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एआई मिशन को गति देगा यूपी डाटा सेंटर क्लस्टर: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डाटा सेंटर क्लस्टर, प्रोजेक्ट गंगा और गेहूं प्रसंस्करण नीति की उच्च स्तरीय समीक्षा की एआई मिशन को गति देगा यूपी डाटा सेंटर क्लस्टर: मुख्यमंत्री बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) क्षेत्र से शुरू की जा सकती है परियोजना, बड़े पैमाने पर उपलब्ध है भूमि: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने मंडी शुल्क व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर दिया जोर, मंडियों को आधुनिक, स्वच्छ और आकर्षक बनाने का दिया निर्देश मंडियों में साफ-सफाई, रंगाई-पुताई, पर्वों के दौरान लाइटिंग, अतिक्रमण हटाने और बेहतर प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएः मुख्यमंत्री अल नीनो के संभावित प्रभाव के चलते मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश, राज्य के खाद्यान्न भंडार पर्याप्त और मजबूत होने चाहिए “प्रोजेक्ट गंगा” के तहत जिन युवाओं को डिजिटल उद्यमी के रूप में चुना जाए, उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाएः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के तेजी से विस्तार और कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर बल दिया  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रदेश के भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विषयों, उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर क्लस्टर (यूपीडीसीसी), प्रोजेक्ट गंगा तथा गेहूं के इन-हाउस प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए मंडी शुल्क एवं मंडी सेस में संभावित छूट जैसे महत्वपूर्ण विषयों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने यूपी डाटा सेंटर क्लस्टर (यूपीडीसीसी) की समीक्षा करते हुए कहा कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश के एआई मिशन की बुनियादी संरचना तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि डाटा सेंटर क्लस्टर केवल एनसीआर क्षेत्र तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रदेश के अन्य हिस्सों को भी इससे जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसकी शुरुआत बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) क्षेत्र से की जा सकती है, जहां बड़े पैमाने पर भूमि उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि टाटा समूह सहित बड़ी टेक कंपनियों से संवाद स्थापित कर लखनऊ को “एआई सिटी” के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाए। बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर क्लस्टर  प्रदेश को भारत और ग्लोबल साउथ का सबसे बड़ा  एआई कंप्यूट पावर सेंटर बनाने की दीर्घकालिक रणनीति है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और हाई-टेक डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनाना है। प्रस्तुतीकरण में कहा गया कि यह केवल एक परियोजना नहीं बल्कि अगले 50 वर्षों के लिए उत्तर प्रदेश की नई आर्थिक संरचना का खाका है। इसके तहत वर्ष 2040 तक 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था, 1.5 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार और 5 गीगावॉट एआई कंप्यूट कॉरिडोर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2040 तक दुनिया की नई अर्थव्यवस्था एआई, क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक व्हीकल, रोबोटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे “फ्यूचर एरेना” के इर्द-गिर्द विकसित होगी, जिनका संयुक्त वैश्विक बाजार 29 से 48 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। भारत के लिए एआई सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज, क्लाउड सर्विसेज, साइबर सिक्योरिटी, सेमीकंडक्टर्स, एयरोस्पेस और ईवी जैसे सेक्टर भविष्य के प्रमुख आर्थिक इंजन होंगे। बैठक में उत्तर प्रदेश की पांच प्रमुख संरचनात्मक ताकतों- भौगोलिक