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पुतिन के गुरु दुगिन बोले: यही है भारत की असली शक्ति, ट्रंप के ब्राह्मण कार्ड पर बड़ा बयान

मॉस्को भारत और अमेरिका के बीच ट्रंप टैरिफ को लेकर तनाव जारी है। डोनाल्ड ट्रंप और उनके सलाहकार बार-बार भारत के खिलाफ बयान देते रहते हैं। सोमवार को राष्ट्रपति के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने रूसी तेल के बहाने 'ब्राह्मणों' पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि रूसी तेल से 'ब्राह्मणों को लाभ हो रहा है, भारतीय जनता के हितों की कीमत पर।' इसके अगले ही दिन, मंगलवार को रूस के प्रोफेसर, राजनीतिक दार्शनिक और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के राजनीतिक गुरु अलेक्जेंडर दुगिन ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने अमेरिका को भारत के बारे में नसीहत देते हुए कहा कि हिंदुओं ने आध्यात्मिक चिंतन का उच्चतम स्तर विकसित किया है और भौतिकता पर काबू पाया है। अब भौतिकवादी पश्चिम की बारी भारत और रूस के संबंध हमेशा से गहरे और मजबूत रहे हैं। रूसी लोग भारत और उसकी संस्कृति की प्रशंसा करते रहे हैं। चीन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति और पीएम मोदी की दोस्ती पूरी दुनिया ने देखी। इस बीच, व्लादिमीर पुतिन के राजनीतिक गुरु अलेक्जेंडर दुगिन ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारतीय संस्कृति भौतिक दुनिया का खुलकर तिरस्कार करती है और इसके अस्तित्व पर हंसती है। हिंदुओं ने आध्यात्मिक चिंतन का सर्वोच्च स्तर हासिल किया है। अब भौतिकवादी पश्चिम की बारी है कि वह हंसे और तिरस्कार करे। अखंड भारत पर भी बोल चुके हैं दुगिन यह पहली बार नहीं है जब दुगिन ने भारत की प्रशंसा की हो। अप्रैल 2024 में उन्होंने कहा था कि भारत हमारी आंखों के सामने एक नए वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। विश्व भर में भारतीय मूल के लोग आज महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रहे हैं। उन्होंने भारत के आर्थिक विकास, वैश्विक प्रभाव और राजनीतिक परिवर्तनों के बढ़ते महत्व पर भी विस्तार से बात की थी। कौन हैं अलेक्जेंडर दुगिन? अलेक्जेंडर दुगिन का पूरा नाम अलेक्सांद्र गेलीविच दुगिन है, एक प्रसिद्ध राजनीतिक दार्शनिक, विश्लेषक और रणनीतिकार हैं। पश्चिमी देशों में उन्हें फासीवादी विचारधारा का कट्टर समर्थक माना जाता है। साथ ही उन्हें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के गुरु के रूप में भी जाना जाता है। दुगिन ने ही यूक्रेन को नोवोरोसिया (नया रूस) का नाम दिया था। वे रूसी राष्ट्रपति पुतिन और रूस सरकार के बेहद करीबी माने जाते हैं।  

