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योगी सरकार की डिजिटल पहल, 31 हजार से ज्यादा OBC युवा बन रहे तकनीकी रूप से दक्ष

योगी सरकार की डिजिटल पहल, 31 हजार से ज्यादा ओबीसी युवा बन रहे तकनीकी दक्ष निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण से युवाओं को मिल रहा रोजगारपरक कौशल बढ़ाने का अवसर ओ-लेवल में 24,240 और सीसीसी में 7,362 प्रशिक्षणार्थी ले रहे प्रशिक्षण नाइलिट से मान्यता प्राप्त संस्थानों के जरिए युवाओं को दी जा रही निःशुल्क तकनीकी शिक्षा लखनऊ,  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और रोजगार के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दे रही है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की निशुल्क ओ-लेवल एवं सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी युवक-युवतियों के लिए तकनीकी शिक्षा का प्रभावी माध्यम बन गई है। योजना के तहत इस वर्ष 31 हजार से ज्यादा प्रशिक्षणार्थी कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सरकार की इस पहल से युवाओं को आधुनिक तकनीकी ज्ञान और रोजगारपरक कौशल हासिल करने का अवसर मिल रहा है।  70 हजार से ज्यादा आये थे आवेदन वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस वर्ष 31,602 प्रशिक्षणार्थी प्रतिभाग कर रहे हैं। जिसमें सबसे ज्यादा ओ-लेवल में 24,240 और सीसीसी में 7,362 प्रशिक्षणार्थी शामिल हैं। 11 अगस्त से प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। वर्ष 2026-27 में योजना के लिए 70 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें सबसे अधिक आवेदन ओ-लेवल प्रशिक्षण के लिए आये थे।  योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी युवाओं को बिना किसी शुल्क के आधुनिक कंप्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ रोजगार के अवसरों को भी मजबूती मिल रही है। योजना का लाभ उन ओबीसी अभ्यर्थियों को दिया जा रहा है, जिन्होंने इंटरमीडिएट या उससे अधिक शिक्षा प्राप्त की है। इसके साथ ही इनके अभिभावकों की वार्षिक आय एक लाख रुपये या उससे कम है। 338 प्रशिक्षण संस्थानों का मजबूत नेटवर्क प्रशिक्षण भारत सरकार के राष्ट्रीय इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलिट) से मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से कराया जा रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 338 प्रशिक्षण संस्थान योजना से जुड़े हैं। इनमें 63 संस्थान केवल ओ-लेवल, 39 सीसीसी और 236 संस्थान दोनों पाठ्यक्रम संचालित कर रहे हैं। इससे प्रदेश के अधिकांश जिलों में युवाओं को अपने नजदीक ही कंप्यूटर प्रशिक्षण हासिल करने की सुविधा मिल रही है। सरकार की ओर से ओ-लेवल प्रशिक्षण के लिए प्रति छात्र 15 हजार रुपये और सीसीसी के लिए 3,500 रुपये तक का भुगतान किया जाता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं पर प्रशिक्षण का आर्थिक बोझ नहीं पड़ता। डिजिटल शिक्षा से रोजगार की ओर बढ़ रहे युवा योगी सरकार की यह पहल तकनीकी शिक्षा को गांव और कस्बों तक पहुंचाने के साथ युवाओं को बदलती डिजिटल अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण, व्यापक संस्थागत नेटवर्क और बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी इस योजना को रोजगारोन्मुखी शिक्षा की दिशा में सरकार की एक सराहनीय पहल बना रही है। युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना सरकार की प्राथमिकता पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि इस वर्ष 31 हजार से अधिक प्रशिक्षणार्थी योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य युवाओं को डिजिटल ज्ञान और रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के लिए 338 संस्थानों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को उनके नजदीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण की सुविधा मिल सके।

धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को मिल रही रफ्तार, CM डॉ. यादव बोले- देश में तेजी से हो रहा विकास

