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छत्तीसगढ़ में बड़ा भर्ती ऐलान: टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में 21 सहायक संचालक पदों पर निकली वैकेंसी

छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहली बार टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में सहायक संचालक (योजना) के 21 पदों पर भर्ती लोक सेवा आयोग ने जारी किया अंतिम चयन परिणाम वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा – युवा प्रतिभाओं को मिलेगा प्रदेश के नियोजित विकास में योगदान का अवसर रायपुर  छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आवास एवं पर्यावरण विभाग अंतर्गत सहायक संचालक (योजना) के 21 पदों पर भर्ती के लिए अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया गया है। राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर है जब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में सहायक संचालक (योजना) के पदों पर नियमित भर्ती की गई है।            वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह भर्ती केवल रिक्त पदों की पूर्ति नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के सुव्यवस्थित, वैज्ञानिक और दूरदर्शी शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा कि नियोजित विकास, आधुनिक शहरों के निर्माण और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नई नियुक्तियों से विभाग को युवा, प्रशिक्षित और ऊर्जावान अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जो प्रदेश के शहरों और कस्बों के विकास को नई गति देंगे।      मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को अधिकतम रोजगार अवसर उपलब्ध कराने और शासन-प्रशासन में योग्य प्रतिभाओं को स्थान देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। यह चयन प्रक्रिया उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।             छत्तीसगढ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी परिणाम के अनुसार लिखित परीक्षा 5 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी तथा साक्षात्कार 12 मई 2026 को संपन्न हुआ। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम चयन सूची जारी की गई है।       वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश के नियोजित और संतुलित विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चयनित अधिकारी अपने ज्ञान, कौशल और समर्पण से छत्तीसगढ़ के विकास में उल्लेखनीय योगदान देंगे।

PM मोदी की अपील के बाद दिल्ली के विभागों में पेट्रोल-डीजल बचत और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर जोर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली के लोक निर्माण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड और बाढ़ सिंचाई विभाग ने 11 बड़े निर्देश जारी किए हैं. विभागों में अब सप्ताह में एक दिन 'नो कार डे' लागू किया जाएगा. इसके साथ ही अगली सूचना तक अधिकारियों के विदेशी दौरों पर भी रोक लगा दी गई है. लंबित विदेश यात्रा प्रस्तावों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं. नई गाइडलाइन के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकारी वाहनों का इस्तेमाल न्यूनतम करने को कहा गया है. विभाग ने सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया है. विभागों के वाहन बेड़े को तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने के आदेश भी जारी किए गए हैं. इन विभागों ने अपने कर्मचारियों को निरीक्षण, फील्ड विजिट और कार्यालय आने-जाने के दौरान कार पूलिंग अपनाने की सलाह दी है. सरकारी कार्यक्रमों और निरीक्षणों में ग्रुप ट्रैवल के लिए इलेक्ट्रिक वाहन या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने को कहा गया है. निर्देशों में डीजल चालित पंपों की जगह इलेक्ट्रिक पंप और स्थायी पंपिंग स्टेशनों के उपयोग पर भी जोर दिया गया है. साथ ही अनावश्यक यात्राओं को कम करने के लिए वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा देने की बात कही गई है. इसके अलावा सभी कार्यालय परिसरों में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं. दिल्ली सरकार के विभागों में बागवानी से संबंधित कार्यों में केवल जैविक खाद के इस्तेमाल को अनिवार्य किया गया है. दिल्ली सरकार ने सभी विभागों से इन निर्देशों के पालन की साप्ताहिक रिपोर्ट जमा करने को भी कहा है.

एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का मेगा ड्रग डिस्ट्रक्शन कार्यक्रम, 1397 ड्रग तस्कर गिरफ्तार

नई दिल्ली  दिल्ली को साल 2027 तक नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को मेगा 'ड्रग डिस्ट्रक्शन कार्यक्रम' में करीब 1700 किलोग्राम नशीले पदार्थ नष्ट किए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 72 करोड़ रुपये आंकी गई है। कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू शामिल हुए। उनके साथ दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस साल 1397 ड्रग तस्कर पकड़े गए इस मौके पर एलजी ने दिल्ली के पहले समर्पित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) पुलिस स्टेशन की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सिर्फ नशीले पदार्थ नष्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरे नेटवर्क और मानसिकता को खत्म करने का प्रयास है जो युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रही है। ड्रग्स नष्ट कर दिए गए दिल्ली पुलिस ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, गठित कमिटियों की निगरानी में वर्ष 1974 से 2025 तक के मामलों में अदालतों से अनुमति मिलने के बाद जब्त ड्रग्स नष्ट किए गए। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2026 में 30 अप्रैल तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 1129 मामले दर्ज किए गए और 1397 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया। 72 करोड़ रुपये की ड्रग्स नष्ट किए दिल्ली को साल 2027 तक नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को मेगा 'ड्रग डिस्ट्रक्शन कार्यक्रम' में करीब 1700 किलोग्राम नशीले पदार्थ नष्ट किए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 72 करोड़ रुपये आंकी गई है। कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू शामिल हुए। उनके साथ दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस साल 1397 ड्रग तस्कर पकड़े गए इस मौके पर एलजी ने दिल्ली के पहले समर्पित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) पुलिस स्टेशन की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सिर्फ नशीले पदार्थ नष्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरे नेटवर्क और मानसिकता को खत्म करने का प्रयास है जो युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रही है। पुलिस के अनुसार दिल्ली पुलिस ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, गठित कमिटियों की निगरानी में वर्ष 1974 से 2025 तक के मामलों में अदालतों से अनुमति मिलने के बाद जब्त ड्रग्स नष्ट किए गए। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2026 में 30 अप्रैल तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 1129 मामले दर्ज किए गए और 1397 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया। एलजी ने नष्ट किए नशीले पदार्थ…. पदार्थ     मात्रा गांजा     1610 kg चरस     21 kg हेरोइन     11 kg कोकेन     591 ग्राम कैनाबिस सटाइवा     21 kg अल्प्राजोलम टैबलेट     30 kg कब-कब नष्ट किए गए नशीले पदार्थ… तारीख     मात्रा 21 दिसंबर 2022     2,888kg 26 जून 2023     5,700 kg 20 फरवरी 2024     10,631 kg 17 दिसंबर 2024     10,601.192 kg 24 जनवरी 2025     1,575 kg 03 अप्रैल 2025     1,624 kg

‘तीसरी चेतावनी’ से मचा हड़कंप: दिलजीत दोसांझ के मैनेजर को लेकर गैंगस्टर पोस्ट वायरल

चंडीगढ़  दिलजीत दोसांझ के मैनेजर के घर पर फायरिंग की खबर ने सनसनी फैला दी है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। गैंग की ओर से टायसन बिश्नोई और आरजू बिश्नोई के नाम से एक पोस्ट शेयर किया गया, जिसमें कहा गया कि हरियाणा के गोंदर गांव में दिलजीत दोसांझ के मैनेजर गुरप्रताप कांग के घर पर फायरिंग करवाई गई। पोस्ट में दावा किया गया कि यह हमला किसी फिरौती या आर्थिक फायदे के लिए नहीं किया गया, बल्कि एक चेतावनी के तौर पर किया गया है। दिलजीत की टीम का एक कर्मचारी लड़कियों का शोषण करता है और शो के दौरान महिलाओं के साथ गलत व्यवहार करता है। ऑस्ट्रेलिया टूर के दौरान पंजाब की एक लड़की को झूठे सपने दिखाकर धोखा दिया गया। गैंग ने दावा किया कि उन्होंने पहले भी दिलजीत दोसांझ और उनकी टीम को कई बार संदेश भेजकर उस कर्मचारी को टीम से हटाने के लिए कहा था, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज किया गया। अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो अगली बार बड़ा नुकसान किया जाएगा। हालांकि, इन आरोपों और दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ना ही दिलजीत या उनकी टीम की तरफ से इस मामले पर कोई बयान सामने आया है। पुलिस भी मामले की जांच में जुटी हुई है और सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट की पड़ताल की जा रही है।

