samacharsecretary.com

भोपाल मेट्रो ब्लू लाइन का रास्ता साफ, मालवीय नगर समेत कई इलाकों में तोड़फोड़ की तैयारी

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो ट्रेन की ब्लू लाइन के लिए अब न्यू मार्केट से लगे रोशनपुरा, मालवीय नगर में दुकानों की बड़ी तोड़फोड़ होगी। यहां दरवेश बर्तन भंडार की लाइन और इसके आसपास के क्षेत्र की दुकानों को नोटिस देकर आगाह किया गया है। अगले दो माह में यहां काम शुरू होगा। मेट्रो ट्रेन के इन नोटिस से पूरे क्षेत्र में लोगों में डर है। ये मेट्रो ट्रेन अफसरों से मुलाकात कर अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहते हैं। यहां सरकारी जमीन है और प्रोजेक्ट की डिजाइन में बदलाव कर दुकानों को बचाने की गुहार लगा रहे हैं। न्यू मार्केट और मालवीय नगर में स्टेशन की डिजाइन में पहले ही बदलाव किया जा चुका है। छोटी बड़ी 15 दुकानें इससे प्रभावित होने की स्थिति है। रोशनपुरा मेट्रो स्टेशन कांग्रेस के जवाहर भवन के पास है। इसकी डिजाइन को लेकर कई आपत्तियां आईं। कुछ बड़े कॉम्प्लेक्स इसमें जा रहे थे, जिन्हें डिजाइन बदलकर बचाया गया। मालवीय नगर की ओर बड़ी संख्या में स्लम है। जहांगीराबाद बाजार और आवासीय क्षेत्र भी चिंता में मेट्रो की तोड़फोड़ से सिर्फ न्यू मार्केट मालवीय नगर ही नहीं, जहांगीराबाद बाजार से लेकर आवासीय क्षेत्र तक चिंता में है। यहां 600 मीटर लंबा हिस्सा मेट्रो के लिए तोड़ा जाएगा। इसमें कई बड़े व्यवसायिक भवन शामिल है। दुकानों के अंदर तक निशान लगाए हुए हैं। 20 मकान भी है, जिन्हें तोड़ा जाएगा। इसके लिए लोगों ने कलेक्ट्रेट से लेकर कोर्ट तक याचिका लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। रेलवे लाइन के किनारे से हटाई गईं 85 झुग्गिया जिला प्रशासन व नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई में छोला रेलवे लाइन के पास 85 झुग्गियों को हटाया गया। इन्हें हटाने के लिए रेलवे ने प्रक्रिया की थी। जिस जगह झुग्गियां बना ली थी वह रेलवे की जमीन है। यहां हाल में ही तेजी से जमीन पर कब्जा करने के लिए झुग्गियां बनाई जा रही थी। रेलवे ने जिला प्रशासन व नगर निगम की मदद से इन झुग्गियों को हटवाया। इस दौरान पुलिस बल उपस्थित रहा। रेलवे के लिए खतरा थी झुग्गियां गोविंदपुरा एसडीएम भुवन गुप्ता के अनुसार ये अभी नई झुग्गियां बनी थी। रेलवे की सुरक्षा के लिए खतरा बन रही थी। इसके साथ ही रेलवे यहां अपनी जमीन को संरक्षित करने फेंसिंग का काम शुरू करने वाला है। मौके पर प्रशासन व पुलिस बल सुबह ही पहुंच गया था। इन झुग्गियों में से अधिकतर में छोटी दुकानें संचालित की जा रही थी। ये लोग पास की ही कॉलोनी के थे। इन्हें हटाया गया। जमीन खाली कराई, अब रेलवे यहां फेंङ्क्षसग कर जमीन को संरक्षित करेगा।  

