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जनता दर्शन में शिकायत आने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिए निर्देश

आईजीआरएस पर गलत रिपोर्ट लगाने वालों पर करें सख्त कार्रवाई : मुख्यमंत्री जनता दर्शन में शिकायत आने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिए निर्देश सीएम योगी ने लगातार दूसरे दिन किया जनता दर्शन, सुनीं लगभग 200 लोगों की समस्याएं लोगों को दिया भरोसा, सबकी समस्या का कराया जाएगा समाधान, न हों परेशान गोरखपुर  गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरे दिन, सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन किया। लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि हर समस्या का प्रभावी समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा। जनता दर्शन में कुछ लोगों द्वारा आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) पोर्टल पर गलत रिपोर्ट लगाए जाने की शिकायत प्रस्तुत करने पर मुख्यमंत्री की भृकुटि तन गई। इसे लेकर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस पर गलत रिपोर्ट लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान देकर समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराया जाए। गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर सोमवार को आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने का निर्देश दिया। सीएम ने समस्या सुनते हुए लोगों को भरोसा दिया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए। कुछ लोगों द्वारा जबरन जमीन कब्जाने की शिकायत पर उन्होंने कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अफसरों को यह निर्देश भी दिए कि यदि किसी प्रकरण में पीड़ित को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा है तो इसकी भी जांच कर जवाबदेही तय की जाए।  जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। जनता दर्शन में आई एक दिव्यांग युवती ने परिवार की आर्थिक दिक्कत का उल्लेख कर इंटर पास भाई के लिए रोजगार की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इस प्रार्थना पत्र के संबंध में उचित सहयोग किया जाए।

ढाका में फिर भड़की हिंसा, वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर मजदूरों का प्रदर्शन; 500 फैक्ट्रियां बंद

