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25 मई से शुरू होगा नौतपा, मध्यप्रदेश में 10 दिन तक झुलसाएगी तेज लू

भोपाल  मध्यप्रदेश में नौतपा से पहले ही गर्मी ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। शुक्रवार को कई जिलों में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर देखने को मिला। मौसम विभाग ने निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना और सतना में तीव्र लू के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाके में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की आशंका है। हालात ये हैं कि सुबह 9 बजे के बाद ही सड़कों पर गर्म हवाएं महसूस होने लगती हैं और दोपहर आते-आते बाजारों में भीड़ कम हो जाती है। भोपाल समेत कई शहरों में लोग केवल जरूरी काम के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, 25 मई से नौतपा शुरू हो रहा है और इसके बाद अगले 9 से 10 दिन गर्मी अपने चरम पर रहने की संभावना है। प्रदेश के 41 जिलों में लू के लिए चेतावनी जारी की गई है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, राजगढ़, विदिशा, सागर, रीवा, सीधी और सिंगरौली जैसे कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं, भोपाल, उज्जैन, सीहोर, रायसेन, जबलपुर, छिंदवाड़ा और बालाघाट समेत 20 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां तापमान 43 से 45 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। इंदौर, धार, बड़वानी और नर्मदापुरम में भले ही लू की सीधी चेतावनी नहीं दी गई हो, लेकिन उमस और तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन दिन तक राहत मिलने की उम्मीद कम है। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच गर्मी सबसे ज्यादा असर दिखा रही है, और इसी दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कहीं 50 डिग्री ना पहुंच जाए?  नौतपा 25 मई से शुरू हो रहा है, लेकिन उससे पहले ही प्रदेश के कई शहरों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. ऐसी आशंका है कि कहीं पारा 50 डिग्री तक ना पहुंच जाए. लगातार गर्म हवाओं और सूखी पश्चिमी हवाओं के कारण प्रदेश में राहत की संभावना फिलहाल बेहद कम नजर आ रही है।  मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार नौतपा के शुरुआती 8 से 10 दिन बेहद तीखे रह सकते हैं. उत्तर भारत और मध्य भारत के बड़े हिस्से में बना हाई प्रेशर सिस्टम गर्मी को और खतरनाक बना रहा है. IMD के विस्तारित पूर्वानुमान में साफ कहा गया है कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में गंभीर हीटवेव की स्थिति अगले कई दिनों तक बनी रह सकती है. प्रदेश के नौगांव, खजुराहो, दतिया, छतरपुर और टीकमगढ़ जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार नौगांव में तापमान 47 डिग्री तक पहुंच चुका है जबकि खजुराहो में भी पारा 46 डिग्री के करीब रिकॉर्ड किया गया. गर्म रातें भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं क्योंकि न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है।  चार जिलों में रेड अलर्ट, कई शहरों में ऑरेंज वार्निंग IMD और मौसम केंद्र भोपाल के ताजा अलर्ट के मुताबिक प्रदेश के कई हिस्सों में गंभीर लू चलने की आशंका है. बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित माने जा रहे हैं. दतिया, भिंड, छतरपुर और टीकमगढ़ जैसे जिलों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति बताई जा रही है. वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई शहरों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।  मौसम विभाग की सलाह है कि लोग लगातार पानी पीते रहें और धूप में जाने से बचें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और बच्चों-बुजुर्गों का खास ख्याल रखने की सलाह दी गई है। कई शहरों में दोपहर के समय सड़कें लगभग सुनसान नज़र आ रही हैं। ग्वालियर और बुंदेलखंड में गर्म हवाओं का असर अधिक है। वहीं, भोपाल और इंदौर में गर्मी के बीच कभी-कभी बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी का भी ट्रेंड चल रहा है, लेकिन इससे उमस और बढ़ गई है। पिछले वर्षों के आंकड़ों पर ध्यान दें तो मई महीने में प्रदेश के बड़े शहरों में रिकॉर्ड तापमान दर्ज हो चुका है। ग्वालियर में पारा 48 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जबकि भोपाल और जबलपुर में भी कई बार तापमान 46 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि इस बार नौतपा के दौरान प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज गर्मी का लंबा दौर देखने को मिल सकता है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलना खतरनाक मौसम विभाग ने साफ कहा है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है. लगातार चल रही गर्म हवाओं ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. कई शहरों में दोपहर के समय सड़कें खाली नजर आ रही हैं. अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर और हीट एक्सॉशन के मरीज बढ़ने लगे हैं।  नौतपा में क्यों बढ़ती है गर्मी भारतीय पंचांग के अनुसार सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तब नौतपा की शुरुआत मानी जाती है. यह लगभग 9 दिनों की अवधि होती है जिसमें सूर्य की किरणें सीधे धरती पर असर डालती हैं. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान यदि तेज गर्मी पड़ती है तो मानसून सामान्य रहने की संभावना बढ़ती है. हालांकि इस बार चिंता की वजह यह है कि नौतपा शुरू होने से पहले ही तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है. वैज्ञानिकों के अनुसार शुष्क हवाएं, कम नमी और बादलों की अनुपस्थिति मिलकर गर्मी को और तीखा बना रही हैं. उत्तर भारत से आ रही गर्म हवाओं का असर सीधे मध्य प्रदेश पर पड़ रहा है।  22 शहरों में 44 डिग्री के पार पहुंचा पारा मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 22 से ज्यादा शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है. नौगांव सबसे गर्म शहरों में शामिल है. खजुराहो, रीवा, सतना, सागर और ग्वालियर में भी तापमान तेजी से बढ़ा है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 72 घंटे सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।  स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा … Read more

