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हल्दी रस्म के दौरान हुआ हादसा, चेहरे पर सूजन के बाद दुल्हन ने तोड़ा दम

खरगोन मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में मिलावटी हल्दी से एलर्जी होने के कारण एक दुल्हन की मौत हो जाने की बात सामने आई है। खरगोन में मिलावटी हल्दी से कई दूल्हा-दुल्हनों के बीमार होने के मामले सामने आने के बाद एक परिवार ने जानकारी दी है कि इसी तरह के लक्षणों से उनकी बेटी राखी की भी मौत हो चुकी है। मामला अप्रैल के अंतिम सप्ताह का है। मंडप की रस्म के दिन दुल्हन की मौत से शादी की तैयारियों के बीच मातम छा गया। मृतका के परिजन के अनुसार, स्थानीय हाट बाजार से खरीदी गई हल्दी रस्म के दौरान दुल्हन को लगाई गई थी। इसके कुछ समय बाद उसे एलर्जी हो गई। कई दिन उपचार के बाद भी चिकित्सक उसे बचा नहीं पाए। रस्म के बाद बिगड़ी तबीयत, इंदौर ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम मृतका 22 वर्षीय राखी खरगोन जिले के टेकड़ी निवासी गजुनाथ की बेटी थी। पिता ने बताया कि बेटी की शादी ग्राम खामखेड़ा में तय की गई थी। 26 अप्रैल को बरात आनी थी। इससे पहले 22 अप्रैल को हल्दी की रस्म हुई। उसी रात बेटी की तबीयत बिगड़ने लगी। गले में जलन और सूजन बढ़ने लगी, होंठ फूल गए और शरीर पर लाल चकत्ते पड़ गए। जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, लेकिन वहां हालत गंभीर होने पर इंदौर के शासकीय एमवाय अस्पताल में रेफर कर दिया गया। वहां एक्स-रे, ईसीजी सहित कई जांचें की गईं, लेकिन गले की तकलीफ और चेहरे की सूजन लगातार बढ़ती रही। गजुनाथ ने बताया कि एमवाय में फायदा होते नहीं दिखा तो बेटी को इंदौर के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां उपचार का खर्च अधिक आने के कारण वापस एमवाय जाने का फैसला किया, लेकिन रास्ते में ही बेटी ने दम तोड़ दिया। उसी दिन मंडप की रस्म होनी थी। शव लेकर सीधा गांव आ गए और अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस में शिकायत नहीं की, इसलिए पोस्टमार्टम नहीं हुआ। स्वास्थ्य विभाग सक्रिय: जांच के लिए भेजे गए सैंपल खरगोन के सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम को पीड़ित परिवार के घर भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि खरगोन में मिलावटी हल्दी से चार दूल्हा-दुल्हनों के बीमार होने के मामले सामने आ चुके हैं। राखी के स्वजन ने शासकीय एमवाय अस्पताल की वह पर्ची भी दिखाई, जिसमें चिकित्सक ने उसे ‘हल्दी से रिएक्शन’ होने का उल्लेख किया है। स्वजन के अनुसार, उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उपयोग की गई हल्दी का सैंपल भी मंगवाया था। यह सैंपल जांच के लिए इंदौर के खाद्य विभाग को दिया गया है। चिकित्सकों ने की हल्दी से रिएक्शन की पुष्टि अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हल्दी में किस तरह की मिलावट या रसायन मौजूद थे, जिनसे युवती की तबीयत बिगड़ी। इंदौर स्थित शासकीय एमवाय अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि स्वजन युवती को गंभीर हालत में लेकर आए थे। प्रारंभिक जांच में हल्दी से रिएक्शन और संक्रमण की आशंका पर उपचार शुरू किया गया था।

