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छोटी-छोटी घटनाओं में उदासीनता व लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगीः सीएम योगी

जनता दर्शन  छोटी घटनाएं बड़ी न बनें, डीएम-एसपी रखें नजरः मुख्यमंत्री  छोटी-छोटी घटनाओं में उदासीनता व लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगीः सीएम योगी सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचें प्रशासन व पुलिस के आलाधिकारीः मुख्यमंत्री पुलिस से जुड़ी शिकायतों पर सीएम का सख्त रुख, कहा- पीड़ितों की संतुष्टि सरकार की शीर्ष प्राथमिकता लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्रार्थना पत्रों का अवलोकन करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में वैमनस्यता फैलाने वाले लोग मामूली घटनाओं को बड़ा बनाना चाहते हैं। ऐसे में जनपदों में हर छोटी से छोटी घटना पर जिलाधिकारी व एसपी स्वयं नजर रखें। तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ितों की सुनवाई करें और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई कर मामलों का पटाक्षेप कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि छोटी-छोटी घटनाओं में भी उदासीनता व लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।  हर पीड़ित से मिले सीएम, समयबद्ध निस्तारण का दिया निर्देश मुख्यमंत्री ‘जनता दर्शन’ में कुर्सियों पर बैठे हर पीड़ित से मिले। उनकी समस्याओं व शिकायतों को सुना। मुख्यमंत्री ने प्रशासन, पुलिस, राजस्व, विद्युत आदि से जुड़ी शिकायतों का प्रार्थना पत्र लेते हुए कहा कि सरकार साढ़े 9 वर्ष से बिना भेदभाव हर पीड़ित की उचित समस्या का समाधान करा रही है। अधिकारी संवेदनशील होकर जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। पात्र व्यक्ति को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाएं, मरीजों के इलाज की व्यवस्था कराएं और भूमाफिया/दबंगों पर कठोरतम कार्रवाई करें।  पुलिस से संबंधित शिकायतों पर हुए सख्त  सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष पुलिस व राजस्व से जुड़ीं शिकायतें अधिक रहीं। इस पर मुख्यमंत्री सख्त हो गए। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर, एडीजी, आईजी, डीआईजी, एसएसपी स्तर के अधिकारी नियमित रूप से जनसमस्याओं का जनपदों में निराकरण कराएं। यदि किसी मातहत द्वारा लापरवाही की शिकायत मिले तो उस पर भी कार्रवाई करें। सीएम ने राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।  बच्चे से पूछा- कैसे हो, कहां पढ़ते हो   ‘जनता दर्शन’ में मां के साथ आए नन्हे बच्चे से मुख्यमंत्री ने हालचाल पूछा। फिर पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उसकी तरफ चॉकलेट बढ़ाई तो उसने झट से चॉकलेट ले ली। फिर सीएम ने चॉकलेट वापस मांगी तो बच्चे ने मना कर दिया। इस पर पूरा हॉल खिलखिला उठा। मुख्यमंत्री ने सुखद भविष्य का आशीर्वाद देते हुए बच्चे से मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा।

एलोवेरा-अश्वगंधा की खेती पर मिलेगा ₹36 हजार प्रति हेक्टेयर अनुदान

पटना  सरकार एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआइडीएच)’ के किसानों को औषधीय पौधों की खेती के लिए प्रोत्साहित करेगी। इसके तहत राज्य में 100 हेक्टेयर में एलोवेरा, अश्वगंधा, ब्राह्मी एवं शतावरी की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार में कृषि को विविध और किसानों के लिए लाभकारी बनाने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है। औषधीय पौधों की खेती किसानों के लिए पारंपरिक फसलों के अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध करा सकती है। इसी उद्देश्य से चयनित क्षेत्रों में औषधीय पौधों की खेती को क्लस्टर में बढ़ावा देने की पहल होगी। किसानों को मिलेंगे 36000 रुपये इसके लिए 36.00 लाख रुपये की वित्तीय राशि का प्रविधान किया गया है। योजना के अंतर्गत किसानों को 36,000 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। एलोवेरा, अश्वगंधा एवं ब्राह्मी की खेती के लिए पांच हेक्टेयर प्रति राजस्व ग्राम/क्लस्टर तथा शतावरी की खेती के लिए चार हेक्टेयर प्रति राजस्व ग्राम/क्लस्टर क्षेत्र चिह्नित किया जाएगा। किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, उत्पादन संबंधी जानकारी और विपणन गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देना किसानों को खेती के नए विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य में इस क्षेत्र की संभावनाओं को देखते हुए चयनित क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से इसका विस्तार किया जाएगा।