भारी बारिश का कहर: हिमाचल में 6 NH और 1,311 सड़कें बंद, रेल संचालन रुका

शिमला हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मंगलवार को भी भारी बारिश जारी रही। सूबे में भारी बारिश से हालात बेहद खराब हो गए हैं। भारी बारिश के कारण रेल सेवा स्थगित कर दी गई है। छह राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 1,311 सड़कें बंद हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कुल्लू और मंडी में लगभग 2 हजार वाहन जहां तहां फंस गए हैं। स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ इलाकों में भारी से ज्यादा भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश का रेड अलर्ट इस बीच मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों के अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक और वज्रपात के साथ भारी से ज्यादा भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों के कुछ हिस्सों में भारी से ज्यादा भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उना, बिलासपुर और हमीरपुर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 6 एनएच समेत 1,311 सड़कें बंद हिमाचल प्रदेश में 6 राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 1,311 सड़कें बंद हैं। हिमाचल के मंडी में सबसे ज्यादा 289 सड़कें बंद हैं। शिमला में 241, चंबा में 239, कुल्लू में 169 और सिरमौर जिले में 127 सड़कें बंद बताई जाती हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 3 (मंडी-धरमपुर रोड), एनएच 305 (औट-सैंज), एनएच 5 (ओल्ड हिंदुस्तान-तिब्बत रोड), एनएच 21 (चंडीगढ़-मनाली रोड), एनएच 505 (खाब से ग्रामफू रोड) और एनएच 707 (हाटकोटी से पोंटा) भी बंद हैं। मंडी-कुल्लू में 2,000 से ज्यादा वाहन फंसे बताया जाता है कि शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग-5 सोलन जिले के सनवारा में भूस्खलन के कारण बंद है। इससे दोनों ओर बड़ी संख्या में वाहन फंसे हुए हैं। यह राजमार्ग हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग के नाम से भी जाना जाता है। धरमपुर-कसौली सड़क भी अवरुद्ध होने का खतरा है। 'द ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, मंडी और कुल्लू में 2,000 से ज्यादा वाहन फंसे हैं। इससे यात्रियों और पर्यटकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सेब उत्पादक किसानों पर तगड़ी मार कटौला होकर जाने वाला वैकल्पिक मार्ग भी एक और भूस्खलन के बाद बंद कर दिया गया है, जिससे मंडी और कुल्लू के बीच यातायात के लिए तत्काल कोई रास्ता नहीं बचा है। इस दोहरी नाकेबंदी ने पूरे क्षेत्र में परिवहन सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। आंतरिक क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब है। आंतरिक क्षेत्रों में सड़कें कई दिनों से बंद हैं। इसका सबसे बुरा असर सेब उत्पादक किसानों पर पड़ा है। किसान अपनी फसल को बाजारों तक भेजने में असमर्थ हैं। ट्रेन सेवाएं सस्पेंड सोमवार को शिमला-कालका रेलमार्ग पर भूस्खलन के बाद ट्रेनें रद्द कर दी गईं। अधिकारियों का कहना है कि ये ट्रेन सेवाएं 5 सितंबर तक स्थगित रहेंगी। राज्य में सबसे ज्यादा नैना देवी में सोमवार शाम से 198.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। रोहड़ू में 80 मिमी, जोत में 61.2 मिमी, बग्गी में 58.5 मिमी, कुकुमसेरी में 55.2 मिमी, नादौन में 53 मिमी, ओलिंदा में 50 मिमी, नंगल बांध में 49.8 मिमी, ऊना में 49 मिमी और बिलासपुर में 40.2 मिमी बारिश हुई है। बंद रहे स्कूल सूबे में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट को देखते हुए सोमवार को आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत नौ जिलों के स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया गया था। मंगलवार को शिमला, कांगड़ा, सिरमौर, ऊना, बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, लाहौल एवं स्पीति और सोलन जिलों के अलावा कुल्लू जिले के बंजार, कुल्लू एवं मनाली उपमंडल में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहे।

मनोज जरांगे आंदोलन खत्म करने को तैयार, बोले- जीत हमारी हुई, लेकिन शर्त भी होगी पूरी

मुंबई  मुंबई में जारी मराठा आंदोलन पर जल्द ही विराम लगने वाला है। मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया है कि एक बार GR यानी सरकारी प्रस्ताव जारी होने के बाद आजाद मैदान को खाली कर दिया जाएगा। खास बात है कि बंबई उच्च न्यायालय ने भी आंदोलन के लिए मुंबई की सड़कों को रोकने पर आपत्ति जताई थी। मंगलवार को ही महाराष्ट्र सरकार में मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने जरांगे से मुलाकात की थी। उन्होंने सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है कि मराठाओं को कुनबी प्रमाण पत्र देने के लिए हैदराबाद गजट लागू किया जाएगा, एक महीने के अंदर ही ऐसा ही फैसला सतारा रियासत को लेकर भी लिया जाएगा। साथ ही सितंबर के अंत तक मराठा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लिए जाएंगे। इसके अलावा प्रस्ताव में आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को आर्थिक मुआवजा देने की बात भी शामिल है। जरांगे 29 अगस्त से दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल कर रहे हैं और ओबीसी समूह के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं। दरअसल, हैदराबाद गजट पर जरांगे इसलिए जोर दे रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि साबित करता है कि मराठवाड़ा क्षेत्र में रह रहे मराठाओं को आधिकारिक तौर पर कुनबी माना गया था। महाराष्ट्र में कुनबी समुदाय को ओबीसी के तहत आरक्षण मिलता है। खास बात है कि मौजूदा मराठवाड़ा क्षेत्र पहले हैदराबाद राज्य का हिस्सा हुआ करता था। जरांगे ने समर्थकों से कहा, 'हम आपकी ताकत से जीत गए हैं। आज मैंने गरीब की ताकत को समझ लिया है।'  

