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मौसम का कहर! आंधी और ओलावृष्टि से पंजाब की मंडियों में भीगा गेहूं

लुधियाना/हिसार. पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से रविवार को पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में वर्षा हुई। पंजाब के ज्यादातर जिलों में सुबह छह से 10 बजे के बीच 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली भी चली। लुधियाना में 25.6 और पालमपुर में 38.0 मिलीमीटर वर्षा हुई। वर्षा से कई जगह मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं भीग गया। वहीं, हरियाणा में रविवार रात नौ बजे के बाद हिसार सहित सात जिलों में वर्षा हुई। तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पंजाब में आंधी से कई जिलों में बिजली के खंभे, होर्डिंग व पेड़ टूटकर गिर गए। वर्षा से तापमान में भी गिरावट आई और कई जिलों में अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। लोगों को गर्मी से राहत मिली। पिछले दिनों कई जिलों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर चला गया था। मौसम विभाग ने सोमवार-मंगलवार को भी प्रदेश में आंधी चलने और अधिकांश जिलों में सामान्य से मध्यम वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ जगह ओलावृष्टि की संभावना है। हिमाचल में कई घरों की छतें उड़ गईं। आंधी व ओलावृष्टि से बागवानी को भी नुकसान पहुंचा। कई जगह पेड़ गिरने से सड़कें अवरुद्ध रहीं। शिमला के बैनमोर वार्ड में बिजली गिरने से एक पेड़ दोफाड़ हो गया। भूस्खलन से उड़ी-बारामुला मार्ग बंद कश्मीर के उड़ी में रविवार को वर्षा के कारण भूस्खलन होने से उड़ी-बारामुला राजमार्ग बंद कर दिया गया है। सड़क पर भारी मलबा और कीचड़ जमा हो गया है, जिसे हटाने का काम जारी है। शहर     वर्षा (मिमी में) पालमपुर     38.0 लुधियाना     25.6 चंडीगढ़     23.7 मोहाली     20.9 अमृतसर     2.2 फिरोजपुर     2.5 नवांशहर     2.1 रूपनगर     1.5 हिमाचल के रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला में हुआ हिमपात हिमाचल के रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला में हिमपात और धर्मशाला में ओलावृष्टि हुई। मौसम सुहाना होने से पर्यटक भी बढ़े हैं। मनाली के होटलों में 75 प्रतिशत आक्यूपेंसी पहुंच चुकी है। शिमला, मनाली, कसौली, मैक्लोडगंज व डलहौजी में भी पर्यटक पहुंचने लगे हैं। लाहुल स्पीति के कोकसर में बर्फ देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी है। सिरसा और भिवानी में गिरे ओले, तेज आंधी के साथ वर्षा हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। हरियाणा के दक्षिणी हिस्सों में तेज गति की हवाओं आंधी अंधड़ के साथ वर्षा हुई। सिरसा-भिवानी में ओले गिरने के बाद रविवार देर रात को हिसार और महेंद्रगढ़ के सतनाली में तेज आंधी के बाद वर्षा हुई। रविवार रात को सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, हांसी, भिवानी, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में वर्षा हुई। इसके अलावा झज्जर, रोहतक, गुरुग्राम, नूंह मेवात, पलवल और फरीदाबाद जिलों में आंधी अंधड़ व गरज चमक के साथ छिटपुट ओलावृष्टि की संभावना देर रात तक बनी हुई थी। मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से पूरे क्षेत्र में मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। इस दौरान बादलों की आवाजाही, तेज हवाएं, आंधी-अंधड़ और हल्की वर्षा की संभावना बनी रहेगी, लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

चंडीगढ़ और धनबाद के बीच समर स्पेशल ट्रेन का नया शेड्यूल, 1431 किमी का सफर अब होगा और भी आसान