किंग कोहली का तूफान: कोलकाता को रौंदकर RCB बनी टेबल टॉपर

रायपुर  विराट कोहली की तूफानी शतकीय पारी की मदद से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को छह विकेट से हरा दिया। बुधवार को रायपुर में बारिश के कारण लगभग एक घंटे से ज्यादा समय की देरी से शुरू हुए आईपीएल मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी केकेआर ने अंगकृष रघुवंशी की अर्धशतकीय पारी की मदद से 20 ओवर में चार विकेट पर 192 रन बनाए। जवाब में आरसीबी ने 19.1 ओवर में चार विकेट पर 194 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस दौरान विराट कोहली ने अपने आईपीएल करियर का नौवां शतक पूरा किया। वह 105 रन बनाकर नाबाद रहे। केकेआर के लिए कार्तिक त्यागी ने तीन विकेट लिए जबकि सुनील नरेन को एक सफलता मिली।  शीर्ष पर पहुंची आरसीबी यह आरसीबी का आईपीएल में छठा सबसे बड़ा सफल रनचेज रहा। 12 में से आठ मुकाबले जीतकर गत विजेता टीम 16 अंक और +1.053 के नेट रन रेट के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई। वहीं, केकेआर लगातार चार मुकाबलों में जीत के बाद हारकर आठवें स्थान पर खिसक गई। उनके खाते में नौ अंक और नेट रन रेट -0.198 का हो गया है। प्लेऑफ की दौड़ में बने रहना इस टीन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।   आरसीबी की पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी को जैकब बेथेल और विराट कोहली की सलामी जोड़ी ने संभली हुई शुरुआत दिलाई। दोनों खिलाड़ियों ने 20 गेंदों में 37 रन जुटाए। इसके बाद कोहली ने देवदत्त पड्डिकल के साथ मोर्चा संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने 59 गेंदों में 92 रन की साझेदारी की। पड्डिकल 27 गेंदों में सात चौकों के साथ 39 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद कोहली ने कप्तान रजत पाटीदार (11) के साथ 28 रन, जबकि टिम डेविड (2) के साथ 23 रन की साझेदारी करते हुए टीम को जीत के करीब पहुंचाया। इन खिलाड़ियों के पवेलियन लौटने के बाद विराट कोहली ने मोर्चा संभाला, जिन्होंने 58 गेंदों में अपना नौवां आईपीएल शतक पूरा किया। कोहली ने 60 गेंदों में तीन छक्कों और 11 चौकों के साथ 105 रन की नाबाद पारी खेली।     आईपीएल 2026: अंक तालिका का हाल टीम मैच जीते हारे बेनतीजा अंक नेट रन रेट रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 12 8 4 0 16 +1.053 गुजरात टाइटंस 12 8 4 0 16 +0.551 सनराइजर्स हैदराबाद 12 7 5 0 14 +0.331 पंजाब किंग्स 11 6 4 1 13 +0.428 चेन्नई सुपर किंग्स 11 6 5 0 12 +0.185 राजस्थान रॉयल्स 11 6 5 0 12 +0.082 दिल्ली कैपिटल्स 12 5 7 0 10 -0.993 कोलकाता नाइट राइडर्स 11 4 6 1 9 -0.198 मुंबई इंडियंस 11 3 8 0 6 -0.585 लखनऊ सुपर जाएंट्स 11 3 8 0 6 -0.907

