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कृतिका कामरा का बड़ा खुलासा: कास्टिंग काउच के मामले में ‘मैं बाल-बाल बचीं’

मुंबई  कृतिका कामरा ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत एक टीवी शो से की थी. टीवी पर पॉपुलर होने के बाद, उन्होंने 2018 में फिल्मों में कदम रखा. लेकिन स्ट्रीमिंग शो 'तांडव' उनके करियर का गेम-चेंजर साबित हुआ. हालांकि यह इतना आसान नहीं था. फिल्मी परिवार का सपोर्ट न होना, यह एक ऐसी चीज है, जिससे इंडस्ट्री के बाहर से आए कई लोगों को जूझना पड़ता है. इसपर कृतिका कामरा ने खुलकर बात की है।  कृतिका कामरा ने खुलासा किया कि अपने करियर के शुरुआती सालों में वह 'कास्टिंग काउच' से कैसे बचीं. एक्ट्रेस ने कहा, 'मैंने कास्टिंग काउच जैसी चीजों के बारे में सुना था. मेरे माता-पिता ने भी अखबारों में इसके बारे में पढ़ा था. मेरा भी इससे सामना हुआ था, लेकिन मैं बिना किसी नुकसान के बच निकली. यह बस किस्मत और इत्तेफाक था. ऐसा इसलिए नहीं हुआ कि मैं बहुत ज्यादा स्मार्ट थी. सच कहूं तो मैं स्मार्ट नहीं थी, क्योंकि जब मैंने शुरुआत की थी, तब मैं बहुत छोटी थी।  हालांकि आज उन्होंने खुद को खासकर स्ट्रीमिंग की दुनिया में एक सफल एक्ट्रेस के तौर पर स्थापित कर लिया है, फिर भी कृतिका का कहना है कि उन्हें आज भी 'तरजीही बर्ताव' (preferential treatment) का सामना करना पड़ता है. उनका मानना ​​है कि इसका एक कारण उनका बैकग्राउंड और 'टीवी का टैग' भी हो सकता है. एक्ट्रेस ने कहा, 'मैंने इस तरह की ऊंच-नीच (hierarchy) का अनुभव किया है. मैं खुशी-खुशी टीवी पर काम कर रही थी, और मेरे मन में टीवी और फिल्मों के बीच कोई फर्क नहीं था।  मुझे स्मार्ट नहीं समझते फिल्ममेकर्स- कृतिका कृतिका के अनुसार, यह भेदभाव उन्हें 'सामंतवाद' (feudalism) जैसा लगता है. 'मैं एक छोटे शहर से आई थी, और मेरे लिए जो भी इंसान स्क्रीन पर दिखता था, वह एक एक्टर ही होता था. मुझे इस 'बिन-कही ऊंच-नीच' के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, जो एक तरह से सामंतवाद जैसा ही है. मुझे इस बात का भी अंदाजा नहीं था कि स्क्रीन पर दिखने और निभाए गए किरदारों के आधार पर लोगों के बारे में कैसी राय बना ली जाती है।  जब एक्ट्रेस से पूछा गया कि क्या फिल्ममेकर्स पहले और कभी-कभी आज भी उन्हें जज करते हैं? इस पर एक्ट्रेस ने कहा,'मुझे लगता है कि जब लोग मुझसे बात करते हैं, या जब उन्हें पता चलता है कि एक्टिंग के अलावा भी मुझे दूसरी चीजों की जानकारी है, तो उनके चेहरे पर हैरानी का एक हल्का सा भाव जरूर होता है. मैं यह तो नहीं कहूंगी कि यह उनकी तरफ से कोई 'जजमेंटल' रवैया है, लेकिन मुझे लगता है कि एक्टर्स के साथ अक्सर ऐसा होता ही है।  'मुझे लगता है कि वे मुझे ऐसा इंसान समझते हैं जो स्मार्ट नहीं है. किसी ने सीधे शब्दों में ऐसा नहीं कहा, लेकिन मुझे यही समझ आया. असल में, जब उन्हें लगा कि मैं स्मार्ट नहीं हूं, तो यह मेरे लिए एक अजीब सी तारीफ थी. अब जैसे-जैसे वह इन सब चीजों से गुज़र रही हैं, उनके लिए एक बात जिस पर कोई समझौता नहीं हो सकता, वह है 'मजबूत इरादों वाली महिलाओं' का किरदार निभाना।  एक्ट्रेस ने कहा, 'मैं एक फेमिनिस्ट हूं. मैं यह गर्व से कहती हूं. मुझे इस बात की परवाह है कि स्क्रीन पर महिला किरदारों को कैसे दिखाया जाता है. यहां तक कि TV पर भी, मैं किचन ड्रामा या ऐसे शो से दूर रही, जिनमें कुछ दकियानूसी सोच वाली चीजों को बढ़ावा दिया जाता था. मैंने ज्यादातर प्रगतिशील चीजें करने की कोशिश की. यह कुछ ऐसा था, जिसका फैसला मैंने अपनी जिंदगी में बहुत पहले ही कर लिया था. फिल्में और वेब शो करते समय भी मैं इस बात का पूरा ध्यान रखती हूं।  अंत में कृतिका ने कहा, 'अपनी पहली फिल्म 'मित्रों' में भी, मैं कोई बेचारी लड़की नहीं थी. मैं एक मजबूत इरादों वाली हीरोइन थी. लेकिन उसके बाद, मुझे आमतौर पर ऐसी कुछ फिल्में ऑफर हुईं, जिनमें मेरे सिर्फ दो सीन और एक गाना था. मैंने उन फिल्मों के लिए मना कर दिया. मैं किसी बड़ी फिल्म का हिस्सा बनने के लिए कुछ भी करने को तैयार नहीं हूं। 