चंडीगढ़ गर्मी के मौसम में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए अंबाला मंडल ने समर स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाने का फैसला किया है। इससे बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। रेलवे के अनुसार, चंडीगढ़ से पटना के बीच चलने वाली गाड़ी।  गाड़ी संख्या 04511 चंडीगढ़ से हर वीरवार रात 11:35 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 9:15 बजे पटना पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 04512 पटना से हर शुक्रवार रात 11:15 बजे चलेगी और अगले दिन रात 9:40 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। यह ट्रेन अंबाला कैंट, सहारनपुर, रुड़की, मुरादाबाद, बरेली, सीतापुर, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, सिवान, छपरा और हाजीपुर होते हुए पटना जाएगी। इसका संचालन 10 जुलाई तक रहेगा। धनबाद-चंडीगढ़ स्पेशल भी जारी ट्रेन संख्या 03311 धनबाद से चंडीगढ़ के लिए 3 अप्रैल से 14 जुलाई तक हर मंगलवार और शुक्रवार को रात 11:50 बजे चलेगी और तीसरे दिन सुबह 4:30 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 03312 चंडीगढ़ से 5 अप्रैल से 16 जुलाई तक रविवार और गुरुवार को सुबह 6 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 9 बजे धनबाद पहुंचेगी। यह ट्रेन करीब 1431 किलोमीटर की दूरी 28 घंटे 40 मिनट में तय करेगी। अंबाला-मऊ स्पेशल का शेड्यूल गाड़ी संख्या 05302 अंबाला से हर शुक्रवार रात 1:40 बजे चलेगी और अगले दिन रात 11 बजे मऊ पहुंचेगी। वहीं, गाड़ी संख्या 05301 मऊ से हर वीरवार सुबह 4 बजे चलकर अगले दिन रात 12:30 बजे अंबाला पहुंचेगी। यह ट्रेन देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद, दिल्ली, सोनीपत, पानीपत और कुरुक्षेत्र होते हुए चलेगी। इसका संचालन 17 जुलाई तक रहेगा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए फेरे बढ़ाए रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इन ट्रेनों के फेरे बढ़ाए गए हैं, जिससे सफर और भी आसान होगा।

उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई इलाकों में बिजली गुल

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है और आंधी-बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। राजधानी लखनऊ में सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज तूफान के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। हालात ऐसे हो गए कि दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया। आसमान में घने काले बादल छा गए, तेज गर्जना के साथ बिजली कड़कती रही, जिससे लोगों में डर और दहशत का माहौल बन गया। तेज हवाओं का असर शहर के कई हिस्सों में साफ दिखाई दे रहा है। सैकड़ों पेड़ उखड़ गए हैं, जिससे कई जगहों पर सड़कें अवरुद्ध हो गईं और यातायात प्रभावित हुआ। लखनऊ में अचानक बदला मौसम, सुबह होते अंधेरा इसके अलावा कई बिजली के पोल भी गिर गए, जिसके चलते शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। बिजली कटौती के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम के इस अचानक बदले रुख ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। दफ्तर जाने वाले लोग रास्ते में फंस गए, वहीं स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र भी प्रभावित हुए। कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मौसम जारी किया था अलर्ट मौसम विभाग ने पहले ही आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया था। विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय सिस्टम के सक्रिय होने की वजह से यह स्थिति बनी हुई है। आने वाले कुछ घंटों में भी मौसम इसी तरह खराब रहने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना जरूरत घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। साथ ही बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। रविवार को भी बिगड़ा था मौसम, कई इलाकों की बिजली हुई थी गुल इससे पहले आंधी और बारिश के कारण रविवार को भी लखनऊ की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई। कहीं पेड़ गिरने से तार टूट गए, तो कहीं अंडरग्राउंड केबल में फाल्ट आ गया। इससे गोमतीनगर, चिनहट, बीकेटी और रहीमाबाद जैसे बड़े इलाकों को अंधेरे में डूब गए। आंधी इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर पोल उखड़ गए और भारी पेड़ बिजली की लाइनों पर गिर पड़े। बिजली गुल होने का सुबह के समय घरों में पानी न आने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज लोगों ने उपकेंद्रों पर हंगामा किया। निगोहां में बाधित रही बिजली निगोहां के दयालपुर फीडर अंतर्गत बरवालिया टी-ऑफ के पास रविवार को एक कौए के हाईटेंशन लाइन से टकराने के कारण आपूर्ति बाधित हो गई। मौके पर ही कौए की मौत हो गई। विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पेट्रोलिंग कर फॉल्ट का पता लगाया। कर्मचारियों ने आपस में चिपके तारों को अलग कर लाइन को दुरुस्त किया, जिसके बाद आपूर्ति बहाल की जा सकी। इस दौरान दयालपुर फीडर से जुड़े क्षेत्रों में करीब 1 घंटा 50 मिनट तक बिजली आपूर्ति ठप रही। मलिहाबाद में आम की फसल को नुकसान हुआ मलिहाबाद में रविवार तड़के आई आंधी से फलपट्टी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में आम की फसल को नुकसान हुआ। तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में कच्चे आम (कैरियां) टूटकर कर असमय गिर गए। कई बागों में तो आम जमीन पर बिछ गया। आंधी का असर रहीमाबाद और माल क्षेत्र में अधिक देखा गया। माल क्षेत्र के बागवान सर्वेश ने बताया कि आंधी से क्षेत्र में लाखों रुपये का आम टूट कर गिर गया है। बाग में बड़े आकार का आम गिर जाने से काफी नुकसान हो गया है। रहीमाबाद क्षेत्र में भी तेज हवाओं ने बागों को नुकसान पहुंचाया।

