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भगवंत मान की श्री अकाल तख्त साहिब में पेशी क्यों? जानिए क्या है अकाल तख्त और इसके प्रमुख अधिकार

चंडीगढ़  पंजाब के सीएम भगवंत मान श्री अकाल तख्त साहिब के सामने आज अपना पक्ष रखेंगे. वह पंजाब सरकार के सभी मंत्रियों, विधायकों और विधानसभा अध्यक्ष के साथ जाएंगे. मान एक वीडियो को लेकर विवाद पर हैं. उन पर गुरु द्रोही औ पंथ विरोधी होने के आरोप हैं. इसके अलावा पंजाब सरकार के ईशनिंदा से जुड़े एक अधिनियम को भी पंथ की सलाह के बिना पारित किए जाने से नाराजगी है।  अकाल तख्त के सामने भगवंत मान इससे पहले भी पेश हो चुके हैं, जब उन्होंने वीडियो को फर्जी बताया था. उन्होंने दावा किया था कि वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से बनाया गया है. हालांकि मामले की सुनवाई के बाद अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गरगज ने 15 जून को एक आदेश जारी करते हुए मान को गुरुद्रोही और खालसा पंथ का विरोधी घोषित किया था. ऐसा दावा किया गया है कि फोरेंसिक जांच में वीडियो सही पाया गया है. इसीलिए पंजाब सरकार के सभी मंत्रियों विधायकों को अकाल तख्त के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है।  श्री अकाल तख्त साहिब क्या है? श्री अकाल तख्त साहिब सिख धर्म की सर्वोच्च संस्था है.सरल शब्दों में कहें तो यह सिख समुदाय की सर्वोच्च धार्मिक और नैतिक अदालत है. यह अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर परिसर में है और सिखों के पांच तख्तों में सबसे प्रमुख मानी जाती है. इसका अर्थ है अकाल का सिंहासन, जिसका उद्देश्य सिर्फ आध्यात्मिक मार्गदर्शन तक सीमित नहीं है, यह समाज, न्याय और समुदाय से जुड़े मामलों में भी फैसला सुनाता है।  सिख नेट के मुताबिक जब गुरु हरगोबिंद के पिता और पांचवें सिख गुरु अर्जन देव को मुगल सम्राट जहांगीर ने शहीद करवाया तो उसके जवाब में गुरु हरगोबिंद ने इसकी स्थापना की थी. जब उन्होंने अकाल तख्त के मंच का अनावरण किया था तो उन्होंने दो तलवारें धारण की थीं. इनमें एक आध्यात्मिक शक्ति पीरी का संकेत देती थी ओर दूसरी सांसारिक शक्ति मीरी का. यह पीरी और मीरी दर्शन ही अकाल तख्त की आत्मा है. जो ये विचार देता है कि धर्म और न्याय अलग नहीं हैं. यानी एक हाथ में आस्था और दूसरे में अत्याचार के विरुद्ध खड़े होने की शक्ति।  क्या करता है अकाल तख्त?     अकाल तख्त हुक्मनामा यानी धार्मिक आदेश जारी करता है. यह हुक्मनामा दुनिया भर के सिखों पर लागू होता है।      अकाल तख्त सिख हितों के लिए गलत बात करने वाला या हानिकारक कदम उठाने वाले को धार्मिक दंड दे सकती है।      तख्त किसी भी व्यक्ति की सेवा या उसके बलिदानों की सराहना भी कर सकता है जो सिख हितों के लिए काम करते हैं।      यह सिख समुदाय से जुड़े विवादों और महत्वपूर्ण मामलों पर मार्गदर्शन भी देता है।  जत्थेदार होता है अकाल तख्त का मुखिया अकाल तख्त का प्रमुख जत्थेदार ही उसका मुखिया होता है. जत्थेदार को ही दुनिया भर के सिखों का सर्वोच्च प्रवक्ता और प्रमुख माना जाता है. यह एक धार्मिक नेता की तरह होते हैं जिनसे अपेक्षा की जाती है कि वे किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त रहें. वर्तमान में कुलदीप सिंह गरगज कार्यवाहक जत्थेदार हैं.इनकी नियुक्त शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से 2025 में की गई थी. हालांकि तकनीकी तौर पर अकाल तख्त एक स्वतंत्र धार्मिक संस्था है।  अकाल तख्त के सामने बुलाए जाने का अर्थ क्या? श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार अगर किसी को पेश होने का आदेश देते हैं तो यह एक तरह का धार्मिक समन है. जो आरेापी व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का मौका देता है. जो भी व्यक्ति इसकी अनदेखी करता है वह सिख समुदाय की नजर में अपनी विश्वसनीयता खो देता है. आरोपी अगर पेश होता है तो उसका पक्ष सुनकर अकाल तख्त फैसला करता है कि उसे क्लीनचिट देनी है या फिर प्रायश्चित का आदेश देना है. इसे तनखाह कहा जाता है. यह धार्मिक दंड है. आम तौर पर तनखाह में सेवा कार्य, सार्वजनिक माफी की सजा दी जाती है।  सुखबीर सिंह बादल को मिला था धार्मिक दंड श्री अकाल तख्त साहिब ने 2024 में पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को तनखैया घोषित किया था. उन्हें तनखाह यानी धार्मिक सजा सुनाई गई थी. उन पर आरोप था कि 2007 से 2027 तक पंजाब की शिरोमणि अकाली दल सरकार में कुछ ऐसे फेसले हुए जिनसे पंथक हितों को नुकसान पहुंचा है. इसमें बेअदबी का माला भी शामिल था. सुखबीर सिंह बादल ने अपनी गलतियों के लिए बिना शर्त माफी मांगी थी. इसके बाद उने तनखाह सुनाई गई थी. उन्हें स्वर्ण मंदिर के बाद सेवादार की वर्दी पहनकर सेवा करनी पड़ी थी।  अकाल तख्त सबसे ऊपर क्यों? सिखों के पांच तख्त हैं. तख्त का अर्थ सिंहासन या सत्ता का आसन होता है. यह सिख धर्म का आध्यात्मिक और सांसारिक केंद्र है. पहला केंद्र श्री अकाल तख्त साहिब है, जो अमृतसर में है. दूसरा तख्त श्री केशगढ़ साहिब है जो आनंदपुर साहिब में है. तीसरा तख्त श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो) और चौथा तख्त श्री पटना साहिब तथा पांचवां तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ में है. अकाल तख्त सर्वोच्च इसलिए है, क्योंकि ये पहला तख्त है।   

ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापना में तेजी लाएं, निजी क्षेत्र के निवेश को दें प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री

फायर एनओसी की वैधता समाप्त होने से पहले ही जारी करें नोटिस, जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 85% भूमि अधिग्रहीत, बोले मुख्यमंत्री सभी प्रस्तावित नए एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करें  ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापना में तेजी लाएं, निजी क्षेत्र के निवेश को दें प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री लाइन लॉस पर फीडरवार तय होगी जवाबदेही, बिजली चोरी के विरुद्ध चलाएं विशेष अभियान: मुख्यमंत्री मॉडल बिल्डिंग बायलॉज के संबंध में प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण कर 15 दिनों में पूरी प्रक्रिया पूर्ण की जाए: मुख्यमंत्री जनहित की प्रत्येक परियोजना समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी हो : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक अवसंरचना, ग्रामीण आजीविका, ऊर्जा, स्वास्थ्य, डेटा सेंटर, ईवी चार्जिंग सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अग्नि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी शासकीय एवं निजी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों, जिला स्तरीय महिला एवं पुरुष चिकित्सालयों तथा होटलों में फायर एनओसी की स्थिति का तत्काल सत्यापन कराया जाए। जिन संस्थानों की फायर एनओसी की वैधता समाप्त होने वाली है अथवा जिनके पास अब तक वैध फायर एनओसी उपलब्ध नहीं है, उन्हें तत्काल नोटिस जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपद में संबंधित विभागों के साथ बैठक कर फायर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक अवसंरचना, ग्रामीण आजीविका, ऊर्जा, कृषि, डेटा सेंटर, ईवी चार्जिंग सहित प्रदेश की विभिन्न जनहितकारी परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। बैठक में गत सीएम-समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक 1339.04 हेक्टेयर भूमि में से 1135.57 हेक्टेयर अर्थात 84.80 प्रतिशत भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 643.60 हेक्टेयर के सापेक्ष 315.73 हेक्टेयर अर्थात 49.05 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 1539.19 हेक्टेयर के सापेक्ष 654.77 हेक्टेयर तथा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 895.34 हेक्टेयर के सापेक्ष 266.82 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्माण कार्यों हेतु निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास की नई धुरी बनेंगे, इसलिए इनके किनारे औद्योगिक क्षेत्रों के विकास हेतु भी पर्याप्त भूमि की उपलब्धता समय रहते सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल, झांसी एवं जेवर लिंक एक्सप्रेसवे सहित अन्य परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश संबंधित जिलाधिकारियों को दिए। बैठक में मेरठ-हरिद्वार, विंध्य, विंध्य-पूर्वांचल तथा नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की प्रगति एवं भूमि अधिग्रहण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। बैठक में ग्रेटर नोएडा स्थित मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब एवं मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की प्रगति की समीक्षा की गई। बताया गया कि मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए अधिकांश भूमि उपलब्ध हो चुकी है तथा शेष भूमि अधिग्रहण एवं विकासकर्ता चयन की प्रक्रिया प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने परियोजना के शेष कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए प्रस्तावित मॉडल बिल्डिंग बायलॉज की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण कर आगामी 15 दिनों में पूरी प्रक्रिया पूर्ण की जाए तथा संशोधित प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत राज्य, जनपद एवं विकास खंड स्तर पर रिक्त पदों पर चयन एवं तैनाती की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में निजी निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं तथा निजी क्षेत्र निवेश के लिए इच्छुक है। आवश्यक अनुमतियों एवं प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत चयनित स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। बैठक में डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए डेटा सेंटर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में सीवर लाइन एवं मेनहोल से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों को हटाने एवं पृथक्करण की कार्यवाही की भी समीक्षा की गई तथा इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।  ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त मेरठ, आगरा एवं सहारनपुर को लाइन लॉस के संबंध में फीडरवार जवाबदेही निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी बिजली चोरी की शिकायतें हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए। ईमानदार उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए।

