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CBSE रिवैल्यूएशन पोर्टल में तकनीकी खामी, आवेदन के दौरान छात्रों को हो रही दिक्कत

नई दिल्ली सीबीएसई बोर्ड की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। चार दिन के लंबे इंतजार के बाद जब पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन पोर्टल एक्टिव हुआ तो छात्र खुशी से फूले नहीं समाए, लेकिन उनकी खुशी बहुत ज्यादा देर नहीं टिक सकी। पोर्टल लॉन्च होने के कुछ देर बाद ही सोशल मीडिया पर शिकायतें आने लगी, लेकिन अब बोर्ड ने वापस से पोर्टल को सक्रिय कर दिया है। हालांकि, कुछ समय पहले अधिकांश छात्रों को अपने सभी लॉगिन विवरण अपलोड करने के बाद स्क्रीन फ्रीज होने की समस्या का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही कुछ छात्रों ने आॅनलान पाई गई गलतियों का वीडियो भी शेयर किया है। वहीं, कुछ ने तो पोर्टल पर लॉगिन को लेकर शिकायतें दर्ज की है। दरअसल, सीबीएसई की ओर से 12वीं क्लास की कॉपियों के लिए पुनर्मूल्यांकन के लिए पोर्टल आज यानी मंगलवार से फिर से ओपन कर दिया गया है। जिन छात्रों ने री-इवैल्यूएशन के लिए स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था और उनको कॉपी में अंकों की गड़बड़ी है वे अब कॉपी को रीचेक करवाने के लिए आॅनलाइन माध्यम से फॉर्म भर सकते हैं। एप्लीकेशन फॉर्म भरने की लास्ट डेट 6 जून 2026 तय की गई है। 10-12 बार ट्राई क‍िया पर नहीं खुल रहा पोर्टल सीबीएसई की एक छात्रा की मां ने बताया कि उनकी बेटी कॉमर्स की छात्रा है. उन्होंने 10 से 12 बार लॉग‍िन करने की कोश‍िश की, कैप्चा कोर्ड भरने के बाद पेज क्रैश हो जाता है।  स्कैन कॉपी या फिजिकल कॉपी? पेज नंबर को लेकर छात्रों का कन्फ्यूजन हुआ दूर सीबीएसई 12वीं पुनर्मूल्यांकन का फॉर्म भरते समय छात्रों के सामने एक नया तकनीकी असमंजस खड़ा हो गया है. छात्र लगातार पूछ रहे हैं कि री-इवैल्युएशन फॉर्म में उन्हें 'स्कैन की गई डिजिटल कॉपी' का पेज नंबर लिखना है या उनकी 'मूल (फिजिकल) उत्तर पुस्तिका' का? उदाहरण के लिए, यदि कोई उत्तर डिजिटल कॉपी में पेज 7 पर है और असल कॉपी में पेज 4 पर, तो क्या भरें? सीबीएसई के नियमों और पूर्व मूल्यांकन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, छात्रों को फॉर्म में स्कैन की गई डिजिटल कॉपी (Scanned Copy Page Number) का ही पेज नंबर लिखना चाहिए. इसकी वजह यह है कि जो परीक्षक आपकी कॉपी की दोबारा जांच करेगा, उसके सामने आपकी फिजिकल कॉपी नहीं, बल्कि कंप्यूटर स्क्रीन पर वही 'स्कैन की गई डिजिटल कॉपी' होगी. अगर आप स्कैन कॉपी के अनुसार पेज नंबर (जैसे- पेज 7) लिखेंगे, तो परीक्षक को उस विवादित उत्तर या 'अनचेक्ड सवाल' तक तुरंत पहुंचने में आसानी होगी. छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी गफलत से बचने के लिए स्कैन की गई पीडीएफ (PDF) के पेज नंबर को ही आधार बनाएं.  एक-एक नंबर के लिए मची है जंग, छात्र बोले- हमारे साथ मत खेलो कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए यह पुनर्मूल्यांकन कोई मामूली प्रक्रिया नहीं है. दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) सहित देश के तमाम बड़े विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए दशमलव के अंकों की भी भारी अहमियत होती है. ऐसे में सिस्टम की तकनीकी गड़बड़ियों या परीक्षकों की लापरवाही के कारण जिन छात्रों के 5 से 10 नंबर कम हुए हैं, उनका पूरा साल और करियर दांव पर लग गया है. छात्र बोर्ड से त्वरित न्याय की गुहार लगा रहे हैं।  फीस…25 से 100 रुपए अगर कोई छात्र किसी एक प्रश्न को रीचेक करवाने के लिए आवेदन करेगा तो उसे 25 रुपए का भुगतान करना होगा। इसके अलावा पूरी कॉपी का पुनर्मूल्यांकन/ री-टोटलिंग करवाने के लिए 100 रुपए फीस जमा करनी होगी। सीबीएसई ने साझा की डिटेल इधर, सीबीएसई ने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी साझा की है। सीबीएसई ने लिखा- प्रिय विद्यार्थियों, मूल्यांकन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल अब सक्रिय हो गया है। अंकों के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया के चरण-दर-चरण निर्देशो के लिए कृपया वीडियो को ध्यानपूर्वक देखें। पोर्टल लिंक: https://postresult.cbseit.in/pvr/  अगले साल से डिजीलॉकर रखेंगे कॉपियां इधर, दावार किया जा रहा है कि सीबीएसई बोर्ड अगले साल से बड़े बदलाव पर विचार कर रहा है। इसमें स्टूडेंट्स को सीधे डिजीलॉकर पर रिजल्ट के साथ ही स्कैन की हुई कॉपी भी उपलब्ध करवा दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य पूरी परीक्षा के लिए पारदर्शिता और स्टूडेंट के बीच भरोसा बनाने का है। 