महंगाई की मार जारी! CNG के दाम फिर बढ़े, मुंबई वालों की बढ़ी टेंशन

 मुंबई  मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में आम जनता को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। सीएनजी (CNG) के दामों में अचानक बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे रोजाना गैस पर निर्भर लाखों वाहन चालकों की जेब पर असर पड़ना तय है। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने सीएनजी की कीमत में ₹2 प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी है। यह नई दरें मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई समेत पूरे एमएमआर क्षेत्र में तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। महानगर गैस लिमिटेड द्वारा की गई इस बढ़ोतरी के बाद अब मुंबई में सीएनजी का नया रेट 84 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। इससे पहले सीएनजी की कीमत 82 रुपये प्रति किलो थी। अचानक हुई इस वृद्धि ने उन हजारों लोगों को झटका दिया है जो पेट्रोल-डीजल के विकल्प के रूप में सीएनजी को अपना चुके हैं। पूरे MMR क्षेत्र में लागू हुई नई दरें यह नई कीमतें केवल मुंबई शहर तक ही सीमित नहीं हैं। एमजीएल (MGL) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, बढ़े हुए दाम मुंबई के साथ-साथ ठाणे, नवी मुंबई, मीरा-भायंदर और कल्याण-डोंबिवली समेत पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में प्रभावी होंगे। इसका मतलब है कि पूरे रीजन के लाखों वाहन मालिकों पर इसका सीधा वित्तीय बोझ पड़ेगा। कितने लोगों पर असर? इस बढ़ोतरी का सीधा असर मुंबई के लाखों यात्रियों पर पड़ेगा. शहर में बड़ी संख्या में ऑटो, टैक्सी, बसें और निजी वाहन सीएनजी पर चलते हैं. आंकड़ों के मुताबिक मुंबई क्षेत्र में करीब 12 लाख से ज्यादा वाहन सीएनजी का इस्तेमाल करते हैं. इनमें लगभग 4.7 लाख ऑटो रिक्शा, 1.6 लाख टैक्सियां और 5 लाख से ज्यादा निजी कारें शामिल हैं।  ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने कहा है कि सीएनजी महंगी होने से उनकी परिचालन लागत बढ़ जाएगी. ऑटो चालकों का कहना है कि अब प्रति किलोमीटर खर्च और बढ़ जाएगा. इसी वजह से किराए में बढ़ोतरी की मांग भी तेज हो गई है. ऑटो यूनियन ने संकेत दिया है कि वे कम से कम 1 रुपये किराया बढ़ाने की मांग करेंगे. वहीं टैक्सी यूनियन 2 रुपये तक किराया बढ़ाने की तैयारी में हैं।  सीएनजी की कीमत बढ़ने का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ सकता है. BEST, NMMT, MSRTC और दूसरी परिवहन सेवाओं की हजारों बसें सीएनजी पर चलती हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में बस संचालन की लागत भी बढ़ सकती है।  हालांकि राहत की बात यह है कि पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इससे मुंबई और आसपास के करीब 31 लाख घरों को राहत मिलेगी, जहां खाना बनाने के लिए पाइप गैस का इस्तेमाल होता है।  MGL का कहना है कि कीमत बढ़ने के बावजूद सीएनजी अभी भी पेट्रोल और डीजल के मुकाबले सस्ता विकल्प है. कंपनी के अनुसार मौजूदा दरों पर भी सीएनजी, पेट्रोल की तुलना में करीब 44 फीसदी और डीजल के मुकाबले लगभग 7 फीसदी तक सस्ती पड़ती है।  आगे और बढ़ोतरी का खतरा तेल उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल कच्चे तेल के संकट के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी जल्द बढ़ सकती हैं. मुंबई में ट्रांसपोर्ट का बड़ा हिस्सा CNG पर निर्भर है. आम आदमी, ऑटो-टैक्सी वाले और बस ऑपरेटर सभी पर इसका सीधा असर पड़ेगा. हालांकि MGL ने आश्वासन दिया है कि CNG अभी भी पर्यावरण के हिसाब से सबसे अच्छा और बजट में सस्ता विकल्प बना रहेगा।  ऑटो और टैक्सी का सफर होगा महंगा? सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा असर सार्वजनिक परिवहन पर पड़ता है। मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली काली-पीली टैक्सी और ऑटो रिक्शा पूरी तरह से सीएनजी पर आधारित हैं। ऐसे में चालक यूनियनों की ओर से अब किराए में बढ़ोतरी की मांग उठना लाजमी है। अगर आने वाले दिनों में टैक्सी और ऑटो का किराया बढ़ता है, तो इसका सीधा असर मुंबई के आम मुसाफिरों की जेब पर पड़ेगा। क्यों बढ़ी कीमतें? महानगर गैस लिमिटेड ने इस बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव को मुख्य कारण बताया है। हालांकि, उपभोक्ता इस फैसले से नाखुश हैं क्योंकि पिछले कुछ महीनों में यह दूसरी बार है जब सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं।  

इंटरनेट की ‘मास्टर चाबी’ ईरान के पास! खतरे में पड़ सकते हैं WhatsApp, UPI और ऑनलाइन सेवाएं