ढाका बांग्लादेश एक बार फिर से उबल पड़ा है. लगभग 28 महीनों के बाद लोग सड़क पर हैं. पुलिसकर्मियों पर हमले कर रहे हैं, आगजनी और पत्थरबाजी हो रही है. देश की कई सड़के बंद हैं, लेकिन इस बार प्रदर्शन की वजह सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि कम मजदूरी है. इस बार बांग्लादेश के कपड़ा मजदूर सड़क पर हैं और सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. इससे पहले जुलाई 2024 में बांग्लादेश में शेख हसीना के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा था।  लेकिन ये प्रदर्शन आंदोलन की तरह हो रहा है. कपड़ा मजदूर सड़कों पर निकल रहे हैं, गाड़ियां और दुकानें बंद कर रहे हैं और विरोध करने पर हिंसक हो जा रहे हैं।  ये प्रदर्शन 31 अक्तूबर को शुरू हुए. मजदूरों ने ढाका (मिरपुर), आशुलिया, सावर, गाजीपुर जैसे औद्योगिक इलाकों में सड़कें जाम कर दी और गारमेंट फैक्ट्रियों को बंद कर दिया. प्रदर्शन और हड़ताल की वजह से लगभग 529 कारखाने प्रभावित हुए और करीब 10 लाख श्रमिक प्रभावित हुए। कुछ जगहों पर हिंसा, आगजनी (पुलिस बॉक्स/वाहन) और तोड़फोड़ भी हुई. पुलिस ने आंसू गैस, पानी की बौछार और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया. कुछ इलाकों में BGB भी तैनात किया गया।  सोमवार को उम्मीद थी कि काम फिर से शुरू होगा लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।  सोमवार को मजदूर फिर से सड़क पर आ गए. राजधानी ढाका के मिरपुर में कई गलियो में प्रदर्शन चल रहा है. मजदूर सड़कों पर हैं, कई जगहों पर टकराव की नौबत है।  बांग्लादेश के अंग्रेजी अखबार प्रथम आलो ने रिपोर्ट किया है कि आज सोमवार को सुबह लगभग 10:45 बजे, मीरपुर-10 के सेनपारा परबटा इलाके में कुछ मजदूर एक गली से निकलकर मुख्य सड़क पर आने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए खदेड़ा और आंसू गैस के कई गोले दागे।  बाद में मीरपुर-2 में स्टेडियम के पास प्रोशिका चौराहे पर भी मजदूरों ने सड़क पर उतरने की कोशिश की. पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया।  प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मजदूर रूपनगर इलाके से छोटे-छोटे समूहों में आ रहे थे और मीरपुर-2 में स्टेडियम के पास से होते हुए प्रोशिका की ओर बढ़ रहे थे।  स्थिति अभी तनावपूर्ण बनी है. मिरपुर में मेट्रो सेवाएं प्रभावित हुई है.  12 हजार टका में जिंदगी गुजारने की चुनौती बांग्लादेश के कपड़ा मजदूर न्यूनतम 30000 टका मजदूरी की मांग कर रहे हैं. इस वक्त उन्हें 12 हजार टका ही मिल रहा है. मजदूरों का कहना है कि महंगाई और बढ़ती जीवन लागत (भोजन, आवास/किराया, परिवहन और स्वास्थ्य सेवा) ने उनकी क्रय शक्ति काफी घटा दी है. मौजूदा वेतन से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. बांग्लादेश के गार्मेंट सेक्टर में दुनिया में सबसे कम मजदूरियां मानी जाती हैं।  आवामी लीग पर आरोप  बांग्लादेश में गारमेंट इंडस्ट्री में जारी अशांति के पीछे सरकार ने अपदस्थ शेख हसीना सरकार से जुड़े उद्योगपतियों का हाथ होने का आरोप लगाया है. बांग्लादेश के अखबार द डेली स्टार के अनुसार गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने 2 नवंबर को कहा कि आवामी लीग से जुड़े कुछ फैक्ट्री मालिक, पूर्व सांसद, मंत्री और राज्य मंत्री कपड़ा उद्योग में अस्थिरता भड़का रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अपदस्थ सरकार के समर्थक मजदूरों को उकसाकर हाईवे जाम, आगजनी और हिंसा करा रहे हैं. सरकार के पास इन घटनाओं से जुड़े वीडियो और ऑडियो सबूत भी हैं. मंत्री के मुताबिक, कुछ फैक्ट्री मालिकों ने जानबूझकर अपने कारखाने बंद किए ताकि हालात और बिगड़ें।  एक की रिपोर्ट के मुताबिक, अशांति के बीच मीरपुर, सावर-अशुलिया, गाजीपुर और मैमनसिंह में कम से कम 529 कपड़ा फैक्ट्रियों ने छुट्टी घोषित कर दी थी. सरकार ने अब न्यूनतम वेतन तय करने के लिए वेतन बोर्ड गठित किया है।  अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है गारमेंट इंडस्ट्री बांग्लादेश की गारमेंट इंडस्ट्री उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है. रेडीमेड गारमेंट सेक्टर देश के सबसे बड़े निर्यात उद्योगों में शामिल है और विदेशी मुद्रा कमाने का सबसे बड़ा जरिया है. बांग्लादेश दुनिया के प्रमुख कपड़ा निर्यातकों में शामिल है और यूरोप, अमेरिका समेत कई बड़े बाजारों में उसके बने कपड़ों की भारी मांग है. यहां की फैक्ट्रियों में टी-शर्ट, शर्ट, ट्राउजर, जींस, जैकेट और दूसरे रेडीमेड कपड़े तैयार किए जाते हैं. इस उद्योग में लाखों लोग काम करते हैं, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की है।  2024-25 में इस सेक्टर से करीब 39.35 अरब डॉलर का निर्यात हुआ, जो देश के कुल निर्यात का 81 फीसदी से अधिक था. बांग्लादेश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेडीमेड गारमेंट निर्यातक है और इस मामले में चीन के बाद उसका स्थान है. हालांकि, यह उद्योग कई चुनौतियों से भी जूझ रहा है. मजदूरों की कम मजदूरी, कामकाज की खराब परिस्थितियां, वेतन बढ़ाने की मांग और फैक्ट्रियों में हड़ताल जैसे मुद्दे अक्सर सामने आते हैं।   