महंगाई और कच्चे तेल के दबाव के बीच RBI क्या बदलेगा रेपो रेट? जानें EMI पर असर

नई दिल्ली  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक 3 जून से शुरू होने जा रही है. बाजार विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं को देखते हुए केंद्रीय बैंक इस बार भी अपनी प्रमुख नीतिगत दर (रेपो रेट) को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रख सकता है. आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय समिति 5 जून को अपने फैसलों की घोषणा करेगी।  वैश्विक संकट और महंगाई का दबाव दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से पश्चिम एशिया के संकट ने कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया है. इस कारण भारतीय रुपये पर भी दबाव बढ़ा है. हालांकि मौजूदा तिमाही में भारत की खुदरा महंगाई दर 4 से 4.1 प्रतिशत के दायरे में रहने का अनुमान है, लेकिन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की हालिया आर्थिक शोध रिपोर्ट के अनुसार, अगली तीन तिमाहियों में यह फिर से 5 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर सकती है. यही कारण है कि आरबीआई कोई भी जल्दबाजी भरा कदम उठाने से बच रहा है।  आर्थिक विकास दर (जीडीपी) के अनुमान एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) की चौथी तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिससे पूरे वित्त वर्ष की विकास दर 7.5 प्रतिशत के मजबूत स्तर पर पहुंच सकती है. हालांकि, बाहरी वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए अगले वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए विकास दर धीमी होकर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है. यदि वैश्विक हालात और बिगड़ते हैं, तो आरबीआई को अपने विकास अनुमानों में कटौती और महंगाई के अनुमानों में बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है।  वैकल्पिक उपायों पर जोर विशेषज्ञों का कहना है कि दरों को स्थिर रखते हुए भी आरबीआई बाजार को नियंत्रित करने के लिए अन्य नीतिगत उपकरणों का उपयोग कर सकता है. उदाहरण के लिए, बाजार में नकदी और बॉन्ड यील्ड को संतुलित करने के लिए केंद्रीय बैंक 'ऑपरेशन ट्विस्ट' जैसे कदमों का सहारा ले सकता है. इसके तहत लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड खरीदे जाते हैं और कम अवधि के बॉन्ड बेचे जाते हैं, जिससे मुख्य ब्याज दरों को बिना बदले ही वित्तीय बाजार को स्थिरता दी जा सकती है. कुल मिलाकर, आगामी नीति पूरी तरह से आंकड़ों और वैश्विक परिस्थितियों पर आधारित होगी। 

दिल्ली के जंतर-मंतर पर होगा अनोखा प्रदर्शन, भारत पहुंच रहे कॉकरोच पार्टी के फाउंडर

 नई दिल्ली कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभ‍िजीत दिपके ने कहा है कि वो 6 जून को भारत वापस आएंगे और दिल्ली में एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे. उनकी मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए. वजह है परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियां, जिनसे लाखों छात्र परेशान हैं।  अभ‍िजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी किया. इसमें उन्होंने अपने समर्थकों और छात्रों से अपील की कि वो उनके साथ दिल्ली में आवाज उठाएं।  उन्होंने वीडियो में कहा 'अब वक्त आ गया है कि हम सब एक साथ आएं. संविधान के रास्ते पर चलते हुए शांति से अपनी बात रखें और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करें. अगर हम मिलकर बोलेंगे तो सरकार को सुनना ही पड़ेगा।  उन्होंने यह भी कहा कि 6 जून, शनिवार की सुबह वो दिल्ली पहुंचेंगे. उन्होंने लोगों से गुजारिश की कि वो एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करें. इसके बाद सब मिलकर संसद मार्ग थाने जाएंगे और जंतर मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत मांगेंगे. दिपके का आरोप है कि परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों और विवादों की वजह से छात्र बेहद परेशान हैं. उन्होंने सरकार से जवाबदेही की मांग की है।  वीडियो संदेश में अभिजित ने क्या-क्या कहा? अभ‍िजीत दिपके ने एक वीडियो संदेश जारी कर भारत लौटने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि वे नीट परीक्षा विवाद और कथित पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देश वापस आ रहे हैं।  अभ‍िजीत दिपके ने दावा किया कि नीट परीक्षा से जुड़े विवादों के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं ने उनका समर्थन किया है. उनके अनुसार, शिक्षा व्यवस्था में हुई कथित गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही तय होना जरूरी है और किसी न किसी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।  उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर एक ऑनलाइन याचिका को लाखों लोगों का समर्थन मिला है. साथ ही, देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों और युवाओं द्वारा विरोध प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं।  दिपके ने कहा कि वे 6 जून को दिल्ली पहुंचेंगे और अपने समर्थकों के साथ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अनुमति मांगेंगे. उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान नागरिकों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार देता है और उनका प्रस्तावित आंदोलन इसी संवैधानिक अधिकार के तहत होगा।  अपने संदेश में उन्होंने समर्थकों, छात्रों और युवाओं से इस अभियान में शामिल होने की अपील की. उन्होंने कहा कि यदि बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएंगे तो सरकार को उनकी मांगों पर ध्यान देना होगा।  अभ‍िजीत दिपके ने यह भी कहा कि उनके परिचितों और परिवार के कुछ लोगों को आशंका है कि उन्हें दिल्ली पहुंचने पर हिरासत में लिया जा सकता है, लेकिन उन्हें भारतीय लोकतंत्र और संविधान पर भरोसा है. उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संचालित होगा।  वीडियो के अंत में उन्होंने कहा कि वे विदेश में नौकरी कर सकते थे, लेकिन देश और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर भारत लौटने का फैसला किया है. उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करने का आह्वान किया।  कॉकरोच जनता पार्टी क्या है? यह एक युवाओं द्वारा चलाया जाने वाला सोशल मीडिया मूवमेंट है, जिसे अभ‍िजीत दिपके ने शुरू किया था. यह पार्टी सोशल मीडिया पर काफी तेजी से पॉपुलर हुई है और कई जानी-मानी हस्तियों ने भी इसे फॉलो किया है. इंस्टाग्राम पर इसके 22 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।  अब 6 जून को प्रस्तावित इस प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी, क्योंकि परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर देशभर में चर्चा जारी है और छात्र समुदाय के बीच इस विषय को लेकर लगातार बहस हो रही है. ये भी देखना होगा कि ऑनलाइन तो दो करोड़ से ज्यादा लोग जुड़े, लेकिन जमीन पर कितने इस प्रदर्शन में शामिल होते हैं। 