स्थिति, विशाल भूमि उपलब्धता, बड़ी युवा आबादी, तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत नेतृत्व को रेखांकित किया गया। कहा गया कि उत्तर प्रदेश का इनलैंड लोकेशन इसे समुद्री जोखिमों और चक्रवातों से सुरक्षित बनाता है, जबकि एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से तेजी से विकसित हो रहे हैं। आईआईटी कानपुर, एनआईटी प्रयागराज और 50 से अधिक इंजीनियरिंग संस्थानों के कारण राज्य में विशाल तकनीकी प्रतिभा उपलब्ध है। बैठक में उत्तर प्रदेश को “एशिया का मोस्ट सिक्योर, स्केलेबल एवं कनेक्टेड इनलैंड एआई टेरिटरी” बताया गया। कहा गया कि देश के लगभग सभी प्रमुख फाइबर नेटवर्क यूपी से होकर गुजरते हैं और राज्य भारत के सभी समुद्री केबल लैंडिंग पॉइंट्स से जुड़ा हुआ है। राज्य के भीतर 5 मिलीसेकंड से कम लेटेंसी तथा मुंबई और चेन्नई जैसे डिजिटल हब तक 5–12 मिलीसेकंड कनेक्टिविटी उपलब्ध है। वैश्विक टेक कंपनियों के लिए यूपी कम लागत, बेहतर स्केलेबिलिटी और अधिक नेटवर्क रिडंडेंसी वाला आदर्श एआई इंफ्रास्ट्रक्चर हब है। प्रोजेक्ट गंगा मुख्यमंत्री ने “प्रोजेक्ट गंगा” यानी गवर्नेंट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एंड एडवांसमेंट की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन युवाओं को डिजिटल उद्यमी के रूप में चुना जाए, उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण कार्य करने वाली कंपनियां भी इन युवाओं का उपयोग कर सकें, ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए। मुख्यमंत्री ने ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के तेजी से विस्तार और कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत से ही डिजिटल उद्यमियों को उचित इंसेंटिव उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में बताया गया कि प्रोजेक्ट गंगा ग्रामीण उत्तर प्रदेश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क पहुंचाने की महत्वाकांक्षी पहल है। इसका उद्देश्य केवल इंटरनेट उपलब्ध कराना नहीं बल्कि टेलीमेडिसिन, डिजिटल शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, ई-गवर्नेंस, डिजिटल रोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना है। परियोजना के तहत 10 हजार से अधिक युवाओं को डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर (डीएसपी) के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है, जिससे लगभग 50 हजार प्रत्यक्ष और 1 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। योजना के तहत 20 लाख से अधिक घरों को फाइबर आधारित हाई-स्पीड इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक डीएसपी अपने क्षेत्र में 200 से 300 घरों को कनेक्ट कर सकेगा। महिला उद्यमिता को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है और लगभग 50 प्रतिशत महिला उद्यमियों को जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। बैठक में बताया गया कि केवल मोबाइल इंटरनेट के जरिए सीमित सेवाएं संभव हैं, जबकि वास्तविक डिजिटल परिवर्तन के लिए हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड आवश्यक है। एआई आधारित कृषि, ड्रोन मॉनिटरिंग, स्मार्ट विलेज, वर्चुअल लैब, टेलीमेडिसिन और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी सेवाओं के लिए मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी बताया गया। प्रोजेक्ट गंगा के तहत डीएसपी केवल इंटरनेट सेवा प्रदाता नहीं होंगे, बल्कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का संपूर्ण नेटवर्क विकसित करेंगे। वे हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड, आईपीटीवी, ओटीटी एक्सेस, सीसीटीवी समाधान, पब्लिक वाई-फाई, साइबर सिक्योरिटी और एंटरप्राइज कनेक्टिविटी जैसी सेवाएं प्रदान करेंगे। योजना के तहत प्रत्येक डीएसपी को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना फिलहाल 21 प्राथमिक जिलों में “प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट” के रूप में शुरू करने की तैयारी में है और इसके बाद इसे … Read more