हादसे से टूटा नहीं हौसला, सरकारी योजनाओं ने बदली नर्मदा प्रसाद की जिंदगी

हादसे की हार, हौसले की जीत: नर्मदा प्रसाद को मिला शासन की योजनाओं का संबल आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम ​  ​    रायपुर        नर्मदा प्रसाद यादव कभी एक प्लास्टिक कंपनी में काम कर पूरे सम्मान के साथ अपने परिवार की आजीविका चला रहे थे। वे अपने परिवार की उम्मीदों का मुख्य आधार थे। लेकिन एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन, कार्यस्थल पर काम करने के दौरान वे एक भीषण विद्युत दुर्घटना (तगड़ा करंट लगने) का शिकार हो गए। इस हादसे ने न केवल उन्हें गंभीर रूप से शारीरिक क्षति पहुँचाई, बल्कि उनके जीवन में पूर्ण विकलांगता की स्थिति उत्पन्न कर दी।    नर्मदा जी का चलना-फिरना पूरी तरह बंद हो गया। इस हादसे के बाद मानो उनके पूरे परिवार पर अंधकार छा गया और अचानक आए इस गंभीर आर्थिक व मानसिक संकट से पूरा परिवार हताश हो गया। अचानक उनके जीवन की रफ्तार थम गई। ​संकट के समय सहारा बनीं शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं     ​जब नर्मदा जी और उनका परिवार भविष्य को लेकर पूरी तरह चिंतित और असहाय महसूस कर रहा था, तब शासन की संवेदनशीलता और जनकल्याणकारी योजनाएं उनके जीवन में एक नई सुबह बनकर आईं। शासन का मूल मंत्र ही अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की मदद करना है, और यही संबल नर्मदा जी को भी मिला। ​     निराशा के दौर से उबरने के लिए नर्मदा प्रसाद ने शासन की योजना के तहत ग्राम पंचायत में ट्राई साइकिल के लिए आवेदन किया। शासन के संवेदनशील प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए पूरी तत्परता दिखाई और बिना किसी कागजी देरी के नर्मदा जी को तुरंत एक ट्राई साइकिल प्रदान की। ​आत्मनिर्भरता की नई उड़ान      इस ट्राई साइकिल ने नर्मदा जी के जीवन की रुकी हुई रफ्तार को दोबारा पटरी पर ला दिया। अब उन्हें अपनी दैनिक गतिविधियों या कहीं आने-जाने के लिए परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। शासन के इस छोटे से सहयोग ने उनके भीतर खोए हुए आत्मविश्वास को दोबारा जगा दिया है। ​     इसके साथ ही, परिवार को स्थाई आर्थिक मजबूती देने के लिए विभाग द्वारा उनकी विकलांगता पेंशन के आवेदन को भी त्वरित गति से आगे बढ़ाया गया है। यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है और बहुत जल्द उनके बैंक खाते में पेंशन की राशि नियमित रूप से आने लगेगी, जिससे उनके घर का खर्च आसानी से चल सकेगा।      ​नर्मदा प्रसाद ने कहा कि ये सिर्फ योजना नहीं, जीवन जीने की नई उम्मीद है। हादसे के बाद मुझे लगा था कि अब मेरी जिंदगी दूसरों के भरोसे ही कटेगी। लेकिन शासन की योजनाओं ने मुझे फिर से अपने पैरों पर खड़ा होने की हिम्मत दी है। ट्राई साइकिल मिलने से मैं अब खुद कहीं भी आ-जा सकता हूँ और पेंशन शुरू होने से मेरे परिवार का आर्थिक बोझ भी कम हो जाएगा। संकट के इस समय में हमारे साथ खड़े रहने के लिए मैं शासन और प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त करता हूँ। ​

