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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- भिलाला समाज ने जगाई सामाजिक चेतना

जनजातियों का समग्र कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार में भिलाला समाज समागम में की सहभागिता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जनजातीय वर्ग का समग्र कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारी कोशिश है कि जनजातीय वर्ग का कोई भी व्यक्ति शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि भिलाला समाज एक साहसी और संस्कारित समाज है, जिसने मां नर्मदा के आशीर्वाद से नशामुक्ति और मृत्युभोज जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नशा नाश की जड़ है, जो कई पीढ़ियों को बर्बाद कर देता है। समाज की कुरीतियों को खत्म करने का प्रयास एक सामाजिक क्रांति का संकेत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को धार के किला मैदान में जय ओमकार आदिवासी भिलाला समाज संगठन द्वारा आयोजित 12वें प्रांतीय वार्षिक सामाजिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम शुभारंभ किया। सम्मेलन के तहत भिलाला समाज द्वारा युवक-युवती वैवाहिक परिचय सम्मेलन, रोजगार पंजीयन शिविर, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, नशामुक्ति जागरूकता शिविर, कैरियर मार्गदर्शन शिविर सहित सामाजिक कुरीतियों के निवारण के लिए जागरुकता शिविर भी आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीथमपुर थाना (बगदून) के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी किया। जनजातीय नायकों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने धार जिले की भिलाला समाज की जुझारू महिला नेत्री को केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान देकर समाज का गौरव बढ़ाया है। राज्य सरकार ने अलीराजपुर का नाम परिवर्तन कर आलीराजपुर कर दिया है। क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना और महाराजा शंकर शाह व कुंवर रघुनाथ शाह की जयंती को भव्य रूप से मनाकर हमारी सरकार ने जनजातीय नायकों और परम्पराओं को सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज का राष्ट्ररक्षा और स्वतंत्रता संग्राम में अतुलनीय योगदान रहा है। भगोरिया के उल्लास को हमने राज्यस्तरीय पर्व का दर्जा देकर जनजातीय लोक परंपराओं को सम्मानित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक समाज को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्योग के क्षेत्र में तेज़ी से विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम सब भारत माता के लाल हैं, ऐसे में भेदभाव का कोई स्थान नहीं है। राज्य सरकार ने समाज के वंचित वर्ग को आरक्षण का लाभ दिया है। हमारी सरकार ने सबको विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भिलाला समुदाय की सामाजिक एकता और आत्मनिर्भरता आज समाज के दूसरे वर्गों को विकास की दिशा में नई प्रेरणा दे रही है। समाज की विभिन्न मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भिलाला समाज को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए हम कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे। मांगों की पूर्ति के लिए जितना अधिक हो सकेगा वो बेहतर से बेहतर तरीके से करेंगे। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें युवाओं, किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि आज ही प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के माध्यम से देशभर के किसानों को बड़ी सौगात मिली है। धार लोकसभा सांसद श्री गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम के बाद जनजातीय वर्ग के भाइयों-बहनों की जमीन सुरक्षित हुई है, जिससे समाज को बड़ी राहत मिली है। भिलाला समाज ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए सरकार के प्रति आभार जताया है। उन्होंने बताया कि खरगोन और बड़वानी जिले में भिलाला समाज के सामुदायिक भवनों का निर्माण राज्य सरकार की आर्थिक सहायता से किया जा रहा है। कार्यक्रम में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, श्री देवेंद्र पटेल, पूर्व सांसद श्री छतर सिंह दरबार, समाज के सभी विधायक एवं अन्य निर्वाचित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे। कार्यक्रम के आरंभ में जय ओमकार आदिवासी भिलाला समाज संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष श्री बीएस जामोद ने सम्मेलन की रूपरेखा और भावी गतिविधियों पर प्रकाश डाला।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजीपुर में प्रबुद्धजन संवाद संगम कार्यक्रम में की शिरकत

उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने का दोहराया संकल्प, कहा- हर हाथ को काम, हर सर को छत, हर खेत में पानी हमारा संकल्प हर चेहरे पर खुशहाली और हर बेटी व व्यापारी को सुरक्षा सुनिश्चित करने का सरकार का है लक्ष्य : योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को भारत की अर्थव्यवस्था में अग्रणी फोर्स बनाने का उद्देश्य : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने भारत की सनातन परंपरा और धार्मिक सहिष्णुता को बताया वैश्विक दृष्टिकोण छात्रों और शिक्षकों को अनुशासन और गुरु के प्रति श्रद्धा बनाए रखने का किया आग्रह सीएम योगी ने विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के लिए सुझाव भेजने का दिया आमंत्रण गाजीपुर में भुड़कुड़ा सिद्ध पीठ में रामाश्रय दास जी महाराज की प्रतिमा का सीएम योगी ने किया अनावरण गाजीपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को भुड़कुड़ा सिद्ध पीठ में आयोजित ‘प्रबुद्धजन संवाद संगम’ कार्यक्रम में कहा कि भारत की सनातन धर्म की परंपरा ने कभी भी उपासना विधि में कट्टरता नहीं दिखाई, और दुनिया आज तक धर्म और पंथ के अंतर को नहीं समझ पाई है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बाबा साहेब के संविधान में धर्मनिरपेक्ष शब्द चोरी-छिपे डाला गया। मुख्यमंत्री ने अपने संकल्प को स्पष्ट करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को एक विकसित राज्य बनाया जाएगा, जहां हर हाथ को काम, हर सर को छत, हर खेत में पानी, हर चेहरे पर खुशहाली और हर बेटी व व्यापारी को सुरक्षा मिले। इस विकास के माध्यम से उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था का अग्रणी फोर्स बनकर नेतृत्व करेगा। पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं रामाश्रय दास जी महाराज जनपद में आयोजित ‘प्रबुद्धजन संवाद संगम’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भुड़कुड़ा सिद्ध पीठ में पूज्य संत रामाश्रय दास जी महाराज की भव्य और दिव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने पीठाधीश्वर पूज्य संत श्री शत्रुघ्न दास जी महाराज, महाविद्यालय परिवार और क्षेत्रवासियों के साथ संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भुड़कुड़ा सिद्ध पीठ भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, विशेषकर सतनामी संप्रदाय, से जुड़ा हुआ है। उन्होंने संत रामाश्रय दास जी महाराज की शिक्षाओं और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि महाविद्यालय परिसर में उनकी मूर्ति स्थापित करना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा। जाति पाति पूछे ना कोई, हरि को भजे सो हरि का होई उन्होंने भारत की सनातन परंपरा, धार्मिक सहिष्णुता और आध्यात्मिक ज्ञान को वैश्विक संदर्भ में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हमने कभी नहीं कहा कि जो मंदिर जाएगा वही हिंदू है और जो नहीं जाएगा वह नहीं। हमारी परंपरा सबको गले लगाती है। उन्होंने संत रामानंद के विचारों को भी उद्धृत किया- ''जाति पाति पूछे ना कोई, हरि को भजे सो हरि का होई।" मुख्यमंत्री ने गाजीपुर की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए महर्षि विश्वामित्र और भगवान राम के संबंध को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इसी परंपरा और ज्ञान के आधार पर गाजीपुर में महर्षि विश्वामित्र राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई। ज्ञान के साथ पारंपरिक आध्यात्मिक ज्ञान को जोड़ना आवश्यक योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और छात्रों से आग्रह किया कि वे अनुशासन, गुरु और संतों के प्रति श्रद्धा बनाए रखते हुए शिक्षा और विकास की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि आधुनिक ज्ञान के साथ पारंपरिक आध्यात्मिक ज्ञान को जोड़ना आवश्यक है, ताकि समाज और राष्ट्र का कल्याण हो। मुख्यमंत्री ने विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के लक्ष्य को भी दोहराया और सभी संस्थाओं से सुझाव देने का आह्वान किया, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, स्किल डेवलपमेंट, पर्यटन और निवेश जैसे क्षेत्रों में प्रदेश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने महाविद्यालय और पीठ के सभी विद्यार्थियों, आचार्यों, भक्तों और अनुयायियों को दीपावली की मंगलमय शुभकामनाएं दीं और पूज्य संत रामाश्रय दास जी महाराज की प्रतिमा स्थापना का महत्व समझाया। इस अवसर पर पूज्य संत श्री शत्रुघ्न दास जी महाराज, प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, राज्यसभा सांसद संगीता बिंद बलवंत, सपना सिंह, विशाल सिंह चंचल, विधायक जखनिया बेदी राम, बीजेपी के पदाधिकारीगण सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

खाद का अवैध परिवहन करने पर थाना नौगांव में 2 लोगों पर एफआईआर

डीएपी खाद की 36 बंद एवं 2 खुली बोरियां जप्त, कीमत लगभग 50 हजार रुपए पिकअप वाहन जब्त, कीमत लगभग 5 लाख रुपए   छतरपुर  छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में जिले में खाद का अवैध भंडारण एवं परिवहन करने वालों पर कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में डीडीए डॉ. रवीश कुमार सिंह द्वारा अवैध खाद विक्रेताओं एवं खाद का अवैध परिवहन करने वालों पर मामला दर्ज कराया जा रहा है। शनिवार को जिले के थाना नौगांव में रामेश्वर साहू पिता भगवान दास साहू सटई रोड़ छतरपुर एवं अनिल साहू पिता परशु साहू ग्राम पठादा थाना ईशानगर के विरूद्व आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7 के तहत मामला पंजीबद्व कराया गया है। और भारतीय जन उर्वरक परियोजना कंपनी की भारत डीएपी की 36 बोरियां बंद और 2 बोरियां खुली कीमत लगभग 50 हजार की जप्त की गई और खाद के अवैध परिवहन में लगी पिकअप एमपी 16 जेडजे 7114 को जप्त किया गया है। जिसकी कीमत लगभग 5 लाख रुपए आंकी गई है। आरोपीगण रामेश्वर साहू और अनिल साहू का जुर्म जमानती होने से दोनो को धारा 35 (3) बीएनएसएस का नोटिस तामील करा कर मौके से रूकसत किया गया ।  जानकारी के अनुसार नौगांव पुलिस को कस्बा भ्रमण के दौरान रात को मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी कि कुछ लोग छतरपुर झांसी हाइवे पर छतरपुर तरफ से एक सफेद रंग की महिन्द्रा पिकअप गांडी क्रमांक एमपी 16 जेडजे 7114 से अबैध खाद लेकर बेचने के लिए जा रहें है। इस सूचना पर झांसी छतरपुर हाइवे पर पुलिस रवाना हुआ और पहुंच कर देखा तो हाइवे में मंजिल होटल के पास उक्त गाड़ी आती हुई दिखाई दी। जिसे चैक करने के उददेश्य से रोका गया महिन्द्रा गाड़ी में उक्त दोनो लोग बैठे थे जिनसे पुछताछ की गई और गाड़ी चैक की गई तो 36 बोरी डीएपी की बंद व 2 बोरी खुली पाई गई। डाईवर रामेश्वर साहू और दूसरे व्यक्ति अनिल साहू से खाद के कागजात मांगे गए, लेकिन उनके पास कोई कागजात नही थे। जिस पर आरोपीगणों के विरूद्व मामला दर्ज कर पिकअप सहित खाद जप्त की गई और मामले की विवेचना की जा रही है।

