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बिहार में मालिकों को राहत दें पुराने वाहनों की आएगी नई स्क्रैप नीति

पटना. बिहार में पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप (कबाड़) करने की नई नीति बनेगी। नई नीति में लोगों को और रियायत देने के लिए परिवहन विभाग पड़ोसी राज्यों की स्क्रैप पॉलिसी का अध्ययन कर रहा है। जल्द ही नई नीति को मूर्त रूप दिया जाएगा। मौजूदा नीति में पुराने गाड़ी मालिक अपने वाहनों को स्क्रैप नहीं करा रहे हैं। पड़ोसी राज्य झारखंड और उत्तर प्रदेश में बिहार के वाहन मालिक अपनी गाड़ियों को स्क्रैप कराकर वहीं नई गाड़ी खरीद रहे हैं। इससे बिहार को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बिहार की स्क्रैप पॉलिसी 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को हटाने और प्रदूषण कम करने के लिए है। मौजूदा नीति 31 मार्च 2026 तक प्रभावी है। इस नीति के तहत स्क्रैप कराने पर नए वाहन खरीदते समय निजी वाहनों पर 25 फीसदी और व्यावसायिक वाहनों पर 15 फीसदी तक टैक्स में छूट दी जाती है। साथ ही पुराने बकाया टैक्स और जुर्माने पर 90-100 फीसदी तक माफी मिलती है। नीति का मकसद 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना है, ताकि प्रदूषण कम हो सके और सड़कों से अनुपयोगी वाहन हट सके। मगर बिहार में अब तक दो हजार वाहनों का भी स्क्रैप नहीं हो सका है, जबकि बिहार में 15 साल से अधिक पुराने वाहनों की संख्या 25 लाख से अधिक है। परिवहन विभाग ने 20 स्क्रैप सेंटर खोलने की मंजूरी दे दी है। स्क्रैप कराने के लिए वाहन मालिकों को सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्रालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्र में ही पुराने वाहनों को स्क्रैप किया जाता है। फिर वाहन मालिक को एक स्क्रैप सर्टिफिकेट या निक्षेप प्रमाणपत्र दिया जाता है। इस सर्टिफिकेट के आधार पर वाहन मालिक नए वाहन के पंजीकरण के समय कर में छूट का दावा करते हैं। यूपी की स्क्रैप पॉलिसी में यह है प्रावधान उत्तर प्रदेश में 15 साल से ज्यादा पुराने सरकारी और 20 साल से ज्यादा पुराने निजी वाहनों को स्क्रैप करने पर 75 फीसदी तक टैक्स में छूट मिल रही है। नए वाहन की खरीद पर रोड टैक्स में छूट प्राइवेट वाहनों के लिए 25 फीसदी और कामर्शियल के लिए 15 फीसदी तक छूट मिलती है। नई नीति में यह हो सकता है नई स्क्रैप पॉलिसी में परिवहन विभाग वाहन मालिकों को और छूट देने पर विचार कर रहा है। खासकर इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बैट्री वाहन खरीदने पर वाहन मालिकों को शत-प्रतिशत टैक्स और पंजीकरण में छूट दी जा सकती है। गाड़ियों का स्क्रैप कराने पर वाहन मालिकों को पुराने बकाया टैक्स और जुर्माने को भी माफ किया जा सकता है। 15 साल से अधिक पुरानी सरकारी गाड़ियों को अनिवार्य रूप से स्क्रैप किया जाएगा। जबकि निजी वाहन मालिकों को अधिकतम पांच साल के लिए ही रजिस्ट्रेशन बढ़ाने की सुविधा दी जा सकती है। झारखंड की स्क्रैप पॉलिसी में यह है प्रावधान झारखंड में 15 साल से पुराने सरकारी और कामर्शियल तथा 20 साल से पुराने निजी वाहन स्क्रैप के पात्र होते हैं। नए वाहन खरीदते समय रोड टैक्स पर 25 फीसदी तक की छूट (निजी) और 15 फीसदी तक (व्यावसायिक) छूट दी जाती है। वाहन निर्माताओं से पांच फीसदी तक की छूट है। पंजीकरण शुल्क माफ है।