तेहरान  दुनिया का इंटरनेट क्या अब ईरान के कंट्रोल में जा सकता है? पिछले कुछ दिनों से मिडिल ईस्ट से जुड़ी एक खबर ने टेक दुनिया में हलचल मचा दी है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ईरान अब समुद्र के नीचे बिछी उन इंटरनेट केबल्स पर कंट्रोल बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, जिनसे दुनिया का बड़ा हिस्सा जुड़ा हुआ है। मामला सिर्फ इंटरनेट स्पीड का नहीं है, बल्कि ग्लोबल डेटा, ऑनलाइन बैंकिंग, क्लाउड सर्विस और अरबों डॉलर की डिजिटल इकॉनमी का भी है।  शिप्स ही नहीं, इंटरनेट के लिए भी ईरान लेगा टोल? असल कहानी फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ी है. यही वह समुद्री रास्ता है जहां से तेल के बड़े जहाज गुजरते हैं. लेकिन कम लोग जानते हैं कि इसी रास्ते के नीचे दुनिया की कई अहम अंडरसी इंटरनेट केबल्स भी गुजरती हैं. यही केबल्स एशिया, यूरोप और मिडिल ईस्ट को इंटरनेट से जोड़ती हैं।  अब ईरान से जुड़े मीडिया नेटवर्क और IRGC यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ी रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इन इंटरनेट केबल्स से कमाई की जा सकती है. ये ठीक वैसा ही होगा जैसे ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले शिप्स से टोल वसूलने का फैसला किया है।  कुछ रिपोर्ट्स में इसे डिजिटल टोल बूथ जैसा मॉडल बताया गया है. यानी जो विदेशी कंपनियां या नेटवर्क इन केबल्स का इस्तेमाल करेंगे, उनसे फीस ली जा सकती है।  रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान से जुड़े मीडिया आउटलेट्स ने दावा किया कि इन केबल्स के जरिए हर दिन भारी मात्रा में डिजिटल ट्रैफिक गुजरता है. इसमें बैंकिंग ट्रांजैक्शन, क्लाउड डेटा, सोशल मीडिया ट्रैफिक और AI सर्विस तक शामिल हैं।  समुद्र के नीचे से ट्रैवल करता है डेटा इस खबर ने इसलिए चिंता बढ़ा दी है क्योंकि दुनिया पहले ही अंडरसी केबल्स पर बढ़ते खतरे को लेकर परेशान है. इंटरनेट का करीब 95 से 99 प्रतिशत ट्रैफिक समुद्र के नीचे बिछी फाइबर केबल्स से गुजरता है. अगर इनमें बड़ी खराबी आ जाए या जानबूझकर नुकसान पहुंचाया जाए तो कई देशों में इंटरनेट, बैंकिंग और क्लाउड सर्विस पर असर पड़ सकता है।  पोर्ट्स में बताया गया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब सिर्फ तेल का रास्ता नहीं रहा, बल्कि डिजिटल दुनिया का भी बड़ा सेंटर बन चुका है. यहां कई अहम केबल्स गुजरती हैं जो एशिया और यूरोप को जोड़ती हैं।  क्या टेक कंपनियां मानेंगी ईरानी कानून? मामला सिर्फ कमाई तक सीमित नहीं है. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि ईरान फ्यूचर में विदेशी टेक कंपनियों को अपने नियम मानने के लिए मजबूर कर सकता है. यहां तक कि केबल्स की मरम्मत और मेंटेनेंस का काम भी अपने नियंत्रण में लेने की बात सामने आई है।  टेक एक्सपर्ट्स का डर यह है कि अगर किसी दिन इन केबल्स पर तनाव बढ़ा या उन्हें नुकसान पहुंचा, तो उसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा. भारत समेत एशिया के कई देशों की इंटरनेट कनेक्टिविटी भी प्रभावित हो सकती है. वीडियो कॉल से लेकर UPI पेमेंट और AI सर्वर तक असर महसूस हो सकता है।  अब दुनिया की चिंता यह है कि अगर भविष्य में इंटरनेट भी तेल की तरह जियोपॉलिटिकल हथियार बन गया, तो हालात कितने बदल सकते हैं. अभी तक देश तेल सप्लाई रोकने की धमकी देते थे, लेकिन आने वाले समय में इंटरनेट केबल्स भी दबाव बनाने का बड़ा जरिया बन सकती हैं।  यानी जिस इंटरनेट को लोग सिर्फ मोबाइल डेटा और WiFi समझते हैं, उसके पीछे समुद्र के नीचे फैला हजारों किलोमीटर लंबा एक ऐसा नेटवर्क है, जिस पर अब दुनिया की राजनीति भी उतर आई है। 

बिहार में रेल नेटवर्क विस्तार की तैयारी तेज: बिहटा-औरंगाबाद परियोजना को मिली रफ्तार

