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भारत की नई रक्षा डील ने पाकिस्तान में मचाया हड़कंप, राफेल-सुखोई-तेजस से अलग हथियार

30,000 करोड़ की बड़ी डील: राफेल-सुखोई-तेजस नहीं, भारत खरीद रहा नया बवाल, पाकिस्तान हुआ दहला भारत की नई रक्षा डील ने पाकिस्तान में मचाया हड़कंप, राफेल-सुखोई-तेजस से अलग हथियार 30,000 करोड़ की डील में भारत का नया हथियार, पाकिस्तान में डर और चिंता बढ़ी नईदिल्ली  30,000 Crore Drone Deal: ऑपरेशन सिंदूर के बाद सरकार देश की सेनाओं को रॉकेट की रफ्तार से मॉर्डर बनाने में जुटी है. इस कारण करीब-करीब हर हफ्ते हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी जा रही है. मोटे तौर पर देखें तो देश में एयर फोर्स के पास फाइटर जेट की कमी ही सबसे बड़ी समस्या दिखती है. इस समय एयरफोर्स के पास केवल 31 स्क्वाड्रन बचे हैं जबकि जरूरत कम से कम 42 स्क्वाड्रन की है. इस कमी को पूरा करने के लिए कई मोर्चे पर काम चल रहा है. लेकिन, इस बीच भारत ने आसमान में अपनी बादशाहत कायम रखने के लिए अन्य कई सौदों को अंतिम रूप दिया है. दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के बाद जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. इस ऑपरेशन में उसको ऐसी मार पड़ी है जिसकी उसने सपने में भी कल्पना नहीं की होगी. ऐसे में माना जा रहा है कि वह इस चोट का बदला लेने के लिए चीन के साथ मिलकर भारत के खिलाफ कभी भी कोई बड़ी साजिश रच सकता है. इस तरह भारत अपनी सुरक्षा तैयारियों में तनिक भी चूक या कमी बर्दाश्त नहीं कर सकता है. एयरफोर्स के फाइटर जेट की कमी को पूरा करने के लिए भारत राफेल, सुखोई और देसी फाइटर जेट तेजस को लेकर कई स्तरों पर काम कर रहा है. लेकिन, आसमान में बादशाहत कायम करने के लिए केवल फाइटर जेट्स ही जरूरी नहीं है. इसके अलावा भी कई तरह के जहाज और मिसाइलें चाहिए. तभी जाकर कोई एयरफोर्स मुकम्मल तौर पर ताकतवर बन पाती है. ऐसे में भारत मिसाइलों, एयर डिफेंस, जासूसी जहाजों, राडार सिस्टम और ड्रोन्स पर खूब खर्च कर रही है. क्योंकि आधुनिक जंग में ये चीजें पहले की तुलना में काफी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई हैं. 87 मेल ड्रोन्स दरअसल, भारतीय सेना ने 87 मेडियम एल्टीट्यूड लॉन्ग एंडुरेंस यानी MALE ड्रोन्स खरीदने की योजना बनाई है. ये एक तरह से बेबी फाइटर जेट्स हैं. इस पर करीब 30 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. ये इतने पैसे हैं कि इसमें कई छोटे देश पूरा रक्षा बजट तैयार करते हैं. यानी इस एक मेल ड्रोन की कीमत करीब 350 करोड़ आएगी. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस डील के लिए भारतीय कंपनियों को तैयार किया जा रहा है. हालांकि फिलहाल वे पूरी तरह सक्षम नहीं हो पाई हैं. बावजूद इसके सरकार ने इस डील के लिए देसी कंपनियों की शर्त जोड़ दी है. अब मंगलवार को भारतीय कंपनियों को इसका टेंडर जारी किया जा सकता है. सरकार की योजना इस सौदे के साथ देश में ड्रोन निर्माण के लिए एक इकोसिस्टम बनाने की है, जिससे आने वाले वक्त में भारत किसी पर निर्भर न रहे. अब इस सौदे में शामिल होने के लिए विदेशी कंपनियां भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी को दौड़ रही हैं ताकि वे उनको ड्रोन्स के लिए जरूरी उपकरणों की सप्लाई कर सकें. इन कंपनियों में इजरायली कंपनी एल्बिट और अमेरिकी जनरल एटॉमिक्स के नाम सबसे आगे हैं. अभी सरकार ने देसी में ड्रोन निर्माण में 50 फीसदी स्वदेशी कंटेंट की शर्त रखी है. ऐसे में इन विदेशी कंपनियों को काफी स्कोप दिख रहा है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस करीब 30 हजार करोड़ रुपये का सौदा सबसे कम बोली लगाने वाली दो कंपनियों को दिया जाएगा, ताकि कम से कम दो ड्रोन निर्माण प्लेयर तैयार किया जा सके.  