दिवाली पर दिल्लीवालों को राहत, सुबह 1 और शाम 2 घंटे जला सकेंगे ग्रीन पटाखे

नईदिल्ली  दिल्ली-एनसीआर में पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने दीपावली के उपलक्ष्य में  7 और 8 नवंबर को ग्रीन पटाखे जलाने की इजाजत दी है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक सुबह 6 से 7 और रात 8 बजे से 10 बजे तक ग्रीन पटाखे चलाने की इजाजत रहेगी। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने 29 अक्टूबर 2026 के अपने आदेश में यह साफ किया कि पटाखों से होने वाले प्रदूषण को रोकना जरूरी है, लेकिन केवल पूरी तरह रोक लगाने से समस्या का हल नहीं निकला है। कोर्ट ने कहा कि पहले लगाए गए बैन के बावजूद पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रभावी तरीके से रोक नहीं लग पाई। ऐसे में कुछ समय के लिए नियमों के तहत ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की इजाजत दी जा रही है। अस्पतालों और स्कूलों के पास नहीं जला सकेंगे पटाखे सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्रों, बुजुर्गों के घरों और तय किए गए शांत इलाकों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे नहीं जलाए जा सकेंगे। स्कूलों और दूसरे शिक्षण संस्थानों पर भी यह रोक लागू होगी। इन जगहों को पटाखे जलाने के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि पटाखों के कारण बीमार लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर प्रदूषण का ज्यादा असर पड़ सकता है। इसलिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना जरूरी है। सिर्फ मंजूरी वाले ग्रीन पटाखे ही बिकेंगे कोर्ट के आदेश के मुताबिक, सिर्फ उन्हीं ग्रीन पटाखों को बनाने की इजाजत होगी, जिन्हें CSIR-NEERI और PESO से जरूरी मंजूरी मिली है। ऐसे पटाखे 2 से 6 नवंबर के बीच बनाए जा सकेंगे, बशर्ते वे तय नियमों के मुताबिक हों। पटाखों के डिब्बे पूरी तरह सील होने चाहिए, ताकि उनमें दूसरे पटाखे मिलाकर न बेचे जा सकें। हर डिब्बे पर एक खास QR कोड होना जरूरी है। इस कोड को स्कैन करने पर पटाखे के निर्माता, रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस और जांच से जुड़ी जानकारी मिलनी चाहिए। कोर्ट ने पटाखों की लड़ियां और माला बनाने तथा बेचने पर भी रोक लगाई है। बेरियम वाले और मंजूरी नहीं पाए पटाखों का इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकेगा। तय दुकानों पर ही होगी बिक्री दिल्ली-NCR में पटाखों की बिक्री के लिए प्रशासन तय जगहों की पहचान करेगा। इन जगहों के अलावा कहीं और पटाखे नहीं बेचे जा सकेंगे। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए पटाखों की बिक्री पर भी रोक रहेगी, जिन दुकानदारों के लाइसेंस रद्द किए गए थे, उन्हें 4 से 6 नवंबर तक कुछ शर्तों के साथ अस्थायी तौर पर बिक्री की इजाजत दी जा सकती है। लेकिन अगर कोई दुकानदार नियम तोड़ता पाया गया, तो उसका लाइसेंस दोबारा रद्द कर दिया जाएगा। कोर्ट ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि दिल्ली-NCR में बाहर से आने वाले वाहनों की जांच की जाए, ताकि गैरकानूनी और सामान्य पटाखों की सप्लाई रोकी जा सके। प्रदूषण पर रखी जाएगी नजर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को हवा की गुणवत्ता पर नजर रखने का निर्देश दिया है। इसके लिए दिवाली से पहले, दिवाली के दौरान और उसके बाद की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। 2 से 6 नवंबर तक दिवाली से पहले की हवा की गुणवत्ता की रिपोर्ट बनाई जाएगी। 7 और 8 नवंबर की अलग रिपोर्ट तैयार होगी। वहीं, 9 से 30 नवंबर तक दिवाली के बाद प्रदूषण की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि जिन अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में प्रदूषण के कारण मरीजों की संख्या बढ़ती है, उसका आंकड़ा जुटाया जाए। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि पटाखों का लोगों की सेहत पर कितना असर पड़ा। 9 नवंबर से फिर पूरी रोक सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कर दिया है कि ग्रीन पटाखों को लेकर दी गई छूट अस्थायी है। 9 नवंबर 2026 से पटाखों पर पूरी रोक फिर लागू हो जाएगी। दिल्ली-NCR के अधिकारियों को कोर्ट के आदेशों के पालन की जानकारी और प्रदूषण से जुड़ी रिपोर्ट 14 दिसंबर तक जमा करनी होगी। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि आदेशों का पालन नहीं करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है। कोर्ट ने लोगों से भी की अपील सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिवाली खुशियों और उम्मीदों का त्योहार है, लेकिन प्रदूषण के कारण लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचाना त्योहार की भावना के खिलाफ है। कोर्ट ने फिल्मी सितारों, खिलाड़ियों और दूसरे जाने-माने लोगों से भी अपील की कि वे लोगों को सुरक्षित और प्रदूषण कम करने वाली दिवाली मनाने के लिए जागरूक करें। कोर्ट का कहना है कि प्रदूषण की समस्या का हल सिर्फ आदेश जारी करने से नहीं होगा। इसके लिए सरकार, प्रशासन, दुकानदारों और आम लोगों को मिलकर काम करना होगा।

