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घुमंतू पशुओं पर सख्ती: हादसे रोकने को नगर निगम का बड़ा एक्शन, मालिकों पर होगी FIR

जगदलपुर शहर में आवारा और घुमंतू पशुओं के कारण लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अब नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। बार-बार सड़कों से हटाने के बावजूद ये पशु फिर से सड़क पर पहुंच जाते हैं, जिसके चलते अब नगर निगम जगदलपुर ने घुमंतू पशुओं के मालिकों के खिलाफ FIR दर्ज कराने का निर्णय लिया है। नगर निगम क्षेत्र के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास स्थित ग्रामीण इलाकों में भी यह सख्ती अपनाई जाएगी। नगर निगम, यातायात विभाग और ग्राम पंचायतों ने मिलकर सख्त कार्रवाई को लेकर अपनी सहमति दी है। महापौर संजय पांडे ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में आवारा पशुओं की पहचान कर उनका पुनर्वास करते हुए गौशालाओं में भेजा जाएगा। साथ ही पशुओं के मालिकों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई करते हुए दुर्घटना होने की स्थिति में FIR की भी कार्रवाई होगी। नगर निगम ने इसके लिए गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण का काम भी शुरू कर दिया है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने पालतू पशुओं को सड़कों पर न छोड़ें।

डोटासरा पर भजनलाल का तंज तेज, कहा– कांग्रेस नेता को भाजपा सबक सिखाएगी

श्रीगंगानगर सीएम भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पूछते हैं कि कहां है यमुना का पानी? शेखावाटी के लिए यमुना का पानी भाजपा सरकार लेकर आएगी। गोविंद डोटासरा जी चिंता मत कीजिए, भाजपा सरकार उन्हें पानी पिलाएगी। सीएम भजनलाल शर्मा शुक्रवार को श्रीगंगानगर जिले के दौरे पर आए थे। भजनलाल शर्मा ने साधुवाली गाजर मंडी व फिरोजपुर फीडर का शिलान्यास भी किया। इस दौरान वे कांग्रेस पर जमकर बरसे। सीएम ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पर तीखे जुबानी हमले बोले। सीएम ने कहा कि कांग्रेस ने 70 साल तक राज किया। राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा और केंद्र में जब कांग्रेस की सरकार थी, तब भी उनसे ईआरसीपी और शेखावाटी के लिए यमुना के पानी के कागज तक पूरे नहीं किए गए। वो (कांग्रेस) किस मुंह से कहना चाहती है? कांग्रेस ने तो राजस्थान की जनता को झूठे सपने दिखाने का काम किया है। भजनलाल शर्मा ने कहा कि अशोक गहलोत कहते हैं कि कमलनाथ उनके मित्र हैं। लेकिन जब ईआरसीपी की बात आई तो उनके मित्र कोर्ट में पहुंच गए कि समझाैता नहीं करेंगे। मित्र तो ऐसा होता है कि जब मोहन यादव (सीएम, मध्यप्रदेश) को हमने जब कहा तो डीपीआर भी बन गई और शिलान्यास भी हो गया। मित्र तो इसको कहते हैं। कांग्रेस में तो मित्रता भी नहीं है। कांग्रेस के अंदर तो अभी लड़ाई चल रही है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली इसलिए बड़े बयान देते हैं ताकि उनकी नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी नहीं चली जाए। प्रदेशाध्यक्ष इसलिए बाेलते हैं ताकि वो नेता प्रतिपक्ष बन जाएं। अशोक गहलोत दोनों को साधकर चल रहे हैं। पहले एक को निपटाया, अब दूसरे को निपटाने के चक्कर में लगे हैं। कांग्रेस में आपस में भी प्यार नहीं है। भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस का एक मंत्री जेल से छूटकर आ रहा है, दूसरे कुछ जेल के अंदर जाने की तैयारी कर रहे हैं, ये भी कोई होड़ है क्या? इन्होंने भ्रष्टाचार और लूट के अलावा कुछ नहीं किया। इन्होंने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की है। अभी आगे-आगे देखते जाइए होता है क्या…क्योंकि कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी है। सीएम ने कहा कि एक मांग है यहां के लोगों से कि यहां के लोगों ने तथाकथित यूनियन बना रखी हैं। उन्हें मैं कहना चाहता हूं कि समस्या का समाधान तो किया जा सकता है, मन की बातों का कोई समाधान नहीं है। ऐसे लोगों के पास कोई खेती तो है नहीं, बस यूनियन लेकर लगे रहते हैं। सीएम ने मंच से कहा कि आने वाले समय में यहां की नहरों का शुद्धिकरण भी होगा और इन जिलों को सिंधु का पानी भी मिलेगा। इसके साथ ही गन्ने का समर्थन मूल्य 15 रूपए प्रति क्विंटल बढ़ाने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि गन्ने की तीनों कैटेगरी में प्रति क्विंटल पर समर्थन मूल्य बढ़ेगा। सीएम ने कहा कि  इतने वर्षों तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस ने कभी फिराेजपुर आकर देखा क्या? कांग्रेस केवल झूठे वादे करती रही और कुछ नहीं किया। कांग्रेस ने स्वार्थ की राजनीति की, उन्होंने यहां के किसानों के बारे में कभी नहीं सोचा। झूठ और लूट की कांग्रेस ने किसान-मजदूर की तरफ ध्यान नहीं दिया। तीन बार सीएम रहे अशोक गहलोत ने कभी श्रीगंगानहर-हनुमानगढ़ की नहरों के बारे में सोचा क्या। सत्ता और कुर्सी ही कांग्रेस की प्राथमिकता है। महाराजा गंगासिंह ने नहरें बना दीं, कांग्रेस ने उन्हें संभाला तक नहीं। कांग्रेस सिर्फ चुनावों में वादे करती है।  

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की पहल, दंतेवाड़ा में राज्य स्तरीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप-2025

दंतेवाड़ा जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में राज्य स्तरीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप–2025 का आयोजन पुराना मार्केट स्थित इंदिरा स्टेडियम, दंतेवाड़ा में जारी है। दो दिवसीय यह प्रतियोगिता सब जूनियर, कैडेट, जूनियर एवं सीनियर प्रो फाइट (बालक/बालिका) वर्ग में हो रही है, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान आज जिला कलेक्टर कुणाल  दुदावत तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जिला पंचायत जयंत नाहटा ने उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। अतिथियों ने थाई बॉक्सिंग जैसे मार्शल आर्ट्स खेलों को युवाओं के बीच बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया और प्रतिभागी खिलाड़ियों से मुलाक़ात कर उनके प्रदर्शन की सराहना की। प्रतियोगिता में विशिष्ट अतिथि के रूप में मान. श्री चैतराम अटामी (विधायक, दंतेवाड़ा) एवं मान. श्री दीपक प्रसाद (अध्यक्ष, थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन छत्तीसगढ़) शामिल हुए। कार्यक्रम में जिला पंचायत, नगर पालिका तथा जनपद पंचायत के पदाधिकारियों की भी उपस्थिति रही। स्टेडियम में दर्शकों का उत्साह देखने लायक है। लगातार जारी विभिन्न वर्गों की बाउट्स में खिलाड़ियों द्वारा तेज़ी, तकनीक और रणनीति का शानदार प्रदर्शन किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार शाम तक कई महत्वपूर्ण मुकाबले होने हैं। थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन दंतेवाड़ा द्वारा बताया गया कि कार्यक्रम के समापन अवसर पर विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और स्थानीय निकायों का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है।