US से जापान तक बाजार में तूफानी तेजी, भारतीय शेयर बाजार भी उछला

मुंबई  अमेरिका से लेकर एशियाई शेयर बाजारों तक में जोरदार तेजी से भारतीय शेयर बाजार का मूड भी सुधरा है और सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही 500 अंक से ज्यादा की छलांग लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 150 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ खुला. इस तेजी के बीच बीईएल, इंडिगो से लेकर जोमैटो की पेरेंट कंपनी एटरनल और टाटा स्टील जैसे शेयक खुलते ही दौड़ लगाते नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी में तेज उछाल  गुरुवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 75,318 की तुलना में तेजी लेकर 75,732 के लेवल पर ओपन हुआ और फिर मिनटों में ये 75,945 पर कारोबार करता हुआ नजर आया. BSE Sensex की तरह एनएसई का निफ्टी इंडेक्स भी बुधवार के अपने बंद 23,659 के मुकाबले तेजी लेकर 23,830 पर ओपन हुआ।  ये 10 शेयर खुलने के साथ ही भागे Share Market की तेज शुरुआत के बीच अगर सबसे ज्यादा उछलने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई लार्जकैप कंपनियों में शामिल IndiGo Share (2.60%), BEL (2.20%), Eternal Share (1.80%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था।  इसके अलावा मिडकैप में शामिल TI India Share (2.10%), Godrej Properties Share (1.80%), Bharat Forge Share (1.50%)और Suzlon Share (1.40%) की तेजी के साथ ट्रेड कर रहे थे. वहीं स्मॉलकैप कंपनियों में देखें, तो Samman Cap Share (7%), AIIL Share (4%), Angel One Share (3.60%) की तेजी में नजर आया।  विदेशों से मिले थे ग्रीन सिग्नल भारतीय शेयर बाजार के लिए विदेशों से भी ग्रीन सिग्नल मिल रहे थे, एक ओऱ जहां अमेरिकी शेयर बाजारों में बीते कारोबारी दिन तूफानी उछाल देखने को मिला था और Dow Jones 645 अंक की धुआंधार तेजी के साथ क्लोज हुआ था, तो वहीं खुलने के साथ ही गुरुवार को एशियाई शेयर बाजारों में धमाल मचा था. जापान का निक्केई 2000 अंक से ज्यादा उछलकर कारोबार कर रहा था, तो साउथ कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में 7.70 फीसदी या 560 अंक की तेजी देखने को मिली।  (नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)

क्षेत्रीय विकास और सुरक्षा मुद्दों पर हुई चर्चा, बैठक में शामिल हुए योगी आदित्यनाथ

मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की अध्यक्षता, चार राज्यों के मुख्यमंत्री हुए शामिल कुपोषण उन्मूलन, स्कूल ड्रॉपआउट में कमी लाने, यौन अपराधों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि सुनिश्चित करने एवं राज्य-स्तरीय साइबर हेल्पलाइन जैसे अहम विषयों पर हुई चर्चा  लखनऊ मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक  छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में हुई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मेजबान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी भी मौजूद रहे।  बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में सहभाग किया। बैठक में जनकल्याण, सुशासन, क्षेत्रीय विकास, कुपोषण उन्मूलन, स्कूल ड्रॉपआउट में कमी लाने, यौन अपराधों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि सुनिश्चित करने एवं राज्य-स्तरीय साइबर हेल्पलाइन जैसे अहम विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने लिखा कि सहकारी संघवाद, समन्वित विकास और राज्यों के मध्य बेहतर तालमेल को नई दिशा देने वाला यह मंच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 'विकसित भारत' के सामूहिक संकल्प को और अधिक सशक्त करेगा।

स्टाफ से झगड़े के बाद नशा छुड़वाने वाले सेंटर में हंगामा, 30 युवक भागे

मोगा  पंजाब के मोगा जिले में स्थित सरकारी नशा मुक्ति केंद्र से करीब 28 से 30 युवकों के फरार होने की घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि बुधवार शाम केंद्र के अंदर किसी बात को लेकर मरीजों और कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया था। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि कुछ युवक गुस्से में आ गए और स्टाफ को धक्का देकर मुख्य गेट का ताला तोड़ते हुए बाहर निकल गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। अचानक बिगड़ा माहौल, कर्मचारियों से हुई बहस गांव जनेर में बने सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में उस समय तनाव का माहौल बन गया जब कुछ मरीजों की वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ कहासुनी हो गई। पहले मामूली बहस हुई लेकिन कुछ ही देर में मामला बढ़ता चला गया। कई युवक गुस्से में आ गए और उन्होंने स्टाफ के साथ धक्का मुक्की शुरू कर दी। स्थिति इतनी खराब हो गई कि कर्मचारियों को खुद को संभालना मुश्किल पड़ गया। इसी दौरान कुछ युवकों ने मौके का फायदा उठाया और मुख्य गेट की तरफ दौड़ पड़े। वहां पहुंचकर उन्होंने गेट का ताला तोड़ दिया और बाहर निकल गए। केंद्र में थे 95 मरीज, कई युवक भागने में सफल सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में उस समय कुल 95 मरीज भर्ती थे। इनमें से करीब 28 से 30 युवक भागने में सफल हो गए, जबकि बाकी मरीज केंद्र के अंदर ही मौजूद रहे। घटना के बाद केंद्र में अफरा तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा गार्ड्स ने युवकों को रोकने की कोशिश भी की लेकिन अचानक हुए हंगामे के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। कुछ मरीजों को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि कई युवक वहां से फरार हो गए। सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना नशा मुक्ति केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस अब कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवक किस दिशा में भागे और उनके साथ कौन कौन लोग थे। अधिकारियों का कहना है कि फुटेज की मदद से फरार युवकों की पहचान करने में आसानी होगी। इसके अलावा आसपास लगे दूसरे कैमरों की रिकॉर्डिंग भी देखी जा रही है ताकि उनकी लोकेशन का पता लगाया जा सके। पुलिस ने शुरू की तलाश घटना की सूचना मिलते ही थाना कोट इसे खां की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने केंद्र के कर्मचारियों और सुरक्षा गार्ड्स से पूछताछ की। इसके साथ ही फरार युवकों के घरों और आसपास के इलाकों में भी नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि कई टीमें युवकों की तलाश में लगी हुई हैं और जल्द ही उन्हें वापस पकड़ लिया जाएगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