रील्स से तंग पति ने उठाया खौफनाक कदम, पत्नी की हत्या कर खुद की भी लेने वाला था जान

नई दिल्ली दिल्ली के नजफगढ़ में सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने से परेशान पति ने पत्नी की हत्या कर दी। बीवी की हत्या के बाद उसन खुद भी सुसाइड करने की कोशिश की। सोशल मीडिया के चलते दोनों के बीच लगातार झगड़े होते थे। पुलिस के अनुसार, पीड़िता अपने पति अमन (35), जो एक ई-रिक्शा चालक है और अपने दो बेटों के साथ पुरानी रोशनपुरा में एक किराए के मकान में रहती थी। एक अधिकारी ने बताया, "ये दंपति उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के रहने वाले थे।" मंगलवार को, सुबह करीब 4.23 बजे नजफगढ़ पुलिस स्टेशन में हत्या की जानकारी देने के लिए एक पीसीआर कॉल आई, जिसके बाद पुलिस की एक टीम घटनास्थल पर भेजी गई, जहां महिला मृत पाई गई। अधिकारी ने कहा, "शुरुआती जांच से पता चला है कि अमन को अपनी पत्नी के रील्स बनाने और अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्टिव रहने पर ऐतराज था। वह खुद को एक सोशल मीडिया आर्टिस्ट बताती थी, जिसके करीब 6,000 फॉलोअर्स थे।" अधिकारी ने आगे कहा कि इस मुद्दे पर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था। पुलिस ने बताया कि मंगलवार को उन दोनों के बीच बहस काफ़ी बढ़ गई, जिसके बाद अमन ने कथित तौर पर अपनी पत्नी का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। उसके बाद, उसने फांसी लगाकर और जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे बचा लिया और तुरंत आरटीआरएम अस्पताल ले गई। वहां हिरासत में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने यह भी बताया कि पड़ोसियों और रिश्तेदारों के बयान दर्ज़ किए जा रहे हैं। इस बीच शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवा दिया गया है। अधिकारी ने आगे बताया कि हत्या सहित कानून की उचित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज कर लिया गया है, और आगे की जांच जारी है।  

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस से पूछा- राइफल से खुद को गोली मारना कैसे संभव?