अनुमति के बिना प्रदर्शन पड़ा भारी, ग्रामीण कांग्रेस के 8 नेता हिरासत में

भिलाई. उतई पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन के मामले में दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर समेत 8 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की। इन्होंने मासूम से अनाचार के मामले में पिछले माह प्रदर्शन किया था। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल द्वारा अनुमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने कहा गया, जो उपलब्ध नहीं कराया गया। पुलिस ने बताया, 12 अप्रैल की शाम मिनीमाता चौक पर 50-60 लोगों ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पुतला दहन के दौरान ड्यूटी पर तैनात आरक्षक गिरधारी मंडावी के दोनों हाथ, आरक्षक अविनेश प्रताप सिंह के दाहिने हाथ एवं आरक्षक टिकेंद्र साहू को आंख के पास चोट आई। पुलिस ने जिलाध्यक्ष समेत पूर्व पार्षद प्रहलाद वर्मा, नेता प्रतिपक्ष द्वारिका प्रसाद साहू, धर्मेंद्र बंजारे, सत्यप्रकाश कौशिक, लोचन यादव और दिवाकर गायकवाड़ को गिरफ्तार किया। सभी को मुचलके पर छोड़ दिया गया।

तेज रफ्तार कार ने अंबेडकरनगर में मचाई तबाही, 8 लोगों की मौत

 अंबेडकरनगर अंबेडकरनगर में मानवता दिखाने पहुंचे लोगों पर तेज रफ्तार कार काल बनकर टूटी. जलालपुर-अकबरपुर मार्ग पर घायल बाइक सवारों की मदद कर रहे ग्रामीणों को अनियंत्रित कार ने कुचल दिया. इस हादसे में कुल 8 लोगों की जान चली गई है, जिससे पूरे इलाके में मातम पसरा है।  अशरफपुर भुआ गांव के पास  यूपी के अंबेडकरनगर जिले के जलालपुर कोतवाली क्षेत्र में जलालपुर-अकबरपुर मार्ग पर भीषण सड़क दुर्घटना हुई. दो बाइकों की टक्कर में घायल हुए लोगों की मदद करने के लिए स्थानीय लोग मौके पर जमा हुए थे. तभी जलालपुर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार ने अनियंत्रित होकर भीड़ को रौंद दिया।  हादसे में मौके पर और इलाज के दौरान कुल 8 लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है।  मदद के दौरान बरपा काल जलालपुर में अकबरपुर मार्ग पर स्थित अशरफपुर भुआ भट्ठे के पास पहले दो मोटरसाइकिलों की आपस में भिड़ंत हुई थी. इस भिड़ंत में दो लोग गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े. आसपास के लोग तुरंत घायलों को अस्पताल भेजने और उनकी मदद करने के लिए सड़क पर इकट्ठा हुए. इसी मानवीय मदद के दौरान पीछे से आ रही कार ने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।  अस्पताल में तोड़ा दम हादसे के बाद पुलिस ने घायलों को तत्काल सीएचसी नगपुर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने 6 लोगों को मृत घोषित कर दिया. वहीं, दो अन्य गंभीर घायलों को पहले जिला अस्पताल और फिर टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. हालांकि, इलाज के दौरान इन दोनों ने भी दम तोड़ दिया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परिजनों की हर संभव सहायता के निर्देश दिए हैं। 

खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी! 6 करोड़ में हॉकी स्टेडियम का एस्ट्रोटर्फ होगा अपग्रेड

राजनांदगांव. हॉकी की नर्सरी कहे जाने वाले राजनांदगांव के अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम की हालत सुधरने वाली है। चार महीने पहले राज्य सरकार द्वारा इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम के अपग्रेडेशन के लिए मंजूर किए गए 6.04 करोड़ रुपए के कामों के टेंडर को लेकर स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। ऐसे में अब जल्द ही स्टेडियम में काम शुरू हो जाएगा। जिससे खिलाड़ियों को भविष्य में बेहतर टर्फ में खेलने की सुविधा मिलेगी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा स्पीकर एवं स्थानीय विधायक डॉ. रमन सिंह के प्रयासों के बाद शासन से यह स्वीकृति मिली थी। खेल और युवा कल्याण विभाग के अनुसार इन पैसों का इस्तेमाल एस्ट्रोटर्फ बदलने, नई इमारत बनाने और स्टेडियम की कुल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अंदरूनी सड़कों को सुधारने में किया जाएगा। इस अपग्रेड से स्टेडियम के आधुनिक होने और खिलाड़ियों को ट्रेनिंग के बेहतर मौके मिलने की उम्मीद है।

सड़कें सरकार का असली विकास, बारिश से पहले सभी रास्ते बिना समस्या के होंगे: मुख्यमंत्री

सरकार का विकास सड़क से ही दिखता है, बारिश के पहले कोई भी रोड ऐसी न हो जिससे लोगों को दिक्कत हो: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने सही जानकारी नहीं होने पर PWD के अधिकारी को फटकार लगाई और कहा कि *मीटिंग से निकलकर बाहर जाओ और अपने सचिव से बात करके सही जानकारी बताओ। हम सभी को अपने अपने कार्यालयों को सेवा तीर्थ समझना है, ये सेवा करने के मंदिर हैं: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने जिले में अपने अधीनस्थ अधिकारियों के काम का मूल्यांकन करें कलेक्टर, जरूरत पड़ने पर करें कठोर कार्रवाई मुख्यमंत्री हेल्प जल्द होगी शुरू, टोल फ्री नंबर पे दर्ज होगी समस्या: मुख्यमंत्री रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार में बलरामपुर प्रवास के दौरान आयोजित समीक्षा बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सख्त संदेश दिया।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की। बैठक के दौरान उस समय स्थिति गंभीर हो गई, जब लोक निर्माण विभाग का एक अधिकारी सड़क मरम्मत की सही जानकारी प्रस्तुत नहीं कर पाया। इस पर मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा, “मीटिंग से बाहर जाइए, अपने सचिव से बात करिए और सही जानकारी लेकर आइए।” इसके बाद बैठक कक्ष में सन्नाटा छा गया और यह स्पष्ट हो गया कि अब कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम सभी जनता के सेवक हैं और अपने-अपने कार्यालयों को सेवा तीर्थ की तरह देखें, जहां आम जनता की सेवा ही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।  मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार का विकास सबसे पहले सड़कों पर दिखाई देता है, इसलिए मानसून आने से पहले एक भी सड़क खराब नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि सभी सड़कों की मरम्मत समय-सीमा में पूर्ण की जाए और विशेष रूप से आबादी क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने घोषणा की कि राज्य के सभी राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा, जिससे नागरिकों को खसरा-नक्शा डिजिटल हस्ताक्षर के साथ घर बैठे उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही “मुख्यमंत्री हेल्पलाइन” सेवा भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी, जिसमें टोल फ्री नंबर के माध्यम से आमजन अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।  मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि राजस्व मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री ने जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) निधि के उपयोग पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस निधि की अधिकतम राशि खनन प्रभावित गांवों के विकास में खर्च की जानी चाहिए। मुख्यालय के नाम पर इस राशि का उपयोग स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने बलरामपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में खनिज संसाधनों के बेहतर और पारदर्शी उपयोग के निर्देश भी दिए।   मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए भटकना न पड़े और जहां आवश्यकता हो, वहां टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गर्मी और बारिश के बीच संभावित मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी करने को कहा, साथ ही किसानों के लिए धान, बीज और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के आचरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आम जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना जाए और समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों के कार्यों का नियमित मूल्यांकन करें और आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई से भी न हिचकें।   बैठक में जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद सरगुजा चिंतामणि महाराज, विधायक सामरी श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, विधायक प्रतापपुर श्रीमती शकुंतला पोर्ते तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनि निकुंज सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री का आह्वान, हर विद्यार्थी एक पौधा जरूर लगाए, हर आंगनबाड़ी केंद्र 05 सहजन के पौधे रोपे जाएं

