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चिराग पासवान की शर्तों से NDA में खींचतान, बिहार चुनावी रणनीति पर संकट

पटना बिहार विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही NDA के भीतर सीट बंटवारे पर खींचतान तेज हो गई है। जदयू और भाजपा के बीच सीटों का बंटवारा लगभग तय है, लेकिन लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने अपनी मांग से पूरे समीकरण को उलझा दिया है। जानकारी के मुताबिक एनडीए कोऑर्डिनेशन कमेटी ने JDU को 102, BJP को 101, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा को 10 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 10 सीटें देने पर सहमति बना ली है। वहीं, लोजपा (रामविलास) को 20 सीटें दी जा रही हैं, लेकिन चिराग पासवान  इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं। उनकी पार्टी 40 से ज्यादा सीटों की दावेदारी पेश कर रही है। बहनोई के जरिए NDA पर बना रहे दबाव चिराग पासवान ने अपने बहनोई और जमुई से सांसद अरुण भारती को आगे कर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है। अरुण भारती ने तो 43 से 103 सीटों तक की मांग रखकर NDA की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चिराग पासवान का यह रुख उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल ऊंचा रखने के लिए है। वहीं, जदयू किसी भी हालत में उन्हें बड़ी हिस्सेदारी देने को तैयार नहीं है। भाजपा की ओर से कोशिशें जारी हैं कि चिराग को समझाकर समझौते पर लाया जाए। 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान गौरतलब है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने 145 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन सिर्फ एक सीट पर जीत मिली थी। हालांकि उस चुनाव में जदयू की स्थिति कमजोर हुई और उसकी संख्या 71 से घटकर 41 रह गई। तब जदयू ने भी माना था कि लोजपा ने उसके प्रदर्शन को नुकसान पहुंचाया। लोजपा की स्थापना 2003 में हुई थी और उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन फरवरी 2005 में रहा, जब 178 सीटों पर चुनाव लड़कर 29 विधायक जीते थे और 12.62 प्रतिशत वोट हासिल किया था। रामविलास पासवान की विरासत संभाल रहे चिराग अब एनडीए में अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले सीट बंटवारे का फार्मूला तय करना एनडीए के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

राहुल गांधी की यात्रा में शामिल होंगे झारखंड CM हेमंत सोरेन, कल करेंगे बिहार की जनता से संवाद

रांची 17 अगस्त से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार में वोट अधिकार यात्रा की शुरूआत की थी। कल राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा का आखिरी दिन है, जिसका समापन पटना के गांधी मैदान में किया जायेगा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कल राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल होंगे। इसके लिए कल सीएम हेमंत बिहार जाएंगे। इस दौरान वह जनता को संबोधित करेंगे। जनसभा में झारखंड सरकार के कई मंत्री, महागठबंधन के नेता और हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हेमंत सोरेन की भागीदारी से बिहार में विपक्षी एकता को और मजबूती मिलेगी। सूत्रों के अनुसार, पटना की इस रैली में झारखंड ही नहीं बल्कि देशभर से कई बड़े नेता भी शामिल होंगे। इनमें समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, डीएमके नेता एम.के. स्टालिन, कनिमोझी सहित विपक्षी दलों के कई दिग्गज चेहरे मौजूद रहेंगे। यह रैली महागठबंधन के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखी जा रही है। बता दें कि ये वोट अधिकार यात्रा राहुल गांधी के नेतृत्व में 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाये जाने के विरोध में इंडिया महागठबंधन के द्वारा चलायी जा रही है, जिसमें राजद नेता तेजस्वी यादव लगातार साथ नजर आ रहे हैं। इस यात्रा की शुरुआत 17 अगस्त को सासाराम से हुई थी जिसे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस दौरान इंडिया महागठबंधन के कई नेता मौजूद रहे थे।  

2200 बेड का किडनी सुपर हॉस्पिटल झारखंड में, अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ मरीजों के लिए वरदान