मॉडलिंग और मुंबई में करियर का सपना दिखाकर ठगी? होटल का भुगतान किए बिना आयोजक फरार

जमशेदपुर  सना डिजाइनर ने झारखंड के बच्चों को बड़े सपने दिखाएं लेकिन इसके बदले में उनसे तीन-तीन हजार रुपये वसूले गए। यहीं नहीं इवेंट कंपनी ने वेब इंटरनेशनल होटल का बकाया भुगतान भी नहीं किया, जिसके कारण कार्यक्रम को बीच में ही बंद करना पड़ा है। सना डिजाइन द्वारा रविवार शाम राष्ट्रीय राजमार्ग-33 स्थित होटल वेव इंटरनेशनल में डिवा एंड डिवो एनवे सीजन-3 का आयोजन किया गया था। इसमें बच्चों को ब्रैंड एंबेसेडर सेलेक्शन, पेड शूट का अवसर, प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट द्वारा रैंपवाक से पहले तैयार करने, डिजाइनर आउट फिट से रैंम्प वाक कराने, सभी प्रतिभागियों को सैस वाली पट्टी, टॉप-3 को क्राउन व ट्राफी देने की बात कही गई थी। वहीं, चुनिंदा बच्चों को भविष्य में होने वाले कार्यक्रम में पेड वर्क काम का अवसर देने, फैशन इंडस्ट्री में उनकी मजबूत प्रोफाइल तैयार करने के सपने दिखाए गए थे, लेकिन ऐसे इवेंट और इनके संचालक की कार्यप्रणाली ऐसी कि कार्यक्रम बीच में ही बंद कर दिया गया। कारण आयोजन समिति ने होटल में दो माह पहले बुकिंग कराई थी। इसमें दोपहर में 150 लोगों के खाने की व्यवस्था से लेकर पुल साइट पर रैंम वाक के लिए जगह देना था। इसके लिए कुल 1.90 लाख में बात हुई, लेकिन कार्यक्रम शुरू होने तक आधे पैसे नहीं दिए। ऐसे में कार्यक्रम के बीच में ही होटल प्रबंधन ने लाइट बंद करवा दी, जिससे क्राउन सेरोमनी सहित अन्य कार्यक्रम बीच में ही रोकने पड़े। इसके बाद भी आयोजन समिति के सदस्य पैसे देने में आनाकानी करती रही। नतीजन, होटल प्रबंधन ने चांडिल थाने को सूचना दी। पुलिस आकर आयोजन समिति के प्रमुख से कार्यक्रम के संबंध में देर रात तक पूछताछ करती रही। वहीं, इस आयोजन में जमशेदपुर सहित रांची से पहुंचे युवक व युवतियां खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। साथ ही आयोजन समिति को भी कोस रहे हैं। वहीं, इस पूरे मामले में आयोजन समिति के प्रमुख फैजान का कहना है कि उन्होंने इससे पहले दो और इवेंट कराए, जो पूरी तरह से हिट हुए थे। वहीं, इस तरह के कार्यक्रम के लिए प्रशासनिक अनुमति लेने के सवाल पर वे गोल-मोल जवाब देते रहे। आयोजन समिति ने कमाएं तीन लाख रुपये इस पूरे प्रकरण में एक बात सामने आई कि सुनहरे भविष्य की आस में बच्चे ऐसे इवेंट कंपनियों के झांसे में आती है और वे फैशन इंडस्ट्री व मुंबई में कैरियर बनाने के सपने दिखाकर उनसे पैसे ऐठती है। इस कार्यक्रम में भी इवेंट कंपनी ने प्रत्येक बच्चों से तीन-तीन हजार रुपये वसूले, लेकिन इनके पास होटल प्रबंधन को बकाया देने तक के पैसे नहीं थे और फिर यह मामला उजागर हुआ। इसलिए युवाओं से अपील है कि वे ऐसे इवेंट में शामिल होने से पहले उनके आयोजकों के प्रोफाइल की जांच अवश्य कर लें।

