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छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026: योजना एवं सांख्यिकी विभाग का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र जन्म-मृत्यु पंजीकरण, आर्थिक सर्वेक्षण, राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं और उपलब्धियों की आकर्षक प्रदर्शनी एलईडी स्क्रीन पर जानकारीपूर्ण वीडियो फिल्मों का प्रदर्शन, डिजिटल प्रश्नोत्तरी में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे आगंतुक सांख्यिकीय आंकड़ों के महत्व और साक्ष्य आधारित नीति निर्माण की दी जा रही जानकारी रायपुर,   छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी तथा बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग का स्टॉल आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। विभाग द्वारा स्टॉल में विभिन्न योजनाओं, कार्यों, उपलब्धियों एवं नवाचारों पर आधारित रोचक और जानकारीपूर्ण प्रदर्शनी लगाई गई है। आकर्षक सूचना बोर्डों, एलईडी स्क्रीन पर प्रदर्शित वीडियो फिल्मों तथा डिजिटल प्रश्नोत्तरी के माध्यम से आगंतुकों को विभागीय गतिविधियों और राज्य के विकास में सांख्यिकीय आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका से परिचित कराया जा रहा है। विभागीय स्टॉल में जन्म-मृत्यु पंजीकरण, आर्थिक सर्वेक्षण, आकांक्षी जिला कार्यक्रम, सकल राज्य घरेलू उत्पाद का अनुमान, राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण, सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (सांसद निधि) एवं विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (विधायक निधि) सहित विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी आकर्षक सूचना बोर्डों के माध्यम से प्रदर्शित की जा रही है। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से नागरिकों को विभाग की कार्यप्रणाली, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा राज्य के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में विभाग के योगदान की जानकारी मिल रही है। प्रदर्शनी में जन्म-मृत्यु पंजीकरण की उपयोगिता, आर्थिक सर्वेक्षणों के माध्यम से सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों का आकलन, सकल राज्य घरेलू उत्पाद के अनुमान की प्रक्रिया तथा राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित आंकड़ों के संकलन की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत विकास संकेतकों की निगरानी तथा सांसद निधि एवं विधायक निधि के माध्यम से स्थानीय विकास कार्यों के क्रियान्वयन से संबंधित गतिविधियों को भी प्रदर्शित किया गया है। स्टॉल में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से विभाग के विभिन्न उपक्रमों, योजनाओं, उपलब्धियों और गतिविधियों पर आधारित जानकारीपूर्ण वीडियो फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इन वीडियो प्रस्तुतियों के माध्यम से आगंतुक सरल एवं रोचक तरीके से विभागीय कार्यों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। डिजिटल माध्यमों का उपयोग प्रदर्शनी को अधिक आकर्षक और संवादात्मक बना रहा है। डिजिटल प्रश्नोत्तरी में आगंतुकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता विभागीय स्टॉल का विशेष आकर्षण डिजिटल प्रश्नोत्तरी है। इसका आयोजन आगंतुकों को विभागीय कार्यों, योजनाओं और सांख्यिकीय गतिविधियों से परिचित कराने तथा उनकी सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है। डिजिटल प्रश्नोत्तरी में आगंतुक उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। इस अभिनव गतिविधि के माध्यम से नागरिकों को जानकारी प्राप्त करने के साथ ही अपने ज्ञान को परखने का अवसर भी मिल रहा है। डेटा आधारित सुशासन और विकास योजनाओं की जानकारी प्रदर्शनी में सांख्यिकीय आंकड़ों के संकलन, विश्लेषण एवं उपयोग के महत्व को भी रेखांकित किया गया है। आगंतुकों को बताया जा रहा है कि विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण आंकड़े शासन की विकास योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के बेहतर उपयोग, योजनाओं की निगरानी तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही प्रशासनिक आंकड़ों के मानकीकरण, डिजिटल तकनीक के उपयोग और साक्ष्य आधारित नीति निर्माण की दिशा में विभागीय गतिविधियों की जानकारी भी दी जा रही है। राज्योत्सव में विभागीय स्टॉल के माध्यम से आम नागरिकों को शासन की योजनाओं एवं विकासात्मक गतिविधियों से जोड़ने के साथ ही सांख्यिकी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। आकर्षक प्रदर्शनी, जानकारीपूर्ण वीडियो फिल्मों और डिजिटल प्रश्नोत्तरी के माध्यम से विभाग ने अपनी गतिविधियों को सरल एवं रोचक स्वरूप में प्रस्तुत किया है। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी तथा बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग की यह सहभागिता राज्य के समग्र विकास में आंकड़ों की उपयोगिता, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पारदर्शी एवं परिणामोन्मुखी प्रशासन के महत्व को आमजन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, CGGST के 42 निरीक्षकों को वापस जाना होगा पुराने पद पर