IPL 2026: शुभमन गिल-साई सुदर्शन की चुनौती, CSK के लिए करो या मरो मुकाबला

 अहमदाबाद प्लेऑफ में पहले ही अपनी जगह सुरक्षित कर चुकी गुजरात टाइटन्स की टीम चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ गुरुवार को आईपीएल के 66वें मैच में उतरेगी। गुजरात टाइटन्स अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखकर अंक तालिका में टॉप-2 में जगह पक्की करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। लीग चरण में शीर्ष दो स्थानों पर रहने वाली टीम को फाइनल में पहुंचने के दो अवसर मिलते हैं। गुजरात टाइटंस अभी 16 अंक लेकर तालिका में दूसरे स्थान पर काबिज है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (18 अंक) पहले स्थान पर है। इन दोनों के अलावा सनराइजर्स हैदराबाद (16 अंक) भी शीर्ष दो में जगह बनाने की दौड़ में है। इन तीनों टीम ने पहले ही प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर लिया है। अगर गुजरात टाइटंस सीएसके की खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करता है तो वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के (+1.065) नेट रन रेट से भी आगे निकल सकता है। अगर सनराइजर्स अपने आखिरी लीग मैच में आरसीबी को हरा देता है तो पहले दो स्थान के लिए फैसला नेट रन रेट के आधार पर होगा। अभी गुजरात टाइटंस का नेट रन रेट (+0.400) है जो सनराइजर्स (+0.350) से बेहतर है। पिछले मैच में सनराइजर्स के हाथों हार के कारण सीएसके की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें लगभग खत्म हो गई हैं। ऐसे में पांच बार की पूर्व चैंपियन सीएसके सत्र के अपने संभावित अंतिम मैच में प्रतिष्ठा बचाने की कोशिश करेगी। बाहर होने की कगार पर सीएसके ऋतुराज गायकवाड़ की अगुवाई वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर है और प्लेऑफ में अंतिम स्थान के लिए दावेदारी में बने रहने के लिए उसे गुजरात के खिलाफ जीत के साथ अन्य मैचों के परिणाम भी अपने अनुकूल रहने के लिए प्रार्थना करनी होगी। नरेन्द्र मोदी स्टेडियम की पारंपरिक रूप से बल्लेबाजों के लिए अनुकूल पिच पर होने वाले इस मुकाबले से पहले टाइटन्स के कप्तान शुभमन गिल और उनके सलामी जोड़ीदार साई सुदर्शन शानदार फॉर्म में हैं। सीएसके के गेंदबाजों के लिए उन पर अंकुश लगाना बड़ी चुनौती होगी। गुजरात टाइटन्स बनाम चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल 2026 में आज के मैच की पिच रिपोर्ट अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां की तेज आउटफील्ड की वजह से बल्लेबाज आसानी से बड़े शॉट खेल पाते हैं और इस मैदान पर कई हाई स्कोर वाले मैच भी देखने को मिले हैं। नई गेंद से तेज गेंदबाजों को शुरुआत में थोड़ी मदद मिल सकती है। शुरुआती ओवर बल्लेबाजों के लिए काफी अहम होंगे। इन परिस्थितियों को देखते हुए टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है। टीम इस प्रकार हैं:- चेन्नई सुपर किंग्स:- ऋतुराज गायकवाड़ (कप्तान), डेवाल्ड ब्रेविस, एमएस धोनी (विकेटकीपर), कार्तिक शर्मा (विकेटकीपर), सरफराज खान, उर्विल पटेल (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), अमन खान, शिवम दुबे, डियान फॉरेस्टर, जैक फॉल्क्स, अंशुल कंबोज, मैकनील नोरोन्हा, मैथ्यू शॉर्ट, प्रशांत वीर, राहुल चाहर, श्रेयस गोपाल, गुरजापनीत सिंह, मैट हेनरी, अकील हुसैन, स्पेंसर जॉनसन, आकाश मधवाल, मुकेश चौधरी, नूर अहमद, कुलदीप यादव। गुजरात टाइटन्स:– शुभमन गिल (कप्तान), अनुज रावत (विकेटकीपर), अरशद खान, अशोक शर्मा, जोस बटलर (विकेटकीपर), कॉनर एस्टरहुइज़न, गुरनूर बराड़, जेसन होल्डर, कुलवंत खेजरोलिया, कुमार कुशाग्र, मोहम्मद सिराज, ग्लेन फिलिप्स, प्रसिद्ध कृष्णा, कैगिसो रबाडा, राशिद खान, साई किशोर, साई सुदर्शन, शाहरुख खान, ईशांत शर्मा, निशांत सिंधु, मानव सुथार, राहुल तेवतिया, वाशिंगटन सुंदर, ल्यूक वुड, जयंत यादव।  