ऐतिहासिक भोजशाला में भक्तों की भारी भीड़, HC फैसले के बाद दर्शन को उमड़े लोग

धार  धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर हाई कोर्ट इंदौर खंडपीठ द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण फैसले के बाद यहां आस्था, श्रद्धा और उत्साह का अभूतपूर्व वातावरण देखने को मिल रहा है। फैसले के बाद से भोजशाला में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है। स्थिति यह है कि पिछले मात्र 11 दिनों में यहां दो लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच चुके हैं। विशेष बात यह है कि भोजशाला में अब केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि दिल्ली सहित प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भोज उत्सव समिति के संरक्षक विश्वास पांडेय ने बताया कि भीषण गर्मी के बावजूद सुबह से शाम तक दर्शनार्थियों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव के साथ मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना कर रहे हैं और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कर रहे हैं। अब तक यह स्थिति मुख्य रूप से मंगलवार तक सीमित रहती थी, लेकिन हाई कोर्ट के फैसले के बाद सप्ताह के हर दिन भोजशाला में श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक नियमित पूजा-अर्चना और आरती का क्रम जारी है, जिससे पूरे परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण और अधिक सशक्त हुआ है। मुख्यमंत्री के प्रवास के बाद से लोगों की उम्मीदें भी और बढ़ गई हैं मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के हालिया भोजशाला प्रवास के बाद लोगों की उम्मीदें भी और बढ़ गई हैं। श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों को अब इस बात का इंतजार है कि यहां प्रस्तावित शोध संस्थान को किस स्वरूप में विकसित किया जाएगा तथा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा भविष्य में कौन-कौन सी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं के विस्तार की मांग भी तेज हो गई है। श्रद्धालुओं का मानना है कि भोजशाला केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, इतिहास और ज्ञान परंपरा का गौरवशाली प्रतीक है। राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजना अग्निहोत्री भोजशाला आएंगी हिंदू फ्रंट फार जस्टिस की राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजना अग्निहोत्री का इंदौर-धार प्रवास 27 से 30 मई तक प्रस्तावित है। भोजशाला प्रकरण की कानूनी लड़ाई की सूत्रधार, हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की राष्ट्रीय अध्यक्ष, सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता एवं याचिकाकर्ता रंजना अग्निहोत्री इंदौर-धार प्रवास के दौरान भोजशाला में दर्शन-पूजन के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगी। रंजना अपने साथ लखनऊ के प्रसिद्ध महादेव मंदिर के तालाब से 108 कमल पुष्प मां वाग्देवी के चरणों में अर्पित करने के लिए ला रही हैं। हिंदू फ्रंट फार जस्टिस के प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष गोयल ने बताया कि अग्निहोत्री ने श्रीराम जन्म भूमि अयोध्या, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर मथुरा के लिए भी कानूनी लड़ाई लड़ी है।

डींगरपुर हिंसा: उम्रकैद की सजा पाए 6 दोषियों की अपील हाईकोर्ट में खारिज कराने के लिए पुलिस करेगी मजबूत पैरवी

डींगरपुर हिंसा: उम्रकैद की सजा पाए 6 दोषियों की अपील हाईकोर्ट में खारिज कराने के लिए पुलिस करेगी मजबूत पैरवी 28 मार्च 2026 को 16 दोषियों को मिली थी उम्रकैद और 55-55 हजार जुर्माने की सजा, सुरक्षा के मद्देनजर सभी सजायाफ्ता कैदी मुरादाबाद से बरेली जेल किए गए शिफ्ट एसएसपी सतपाल अंतिल का कड़ा रुख, किशोर न्याय बोर्ड में लंबित 6 आरोपियों पर भी 15 अगस्त से पहले कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी मुरादाबाद,  साल 2011 में मैनाठेर के डींगरपुर में हुए बहुचर्चित बवाल और तत्कालीन डीएम-डीआईजी पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बीते 28 मार्च 2026 को अदालत द्वारा 16 दोषियों को सुनाई गई उम्रकैद और 55-55 हजार रुपये के जुर्माने की सजा के खिलाफ 6 दोषियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए अपनी सजा और जुर्माना कम करने की अपील दायर की है। इसके जवाब में मुरादाबाद पुलिस ने भी अपराधियों को सजा दिलाने का संकल्प लिया है। एसएसपी सतपाल अंतिल ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश सरकार की 'जीरो टॉलरेंस नीति' के तहत इन जघन्य अपराधियों की अपील का पुरजोर विरोध किया जाएगा। जिला प्रशासन, शासन स्तर पर बेहतरीन तालमेल के साथ हाईकोर्ट में इस मामले की दमदार पैरवी करेगा, ताकि यह अपील सिरे से खारिज हो सके। इस बीच, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी 16 दोषियों को मुरादाबाद जेल से बरेली जेल शिफ्ट कर दिया गया है। साथ ही, किशोर न्याय बोर्ड में लंबित 6 अन्य आरोपियों के मामले में भी 15 अगस्त से पहले कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। हाईकोर्ट में मजबूत पैरवी से अपील खारिज कराने की रणनीति एसएसपी सतपाल अंतिल ने मामले की गंभीरता को स्पष्ट करते हुए बताया कि पुलिस प्रशासन इस जघन्य अपराध के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। छह आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर सजा और जुर्माना कम करने की गुहार लगाई है, लेकिन उनकी इस अपील को हाईकोर्ट में खारिज करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। प्रशासन ने शासन स्तर पर अभियोजन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर लिया है। पुलिस का एकमात्र लक्ष्य यह है कि उच्च न्यायालय में सरकार और पीड़ितों का पक्ष इतने दमदार तरीके से रखा जाए कि अदालत का 28 मार्च का ऐतिहासिक फैसला बरकरार रहे और दोषियों की अपील पहली ही सुनवाई में खारिज हो जाए। 15 अगस्त तक बाकी 6 आरोपियों पर भी शिकंजा इस प्रकरण में पुलिस की सक्रियता केवल सजायाफ्ता कैदियों तक सीमित नहीं है। घटना के समय नाबालिग रहे छह अन्य अभियुक्त, जिनका मामला वर्तमान में किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है, उन पर भी प्रशासन की नजर है। प्रशासन ने तय किया है कि आगामी 15 अगस्त से पहले-पहले कोर्ट के माध्यम से इन छह आरोपियों के खिलाफ भी उचित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि 15 साल पुरानी इस घटना में संपूर्ण न्याय की प्रक्रिया अपने मुकाम तक पहुंच सके। सुरक्षा के मद्देनजर बरेली जेल शिफ्ट हुए दोषी अदालत द्वारा दोष सिद्ध होने और आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था में कोई कोताही नहीं बरती है। मुरादाबाद जेल में किसी भी तरह के संभावित गठजोड़, स्थानीय दबदबे या कानून व्यवस्था की स्थिति को टालने के लिए सभी दोषियों को मुरादाबाद से हटाकर बरेली सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। इन दोषियों में मंजूर अहमद, अली, हाशिम, फिरोज, कमरुल, नाजिम, मुजीब, यूनुस, रिजवान, अम्बरीश, कासिम, मोबीन, परवेज आलम, मुजीब, तहजीब आलम और जाने आलम शामिल हैं, जिन पर अदालत ने भारी जुर्माना भी लगाया है। अफवाहों से भड़की थी हिंसा और 15 साल का इंतजार जुलाई 2011 में मैनाठेर थाने में एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद 6 जुलाई को 'कुरान फाड़ने' की झूठी अफवाह फैलाकर सुनियोजित हिंसा भड़काई गई थी। उग्र भीड़ ने तत्कालीन जिलाधिकारी राजशेखर और डीआईजी/एसएसपी अशोक कुमार सिंह पर जानलेवा हमला किया, 23वीं वाहिनी पीएसी की गाड़ी फूंक दी और डींगरपुर चौकी से सरकारी कारतूस लूट लिए थे। इस मामले में कुल 33 लोग नामजद थे, जिनमें से 3 की मौत हो चुकी है। राज्य सरकार की सख्ती और पुलिस के वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन के दम पर 15 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद एडीजे-02 (मुरादाबाद) की अदालत ने 28 मार्च 2026 को अपना यह ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषियों को उनके किए की सजा दी थी।