छोटे दवा व्यवसायी ऑनलाइन डिस्काउंट और नियमों की अनदेखी से परेशान

 साहिबगंज ऑनलाइन फार्मेसी और बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा दवाओं पर दिए जा रहे भारी डिस्काउंट के विरोध में देशभर के दवा विक्रेताओं ने 20 मई 2026 को एक दिवसीय बंद का आह्वान किया है। यह बंद ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के नेतृत्व में किया जा रहा है, जिसमें देश के लगभग 12.40 लाख दवा विक्रेता और वितरक शामिल होंगे। संगठन का कहना है कि तेजी से बढ़ रही ई-फार्मेसी व्यवस्था और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना पर्याप्त जांच के दवाओं की बिक्री से छोटे दवा कारोबारियों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। साथ ही मरीजों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एआई और डिजिटल तकनीक के जरिए फर्जी प्रिस्क्रिप्शन बनाकर दवाओं की खरीद-बिक्री को लेकर भी संगठन ने चिंता जताई है। दवा विक्रेताओं का आरोप है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म नियमों की अनदेखी कर दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं, जिससे एंटीबायोटिक्स और अन्य संवेदनशील दवाओं के दुरुपयोग की आशंका बढ़ रही है। संगठन ने कहा कि यदि इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ सकती हैं। एआईओसीडी ने केंद्र सरकार से कोविड काल में जारी अस्थायी अधिसूचना जीएसआर-220(ई) को वापस लेने तथा ई-फार्मेसी से संबंधित जीएसआर-817(ई) अधिसूचना को रद करने की मांग की है। इसके अलावा ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट पर रोक लगाने और छोटे दवा कारोबारियों के लिए समान व्यापारिक अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है। साहिबगंज जिला केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने भी इस राष्ट्रव्यापी बंद को समर्थन देने की घोषणा की है। जिला अध्यक्ष अनुप कुमार सिंह ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ व्यापार बचाने के लिए नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और दवा वितरण व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने जिले के सभी दवा व्यवसायियों से 20 मई को अपनी दुकानें बंद रखने की अपील की। जिला उपाध्यक्ष नवल कुमार मंडल ने कहा कि ऑनलाइन बिक्री और भारी छूट की वजह से छोटे दवा व्यवसायी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

पंजाब के रुके प्रोजेक्ट्स को लेकर एक्टिव हुए CM मान, गडकरी संग नेशनल हाईवे पर बनाई रणनीति

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज दिल्ली दौरे पहुंचे। इसके बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ मुलाकात की। मुलाकात के दौरान पंजाब के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। मुलाकात के बाद मीडियो को संबोधित करते हुए कहा कि आज गडकरी जी से बड़ी खुलकर बात हुई है। जिसमें पंजाब के ओवरब्रिज, सदके, स्टेट हाईवे की मांग हमने रखी है। नेशनल हाईवे की भी बात रखी गई है। अमृतसर साहेब के फ्लाइ ओवर की बात हुई। मंत्री जी ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है। फिरोजपुर फाजिल्का हाई वे को और चौड़ा कर के नेशन हाई वे का दर्जा दिया जाएगा। आदमपुर के ओवरब्रिज में जो वर्किंग कैपिटल की कमी है। मंत्री जी ने बैंक गारंटी देने की बात कही है। बंगा से आनंदपुर साहिब की सड़क पर श्रद्धालुओं का बाउट आना जाना है। उसकी भी बात हुई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक में पंजाब के बुनियादी ढांचे को लेकर कई बड़े और अहम फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने पंजाब की लाइफलाइन माने जाने वाले कई सड़क मार्गों और लंबित पुलों के निर्माण को लेकर केंद्र सरकार के सामने मजबूती से अपना पक्ष रखा।  फिरोजपुर-फाजिल्का हाईवे को मिले NH का दर्जा मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिरोजपुर-फाजिल्का हाईवे को चौड़ा करने और इसे नेशनल हाईवे घोषित करने की पुरजोर मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे अपग्रेड करने से सीमावर्ती इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। अमृतसर और बठिंडा के अधूरे प्रोजेक्ट अमृतसर और बठिंडा जैसे प्रमुख शहरों में जो सड़क परियोजनाएं और विकास कार्य पिछले काफी समय से अधूरे पड़े हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा करने के संदर्भ में विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स के रुकने से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मक्खू रेलवे ओवरब्रिज बठिंडा में मक्खू रेलवे ओवरब्रिज का काम काफी समय से लटका हुआ है। मुख्यमंत्री ने नितिन गडकरी से इस पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाने और इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाने की मांग की ताकि यातायात सुचारू हो सके।