SC ने पोर्न बैन पर सुनवाई से किया इनकार, नेपाल का हवाला देकर दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पोर्नोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग वाली एक जनहित याचिका पर विचार करने से फिलहाल इनकार कर दिया. अदालत ने इस मामले का जिक्र करते हुए नेपाल में हाल ही में हुए जेन जेड (Gen Z) विरोध प्रदर्शनों का उदाहरण दिया. कोर्ट ने कहा कि देखिए, प्रतिबंध को लेकर नेपाल में क्या हुआ. हालांकि, निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद निर्धारित की है. इस बीच आपको बता दें कि मुख्य न्यायाधीश गवई 23 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं. याचिकाकर्ता ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि वह देश में पोर्नोग्राफी पर नियंत्रण के लिए एक राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना तैयार करे, विशेष रूप से नाबालिगों को अश्लील सामग्री से बचाने के उद्देश्य से. इसके अलावा, याचिका में सार्वजनिक स्थलों पर ऐसी किसी भी सामग्री को देखने पर रोक लगाने की भी मांग की गई है. याचिकाकर्ता का कहना है कि डिजिटलीकरण के युग में हर व्यक्ति के पास इंटरनेट की पहुंच है और अब शिक्षित या अशिक्षित का फर्क नहीं रह गया है. सब कुछ एक क्लिक में उपलब्ध है. उन्होंने सरकार के उस बयान का भी हवाला दिया जिसमें यह स्वीकार किया गया था कि इंटरनेट पर अरबों पोर्न साइट्स मौजूद हैं.  भारत में 20 करोड़ से अधिक अश्लील वीडियो याचिका में यह भी कहा गया कि कोविड-19 महामारी के दौरान बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा के लिए डिजिटल उपकरणों का उपयोग करना पड़ा, लेकिन इन उपकरणों पर पोर्नोग्राफी देखने से रोकने के लिए कोई प्रभावी तंत्र मौजूद नहीं है. हालांकि, अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि ऐसे कई सॉफ्टवेयर उपलब्ध हैं जो माता-पिता को अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों को नियंत्रित या मॉनिटर करने की सुविधा देते हैं. याचिकाकर्ता के अनुसार, पोर्नोग्राफी समाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है, खासतौर पर 13 से 18 वर्ष की आयु के किशोरों पर. उन्होंने दावा किया कि भारत में 20 करोड़ से अधिक अश्लील वीडियो या क्लिप है जिनमें बाल यौन सामग्री भी शामिल है और बिक्री के लिए आसानी से उपलब्ध हैं. याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के तहत सरकार के पास ऐसे वेबसाइट्स या सामग्री तक आम जनता की पहुंच रोकने का अधिकार है. 

ईरानी राष्ट्रपति ने किया एटॉमिक प्लान का खुलासा, रूस देगा सहयोग

तेहरान  ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (AEOI) के प्रमुख ने ऐलान किया है कि तेहरान अपनी स्वच्छ और स्थायी ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से रूस की मदद से आठ नए परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का निर्माण करेगा। उधर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अपने देश के 'शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम' और 'हथियार निर्माण न करने' की नीति को फिर से दोहराया है। ईरानी मीडिया तस्नीम ने रविवार को AEOI प्रमुख मोहम्मद एस्लामी के बयान का हवाला देते हुए बताया कि बुशहर में चार परमाणु संयंत्रों और उत्तर तथा दक्षिणी तटों पर चार अन्य संयंत्रों के संयुक्त निर्माण के लिए ईरान और रूस के बीच नया समझौता हुआ है। इन संयंत्रों के ठिकानों की आधिकारिक घोषणा सरकार बाद में करेगी। AEOI प्रमुख ने कहा कि ये संयंत्र 'स्थिर और पर्यावरण-अनुकूल परमाणु ऊर्जा' प्रदान करेंगे तथा ईरान को परमाणु ऊर्जा से 20000 मेगावाट बिजली उत्पादन बढ़ाने में सहायता देंगे। रूसी सरकारी मीडिया TASS ने AEOI प्रेस सेवा के संदर्भ से बताया कि एस्लामी ने कहा कि उत्तरी प्रांत गोलिस्तान के तट पर एक परमाणु संयंत्र का निर्माण आरंभ हो चुका है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि खुझिस्तान प्रांत में एक अन्य संयंत्र का निर्माण, जो 1979 की इस्लामी क्रांति से पूर्व शुरू हुआ था, जल्द पूरा करने की योजना है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने  अपने देश के 'शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम' और 'हथियार न विकसित करने' की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। आधिकारिक एजेंसी इरना के अनुसार, AEOI के दौरे के दौरान पेजेशकियन ने कहा कि बम निर्माण इस क्षेत्र का एक छोटा, अर्थहीन और अमानवीय हिस्सा है, जबकि अधिकांश भाग मानवीय जरूरतों को पूरा करता है। ईरानी राष्ट्रपति ने पश्चिमी ताकतों पर आरोप लगाया कि वे ईरान जैसे स्वतंत्र देशों को उन्नत तकनीक से दूर रखना चाहती हैं, ताकि वे केवल असेंबली स्तर के उद्योगों तक सीमित रहें। इसके अलावा, IRNA की रिपोर्ट के मुताबिक, पेजेशकियन ने ईरानी वैज्ञानिकों पर हो रही दुश्मनी और हत्याओं को प्रमुख शक्तियों के ईरान की वैज्ञानिक-तकनीकी स्वतंत्रता से भय का परिणाम बताया। बता दें कि जून 2025 में इजरायल ने नतांज और फोर्डो जैसे प्रमुख ईरानी परमाणु स्थलों पर हवाई हमला किया था। 12 दिनों तक परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमला हुआ। इस दौरान अमेरिका ने भी ईरानी परमाणु केंद्रों पर हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में चेतावनी दी है कि अगर ईरान अपनी परमाणु सुविधाओं को फिर से चालू करता है, तो वे फिर से हमलों का आदेश देंगे।