CM योगी आज पीलीभीत और मुरादाबाद दौरे पर, करोड़ों की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

सीएम योगी सोमवार को पीलीभीत- मुरादाबाद दौरे पर, विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात पीलीभीत में 569 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण/शिलान्यास एवं पट्टा विवरण मुरादाबाद मंडल में चल रहे विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की करेंगे समीक्षा लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार 29 जून को पीलीभीत और मुरादाबाद के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री पहले पीलीभीत पहुंचेंगे, जहां बीसलपुर में पीलीभीत के बरखेड़ा एवं बीसलपुर विधानसभा क्षेत्रों के 569 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास एवं पट्टा विवरण करेंगे। यहां वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे। पीलीभीत के बाद मुख्यमंत्री मुरादाबाद पहुंचेंगे, जहां वह सर्किट हाउस में आयोजित मुरादाबाद मंडल में लोक निर्माण विभाग के पुराने कार्यों की समीक्षा और नए कार्यों की कार्ययोजना के संबंध में बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री मुरादाबाद के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा भी करेंगे। इसके बाद मुरादाबाद सदर, मुरादाबाद देहात व कुन्दरकी विधानसभा क्षेत्रों तथा नगर निगम मुरादाबाद एवं मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के विकास कार्यों का लोकार्पण/ शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे। यहां दानवीर भामाशाह जयंती एवं व्यापारी कल्याण दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन होगा। साथ ही मुख्यमंत्री गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री मुरादाबाद के सर्किट हाउस में ही रात्रि विश्राम करेंगे।

इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहेंगे बेन स्टोक्स, ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के साथ खत्म होगा शानदार करियर