ग्राम सोनझरी में ‘हर घर जल ग्राम” के रूप में मिली नई पहचान’

कबीरधाम/रायपुर. कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनझरी में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों की जिंदगी बदल दी है। वर्षों से पानी की समस्या से जूझ रहे इस गांव में अब हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। घर-घर नल कनेक्शन मिलने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है और गांव को “हर घर जल ग्राम” के रूप में नई पहचान मिली है। पहले ग्राम सोनझरी में खासकर गर्मी के दिनों में, गांव के लोगों को पानी के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। ग्रामीणों, महिलाओं और बुजुर्गों को पानी लाने के लिए तपती धूप में दूर-दूर तक जाना पड़ता था और घंटों इंतजार के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता था। पानी के इस इंतजाम में उनका काफी समय और मेहनत बर्बाद हो जाती थी, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी और बच्चों की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ता था। इस गंभीर समस्या को दूर करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत गांव में तेजी से काम किया गया। इसके अंतर्गत सोनझरी गांव में पाइपलाइन का विस्तार किया गया, जल स्रोतों को सुधारा गया और एक ऊंची पानी की टंकी का निर्माण किया गया। इसके बाद गांव के सभी घरों में घरेलू नल कनेक्शन देकर नियमित रूप से पानी की सप्लाई शुरू की गई। गांव की एक बुजुर्ग निवासी पंचकुंवर बाई ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहले इस उम्र में दूर से पानी लाना उनके लिए सबसे मुश्किल काम था, और सुबह होते ही पानी की चिंता सताने लगती थी। लेकिन अब घर के पास ही साफ पानी मिलने से उनका जीवन बेहद आसान हो गया है। उन्होंने इसके लिए शासन और प्रशासन का आभार जताया है। सोनझरी गांव में आई इस बड़ी तब्दीली के बाद अब चौतरफा सकारात्मक बदलाव दिख रहे हैं। महिलाओं का कीमती समय बच रहा है, बच्चों की पढ़ाई अब बाधित नहीं होती और साफ पानी मिलने से जलजनित बीमारियों में भी भारी कमी आई है। इस सफलता को आधिकारिक रूप देने के लिए बीते 13 मई 2026 को सोनझरी में एक ग्राम सभा का आयोजन किया गया था। इस बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में ष्हर घर जलष् प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को पूरा किया गया और सोनझरी को आधिकारिक रूप से “हर घर जल ग्राम” घोषित कर दिया गया। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन केवल पानी पहुंचाने की योजना नहीं है, बल्कि इसने ग्रामीण जीवन में सुविधा, बेहतर स्वास्थ्य और सम्मान का नया सवेरा लाया है।

माघ मेला 2027 को हाईटेक बनाने की तैयारी, प्रयागराज में शुरू होगी वाटर मेट्रो सेवा