बिहार के 4 कोर्ट को उड़ाने की धमकी के बाद परिसर करवाए गए खाली

पटना. बिहार के 4 कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसमें पटना सिविल कोर्ट, पटना सिटी कोर्ट, किशनगंज सिविल कोर्ट, गयाजी सिविल कोर्ट शामिल है। धमकी एक अज्ञात मेल के जरिए दी गई है, जिसमें लिखा है- 'कोर्ट परिसर में 3 RDX रखा है। 2.30 बजे कोर्ट को बम से उड़ा देंगे।' धमकी के बाद प्रदेश के सभी कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सूचना मिलने के बाद कोर्ट परिसर को खाली कराया जा रहा है। वकील और जज अपने चैंबर से बाहर निकल गए हैं। पटना के पीरबहोर थाने की पुलिस कोर्ट परिसर में छानबीन कर रही है। फिलहाल कोर्ट को बंद कर दिया गया है। किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है। पटना सिविल कोर्ट में जो भी लोग आ रहे हैं, उन्हें लौटाया जा रहा है। कैदी, गवाह सभी को लौटा दिया गया है। धमकी मिलने के बाद पटना सिविल कोर्ट को खाली कर दिया गया है। धमकी मिलने के बाद पटना सिविल कोर्ट को खाली कर दिया गया है। धमकी के बाद किशनगंज सिविल कोर्ट में जांच बढ़ा दी गई है। पटना सिविल कोर्ट के वकील दिनकर दुबे ने कहा, 'पटना सिविल कोर्ट को फिर से उड़ाने की धमकी दी गई। ये धमकी सुबह 11 बजे ई-मेल के जरिए मिली है। ये तीसरी बार है जब कोर्ट परिसर को उड़ाने की धमकी मिली है, लेकिन एक बार भी एक्शन नहीं लिया गया है। यही नेता मंत्री के साथ होता तो एक्शन होता। धमकी देने वालों की गिरफ्तारी होनी चाहिए।' किशनगंज: तमिलनाडु से आया मेल किशनगंज सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी एक ईमेल के माध्यम से आई, जिसमें कोर्ट परिसर में विस्फोटक होने का दावा किया गया। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। SP सागर कुमार ने बताया, 'धमकी भरा ईमेल तमिलनाडु से भेजा गया है। धमकी मिलने के बाद, कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस की विशेष टीमों ने कोर्ट परिसर की तलाशी ली, हालांकि अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।' 3 महीने पहले भी मिली थी धमकी धमकी मिलने की यह 5वीं घटना है। इससे पहले 16 अक्टूबर 2025 में पटना और बाढ़ सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। ये धमकी ईमेल के जरिए दी गई थी। इमेल में लिखा था, कोर्ट परिसर में RDX रखा गया है। इस सूचना के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। 28 अगस्त 2025 को भी मिली थी धमकी इससे पहले 28 अगस्त को पटना सिविल कोर्ट को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। ई-मेल में लिखा गया, '4RDX ILEDs न्यायधीश के रूम और कोर्ट कैंपस में लगाए हैं। यह अभियान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के सहयोग से किया गया है।' 'बिहार से तमिलनाडु आने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या बढ़ने से तमिलनाडु की स्थानीय जनसंख्या की संरचना प्रभावित हो रही है।'

रेलवे अलर्ट: कोयल नदी पुल में आई दरार, दो माह तक ट्रेनों का संचालन प्रभावित

रांची लोहरदगा में कोयल नदी पर बने रेलवे पुल के स्पेन संख्या-5 में दरार पाई गई है। सुरक्षा कारणों से रेलवे प्रशासन ने लोहरदगा स्टेशन को मार्च महीने तक बंद रखने का फैसला लिया है। इसके चलते रांची राजधानी एक्सप्रेस और रांची-सासाराम एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों का परिचालन इस रूट पर अगले दो महीने तक नहीं होगा। रांची से लोहरदगा के बीच ट्रेन का परिचालन पूरी तरह बंद रेलवे अधिकारियों के अनुसार रांची–सासाराम एक्सप्रेस 8 जनवरी से मेसरा–बरकाकाना के रास्ते चलाई जाएगी। वहीं रांची–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को भी परिवर्तित मार्ग रांची–टाटीसिलवे–मेसरा–बरकाकाना होकर चलाने का निर्णय लिया गया है। फिलहाल रांची से लोहरदगा के बीच किसी भी एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा। यात्रियों को बस से पहुंचाया जाएगा इरगांव रेलवे प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत रांची–लोहरदगा और अन्य मेमू पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन लोहरदगा स्टेशन के बजाय लगभग आठ किलोमीटर दूर इरगांव हॉल्ट तक करने का निर्णय लिया है। यात्रियों की सुविधा के लिए लोहरदगा से इरगांव के बीच बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, हालांकि बसों की संख्या को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा लोहरदगा से टोरी के लिए कनेक्टिंग ट्रेन भी शुरू की जा रही है, ताकि यात्रियों को आगे की यात्रा में परेशानी न हो।  