काफिले की गाड़ियां घटाएं, ईंधन बचाएं: योगी आदित्यनाथ की जनता और अधिकारियों से अपील

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री के संदेश को अपनाकर देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग करें. उन्होंने कहा कि ईंधन की खपत कम करें और बेवजह सोना खरीदने से बचें। सरकार स्तर पर भी सख्ती दिखाते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में तुरंत 50 फीसदी तक वाहनों की संख्या कम की जाए और अनावश्यक गाड़ियां हटाई जाएं. योगी ने वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि खर्च और ईंधन दोनों की बचत हो सके. उन्होंने लोगों से पीएनजी, मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और रोडवेज बसों का ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील की. साथ ही सरकारी बैठकों, सेमिनार और कॉन्फ्रेंस को ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल तरीके से करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि समय और संसाधनों की बचत हो सके. सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम दिया जाए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें. सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे आयोजित किया जाए. इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थियों समेत समाज के विभिन्न वर्गों को भी जोड़ें. औद्योगिक विकास विभाग व आईआईडीसी द्वारा औद्योगिक संस्थानों, बड़े स्टार्टअप्स आदि में वर्क फ्रॉम होम के लिए प्रेरित किया जाए. वहीं जहां बड़ी संख्या में कार्मिक कार्यरत हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की अनुशंसा के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए. बैठकें और वर्कशॉप अब ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन सीएम योगी ने कहा है कि शिक्षा विभाग के सेमिनार, बैठकें और वर्कशॉप अब ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन कराए जाएं. सचिवालय और निदेशालय की करीब आधी मीटिंग्स भी वर्चुअल हों. स्कूल-कॉलेजों में बसों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाए और जरूरत पड़ने पर रोडवेज बसों को भी जोड़ा जाए. साथ ही पीक ऑवर में भीड़ और ईंधन बचाने के लिए दफ्तरों का समय अलग-अलग शिफ्ट में करने का सुझाव दिया गया है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइक्लिंग, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर मुख्यमंत्री योगी ने लोगों से कहा है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइक्लिंग, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल करें. जिन शहरों में मेट्रो चल रही है, वहां उसका अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की गई है. ज्यादा भीड़ वाले रूट्स पर बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बढ़ाने की बात भी कही गई है. साथ ही उन्होंने बिजली बचाने पर जोर देते हुए कहा कि घरों, सरकारी दफ्तरों और निजी संस्थानों में बेवजह बिजली न जलाएं और रात 10 बजे के बाद सजावटी लाइटों का कम से कम इस्तेमाल करें.  