पाकिस्तान पर पानी की चोट! भारत ने चिनाब और ब्यास नदियों पर बनाई बड़ी रणनीति

नई दिल्ली केंद्र सरकार इस साल 1 अगस्त से अपने सबसे महत्वाकांक्षी नदी जोड़ो (रिवर लिंकिंग) प्रोजेक्ट्स में से एक पर काम शुरू करने जा रही है. करीब 2,300 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को 31 जुलाई 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके तहत चिनाब नदी के अतिरिक्त पानी को ब्यास नदी बेसिन में मोड़ा जाएगा. पिछले हफ्ते ही सीएनएन-न्यूज18 ने सबसे पहले इस रणनीतिक परियोजना की जानकारी दी थी. अब चैनल को इस प्रोजेक्ट का विस्तृत ब्लूप्रिंट भी मिला है।  एनएचपीसी (NHPC) के एक दस्तावेज के अनुसार, ‘लिंक-3 प्रोजेक्ट’ हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले की लाहौल घाटी में चिनाब नदी पर प्रस्तावित है. इस योजना के तहत चिनाब नदी पर 19 मीटर ऊंचा बैराज बनाया जाएगा. इसके साथ एक इंटेक स्ट्रक्चर और करीब 8.7 किलोमीटर लंबी जल परिवहन सुरंग (टनल) का निर्माण किया जाएगा. परियोजना के दूसरे चरण में जलविद्युत उत्पादन की भी संभावना रखी गई है।  पहाड़ों के बीच बनेगा बैराज दस्तावेज में बताया गया है कि प्रस्तावित बैराज के आसपास का इलाका बेहद दुर्गम और पहाड़ी है. यहां चिनाब नदी एक चौड़ी यू-आकार की घाटी से होकर बहती है. क्षेत्र की ऊंचाई लगभग 3,095 मीटर से लेकर 6,517 मीटर तक है और यहां तीखी पर्वत श्रृंखलाएं तथा गहरी घाटियां मौजूद हैं।  सिंधु की लाइफलाइन है चिनाब का पानी करीब 8.7 किलोमीटर लंबी यह सुरंग चिनाब बेसिन के अतिरिक्त पानी को ब्यास नदी प्रणाली में पहुंचाएगी. इस परियोजना को पाकिस्तान के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि चिनाब सिंधु जल संधि के तहत पश्चिमी नदियों में शामिल है, जिन पर भारत के अधिकार सीमित रहे हैं. हालांकि, पिछले वर्ष पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने इस संधि को लेकर अपना रुख कड़ा कर लिया था।  पानी मोड़ने का प्रस्तावित स्थल कोस्कर गांव के पास स्थित है और यह अटल टनल रोहतांग के उत्तरी छोर से आगे पड़ता है. इस परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक इंजीनियरिंग या जलविद्युत परियोजना नहीं है, बल्कि पश्चिमी नदियों के पानी के बेहतर उपयोग की दिशा में एक बड़ा कदम है।  तो पाकिस्तान नहीं जाएगा चिनाब का पानी भारतीय नीति निर्माताओं और जल विशेषज्ञों का लंबे समय से मानना रहा है कि पश्चिमी नदियों का काफी पानी पर्याप्त भंडारण और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण बिना इस्तेमाल हुए पाकिस्तान की ओर बह जाता है. चिनाब-ब्यास लिंक परियोजना को इसी समस्या के समाधान के रूप में देखा जा रहा है।  इस प्रस्तावित बैराज के आसपास का इलाका बेहद दुर्गम और पहाड़ी है. सरकार को उम्मीद है कि इस परियोजना से उत्तर भारत में जलविद्युत उत्पादन की संभावनाएं भी मजबूत होंगी. अधिकारियों के मुताबिक, दूसरे चरण में पानी के इस नए प्रवाह का उपयोग बिजली उत्पादन के लिए किया जा सकता है।  हिमालयी नदियों को भारत की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा संपत्तियों में गिना जाता है. ऐसे समय में जब देश थर्मल पावर पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है, यह परियोजना ऊर्जा और जल प्रबंधन दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 

सियासी समीकरण बदलते ही केंद्र का बड़ा प्लान, परिसीमन और One Nation One Election पर बढ़े कदम

नई दिल्ली ONOE यानी एक देश एक चुनाव और परिसीमन विधेयक जल्द ही एक बार फिर संसद में पेश किया जा सकता है। खबर है कि पहली बार परिसीमन बिल पर चोट के बाद भारतीय जनता पार्टी अब बड़ी प्लानिंग कर रही है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है। खास बात है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहा है, जब पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और तमिलनाडु में द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम जैसे बड़े क्षेत्रीय दलों को चुनावी हार का सामना करना पड़ा है।  रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सरकार 2029 लोकसभा चुनाव से पहले एक देश एक चुनाव बिल पेश कर सकती है। खास बात है कि अप्रैल में संविधान संशोधन बिल फेल होने के बाद अब भाजपा नए सिरे से तैयारी कर रही है। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि केंद्रीय गृहमंत्रालय नया परिसीमन बिल तैयार कर रहा है। पहले क्या हुआ था जब संसद में लोकसभा की सीटों की सीमाएं दोबारा तय करने वाला परिसीमन बिल लाया गया, तो कांग्रेस, डीएमके और टीएमसी जैसी सभी विपक्षी पार्टियों INDIA गठबंधन के 230 सांसदों ने एकजुट होकर इसका विरोध किया। विपक्ष का मुख्य ऐतराज इस बात पर था कि सरकार ने महिलाओं को आरक्षण देने वाले कानून को लोकसभा की सीटें बढ़ाने के विवादित मुद्दे से जोड़ दिया है। साथ ही, विपक्ष को यह बड़ा डर भी था कि आबादी के हिसाब से सीटें तय होने पर उत्तर भारत की तुलना में दक्षिण भारत के राज्यों की सीटें कम हो जाएंगी। क्षेत्रीय दल निभाएंगे बड़ी भूमिका रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा की ये कोशिशें हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद तेज हुईं हैं। सूत्रों ने अखबार को बताया कि तमिलनाडु में हार और कांग्रेस के साथ छोड़ने के बाद DMK यानी द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम 'कुछ मुद्दों' पर भाजपा के साथ बातचीत के लिए तैयार है। कहा यह भी जा रहा है कि भाजपा की नजरें टीएमसी में जारी गतिविधियों पर भी हैं। ये अटकलें ऐसे समय पर सामने आईं हैं, जब बंगाल चुनाव में हार के बाद टीएमसी नेताओं में जमकर मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं। वहीं, पार्षद स्तर के नेता इस्तीफा सौंप रहे हैं। संघवाद प्रतिदिन की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि कुछ सांसद टीएमसी छोड़कर भाजपा में जा सकते हैं। ONOE पर भी बड़े ऐक्शन की तैयारी फिलहाल, संसदीय समिति की तरफ से एक देश एक चुनाव विधेयक की समीक्षा की जा रही है। अखबार से बातचीत में जेपीसी के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने कहा था, 'कानून में जल्द ही संशोधन किया जाएगा। रिपोर्ट के मामले में हम अच्छी प्रगति कर रहे हैं और हम समय पर रिपोर्ट जमा कर देंगे।' अखबार से बातचीत में भाजपा नेता ने कहा कि राज्यों में चुनावों को देखते हुए कानून को चरणों में लागू किया जा सकता है। इसके लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश और गुजरात चुनाव का हवाला दिया है। इन राज्यों में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। DMK किस मूड में रिपोर्ट के अनुसार, DMK के एक बड़े नेता ने कहा, 'परिसीमन सीटें बढ़ाने का काम और एक देश, एक चुनाव जैसे मुद्दों पर हमारी पार्टी का फैसला सिर्फ किसी राजनीतिक विचारधारा पर नहीं, बल्कि हमेशा तमिलनाडु के हक और फायदे को देखकर तय होता है। अगर केंद्र सरकार इस बात का पक्का भरोसा दे कि जिन राज्यों ने आबादी रोकने में अच्छा काम किया है, उन्हें संसद में सीटें कम करके सजा नहीं दी जाएगी। साथ ही सबकी सहमति से एक ऐसा फॉर्मूला बनाया जाए जिससे हमारी मौजूदा सीटों का हिस्सा सुरक्षित रहे, तो इस प्रस्ताव को ठुकराने की कोई वजह नहीं है। हमारी सबसे बड़ी चिंता बस यही है कि संसद में तमिलनाडु की आवाज कमजोर नहीं पड़नी चाहिए। DMK के एक पूर्व मंत्री ने अखबार से कहा, 'अभी हम गठबंधन करने के बारे में बिल्कुल नहीं सोच रहे हैं। बीजेपी के साथ हमारे मतभेद सबको अच्छे से पता हैं। लेकिन राजनीति में चीजें कभी हमेशा के लिए एक जैसी नहीं होतीं। भारतीय संसद के इतिहास में ऐसा पहले भी हुआ है जब पार्टियों ने खास मुद्दों पर सरकार का साथ दिया है या देश को संभालने के लिए मदद की है, जैसे वाजपेयी जी के समय में हुआ था। भविष्य का कोई भी फैसला उस समय के राजनीतिक हालात पर निर्भर करेगा और इस बात पर तय होगा कि तमिलनाडु के हक और राज्यों के अधिकार सुरक्षित हैं या नहीं।' खास बात है कि कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि सरकार को प्रक्रिया का पालन करना होगा। साथ ही कोई भी कदम उठाने से पहले सभी पार्टियों के साथ बात करनी होगी।

