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छात्राओं के लिए बड़ी सौगात! रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत मुफ्त स्कूटी देगी योगी सरकार

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई कर रही छात्राओं के लिए एक बेहद शानदार खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार स्नातक प्रथम वर्ष की मेधावी छात्राओं को अपनी तरफ से मुफ्त स्कूटी देने की एक बड़ी योजना पर काम कर रही है। इस महत्वाकांक्षी पहल का नाम 'रानी लक्ष्मी बाई योजना' रखा गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य की बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के आने से छात्राओं को कॉलेज आने-जाने में होने वाली दिक्कतों से हमेशा के लिए आजादी मिल जाएगी। मेरिट के आधार पर चमकेगी मेधावियों की किस्मत सरकार की इस योजना का लाभ सीधे तौर पर उन छात्राओं को मिलेगा जो पढ़ाई-लिखाई में अव्वल हैं। स्कूटी देने के लिए एक पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाई जाएगी। योजना के नियमों के मुताबिक, छात्राओं को उनके स्नातक प्रथम वर्ष में प्राप्त अंकों के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इन अंकों के आधार पर एक राज्य स्तरीय मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी, और जो छात्राएं इस मेरिट में स्थान बनाएंगी, उन्हें सरकार की तरफ से मुफ्त स्कूटी का तोहफा दिया जाएगा। पहले चरण में 50 हजार छात्राओं को मिलेगी रफ्तार उत्तर प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में इस समय कुल मिलाकर लगभग नौ लाख छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए सरकार इस योजना को चरणों में लागू करने जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने जो खाका तैयार किया है, उसके तहत पहले चरण में राज्य की 50 हजार सबसे मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की पूरी तैयारी कर ली गई है। जल्द ही मुख्यमंत्री के सामने होगा प्रजेंटेशन इस योजना को धरातल पर उतारने और इसका लाभ जल्द से जल्द छात्राओं तक पहुंचाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग दिन-रात काम कर रहा है। विभाग की ओर से इस योजना का पूरा प्रस्ताव और गाइडलाइंस तैयार कर ली गई हैं। बहुत जल्द ही उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने इस पूरी योजना का एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण करेंगे। मुख्यमंत्री की हरी झंडी मिलते ही इस योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया और तारीखों की घोषणा कर दी जाएगी। उत्तर प्रदेश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में स्नातक स्तर पर करीब 9 लाख छात्राएं नामांकित हैं। इन सभी छात्राओं में से कड़ी स्क्रीनिंग और मेरिट लिस्ट के जरिए ही भाग्यशाली मेधावियों का चुनाव किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य न केवल बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है, बल्कि कॉलेज आने-जाने में उन्हें आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाना भी है।

भारत ने उठाई PoK की आवाज, मुनीर की कथित बर्बरता पर पाकिस्तान को घेरा

 नई दिल्ली भारत ने मंगलवार को पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन से ध्यान हटाने के लिए फ़ेक न्यूज़ और गलत जानकारी फैला रहा है. रावलकोट में प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई के कुछ दिनों बाद भी वहां तनाव बना हुआ है।  इस इलाके से आ रही खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने 'पाकिस्तान से आने वाली फ़ेक न्यूज़ और वीडियो का एक पैटर्न' देखा है और इसे अपनी नाकामियों को छिपाने की एक हताश कोशिश बताया है।  जायसवाल ने कहा, "इस संदर्भ में, हम पाकिस्तान से आने वाली फ़ेक न्यूज़ और वीडियो का एक पैटर्न देख रहे हैं. यह पाकिस्तान की अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान हटाने की एक हताश कोशिश है।  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में पुलिस की कथित बर्बरता की खबरों का भी ज़िक्र किया और दावा किया कि हालिया प्रदर्शनों के दौरान कई प्रदर्शनकारी मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।  उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में पुलिस की गंभीर बर्बरता की खबरें हैं. हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके गलत कामों और ज्यादतियों के लिए जवाबदेह ठहराएगा।  ये बयान रावलकोट में पाकिस्तानी बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी के कुछ दिनों बाद आए हैं, जिसमें कथित तौर पर कम से कम 27 लोग मारे गए. जहां आधिकारिक आंकड़ों में मरने वालों की संख्या 27 बताई गई है, वहीं सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो में दावा किया गया है कि हताहतों की संख्या इससे कहीं ज़्यादा हो सकती है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।  यह इलाका तनावपूर्ण बना हुआ है क्योंकि प्रदर्शनकारी समूह पाकिस्तानी प्रशासन के खिलाफ़ लामबंद हो रहे हैं. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वे PoK में प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रस्तावित 'लॉन्ग मार्च' को रोक देंगे, जबकि आयोजकों ने प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प लिया है। 

दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद खादर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू

नई दिल्ली  यमुना नदी के खादर क्षेत्र में बसी अनधिकृत कालोनियों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दिल्ली हाई कोर्ट और एनजीटी के निर्देशों के बाद दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने यमुना के संरक्षित ओ-जोन इलाके से अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया है। हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद डीडीए अवैध निर्माणों और बस्तियों को हटाने की कार्रवाई तेज कर सकती है। क्या है दिल्ली का O-Zone ? दिल्ली सरकार के मास्टर प्लान-2021 के अनुसार, यमुना के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र को O-Zone घोषित किया गया है। यह इलाका वजीराबाद से ओखला तक करीब 22 किलोमीटर में फैला हुआ है और लगभग 9,700 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करता है। राजधानी का यह इलाके का उद्देश्य बाढ़ नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता की सुरक्षा और यमुना नदी को प्रदूषण से बचाना है। नियमों के अनुसार यहां आवासीय निर्माण और स्थायी मकान का निर्माण नहीं किया जा सकता है। क्यों चर्चा में है O-Zone? डीडीए के अनुसार, पिछले कई सालों में यमुना के खादर क्षेत्र में बड़ी संख्या में अवैध बस्तियां और कालोनियां विकसित हो गई हैं। इनमें से कई जगहों पर सीवर और अन्य बुनियादी जरूरतों का भी अभाव है, जिसके कारण गंदा पानी सीधे यमुना में पहुंचता है। इससे नदीं प्रदूषित होती और बाढ़ का खतरा बढ़ता है। दिल्ली हाई कोर्ट और एनजीटी के निर्देशों के बाद डीडीए इसी ओ-जोन इलाके को मूल अवस्था में लाने के लिए बुलडोजर एक्शन शुरू कर रहा है। दिल्ली के O-Zone में कौन से इलाके? DDA के रिकॉर्ड के मुताबिक, यमुना फ्लडप्लेन के भीतर करीब 90 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियां मौजूद हैं। इनमें मदनपुर खादर, जैतपुर, मीठापुर, झंगोला, सोनिया विहार के कुछ हिस्से, खजूरी खास, करावल नगर समेत यमुना किनारे के कई अन्य इलाके शामिल बताए जाते हैं। बता दें ओ-जोन बाढ़ क्षेत्र है, इसलिए कई इलाकों का पूरा हिस्सा इसके अंतर्गत नहीं आता है। बल्कि केवल यमुना के करीब स्थित कुछ हिस्से ही आते हैं।     मदनपुर खादर     जैतपुर     मीठापुर     झंगोला     सोनिया विहार के कुछ हिस्से     खजूरी खास     करावल नगर के कुछ हिस्से     जगतपुर     बुराड़ी के यमुना किनारे वाले क्षेत्र     उस्मानपुर     गढ़ी मांडू     शेरपुर     बेहटा हाजीपुर     ताजपुर खुर्द     छिल्ला गांव क्षेत्र     कोंडली के कुछ हिस्से     मयूर विहार के यमुना किनारे स्थित क्षेत्र     ओखला बैराज के आसपास के इलाके     आईटीओ बैराज के आसपास का फ्लडप्लेन क्षेत्र  

