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सदन में हंगामा पड़ा भारी, स्पीकर ओम बिरला का अल्टीमेटम— बात करनी है तो बाहर जाएं

नई दिल्ली लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को सदन में बातचीत कर रहे कुछ सदस्यों को टोकते हुए कहा कि उन्हें यदि लंबी वार्ता करनी है तो सदन से बाहर जाकर करनी चाहिए। प्रश्नकाल के दौरान बिरला ने कहा कि वह देख रहे हैं कि कुछ सदस्य लगातार एक दूसरे से बातचीत कर रहे हैं और व्यवधान पैदा कर रहे हैं। पीटीआई भाषा के अनुसार, उन्होंने कहा, 'इस तरह का व्यवहार सदन की मर्यादा और गरिमा के विरुद्ध है। जो सदस्य लंबी बातचीत करना चाहते हैं वह लोकसभा कक्ष से बाहर जाकर बातचीत कर सकते हैं।' अध्यक्ष ने कहा कि सदन में संक्षिप्त बातचीत तो की जा सकती है, लेकिन लंबी-लंबी वार्ताओं की अनुमति नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि आगे से वह बातचीत करने वाले सदस्यों के नाम आसन से पुकारेंगे। बिरला ने कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल का नाम पुकारते हुए कहा कि वह अपने साथी सांसदों से बातचीत नहीं करें। इससे पहले प्रश्नकाल शुरू होने पर बिरला ने यह भी कहा कि अब से वह प्रयास करेंगे कि सदन में प्रश्नकाल में सूचीबद्ध सभी 20 प्रश्न पूछे जा सकें। जब कुछ सदस्यों ने पूरक प्रश्न पूछने की मांग की तो बिरला ने कहा कि इस तरह वह सभी सदस्यों को पूरक प्रश्न पूछने की अनुमति देंगे तो जिन सदस्यों के प्रश्न सूचीबद्ध हैं, उनके साथ अन्याय होगा। प्रश्नकाल के बाद बिरला ने इस बात का उल्लेख किया कि सदस्यों को आर्थिक समीक्षा की डिजिटल प्रति उनके व्हाट्एसप पर भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से कई परिवर्तन किए गए हैं जो आने वाले समय में नजर आएंगे। जेब में हाथ डालकर बात करने पर भी भड़के बिरला ने जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके को जेब में हाथ डालकर बोलने पर टोका को सांसद कांग्रेस सांसद के सी वेणुगोपाल को साथी सांसदों से बात करने से भी रोका। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान जब एक सवाल का जबाब देने के लिए जनजातीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके खड़े हुए तो वह जेब में हाथ डाले हुए थे। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि मंत्रीजी जेब में हाथ डालकर मत बोलिए। मंत्री ने इसे स्वीकार किया और जेब से हाथ निकाल कर अपना जबाब पूरा किया।  

अब केदारनाथ मंदिर में मोबाइल ले जाना पड़ेगा महंगा, नई गाइडलाइन जारी, सख्त कार्रवाई तय

रुद्रप्रयाग आगामी केदारनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन इस बार नई गाइडलाइन लाने की कवायद में जुटा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत केदारनाथ धाम के मंदिर परिसर में मोबाइल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा सकता है, वहीं नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी भारी जुर्माना लगाए जाने की संभावना है। जिला प्रशासन इस योजना को लागू करने के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर बातचीत कर रहा है। इसके साथ ही मंदिर क्षेत्र में मोबाइल जमा कराने जैसी व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है, जिसकी जिम्मेदारी मंदिर समिति को सौंपी जा सकती है। बता दें कि बीते कुछ वर्षों से केदारनाथ क्षेत्र में दर्शन के दौरान मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दर्शन भाव और श्रद्धा भाव में कमी आने को लेकर तीर्थ पुरोहितों, पंडा समाज और बीकेटीसी के बीच लगातार चर्चा होती रही है। पिछली यात्रा में भी मोबाइल फोन प्रतिबंध का मुद्दा उठा था। इसी को ध्यान में रखते हुए ऋषिकेश में हुई चारधाम से जुड़ी अहम बैठक में सभी धामों में मोबाइल बैन पर विचार किया गया। इधर, मंदिर परिसर में मोबाइल बैन को लेकर जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि केदारनाथ क्षेत्र में मोबाइल प्रतिबंध को लेकर बीकेटीसी से बातचीत चल रही है। मंदिर परिसर के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाने और मोबाइल उपयोग पर जुर्माना लगाने समेत मोबाईल फोन जमा जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।

इंडिगो विमान को मिली बम धमकी, कुवैत से दिल्ली आ रही फ्लाइट की अहमदाबाद में इमरजेंसी लैंडिंग

 अहमदाबाद बीते कुछ वक्त से विमानों को धमकी भरे संदेश लगातार मिल रहे हैं। इस बीच शुक्रवार को अब कुवैत से दिल्ली आ रहे इंडिगो के विमान को बम से उड़ाने और हाईजैक करने की धमकी दी गई, जिसके बाद सतर्कता बरतते हुए विमान की अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। हाईजैक करने और बम से उड़ाने की धमकी जानकारी के मुताबिक एक टिशू पेपर पर लिखे नोट में प्लेन को हाईजैक करने और बम से उड़ाने की धमकी दी गई। जिसके बाद सभी 180 यात्रियों और उनके सामान की अच्छी तरह से जांच की गई और हर यात्री की पहचान की पुष्टि की जा रही है। इधर, विमान की सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एसवीपीआईए) पर सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग कराई गई है। सुरक्षा एजेंसियां एक्टिव, जांच जारी धमकी भरा नोट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां फौरन सक्रिय हो गई है। फिलहाल हवाई अड्डे के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक किसी भी तरह की संदिग्ध या आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली है। एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन के अनुसार बम निरोधक दस्ते ने विमान की पूरी तरह से जांच की है। सुरक्षा जांच पूरी हो चुकी है और प्रोटोकॉल के अनुसार आगे की जांच जारी है। वहीं दिल्ली के लिए उड़ान में लगभग दो घंटे की देरी हो सकती है। 18 और 22 जनवरी को भी मिली थी धमकी आज की घटना से पहले 18 जनवरी और 22 जनवरी को भी इसी तरह की घटना सामने आई थी।  18 जनवरी (रविवार) को दिल्ली से पश्चिम बंगाल के बागडोगरा जा रही इंडिगो की फ्लाइट में बम की धमकी मिली थी। जिसको आनन-फानन में लखनऊ की ओर मोड़ा गया था। इसके बाद 22 जनवरी को दिल्ली से पुणे जा रही इंडिगो फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी मिली। विमान के टॉयलेट में हाथ से लिखा धमकी भरा नोट मिला, जिसके बाद पुणे एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।

ग्राहक की गलती नहीं तो बैंक को 10 दिन में लौटानी होगी रकम

नई दिल्ली  राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने कहा है कि खाताधारक की गलती या लापरवाही नहीं होने के बावजूद खाते से रकम निकाली गई है तो बैंक को दस दिन में रकम वापस करनी होगी। शीर्ष उपभोक्ता आयोग ने भारतीय रिजर्व बैंक के 2017 के सर्कुलर के प्रावधानों को स्पष्ट करते हुए यह फैसला दिया है। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एपी शाही, सदस्य भरत कुमार पांड्या की पीठ ने एक मामले में बेंगलूरु की महिला खाताधारक के हक मे फैसला देते हुए राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के फैसले के खिलाफ बैंक की अपील खारिज कर दी।ग्राहक की गलती नहीं तो बैंक को 10 दिन में लौटानी होगी रकम नई दिल्ली /राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने कहा है कि खाताधारक की गलती या लापरवाही नहीं होने के बावजूद खाते से रकम निकाली गई है तो बैंक को दस दिन में रकम वापस करनी होगी। शीर्ष उपभोक्ता आयोग ने भारतीय रिजर्व बैंक के 2017 के सर्कुलर के प्रावधानों को स्पष्ट करते हुए यह फैसला दिया है। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एपी शाही, सदस्य भरत कुमार पांड्या की पीठ ने एक मामले में बेंगलूरु की महिला खाताधारक के हक मे फैसला देते हुए राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के फैसले के खिलाफ बैंक की अपील खारिज कर दी।

16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए गोवा सरकार की तैयारी, सोशल मीडिया पर प्रतिबंध जल्द लागू

पणजी मोबाइल और सोशल मीडिया बच्चों की जिंदगी का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं। छोटे बच्चे भी घंटों Instagram, Facebook, YouTube और अन्य सोशल मीडिया ऐप्स पर समय बिता रहे हैं। इसी को देखते हुए अब गोवा सरकार एक बड़ा कदम उठाने की सोच रही है। गोवा सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाने पर विचार कर रही है। इस बात का संकेत खुद राज्य के मंत्री ने दिया है। उनका कहना है कि बच्चों को मोबाइल की लत, गलत कंटेंट और मानसिक दबाव से बचाना जरूरी है। सरकार का मानना है कि कम उम्र में सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल बच्चों के दिमाग और व्यवहार पर गलत असर डाल सकता है। इसी वजह से गोवा में इस तरह के नियम पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि अभी यह फैसला पूरी तरह लागू नहीं हुआ है, लेकिन इस खबर के सामने आते ही पूरे देश में चर्चा तेज हो गई है। माता-पिता, शिक्षक और सोशल मीडिया यूजर्स इस मुद्दे पर अपनी राय दे रहे हैं। गोवा सरकार सोशल मीडिया पर रोक क्यों लगाना चाहती है? गोवा सरकार का कहना है कि आजकल बच्चे बहुत कम उम्र में ही मोबाइल और सोशल मीडिया के आदी हो रहे हैं। घंटों स्क्रीन देखने से उनकी आंखों, नींद और दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर कई बार गलत वीडियो, गलत बातें और गलत लोग भी मिल जाते हैं। बच्चे आसानी से इनके प्रभाव में आ जाते हैं। साइबर बुलिंग यानी ऑनलाइन परेशान करना भी एक बड़ी समस्या बन रही है। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार सोच रही है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखा जाए। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया उठा चुका ऐसा कदम ऑस्ट्रेलिया जैसे देश ने पहले ही 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर सख्त नियम बना दिए हैं। वहां बच्चों को Instagram, Facebook और TikTok जैसे ऐप्स इस्तेमाल करने की मनाही है। सरकार का कहना है कि इससे बच्चों का बचपन सुरक्षित रहेगा और वे मोबाइल से ज्यादा किताबों, खेल और परिवार के साथ समय बिताएंगे।

यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप का बयान, पुतिन की कीव रणनीति पर मिली आशंका और रूस की चुप्पी

वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन की राजधानी कीव और अन्य शहरों पर एक हफ्ते तक हमला न करने पर सहमति जताई है. ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने खुद पुतिन से फोन पर बात कर यह अपील की थी. ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन में इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है, ऐसे में उन्होंने पुतिन से मानवीय आधार पर हमले रोकने को कहा. ट्रंप का कहना है कि पुतिन ने इस पर हामी भर दी. मैंने खुद पुतिन से कहा, उन्होंने मान लिया- ट्रंप व्हाइट हाउस में गुरुवार को हुई एक कैबिनेट मीटिंग के दौरान ट्रंप ने यह दावा किया. उन्होंने कहा कि मैंने राष्ट्रपति पुतिन से व्यक्तिगत तौर पर कहा कि एक हफ्ते तक कीव और अन्य शहरों पर हमला न करें, और उन्होंने ऐसा करने पर सहमति दी. मुझे कहना होगा, यह बहुत अच्छा था. ट्रंप ने यह भी बताया कि यह बातचीत फोन कॉल के जरिए हुई थी, लेकिन इस कॉल की जानकारी पहले सार्वजनिक नहीं की गई थी. ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि यह एक हफ्ते की रोक कब से और कब तक लागू होगी. रूस की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हालांकि ट्रंप के इस दावे पर रूस की सरकार ने अब तक कोई पुष्टि नहीं की है. मॉस्को की तरफ से यह नहीं कहा गया है कि वह कीव या अन्य यूक्रेनी शहरों पर हमले रोकने जा रहा है. खास बात यह भी है कि रूस ने यह साफ नहीं किया है कि वह यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने को तैयार है या नहीं. जेलेंस्की ने कहा सीजफायर की सीधे तौर पर पुष्टि नहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी इस कथित सीजफायर की सीधे तौर पर पुष्टि नहीं की. हालांकि उन्होंने ट्रंप के बयान को अहम बताया. जेलेंस्की ने कहा कि ट्रंप का बयान इस सर्दी के कठिन समय में कीव और अन्य यूक्रेनी शहरों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण संकेत है. यानी यूक्रेन ने बयान का स्वागत तो किया, लेकिन जमीन पर हमले रुकने की पुष्टि नहीं की. रूस ने जेलेंस्की को मॉस्को आने का न्योता दिया इसी बीच रूस ने गुरुवार को कहा कि उसने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को शांति वार्ता के लिए मॉस्को आने का इनविटेशन भेजा है. यह कदम ऐसे समय आया है जब अमेरिका की अगुवाई में युद्ध खत्म करने की कोशिशें तेज हो गई हैं. यह बयान उस वक्त आया जब क्रेमलिन ने उन खबरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि रूस और यूक्रेन ने एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमला न करने पर सहमति बना ली है. अबू धाबी में हुई थी शांति वार्ता  पिछले सप्ताह अमेरिका की मध्यस्थता में अबू धाबी में शांति वार्ता हुई थी. इन बातचीतों का मकसद करीब चार साल से चल रहे यूक्रेन युद्ध को खत्म करने का रास्ता निकालना था. हालांकि इन वार्ताओं के बाद भी रूस और यूक्रेन के रुख में बड़े मतभेद बने हुए हैं, जिस वजह से किसी ठोस समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है.

पाकिस्तान-बांग्लादेश की नई हवा यात्रा: कराची में लैंडिंग, भारत के एयर स्पेस पर सवाल

कराची  पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच 14 साल बाद एक बार फिर सीधी हवाई सेवा शुरू हो गई है. बांग्लादेश की राष्ट्रीय एयरलाइन बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस ने ढाका से कराची के लिए पहली सीधी उड़ान शुरू की. इस कदम को दोनों देशों के बीच रिश्तों में अहम सुधार के तौर पर देखा जा रहा है. पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) के अनुसार, बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस का विमान गुरुवार रात कराची के जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा. विमान के पहुंचने पर पारंपरिक वॉटर कैनन सलामी दी गई, जो किसी नई या ऐतिहासिक उड़ान के स्वागत का प्रतीक मानी जाती है. पाकिस्तान कब पहुंचा प्लेन? फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, बिमान की उड़ान BG341 ने ढाका के हजरत शाहजलाल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा से रात 8.15 बजे उड़ान भरी और करीब तीन घंटे बाद रात 11.03 बजे कराची पहुंची. यह उड़ान पूरी तरह भरी हुई थी. कराची एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में सिंध के गवर्नर कामरान टेसोरी ने कहा कि बांग्लादेश के साथ सहयोग सिर्फ विमानन तक सीमित नहीं रहेगा. उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में व्यापार, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ सकता है. क्या भारत के ऊपर से गया प्लेन? इससे पहले ढाका में आयोजित उद्घाटन समारोह में बांग्लादेश के नागरिक उड्डयन और पर्यटन सलाहकार शेख बशीरुद्दीन मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि ढाका-कराची रूट का मकसद दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाना, पर्यटन को बढ़ावा देना और लोगों के आपसी रिश्तों को मजबूत करना है. उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में उड़ानों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी और किराया कम करने की कोशिश की जाएगी, ताकि आम लोगों के लिए यात्रा सस्ती हो सके. यह फ्लाइट भारत के ऊपर से गुजरी क्योंकि यही एकमात्र सीधा रास्ता है. क्योंकि फ्लाइट बांग्लादेश की थी ऐसे में उस पर कोई रोक नहीं लगी है. क्यों बंद हुई थी फ्लाइट? ढाका में पाकिस्तान के उच्चायुक्त इमरान हैदर ने कहा कि यह कदम दोनों देशों के नेतृत्व की सोच और जनता की उम्मीदों के अनुरूप है. उन्होंने बताया कि बांग्लादेश के अंतरिम नेता मोहम्मद यूनुस और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बीच हवाई संपर्क बहाल करने को लेकर पहले भी चर्चा हो चुकी है. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अगस्त में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार की ढाका यात्रा के दौरान दोनों देशों ने सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने पर सहमति जताई थी. उसी फैसले का नतीजा अब जमीन पर दिखाई दे रहा है. गौरतलब है कि राजनीतिक कारणों से पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच सीधी हवाई सेवाएं करीब 14 साल पहले बंद कर दी गई थीं. अब इस सेवा की बहाली को दोनों देशों के रिश्तों में नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है.

