कलकत्ता देश में मौसम का मिजाज इस समय पूरी तरह बदला हुआ है. आसमान में बादल हैं, हवाओं में तेजी है और कई इलाकों में अचानक बारिश हो रही है. कहीं ओले गिर रहे हैं तो कहीं बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है. 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल रही हवाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है. बंगाल और सिक्किम जैसे इलाकों में भारी बारिश और बादल फटने जैसे हालात बनने की आशंका जताई जा रही है. वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार में अगले 72 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं. मौसम विभाग (IMD) ने साफ संकेत दिए हैं कि यह बदलाव सामान्य नहीं है. लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी ने पूरे देश के मौसम को अस्थिर बना दिया है. इसका असर हर क्षेत्र में अलग-अलग रूप में दिखाई दे रहा है। बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. खेतों में खड़ी फसलें सबसे ज्यादा खतरे में हैं और किसान लगातार आसमान की ओर देख रहे हैं. तेज हवाओं के साथ गिरने वाले ओले फसलों को सीधे नुकसान पहुंचा रहे हैं. शहरों में भी हालात सामान्य नहीं हैं. कई जगहों पर पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और जलभराव जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं. कई राज्यों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है और इस बदलाव ने लोगों को चौंका दिया है. अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है, इससे स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति भी बनी है. वहीं उत्तर भारत के कई राज्यों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है. 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है, इससे कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं. बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ी हैं, इससे जान-माल का खतरा बना हुआ है. मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर दिया है। IMD का कहना है कि इस समय कई वेदर सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं, जो इस अस्थिर मौसम के पीछे मुख्य कारण हैं. पश्चिमी विक्षोभ लगातार उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहे हैं और उनकी तीव्रता भी अधिक बनी हुई है. इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं पूर्वी और मध्य भारत में नमी बढ़ा रही हैं, इससे गरज-चमक और बारिश की घटनाएं तेज हो गई हैं. इन दोनों वेदर सिस्टम के टकराव के कारण वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई है. यही वजह है कि देशभर में मौसम तेजी से बदल रहा है और कई क्षेत्रों में एक साथ अलग-अलग तरह की मौसमीय गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। दिल्ली-NCR में फिर बिगड़ेगा मौसम दिल्ली-NCR में मौसम लगातार बदलता नजर आ रहा है और इसका सीधा असर लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है. 6 अप्रैल को मौसम कुछ हद तक साफ रह सकता है, इससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है. 7 और 8 अप्रैल को एक बार फिर मौसम बिगड़ने के संकेत हैं. इन दिनों आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इसके साथ ही तेज हवाएं चलने की संभावना भी है, जो तापमान को नीचे लाने में मदद करेंगी। उत्तर प्रदेश में भारी बारिश उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है और इसका असर राज्य के लगभग सभी हिस्सों में देखने को मिल रहा है. कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें लखनऊ, कानपुर, झांसी, सहारनपुर, अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं. इन इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना जताई गई है. हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, इससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है. इसके अलावा ओलावृष्टि की भी आशंका है, जो खासतौर पर किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि इससे गेहूं और अन्य फसलों को नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में पश्चिमी विक्षोभ का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है और यह प्रणाली लगातार सक्रिय बनी हुई है. नम हवाओं के टकराव से गरज-चमक की घटनाएं बढ़ रही हैं और अचानक बारिश हो रही है. आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट की संभावना है, इससे गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन मौसम का यह अस्थिर रूप लोगों के लिए परेशानी भी पैदा कर सकता है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें। बिहार में मौसम का बदलाव बिहार में भी मौसम ने रुख बदल लिया है और आने वाले कुछ दिन राज्य के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं. कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है. इसमें पटना, गया, भोजपुर, पश्चिम और पूर्वी चंपारण जैसे इलाके शामिल हैं. इन क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं, इससे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। 6 और 7 अप्रैल को कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, इससे फसलों को नुकसान हो सकता है. इसके बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के कारण हो रहा है. इन दोनों के प्रभाव से राज्य में नमी बढ़ गई है और मौसम अस्थिर हो गया है। राजस्थान में मौसम ने ली … Read more