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के राज्य कर (स्टेट GST) विभाग में लिपिक से वाणिज्यिक कर निरीक्षक बने 42 कर्मचारियों को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। पदोन्नति रद्द करने के विभागीय आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका बिलासपुर हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। इस फैसले के बाद अब इन कर्मचारियों को वापस अपने मूल पद यानी लिपिक के रूप में ही काम करना होगा। दरअसल, मामला वर्ष 2021 और 2022 में हुई सीमित विभागीय भर्ती परीक्षाओं के जरिए लिपिकों को वाणिज्यिक कर निरीक्षक बनाने से जुड़ा है। विभाग ने कथित अनियमितताओं के चलते 42 कर्मचारियों की पदोन्नति रद्द कर उन्हें मूल पद पर वापस भेजने का आदेश जारी किया था। कर्मचारियों ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन याचिका खारिज होने से उन्हें फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। सितंबर में विभाग ने रद्द की थी 42 कर्मचारियों की पदोन्नति राज्य कर विभाग ने आदेश जारी कर दोनों वर्षों की विभागीय परीक्षाओं के जरिए पदोन्नत हुए 42 कर्मचारियों की पदोन्नति निरस्त कर दी थी। यह कार्रवाई राज्यकर आयुक्त पुष्पेंद्र कुमार मीणा की ओर से गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई थी। विभाग की जांच में भर्ती प्रक्रिया के दौरान कई तरह की अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई थी। इसके बाद पदोन्नति रद्द कर सभी संबंधित कर्मचारियों को उनके मूल लिपिक पद पर वापस भेजने का फैसला लिया गया था। विभाग ने संभावित कानूनी चुनौती को देख हाईकोर्ट में कैविएट भी दाखिल की थी। भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया पर उठे थे सवाल जांच रिपोर्ट में वर्ष 2021 और 2022 की सीमित विभागीय भर्ती परीक्षाओं की चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। सामने आई जानकारी के मुताबिक, दोनों परीक्षाओं में परिणाम की सार्वजनिक सूची जारी किए बिना ही चयन सूची तैयार कर दी गई थी। आरक्षण के नियमों के पालन को लेकर भी आपत्तियां सामने आई थीं। जांच के दौरान चयनित अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं में भी समानताएं मिलने की बात कही गई। कई अभ्यर्थियों के जवाब मॉडल आंसर से हूबहू मेल खाते पाए गए थे। डॉ. खूबचंद बघेल की जीवनी पर लिखे गए निबंध में भी कई कॉपियों के जवाब एक जैसे होने का दावा किया गया था। इसके अलावा कुछ कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता और पात्रता को लेकर भी सवाल उठे थे। आरोप था कि निर्धारित कट-ऑफ तारीख तक कुछ अभ्यर्थी स्नातक नहीं थे, लेकिन उनके लिए पात्रता की तारीख में बदलाव किया गया। जांच में ऐसे मामलों का भी जिक्र था, जिनमें भृत्य के पद पर नियुक्त कर्मचारी कम समय में लिपिक और फिर वाणिज्यिक कर निरीक्षक बन गए थे। प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाओं की गोपनीयता पर भी सवाल भर्ती प्रक्रिया में परीक्षा की गोपनीयता को लेकर भी आपत्तियां सामने आई थीं। जांच में चयन समिति के सदस्यों के हवाले से बताया गया था कि तत्कालीन आयुक्त समीर विश्नोई ने परीक्षा हॉल में प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं बिना सील किए पहुंचाई थीं। वहीं, सूचना के अधिकार के तहत परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं मांगने वाले आवेदकों के मामलों में भी विवाद हुआ था। आरोप था कि RTI आवेदकों को जानकारी देने की प्रक्रिया प्रभावित करने के लिए तत्कालीन जनसूचना अधिकारियों को हटाकर चयन समिति के सदस्यों को ही यह जिम्मेदारी सौंप दी गई थी। इनमें तत्कालीन अपर आयुक्त कल्पना तिवारी, टीआर धुर्वे और रौशन सिंह के नाम शामिल थे। 2021 बैच के इन 21 कर्मचारियों की पदोन्नति हुई थी रद्द आकाश त्रिपाठी, दिव्य प्रकाश वर्मा, भरत लाल साहू, ओम नारायण बघेल, संतु राम सलाम, नीरज श्रीवास्तव, अमित हुमने, भूषण कुर्रे, तोमन लाल भुआर्या, यज्ञेश दीवान, पुष्पेंद्र करश, विधान रंजन कुल्लू, युगल किशोर साहू, मलिक राम बांधे, लाल साय राम, गो शिवेंद्र टांडे, सत्य नारायण नेताम, मोनिका दीवान, जितेंद्र नेताम, दुरूपरसाय मांझी और अनिल कुमार जांगड़े। 2022 बैच के 21 कर्मचारी भी प्रभावित सुरेश कुमार गुप्ता, प्रभात चन्द्र तिवारी, अजय कौशिक, हितेश कुमार दुबे, दीपा उधवानी, रितु सोनकर, दीपेश कुमार साहू, गायत्री सिन्हा, गजेंद्र कुमार तिवारी, ओम प्रकाश साहू, मनीष चेलक, ताम्रध्वज साहू, नंदनी साहू, दीपक तुरियाकर, अमर सिंह कंवर, उदयराम ध्रुव, रमेश कुमार धृतलहरे, दीप्ति मरकाम, चंद्रकांत ठाकुर, दीपक कुजूर और राकेश कुमार मिंज। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब क्या होगा? अमित हुमने की याचिका खारिज होने के बाद 42 कर्मचारियों की पदोन्नति रद्द करने का विभागीय आदेश बरकरार है। ऐसे में विभाग को अब संबंधित कर्मचारियों को उनके मूल लिपिक पद पर वापस पदस्थ करने की प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी।

अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद तेज, होर्मुज को लेकर ईरान का नया प्रस्ताव सामने आया

वाशिंगटन अमेरिका के साथ जंग खत्म करने को लेकर ईरान और कतर के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत में नया मोड़ आया है. ईरानी वार्ताकार रविवार को दोहा से लौट गए हैं. हालांकि, बातचीत से जुड़े एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि वार्ताकारों के लौटने की वजह बातचीत में आई कोई मुश्किल नहीं थी. इस बीच समझौते के लिए एक ड्राफ्ट प्रस्ताव साझा किया जा रहा है और आगे की बैठक भी हो सकती है. इस बीच अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज दो दिन की बजाय सात दिन में खुल जाएगा।  अधिकारी ने ड्राफ्ट प्रस्ताव की विस्तृत जानकारी नहीं दी. वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि बातचीत का आधार सितंबर में ईरान की ओर से तैयार किया गया सात चरणों वाला प्लान है. इसका मकसद होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलना और ईरान पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना है. तेहरान अब इस प्रस्ताव को समझौते के तहत पहले से कम समय में लागू करने की बात कह रहा है।  ईरान ने रखीं अपनी शर्तें ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बघाई ने बताया कि उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी संदेशों के आदान-प्रदान में मदद के लिए दोहा में थे. कतर के मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक ईरान का संदेश पहुंचाया जा रहा था।  बघाई ने कहा कि ईरान की मांगें बिल्कुल साफ हैं. अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी खत्म किए बिना, ईरान की मांगों का सम्मान किए बिना और उसकी जायज जरूरतों को पूरा किए बिना कोई अंतिम समझौता नहीं हो सकता. उन्होंने यह भी कहा कि इन शर्तों के पूरा हुए बिना होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलना या सुरक्षित बनाना संभव नहीं है।   7 दिन के बजाय 2 दिन में खुल सकता है होर्मुज स्ट्रेट शनिवार को कतर के न्यूज चैनल अल जजीरा ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के हवाले से बताया था कि समझौता होने पर होर्मुज स्ट्रेट को सात दिन के बजाय दो दिन के भीतर खोला जा सकता है. ईरान के शुरुआती प्रस्ताव को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही खारिज कर चुके हैं।  अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद बढ़ सकता है तनाव बातचीत का यह दौर ऐसे समय में हो रहा है, जब अमेरिका में मंगलवार को होने वाले मिडटर्म चुनाव के बाद जंग फिर तेज होने की आशंका जताई जा रही है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से जब चुनाव को लेकर तेहरान के रुख के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ईरान को उम्मीद नहीं है कि इन चुनावों से अमेरिका कोई नया देश बन जाएगा।  ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका चुनाव से पहले ईरान पर कोई नया हमला नहीं करेगा. उन्होंने यह भी दावा किया है कि तेहरान के साथ बातचीत अच्छी चल रही है. हालांकि, ट्रंप ने आगे सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया है। 

राज्यपाल रमेन डेका ने देखा भारतीय वायुसेना का शौर्य, सारंग के हेलीकॉप्टरों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब

राज्यपाल रमेन डेका ने आसमान में देखा भारतीय  वायु सेना का अद्भुत शौर्य, साहस और कौशल सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने  दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध  आकाशगंगा के स्काईडाइवर्स और गरुड़ कमांडोज ने  भी दिखाया अदम्य साहस छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर सेंध लेक में  आयोजित भव्य एयर-शो बना आकर्षण का केंद्र  तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन और ‘वंदे मातरम्’ की  गूंज से देशभक्ति के रंग में रंगा आसमान रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर नवा रायपुर का आसमान आज भारतीय वायु सेना के अदम्य शौर्य, साहस, अनुशासन और अद्भुत उड़ान कौशल का साक्षी बना। सेंध लेक में आयोजित भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम के भव्य एयर-शो में राज्यपाल रमेन डेका शामिल हुए। इस अवसर पर आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के जांबाजों ने अपने साहसिक करतबों, सटीक नियंत्रण और उत्कृष्ट समन्वय से उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया। पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन, हैरतअंगेज हवाई करतबों, आसमान में तिरंगे की मनमोहक छटा और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज ने पूरे वातावरण को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से सराबोर कर दिया।     राज्यपाल रमेन डेका ने भारतीय वायु सेना के जांबाजों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रतिष्ठित सारंग टीम का यह आयोजन हम सभी के लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है। वायु वीरों ने जिस साहस, अनुशासन, आत्मविश्वास और सटीक समन्वय के साथ अपने कौशल का प्रदर्शन किया है, वह प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। यह आयोजन केवल रोमांचकारी हवाई करतबों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारतीय वायु सेना की उत्कृष्ट क्षमता, कठिन प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना का जीवंत परिचय है। उन्होंने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कामना की, कि हमारा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास, प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता रहे। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस की खुशियों के बीच भारतीय वायु सेना के जांबाजों का यह अद्भुत प्रदर्शन प्रदेशवासियों के उत्साह और गौरव को और अधिक बढ़ा रहा है। अनुशासन, आपसी विश्वास और टीम भावना का अनुपम उदाहरण है सारंग टीम     राज्यपाल डेका ने कहा कि सारंग का अर्थ मोर होता है। जिस प्रकार मोर हमारे देश की विशिष्ट पहचान और सुंदरता का प्रतीक है, उसी प्रकार सारंग टीम भारतीय वायु सेना की गरिमा, उत्कृष्ट कौशल और अनुशासन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हवाई प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों की विभिन्न फॉर्मेशन और साहसिक करतब भले ही देखने में सहज और सुंदर दिखाई देते हों, लेकिन इनके पीछे विस्तृत योजना, निरंतर अभ्यास, गहरी एकाग्रता और असाधारण समन्वय होता है। प्रत्येक पायलट को अपनी भूमिका के साथ-साथ अपने साथियों की गतिविधियों का भी पूरा ध्यान रखना पड़ता है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में एक-दूसरे पर अटूट विश्वास और सटीक तालमेल ही ऐसी अद्भुत प्रस्तुतियों को संभव बनाता है। उन्होंने कहा कि सारंग टीम का प्रदर्शन हमें यह महत्वपूर्ण संदेश देता है कि अनुशासन, समर्पण, सामूहिक प्रयास और आपसी विश्वास से कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। यह प्रदर्शन युवाओं को उत्कृष्टता प्राप्त करने, अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने और सामूहिक प्रयासों से सफलता हासिल करने की प्रेरणा देता है। आकाशगंगा के जांबाजों ने आसमान से उतरकर दिखाया अद्भुत साहस और सटीक नियंत्रण     एयर-शो का रोमांचकारी शुभारंभ भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने किया। खुले आसमान से छलांग लगाते हुए टीम के जांबाजों ने अपने पैराशूट को कुशलतापूर्वक नियंत्रित कर अदम्य साहस, संतुलन और सटीकता का परिचय दिया। निर्धारित दिशा और गति के अनुरूप पैराशूट को नियंत्रित करते हुए स्काईडाइवर्स ने सेंध लेक के सामने निर्धारित स्थान पर सटीक लैंडिंग की। उनके इस साहसिक प्रदर्शन को देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे और सफल लैंडिंग के बाद पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस प्रस्तुति ने भारतीय वायु सेना के जवानों की शारीरिक दक्षता, मानसिक एकाग्रता और दृढ़ता और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की। गरुड़ कमांडोज ने किया रेस्क्यू और कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रभावशाली प्रदर्शन     आकाशगंगा टीम के प्रदर्शन के बाद भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडोज ने अपने अदम्य साहस और विशेष ऑपरेशन की दक्षता का परिचय दिया। कमांडोज ने एयर-शो से पहले आठ हजार फीट की ऊंचाई से पैराशूट लैंडिंग कर दर्शकों को रोमांचित किया। इसके पश्चात एमआई-17 हेलीकॉप्टर से स्लिदरिंग का प्रदर्शन किया गया। हवा में स्थिर हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे नीचे उतरते जवानों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्धारित स्थान तक पहुंचने की अपनी दक्षता प्रदर्शित की। सेंध लेक के सामने कमांडोज ने रेस्क्यू एवं कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रभावशाली प्रदर्शन कर अपनी परिचालन क्षमता, त्वरित कार्रवाई और कठिन परिस्थितियों में मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के कौशल का परिचय दिया। इसके पश्चात जवानों ने मंच को सलामी दी। उनके अनुशासित और साहसिक प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया। सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों की फॉर्मेशन और क्रॉसओवर करतब ने थाम दीं दर्शकों की सांसें     एयर-शो का सबसे प्रमुख आकर्षण भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम की शानदार प्रस्तुति रही। ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार के नेतृत्व में टीम के पांच हेलीकॉप्टरों ने नवा रायपुर के आसमान में एक के बाद एक आकर्षक फॉर्मेशन और रोमांचकारी हवाई करतब प्रस्तुत किए। पायलटों ने अत्यंत सटीक नियंत्रण, संतुलन और बेहतरीन समन्वय के साथ हेलीकॉप्टरों को उड़ाकर अपने अद्भुत कौशल का परिचय दिया।     आसमान में एक साथ उड़ते पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कभी हेलीकॉप्टर एक-दूसरे के बेहद करीब आते दिखाई दिए, तो कभी अलग-अलग दिशाओं में उड़ान भरते हुए पुनः निर्धारित फॉर्मेशन में एक साथ आ गए। प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों का बेहद नजदीक से एक-दूसरे को क्रॉस करने वाला रोमांचकारी ‘क्रॉसओवर’ करतब विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। तेज गति से एक-दूसरे के सामने से गुजरते हेलीकॉप्टरों को देखकर दर्शक आश्चर्यचकित रह गए। इस करतब में पायलटों के मन की एकाग्रता, उड़ान पर नियंत्रण और आपसी तालमेल का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला। सारंग के कॉकपिट से गूंजा ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’, दर्शकों का उत्साह हुआ दोगुना     छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सारंग टीम … Read more

लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयास रंग लाए, ओड़गी में 1.50 किमी सड़क निर्माण को मंजूरी

 लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से ओड़गी में सड़क-पुल निर्माण को मिली स्वीकृति खालबहारा मेन रोड से पंचायत भवन तक 1.50 किलोमीटर मार्ग का होगा निर्माण 1 करोड़ 65 लाख 85 हजार रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति रायपुर, सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड के ग्राम पंचायत खालबहारा में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से खालबहारा मेन रोड से पंचायत भवन तक 1.50 किलोमीटर लंबे मार्ग का पुल-पुलियों सहित निर्माण स्वीकृत हुआ है। लोक निर्माण विभाग ने इस कार्य के लिए 1 करोड़ 65 लाख 85 हजार रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस मार्ग के निर्माण से ग्रामवासियों को पंचायत भवन तक पहुंचने में सुविधा होगी। पंचायत भवन ग्रामीणों के लिए स्थानीय स्तर पर विभिन्न कामों और बैठकों का प्रमुख केंद्र होता है। सड़क बनने से वहां तक आवागमन सुगम होगा और क्षेत्र के लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए आने-जाने में सहूलियत मिलेगी। मार्ग में पुल-पुलियों का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे सड़क संपर्क को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। राज्य शासन ने यह स्वीकृति वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल कार्य के अंतर्गत प्रदान की है। स्वीकृति आदेश के अनुसार निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले तकनीकी स्वीकृति और निविदा सहित निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। साथ ही, कार्य शासकीय भूमि पर और उपलब्ध बजट की सीमा के भीतर कराया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क का विस्तार स्थानीय आवागमन और सार्वजनिक सुविधाओं तक पहुंच को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है। खालबहारा में स्वीकृत यह निर्माण कार्य इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निर्माण पूरा होने पर ग्रामवासियों को पंचायत भवन तक पहुंचने के लिए बेहतर मार्ग उपलब्ध होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया पोस्ट- आस्था के साथ आर्थिकी को भी नई ऊर्जा दे रहा दीपोत्सव