भारत-अमेरिका समझौता अंतिम चरण में, निर्णायक बैठकों का दौर आज से शुरू

 नई दिल्ली भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बड़ा अपडेट आया है, इसे लेकर अब फाइनल निर्णय हो सकता है. अमेरिका का एक हाई लेवल प्रतिनिधिमंडल सोमवार 1 जून को भारत की चार दिवसीय यात्रा पर दिल्ली पहुंचे और इसका उद्देश्य India-US अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना है. द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर 4 जून तक बैठकों का दौर चलेगा. अमेरिकी वार्ताकारों की टीम का नेतृत्व ब्रेंडन लिंच करेंगे, जबकि भारतीय प्रतिनिधिमंडल वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन के नेतृत्व में बात आगे बढ़ाएगा।  ट्रेड डील पर 99% बातचीत पूरी इस बीच केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत और अमेरिका अपने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने के करीब हैं और 99% बातचीत पूरी हो चुकी है, जबकि छोटी-मोटी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा कि भारत बहुत जल्द अमेरिका के साथ पहले BTA पर साइन करेगा. गोयल के मुताबिक, इस समझौते की औपचारिक घोषणा से पहले बचे हुए कुछ मुद्दों को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के बीच आज 2 जून से 4 जून तक चर्चा जारी रहेगी।  4 जून तक भारत में US अधिकारी India-US ट्रेड पर बातचीत 7 फरवरी को जारी संयुक्त बयान के बाद शुरू हो रही है, जिसमें दोनों देशों ने बीटीए के पहले चरण के ढांचे या एक अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति व्यक्त की थी. अब दोनों देशों को उस समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देना है. नई दिल्ली में 4 जून तक अमेरिकी अधिकारी रहेंगे और बातचीत के सिलसिले को आगे बढ़ाएंगे।  गौरतलब है कि वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने पिछले सप्ताह एक बयान में कहा था कि दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका अंतरिम समझौते के ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने और बाजार पहुंच, नॉन-टैरिफ उपायों, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, निवेश प्रोत्साहन और आर्थिक सुरक्षा जैसे तमाम क्षेत्रों पर व्यापक बीटीए के तहत बातचीत को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।  भारत को लेकर टैरिफ पर बात  ड्राफ्ट को देखें, तो अमेरिका ने भारत पर टैरिफ को 50% से घटाकर 18% करने पर सहमति जताई थी. इसके अलावा रूसी तेल खरीदने पर भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले 25% अतिरिक्त टैरिफ को हटा दिया था. हालांकि, इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा था और उनके टैरिफ को अवैध घोषित किया गया था. इस कानूनी झटके के बाद, ट्रंप ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया था. टैरिफ की इस बदली स्थिति पर भी दोनों पक्ष बातचीत के दौरान पुनर्विचार कर सकते हैं।  भारत ने अगले पांच सालों में 500 अरब डॉलर मूल्य के अमेरिकी एनर्जी, प्रोडक्ट्स से लेकर विमान और विमान के पुर्जे, कीमती धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला आयात करने की योजना के संकेत भी दिए हैं।  US राजदूत ने दिए ये सिग्नल एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते शुक्रवार को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी संकेत दिया था कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. उन्होंने IIT Delhi में यूएस-इंडिया ट्रस्ट इनिशिएटिव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि पिछले हफ्ते ही भारत ने उस ट्रेड डील के अंतिम 1% को अंतिम रूप देने के लिए वाशिंगटन डीसी में एक प्रतिनिधिमंडल भेजा था और अब यहां एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करेंगे. गोर ने आगे कहा था, 'हमें पूरी उम्मीद है कि अगले कुछ हफ्तों और महीनों में व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे। 

महिलाओं के लिए खुशखबरी! अन्नपूर्णा योजना के तहत मिलेगा 3000 रुपये महीना

कलकत्ता पश्चिम बंगाल की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मध्यप्रदेश की लाड़ली बहना योजना की तर्ज पर अब बंगाल सरकार ने भी महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए ‘अन्नपूर्णा योजना’ शुरू करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कल्याणी में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि 27 मई से इस योजना के आवेदन फॉर्म बांटने शुरू कर दिए जाएंगे। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना खासतौर पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए शुरू की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि जरूरतमंद महिलाओं को समय पर आर्थिक सहयोग मिले, ताकि वे अपने दैनिक खर्च और परिवार की आवश्यकताओं को आसानी से पूरा कर सकें।  कौन-कौन महिलाएं होंगी पात्र अन्नपूर्णा योजना का लाभ लेने के लिए महिला आवेदक को कुछ जरूरी पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा। योजना के अनुसार आवेदक महिला भारत की नागरिक होनी चाहिए और पश्चिम बंगाल की निवासी होना आवश्यक है। महिला की आयु सामान्यतः 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदक के परिवार की आय राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए। आर्थिक रूप से कमजोर, विधवा, परित्यक्ता, बेरोजगार और निम्न आय वर्ग की महिलाओं को इस योजना में प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। हालांकि अंतिम पात्रता मानदंड आवेदन फॉर्म के दिशा-निर्देशों में स्पष्ट रूप से दिए जाएंगे। कहां मिलेगा अन्नपूर्णा योजना का आवेदन फॉर्म मुख्यमंत्री के अनुसार अन्नपूर्णा योजना के आवेदन फॉर्म राज्य सचिवालय और संबंधित सरकारी कार्यालयों से प्राप्त किए जा सकेंगे। इसके अलावा जिला प्रशासन, ब्लॉक विकास कार्यालय (BDO ऑफिस), नगर निकाय कार्यालय और पंचायत कार्यालयों में भी फॉर्म उपलब्ध कराए जाने की संभावना है। सरकार जल्द ही एक आधिकारिक सूचना जारी कर फॉर्म वितरण केंद्रों की पूरी सूची सार्वजनिक करेगी, ताकि महिलाओं को आवेदन लेने में किसी तरह की परेशानी न हो।  आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को आवेदन फॉर्म के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज संलग्न करने होंगे। इनमें आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और आय प्रमाण पत्र शामिल हो सकते हैं। यदि आवेदक विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता हैं तो संबंधित प्रमाण पत्र भी जमा करना पड़ सकता है। दस्तावेजों की सत्यता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होगा, क्योंकि गलत जानकारी देने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।  फॉर्म कैसे भरें और कहां जमा करें महिलाओं को आवेदन फॉर्म सावधानीपूर्वक भरना होगा। फॉर्म में नाम, पता, आधार नंबर, बैंक खाता विवरण, मोबाइल नंबर और पारिवारिक आय से जुड़ी जानकारी सही-सही भरनी होगी। फॉर्म भरने के बाद इसे संबंधित ब्लॉक कार्यालय, नगर निगम कार्यालय, पंचायत कार्यालय या जिला प्रशासन के निर्धारित केंद्रों पर जमा करना होगा। कुछ जिलों में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी शुरू की जा सकती है।  फॉर्म भरते समय इन बातों का रखें ध्यान आवेदन करते समय सभी जानकारी स्पष्ट और सही दर्ज करें। बैंक खाता नंबर और IFSC कोड भरते समय विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि इसी खाते में योजना की राशि भेजी जाएगी। फॉर्म जमा करने से पहले सभी दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रतियां संलग्न करें और आवेदन की एक कॉपी अपने पास सुरक्षित रखें। गलत जानकारी या अधूरे दस्तावेज आवेदन खारिज होने का कारण बन सकते हैं।  महिलाओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी योजना पश्चिम बंगाल सरकार का कहना है कि अन्नपूर्णा योजना महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करेगी। हर महीने मिलने वाली 3,000 रुपये की सहायता से महिलाएं घरेलू जरूरतें पूरी करने के साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी। यह योजना राज्य की लाखों महिलाओं के लिए राहत और सम्मानजनक जीवन का नया आधार बन सकती है। 

गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए अलर्ट, LPG को लेकर बदले नियम; 30 दिन का मिला समय

 नई दिल्ली देश में जून महीने की शुरुआत कई बड़े बदलावों (Rule Change From 1st June) के साथ हुई है और इसमें एलपीजी सिलेंडर से जुड़े नियम में चेंज सबसे अहम है. वेस्ट एशिया संघर्ष के चलते देश में पैदा हुए गैस संकट से निपटने के लिए मोदी सरकार ने पहले ही कई बड़े कदम उठाए हैं. वहीं अब 1 जून 2026 के एलपीजी को लेकर नया नियम लागू किया जा रहा है, जो घरेलू उपभोग के लिए सिलेंडर की पर्याप्त आपूर्ति जारी रखने के उद्देश्य से लाया गया है।  दरअसल, देश में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG कनेक्शन बढ़ाए जा रही है, लेकिन इसके बाद भी एलपीजी का इस्तेमाल कम नहीं हो रहा है. इसे देखते हुए अब सरकार ने दोहरे गैस कनेक्शन को खत्म करने के लिए कमर कसी है. पहली तारीख से पीएनजी कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं के लिए 30 दिन की डेडलाइन तय की गई है, अगर इस समयसीमा में एलपीजी सिलेंडर सरेंडर नहीं किया जाता है, तो फिर उसे कैंसिल किया जा सकता है।  PNG कनेक्शन के साथ LPG  अमेरिका-ईरान में युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से गहराई एलपीजी किल्लत के बीच सरकार ने पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर जोर दिया और इसका आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. मार्च तक 6.5 लाख नए पीएनजी कनेक्‍शन दिए गए हैं, लेकिन इसके बाद भी LPG सिलेंडर का उपयोग कम नहीं हो रहा है. इससे साफ है कि कई परिवारों ने स्विच किए बिना ही नया पीएनजी कनेक्‍शन ले लिया है, जबकि सरकार ने साफ कहा था कि अगर पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्‍शन हैं, तो एलपीजी को सरेंडर करना होगा. इसके बावजूद भी लोग इसे सरेंडर नहीं कर रहे हैं।  30 दिन की डेडलाइन, फिर सिलेंडर कैंसिल  इस समस्या को देखते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय एक बड़ा बदलाव कर रहा है. इसका उद्देश्य उन इलाकों में दोहरे-ईंधन (dual-fuel) कनेक्शन को धीरे-धीरे खत्म करना है, जहाँ गैस ग्रिड चालू हैं यानी पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध हैं. LPG रेगुलेशन ऑर्डर में हाल ही में हुए संशोधनों के बाद, जिन उपभोक्ताओं को PNG का कनेक्शन मिलता है, उनके लिए अब 30 दिनों की अनिवार्य टाइमलाइन तय कर दी गई है. 1 जून 2026 से, परिवारों को PNG कनेक्शन चालू होने के 30 दिनों के अंदर अपने मौजूदा LPG Cylinder ks कनेक्शन को आधिकारिक तौर पर खत्म करके सरेंडर  करना होगा. ऐसा न किए जाने की स्थिति में इस कनेक्शन को कैंसिल किया जा सकता है।  नई प्रणाली के तहत होगा सरेंडर 'एक घर एक कनेक्शन' के टारगेट के साथ किए जाने वाले इस बदलाव को आसान बनाने में मदद के लिए, Indane, Bharat Gas और HP Gas जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों यानी OMCs एक कनेक्शन ट्रांसफर वाउचर सिस्टम शुरू कर रही हैं. यह पॉलिसी शहरी निवासियों को अपने एलपीजी सिलेंडर सुरक्षित रूप से अभी वापस करने की अनुमति देती है, साथ ही उन्हें बाद में अपना LPG कनेक्शन फिर से शुरू करने का कानूनी अधिकार भी इसके तहत दिया जाता है. इसका मतलब है कि अगरे वे आगे किसी ऐसे इलाके में चले जाते हैं जहां पर PNG की सुविधा नहीं है, तो वे अपने इस एलपीजी कनेक्शन को वापस पा सकते हैं।  जून के पहले दिन LPG सिलेंडर महंगा यहां बता दें कि जून महीने की शुरुआत होते ही पहले दिन एलपीजी सिलेंडर पर महंगाई का बम फूटा है. हालांकि, LPG Cylinder Price Hike कमर्शियल यूज वाले 19 किलोग्राम के सिलेंडर पर किया गया है, जबकि 14 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों को यथावत रखा गया है. दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (Delhi LPG Cylinder Price) 42 रुपये महंगा होकर 3113.50 रुपये का हो गया है. जबकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर 7 मार्च के दाम 913 रुपये पर मिल रहा है। 

सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, सहमति से सेक्स वर्क को लेकर पुलिस को दी नसीहत

 नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट की वेकेशन (अवकाश) बेंच ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा की बेंच ने स्पष्ट कर दिया है कि अब कोई भी वरिष्ठ वकील इस बेंच के सामने मामलों की जल्द सुनवाई (अर्जेंट मेंशनिंग) के लिए पेश नहीं होगा।  बेंच ने कहा कि वरिष्ठ वकीलों को कोर्ट के सामने मौखिक या लिखित रूप से अर्जेंसी दिखाते हुए मामले को जल्द सूचीबद्ध करने की मांग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मर्जी से सेक्स वर्क अपराध नहीं सुप्रीम कोर्ट ने साफ कह दिया है कि अपनी मर्जी से सेक्स वर्क करना गैरकानूनी नहीं है। वहीं वेश्यालय या कोठे चलाना गैरकानूनी है। बता दें कि इमोरल ट्रैफिक प्रिवेंशन ऐक्ट 1956 में बनाया गया था। इसके तहत कई धाराएं हैं और कोठे और वेश्यालय चलाने का अपराध बताया गया है। इस ऐक्ट की धारा 3 में कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति देह व्यापार के लिए अपनी जगह को किराए पर देता है या फिर उपयोग की अनुमति देता है तो उसे 1 से 3 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट में अवकाश के दौरान मामलों की सुनवाई कर रही जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली दो अलग-अलग जजों की पीठ ने सोमवार को एक बड़ा निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि मामलों पर जल्द सुनवाई या किसी भी प्रकार की अर्जेंट मेंशनिंग के लिए कोई भी वरिष्ठ वकील (सीनियर एडवोकेट) अब सीधे बेंच के सामने पेश नहीं होगा।  दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में आमतौर पर सीनियर वकील अर्जेंट मामलों में बेंच के सामने मेंशनिंग करते हैं और अर्जेंसी यानी अति आवश्यकता का हवाला देकर किसी भी मामले को तय समय से पहले सुनने की गुहार लगाते हैं. इस प्रक्रिया को मेंशनिंग कहा जाता है, जिसे अमूमन वरिष्ठ वकील कोर्ट रूम में मौखिक या लिखित रूप से जजों के सामने उठाते थे, जिसके बाद कोर्ट मामले की गंभीरता को तय कर जल्द सुनवाई या आदेश पारित करने पर विचार करता है।  सर्वोच्च न्यायालय ने अब इस पूरी व्यवस्था पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी है. कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वरिष्ठ वकीलों को मामलों की जल्द सुनवाई के लिए पीठ के सामने आने की इजाजत नहीं होगी, जिसके बाद अब वह मेंशनिंग नहीं कर पाएंगे  ITPA में क्या है इसकी धारा 4 में कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति सेक्स वर्कर की कमाई का इस्तेमाल करता है तो यह अपराध है। यह धारा सेक्स वर्कर के परिवार के लोगों पर भी लागू होती है। धारा 5 में कहा गया है कि जबरदस्ती, बहलाकर या फिर मजबूर करके किसी को देह व्यापार के लिए मजबूर करना भी अपराध है। धारा 7 में कहा गया है कि सार्वजनिक स्थान या किसी धार्मिक स्थान के 200म ीटर के दायरे में सेक्स वर्क करना अपराध है। हालांकि इस कानून में कहीं भी सहमतिसे सेक्स का जिक्र नहीं किया गया है। जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच ने बुद्धदेव कर्माकर बनाम बंगाल सरकार के मामले में भी बड़ा फैसला सुनाया था। यह मामला सेक्स वर्करों के पुनर्वास और अधिकारों को लेकर था। कोर्ट ने कहा था कि जिस तरह से संविधान के अनुच्छेद 21 में हर व्यक्ति को जीवन जीने का अधिकार मिला है उसी तरह सेक्स वर्कर भी भारत के नागरिक हैं और उन्हें कानूनी सुरक्षा मिलनी चाहिए। लॉ कमीशन ऑफ इंडिया की जांच में कई बार सामने आया है कि सेक्स वर्कर्स के साथ पुलिस का रवैया ठीक नहीं होता है। यह उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाता है। कोर्ट कई बार कह चुका है कि सहमित से सेक्स वर्क करना अपराध नहीं है। ऐसे में अगर कोई आईटीपीए की बाकी धाराओं का उल्लंघन नहीं कर रहा है तो उसे परेशान नहीं करना चाहिए। इस फैसले में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन ने कहा कि अगर कोई अपनी मर्जी से सेक्स वर्क कर रहा है तो उसे हिरासत में रखने, सुधार गृह बेजने की जरूरत नहीं है।