गायकवाड़ का शतक और गेंदबाजों का कमाल, आखिरी ओवर में पलटा मैच

दंबुला  ट्राई-नेशन ए सीरीज के पहले मुकाबले में इंडिया ए टीम ने रोमाचंक जीत हासिल की। टीम के सामने मेजबान श्रीलंका ए की चुनौती थी। इंडिया ए ने मैच को 8 रनों के अंतर से अपने नाम किया। तिलक वर्मा की कप्तानी वाली इंडिया ए ने पहले खेलते हुए रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में 6 विकेट पर 277 रन बनाए। 49वें ओवर में श्रीलंका ए की पारी 269 रनों पर सिमट गई। इस टूर्नामेंट में अफगानिस्तान ए तीसरी टीम है। इंडिया ए ने 4 गेंद पर अंतिम तीन विकेट लिए श्रीलंका ए को जीत के लिए आखिरी दो ओवर में सिर्फ 10 रन चाहिए थे। 49वें ओवर में अरशद खान की पहली गेंद पर एक रन बना। उन्हंने दूसरी गेंद पर विजयकांत व्यासकांत को एलबीडब्ल्यू कर दिया। अगली गेंद पर 23 रन बनाकर खेल रहे वानुजा सहन रन आउट हो गए। उन्होंने मिस फील्ड पर रन भागने की कोशिश की लेकिन रुतुराज गायकवाड़ ने रन आउट कर दिया। इसी ओवर की 5वीं गेंद पर 11वें नंबर के बल्लेबाज मोहम्मद शिराज को आउट करके अरशद ने इंडिया ए को जीत दिला दी। श्रीलंका ए को अनुभवी निरोशन डिकवेला और अविष्का फर्नांडो ने ठोस शुरुआत दिलाई। पहले विकेट के लिए दोनों ने 99 गेंदों पर 93 रन जोड़े। आयुष बडोनी ने दोनों ही बल्लेबाज को आउट किया। डिकवेला ने 47 और अविष्का ने 45 रन बनाए। तीसरे नंबर पर उतरे नुवानिदु फर्नांडो 8 रन ही बना सके। 16 रनों के अंतर 3 विकेट गिरने के बाद सदीरा समरविक्रमा और कप्तान सहान अराच्चिगे ने पारी को संभाला। दोनों के बीच 78 रनों की साझेदारी हुई। 34वें ओवर में श्रीलंका ए की टीम 187 रनों तक पहुंच गई थी। अंशुल कंबोज ने 48वें ओवर में बड़ा विकेट झटका 51 गेंदों पर 46 रन बनाने वाले सदीरा को आउट करके अनुकूल रॉय ने यह साझेदारी तोड़ी। लेकिन सहान ने अपनी फिफ्टी पूरी कर ली। हालांकि इंडिया ए के गेंदबाज दूसरे छोर से विकेट चटकाते रहे। 3 ओवर में मेजबान टीम को 17 रन चाहिए थे। अंशुल कंबोज ने 48वें ओवर की दूसरी गेंद पर सहान को यॉर्कर मारकर बोल्ड कर दिया। उन्होंने 72 गेंदों पर 74 रन बनाए। यह मैच का टर्निंग पॉइंट भी रहा। इंडिया ए की तरफ से अरशद खान, अनुकूल रॉय, विपराज निगम और आयुष बडोनी ने 2-2 विकेट लिए। इंडिया ए के लिए रुतुराज गायकवाड़ का शतक पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह 2 और वैभव सूर्यवंशी 14 रन बनाकर आउट हो गए। 16 रन पर 2 विकेट गंवा चुकी भारतीय टीम को प्रियांश आर्य और ऋतुराज गायकवाड़ ने संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 53 रन जोड़े। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आर्य 32 गेंदों पर 32 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद गायकवाड़ और कप्तान तिलक वर्मा ने मोर्चा संभाला और चौथे विकेट के लिए 150 रन की साझेदारी की। गायकवाड़ ने बेहतरीन शतक लगाया। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 114 गेंदों पर 3 छक्कों और 6 चौकों की मदद से 101 रन की पारी खेली। तिलक ने 97 गेंदों पर 60 की पारी खेली। आयुष बडोनी ने 24 और सुर्यांश शेड्गे ने 26 रन बनाए। श्रीलंका की तरफ से मोहम्मद शिराज ने 2 विकेट लिए। वह सबसे सफल गेंदबाज रहे। इसके अलावा, चमिका करुणारत्ने, गारुका संकेथ, और वानुजा सहान ने 1-1 विकेट लिए।  