कल से देशभर में SIR की शुरुआत, 12 राज्यों की सरकारें विरोध के मोर्चे पर

नई दिल्ली छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल समेत 12 राज्यों में 4 नवंबर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम शुरू हो रहा है। हालांकि पश्चिम बंगाल से लेकर तमिलनाडु तक चुनाव आयोग को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके समेत कई प्रमुख विपक्षी दल इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। ममता बनर्जी मार्च निकालेंगी तो डीएमके ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। बता दें कि चुनाव आयोग ने इसी साल बिहार में इस प्रक्रिया को किया और अब 12 राज्यों में की जा रही है। तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी डीएमके ने SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इसे लेकर अन्य पार्टियों के साथ बैठक भी की। उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल पार्टियों ने एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का प्रस्ताव पारित किया है। तमिलनाडु में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। उनकी मांग है कि ये प्रक्रिया चुनाव बाद हो, लेकिन चुनाव आयोग ने इसे नहीं माना। SIR के विरोध में हुई बैठक में डीएमके के अलावा कांग्रेस, मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (MDMK), विदुथलाई चिरुथिगल काची, वामपंथी दलों, कमल हासन के नेतृत्व वाली मक्कल नीधि मय्यम, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, कोंगुनाडु मक्कल देसिया काची और तमिलागा वाझ्वुरिमई काची सहित सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल सहयोगियों ने हिस्सा लिया। देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कषगम (DMDK) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) तथा डीएमके के वैचारिक मूल संगठन द्रविड़ार कषगम सहित मित्र दलों के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल हुए। इधर पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) भी इसके विरोध में है। इसके खिलाफ 4 नवंबर को कोलकाता में टीएमसी मार्च भी निकाल रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस मार्च का नेतृत्व करेंगी। इसके विरोध में टीएमसी ने कहा कि तथाकथित विशेष गहन पुनरीक्षण वास्तव में खामोशी से की जाने वाली धांधली है। हम यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। केरल की लेफ्ट सरकार ने भी किया विरोध वहीं केरल की लेफ्ट सरकार भी इसके विरोध में है। वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने निर्वाचन आयोग से उसके फैसले की समीक्षा करने का आग्रह किया है। इस पर गठबंधन के सहयोगियों की बैठक हुई। गठबंधन का कहना है कि ऐसे समय में जब स्थानीय निकाय चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राज्य में यह संशोधन लागू नहीं किया जाना चाहिए। ये समझना चाहिए कि एसआईआर लोगों को कैसे प्रभावित करता है. आयोग को इस मामले में समीक्षा करनी चाहिए। कांग्रेस कर रही विरोध कांग्रेस शुरू से ही इस प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग और बीजेपी पर हमलावर है। राहुल गांधी वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने बिहार में इसके विरोध में वोटर अधिकार यात्रा भी निकाली। उनका कहना है कि चुनाव आयोग सरकार के दबाव में काम कर रहा है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि इसके माध्यम से विपक्षी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश रची जा रही है। इसके साथ हो जातीय जनगणना: सपा उत्तर प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने इसे लेकर एक मांग की है। सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि ये बड़ी एक्सरसाइज है। हम चाहते हैं कि SIR में एक कॉलम और बढ़ाया जाए जिससे जातीय जनगणना करी जा सके। प्रथम चरण की प्रक्रिया     जिनका नाम 2003 के एसआईआर नाम है उन्हें दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है     केवल 5-6 प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की होगी जरूरत     असुविधा होने पर मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950     बीएलओ कॉल रिक्वेस्ट के माध्यम से ले सकते हैं मदद     मुद्रण प्रशिक्षण कार्य दिनांक 28.10.2025 से 03.11.2025 तक     घर घर गणना चरण अवधि (घर-घर जाकर सत्यापन) कार्य दिनांक 04.11.2025 से 04.12.2025 तक     मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन दिनांक 09.12.2025 होगा     दावे और आपत्ति की अवधि दिनांक 09.12.2025 से 08.01.2026 तक रहेगा     नोटिस चरण सुनवाई और सत्यापन दिनांक 09.12.2025 से 31.01.2026     मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन दिनांक 07.02.2026 होगा     छत्तीसगढ़ में विगत एसआईआर की मतदाता सूची वर्ष 2003 को आधार मानकर जो मिलान किया गयाहै     बीएलओ द्वारा वर्तमान में केवल अपने मतदान केंद्र के मतदाताओं का मिलान किया गया है     जो कि 71 प्रतिशत के करीब है     मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने बताया     2003 के बाद से आज पर्यंत कई मतदाता अन्यत्र शिफ्ट हुए हैं     मतदान केन्द्रों का परिसीमन भी हुआ है     एन्यूमरेशन फेज में बीएलओ द्वारा मतदाताओं के घर-घर सर्वे के दौरान यह मिलान प्रतिशत 10-15 प्रतिशत और बढ़ जाएगा     मतदाता सूची में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं     वर्ष 2003 के एसआईआर के बाद विवाहित महिलाएं अपने तत्कालीन मतदान केंद्र से अन्यत्र स्थानांतरित हुई हैं     बीएलओ द्वारा घर-घर एन्यूमरेशन फेज में 15 से 20 प्रतिशत और महिला मतदाताओं का मिलान किया जा सकेगा     इस प्रकार मिलान का कुल प्रतिशत 71 प्रतिशत से बढ़कर 94-95 प्रतिशत हो जाएगा     केवल शेष बचे मतदाताओं से ही दस्तावेज लेने की आवश्यकता होगी     भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर के दौरान विभिन्न नवाचारों के माध्यम से मतदाताओं को सुविधा प्रदान करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है     किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950     बीएलओ कॉल रिक्वेस्ट (BLO Call Request) के माध्यम से मतदाता सूची से संबंधित सहायता प्राप्त कर सकते हैं     सीईओ यशवंत कुमार ने राजनीतिक दलों से किया आग्रह     पुनरीक्षण के दौरान अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (BLAs) के माध्यम से निर्वाचन आयोग के कर्मचारियों को पूरा सहयोग दें     ताकि छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम सूची में जोड़े जा सकें और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें 7 फरवरी को आएगी अंतिम मतदाता सूची गणना के बाद 9 दिसंबर को मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी किया जाएगा। इसी दिन से दावे और आपत्ति दर्ज कराई जा सकती हैं, जो कि 8 जनवरी 2026 तक चलेंगी. 9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026 तक नोटिस फेज रहेगा। जिसमें सुनवाई और वैरिफिकेशन का काम किया जाएगा। इन सबके बाद 7 फरवरी को 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी। दूसरे चरण में जिन-जिन राज्यों में एसआईार की प्रक्रिया होनी … Read more

