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एचएसवीपी की 1.67 लाख एकड़ जमीन योजना, गुरुग्राम-फरीदाबाद समेत कई जिलों में सेक्टर विकसित होंगे

गुरुग्राम हरियाणा में नए सेक्टर विकसित करने का पहला चरण शुरू कर दिया है। हरियाणा के 69 शहरों में रिहायशी, व्यावसायिक और संस्थागत सेक्टर विकसित करने के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सरकार की इस पहल को आम लोगों के हित से जोड़ कर देखा जा रहा है, क्योंकि इससे ना सिर्फ आवासीय विकल्प बढ़ेंगे वरन रोजगार, व्यापार और बुनियादी सुविधाओं का भी विस्तार होगा। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने इसके लिए 1 लाख 67 हजार एकड़ जमीन खरीदने की योजना बनाई है। ई-भूमि पोर्टल खोला गया जमीन खरीदने के लिए ई-भूमि पोर्टल भी खोल दिया गया है, जहां किसान और भूमि मालिकों से आवेदन मांगे गए हैं। हरियाणा के शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नए सेक्टरों का विकास प्लान्ड अर्बन एक्सपेंशन के तहत किया जाएगा। इससे अवैध कालोनियों पर रोक लगेगी, लोगों को रैगुलेटेड और बेसिक सुविधाओं वाले प्लॉट/सेक्टर मिलेंगे। सरकार बड़ी जमीन चिन्हित करके फेज वाइज सैक्टर डिवैल्प करेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर, सडक़, सीवर, बिजली के साथ सेक्टर बसाए जाएंगे। गुरुग्राम में खरीदी जाएगी जमीन, फरीदाबाद पर भी प्लान गुरुग्राम में 36 गांवों से 17,358 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी, फरीदाबाद के 19 गांवों से 4500 एकड़ और होडल क्षेत्र के 3 गांवों से 1729 एकड़ जमीन ली जाएगी। पंचकूला-अंबाला क्षेत्र में कोट-कैहला के 8 गांवों से 2804 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी। इन जिलों में भी खरीदी जाएगी जमीन कुरुक्षेत्र के लाडवा में 3 गांवों से 459 एकड़, करनाल के घरौंडा में 329 एकड़, अंबाला के 24 गांवों में 3668 एकड़, नारायणगढ़ में 7 गांवों से 512 एकड़, फतेहाबाद के पिहोवा में 3 गांवों से 687 एकड़, पानीपत के समालखा में 3 गांवों से 499 एकड़, हांसी (नया जिला) में 5 गांवों से 1495 एकड़, जींद के नरवाना में 2172 एकड़, पिंजौर-कालका के चंडी मंदिर क्षेत्र में 3914 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी। पहले चरण में 13 शहरों में कटेंगे सेक्टर पहले चरण में 13 शहरों में करीब 40 हजार एकड़ जमीन खरीदी जाएगी, जिसके लिए 104 गांवों के किसान शामिल होंगे। इनमें पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, हिसार, पानीपत, सिरसा और यमुनानगर जैसे शहरों में सेक्टर विकसित किए जाएंगे। हिसार, पानीपत, सिरसा और यमुनानगर समेत कई जिलों में जमीन की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस नीलामी में बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं होगी, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहेगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। एक ही जगह मिलेंगी जरूरी सुविधाएं नए सेक्टरों के विकास से अनियोजित कालोनियों पर अंकुश लगेगा। साथ ही, नए व्यावसायिक क्षेत्रों में एक ही स्थान पर खुदरा बाजार, कार्यालय, सेवाएं, स्कूल, अस्पताल और सरकारी इमारतें जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इससे लोगों को बेहतर शहरी जीवन मिलेगा और शहरों का संतुलित विकास होगा। इन सेक्टरों में बिल्डिंग कोड में बदलाव के तहत, नए आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग प्वाइंट अनिवार्य होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक सुविधाएं होंगी इसके अलावा बिजली, सीवरेज, पानी की आधुनिक व्यवस्था और स्मार्ट सड़कों का प्रावधान होगा। सैक्टरों में रहने के लिए आधुनिक आवासीय प्लॉट के साथ-साथ व्यावसायिक (कमर्शियल) और औद्योगिक इकाइयां भी विकसित की जाएंगी। औद्योगिक मॉडल टाऊनशिप (आईएमटी) को बढ़ावा देने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक सुविधाएं होंगी। सेक्टरों को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए पार्क और हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।

शाहरुख खान की ‘किंग’ के सेट से लीक वीडियो वायरल, एड शीरन की एंट्री की चर्चा तेज

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'किंग' को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। शाहरुख ने साउथ अफ्रीका के केप टाउन में अपनी अगली फिल्म 'किंग' का अगला शेड्यूल शुरू करके फैंस को दीवाना बना दिया। शाहरुख ने इस हफ्ते उस सीन की शूटिंग शुरू की, जिसे फिल्म का क्लाइमैक्स सीन माना जा रहा है। शूटिंग के सिर्फ एक दिन बाद ही सेट से कुछ वीडियो ऑनलाइन लीक हो गए हैं। इन लीक वीडियोज में शाहरुख एक नए लुक में नजर आ रहे हैं। यही नहीं, दूसरे वीडियो में किंग खान एक कार में बैठे हैं और पीछे बज रहे गाने के साथ गाड़ी चलाने के लिए तैयार हैं। लेकिन इस दौरान लीक वीडियो में सबका ध्यान शाहरुख से ज्यादा किसी और ने खींचा। वीडियो में ब्रिटिश सिंगर एड शीरन नजर आ रहे हैं। ऐसे में अब लोगों की एक्साइटमेंट और भी ज्यादा बढ़ गई है। क्या शाहरुख की 'किंग' में होंगे एड शीरन? 'किंग' से लीक फुटेज से अब यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि स्पीकर्स पर बज रहा गाना शायद ब्रिटिश सिंगर एड शीरन का कोई Track हो सकता है। इसका मतलब शीरन के इस फिल्म में होने की खबर पूरी तरह से बेबुनियाद नहीं है, क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों से इंडस्ट्री में ऐसी चर्चाएं चल रही हैं कि शीरन इस फिल्म के साउंडट्रैक (Soundtrack) में अपना योगदान दे सकते हैं। हालांकि, अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एड शीरन ने 'किंग' के लिए एक गाना रिकॉर्ड किया है। ऐसे में फैंस यह जानने के लिए काफी उत्सुक हैं कि इस गाने को फिल्म में किस तरह से शामिल किया जाएगा। प्रेग्नेंसी के दौरान भी शूटिंग कर रही हैं दीपिका दीपिका पादुकोण भी 'किंग' की शूटिंग के लिए साउथ अफ्रीका पहुंच गई हैं। एक्ट्रेस अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी के दौरान भी फिल्म की शूटिंग कर रही हैं। सेट से कुछ तस्वीरें ऑनलाइन लीक हो गई हैं, जिसे देखकर अब फैंस फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हैं। इस शेड्यूल के बाद दीपिका पादुकोण, अल्लू अर्जुन और एटली की फिल्म 'राका' की शूटिंग भी करेंगी। यह साइंस फिक्शन फिल्म 2027 की सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली फिल्मों में से एक है। 'किंग' के बारे में शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण के अलावा, इस फिल्म में सुहाना खान, अभिषेक बच्चन, अरशद वारसी और जयदीप अहलावत जैसे कलाकार भी नजर आएंगे। खास बात यह है कि 2024 में Netflix पर आई फिल्म The Archies के बाद, यह सुहाना खान की पहली थिएट्रिकल फिल्म होगी। इस फिल्म का निर्देशन सिद्धार्थ आनंद ने किया है और इसे Red Chillies Entertainment और Marflix Pictures ने प्रोड्यूस किया है। 'किंग', 24 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

पेड़ और पोल गिरने से जनजीवन प्रभावित, बिजली-ट्रेन सेवाएं बाधित

 पटना बिहार में बुधवार रात और गुरुवार की आई आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने व्यापक तबाही मचाई। मुजफ्फरपुर, मधुबनी, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, समस्तीपुर और दरभंगा, हाजीपुर, छपरा, हाजीपुर और बेगूसराय में 13 लोगों की मौत हो गई। अलग-अलग हादसों में दर्जनभर से अधिक घायल हुए हैं। पेड़, बिजली के पोल और तार गिरने से शहर से गांव तक पूरी रात बिजली आपूर्ति बाधित रही। सड़कों पर पेड़ गिरने से घंटों आवागमन प्रभावित हुआ। कई रेलखंडों पर ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित रहा। आम और लीची की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बेगूसराय के रतनपुर थाना के मियाचक गाछीटोल में नवनिर्मित भवन के तीसरे तल्ले से गिरी दीवार में दबने से एक युवक की मौत हो गई। वहीं हाजीपुर के सदर थाना क्षेत्र स्थित सुभई दक्षिणी टोला में पेड़ गिरने से छह वर्षीय बच्चे की मौत। मढ़ौरा के गौरा थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। उधर, गुरुवार की सुबह वज्रपात से औरंगाबाद जिले के माली थाना क्षेत्र के गम्हरिया गांव में आई बारात में दूल्हे के चाचा 50 वर्षीय अक्षय राम की मौत हो गई। मधुबनी जिले के बाबूबरही के परसा गांव में ठनका गिरने से छह लोग घायल हो गए। घोघरडीहा के नौवाबाखर पंचायत के धावघट गांव में बरगद का पेड़ फूस के घर पर गिर गया। इससे घर में मौजूद 55 वर्षीय कलावती देवी की दबकर मौत हो गई। जिरौल नवटोली में बुजुर्ग महिला पंची देवी की ठनका की चपेट में आने से मौत हो गई। पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड में दो लोगों की मौत हो गई। मलाही बलुआ निवासी 25 वर्षीय युवक की पेड़ से दबकर जान चली गई, जबकि एक अन्य युवक की ई-रिक्शा पलटने से मौत हो गई। दरभंगा में पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई। केवटी प्रखंड के रैयाम गांव में 52 वर्षीय महिला पेड़ के नीचे दब गई। मुजफ्फरपुर के सरैया नगर पंचायत के वार्ड 12 में बरगद का पेड़ घर पर गिरने से बुजुर्ग महिला फूलमती देवी की मौत हो गई। समस्तीपुर के दलसिंहसराय में घर पर पेड़ गिरने से 50 वर्षीय घाटो सहनी की मौत हो गई। समस्तीपुर के साथ पूर्वी चंपारण के कई क्षेत्रों में पेड़, पोल और तार गिरने से आवागमन प्रभावित रहा। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि से आम और लीची की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सीतामढ़ी में आंधी, बारिश और वज्रपात से भारी नुकसान हुआ। चोरौत और परसौनी में वज्रपात से घरों में आग लग गई। कई प्रखंडों में पेड़ गिरने से सड़कें जाम रहीं, जिससे आवागमन बाधित हुआ। अधिकांश इलाकों में रातभर बिजली आपूर्ति बाधित रही। आम-लीची व अन्य फसलों को व्यापक नुकसान बारिश से हरी सब्जी, मिर्च, मूंग और गन्ना फसल को कुछ लाभ भी हुआ है, लेकिन ओलावृष्टि और तेज हवा से आम, लीची, गेहूं और मक्का की फसलों को व्यापक क्षति पहुंची है। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है।

IPL 2026: मुंबई इंडियंस ने सेंटनर की जगह केशव महराज को टीम में लिया

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के सीमित ओवरों के कप्तान मिचेल सेंटनर को बड़ा झटका लगा है. कंधे की गंभीर चोट के चलते वह कम से कम एक महीने तक क्रिकेट से दूर रहेंगे. आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस  (Mumbai Indians) का हिस्सा रहे सेंटनर इस हफ्ते की शुरुआत में स्वदेश लौटे, जहां स्कैन में उनके बाएं कंधे में ग्रेड-3 एसीएल (AC joint ligament) इंजरी की पुष्टि हुई. न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच के बाद सेंटनर को कम से कम एक महीने आराम और रिहैबिलिटेशन की सलाह दी गई है. यह चोट उन्हें 23 अप्रैल को चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) के खिलाफ मुकाबले में फील्डिंग के दौरान लगी थी. 34 साल के सेंटनर आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए चौथा मैच खेल रहे थे. उन्होंने टूर्नामेंट में 5 विकेट लिए और उपयोगी रन भी जोड़े. इससे पहले वह निजी कारणों से टीम से थोड़ा ब्रेक लेकर देर से स्क्वॉड में जुड़े थे. मिचेल सेंटनर  को आईपीएल 2025 से पहले Mumbai Indians ने 2 करोड़ रुपये में खरीदा था और इस सीजन के लिए रिटेन भी किया. उन्होंने IPL 2025 में 13 मैच खेले, जिसमें 7.92 की इकॉनमी से 10 विकेट झटके. Mumbai Indians ने बड़ा फैसला लेते हुए सेंटनर की जगह साउथ अफ्रीका के अनुभवी लेफ्ट आर्म स्पिनर केशव महराज को टीम में शामिल कर लिया है. इस चोट का असर न्यूजीलैंड के आगामी इंटरनेशनल शेड्यूल पर भी पड़ेगा. सेंटनर अब मई के अंत में आयरलैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट और जून की शुरुआत में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट से बाहर हो गए हैं. दूसरे और तीसरे टेस्ट में उनकी वापसी को लेकर फैसला बाद में लिया जाएगा. गौरतलब है कि सेंटनर ने हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड की कप्तानी करते हुए टीम को फाइनल तक पहुंचाया था, जहां उन्हें भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा. टूर्नामेंट में उन्होंने 120 रन बनाए और गेंद से भी योगदान दिया. हालांकि राहत की बात यह है कि अगर रिकवरी तय समय पर होती है, तो जुलाई में वेस्टइंडीज दौरे पर होने वाली वनडे और टी20 सीरीज में सेंटनर की कप्तान के तौर पर वापसी की उम्मीद जताई जा रही है.  

बुद्ध पूर्णिमा 2026: घर में बुद्ध की मूर्ति रखने का सही तरीका और महत्व

 आज बुद्ध पूर्णिमा का बड़ा ही पावन दिन है. आज ही के दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ, उन्हें ज्ञान मिला और आज ही उन्होंने निर्वाण भी प्राप्त किया. दुनिया भर में लोग आज के दिन को शांति और भाईचारे के प्रतीक के रूप में मनाते हैं. ऐसे में बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर घर में बुद्ध की मूर्ति लाना बहुत शुभ माना जाता है. लेकिन घर में बुद्ध की मूर्ति लगाते वक्त ध्यान रखना जरूरी है कि यह सिर्फ सजावट की चीज़ नहीं है, बल्कि घर में एक सकारात्मक ऊर्जा और सुकून लेकर आती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बुद्ध की हर मूर्ति का अपना एक खास मतलब होता है? आज इस खास मौके पर चलिए जानते हैं कि आपको अपने घर के लिए कौन सी बुद्ध प्रतिमा चुननी चाहिए और उसे रखने का सही तरीका क्या है. बुद्ध की अलग-अलग मुद्राएं: किसका क्या है मतलब? बुद्ध की हर प्रतिमा में उनके हाथों की स्थिति (मुद्रा) एक अलग संदेश देती है. इसलिए अपनी जरूरत के हिसाब से सही मूर्ति चुनना बेहद जरूरी है. ध्यान बुद्ध (Meditating Buddha): अगर आप चाहते हैं कि घर में शांति रहे और आपका मन काम में लगे, तो पद्मासन में बैठे बुद्ध की यह मूर्ति बेस्ट है. इसे घर के किसी शांत कोने या पूजा घर में रखें. अभय बुद्ध (Protection Buddha): इस मूर्ति में बुद्ध का दाहिना हाथ उठा हुआ होता है. यह आशीर्वाद और सुरक्षा का प्रतीक है.  अगर आपको डर लगता है या आत्मविश्वास की कमी महसूस होती है, तो इसे घर के मुख्य द्वार के पास रखें. भूमिस्पर्श बुद्ध (Earth Touching Buddha): इसमें बुद्ध का हाथ ज़मीन को छू रहा होता है. यह मुद्रा अटूट विश्वास और सच्चाई को दर्शाती है. यह ज्ञान की तलाश करने वालों के लिए बहुत शुभ है. लेटे हुए बुद्ध (Reclining Buddha): यह मूर्ति बुद्ध के निर्वाण काल को दर्शाती है. यह आंतरिक शांति और सद्भाव का प्रतीक है.  इसे अपने लिविंग रूम में इस तरह रखें कि उनका चेहरा दाईं  ओर हो. वरद मुद्रा (Medicine Buddha): इसमें बुद्ध का हाथ नीचे की ओर खुला होता है. अगर घर में कोई बीमार रहता है या आप अच्छी सेहत चाहते हैं, तो यह प्रतिमा उपचार और करुणा का प्रतीक मानी जाती है. बुद्ध सिर या बुद्ध प्रतिमा (Buddha Bust/Head Statue): बुद्ध का सिर या बस्ट प्रतिमा उनके अपार ज्ञान और बुद्धत्व  को दर्शाती है.  यह हमें हमेशा याद दिलाती है कि शांति की शुरुआत हमारे दिमाग और सोच से होती है. कहाँ रखें: अगर आपके पास छोटी बुद्ध हेड प्रतिमा है, तो इसे किसी मेज या वेदी पर रख सकते हैं.  वहीं, अगर आप बड़ी प्रतिमा ला रहे हैं, तो इसे अपने घर या ऑफिस के हॉल के बीचों-बीच एक सेंटरपीस के तौर पर लगाएं. यह न केवल माहौल को सुंदर बनाती है, बल्कि वहाँ आने-जाने वालों को शांति का अहसास भी कराती है.  कैसी होनी चाहिए मूर्ति की बनावट ? आप मूर्ति कहाँ रख रहे हैं, उसके हिसाब से सही धातु या चीज़ का चुनाव करें. धातु : घर के अंदर के लिए पीतल या तांबे की मूर्तियाँ सबसे शुभ मानी जाती हैं. पत्थर : अगर आप बालकनी या बगीचे  में बुद्ध को स्थापित करना चाहते हैं, तो पत्थर की मूर्ति ही चुनें. लकड़ी : प्राकृतिक अहसास और घर के माहौल को हल्का रखने के लिए लकड़ी की मूर्तियाँ बेहतरीन होती हैं. वास्तु का रखें ध्यान: कहाँ रखें और कहाँ नहीं? मूर्ति को घर में स्थापित करते समय इन 3 बातों का गांठ बांध लें. ऊंचाई पर रखें: बुद्ध को कभी भी सीधे ज़मीन पर न रखें.  उन्हें हमेशा आंखों के स्तर पर किसी ऊंची टेबल, स्टैंड या वेदी पर ही जगह दें. सही दिशा: मूर्ति का चेहरा हमेशा पूर्व  दिशा की ओर होना चाहिए.  अगर संभव न हो, तो इसे घर के मुख्य द्वार की तरफ रखें ताकि सकारात्मक ऊर्जा अंदर आए. इन जगहों से बचें: भूलकर भी बुद्ध की प्रतिमा को बेडरूम, बाथरूम या किचन में न रखें.  उन्हें हमेशा साफ-सुथरी और शांत जगह पर ही रखें.