देश में तेजी से हो रहा धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन का विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय संस्कृति के गौरवशाली अतीत को पुन: स्थापित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध उज्जैन में महाकाल लोक निर्माण के बाद 20 गुना बढ़ गई श्रद्धालुओं की संख्या मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान द्वारकाधीश के किए दर्शन प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की मुख्यमंत्री ने देश-प्रदेशवासियों को दीं जन्माष्टमी की शुभकामनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को सपत्नीक गुजरात की देवभूमि द्वारका के पावन द्वारकाधीश मंदिर पहुंचकर सपत्नीक भगवान द्वारकाधीश के अलौकिक रूप का दर्शन एवं विधि-विधान से पूजन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान द्वारकाधीश से सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को मनाई जाने वाली जन्माष्टमी से पहले देश-प्रदेशवासियों को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म पर्व के हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सीमा यादव एवं अन्य परिजनों सहित सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय के डॉ. इलैया राजा टी. भी उपस्थित थे। मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा भगवान द्वारकाधीश के दर्शन-पूजन के बाद मंदिर परिसर के बाहर स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज वे सपरिवार द्वारिका आये हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के उज्जैन और गुजरात की द्वारिका नगरी सहित देशभर में लगातार धार्मिक पर्यटन के नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं। उज्जैन में महाकाल लोक के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या 20 गुना बढ़ गई है। वर्तमान में लगभग 10 करोड़ से अधिक तीर्थ यात्री उज्जैन आ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के कर कमलों से उज्जैन में बाबा महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद बनारस में भी काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरीडोर का निर्माण हुआ, जिससे बाबा विश्वनाथ की नगरी में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिली हैं। जन्माष्टमी से पहले भगवान द्वारकाधीश के दर्शन का मिला सौभाग्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि द्वारकाधीश मंदिर आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित सनातन संस्कृति के चार धामों में से एक प्रमुख तीर्थ है। जन्माष्टमी से ठीक पहले भगवान द्वारकाधीश के भव्य दर्शन का अवसर मिलना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुछ समय पहले ही वे सोमनाथ धाम गये थे। इसके बाद आज द्वारका के प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर में विधिवत् दर्शन-पूजन-अर्चन कर यहां की सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। हम भी अपने देवस्थानों में बेहतर से बेहतर प्रबंधन की सभी व्यवस्थाएं कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में श्रद्धालुओं के लिए विकसित की जा रहीं सुगम व्यवस्थाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार लगातार धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के विस्तार के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों एवं देवस्थानों पर सहज एवं सुगम आवागमन, श्रद्धालुओं के ठहरने, उनकी सुरक्षा और पर्यटकों की वृद्धि को देखते हुए वहां सभी जरूरी अधोसंरचनाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। हमारी सरकार भारतीय संस्कृति के गौरवशाली अतीत को पुन: स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।  

छत्तीसगढ़ में जन्माष्टमी पर सख्ती, शराब-मांस की बिक्री पर रोक; लागू होगा ‘नो नॉन-वेज डे’