राजधानी और सासाराम एक्सप्रेस मेसरा-बरकाकाना के रास्ते चलेगी

रांची. कोयल नदी पर बने रेलवे पुल के स्पेन संख्या-5 में दरार आने के बाद लोहरदगा रेलवे स्टेशन को मार्च तक बंद कर दिया गया है। इसके चलते रांची राजधानी और रांची-सासाराम ट्रेनें अगले दो माह इस रूट से नहीं चलेंगी। रेलवे के अनुसार रांची-सासाराम एक्सप्रेस 8 जनवरी से मेसरा-बरकाकाना के रास्ते चलेगी। वहीं, रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस भी परिवर्तित मार्ग रांची-टाटीसिलवे-मेसरा-बरकाकाना के रास्ते चलेगी। फिलहाल रांची से लोहरदगा के बीच किसी भी एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन नहीं होगा। अब क्षतिग्रस्त पिलर किया जाएगा ठीक मंगलवार को निरीक्षण के दौरान दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्र ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मरम्मत कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा और सभी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही ट्रेनों को हरी झंडी दी जाएगी। मरम्मत कार्य की शुरुआत सबसे पहले पिलर संख्या-5 से होगी। इसके बाद पिलर संख्या-6 और 7 की मरम्मत की जाएगी। इरगांव हॉल्ट तक जाएगी रांची मेमू रांची-लोहरदगा और अन्य मेमू पैसेंजर ट्रेन का परिचालन लोहरदगा स्टेशन के बजाय करीब 8 किलोमीटर दूर इरगांव हॉल्ट तक होगा। लोहरदगा से इरगांव के बीच बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, हालांकि बसों की संख्या को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसके अलावा लोहरदगा से टोरी के लिए कनेक्टिंग ट्रेन शुरू की जा रही है, ताकि यात्रियों को आगे की यात्रा में सहूलियत मिल सके। 15 फरवरी तक सॉइल टेस्टिंग होगी पूरी तकनीकी प्रक्रिया के तहत 15 फरवरी तक सॉइल टेस्टिंग पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे का प्रयास है कि मार्च के अंतिम सप्ताह तक आंशिक रूप से ट्रेन परिचालन शुरू कर दिया जाए, जबकि पुल से जुड़ा संपूर्ण मरम्मत कार्य मई 2026 तक पूरा किया जाएगा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल के पिलर संख्या 4, 5, 6 और 7 पर जैकेटिंग और पाइलिंग की जाएगी। इसके साथ ही अस्थायी तौर पर परिचालन शुरू करने के लिए स्टील गार्डर लगाने की योजना भी बनाई गई है। फिलहाल, रांची से लोहरदगा के बीच किसी भी एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन नहीं होगा। नए पुल और डबल लाइन की योजना पर भी काम शुरू महाप्रबंधक ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर ही परिचालन का निर्णय लिया जाएगा। मरम्मत कार्य के लिए 3 से 4 तकनीकी टीमें 24 घंटे काम करेंगी। निरीक्षण के बाद उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, कोयल नदी पर नए पुल के निर्माण को लेकर भी योजना पर काम किया जाएगा। इसके लिए डबल लाइन ट्रैक का सर्वे पहले ही किया जा चुका है।