बुजुर्ग विधवा मामले में HC का फैसला, बेटे की गवाही न मानकर आरोपी को किया बरी

तिरुवनंतपुरम बुजुर्ग महिला के बलात्कार और हत्या के मामले में मौत की सजा काट रहे शख्स को केरल हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है। कोर्ट का कहना है कि पीड़िता के मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटे की तरफ से सबूत दिया गया था, जिसपर अभियोजन पक्ष काफी निर्भर था। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता का बेटा गवाही देने में सक्षम नहीं था और ऐसे में इस सबूत को शामिल नहीं किया जा सकता। साल 2018 में परिमल साहू को ट्रायल कोर्ट ने 60 साल की विधवा के बलात्कार और हत्याकांड में दोषी पाया था। अभियोजन पक्ष का कहना है कि परिमल ने बुजुर्ग महिला को बेरहमी से पीटा, रेप किया और फिर हत्या कर दी थी। वारदात के समय पीड़िता अपने बेटे के साथ रह रही थी। जबकि, परिमल पीड़िता के घर के पास उसी परिसर में रहता था। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता के रिश्तेदार के बयान के आधार पर FIR दर्ज की गई थी। रिश्तेदार का कहना था कि जब वह घर पहुंचा, तो पीड़िता के बेटे ने बताया कि मुन्ना (परिमल) ने उसकी मां के सिर पर पत्थर मारा, कमरे में घसीट कर ले गया और वहां उसपर हमला किया। रिपोर्ट के अनुसार, अभियोजन पक्ष का मामला मुख्य रूप से बेटे की गवाही पर आधारित था। कोर्ट ने पाया कि डॉक्टर ने कहा है कि बेटे की मानसिक उम्र साढ़े सात साल है। जबकि, उसकी उम्र 35 साल है। इसके बाद भी ट्रायल कोर्ट ने voir dire टेस्ट नहीं कराया। कोर्ट ने कहा, 'voir dire टेस्ट का नहीं कराया जाना PW4 (बेटे) के गवाही के देने की क्षमता और विश्वसनीयता के बारे में गंभीर संदेह पैदा करता है। खासतौर से तब जब PW4 जैसे गवाहों को सिखाया पढ़ाया जा सकता है।' हालांकि, कोर्ट ने यह साफ किया है कि voir dire टेस्ट का नहीं होना गवाही को खारिज करने के लिए हमेशा पर्याप्त कारण नहीं होता, लेकिन ट्रायल कोर्ट और अपील कोर्ट की जिम्मेदारी है कि गवाही की सावधानी से जांच करें। इस मामले में कोर्ट ने पाया कि पीड़िता का बेटा मुख्य परीक्षा में गवाही देने में सक्षम था, लेकिन क्रॉस एग्जामिनेशन के दौरान वह साधारण सवालों के भी ठीक जवाब नहीं दे सका। कोर्ट ने कहा कि इससे संकेत मिलते हैं कि बेटे को सिखाया गया है। अभियोजन पक्ष का दावा है कि परिमल के हाथों पर बचाव के जख्मों के निशान थे, जो संकेत देते हैं कि पीड़िता ने संघर्ष किया होगा। कोर्ट ने पाया कि पीड़िता पर परिमल के कोई स्किन सेल नहीं मिले और जुटाए गए अन्य सबूत भी डीएनए टेस्टिंग के लिए पर्याप्त नहीं है। मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस एके जयशंकरन नाम्बियार और जस्टिस जोबिन सेबेस्टियन ने परिमल को बरी कर दिया।

ट्रंप ने बताया बड़ा राज, पाकिस्तान कर रहा परमाणु परीक्षण

इस्लामाबाद  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को लेकर एक बहुत बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान न्यूक्लियर टेस्ट कर रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि निश्चित रूप से  उत्तर कोरिया परमाणु परीक्षण कर रहा है. पाकिस्तान भी न्यूक्लियर टेस्ट कर रहा है. ट्रंप ने कहा कि हम भी परीक्षण करेंगे क्योंकि दूसरे देश परमाणु परीक्षण करते हैं.  ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि दुनिया के कई देश परमाणु बम की टेस्टिंग कर रहे हैं. लेकिन वे इसके बारे में बात नहीं करते हैं. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "रूस और चीन परीक्षण कर रहे हैं, लेकिन वे इस बारे में बात नहीं करते. वे इसे बताते नहीं हैं. हम एक खुला समाज हैं. हम अलग हैं. हम इस बारे में बात करते हैं. हमें इस बारे में बात करनी ही होगी क्योंकि वरना आप लोग कल को रिपोर्ट कर देंगे. उनके पास ऐसे पत्रकार नहीं हैं जो इस बारे में लिखें."  ट्रंप ने आगे कहा कि अब अमेरिका भी न्यूक्लियर टेस्ट करेगा. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया और पाकिस्तान भी परमाणु बम का परीक्षण कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "हम परीक्षण करेंगे क्योंकि वे परीक्षण करते हैं और दूसरे भी परीक्षण करते हैं. और निश्चित रूप से उत्तर कोरिया परीक्षण कर रहा है. पाकिस्तान भी परमाणु परीक्षण कर रहा है." गौरतलब है कि पाकिस्तान की आधिकारिक घोषणा के मुताबिक 1998 में परमाणु परीक्षण किया था. लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के दावे को माने तो पाकिस्तान परमाणु परीक्षण करता आ रहा है. और ऐसी ही स्थिति रूस और चीन की है. ट्रंप के मुताबिक दोनों ही देश लंबे समय से परमाणु परीक्षण करते आ रहे हैं.  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूज चैनल सीबीएस के 60 मिनट्स कार्यक्रम पर एक साक्षात्कार में कहा कि रूस और उत्तर कोरिया भी अपने परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं.  ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उन्होंने 33 साल के प्रतिबंध के बाद अमेरिकी सेना को परमाणु हथियार परीक्षण करने के अपने आदेश को उचित ठहराया. ट्रंप के खुलासे के मुताबिक अगर पाकिस्तान न्यूक्लियर टेस्ट कर रहा है तो ये भारत के लिए चिंताजनक सूचना है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "परमाणु हथियार संपन्न देश आपको इसके बारे में बताने नहीं जाते… वे जमीन के नीचे परीक्षण करते हैं जहां लोगों को ठीक से पता ही नहीं चलता कि परीक्षण में क्या हो रहा है. बस आपको थोड़ा कंपन महसूस होता है." 33 सालों बाद न्यूक्लियर टेस्ट क्यों कर रहा है अमेरिका बता दें कि संयुक्त राज्य अमेरिका 33 वर्षों के अंतराल के बाद परमाणु परीक्षण शुरू करने जा रहा है. अमेरिका ने आखिरी बार परीक्षण 1992 में किया गया था. इसके बाद शीत युद्ध के अंत की घोषणा की गई थी.  सोशल मीडिया पर ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पेंटागन को "हमारे परमाणु हथियारों का समान आधार पर परीक्षण शुरू करने" का निर्देश दिया है, जो रूस द्वारा नई न्यूक्लियर सिस्टम के परीक्षण और चीन द्वारा नए बैलिस्टिक मिसाइल साइलो की तैनाती के जवाब में है.