रायपुर. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण प्रतिबंध लागू रहेंगे। राज्य शासन ने जहां जन्माष्टमी के दिन पूरे प्रदेश में शुष्क दिवस घोषित किया है, वहीं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगरीय निकायों की सीमा में आने वाले पशुवध गृह और मांस बिक्री की दुकानों को भी बंद (नो नॉन-वेज डे) रखने के निर्देश दिए हैं। वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार 4 सितंबर को प्रदेशभर की सभी देशी और विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानें बंद रहेंगी। इसके साथ ही रेस्टोरेंट बार, होटल बार, क्लब, अहाता तथा शराब बेचने या परोसने वाले अन्य सभी लाइसेंसी प्रतिष्ठान भी बंद रहेंगे। इस दौरान भांग और भांगघोटा की फुटकर दुकानें भी बंद रखने के निर्देश हैं। शराब बेचने और परोसने पर रहेगी पूरी रोक शुष्क दिवस के दौरान किसी भी होटल, रेस्टोरेंट, क्लब अथवा अन्य प्रतिष्ठान या व्यक्ति को मदिरा बेचने या परोसने की अनुमति नहीं होगी। गैरमालिकाना क्लब, रेस्टोरेंट और स्टार होटल भी प्रतिबंध के दायरे में रहेंगे। आदेश में शुष्क दिवस की अवधि के दौरान मदिरा के व्यक्तिगत भंडारण तथा गैर-लाइसेंसी परिसरों में शराब के भंडारण पर भी रोक का उल्लेख किया गया है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मदिरा जब्त करने के साथ संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अवैध शराब पर आबकारी विभाग की नजर जन्माष्टमी के दौरान अवैध शराब के परिवहन, संग्रहण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कार्यालयों के अलावा संभागीय और राज्य स्तरीय उड़नदस्ते भी कार्रवाई करेंगे। इसके लिए जांच दल गठित किए जाएंगे, जो अवैध शराब के संभावित संग्रहण स्थलों के साथ संदिग्ध वाहनों की जांच करेंगे। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मांस की दुकानें और पशुवध गृह भी बंद इधर, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने भी जन्माष्टमी के अवसर पर पशुवध गृह और मांस बिक्री की दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। आदेश में सभी कलेक्टरों, नगर पालिक निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नगरीय निकायों की सीमा में स्थित पशुवध गृह एवं मांस बिक्री की दुकानों को संबंधित अवसर पर बंद रखा जाए। विभाग ने अपने पूर्व में जारी निर्देशों और शासन के संदर्भित पत्रों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया है कि विशिष्ट अवसरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भी शामिल है। ऐसे में 4 सितंबर को संबंधित आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

विश्वविद्यालयों को राज्यपाल डेका का संदेश, छात्र कल्याण और क्वालिटी एजुकेशन पर दें सबसे ज्यादा जोर

विद्यार्थियों का कल्याण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हो विश्वविद्यालयों की सर्वोच्च प्राथमिकता – राज्यपाल  डेका निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक में नैक ग्रेडिंग, पीएचडी  की गुणवत्ता, पाठ्यक्रमों और सामाजिक दायित्वों की समीक्षा रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि विद्यार्थियों का कल्याण विश्वविद्यालयों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। विश्वविद्यालय शिक्षा के पवित्र मंदिर हैं, इसलिए उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।            राज्यपाल रमेन डेका ने आज निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक लेकर विश्वविद्यालयों में शिक्षा एवं शोध की गुणवत्ता सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को नैक (NAAC) में बेहतर ग्रेडिंग प्राप्त करने के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों का अनुपात संतुलित होना चाहिए तथा विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। प्रत्येक विश्वविद्यालय में कम से कम 1000 विद्यार्थियों की संख्या सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करने को कहा। विश्वविद्यालय द्वारा शोधार्थियों को प्रोत्साहित करना चाहिए        डेका ने कहा कि पीएच.डी. उपाधि प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी होनी चाहिए। पीएच.डी. के लिए होने वाले पंजीयनों की विशेषज्ञों के माध्यम से रैंडम चेकिंग कराई जाएगी, ताकि शोध कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को केवल उपाधि प्रदान करने तक सीमित न रहकर ऐसे शोध को प्रोत्साहित करना चाहिए, जिसका समाज और देश के विकास में वास्तविक योगदान हो। रोजगार एवं भविष्य की संभावनाओं वाले विषयों को प्राथमिकता दें         राज्यपाल ने कहा कि कोई भी नया पाठ्यक्रम प्रारंभ करने से पहले विश्वविद्यालय संबंधित क्षेत्र में सर्वेक्षण कर आवश्यकता और विद्यार्थियों की रुचि का आकलन करें। जिन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या नहीं है, उन्हें बंद करने पर विचार किया जाए। अनावश्यक रूप से पाठ्यक्रमों की संख्या बढ़ाने के बजाय रोजगार एवं भविष्य की संभावनाओं वाले विषयों को प्राथमिकता दी जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप इंटीग्रेटेड कोर्स को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल           डेका ने एनवायरनमेंटल साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में नए पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप इंटीग्रेटेड कोर्स को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया। विश्वविद्यालय गोद लिए गए गांवों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका हो        डेका ने सभी निजी विश्वविद्यालयों को अपने आसपास के गांवों को गोद लेकर वहां शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नियमित कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को अपने सामाजिक दायित्वों को प्रभावी ढंग से निभाना चाहिए। गोद लिए गए गांवों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के साथ ब्रेस्ट कैंसर सर्वे जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी विश्वविद्यालय सक्रिय भूमिका निभाएं। स्वास्थ्य के लिए योग और ध्यान महत्वपूर्ण        राज्यपाल ने विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग और ध्यान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को प्रत्येक विद्यार्थी तक योग पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। विद्यार्थियों को योग के लिए इस प्रकार प्रेरित किया जाए कि यह उनकी दैनिक जीवनशैली और आदत का हिस्सा बन जाए। छत्तीसगढ़ी भाषा से जुड़े विषयों पर शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा दें      डेका ने छत्तीसगढ़ी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए विश्वविद्यालयों  को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ी भाषा से जुड़े विषयों पर शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर भाषा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। फार्मेसी पाठ्यक्रम की गुणवत्ता के लिए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें             राज्यपाल ने कहा कि फार्मेसी सीधे मानव स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए जिन विश्वविद्यालयों में फार्मेसी पाठ्यक्रम संचालित हैं, वहां विद्यार्थियों के बेहतर व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ टाई-अप किया जाए। उन्होंने फार्मेसी पाठ्यक्रम की गुणवत्ता के लिए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें             डेका ने विश्वविद्यालयों से नशा मुक्ति अभियान में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें नशे से दूर रखने में विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, रोजगारपरक शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के बीच बेहतर समन्वय करें           राज्यपाल ने निजी विश्वविद्यालयों को शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, रोजगारपरक शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्य करने का आह्वान किया।           बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, उच्च शिक्षा सचिव अविनाश चंपावत, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष वी. के. गोयल सहित विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।