नारनौल बैठक में लापरवाही पर गिरी गाज, समय पर न पहुंचने पर अधिकारी निलंबित

चंडीगढ़ प्रशासनिक कामकाज में लापरवाही और अनुशासनहीनता को लेकर हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने सख्त रुख अपनाया है। नारनौल के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में अधिकारियों की एक अहम बैठक के दौरान मंत्री ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रमोद कुमार को सस्पेंड कर दिया है। क्यों गिरी निलंबन की गाज स्वास्थ्य मंत्री आज नारनौल में जिले के विकास कार्यों और प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा के लिए अधिकारियों की बैठक ले रही थीं। डीडीपीओ प्रमोद कुमार पर यह सख्त कार्रवाई मुख्य रूप से दो कारणों से की गई। क्षेत्र में चल रहे विभिन्न पंचायत एवं विकास कार्यों में खामियों और अनियमितताओं की बात सामने आई थी, जिसे लेकर मंत्री नाराज थीं। मंत्री द्वारा बुलाई गई इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में सभी प्रमुख अधिकारियों को समय पर उपस्थित होना था, लेकिन डीडीपीओ प्रमोद कुमार बैठक में देरी से पहुंचे। लापरवाही और समय की पाबंदी न होने पर मंत्री ने तुरंत प्रभाव से एक्शन लेते हुए उन्हें निलंबित करने के आदेश दे दिए। इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। बैठक में इनकी रही मौजूदगी स्वास्थ्य मंत्री द्वारा ली जा रही इस महत्वपूर्ण बैठक में स्थानीय विधायक ओमप्रकाश यादव, जिले के उपायुक्त सहित प्रशासन के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस कार्रवाई के माध्यम से मंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  

तंजानिया के किलिमंजारो पर MP की बेटी का कमाल, महिला पुलिस अधिकारी ने की ऐतिहासिक चढ़ाई

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस की इंस्पेक्टर दीपिका गौतम ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो फतह कर नया इतिहास रच दिया है। वह मध्यप्रदेश पुलिस की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं, जिन्होंने इस विश्व प्रसिद्ध पर्वत पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की है। दीपिका भोपाल स्थित एससीआरबी (SCRB) पीएचक्यू में पदस्थ है। उन्होंने 29 मई को करीब 5,895 मीटर ऊंची माउंट किलिमंजारो की चोटी पर पहुंचकर यह उपलब्धि हासिल की। खास बात यह रही कि इस अंतरराष्ट्रीय अभियान में वह भारत की एकमात्र प्रतिभागी थीं। ‘सपनों को नहीं छोड़ा पीछे’ दीपिका कहती हैं कि नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अक्सर लोग अपने सपनों को पीछे छोड़ देते हैं, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उनका मानना है कि “सपनों के बिना जिंदगी अधूरी होती है,” और यही सोच उन्हें किलिमंजारो तक ले गई। पांच दिन का कठिन अभियान किलिमंजारो पर चढ़ाई पांच दिन का कठिन सफर था, जिसमें तीन बेस कैंप पार करने के बाद अंतिम चढ़ाई रात में शुरू हुई। इस दौरान तापमान माइनस 10 से 15 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम भी बेहद अनिश्चित था, जो हर पल बदल रहा था। पहले कर चुकी हैं कई ट्रेक हालांकि यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पर्वत अभियान था, लेकिन इससे पहले वह अमरनाथ और केदारनाथ जैसे धार्मिक ट्रेक कई बार कर चुकी हैं। खुद को मल्टीटास्किंग बताते हुए दीपिका लगातार नई चुनौतियों को अपनाने में विश्वास रखती हैं। अगला मिशन जल्द इस उपलब्धि के बाद अब उनका अगला लक्ष्य भी तय है, हालांकि उन्होंने इसे फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया है। संकेत दिए हैं कि अगले साल वह विदेश में एक और पर्वत अभियान पर जा सकती हैं।