ठिठुरन से कांप रहा बिहार, लोगों को बर्फीली हवाओं से सावधान रहने की चेतावनी

पटना पटना में सुबह- शाम ठिठुरन तेजी से बढ़ने लगी है और दिन में अच्छी धूप निकलने के बावजूद दोपहर की हवा में भी ठंडक महसूस हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 10 दिनों तक पटना का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने की संभावना कम है। साथ ही फिलहाल घने कुहासे को लेकर भी कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। औरंगाबाद में 7.3 डिग्री सेल्सियस तापमान मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया है कि दक्षिण-पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की जा सकती है। शुक्रवार को प्रदेश के 10 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। इनमें सबसे कम तापमान औरंगाबाद में 7.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान फारबिसगंज और मोतिहारी में 28.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं राजधानी पटना में दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि रात और सुबह के वक्त ठिठुरन में और इजाफा हो सकता है, लेकिन फिलहाल शीतलहर जैसी स्थिति बनने की संभावना कम है।  

रायपुर: मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना से छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगा नई दिशा

रायपुर : छत्तीसगढ़ में शुरू होने जा रहा है पर्यटन का नया अध्याय: मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना से छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान 75 प्रतिशत सब्सिडी के साथ पर्यटकों के लिए आकर्षक टूर पैकेजों की शुरुआत रायपुर छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग एवं आईआरसीटीसी मिलकर मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना के तहत रायपुर और बस्तर में पर्यटकों के लिए विशेष टूर पैकेजों की शुरुआत जल्द ही करने जा रहे हैं। यह पहल प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत के प्रसार के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के अंतर्गत रायपुर से चार प्रमुख टूर पैकेज संचालित किए जाएंगे, जिनमें रायपुर सिटी टूर, रायपुर सिटी धार्मिक टूर, रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर और रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर शामिल हैं। प्रत्येक पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी-अंग्रेजी गाइड, भोजन और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पर्यटक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का आनंद ले सकेंगे। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि पर्यटन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह महत्वपूर्ण योजना शुरू की गई है। इससे न केवल आर्थिक विकास को बल मिलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त होगी। पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह योजना स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के व्यापक अवसर भी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि हर पर्यटक तक पहुँचे।” प्रमुख टूर पैकेज रायपुर सिटी टूर (दिवसीय भ्रमण) इस टूर में पर्यटक रायपुर के प्रमुख स्थलों—राम मंदिर, ऊर्जा पार्क, पुरखौती मुक्तांगन, छत्तीसगढ़ ट्राइबल म्यूजियम, नंदनवन जू और कौशल्या माता मंदिर की सैर कर सकेंगे। पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी/अंग्रेजी गाइड, भोजन और यात्रा बीमा शामिल है। प्रस्थान रायपुर रेलवे स्टेशन से होगा। रायपुर सिटी धार्मिक टूर (दिवसीय भ्रमण) धार्मिक स्थलों पर केंद्रित यह टूर हनुमान मंदिर, मां बंजारी मंदिर, कैवल्य धाम जैन मंदिर, इस्कॉन मंदिर, महामाया मंदिर, दंतेश्वरी माता मंदिर, राम मंदिर और मां कौशल्या माता मंदिर की यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा। इस टूर की शुरुआत और समापन भी रायपुर रेलवे स्टेशन से ही होगा। रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर (02 रातें / 03 दिन) इस पैकेज में बस्तर क्षेत्र के प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों—जगदलपुर, चित्रकोट, तीरथगढ़—की यात्रा शामिल है। पर्यटक चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफा, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और दंतेश्वरी मंदिर जैसे प्रमुख आकर्षणों का आनंद ले सकेंगे। ठहराव डबल-शेयरिंग होटल में होगा तथा दैनिक भोजन की व्यवस्था रहेगी। रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर (01 रात / 02 दिन) यह टूर सिरपुर के ऐतिहासिक मंदिरों और बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य की सैर करवाएगा। पैकेज में स्नैक्स, भोजन, होटल आवास और वातानुकूलित वाहन शामिल हैं। पर्यटकों को जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव भी मिलेगा। टूर पैकेज की विशेषताएं प्रत्येक पैकेज के लिए कम से कम 10 व्यक्तियों का समूह आवश्यक है। यात्रा के दौरान पर्यटकों को पीने का पानी, स्नैक्स, लंच और ट्रैवल इंश्योरेंस दिया जाएगा। 2 से 18 वर्ष तक के बच्चों को 85% और 18 वर्ष से अधिक के वयस्कों को 75% सब्सिडी प्रदान की जाएगी। सभी पैकेज रायपुर रेलवे स्टेशन से शुरू और समाप्त होते हैं। स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा इन टूर पैकेजों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा लाई जा रही है। पर्यटक इन पैकेजों के जरिए प्रदेश की विविधता और समृद्धि का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। इस योजना से स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। यह योजना मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की पर्यटन को बढ़ावा देने की दूरदर्शी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पर्यटन को जन-जन तक पहुँचाकर प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देना है। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और पर्यटक राज्य को नए दृष्टिकोण से जानने-समझने का अवसर प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में पर्यटन को सुलभ, समृद्ध और आकर्षक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में प्रदेश को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। – मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