बिल्डरों को सुप्रीम कोर्ट की दो टूक, ब्रोशर में जो वादा किया उसे पूरा करना होगा; DLF मामले में सख्ती

नई दिल्ली अक्सर ऐसा देखा जाता है कि बिल्डर कोई भी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट शुरू करते वक्त ब्रोशर, पंपलेट या वेबसाइट में बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन बाद में इसे मार्केटिंग बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं. ऐसे ही एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर के एक नामी बिल्डर को कड़ी फटकार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ब्रोशर में किए वादे सिर्फ मार्केटिंग नहीं हैं, उसी के मुताबिक प्रोजेक्ट देना होगा. सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट कंपनियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रोजेक्ट के ब्रोशर में संभावित होमबायर्स से किए गए वादों को महज मार्केटिंग मैटेरियल बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।  रियल एस्टेट डेवलपर की जिम्मेदारी है कि वह आवासीय परियोजना का निर्माण और डिलीवरी वैसे ही करे, जिनका वादा खरीदारों से किया गया था. गुरुग्राम के DLF होम डेवलपर्स ‘द प्राइमस' के प्रोजेक्ट पर सुनवाई के दौरान अदालत ने ये टिप्पणी की. सुप्रीम कोर्ट ने मूल योजना में प्रस्तावित 24 मीटर चौड़ी रोड में लगातार बदलावों पर कड़ी नाराजगी जताई. अदालत ने दो टूक कहा कि किसी आवासीय परियोजना के ब्रोशर में सुविधा, लेआउट या अन्य वादे केवल ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नहीं माने जा सकते. डेवलपर को परियोजना को उसी तौर पर विकसित करना होगा जैसा खरीदारों के सामने पेश किया गया था।  सड़क में बदलाव को मामूली नहीं माना जा सकता जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने कहा कि सड़क से संबंधित बदलाव मामूली नहीं कहे जा सकते. ये काफी मायने रखता है. सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर अगली सुनवाई तक प्रोजेक्ट को ब्रोशर के वादे तहत कदम नहीं उठाता तो वह उचित आदेश पारित करेगा. दस्तावेजों के मुताबिक, प्रोजेक्ट में 24 मीटर चौड़ी रोड के लिए 147 मीटर लंबे हिस्से में से करीब 52 मीटर को ग्रीन एरिया बना दिया गया है. वहीं सड़क का एक बड़ा हिस्सा सोसायटी के लोगों और मेहमानों की पार्किंग के तौर पर इस्तेमाल हो रहा है.अदालत ने कहा कि लगभग 100 मीटर की सड़क के करीब 66 फीसदी हिस्से का इस्तेमाल तो ग्रीन एरिया या पार्किंग के तौर पर इस्तेमाल हो रहा था।  24 मीटर चौड़ी सड़क का अधूरा वादा पीठ ने नाराजगी जताई कि कई मौके दिए जाने के बाद भी बिल्डर ने खामी को सुधारा. जजों ने कहा कि ये समझ से परे है कि प्रोजेक्ट को ब्रोशर में किए वादों के तहत पूरा करने के लिए कई मौके दिए गए, लेकिन अभी तक हालात नहीं बदले. सुप्रीम कोर्ट का ये ऑर्डर सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट के बाद आया. कोर्ट ने 24 मीटर चौड़ी सड़क और प्रोजेक्ट का अन्य मामलों में अनुपालन न होने कथित अनियमितताओं से जुड़ी अन्य शिकायतों पर प्रारंभिक तथ्य-जांच करने का निर्देश CBI को दिया था।  सीबीआई ने दाखिल की थी स्टेटस रिपोर्ट CBI ने स्टेटस रिपोर्ट के पहले प्रोजेक्ट के नक्शों, तस्वीरों और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निस्संदेह मूल परियोजना और ब्रोशर में जैसी सड़क दिखाई गई थी, वैसी रोड प्रोजेक्ट में मौजूद नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने रोड के लिए जरूरी जमीन न देने और लापरवाही को लेकर हरियाणा सरकार और उसके अफसरों पर भी नाराजगी जताई. कोर्ट ने सोसायटी के निवासियों की RWA वेलफेयर एसोसिएशन के चुनाव की दिक्कतों पर एक्शन न लेने पर भी सरकारी अफसरों के प्रति असंतोष दिखाया। 