 प्रयागराज  तीर्थराज में नदियों के माध्यम से परिवहन को सुगम बनाने के लिए वाटर मेट्रो चलाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। माघ मेला 2027 में इसके शुभारंभ की तैयारी चल रही है। यहां गंगा और यमुना में वाटर मेट्रो का संचालन किया जाएगा। इसके लिए आठ मेट्रो स्टेशन बनाने का प्रस्ताव जल्द ही तैयार किया जाएगा, जिसके लिए सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है।गंगा में दो मेट्रो स्टेशन बनाने पर विचार चल रहा है। यहां दारागंज में नागवासुकि के पास तथा झूंसी में छतनाग के पास स्टेशन बनेगा। इसी तरह संगम में फ्लोटिंग स्टेशन बनाया जाएगा। यमुना में करैलाबाग, बलुआ घाट, बोट क्लब, किला घाट तथा अरैल में स्टेशन बनाए जाएंगे। इन स्टेशनों पर कार्ट और ई-रिक्शा की सुविधा दी जाएगी। साथ ही कैफेटेरिया भी संचालित होगा। भारतीय जलमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि प्रयागराज में संगम के लिए ही वाटर मेट्रो का प्रमुखता से उपयोग हो सकेगा 18 शहरों में वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना यह पर्यटकों के लिए विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र होगा। केंद्र सरकार द्वारा देश के 18 शहरों में वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना के तहत प्रयागराज को पहले चरण के शहरों में शामिल किया गया है। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी योजना के पहले चरण में प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी, श्रीनगर और पटना के साथ-साथ गुवाहाटी को चुना गया है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर में पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए जल आधारित एक आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन का साधन प्रदान करना है। इससे शहर के सड़क मार्गों पर ट्रैफिक जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी और यात्रियों का सफर आसान होगा। वाटर मेट्रो नावों को बैट्री और हाइब्रिड ईंधन से चलाया जाएगा, जिससे नदियों में प्रदूषण नहीं होगा। भारतीय जलमार्ग प्राधिकरण के नोडल अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि करैलाबाग से संगम तथा इसके आगे तक इसका संचालन किया जाएगा, जिसका प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। जल्द ही कोच्चि से वाटर मेट्रो आ जाएगी। इसे पर्यटन विभाग को संचालित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।  

कृषि क्षेत्र में भारत का बढ़ा मान, प्रधानमंत्री मोदी को FAO का बड़ा सम्मान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को  रोम, इटली में संयुक्त राष्ट्र संगठन के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के सर्वोच्च सम्मान "एफएओ एग्रीकोला मैडल" से सम्मानित किया जाना किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा में संवर्धन और कृषि विकास की वैश्विक स्वीकृति है। श्रीअन्न को मिली है नई पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को कृषि उत्पादकता बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, किसानों के कल्याण और वैश्विक स्तर पर "श्रीअन्न (मिलेट्स) को नई पहचान दिलवाने के उनके ऐतिहासिक कार्यों के लिए प्रदान किया गया यह प्रतिष्ठित सम्मान है। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से भारत सहित अन्य देशों में भी श्रीअन्न की लोकप्रियता और उपयोग में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत किसानों के कल्याण, कृषि में नवाचार और अन्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता के नित नए प्रतिमान गढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संगठन के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के सर्वोच्च सम्मान को भारत के करोड़ों किसानों, पशुपालकों, मछुआरों और कृषि वैज्ञानिकों को समर्पित किया है।  