जयपुर बना रियल एस्टेट हब, 5 साल में आवासीय कीमतों में 63% की बढ़ोतरी

जयपुर  देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में घर तेजी से महंगे हो रहे है। सीआइआइ और नाइट फ्रैंक इंडिया की हाल ही जारी रिपोर्ट के मुताबिक 2021 से 2026 के बीच जयपुर समेत 11 शहरों में आवासीय कीमतें 63 प्रतिशत बढ़ीं, जबकि शीर्ष आठ शहरों में यह बढ़ोतरी 42 प्रतिशत रही। जयपुर टियर-2 शहरों में दिल्ली-एनसीआर के सबसे करीब है। यहां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है और यह पर्यटन का बड़ा केंद्र है। आसपास से गुजर रहे बड़े हाईवे और एक्सप्रेसवे से शहर जुड़ चुका है या जल्द जुड़ने वाला है। इन फैक्टर्स ने जयपुर को आवासीय और व्यावसायिक, दोनों क्षेत्रों में रियल एस्टेट हब बना दिया है। भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़ ट्राइसिटी, गोवा, इंदौर, कोच्चि, लखनऊ, नागपुर, विशाखापत्तनम और कोयंबटूर में 2016 से 2026 के बीच आवासीय कीमतें औसतन 8% सालाना बढ़ीं, जबकि शीर्ष आठ शहरों में यह वृद्धि 4% रही। 2047 तक रियल एस्टेट बाजार 5.8 ट्रिलियन डॉलर तक रिपोर्ट के अनुसार 2047 तक देश के रियल एस्टेट क्षेत्र का कारोबार 5.8 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इसमें टियर-2 और टियर-3 शहरों की हिस्सेदारी 25 से 30 प्रतिशत यानी 1.4 से 1.7 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान इसके लिए रोजगार देने वाला बुनियादी ढांचा, विकसित जमीन, तेज मंजूरी और भरोसेमंद बिजली पानी जरूरी होंगे। सरकारी पूंजीगत खर्च में बुनियादी ढांचे की हिस्सेदारी है। वित्त वर्ष 2015 में 39 प्रतिशत थी, जो 2026 में 55 प्रतिशत हो गई। सरकार की तीन साल की सरकारी-निजी भागीदारी योजना में 17 लाख करोड़ रुपये की 852 परियोजनाएं हैं। नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि बढ़त अब महानगरों से आगे फैल रही है। निवेशकों और डेवलपर्स को हर बाजार की आर्थिक ताकत समझकर चुनिंदा तरीके से आगे बढ़ना होगा। गोदाम और शॉपिंग सेंटर में भी विस्तार 2025 में प्रमुख टियर-2 शहरों में 1.12 करोड़ वर्ग फुट गोदाम किराये पर गए। जयपुर, लखनऊ, नागपुर, इंदौर, कोयंबटूर और भुवनेश्वर की हिस्सेदारी करीब आधी यानी 53 लाख वर्ग फुट रही। देश के 32 शहरों में 365 शॉपिंग सेंटर हैं। इनमें 3.6 करोड़ वर्ग फुट जगह 24 टियर-2 शहरों में है। इसमें जयपुर समेत 10 शहरों की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत है। एक्सपर्ट बताते हैं कि 2011-12 में जिस जमीन का भाव 500 रुपए गज था वह आज 50 हजार रुपए प्रति गज तक पहुंच गई है।

‘दिल्ली बनेगा खालिस्तान’ धमकी से सनसनी, कई स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे संदेश

नई दिल्ली दिल्ली के कम से कम छह स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सोमवार सुबह इन स्कूल प्रशासनों को बम की धमकी वाला ईमेल मिला। सूचना मिलते ही पुलिस और अन्य एजेंसियां सक्रिय हो गईं। स्कूलों को खाली कराया गया। बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड स्कूल परिसरों की जांच कर रहे हैं। धमकी में दिल्ली को खालिस्तान बनाने की बात कही गई है। धमकी वाले लेटर में क्या लिखा धमकी भरे इमेल में कथित तौर पर दिल्ली को खालिस्तान बनाने की बात कही गई है। ईमेल में दिल्ली के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। 21 से 29 सितंबर के दौरान दिल्ली आने-जाने वाली ट्रेनों में सफर न करने की सलाह दी गई है। ईमेल में दावा किया गया है कि पंजाब से दिल्ली आने वाली रेलवे पटरियों पर आईईडी ब्लास्ट किए जाएंगे। जानकारी के अनुसार, दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके के संस्कृत‍ि स्कूल, द ब्रिटिश स्कूल और नेवी चिल्ड्रन स्कूल समेत चार स्कूलों को सुबह करीब 9:30 बजे धमकी वाला ईमेल मिला। स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। इसके बाद सुरक्षा के जरूरी कदम उठाए गए। पुलिस ने क्या बताया दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, उसे बम की धमकी से जुड़े 5 कॉल मिले। सुबह 9.41 बजे से 11.11 बजे के बीच स्कूलों में बम की धमकी से संबंधित पांच कॉल प्राप्त हुए। इनमें से पहला कॉल सुबह 9.41 बजे हौज खास स्थित मदर इंटरनेशनल स्कूल से आया। परिसर में तलाशी अभियान के बाद धमकी झूठी पाई गई। चाणक्यपुरी स्थित नेवी चिल्ड्रन्स स्कूल के संबंध में सुबह 10:34 बजे दूसरी कॉल आई, जबकि तीसरी कॉल सुबह 10:50 बजे रोहिणी के सेक्टर 14 स्थित बाल भारती स्कूल से आई। राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले स्प्रिंगडेल्स स्कूल, सलवान पब्लिक स्कूल और बाल भारती पब्लिक स्कूल तथा करोल बाग पुलिस स्टेशन क्षेत्रांर्गत आने वाले सेंट थॉमस स्कूल और जूनियर्स स्कूल से भी कॉल रिसीव हुईं। कमला मार्केट पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले सिविक सेंटर में भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। धमकी भरे ईमेल में दिल्ली के स्कूलों को निशाना बनाने की बात कही गई है। ईमेल में 21 से 29 सितंबर के बीच दिल्ली आने-जाने वाली ट्रेनों में सफर से बचने की चेतावनी भी दी गई। इसमें पंजाब से दिल्ली आने वाली रेलवे पटरियों को लेकर भी धमकी दी गई है। जानकारी के मुताबिक, चाणक्यपुरी इलाके के संस्कृति स्कूल, द ब्रिटिश स्कूल और नेवी चिल्ड्रन स्कूल समेत चार स्कूलों को सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे धमकी वाला ईमेल मिला। ईमेल मिलते ही स्कूल प्रशासन ने पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए। स्कूल परिसरों की जांच के लिए बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) और डॉग स्क्वॉड को तैनात किया गया। पुलिस ने क्या बताया? दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, सोमवार सुबह स्कूलों में बम की धमकी से जुड़े पांच कॉल मिले। ये कॉल सुबह 9:41 बजे से 11:11 बजे के बीच प्राप्त हुए। पहला कॉल सुबह 9:41 बजे हौज खास स्थित मदर इंटरनेशनल स्कूल से आया। परिसर में तलाशी अभियान चलाने के बाद धमकी को फर्जी पाया गया। इसके बाद सुबह 10:34 बजे चाणक्यपुरी स्थित नेवी चिल्ड्रन्स स्कूल से बम की धमकी को लेकर कॉल मिली। तीसरी कॉल सुबह 10:50 बजे रोहिणी सेक्टर-14 स्थित बाल भारती स्कूल से आई। पुलिस के मुताबिक, राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के स्प्रिंगडेल्स स्कूल, सलवान पब्लिक स्कूल और बाल भारती पब्लिक स्कूल तथा करोल बाग थाना क्षेत्र के सेंट थॉमस स्कूल और जूनियर्स स्कूल से भी धमकी से संबंधित सूचनाएं मिलीं। इसके अलावा कमला मार्केट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिविक सेंटर को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिलने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां सभी स्थानों पर जांच और तलाशी अभियान चला रही हैं। बम की धमकी से हड़कंप, एजेंसियां सतर्क धमकी की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां और कर्मचारी मौके पर भेजे गए। पुलिस की कई टीमें भी संबंधित स्कूलों में पहुंचीं। बम निरोधक दस्ते, खोजी कुत्तों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने स्कूल परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस को शुरुआती जांच के आधार पर आशंका है कि धमकी वाले ईमेल फर्जी हो सकते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा को देखते हुए सभी जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं और ईमेल के स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इस महीने कई फर्जी धमकियां मिल चुकीं दिल्ली में स्कूलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को धमकी भरे ईमेल मिलने का सिलसिला नया नहीं है। इसी महीने भी कई संस्थानों को इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। 15 सितंबर को सरदार पटेल विद्यालय, द ब्रिटिश स्कूल, एयर फोर्स बाल भारती स्कूल और कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल समेत कई प्रमुख स्कूलों को बम धमाके की धमकी वाले ईमेल मिले थे। वहीं, महीने की शुरुआत में दिल्ली विधानसभा, सिविक सेंटर और मेयर कार्यालय समेत कई स्कूलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को भी बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल प्राप्त हुए थे। बम की धमकी से हड़कंप, एजेंसियां सतर्क सूचना के बाद दमकल की गाड़ियां और कर्मचारी मौके पर भेजे गए। पुलिस की कई टीमें भी स्कूलों में पहुंचीं। बम निरोधक दस्ते, खोजी कुत्तों और अन्य एजेंसियों ने स्कूलों की जांच की, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं नजर आया। पुलिस को आशंका है कि ये धमकी भरे ईमेल फर्जी हो सकते हैं। इस महीने कई फर्जी धमकियां मिल चुकीं धमकियों का यह सिलसिला नया नहीं है। इसी महीने इसी तरह की कई धमकियां मिल चुकी हैं। 15 सितंबर को सरदार पटेल विद्यालया, द ब्रिटिश स्कूल, एयर फोर्स बाल भारती स्कूल और कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल सहित कई प्रमुख स्कूलों को बम धमाकों की धमकियों वाले ईमेल मिले थे। इस महीने की शुरुआत में, दिल्ली विधानसभा, सिविक सेंटर और मेयर कार्यालय सहित कई स्कूलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को भी बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल प्राप्त हुए थे।

पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर, पैकेट पर दिखेगी वास्तविक मैन्युफैक्चरिंग डेट

 लखनऊ  अब पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय उपभोक्ताओं को यह साफ पता चलेगा कि वह उत्पाद वास्तव में कब बनाया या तैयार किया गया था। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने उत्तर प्रदेश में पैक किए जाने वाले खाद्य पदार्थों के पैकेट पर वास्तविक निर्माण तिथि लिखना अनिवार्य कर दिया है। केवल जिस दिन खाद्य पदार्थ को पैकेट में भरा या दोबारा पैक किया गया है, उस तारीख को निर्माण तिथि के रूप में लिखने की अनुमति नहीं होगी।विभाग के निरीक्षण में सामने आया कि कुछ कारोबारी खाद्य पदार्थ तैयार करने के बाद उसे लंबे समय तक गोदाम में रखते थे। बाद में छोटे पैकेटों में भरकर उस दिन की तारीख को ही निर्माण तिथि के रूप में लिख देते थे। कुछ रीलेबलर और रीपैकर भी ऐसा कर रहे थे। इससे उपभोक्ता को उत्पाद के वास्तविक पुराने होने की जानकारी नहीं मिल पाती थी और वह उसे नया उत्पाद समझ सकता था। विभाग के अनुसार हर खाद्य पदार्थ की एक तय उपयोग अवधि यानी शेल्फ लाइफ होती है। खाद्य कारोबारियों को निर्देशों का हर हाल में करना होगा पालन यह अवधि उसके वास्तविक निर्माण या प्रसंस्करण की तारीख से शुरू होती है। लंबे समय तक रखे रहने से खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में कई महीने पुराने उत्पाद को नए पैकेट में भरकर उस दिन की तारीख लिखना उपभोक्ता को भ्रमित कर सकता है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश के बाद अब खाद्य कारोबारियों को पैकेट पर उत्पाद की वास्तविक निर्माण या प्रसंस्करण तिथि स्पष्ट रूप से लिखनी होगी। बाद में की गई पैकिंग की तारीख को निर्माण तिथि बताना स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभाग ने खाद्य कारोबारियों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

सर्दियों से पहले चंडीगढ़ की सड़कें होंगी चकाचक, काम शुरू

चंडीगढ़. शहरवासियों के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि बारिश में बदहाल हुई सड़काें की हालत अब सुधरने लगी है। नगर निगम ने शहर के कई हिस्सों में सड़क निर्माण और री-कारपेटिंग का काम तेज कर दिया है। सर्दियों से पहले सड़कों को चकाचक करने का टारगेट है। सेक्टर-9 में भी सड़क निर्माण का काम शुरू हो चुका है। यहां सड़क को केवल ऊपर से नई लेयर डालकर तैयार नहीं किया जा रहा, बल्कि कई जगह पुरानी सड़क की परतों को हटाकर सड़क को काफी नीचे तक खोदा जा रहा है। सेक्टर-9 में सड़क की ऊंचाई वर्षों से लगातार बिटुमन की लेयर चढ़ाए जाने के कारण आसपास के घरों की सतह से भी ऊपर हो गई थी। इसका असर बरसात के दौरान देखने को मिला। कई जगह घरों से निकलने वाला बरसाती पानी सड़क की ऊंचाई अधिक होने के कारण आसानी से बाहर नहीं निकल पा रहा था। अब निगम ने पुरानी लेयर को हटाकर सड़क का लेवल नीचे करने के बाद नई सड़क बनाने का काम शुरू किया है। 400 किलोमीटर सड़कें दुरुस्त करने का लक्ष्य नगर निगम ने सर्दियों की शुरुआत से पहले करीब 400 किलोमीटर सड़कों का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए अलग-अलग हिस्सों के टेंडर जारी कर ठेकेदारों को काम सौंपा जा चुका है। इंजीनियरिंग विभाग की टीमें मौके पर जाकर काम की लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं। अधिकारियों का फोकस काम की गुणवत्ता के साथ निर्माण की रफ्तार बढ़ाने पर है, ताकि निर्धारित समय में अधिक से अधिक सड़कों को दुरुस्त किया जा सके। डेढ़ साल से बदहाल थीं शहर की सड़कें चंडीगढ़ की सड़कें पिछले करीब एक से डेढ़ साल से लगातार सवालों के घेरे में रही हैं। शहर की कई सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई स्थानों पर सड़क की खराब हालत के कारण हादसे भी हुए। नियोजित और आधुनिक शहर के रूप में पहचान रखने वाले चंडीगढ़ की सड़कों की बदहाली शहरवासियों के लिए बड़ा मुद्दा बन गई थी। अब बारिश के लंबे दौर के बाद जिस तरह से सड़क निर्माण का काम दोबारा शुरू हुआ है, उससे शहरवासियों को सड़कों की हालत सुधरने की उम्मीद जगी है। निगम की ओर से काम में तेजी लाई गई तो आने वाले महीनों में शहर की सड़कों की तस्वीर बदल सकती है।

छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम, नए सिस्टम से भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज से मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है. मानसून की रफ्तार फिर बढ़ सकती है. कुछ इलाकों में भारी वर्षा के आसार है. मौसम विभाग ने उत्तरी अंडमान सागर पर बने लो प्रेशर एरिया को डिप्रेशन में परिवर्तित होने की संभावना जताई है. इसी नए सिस्टम के प्रभाव से बारिश की संभावना बन रही है. प्रदेश में अबतक मौसमी सब-डिविज़नल वर्षा सामान्य रही है, जिसमें 6 प्रतिशत का अंतर है. राजधानी रायपुर में आज आसमान में बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावनाएं बन रही है. अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के करीब रह सकता है.  प्रदेश में बदलेगा मौसम का मिजाज? मौसम विभाग ने सोमवार को कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है. साथ ही कुछ स्थानों पर भारी बारिश और बादल गरजने-चमकने के साथ बिजली गिरने के आसार हैं. दो दिन बाद भी इसी तरह का मौसम बने रहने के अनुमान है. मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है. इसके 21 सितंबर को डिप्रेशन और 22 सितंबर को डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है. 23 सितंबर की सुबह तक इसके उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तटों के पास पहुंचने की संभावना है. बिलासपुर में 33.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज प्रदेश में रविवार को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा हुई. इस दौरान बिलासपुर में सबसे ज्यादा 33.2 डिग्री सेल्सियस तापमान और पेंड्रा रोड में 20.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. छिंदगढ़ में सबसे ज्यादा 7 मिमी बारिश दर्ज की गई. तोंगपाल और छोटेडोंगर में 6-6 मिमी, नांगर और सुकमा में 5-5 मिमी, जबकि जगदलपुर, मालखरौदा, ओरछा, पेण्ड्रा रोड और कुसमी में 4-4 मिमी बारिश हुई. वहीं कई अन्य इलाकों में 1 से 3 मिमी तक बारिश दर्ज की गई.

बाइक सवार नाबालिगों को घेरकर मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप, वायरल वीडियो के बाद हरकत में आई पुलिस

जमुई बिहार के जमुई जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां बाइक से जा रहे नाबालिग लड़के और लड़की को कुछ लोगों ने रास्ते में रोक लिया. इसके बाद उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया. आरोपियों ने लड़की को बैड टच भी किया. पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी है।  पुलिस ने क्या कहा? घटना 19 सितंबर की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच की बताई जा रही है. वायरल वीडियो में कुछ लोग सड़क पर बाइक सवार नाबालिग लड़के और लड़की को रोकते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर जमुई पुलिस सक्रिय हुई. जमुई के एसपी ने वायरल वीडियो और घटना की पुष्टि की है।  पुलिस के मुताबिक दोनों पीड़ित नाबालिग हैं. पुलिस ने उनसे बातचीत कर घटना के संबंध में जानकारी ली है. उनके बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि घटना में करीब 6 से 7 लोग शामिल हो सकते हैं. पुलिस इन लोगों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका की जांच कर रही है. मामले में FIR दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।  वायरल VIDEO के आधार पर जांच में जुटी पुलिस पुलिस वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और पूरा घटनाक्रम किस तरह हुआ. अधिकारियों के मुताबिक, घटना की वजह और आरोपियों से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटाई जा रही है।  फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. नाबालिगों से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस पूरे घटनाक्रम की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रही है।  घटना पर बीजेपी और JDU ने क्या कहा? जमुई में लड़का-लड़की के साथ भीड़ की तरफ से किए गए बर्ताव को लेकर जेडीयू की भी प्रतिक्रिया आई है. जेडीयू प्रवक्ता नवल शर्मा ने कहा कि बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार है. यहां मॉब जस्टिस नहीं चल सकता. जिन लोगों ने ऐसा काम किया है, उनके ऊपर पुलिस एक्शन लेगी. वहीं बीजेपी प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा कि यह घटना शर्मनाक है. इसके दोषियों की पहचान पुलिस कर रही है. जो भी दोषी होंगे उनपर एक्शन होगा। 

दिवाली-छठ के लिए 10 राज्यों में चलेंगी स्पेशल ट्रेनें, MP के 30 स्टेशन कवर

भोपाल  दिवाली और छठ पूजा के दौरान घर जाने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने मध्यप्रदेश से अलग-अलग राज्यों के लिए कई स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी की है। इन ट्रेनों के जरिए मध्यप्रदेश के करीब 30 स्टेशन देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़ेंगे।त्योहारी सीजन में नियमित ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए इन सेवाओं से यात्रियों को अतिरिक्त ट्रेन विकल्प मिलेंगे। मध्यप्रदेश से चलने या गुजरने वाली इन स्पेशल ट्रेनों से राजस्थान, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, हरियाणा और दिल्ली तक कनेक्टिविटी मिलेगी।  आगामी त्योहारी सीजन के चलते अभी से ज्यादातर ट्रेनों के टिकट बुक हो चुके हैं. ट्रेनों में वेटिंग दिखा रहा है. रेलवे यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है. इस बीच मध्य प्रदेश के भोपाल रेल मंडल से 10 राज्यों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया गया है. दीवाली और छठ पूजा पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यह फैसला लिया है. मध्य प्रदेश से करीब 30 स्टेशन स्पेशल ट्रेनों से जुड़ेंगे. भोपाल मंडल से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र समेत 10 राज्यों तक कनेक्टिविटी मिलेगी. भोपाल मंडल के यात्रियों के लिए सुल्तानपुर-वाराणसी से मुंबई जाने का अतिरिक्त विकल्प होगा।  त्योहारी सीजन में नियमित ट्रेनों की भीड़ को कम करने की कवायद शुरू कर दी गई है. सुल्तानपुर-वाराणसी से लोकमान्य तिलक टर्मिनस जाने वाली स्पेशल ट्रेनें चलेंगी. बीना, रानी कमलापति और इटारसी होकर दोनों स्पेशल ट्रेनें चलेंगी. दोनों दिशाओं में स्पेशल ट्रेनों के 4-4 फेरे होंगे. भोपाल मंडल के तीन स्टेशनों को मुंबई के लिए 16 अतिरिक्त एकतरफा फेरे मिलेंगे।  कई रूटों पर स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा बताते चलें कि रेलवे ने त्योहारों को देखते हुए कई रूटों पर स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा कर दी है. प्रयागराज और साबरमती के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन को लेकर बदलाव किया गया है. गांधीनगर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म से जुड़ी बाधाओं के चलते प्रयागराज और गांधीनगर द्विसाप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के टर्मिनल में बदलाव किया गया है. अब 04111/04112 के बदले यह सेवा 04179/04180 नंबर से प्रयागराज और साबरमती के बीच चलेगी. 04179 नंबर ट्रेन प्रयागराज से शाम चार बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 3:40 बजे साबरमती पहुंचेगी. वहीं 04180 नंबर ट्रेन साबरमती से शाम 5:45 बजे रवाना होगी।  भोपाल मंडल के यात्रियों को खास फायदा भोपाल मंडल के यात्रियों के लिए सुल्तानपुर और वाराणसी से लोकमान्य तिलक टर्मिनस जाने वाली फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें महत्वपूर्ण रहेंगी। दोनों ट्रेनें बीना, रानी कमलापति और इटारसी होकर चलेंगी।दोनों दिशाओं में इन ट्रेनों के 4-4 फेरे निर्धारित हैं। इस तरह बीना, रानी कमलापति और इटारसी से मुंबई की ओर जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त ट्रेन विकल्प मिलेंगे। अजमेर-रांची पूजा स्पेशल ट्रेन नंबर 09619/09620 अजमेर-रांची-अजमेर साप्ताहिक पूजा स्पेशल के दोनों दिशाओं में 9-9 फेरे होंगे। अजमेर से रांची ट्रेन 2 अक्टूबर से 27 नवंबर 2026 तक प्रत्येक शुक्रवार चलेगी। वहीं रांची से अजमेर ट्रेन 4 अक्टूबर से 29 नवंबर तक प्रत्येक रविवार चलेगी।मध्यप्रदेश में इस ट्रेन के प्रमुख ठहराव रुठियाई, गुना, सागर, दमोह, कटनी, ब्यौहारी और सिंगरौली होंगे। जोधपुर-चेन्नई पूजा स्पेशल ट्रेन नंबर 04815/04816 जोधपुर-चेन्नई बीच पूजा स्पेशल के दोनों दिशाओं में 9-9 फेरे होंगे।