एशियन गेम्स में Team India के नए कोच होंगे VVS लक्ष्मण, गंभीर की गैरमौजूदगी में संभालेंगे कमान

नई दिल्ली जापान में होने जा रहे एशियन गेम्स 2026 को लेकर भारतीय क्रिकेट टीम की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं. 24 सितंबर से शुरू होने वाले मेन्स क्रिकेट टूर्नामेंट में भारतीय टीम की अगुवाई श्रेयस अय्यर करेंगे. मगर टीम के साथ हेड कोच गौतम गंभीर जापान नहीं जाएंगे. एशियन गेम्स और वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की मल्टी-फॉर्मेट सीरीज की तारीखें आपस में टकरा रही हैं. इसी वजह से भारतीय क्रिकेट टीम को दो अलग-अलग मोर्चों पर उतरना होगा. नियमित टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज खेलेगी, जबकि श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी।  गौतम गंभीर की गैरमौजूदगी में पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण हेड कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे. समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट में इस बात की जानकारी सामने आई है. लक्ष्मण के साथ सुनील जोशी, ऋषिकेश कनितकर और सुभदीप घोष सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा होंगे. वहीं मारूफ फजंदर टीम के सपोर्ट स्टाफ के लीडर की भूमिका निभाएंगे. भारत की टीम में कई बड़े टी20 सितारे शामिल हैं, ऐसे में उसे स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।  टीम इंडिया सीधे क्वार्टर फाइनल खेलेगी भारत के सपोर्ट स्टाफ में कोचिंग और अन्य भूमिकाओं के लिए कई सदस्य होंगे. एशियन गेम्स के लिए भारतीय दल में एथलेटिक्स के बाद क्रिकेट का सपोर्ट स्टाफ सबसे बड़ा होगा. भारतीय टीम को एशियन गेम्स में ग्रुप स्टेज खेलने की जरूरत नहीं होगी. भारत को सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला है।  श्रेयस अय्यर ब्रिगेड टूर्नामेंट का दूसरा क्वार्टर फाइनल खेलेगी और यही उसका एशियन गेम्स 2026 में पहला मुकाबला होगा. उधर पाकिस्तान पहले क्वार्टर फाइनल में उतरेगा. भारत और पाकिस्तान के अलावा श्रीलंका और बांग्लादेश को भी सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह मिली है. हालांकि, क्वार्टर फाइनल में इन टीमों के सामने कौन होगा, इसका फैसला बाद में होगा।  भारत की टीम में अनुभव और युवा जोश का शानदार मिश्रण है. कप्तान श्रेयस अय्यर के अलावा अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी बल्लेबाजी यूनिट को मजबूती देते हैं. ऑलराउंड डिपार्टमेंट में शिवम दुबे, तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर मौजूद हैं. वहीं वरुण चक्रवर्ती और रवि बिश्नोई स्पिन डिपार्टमेंट में मोर्चा संभालेंगे. तेज गेंदबाजी यूनिट में जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा जैसे विकल्प टीम को खासा मजबूत बनाते हैं।  वैसे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर सबकी निगाहें होंगी. IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) और घरेलू क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले वैभव को अब एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका मिलेगा।  श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो टी20 क्रिकेट में मैच का रुख कुछ ही ओवरों में बदलने की क्षमता रखते हैं. यही वजह है कि भारत को टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही खिताब के सबसे मजबूत दावेदारों में गिना जा रहा है।  भारतीय टीम:  श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और वैभव सूर्यवंशी। 