नॉटिंघम इंग्लैंड क्रिकेट टीम के दिग्गज ऑलराउंडर और सफल कप्तानों में शुमार बेन स्टोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कर लिया है. स्टोक्स न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच ट्रेंट ब्रिज में खेले जा रहे मौजूदा टेस्ट मैच के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगे. उनके इस फैसले ने क्रिकेट जगत को भावुक कर दिया है।  चौथे दिन (28 जून) का खेल शुरू होने से पहले 35 साल के बेन स्टोक्स ने अपने साथियों को अपने फैसले की जानकारी दी. इसके बाद इंग्लैंड टीम की ओर से एक भावुक मैसेज भी साझा किया गया, जिसमें स्टोक्स को टीम का सबसे प्रेरणादायक कप्तान, लीडर और महान खिलाड़ी बताया गया. स्टोक्स के संन्यास की खबर उस समय आधिकारिक रूप से आई जब वह ट्रेंट ब्रिज में गेंदबाजी कर रहे थे।  दिलचस्प बात यह रही कि जैसे ही उनके रिटायरमेंट की आधिकारिक घोषणा हुई, उसके तुरंत बाद फेंकी गई पहली ही गेंद पर उन्होंने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज जकारी फाउलकेस का विकेट हासिल कर लिया. स्टोक्स हाल ही में लंदन के एक नाइट क्लब में हुई घटना के कारण दूसरा टेस्ट नहीं खेल पाए थे. हालांकि ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में कप्तान के तौर पर उनकी वापसी हुई।  स्टोक्स ने क्या कहा? उन्होंने खिलाड़ियों से कहा, 'मेरे इस फैसले की वजहों पर बाद में बात होगी. लेकिन मैंने इस टीम, आप लोगों और अपने से पहले के खिलाड़ियों के लिए हमेशा अपना सबकुछ झोंका. अब मेरे पास एक आखिरी मौका है. मेरी सिर्फ एक ही गुजारिश है कि हर कोई वही करे. हमें अगले दो दिनों में काफी मेहनत करनी है. मैं चाहता हूं कि जब मैं मैदान से बाहर जाऊं तो यह महसूस करूं कि इस टीम ने अपना सबकुछ झोंक दिया. सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि इस टीम के लिए।  इंग्लैंड क्रिकेट ने X पर लिखा, 'बेन, आप इस टीम के लिए सबसे प्रेरणादायक कप्तान, लीडर और दिग्गज रहे हैं, जिसकी कोई भी टीम उम्मीद कर सकती है. हम आपसे बहुत प्यार करते हैं और आपके भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं देते हैं।  बेन स्टोक्स ने 122 टेस्ट, 114 ओडीआई और 43 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं. इस मुकाबले से पहले तक स्टोक्स ने टेस्ट मैचों में 7228 रन बनाए और 246 विकेट झटके. वहीं वनडे इंटरनेशनल में उनके नाम पर 3463 रन और 74 विकेट दर्ज हैं. टी20 इंटरनेशनल में स्टोक्स ने 585 रन बनाए और 26 विकेट झटके. स्टोक्स की कप्तानी में इंग्लैंड ने 44 टेस्ट मैचों में से 24 में जीत हासिल की है। 

पंजाब में बेअदबी कानून को लेकर बड़ा दिन, अकाल तख्त के समक्ष आज अपना पक्ष रखेगी सरकार

अमृतसर. आम आदमी पार्टी ने फैसला किया है कि सोमवार को पार्टी के सभी मंत्री व विधायक श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे। रविवार को पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की उपस्थिति में पार्टी विधायकों व मंत्रियों की हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ने पंजाब सरकार द्वारा बनाए गए बेअदबी कानून के प्रावधानों में संशोधन नहीं करने पर विधानसभा के सभी सिख विधायकों व पूरी कैबिनेट को 29 जून को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होने के लिए कहा था। रविवार को बैठक के बाद अरविंद केजरीवाल के साथ पत्रकारों से वार्ता करते हुए भगवंत मान कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से जारी प्रत्येक आदेश का अक्षरशः पालन किया जाएगा। पार्टी के सभी मंत्री, विधायक तथा विधानसभा के स्पीकर, जिन्हें श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा तलब किया गया है, सोमवार को विनम्र सिख के रूप में सरकार की स्थिति स्पष्ट करेंगे तथा अपना पक्ष रखेंगे। वीडियो से संबंधित विवरण भी श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपेंगे इसके अलावा उनकी नकल करने वाले व्यक्ति के फर्जी वीडियो से संबंधित समस्त विवरण भी श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपेंगे। मान ने कहा कि उन्हें पेश होने के लिए कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा 70 वर्ष पुराने "नांदेड़ सिख गुरुद्वारा सचखंड श्री हजूर अबचलनगर साहिब अधिनियम, 1956" को निरस्त करने के निर्णय पर मुख्यमंत्री ने कहा, "महाराष्ट्र सरकार को सिख कौम के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। महाराष्ट्र की भाजपा सरकार को ऐसे कदम उठाने से बचना चाहिए जिनसे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हों। राजनीति और धर्म दोनों अलग-अलग विषय हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में आपस में नहीं मिलाया जाना चाहिए। 15 जून को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने दिया था करार उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के कथित वीडियो को लेकर 15 जून को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने गुरु व पंथ दोखी (गुरु व पंथ के दोषी) करार दिया था। इसी कारण मान को पेश होने के लिए नहीं कहा गया है। मान ने कहा कि एसजीपीसी ने अब गुरुद्वारों के बाहर मेरे सामाजिक बहिष्कार के पोस्टर लगाने का आदेश दिया है। उन्होंने सवाल किया कि शिरोमणि अकाली दल अथवा सुखबीर बादल के खिलाफ ऐसे पोस्टर कभी क्यों नहीं लगाए गए, जबकि उन्होंने स्वयं बेअदबी की घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार की थी? मान ने कहा कि संगत समझदार है और जनता सर्वोच्च है। आरोप लगाया कि भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल मुझे धार्मिक रूप से बदनाम कर राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं।