 अरवल वर्ष 2001 में जहानाबाद से अलग होकर जिला बने अरवल को आज भी अपने रेलवे स्टेशन का इंतजार है। जिला गठन के करीब 25 वर्ष बाद भी अरवल रेल नेटवर्क से नहीं जुड़ सका है। हालांकि अब बहुप्रतीक्षित बिहटा-औरंगाबाद रेल लाइन परियोजना के जरिए जिले को रेल मानचित्र पर लाने की कवायद तेज होती दिख रही है। लालू प्रसाद ने क‍िया था श‍िलान्‍यास  बिहटा से अरवल होते हुए औरंगाबाद तक प्रस्तावित रेल लाइन परियोजना का शिलान्यास वर्ष 2007 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने किया था। इसके बाद वर्षों तक परियोजना ठंडे बस्ते में पड़ी रही। रेल आंदोलन के संयोजक मनोज सिंह यादव के नेतृत्व में लगातार आंदोलन और जनदबाव के बाद अब योजना को गति मिलने की उम्मीद जगी है। रेलवे के जीएम हाजीपुर द्वारा 30 सितंबर 2025 को जारी प्रेस नोट में बताया गया कि 3606.42 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना को पूर्ण स्वीकृति मिल चुकी है। आंदोलनकारी मनोज सिंह यादव ने बताया कि परियोजना का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। 117.6 किमी होगी रेल लाइन की लंबाई पहले चरण में अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन से औरंगाबाद तक 13 किलोमीटर रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। वहीं दूसरे चरण में बिहटा से औरंगाबाद तक 117.6 किलोमीटर लंबी रेल लाइन निर्माण के लिए रेलवे ने बिहार सरकार को जमीन अधिग्रहण संबंधी पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि अरवल की तत्कालीन डीएम अभिलाषा शर्मा ने 6 दिसंबर 2025 को भू-अर्जन पदाधिकारी को भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकार नियुक्त किया था। रेलवे अधिकारियों ने जून माह से भूमि अधिग्रहण कार्य शुरू होने का आश्वासन भी दिया है। पटना, अरवल और औरंगाबाद जिले में मिलाकर करीब 6500 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। 14 स्टेशन और कई हाल्ट होंगे विकसित प्रस्तावित रेल लाइन परियोजना में कुल 14 स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें बिहटा, बिक्रम, दुल्हिन बाजार, पालीगंज, बारा, अरवल, खभैनी, मेहंदिया, कलेर, शमशेर नगर, दाउदनगर, ओबरा, भरथौली और अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर हाल्ट निर्माण की भी योजना है। चार लोकसभा क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ यह रेल परियोजना औरंगाबाद, काराकाट, जहानाबाद और पटना लोकसभा क्षेत्रों के लाखों लोगों के लिए विकास की नई संभावनाएं लेकर आएगी। रेल लाइन बनने से पटना और औरंगाबाद के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी। वर्तमान में सड़क मार्ग से यह सफर तय करने में चार से पांच घंटे लगते हैं, जबकि रेल परिचालन शुरू होने के बाद यह दूरी महज डेढ़ से दो घंटे में पूरी हो सकेगी। डीएम ने क्या कहा हालांकि, अमृशा बैंस ने कहा कि फिलहाल रेलवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई तय होने के बाद ही प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।  