रांची झारखंड के रांची में 2200 बेड का विश्व-स्तरीय किडनी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनेगा। स्वास्थ्य, आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने यह घोषणा की। मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि रांची में 2200 बेड का विश्व-स्तरीय किडनी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा। इस अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण सहित सभी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। यह हॉस्पिटल ऑस्टिन हॉस्पिटल एंड सर्विसेज ऑस्ट्रेलिया और झारखंड सरकार की साझेदारी से बनेगा। कंपनी के सीईओ और डॉ. अंसारी के पुराने मित्र आंद्रेई कोल्मोगोरोव ने झारखंड में बड़े पैमाने पर निवेश का निर्णय लिया है। इस अवसर पर कोल्मोगोरोव ने कहा कि हमारा लक्ष्य झारखंड को हेल्थकेयर का हब बनाना है। हम बड़ा निवेश करेंगे, लेकिन इस परियोजना को राजनीति से दूर रखना होगा। स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा डालना जनता के साथ अन्याय है। डॉक्टर अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत किडनी, लीवर और कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज में 15 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। राज्य के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हेमोडायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अब किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा भी राज्य में शुरू होने जा रही है। यह विश्व-स्तरीय अस्पताल न केवल झारखंड बल्कि पूरे पूर्वी भारत के मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा। डॉ.अंसारी ने कहा कि यह मेरे निरंतर प्रयासों और झारखंडवासियों के आशीर्वाद का परिणाम है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य एक नई क्रांति की ओर बढ़ रहा है।  

IAS अफसरों का तबादला: जानें किसे मिला नया जिम्मा और किसे मिली नई पोस्ट

पटना बिहार सरकार ने शनिवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के दो वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया है जबकि तीन अन्य अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। हरजीत कौर बनीं राजस्व पर्षद की अध्यक्ष सामान्य प्रशासन विभाग की जारी अधिसूचना के अनुसार, 1991 बैच के आईएएस अधिकारी और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एस सिद्धार्थ को विकास आयुक्त बनाया गया है। वहीं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव हरजीत कौर को राजस्व पर्षद का अध्यक्ष बनाया गया है। अधिसूचना के अनुसार गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी को मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग का अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेंद्र को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर को पर्यावरण ,वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।  

फुरकान अंसारी ने DVC पर साधा निशाना, आंदोलन को तेज करने की दी धमकी

रांची झारखंड में डीवीसी द्वारा आयोजित जन-जनित रोग डायरिया जागरूकता अभियान में भाग लेते हुए पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने केलाही पहुंचकर डीवीसी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जामताड़ा जिला डीवीसी से सबसे अधिक प्रभावित है, खासकर बारिश में यहां के गांव पानी में डूब जाते हैं। बावजूद इसके, डीवीसी अपना लगभग पूरा सीएसआर फंड पश्चिम बंगाल में खर्च करती है, जबकि बंगाल से भी ज्यादा प्रभावित जामताड़ा को नजरअंदाज कर रही है। पूर्व सांसद ने कहा कि जामताड़ा से डीवीसी ने 39 मौजा की 10,500 हेक्टेयर जमीन ली, जबकि पश्चिम बंगाल से केवल 12 मौजा की जमीन ली गयी। इसके बावजूद विकास का पैसा बंगाल चला गया और जामताड़ा को खाली हाथ छोड़ दिया गया। उन्होंने मांग की कि डीवीसी विस्थापित गांवों में मुफ्त बिजली उपलब्ध कराए। 10 किलोमीटर दायरे में माइक्रो लिफ्ट सिंचाई की व्यवस्था की जाए – चलना, वीरग्राम, लधना, चंद्रढीपा, केलाही जैसे गांवों के लिए। विस्थापितों को उचित मुआवजा, नौकरी, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं तत्काल दी जाएं। झारखंड और पश्चिम बंगाल के विकास की तुलना जनता के सामने रखी जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जामताड़ा के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। अंसारी ने कहा कि विस्थापित सालों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन डीवीसी केवल आश्वासन देकर टालती रही है। अब समय आ गया है कि विस्थापित गांवों को उनका हक मिले, वरना आंदोलन तेज किया जाएगा। इस अवसर पर एस आई पी मैनेजर कौशलेंद्र सिंह, डीसीएम ओ डॉ. संघमित्रा नंदी, डीवीसी राजभाषा अधिकारी सह पी आर ओ अरविंद सिंह, पियारसोला पंचायत की मुखिया माखूनी हेंब्रम और सिद्धू कान्हु अल्पसंख्यक समिति के अध्यक्ष कुद्दुश अंसारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से डायरिया जैसी बीमारियों से बचाव और जागरूकता संबंधी संदेश दिए गए। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।  