TMC में टूट की आहट? BJP का दावा- 80 में से 50 विधायक बदल सकते हैं पाला

कलकत्ता णमूल कांग्रेस में जल्द ही बड़ी टूट हो सकती है। भारतीय जनता पार्टी सांसद का दावा है कि आधे से ज्यादा टीएमसी सांसद पार्टी बदलने के लिए तैयार हैं। वहीं, करीब 20 सांसद भी टीएमसी का साथ छोड़ सकते हैं। हालांकि, टीएमसी ने अब तक इसे लेकर प्रतिक्रिया नहीं दी है। 4 मई को घोषित नतीजों के बाद पश्चिम बंगाल में टीएमसी के 80 विधायक हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा सांसद सौमित्र खान ने बुधवार को दावा किया है कि करीब 50 विधायक टीएमसी से नाराज चल रहे हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसी ही स्थिति 20 सांसदों की है। भाजपा सांसद का दावा है कि अगर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व सहमति देता है, तो ये नेता पार्टी बदलकर भाजपा में आने के लिए तैयार हैं। हालांकि, अब तक भाजपा आलाकमान की तरफ से इसे लेकर घोषणा नहीं की गई है। खत्म हो जाएगी टीएमसी भाजपा सांसद का कहना है कि अगर ऐसा होता है, तो टीएमसी खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा, 'अगर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व एक बार कह देता है, तो टीएमसी पार्टी ही नहीं बचेगी। सभी लोग आने के लिए तैयार हैं। करीब 50 विधायक पार्टी से नाखुश हैं और 20 सांसद शामिल होने के लिए तैयार हैं।' अटकलें हैं कि मॉनसून सत्र के आसपास टीएमसी सांसद भाजपा में शामिल हो सकते हैं। संकट में टीएमसी? खास बात है कि खान की तरफ से यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब 100 से ज्यादा पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है। वहीं, कहा जा रहा है कि काकोली घोष दस्तीदार और फिरहाद हाकिम जैसे पार्टी के बड़े चेहरे नेतृत्व से खफा हैं। हालांकि, विधायक हाकिम ने खुलकर कुछ नहीं कहा है, लेकिन दस्तीदार नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं। उनके बेटे ने संभावनाएं जताई थीं कि वह सांसद पद से भी इस्तीफा दे सकती हैं। 20 सांसद बदल सकते हैं पाला संघवाद प्रतिदिन की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने कहा है कि 12 टीएमसी सांसदों ने भाजपा में शामिल होने या समर्थन देने की तैयारी कर ली है। इसके अलावा दल बदलने की तैयारी कर रहे सांसदों की लिस्ट में 5 से 6 नाम और हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि ये सांसद कौन होंगे और कब तक दल बदल की योजना बना रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 12 से ज्यादा सांसदों से चर्चा चल रही है और आंकड़ा 20 तक पहुंच सकता है। तृणमूल के दो विधायकों की शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात तृणमूल कांग्रेस के दो विधायकों ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस से मुलाकात की और इस दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी वहां मौजूद थे। चुनावी हार के बाद विपक्षी दल के भीतर बदलते समीकरणों के बीच यह घटनाक्रम नई अटकलों को जन्म दे रहा है।  यह मुलाकात आधिकारिक तौर पर 'शिष्टाचार भेंट' बताई गई लेकिन यह दिल्ली स्थित पुराने बंग भवन में ऋतब्रत बनर्जी और शुभेंदु की हालिया मुलाकात के कुछ ही दिन बाद हुई है। इसके बाद पश्चिम बंगाल की चुनाव बाद की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों में नए समीकरण उभरने की अटकलें तेज हो गई हैं।