BTech में दाखिले का मौका! छत्तीसगढ़ में कल से शुरू होगी ऑनलाइन काउंसिलिंग

दुर्ग. इस वर्ष प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए तकनीकी शिक्षा संचालनालय (डीटीई) द्वारा बीटेक प्रवेश के लिए ऑनलाईन काउंसिलिंग प्रक्रिया 30 जून से प्रारंभ हो रही है। यह समय उन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जिन्होंने पीईटी परीक्षा दी है और अब अपने भविष्य के लिए कॉलेज एवं ब्रांच का चयन करेंगे। डीटीई ने बीटेक काउंसिलिंग का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है, जिसके अनुसार प्रथम चरण की काउंसिलिंग 30 जून से प्रारंभ हो रही है। इस वर्ष व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा 14 मई को प्रवेश परीक्षा पीईटी आयोजित की गयी। इस परीक्षा में दुर्ग शहर के केंद्रों में 2362 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 1951 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 411 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। दुर्ग शहर में लगभग 7 इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित हैं। जिससे विद्यार्थियों के पास अनेक विकल्प उपलब्ध है। ऐसे में केवल प्रवेश लेना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि सही कॉलेज और सही ब्रांच का चयन करना अधिक महत्वपूर्ण है।

कबीर जयंती महोत्सव में शामिल होंगे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, असंग देव कबीर आश्रम में करेंगे संबोधन

रायपुर. मुख्यमंत्री आज सोमवार को रायपुर और जांजगीर-चांपा जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे असंग देव कबीर आश्रम, सोनपैरी में आयोजित कबीर जयंती महोत्सव में शामिल होंगे। इसके बाद हेलीकॉप्टर से चांपा पहुंचकर विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह 11:00 बजे मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन, रायपुर से कार द्वारा प्रस्थान करेंगे और असंग देव कबीर आश्रम, सोनपैरी पहुंचेंगे। यहां दोपहर तक आयोजित कबीर जयंती महोत्सव में शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री सोनपैरी से रवाना होकर 12:55 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपेड, रायपुर पहुंचेंगे और दोपहर 1:00 बजे हेलीकॉप्टर से चांपा के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर 1:45 बजे भालेराय मैदान हेलीपेड, चांपा पहुंचने के बाद वे 1:55 बजे देवांगन धर्मशाला, थाना पारा पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री का दोपहर 2 बजे से 2.30 बजे तक का समय आरक्षित रखा गया है। इसके बाद वे 2:30 बजे देवांगन धर्मशाला से रवाना होकर 2:35 बजे हेलीपेड पहुंचेंगे और 2:40 बजे हेलीकॉप्टर से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 3:25 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपेड, रायपुर पहुंचेंगे और वहां से 3:30 बजे मुख्यमंत्री निवास के लिए रवाना होंगे। दोपहर 3:35 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुंचने के बाद उनका समय आरक्षित रहेगा।

मुंबई में मानसून का कहर! सड़कों पर भरा पानी, अंधेरी सबवे बंद, ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई

मुंबई मुंबई में मॉनसून की जोरदार बारिश ने शहर के कई इलाकों को पानी-पानी कर दिया है. सड़कें तालाब बन गई हैं, ट्रैफिक ठप हो गया है. लोगों को घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अंधेरी सबवे (अंडरपास) में इतना पानी भर गया है कि उसे यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।  रातभर की बारिश से अंधेरी, बांद्रा, खार, मालाड, गोरेगांव, जुहू, वर्सोवा जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा असर देखा गया है. वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर भी पानी भरने से गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के मुताबिक, अंधेरी सबवे में पानी भर गया है, जिसके बाद उसे बंद करना पड़ा।  बता दें कि अंधेरी सबवे मुंबई का एक ऐसा रास्ता है जो पूर्व और पश्चिम को जोड़ता है. हर रोज हजारों गाड़ियां और लोग यहां से गुजरते हैं. मॉनसून की बारिश में अंधेरी सबवे में जलजमाव होना पुरानी समस्या है।  शहर के निचले इलाकों में कई जगहों पर भारी जलभराव की तस्वीरें सामने आ रही हैं. जलजमाव को देखते हुए एहतियातन अंधेरी सबवे को देर रात 1:45 बजे से यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है. किसी भी अप्रिय घटना या हादसे को रोकने के लिए सबवे के बाहर पुलिस बंदोबस्त किया गया है।  एक तरफ जोरदार बारिश से मुंबईवासियों को उमस और गर्मी से तो बड़ी राहत मिली है, तो वहीं सुबह-सुबह दफ्तर और काम पर जाने वालों को परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है।  भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए आज भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है. बता दें कि मॉनसून इस बार 13 दिन देरी से मुंबई पहुंचा था। 