मिशन के तहत छत्तीसगढ़ के जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा जिला के चयन पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का माना आभार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के लिए 41 हजार करोड़ रूपए से अधिक की दो नई योजनाओं का किया शुभारंभ मिशन के तहत छत्तीसगढ़ के जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा जिला के चयन पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का माना आभार  मुख्यमंत्री ने किसानों को नई योजनाओं के लिए दी बधाई और शुभकामनाएं मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा : प्रदेश में खेती-किसानी की तस्वीर बदलेगी और आर्थिक सम्पन्नता आएगी पीएम धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से विकसित भारत का सपना होगा साकार     रायपुर, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित मुख्य समारोह से देश के किसानों को 41 हजार करोड़ रूपए से अधिक की कृषि परियोजनाओं का उपहार दिया। उन्होंने इस मौके पर दो नई योजनाएं- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ किया। इनमें प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए 30 हजार करोड़ रूपए और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 11 हजार करोड़ रूपए शामिल है। इसके अलावा श्री मोदी कृषि और संरचना कोष, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की 1100 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषक सभागार से हजारों किसानों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा ऑनलाईन जुड़कर इस अभियान के शुभारंभ के साक्षी बने। इस मौके पर केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, पशुपालन, मत्स्यपालन एवं डेयरी विकास मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, सांसद और विधायक भी वर्चुअली रूप से जुड़े थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत रत्न जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती के दिन आज देश कृषि आत्मनिर्भरता का नया इतिहास रच रहा है। आज से प्रारंभ हुई दोनों योजनाएं देश के अन्नदाताओं को सशक्त बनाने और कृषि आत्मनिर्भरता के नए युग की शुरुआत है। खेती को लाभकारी और आधुनिक बनाने की दिशा में यह पहल मील का पत्थर सिद्ध होंगी। उन्होंने बताया कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में भारत का कृषि निर्यात बढ़ा है, शहद उत्पादन, पशुपालन, मत्स्यपालन सहित सहायक कृषि गतिविधियों में बढ़ोत्तरी हुई है।              प्रधानमंत्री ने बताया कि विकास के पैरामीटर में पिछड़ रहे जिलों के लिए  केंद्रित आकांक्षी जिला योजना के माध्यम से सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से सुधार का काम हुआ है। ठीक उसी तरह प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत खेती किसानी में पिछड़े देश के 100 जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 36 नई योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा किसानों की भागीदारी से खेती की तस्वीर बदलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।            प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों और आने वाली पीढ़ी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से दलहन आत्मनिर्भरता मिशन शुरू किया गया है। यह मिशन न केवल कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम है, बल्कि देश में पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी प्रयास है। शारीरिक और मानसिक विकास के लिए प्रोटीन अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए हमें मिलकर दलहन उत्पादन की सशक्त व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत अपनी दलहन आवश्यकताओं को पूर्ण रूप से पूरा नहीं कर पा रहा है। दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से दाल उत्पादन में वृद्धि होगी और लगभग दो करोड़ दाल उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बड़ी ख़ुशी की बात है कि किसान हित में दो नई योजनाओं में छत्तीसगढ़ के तीन जिलों जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा को भी शामिल किया गया है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से विशेष रूप से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  और केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने इन दो नई योजनाओं के लिए प्रदेश के किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन योजनाओं से खेती-किसानी की तस्वीर बदलेगी और आर्थिक सम्पन्नता भी आएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने योजनाओं के शुभारंभ के अवसर पर कृषि विभाग द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और कृषि अभियांत्रिकी सब मिशन योजना के तहत किसानों को टैªक्टरों, कृषि उपकरणों की चाबी भी सौपी और अनुदान राशि का चेक प्रदान किया।   मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का बोलबाला है। जीएसटी में बड़ा रिफॉर्म हुआ है। जीएसटी रिफॉर्म के बाद एक दिन मैं एक ट्रैक्टर शो रूम में गया, यहां आकर मुझे पता चला कि एक ट्रैक्टर के पीछे 40,000 से 60,000 तक की राशि बचत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टॉल देखने के दौरान यहां मुझे एक किसान भाई मिले जिन्होंने हार्वेस्टर खरीदा, उन्हें एक लाख रुपए से भी अधिक की भी बचत का फ़ायदा मिला। यह देखकर बड़ी ख़ुशी होती है कि हमारे किसान भाइयों को इतना फायदा मिल रहा है। श्री साय ने बताया कि सरकार छत्तीसगढ़ में किसानों के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। किसानों से किया हर वादा हमने पूरा कर दिया है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान की खरीदी, दो साल का बकाया बोनस भुगतान किया। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने किसानों को प्राथमिकता में लेते हुए राज्य में 1500 से अधिक सिंचाई योजनाओं को दुरुस्त करने के लिए एकमुश्त 2800 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कृषि योजनाओं के मजबूतीकरण के लिए कई अहम कार्य हुए। किसान क्रेडिट कार्ड इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ज्यादातर सीमांत किसान हैं, उन्हें सरकार की कृषि हितैषी योजनाओं का बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए सतत प्रयासरत है और यह योजना उसी दिशा में एक ठोस पहल है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चंद्राकर, मछुआ … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- मध्यप्रदेश में टूरिज्म को मिलेगी नई उड़ान