जोधपुर से चेन्नई बीच ट्रेन 3 अक्टूबर से 28 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार चलेगी। वहीं चेन्नई बीच से जोधपुर ट्रेन 6 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक प्रत्येक मंगलवार चलेगी।मध्यप्रदेश में ट्रेन रुठियाई, गुना, बीना, भोपाल और इटारसी स्टेशनों पर रुकेगी। रानी कमलापति-गया पितृपक्ष स्पेशल पितृपक्ष में गया जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रेन नंबर 01661/01662 रानी कमलापति-गया स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी।रानी कमलापति से गया के लिए इसके फेरे 27 सितंबर, 2 अक्टूबर और 7 अक्टूबर को होंगे। वापसी में गया से रानी कमलापति के लिए ट्रेन 30 सितंबर, 5 अक्टूबर और 10 अक्टूबर को चलेगी।इस ट्रेन का ठहराव नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना समेत कई स्टेशनों पर रहेगा। पुणे-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन ट्रेन नंबर 01415/01416 पुणे-गोरखपुर स्पेशल भी त्योहारों के दौरान यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा देगी।पुणे से गोरखपुर ट्रेन 9 अक्टूबर से 21 नवंबर तक और गोरखपुर से पुणे ट्रेन 10 अक्टूबर से 22 नवंबर तक चलेगी।मध्यप्रदेश में इसके प्रमुख ठहराव खंडवा, इटारसी, भोपाल और बीना हैं। मुंबई CSMT-गोरखपुर स्पेशल के 43 फेरे ट्रेन नंबर 01079/01080 मुंबई सीएसएमटी-गोरखपुर स्पेशल के दोनों दिशाओं में बड़ी संख्या में फेरे निर्धारित किए गए हैं।मुंबई से गोरखपुर ट्रेन 9 अक्टूबर से 20 नवंबर तक चलेगी, जबकि गोरखपुर से मुंबई सेवा 11 अक्टूबर से 22 नवंबर तक रहेगी।यह ट्रेन खंडवा, इटारसी, भोपाल और बीना होते हुए चलेगी। पुणे-गोरखपुर और मुंबई-गोरखपुर सेवाओं को मिलाकर कुल 87 अतिरिक्त फेरे उपलब्ध होंगे। रानी कमलापति-रीवा पूजा स्पेशल ट्रेन नंबर 02191/02192 रानी कमलापति-रीवा पूजा स्पेशल के दोनों दिशाओं में 4-4 फेरे होंगे।रीवा से रानी कमलापति के लिए ट्रेन 17 और 24 अक्टूबर तथा 7 और 14 नवंबर को चलेगी। वापसी में रानी कमलापति से रीवा की सेवा भी इन्हीं तारीखों पर रहेगी।इस ट्रेन के प्रमुख ठहराव विदिशा, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, मैहर और सतना होंगे। रीवा-डॉ. अंबेडकर नगर पूजा स्पेशल विंध्य क्षेत्र को मालवा और इंदौर क्षेत्र से जोड़ने के लिए ट्रेन नंबर 01710/01709 रीवा-डॉ. अंबेडकर नगर पूजा स्पेशल चलाई जाएगी।रीवा से डॉ. अंबेडकर नगर ट्रेन 10 अक्टूबर से 14 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार और वापसी में 11 अक्टूबर से 15 नवंबर तक प्रत्येक रविवार चलेगी।इसके ठहराव में सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, इटारसी, नर्मदापुरम, रानी कमलापति, संत हिरदाराम नगर, सीहोर, शुजालपुर, मक्सी, देवास और इंदौर शामिल हैं। सुल्तानपुर-मुंबई फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन नंबर 04212/04211 सुल्तानपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस फेस्टिवल स्पेशल के दोनों दिशाओं में 4-4 फेरे होंगे।सुल्तानपुर से मुंबई सेवा 21 अक्टूबर से 11 नवंबर तक प्रत्येक बुधवार चलेगी। वापसी में लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सुल्तानपुर ट्रेन 22 अक्टूबर से 12 नवंबर तक प्रत्येक गुरुवार चलेगी।मध्यप्रदेश में इसके प्रमुख ठहराव बीना, रानी कमलापति और इटारसी होंगे। वाराणसी-मुंबई फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन नंबर 04226/04225 वाराणसी-लोकमान्य तिलक टर्मिनस फेस्टिवल स्पेशल के भी दोनों दिशाओं में 4-4 फेरे होंगे।वाराणसी से मुंबई ट्रेन 22 अक्टूबर से 12 नवंबर तक प्रत्येक गुरुवार और मुंबई से वाराणसी ट्रेन 23 अक्टूबर से 13 नवंबर तक प्रत्येक शुक्रवार चलेगी।इस ट्रेन का मध्यप्रदेश में बीना, रानी कमलापति और इटारसी समेत कई स्टेशनों पर ठहराव रहेगा। दिल्ली-अशोकनगर धार्मिक आयोजन स्पेशल ट्रेन नंबर … Read more