चाणक्य नीति: मजबूत आर्थिक भविष्य के लिए बचत और समझदारी से खर्च जरूरी

 आज के दौर में सफलता की परिभाषा सिर्फ अच्छे करियर तक सीमित नहीं रह गई है. लोग चाहते हैं कि उनके पास पर्याप्त धन हो, भविष्य सुरक्षित हो और जीवन में स्थिरता बनी रहे. लेकिन अक्सर हम यह भूल जाते हैं कि पैसा कमाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है उसे सही तरीके से संभालना और बढ़ाना.  यही कारण है कि सदियों पहले महान अर्थशास्त्री और रणनीतिकार आचार्य चाणक्य ने जीवन और धन प्रबंधन को लेकर कई महत्वपूर्ण नीतियां दी थीं. उनकी बातें आज के समय में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, क्योंकि वे केवल सिद्धांत नहीं, बल्कि व्यवहारिक समझ पर आधारित हैं. अगर आप चाहते हैं कि आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत बने, पैसा टिके और समय के साथ बढ़े, तो चाणक्य की ये सीख आपके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं.  बचत: भविष्य की सबसे बड़ी सुरक्षा चाणक्य के अनुसार, कमाई का एक हिस्सा हमेशा बचाकर रखना चाहिए. यह सिर्फ आदत नहीं, बल्कि एक सुरक्षा कवच है. जीवन में कब कठिन समय आ जाए, इसका अंदाजा नहीं होता, ऐसे में बचत ही आपको संभालती है.  आज के समय में इसे आप इमरजेंसी फंड के रूप में समझ सकते हैं.  चाहे आपकी आय कम हो या ज्यादा, हर महीने थोड़ा-थोड़ा बचाना आपकी वित्तीय स्थिरता की नींव रखता है. फिजूलखर्ची से दूरी ही समझदारी चाणक्य साफ कहते हैं कि बिना सोचे-समझे खर्च करने वाला व्यक्ति कभी धनवान नहीं बन सकता. दिखावे, ट्रेंड या दूसरों को प्रभावित करने के लिए किया गया खर्च लंबे समय में नुकसान ही देता है. आज की लाइफस्टाइल में यह बात और भी ज्यादा लागू होती है, ऑनलाइन शॉपिंग, डिस्काउंट ऑफर्स और सोशल मीडिया के प्रभाव में हम अक्सर जरूरत और चाहत के बीच फर्क भूल जाते हैं.  समझदारी यही है कि खर्च से पहले खुद से पूछें कि क्या यह सच में जरूरी है?  धन का सम्मान करना सीखें पैसा सिर्फ कमाने की चीज नहीं है, बल्कि उसे संभालना एक कला है. चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति धन का सम्मान करता है, वही उसे लंबे समय तक बनाए रख सकता है.  इसका मतलब है बजट बनाना, खर्चों पर नजर रखना और अनावश्यक चीजों पर नियंत्रण रखना.  छोटी-छोटी लापरवाहियां ही बड़े आर्थिक नुकसान का कारण बनती हैं. आय के कई स्रोत बनाएं चाणक्य का मानना था कि एक ही स्रोत पर निर्भर रहना जोखिम भरा है. अगर किसी कारण से वह स्रोत बंद हो जाए, तो पूरी आर्थिक व्यवस्था डगमगा सकती है. आज के समय में यह बात और भी अहम है. आप अपनी स्किल्स को बढ़ाकर फ्रीलांसिंग, पार्ट-टाइम काम या निवेश के जरिए अतिरिक्त आय के रास्ते बना सकते हैं. मल्टीपल इनकम सोर्स आपको न सिर्फ सुरक्षित बनाते हैं, बल्कि तेजी से आगे बढ़ने में भी मदद करते हैं. ज्ञान ही सबसे बड़ा निवेश है चाणक्य के अनुसार, सबसे सुरक्षित निवेश ज्ञान होता है. पैसा कभी भी खत्म हो सकता है, लेकिन ज्ञान आपको फिर से खड़ा होने की ताकत देता है. नई स्किल्स सीखना, खुद को अपडेट रखना और बदलते समय के साथ आगे बढ़ना ये सभी चीजें आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाती हैं.