एक दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधरोपण कर यूपी फिर बनाएगा रिकॉर्ड: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का आह्वान, हर विद्यार्थी एक पौधा जरूर लगाए, हर आंगनबाड़ी केंद्र 05 सहजन के पौधे रोपे जाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की वृहद पौधरोपण अभियान- 2026 की तैयारियों की समीक्षा, कहा पौधे लगाएं भी-बचाएं भी जनभागीदारी से सफल होंगे हरित क्रांति के प्रयास: मुख्यमंत्री विगत 09 वर्ष में वन एवं वृक्ष आवरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई वर्तमान में हरित आवरण 9.96%, वर्ष 2030 तक 15% और 2047 तक 20% हरित आवरण का लक्ष्य: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, इस वर्ष गंगा एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर हो वृहद पौधरोपण हरित उत्तर प्रदेश की दिशा में बड़ा कदम: नदियों के किनारे 4.35 करोड़ पौधरोपण की तैयारी रिकॉर्ड वृक्षारोपण के बाद अब फोकस जीवितता पर, टेक्नोलॉजी से होगी हर पौधे की निगरानी लखनऊ ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ष एक दिन में 35 करोड़ पौधरोपण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा है कि विगत वर्षों में जनभागीदारी से प्रदेश ने वृक्षारोपण में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और अब इसे जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। रविवार को वृहद पौधरोपण अभियान-2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में न्यूनतम 05 सहजन के पौधे लगाए जाएं, जबकि स्कूल-कॉलेजों में हर छात्र कम से कम एक पौधा लगाए। मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सतत जन-अभियान के रूप में विकसित किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पिछले वर्षों में वृक्षारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2009 से 2016 के बीच जहां 51.48 करोड़ पौधे लगाए गए थे, वहीं वर्ष 2017 से 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 242.13 करोड़ हो गई। इसी अवधि में वन एवं वृक्ष आवरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है और हरित आवरण लगभग 9.96 प्रतिशत तक पहुंच गया है। कार्बन स्टॉक में वृद्धि के मामले में भी प्रदेश राष्ट्रीय औसत (1.13 प्रतिशत) से आगे है और 2.46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को हरित क्रांति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2030 तक 15 प्रतिशत और 2047 तक 20 प्रतिशत हरित आवरण का लक्ष्य हर हाल में हासिल करना है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वर्ष 2026 के अभियान को पूरी तरह वैज्ञानिक, योजनाबद्ध और परिणामोन्मुख बनाया जाए। उन्होंने माइक्रो प्लानिंग को अभियान की आधारशिला बताते हुए ग्रामीण और शहरी स्तर पर तैयार सभी माइक्रो प्लानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।  मुख्यमंत्री ने पौधों की गुणवत्ता और उपलब्धता पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी विभागों को वन विभाग की नर्सरियों से निःशुल्क एवं उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1935 विभागीय नर्सरियां संचालित हैं और 50 करोड़ से अधिक पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिसके लिए 34 नई नर्सरियों की स्थापना भी की गई है। उद्यान, रेशम और निजी क्षेत्र की नर्सरियों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा और उनकी जीवितता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आधुनिक तकनीक के माध्यम से सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि ‘हरीतिमा’ ऐप, जीआईएस मैपिंग, क्यूआर कोड आधारित ट्रैकिंग तथा प्लांटेशन मॉनीटरिंग सिस्टम (पीएमएस) और नर्सरी मैनेजमेंट सिस्टम (एमएमएस) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वृक्षारोपण की निगरानी की जा रही है। वर्ष 2025 के विशेष सर्वेक्षण में वन विभाग द्वारा लगाए गए पौधों की जीवितता 80 प्रतिशत दर्ज की गई। मुख्यमंत्री ने शहीदों, स्वाधीनता संग्राम सेनानियों व अन्य हुतात्माओं के नाम पर वन/वाटिका के स्थापित करने पर बल दिया, नदियों के किनारे, हाइवे आदि के किनारे भी पौधे लगाए जाएं। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष अयोध्या में रामायणकालीन पौधे लगाने पर जोर दिया।  मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि 30 मई तक अपनी-अपनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर लें और निर्धारित समयबद्ध कार्यक्रम के अनुसार वृक्षारोपण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।  बैठक के दौरान वन एवं पर्यावरण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को 'शेखा झील पक्षी विहार, अलीगढ़' के रामसर साइट घोषित किए जाने का प्रमाण पत्र भी सौंपा गया। बता दें कि उत्तर प्रदेश में कुल 12 रामसर स्थल नामित किए जा चुके हैं, जो कुल 38,992.25 हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित करते हैं। शेखा झील पक्षी विहार रामसर स्थल 40.309 हेक्टेयर क्षेत्रफल के साथ प्रदेश का सबसे छोटा रामसर स्थल है। 2016 में इसे पक्षी विहार के रूप में अधिसूचित किया गया था।