JPSC भर्ती में गड़बड़ी का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, सरकार बोली- नियुक्ति का अधिकार पक्का नहीं

रांची 11वीं से 13वीं झारखंड संयुक्त प्रशासनिक सेवा परीक्षा (JPSC) में गड़बड़ी का मामला सामने आया है. इस मामले में सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. सरकार ने कहा है कि जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं, जिनसे परीक्षा प्रणाली के दूषित होने की बात सामने आती है. सरकार का कहना है कि पैसे लेकर बेची गई परीक्षा के आधार पर नियुक्त लोगों को पद पर नहीं रखा जा सकता. धोखाधड़ी से संबंधित कानूनी सिद्धांत सरकार ने कहा है कि सफल अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र मिल जाने के बाद भी पद पर बने रहने का पक्का अधिकार नहीं मिल जाता. परीक्षा के विज्ञापन के नियम 16(6) के अनुसार परीक्षा में सफल होना या नियुक्ति पत्र प्राप्त करना किसी अभ्यर्थी को पद पर बने रहने का पूरा अधिकार नहीं देता. हलफनामे में सरकार ने धोखाधड़ी से संबंधित कानूनी सिद्धांत का भी उल्लेख किया है. सरकार ने कहा कि अगर धोखाधड़ी साबित होती है, तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाती है, जिसका मतलब है कि गंभीर गड़बड़ी या धोखाधड़ी पाए जाने पर नियुक्तियों को रद्द किया जा सकता है. सरकार ने कहा कि प्रशासनिक सेवा राज्य की रीढ़ है. 79 याचिकाकर्ताओं के निजी हितों की तुलना में राज्य की प्रशासनिक सेवाओं की पवित्रता/ईमानदारी और लाखों ईमानदार अभ्यर्थियों के अधिकार ज्यादा महत्वपूर्ण हैं. जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर नियुक्ति रद्द इसी कानूनी आधार पर, सरकार ने उन नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला किया है जिनके खिलाफ याचिका दायर की गई है. यह हलफनामा 11वीं से 13वीं झारखंड संयुक्त प्रशासनिक सेवा परीक्षा की नियुक्तियों को रद्द करने के खिलाफ दायर याचिका के जवाब में दिया गया है. सरकार ने याचिकाकर्ताओं के दावों को खारिज करते हुए जांच में सामने आए तथ्यों को आधार बनाया है. 28 गिरफ्तार, 265 सफल अभ्यर्थियों को नोटिस जेएसएससी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की सीआईडी जांच जारी है. सीआईडी ने अब तक 28 संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं परीक्षा में सफल 265 अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा रही है. यह गिरफ्तारियां और नोटिस दिखाते हैं कि परीक्षा में कितनी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी, और यह भी बताते हैं कि जांच कितनी गहराई से चल रही है. जांच में परीक्षा संचालन करने वाली कंपनी आईसीएन के संचालक से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं. सीआईडी के अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों को कोलकाता, बिहार और नेपाल ले जाकर उत्तर रटवाये गए थे. ऐसे 28 अभ्यर्थियों में से 10 का चयन हुआ है. अब चयनित अभ्यर्थियों की भूमिका और परीक्षा प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी की जांच की जा रही है. सरकार का तर्क सरकार ने हाईकोर्ट में कहा है कि परीक्षा में सफल होना या नियुक्ति पत्र मिलना अपने आप में पद पर बने रहने का पक्का अधिकार नहीं देता. यदि पूरी परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी या धोखाधड़ी साबित होती है, तो ऐसी प्रक्रिया के आधार पर हुई नियुक्तियों को बनाए रखना संभव नहीं है.