ब्लू बिकिनी में Radhika Madan का ग्लैमरस अंदाज, बीच वेकेशन की तस्वीरें-वीडियो वायरल

मुंबई  राधिका मदान शोबिज की एक टैलेंटेड एक्ट्रेस में से एक हैं. वो अपने हर किरदार को पूरी शिद्दत से निभाती हैं. राधिका सोशल मीडिया पर भी एक्टिव हैं और फैन्स को अपनी पोस्ट से ट्रीट देती रहती हैं. हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक नई रील शेयर की, जिसमें वो Beach वेकेशन के दौरान ब्लू रंग की बिकिनी में नजर आ रही हैं. ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है और फैंस उनके बोल्ड लुक की जमकर तारीफ कर रहे हैं।  राधिका का वीडियो वायरल  राधिका के इस रील में उन्हें समुद्र किनारे रिलैक्स मूड में देखा जा सकता है. वो पानी में लहराते हुए, रेत पर लेटते हुए और सूरज की रोशनी में पोज देते हुए नजर आ रही हैं. उन्होंने ब्लू कलर की बिकिनी पहनी है. ओपन हेयर और मिनिमल मेकअप संग उन्होंने अपना लुक कंप्लीट किया।  वीडियो के बैकग्राउंड में सफेद चट्टानें, नीला समुद्र और लुभावना दृश्य दिखाया गया है, जो कुल मिलाकर एक सपनों जैसा बीच माहौल बनाता है. वीडियो राधिका के प्लेफुल और कॉन्फिडेंट अंदाज को दर्शाता है. राधिका ने ना सिर्फ बिकिनी में Beach पर टाइम बिताया, बल्कि उन्होंने लजीज फूड आइटम्स भी एंजॉय किए।  फैन्स ने किया रिएक्ट राधिका का बोल्ड अंदाज देखकर फैन्स कमेंट में अपने दिल की बात कह बिना नहीं रह पाए. एक ने लिखा कि ओल्ड ईशानी को मिस कर रहे हैं. एंजॉय ईशानी. अन्य ने लिखा कि कितनी प्यारी लग रही हो. दूसरे ने कहा कि OMG क्या अदा है. कुछ ने उन्हें हॉट, क्वीन और ग्लैमरस जैसे कमेंट कर उनकी तारीफ की।  राधिका मदान टीवी इंडस्ट्री से निकलकर बॉलीवुड में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी हैं. 'पटाखा', 'मर्द को दर्द नहीं होता', 'अंग्रेजी मीडियम' जैसी फिल्मों के बाद वो ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी एक्टिव हैं. सोशल मीडिया पर वो अकसर अपने फोटोज और वीडियोज शेयर करती रहती हैं, जो फैंस को खूब पसंद आते हैं. टीवी पर वो ईशानी के किरदार से घर-घर मशहूर हुई थीं। 