जापान की राजधानी टोक्यो में शर्मनाक घटना, छेड़छाड़ के आरोप में 5 की गिरफ्तारी

टोक्यो टोक्यो मेट्रोपॉलिटन पुलिस डिपार्टमेंट ने जेआर किनशिचो स्टेशन के पास महिलाओं का पीछा करने और उन्हें परेशान करने के आरोप में एक पाकिस्तानी नागरिक सलीम मलिक सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. यह ग्रुप स्टेशन के पास से गुजरने वाली महिलाओं को 3,000 येन (लगभग 23 डॉलर) प्रति घंटे की दर से कई तरह की 'सेवाओं' की पेशकश कर रहा था और उनके साथ अश्लील भाषा का इस्तेमाल कर रहा था.  जांच के मुताबिक, अकेले इस स्टेशन से पिछले एक साल में छेड़छाड़ और जबरन बुलाने की 200 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई थीं. पुलिस ने बताया कि ये लोग बार-बार महिलाओं के पास जाकर उन्हें लुभाने और परेशान करने की कोशिश करते थे.  कई महिलाओं ने शिकायत की थी कि इन दलालों (Touts) द्वारा उनका पीछा किया जाता है और आक्रामक तरीके से उनसे संपर्क किया जाता है. अधिकारियों ने जनता को चेतावनी जारी करते हुए ऐसे संदिग्ध व्यक्तियों के साथ किसी भी तरह की बातचीत न करने या उनके पीछे न जाने की सलाह दी है. 200 से ज्यादा शिकायतों के बाद एक्शन टोक्यो के व्यस्त किनशिचो स्टेशन के आसपास का इलाका महिलाओं के लिए असुरक्षित होता जा रहा था. पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले साल भर में महिलाओं ने 200 से ज्यादा बार शिकायत की कि उन्हें यहां लगातार परेशान किया जा रहा है. इसी को देखते हुए पुलिस ने एक स्पेशल कैंपेन चलाया, जिसमें इस ग्रुप को महिलाओं को आपत्तिजनक प्रस्ताव देते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया. पाकिस्तानी नागरिक सहित 5 दलाल धरे गए गिरफ्तार किए गए लोगों में एक पाकिस्तानी मूल का शख्स भी शामिल है, जो अन्य लोगों के साथ मिलकर इस अवैध गतिविधि को अंजाम दे रहा था. ये लोग महिलाओं को प्रति घंटे के हिसाब से पैसे का लालच देकर 'असली सेक्स' और अन्य अश्लील सेवाओं के लिए उकसाते थे. पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी इलाके में महिलाओं को आक्रामक (जबरन बुलाने) से बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. पब्लिक सिक्योरिटी के लिए पुलिस की चेतावनी… टोक्यो पुलिस ने इस गिरफ्तारी के बाद एक सार्वजनिक सलाह जारी की है. पुलिस ने साफ कहा है कि रेलवे स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में तैनात ऐसे दलालों से दूरी बनाकर रखें. किसी भी परिस्थिति में उनके द्वारा दिए गए ऑफर्स को स्वीकार न करें और न ही उनके साथ कहीं जाएं. प्रशासन अब स्टेशन के आसपास सुरक्षा और गश्त बढ़ाने की योजना बना रहा है, जिससे ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके.

