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बायोलॉजी पेपर लीक केस में बड़ी गिरफ्तारी, जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच

 नई दिल्ली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट 2026 (NEET-UG 2026) पेपर लीक मामले में सीबीआई के हाथ एक और बड़ी सफलता लगी है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंडारे को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. मनीषा को नीट-यूजी 2026 के बायोलॉजी पेपर लीक की कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. मनीषा मंडारे पुणे के शिवाजीनगर में स्थित मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स साइंस एंड कॉमर्स में बॉटनी की लेक्चरर हैं. कॉलेज सूत्रों के मुताबिक, मनीषा पिछले पांच से छह वर्षों से एनटीए के लिए नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में योगदान दे रही थीं।  सीबीआई के मुताबिक, मनीषा को एनटीए ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा प्रक्रिया में बतौर एक्सपर्ट नियुक्त किया था और बॉटनी व जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक उनकी पूरी पहुंच थी. जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 के दौरान मनीषा मंडारे ने पुणे की मनीषा वाघमारे (जिसे 14 मई को गिरफ्तार किया जा चुका है) के जरिए कुछ नीट अभ्यर्थियों को अपने पुणे स्थित घर पर जुटाया और एक स्पेशल कोचिंग क्लास चलाई. इस क्लास में उन्होंने छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के कई सवाल समझाए, उन्हें नोटबुक में लिखवाया और किताबों में मार्क करवाया।  सीबीआई का दावा है कि इनमें से अधिकांश सवाल 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते थे. सीबीआई ने पिछले 24 घंटों में देशभर में 6 ठिकानों पर छापेमारी भी की है. इस दौरान कई अहम दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. केंद्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक छापेमारी के दौरान जब्त सामग्री की विस्तृत जांच जारी है. बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने (NTA) 3 मई, 2026 को देशभर में आयोजित नीट-यूजी परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया था।  NEET-UG पेपर लीक मामले में अब तक 9 गिरफ्तारियां सीबीआई ने पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर 12 मई, 2026 को एफआईआर दर्ज किया था. इसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने स्पेशल टीमें बनाकर देशभर में अलग-अलग ठिकानों पर छापे डाले और कई संदिग्धों से पूछताछ की. अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें से 5 आरोपियों को अदालत में पेश कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।  वहीं, कल गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को पुणे कोर्ट में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया है, जहां उन्हें दिल्ली की अदालत में पेश किया जाएगा. सीबीआई का कहना है कि अब तक जांच में केमिस्ट्री और बायोलॉजी पेपर लीक के पीछे के मुख्य आरोपियों के साथ-साथ उन बिचौलियों की भी पहचान हुई है, जिन्होंने लाखों रुपये लेकर छात्रों को इन विशेष क्लासों तक पहुंचाया था. सीबीआई ने इस मामले में महाराष्ट्र के लातूर निवासी केमिस्ट्री टीचर पीवी कुलकर्णी (P.V. Kulkarni) को भी गिरफ्तार किया है।  पेपर लीक का मास्टरमाइंड केमिस्ट्री प्रोफेसर भी अरेस्ट पीवी कुलकर्णी को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में कथित मास्टरमाइंड माना जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह कई वर्षों तक मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े अकादमिक कार्यों में शामिल रहे और हाल के समय में एनटीए के साथ कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर केमिस्ट्री एक्सपर्ट के रूप में काम कर रहे थे. उन्हें एनटीए की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े होने के कारण नीट-यूजी 2026 के केमिस्ट्री प्रश्नपत्रों तक पहुंच मिली थी. पीवी कुलकर्णी ने लातूर के दयानंद कॉलेज में करीब 28 वर्षों तक केमिस्ट्री प्रोफेसर के रूप में काम किया और इस कॉलेज के प्रिंसिपल भी रहे. रिटायरमेंट के बाद वह पुणे में कोचिंग और निजी अकादमिक गतिविधियों से जुड़े थे। 

महंगाई के बीच पाकिस्तान सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल-डीजल कीमतों में कटौती