बिहार में होल्डिंग टैक्स भरने वालों को राहत, 1 अक्टूबर से बकाये पर 1.5% कंपाउंड इंटरेस्ट

भागलपुर. भागलपुर नगर निगम ने होल्डिंग टैक्स समेत विभिन्न शुल्कों की वसूली में तेजी लाने के उद्देश्य से सितंबर को 'राजस्व वसूली माह' घोषित किया है। निगम प्रशासन शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर माइकिंग करवाकर नागरिकों को जागरूक कर रहा है। चेतावनी भी दी गई है कि सितंबर बीतते ही बकायेदारों की जेब पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा। 1 अक्टूबर से बकाया होल्डिंग टैक्स पर 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से चक्रवृद्धि ब्याज वसूला जाएगा। निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यदि करदाता चालू माह यानी सितंबर में अपने बकाये होल्डिंग टैक्स का भुगतान कर देते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त ब्याज नहीं देना होगा। नियमों के तहत अप्रैल से जून तक एकमुश्त टैक्स जमा करने पर 5 प्रतिशत की छूट का प्रविधान था। अब यदि सितंबर की समय सीमा चूक गई, तो अगले महीने की पहली तारीख से 1.5 फीसदी चक्रवृद्धि ब्याज का मीटर चालू हो जाएगा। इसी वित्तीय दंड से बचने के लिए निगम ने शहरवासियों से तत्काल टैक्स जमा करने का आग्रह किया है। सरकारी संस्थानों और बड़े बकायेदारों पर शिकंजा राजस्व घाटे की भरपाई के लिए निगम ने इस बार सरकारी महकमों और निजी बड़े बकायेदारों पर विशेष रूप से फोकस किया है। बकाया रखने वाले तमाम सरकारी कार्यालयों और संस्थानों की विस्तृत सूची तैयार कर ली गई है। शाखा प्रभारियों को वार्डवार रोस्टर सौंपते हुए वसूली का जिम्मा दिया गया है। पिछले दो दिनों से शाखा प्रभारी विभिन्न सरकारी दफ्तरों का दौरा कर टैक्स बिल (विपत्र) थमा रहे हैं। साथ ही, टैक्स संग्राहकों को बड़े बकायेदारों के घर-घर जाकर विपत्र हस्तगत कराने और मौके पर ही राशि जमा कराने का निर्देश जारी किया गया है। नगर निगम सितंबर को मना रहा राजस्व वसूली माह; प्रमुख चौक-चौराहों पर माइकिंग कराकर लोगों से टैक्स जमा करने की अपील की जा रही है- सितंबर में होल्डिंग टैक्स चुकाने पर मिलेगी ब्याज से छूट, 1 अक्टूबर से बकाया राशि पर लगेगा प्रतिमाह 1.5 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज सरकारी संस्थानों और बड़े बकायेदारों पर विशेष शिकंजा; वार्डवार रोस्टर बनाकर घर-घर व दफ्तरों में बांटे जा रहे बिल अब तक 15 करोड़ रुपये की हो चुकी है वसूली; 25 सितंबर तक शत-प्रतिशत टैक्स संग्रह का रखा गया लक्ष्य 25 सितंबर तक शत-प्रतिशत का लक्ष्य नगर निगम को चालू वित्तीय वर्ष में अब तक होल्डिंग टैक्स मद में लगभग 15 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। निगम प्रशासन ने आगामी 25 सितंबर तक शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। लक्ष्य प्राप्ति के लिए सभी राजस्व कर्मियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी गई है। निगम का पूरा प्रयास है कि शहरवासी 30 सितंबर से पहले अपने करों का निपटारा कर लें, जिससे वे 1 अक्टूबर से प्रभावी होने वाले चक्रवृद्धि ब्याज के दायरे से बच सकें।