बिहार के हवाई यात्रियों को झटका, 1 से 15 नवंबर तक पटना-बेंगलुरु विमान सेवा रहेगी बंद

पटना  पटना और बेंगलुरु के बीच हवाई सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने परिचालन संबंधी कारणों से इस रूट की उड़ानों को लगातार 15 दिनों के लिए रद कर दिया है। एक से 15 नवंबर तक बेंगलुरु-पटना-बेंगलुरु मार्ग पर विमान सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी। एयरलाइन के इस फैसले से उन यात्रियों को परेशानी हो सकती है, जिन्होंने नवंबर के पहले पखवाड़े में पटना और बेंगलुरु के बीच यात्रा की योजना बनाई है। यात्रियों को अब अपनी यात्रा की तारीख बदलने या दूसरे विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं। 1 से 15 नवंबर तक नहीं उड़ेंगी ये दो फ्लाइटें एयर इंडिया एक्सप्रेस की ओर से जारी सूचना के अनुसार, फ्लाइट संख्या IX 2004 और IX 2817 को एक से 15 नवंबर तक रद कर दिया गया है। ये दोनों उड़ानें बेंगलुरु-पटना-बेंगलुरु रूट पर संचालित होती हैं। एयरलाइन ने उड़ानें रद करने के पीछे परिचालन संबंधी कारणों का हवाला दिया है। हालांकि, यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें। टिकट बुक करा चुके यात्री कहां करें संपर्क? जिन यात्रियों ने इस अवधि के लिए टिकट बुक कराया है, वे उड़ान से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस के पटना कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। एयरलाइन की ओर से यात्रियों के लिए दो संपर्क नंबर जारी किए गए हैं। यात्री इन नंबरों पर कॉल कर टिकट और उड़ान से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।     मोबाइल नंबर: 8097231039     पटना कार्यालय: 0612-2225954 यात्रा से पहले जरूर चेक कर लें फ्लाइट का स्टेटस उड़ानें रद होने के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करना पड़ सकता है। खासकर नौकरी, कारोबार और अन्य जरूरी काम से बेंगलुरु जाने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में यात्रियों को एयरलाइन से संपर्क कर टिकट की स्थिति और उपलब्ध विकल्पों की जानकारी लेने के बाद ही एयरपोर्ट के लिए निकलने की सलाह दी जाती है।

नोरा फतेही को दिल्ली कोर्ट की फटकार, सुकेश चंद्रशेखर केस में पेश न होने पर जताई नाराजगी

बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही  को सुकेश चंद्रशेखर के 200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोमवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के सामने पेश होने था. नोरा को मिले समन के बावजूद वह कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हुई, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें जमकर फटकार लगाई. नोरा फतेही के कोर्ट के समक्ष नहीं पहुंचने पर दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि नोरा को समन भेजा गया था लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं है कि वह आज कोर्ट के समक्ष पेश होंगी या नहीं. नोरा के वकील ने पेशी से छूट को लेकर याचिका दायर की है. इस पर अदालत ने कहा कि वह मामले में गवाह हैं और उन्हें इस नाते यहां होना चाहिए था. उनका व्यवहार सही नहीं है और वह अदालत को हल्के में नहीं लें. बता दें कि नोरा को मनी लॉन्ड्रिंग केस में बतौर गवाह कोर्ट के सामने पेश होकर बयान दर्ज कराना था. ईडी ने दरअसल नोरा के सुकेश के साथ संपर्क, महंगे गिफ्ट और कथित आर्थिक लेन-देन को लेकर पूछताछ की थी. इससे पहले नोरा ने एक पॉडकास्ट में इस विवाद पर खुलकर बात की थी. उन्होंने कहा था कि मैं उस समय को कभी नहीं भूल पाऊंगी. मैं इतनी सदमे में थी. मेरी मां मुझे जानती है और जानती है कि उन्होंने मुझे कैसे पाला है, मेरे दोस्त मुझे जानते हैं, लेकिन जो लोग मुझे इतना अच्छे से नहीं जानते थे, उन्होंने मेरे बारे में कही जा रही बातों पर विश्वास कर लिया होगा. वो बहुत संवेदनशील समय था. मैंने कई ब्रांड्स खो दिए. उस एक बेवकूफी भरी बात की वजह से मैंने बहुत सारा काम खो दिया. आज भी लोग ऐसी बातें कहते हैं जैसे, 'ओह, तुम्हें पता है, वो उस आदमी को जानती है', या 'उसने उसे डेट किया'. जबकि ये सच नहीं है. नोरा ने बताया कि विवाद के बाद भी लोग मानते रहे कि उनका सुकेश के साथ रोमांटिक रिश्ता था. उन्होंने उसके परिवार के साथ अपने संपर्क और उन्हें मिले तोहफे के बारे में भी बात की.