इस्लामाबाद  अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बाद से दुनियाभर में तेल का संकट मंडरा रहा है। इस माहौल के बीच पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 5 रुपये की कटौती की है। इस कटौती के बाद पेट्रोल की कीमत 409.78 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 409.58 रुपये प्रति लीटर हो गई है। बता दें कि पाकिस्तान की सरकार 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बाद से हर हफ्ते  रात को पेट्रोलियम की कीमतों में बदलाव कर रही है। पिछले हफ्ते, सरकार ने पेट्रोल की कीमतों में 14.92 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में 15 रुपये की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद सरकार ने सबसे पहले 6 मार्च को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी और 9 मार्च को खर्च में कटौती के कुछ ऐसे उपाय घोषित किए थे, जो पहले कभी नहीं किए गए थे। भारत में 3 रुपये महंगा हुआ है पेट्रोल-डीजल सरकारी तेल कंपनियों ने चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद  पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संशोधन करते हुए दोनों ईंधनों के दाम में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। पेट्रोल और डीजल की कीमतें अप्रैल 2022 से स्थिर थीं। हालांकि, मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले दोनों ईंधनों के दाम में दो रुपये प्रति लीटर की एकमुश्त कटौती की गई थी। वहीं, चार राज्यों-असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के 16 दिन बाद यह बढ़ोतरी हुई है। मतदान अवधि के दौरान ईंधन कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया था जबकि पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेज वृद्धि हुई थी। तेल कंपनियां चुनाव से पहले पेट्रोल पर 14 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 42 रुपये प्रति लीटर और एलपीजी पर 674 रुपये प्रति लीटर का घाटा उठा रही थीं। दूसरे देशों से अब भी भारत में सस्ती कीमत वैश्विक तेल संकट के बीच जारी एक आंकड़े के मुताबिक भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में सबसे कम रही है। रिपोर्ट के अनुसार म्यांमार में पेट्रोल 89.7% और डीजल 112.7% तक महंगा हुआ, जबकि मलेशिया, पाकिस्तान, यूएई और अमेरिका में भी ईंधन कीमतों में 40 से 80 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। श्रीलंका, कनाडा, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों में भी पेट्रोल-डीजल के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसके मुकाबले भारत में पेट्रोल केवल 3.2% और डीजल 3.4% महंगा हुआ है, जिसे प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे कम वृद्धि बताया गया है। सरकार का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी उछाल के बावजूद आम लोगों पर बोझ कम रखने के लिए कीमतों को लंबे समय तक नियंत्रित रखा गया।

182 करोड़ की ड्रग्स जब्त, ऑपरेशन RAGEPILL की सफलता पर अमित शाह ने सराहा NCB

नई दिल्ली एनसीबी ने ‘ऑपरेशन RAGEPILL’ के तहत ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल की है। केंद्रीय गृहमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के माध्यम से बताया कि इस ऑपरेशन के अंतर्गत एजेंसी ने पहली बार ‘कैप्टागॉन’ नामक ड्रग्स की बड़ी खेप को सीज किया, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 182 करोड़ रुपये है। जब्त की गई कैप्टागॉन को ‘जिहादी ड्रग’ के नाम से भी जाना जाता है। गृहमंत्री शाह ने की NCB की तारीफ अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘मोदी सरकार नशा मुक्त भारत के लिए प्रतिबद्ध है। यह बताते हुए खुशी हो रही है कि Operation RAGEPILL के जरिए हमारी एजेंसियों ने पहली बार तथाकथित जिहादी ड्रग कैप्टागन को जब्त किया, जिसकी कीमत करीब 182 करोड़ रुपये है। मध्य-पूर्व जा रही ड्रग्स की खेप को जब्त करना और एक विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी, ड्रग्स के प्रति हमारी शून्य सहिष्णुता की प्रतिबद्धता के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। हम भारत में प्रवेश करने वाले या हमारे क्षेत्र के गुजरने वाले या देश से बाहर जाने वाले हर ग्राम ड्रग्स पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। एनसीबी के बहादुर और सतर्क कार्यकर्ताओं को सलाम।’ क्या है Captagon ड्रग? बता दें कि Captagon, वह आम नाम है जो ऐतिहासिक रूप से Fenethylline नामक सिंथेटिक उत्तेजक से जुड़ा रहा है। इसे मूल रूप से 1960 के दशक में Attention Disorders और नार्कोलेप्सी जैसी बीमारी के इलाज के लिए डेवलप किया गया था। हालांकि, इसकी लत लगाने वाली प्रवृत्ति और दुरुपयोग की आशंका की वजह बाद में इस दवा के मूल फार्मास्युटिकल के तौर पर इंटरनेशनल लेवल पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इसे क्यों कहा जाता है जिहादी ड्रग? कैप्टागॉन को जिहादी ड्रग इसलिए कहा जाता है क्योंकि मिडिल ईस्ट और वेस्ट एशिया के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर उपयोग की जाती है। सुरक्षा मामलों की चर्चाओं में कैप्टागॉन को अक्सर जिहादी ड्रग कहा जाता है। क्योंकि वर्षों से ऐसे कई खुफिया इनपुट और आरोप सामने आते रहे हैं जिनमें वेस्ट एशिया के संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में एक्टिव चरमपंथी नेटवर्क और आतंकी गुटों के साथ इसके प्रयोग और तस्करी को जोड़ा गया।