हर घर से उठेगा कचरा! गुरुग्राम के 606 करोड़ रुपये के मेगा टेंडर पर बड़ी बैठक

गुरुग्राम. साइबर सिटी में घर-घर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था को स्थायी और बेहतर बनाने पर मंगलवार को फैसला होगा। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा जारी 606 करोड़ रुपये के डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन टेंडर को चंडीगढ़ में होने वाली हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक में मंजूरी मिलने की संभावना है। वहीं, मंजूरी मिलने के बाद अगले पांच वर्षों के लिए प्राइवेट एजेंसियों को काम सौंप दिया जाएगा, जिससे शहर में कूड़ा उठान व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। जैसे ही बैठक में टेंडर पर मुहर लगेगी। एजेंसियां तीन महीने में काम शुरू कर देगी। नगर निगम क्षेत्र में 14 जून 2024 के बाद से कोई स्थायी एजेंसी कार्यरत नहीं है। पिछले करीब दो वर्षों से कूड़ा कलेक्शन का कार्य अस्थायी व्यवस्था के तहत विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से कराया जा रहा है। स्थायी एजेंसी नहीं होने के कारण कई क्षेत्रों में समय पर कूड़ा उठान और निगरानी से जुड़ी समस्याएं सामने आती रही हैं। चार जोन को दो क्लस्टर में बांटा नई व्यवस्था के तहत नगर निगम ने शहर के चारों जोनों को दो अलग-अलग क्लस्टर में विभाजित किया है। जोन-1 और जोन-2 को एक क्लस्टर तथा जोन-3 और जोन-4 को दूसरे क्लस्टर में शामिल किया गया है। पहले क्लस्टर के लिए चार निजी एजेंसियों ने आवेदन किया है, जबकि दूसरे क्लस्टर के लिए दो एजेंसियों ने भागीदारी की है। 606 करोड़ रुपये का है टेंडर नगर निगम ने दोनों क्लस्टरों के लिए कुल 606 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है। इसमें जोन-एक और जोन-दो के क्लस्टर के लिए 295 करोड़ रुपये तथा जोन-तीन और जोन-चार के क्लस्टर के लिए 311 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। टेंडर आवंटन के बाद संबंधित एजेंसियां अगले पांच वर्षों तक कूड़ा कलेक्शन का कार्य करेंगी। गीले और सूखे कचरे के अलग संग्रह पर रहेगा जोर नई डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था में स्रोत स्तर पर ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र करने पर विशेष फोकस रहेगा। निगम प्रशासन का मानना है कि इससे कचरा प्रबंधन व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी और रीसाइक्लिंग को भी बढ़ावा मिलेगा। हाई पावर कमेटी देगी अंतिम मंजूरी नगर निगम के चीफ इंजीनियर विजय ढाका ने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी में टेंडर सौंपने पर निर्णय होगा। कमेटी की मंजूरी के बाद चयनित एजेंसियों को कार्य आवंटित कर दिया जाएगा और नई व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी। तीन महीने के अंदर एजेंसियां काम शुरू करेंगी।

फर्जी सिम के सहारे करोड़ों की ठगी! पंजाब में अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़

लुधियाना. एनफोर्समैंट डायरैक्टोरेट (ई.डी.) ने साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े मामले में पंजाब के लुधियाना सहित राजस्थान के विभिन्न शहरों में व्यापक कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पी.एम.एल.ए.) के तहत की गई। ईडी अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 5 जून को लुधियाना, किशनगढ़ (अजमेर), नागौर और जोधपुर में कुल 7 परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया गया। जांच एक ऐसे साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़ी है, जिसमें भारतीय मोबाइल नंबरों को फर्जी तरीके से सक्रिय कर मलेशियाई नागरिकों को उपलब्ध कराया गया था। बाद में इन नंबरों का इस्तेमाल कंबोडिया से संचालित साइबर ठगी के लिए किया गया। ई.डी. की जांच में सामने आया कि पॉइंट ऑफ सेल (पी.ओ.एस.) संचालकों द्वारा बड़ी संख्या में सिम कार्डों का दुरुपयोग किया गया। जांच एजैंसी के अनुसार हजारों भारतीय मोबाइल नंबरों को सक्रिय कर विदेश भेजा गया जिनका उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए किया गया। जांच के दौरान लगभग 2.30 लाख मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया। इनमें से करीब 36 हजार सिम कार्ड कंबोडिया में सक्रिय पाए गए, जबकि लगभग 5,300 नंबर विभिन्न साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल होने के संकेत मिले। एजैंसी का अनुमान है कि इस नेटवर्क के कारण देशभर में सैकड़ों करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई है।

राजनांदगांव में स्वास्थ्य विभाग पर गिरी गाज, नाबालिग मामले में BMO के खिलाफ सख्त कार्रवाई

राजनांदगांव. सोमनी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में नाबालिग बालिका की गलत जांच मामले में राज्य शासन ने घुमका के बीएमओ डॉ. एनके टंडन पर कार्यवाही करते हुए उन्हे निलंबित कर दिया गया है. इस मामले को लेकर जिला प्रशासन द्वारा जांच टीम गठित की गई थी. गहन जांच के बाद जिला प्रशासन ने राज्य शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी. जिसके आधार पर राज्य शासन ने प्रथम दृष्टि में घुमका बीएमओ को दोषी पाया है. सूत्रों ने बताया कि प्रेगनेंसी कीट की खरीदी किए जाने के मामले में लापरवाही बरती गई थी. जिसके चलते किट से लिए गए सैंपल में रिपोर्ट पॉजिटिव पाया गया था. जब परिजनों ने दोबारा जांच के लिए जिला अस्पताल में सैंपल दिए थे, जहां रिपोर्ट निगेटिव पाई गई थी. जिसके बाद इस मामले में जमकर बवाल हुआ था. कांग्रेसियों ने पुलिस पर नाबालिग को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया था. पहले भी हो चुकी कार्रवाई इस मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा अपने स्तर पर अलग जांच कराई गई थी. जिसमें सोमनी टीआई को एसपी द्वारा पहले ही निलंबित कर दिया गया था. वही दूसरी तरफ जिला प्रशासन स्तर पर गठित टीम ने अपने स्तर पर जांच की है. जिसमें बीएमओ को दोषी पाते हुए निलंबन की कार्रवाई  की गई है.