पंजाब में CM भगवंत मान का ऐतिहासिक निर्णय, विधानसभा में प्रस्ताव से 6 महीने के लिए सुरक्षित होगी AAP सरकार

चंडीगढ़  पंजाब में आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्यसभा सांसदों की बगावत के बाद अब पंजाब में पार्टी को मजबूत बनाए रखने के लिए आलाकमान बड़ा कदम उठा रहा है. सूत्रों की मानें तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'ऑपरेशन लोटस' से बचने के लिए AAP सरकार पंजाब विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव ला सकती है।  पंजाब विधानसभा चुनाव का विशेष सत्र 1 मई को बुलाया गया है. यह असेंबली सेशन बुलाया तो श्रमिक दिवस के मौके पर गया है, लेकिन उम्मीद है कि इसमें बहुमत का प्रस्ताव लाया जाएगा. इसका फायदा यह है कि विधानसभा में एक बार बहुमत साबित होने के बाद अगले 6 महीने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार सुरक्षित हो जाएगी।  सरकार गिरने की चिंता से मुक्त होना चाहती है AAP दरअसल, 7 राज्यसभा सांसदों के पाला बदलने के बाद पंजाब में विधायकों की टूट की अटकलें लग रही हैं. अगर ऐसा होता है तो साल 2022 के विधानसभा चुनाव में 92 सीट जीतने वाली AAP पर सरकार बचाने का संकट गहरा सकता है. इसलिए विशेष सत्र में प्रस्ताव लाकर पार्टी बहुमत पर मुहर लगाना चाहती है ताकि सियासी चिंता को संवैधानिक तरीके से खत्म किया जा सके।  सत्र से पहले मान कैबिनेट की बैठक पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र से पहले सुबह भगवंत मान सरकार की कैबिनेट बैठक होगी. यह बैठक सुबह 9.30 बजे बुलाई गई है. विशेष सत्र अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर बुलाया गया है. हालांकि इसमें सरकार कॉन्फिडेंस मोशन भी ला सकती है. पंजाब के 6 राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में जाने के बाद कुछ विधायकों के भी पाला बदलने की अटकलें हैं।  इससे पहले भी अक्टूबर 2022 में सरकार कॉन्फिडेंस मोशन लाई थी जब आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर राज्य में ऑपरेशन लोटस के तहत विधायकों को तोड़ने की कोशिश के इल्जाम लगाए थे। 

कपिल शर्मा शो का नया एपिसोड बनेगा हंसी का तड़का, सुनील ग्रोवर और डिजिटल स्टार्स भी शामिल

कहते हैं हंसी ही हर दर्द की दवा है, और जब मौका 'वर्ल्ड लाफ्टर डे' का हो, तो मनोरंजन का डोज दोगुना होना लाजमी है. नेटफ्लिक्स इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' का एक ऐसा एपिसोड लेकर आ रहा है, जो कॉमेडी की दुनिया के पुराने महारथियों और आज के डिजिटल दौर के सितारों को एक ही मंच पर खड़ा कर देगा. इस बार का जश्न इसलिए भी बड़ा है क्योंकि इसमें हंसी के साथ-साथ एक अनोखा तालमेल देखने को मिलने वाला है. जिसकी चर्चा बीत 1 साल में सबसे ज्यादा हुई है. इस खास एपिसोड की सबसे बड़ी खूबी इसका जबरदस्त 'क्रॉसओवर' है. एक तरफ कॉमेडी के बेताज बादशाह कपिल शर्मा अपना मोर्चा संभाले हुए हैं, तो वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया और पॉडकास्ट की दुनिया के दो बड़े नाम—समय रैना और रणवीर इलाहाबादिया. समय और रैना पहली बार साथ? 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' का ये एपिसोड इसलिए भी खास होने वाला है क्योंकि 'India’s Got Latent' विवाद के बाद समय रैना ने रणवीर पर कई बार तंज कसा था. हाल ही में पैप्स से बात करते हुए रणवीर ने कहा था, 'हम दोनों का समय चल रहा है…' जब समय रैना का नाम आया, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब दिया, 'समय… कौन समय?  हमारा समय. यह हमारा समय है, मेरा समय अब ​​है.' वहीं समय ने समय ने बीते दिनों अपना स्टैंड-अप स्पेशल 'Still Alive' रिलीज किया था. जिसमें उन्होंने कहा था,  'उसने (रणवीर) मेरी पूरी मेंटल हेल्थ खराब कर दी, उसे तो मेडिटेशन भी आता है, मुझे तो कुछ भी नहीं आता.' उन्होंने मजाक में रणवीर को 'The Monk Who Sold My Ferrari' भी कहा था.  लेकिन अब देखना दिलचस्प होगा कि दोनों कपिल शर्मा शो में क्या करते हैं. कौन-कौन आएगा नजर? कपिल शर्मा, समय रैना और रणवीर इलाहाबादिया के अलावा शो में ड्रामा और मस्ती का तड़का लगाने के लिए सुनील ग्रोवर भी पूरी तरह तैयार हैं. इसके अलावा रही-सही कसर कृष्णा अभिषेक अपनी 'मोना' वाली अदाओं से और कीकू शारदा 'सोना' बनकर पूरी करेंगे. कब देख पाएंगे ये शो? आप भी अगर इस वर्ल्ड लाफ्टर डे पर हंसी के ठहाकों का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो कैलेंडर में तारीख मार्क कर लीजिए. अलग-अलग टैलेंट और रीयल कॉमेडी का यह खास मेल 2 मई को सिर्फ नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होने जा रहा है. कुल मिलाकर यह एपिसोड उन लोगों के लिए एक ट्रीट है जो लंबे समय से कपिल और उनकी टीम की बेमिसाल मस्ती का इंतजार कर रहे थे.

सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- 40 साल से यूपी में बंजर है कांग्रेस, अब सपा की बारी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. सीएम योगी ने कहा कि सपा ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अधिकारों पर डकैती डालने का काम किया है. आज विपक्ष महिलाओं के श्राप से श्रापित हो चुका है. मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि 40 वर्ष बीत गए, लेकिन उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से बंजर जमीन बन गई है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सपा ने कांग्रेस का समर्थन किया है, इसलिए सपा भी जल्द ही बंजर बन जाएगी।  सीएम योगी ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के साथ हुए अन्याय और मौलवियों के सामने नाक रगड़ने की वजह से कांग्रेस की दुर्गति हुई. उन्होंने याद दिलाया कि यदि शाहबानो मामले में न्याय मिल गया होता तो कांग्रेस की यह हालत नहीं होती. कांग्रेस ने तीन तलाक की कुप्रथा का समर्थन किया और अब भी सुधरने के बजाय देश को कठमुल्लापन की ओर ले जाना चाहती है।  देख सपाई बिटिया घबराई मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्ष में डबल इंजन कि सरकार के कार्यों के परिणाम सामने है. पहले देख सपाई बिटिया घबराई का नारा पब्लिक लगाती थी. पहले लोग अपने बेटियों को पढ़ने के लिए UP से बाहर भेजते थे. आज महिला वर्क फ़ोर्स 26% और अर्थव्यवस्था 3 गुणा बढ़ी है. NCRB के मुताबिक हत्या में 43% गिरावट आई. दहेज़ उत्पीड़न में 19%, रेप दुष्कर्म में 67% की कमी आई. आज देश के सबसे बड़े राज्य के सदन में आधी आबादी के सम्मान पर चर्चा हो।  पूजा पाल का किया जिक्र  मुख्यमंत्री ने सपा पर माफियाओं के सामने नतमस्तक होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा विधायक पूजा पाल इसकी सबसे बड़ी मिसाल हैं. उन्होंने कहा कि जब राजू पाल की हत्या हुई थी, तब सपा माफियाओं के सामने झुक गई थी. सीएम ने आरोप लगाया कि सपा की सहानुभूति न तो पिछड़ों, दलितों और न ही पूजा पाल जैसे लोगों के प्रति है।  महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष की आलोचना योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर संसद में महिला आरक्षण बिल गिराने का आरोप लगाया और कहा कि बिल गिराने के बाद सपा और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे को बधाई दे रहे थे. उन्होंने कहा कि विपक्ष के इस आचरण से पूरा देश आहत है. सीएम ने सदन में कुछ पुरानी घटनाओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने मई 2014 में बदायूं की चचेरी बहनों से हुई घटना, जुलाई 2016 में बुलंदशहर के राजमार्ग पर हुए सामूहिक बलात्कार और आजम खान द्वारा इसे “राजनीतिक साजिश” बताने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि एक महिला ने एक विधायक पर बलात्कार का आरोप लगाया था, लेकिन न्याय मिलने के बजाय उस महिला की हत्या कर दी गई. लखनऊ के मोहनलालगंज में हुई शर्मनाक घटना का भी उन्होंने जिक्र किया. सीएम योगी ने कहा कि आजम खान और एसटी हसन जैसे नेता जेल से बयान देते थे और विपक्ष आज भी महिलाओं, दलितों और पिछड़ों के प्रति संवेदनशील नहीं है। 