गिरिडीह की सीसीएल वर्कशॉप में गार्डों को बंधक बनाकर लाखों की लूट

गिरिडीह. गिरिडीह जिले के सीसीएल कोलयरी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए हथियारबंद चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। बीती रात करीब 1:30 बजे 20 से 25 की संख्या में अपराधी सीसीएल वर्कशॉप परिसर में घुस आए। सभी अपराधी हथियारों से लैस थे। उन्होंने वहां तैनात सुरक्षा गार्डों को अपने कब्जे में ले लिया और एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद अपराधियों ने पूरी रात बेखौफ होकर वर्कशॉप में लूटपाट की। अपराधियों ने वर्कशॉप में रखे लाखों रुपए मूल्य के लोहे और अन्य कीमती सामान को निशाना बनाया। भारी मात्रा में सामान को वाहनों में लादकर चोर फरार हो गए। सुरक्षा गार्ड श्याम सुंदर महतो ने बताया कि गार्डों को विरोध करने का कोई मौका नहीं दिया गया। हथियारों के बल पर सभी को बंधक बना लिया गया था, जिससे वे किसी तरह की सूचना भी नहीं दे सके। सुबह होने पर घटना की जानकारी सीसीएल प्रबंधन को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और सीसीएल अधिकारी पहुंचे घटना की सूचना मिलते ही सीसीएल के वरीय पदाधिकारी और मुफस्सिल थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने वर्कशॉप परिसर का निरीक्षण किया। चोरी गए सामान की सूची तैयार की जा रही है। घटना स्थल से कुछ अहम सुराग भी मिले हैं, जिनके आधार पर अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश तेज कर दी गई है। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। इस वारदात के बाद पूरे सीसीएल इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। इतनी बड़ी संख्या में अपराधियों का हथियारों के साथ वर्कशॉप में घुसना सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर रहा है।सीसीएल प्रबंधन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की बात कही है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

झारखंड में हर जिले के 3 पीएम श्री विद्यालय बनेंगे मेंटर

रांची. प्रत्येक जिला के तीन-तीन पीएम श्री स्कूल मेंटर के रूप में विकसित किए जाएंगे। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा गठित स्टेट पीएमयू द्वारा 24 जिलों से कुल 144 उच्च प्रदर्शन वाले स्कूल चिन्हित किए जाएंगे। इसके बाद प्रत्येक जिले को अपने जिले के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन स्कूलों का चयन करना होगा। स्कूलों का चयन राज्य पीएमयू द्वारा उपलब्ध कराई जानेवाली सूची के आधार पर किया जाएगा। सभी जिलों से कुल 72 विद्यालयों का चयन कर उन्हें गहन निगरानी, सतत मार्गदर्शन एवं मेंटरिंग प्रदान की जाएगी, जिससे चयनित विद्यालय अन्य पीएमश्री स्कूलों के लिए सीखने और अपनाने योग्य मानक के साथ मेंटर स्कूल बन सके। इन स्कूलों की प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक शशि रंजन के अनुसार, पीएम श्री का उद्देश्य केवल स्कूलों को अपग्रेड करना नहीं, बल्कि ऐसे मॉडल स्कूल विकसित करना है, जहां बच्चों को उत्कृष्ट, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा सके। इसी स्पष्ट सोच के साथ पीएमश्री “आदर्श विद्यालय पहल” शुरू की गई है। इसके माध्यम से पीएमश्री स्कूल केवल ढांचागत उन्नयन नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मानक बन सकेंगे।

बिहार जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने मेगा स्किल सेंटर को बताया ऐतिहासिक पहल

पटना. जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने मंगलवार को कहा कि सात निश्चय-3 कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी जिलों में मेगा स्किल सेंटर की स्थापना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। यह योजना आने वाले समय में युवाओं के कौशल विकास को नया आयाम प्रदान करेगी। उन्हें स्वरोजगार के लिए सशक्त अवसर उपलब्ध कराएगी। जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश सरकार अगले पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरी एवं रोजगार के सृजन के लक्ष्य को लेकर पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नए विभाग के रूप में युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन किया है, जो विशेष रूप से युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी अवसरों का सृजन कर उन्हें सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाएगा। मेगा स्किल सेंटरों में वर्तमान समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स एवं अन्य आधुनिक तकनीकों पर आधारित पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे, जिससे युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर सुनिश्चित हो सकेंगे।