पूर्व मंत्री एनोस एक्का को 15 साल पुराने केस में 7 साल कैद, CNT एक्ट मामला

रांची झारखंड में सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर बड़े पैमाने पर आदिवासी जमीन खरीदने के 15 साल पुराने मामले में राज्य के पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का और रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात सहित 9 दोषियों को अदालत ने बीते शनिवार को सजा सुनायी है। सीबीआई के विशेष जज एसएन तिवारी की कोर्ट में बीते शनिवार को वीडियों कांफ्रेंसिग के जरिये सजा की बिंदु पर सुनवाई हुई। सभी आरोपित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जुड़े थे। सीबीआई के लोक अभियोजक दविन्द्र पाल सूद ने सीबीआई की ओर से पक्ष रखा। अदालत ने पूर्व मंत्री एनोस एक्का को सात साल की सजा और दो लाख रुपये का जुर्माना, उनकी पत्नी मेनन एक्का को सात की सजा और दो लाख रुपये का जुर्माना, रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात को पांच साल की सजा और एक लाख का जुर्माना, तत्कालीन तीन सीआई राज किशोर सिंह चार साल की सजा और एक लाख जुर्माना, फिरोज अख्तर को चार साल की सजा और एक लाख का जुर्माना, अनिल कुमार को चार साल की सजा और एक लाख का जुर्माना, राजस्व कर्मचारी ब्रजेश मिश्रा को चार साल की सजा और एक लाख का जुर्माना, मनीलाल महतो को पांच साल की सजा और एक लाख का जुर्माना एवं ब्रजेश्वर महतो को पांच साल की सजा और एक लाख का जुर्माना लगाया है। उल्लेखनीय है कि पिछले शुक्रवार को अदालत ने 9 आरोपितों को दोषी पाए जाने के बाद सभी को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा (होटवार जेल) भेज दिया था। कोर्ट ने 22 अगस्त को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद 29 अगस्त को फैसले की तारीख निर्धारित की थी। एनोस एक्का पर सीएनटी की धारा 46 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए 16 साल पहले 1.18 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति खरीदने का आरोप है। बचाव पक्ष के वकील अनिल कुमार कंठ ने बताया कि कुल 11 आरोपित ट्रायल फेस कर रहे थे। इनमें से एक आरोपी तत्कालीन राजस्व कर्मचारी गोवर्धन बैठा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया था जबकि एक आरोपित परशुराम केरकेट्टा आईसीयू में भर्ती है। उसके रिकॉर्ड को अलग कर दिया गया है। झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई ने 4 अगस्त 2010 को एनोस एक्का सहित अन्य पर एफआईआर दर्ज की थी। सीबीआई ने जांच पूरी करते हुए दिसंबर 2012 में चार्जशीट दाखिल की थी जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लिया था। मामले में एनोस एक्का सहित अन्य पर 5 नवंबर 2019 को आरोप तय किया गया था। इसके बाद सीबीआई ने सबूत पेश किया था।  

अनंत की नीतीश से बैठक, ललन सिंह संग रोड शो के बाद अशोक चौधरी के घर हुई बातचीत

पटना   बिहार में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। इसे लेकर सियासी गतिविधियों का दौर काफी तेज हो गया है। कुछ दिनों पहले जेल से निकले पूर्व विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से रविवार की सुबह मुलाकात हुई। इस दौरान भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी भी मौजूद थे। इससे पहले शनिवार को मोकामा में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के साथ अनंत सिंह का रोड शो हुआ। अगले दिन रविवार को नीतीश कुमार से अनंत सिंह की मुलाकात को सियासी नजरिए से बेहद अहम माना जा रहा है। इससे पहले 10 अगस्त को भी अनंत सिंह नीतीश कुमार से मिले थे। जेल से निकलते ही अनंत सिंह ने मोकामा से खुद चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने तेजस्वी यादव की जमानत जब्त करा देने का भी दावा किया था। मोकामा से अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी वर्तमान विधायक हैं। अनंत सिंह के जेल जाने के बाद खाली हुई सीट पर नीलम देवी को राजद ने टिकट दिया था। लेकिन, बीजेपी संग सरकार के फ्लोर टेस्ट में नीलम देवी जदयू के खेमे में आ गईं। अनंत सिंह भी नीतीश कुमार की खुलकर प्रशंसा करते हैं। कहा जाता है कि सरकार की मदद से ही अनंत सिंह को एके 47 केस में बेल मिली। जानकारी के मुताबिक रविवार की सुबह अनंत सिंह अशोक चौधरी के आवास पर मिलने गए थे। सीएम भी वहीं पहुंच गए। अशोक चौधरी की मौजूदगी में अनंत सिंह और नीतीश कुमार आमने सामने आए। अनंत सिंह ने आगे बढ़कर नीतीश कुमार का अभिवादन किया। नीतीश कुमार ने भी हाथ जोड़कर जवाब दिया। दोनों एक दूसरे के आमने सामने मुस्काते हुए नजर आए। इस मुलाकात को मोकामा सीट पर अनंत सिंह की दावेदारी को पुख्ता करता माना जा रहा है। हालांकि दोनों नेताओं के बीच क्या बात हुई, इसे लेकर कोई जानकारी बाहर नहीं आई है। जेडीयू के नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह अनंत सिंह के आवास पर पहुंचे थे। वहीं से दोनों मोकामा गए और कई घंटों का रोड शो किया। दोनों नेता काफी देरतक साथ रहे। कहा जा रहा है कि अनंत सिंह और सोनू-मोनू के बीच अदावत को खत्म कराने का भी प्रयास किया जा रहा है।  