IMF से पाकिस्तान को मिला बड़ा सहारा: 1.3 अरब डॉलर की मदद से बढ़ी उम्मीदें

करांची  आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज के बोझ से जूझ रहे पाकिस्तान को आईएमएफ यानी इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड से बड़ी राहत मिली है. पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने बुधवार को जानकारी दी कि देश को IMF से कुल 1.3 अरब डॉलर की फंडिंग मिल गई है. यह रकम दो अलग-अलग वित्तीय कार्यक्रमों के तहत जारी की गई है।  पाकिस्तान के स्टेट बैंक के मुताबिक, IMF ने एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी यानी EFF के तहत 1.1 अरब डॉलर और रेजिलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी यानी RSF के तहत करीब 22 करोड़ डॉलर जारी किए हैं. यह राशि 12 मई को पाकिस्तान को ट्रांसफर की गई।  दरअसल, IMF ने सितंबर 2024 में पाकिस्तान के लिए 37 महीनों की अवधि वाला 7 अरब डॉलर का EFF पैकेज मंजूर किया था. इसके अलावा जलवायु और पर्यावरण से जुड़े जोखिमों से निपटने के लिए RSF के तहत 1.4 अरब डॉलर की अतिरिक्त मदद देने का भी फैसला किया गया था।  पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि IMF के एग्जीक्यूटिव बोर्ड ने 8 मई को हुई बैठक में EFF की तीसरी समीक्षा पूरी की और पाकिस्तान के लिए 76 करोड़ स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स यानी SDR जारी करने को मंजूरी दी. साथ ही RSF के तहत दूसरी किस्त के रूप में 15.4 करोड़ SDR भी मंजूर किए गए।  इन दोनों रकम को मिलाकर पाकिस्तान को कुल 91.4 करोड़ SDR मिले हैं, जिसकी कीमत करीब 1.3 अरब डॉलर बताई जा रही है. स्टेट बैंक ने कहा कि इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी होगी और 15 मई को खत्म होने वाले सप्ताह के रिजर्व आंकड़ों में इसका असर दिखाई देगा।  पिछले हफ्ते भी IMF ने पाकिस्तान के लिए करीब 1 अरब डॉलर की अतिरिक्त सहायता को मंजूरी दी थी. अब तक पाकिस्तान IMF से कुल 8.4 अरब डॉलर के दो बड़े पैकेजों में से लगभग 4.5 अरब डॉलर हासिल कर चुका है।  IMF की यह मंजूरी ऐसे समय आई है, जब पाकिस्तान सरकार ने वित्तीय और मॉनेटरी गोल पर कुछ हद तक बेहतर प्रदर्शन दिखाया है. हालांकि देश की अर्थव्यवस्था अब भी भारी दबाव में है और विशेषज्ञों के बीच इस बात को लेकर अलग-अलग राय है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के बाकी महीनों में हालात कितने सुधर पाएंगे।  फिलहाल पाकिस्तान के लिए यह फंडिंग बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि देश लंबे समय से विदेशी मुद्रा संकट, महंगाई और कमजोर आर्थिक वृद्धि जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। 

आई.डी.बी.आई. बैंक द्वारा दो बोलेरो कैम्पर वाहन का प्रदाय एवं बाघ का किया अंगीकरण

भोपाल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में वन्यप्राणी अंगीकरण योजना 01 जनवरी 2009 को प्रारंभ की गई थी। इस योजना अंतर्गत आई.डी.बी.आई. बैंक भोपाल ने पर्यावरण तथा वन्यप्राणियों के संरक्षण के प्रति प्रेम की ओर अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। बैंक द्वारा मांसाहारी एवं शाकाहारी वन्यप्राणियों को भोजन प्रदाय के लिये 2 बोलेरो कैम्पर वाहन प्रदाय किये गये एवं एक नर बाघ 'बाजीराव' को एक वर्ष के लिये गोद लिया। आई.डी.बी.आई बैंक से महाप्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल  महेश चन्द्र कारी, उप महाप्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल  राजेश अग्रवाल, सहायक महाप्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल  अचल जैन, सहायक महाप्रबंधक आंचलिक कार्यालय भोपाल  ब्लेसियन डेनियल, प्रबंधक, आंचलिक कार्यालय भोपाल  आदित्य अग्रवाल द्वारा सीएसआर अंतर्गत वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के संचालक  विजय कुमार को 2 बोलेरो कैम्पर वाहन की चाबी प्रदाय की गई एवं नर बाघ 'बाजीराव को एक वर्ष के लिये अंगीकरण लिया गया। इस अवसर पर सहायक संचालक वन विहार डॉ. रूही हक एवं इकाई प्रभारी पर्यटन  के.एन शर्मा भी उपस्थित रहे। संचालक वन विहार द्वारा आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों को अंगीकरण सम्बधी प्रमाण-पत्र प्रदाय किया। इस योजना में अब तक 107 वन्यप्राणियों को गोद लिया जा चुका है।  