शोरूम में पुलिसवाले की हरकत: महिलाओं के अंडरगारमेंट्स को छूने का मामला सामने आया

लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से एक वायरल वीडियो ने पुलिस विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया है. सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो में पढ़ुआ थाने में तैनात एक हेड कांस्टेबल शॉपिंग मॉल के अंदर महिलाओं के अंडरगारमेंट्स सेक्शन में आपत्तिजनक हरकत करते नजर आ रहा है. वीडियो सामने आते ही लोगों में नाराजगी फैल गई और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे।  बताया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहा पुलिसकर्मी हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार वर्मा है, जो मॉल में टंगे महिलाओं के अंडरगार्मेंट्स को छूते हुए मुस्कुराता नजर आ रहा है. शुरुआती तौर पर पुलिस विभाग ने सफाई दी कि संबंधित कर्मचारी अपने परिवार के साथ खरीदारी के लिए मॉल गया था, लेकिन जैसे-जैसे वीडियो वायरल हुआ, मामला गंभीर होता चला गया।  जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया. पुलिस को पता चला कि 27 अप्रैल 2026 को होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पढ़ुआ थाने के पांच पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी छोड़कर मॉल में घूमने चले गए थे. इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता माना गया।  इस मामले में जिले की पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने कड़ा रुख अपनाते हुए पांचों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया. निलंबित किए गए कर्मियों में हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार वर्मा, हेड कांस्टेबल राशीद चौधरी, कांस्टेबल विक्रांत चौधरी, कांस्टेबल रचित राजपूत और कांस्टेबल लोकेश पांडे शामिल हैं. पुलिस मीडिया सेल द्वारा इस कार्रवाई की जानकारी आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से साझा की गई।  हालांकि, इस पूरे मामले पर पुलिस अधिकारियों ने मीडिया के सामने कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है. सिर्फ निलंबन की सूचना जारी कर विभाग ने अपनी कार्रवाई का संकेत दिया है. इस घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी और आचरण को लेकर बहस छेड़ दी है। 