EPFO का बड़ा बदलाव! अब ATM से निकाल पाएंगे PF का पैसा, जानिए कब और कैसे मिलेगा फायदा

 नई दिल्ली PF अमाउंट अब ATM से निकलेगा, पिछले काफी समय से इसकी चर्चा हो रही है. अगर ATM से पीएफ के पैसे निकलेंगे लगेंगे, तो एक नौकरीपेशा लोगों की इससे जुड़ी सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। दरअसल, केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया (Mansukh Mandaviya) एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान बड़ा ऐलान कर दिया है, उन्होंने कहा कि अगले महीने यानी जून से आप अपना PF अमाउंट UPI का इस्तेमाल कर ATM से निकाल पाएंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को पूरी तरह से डिजिटाइज किया जा रहा है, जिससे PF निकालना और भी आसान हो जाएगा, सरकार का लक्ष्य है कि पीएफ खाताधारकों को अपना ही पैसा निकालने के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और न ही लंबे-चौड़े फॉर्म भरने पड़ें। ATM और UPI से निकाल सकेंगे पैसे मनसुख मांडविया ने बताया कि एक नया सिस्टम सुनिश्चित किया गया है, जिसके तहत खाताधारक अपने कुल पीएफ फंड का 25% हिस्सा जमा रखकर बाकी 75% पैसा एटीएम (ATM) या यूपीआई (UPI) के जरिए जब चाहें तब निकाल सकेंगे. यह सुविधा अगले महीने से लागू करने की तैयारी है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि EPFO 2.0 और ऑटोमैटिक क्लेम प्रोजेक्ट पर काम तेजी से चल रहा है, जिससे क्लेम सेटलमेंट पूरी तरह से ऑटोमैटिक हो जाएगा, पहले जो 10-12 कॉलम के फॉर्म भरने पड़ते थे, उस पेचीदा सिस्टम को खत्म कर दिया गया है। WhatsApp चैटबॉट की सुविधा उन्होंने कहा कि पीएफ से जुड़ी जानकारियों को और आसान बनाने के लिए इसे WhatsApp चैटबॉट से जोड़ा जा रहा है. खाताधारक सिर्फ व्हाट्सऐप पर मैसेज करके अपने अकाउंट बैलेंस, ब्याज अमाउंट और बीमारी या शादी के लिए फंड विड्रॉल की पात्रता जैसी सारी जानकारियां तुरंत हासिल कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि मैसेज से लोग ये भी जान पाएंगे कि वो अभी कितना अमाउंट निकाल सकते हैं, पहले कब-कब निकाले थे, ये सारा व्हाट्सऐप पर मैसेज से कर्मचारियों को मिल जाएगा. पूरा सिस्टम डिजिटल में तब्दील हो जाएगा। कैसे निकलेगा ATM से पैसा? एटीएम और यूपीआई से पैसे निकालने की इस सुविधा को आधार से लिंक किया जाएगा, आपकी पहचान पूरी तरह डिजिटल तरीके से (आधार वेरिफिकेशन के जरिए) प्रमाणित होगी, जिससे बिना किसी कागजी कार्रवाई के तुरंत पैसा ट्रांसफर हो सकेगा। हालांकि अगर फटाफट यानी ATM से तुरंत पैसे निकलने लगेंगे तो फिर अधिकतर लोगों के PF अकाउंट खाली हो जाएंगे, क्योंकि उन्हें जब जरूरत होगी, तब पीएफ के पैसे निकाल लेंगे. इसपर एक्सपर्ट्स भी चिंता जता रहे हैं. जब पैसा निकालना इतना आसान हो जाएगा तो स्वाभाविक रूप से लोगों में इसे खर्च करने की प्रवृत्ति बढ़ेगी, जिससे रिटायरमेंट फंड समय से पहले खत्म होने का खतरा पैदा हो सकता है। हालांकि सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह खुली छूट नहीं बनाया है. केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया है कि आप चाहकर भी अपना पूरा PF अकाउंट खाली नहीं कर सकते हैं, कुल जमा राशि का 25% हिस्सा हमेशा पीएफ अकाउंट में लॉक रहेगा. आप केवल ऊपरी 75% हिस्से का ही इस्तेमाल कर पाएंगे। बता दें, पीएफ पर मिलने वाला चक्रवृद्धि ब्याज तब सबसे ज्यादा फायदा देता है जब पैसे को लंबे समय तक छुआ न जाए, बार-बार पैसा निकालने से रिटायरमेंट के वक्त मिलने वाला अंतिम फंड बहुत छोटा हो जाएगा।