विदेशी नंबर से भी करें UPI पेमेंट! जानिए आसान तरीका और जरूरी सेटिंग्स

नई दिल्ली डिजिटल पेमेंट ने भारत में पैसे भेजने और लेने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है. अब बात सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेश में रहने वाले भारतीय भी UPI (Unified Payments Interface) के जरिए अपने भारतीय बैंक अकाउंट से सीधे भुगतान कर सकते हैं. हाल ही में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने कुछ देशों के लिए यह सुविधा शुरू की है, जिससे इंटरनेशनल मोबाइल नंबर वाले यूजर्स भी अब भारत में आसानी से UPI ट्रांजैक्शन कर सकते हैं. अगर आप विदेश में रहते हैं और अपने इंटरनेशनल नंबर से UPI इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स को ध्यान से पढ़ें. इंटरनेशनल मोबाइल नंबर से UPI पेमेंट करने का तरीका अब तक UPI केवल भारतीय मोबाइल नंबर पर ही चलता था, लेकिन अब यह नियम कुछ देशों के यूजर्स के लिए बदल गया है. इसका फायदा खासकर एनआरआई (NRI) भारतीयों को मिलेगा, जो विदेश में रहकर भी अपने भारतीय बैंक अकाउंट से लेन-देन कर सकेंगे. चलिए जानते हैं, कैसे आप अपने इंटरनेशनल नंबर से UPI एक्टिवेट कर सकते हैं:     UPI ऐप डाउनलोड करें: सबसे पहले अपने मोबाइल के ऐप स्टोर से ऐसा UPI ऐप डाउनलोड करें जो विदेशी नंबरों को सपोर्ट करता हो. जैसे PhonePe, Paytm, Google Pay (India Version), BHIM App या आपके बैंक की मोबाइल बैंकिंग ऐप.     इंटरनेशनल मोबाइल नंबर डालें: ऐप खोलने के बाद आपसे मोबाइल नंबर मांगा जाएगा. यहां अपना Country Code (जैसे +1, +44, +971) और इंटरनेशनल नंबर दर्ज करें.     OTP से वेरिफिकेशन करें: ऐप आपके इंटरनेशनल नंबर पर एक OTP (वन टाइम पासवर्ड) भेजेगा. इस OTP को एंटर करके नंबर वेरिफाई करें.     (ध्यान दें: इसके लिए आपके मोबाइल में इंटरनेशनल SMS या रोमिंग प्लान एक्टिव होना जरूरी है.)     बैंक अकाउंट लिंक करें: वेरिफिकेशन पूरा होते ही ऐप अपने-आप उस भारतीय बैंक अकाउंट को पहचान लेगा जो आपके नंबर से जुड़ा हुआ है.     UPI PIN सेट करें: अब अपने डेबिट कार्ड के आखिरी 6 अंक और एक्सपायरी डेट डालें. इसके बाद नया UPI PIN सेट करें.     अब आप तैयार हैं पेमेंट के लिए: अब आप भारत में किसी भी व्यापारी, परिवार या दोस्त को QR कोड स्कैन करके, UPI ID डालकर, या मोबाइल नंबर से तुरंत पेमेंट कर सकते हैं. इन बातों का रखें खास ध्यान     आपके पास NRE (Non-Resident External) या NRO (Non-Resident Ordinary) बैंक अकाउंट होना जरूरी है.     बैंक रिकॉर्ड में आपका वही इंटरनेशनल नंबर लिंक होना चाहिए, जिससे आप UPI करना चाहते हैं.     फिलहाल यह सुविधा केवल NPCI द्वारा चुने गए देशों में रहने वाले यूजर्स के लिए ही उपलब्ध है.     जिन देशों में यह सुविधा सक्रिय है, वहां के बैंक और नेटवर्क को भी NPCI की पार्टनर लिस्ट में होना चाहिए. कौन से देशों में उपलब्ध है यह सुविधा रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूएई (UAE), सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, हांगकांग, ओमान, कतर, अमेरिका और सऊदी अरब जैसे देशों के यूजर्स के लिए यह सर्विस धीरे-धीरे शुरू हो चुकी है. आने वाले महीनों में इसे और देशों में विस्तार दिया जाएगा. क्यों है यह फीचर खास? यह सुविधा विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए बेहद फायदेमंद है. पहले उन्हें भारत में पैसा भेजने के लिए कई ऐप या बैंक चैनल्स का सहारा लेना पड़ता था, जिनमें ट्रांजैक्शन चार्ज भी लगता था. अब वे अपने ही इंटरनेशनल नंबर से सीधा UPI ट्रांजैक्शन कर सकेंगे तेज, सुरक्षित और बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के. अगर आप भी किसी विदेशी देश में रहते हैं और अपने भारतीय बैंक अकाउंट से रोज़मर्रा के लेन-देन करना चाहते हैं, तो अब यह बेहद आसान हो गया है. बस आपका नंबर NPCI द्वारा समर्थित देश का होना चाहिए, बैंक अकाउंट लिंक हो और फोन में इंटरनेट कनेक्शन मौजूद हो. इसके बाद आप भारत में कहीं भी और किसी को भी UPI के जरिए तुरंत भुगतान कर सकते हैं.