ट्रंप-शी जिनपिंग बैठक से बढ़ी हलचल: जानिए चीन दौरे के पीछे की बड़ी वजह

बीजिंग  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 8 साल बाद चीन दौरे पर जा रहे हैं, जहां उनकी मुलाकात शी जिनपिंग से होगी. दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर, चिप टेक्नोलॉजी और ईरान जैसे मुद्दे बातचीत के केंद्र में रहेंगे. दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब व्यापार, टेक्नोलॉजी और ईरान जैसे कई बड़े मुद्दों पर दोनों देशों के बीच खींचतान जारी है।  ट्रंप ने साफ कहा है कि इस यात्रा का सबसे बड़ा एजेंडा व्यापार होगा. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि ईरान पर शी जिनपिंग के साथ लंबी बातचीत हो सकती है. ट्रंप ने कहा कि वह शी को अपना "दोस्त" मानते हैं और उन्हें उम्मीद है कि इस बैठक से अच्छी चीजें निकलकर आएंगी. चीन दौरे पर जाने से पहले उन्होंने यह भी कहा कि ईरान युद्ध खत्म करने के लिए उन्हें शी जिनपिंग की जरूरत नहीं है।  दरअसल, अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही शुरू हो गया था. लेकिन पिछले साल इसमें बड़ा उछाल आया, जब ट्रंप ने चीन के सभी सामानों पर 34 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया. इसके जवाब में चीन ने भी अमेरिकी सामानों पर जवाबी शुल्क लगा दिए और रेयर अर्थ एक्सपोर्ट पर पाबंदियां बढ़ा दीं. देखते ही देखते टैरिफ 145 प्रतिशत तक पहुंच गए।  हालांकि बाद में दोनों देशों ने समझा कि इतना बड़ा आर्थिक टकराव लंबे समय तक नहीं चल सकता. इसके बाद व्यापारिक संघर्ष को अस्थायी रूप से रोकने के लिए समझौता हुआ. चीन ने अमेरिकी किसानों से सोयाबीन खरीदने का वादा किया, जबकि अमेरिका ने कई टैरिफ कम कर दिए. लेकिन इससे मूल विवाद खत्म नहीं हुआ।  सबसे बड़ा विवाद अब टेक्नोलॉजी और चिप इंडस्ट्री को लेकर है. अमेरिका लगातार चीन पर एडवांस कंप्यूटर चिप्स और उनसे जुड़ी टेक्नोलॉजी के एक्सपोर्ट पर रोक लगाता रहा है. अमेरिका को डर है कि चीन इन तकनीकों का इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सैन्य ताकत बढ़ाने में कर सकता है।  वहीं चीन अब खुद की चिप इंडस्ट्री को मजबूत करने पर जोर दे रहा है ताकि उसे अमेरिकी तकनीक पर निर्भर न रहना पड़े. यही वजह है कि यह मुद्दा ट्रंप-शी बैठक में अहम रहने वाला है।  इसके अलावा ईरान का मुद्दा भी बातचीत में शामिल हो सकता है. अमेरिका चाहता है कि चीन ईरान पर दबाव डाले, खासकर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर. वह कई बार कह भी चुके हैं कि होर्मुज पर सामान्य ट्रैफिक में चीन मदद कर सकता है लेकिन राष्ट्रपति जिनपिंग ने इसको लेकर कोई कदम नहीं उठाए हैं. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में कहा था कि चीन ईरानी तेल खरीदकर अप्रत्यक्ष रूप से तेहरान की मदद कर रहा है।  हालांकि चीन ने अब तक इस मामले में सावधानी भरा रुख अपनाया है. बीजिंग खुलकर अमेरिका का समर्थन करने से बच रहा है और खुद को एक संतुलित ताकत के तौर पर पेश करना चाहता है।  राष्ट्रपति ट्रंप की यह चीन यात्रा सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं है. यह वैश्विक व्यापार, टेक्नोलॉजी और मध्य पूर्व की राजनीति से जुड़े कई बड़े सवालों को प्रभावित कर सकती है. दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि ट्रंप और शी जिनपिंग की यह मुलाकात तनाव कम करेगी या नए टकराव की शुरुआत बनेगी। 

फेक ऐप, फ्रॉड कॉल और मोबाइल चोरी पर Google का बड़ा वार, यूजर्स को मिलेगी ट्रिपल सुरक्षा