अब आवेदक घर बैठे देख सकेंगे फाइल का हर मूवमेंट, बाबुओं की नोटिंग पर नजर

जयपुर  गुलाबी नगरी के जयपुर विकास प्राधिकरण में अब फाइलों को दबाने और मेज के नीचे का खेल खत्म होने वाला है। जेडीए ने भ्रष्टाचार और लेटलतीफी पर 'डिजिटल स्ट्राइक' करते हुए एक क्रांतिकारी व्यवस्था लागू की है। अब जेडीए के बाबू और अधिकारी फाइलों पर जो भी 'नोटिंग' करेंगे, उसे आवेदक घर बैठे अपनी SSO ID के जरिए ऑनलाइन देख सकेगा। अब कोई अधिकारी यह कहकर आपको नहीं टरका पाएगा कि 'फाइल अभी प्रोसेस में है।' अब बताना होगा क्यों अटकी फाइल? अब तक जेडीए की कार्यप्रणाली में सबसे बड़ी बाधा 'अस्पष्ट नोटिंग' होती थी। अधिकारी अक्सर फाइलों पर ऐसी तकनीकी टिप्पणियां लिख देते थे जो आम आदमी की समझ से बाहर होती थीं। लेकिन जेडीए सचिव के नए आदेश के अनुसार, अब नोटिंग की भाषा सरल और स्पष्ट होनी चाहिए। इतना ही नहीं, अगर कोई अधिकारी किसी फाइल को रोकता है या कोई आपत्ति लगाता है, तो उसे पोर्टल पर यह स्पष्ट करना होगा कि किस नियम के तहत यह टिप्पणी की गई है। अनावश्यक आपत्ति लगाकर फाइल अटकाने वाले कर्मचारियों की अब खैर नहीं होगी। इन 6 सेवाओं के लिए अब नहीं काटने होंगे चक्कर शुरुआती चरण में सबसे ज्यादा काम आने वाली छह सेवाओं को जेडीए ने पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है। यदि आप निम्नलिखित कामों के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो आपकी फाइल का हर मूवमेंट डैशबोर्ड पर दिखेगा।     ई-पट्टा (फ्री होल्ड या लीज डीड)     नाम ट्रांसफर (नाम हस्तांतरण)     सब-डिविजन (उपविभाजन)     रिकॉन्स्टीट्यूशन (पुनर्गठन)     वन टाइम लीज सर्टिफिकेट (OTLC)     अन्य संबंधित भूमि सेवाएं खत्म होगी ऑफलाइन फाइलों की 'दोहरी दुनिया' जेडीए में अब तक सबसे बड़ा झोल यह था कि फाइलें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में चलती थीं। इससे अधिकारियों को फाइल दबाने का मौका मिल जाता था। अब सचिव के आदेशानुसार, हर फाइल का मूवमेंट जेडीए सर्विस पोर्टल के डैशबोर्ड पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। आवेदक को यह पता रहेगा कि उसकी फाइल किस टेबल पर, किस तारीख से और क्यों रुकी हुई है। आमजन को क्या होगा फायदा? इस नई व्यवस्था से बिचौलियों का रोल पूरी तरह खत्म हो जाएगा। आवेदक को अपनी फाइल की कमी जानने के लिए जेडीए के गलियारों में भटकने या किसी बाबू की खुशामद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर आवेदन में कोई कमी है, तो वह डैशबोर्ड पर स्पष्ट दिखेगी, जिसे आवेदक तुरंत ठीक कर सकेगा। जेडीए का यह कदम राजस्थान सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब देखना यह है कि फाइलों के डिजिटल होने से गुलाबी नगरी की जनता को गुलाबी राहत कब तक मिलती है।  

रिश्वत मामले में CBI का बड़ा एक्शन, चंडीगढ़ से ठेकेदार और पिता-पुत्र गिरफ्तार

चंडीगढ़  विजिलेंस में लंबित शिकायत बंद कराने के बदले 13 लाख रुपये की रिश्वत मामले में सीबीआई ने ठेकेदार पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। तीनों को सोमवार को चंडीगढ़ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सीबीआई ने पिता-पुत्र को तीन दिन के रिमांड पर लिया है जबकि तीसरे आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में पंजाब डीजीपी विजिलेंस के रीडर ओपी राणा की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। ओपी राणा फिलहाल फरार बताया जा रहा है। सीबीआई ने सोमवार रात मोहाली और मलोट में छापा मारा था। मोहाली में विजिलेंस का दफ्तर सील कर दिया था। मंगलवार सुबह सीबीआई फिर विजिलेंस दफ्तर पहुंची और जांच शुरू कर कुछ रिकॉर्ड जब्त कर लिए थे। बता दें, यह मामला पंजाब के एक राज्य कर अधिकारी की शिकायत पर दर्ज किया गया था।  शिकायतकर्ता के अनुसार ठेकेदार विकास उर्फ विक्की गोयल और उसका बेटा राघव गोयल विजिलेंस में लंबित शिकायत बंद करवाने के बदले 20 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। आरोपियों ने खुद को पंजाब विजिलेंस के वरिष्ठ अधिकारियों, खासकर डीजीपी विजिलेंस के रीडर ओपी राणा का करीबी बताते हुए मामला निपटाने का भरोसा दिया था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को पंजाब पुलिस की ओर से सुरक्षाकर्मी उपलब्ध करवाए गए थे। एके-47 से लैस सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। सीबीआई अब पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही है।  