उत्तराखंड में आंधी-तूफान का खतरा, बिजली गिरने की चेतावनी, कई जिलों में अलर्ट

देहरादून भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तराखंड के 11 जनपदों में शनिवार अपराह्न एक बजे से रविवार एक बजे तक 24 घंटों का येलो अलर्ट जारी किया है। चूंकि राज्य में चारधाम यात्रा प्रचलित है, इसलिए यह चेतावनी विशेषकर अन्य राज्यों से आने वाले लोगों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है। भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 मई 01:00 बजे अपराह्न से 17 मई रविवार 01:00 बजे अपराह्न तक जनपद अल्मोडा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, नैनीताल, पौडी गढ़वाल, पिथौरागढ, रूद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी में अलग-अलग स्थानों पर येलो अलर्ट का अनुमान है। इस दौरान, इन जनपदों के ऋषिकेश, मसूरी, विकासनगर, चकराता, गंगोत्री, यमनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, देवप्रयाग, धनोल्टी, श्रीनगर, कोसानी, कपकोट, मुनस्यारी, हल्द्वानी, लोहाघाट, टनकपुर तथा आस पास के क्षेत्रो में तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटा) के साथ बिजली गिरने और तूफान आने की संभावना है।

क्या इंसानों में तेजी से फैल रहा है हंतावायरस? WHO ने जारी की नई जानकारी

नई दिल्ली दुनिया भर में खौफ फैलाने वाले एंडीज हंतावायरस के बारे में वैज्ञानिकों को अब भी बहुत कम जानकारी है. खासकर यह वायरस इंसान के शरीर में कितने समय तक रह सकता है. कितने समय तक दूसरों में फैल सकता है. यह अभी भी एक रहस्य बना हुआ है. MV Hondius क्रूज जहाज पर फैले इस वायरस ने 11 लोगों को बीमार किया और 3 लोगों की जान ले ली. अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इस वायरस की गहराई से जांच कर रहा है।  एंडीज हंतावायरस सिर्फ हवा या चूहों से नहीं, बल्कि इंसान के कई तरह के शरीर के तरल पदार्थों से भी फैल सकता है. इसमें लार, मां का दूध और स्पर्म शामिल हैं. क्रूज जहाज पर हुई इस घटना के बाद वैज्ञानिक चिंतित हैं क्योंकि यह वायरस यौन संबंध या निकट संपर्क से भी फैल सकता है. लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि संक्रमण के बाद व्यक्ति कितने समय तक दूसरों को संक्रमित कर सकता है, इसकी सही जानकारी नहीं है।  WHO ने शुरू की जरूरी स्टडी विश्व स्वास्थ्य संगठन की उभरती बीमारियों और जूनोसिस यूनिट की प्रमुख मारिया वान केरखोवे ने बताया कि एंडीज हंतावायरस पर कई अध्ययन चल रहे हैं. इनमें सबसे महत्वपूर्ण है नेचुरल हिस्ट्री स्टडी. यह स्टडी वायरस के इंसान के शरीर में जीवन चक्र को समझने की कोशिश करेगी।  