी हटाई जाए और युद्ध को तुरंत खत्म किया जाए। इसके बाद, दूसरे चरण की बातचीत में परमाणु हथियार के मुद्दे पर चर्चा की जाए। जानकारी के मुताबिक इस प्रस्ताव को वाइट हाउस भेज दिया गया है। गौरतलब है कि ईरान की तरफ से यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब शांति वार्ता लगभग ठप पड़ी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने कहा है कि अगर ईरान बातचीत करना चाहता है तो वह अमेरिका को कॉल कर सकता है। हालांकि इस दौरान ट्रंप ने यह भी दोहराया कि ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार नहीं बनाने दिए जाएंगे। इससे पहले ट्रंप ने अपनी टीम को ईरान भेजने का प्लान भी कैंसिल कर दिया था। खबर थी कि US ईरान के पुराने प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं था। नए प्रस्ताव में क्या? ईरान के इस नए प्लान में दो चरणों में वार्ता का जिक्र है। पहले चरण में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने और अमेरिकी नाकेबंदी खत्म करने की मांग की गई है। ईरान चाहता है कि इसके लिए या तो युद्धविराम को बढ़ाया जाए या फिर युद्ध को तुरंत खत्म किया जाए। वहीं दूसरे चरण में, यानी हालात सामान्य होने के बाद, परमाणु मुद्दे पर बातचीत शुरू की जाए। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकेबंदी नहीं हटाता, तब तक कोई भी गंभीर बातचीत संभव नहीं है। साथ ही ईरान ने सुरक्षा की गारंटी, मुआवजा और होर्मुज को लेकर नया कानूनी ढांचा बनाने की भी मांग रखी है। पुतिन से मिलेंगे अराघची इस बीच अमेरिका के साथ वार्ता के दूसरे दौर को लेकर अनिश्चितता के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रविवार को तीन दिन में दूसरी बार पाकिस्तान पहुंचे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल मुनीर और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद अराघची शनिवार को इस्लामाबाद से रवाना हुए थे। यहां से निकलकर अराघची ओमान गए थे। वहीं अब दोबारा पाकिस्तान से निकलने के बाद अब वे रूस रवाना हो गए हैं और यहां अराघची पुतिन से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान भी युद्ध के लेकर चर्चा हो सकती है। मानेगा अमेरिका? ईरान ने अमेरिका को नया प्रस्ताव भेजा जरूर है लेकिन इस पर सहमति बनना लगभग नामुमकिन माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका चाहता है कि ईरान कम से कम 10 साल के लिए परमाणु कार्यक्रम यानी न्यूक्लियर एनरिचमेंट रोक दे और अपने मौजूदा भंडार को भी बाहर कर दें। अमेरिका ने कई मौकों पर इस शर्त के बिना युद्धविराम की संभावना से इनकार किया है। ऐसे में ईरान के नए ऑफर पर अमेरिका की सहमति मिलना मुश्किल है।

हीटवेव से झुलस रहा राजस्थान, 48 घंटे के लिए येलो अलर्ट जारी

 जयपुर राजस्थान इस समय भीषण गर्मी और झुलसाने वाली लू (Heatwave) की चपेट में है. मरुधरा के बाड़मेर में रविवार को पारा 46.4 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुँचा, जिसने इसे राज्य का सबसे गर्म शहर बना दिया. फलोदी, जैसलमेर और जालौर जैसे जिलों में भी तापमान 45 डिग्री के ऊपर बना हुआ है. दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है. अगले 48 घंटे भारी, जारी हुई 'येलो वार्निंग' मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव का दौर जारी रहेगा. नागौर, जोधपुर, जैसलमेर, कोटा, बीकानेर और अजमेर सहित कई जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है. प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने और सावधानी बरतने की सलाह दी है. पश्चिमी विक्षोभ बदलेगा मौसम का मिजाज तपती गर्मी के बीच एक अच्छी खबर भी सामने आई है. मौसम केंद्र जयपुर के मुताबिक, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है और साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूर्वी हवाएं भी जोर पकड़ रही हैं. इस दोहरे प्रभाव के कारण अगले 3-4 दिनों में राजस्थान के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. आंधी और बारिश से गिरेगा पारा आगामी दिनों में दोपहर के बाद बादलों की गर्जना के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने और हल्की बारिश होने की संभावना है. चूरू, झुंझुनू और सीकर जैसे जिलों में भी बूंदाबांदी के आसार हैं. इस मौसमी बदलाव से तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट आएगी, जिससे झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.