डिग्री नहीं, स्किल की जरूरत: एआई के दौर में ये 6 हुनर बचाएंगे आपकी नौकरी

नई दिल्ली एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटेमेशन के चलते दुनिया की बड़ी कंपनियों में छंटनी का दौर तेज हो गया है। अमेजन, यूपीएस, टारगेट, माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल और नेस्ले जैसी दिग्गज कंपनियों ने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। धड़ाधड़ पिंक स्लिप पकड़ाई जा रही हैं और नई भर्तियों पर रोक लगा दी गई है। टेक से लेकर ट्रांसपोर्ट तक जैसी फलने फूलने वाली इंडस्ट्री अब रीस्ट्रक्चरिंग और एफिशिएंसी की भाषा बोल रही हैं। हर सेक्टर के विभिन्न कर्मचारियों का भविष्य अनिश्चितता से भरा है। इस उथल-पुथल के बीच अमेरिकी अर्थव्यवस्था नो हायर -नो फायर यानी न नई भर्ती, न ज्यादा छंटनी , ऐसी स्थिति में फंसी है। इसकी वजह है- जियोपॉलिटिक्स (अंतरराष्ट्रीय तनाव), ऑटोमेशन, टैक्स-टैरिफ और बदलती उपभोक्ता आदतें। अमेरिका की सत्ता में डोनाल्ड ट्रंप के लौटने के बाद से पब्लिक सेक्टर में हजारों लोगों की नौकरियां गई हैं। सरकारी शटडाउन अपने चौथे हफ्ते के करीब है, जिससे कई लोगों को सैलरी नहीं मिली और सभी के पास कोई जवाब नहीं है। भर्तियां अब सिर्फ डिग्री के दम पर नहीं टैग्ड के फाउंडिंग मेंबर और सीईओ देवाशीष शर्मा का कहना है कि भारत में कंपनियों में अब भर्तियां डिग्री के दम पर नहीं, बल्कि कैंडिडेट में जॉब के लिए दिखने वाली तैयारी से तय होगी। प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप और योग्यता मूल्यांकन से स्किल्स देखी जाएगी। उन्होंने कहा, 'एम्प्लॉयर्स खासकर बड़ी कंपनियां एकेडमिक इंस्टीट्यूशन्स के साथ मिलकर स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स बनाकर और करिकुलम को मिलकर डिजाइन करके जॉब के लिए तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं।' कई बड़ी दिग्गजों कंपनियों खर्चों को लेकर अपना हाथ टाइट कर लिया है और कर्मचारियों की संख्या पर लगाम लगाई है, यहां देखें लिस्ट अमेजन: ने 14,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों (लगभग 4% ) की छंटनी की है। कंपनी इस पैसे को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश कर रही है। यूपीएस : ने इस साल 48,000 नौकरियां घटाई हैं और 93 ब्रांचों को बंद कर दिया है क्योंकि शिपिंग (सामान भेजने) की मात्रा कम हुई है। टारगेट : टारगेट ने 1800 कर्मचारियों (लगभग 8% कॉर्पोरेट कर्मी) को हटाया है। नेस्ले : बढ़ती कीमतों और टैरिफ के कारण अगले दो सालों में दुनिया भर में 16,000 छंटनियां कर रही है। लुफ्थांसा समूह : 2030 तक 4,000 पद खत्म करने की योजना बना रहा है। प्रशासनिक काम को डिजिटल और AI प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर रहा है। नोवो नॉर्डिस्क : अपनी ब्लॉकबस्टर दवाओं की भारी मांग के बावजूद 9,000 कर्मचारियों (11% कार्यबल) की छंटनी की घोषणा की है। इंटेल : छंटनी और कर्मचारियों के छोड़ने से अपने मुख्य मैनफोर्स को 99,500 से घटाकर 75,000 कर रहा है। माइक्रोसॉफ्ट : माइक्रोसॉफ्ट ने इस साल 6,000 कर्मचारियों को निकालने के बाद, गेमिंग और प्रबंधन डिवीजनों में 9,000 और कर्मचारियों की छंटनी की है। एआई, ऑटोमेशन और मार्केट की बदलती जरूरतों में कैसे टिके रहें- 1- फिर से सीखें और नए सिरे से सोचें वो दिन गए जब एक ही स्किल से जिंदगी काटी जा सकती है। जिंदगी भर कमाया जा सकता था। खुद की स्किल्स को बढ़ाना और उसे अपग्रेड करना अब ऑप्शनल नहीं है; यह अनिवार्य है और जिदा रहने का तरीका है। प्रोफेशनल्स को लगातार सीखने में निवेश करना चाहिए, चाहे वह एआई साक्षरता हो, डेटा इंटरप्रिटेशन हो, या कम्युनिकेशन को बेहतर बनाना हो। कोर्सेरा, लिंक्डइन लर्निंग जैसे प्लेटफॉर्म और कंपनी-स्पॉन्सर्ड प्रोग्राम किसी के स्किलसेट को नए सिरे से समझने के लिए मजबूत रास्ते देते हैं। 2. एक पर्सनल ब्रांड बनाएं आज की दुनिया में आपकी ऑनलाइन पहचान बहुत मायने रखती है। लिंक्डिन पर नेटवर्किंग, अनुभव साझा करना और ईमानदारी से खुद को पेश करना फायदेमंद साबित हो सकता है। डिजिटल वर्ल्ड में आपकी मौजदूगी आपको भीड़ में सबसे अलग खड़ा कर देगी। 3. फाइनेंशियल दूर की सोच बढ़ाएं जॉब की असुरक्षा के माहौल में आपका बचाया हुआ पैसा बहुत काम आएगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक कम से कम छह महीने के खर्चों को कवर करने वाला एक इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। कंसल्टिंग, फ्रीलांसिंग, या पैसिव इन्वेस्टमेंट के जरिए इनकम के सोर्स को अलग-अलग करें। साइड इनकम के लिए निवेश करें। 4. जुड़े रहें, संपर्क में रहें नेटवर्किंग लेन-देन वाली नहीं, बल्कि रिश्तों को बनाए रखने वाली होती है। नौकरी से निकाले जाने और बदलाव के दौरान इमोशनल सपोर्ट अक्सर साथियों, पुराने साथ काम करने वालों या इंडस्ट्री के लोगों से मिलता है। इन कनेक्शन को बनाए रखने से अनजाने रास्ते खुल सकते हैं। 5. मानसिक संतुलन को प्राथमिकता दें नौकरी छूटने या अस्थिरता से मेंटल हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है। मानसिक रूप से मजबूत बने रहने में थेरेपी, मेडिटेशन और नियमित दिनचर्या मदद करती है। 6. लगातार सीखें, खुद को बदलें अब हर व्यक्ति को अपनी स्किल्स को बढ़ाने, खुद को नया रूप देने की जरूरत है। आज का जॉब मार्केट खत्म नहीं हुआ है। यह बस बदल रहा है। इसके लिए सिर्फ टेक्निकल काबिलियत ही नहीं, बल्कि इमोशनल इंटेलिजेंस, एडजस्ट करने की क्षमता और समय के साथ बदलना जरूरी है।  