स्लॉट बुक किसानों को राहत, 28 मई तक होगी गेहूं खरीदी: CM डॉ. यादव

जिन किसानों के स्लॉट बुक हैं, उनसे 28 मई तक गेहूं खरीदेगी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार जिन किसानों के 23 मई तक स्लॉट बुक हैं, उन्हें मिली बड़ी राहत मध्यप्रदेश सरकार के प्रयास से इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन होगा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गेहूं उपार्जन के लिए जिन किसानों के स्लॉट 23 मई तक बुक हो चुके हैं, सरकार उनका गेहूं 28 मई तक खरीदेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण के प्रतिबद्ध है। इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि किसान कल्याण वर्ष में हमारी सरकार लगातार किसान हितैषी निर्णय ले रही है। इस बात की प्रसन्नता है कि गेहूँ उपार्जन में हमने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बीते वर्ष हमने लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं किसानों से खरीदा जायेगा। पूरे देश में अगर सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदा गया, तो वो हमारे मध्यप्रदेश में खरीदा गया है। अभी तक हम 93 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीद चुके हैं। गेहूँ उपार्जन के लिए अंतिम तारीख 23 मई निर्धारित थी। किसानों द्वारा बताया गया कि उन्होंने स्लॉट तो बुक कर लिए, लेकिन लाइन लंबी है। हमने निर्णय किया है कि जिनके भी स्लॉट बुक हुए हैं, ऐसे सभी किसानों से हम गेहूं खरीदेंगे। किसानों के गेहूं उपार्जन की तारीख 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक की जाती है। अभी तक हम 91 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद चुके हैं। इसके लिए अंतिम तारीख 23 मई निर्धारित थी। मुझे किसानों द्वारा बताया गया कि उन्होंने स्लॉट तो बुक कर लिए, लेकिन लाइन लंबी है। इस पर हमने कहा कि जिनके भी स्लॉट बुक हुए हैं, ऐसे सभी किसानों से हम गेहूं खरीदेंगे। इसलिए उन किसानों के गेहूं उपार्जन की तारीख 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक करने की मैं घोषणा करता हूं। 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी प्रकार की चिंता न करें, सरकार उनके हितों की पूरी रक्षा करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि समर्थन मूल्य सहित किसानों को खरीदी केंद्रों पर 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसान, गरीब, महिला और युवा चारों वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है।  वैश्विक चुनौतियों के बीच समाधान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान-गरीब-महिला-युवा, चारों वर्गों की हम चिंता करते हैं। मैं किसान भाई-बहनों से निवेदन करता हूं कि आप चिंता मत करिए, हम स्लॉट बुकिंग का गेहूं खरीदने का प्रबंधन कर रहे हैं। वैश्विक चुनौतियों के बीच गेहूं भंडारण भी हमारे लिए चुनौती है। बारदाना खरीदना-लाना भी एक चुनौती है। हमारे सामने मौसम और ट्रांसपोर्टेशन भी चुनौती है। इसके बावजूद हमने भंडारण की क्षमता बढ़ाई। उन्होंने कहा कि हम किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम खरीदी केंद्र पर 2625 रुपये क्विंटल गेहूं का दाम देंगे। वैश्विक चुनौतियों के बीच समाधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसान-गरीब-महिला-युवा, चारों वर्गों के कल्याण के लिये हम प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। किसान भाई-बहन चिंता मत करिए, हम स्लॉट बुकिंग का गेहूं खरीदने का प्रबंधन कर रहे हैं।  