वन मंत्री केदार कश्यप ने चिल्फी और सरोधा दादर की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की

 रायपुर : चिल्फी और सरोधा दादर की प्राकृतिक सुंदरता से अभिभूत हुए वन मंत्री केदार कश्यप छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के बैगा एथनिक रिजॉर्ट की सराहना भोरमदेव अभ्यारण्य के शुभारंभ पर किया प्रवास  रायपुर छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा संचालित बैगा एथनिक रिजॉर्ट (सरोधा दादर) में प्रवास के दौरान राज्य के उभरते पर्यटन स्थलों की मुक्तकंठ से सराहना की। भोरमदेव अभयारण्य के शुभारंभ के अवसर पर पहुंचे मंत्री कश्यप ने यहाँ एक दिवसीय रात्रि विश्राम किया और चिल्फी घाटी सहित सरोधा दादर की मनमोहक प्राकृतिक छटा का आनंद लिया। मेडिटेशन के लिए उपयुक्त       कश्यप ने कहा कि सरोधा दादर का वातावरण इतना सुकून, शांतिपूर्ण और स्फूर्तिदायक है कि यहाँ एक दिन का प्रवास भी कम प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि यह स्थान मेडिटेशन के लिए उपयुक्त है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि यहाँ का मौसम और नैसर्गिक परिवेश मानसिक शांति, योग और ध्यान के लिए सर्वथा उपयुक्त है। पर्यटन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि नवाचार और सतत विकास के कारण छत्तीसगढ़ अब राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। मंत्री कश्यप ने बताया कि सरोधा दादर जैसे स्थलों का विकास न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्थानीय जनजातीय संस्कृति और जीवनशैली को भी वैश्विक मंच प्रदान कर रहा है। बैगा एथनिक रिजॉर्ट की विशेषता       मंत्री कश्यप ने रिजॉर्ट की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ आने वाले पर्यटकों को प्रकृति के सानिध्य में पारंपरिक जनजातीय जीवनशैली का एक अनूठा और जीवंत अनुभव प्राप्त होता है। प्रवास के अंत में उन्होंने संकेत दिया कि वे शीघ्र ही पुनः इस शांत और सुरम्य स्थल का भ्रमण करेंगे। यह प्रवास क्षेत्र में पर्यटन विकास की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