निवेशकों और फिल्मी हस्तियों के साथ मंथन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से शनिवार को मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट के अवसर पर पर्यटन क्षेत्र के निवेशकों, प्रमुख फिल्म निर्माताओं और प्रसिद्ध अभिनेताओं के साथ कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस वन-टू-वन चर्चा का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में पर्यटन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और मध्यप्रदेश को एक प्रमुख फिल्म-शूटिंग गंतव्य के रूप में बढ़ावा देना है। इस उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग के विभिन्न दिग्गजों के साथ प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से फिल्म जगत से प्रसिद्ध फिल्म निर्माता सुश्री एकता कपूर, जाने-माने अभिनेता श्री गजराज राव और श्री रघुवीर यादव ने भेंट की। स्पेनिश फिल्म कमीशन से सुश्री लारा मोलिना एवं फिल्म निर्माता श्रीमती अन्ना सौरा ने भी चर्चा में भाग लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि सरकार राज्य को पर्यटन और फिल्म निर्माण के लिए देश का सबसे आकर्षक केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मध्य प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण एवं विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर भी उपस्थित थीं। होटल और हॉस्पिटैलिटी उद्योग के कई बड़े नामों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इनमें इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) के ईवीपी श्री परवीन चंदर कुमार, जेट सर्व एविएशन के श्री राम ओला, एटमॉस्फियर कोर के प्रबंध निदेशक श्री सौभाग्य मोहापात्रा, पोस्ट कार्ड होटल्स के सह-संस्थापक श्री अनिरुद्ध कांडपाल, ट्रेज़र ग्रुप के प्रबंध निदेशक श्री विनायक कलानी, एमआरवीएच रिज़ॉर्ट्स प्रा. लि. के निदेशक श्री जीतेंद्र सिंह, द मालवा क्लब एंड रिज़ॉर्ट के संस्थापक श्री सुमरध्वज ब्रह्मभट्ट, सेरेनडिपिटी लेक्स एंड रिज़ॉर्ट्स प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक डॉ. सुश्रुत सुधीर बाबुलकर, और ऑर्बिट रिज़ॉर्ट्स के श्री संदीप खन्ना और श्री मनोज सिंह शामिल थे। मध्यप्रदेश में वेडिंग डेस्टिनेशन को प्रचारित और प्रसारित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ ट्रैवल वेडिंग प्लानिंग और इवेंट मैनेजमेंट क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए। इस समूह में पर्यटन फ्यूचर्स के श्री नवीन कुंडू, यात्रा डॉट कॉम के श्री राकेश कुमार राणा, इंडियन गोल्फ टूरिज्म एसोसिएशन (IGTA) के श्री राजन सहगल, प्रसिद्ध शेफ मंजीत गिल, लाफ्लोरेंस वेडिंग के श्री विक्रमजीत शर्मा, वेडिंग एंड ट्रैवल जर्नलिस्ट सुश्री श्रुति सिंह, ईएसएल इवेंट्स की सुश्री एकता सहगल लुल्ला, वेडिंग चैप्टर्स की सुश्री ईशा अग्रवाल, कर्ली टेल्स डिजिटल मीडिया प्रा. लि. के श्री समर ओम प्रकाश वर्मा, डिलिजेंस सॉल्यूशन्स प्रा. लि. के श्री अनुज मदान, ज़ू मीडिया के श्री प्रतीक गुप्ता, इंडियन एग्ज़ीबिशन इंडस्ट्री एसोसिएशन के श्री सूरज धवन और लोटस एग्ज़ीबिशन्स एंड मार्केटिंग सर्विसेज के श्री राजीव मल्होत्रा ने भेंट की।  

दीक्षांत समारोह में 37 पीएचडी, 540 स्नातक, 222 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने प्राप्त की उपाधि