मारिया वान केरखोवे ने कहा कि यह स्टडी उन लोगों के नियमित सैंपल लेकर करेगी जो क्वारंटाइन में हैं. इससे पता चलेगा कि वे संक्रमित हैं या नहीं. क्या वे दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं या नहीं. यह जानकारी इसलिए बहुत जरूरी है क्योंकि अभी तक हंतावायरस के लिए कोई खास इलाज उपलब्ध नहीं है।  क्रूज जहाज पर फैला खतरा अप्रैल महीने में MV Hondius क्रूज जहाज पर यह वायरस तेजी से फैला. जहाज पर सवार यात्री और कर्मचारी दोनों प्रभावित हुए. इस घटना के बाद पूरी दुनिया में इस वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. कई देशों में क्रूज यात्रियों की निगरानी बढ़ा दी गई है. हंतावायरस के प्रकारों के बारे में कुछ जानकारी है, लेकिन एंडीज स्ट्रेन नया और खतरनाक है।  वैज्ञानिक नहीं जानते कि संक्रमण के बाद वायरस शरीर में कितने दिन, हफ्ते या महीने तक एक्टिव रह सकता है. अगर यह वायरस लंबे समय तक शरीर में छिपा रह सकता है तो ठीक हो चुके व्यक्ति भी दूसरों को संक्रमित कर सकता है. यही वजह है कि WHO क्वारंटाइन में रह रहे लोगों पर लगातार नजर रख रहा है. उनके सैंपल (खून, लार, स्पर्म आदि) की जांच कर रहा है। फिलहाल हंतावायरस का कोई स्पेसिफिक इलाज नहीं है. डॉक्टर सिर्फ सपोर्टिव केयर दे सकते हैं, जैसे ऑक्सीजन, दर्द निवारक दवाएं और फेफड़ों की देखभाल. अगर वायरस लंबे समय तक संक्रामक रहता है तो क्वारंटाइन की अवधि बढ़ाई जा सकती है. यही वजह है कि WHO इस स्टडी को बहुत महत्व दे रहा है।  आगे क्या हो सकता है? वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले हफ्तों और महीनों में स्टडी के नतीजे सामने आएंगे. इससे पता चलेगा कि संक्रमित व्यक्ति को कितने समय तक अलग-थलग रखना चाहिए. किन-किन सावधानियों का पालन करना चाहिए. खासकर पुरुषों को यौन संबंध बनाने, स्तनपान कराने वाली महिलाओं को सावधानी बरतने और निकट संपर्क से बचने की सलाह दी जा सकती है।  एंडीज हंतावायरस अभी भी कई राज छिपाए हुए है. WHO की यह नई स्टडी वायरस को बेहतर समझने में मदद करेगी. फिलहाल सतर्कता और साफ-सफाई ही सबसे बड़ा बचाव है. वैज्ञानिक लगातार काम कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी बीमारियों को रोका जा सके और प्रभावित लोगों का सही इलाज किया जा सके।     

नाबालिग से हैरेसमेंट केस में घिरे बंडी संजय के बेटे, हाईकोर्ट से नहीं मिली गिरफ्तारी पर रोक