घर बैठे प्लॉट की बकाया, लोकेशन और डिटेल्स देख सकेंगे खरीदार और निवेशक

नोएडा उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा में प्रॉपर्टी से जुड़े लेनदेन को पारदर्शी और आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब यहां किसी भी प्लॉट या संपत्ति की पूरी जानकारी जैसे बकाया राशि, आवंटन की तारीख, क्षेत्रफल, लोकेशन और विभागीय देनदारियां घर बैठे एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। नोएडा प्राधिकरण ने जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS) आधारित यह प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही वेबसाइट पर लाइव किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से न केवल आम खरीदारों और विक्रेताओं को राहत मिलेगी, बल्कि निवेशकों के लिए भी नोएडा में निवेश करना अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बन जाएगा। GIS सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता और सुविधा नोएडा प्राधिकरण द्वारा तैयार किया गया GIS सिस्टम शहर की संपत्तियों का डिजिटल डेटा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगा। इसमें यूजर प्लॉट नंबर डालते ही संबंधित प्लॉट का प्रकार, सेक्टर, क्षेत्रफल और अन्य जरूरी जानकारियां आसानी से देख सकेगा। इससे प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने से पहले पूरी जानकारी हासिल करना आसान होगा और किसी भी तरह की अनिश्चितता कम होगी। बकाया और NOC से जुड़े झंझट होंगे आसान नोएडा में अधिकतर संपत्तियां लीज पर होती हैं और उनके ट्रांसफर के लिए ट्रांसफर ऑफ मेमोरेंडम (TM) प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसमें प्रॉपर्टी ट्रांसफर तभी संभव होता है, जब मूल आवंटी का पूरा बकाया साफ हो और उसे एनओसी जारी हो। GIS सिस्टम के जरिए अब प्रॉपर्टी पर बकाया राशि और अन्य देनदारियों की जानकारी पहले से उपलब्ध होगी, जिससे खरीदार धोखाधड़ी से बच सकेंगे और ट्रांसफर प्रक्रिया भी तेज होगी। रियल टाइम डेटा से निवेशकों को मिलेगा भरोसा प्राधिकरण के अनुसार, इस सिस्टम में रेसिडेंशियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल प्रॉपर्टी का डेटा रियल टाइम में अपडेट किया जा रहा है। इससे निवेशकों को सटीक और ताजा जानकारी मिलेगी, जो निवेश के फैसलों को अधिक सुरक्षित बनाएगी। हालांकि, ग्रुप हाउसिंग प्रॉपर्टी को अभी पूरी तरह रियल टाइम नहीं किया जा सका है, क्योंकि कई सोसाइटियों में रजिस्ट्री प्रक्रिया अधूरी है। इसे भी जल्द सिस्टम में शामिल करने की तैयारी है। सैटेलाइट मैप से दिखेगी शहर की पूरी तस्वीर GIS प्लेटफॉर्म में सैटेलाइट मैपिंग की सुविधा भी दी गई है, जिससे यूजर शहर की भौगोलिक स्थिति को समझ सकेगा। फिलहाल इसमें वर्ष 2022 तक का डेटा उपलब्ध है, जिसे लगातार अपडेट किया जा रहा है। यूजर्स बिना किसी रजिस्ट्रेशन के नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर जाकर GIS लिंक के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। रियल एस्टेट और निवेश को मिलेगा बढ़ावा नोएडा प्रदेश के राजस्व में बड़ी हिस्सेदारी रखता है। ऐसे में यह सिस्टम विदेशी और घरेलू निवेशकों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। पारदर्शी डेटा उपलब्ध होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति मिलेगी।