गर्मी पर राहत का संकेत: अगले 48 घंटों में पारा गिरेगा, दिल्ली-यूपी समेत 18 राज्यों में आंधी-बारिश

नई दिल्ली  अगले 48 घंटे में उत्तर भारत में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि लू और भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने गुरुवार को लखनऊ समेत प्रदेश के 45 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है। इन राज्यों में होगी बारिश आईएमडी के अनुसार दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और बिहार समेत कई राज्यों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने के साथ हल्की बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा है। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मेघ गर्जन, बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। बंगाल-झारखंड में तूफानी हवाएं और बारिश का दौर रहेगा आईएमडी के मुताबिक 30 अप्रैल तक दक्षिण भारत में कमजोर चक्रवाती परिसंचरण के असर से पांच राज्यों में आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश हो सकती है। रायलसीमा, महाराष्ट्र के कई हिस्सों और पश्चिमी घाट क्षेत्र में भारी बादल बरस सकते हैं। वहीं पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और झारखंड में गरज-चमक के साथ तूफानी हवाएं और बारिश का दौर रहेगा। हालांकि कुछ इलाकों में हीटवेव अभी भी जारी रह सकती है। उत्तर प्रदेश में आज यानी 30 अप्रैल को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर सहति पंजाब और हरियाणा में आज और फिर 2 से 5 मई के दौरान धूल भरी आंधी और बिजली गिरने के साथ बारिश के आसार हैं। राजस्थान में मौसम के दो रंग दिखेंगे। पूर्वी राजस्थान में 5 मई तक लगातार बारिश और आंधी की स्थिति बनी रहेगी, जबकि पश्चिमी राजस्थान में 2 से 4 मई के बीच तीव्र धूल भरी आंधी चलने का 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और भारी बारिश हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तराखंड में आज से 5 मई तक व्यापक स्तर पर बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 3 से 5 मई के बीच 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ मौसम बिगड़ने का अनुमान है। पर्यटकों को पहाड़ों पर यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बिहार और झारखंड का कैसा रहेगा मौसम? बिहार में कल की तरह आज भी (30 अप्रैल) भीषण आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान हवा की गति 70 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। इस दौरान अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश भी हो सकती है। वहीं, झारखंड के कुछ हिस्सों में आज ओलावृष्टि की भी प्रबल संभावना है। 3 मई तक यहां रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा। रेड अलर्ट जैसी स्थिति अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। विशेष रूप से आज नागालैंड और मणिपुर में 70 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाएं तबाही मचा सकती हैं। असम और मेघालय में 3 मई तक अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है, जिससे स्थानीय स्तर पर जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। केरलम, तमिलनाडु और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। कर्नाटक में आज ओलावृष्टि होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने इस दौरान लोगों को कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। आंधी के समय बिजली के उपकरणों का प्रयोग कम करें और किसानों को कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने का निर्देश दिया गया है। उत्तर प्रदेश में बुधवार को भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली और कई जिलों में आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे लोगों को काफी राहत मिली। यूपी के 50 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया मौसम विभाग ने करीब 50 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, कौशांबी, प्रयागराज, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया, गोरखपुर, गोंडा, बहराइच, सीतापुर, लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, बुलंदशहर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं समेत कई जिलों में तेज धूल भरी आंधी, बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। बिहार के इन जिलों में गरज-चमक के साथ होगी बारिश उत्तर प्रदेश और बिहार में बुधवार को बदले मौसम ने कहर बरपाया। धूलभरी आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाओं में यूपी में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 घायल हो गए। बिहार में भी तीन महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गई। यूपी में सबसे अधिक असर अवध क्षेत्र में देखने को मिला। मौसम विभाग ने गुरुवार को लखनऊ समेत प्रदेश के 45 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है। बिहार में आंधी, वर्षा व ओलावृष्टि से हुआ नुकसान बिहार के विभिन्न हिस्सों में बुधवार की शाम आई आंधी, वर्षा व ओलावृष्टि से मक्का, आम व लीची के साथ सब्जी की फसल को काफी क्षति पहुंची। मधुबनी में लगभग सात हजार हेक्टेयर में आम की फसल प्रभावित हो गई। इस दौरान विभिन्न घटनाओं में पटना, मधुबनी व सारण जिले में तीन महिलाओं समेत चार लोगों की जान चली गई।  