कोटा-बूंदी एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे से जुड़ाव: बूंदी बनेगा पर्यटन और व्यापार का नया केंद्र

बूंदी बूंदी को अब सिर्फ पुरानी यादों या इतिहास के एक प्रतीक के रूप में ही नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे भविष्य की नई संभावनाओं के केंद्र के रूप में आगे बढ़ना होगा. इसी सोच के साथ शहर की सूरत बदलने और इसे हर क्षेत्र में सबसे आगे ले जाने के लिए करीब 500 करोड़ रुपये का एक बड़ा प्लान तैयार किया गया है. यह मेगा प्लान आने वाले सालों में बूंदी की तकदीर और तस्वीर दोनों को पूरी तरह बदल कर रख देगा, जिससे यहां की लोकल इकोनॉमी और टूरिज्म को एक नया पंख मिलेगा. कोटा-बूंदी एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे से बदलेगी किस्मत इस भारी-भरकम प्लान में सबसे बड़ा फोकस कनेक्टिविटी पर है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, नया और आधुनिक रेलवे स्टेशन और आने वाला कोटा-बूंदी एयरपोर्ट इस इलाके के लिए गेम चेंजर साबित होने जा रहे हैं. इन सब बड़े प्रोजेक्ट्स के आने से बूंदी देश के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्रों और पर्यटन नेटवर्क से सीधे जुड़ जाएगा. जब देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यहां पहुंचना आसान होगा, तो सीधे तौर पर यहां का बिजनेस बढ़ेगा और दुनिया भर में बूंदी की एक नई व मजबूत पहचान बनेगी. वैसे भी तालेड़ा इलाके में पहले ही हजारों करोड़ रुपये का बिजनेस आ चुका है, जो इस बात का बड़ा सबूत है. संसदीय क्षेत्र के बून्दी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। साथ ही “बून्दी विकास मंथन” कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्धजनों और नागरिकों के साथ बून्दी में प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर सार्थक चर्चा हुई। हमारा संकल्प है कि बून्दी ऐतिहासिक विरासत के साथ… रात में रोशनी से जगमगाएंगी ऐतिहासिक बावड़ियां-किले इस पूरे प्लान की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसमें बूंदी की पुरानी पहचान और आधुनिकता का एक बेहतरीन मेल देखने को मिलेगा. शहर के पुराने दरवाजों, ऐतिहासिक प्राचीन बावड़ियों, छतरियों, किले की दीवारों और दूसरी पुरानी धरोहरों को सहेजने के साथ-साथ उन्हें नया रूप दिया जाएगा. शाम और रात के समय पर्यटकों को लुभाने के लिए इन सभी पुरानी इमारतों पर शानदार फसाड लाइटिंग की जाएगी और पैदल घूमने के लिए हेरिटेज वॉकवे बनाए जाएंगे. इसका फायदा यह होगा कि शाम ढलते ही बूंदी रोशनी से नहाई हुई एक बेहद खूबसूरत और जिंदादिल हेरिटेज सिटी की तरह दिखाई देगी. अंडरग्राउंड बिजली लाइन, चौपाटी और भूमिगत पार्किंग की सौगात पुरानी पहचान को संभालने के साथ-साथ आम