चार महीने बंद रहा होर्मुज, फिर भी नहीं थमी भारत की रफ्तार, जानिए कैसे

नई दिल्ली  मिडिल ईस्ट में संघर्ष और होर्मुज के बंद होने के कारण पूरे विश्व में हाहाकार मचा हुआ था। वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भी भारत सीना तान खड़ा रहा है और अपनी कुशल रणनीति और पूर्व तैयारी के बल पर ईंधन संकट को पूरी तरह टाल लिया। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग के चार महीने तक बंद रहने के बावजूद देश में पेट्रोल पंपों पर कोई लंबी कतारें नहीं लगीं, घरों में एलपीजी सिलेंडर की कमी नहीं हुई और आर्थिक गतिविधियां लगभग सामान्य रहीं। सरकार के दूरदर्शी बुनियादी ढांचा विकास, आपूर्ति विविधीकरण और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता ने इस अभूतपूर्व चुनौती को सफलतापूर्वक पार किया। दरअसल, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के जवाब में तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद कर दिया। यह समुद्री जल मार्ग विश्व के कुल तेल परिवहन का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है। बंदी के तुरंत बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में भारी व्यवधान उत्पन्न हो गया और कीमतों में आग लग गई। यहां आपको बता दें कि भारत अपने कच्चे तेल का करीब 90 प्रतिशत और एलपीजी का 60 प्रतिशत आयात करता है, विशेष रूप से प्रभावित होने वाला देश था। देश के कुल तेल आयात का लगभग 50 प्रतिशत और एलपीजी आयात का 90 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता था। संकट लगभग चार महीने तक चला। भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश होने के कारण इस संकट का सीधा असर उसकी अर्थव्यवस्था पर पड़ने की आशंका थी। कीमतों में भारी उछाल संकट लंबा खिंचने से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चली गईं। भारतीय कच्चे तेल की कीमतें संकट से पहले के 70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से बढ़कर चार सप्ताह के अंदर 120 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गईं। ब्रेंट क्रूड 126 डॉलर प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्चतम स्तर को छू गया। सऊदी अरब में एलपीजी अनुबंध मूल्य में फरवरी से जून के बीच करीब 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की आयात लागत 1600 रुपये से ऊपर पहुंच गई। युद्ध-जोखिम बीमा दरों में कई गुना वृद्धि हुई, जिससे आयात और महंगा हो गया। भारत की सफल रणनीति सरकार ने संकट शुरू होते ही कुछ ही दिनों में सख्त नियंत्रण आदेश जारी कर दिए। रणनीति के तहत सरकार ने घरेलू उत्पादन में तीव्र वृद्धि की। पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में छूट, आक्रामक आपूर्ति स्रोत विविधीकरण और सक्रिय ऊर्जा कूटनीति पर जो दिया। सरकार ने मांग प्रबंधन पर जोर दिया और फैसला लिया कि लागत का बोझ आम परिवारों पर न डाला जाए, बल्कि इसे सार्वजनिक क्षेत्र की विपणन कंपनियों के माध्यम से वहन किया जाए। इस फैसले से ईंधन की घरेलू उपलब्धता बनी रही। पिछले दस वर्षों में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किए गए भारी निवेश ने संकट के समय काम किया। एलपीजी आयात टर्मिनलों की संख्या 2014 में 11 से बढ़कर वर्तमान में 22 हो गई है। आयात क्षमता भी 12 मिलियन टन प्रति वर्ष से बढ़कर 2026 में 32.3 मिलियन टन प्रति वर्ष पहुंच गई। कच्चे तेल की खरीद के स्रोतों में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ। 