राजद नेता के बेटे की रहस्यमयी मौत, परिजनों ने कहा—हत्या हुई है

समस्तीपुर बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के नगर अध्यक्ष के बेटे की लाश मिलने से सनसनी फैल गई है। समस्तीपुर जिले में सरायरंजन थाना क्षेत्र के सरैया पुल के निकट एनएच 322 सड़क किनारे रविवार को एक युवक की लाश मिली। मृतक की पहचान सरायरंजन नगर पंचायत के राजद के नगर अध्यक्ष एवं नगर पंचायत के चिंतामनपुर निवासी राजू सिंह के पुत्र संजीव कुमार सिंह (35) के रूप में कि गई। लाश मिलने को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। कुछ स्थानीय लोग एवं परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। मृतक युवक के परिजनों का कहना है की युवक सरायरंजन बाजार में मौसी के यहां से बाइक लेकर कहीं गया था। देर रात तक वापस नहीं आने पर मोबाइल से उससे संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन कोई संपर्क नहीं हो पाया। रविवार की सुबह उक्त जगह पर एक युवक की लाश मिलने की सूचना मिली तो वहां जाकर देखा गया तो यह लाश संजीव की ही निकली। लाश मिलने की जगह पर बाइक लगा हुआ था। बाइक में चाभी भी लगी हुई थी। परिजनों ने आशंका जताई है की कही पर संजीव की हत्या कर लाश को इस जगह पर रख गया है ताकि कोई साक्ष्य ना मिले। युवक की लाश मिलने के बाद एनएच-322 सड़क पर दो घंटे तक अफरातफरी सी मची रही। भारी संख्या में लोगों के जुट जाने से सड़क पर कुछ देर के लिए आवाजाही बंद हो गई। युवक के लाश हटने के बाद सड़क पर आवागमन चालू हुआ। युवक की लाश मिलने के बाद लोगों ने जमकर हंगामा किया। हंगामे के बाद वहां पहुंचे समाजसेवी रंजीत निर्गुणी, पूर्व मुखिया सुनील कुमार ईश्वर, पूर्व राजद प्रखंड अध्यक्ष विशुनुदेव पासवान एवं सरायरंजन थानाध्यक्ष ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। युवक की लाश मिलने की सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेज दिया है। सरायरंजन थानाध्यक्ष धनंजय कुमार सिंह ने बताया की लाश मिलने की सूचना मिली है। लोग हत्या की आशंका जता रहे हैं। फिलहाल मृतक युवक के परिजनों द्वारा आवेदन नहीं दिया गया है। परिजनों के आवेदन के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  