जनता के रोजमर्रा के जीवन को आसान बनाने वाली सुविधाओं को भी इस प्लान में पूरी तरह शामिल किया गया है. इसके लिए शहर की मुख्य सड़कों को चौड़ा और मजबूत बनाया जाएगा. सड़कों पर फैले बिजली के नंगे तारों के जंजाल को हमेशा के लिए खत्म करके सारी लाइनें अंडरग्राउंड डाली जाएंगी. गंदे पानी के निकास के लिए पूरे ड्रेनेज सिस्टम को ठीक किया जाएगा. इसके अलावा लोगों के घूमने-फिरने और सुकून के पल बिताने के लिए नए सुंदर पार्क और एक शानदार चौपाटी बनाई जाएगी. शहर को रोज-रोज के सिरदर्द बन चुके ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए छुड़ाने के लिए जमीन के नीचे यानी अंडरग्राउंड पार्किंग की भी व्यवस्था होगी. नया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और हॉस्टल्स का तोहफा इस महाप्लान में युवाओं के भविष्य को भी उतनी ही तरजीह दी गई है. स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों को देश और दुनिया के बड़े मंचों पर आगे बढ़ने का मौका देने के लिए बूंदी के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को बिल्कुल नई और आधुनिक खेल सुविधाओं से सजाया जाएगा, ताकि वे इंटरनेशनल लेवल पर अपनी प्रतिभा दिखा सकें. इसके साथ ही, युवाओं और महिलाओं की सुविधा का ख्याल रखते हुए कई बड़े तोहफे जमीन पर उतारे जा रहे हैं. इनमें एक यूथ हॉस्टल, कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमन हॉस्टल, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग रहने के हॉस्टल्स, बूंदी-दलेलपुरा सड़क का काम और एक नया व आधुनिक आयुष अस्पताल शामिल हैं. 'बूंदी विकास मंथन' में रखी गई इन बड़े कामों की नींव शहर की सूरत बदलने वाले इस पूरे 500 करोड़ रुपये के ब्लूप्रिंट और रूपरेखा को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जनता के सामने रखा. अपने बूंदी दौरे के दौरान ओम बिरला टाउन हॉल में आयोजित 'बूंदी विकास मंथन' कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे. इसी कार्यक्रम में उन्होंने करीब 49 करोड़ रुपये की लागत वाले इन सभी नए हॉस्टल्स, सड़कों और आयुष अस्पताल जैसे जरूरी कामों की शुरुआत और शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने शहर के समझदार लोगों, जनप्रतिनिधियों और अलग-अलग समाज के लोगों से बूंदी के भविष्य को लेकर उनके मन की बात और सुझाव भी जाने. इस बड़े मौके पर स्थानीय विधायक हरिमोहन शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, पूर्व विधायक अशोक डोगरा, निवर्तमान नगर परिषद अध्यक्ष सरोज अग्रवाल और जिला कलेक्टर हरफूल यादव सहित शहर के कई जाने-माने लोग मौजूद रहे.

बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: आयुष्मान खुराना की ‘पति पत्नी और वो दो’ ने 7वें दिन कमाए 2 करोड़

 सिनेमाघरों में 15 मई को दो फिल्में रिलीज हुई थी. जिसमें पहला आयुष्मान खुराना का पति पत्नी और वो दो थी. वहीं दूसरी संजय दत्त की आखिरी सवाल थी. दोनों फिल्में अभी भी धीमी ही सही, लेकिन कमाई का सिलसिला जारी रखे हुए है. आइये एक नजर उनके कलेक्शन पर डालते हैं. पति पत्नी और वो दो का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 7 रोमांटिक कॉमेडी फिल्म में आयुष्मान खुराना, सारा अली खान, वामिका गब्बी और रकुल प्रीत सिंह मुख्य भूमिकाओं में हैं. पति पत्नी और वो दो ने बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत की और पहले दिन मात्र 4 करोड़ रुपये कमाए. सातवें दिन, ट्रैकिंग वेबसाइट Sacnilk के अनुसार इसने सातवें दिन 4,940 शो में 2.00 करोड़ की कमाई की. जिसके बाद इसका टोटल कलेक्शन 29.00 करोड़ हो गया. विदेशों में, फिल्म ने सातवें दिन 0.50 करोड़ कमाए. वहीं टोटल कमाई 40.28 करोड़ हुई. आखिरी सवाल का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 7 इस बीच, Sacnilk के अनुसार, आखिरी सवाल ने सातवें दिन 871 शो में 0.19 करोड़ का कलेक्शन किया. इसके साथ ही फिल्म का कुल 2.78 करोड़ हो गया है. विदेशों में फिल्म ने कुल 0.50 करोड़ की कमाई की. जिसके बाद कलेक्शन 3.81 करोड़ हो गया. फिल्म में संजय दत्त, अमित साध और समीरा रेड्डी मुख्य भूमिकाओं में हैं. आखिरी सवाल की कहानी विक्की नाम के एक प्रतिभाशाली लेकिन अप्रत्याशित छात्र के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक बड़ा विवाद खड़ा कर देता है. एक साधारण अकादमिक असहमति के रूप में शुरू हुआ यह मामला सनसनीखेज समाचार एंकर और एक महत्वाकांक्षी राजनीतिक कार्यकर्ता के कारण जल्द ही राष्ट्रीय टेलीविजन पर तमाशा बन जाता है. यह बॉलीवुड फिल्म गांधीजी की हत्या और आपातकाल सहित अत्यंत संवेदनशील ऐतिहासिक और राजनीतिक विषयों को उजागर करती है.

झारखंड में राज्यसभा सीटों को लेकर बढ़ी सियासी हलचल, दलों ने तेज की रणनीति

 रांची चुनाव आयोग ने 18 जून को राज्यसभा की 24 सीटों के लिए चुनाव कराने की घोषणा की है. राज्यसभा चुनाव आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की चार-चार सीटों, मध्य प्रदेश और राजस्थान की तीन-तीन सीटों तथा झारखंड की दो सीटों पर कराया जाएगा. इसके अलावा मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम की एक-एक सीट पर भी चुनाव होंगे. झारखंड में दो राज्यसभा सीटों पर बढ़ी सियासी हलचल झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. इनमें एक सीट भाजपा सांसद दीपक प्रकाश के कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली हो रही है, जबकि दूसरी सीट झामुमो संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के बाद रिक्त है. घोषणा के बाद दलों में रणनीति तेज चुनाव आयोग की घोषणा के बाद सभी राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है. संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और गर्माने की संभावना है. राज्यसभा चुनाव कार्यक्रम: 1 जून से शुरू होगी प्रक्रिया, 18 जून को मतदान चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 1 जून को अधिसूचना जारी होगी, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई है. 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 11 जून तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे. मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा, जबकि उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी. चुनाव प्रक्रिया 20 जून तक पूरी कर ली जाएगी.

लोक निर्माण विभाग सख्त: SDO, EE और ENC अधिकारियों की मुख्यालय में उपस्थिति अनिवार्य, ठेकेदारों के मासिक भुगतान के आदेश

रायपुर लोक निर्माण विभाग ने अपने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीओ) से लेकर प्रमुख अभियंता (ईएनसी) तक सभी को मुख्यालय में रहने के निर्देश दिए हैं। निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित करने, कार्यों की गहन मॉनिटरिंग और स्वीकृत कार्यों को तत्काल प्रारंभ करने के लिए विभाग ने ये निर्देश जारी किए हैं। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर उन्हें हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने ठेकेदारों को समय पर भुगतान के लिए प्रमुख अभियंता को एक-एक देयक (बिल) के स्थान पर संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को हर तीन महीने के भुगतान के लिए जरूरी राशि आबंटित करने के निर्देश दिए हैं।

अलकराज की गैरमौजूदगी से बढ़ीं जोकोविच की उम्मीदें, सानिया मिर्जा का बड़ा बयान

 नई दिल्ली साल का दूसरा ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन 24 मई से शुरू होने जा रहा है। दुनिया के कई दिग्गज खिलाड़ियों के बीच इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। इस बार कार्लोस अलकराज पुरुष सिंगल्स में नहीं खेलेंगे और भारत की पूर्व टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा का कहना है कि अलकराज के नहीं होने पर नोवाक जोकोविक के पास खिताब जीतने का अच्छा मौका है। सानिया ने जोकोविक की जीत की संभावनाओं पर सानिया ने कहा कि कार्लोस अलकराज की गैरमौजूदगी से उनकी संभावनाएं बढ़ जाती हैं। अभी वह ज्यादातर हार सिर्फ जानिक सिनर और अलकराज से ही खाते हैं। 38-39 साल की उम्र में भी उनका शीर्ष स्तर पर बने रहना अविश्वसनीय है। सिनर इस समय दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं, लेकिन नोवाक अब भी शीर्ष तीन खिलाड़ियों में हैं। उन्होंने हमेशा लोगों, उम्र और सीमाओं को गलत साबित किया है। इसलिए उन्हें कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। तीन बार की डबल्स ग्रैंडस्लैम चैंपियन सानिया मिर्जा ने फ्रेंच ओपन में भारतीय खिलाड़ियों की चुनौतियों को लेकर खुलकर अपनी राय रखी। सानिया ने कहा कि मुझे लगता है कि क्ले कोर्ट पर हमारा खेल हार्ड कोर्ट या ग्रास कोर्ट जितना मजबूत नहीं है। इसलिए यह मुश्किल जरूर होता है। क्ले कोर्ट पर ज्यादा शारीरिक मेहनत करनी पड़ती है। हालांकि, युकी भांबरी जैसे खिलाड़ी बहुत अच्छी रिटर्न करते हैं। इसलिए शायद क्ले कोर्ट उनके लिए मददगार साबित हो सकता है। लेकिन यह कहना मुश्किल है कि यह उनकी पसंदीदा सतह है या नहीं। कुल मिलाकर, क्ले कोर्ट पर खेलना काफी चुनौतीपूर्ण है। इसके अलावा सानिया ने क्वालीफायर में भारतीय खिलाड़ी करमन कौर थांडी की वापसी को सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि करमन ने अपनी प्रोटेक्टेड रैंकिंग के जरिए वापसी की है, जो इस बात का प्रमाण है कि चोट लगने से पहले वह अच्छे स्तर पर खेल रही थीं। सानिया ने कहा कि लगभग दो साल बाद कोर्ट पर लौटने वाले खिलाड़ी का तुरंत आंकलन करना सही नहीं होगा। सानिया ने कहा कि इंजरी से वापसी में मानसिक मजबूती सबसे अहम होती है, क्योंकि खिलाड़ी के मन में फिटनेस, प्रदर्शन और दोबारा चोट लगने जैसे कई सवाल चलते रहते हैं।

भाजयुमो संगठन में बड़ा फेरबदल: प्रदेशभर के जिलों और वर्गों को मिला प्रतिनिधित्व

जयपुर राजस्थान बीजेपी युवा मोर्चा की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है. भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष शंकर गोरा ने लिस्ट 63 पदाधिकारियों की लिस्ट जारी की. इसमें 7 प्रदेश उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री, 9 मंत्री, 1-1 कोषाध्यक्ष, मीडिया प्रभारी, सोशल मीडिया प्रभारी, आईटी संयोजक, प्रशिक्षण प्रभारी और 20 प्रदेश प्रवक्ता बनाए गए हैं. कार्यकारिणी में प्रदेशभर के विभिन्न जिलों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है. लंबे वक्त से इस पर मंथन जारी थी, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं को भी इंतजार था.   निकाय-पंचायत चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अहम संगठन ने आगामी राजनीतिक गतिविधियों को भी ध्यान में रखा है. माना जा रहा है कि निकाय-पंचायत चुनाव के मद्देनजर भी लिस्ट पर अंतिम मुहर लगी है. जितेन्द्र सिंह राठौड़, दीनदयाल गुर्जर, राकेश कटारिया, शिवराज सिंह, राकेश पंवार, सुदर्शन गौतम, आशीष कुल्हरी उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं. वहीं, ऋषिकेश मीणा, लोकेन्द्र सिंह, आदित्य पुजारी को महामंत्री बनाया गया है. हर्ष शर्मा कार्यालय प्रभारी, 9 प्रदेश मंत्री नियुक्त प्रदेश मंत्री पद पर धीरज शर्मा, रघुनाथ बिश्नोई, राहुल लेघा, रमेश गुर्जर, कृष्णपाल सिंह चूंडावत, दिनेश राणा, दिव्यांश भारद्वाज, वीके कुशवाह और आदित्य सिंघानिया को नियुक्त किया गया है. जिज्ञासु जैन को प्रदेश कोषाध्यक्ष और राहुल देवड़ा को सह कोषाध्यक्ष बनाया है.  भरतपुर के हर्ष शर्मा को कार्यालय प्रभारी, अमित कुमावत और आशीष शर्मा को भी कार्यालय सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. मीडिया प्रभारी हर्षित को बनाया गया है. मन की बात और ट्रेनिंग के लिए भी दिया जिम्मा खास बात यह है कि कार्यकारिणी में प्रशिक्षण, नीति एवं शोध, मन की बात जैसे कई कार्यक्रमों के प्रभारी भी बनाए गए हैं. सदस्यता अभियान, बूथ स्तर तक संगठन विस्तार, सोशल मीडिया कैंपेन और युवा संपर्क कार्यक्रमों को गति देने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है.

मेरठ की धाविका पारुल चौधरी का बड़ा लक्ष्य, ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में चमकने की तैयारी

 नई दिल्ली  भारत की लंबी दूरी की धाविका पारुल चौधरी अब केवल एशियाई स्तर की खिलाड़ी नहीं रह गई हैं। पिछले एक साल में उन्होंने डायमंड लीग जैसी विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में नियमित भाग लेकर खुद को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया है। पारुल का मानना है कि दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने से उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और इससे उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। मेरठ की 31 वर्षीय एथलीट 2022 एशियाई खेलों में 5000 मीटर दौड़ में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज (बाधा दौड़) में रजत पदक जीत चुकी हैं। वहीं पिछले साल गुमी में हुई एशियाई चैंपियनशिप में पारुल ने दोनों स्पर्धाओं में रजत पदक जीता था। पारुल ने बताया अपना लक्ष्य पारुल का लक्ष्य अब इस साल जुलाई में होने वाले ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए पदक जीतना है। पारुल ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में कहा कि पहले भारतीय एथलीटों को विदेशों में खेलने के ज्यादा अवसर नहीं मिलते थे, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह 2016 से राष्ट्रीय कैंप का हिस्सा थीं, लेकिन उन्हें पहली बार 2022 में विदेश में प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिला। अब युवा खिलाड़ियों को लगातार अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर मिल रहा है, जिसका फायदा भारतीय एथलेटिक्स को मिल रहा है। भारतीय ट्रैक एंड फील्ड में अब तक स्पिरंट और फील्ड इवेंट के खिलाड़ियों को ज्यादा पहचान मिली है, लेकिन पारुल ने लंबी दूरी की दौड़ में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार खेलने से खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन को समझने और सुधारने का मौका मिलता है। पदक जीतना सबसे बड़ा लक्ष्य लंबी दूरी की दौड़ के अंतिम चरण को सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता है। पारुल के अनुसार अंतिम एक किलोमीटर में खुद को मजबूत बनाए रखना बेहद अहम होता है और इसके लिए कोच विशेष ट्रेनिंग और रणनीति तैयार करते हैं। पारुल ने बताया कि बेंगलुरु में ट्रेनिंग के दौरान खिलाड़ियों को स्पो‌र्ट्स साइंस, रिकवरी मॉनिटरिंग और फिटनेस से जुड़ी सभी आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे प्रदर्शन में लगातार सुधार हो रहा है। हाल ही में राष्ट्रमंडल खेलों की क्वालीफाइंग टाइमिंग की बराबरी करने वाली पारुल ने कहा कि अगर उन्हें क्वालिफाई करने का मौका मिलता है तो उनका लक्ष्य वहां भारत के लिए शानदार प्रदर्शन करना होगा। फिलहाल उनका पूरा फोकस निरंतर सुधार और बड़े मंच पर देश के लिए पदक जीतने पर है।