वैभव ने मचाया कोहराम, जोफ्रा ने बरपाया कहर… SRH IPL से बाहर

 मुल्लांपुर मुल्लांपुर में बुधवार रात IPL 2026 के एल‍िम‍िनेटर (Eliminator) मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को 47 रन से हराकर क्वाल‍िफायर-2 (Qualifier-2) में जगह बना ली. इस जीत के सबसे बड़े हीरो रहे 15 साल के वैभव सूर्यवंशी और तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर. एक ने बल्ले से तूफान मचाया, तो दूसरे ने गेंद से SRH की कमर तोड़ दी। राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 243 रन बनाए. जवाब में हैदराबाद की पूरी टीम 19.2 ओवर में 196 रन पर ऑलआउट हो गई. अब राजस्थान का सामना शुक्रवार को गुजरात टाइटन्स से होगा. इस मैच का विजेता फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से भिड़ेगा। पूरे मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा वैभव सूर्यवंशी की रही. 15 साल के इस बल्लेबाज ने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन ठोक दिए. उनकी पारी में 12 छक्के और 5 चौके शामिल रहे. वह IPL इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने से सिर्फ 3 रन दूर रह गए. क्रिस गेल का 30 गेंदों में शतक का रिकॉर्ड टूटते-टूटते बचा। वैभव ने शुरुआत से ही पैट कमिंस और SRH के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया. फुल लेंथ गेंदों को सीधे साइट स्क्रीन के पार पहुंचाया, जबकि शॉर्ट गेंदों पर भी जमकर रन बटोरे. उनकी बल्लेबाजी इतनी आक्रामक थी कि SRH कप्तान कमिंस लगातार फील्ड बदलते और रणनीति बनाते नजर आए, लेकिन कोई तरीका काम नहीं आया। इस सीजन में वैभव सूर्यवंशी ने छक्कों का नया रिकॉर्ड भी बना दिया. उन्होंने IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा 65 छक्के लगाने का कारनामा किया. इससे पहले यह रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 2012 में 59 छक्के लगाए थे। वैभव ने सिर्फ 16 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया. उनकी बल्लेबाजी देखकर ऐसा लग रहा था कि वह T20 क्रिकेट में दोहरा शतक बनाने के अपने सपने को भी सच कर सकते हैं. हालांकि आठवें ओवर में प्रफुल हिंगे की गेंद पर थर्ड मैन पर कैच आउट होकर वह इतिहास रचने से चूक गए. आउट होने के बाद उनका धीमे कदमों से पवेलियन लौटना उनकी निराशा साफ दिखा रहा था। दूसरे छोर पर यशस्वी जायसवाल 29 रन बनाकर संघर्ष करते दिखे. वहीं ध्रुव जुरेल ने सिर्फ 21 गेंदों में 50 रन की शानदार पारी खेली. राजस्थान एक समय 13 ओवर में 2 विकेट पर 180 रन बनाकर 260 के पार जाता दिख रहा था, लेकिन आखिरी 5 ओवर में SRH ने वापसी की. उस दौरान राजस्थान ने 36 रन के भीतर 5 विकेट गंवा दिए। हैदराबाद की ओर से प्रफुल हिंगे ने 3 विकेट लिए, हालांकि उन्होंने 4 ओवर में 54 रन भी दिए. शिवांग कुमार ने यशस्वी जायसवाल का विकेट लेकर प्रभावित किया. दूसरी तरफ कमिंस का दिन बेहद खराब रहा. उन्होंने 4 ओवर में बिना विकेट लिए 64 रन लुटा दिए. साकिब हुसैन ने 3 ओवर में 49 रन दिए, जबकि ईशान मलिंगा भी महंगे साबित हुए। 244 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत बेहद खराब रही. जोफ्रा आर्चर ने पावरप्ले में ही मैच राजस्थान की तरफ मोड़ दिया. उन्होंने पहले अभिषेक शर्मा को बाउंसर पर फंसाया, फिर ईशान किशन को कवर पर कैच कराया. ट्रैविस हेड ने उनकी रफ्तार के खिलाफ जगह बनाकर खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद सीधे स्टंप्स में जा लगी। आर्चर की तेज रफ्तार गेंदबाजी के सामने SRH का विस्फोटक टॉप ऑर्डर टिक नहीं पाया. पांचवें ओवर तक टीम 57 रन पर 4 विकेट गंवा चुकी थी. इसके बाद हैदराबाद कभी मुकाबले में वापसी नहीं कर सका और आखिरकार 196 रन पर ढेर हो गया। राजस्थान के लिए यह जीत सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि पूरे सीजन में टीम की लड़ाई और वापसी की कहानी भी बन गई. अब टीम की नजर Qualifier-2 जीतकर फाइनल में पहुंचने पर होगी. क्वाल‍िफायर 2 मुकाबला 29 मई को गुजरात के ख‍िलाफ होना है।  

‘मेलोडी’ से बाजार में मची हलचल, Parle कनेक्शन वाले छुटकू शेयर ने निवेशकों को किया मालामाल