‘अबकी बार तेजस्वी सरकार’ सुनते ही तेज प्रताप यादव ने खोला मोर्चा, जानिए क्या कहा

पटना राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। इस बार कारण है उनका भड़कना। वह भी अपने भाई का नाम सुनते ही। दरअसल, जहानाबाद के लखनार गांव में तेज प्रताप यादव जनसभा को संबोधित कर रहे थे। अचानक कुछ लोग तेजस्वी यादव के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। समर्थक 'अपकी बार तेजस्वी सरकार' का नारा लगा रहे थे। इतना सुनते ही तेज प्रताप यादव भड़क गए और कहा कि  फालतू बात मत करो। तुम आरएसएस (राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ) के हो क्या? अभी पुलिस पकड़ेगी लेकर चल देगी। सरकार किसी व्यक्ति विशेष की नहीं होती है पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव यहीं नहीं रूके। उन्होंने कहा कि सरकार किसी व्यक्ति विशेष की नहीं जनता की होती है। जो घमंड में रहेगा वह जल्दी गिरेगा। उन्होंने कहा कि नारा लगाने वाले को कहा कि नौटंकी करोगे तो रोजगार भी नहीं मिलेगा। बताया जा रहा है कि तेज प्रताप यादव घोसी विधानसभा में अपने भावी प्रत्याशी के प्रचार सह जनता संवाद कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। जो मेरा भला नहीं कर पाया वो लोगों का क्या करेगा जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने जयचंदों से सावधान रहने की अपील की। कहा कि जो लोग मेरा भला नहीं कर सकता वो सूबे के आम लोगों का क्या भला करेगा? उन्होंने दावा कि अगर उनकी सरकार बनी तो युवाओं के रोजगार के लिए बेहतर इंतजाम किया जाएगा ताकि छोटे-छोटे बच्चे राजनीति छोड़ कर अपने काम-धंधे पर ध्यान दें। वहीं राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि वह अभी यात्रा निकाले हैं हम पहले से यात्रा निकाले हैं।

महिलाओं की सुरक्षित यात्रा के लिए बिहार सरकार का कदम, 80 नई पिंक बसें होंगी शुरू

पटना राज्य में महिलाओं के लिए पिंक बस सेवा का विस्तार होने जा रहा है। वर्तमान में 20 पिंक बसें प्रदेश में चल रही है, लेकिन सितंबर में 80 नई बसें सड़कों पर उतरेंगी। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) के अनुसार 30 नई बसें डिपो में पहुंच चुकी हैं। इस सप्ताह शेष बसें भी पहुंच जाएंगी। पटना में वर्तमान में आठ पिंक बसों का विभिन्न रूटों पर परिचालन होता है। 80 नई बसों में से 22 बसें पटना को मिलेगी। जो जल्द नई रूट पर चलेंगी। बीएसआरटीसी ने नई 80 बसें मंगाने का आदेश दिया था, जो चरणबद्ध तरीके से पटना और अन्य जिलों में चलाई जाएंगी। ये बसें महिलाओं की सुरक्षित और आरामदायक यात्रा के लिए हैं, जिसमें महिला कंडक्टर और स्टाफ तैनात होंगे। पिंक बस चलने से महिलाओं को आटो पर निर्भरता कम होगी और सस्ती, सुरक्षित यात्रा का विकल्प मिलेगा। पटना की सड़कों पर महिलाओं के लिए संचालित पिंक बस सेवा का दायरा अब और बढ़ जाएगा। अभी आठ पिंक बसें चल रही हैं, लेकिन सितंबर माह में कुल 30 पिंक बसें पटना की सड़कों पर उतर जाएंगी। 22 नई बसों को जल्द ही रूट पर उतारने की तैयारी 22 नई बसों को जल्द ही रूट पर उतारने की तैयारी चल रही है। अभी 10 बसों के विभिन्न रूट पर परिचालन के लिए आवेदन किया गया है। जल्द ही 12 और बसों की परमिट लिया जाएगा। पटना में 10 नई रूटों पर पिंक बसों को चलाया जाएगा। इसमें पटना से हाजीपुर, पालीगंज, बिहटा व बेली रोड प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अतिरिक्त आने वाले समय में कुर्जी, अशोक राजपथ सहित कुछ अन्य रूट पर भी बसों का परिचालन शुरू होगा। अभी पिंक बसें मुख्य रूप से भीड़भाड़ वाले मार्गों जैसे गांधी मैदान, पटना जंक्शन, दानापुर और फुलवारीशरीफ रूट पर चलाई जाती हैं। बीएसआरटीसी के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा ने बताया कि जैसे-जैसे नई बसें उपलब्ध होंगी, वैसे-वैसे इन्हें पटना समेत अन्य प्रमुख शहरों में उतारा जाएगा। नई बसों के आने से महिला यात्रियों को ऑटो और अन्य छोटे वाहनों पर निर्भरता कम करनी होगी और उन्हें सस्ती दर पर आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा।