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चूल्हे-चौके से नेतृत्व तक, ‘जीविका’ के 20 साल में बदली बिहार की ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी

पटना वर्ष 2006 में गांधी जयंती पर शुरू हुई ‘जीविका’-बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसाइटी (बीआरएलपीएस) की पहल शुक्रवार को 20 साल पूरे कर रही है। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं ने जीविका समूह से जुड़कर स्वावलंबन की नई कहानी लिखी। दो दशक की इस निरंतर यात्रा ने बिहार के गांवों की तस्वीर बदल दी है। घर की चहारदीवारी एवं चूल्हे-चौके तक जो महिलाएं सीमित थीं, वे आज न सिर्फ वित्तीय रूप से सक्षम हुई हैं, बल्कि सामाजिक बदलाव एवं स्थानीय नेतृत्व की धुरी भी बन चुकी हैं राज्य में लगभग 11.85 लाख स्वयं सहायता समूह विश्व बैंक की सहायता से कुछ जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुआ यह अभियान आज पूरे राज्य में वटवृक्ष बन चुका है। वर्तमान में राज्य में लगभग 11.85 लाख स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) संचालित हैं, जिनसे करीब 1.81 करोड़ परिवार जुड़े हैं। इसमें भी अनुसूचित जाति व जनजाति के 72 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को सम्मिलित किया गया है। सबसे खास बात यह है कि इन समूहों में 35 प्रतिशत महिलाएं नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। साप्ताहिक बचत आज करीब 2,693 करोड़ रुपये महिलाओं की आर्थिक मजबूती के आंकड़े बेहद प्रभावकारी हैं। जीविका दीदियों की साप्ताहिक बचत आज करीब 2,693 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। बैंकों से 69,000 करोड़ रुपये से अधिक का संस्थागत ऋण समूहों को उपलब्ध कराया गया है, जिसकी वापसी दर 99 प्रतिशत के आसपास है। इस संस्थागत व्यवस्था ने ग्रामीण इलाकों में साहूकारों और महाजनों के शोषणकारी चक्र को ध्वस्त कर दिया है। जीविका ने महिलाओं को कृषि और उद्यमिता के नये आयामों से जोड़ा है। लगभग 42 लाख महिला किसान आधुनिक खेती से जुड़ी हैं और 61 महिला किसान उत्पादक कंपनियां (एफपीसी) करोड़ों का कारोबार कर रही हैं। लखपति दीदी अभियान के तहत लाखों महिलाएं सालाना एक लाख से अधिक कमा रही हैं। इतना ही नहीं, महिलाएं पारंपरिक बंधनों को तोड़कर राज मिस्त्री की तर्ज पर रानी मिस्त्री की प्रसिद्धि बटोर रहीं हैं।

राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले सरकार की तैयारी तेज, CM ने सरपंचों से योजनाओं पर की चर्चा

जयपुर राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले बीजेपी ने गांवों पर अपना फोकस बढ़ा दिया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर के माहेश्वरी पब्लिक स्कूल स्थित तक्षशिला ऑडिटोरियम में पंचायती राज जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। प्रदेश के अलग-अलग जिला मुख्यालयों से भी जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास, जनसेवा और पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सरपंचों से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांव मजबूत होंगे तो विकसित भारत का संकल्प भी मजबूत होगा। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं को ग्रामीण विकास और स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। सीएम ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। नवाचार करने वाले सरपंचों का सम्मान कार्यक्रम में अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य और नवाचार करने वाले पंचायती राज जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। सरपंचों ने गांवों में किए जा रहे अलग-अलग प्रयोगों और विकास कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की। इनमें स्वच्छता, बालिका शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण और सामुदायिक स्तर पर पारंपरिक त्योहारों के आयोजन जैसे प्रयास शामिल रहे। आदिवासी क्षेत्र के एक सरपंच ने बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हॉस्टल निर्माण और आसपास के गांवों की छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने की पहल बताई। वहीं झुंझुनूं जिले की एक सरपंच ने गांव में शुरू किए गए बर्तन बैंक के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने ऐसे स्थानीय नवाचारों को ग्रामीण विकास में उपयोगी बताया। 'सरपंच साहब' वाली पहचान का किया जिक्र मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरपंचों की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि सरपंच बनने के बाद यह पहचान लंबे समय तक लोगों के साथ जुड़ी रहती है। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि आज भी जब वे अपने गांव जाते हैं तो वहां के लोग उन्हें मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि 'सरपंच साहब' कहकर बुलाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहचान बताती है कि पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों की गांव के लोगों के बीच कितनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कांग्रेस पर भी साधा निशाना पंचायत चुनाव के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है और सरकारी संसाधनों पर अतिरिक्त खर्च होता है। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने पंचायतों में विकास की निरंतरता बनाए रखने के लिए सरपंचों पर भरोसा किया और ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया, जिससे गांवों के विकास कार्य बाधित न हों। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग होटल में बंद रहकर सरकार चलाते थे, वे आम लोगों की समस्याओं को कैसे समझेंगे। उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर सरकार के काम का उल्लेख करते हुए दावा किया कि अब तक 1 लाख 94 हजार युवाओं को नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1 लाख 22 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर सीएम ने सरपंचों से कहा कि गांव में उनके आसपास रहने वाला कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने 'दिया तले अंधेरा नहीं होना चाहिए' का संदेश देते हुए जनप्रतिनिधियों से लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए सक्रिय रहने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी समस्या के समाधान में सरकारी स्तर पर परेशानी आ रही हो तो उसकी जानकारी सरकार तक पहुंचाई जाए। कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्य मंत्री ओटाराम देवासी समेत अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। पंचायत चुनाव से पहले हुए इस संवाद में सरकार ने ग्रामीण विकास और पंचायत स्तर पर जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रमुखता दी।

गुरुग्राम के विकास पर बड़ा मंथन, CM सैनी की हाईलेवल बैठक शुरू

गुरुग्राम. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शुक्रवार को गुरुग्राम की विकास परियोजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक शुरू हुई। बैठक में शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। मुख्यमंत्री संबंधित अधिकारियों से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण की गति और लंबित कार्यों की जानकारी ले रहे हैं। अधिकारियों से विकास कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए जाने की संभावना है। प्रदूषण के लिए देशभर में बदनाम हो चुकी साइबर सिटी में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के तेवर सख्त नजर आए। गुरुग्राम में चल रही उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर भी अधिकारियों से जवाब-तलब किए जाने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के एक क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किए जाने की बात सामने आ रही है। प्रदूषण पर अधिकारियों से जवाब-तलब मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में चल रही बैठक में गुरुग्राम की सड़कों, जलनिकासी, स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण और अन्य प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। खासकर प्रदूषण की स्थिति को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में आरओ के खिलाफ कार्रवाई की चर्चा को अधिकारियों के लिए मुख्यमंत्री के सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

बस्तर के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग, BJP प्रदेश अध्यक्ष ने CM साय और केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र

रायपुर. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष सी.आर. पाटिल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने ओड़िशा स्थित खातीगुड़ा बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण बस्तर संभाग में उत्पन्न भीषण बाढ़ की स्थिति से अवगत कराया है। CM साय ने बस्तर के बाढ़ पीड़ितों के तात्कालिक पुनर्वास, विशेष मुआवजा पैकेज, जोरा नाला की नई डीपीआर के निर्माण और दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन योजना की तत्काल स्वीकृति का आग्रह किया है। आम जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने केन्द्रीय मंत्री पाटिल को लिखे पत्र में ध्यान आकृष्ट किया है कि इंद्रावती जलाशय (खातीगुड़ा बांध) से अग्रिम चेतावनी और उचित समन्वय के बिना भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। इसके चलते जगदलपुर शहर के कई वार्ड और ग्रामीण क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं। लाखों एकड़ में लगी फसलें तबाह हो चुकी हैं, मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, मवेशी बह गए हैं और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अंतर्राज्यीय जल विनियमन के अभाव और जोरा नाला की भौगोलिक स्थिति और प्रभावी बाढ़ (आपदा) प्रबंधन के अभाव ने इस संकट को और अधिक गंभीर बना दिया है। विशेष मुआवजा और राहत पैकेज की मांग भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने ​पत्र में आपदा प्रभावितों के लिए विशेष मुआवजा एवं राहत पैकेज के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि बाढ़ से नष्ट हुई खरीफ फसलों के लिए किसानों को प्रति एकड़ के आधार पर एनडीआरएफ मद से विशेष राहत राशि तुरंत स्वीकृत की जाए। जिन परिवारों के कच्चे या पक्के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत प्राथमिकता से नया मकान और तत्काल जीवन-यापन के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। बह गए मवेशियों, प्रभावित छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के नुकसान का त्वरित सर्वे कराकर सीधे डीबीटी के माध्यम से मुआवजा राशि खाते में भेजी जाए। जोरा नाला की नई DPR पर जोर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने जोरा नाला के नए सिरे से डीपीआर निर्माण और कार्यान्वयन को जरूरी बताते हुए कहा है कि जोरा नाला में अनियंत्रित कटाव और इंद्रावती नदी के जल विचलन (वाटर डायवर्सन) को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक हाइड्रोलॉजिकल अध्ययन कराकर नया और संशोधित डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार किया जाए। इसी तरह जोरा नाला पर एक स्वचालित आधुनिक ‘गेटेड रेगुलेटर स्ट्रक्चर’ बनाया जाए, ताकि मानसून के दौरान अतिरिक्त जलप्रवाह को वैज्ञानिक तरीके से इंद्रावती और जोरा नाला के बीच विभाजित कर बस्तर पर बाढ़ के सीधे दबाव को कम किया जा सके। जलग्रहण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर पौधरोपण भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने बाढ़ प्रबंधन प्लान एवं कैचमेंट एरिया डेवलपमेंट की जरूरत पर बल देते हुए कहा है कि इंद्रावती और उसकी सहायक नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर पौधरोपण, मृदा संरक्षण और कंटूर ट्रेंचिंग का कार्य किया जाए, जिससे रन-ऑफ वाटर की गति और गाद का जमाव रुक सके। इसके लिए केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के तकनीकी मार्गदर्शन में इंद्रावती नदी के तल में वर्षों से जमी गाद को हटाने के लिए ड्रेजिंग प्रोजेक्ट स्वीकृत किया जाए, ताकि नदी की जलधारण क्षमता बढ़ सके। जगदलपुर अर्बन ड्रेनेज और टाउन प्लानिंग का उल्लेख कर देव ने कहा कि जगदलपुर शहर के लिए अमृत (एएमआरयूटी) योजना के अंतर्गत ‘एकीकृत स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम’ विकसित किया जाए और नदी के संवेदनशील तटवर्ती इलाकों में पक्के गाइड बांध/तटबंध बनाए जाएं। आयोग को नोडल एजेंसी बनाया जाए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने पत्र में कहा है कि ओडिशा के खातीगुड़ा बांध से पानी छोड़े जाने के समय और मात्रा का रियल-टाइम टेलीमेट्री डेटा छत्तीसगढ़ प्रशासन के साथ साझा करने के लिए केंद्रीय जल आयोग को नोडल एजेंसी बनाया जाए। इंद्रावती बेसिन में सेंसर-आधारित चेतावनी प्रणालियां स्थापित की जाएं, जिससे पानी छोड़े जाने से कम-से-कम 24 से 48 घंटे पूर्व निचले इलाकों को खाली कराया जा सके। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने इस बात पर भी जोर दिया है कि बस्तर का यह क्षेत्र मुख्य रूप से गरीब और जनजातीय आबादी से आच्छादित है, जो इस विनाशकारी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अत: परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार की एक अंतर-मंत्रालयीन केंद्रीय टीम तुरंत भौतिक सत्यापन के लिए बस्तर भेजी जाए और ‘विशेष बस्तर बाढ़ राहत, जोरा नाला डीपीआर एवं पुनरुद्धार पैकेज’ को अविलंब स्वीकृति प्रदान की जाए। जोरा नाला की नई डीपीआर की मांग भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भी पत्र लिखकर जनजातीय बहुल बस्तर संभाग (विशेषकर जगदलपुर एवं इंद्रावती नदी के तटीय क्षेत्रों) में आई भीषण बाढ़ की स्थिति से अवगत कराया है। देव ने ओडिशा स्थित इंद्रावती जलाशय (खातीगुड़ा बांध) से भारी मात्रा में अचानक पानी छोड़े जाने से उत्पन्न विभीषिका के मद्देनजर प्रभावितों के लिए “विशेष राहत व मुआवजा पैकेज” स्वीकृत करने तथा दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन की मांग की है। देव ने कहा है कि अग्रिम चेतावनी और अंतर्राज्यीय समन्वय के अभाव में अचानक छोड़े गए जल प्रवाह के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर चला गया। इसके चलते जगदलपुर शहर के कई वार्ड और आसपास के सैकड़ों ग्रामीण क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। लाखों एकड़ में लगी फसलें बर्बाद हो गई हैं, आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, बड़ी संख्या में मवेशी बह गए हैं और जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। नए सिरे से डीपीआर निर्माण और कार्यान्वयन देव ने ​पत्र में ​आपदा प्रभावितों के लिए विशेष मुआवजा और राहत पैकेज की दिशा में राज्य सरकार से त्वरित पहल की अपेक्षा व्यक्त की है। ​जोरा नाला के नए सिरे से डीपीआर निर्माण और कार्यान्वयन पर भी देव ने राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री साय से आग्रह किया है कि बस्तरवासियों को तात्कालिक पुनर्वास और भविष्य में ऐसी आपदा की रोकथाम के लिए केंद्र के साथ राज्य स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने छत्तीसगढ़ के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा को भी पत्र लिखकर बस्तर संभाग, विशेषकर जगदलपुर और इंद्रावती नदी के तटीय क्षेत्रों में आई भीषण बाढ़ की … Read more

सीएम योगी बोले- स्वच्छता, स्वदेशी, स्वावलंबन और ग्राम स्वराज के बापू के मंत्र आज भी उतने ही प्रासंगिक

बापू का चरखा स्वावलंबन का आधार, ओडीओपी उसी स्वदेशी भाव से ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने का अभियान: मुख्यमंत्री सीएम योगी बोले- स्वच्छता, स्वदेशी, स्वावलंबन और ग्राम स्वराज के बापू के मंत्र आज भी उतने ही प्रासंगिक कहा- चरखा केवल चरखा नहीं, भारत की आत्मनिर्भरता का आधार, गांधी आश्रम के वस्त्र आजादी और स्वदेशी के प्रतीक ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना के जरिए बापू के स्वदेशी भाव को आगे बढ़ा रहा उत्तर प्रदेश, स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान पीएम मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत से आत्मनिर्भर भारत तक साकार हो रहे बापू के सपने, 12 करोड़ से अधिक परिवारों के घरों में बने शौचालय बापू के ग्राम स्वराज की परिकल्पना को आगे बढ़ा रही सरकार, ग्राम सचिवालय के जरिए जनसुविधाओं के साथ मिल रहा रोजगार मुख्यमंत्री ने लाल बहादुर शास्त्री को भी किया नमन, कहा- ‘जय जवान-जय किसान’ के मंत्र ने सुरक्षा व खाद्यान्न आत्मनिर्भरता की रखी नींव लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी के स्वदेशी और स्वावलंबन के मंत्र को आत्मनिर्भर और विकसित भारत की आधारशिला बताते हुए कहा कि बापू का चरखा केवल चरखा नहीं था, बल्कि भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का आधार था। उत्तर प्रदेश की ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना उसी स्वदेशी के भाव को आगे बढ़ाते हुए ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने की दिशा में काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बापू के स्वावलंबन के सपने को आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। विकसित भारत की संकल्पना तभी पूरी होगी, जब देश आत्मनिर्भर बनेगा और इसके लिए प्रत्येक नागरिक, परिवार और गांव को स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ना होगा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बापू की स्मृतियों को नमन करते हुए प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के प्रिय भजनों का श्रवण किया और चरखा चलाकर बापू के स्वदेशी एवं स्वावलंबन के संदेश को प्रसारित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता से स्वदेशी, स्वदेशी से स्वावलंबन और स्वावलंबन से ग्राम स्वराज तक बापू के विचार आज भी देश के लिए मार्गदर्शक हैं। नया भारत बापू के इन्हीं सपनों को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है। गांधी आश्रम के वस्त्र केवल कपड़े नहीं, आजादी के मंत्र के प्रतीक सीएम योगी ने स्वदेशी की चर्चा करते हुए अपने बचपन की स्मृतियों को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि बचपन में हम लोग गांधी आश्रम के कपड़ों को बड़ी उत्सुकता से देखते थे। लोगों में इन वस्त्रों को लेकर विशेष उत्साह रहता था, क्योंकि ये केवल वस्त्र नहीं थे। ये भारत की आजादी के मंत्र के प्रतीक भी थे। बापू ने इन्हें स्वदेशी की भावना से जोड़कर आगे बढ़ाने का काम किया। उन्होंने देश को चरखे के माध्यम से स्वावलंबन का संदेश दिया। चरखा केवल सूत कातने का साधन नहीं था। वह भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का आधार बना। अपने श्रम, अपने उत्पाद और अपनी सामर्थ्य पर भरोसा करके देश कैसे आगे बढ़ सकता है, चरखा इसका प्रतीक बना। बापू के स्वदेशी से निकला ‘लोकल टू ग्लोबल’ मंत्र मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना उसी स्वदेशी के भाव के साथ आगे बढ़ रही है। इसके माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लोकल से ग्लोबल’ और आत्मनिर्भर भारत के मंत्र से जोड़ते हुए कहा कि बापू ने जिस स्वावलंबन का सपना देखा था, उसे नए स्वरूप में आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री बार-बार कहते हैं कि विकसित भारत की संकल्पना तभी पूरी होगी, जब आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए हम सभी मिलकर कार्य करेंगे। इस आत्मनिर्भरता की शुरुआत स्वदेशी और स्वावलंबन के भाव से होती है। दक्षिण अफ्रीका से अन्याय-रंगभेद के खिलाफ उठाई आवाज सीएम ने महात्मा गांधी की जीवन यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात के पोरबंदर में एक परम वैष्णव परिवार में जन्मे बापू ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद दक्षिण अफ्रीका में वकालत की प्रैक्टिस प्रारंभ की। परिवार से मिले संस्कार उनके जीवन और संघर्ष में दिखाई दिए। उन्होंने अन्याय और किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ आवाज उठाई। दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरुद्ध अभियान को आगे बढ़ाया और वहां भारतीय मूल के नागरिकों को एकजुट किया। इसी संघर्ष ने आगे चलकर भारत की स्वाधीनता की अलख जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता आंदोलन को बापू ने बनाया जन आंदोलन मुख्यमंत्री ने कहा कि सही मायने में जब भारत की स्वाधीनता का आंदोलन पूज्य बापू के हाथों में आया तो उन्होंने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उसका नेतृत्व किया और उसे एक व्यापक जन आंदोलन में बदल दिया। उस समय देश में हताशा और निराशा का वातावरण था। लोगों को लगने लगा था कि भारत शायद कभी स्वाधीन नहीं हो सकता। बापू के नेतृत्व और मार्गदर्शन ने इस निराशा को आशा और उत्साह में बदल दिया। भारतीय समाज स्वाधीनता की नई सुबह देखने के लिए पूरे उत्साह के साथ आंदोलन का हिस्सा बन गया। बापू के नेतृत्व की विशेषता यह रही कि भारत का स्वाधीनता आंदोलन केवल चंद नगरों तक सीमित नहीं रहा। यह गांव-गांव पहुंचा और हर नर-नारी व बच्चा इस अभियान का हिस्सा बना। इसी जनभागीदारी ने स्वतंत्रता आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया। आधी धोती और हाथ में छड़ी, दुनिया थी हैरान सीएम ने कहा कि दुनिया के लोगों के लिए यह कौतूहल और आश्चर्य का विषय था कि आखिर वह कौन-सी चमत्कारिक ताकत है, जो भारत की स्वाधीनता के इतने बड़े अभियान से जुड़ी है। आधी धोती पहनकर आंदोलन का नेतृत्व करने वाले बापू के हाथ में एक छड़ी ही सहारा थी, लेकिन दुनिया ने उनके नेतृत्व की ताकत और उस चमत्कार को देखा। आज वही भारत पूज्य बापू के सपनों को साकार करते हुए आगे बढ़ रहा है। बापू ने जिन मूल्यों को स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जनमानस से जोड़ा था, वे आज भी देश और समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं। स्वच्छता, स्वदेशी और स्वावलंबन आज भी बापू के मंत्र मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के आंदोलन को जन आंदोलन में बदलने के लिए बापू ने … Read more

भोपाल मंडल में रेलवे का बड़ा ब्लॉक, अक्टूबर में 22 ट्रेनें रद्द और 23 के बदले रूट

भोपाल भोपाल रेलवे के अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर और रीमॉडलिंग कार्यों के कारण अक्टूबर में भोपाल मंडल से गुजरने वाली ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। बीना-आगासौद यार्ड रीमॉडलिंग, कसारा में तीसरी रेल लाइन और कोटा जंक्शन पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण 22 ट्रेनें पूरी तरह निरस्त रहेंगी। 23 ट्रेनों के रूट बदले गए हैं, जबकि 2 ट्रेनें आंशिक रूप से निरस्त रहेंगी। बीना स्टेशन पर प्री-एनआई/एनआई कार्य और आगासौद यार्ड के काम के कारण दो जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के कुल 12 फेरे भी निरस्त रहेंगे। 22 ट्रेनें पूरी तरह निरस्त रेलवे के अनुसार ये 22 ट्रेनें निरस्त रहेंगी:     64618 ललितपुर-बीना मेमू: 15 अक्टूबर तक।     64617 बीना-ललितपुर मेमू: 15 अक्टूबर तक।     61619 बीना-कटनी मुड़वारा मेमू: 15 अक्टूबर तक।     61620 कटनी मुड़वारा-बीना मेमू: 15 अक्टूबर तक।     12192 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस: 14 अक्टूबर तक।     12191 हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस: 15 अक्टूबर तक।     61611 बीना-रूठियाई मेमू: 16 अक्टूबर तक।     61612 रूठियाई-बीना मेमू: 16 अक्टूबर तक।     61625 बीना-रूठियाई मेमू: 16 अक्टूबर तक।     61626 रूठियाई-बीना मेमू: 16 अक्टूबर तक।     12197 भोपाल-ग्वालियर इंटरसिटी: 15 अक्टूबर तक।     12198 ग्वालियर-भोपाल इंटरसिटी: 15 अक्टूबर तक।     11086 ग्वालियर-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस: 9 अक्टूबर को।     11085 एसएमवीटी बेंगलुरु-ग्वालियर एक्सप्रेस: 4 और 11 अक्टूबर को।     22161 भोपाल-दमोह राज्यरानी एक्सप्रेस: 9 से 15 अक्टूबर तक।     22162 दमोह-भोपाल राज्यरानी एक्सप्रेस: 10 से 16 अक्टूबर तक।     22163 भोपाल-खजुराहो महामना एक्सप्रेस: 15 अक्टूबर को।     22164 खजुराहो-भोपाल महामना एक्सप्रेस: 15 अक्टूबर को।     01925 कानपुर सेंट्रल-मदुरै स्पेशल: 7 और 14 अक्टूबर को।     01926 मदुरै-कानपुर सेंट्रल स्पेशल: 3, 10 और 17 अक्टूबर को।     04149 प्रयागराज-यशवंतपुर स्पेशल: 7 और 14 अक्टूबर को।     04150 यशवंतपुर-प्रयागराज स्पेशल: 3, 10 और 17 अक्टूबर को। 2 ट्रेनें आंशिक रूप से निरस्त 11271 इटारसी-भोपाल एक्सप्रेस: 9 से 15 अक्टूबर तक दमोह पर शॉर्ट टर्मिनेट होगी। दमोह-भोपाल के बीच संचालन निरस्त रहेगा। कुल 7 ट्रिप। 11272 भोपाल-इटारसी एक्सप्रेस: 9 से 15 अक्टूबर तक दमोह से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी। भोपाल-दमोह के बीच संचालन निरस्त रहेगा। कुल 7 ट्रिप। कसारा में तीसरी लाइन का काम, 23 ट्रेनों के रूट बदले कसारा में तीसरी रेल लाइन के काम के कारण इन ट्रेनों को बदले हुए रूट से चलाया जाएगा:     कल्याण-करजत-पुणे-मनमाड रूट:12598 सीएसएमटी-गोरखपुर (14 अक्टूबर), 11043 दादर-बलिया (14 अक्टूबर), 22121 एलटीटी-लखनऊ (17 अक्टूबर), 11071 एलटीटी-बलिया (17 अक्टूबर), 11047 दादर-गोरखपुर (17 अक्टूबर), 12107 एलटीटी-सीतापुर (17 अक्टूबर), 12546 एलटीटी-रक्सौल (17 अक्टूबर) और 20435 एलटीटी-प्रयागराज (17 अक्टूबर)।     जलगांव-नंदुरबार-बसई रोड-ठाणे/पनवेल रूट:12533 पुष्पक एक्सप्रेस (16 अक्टूबर), 15066 पनवेल-गोरखपुर (17 अक्टूबर), 15018 गोरखपुर-एलटीटी (16 अक्टूबर), 12172 हरिद्वार-एलटीटी (16 अक्टूबर), 22537 कुशीनगर एक्सप्रेस (16 अक्टूबर), 12617 एर्नाकुलम-एलटीटी (16 अक्टूबर), 13202 एलटीटी-राजगीर (17 अक्टूबर), 22221 सीएसएमटी-निजामुद्दीन राजधानी (17 अक्टूबर), 12137 पंजाब मेल (17 अक्टूबर), 20436 प्रयागराज-एलटीटी (16 अक्टूबर) और 02198 जबलपुर-कोयम्बटूर स्पेशल (16 अक्टूबर)।     मनमाड-पुणे-लोनावला-कल्याण रूट:15660 अगरतला-एलटीटी (15 अक्टूबर), 12166 गोरखपुर-एलटीटी (16 अक्टूबर), 11058 अमृतसर-सीएसएमटी (16 अक्टूबर) और 12335 भागलपुर-एलटीटी (16 अक्टूबर)। कोटा में भी ट्रेनों का संचालन बदला 18 अक्टूबर तक कोटा जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर पुनर्विकास कार्य चलेगा। इसके कारण:     61634/61633 बीना-कोटा-बीना पैसेंजर: सोगरिया स्टेशन पर ही शॉर्ट टर्मिनेट और वहीं से ओरिजिनेट होगी। कुल 20 फेरे।     14814/14813 भोपाल-जोधपुर-भोपाल और 12181/12182 जबलपुर-अजमेर-जबलपुर एक्सप्रेस: कोटा जंक्शन को बायपास कर गुरला-सोगरिया मार्ग से चलेंगी। हमसफर एक्सप्रेस के कैंसिलेशन की तारीख बदली पहले 22169 रानी कमलापति-संतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस को 14 अक्टूबर और 22170 संतरागाछी-रानी कमलापति हमसफर को 15 अक्टूबर को निरस्त बताया गया था। 28 सितंबर के संशोधित आदेश के बाद अब ये अक्टूबर वाली कैंसिलेशन लागू नहीं होगी। 22169 का 9 दिसंबर और 22170 का 10 दिसंबर 2026 का फेरा निरस्त रहेगा। अक्टूबर में दोनों ट्रेनों का संचालन सामान्य रहेगा। यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस जांचें ट्रेनों के निरस्त होने और रूट बदलने से यात्रियों की यात्रा प्रभावित होगी। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले रेल मदद 139, NTES, Rail One ऐप या अधिकृत रेलवे सूचना माध्यमों से ट्रेन का स्टेटस, समय और रूट जांचने की अपील की है।

अखिलेश के बयान पर संजय निषाद का वार, बोले- विपक्ष कर रहा सिर्फ बयानबाजी और पोस्टरबाजी

अखिलेश के विपक्षी एकता के आह्वान पर संजय निषाद-दानिश आजाद का पलटवार, बोले- सिर्फ बयानबाजी से कुछ हासिल नहीं होगा अखिलेश पर NDA नेता संजय निषाद का तीखा हमला, बोले-'सपा के दावे हवा-हवाई' अखिलेश के बयान पर संजय निषाद का वार, बोले- विपक्ष कर रहा सिर्फ बयानबाजी और पोस्टरबाजी  2027 में समाजवादी पार्टी दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी: दानिश आजाद लखनऊ,   यूपी में राज्यसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव द्वारा विपक्षी एकता के आह्वान पर सत्ताधारी गठबंधन के मंत्रियों ने पलटवार किया है। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने विपक्षी एकता के दावे को खोखला बताया। जहां कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने विपक्ष पर बयानबाजी, पोस्टरबाजी और एसी-पीसी तक सीमित रहने का आरोप लगाया, वहीं राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी के दावों को लेकर निशाना साधा।  विपक्ष को लोग 70 साल तक देख चुके: संजय निषाद संजय निषाद ने कहा कि विपक्ष के पास केवल बयानबाजी, पोस्टरबाजी और एसी-पीसी के अलावा कोई शक्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को लोग 70 साल तक देख चुके हैं। विभिन्न दलों के नेताओं ने यह सब देखने के बाद ही अपने दल खड़े किए हैं या एनडीए के साथ आए हैं। निषाद ने कहा कि सत्ता के बाहर रहने पर अखिलेश को मिलन दिखाई देता है, उनके इन बयानों से कुछ होने वाला नहीं है। संजय निषाद ने दावा किया कि इस बार एनडीए की ऐतिहासिक जीत होगी।  अखिलेश के बयान पर दानिश आजाद का पलटवार वहीं, राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि समाजवादी पार्टी बहुत बड़े-बड़े दावे कर रही थी लेकिन अब उसके सारे दावों की पोल खुल चुकी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने झूठ का जो गुब्बारा फुलाया था, अब उस गुब्बारे की हवा निकल चुकी है। उत्तर प्रदेश में जिस तरीके से समाजवादी पार्टी ने गफलत और नफरत की राजनीति को फैलाने का काम किया, उसके लिए राज्य की जनता कभी माफ नहीं करेगी। 2027 में होगी सपा की सबसे बड़ी हार दानिश आजाद ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव की तरफ सपा जिस तरीके से आगे बढ़ रही है, उसकी अब तक की सबसे बड़ी हार होने वाली है। 2027 में समाजवादी पार्टी दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी।

गांधी जयंती पर राज्यपाल पटेल बोले- उच्च आदर्शों को जीवन में उतारने का दिन

गांधी जयंती, उच्चादर्शों को जीवन में उतारने का प्रेरणा दिवस : राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल सर्वधर्म प्रार्थना सभा में हुए शामिल गांधी भवन न्यास की प्रतियोगिता विजेताओं को किया पुरस्कृत भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि गांधी जयंती केवल महात्मा गांधी को स्मरण करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके उच्चादर्शों को अपने आचरण में उतारने का प्रेरणा दिवस है। उन्होंने कहा कि सर्वधर्म प्रार्थना सभा में गाए जाने वाले भजनों के संदेश का प्रतिदिन चिंतन करें और उन्हें जीवन में उतारने का प्रयास करें। यही महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राज्यपाल की प्रेरणा पर उपस्थित जनों ने क्रोध नहीं करने का संकल्प भी लिया। राज्यपाल पटेल शुक्रवार को गांधी भवन में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में शामिल हुए। उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर सूत की माला और गांधी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने स्मार्ट टीवी का लोकार्पण किया। कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के पुरस्कृत छात्र-छात्राओं के साथ समूह चित्र में सहभागिता की। राज्यपाल पटेल ने कहा कि जीवन की सार्थकता अच्छा इंसान बनने और देश-समाज के लिए कार्य करने में है। जीवन में जो अच्छा है, उसे आचरण में उतारने का निरंतर प्रयास करना चाहिए और बुराई से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यसन और नशे से मुक्त जीवन आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने नशा-मुक्त समाज के निर्माण का आह्वान करते हुए माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने, उसकी देखभाल करने तथा जल और विद्युत संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर के प्रसंग में 17 अक्टूबर तक संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत रक्तदान और समाजसेवा के कार्यों में सहभागिता के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि गांधी जयंती और विश्व अहिंसा दिवस पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा भारत की उस महान परंपरा की कड़ी है, जिसमें सभी धर्मों के प्रति सम्मान और सद्भाव का भाव है। भारत की शक्ति विविधता में एकता में निहित है। उन्होंने पुरस्कृत विद्यार्थियों से कहा कि राष्ट्रपिता गांधी को पढ़ने के साथ उनके विचारों और आदर्शों को जीवन में उतारने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता गांधी का प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ संत कवि नरसिंह मेहता की रचना है, जिसमें परोपकार, करुणा, सत्य, समानता, विनम्रता और निष्काम सेवा जैसे जीवन-मूल्य समाहित हैं। भजन मनुष्य को लोभ, मोह, काम, क्रोध और अहंकार से दूर रहकर सभी का सम्मान करने की प्रेरणा मिलती है। ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत राज्यपाल पटेल ने गांधी भवन न्यास, भोपाल द्वारा महात्मा गांधी के विचारों और आदर्शों के प्रसार के उद्देश्य से आयोजित अंतर-विद्यालयीन ‘आओ जानें गांधी को’ प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने सहयोगी विद्यालयों के शिक्षकों, निर्णायक मंडल, पर्यवेक्षकों और स्वयं सेवकों को स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में वाद-विवाद, कविता लेखन, पत्र लेखन, चित्रकला, महात्मा गांधी के प्रिय भजन, लघु नाटिका, मोबाइल रील और डॉक्यूमेंट्री सहित विभिन्न विधाओं में विद्यार्थियों ने सहभागिता की। प्रार्थना सभा के पहले महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लालबहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल को न्यास के पदाधिकारियों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता भ्रमर मेघवंशी, सुनलिनी नावरेकर, गांधी न्यास के अध्यक्ष महेश सक्सेना सहित विद्यार्थी, शिक्षक, युवा और नागरिकगण उपस्थित थे। प्रारंभ में गांधी भवन न्यास के पदाधिकारियों ने राज्यपाल पटेल का स्वागत किया। सचिव अंकित मिश्रा ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा कोषाध्यक्ष राजेश बादल ने आभार व्यक्त किया।     

स्वजातीय स्वर्णकार समाज की बैठक अनूपपुर में संपन्न अशोक सोनी बने अनूपपुर जिले के प्रभारी