अब मदरसों में भी अनिवार्य हुआ ‘वंदे मातरम्’, बंगाल सरकार ने जारी किए निर्देश

कोलकाता  पश्चिम बंगाल की शुभेदु अधिकारी सरकार ने बड़ा आदेश जारी किया है। सरकार ने राज्य के सभी मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान ‘ वंदे मातरम ’ गाना अनिवार्य करने का आदेश जारी किया है। इससे पहले यह नियम केवल सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू था। राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि राज्य के अन्य सरकारी स्कूलों की तरह अब मान्यता प्राप्त मदरसों में भी ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य होगा। मंत्री ने आगे क्या बताया तुडू ने बताया कि पश्चिम बंगाल में कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां पढ़ाई संताली भाषा में होती है। जब उन स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य है, तो मान्यता प्राप्त मदरसों में इसे अनिवार्य क्यों नहीं किया जा सकता? इस संबंध में पश्चिम बंगाल मदरसा शिक्षा निदेशालय ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर राज्य के सभी सहायता प्राप्त मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य कर दिया है। पश्चिम बंगाल में कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां पढ़ाई संताली भाषा में होती है। जब उन स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य है, तो मान्यता प्राप्त मदरसों में इसे अनिवार्य क्यों नहीं किया जा सकता? आदेश में क्या मदरसा शिक्षा निदेशक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पूर्व में जारी सभी आदेशों और प्रथाओं को निरस्त करते हुए अब पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी मॉडल मदरसे (अंग्रेजी माध्यम), मान्यता प्राप्त सहायता प्राप्त मदरसे, स्वीकृत एमएसके, स्वीकृत एसएसके और मान्यता प्राप्त गैर-सहायता प्राप्त मदरसों में कक्षाएं शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा के दौरान ‘वंदे मातरम्’ तत्काल प्रभाव से अनिवार्य किया जाता है। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के लिए जारी की थी अधिसूचना इससे पहले 13 मई की शाम को पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग ने भी राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य करने संबंधी अधिसूचना जारी की थी। राज्य के नए और नौवें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 14 मई को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर शिक्षा विभाग की अधिसूचना साझा की थी। अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया था कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ गाना तत्काल प्रभाव से अनिवार्य कर दिया है। मुख्यमंत्री बनते ही शुभेंदु अधिकारी ने लिया ये बड़ा फैसला पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बन गई है. राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से नई-नवेली भाजपा सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने चिकन नेक कॉरिडोर क्षेत्र में करीब 120 एकड़ जमीन केंद्र सरकार को हस्तांरित करने का फैसला किया है. बता दें, चिकन नेक का आधिकारिक नाम सिलिगुड़ी कॉरिडोर है. ये भारत के प्रमुख भाग को पूर्वी राज्यों से जोड़ने वाला बहुत ही संकरा रास्ता है।  मंगलवार को एक रिपोर्ट सामने आई, जिसके अनुसार जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. रणनीतिक रूप से चिकन नेक भारत के लिए बहुत अहम माना जाता है. क्योंकि चिकन नेक के आस-पास बांग्लादेश, नेपाल और भूटान जैसे देशों की सीमाएं हैं. वहीं, चीनी सीमा की दूरी भी बहुत ज्यादा दूर नहीं है।  रक्षा योजनाओं में ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर की अहम भूमिका एक्सपर्ट्स की मानें तो कॉरिडोर के कुछ हिस्सों की चौड़ाई सिर्फ 20 से 22 किलोमीटर तक है, जिस वजह से ये इलाका संकट की स्थिति में बहुत संवेदनशील बन जाता है. भारतीय सुरक्षा रणनीति और रक्षा योजनाओं में चिकन नेक कॉरिडोर की भूमिका बहुत अधिक है।  बता दें, केंद्र सरकार ने पूर्ववर्ती टीएमसी और ममता बनर्जी सरकार से अनुरोध किया था कि जमीन हस्तांतरण किया जा सके. लेकिन ये प्रक्रिया लंबे वक्त तक ठंडे बस्ते में पड़ी थी. लेकिन जैसे ही राज्य में भाजपा की सरकार आई, वैसे ही चिकन नेक कॉरिडोर को लेकर काम शुरू हो गया है।  पूर्वोत्तर के आठों राज्यों के लिए देश की जीवनरेखा है चिकन नेक चिकन नेक को पूर्वी आठ राज्यों के लिए देश की जीवनरेखा के समान है. सड़क, रेल, सैन्य आपूर्ति, व्यापारिक गतिविधियों और रसद संचालन के लिए यही मुख्य संपर्क मार्ग है. ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की भूमि उपलब्धता को राष्ट्रीय महत्व माना जाता है।   राष्ट्रीय सुरक्षा पर क्या होगा असर? जमीन हस्तांतरण से चिनक नेक में भारत की सामरिक क्षमता और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिल सकती है. इस इलाके में सैन्य ढांचा और लॉजिस्टिक नेटवर्क को विकसित किया जाएगा, जिससे सीमावर्ती इलाकों में सेना की त्वरित तैनाती और आपूर्ति व्यवस्थित और प्रभावी हो सकेगी।  केंद्र के साथ राज्य सरकार का समन्वय तेज बता दें, पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 2026 के विधानसभा में ऐतिहासिक जीत हासिल की और भाजपा ने पहली बार प्रदेश में सरकार बनाई. पहली बार राज्य में भाजपा का मुख्यमंत्री बना है. शुभेंदु अधिकारी ने प्रदेश के मुखिया की शपथ ग्रहण करते ही केंद्र सरकार के साथ राजनीतिक समन्वय तेज कर दिया है. सत्ता में आते ही शुभेंदु सरकार ने कानून व्यवस्था, प्रशासनिक फेरबदल और कथित भ्रष्टाचार की जांच तेज कर दी है।