 नई दिल्ली शेयर बाजार में कब कौन सा शेयर गदर मचाने लगे भविष्यवाणी करना मुश्किल है. एक छोटी सी खबर भी किसी स्टॉक को रॉकेट बनाने के लिए काफी होती है. कुछ ऐसा ही हुआ एक 5 रुपये वाले छुटकू शेयर के साथ, जिसमें बीते कुछ दिनों से लगातार अपर सर्किट लग रहा है. हम बात कर रहे हैं पारले इंडस्ट्रीज के शेयर की, जो सिर्फ 5 दिन में ही 33% तक उछल गया है और निवेशकों ने मोटी रकम छाप डाली है।  कंपनी का नाम भले ही Parle है, लेकिन इसका पारले-जी से कोई नाता नहीं है. बल्कि ये रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी है. लेकिन पारले नाम ने पीएम नरेंद्र मोदी के मेलोडी ट्विस्ट के बाद इस धराशायी शेयर में अचानक जान फूंक दी और इसने निवेशकों की बल्ले-बल्ले हो गई।  PM ने ऐसा क्या किया, जो शेयर बना रॉकेट यहां सबसे पहले बता दें कि बीते दिनों इटली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी (PM Narendra Modi) ने वहां की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को पारले कंपनी की टॉफी मेलोडी (Parle Melody) का पैकेट गिफ्ट किया था. बस पीएम मोदी का ये मेलोडी ट्विस्ट इस पारले इंडस्ट्रीज कंपनी के शेयर में जान फूंकने वाला साबित हुआ।  सोशल मीडिया पर Italy PM द्वारा शेयर किया गया वीडियो तेजी से वायरल (Viral Video) हो गया और 'मेलोडी' ट्रेंड चल पड़ा. इसके बाद निवेशकों में पारले नाम के इस शेयर को खरीदने की होड़ मच गई और शेयर रॉकेट की रफ्तार से लगातार भागते हुए अपर सर्किट हिट (Parle Industries Share Upper Circuit) कर रहा है. जबकि दूसरी ओर मेलोडी टॉफी को बनाने वाली पारले प्रोडक्ट शेयर बाजार में लिस्ट ही नहीं है।  सालभर से सोया था शेयर, अब तूफानी तेजी पीएम मोदी (PM Modi) ने मेलोनी को मेलोडी गिफ्ट क्या की, इस सालभार से सोए पड़े शेयर ने तूफानी रफ्तार पकड़ ली. Parle Share की परफॉर्मेंस पर नजर डालें, तो ये Parle Stock बीते एक साल से लगातार टूटता जा रहा था और 70 फीसदी के आसपास फिसल गया था. लेकिन, मेलोडी ट्रेंड की शुरुआत होते ही, इस शेयर में जान आ गई और बीते पांच दिन से ये गदर मचा रहा है।  बीते 19 मई को Parle Industries Share की कीमत महज 5 रुपये थी, लेकिन 20 मई को इटली की पीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पीएम मोदी के मेलोडी गिफ्ट पर थैंक्यू बोलने हुए एक वीडियो पोस्ट किया और इस स्टॉक में अपर सर्किट लग गया, जिसका सिलसिला अब तक जारी है. दनादन अपर सर्किट के साथ पांच कारोबारी दिनों में ये 33 फीसदी चढ़ गया है और इसका दाम 6.67 रुपये हो गया है. शेयर में तेजी के चलते इस कंपनी का मार्केट कैपिटल भी बढ़कर 32.58 करोड़ रुपये हो गया।  जब Melody लॉन्च, तभी बनी ये कंपनी पारले इंडस्ट्रीज के काम पर नजर डालें, तो इस कंपनी की स्थापना भी उसी 80 के दशक में हुई थी, जबकि पारले प्रोडक्ट ने मेलोडी टॉफी को लॉन्च किया था. Parle Industries इंफ्रा और रियल एस्टेट डेवलपमेंट सेक्टर की कंपनी है. जबकि Parle Products एक अलग प्राइवेट FMCG कंपनी है, जो Parle-G, Melody, Monaco, Hide & Seek जैसे ब्रांड बनाती है। 