झारखंड HC ने विद्युत शुल्क अधिनियम किया निरस्त

रांची. झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य के औद्योगिक और बिजली क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए सोमवार को एक अहम फैसला सुनाया। हाई कोर्ट ने झारखंड विद्युत शुल्क (प्रथम संशोधन) अधिनियम, 2021 तथा उससे जुड़े विद्युत शुल्क नियम 2021 को असंवैधानिक और मनमाना करार देते हुए निरस्त कर दिया है। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने यह फैसला मेसर्स पाली हिल ब्रुअरीज प्राइवेट लिमिटेड समेत 30 से अधिक याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई के बाद दिया। इन याचिकाओं में बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों, कैप्टिव पावर उत्पादकों, स्टील और खनन कंपनियों तथा औद्योगिक संगठनों ने राज्य सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने माना कि राज्य सरकार ने मूल कानून बिहार विद्युत शुल्क अधिनियम, 1948 (जिसे झारखंड ने अपनाया है) की चार्जिंग धारा में संशोधन किए बिना ही बिजली शुल्क की गणना की पद्धति बदल दी गई। बिजली शुल्क केवल खपत या बिक्री की गई बिजली की इकाइयों (यूनिट) पर ही लगाया जा सकता है। नेट चार्जेज के आधार पर शुल्क लगाने का कोई कानूनी प्रविधान नहीं है। नेट चार्जेज शब्द की परिभाषा कानून में नहीं दी गई, जिससे यह व्यवस्था अस्पष्ट और मनमानी बन जाती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि एक मामले में नई व्यवस्था के कारण किसी औद्योगिक उपभोक्ता पर बिजली शुल्क में लगभग 1000 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई थी। नेट चार्जेज के आधार पर शुल्क लगाने का कोई कानूनी प्रविधान नहीं है। खंडपीठ ने उस प्रविधान को भी निरस्त कर दिया, जिसके तहत राज्य सरकार को अधिसूचना जारी कर बिजली शुल्क की दरें बदलने का अधिकार दिया गया था। अदालत ने इसे बिना किसी स्पष्ट नीति के विधायी शक्तियों का अत्यधिक हस्तांतरण बताया। साथ ही कोर्ट ने कहा कि विद्युत नियामक आयोग द्वारा तय टैरिफ से बिजली शुल्क को जोड़ना समान परिस्थितियों वाले उपभोक्ताओं के बीच असमानता पैदा कर सकता है, जो संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। हालांकि, कोर्ट ने झारखंड विद्युत शुल्क (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2021 को वैध ठहराया। इस संशोधन के तहत कैप्टिव पावर प्लांट्स पर 17 फरवरी 2022 से 50 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली शुल्क लगाया गया है। अदालत ने कहा कि कर दर तय करना राज्य की आर्थिक नीति का विषय है और जब तक इसमें संवैधानिक उल्लंघन न हो, न्यायिक हस्तक्षेप उचित नहीं है। प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया गया कि राज्य सरकार ने कानून की मूल संरचना को बदले बिना ही टैक्स लगाने की पूरी प्रणाली बदल दी, जो संविधान और स्थापित न्याय सिद्धांतों के विपरीत है।

बिहार परिवहन विभाग दुर्घटनाएं रोकने सरकारी से ओला-उबर तक के ड्राइवरों को देगा विशेष प्रशिक्षण

पटना. परिवहन विभाग सरकारी चालकों के साथ बस-ट्रक, ऑटो एवं ओला-उबर के ड्राइवरों को भी सुरक्षित यातायात को लेकर प्रशिक्षण देगा। इसमें वाहन चालकों को सड़क यातायात के संकेतों तथा सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसकी शुरुआत मंगलवार से हो गई। बिहार सड़क सुरक्षा परिषद् की ओर से मंगलवार को विश्वेश्वरैया भवन के सभा कक्ष में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण दो सत्र में हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों में कार्यरत लगभग 329 सरकारी वाहनों एवं आउटसोर्सिंग से रखे गए वाहन चालकों ने भाग लिया। परिवहन सचिव राज कुमार ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे माह आयोजित किए जाएंगे, जिसमें चरणबद्ध तरीके से विभिन्न श्रेणियों के वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए कानून के साथ-साथ जन जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। वाहन चालकों का सही प्रशिक्षण और यातायात नियमों के प्रति उनकी समझ विकसित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। छोटी लापरवाहियाें से बड़ी दुर्घटना का खतरा प्रशिक्षण में चालकों को यातायात संकेतों की पहचान, लेन ड्राइविंग, गति सीमा का पालन, सुरक्षित ओवरटेकिंग, पैदल यात्रियों की सुरक्षा, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग से होने वाले खतरों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि छोटी-छोटी लापरवाहियां किस प्रकार गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं। प्रशिक्षण सत्र के दौरान वाहन फिटनेस, थकान की स्थिति में वाहन न चलाने, आपातकालीन परिस्थितियों में सतर्कता एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर भी विशेष बल दिया गया।