 हैदराबाद केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे बंडी भगीरथ को एक बड़े कानूनी मामले में हाई कोर्ट से झटका लगा है. तेलंगाना हाई कोर्ट ने पॉक्सो (POCSO) कानून के तहत दर्ज एक मामले में भगीरथ को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से साफ इनकार कर दिया है।  हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच ने शुक्रवार शाम को भगीरथ की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू की. जस्टिस टी. माधवी देवी की अगुवाई में ये सुनावई करीब आधी रात तक चलती रही।  लंबी बहस के बाद जज ने अग्रिम जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. लेकिन भगीरथ के वकील ने अदालत से गुहार लगाई कि अंतिम फैसला आने तक भगीरथ की गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए. हालांकि, कोर्ट ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया।  'पीड़िता का बयान देखने के बाद राहत नहीं दे सकती' अंतरिम राहत की मांग को ठुकराते हुए जस्टिस टी. माधवी देवी ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि मुझे इस मोड़ पर कोई अंतरिम आदेश देना चाहिए. मैंने पीड़िता का बयान पढ़ा है. उसे देखने के बाद, इस स्तर पर मैं कोई भी अंतरिम राहत देने के पक्ष में नहीं हूं।  अदालत में दोनों पक्षों की तीखी बहस सुनवाई के दौरान भगीरथ के वकील ने तर्क दिया कि जमानत याचिका पर सुनवाई करते समय अदालत के पास अंतिम फैसला आने तक अंतरिम जमानत देने की अंतर्निहित शक्ति होती है. उन्होंने ये भी कहा कि इस मामले की शिकायतकर्ता ने खुद माना था कि उनकी बेटी साल 2025 से भगीरथ के साथ रिलेशनशिप में थी और दोनों के बीच अच्छे रिश्ते थे।  वगहीं, पीड़िता के वकील ने भगीरथ को किसी भी तरह की राहत देने का विरोध किया. उन्होंने दलील दी कि आरोपी के पिता (बंडी संजय) एक बेहद प्रभावशाली व्यक्ति हैं. ऐसे में अगर आरोपी को राहत मिलती है, तो वो सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है।  क्या है पूरा मामला? 8 मई एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में आरोप लगाया गया कि भगीरथ उनकी बेटी के साथ रिलेशनशिप में था और उसने लड़की का सेक्सुअल हैरेसमेंट किया. पुलिस ने पहले भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था. लेकिन कोर्ट के सामने पीड़िता का बयान दर्ज होने के बाद, मामले में पॉक्सो कानून की और भी सख्त धाराएं जोड़ दी गईं।  भगीरथ का दावा- 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी वहीं, भगीरथ ने भी करीमनगर पुलिस में लड़की और उसके परिवार के खिलाफ एक काउंटर शिकायत दर्ज कराई है. भगीरथ का दावा है कि लड़की से उसकी जान-पहचान थी और वो उसके फैमिली फंक्शन में भी गया था. उसने आरोप लगाया कि लड़की और उसके माता-पिता उस पर शादी का दबाव बनाने लगे. जब उसने शादी से इनकार कर दिया, तो वो पैसों की मांग करने लगे और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।  भगीरथ का आरोप है कि उसने लड़की के पिता को 50,000 रुपये भी दिए थे, लेकिन बाद में परिवार ने उससे 5 करोड़ रुपये की मांगे और मांग पूरी न होने पर मां ने खुदकुशी करने की धमकी दी।  जज ने सोशल मीडिया कैंपेन पर जताई चिंता सुनवाई शुरू होने से पहले जस्टिस टी. माधवी देवी ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे दुष्प्रचार पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि अगर पीड़िता के वकील को उनके सामने बहस करने में कोई आपत्ति है, तो वो इस मामले की सुनवाई नहीं करेंगी. हालांकि, दोनों पक्षों के वकीलों की अपील पर उन्होंने मामले की सुनवाई की। 

अब सोमवार और शुक्रवार होगी वर्चुअल सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नया आदेश

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर अब सुप्रीम कोर्ट में भी दिखाई देने लगा है। देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए आदेश जारी किया है कि कोर्ट के स्टाफ सप्ताह में दो दिन घर से काम करेंगे। साथ ही कोर्ट की सुनवाई सोमवार, शुक्रवार को ऑनलाइन मोड में होगी। इसके साथ ही रजिस्ट्री से जुड़े 50 फीसदी कर्मचारियों को WFH करने का आदेश दिया गया है।  इसके तहत सोमवार और शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए मामलों की सुनवाई की जाएगी। वहीं, मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को वकीलों और याचिकाकर्ताओं के सामने विकल्प होगा कि वह फिजिकली या वर्चुअली पेश हो सकते हैं। कोर्ट ने आगे कहाकि जजों ने एकमत से फैसला लिया है कि ईंधन के पूरी तरह से सदुपयोग के लिए वह कार पूलिंग को बढ़ावा देंगे। दो दिन 50 फीसदी स्टाफ को WFH इसके अलावा, हफ्ते में दो दिन सभी रजिस्ट्री ब्रांच या सेक्शन के 50 फीसदी स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति होगी। इसके लिए वीकली रोस्टर तैयार किया जाएगा, ताकि कोर्ट का काम-काज प्रभावित न होने पाए। फैसले में आगे कहा गया है कि रजिस्ट्री अधिकारी वर्क फ्रॉम व्यवस्था को काम के हिसाब से बंद कर सकते हैं बदल सकते हैं। अगर उन्हें लगता है कि किसी खास ब्रांच में ऑफिस से ही काम करना जरूरी है तो इसके मुताबिक फैसला लिया जा सकता है। PM मोदी की अपील यह फैसला ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों को तेल का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक ही करने का आह्वान किया है। पश्चिम एशिया में मौजूद संकट और दुनिया में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते पीएम मोदी ने देश के नागरिकों से यह अपील की है। गौरतलब है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी गई है।