स्वजातीय स्वर्णकार समाज की बैठक अनूपपुर में संपन्न अशोक सोनी बने अनूपपुर जिले के प्रभारी  अनूपपुर में देवदत्त सोनी का हुआ भव्य स्वागत  अनूपपुर को शहडोल संभाग के अनूपपुर में होटल मंदाकिनी में आयोजित हुई स्वजातीय स्वर्णकार समाज की बैठक सम्पन्न हुई जिसमें मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष देवदत्त सोनी के साथ प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी गण की उपस्थिति में देवदत्त सोनी ने अनूपपुर जिले के कर्मठ योग एवं जुझारू मिलनसार श्री अशोक सोनी एवं श्री राजकुमार सोनी को अनूपपुर जिले का प्रभारी नियुक्त किया गया इनकी घोषणा बैठक के दौरान की गई। आयोजित बैठक संपन्न हुई जिसमें स्वजातीय स्वर्णकार समाज को एकजुट करके उनके अधिकार के लिए संघर्ष और नेतृत्व करने की रणनीति बनी!आगामी बैठक मैहर में आयोजित होगी जिसमें प्रदेश भर के जिले के पदाधिकारी गण समाज के दिशा निर्देश देकर उनके अधिकार के लिए देवदत्त सोनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का दरवाजा खटखटाया जाएगा !यह रणनीति आगामी बैठक में तय होगी उनके अधिकार के लिए एक होकर अपनी ताकत का प्रदर्शन जल्दी किया जाएगा  इनका कहना है अशोक सोनी ने कहा कि मुझे इस दायित्व के लायक समझा गया मुझे जो पद दिया गया है उसका मैं पूर्ण रूप से निर्वहन करने में अपनी अहम भूमिका का दायित्व निर्वहन करुंगा जिसमें मुझे अनूपपुर जिले के प्रभारी बनाया गया है  उन्होंने कहा कि समाज के लिए हमेशा तत्पर रहकर कार्य करने की लगन रही है और पिछड़ा वर्ग काफी पिछड़ा है उसे मजबूत करने के लिए पूरे जिले में नेतृत्व और एकता का परिचय दिया जाएगा ताकि समाज पूरे प्रदेश में मजबूती से खड़े होकर अपना -अपने अधिकार की बात बिना दर एवं भाय के कर सके

बिहार में अब पर्यटन स्थलों पर होगी ‘सुपर पेट्रोलिंग’, पुलिस अफसरों को मिले सख्त निर्देश

पटना राज्य में बेहतर विधि-व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर गुरुवार को गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार और प्रभारी डीजीपी प्रीता वर्मा ने पुलिस मुख्यालय में वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान शुक्रवार से सोमवार तक अलग-अलग जिलों में भेजे गए एडीजी से लेकर आइजी-डीआइजी स्तर के 36 पुलिस अफसरों की रिपोर्ट भी साझा की गई। समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि सभी जिलों में संवेदनशील स्थलों को क्राइम स्पाट के रूप में चिह्नित कर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। प्रभारी डीजीपी ने सभी जिलों में पर्यटन स्थलों एवं सेल्फी प्वाइंट पर पुलिस की तैनाती बढ़ाते हुए प्रभावी निगरानी के लिए 'सुपर पेट्रोलिंग' की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। पुलिस महानिदेशक के स्तर से सभी नोडल पदाधिकारियों को थानों में जनसंवाद के लिए बैठक आयोजित करने का निदेश भी दिया गया। नारकोटिक्स तथा साइबर क्राइम की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। सीसीटीएनएस, सीसीटीवी, पुलिस कंट्रोल रूम, जिला नियंत्रण कक्ष एवं वायरलेस सिस्टम को सक्रिय एवं प्रभावी रूप से संचालित रखने पर विशेष जोर दिया गया। भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिलों में नारकोटिक्स गतिविधियों के संबंध में विशेष जानकारी एकत्रित करने तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित इकाइयों एवं जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। किशनगंज पुलिस की गुड मार्निंग वॉक को मिली सराहना समीक्षा बैठक के दौरान अपराध नियंत्रण, गश्ती व्यवस्था, नारकोटिक्स एवं साइबर क्राइम की रोकथाम से संबंधित बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। इस दौरान किशनगंज पुलिस की ओर से संचालित 'गुड मार्निंग वाक' पहल की सराहना की गई। इसमें वरीय पुलिस पदाधिकारियों की तरफ से आमजनों के साथ सुबह भ्रमण कर उनसे संवाद स्थापित किया जाता है। अन्य जिलों को भी स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के सकारात्मक पहल संचालित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। गृह सचिव की चेतावनी- लापरवाही पर नपेंगे एसडीपीओ-इंस्पेक्टर गृह विभाग के प्रधान सचिव ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), अंचल पुलिस निरीक्षक एवं थाना अध्यक्ष (एसएचओ) को अपने-अपने दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में निर्देश दिया गया कि जिन जिलों से वरीय पदाधिकारियों को टैग किया गया है, वे संबंधित जिलों में रात्रि प्रवास (नाइट स्टे) सुनिश्चित करते हुए पुलिसिंग एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति की नियमित समीक्षा करें। सभी दोपहिया एवं चारपहिया पुलिस वाहनों को डायल-112 से जोड़ने की दिशा में आवश्यक प्रयास करने का निर्देश दिया गया, ताकि आपातकालीन पुलिस सेवा एवं त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके। बैठक में न्यायालय से प्राप्त किसी भी कुर्की आदेश को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने का निर्देश दिया गया।