राजस्थान में वन्यजीव सर्वे का नया तरीका, चांदनी रात और कैमरा ट्रैप से होगी गिनती

चित्तौड़गढ़ राजस्थान में पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव का असर अब केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि सरकारी नियमों और परंपराओं पर भी दिखने लगा है. चित्तौड़गढ़ जिले के जंगलों में इस साल 1 मई से शुरू होने वाली वन्यजीव गणना (Wild Life Census) बेहद खास होने वाली है, क्योंकि वन विभाग ने दशकों से चली आ रही परंपरा को बदलते हुए गणना के समय में बड़ा बदलाव किया है. सुबह नहीं, शाम से होगी शुरुआत आमतौर पर वन्यजीवों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू होती थी, लेकिन इस बार झुलसा देने वाली गर्मी को देखते हुए वन विभाग ने नया प्लान तैयार किया है. चित्तौड़गढ़ की जिला उप वन संरक्षक मृदुला सिन्हा ने बताया कि पहली बार यह गणना सुबह के बजाय 1 मई को शाम 5 बजे से शुरू होगी और अगले दिन 2 मई को शाम 5 बजे तक लगातार 24 घंटे चलेगी. यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि वन्यजीवों के प्राकृतिक विचरण का सटीक डेटा मिल सके, क्योंकि गर्मी के कारण जानवर दिन में बाहर निकलने से कतरा रहे हैं. चांदनी रात में 'वॉटरहॉल' तकनीक का सहारा यह गणना बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित की जा रही है. पूर्णिमा की दूधिया चांदनी में वन कर्मियों को बिना किसी कृत्रिम रोशनी या टॉर्च के वन्यजीवों को देखने में आसानी होती है. इसके लिए दो मुख्य तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. पहली वॉटरहॉल तकनीक. चूंकि गर्मी में जानवर पानी पीने जलस्रोतों पर जरूर आते हैं, इसलिए सीतामाता सेंचुरी में 47 और बस्सी सेंचुरी में 24 पानी के कुंड चिह्नित किए गए हैं. वहीं दूसरी, हाई-टेक निगरानी तकनीक. रात के अंधेरे में सक्रिय रहने वाले पैंथर और दुर्लभ उड़न गिलहरी की सटीक पहचान के लिए सीतामाता में 22 और बस्सी में 14 अत्याधुनिक 'कैमरा ट्रैप' लगाए गए हैं. मचान पर 24 घंटे 'पहरा' जंगल के नालों और केनाल के पास विशेष मचान बनाए गए हैं, जहां वन विभाग की टीमें तैनात रहेंगी. एसीएफ राम मोहन मीणा और एसीएफ यशवंत कंवर के निर्देशन में कर्मचारियों को पदचिह्नों (Pugmarks) की पहचान और कैमरा ट्रैप प्रबंधन की विशेष ट्रेनिंग दी गई है. मचान पर बैठने वाले स्टाफ के लिए भोजन और पानी का इंतजाम भी विभाग द्वारा किया गया है.

फर्जी क्राइम ब्रांच कॉल और धमकियों का डर: बिजनौर में महिला की आत्महत्या से सनसनी

  बिजनौर बिजनौर जिले में साइबर अपराध का अब तक का सबसे क्रूर चेहरा सामने आया है। साइबर अपराधियों ने महिला को कई दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखकर इतना डराया, धमकाया कि शादी की सालगिरह से एक दिन पहले उसने फांसी लगाकर जान दे दी। अंतिम संस्कार के समय साइबर ठग का फोन आने पर परिजनों को शक हुआ। इसके बाद पुलिस को तहरीर दी गई। पुलिस ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज की है। महिला गृहिणी थी। पति एक फैक्टरी में नौकरी करता है। पुलिस के अनुसार, कोतवाली शहर के गांव फरीदपुर भोगी निवासी गृहिणी मोनिका (28) पत्नी रणधीर ने सोमवार की रात घर में दुपट्टे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। मंगलवार की सुबह साथ सोई दोनों बेटियां जिया (8) और नंदनी (11) उठीं तो मां को दुपट्टे से लटका देखा। उनकी चीखें सुनकर परिजन आ गए। सूचना पर मायके वाले पहुंचे। शुरुआत में मामला किसी लड़के से जुड़ा होने की आशंका हुई तो लोकलाज के डर से अंतिम संस्कार करने बैराज ले गए। मोनिका के भतीजे संयोग ने बताया कि अंतिम संस्कार के समय मोनिका के मोबाइल पर लगातार घंटी बज रही थी। जब फोन उठाया तो वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में दिखा। उसने खुद को क्राइम ब्रांच से बताया।   मोनिका से बात कराने के लिए कहा। उसकी बातचीत से रिश्तेदारों का शक साइबर अपराध की ओर गया। श्मशान घाट से आने के बाद मंगवार की शाम को कमरे में तलाश की गई तो एक डायरी में सुसाइड नोट मिला। इसमें मोनिका ने एक लड़के द्वारा परेशान करने, ब्लैकमेल करने की बातें लिखी थीं। मोनिका का मोबाइल चेक किया तो व्हाट्सएप पर पांच ऐसे नंबर मिले, जिन पर ऑडियो, कॉल, मिस्डकॉल, मैसेज पड़े थे। इनमें कोई खुद को क्राइम ब्रांच से बता रहा तो किसी ने मोनिका पर तस्करी का आरोप लगाया। पाकिस्तान सीरीज के नंबरों से आए मैसेज साइबर अपराधियों ने मोनिका को फंसाने के लिए मजबूत जाल बिछाया था। क्राइम ब्रांच अफसर से लेकर तस्कर तक का रोल साइबर अपराधी करते थे। दस दिन से ज्यादा समय तक मोनिका को डिजिटल अरेस्ट कर कार्रवाई की धमकी देते रहे। वह बात नहीं करती थी तो अलग-अलग नंबरों से मैसेज आते। ऑडियो रिकॉर्डिंग में उसकी जिंदगी तबाह करने, उसके परिवार के लोगों, रिश्तदारों को देख लेने की धमकी दी गई। परिजनों से पूछताछ की गई है। मामला साइबर अपराध से जुड़ा लग रहा है। परिजनों की तहरीर पर शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है। अभिषेक झा, एसपी बिजनौर    