2014 में 27 देशों से आयात करने वाला भारत अब 2026 में 41 देशों से तेल खरीद रहा है। लीबिया, गैबॉन, इक्वेटोरियल गिनी और गुयाना जैसे नए आपूर्तिकर्ता जुड़े, जबकि अमेरिका और रूस से आयात में खासी बढ़ोतरी हुई। परिणामस्वरूप, होर्मुज पर निर्भरता पहले की तुलना में काफी कम हो गई। वहीं, एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के विस्तार से भी हर साल कच्चे तेल के आयात में बड़ी बचत हो रही है, जो संरचनात्मक संतुलन बनाए रखने में सहायक सिद्ध हुआ। आर्थिक प्रभाव और सरकार का खर्च दो महीने से अधिक समय तक खुदरा कीमतों को स्थिर रखने के बाद विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 7 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। फिलहाल तेल कंपनियां प्रतिदिन करीब 650 करोड़ रुपये की वसूली में असफल हो रही हैं, जो पहले 1000 करोड़ रुपये के उच्चतम स्तर पर थी। सरकार ने 27 मार्च को पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की, जिससे राजस्व में लगभग 1.7 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस तिमाही में तेल और गैस कंपनियों को 1 लाख से 1.2 लाख करोड़ रुपये तक का नुकसान होने का अनुमान है। हालांकि, सरकार का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और होर्मुज के फिर से खुलने से आने वाले महीनों में खुदरा कीमतों में गिरावट आएगी। अन्य देशों की तुलना में भारत का बेहतर प्रदर्शन होर्मुज संकट से निपटने के लिए दुनिया भर के देशों ने अलग-अलग रणनीतियां अपनाईं। कई एशियाई आयात-निर्भर अर्थव्यवस्थाओं को ईंधन की कमी का सामना करना पड़ा। श्रीलंका ने दो सप्ताह में पेट्रोल राशनिंग लागू कर दी और सरकारी कामकाज को चार दिन के सप्ताह में सीमित कर दिया। पाकिस्तान ने स्कूल बंद किए और कार्य सप्ताह छोटा किया। म्यांमार ने विषम-सम ड्राइविंग और क्यूआर कोड आधारित राशनिंग लागू की। बांग्लादेश ने तेल भंडारों पर सेना तैनात कर दी, जबकि इथियोपिया ने कुछ क्षेत्रों में ईंधन आपूर्ति पूरी तरह रोक दी। धनी देशों ने भी रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारों का इस्तेमाल किया। जापान ने भंडार कम किए और सब्सिडी दी, दक्षिण कोरिया ने 30 वर्षों में पहली बार कीमतों पर नियंत्रण लगाया। यूरोपीय संघ के 22 सदस्य देशों ने अप्रैल के मध्य तक 9 अरब यूरो से अधिक की राहत पैकेज घोषित किए। इसके विपरीत, भारत ने न तो आपातकाल घोषित किया, न राशनिंग लगाई और न ही स्कूल या कार्य घंटे कम किए। केवल व्यावसायिक और थोक एलपीजी, डीजल तथा एविएशन ईंधन के निर्यात पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए, ताकि घरेलू जरूरतें पूरी हो सकें। आर्थिक स्थिरता बरकरार संकट के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा भंडार 728 अरब डॉलर से अधिक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया और पूरे संकट काल में स्थिर रहा। जीडीपी वृद्धि दर 7 प्रतिशत के आसपास बनी रही। चालू खाता घाटा नियंत्रण में रहा और खुदरा मुद्रास्फीति रिजर्व बैंक के लक्ष्य के अंदर रही। होर्मुज खुलने के बाद अब क्या? जून में अमेरिका-ईरान शांति समझौते के … Read more