भागलपुर में रेलवे की जमीन पर बनीं 80 दुकानों पर चला बुलडोजर

भागलपुर/नवगछिया. नवगछिया रेलवे स्टेशन की जमीन पर अवैध रूप से संचालित विभिन्न प्रकार की दुकानों पर बुलडोज़र चला कर मंगलवार को ध्वस्त कर दिया गया। रेल प्रशासन के साथ ही स्थानीय प्रशासन द्वारा रेलवे स्टेशन और रोड के बीच अवैध रूप से संचालित इन दुकारों को तोड़कर रेलवे की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस दौरान बिहपुर के आइएन केके मिश्रा, आइओडब्लू अविनाश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर मुन्ना कुमार पासी, कटिहार के रेल इंस्पेक्टर राकेश रंजन झा, नवगछिया जीआरपी थानाध्यक्ष अरुण कुमार चौधरी एवं नवगछिया बीडीओ सह दंडाधिकारी पंकज कुमार दास मौजूद रहे। दंगा निरोधक दस्ता के साथ-साथ स्थानीय पुलिस भी इस दौरान मुस्तैद रही। मौके पर केके मिश्रा ने बताया कि गेट नंबर 12 मिल टोला के समीप से काली स्थान के बीच में लगभग 80 दुकानों को बुलडोज़र से तोड़ा गया है। इस से बाजार में हड़कंप मच गया। लोग अतिक्रमित की गई जगह को तत्काल खाली करने लगे जिससे वहां पर अफरातफरी का माहौल बन गया। अवैध रूप से लगी दुकानों को हटा लेने को लेकर रेलवे ने दुकानदारों को पहले ही सूचना दे दी थी। नहीं हटाने वालों की दुकानें तोड़ी गई। इधर, स्थानीय लोगों ने रेल प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। मालूम हो कि रेलवे की ज़मीन पर लगभग 153 अस्थाई दुकानें हैं जो रेलवे द्वारा स्वीकृत की गई हैं। अस्थाई दुकान को लेकर लगभग 57 लाख की लागत से संवेदक तय किया गया है। जो 97 मीटर में 30 दुकान निर्माण कर आवंटित किए जाएंगे। मौके पर आरपीएफ के दारोगा रवि कुमार, जीआरपी के एएसआइ रास बिहारी सहित पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे। इधर, भाकपा माले व खेग्रामस ने अतिक्रमण हटाने के खिलाफ वैशाली चौक पर प्रदर्शन किया। नवगछिया, कटारिया व खरीक के बीच रेलवे ने लिया 4 घंटा ब्लाक नवगछिया, कटरिया एवं खरीक रेलवे स्टेशन के बीच अपलाइन की पटरी पर मरम्मत को लेकर दोपहर 1:00 बजे से लेकर संध्या 4:00 बजे तक अपलाइन ब्लाक रखा गया। ब्लाक के कारण अपलाइन से गुजरने वाली सभी गाड़ियां डाउनलाइन प्लेटफार्म संख्या एक से गुजराई गई। ब्लॉक एवं ट्रेन विलंब होने को लेकर यात्रियों में अफरातफरी रही। प्लेटफार्म नंबर 2 से कटिहार की ओर से आने वाले सभी गाड़ियां प्लेटफार्म संख्या एक होकर गुजरी। जिसमें टाटा लिंक एक्सप्रेस, सवारी गाड़ी, राधिकापुर एक्सप्रेस एवं राजधानी एक्सप्रेस आदि ट्रेनें थी। यात्रियों द्वारा बताया गया कि अचानक ट्रेन को दो नंबर के बदले एक नंबर प्लेटफार्म आने की घोषणा के कारण यात्रियों को या तो प्लेटफार्म के फुट ओवर ब्रिज से आना पर रहा था। जीआरपी थानाध्यक्ष के द्वारा पटरी पार करने पर कई लोगों को फटकार भी लगाई गई। बताया गया कि ब्लाक आगे एक सप्ताह तक रहने की आशंका है। पटरी की मरम्मत कार्य चल रहा है।