हुजूर-बैरसिया में मकान गणना अभियान सम्पन्न, 2.10 लाख घरों का हुआ सर्वे

भोपाल जिले में जनगणना 2027 के पहले चरण में मकानों के सूचीकरण का काम किया जा रहा है।इसमें नगरीय क्षेत्र में नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्र में तहसील व पंचायत स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके तहत हुजूर, कोलार, बैरसिया ग्रामीण और नगर पालिका क्षेत्र में जनगणना का काम पूरा कर लिया गया है। इन क्षेत्रों में 956 ब्लाक के 919 प्रगणकों ने करीब दो लाख दस हजार से अधिक मकानों की गिनती पूरी कर ली है। इन मकानों में रहने वाले परिवारों से 33 तरह के सवाल भी रिकार्ड में दर्ज किए गए है।बता दें कि देश में 15 साल बाद जनगणना 2027 के पहले चरण में मकानाें के सूचीकरण का काम किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार नगर निगम के 85 वार्ड में जनगणना के पहले चरण में मकानों का सूचीकरण किया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 80 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है। यह काम 30 मई तक पूरा करना पड़ेगा। इसी बीच जनणना कार्य का निरीक्षण करने केंद्र से टीम आने वाली है, जो कि नगर निगम, पंचायत व नगर पालिका इलाके में पहुंचकर जनगणना के कार्य का सर्वे करेगी। जिला जनगणना अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि जिले में नगर निगम, बैरसिया नगर पालिका, बैरसिया ग्रामीण, हुजूर और कोलार क्षेत्र में अलग-अलग जनगणना का काम किया गया है। चार चार्ज अधिकारियों ने काम पूरा कर लिया है। नगर निगम क्षेत्र में कुछ काम बाकी है। इन मकानों की गणना के बाद डिजिटल जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। जिसके आधार पर जनगणना के दूसरे चरण का काम शुरु किया जाएगा। 7.10 लाख मकानों की गणना नगर निगम के शहरी क्षेत्र में दो हजार 900 प्रगणकों ने सात लाख 10 हजार से अधिक मकानों की गणना का काम पूरा कर लिया है।नगर जनगणना अधिकारी हीरेन्द्र सिंह कुशवाहा की लापरवाही की वजह से निगम क्षेत्र में जनगणना के काम में देरी हो रही है, हालांकि 30 मई तक काम पूरा किया जाना है। टीम नहीं आई तो 1855 पर करें काॅल जनगणना में मकानों पर नंबरिंग करने के बाद उनकी जानकारी को अपलोड कर दिया गया है। अगर अब तक किसी मकान की गणना और परिवार से जुड़ी 33 सवालों की जानकारी नहीं ली गई है, तो आम लोग 1855 पर काल कर जानकारी दे सकते हैं। आनलाइन जानकारी को सत्यापन किया जाएगा। कलेक्टर ने किया चार्ज अधिकारी का सम्मान कोलार ग्रामीण क्षेत्र व नगरीय क्षेत्र बैरसिया में जनगणना के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण व मकानों की गणना” का कार्य शत प्रतिशत हो गया है।इस पर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बुधवार को कोलार ग्रामीण क्षेत्र के चार्ज अधिकारी यशवर्धन सिंह और सीएमओ बैरसिया नगर परिषद राजेन्द्र कुमार सक्सेना को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया ।  

हिमाचल में बड़ा अलर्ट! झील फटी तो 57 पुल समेत कई इलाके हो सकते हैं तबाह

 नई दिल्ली लाहौल-स्पीति के सिस्सू गांव में रहने वाले लोग अब शांतिपूर्ण पहाड़ी जीवन नहीं जी पा रहे हैं. अटल टनल खुलने के बाद यहां पर्यटकों की भारी भीड़ आ गई है, लेकिन गांव के ठीक ऊपर एक बड़ी समस्या पैदा हो रही है. 4,068 मीटर की ऊंचाई पर बनी घेपन झील हर साल बड़ा होती जा रही है. वैज्ञानिकों को डर है कि अगर यह झील फट गई तो सिस्सू गांव पर बहुत बड़ा खतरा आ सकता है. एकदम 2013 में केदारनाथ में आई आपदा की तरह।  सिस्सू गांव चंद्रा नदी के किनारे बसा है. अटल टनल से निकलते ही यह पहला बड़ा गांव है. कुछ साल पहले तक यहां शांति थी. लोग खेती और पशुपालन करते थे. लेकिन अक्टूबर 2020 में अटल टनल खुलने के बाद रोजाना हजारों गाड़ियां यहां से गुजरती हैं. पीक सीजन में 5000 गाड़ियां तक आती हैं।  DTE की रिपोर्ट के मुताबिक नदी किनारे अब बोटिंग, जिपलाइन, ऑफ-रोड वाहन और पर्यटक गतिविधियां चल रही हैं. गांव में होमस्टे और कैफे खुल गए हैं. लेकिन इस खूबसूरती के पीछे एक बड़ा खतरा छिपा है. गांव से करीब 11 किलोमीटर ऊपर हिमालय की घेपन झील (घेपांग घट) लगातार बढ़ रही है।  झील का आकार तेजी से बढ़ रहा है घेपन ग्लेशियर झील है. 1989 में इसका क्षेत्रफल सिर्फ 36.49 हेक्टेयर था. 2022 तक यह बढ़कर 101.30 हेक्टेयर हो गया है – यानी लगभग तीन गुना. वैज्ञानिकों के अनुसार, घेपन ग्लेशियर तेजी से पिघल रहा है. 1962 से अब तक ग्लेशियर 2.76 किलोमीटर पीछे हट चुका है. राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) की रिपोर्ट में साफ चेतावनी दी गई है कि यह झील अतिसंवेदनशील है. अगर झील फटी तो सबसे पहले सिस्सू गांव पर असर पड़ेगा।  वैज्ञानिकों ने 8 अलग-अलग स्थितियों का अध्ययन किया है. सभी में सिस्सू गांव रेड जोन में आता है. सबसे खतरनाक स्थिति में झील फटने के सिर्फ 21 मिनट में बाढ़ का पानी सिस्सू पहुंच सकता है. पानी की रफ्तार 43 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है. इस बाढ़ में सिर्फ पानी नहीं आएगा।  भारी मलबा, चट्टानें, पत्थर और ग्लेशियर के टुकड़े भी साथ आएंगे. इसकी चपेट में 34 बस्तियां, 204 हेक्टेयर खेती योग्य जमीन, 57 पुल और 106 किलोमीटर सड़कें आ सकती हैं. मनाली-लेह हाईवे, अटल टनल और पूरा पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह हो सकता है. बाढ़ का असर चिनाब नदी के रास्ते जम्मू-कश्मीर तक पहुंच सकता है।  ग्लेशियर पिघलने के कारण वैज्ञानिक भानु प्रताप और अनिल कुलकर्णी जैसे विशेषज्ञ बताते हैं कि हिमालय का तापमान तेजी से बढ़ रहा है. पहले ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरती थी, अब बारिश हो रही है. बारिश बर्फ को बहुत तेजी से पिघलाती है.  1962 के बाद से घेपन ग्लेशियर हर साल औसतन 53 मीटर सिकुड़ रहा है. झील का बढ़ता पानी ग्लेशियर को और तेजी से पिघला रहा है. यह एक साइकिल बन गया है जो लगातार तेज होता जा रहा है।  राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने झील को अतिसंवेदनशील घोषित किया है. NRSC, केंद्रीय जल आयोग, NCPOR और CDAC जैसी संस्थाएं काम कर रही हैं. सिस्सू की कृत्रिम झील पर एक पायलट अलर्ट सिस्टम लगाया गया है, जिसमें सेंसर, कैमरा और सैटेलाइट आधारित चेतावनी व्यवस्था है. लेकिन यह टेस्टिंग फेज में है।  समस्या यह है कि गांव में अभी कोई पूरा अर्ली वॉर्निंग सिस्टम, सायरन, चेतावनी बोर्ड या स्पष्ट निकासी रास्ते नहीं हैं. जमीनी स्तर पर तैयारी काफी कमजोर दिख रही है. घेपन झील अकेली नहीं है. हिमाचल प्रदेश में 2016 में 805 ग्लेशियर झीलें थीं, जो 2022 तक बढ़कर 1,619 हो गईं।  पूरे हिंदुकुश हिमालय क्षेत्र में ग्लेशियर क्षेत्रफल तेजी से घट रहा है. जलवायु परिवर्तन के कारण नई-नई झीलें बन रही हैं, जो भविष्य में बड़े खतरे बन सकती हैं. घेपन झील सिस्सू गांव के लिए एक टाइम बम की तरह है. एक तरफ पर्यटन से हो रही कमाई, दूसरी तरफ बढ़ता पर्यावरणीय खतरा।  वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि ग्लेशियर पिघल रहे हैं और झीलें बढ़ रही है. स्थानीय लोगों को डर के साथ जीना पड़ रहा है. सरकार और वैज्ञानिकों को अब जल्दी से जल्दी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम, निकासी योजनाएं और जागरूकता अभियान चलाने चाहिए।  सिस्सू की कहानी पूरे हिमालय के लिए चेतावनी है. जलवायु परिवर्तन अब दूर की समस्या नहीं रहा- यह हमारे पहाड़ों, गांवों और जिंदगियों को सीधे प्रभावित कर रहा है. अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो एक दिन यह खतरा हकीकत बन सकता है। 