दिवाली पर जयपुर में ट्रैफिक का नया नियम, सिंधी कैंप नहीं आएंगी रोडवेज बसें; जानें नए बस स्टैंड

जयपुर जयपुर में दिवाली के चलते बाजारों में भीड़ बढ़ने लगी है। इसे देखते हुए यातायात पुलिस ने बसों के आने-जाने को लेकर नया आदेश जारी किया है। पहले निजी बसों को सिंधी कैंप आने से रोका गया था और अब रोडवेज बसों की एंट्री पर भी पाबंदी लगा दी गई है। 3 से 9 नवंबर तक रोडवेज बसें सिंधी कैंप बस स्टैंड नहीं आएंगी। इस दौरान अलग-अलग रूट की बसें शहर में दूसरी जगहों से चलेंगी। ऐसे में दिवाली के आसपास सफर करने वाले लोगों को अपनी बस पकड़ने के लिए दूसरे बस स्टैंड तक जाना पड़ेगा। दिवाली पर जयपुर के बाजारों में खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। खासकर परकोटे और आसपास के बाजारों में काफी भीड़ रहती है। इस दौरान सड़कों पर भी वाहनों की संख्या बढ़ जाती है और कई जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। सिंधी कैंप बस स्टैंड पर भी दिनभर बसों की आवाजाही लगी रहती है। यहां निजी और रोडवेज बसों के आने-जाने से आसपास की सड़कों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ता है। इसी परेशानी को कम करने के लिए पहले निजी बसों को सिंधी कैंप आने से रोका गया था। अब रोडवेज बसों के रूट में भी बदलाव कर दिया गया है। अलग-अलग रूट की बसें अब दूसरे स्थानों से चलेंगी यातायात पुलिस ने हर रूट की बसों के लिए अलग-अलग जगह तय की है। आदेश के अनुसार, 3 से 9 नवंबर तक दिल्ली और आगरा जाने वाली रोडवेज बसें रोटरी सर्किल बस स्टैंड से चलेंगी। वहीं अजमेर रूट की बसें हीरापुरा बस स्टैंड से मिलेंगी। टोंक रोड की बसों को पुराना बाईपास क्लोवरलीफ के नीचे से रवाना किया जाएगा। इसके अलावा सीकर रोड की तरफ जाने वाली बसें विद्याधर नगर स्टेडियम से चलेंगी। यानी यात्रियों को अब अपने गंतव्य के हिसाब से तय किए गए बस स्टैंड पर पहुंचना होगा। इससे पहले यातायात पुलिस ने निजी और स्लीपर बसों के शहर में प्रवेश पर रोक लगाई थी। बस ऑपरेटर्स कर रहे फैसले का विरोध वहीं, बस ऑपरेटर्स का तर्क है कि सिंधी कैंप शहर के बीचोंबीच होने से यात्रियों के लिए सुविधाजनक है। बाहर से आने वाले यात्रियों को भी यहां पहुंचने में आसानी रहती है। बाहरी स्थानों से बसों का संचालन होने पर यात्रियों को सामान लेकर शहर से बाहर जाना पड़ेगा। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के साथ यात्रा करने वालों को अधिक परेशानी होगी। ऑटो और कैब से निर्धारित स्थानों तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त किराया भी देना पड़ेगा। ऑपरेटर्स का कहना है कि यातायात व्यवस्था सुधारने के साथ यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