मॉनसून का इंतजार खत्म होने वाला है, जानिए कब बदलेगा मौसम का मिजाज

नई दिल्ली उत्तर भारत समेत देश के विभिन्न हिस्सों में कई दिनों तक बारिश होने के बाद एक बार फिर से भीषण गर्मी का दौर वापस लौट आया है। इसकी वजह से लोग मॉनसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अब यह इंतजार खत्म होने वाला है। दरअसल, मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि दक्षिण पश्चिम मॉनसून 26 मई को दस्तक दे सकता है। भारत में यह सबसे पहले केरल में आता है और इस बार 26 मई को यानी कि तय समय से पहले ही आने की संभावना है। हालांकि, मौसम विभाग ने इस तारीख में प्लस माइनस चार दिनों की संभावना जताई है। वहीं, अगले 24 घंटे में मॉनसून बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पहुंचने वाला है। मॉनसून के आने से पहले दक्षिण भारत में झमाझम बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, पूरे हफ्ते के दौरान उत्तर पूर्वी भारत, अगले तीन चार दिनों के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। केरल के जरिए मॉनसून के एंट्री लेने के बाद अगले एक महीने के भीतर यह अन्य राज्यों की ओर बढ़ेगा। भारत के निचले भाग से ऊपरी भाग की ओर मॉनसून बढ़ता जाएगा। आमतौर पर मॉनसून केरल में एक जून को पहुंचता है, लेकिन इस बार चार दिन पहले आने की संभावना है, जोकि किसी खुशखबरी से कम नहीं है। उत्तर भारत के मौसम का हाल उत्तर भारत की बात करें तो 15 व 16 मई को जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में छिटपुट से हल्की से मध्यम बारिश, गरज, बिजली और तेज हवाओं के चलने की संभावना है। 15 मई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी राजस्थान और उत्तर प्रदेश में व पूर्वी राजस्थान में 15 और 16 मई को छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश, गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने वाली हैं। इस दौरान आंधी की स्पीड 50 किमी प्रति घंटे रह सकती है। 15 मई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान में गरज के साथ आंधी आ सकती है। 15 मई को पश्चिमी राजस्थान में कुल इलाकों में धूलभरी आंधी चलने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो 15-17 मई के दौरान नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में छिटपुट से लेकर काफी व्यापक स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज, बिजली और तेज हवाओं के चलने की संभावना है। मॉनसून से पहले दक्षिण भारत में झमाझम बारिश इसके अलावा, मॉनसून के आगमन से पहले ही दक्षिण भारत में झमाझम बरसात हो रही है। 15-19 मई के दौरान केरल, माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, आंतिरक कर्नाटक, लक्षद्वीप में 15-16 मई को छिअपुट से लेकर व्यापक स्तर पर गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने वाली हैं। 15-17 मई के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, 16-17 मई को केरल, माहे, 15 मई को लक्षद्वीप में और 15-18 मई के दौरान दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर भारी बरसात की संभावना है। साथ ही, 15 मई को केरल, माहे में कुछ जगहों पर बहुत भारी बरसात होगी। 15 मई को आंतरिक कर्नाटक में कुछ जगह पर ओले गिरेंगे।