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि वंचित समुदाय के उन्नति का मार्ग प्रशस्त करना भी है। उन्होंने उपाधि धारकों से कहा कि नानाजी द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय में अध्ययन करने का मौका आप सभी विद्यार्थियों को सौभाग्य के रूप में मिला है। उनके बौद्धिक विचारों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन की दिशा तय करें और सुखी तथा समृद्ध जीवन की ओर अग्रसर हों। राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री पटेल ने दीक्षांत समारोह मे नानाजी के कार्यों का स्मरण किया। राज्यपाल श्री पटेल चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के 13 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 37 छात्रों को शोध उपाधि, 35 उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पदक और 01 विद्यार्थी को नानाजी मेडल प्रदान किया। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने ग्रामोदय से राष्ट्रोदय की थीम पर आधारित विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा आयोजित ग्राम जीवन प्रदर्शिनी , गांव से गगन तक और डीआरआई की कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विश्वविद्यालय के ललित कला संकाय के विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई नानाजी देशमुख के जीवन पर केन्द्रित चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस मौके पर राज्यपाल ने राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा नव निर्मित किसान भवन के प्रथम तल का लोकार्पण किया।उनके समक्ष विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा लोक संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गये। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विद्यार्थियों से कहा है कि समृद्धि और सफलता के शिखर पर पहुंचने पर भी ये याद रखें कि आपको इस मुकाम तक पहुंचाने वाले आपके माता-पिता, शिक्षक, समाज और देश को कभी नही भूलें। उन्होंने कहा कि जैसे चित्रकूट के कण-कण में नानाजी की उदारता और उनकी संकल्प शक्ति के दर्शन होते हैं वैसे ही आपको अपने कार्यों से अपनी और विश्वविद्यालय की कीर्ति दूर-दूर तक पहुंचानी चाहिए। विकसित भारत में हमारा जीवन कैसा हो इसके लिए जो शिक्षा ग्रहण की है उसका सदुपयोग समाज और राष्ट्र के हित में करते हुए सभी का जीवन समृद्ध और सुखमय बनाये। उपाधि और पदक के साथ नानाजी के आदर्शों को भी साथ ले जाएं : श्री परमार उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने विद्यार्थियों से कहा कि उपाधि और पदक के साथ विश्वविद्यालय की नींव रखने वाले राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख के आदर्शों को साथ ले जाएं। नानाजी देशमुख ने समाज के परिवर्तन के लिए कर्मभूमि चित्रकूट मे विश्वविद्यालय की स्थापना की है। विश्वविद्यालय से दीक्षित छात्र ,छात्रा को कृषि,स्वास्थ्य, विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार करते हुए समाज की चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत करने चाहिए। वर्ष 2047 में विकसित भारत बनाने के प्रयासों में उद्योगपति, किसान, युवाओं सभी की भूमिका है। उन्होंने कहा कि दुनिया ने अनेक चुनौतियां भारत के सामने खडी की लेकिन हमारा दर्शन वसुधैव कुटुम्बकम का है। उन्होने छात्र-छात्राओं से कहा कि सत्य निष्ठा और परिश्रम से की गई पढाई हमारी अथवा हमारे परिवार की नहीं बल्कि देश की संपत्ति है। उच्च शिक्षा मंत्री ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय को देश भर में अव्वल रहने की शुभकामनायें देते हुए सरकार की ओर से निरंतर सहयोग देने का आश्वासन दिया। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास डॉ. अतुल कोठारी ने कहा कि विद्यार्थी के लिए यशस्वी और सार्थक जीवन का अर्थ है कि वह व्यवसायी जीवन में सफलता प्राप्त करे | स्वयं के परिवार का पालन करते हुए समाज मे योगदान के लिए सक्षम बनें। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन ने कहा कि भारत रत्न नानाजी देशमुख ने 75 वर्ष की आयु में चित्रकूट आकर यहां के समाज और वंचित समुदाय के साथ संवेदना के साथ जुडकर चित्रकूट को अपनी कर्मभूमि बनाया। विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो0 भरत मिश्रा ने स्वागत उद्बोधन और प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कुलगुरू ने उपाधि धारकों को दीक्षांत शपथ भी दिलाई। राज्यपाल श्री पटेल ने किये मां शारदा देवी के दर्शन राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने शनिवार को मैहर जिले के प्रवास के दौरान मां शारदा देवी के दर्शन कर पूजा अर्चना की। राज्यपाल श्री पटेल ने प्रदेश वासियों की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। इस मौके पर मैहर जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती राधा सिंह, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे ।  

RJD के दो विधायकों ने दिया इस्तीफा, बिहार चुनाव से पहले BJP को मजबूत बढ़त

पटना अगले माह होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के दो विधायकों– संगीता कुमारी और चेतन आनंद ने शुक्रवार को विधानमंडल से इस्तीफा दे दिया। दोनों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी की गयी अधिसूचना में कहा गया है कि संगीता कुमारी (मोहनिया) और चेतन आनंद (शिवहर) के इस्तीफे के बाद दोनों सीट रिक्त हो गई हैं। दोनों विधायक तत्काल प्रतिक्रिया के लिए उपलब्ध नहीं हो सके। इस वर्ष की शुरुआत में जब जनता दल यूनाइटेड (जदयू) दोबारा भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हुआ था, तब से संगीता कुमारी और चेतन आनंद विधानसभा की कार्यवाही के दौरान लगातार सत्तापक्ष की बेंचों पर बैठते नजर आ रहे थे। इसके बाद राजद ने दोनों के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की थी, जो फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव के समक्ष लंबित है। बता दें कि राज्य में दो चरणों में चुनाव होंगे, पहला चरण छह नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। इससे पहले कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री मुरारी प्रसाद गौतम और भभुआ से राजद विधायक भारत बिंद ने भी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया था।  

टोल कंपनी पर हिंसक तांडव, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर सात घायल

दौसा दौसा जिले के भांडारेज टोल प्लाजा पर शुक्रवार को घटित हुई हिंसक घटना ने प्रशासन और स्थानीय लोगों को हिला दिया। एक्सप्रेसवे टोल कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों पर स्थानीय बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से अचानक हमला कर दिया। बदमाशों ने टोलकर्मियों-अधिकारियों पर लाठी-डंडे और सरियों से हमला किया। मारपीट में टोल कंपनी के सात अधिकारी और कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने जिला अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के भांडारेज टोल पर बदमाशों ने शुक्रवार को जमकर उत्पात मचाया, जिससे टोल कम और अखाड़ा ज्यादा बनता नजर आया। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची तब तक बदमाश फरार हो गए। पुलिस ने अलग-अलग टीमें बनाकर हमलावरों की तलाश में जुट गई है। सदर थाना पुलिस के अनुसार यह हमला टोल कंपनी में बदलाव के बाद पुरानी कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों को टोल पर काम पे लगाने का विवाद का परिणाम माना जा रहा है। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने घायल कर्मचारियों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा। घायल कर्मचारियों में कंपनी के प्रबंधक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई है। पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू की घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मौका मुआयना कर बदमाशों की तलाश में टीमें रवाना कर स्थिति पर नियंत्रण पाया। पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज की और अलग-अलग टीमों का गठन कर हमलावरों की खोज शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि हमलावरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों के बयान लिए गए हैं। इस मामले ने एक्सप्रेसवे और टोल संचालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि टोल प्लाजा पर सुरक्षा के कोई माकूम इंतजाम नहीं हैं। पुलिस टोल पर सुरक्षा के लिए गशत कर निगरानी रखे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लग सके। भय के साये में टोलकर्मी और अधिकारी अचानक हुए हमले के बाद टोल पर अफरातफरी मच गईं टोल कर्मियों व अधिकारियों ने इधर उधर दुबककर जान बचाई। घटना के बाद टोल पर भय का माहौल बना हुआ है। टोलकर्मी और अधिकारी इतने भयभीत हैं कि अनहोनी की आशंका के चलते कोई भी कुछ कहने को बोलने को तैयार नहीं है। टोल प्लाजा पर सुरक्षा बढ़ाई गई स्थानीय लोग भी इस घटना से चिंतित हैं। उनका कहना है कि यह घटना टोल प्लाजा पर आम जनता और कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरे में डालती है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही हमलावरों को पकड़ लिया जाएगा। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। घायल कर्मचारियों का इलाज चल रहा है और घटनास्थल पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने कहा कि एक्सप्रेसवे पर आने वाले यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।

हाईकोर्ट का फैसला: केवल नोटों की बरामदगी से रिश्वत का आरोप सिद्ध नहीं, तहसील क्लर्क बरी