मध्य प्रदेश, बिहार, गुजरात, ओडिशा से लेकर असम तक जुटेंगे कलाकार, जनजातीय उत्सव में दिखेगी देश की सांस्कृतिक विविधता

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ में 23 से 26 नवंबर तक जनजातीय कला, संस्कृति, लोक परंपराओं और पारंपरिक हुनर का राष्ट्रीय संगम देखने को मिलेगा। लोकनायक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान (संस्कृति विभाग) की ओर से 'राष्ट्रीय जनजातीय भागीदारी उत्सव' का आयोजन किया जाएगा। यूपी दर्शन पार्क, गोमती नगर में होने वाले इस चार दिवसीय आयोजन में देश के 16 राज्यों के 500 से अधिक कलाकार प्रस्तुतियों के जरिए जनजातीय जीवन और संस्कृति की विविधता से लोगों को परिचित कराएंगे। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, समाज कल्याण विभाग, जनजाति विकास विभाग और पर्यटन निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में किया जाएगा। इस आयोजन में मेजबान उत्तर प्रदेश के साथ मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, त्रिपुरा, असम, छत्तीसगढ़ और हरियाणा के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।  इन राज्यों के सांस्कृतिक दल लोकनृत्य, संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रों की जनजातीय विरासत को मंच पर लाएंगे। अन्य राज्यों के कलाकारों को आमंत्रित करने के लिए उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज के माध्यम से भी प्रयास किए जाएंगे। विलुप्त होती लोक विधाएं होंगी महोत्सव का मुख्य आकर्षण इस उत्सव में जनजातीय कलाकारों के साथ घुमंतू समुदायों की पारंपरिक कलाओं को भी विशेष स्थान दिया जाएगा। इसमें बीन वादन, जादू, कठपुतली, बहुरूपिया और नट-नटी की प्रस्तुतियां होंगी। लोकनायक भगवान बिरसा मुंडा के जीवन और योगदान पर आधारित रंगोली के साथ नाटक भी आयोजित किए जाएंगे। विलुप्त होती लोक विधाओं को इस आयोजन का मुख्य आकर्षण बनाया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी इन पारंपरिक कलाओं से परिचित हो सके। इसके जरिए उन कलाकारों और समुदायों को भी मंच मिलेगा, जो लंबे समय से इन लोक विधाओं को सहेजने और आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। शिल्प मेले का भी होगा आयोजन इसमें शिल्प मेले का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें 150 से अधिक शिल्पकार अपनी कला और उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। मेले में जनजातीय व्यंजनों, हस्तशिल्प, पारंपरिक आभूषणों और जनजातीय वाद्ययंत्रों की दुकानें लगाई जाएंगी। इसके साथ जनजातीय चित्रकला और हस्तशिल्प की प्रदर्शनी तथा कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी। मूंज और गेहूं के डंठल से उपयोगी और सजावटी सामग्री बनाने का प्रदर्शन किया जाएगा। जनजातीय जीवन और परंपराओं को करीब से समझाने के लिए आयोजन स्थल पर ग्रामीण परिवेश भी तैयार किया जाएगा। इसके अलावा जनजातीय संस्कृति और परंपराओं पर आधारित पुस्तकों की बिक्री की व्यवस्था भी होगी। मध्य प्रदेश होगा थीम स्टेट, विदेशी कलाकार भी देंगे प्रस्तुतियां इस बार जनजातीय भागीदारी उत्सव में मध्य प्रदेश को थीम स्टेट के रूप में शामिल किया गया है। इसके तहत वहां की जनजातीय कला, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन में विदेशी कलाकार भी प्रतिभाग करेंगे, जिससे अलग-अलग देशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देखने का अवसर मिलेगा। विभिन्न राज्यों के कलाकारों के साथ विदेशी सांस्कृतिक समूहों की भागीदारी से महोत्सव में सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि जनजातीय भागीदारी उत्सव को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और युवाओं को जनजातीय संस्कृति से जोड़ने के लिए स्थानीय विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। विद्यार्थियों को लोककलाओं, जनजातीय शिल्प, पारंपरिक खानपान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से परिचित होने का अवसर मिलेगा। इसमें संगोष्ठी, चित्रकला प्रदर्शनी और हस्तशिल्प कार्यशालाओं के माध्यम से जनजातीय समाज के इतिहास, परंपराओं और हुनर पर चर्चा की जाएगी। चार दिवसीय आयोजन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से लेकर शिल्प और खानपान तक जनजातीय जीवन के विभिन्न पक्षों को एक ही मंच पर लाने की तैयारी है।