पश्चिम बंगाल सरकार की नई पहल, अब महिलाएं सरकारी बसों में करेंगी फ्री सफर

कोलकत्ता   पश्चिम बंगाल में सोमवार से महिलाओं के लिए पूरे राज्य में मुफ्त बस यात्रा योजना लागू हो गई है। इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सत्ता में आने से पहले किया गया एक प्रमुख चुनावी वादा पूरा कर दिया है।पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सरकार गठन के बाद यह घोषणा की थी कि इस योजना को एक जून से लागू कर दिया जायेगा। राज्य में सरकारी बसों में यात्रा करने वाली महिला यात्रियों को अब किराया देने की आवश्यकता नहीं है। इस नयी व्यवस्था के तहत, सरकारी बसों में यात्रा करने वाली महिलाओं को आज से नियमित किराये के टिकट के बजाय 'शून्य-मूल्य' के टिकट जारी किये जा रहे हैं। ये सुविधा उत्तरी जिलों से लेकर दक्षिणी क्षेत्रों तक पूरे राज्य में उपलब्ध है। इसमें कम दूरी तथा लंबी दूरी दोनों तरह के मार्ग शामिल हैं। इन 12 दस्तावेजों की मदद से महिलाएं कर सकेंगी फ्री सफर लंबी दूरी की बसों में यात्रा करने के लिए, महिला यात्रियों को मुफ्त टिकट प्राप्त करने से पहले 12 स्वीकृत पहचान दस्तावेजों में से कोई भी एक दस्तावेज दिखाना अनिवार्य होगा। इन दस्तावेजों में आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, तस्वीर लगा हुआ पेंशन दस्तावेज, राज्य या केंद्र सरकार के कर्मचारी पहचान पत्र, विद्यालयों, महा विद्यालयों या विश्वविद्यालयों की ओर से जारी छात्र पहचान पत्र और सरकार की ओर से जारी कोई अन्य पहचान दस्तावेज शामिल हैं। महिलाओं की प्रतिक्रिया राज्य सरकार के इस फैसले से महिलाएं बेहद खुश हैं. उनका कहना है- इस सरकार ने हमारी लड़कियों के बारे में सोचा है. अब तक हमें अपने पिता या पति से मदद मांगनी पड़ती थी, इस नियम के लागू होने से हम बहुत खुश हैं. एक अन्य महिला यात्री ने कहा- मैं काउंटर पर टिकट खरीदने आई थी, उन्होंने कहा कि महिलाओं को टिकट की जरूरत नहीं है. एक कार्ड दिया जाएगा. चूंकि अभी तक ऐसा नहीं हुआ है, इसलिए फिलहाल आप अपना आधार कार्ड दिखाकर मुफ्त में यात्रा कर सकती हैं. हालांकि, एक युवती ने कहा कि यह पहल बहुत अच्छी है, लेकिन जो लोग इसका खर्च उठा सकते हैं उन्हें बस का किराया देना चाहिए।  शुभेंदु अधिकारी ने की घोषणा पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी राज्यभर की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा शुरू करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने राज्य द्वारा संचालित सभी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा के अपने चुनावी वादे को पूरा किया है. मुख्यमंत्री ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा कि पहाड़ों से लेकर मैदानों तक महिलाएं अब मुफ्त यात्रा के लाभों का आनंद ले रही हैं. महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने के क्षेत्र में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना एक और बड़ा कदम आगे बढ़ गया है।  जो वादा किया था वो पूरा किया उन्होंने आगे कहा कि राज्य की माताओं और बहनों ने हम पर भरोसा जताया है. चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का वादा किया था. उस वादे को पूरा करते हुए, आज से राज्य भर की सभी महिलाएं- पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक सभी सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकती हैं. राज्य सरकार पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक गरिमा, आर्थिक सुरक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।  इन दस्तावेजों की हो रही जरुरत बसों में मुफ्त यात्रा के लिए महिलाओं को गुलाबी कार्ड या स्मार्ट कार्ड तैयार रखना होगा. यदि आप वह कार्ड कंडक्टर को देंगी, तो वह आपको मुफ्त में यात्रा करने की अनुमति देगा. शून्य मूल्य का टिकट जारी करने के लिए ई-पीओएस मशीन को स्वाइप करना होगा. चूंकि यह कार्ड अभी तक लॉन्च नहीं हुआ है, इसलिए महिलाएं आधार कार्ड, वोटर कार्ड या राशन कार्ड जैसे सरकारी पहचान पत्र दिखाकर मुफ्त यात्रा कर सकेंगी।  लंबी दूरी की बसों के लिए भी मुफ्त टिकट छोटी दूरी की बस में चढ़ते समय हर कोई टिकट खरीदता है. इसलिए पहचान पत्र दिखाकर मुफ्त टिकट प्राप्त करने का विचार सभी को समझ में आता है, लेकिन लंबी दूरी की बस यात्रा के बारे में फ्री यात्रा के लिए क्या करना होगा. यदि कोई महिला यात्री सरकारी बस से दीघा या दार्जिलिंग जाना चाहती है, तो उसे सरकारी बस डिपो जाना होगा. वहां आपको अपना पहचान पत्र दिखाकर शून्य मूल्य का टिकट प्राप्त करना होगा।  महिलाओं को मिलेगा जीरो रुपये का टिकट सोमवार सुबह से ही सरकारी बसों के भीतर इस योजना की जानकारी देने वाले पत्रक प्रदर्शित कर दिये गये हैं। इसके साथ ही, बस कंडक्टरों और ड्राइवरों को भी इस कार्यक्रम को लागू करने तथा योग्य यात्रियों को शून्य-मूल्य टिकट जारी करने के संबंध में विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, महिला यात्रियों को बस में चढ़ते ही मुफ्त टिकट मिलेंगे। इस योजना के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार महिलाओं के लिए एक यात्रा कार्ड शुरू करने की योजना बना रही है। इस प्रस्तावित कार्ड प्रणाली का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल पात्र लाभार्थी ही इस सुविधा का लाभ उठा सकें। इस कार्ड को जारी किये जाने के संबंध में विस्तृत विवरण की घोषणा अभी नहीं की गयी है। इस योजना के शुभारंभ का कई महिला यात्रियों ने स्वागत किया है। सोमवार सुबह बस में यात्रा कर रही एक महिला यात्री ने कहा कि वह इस पहल से बेहद खुश हैं, क्योंकि इससे उनके दैनिक परिवहन खर्च में कमी आयेगी। सरकार ने कहा है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं पर वित्तीय बोझ को कम करना और पूरे राज्य में किफायती सार्वजनिक परिवहन तक उनकी पहुंच में सुधार करना है।