बिलासपुर हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में बिल्हा तहसील कार्यालय के तत्कालीन रीडर/क्लर्क बाबूराम पटेल को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लगे आरोपों से बरी कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि अभियोजन यह साबित करने में विफल रहा कि आरोपी ने रिश्वत की मांग की थी, या उसे अवैध लाभ के रूप में स्वीकार किया था. यह फैसला जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की सिंगल बैंच ने सुनाया. 5000 की रिश्वत मांगने का आरोप दरअसल, लोकायुक्त कार्यालय, बिलासपुर में 20 फरवरी 2002 को शिकायतकर्ता मथुरा प्रसाद यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी बाबूराम पटेल ने उसके पिता की जमीन का खाता अलग करने के नाम पर 5000 रिश्वत की मांग की थी, जो बाद में 2000 में तय हुई. शिकायत के आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप की कार्रवाई की. शिकायतकर्ता को 15 नोट 100 के दिए गए, जिन पर फिनाल्फ्थेलीन पाउडर लगाया गया था. आरोप था कि आरोपी ने 1500 रिश्वत ली, जिसे मौके पर पकड़ लिया गया. जांच के बाद उसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 13(1)(डी) सहपठित 13(2) के तहत दोषी ठहराया गया था. प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश, बिलासपुर ने 30 अक्टूबर 2004 को उसे एक-एक वर्ष की कठोर कारावास और 500-500 के जुर्माने की सजा सुनाई थी. आरोपी बाबूराम पटेल ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी. अपीलकर्ता की ओर से अधिवक्ता विवेक शर्मा ने तर्क दिया कि आरोपी के खिलाफ झूठा प्रकरण रचा गया है. शिकायतकर्ता की पत्नी पूर्व सरपंच थीं और उनके खिलाफ एक जांच में आरोपी ने भाग लिया था, जिससे निजी द्वेष के चलते झूठा फंसाया गया. उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा दिया गया 1500 रिश्वत नहीं, बल्कि ग्रामवासियों से पट्टा शुल्क के रूप में वसूला गया बकाया राशि था, जिसे जमा कराने के लिए आरोपी ने कहा था. इसके अलावा, कुल 3180 की जब्ती राशि में से 1500 रिश्वत के रूप में चिन्हित करना भी संदिग्ध था. राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि अभियोजन के साक्ष्य पर्याप्त हैं और आरोपित ने अवैध रूप से 1500 रुपए लिए. केवल नोट मिलने से आरोपी सिद्ध नहीं होता : बिलासपुर हाईकोर्ट कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णय बी. जयाराज वर्सेज स्टेट आफ आंध्र प्रदेश (2014) और सौंदर्या राजन वर्सेज स्टेट (2023) का हवाला देते हुए कहा कि केवल नोटों की बरामदगी से रिश्वत का अपराध सिद्ध नहीं होता, जब तक मांग और स्वीकार का ठोस प्रमाण न हो. न्यायालय ने पाया कि, शिकायतकर्ता ने खुद कहा कि उसे यह स्पष्ट नहीं था कि 1500 रिश्वत थी या पट्टा शुल्क की राशि. उसने स्वीकार किया कि शिकायत लोकायुक्त एसपी के निर्देश पर लिखी गई थी और वह पूरी तरह नहीं पढ़ी गई थी. रिकार्ड किए गए वार्तालाप में भी आरोपी की आवाज स्पष्ट नहीं थी. ट्रैप टीम के तीन सदस्यों ने पैसे की बरामदगी के स्थान को लेकर विरोधाभासी बयान दिए, किसी ने दायें पाकेट, किसी ने बायें, तो किसी ने पीछे की जेब बताई. इन तथ्यों से कोर्ट ने कहा कि मांग, स्वीकारोक्ति और बरामदगी तीनों संदिग्ध और असंगत हैं. इसलिए, संदेह का लाभ आरोपी को दिया जाना चाहिए. कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कोर्ट ने कहा कि, अभियोजन अपना मामला संदेह से परे सिद्ध नहीं कर सका. ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों का उचित मूल्यांकन नहीं किया. अतः दोषसिद्धि टिकाऊ नहीं है. इस आधार पर हाई कोर्ट ने 30 अक्टूबर 2004 का निर्णय रद्द करते हुए बाबूराम पटेल को सभी आरोपों से बरी कर दिया.

उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त और विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष और एमएलसी डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल का अखिलेश यादव पर करारा प्रहार