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में सुनवाई के दौरान पुलिस से कड़ा सवाल पूछा। कोर्ट ने पूछा कि क्या कोई व्यक्ति राइफल से अपने सीने में गोली मार सकता है? शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश से पुलिस से यह सवाल पूछा है। यह मामला मौत के मामले को सुसाइड की तरह पेश करने से जुड़ा हुआ है। अदालत ने यह भी पूछा कि क्या क्या सभी एंगल पर जांच हो चुकी है? क्या यह एंगल भी देखा जा चुका है कहीं यह मामला मर्डर का तो नहीं है? सुनवाई के वक्त बेंच ने क्या कहा जस्टिस मनोज मिश्रा और उज्जल भुयान की बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हमारी समझ से यह जांच का विषय है कि क्या कोई व्यक्ति अपने सीने में राइफल से गोली मारने में सक्षम है? अभियोजन पक्ष के अनुसार, ऐसा प्रतीत हुआ कि मृतक ने राइफल से अपनी छाती में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस पर, हाई कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत आरोपी-प्रतिवादी नंबर 2 को अग्रिम जमानत दे दी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट को इस बात पर संदेह था कि क्या कोई व्यक्ति राइफल से अपनी छाती में खुद को गोली मार सकता है। इसलिए उसने राज्य के हलफनामे, मृतक की ऑटोप्सी रिपोर्ट और जांच के दौरान एकत्र की गई सामग्री को तलब किया। अदालत ने कहा कि हलफनामे में राइफल की जब्ती और उसकी लंबाई के बारे में जानकारी का खुलासा होना चाहिए। यह है पूरा मामला यह मामला याचिकाकर्ता के 17 वर्षीय बेटे से संबंधित है। उसके बेटे ने भोपाल की एक अकादमी में शॉटगन शूटिंग प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में दाखिला लिया था। यहां पर प्रतिवादी नंबर दो ने बेटे के ऊपर 40 हजार रुपए चुराने का आरोप लगाया। आरोपों के अनुसार, प्रतिवादी नंबर 2 और अकादमी के अन्य छात्रों ने याचिकाकर्ता के बेटे को अपना अपराध स्वीकार करने की धमकी दी। उन्होंने उसका फोन छीन लिया और अपराध स्वीकार करने वाले संदेश भेजे, साथ ही उसकी पिटाई भी की। उनके इस व्यवहार से दुखी और असमर्थ होकर, याचिकाकर्ता के बेटे ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना से पहले मृतक ने क्या किया इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से पहले, मृतक ने अपने एक दोस्त और अपनी बहन को बताया था कि वह आत्महत्या कर रहा है। उसने अपने दोस्त के पास एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था, जिसमें उसने अकादमी के छात्रों (प्रतिवादी नंबर 2 सहित) को दोषी ठहराया था। लगभग एक महीने के बाद, भारतीय न्याय संहिता की धारा 107 के तहत एक एफआईआर दर्ज की गई थी। शुरुआत में, सत्र न्यायालय ने प्रतिवादी नंबर 2 की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। हालांकि बाद में हाई कोर्ट ने उसे यह राहत प्रदान कर दी। उम्र के संबंध में भी गलती याचिकाकर्ता के अनुसार, हाई कोर्ट ने न केवल उसके बेटे की आत्महत्या की घटना को मामूली बना दिया, बल्कि मृतक को दबाव न झेल पाने का दोषी ठहराया और आरोपी के कृत्यों का बचाव किया। यह दावा किया गया है कि हाई कोर्ट ने मृतक की उम्र 18 मानकर गलती की, जबकि घटना के समय वह 17 साल का था, और इस प्रकार, एक नाबालिग को आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर अपराध लागू होता है। याचिकाकर्ता का यह भी तर्क है कि प्रतिवादी नंबर 2 एक प्रभावशाली परिवार से संबंधित है। उसकी हिरासत में पूछताछ आवश्यक है क्योंकि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी उसने जांच में सहयोग नहीं किया।  