UAE के बड़े फैसले से बदलेंगे तेल समीकरण! भारत को दिखा बड़ा लाभ

नई दिल्ली संयुक्त अरब अमीरात ने पिछले दिनों तेल उत्पादक मुस्लिम देशों के संगठन ओपेक से खुद को अलग कर लिया था। उसका कहना था कि इस संगठन में रहते हुए उसके ऊपर तेल उत्पादन की सीमा तय करने को लेकर बंधन रहता है। ऐसे में वह इससे बाहर रहना ही ठीक समझ रहा है। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी यूएई दौरे पर 15 मई को पहुंचने वाले हैं। उससे पहले यूएई स्थित भारतीय राजदूत दीपक मित्तल का कहना है कि इससे हमें फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में भारत की ऊर्जा सुरक्षा यूएई के साथ संबंध बेहतर होने से बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अब यदि यूएई की ओर से तेल उत्पादन में इजाफा होगा तो इसका फायदा हमें सीधे तौर पर मिलेगा। इसके अलावा हम अपने ऊर्जा स्रोतों का विविधिकरण भी कर सकेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी के यूएई दौरे से पहले उन्होंने कहा कि हमारी संयुक्त अरब अमीरात के साथ साझेदारी तेजी से बढ़ रही है। अब हम अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता ला रहे हैं और अलग-अलग देशों से खरीद बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत भी एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेजी से इजाफा कर रहा है। हमारी ओर से पाइपलाइन नेटवर्क को बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा एलपीजी, कच्चा तेल, एलएनजी की स्टोरेज के लिए भी हम क्षमता तेजी से बढ़ा रहे हैं। मित्तल ने कहा, 'संयुक्त अरब अमीरात हमारे लिए महत्वपूर्ण साझेदार रहा है। पिछले साल भारत को कच्चा तेल सप्लाई करने वाले देशों में यूएई चौथे स्थान पर था। भारत के कुल आयात में उसकी हिस्सेदारी 11 फीसदी थी। इसके अलावा पिछले 6 से 7 सालों में वह एलएनजी का तीसरा सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है।' दीपक मित्तल ने कहा कि यूएई ने जब ओपेक से बाहर निकलने का फैसला लिया है तो वह अपने लिए बाहर भी अवसरों की तलाश कर रहा होगा। उसने उत्पादन में इजाफा किया तो भारत एक खरीददार के तौर पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने हमेशा ही अच्छे नेटवर्क को प्राथमिकता दी है। सऊदी अरब से किन मतभेदों के चलते OPEC से निकला UAE उन्होंने कहा कि हम अपने रणनीतिक स्टोरेज में इजाफा कर रहे हैं। कच्चे तेल के अलावा हम गैस, एलपीजी और पीएनजी की स्टोरेज भी बढ़ाना चाहते हैं। बता दें कि इसी महीने की शुरुआत में संयुक्त अरब अमीरात ने ओपेक से बाहर निकलने का फैसला लिया था। इस तरह उसने दशकों से सऊदी अरब के साथ चले आ रहे मतभेदों को खत्म कर दिया था। दरअसल सऊदी अरब की ओपेक में ज्यादा पकड़ मानी जाती है। अकसर वह तेल उत्पादन घटाने और बढ़ाने के एकतरफा फैसलों की बात करता था। यह स्थिति यूएई को असहज करने वाली थी।