इकोनॉमिक सर्वे का संकेत: US डील पर जल्द फैसला संभव, टैरिफ को लेकर राहत की खबर

नई दिल्ली अमेरिका के साथ ट्रेड डील (Trade Deal) का आर्थिक सर्वेक्षण (Economy Survey) में जिक्र किया गया है. वैसे तो दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत चल रही है, लेकिन आर्थिक सर्वे में इस डील पर साल 2026 में मोहर लगने का अनुमान लगाया गया है.  सबसे अच्छी खबर अर्थव्यवस्था को लेकर है. आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की तीन तिमाहियों में अमेरिकी टैरिफ का असर एक्सपोर्ट और मैन्यूफैक्चरिंग पर पड़ने के बावजूद ग्रोथ की रफ्तार बनी रही. क्योंकि सरकार की ओर से लगातार टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. यानी अमेरिकी टैरिफ, कमजोर वैश्विक मांग और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद भारत की आर्थिक गति पर मामूली असर पड़ा है. जीडीपी में मजबूती के पीछे ये कारण      दरअसल, आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती को रेखांकित किया गया है. सर्वे के मुताबिक, FY26 के फर्स्ट एडवांस एस्टीमेट में भारत की GDP ग्रोथ 7.4% रही, जो मुख्य रूप से घरेलू मांग के मजबूत बने रहने का नतीजा है. आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर में विस्तार और फिस्कल अनुशासन में सुधार की वजह से भारत की ग्रोथ टिकाऊ बनी हुई है. FY26 में राजकोषीय घाटा 4.8% रह सकता है, जो कि GDP लक्ष्य के भीतर है.   आर्थिक सर्वे के मुताबिक, घरेलू मांग भारत की विकास कहानी की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है. ग्रामीण और शहरी मांग में संतुलन दिख रहा है, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में लगातार निवेश से रोजगार और आय के अवसर बढ़े हैं. सड़क, रेलवे, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में सरकार के बढ़ते खर्च ने आर्थिक गतिविधियों को गति दी है.  वैश्विक दबाव के बावजूद जोरदार प्रदर्शन  सर्वे की मानें तो वैश्विक स्तर पर डाउनसाइड रिस्क बने हुए हैं. हालांकि, यह भी कहा गया है कि मौजूदा वैश्विक हालात भारत के लिए तत्काल मैक्रो-इकोनॉमिक संकट पैदा नहीं करते. मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार, स्थिर बैंकिंग सिस्टम और नीति विश्वसनीयता भारत के लिए सुरक्षा कवच बने हुए हैं.  सरकार का निर्यात पर फोकस आर्थिक सर्वे के अनुसार, करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) पर निर्भरता के कारण रुपया कुछ हद तक अंडरवैल्यूड है. अमेरिकी टैरिफ के दौर में कमजोर रुपया इकोनॉमी के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदेह नहीं है. लेकिन मुद्रा स्थिरता के लिए मैन्युफैक्चरिंग एक्सपोर्ट बढ़ाना जरूरी होगा. खासतौर पर वैल्यू-एडेड और टेक्नोलॉजी आधारित निर्यात पर जोर देने की सिफारिश की गई है.  इसी कड़ी में पहली बार आर्थिक सर्वे में AI को लेकर एक अलग चैप्टर है, यानी नई टेक्नोलॉजी पर आने वाले दिनों में सरकार को पूरा फोकस रहने वाला है. इसके साथ सोने-चांदी की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी पर भी सरकार की नजरें हैं. कीमतों धातुओं में तेजी के पीछे ग्लोबल कारण बताए गए हैं.  आर्थिक सर्वे का मानना है कि अगर इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश, निर्यात में बढ़ावा और राजकोषीय अनुशासन इसी तरह बनाए रखे गए, तो भारत वैश्विक अस्थिरता के बीच भी तेज और संतुलित विकास की राह पर बना रह सकता है.  इस बीच आर्थिक सर्वे में राज्यों को सलाह दी गई है कि वे कैश ट्रांसफर के बजाय पूंजीगत खर्च (Capex) को प्राथमिकता दें, ताकि अर्थव्यवस्था में निजी निवेश को पीछे धकेलने यानी क्राउडिंग आउट का खतरा न बढ़े.