सास-बहू के रिश्ते में सुधार के लिए वास्तु टिप्स, घर में बढ़ेगी शांति और प्यार

सास बहू का रिश्ता खट्टी मिठी नोकझोंक का है। यह रिश्ता सिर्फ प्यार और तकरार का संगम है। सास बहु की बात बात पर लड़ाई झगड़ा अधिक होता है तो घर में भी नकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और परिवार के बाकी सदस्यों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सास बहू के रिश्ते में अगर ज्यादा अनबन रहती है तो वास्तु के कुछ सरल उपाय अपनाकर आप रिश्तों को बेहतर बना सकते हैं। आइए जानते हैं सास बहु के रिश्ते को बेहतर बनाने की वास्तु टिप्स। सास बहु के रिश्ते में सुधार लाने की वास्तु टिप्स 1) वास्तु गुरु मान्या बताती है कि अगर सास बहू के रिश्ते में रोज रोज लड़ाई झगड़ा होता है और क्लेश आदि ज्यादा रहता है तो अपने घर की किचन की दिशा चेक करें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के उत्तर पूर्व दिशा यानि ईशान कोण में रसोई नहीं होनी चाहिए। रसोई का ईशान कोण में होना वास्तु दोष माना जाता है। ऐसे में सास बहू की लड़ाई की वजह यह भी हो सकती है। अगर आप अपना किचन नहीं बदल पा रहे हैं तो अपने चूल्हे के नीचे पीले रंग का जैसलमेर स्टोन रखें ताकि फायर एलिमेंट बैलेंस हो सकें। 2) अगर घर दक्षिण पूर्व दिशा ज्यादा गर्म रहती है या वहां पर कोई बैलेंस नहीं रहता है तो घर की महिलाओं में कलह क्लेश बना रहता है। ऐसे में इस एरिया में आप हल्का लाल या नारंगी कलर करवा लें। 3) दक्षिण-पूर्व की पूर्व दिशा को भी वास्तु में महत्वपूर्ण दिशा कहा गया है। अगर यह दिशा डिस्टर्ब होती है तो व्यक्ति को तनाव और चिंता बनी रहती है। साथ ही व्यक्ति के मन में हमेशा बेचैनी भी बनी रहती है। ऐसे में इस दिशा को ठीक रखने के लिए यहां पर नीला या काला, लाइट क्रीम या हरे रंग का प्रयोग करें। 4) सास बहू के रिश्तों में सुधार के लिए और ठंडक बनाकर रखने के लिए बहु को अपनी सास को चांदी की पायल तोहफे में देनी चाहिए। चांदी चांद का प्रतीक मानी जाती है यह रिश्तों में शांति बनाकर रखती है। 5) इसके अलावा अगर बेटा बहू का कमरा दक्षिण पूर्व दिशा में है तो उन्होंने चावल का सेवन करना चाहिए यह रिश्तों में ठंड़क बनाता है। क्योंकि, वास्तु में दक्षिण पूर्व दिशा को एग्रेशन की दिशा बताया गया है। 6) सास बहू में अगर अधिक लड़ाई रहती है तो बहु को अपनी सास के हाथों से थोड़ा चावल लेने चाहिए और उन चावलों को अपने कमरे की उत्तर दिशा में रखना चाहिए। ऐसा करने से आपको सास से आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख शांति बनी रहती है। साथ ही सास का आशीर्वाद भी बना रहता है और सुख शांति रहती है। 7) अपने घर के उत्तर पूर्व दिशा को हमेशा साफ रखें। ताकि रिश्तों में पारदर्शिता बनी रहे। इसके अलावा सास ससुर का कमरा वास्तु के अनुसार, दक्षिण पश्चिम दिशा में होना चाहिए। यह दिशा रिश्तों में स्थिरता लेकर आती है। 8) वास्तु शास्त्र के अनुसार, फैमिली फोटो दक्षिण पश्चिम दिशा में ही लगाएं। ऐसे करने से परिवार के सभी सदस्यों के बीच रिश्ता मजबूत होता है। 9) वास्तु के अनुसार घर के अंदर कांटेदार पौधा बिल्कुल भी न लगाएं। इनकी जगह बांस का पौधा या तुलसी का पौधा लगाएं। 10) अपने घर की रसोई में काले रंग की टाइल्स और काले रंग का पत्थर प्रयोग करने से बचें क्योंकि, काला रंग नकारात्मकता लाता है। जिसका असर रिश्तों पर भी देखने को मिलता है।