कुम्हार के श्रम, किसान की उपज और परिवार की आजीविका को प्रकाश दे रहा दीपोत्सव का दीप: सीएम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया पोस्ट- आस्था के साथ आर्थिकी को भी नई ऊर्जा दे रहा दीपोत्सव 2017 के पहले नहीं था ऐसा प्रकाश, आस्था के सामर्थ्य को आजीविका के नए अवसरों में बदलने की सोच का था पूर्णतः अभाव मुख्यमंत्री ने कहा- डबल इंजन सरकार ने इस अंधकार को किया दूर लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रभु श्रीराम की नगरी में आगमन से पहले सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर दीपोत्सव की महत्ता पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने लिखा कि श्री अयोध्या धाम का भव्य दीपोत्सव आस्था के साथ आर्थिकी को भी नई ऊर्जा दे रहा है। यहां प्रज्ज्वलित हर दीप किसी कुम्हार के श्रम, किसी किसान की उपज और किसी परिवार की आजीविका को नया प्रकाश दे रहा है।  2017 से पहले नहीं था यह प्रकाश मुख्यमंत्री ने लिखा कि वर्ष 2017 के पूर्व यह प्रकाश नहीं था। राम नगरी की अपार सांस्कृतिक संभावनाओं को स्थानीय कारीगरों, किसानों और छोटे व्यापारियों की समृद्धि से जोड़ने की कोई पहल नहीं की गई। तब आस्था के सामर्थ्य को आजीविका के नए अवसरों में बदलने की सोच का पूर्णतः अभाव था।  दीप से जागती है श्रमशील परिवार के घर में खुशहाली की उम्मीद मुख्यमंत्री ने लिखा कि डबल इंजन सरकार ने इस अंधकार को दूर किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के यशस्वी मार्गदर्शन में लाखों दीपों से आलोकित होने वाला भव्य दीपोत्सव आज कुम्हारों, श्रमिकों और छोटे व्यापारियों के लिए काम एवं कारोबार के नए अवसर सृजित कर रहा है। जिस दीये से राम नगरी जगमगाती है, उसी से किसी श्रमशील परिवार के घर में खुशहाली की उम्मीद भी जागती है, ऐसा है अपना दीपोत्सव।

राजस्थान में दुबई जैसा नजारा! गेप सागर झील की पाल पर बन रहा हार्ट शेप सेल्फी पॉइंट

डूंगरपुर  राजस्थान के डूंगरपुर में अब दुूबई के समुद्र तट जैसा नजारा देखने को मिलेगा। शहर की ऐतिहासिक गेप सागर झील की पाल आने वाले दिनों में नए और आकर्षक रूप में नजर आएगी। नगर परिषद की ओर से इसे खूबसूरत पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का काम अंतिम चरण में है। दीपावली से पहले पाल का सौंदर्यीकरण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अलग-अलग चरणों में काम कराया जा रहा है। यहां आने वाले लोगों को अब झील के किनारे हरियाली, रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक लैंडस्केप का नजारा देखने को मिलेगा। पहले चरण में पाल पर 26 डेट पाम के पौधे लगाए गए थे। इन्हें कतार में लगाया गया है, जिससे पूरे रास्ते को एक अलग लुक मिल रहा है। इन पेड़ों के नीचे फूलों से सजी रंगीन क्यारियां तैयार की गई हैं। वहीं, बीच में हार्ट शेप सेल्फी पॉइंट बनाया गया है। इसे भी फूलों से सजाया जा रहा है। ऐसे में यह जगह शहर के लोगों के साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी खास आकर्षण बन सकती है। दुबई के समुद्र तट जैसा लैंडस्केप तैयार करने की योजना गर परिषद की योजना गेप सागर की पाल को इस तरह विकसित करने की है कि यहां आने वाले लोगों को दुबई के समुद्र तटों जैसा खूबसूरत नजारा देखने को मिले। इसके लिए पेड़-पौधों और फूलों को खास तरीके से लगाया जा रहा है। पाल को केवल एक बार सजाकर छोड़ने के बजाय मौसम के हिसाब से इसकी खूबसूरती बनाए रखने की तैयारी है। तीनों ऋतुओं में अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे, ताकि हर मौसम में यहां का नजारा बदला हुआ दिखाई दे। गुलाबी, बैंगनी और सफेद फूलों से सजेगी पाल डेट पाम के आसपास बनाई गई क्यारियों में कई तरह के फूलों के पौधे लगाए जा रहे हैं। इनमें पिटूनिया और बायथस प्रमुख हैं। पिटूनिया के गुलाबी, बैंगनी, सफेद और लाल रंग के फूल क्यारियों को रंगीन बनाएंगे। पौधे लगाने का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। इन फूलों के खिलने के बाद झील की पाल का पूरा नजारा और भी आकर्षक हो जाएगा। बेंगलूरु और पुणे से मंगवाए खास पौधे पाल पर बनाया गया हार्ट शेप सेल्फी पॉइंट भी इस सौंदर्यीकरण का खास हिस्सा है। इसे आकर्षक बनाने के लिए रंग-बिरंगे फूलों से सजाया जा रहा है। इसके लिए पॉइन्सेटिया प्रजाति के विशेष पौधे बेंगलूरु और पुणे से मंगवाए गए हैं। सेल्फी पॉइंट की खास डिजाइन और फूलों की सजावट इसे लोगों के लिए फोटो खिंचवाने की पसंदीदा जगह बना सकती है। इस तरह गेप सागर की पाल को शहर के एक नए आकर्षण के रूप में तैयार किया जा रहा है।