छत्तीसगढ़ की नई नीति: ‘शहरी गैस वितरण नीति-2026’ से अब सीधे किचन तक पहुंचेगी गैस

रायपुर  स्वच्छ ऊर्जा और शहरी जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026 को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया यह निर्णय राज्य की ऊर्जा संरचना को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस (PNG) को सीधे घरों तक पहुंचाना है। इसके लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग, आपूर्ति में देरी या उपलब्धता को लेकर होने वाली अनिश्चितताओं से काफी हद तक राहत मिल सकेगी।  रायपुर सहित राज्य के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से गैस पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे 24 घंटे निर्बाध और सुरक्षित गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। पारंपरिक सिलेंडर पर निर्भरता में कमी  राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद जैसे शहरों में पाइपलाइन गैस वितरण प्रणाली पहले से संचालित है और इसे व्यापक रूप से प्रभावी माना गया है। इन महानगरों में रसोई गैस के पारंपरिक सिलेंडर पर निर्भरता में कमी आई है और आपूर्ति अधिक नियमित व सुगम बनी है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह निर्णय उसी दिशा में एक तार्किक विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। वैश्विक परिप्रेक्ष्य में लंदन, टोक्यो और सिंगापुर जैसे शहरों में पाइपलाइन आधारित गैस वितरण लंबे समय से स्थापित व्यवस्था है। इन शहरों के अनुभव बताते हैं कि यह प्रणाली न केवल उपभोक्ताओं के लिए सुविधाजनक है, बल्कि ऊर्जा दक्षता और पर्यावरणीय संतुलन के लिहाज से भी बेहतर विकल्प प्रदान करती है। निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी नीति के लागू होने से राज्य में गैस अवसंरचना के विकास के साथ निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी, जिससे निर्माण, वितरण और सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इसके साथ ही स्वच्छ ईंधन के उपयोग से वायु प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है, जो तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल छत्तीसगढ़ को ऊर्जा क्षेत्र में अधिक व्यवस्थित और भविष्य उन्मुख राज्य के रूप में स्थापित कर सकती है। उपभोक्ता सुविधा, औद्योगिक जरूरतों और पर्यावरणीय संतुलन—तीनों को ध्यान में रखकर तैयार की गई यह नीति राज्य के शहरी विकास को नई गति देने की क्षमता रखती है।

ममता की 3 घंटे की मौजूदगी और कार्यकर्ताओं का पहरा, टीएमसी के आरोप पर EC का जवाब

कलकत्ता पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग ख़त्म होने के एक दिन बाद ईवीएम और पोस्टल बैलट बॉक्स को रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर विवाद हो गया।  30 अप्रैल की दोपहर से शुरू हुआ ये विवाद शाम तक काफ़ी बढ़ गया और कई जगह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेताओं, उनके समर्थकों और प्रशासन-पुलिस के लोगों के बीच बहस देखने को मिली।  तृणमूल कांग्रेस के लोग स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर पुलिस-प्रशासन पर 'धांधली' करने के आरोप लगाते दिखे. वहीं बीजेपी ने कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी हार रही है, इसलिए 'धांधली' के आरोप लगाए जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे चरण में विधानसभा की 142 सीटों पर वोटिंग हुई थी. नतीजे 4 मई को आएंगे।   टीएमसी ने स्ट्रॉन्गरूम में पोस्टल बैलट से छेड़छाड़ का आरोप लगाया और इसके बाद पार्टी के नेताओं के संबंधित जगह पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद भी पहुंच गईं और धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया. विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे राजनीतिक ड्रामा बताया. मामले ने तूल पकड़ा तो चुनाव आयोग को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति साफ करनी पड़ी. इस दौरान क्या-क्या हुआ? शाम तीन बजे के बाद तक सब सामान्य था, फिर एक ई-मेल आया. ई-मेल में इस बात की सूचना थी कि शाम 4 बजे स्ट्रॉन्गरूम खुलेगा. टीएमसी नेता कुणाल घोष और शशि पांजा मौके पर पहुंचे, लेकिन उनको अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई. टीएमसी ने इस पर शक जताते हुए पार्टी प्रतिनिधियों के बिना पोस्टल बैलट और पिंक पेपर संभालने को लोकतंत्र के खिलाफ बताया. टीएमसी ने इसका वीडियो भी शेयर किया और इसके बाद सियासी पारा चढ़ता ही चला गया. कुणाल घोष और शशि पांजा स्ट्रॉन्गरूम के बाहर धरने पर बैठ गए. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौके पर पहुंच गईं।  सीएम की अपील पर बड़ी तादाद में टीएमसी समर्थक पहले से ही मौके पर थे. सीएम ने समर्थकों से 24 घंटे स्ट्रॉन्गरूम की निगरानी करने की अपील की थी. ममता सखावत मेमोरियल स्कूल में बने स्ट्रॉन्गरूम में पहुंचीं और करीब तीन घंटे तक रहीं. इस स्कूल में भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र की ईवीएम रखी हुई है, जहां से खुद ममता बनर्जी उम्मीदवार हैं. ममता बनर्जी करीब तीन घंटे तक स्ट्रॉन्गरूम में रहीं. स्ट्रॉन्गरूम से निकलने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों ने उनको अंदर जाने से रोक दिया. जब कहा कि मुझे जाने का अधिकार है, चुनाव नियमों के मुताबिक उम्मीदवार को सील कक्ष के बाहर तक जाने की अनुमति है, तब मुझे जाने दिया गया।  उन्होंने कई जगह गड़बड़ी मिलने का दावा करते हुए कहा कि अगर कोई गड़बड़ी हुई, तो हम लड़ेंगे. ईवीएम मशीन लूटने की कोई कोशिश करेगा, तो हम जिंदगी-मौत एक कर देंगे. टीएमसी के आक्रामक रुख, धरना-प्रदर्शन और आरोप के बीच कई घंटे तक माहौल गर्म बना रहा. इस दौरान टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ममता बनर्जी का यह नाटकीय रवैया पश्चिम बंगाल के लिए सबसे साफ एग्जिट पोल है।  टीएमसी के आरोप टीएमसी ने चुनाव आयोग पर बीजेपी के साथ मिलकर लोकतंत्र से खिलवाड़ का आरोप लगाया और कहा कि स्ट्रॉन्गरूम के आसपास उनकी जानकारी के बगैर हलचल हो रही है, जो गलत है. कुणाल घोष ने कहा कि तय यह हुआ था कि बिना बताए स्ट्रॉन्गरूम की सील नहीं तोड़ी जाएगी. फिर ऐसा क्यों हुआ? उन्होंने विपक्ष पर भी हमला बोला और कहा कि हम जब गलत का विरोध कर रहे हैं, तब बीजेपी को इतनी मिर्ची क्यों लग रही है।  चुनाव आयोग का जवाब टीएमसी के आरोप पर चुनाव आयोग को रात के समय प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाब देना पड़ा. चुनाव आयोग ने टीएमसी के आरोप सिरे से खारिज कर दिए और कहा कि स्ट्रॉन्गरूम में रखे बैलट की छंटनी की जा रही थी. यह प्रक्रिया का हिस्सा है. चुनाव आयोग ने दावा किया कि सभी पार्टियों को इसकी जानकारी पहले ही दे दी गई थी. बैलट बॉक्स के साथ किसी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है. खुदीराम अनुशीलन केंद्र के सभी सात स्ट्रॉन्गरूम पूरी तरह से सुरक्षित हैं. पोस्टल बैलट की छंटनी का काम दूसरे कमरे में चल रहा था। 