फर्जी शादियों पर सख्ती, कनाडा ने बदले स्पाउस वीजा के नियम

चंडीगढ़  कनाडा सरकार ने स्पाउस ओपन वर्क परमिट नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है। नए नियम लागू होने पर फर्जी और कॉन्ट्रैक्ट मैरिज के जरिए कनाडा पहुंचने वालों पर बड़ा असर पड़ सकता है।   प्रस्ताव के मुताबिक भारत से स्पाउस वीजा या वर्क परमिट के लिए आवेदन करने वाले पति या पत्नी को अंग्रेजी भाषा दक्षता साबित करने के लिए आईलेट्स या अन्य मान्यता प्राप्त लैंग्वेज टेस्ट पास करना अनिवार्य हो सकता है। अब तक यदि मुख्य आवेदक कनाडा में पढ़ाई या नौकरी कर रहा होता था तो भारत में बैठे उसके जीवनसाथी को भाषा परीक्षा नहीं देनी पड़ती थी। इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर बड़ी संख्या में लोग काॅन्ट्रैक्ट विवाह के जरिए कनाडा पहुंच रहे थे। कई मामलों में स्पाउस पढ़ा-लिखा भी नहीं होता था। प्रस्ताव के अनुसार अब केवल उन्हीं स्टूडेंट्स के जीवनसाथियों को स्पाउस ओपन वर्क परमिट मिलेगा जो मास्टर्स, पीएचडी, मेडिकल, इंजीनियरिंग या अन्य हाई-स्किल प्रोफेशनल कोर्स कर रहे होंगे। सामान्य डिप्लोमा, सर्टिफिकेट या साधारण बैचलर डिग्री करने वाले छात्र अपने पार्टनर को नहीं बुला सकेंगे। सात तक हो सकता है सीएलबी स्कोर कनाडा में नौकरी कर रहे लोग भी तभी अपने जीवनसाथी को बुला पाएंगे जब वे हेल्थकेयर, आईटी या अन्य हाई-स्किल श्रेणी की नौकरियों में कार्यरत हों और उनके वर्क परमिट में कम से कम 16 महीने की वैधता बची हो। प्रस्तावित नियमों के तहत सामान्य नौकरियों के लिए सीएलबी 5 और स्किल्ड जॉब्स के लिए सीएलबी 7 स्कोर जरूरी हो सकता है। कनाडा के इमिग्रेशन मंत्री मार्क मिलिर का कहना है कि भाषा कौशल की कमी के कारण कई प्रवासी अच्छे रोजगार नहीं पा पाते और उनके शोषण का खतरा बढ़ जाता है। सरकार का मानना है कि नए नियम कार्यस्थल की सुरक्षा बढ़ाने और फर्जी विवाहों पर रोक लगाने में मदद करेंगे। विज्ञापन देकर ढूंढते हैं पढ़ी-लिखी लड़की पंजाब में विदेश जाने की चाहत ने कॉन्ट्रैक्ट मैरिज का बड़ा कारोबार खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया और मैरिज ग्रुपों में अक्सर 6 बैंड वाली लड़की चाहिए जैसे विज्ञापन दिखाई देते हैं। इसमें ऐसे परिवार शामिल होते हैं जिनके पास पैसा तो होता है लेकिन बेटा आईलेट्स पास नहीं कर पाता। दूसरी ओर आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन अच्छे बैंड वाली लड़कियों को कनाडा भेजने के बदले लाखों रुपये का सौदा किया जाता है। बाद में कई मामले धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और विवाद तक पहुंच जाते हैं। वीजा विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियम लागू होने के बाद फर्जी शादियों के जरिए कनाडा पहुंचने का रास्ता काफी मुश्किल हो जाएगा।