 नई दिल्ली गूगल ने एंड्रॉयड शो:आईओ एडिशन का लाइवस्ट्रीम किया है, जो कंपनी के एनुअल कॉन्फ्रेंस गूगल आईओ 2026 से करीब एक सप्ताह पहले किया है. गूगल ने एंड्रॉयड स्मार्टफोन के लिए आने वाले अपकमिंग फीचर और टूल्स की जानकारी दी है. गूगल की एनुअल कॉन्फ्रेंस 19-20 मई को होगी।  गूगल अब बैंकिंग स्कैम कॉल्स से बचाने के लिए न्यू फीचर तैयार कर रहा है. बैंकिंग स्कैम  में साइबर ठग खुद की पहचान बैंक का कर्मचारी बताकर लोगों से अकाउंट की जानकारी हासिल करते हैं, ताकि उनके पैसे चुरा सकें. स्पूफिंग टेक्नोलॉजी की मदद से अक्सर लोगों को लगता है कि शायद बैंक से ही कॉल है।  गूगल ने अपने टूल को बेहतर करने के लिए कुछ चुनिंदा बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है. बैंकिंग फ्रॉड को रोकने के लिए कंपनी स्पूफिंग प्रोटेक्शन फीचर लेकर आ रही है।  फर्जी कॉल्स को खुद का काट देगा  यह फीचर पार्टनर बैंक के नाम पर यूज होने वाले फर्जी कॉल्स को अपने आप काट देगा. साथ ही यूजर्स को एक नोटिफिकेशन भी मिलेगा कि वह संभवतः एक स्कैम कॉल्स थी।   गूगल का यह न्यू फीचर सिर्फ उन यूजर्स को मिलेगा, जिनका स्मार्टफोन एंड्रॉयड 11 और उससे ऊपर के डिवाइसों के लिए रोलआउट किया जाएगा. कंपनी ने बताया है कि इस साल के अंत तक कई बैंकों को शामिल कर लिया जाएगा।  लाइव थ्रेड डिटेक्शन फीचर  गूगल अपने लाइव थ्रेड डिटेक्शन फीचर को भी एक्सपेंड करने का ऐलान कर चुका है. यह फीचर ऐप्स के व्यवहार को एनालाइज करेगा और अगर कोई संदिग्ध एक्टिविटी मिलेगी तो उसे पकड़ा जा सकेगा. ऐसे में साइबर ठगों के ऐप्स पर लगाम लगेगी।  गूगल इसके लिए डाइनेमिक सिग्नल मॉनिटरिंग नाम की तकनीक का इस्तेमाल करती हैं. ये टेक्नोलॉजी किसी भी ऐप के द्वारा किए गए संदिग्ध पैटर्न और गतिविधियों को पहचान सकता है. साथ ही SMS फॉरवर्डिंग जैसी एक्टिविटी को भी देखता है।  डिवाइस चोरी होने से बचाएगा  गूगल एक और नया फीचर लेकर आ रहा है, जिसकी मदद से डिवाइस को चोरी से बचाया जा सकेगा. एक बार फोन को लोस्ट मार्क कर दिया गया तो चोर तब तक फोन का यूज नहीं कर पाएंगे जब तक उसको बायोमेट्रिक तरीके से अनलॉक नहीं किया जाता है. यह फीचर Android 17 डिवाइसों में डिफॉल्ट रूप से ऑन मिलेगा।  ऐप परमिशन और लोकेशन कंट्रोल करेगा  गूगल एक नया प्राइवेसी फीचर भी ला रहा है, जिसमें एक बटन होगा, जिसकी मदद से यूजर किसी ऐप को केबल तक अपनी सटीक लोकेशन देगा जब तक वह ऐप ओपन रहेगा। 

जर्जर पंचायत भवनों पर चलेगा बुलडोजर: मानसून से पहले UP सरकार की तैयारी तेज

लखीमपुर जिले के 49 पंचायत भवन जर्जर चिन्हित किए गए हैं। मानसून के दौरान इनके गिरने और हादसे की आशंका को देखते हुए अब इन्हें ढहाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। एडीओ पंचायत व कंसल्टिंग इंजीनियरों ने सत्यापन रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जा रही है। अनुमति मिलने के बाद इन भवनों को ढहाया जाएगा। फिर इनकी जगह नए भवन बनाए जाएंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि दशकों पहले बने पंचायत भवनों के बारे में एडीओ पंचायत व कंसल्टिंग इंजीनियर से रिपोर्ट मांगी गई। ब्लाकों से जो रिपोर्ट आई, उसके मुताबिक कुल 49 पंचायत भवन जर्जर चिन्हित किए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा नकहा ब्लाक में सात व रमियाबेहड़ में पांच पंचायत भवन जर्जर मिले हैं। डीपीआरओ ने बताया कि इन पंचायत भवनों की सूची निदेशालय भेजी गई है। साथ ही इनको ढहाने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, एई आरईएस व ब्लाकों के अधिकारी शामिल हैं, जो इनको ढहाने के लिए अपनी रिपोर्ट देंगे। इन ग्राम पंचायतों में अस्थाई रूप से सचिवालय चलाया जा रहा है।