डीएम को कॉल कर मांगी थी धमकी भरी कार्रवाई, नागेश्वर कॉलोनी से आरोपी गिरफ्तार

पटना 2022 में पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश के नाम से तत्कालीन डीजीपी एसके सिंघल को फोन करके झांसा देने वाला अभिषेक अग्रवाल फिर से सुर्खियों में है। चार साल बाद उसे बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स की टीम ने पटना के कोतवाली थाना इलाके से गिरफ्तार किया है। इस बार आरोप लगा है कि अभिषेक लंबे समय से प्रवर्तन निदेशालय का फर्जी अधिकारी बनकर पटना समेत कई जिलों के लोगों को फर्जी कॉल कर ठगी कर रहा था। वह अपना शिकार सरकार कर्मचारियों को भी बना रहा था। इस मामले को लेकर 28 अप्रैल को भोजपुर के नवादा थाना में एक प्राथमिकी दर्ज की गई। 27 अप्रैल को डीएम को फर्जी ईडी अधिकारी बनकर किया था कॉल पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान किया तो कॉल करने वाले का टॉवर लोकेशन पटना के नागेश्वर कॉलोनी का मिला। इसके बाद भोजपुर पुलिस ने एसटीएफ की मदद से छापेमारी की तो आरेपी अभिषेक अग्रवाल पकड़ा गया। एसटीएफ ने उसे नवादा थाने की पुलिस को सुपुर्द कर दिया है। उसके खिलाफ आर्थिक अपराध इका, पटना के खाजेकलां में भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस की मानें तो अभिषेक अग्रवाल फर्जी अधिकारी बनकर प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को कॉल करता था। 27 अप्रैल को उसने जब डीएम तनय सुल्तानिया को फर्जी ईडी अधिकारी बनकर कॉल किया तो डीएम कार्यालय की ओर से नवादा थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई। इसके बाद पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच में जुटी और आरोपी अभिषेक अग्रवाल को गिरफ्तार किया। 2022 में पटना हाईकोर्ट के जज के नाम से तत्कालीन डीजीपी को किया था कॉल वर्ष 2022 में टाइल्स व्यवसायी अभिषेक अग्रवाल ने पटना हाई कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस संजय करोल के नाम से तत्कालीन डीजीपी एसके सिंघल को कॉल किया था। उसने एक केस में गया के पूर्व एसएसपी आदित्य कुमार के हित में फैसला देने का दबाव बनाया था। एसके सिंघल के आदेश पर अभिषेक अग्रवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 387, 149, 420, 467, 468, 120 (बी) तथा आई टी एक्ट की धारा 66 (सी), 66 (डी) के अंतर्गत आर्थिक अपराध थाना (पटना) कांड संख्या 33/2022 दर्ज किया गया था। आर्थिक अपराध इकाई भी इसकी जांच कर रही थी। जांच में पता चला कि अभिषेक के संबंध के बिहार के कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के साथ। वह आसानी से अधिकारियों के साथ घुल मिल जाता था। उसकी कई तस्वीरे भी अधिकारियों के साथ सामने आई। डीजीपी को जज बनकर कॉल करने के आरोप में वह जेल भी गया था। इसके बाद कोर्ट ने उसे जमानत दे दी। 