नकली डेयरी कारोबार का भंडाफोड़: मिल्क मैजिक ब्रांड में मिलावटी सामान से बनते थे प्रोडक्ट

भोपाल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने डेयरी उद्योग में बड़े पैमाने पर मिलावट और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ी सफलता हासिल की है।प्रवर्तन निदेशालय के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने 11 मई, 2026 को जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक किशन मोदी के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत आधिकारिक तौर पर आरोप पत्र दाखिल किया। पूर्व संज्ञान सुनवाई के बाद, भोपाल स्थित विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम न्यायालय ने आरोपों का औपचारिक संज्ञान लिया है।जांच से मिल्क मैजिक ब्रांड के तहत बेचे जाने वाले मिलावटी डेयरी उत्पादों के निर्माण से जुड़े एक बेहद चिंताजनक गिरोह का खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, कंपनी ने प्राकृतिक मिल्क फैट को पाम ऑयल और अन्य हानिकारक पदार्थों से बदलकर संगठित धोखाधड़ी की। ये मिलावटी उत्पाद न केवल घरेलू बाजारों में व्यापक रूप से वितरित किए गए, बल्कि विदेशों में भी निर्यात किए गए, जिससे समाज के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हुआ। संघीय एजेंसी ने खुलासा किया कि कंपनी ने अपने अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुगम बनाने के लिए अत्यधिक भ्रामक तरीकों का इस्तेमाल किया।धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई जांच में पता चला कि कंपनी ने प्रतिष्ठित संस्थानों से कथित तौर पर प्राप्त जाली प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्ट निर्यात निरीक्षण एजेंसी को आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत की थीं। निर्यात के लिए नकली रिपोर्ट तैयार की जांच एजेंसी ने बताया कि निर्यात की मंजूरी हासिल करने के लिए कंपनी ने प्रतिष्ठित लैब्स की फर्जी टेस्ट रिपोर्ट्स जमा की थीं। संबंधित प्रयोगशालाओं से सत्यापन कराने पर कई रिपोर्ट्स नकली पाई गईं। ईडी के मुताबिक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कंपनी ने मिलावटी डेयरी उत्पादों का निर्यात कर करीब 19.69 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। ईडी ने कहा कि यह राशि कंपनी के बैंक खातों के माध्यम से संचालित की गई, जिसे पीएमएलए के तहत “अपराध की आय” (Proceeds of Crime) माना गया है। मामले में एजेंसी पहले ही कंपनी की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है। कंपनी के अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही इस पूरे मामले की जांच भोपाल के हबीबगंज थाना और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। कंपनी के निदेशकों और अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किए गए थे। ईडी ने कार्रवाई करते हुए कंपनी के प्रबंध निदेशक किशन मोदी को 13 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया था, जबकि तत्कालीन CEO सुनील त्रिपाठी को 20 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। एजेंसी के मुताबिक कंपनी के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच जारी है और आने वाले समय में मामले में और खुलासे हो सकते हैं। जांच करने पर, संबंधित प्रयोगशालाओं ने पुष्टि की कि ये रिपोर्टें वास्तव में मनगढ़ंत थीं। प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि मिलावटी सामानों के इन धोखाधड़ीपूर्ण निर्यातों के माध्यम से कंपनी ने लगभग 19.69 करोड़ रुपए की आपराधिक आय अर्जित की। यह धनराशि विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से भेजी गई थी और इसे औपचारिक रूप से आपराधिक आय के रूप में मान्यता दी गई है। यह मामला हबीबगंज पुलिस स्टेशन और भोपाल की आर्थिक अपराध शाखा में कंपनी के निदेशकों और अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कई एफआईआर से उत्पन्न हुआ। जांच के शुरुआती चरण में, प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपियों से जुड़ी अचल संपत्तियों को जब्त करने के लिए एक अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया था।