सीएस कार्यालय पर घूसखोरी का गंभीर मामला, स्वास्थ्य विभाग ने जांच के दिए आदेश

पटना  बिहार के सरकारी स्वास्थ्य महकमे पर निजी स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों से अवैध वसूली का आरोप लगा है। मुजफ्फरपुर सिविल सर्जन कार्यालय के कर्मियों द्वारा जिले के अल्ट्रासाउंड संचालकों से लाइसेंस रिन्यूअल के नाम पर प्रत्येक माह हर केंद्र से दो हजार रुपये की अवैध वसूली का मामला सामने आया है। शहर के अल्ट्रासाउंड संचालकों ने इसकी लिखित शिकायत स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय से की है। इसके बाद विभाग ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं। अनुमान के अनुसार सिर्फ मुजफ्फरपुर में ही मंथली वसूली का आंकड़ा 60 लाख से अधिक है। राज्य के अन्य जिलों में ऐसी वसूली की संभावना पर विभाग विचार कर रहा है। जांच कर कार्रवाई का आदेश आने के बाद मुजफ्फरपुर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा है अल्ट्रासाउंड संचालकों ने शिकायत में कहा है कि प्रावधानो के अनुसार अल्ट्रासाउंड केंद्र चलाने के लाइसेंस का रिन्यूअल ऑनलाइन किया जाना है। इसके बावजूद सीएस कार्यालय के संबंधित कर्मचारी संचालकों को ऑफलाइन फॉर्म भरने और उसे विशेष दूत के माध्यम से जमा करने को बाध्य करते हैं। ऑफलाइन आवेदन जमा करने गए व्यक्ति से दो हजार रुपये की वसूली के बाद ही आवेदन जमा किया जाता है। समाजसेवी संस्थाओं से भी शिकायत मिली संचालकों की शिकायत के बाद इस मामले में स्वास्थ्य निदेशक प्रमुख डॉ. रेखा झा ने सिविल सर्जन को जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। निदेशक प्रमुख ने कहा है कि संचालकों के अलवा समाजसेवी संस्थाओं से भी शिकायत मिली है। इसकी जांच के लिए कमेटी का गठन किया जाए और दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विभाग को सूचित किया जाए। साथ ही उन्होंने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सभी तरह के आवेदन पोर्टल पर ऑनलाइन हों। तीन हजार से अधिक सेंटर से लिए ऑफलाइन आवेदन स्वास्थ्य निदेशक प्रमुख ने निर्देश के साथ जिले के लाइसेंस रिन्यूअल का आंकड़ा भी भेजा है। उन्होंने बताया कि अगस्त 2025 में विभाग को अकेले मुजफ्फरपुर से अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस रिन्यूअल के 3401 आवेदन ऑफलाइन प्राप्त हुए। शिकायत में संचालकों ने यह भी आरोप लगाया है कि वसूली करने वाले कर्मियों की शह पर ही अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाए जा रहे हैं। क्या कहते हैं अधिकारी? इस मामले में मुजफ्फरपुर के प्रभारी सीएस डॉ सीके दास ने कहा है कि सिविल सर्जन अवकाश पर हैं। उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं हैं। विभाग से जो आदेश आया है उनका पूरी तरह से अनुपालन कराया जाएगा। शिकायतकर्ताओं से भी जानकारी ली जाएगी। सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालन पर विभाग की नजर है।