बच्चों में उभर रहा नया इंफेक्शन: काली खांसी जैसी खांसी से बढ़ी चिंता

चंडीगढ़ काली खांसी (हूपिंग कफ) और लंबे समय से खांसी से पीड़ित मरीजों के लिए एक नई चिंता उभरकर सामने आई है। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआइ) के किए गए शोध में यह पता चला है कि उत्तर भारत में तेजी से फैल रहा नया बैक्टीरिया, बोर्डेटेला होल्मसी, अब काली खांसी के समान लक्षण उत्पन्न कर रहा है । यह संक्रमण विशेष रूप से पांच से दस वर्ष के बच्चों में फैल रहा है और इसके नियंत्रण में कठिनाई आ रही है। पीजीआइ के मेडिकल माइक्रोबायोलाजी विभाग के डॉ. विकास गौतम ने बताया कि उनकी टीम ने 2019 से 2023 के बीच 935 संदिग्ध काली खांसी के मामलों का अध्ययन किया। इस शोध में पाया गया कि लगभग 37 प्रतिशत मरीजों में संक्रमण का कारण नया जीवाणु बोर्डेटेला होल्मसी था, जबकि पारंपरिक काली खांसी का कारण बोर्डेटेला परट्यूसिस होता है। 2023 में सबसे अधिक मामले पांच से 10 वर्ष के बच्चों में देखे गए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि संक्रमण का पैटर्न बदल रहा है। ये हैं लक्षण     लगातार दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक चलने वाली खांसी     खांसी के बाद सांस लेने में सीटी जैसी आवाज     थकान, कमजोरी और हल्का बुखार     पारंपरिक खांसी की दवाओं से राहत न मिलना काली खांसी के पारंपरिक मामलों में गिरावट के संकेत   पीजीआइ द्वारा 2015 से चलाए जा रहे निगरानी कार्यक्रम में यह पाया गया कि पहले बोर्डेटेला पयूसिस संक्रमण के 15-20 प्रतिशत मामले मिलते थे, जो अब घटकर दो से पांच प्रतिशत तक रह गए हैं। इसके विपरीत, बोर्डेटेला होल्मसी के मामलों में वृद्धि हो रही है। पीजीआइ के विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव संक्रमण की नई प्रवृत्ति की ओर इशारा करता है, जो भविष्य में स्वास्थ्य के लिए चुनौती बन सकता है। बोर्डेटेला होल्मसी के वारे में यह एक जीवाणु है जो सांस संबंधी संक्रमण उत्पन्न करता है और इसके लक्षण काली खांसी से काफी मेल खाते हैं। पहले इसे दुर्लभ माना जाता था, लेकिन अब भारत सहित कई देशों में इसके मामले बढ़ रहे हैं। यह विशेष रूप से बच्चों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों को अधिक प्रभावित करता है। डाक्टरों को काली खांसी के साथ नए संक्रमण की जांच की भी जरूरत डाक्टरों को सलाह दी गई है कि वे काली खांसी के साथ-साथ नए संक्रमण की भी जांच करें। पीजीआइ की टीम ने सुझाव दिया है कि डाक्टरों को पारंपरिक काली खांसी की जांच तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनसे मिलते-जुलते संक्रमणों की पहचान और निगरानी भी करनी चाहिए। समय पर पहचान, सही जांच और उचित दवाओं से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।  