पावापुरी से युवती गिरफ्तार, प्रेमजाल में फंसाकर युवक का कराया गया अपहरण

नालंदा बिहार के पावापुरी(नालंदा) से पुलिस ने एक ऐसी युवती को गिरफ्तार किया है जो हूस्न का जाल फैलाकर युवाओं को फंसाती है और फिर अगवा करवाकर फिरौती वसूलती है। पुलिस ने युवती को गिरफ्तार कर कर लिया है। अब गिरोह के अन्य बदमाशों की तलाश की जा रही है। युवती सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती और प्यार के बहाने युवाओं को हनीट्रैप करती है। बुधवार को शेखपुरा जिले के शेखोपुरसराय थाना क्षेत्र के पांची गांव निवासी सागर रविदास के पुत्र विक्रम कुमार के अपहरण का मामला चर्चा में रहा था। पुलिस ने अपहृत को बरामद कर लिया है। एक युवती को गिरफ्तार किया गया है। उसकी पहचान पावापुरी ओपी क्षेत्र के चोरसुआ गांव निवासी रामधीन की पुत्री संध्या कुमारी के रूप में की गयी है। उससे पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। संध्या ने बताया कि उसने सोशल मीडिया के माध्यम से युवक से दोस्ती की। धीरे धीरे उसे प्यार का पाठ पढ़ाने लगी। युवक जब उसकी जाल में फंस गया तो उसे धोखे से पावापुरी बुलाया और अपने दोस्तों की मदद से उसका अपहरण कर लिया। उसके बाद गैंग ने युवक के परिजनों से छह लाख रुपये फिरौती की मांग की। बार बार फोन करने पर पिता ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कांड दर्ज करके कार्रवाई की तो यह चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। ग्रामीणों की मानें तो मंगलवार की रात से ही पुलिस कार्रवाई में जुटी थी। हालांकि, नालंदा पुलिस ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि पुलिस को बुधवार की रात सूचना मिली। इसके बाद कार्रवाई की गयी। पुलिस मात्र छह घंटे में अपहृत को बरामद करने का दावा भी कर रही है। राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने प्रेस बयान जारी कर बताया कि बुधवार की रात पावापुरी ओपी को फोन से अपहरण और छह लाख फिरौती मांगने की सूचना मिली। उनके निर्देश पर स्थानीय पुलिस व डीआईयू की टीम कार्रवाई में जुट गयी। अपहरणकर्ताओं ने दोबारा की फिरौती की मांग अपहरणकर्ताओं ने दोबारा युवक के पिता को फोन कर फिरौती की मांग की। पुलिस ने लोकेशन के आधार पर पावापुरी फ्लाईओवर के पास से अपहृत युवक को बरामद किया। हालांकि, अपहरणकर्ता भाग निकले। अपहृत से पूछताछ में पता चला कि वह संध्या से सोशल मीडिया के माध्यम से बात करता था। इसके बाद संध्या से पूछताछ की गयी। उसने बताया कि उसके ब्यॉयफ्रेंड मानपुर थाना क्षेत्र के तेतरावां गांव निवासी राजा गोप ने अपने सहयोगी चोरसुआ गांव निवासी सोनू उर्फ नट्टू व अन्य की मदद से युवक का अपहरण किया।