  बोलेः अखिलेश ने मान्यवर कांशीराम और बाबा साहब का किया अपमान, जेपीएनआईसी में जमकर लूटा जनता का पैसा योगी सरकार ने किया स्मारकों का संरक्षण, सपा राज में अंधकार में डूबा था आंबेडकर स्मारकः डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल लखनऊ, उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि सपा शासनकाल (2012–2017) दलितों के अपमान, भ्रष्टाचार और परिवारवाद का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि जिस समय पूरे देश में मान्यवर कांशीराम जी के नाम से बने संस्थानों को सम्मान दिया जा रहा था, उसी समय अखिलेश यादव ने उनके नाम को मिटाने का काम किया। डॉ. निर्मल ने कहा कि लखनऊ का उर्दू-अरबी-फारसी विश्वविद्यालय, जो मान्यवर कांशीराम जी के नाम से था, उससे नाम हटाया गया। यही नहीं, कांशीराम जी के नाम से चलने वाली सभी सरकारी योजनाओं के नाम भी बदल दिए गए। यह कृत्य दलितों के सम्मान पर गहरी चोट थी। उन्होंने कहा कि बहन मायावती जी की रैली ने समाजवादी पार्टी के असली चरित्र का पर्दाफाश कर दिया है जो दलित विरोधी और महापुरुषों के प्रति अपमानजनक रवैया रखने वाली पार्टी है। अखिलेश के राज में कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार का प्रतीक बना जेपीएनआईसी सपा सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के प्रतीक बने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस परियोजना की शुरुआत ₹200 करोड़ की लागत से हुई थी, लेकिन 2017 तक इसकी लागत बढ़कर ₹867 करोड़ हो गई और फिर भी परियोजना अधूरी रही। ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत से यह केंद्र “कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार का अड्डा” बन गया। उन्होंने बताया कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने आते ही जेपीएनआईसी समिति को भंग कर यह परियोजना एलडीए के सुपुर्द की, ताकि इसे पारदर्शी तरीके से पूरा किया जा सके। सरकार ने ₹882.74 करोड़ की धनराशि ऋण के रूप में स्थानांतरित कर दी है, जिसे 30 वर्षों में लौटाया जाएगा। अब इस परियोजना के अंतर्गत आधुनिक ऑडिटोरियम, कन्वेंशन सेंटर, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मल्टीपरपज कोर्ट और मल्टीलेवल पार्किंग (750 वाहनों की क्षमता) का निर्माण कराया जा रहा है। इसे अब इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान की तर्ज पर लर्निंग सेंटर के रूप में जनता के लिए खोला जाएगा, न कि अखिलेश यादव के शासनकाल में लूट के केंद्र के रूप में। अखिलेश ने दलितों का किया उत्पीड़न डॉ. निर्मल ने कहा कि अखिलेश यादव जिस कांग्रेस के साथ आज गलबहियां कर रहे हैं, उसी कांग्रेस ने देश में बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का अपमान किया था। यह वही कांग्रेस है जिसने बाबा साहब को भारत रत्न देने में देरी की, उनके नाम पर कोई प्रतिमा नहीं लगवाई और प्रमोशन में आरक्षण के बिल को संसद में फाड़ दिया। उन्होंने कहा कि अब अखिलेश यादव संविधान की किताब लेकर घूम रहे हैं ताकि अपने पापों को छुपा सकें, लेकिन जनता सब जान चुकी है। उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी ने न सिर्फ दलितों के आरक्षण का विरोध किया, बल्कि लाखों दलित कर्मचारियों का रिवर्जन कर दिया, उनकी जमीनों पर अवैध कब्जे कराए और उत्पीड़न किया। 2012 से 2017 के बीच डॉ. आंबेडकर स्मारक में रातभर अंधेरा रहता था, लाइटें बंद थीं, पत्थर टूटे पड़े थे, पीतल की पट्टिकाएं उखाड़ी गई थीं। सपा ने स्मारकों को नष्ट करने का काम किया। इसके विपरीत, योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ी ईमानदारी से बाबा साहब आंबेडकर की धरोहरों का संरक्षण और सौंदर्यीकरण किया। उन्होंने कहा कि डॉ.बाबा साहब आंबेडकर हमारी आस्था के केंद्र हैं। भारतीय जनता पार्टी ने न केवल उनके विचारों को सहेजा, बल्कि उनके सभी पांच तीर्थ स्थलों का विकास किया, दलितों को आर्थिक सशक्तिकरण दिया, संसद और विधान परिषद में प्रतिनिधित्व बढ़ाया। यही सच्चा सामाजिक न्याय है।” दलित समाज को भ्रमित नहीं कर पाएंगे सपा और कांग्रेस डॉ. निर्मल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश की एकमात्र ऐसी पार्टी है जहां परिवारवाद की कोई जगह नहीं, अध्यक्ष और नेताओं का चयन लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होता है। जबकि कांग्रेस, सपा और बसपा जैसी पार्टियां परिवारवाद को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि जो कहते हैं कि बसपा को योगी आदित्यनाथ की जरूरत है, उन्हें यह समझना चाहिए कि योगी जी ने जिस ईमानदारी और पारदर्शिता से बाबा साहब के स्मारकों को सम्मान दिया है वह किसी अन्य सरकार ने कभी नहीं किया। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश का दलित समाज जाग चुका है। उत्तर प्रदेश की जनता जान चुकी है कि कौन दलितों के अधिकारों की रक्षा करता है और कौन उन्हें भ्रमित करता है। 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी का वही हश्र होगा जो कांग्रेस का हुआ, जनता उसे पूरी तरह खारिज कर देगी। जेपी के नाम पर फाइव स्टार प्रोजेक्ट समाजवाद नहीं, अमीरों की मौज-मस्ती थीः असीम अरुण योगी सरकार में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी कहने वाले अखिलेश यादव ने जयप्रकाश नारायण जी के नाम पर जो परियोजना बनाई थी, वह समाजवाद नहीं बल्कि विलासिता और दिखावे का प्रतीक थी। मंत्री ने कहा कि जयप्रकाश नारायण जी ने हमेशा सादगी और गरीबों के कल्याण का संदेश दिया, जबकि अखिलेश सरकार ने उनके नाम पर फाइव स्टार सुविधाओं वाला प्रोजेक्ट खड़ा करने की योजना बनाई थी। असीम अरुण ने कहा कि यह बड़े अचरज की बात है जयप्रकाश नारायण जी के नाम पर लखनऊ में एक फाइव स्टार व्यवस्था बनाई जा रही थी। अखिलेश यादव जी द्वारा इस फाइव स्टार व्यवस्था में बिल्डिंग के ऊपर एक हेलीकॉप्टर उतरने की जगह बनाई गई थी। ऊंचे तल पर स्विमिंग पूल बनाया गया था। फाइव स्टार कमरे बनाए गए। इसको समाजवादी उद्देश्य की पूर्ति के लिए कहा जाए तो इससे ज्यादा हंसी की बात और क्या होगी। साथ ही साथ भ्रष्टाचार का इसमें जो आलम रहा वो तो और अनूठा था। एक समिति बनाई गई जिसे पहले 200 करोड रुपए दिए गए और बाद कुल 867 करोड रुपए प्रदान कर दिए गए। फिर भी वह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया। अब इस पूरे प्रोजेक्ट की जांच चल रही है और सीएजी ने भी इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। योगी सरकार इस प्रोजेक्ट को वापस ला रही है, लेकिन ध्यान रखा जा रहा है कि यह अमीर लोगों की मौज … Read more