TMC मंच हादसे के बाद कोलकाता पुलिस की सख्ती, सेना का ट्रक रोका

कोलकाता  सेना द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्यों में बांग्लाभाषी प्रवासी श्रमिकों पर कथित अत्याचार के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस द्वारा बनाए गए मंच को गिरा दिए जाने के एक दिन बाद कोलकाता पुलिस ने मंगलवार को लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में सेना के एक ट्रक को रोक लिया। ट्रक चला रहे सैन्यकर्मी के खिलाफ खतरनाक तरीके से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह घटना पूर्वाह्न करीब 11 बजे राइटर्स बिल्डिंग के सामने हुई। उन्होंने कहा, 'वाहन इतनी तेज रफ्तार से चल रहा था कि मोड़ लेते समय एक बड़ा हादसा हो सकता था। कोलकाता पुलिस के आयुक्त मनोज वर्मा का वाहन ट्रक के पीछे चल रहा था।' कोलकाता पुलिस द्वारा जारी सीसीटीवी वीडियो में यातायात अधिकारियों द्वारा ट्रक को रोके जाने से लेकर तक की घटनाओं को दर्शाया गया है। वीडियो में सेना का वाहन बीबीडी बाग नॉर्थ रोड के बाएं किनारे पर राइटर्स बिल्डिंग ट्रैफिक सिग्नल पर धीमा होता हुआ दिखाई देता है, जहां से उसने अचानक दक्षिण की ओर दाहिनी ओर मुड़ने का प्रयास किया। वीडियो के अनुसार, ट्रक वर्मा की कार से टकराने से बाल-बाल बच गया और यह दुर्घटना से बचने के लिए सिग्नल पर दाहिनी ओर से तेजी से आगे निकल गया। वर्मा का वाहन सेना के ट्रक के पीछे चल रहा था। व्यस्त चौराहे पर यातायात का प्रबंधन कर रहे पुलिस अधिकारियों ने ट्रक को तेजी से जाते हुए देखा और उन्होंने नियमों का उल्लंघन करने के लिए उसे रोक दिया, क्योंकि चौराहे पर लगे यातायात संकेतों में वाहनों को सड़क के बाएं किनारे से दाहिनी ओर मुड़ने से मना किया गया था। सेना के अधिकारियों के अनुसार, ट्रक कोलकाता स्थित सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय फोर्ट विलियम से बीबीडी बाग के पास ब्रेबोर्न रोड स्थित पासपोर्ट कार्यालय जा रहा था। अधिकारी ने बताया कि सेना के दो जवानों को ले जा रहे ट्रक को बाद में हेयर स्ट्रीट पुलिस थाने ले जाया गया। उन्होंने बताया कि चालक के खिलाफ खतरनाक तरीके से वाहन चलाने के लिए मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। फोर्ट विलियम के अधिकारी भी घटना के बारे में पुलिस से बात करने के लिए पुलिस थाने पहुंच गए हैं। सेना के अधिकारियों ने किसी भी गड़बड़ी से इनकार करते हुए कहा कि पुलिस ने वाहन को राइटर्स बिल्डिंग के पास मोड़ते समय रोका था। उन्होंने कहा कि यातायात के किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है। मंगलवार को हुई इस घटना से के स्थल से कुछ ही दूरी पर सेना के अधिकारियों ने मध्य कोलकाता के मायो रोड पर गांधी प्रतिमा के पास बनाए गए तृणमूल कांग्रेस के मंच को सोमवार को इस आधार पर तोड़ना शुरू कर दिया था कि पार्टी ने कार्यक्रम की अनुमति की अवधि पार कर ली थी। मायो रोड रक्षा बलों के स्वामित्व और प्रशासन वाला क्षेत्र है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी घटनास्थल पर पहुंचीं और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तृणमूल के खिलाफ ‘प्रतिशोध की राजनीति’ के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए ‘भारतीय सेना का दुरुपयोग’ करने का आरोप लगाया था।  

भारत की टेक्नोलॉजी छलांग: पीएम मोदी ने अनवील की विक्रम 32-bit प्रो चिप

नई दिल्ली  भारतीय पीएम मोदी ने मंगलवार को पहले Made in India विक्रम 32-bit प्रो चिप को अनवील किया है। इसे Semicon India कॉन्फ्रेंस के दौरान राजधानी दिल्ली में शोकेस किया गया। इस दौरान पीएम के साथ सीएम रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे। यह कदम भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और सेमीकंडक्टर उद्योग में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। इस मौके पर उन्होंने यह भी बताया कि देश में सेमीकंडक्टर चिपसेट का कमर्शियल प्रोडक्शन इसी साल से शुरू हो जाएगा।   आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम भारत का यह पहला चिपसेट देश की तकनीकी प्रगति का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसका उद्देश्य विदेशी चिप्स पर भारत की निर्भरता को कम करना है। यह चिपसेट स्मार्टफोन, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्वदेशी चिपसेट के विकास से भारत ग्लोबल सप्लाई चेन में एक प्रमुख खिलाड़ी बन सकता है, जिससे देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। सेमिकॉन इंडिया कॉन्फ्रेंस का महत्व चौथा सेमिकॉन इंडिया कॉन्फ्रेंस, जो कि तीन दिवसीय कार्यक्रम है, भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इस दौरान देश-विदेश के उद्योग जगत के विशेषज्ञ नीति निर्माता और निवेशक एक साथ मिलकर सेमीकंडक्टर विनिर्माण को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। सरकार की 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी पहलों के साथ यह सम्मेलन भारत को सेमीकंडक्टर हब बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।

बेसेन्ट बोले: रूस मुद्दे पर भारतीयों का व्यवहार ठीक नहीं, लेकिन ट्रेड डिस्प्यूट सुलझेगा