डिजिटल स्क्रीन का खतरा: बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर एज लिमिट जल्द लागू हो सकती है

नई दिल्ली.  भारत में सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल और बच्चों में बढ़ती डिजिटल लत को लेकर सरकार अब उम्र के आधार पर नियम बनाने पर विचार कर सकती है. देश के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने अपनी सलाह में कहा है कि बच्चों और कम उम्र के यूजर्स के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक एक्सेस सीमित करना जरूरी हो सकता है. इकोनॉमिक सर्वे में चेतावनी दी गई है कि कम उम्र के यूजर्स सोशल मीडिया के बहुत ज्यादा इस्तेमाल और हानिकारक कंटेंट के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं. ऐसे में उम्र आधारित एक्सेस लिमिट पर पॉलिसी बनाई जा सकती है. इसके साथ ही सोशल मीडिया कंपनियों को एज वेरिफिकेशन और उम्र के हिसाब से सुरक्षित डिफॉल्ट सेटिंग लागू करने की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए. सोशल मीडिया पर बच्चों की एंट्री सीमित हो सीईए ने परिवारों को भी भूमिका निभाने की बात कही है. उन्होंने स्क्रीन टाइम की सीमा तय करने, कुछ घंटों को डिवाइस-फ्री रखने और बच्चों के साथ ऑफलाइन गतिविधियों को बढ़ावा देने की सिफारिश की है. सोशल मीडिया कंपनियों के लिए बड़ा बाजार है भारत भारत इस समय सोशल मीडिया कंपनियों के लिए एक बड़ा बाजार है. देश में करीब 75 करोड़ स्मार्टफोन और लगभग 1 अरब इंटरनेट यूजर्स हैं. हालांकि, अभी सोशल मीडिया इस्तेमाल के लिए कोई एक समान मिनिमम एज लिमिट तय नहीं है. दुनिया के कई देश इस दिशा में कदम उठा चुके हैं. ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाई है. फ्रांस 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बैन की तैयारी में है, जबकि ब्रिटेन, डेनमार्क और ग्रीस भी इस मुद्दे पर विचार कर रहे हैं. इकोनॉमिक सर्वे में बच्चों की डिजिटल लत पर चिंता इकोनॉमिक सर्वे में यह भी बताया गया कि स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले युवाओं में आधे से ज्यादा डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल पढ़ाई के लिए करते हैं, जबकि करीब 75 फीसदी सोशल मीडिया के लिए. रिपोर्ट के मुताबिक डिजिटल लत पढ़ाई, कामकाज की प्रोडक्टिविटी, नींद और एकाग्रता पर निगेटिव असर डालती है. CEA की सिफारिशें सरकार पर बाध्यकारी नहीं हालांकि मुख्य आर्थिक सलाहकार की सिफारिशें सरकार पर बाध्यकारी नहीं होतीं, लेकिन आमतौर पर पॉलिसी मेकिंग में इन्हें गंभीरता से लिया जाता है, इस बीच गोवा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने भी बच्चों के स्क्रीन टाइम और सोशल मीडिया रेगुलेशन पर स्टडी शुरू कर दिया है.