जंगली सुअर के शिकार के लिए बिछाया करंट का जाल, वन विभाग ने पकड़ा आरोपी

वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 11 केवी विद्युत लाइन से जंगली सुअर का शिकार करने की कोशिश को किया नाकाम, एक आरोपी गिरफ्तार वन्यप्राणियों के शिकार के लिए फैलाया जा रहा था करंट, वन विभाग की रात्रि गश्ती टीम ने एक आरोपी को पकड़ा, अन्य आरोपियों की तलाश जारी भोपाल वन्यप्राणियों के अवैध शिकार पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग द्वारा लगातार निगरानी एवं गश्ती की जा रही है। इसी क्रम में वनमण्डल दक्षिण शहडोल की रात्रि गश्ती टीम ने तत्परता दिखाते हुए विद्युत करंट से वन्यप्राणी का शिकार करने की कोशिश को नाकाम कर दिया। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जिला जेल शहडोल भेज दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वन संरक्षक वन वृत्त शहडोल महेन्द्र प्रताप सिंह (भा.व.से.) के निर्देशन तथा वनमण्डलाधिकारी दक्षिण शहडोल सुश्रद्धा पन्द्रे (भा.व.से.) एवं उप वनमण्डलाधिकारी सोहागपुर संतोष कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन में 30 एवं 31 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात वनमण्डल दक्षिण शहडोल के अंतर्गत गठित रात्रि गश्ती दल वन क्षेत्र में निगरानी कर रहा था। इसी दौरान ग्राम धनगवां के भैरव टोला राजस्व क्षेत्र में भैरव टोला से कॉलोनी की ओर जाने वाली 11 केवी विद्युत लाइन से वन्यप्राणियों के शिकार के लिए करंट फैलाए जाने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही गश्ती दल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान घटनास्थल से कुछ व्यक्ति भागते हुए दिखाई दिए। गश्ती दल ने तत्परता दिखाते हुए एक व्यक्ति को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम कतकू पिता हरीदीन बैगा, निवासी धनगवां बताया। आरोपी ने 11 केवी विद्युत लाइन से करंट फैलाकर जंगली सुअर का शिकार करने का प्रयास किए जाने की बात स्वीकार की। वन विभाग की टीम ने समय रहते कार्रवाई करते हुए वन्यप्राणी के शिकार की योजना को विफल कर दिया। गिरफ्तार आरोपी को दिनांक 1 नवंबर 2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा मेडिकल परीक्षण के उपरांत आरोपी को जिला जेल शहडोल भेज दिया गया। वहीं मौके से फरार अन्य आरोपियों की तलाश वन विभाग द्वारा की जा रही है। इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका उक्त कार्रवाई में वन परिक्षेत्राधिकारी गोहपारू हेमन्त प्रजापति एवं परिक्षेत्र सहायक चुहरी नरेन्द्र बाथम के नेतृत्व में बीटगार्ड धनगवां शिवम बैगा, वनरक्षक रीतेन्द्र श्रीवास्तव, हीरालाल पनिका, के.के. शुक्ला, लक्ष्मी सिंह धुर्वे, कु. लक्ष्मी सिंह धुर्वे, शैलेष तिवारी एवं अन्य वन अमले की सराहनीय भूमिका रही।  

बिहार में शिक्षकों की कमी होगी दूर, रिटायर अधिकारी भी संभालेंगे बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी

पटना शिक्षा विभाग अभी तक इस कवायद में लगा था कि जिन माध्यमिक व जमा दो विद्यालयों में विज्ञान, अंग्रेजी और गणित के शिक्षक नहीं हैं वहां इन विषयों के रिटायर शिक्षकों की सेवा बच्चों को पढ़ाने में ली जाएगी। वहीं अब नयी व्यवस्था यह होने जा रही कि रिटायर अधिकारियों को भी बच्चों को पढ़ाने के काम में लगाया जाएगा। उच्च स्तर पर इसका निर्णय हो चुका है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक खुद सुझाएंगे रिटायर शिक्षकों के नाम रिटायर शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने में लगाए जाने के काम को संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापकों के माध्यम से क्रियान्वित होगा। स्थानीय स्तर उन शिक्षकों की एक सूची तैयार हो जाएगी जो संबंधित इलाके में अपने अध्यापन की वजह से चर्चा में रहे हैं। वैसे विद्यालय जहां अंग्रेजी, गणित व विज्ञान के शिक्षकों का अभाव है उन विद्यालय के प्रधानाध्यापक इन विषय के रिटायर शिक्षकों से संपर्क कर उन्हें फिर से बच्चों को पढ़ाने की सहमति लेंगे। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी को इस बारे में लिखा जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी के स्तर से इस बारे में विभाग की अनुमति ली जाएगी। अनुमति के बाद रिटायर शिक्षकों को फिर से बच्चों को पढ़ाने का काम सौंपा जाएगा। रिटायर अधिकारियों को भी किया जाएगा राजी ऐसे अधिकारियों की संख्या कम नहीं जो रिटायर होने के बाद अपने गृह क्षेत्र में चले जाते हैं। रिटायरमेंट के बाद उनके पास कोई काम नहीं रहता जबकि उनका शैक्षिक बैकग्राउंड काफी उच्च कोटि का रहता है। ऐसे अधिकारियों से शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारी खुद संपर्क करेंगे और उन्हें बच्चों को पढ़ाने का आग्रह किया जाएगा। बहुत से अधिकारी ऐसे भी हैं जो उन विद्यालयों में पढ़ाने की इच्छा रखते हैं जहां से उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई। खासकर ग्रामीण व कस्बाई इलाके में स्थित स्कूलों में वह पढ़ाना चाहते हैं। रिटायर शिक्षकों की सूची जल्द होगी तैयार शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ऐसे रिटायर शिक्षकों की सूची जल्द तैयार हो जाएगी जो बच्चों को फिर से पढ़ाना चाहते हैं। ऐसे अनुभवी शिक्षकों ने कई जिलों में अपनी सहमति भी दी है। शिक्षण के एवज में उन्हें एक तय राशि भी उपलब्ध करायी जा सकती है।  

यूपी में मतदाता सूची में 13,779 संशोधन आवेदनों पर विवाद, दो अधिकारियों पर गिरी गाज

लखनऊ  पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में अनियमितताओं के मामले में निर्वाचन आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए हैं। साथ ही दोनों अधिकारियों और मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर आपरेटर अनिल कुमार के खिलाफ दर्ज एफआइआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 198 जोड़ने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों की प्रभावी पैरवी की जाए। मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसकी संस्तुति पर शुरू की गई विभागीय कार्यवाही को किसी अधिकारी के लिखित स्पष्टीकरण के आधार पर समाप्त करने से पहले अनुशासनिक प्राधिकारी को आयोग से परामर्श करना होगा। दरअसल, पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप कांग्रेस और सपा ने लगाए थे। संशोधन के लिए दर्ज किए गए आवेदन मामले की जांच में सामने आया कि ईसीआइनेट पोर्टल पर कंप्यूटर सहायक की लॉगिन आईडी का कथित दुरुपयोग कर 31 मई से 29 अगस्त के बीच मतदाताओं के विवरण में संशोधन के लिए 13,779 फॉर्म-8 आवेदन दर्ज किए गए। इनमें से 10,470 आवेदन स्वीकृत और 3,309 निरस्त किए गए। हालांकि, इन आवेदनों से संबंधित फार्म और सहायक अभिलेख कार्यालय में नहीं मिले। इस मामले के सामने आने के बाद सीईओ ने प्रदेश के सभी जिलों में मतदाता पंजीकरण केंद्रों पर कंप्यूटर आपरेटर के रूप में कार्यरत कंप्यूटर सहायकों की ईसीआइनेट पोर्टल लॉगिन आईडी निष्क्रिय कराने के निर्देश दिए थे। जिला निर्वाचन अधिकारियों को संबंधित ईआरओ से इसकी पुष्टि कराने को भी कहा गया था। आयोग ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में इस संबंध में की गई कार्रवाई का जिला निर्वाचन अधिकारियों से व्यक्तिगत सत्यापन कराकर अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी है।