PSEB की किताबों के लिए नहीं जाना होगा बाजार, अब घर बैठे मिलेगी डिलीवरी सुविधा

चंडीगढ़. पंजाब के विद्यार्थियों और माता-पिता की सुविधा के लिए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड, मोहाली और डाक विभाग, पंजाब रीजन, चंडीगढ़ के बीच एक अहम समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत क्लास 1 से 12 तक की पाठ्यपुस्तकें भारतीय डाक के जरिए सीधे विद्यार्थियों के घर पहुंचाई जाएंगी। 1 सितंबर को हुए इस एग्रीमेंट के तहत बोर्ड द्वारा 'पुस्तक पोर्टल' नामक एक ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। इस पोर्टल के जरिए विद्यार्थी, माता-पिता और स्कूल प्रबंधक आसानी से किताबें खरीद सकते हैं और ऑर्डर मिलने के बाद, डाक विभाग अपने बड़े नेटवर्क के जरिए इन किताबों को घर-घर पहुंचाएगा। इससे पहले ऑनलाइन ऑर्डर की गई किताबों के खरीदारों को बोर्ड के निर्धारित जिला दफ्तरों में खुद जाकर प्राप्त करनी पड़ती थी। अब नई व्यवस्था से न सिर्फ घर बैठे किताबें मिलेंगी बल्कि पोर्टल के जरिए ऑर्डर करने पर 15 परसेंट का डिस्काउंट भी मिलेगा। इस कदम से खासकर गांव और दूर-दराज के इलाकों के स्टूडेंट्स को बहुत फायदा होगा। अब किताबें लेने के लिए ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, जिससे लोगों का कीमती समय और आने-जाने का खर्च बचेगा। इस अहम समझौते के मौके पर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन अमरपाल सिंह (रिटायर्ड IAS), बोर्ड सेक्रेटरी सेक्रेटरी सिंह बल, चंडीगढ़ डिवीजन के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पोस्ट ऑफिस कुमार संजीव (IPOS) और BPC चंडीगढ़ इंचार्ज किशोरी लाल समेत दोनों डिपार्टमेंट के कई सीनियर अधिकारी मौजूद थे।

नितिन नबीन पहुंचे किरण सिंह देव से मिलने, डॉक्टरों से जाना इलाज का हाल

रायपुर. हादसे में घायल छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव का दिल्ली में इलाज जारी है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कुशलक्षेम जाना और डॉक्टरों से उनके इलाज के संबंध में जानकारी ली। किरण सिंह देव ने जताया आभार मुलाकात के बाद किरण सिंह देव ने सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का आभार जताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि भारतीय जनता पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी ने आज दिल्ली में आत्मीय मुलाकात कर कुशलक्षेम जाना एवं अपनी शुभेक्षाएं प्रेषित कीं। उनके स्नेह, आत्मीयता एवं शुभेक्षाओं के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। बागेश्वर धाम से लौटते वक्त हुए थे हादसे का शिकार बता दें कि किरण सिंह देव 29 जुलाई को उत्तरप्रदेश में सड़क हादसे के शिकार हुए थे। वह अपने परिवार के साथ बागेश्वर धाम से दर्शन कर लौट रहे थे। इसी दौरान झांसी-ललितपुर हाईवे पर सामने से आ रहे एक वाहन को बचाने की कोशिश में उनके चालक ने अचानक ब्रेक लगाया। इससे कार का संतुलन बिगड़ गया और कार ट्रक में घुस गई। मेदांता अस्पताल में इलाज जारी हादसे के वक्त किरण देव के साथ उनकी सुरक्षा में तैनात पीएसओ भी वाहन में मौजूद थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य दूसरी कार में सफर कर रहे थे। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत झांसी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जिसके बाद उन्हें 30 जुलाई को दिल्ली मेदांता अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि लोग BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और किरण सिंह देव के बीच हुई इस मुलाकात को प्रदेश अध्यक्ष के बदले जाने की नजरीए से भी जोड़कर देख रहे हैं।