नई पेंशन गणना: अब पेंशनर्स को मिलेगा ज्यादा लाभ, समझें पूरा कैलकुलेशन

नई दिल्ली आठवें वेतन आयोग की चर्चा शुरू होते ही सबका ध्यान सैलरी पर रहता है, लेकिन इस बार पेंशनर्स की संख्या कर्मचारियों से ज्यादा है, इसलिए उनका मुद्दा भी बड़ा हो गया है। सरकार के पेंशनर्स पोर्टल के मुताबिक, 30 अक्टूबर 2025 तक कुल 68.72 लाख पेंशनर्स हैं, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की संख्या करीब 50 लाख है। सरकार ने 8वें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफ्रेंस (Terms of Reference- TOR) को मंजूरी दे दी है। रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने की समय सीमा तय की गई है और सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई (Ranjana Prakash Desai) को इसका चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। अब पेंशनर्स जानना चाहते हैं कि उनकी पेंशन कितनी बढ़ेगी? तो चलिए समझते हैं पूरा कैलकुलेशन। फिटमेंट फैक्टर क्या है और पेंशन कितनी बढ़ेगी? पेंशन बढ़ाने में सबसे अहम रोल फिटमेंट फैक्टर का होता है। यह एक गुणक (Multiplier) होता है जिससे पुराने बेसिक वेतन या बेसिक पेंशन को नए वेतन में बदला जाता है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 है। यानी अगर किसी की पुरानी बेसिक सैलरी 10,000 रुपए थी, तो नई सैलरी 10,000 × 2.57 = 25,700 रुपए होगी। आठवें वेतन आयोग में (8th Pay Commission) में फिटमेंट फैक्टर कितना होगा, यह कैबिनेट की मंजूरी के बाद तय होगा। क्या सिर्फ बेसिक पेंशन ही बदलेगी?   नहीं, पेंशनर्स के लिए सिर्फ बेसिक पेंशन ही मुद्दा नहीं है। टर्म ऑफ रेफ्रेंस में पेंशन से जुड़े कई पॉइंट शामिल हैं, जैसे— पेंशन, ग्रेच्युटी, फैमिली पेंशन, कम्यूटेड पेंशन की बहाली हर 5 साल में पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव ओल्ड पेंशन स्कीम (Old Pension Scheme) की बहाली (1 जनवरी 2004 के बाद भर्ती वालों के लिए) CGHS मेडिकल सुविधा, कैशलेस इलाज और महंगाई राहत (DA/DR) को वेतन और पेंशन में जोड़ना। पेंशनर्स की प्रमुख मांगें क्या हैं? ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉई फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह पटेल बता ते हैं कि फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा, पेंशन उतनी ज्यादा बढ़ेगी। कम्यूटेशन 15 साल से घटाकर 12 साल होना चाहिए, क्योंकि अभी 40% पेंशन काटी जाती है। CGHS अस्पताल हर जिले में नहीं हैं। अभी सिर्फ 3,000 रुपए प्रति महीना मेडिकल लाभ मिलता है, इसे 20,000 रुपए किया जाए। पेंशन कैसे बढ़ती है? फिटमेंट फैक्टर के आधार पर पूरा कैलकुलेशन समझ लेते हैं। मान लीजिए एक शख्स की पुरानी बेसिक पे है- 40,000 रुपए, तो पुरानी पेंशन (50%) होगी यानी 20,000 रुपए। फिटमेंट फैक्टर नई बेसिक पे नई पेंशन (50%) 2.57 40,000 × 2.57 = ₹1,02,800 ₹51,400 3 40,000 × 3 = ₹1,20,000 ₹60,000 3.68 40,000 × 3.68 = ₹1,47,200 ₹73,600   25000 से ₹50000 पेंशन कैसे होगी? अगर फिटमेंट फैक्टर 2.0 माना जाए, तो ₹25,000 × 2 = 50,000 रुपए पेंशन हो सकती है। महंगाई राहत कैसे बढ़ेगी? How will the dearness relief increase DR बेसिक पेंशन का प्रतिशत होता है। पुरानी पेंशन ₹20,000 → DR 20% = ₹4,000 नई पेंशन ₹30,000 → DR 20% = ₹6,000 यानी बेसिक पेंशन बढ़ने से DR अपने आप ज्यादा मिलेगा। EPS, फैमिली पेंशन और Enhanced पेंशन में क्या होंगे बदलाव? पेंशन का प्रकार क्या होता है? नया असर EPS आखिरी बेसिक सैलरी पर आधारित नई वेतन मैट्रिक्स लागू होगी तो EPS भी बढ़ेगी फैमिली पेंशन पेंशनर की मृत्यु के बाद पत्नी/परिवार को 30% बेसिक बेसिक बढ़ेगा तो फैमिली पेंशन भी बढ़ेगी Enhanced पेंशन लंबी सेवा या कम्यूटेशन रिस्टोर होने पर Fitment Factor ज्यादा होने पर ये भी बढ़ेगी   पेंशन का प्रकार क्या होता है? नया असर EPS आखिरी बेसिक सैलरी पर आधारित नई वेतन मैट्रिक्स लागू होगी तो EPS भी बढ़ेगी फैमिली पेंशन पेंशनर की मृत्यु के बाद पत्नी/परिवार को 30% बेसिक बेसिक बढ़ेगा तो फैमिली पेंशन भी बढ़ेगी Enhanced पेंशन लंबी सेवा या कम्यूटेशन रिस्टोर होने पर Fitment Factor ज्यादा होने पर ये भी बढ़ेगी उदारणर में समझें तो- पुरानी फैमिली पेंशन: ₹20,000 → 30% = ₹6,000 नई पेंशन: ₹30,000 → 30% = ₹9,000