न्यू यार्क  भारत और अमेरिका के बीच शुल्क को लेकर जारी तनातनी के बीच अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने कहा है कि अंततः ‘ये दो महान देश इस मुद्दे को सुलझा लेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि भारत के मूल्य रूस के बजाय ‘हमारे और चीन के अधिक करीब हैं।' फॉक्स न्यूज़ को दिए साक्षात्कार में बेसेन्ट ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) को ‘‘व्यापक तौर पर प्रदर्शनात्मक'' करार दिया। यह बयान तब आया जब चीन के तियानजिन शहर में रविवार और सोमवार को एससीओ का वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ। बेसेन्ट ने सोमवार को कहा, ‘‘यह एक पुराना आयोजन है, जिसे शंघाई सहयोग संगठन कहा जाता है, और मुझे लगता है कि यह व्यापक रूप से एक प्रदर्शनात्मक आयोजन है।'' उन्होंने कहा, ‘‘आख़िरकार, भारत दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला लोकतंत्र है। उनके मूल्य रूस के बजाय हमारे और चीन के अधिक करीब हैं।'' बेसेन्ट ने आगे कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अंतत: ये दो महान देश (भारत और अमेरिका) इस मुद्दे को सुलझा लेंगे। लेकिन रूस से तेल खरीदने और फिर उसे पुनः बेचने के मामले में भारतीयों ने अच्छा व्यवहार नहीं किया है। इससे यूक्रेन में रूस के युद्ध प्रयास को वित्तीय समर्थन मिला है।'' भारत ने रूसी कच्चे तेल की अपनी खरीद का बचाव करते हुए कहा है कि उसकी ऊर्जा आवश्यकताएं राष्ट्रीय हितों और बाज़ार की स्थिति पर आधारित हैं। फॉक्स न्यूज़ के अनुसार, अमेरिका-भारत व्यापार वार्ताओं में धीमी प्रगति को भी व्हाइट हाउस द्वारा भारत पर शुल्क बढ़ाने के एक कारण के रूप में देखा जा रहा है।   बेसेन्ट की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ट्रंप प्रशासन ने रूस से तेल खरीद के चलते भारत पर 50 प्रतिशत तक के शुल्क लगाए हैं। भारत ने इन शुल्कों को “अनुचित और अकारण” बताया है। उन्होंने यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान हुई द्विपक्षीय बैठकों से जुड़े सवालों पर दी। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत-अमेरिका संबंध पिछले दो दशकों के सबसे निचले स्तर पर माने जा रहे हैं, जिसे ट्रंप प्रशासन की शुल्क नीति और नयी दिल्ली के प्रति उसके लगातार आलोचनात्मक रुख ने और गहरा किया है। बेसेन्ट ने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन रूस पर प्रतिबंधों पर विचार कर रहा है और ‘‘सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।'' उन्होंने कहा ‘‘मुझे लगता है कि सब कुछ सामने है। राष्ट्रपति पुतिन ने एंकोरेज में ऐतिहासिक बैठक के बाद, फोन कॉल के बाद, जब सोमवार को यूरोपीय नेता और राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की व्हाइट हाउस में थे—जो संकेत दिए थे, उसके विपरीत कार्य किया है। वास्तव में, उन्होंने अत्यंत निंदनीय तरीके से बमबारी अभियान को और तेज कर दिया है।'' उन्होंने आगे कहा, ‘‘मुझे लगता है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ, सभी विकल्प खुले हैं, और हम इस सप्ताह उनका बहुत गंभीरता से अध्ययन करेंगे।''    