IND vs IRE: आयरलैंड ने रचा इतिहास, टीम इंडिया को 2-0 से हराकर किया क्लीन स्वीप

बेलफास्ट भारत और आयरलैंड के बीच दो मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रविवार (28 जून) को खेला गया. बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में हुए इस मुकाबले में आयरलैंड ने 1 रन से जीत हासिल की. इस जीत के साथ ही आयरलैंड ने सीरीज में भारत का 2-0 से सूपड़ा साफ कर दिया. आयरलैंड ने पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीती है. मुकाबले में आयरलैंड ने भारतीय टीम को जीत के लिए 155 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन वो 9 विकेट पर 153 रन ही बना सकी. मौजूदा टी20 वर्ल्ड चैम्पियन भारत की हार का मुख्य कारण उसकी बैटिंग रही. भारत का टॉप आर्डर इस मैच में भी फ्लॉप रहा।  श्रेयस अय्यर की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम सीरीज का पहला मुकाबला 34 रनों से गंवा बैठी थी. ऐसे में ये मुकाबला जीतना टीम इंडिया के बेहद जरूरी था, लेकिन वो ऐसा नहीं कर पाई. आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए 20 रन बनाने थे. हर्षित राणा (21 रन) ने जरूर कुछ शॉट्स खेलकर उम्मीदें जगाईं, लेकिन वो अहम मौके पर आउट हो गए. आखिरी बॉल पर प्रिंस यादव ने भी छक्का लगाया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।  रनचेज में भारतीय टीम की शुरुआत कुछ खास नहीं रही. उसने 35 रनों के स्कोर तक चार विकेट गंवा दिए. अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन तो गोल्डन डक पर आउट हुए. वहीं कप्तान श्रेयस अय्यर ने 10 रन बनाए. इन तीनों ही बल्लेबाजों को जय मूंदरा ने पवेलियन भेजा. ईशान किशन 12 रनों के निजी स्कोर पर रन आउट हुए. यहां से तिलक वर्मा और अक्षर पटेल ने 39 रन जोड़कर भारतीय पारी को संभाला. मैथ्यू हॉलार्ड ने अक्षर को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा।  शिवम दुबे और तिलक वर्मा ने मिलकर छठे विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की. लेकिन जब बड़े शॉट्स की दरकार थी, तब शिवम दुबे पवेलियन चल दिए. 20 रनों के निजी स्कोर पर शिवम दुबे को मैथ्यू हफ्रीज ने अपनी फिरकी में फंसाया. तिलक वर्मा ने फिफ्टी जड़ी, लेकिन वो भी मुश्किल वक्त में टीम का साथ छोड़ बैठे. तिलक ने 3 चौके और एक छक्के की मदद से 46 बॉल पर 55 रन बनाए. वहीं सूर्यांश शेडगे 1 रन बना सके. यहां से भारत के लिए मैच जीतना मुश्किल था और ऐसा ही हुआ. जय मूंदरा और मैथ्यू हॉलार्ड ने आयरलैंड के लिए तीन-तीन विकेट झटके।  ऐसी रही आयरलैंड की बैटिंग मुकाबले में आयरलैंड ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 8 विकेट पर 154 रन बनाए. आयरलैंड की शुरुआत कुछ अच्छी नहीं रही. हर्षित राणा ने दूसरे ही ओवर में टिम टेक्टर (5 रन) को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया. फिर अगले ओवर में अर्शदीप सिंह ने तूफानी बैटिंग कर रहे रॉस अडायर (16 रन) को आउट किया. कप्तान लोर्कन टकर (15 रन) इस मैच में बल्ले से प्रभावित नहीं कर पाए और उन्हें डेब्यूटेंट प्रिंस यादव ने पवेलियन भेजा. टकर के आउट होने के समय आयरलैंड का स्कोर 48/3 था।  यहां से बेंजामिन कैलिट्ज और हैरी टेक्टर ने चौथे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी कर पारी को संभाला. कैलिट्ज ने 3 चौके और दो छक्के की मदद से 23 बॉल पर 37 रन बनाए. शिवम दुबे ने लगातार गेंदों पर कैलिट्ज और गैरेथ डेलानी (0 रन) को चलता किया. इसके बाद जॉर्ज डॉकरेल और हैरी टेक्टर ने छठे विकेट के लिए 31 रन जोड़े और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में मदद की।  हैरी टेक्टर ने 5 चौके और एक छक्के की मदद से 47 बॉल पर 53 रन बनाए. वहीं जॉर्ज डॉकरेल के बल्ले से 19 रन निकले. लियाम मैकार्थी 2 रन बनाकर आउट हुए. भारत की ओर से प्रिंस यादव ने तीन विकेट चटकाए. वहीं अर्शदीप सिंह और शिवम दुबे को 2-2 सफलताएं हासिल हुईं।  इस मुकाबले में भारतीय टीम के लिए ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे और तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया. वॉशिंगटन सुंदर और प्रसिद्ध कृष्णा प्लेइंग-11 से बाहर रहे. हालांकि वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर बेंच पर बैठना पड़ा. वैभव के डेब्यू का इंतजार और लंबा हो चुका है।  भारत और आयरलैंड के बीच अब तक 10 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान टीम इंडिया ने 8 मुकाबले में जीत दर्ज की. जबकि आयरलैंड को 2 मैचों में सफलता हासिल हुई. यानी आंकड़ों में भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहा है।