1 जून को मेधावियों का सम्मान समारोह, योगी सरकार देगी कैश अवॉर्ड और टैबलेट

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 1 जून को यूपी बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड, सीआईएससीई एवं संस्कृत बोर्ड से 10th 12th क्लास में टॉप-10 में जगह पाने वाले स्टूडेंट्स को सम्मानित करेंगे। इस कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार की ओर से मेधावी छात्र के साथ ही उनके एक अविभावक को बुलाया गया है। कुल 223 टॉपर छात्र एवं उनके अविभावक इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। बोर्ड के अनुसार टॉपर्स की संख्या सभी बोर्ड को मिलाकर उत्तर प्रदेश राज्य सरकार की ओर से कुल 223 छात्रों का सम्मान किया जायेगा। बोर्ड्स के अनुसार टॉपर्स की संख्या निम्नलिखित है- बोर्ड     10th क्लास टॉपर     12th क्लास टॉपर यूपी बोर्ड     115     23 संस्कृत बोर्ड     11     10 सीआईएससीई     22     11 सीबीएसई     13     18 क्या मिलेगी प्राइज मनी आपको बता दें कि राज्य सरकार की ओर से सभी मेधावी छात्रों को 1 लाख रुपये, टैबलेट एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जायेगा। जिला स्तर पर भी स्टूडेंट्स को किया जाएगा सम्मानित राज्य स्तर के अलावा जिला स्तर पर भी छात्रों को सम्मानित किया जायेगा। राज्य के सभी जिलों के लिए टॉप-10 में जगह पाने वाले कुल 1459 स्टूडेंट्स का चयन किया गया है। इन सभी स्टूडेंट्स को 21 हजार रुपये, मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा। आपको बता दें कि टॉपर्स की धनराशि को सीधे उनके खाते में भेजा जायेगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डा. महेंद्र देव ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को कार्यक्रम को सही तरीके से आयोजित कराने के निर्देश दिए हैं। राज्य स्तरीय कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा और इसका लाइव प्रसारण सभी जिला मुख्यालयों पर कराया जाएगा। सभी टॉपर स्टूडेंट्स को लखनऊ में कार्यक्रम में पहुंचने के लिए 31 मई को शाम 5 बजे तक पहुंचने का निर्देश दिया गया है।