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी तेज, राहुल गांधी आज करेंगे कांग्रेस नेताओं से चर्चा

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस ने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के बाद कांग्रेस हाईकमान भी टिकट वितरण को लेकर सक्रिय हो गया है। सोमवार को दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर संभावित उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति पर मंथन करेंगे। एक सप्ताह के भीतर पंजाब कांग्रेस के नेताओं के साथ हाईकमान की यह तीसरी अहम बैठक होगी। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में पंजाब के नेताओं के साथ चुनावी तैयारियों को लेकर चर्चा हो चुकी है। अब उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर फोकस रहेगा। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि टिकट वितरण में नेताओं की सिफारिश या गुटीय समीकरण के बजाय उम्मीदवार की साफ छवि, विश्वसनीयता और चुनाव जीतने की क्षमता को प्राथमिकता दी जाएगी। राहुल गांधी ने नेताओं से मतभेद भुलाकर एकजुटता से चुनाव लड़ने और संगठन मजबूत करने को कहा। बैठक में संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट भी मौजूद रहे। प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विजय इंदर सिंगला और डा. राजकुमार ने भी हिस्सा लिया। चन्नी और राजा वड़िंग बैठक में आमने-सामने बैठे नजर आए। सूत्रों के अनुसार, बैठक में उम्मीदवारों के चयन पर भी चर्चा हुई। आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। कांग्रेस ने भी टिकट वितरण की प्रक्रिया तेज करने पर मंथन किया। पार्टी नवंबर में पहली सूची जारी करने की तैयारी में है राहुल गांधी ने संभावित उम्मीदवारों पर नेताओं से राय ली। क्षेत्र में स्वीकार्यता, जनता के बीच विश्वसनीयता और जीत की मजबूत संभावना वाले नेताओं को प्राथमिकता देने के संकेत दिए गए। संगरूर रैली से अभियान की शुरुआत बैठक में चार नवंबर को संगरूर में होने वाली राहुल गांधी की ‘इंसाफ रैली’ की तैयारियों की समीक्षा भी हुई। रैली के जरिये पार्टी पंजाब में चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत करेगी। चुनाव से पहले प्रदेश में तीन से चार बड़ी रैलियां करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस एकजुटता से चुनाव में उतरेगी: पायलट पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक में विधानसभा चुनाव की तैयारियों समेत सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी के कार्यकाल में जनता की अनदेखी को सामने रखेगी। उनके मुताबिक, प्रदेश में नशे और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति पटरी से उतर चुकी है। कांग्रेस पूरी एकजुटता के साथ चुनाव में उतरेगी। प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने कहा कि राहुल गांधी चार नवंबर को इंसाफ रैली में हिस्सा लेने पंजाब पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि वहीं से पंजाब की जनता अपना जनादेश पेश कर देगी। चुनावों को लेकर कांग्रेस एकजुट है।

गोशाला में गोवंश के बीच पहुंचे CM योगी, बोले- उधर चलो, नहीं तो चोट लग जाएगी

बोले सीएम योगी, ….उधर चलो, नहीं तो चोट लग जाएगी गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में दिखा सीएम योगी का गोवंश के प्रति नयनाभिराम स्नेह गुड़-रोटी खिलाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की गोसेवा गोरखपुर, गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में सोमवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोवंश के प्रति नयनाभिराम स्नेहभाव देखने को मिला। गोसेवा के दौरान कई गोवंश सीएम का स्नेहिल सानिध्य पाने को उतावले होने लगे तो वह उन्हें प्यार से समझाते हुए बोल पड़े, ‘चलो-चलो, उधर चलो, नहीं तो चोट लग जाएगी।’ यह पुकार सुनते ही गोवंश दूसरी तरफ आ गए जहां मुख्यमंत्री ने उन्हें अपने हाथों से रोटी-गुड़ खिलाया।  गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान सोमवार प्रातः काल सीएम योगी की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर शीश झुकाकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद वह मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए गोशाला में पहुंचे। गोशाला में सीएम ने गोवंश को खूब दुलारा और अपने हाथों से गुड़-रोटी खिलाया।