चीन में ट्रंप की हुई किरकिरी? शी जिनपिंग के बयान से मचा वैश्विक सियासी तूफान

बीजिंग  ईरान जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी चीन में हैं. पश्चिम एशिया संकट के बीच डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा पर पूरी दुनिया की नजर है.डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई. जिनपिंग से मिलते ही ट्र्ंप के सुर बदले दिखे. चीन में डोनाल्ड ट्रंप ने जिनपिंग के तारीफों के पुल बांधे. जिनपिंग को महान नेता बताया. उन्हें अच्छा दोस्त कहा. मगर इसके उलट डोनाल्ड ट्रंप को जलालत झेलनी पड़ी. जी हां, शी जिनपिंग ने डोनाल्ड ट्रंप की घनघोर बेइज्जती कर दी. अमेरिका को उनके सामने ही डिक्लाइनिंग नेशन यानी गिरता हुआ देश बता दिया. दिलचस्प बात यह रही कि डोनाल्ड ट्रंप भी जिनपिंग के इस बात से सहमत दिखे।  सबसे पहले जानते हैं कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका को लेकर ट्रंप के आगे क्या कहा. दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ कूटनीतिक मुलाकात के दौरान एक ऐसा बयान सामने आया, जिसने दुनिया भर का ध्यान खींच लिया. जिनपिंग ने अमेरिका को पतन की ओर जाता देश या गिरता हुआ देश बताया. बीजिंग में हुई इस हाई-प्रोफाइल बैठक के दौरान जिनपिंग ने जिस अंदाज में अमेरिका को गिरता हुआ देश बताया, उसे ट्रंप के लिए बड़ा कूटनीतिक झटका माना जा रहा है. हालांकि, ट्रंप इस बयान का अलग मतलब समझा रहे हैं।  ट्रंप ने बाइडन प्रशासन को लपेटा डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि शी जिनपिंग का यह बयान पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल को लेकर था. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग की उन टिप्पणियों की नई व्याख्या दी. ट्रंप ने तर्क दिया कि जिनपिंग का इशारा खास तौर पर जो बाइडेन के कार्यकाल और उस वक्त हुए अमेरिका को नुकसान की ओर था, न कि उनके प्रशासन के तहत अमेरिका की स्थिति को लेकर था. ट्रंप ने अपने तरह से उस बयान को समझाते हुए कहा कि उनके दोबारा सत्ता में आने के बाद अमेरिका फिर से दुनिया की सबसे ताकतवर आर्थिक और सैन्य शक्ति बन गया है।  ट्रंप ने अपनी सरकार का किया बचाव डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट कर अमेरिका की मौजूदा वैश्विक स्थिति का बचाव किया और एक बार फिर बाइडेन के राष्ट्रपति काल की आलोचना की. ट्रंप ने लिखा, ‘जब राष्ट्रपति शी ने बहुत ही नजाकत से अमेरिका को एक ‘संभवतः पतनशील राष्ट्र’ कहा तो उनका इशारा ‘स्लीपी जो बाइडेन’ और बाइडेन प्रशासन के चार वर्षों के दौरान हुए भारी नुकसान की ओर था. और इस मामले में शी जिनपिंग 100% सही हैं।  हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया कि ट्रंप शी जिनपिंग के किस बयान का जिक्र कर रहे थे. क्या वह निजी बातचीत में कही गई बात थी या बीजिंग में सार्वजनिक रूप से कही गई थी. दौरे के पहले दिन शी जिनपिंग ने ‘पतनशील राष्ट्र’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन उन्होंने ‘थ्यूसिडिडीज ट्रैप’ में फंसने को लेकर जरूर चेतावनी दी. यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक अवधारणा है, जिसमें एथेंस के उदय से स्पार्टा की सत्ता को चुनौती मिली थी।  जिनपिंग ने क्या कहा था बीजिंग में अपने शुरुआती संबोधन में शी जिनपिंग ने कहा था, ‘दुनिया एक नए मोड़ पर आ गई है. क्या चीन और अमेरिका ‘थ्यूसिडिडीज ट्रैप’ से बच सकते हैं और बड़ी शक्तियों के संबंधों का नया मॉडल बना सकते हैं?’ ट्रंप के साथ बैठक के दौरान शी ने ‘सदी में पहले कभी न देखे गए बड़े बदलावों’ का भी जिक्र किया, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका के नेतृत्व वाले वैश्विक व्यवस्था से हटने के संकेत के तौर पर देखा गया।  वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने आगे बाइडेन प्रशासन पर ‘खुली सीमाएं, ऊंचे टैक्स, खराब व्यापार समझौते, बढ़ता अपराध’ और अन्य नीतियों के जरिए नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया. ट्रंप ने विविधता, समानता और समावेशन (DEI) पहलों और ट्रांसजेंडर अधिकारों से जुड़ी नीतियों की भी आलोचना की।  अपनी तारीफ में क्या कहा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि उनके नेतृत्व में अमेरिका अब आर्थिक और सैन्य रूप से मजबूत हो रहा है, जिसमें ‘स्टॉक मार्केट्स अपने उच्चतम स्तर पर’, मजबूत रोजगार बाजार और वैश्विक स्तर पर फिर से प्रतिष्ठा हासिल करने की बात कही. उन्होंने ‘ईरान की सैन्य ताकत को खत्म करने’ का भी जिक्र किया और कहा कि अमेरिका एक बार फिर ‘आर्थिक महाशक्ति’ बन गया है. ट्रंप ने आगे कहा कि शी ने उन्हें ‘अद्भुत सफलताओं’ के लिए बधाई दी और उम्मीद जताई कि वॉशिंगटन और बीजिंग के रिश्ते बेहतर होंगे।  जिनपिंग से सहमत हैं ट्रंप डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि दो साल पहले तक हम सच में एक पतनशील राष्ट्र थे. इस पर मैं राष्ट्रपति शी से पूरी तरह सहमत हूं. लेकिन अब, अमेरिका दुनिया का सबसे आकर्षक देश है और उम्मीद है कि हमारा चीन के साथ रिश्ता पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और बेहतर होगा।