भूकंप ने अफगानिस्तान को झकझोरा, अब तक 1400 से अधिक लोगों की मौत

कुनार पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान का कुनार प्रांत रविवार आधी रात के बाद एक भयानक भूकंप से दहल उठा। भूकंप की तीव्रता 6.1 मापी गई और इसका केंद्र कुनार की राजधानी असदाबाद के पास लगभग 27 किलोमीटर गहराई में था। इस विनाशकारी प्राकृतिक आपदा ने अब तक 1,411 लोगों की जान ले ली है और 3,124 लोग घायल हुए हैं। तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने इस दुखद घटना की पुष्टि की और बताया कि अब तक कुनार में 5,412 घर पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं। सरकार की ओर से लगातार राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। विशेष रूप से प्रभावित इलाकों में हेलीकॉप्टर के ज़रिए घायलों को निकाला जा रहा है ताकि उन्हें तुरंत इलाज मिल सके। इससे पहले अफ़ग़ान रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने मरने वालों की संख्या 1,124 बताई थी और कहा था कि करीब 3,251 लोग घायल हुए हैं। संस्था ने यह भी कहा था कि 8,000 से ज़्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है और बहुत से लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं। यही कारण है कि राहत कार्य तेज़ी से चल रहे हैं और मौत का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। सबसे ज़्यादा नुक़सान कुनार में नार प्रांत इस भूकंप से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है। यहां के अस्पतालों में इतनी भीड़ है कि घायलों को ज़मीन पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है। कई लोगों को सामूहिक रूप से दफनाया गया है क्योंकि परिवारों के पास न तो संसाधन हैं और न ही समय। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बच्चे जो अपने घरों से बेघर हो गए हैं वे खुले आसमान के नीचे रात बिता रहे हैं।नंगरहार, लघमन और नूरिस्तान जैसे पड़ोसी प्रांतों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए और वहां भी कुछ मौतें व घायल होने की सूचना मिली है। वहीं पंजशीर प्रांत में इस भूकंप से आर्थिक नुकसान हुआ है लेकिन किसी के मारे जाने की सूचना नहीं है। सीमा पार पाकिस्तान तक महसूस हुए झटके भूकंप के झटके अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल तक महसूस किए गए। इसके साथ ही पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत में भी कंपन दर्ज की गई। इसने साबित कर दिया कि भूकंप की तीव्रता कितनी अधिक थी और इसका प्रभाव कितना व्यापक रहा। राहत कार्यों में चुनौतियाँ दूरदराज़ के इलाकों में पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। तालिबान सरकार के पास संसाधनों की कमी है और जिन इलाकों में सड़कें नष्ट हो चुकी हैं वहां हेलीकॉप्टरों के माध्यम से घायलों को निकाला जा रहा है। स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों ने तुरंत सहायता पहुंचाने की बात कही है। राहत शिविर लगाए जा रहे हैं लेकिन अब भी हज़ारों लोग भोजन, पानी और दवाइयों की कमी से जूझ रहे हैं।   भूकंप के बाद की ज़िंदगी भूकंप के बाद जो लोग बचे हैं उनकी ज़िंदगी पूरी तरह बदल गई है। अपने प्रियजनों को खोने का दुख, घर उजड़ने की पीड़ा और भविष्य की अनिश्चितता ने लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। बच्चों की पढ़ाई छूट गई है और महिलाएं व बुज़ुर्ग खुले में जीवन बिता रहे हैं।

आसमान से गायब हुआ इंडोनेशियाई हेलीकॉप्टर, भारतीय नागरिक समेत 8 लोग थे सवार

इंडोनेशिया  इंडोनेशिया के बोर्नेओ द्वीप से एक भारतीय नागरिक समेत आठ यात्रियों को लेकर रवाना हुए लापता हेलीकॉप्टर की तलाश मंगलवार को भी जारी रही। इंडोनेशियाई  अंतरा के अनुसार सोमवार को एक पायलट, एक इंजीनियर और छह यात्रियों को लेकर रवाना हुआ एस्टिंडो एयर बीके 117 डी3 हेलीकॉप्टर का दक्षिण कालीमंतन प्रांत के मेन्टेवे में मंडिन दमार जलप्रपात के पास संपर्क टूट गया। खबर में कहा गया है कि हेलीकॉप्टर में भारतीय नागरिक संथा कुमार भी सवार थे। हेलीकॉप्टर में सवार अन्य लोगों की पहचान कैप्टन हरियांटो, इंग हेंड्रा, मार्क वेरेन, युडी फेब्रियन, एंडिस रिसा पासुलु, क्लाउडिन क्विटो और इबॉय इरफान रोसा के रूप में हुई है। खोज एवं बचाव एजेंसी के प्रमुख आई पुतु सुदयाना ने कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खोज अभियान में दो हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं, क्योंकि एक ही क्षेत्र में एक साथ तैनाती से संयुक्त खोज एवं बचाव दल को खतरा हो सकता है।