181 हेल्पलाइन पर त्वरित समाधान की समीक्षा, नथमल डिडेल ने लंबित मामलों पर जताई सख्ती

जयपुर वित्त (कर) विभाग के विशिष्ट शासन सचिव श्री नथमल डिडेल ने मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वित्त विभाग से संबंधित आमजन की शिकायतों के निवारण की स्थिति, पोर्टल की कार्यप्रणाली और दर्ज प्रकरणों के निस्तारण की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान श्री डिडेल ने 'राजस्थान संपर्क स्टेट व्यू' डैशबोर्ड के माध्यम से वित्त विभाग से जुड़े लोक सेवा गारंटी और अन्य परिवेदनाओं के आंकड़ों का लाइव अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनभावनाओं के अनुरूप आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। पोर्टल पर उपलब्ध सांख्यिकी की समीक्षा करते हुए विशिष्ट शासन सचिव ने बताया कि वित्त विभाग के अंतर्गत अब तक कुल 1,024 शिकायतें पंजीकृत की गई हैं, जिनमें से 913 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है, उन्होंने अधिकारियों को इन लंबित मामलों को तय समय-सीमा में जांच कर क्लोज करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान श्री डिडेल ने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कर आमजन को अधिक से अधिक राहत पहुंचाने के लिए पाबंद किया। निरीक्षण के दौरान राजस्थान संपर्क पोर्टल के माध्यम से त्वरित राहत पाने वाले विभिन्न आवेदकों से वार्ता में बेहद सकारात्मक परिणाम और जनता का संतोष देखने को मिला। पोर्टल पर दर्ज शिकायत के संबंध में बात करने पर दिव्यांग लाभार्थी डॉ. नीरज गुप्ता ने बताया कि उन्हें कम्यूटेशन (कम्युटेशन की राशि) और 300 पी.एल. की राशि का भुगतान प्राप्त हो चुका है। उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा संचालित इस सुगम व्यवस्था की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री महोदय का विशेष आभार व्यक्त किया। इसी प्रकार, एक अन्य शिकायत के मामले में दीनदयाल जी ने भी पुष्टि की कि उन्हें भी उनकी कम्यूटेशन और 300 पी.एल. की बकाया राशि का भुगतान मिल चुका है, जिसके लिए उन्होंने राज्य सरकार के प्रति सहर्ष धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्रथम अपील के शीघ्र निस्तारण हेतु आवेदन करने वाले आशु जी की परिवेदना का भी संपर्क पोर्टल के माध्यम से त्वरित समाधान किया गया, जिस पर उन्होंने भी इस विशेष सुविधा के लिए मुख्यमंत्री महोदय के प्रति गहरा आभार प्रकट किया। विशिष्ट शासन सचिव श्री नथमल डिडेल ने 'टाइमलाइन पेंडेंसी' का विश्लेषण करते हुए संतोष व्यक्त किया कि 181 से 365 दिनों से अधिक का कोई भी मामला गंभीर रूप से लंबित नहीं है और वर्तमान में अधिकांश लंबित प्रकरण  30 दिनों के भीतर की श्रेणी में हैं। उन्होंने जीएसटी  चोरी से संबंधित शिकायतों के विषय में गंभीरता दिखाते हुए शिकायतकर्ताओं से स्वयं बात की तथा उन्हें आश्वस्त किया कि इस संबंध में एक विशेष कमेटी का गठन कर पूरी पारदर्शिता के साथ पूर्ण रूप से जांच करवाई जाएगी। विभिन्न स्तरों L1, L2 व L3 पर मैप्ड अधिकारियों के कार्य की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं का समाधान धरातल पर होना चाहिए और शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।   उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर शीघ्र समाधान प्राप्त कर रहे हैं