29 दिसंबर को होंगे नगरीय निकाय और पंचायत उप निर्वाचन, 3872 पंच पदों के लिए वोटिंग

भोपाल  मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (MP State Election Commission )ने नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। मतदान 29 दिसम्बर 2025 को होगा। मतगणना और निर्वाचन परिणामों की घोषणा 31 दिसम्बर को सुबह 9:00 बजे से होगी। 8 दिसम्बर 2025 से मिलेंगे नामांकन फॉर्म  राज्य निर्वाचन आयोग सचिव दीपक सिंह ने जानकारी दी है कि उप निर्वाचन के लिए निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन और नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने का कार्य 8 दिसम्बर 2025 से शुरू होगा। नाम निर्देशन पत्र 15 दिसम्बर तक लिये जायेंगे, नाम निर्देशन पत्रों की जांच 16 दिसम्बर को होगी। नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 18 दिसम्बर है। इसी दिन निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन होगा। नगरीय निकायों में मतदान 29 दिसम्बर को सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगा। 7:00 बजे से 3:00 बजे तक होगा मतदान  पंचायतों में मतदान 29 दिसम्बर को सुबह 7:00 बजे से अपरान्ह 3:00 बजे तक होगा। पंच पद के लिये मतगणना मतदान के तुरंत बाद मतदान केन्द्र पर ही होगी। सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य की विकास खण्ड मुख्यालय पर EVM से की जाने वाली मतगणना 2 जनवरी को सुबह 8:00 बजे से होगी। इसी दिन सरपंच एवं जनपद पंचायत सदस्य के निर्वाचन परिणामों की घोषणा की जायेगी। जिला पंचायत सदस्यों एवं पंच पद के लिए परिणामों की घोषणा 5 जनवरी 2026 को प्रात: 10:30 बजे से की जायेगी। 1 अध्यक्ष और 8 पार्षदों का होगा उप निर्वाचन जिला सीधी के नगरपरिषद मझौली के अध्यक्ष और विभिन्न नगरीय निकायों में 8 पार्षदों के लिये उप निर्वाचन होगा। नगरपालिक निगम सिंगरौली के वार्ड 34, नगर पालिका परिषद मण्डला के वार्ड 8, नगर पालिका परिषद लहार के वार्ड 5 और नगर परिषद मौ के वार्ड 4, मेहगांव के वार्ड 5, आलमपुर के वार्ड 13, सतवास के वार्ड 9 और पानसेमल के वार्ड 2 में पार्षद पद के लिये उप निर्वाचन होगा। 85 पदों के लिए होगा निर्वाचन  पंचायत उप निर्वाचन के तहत जिला पंचायत सदस्य के 4, जनपद पंचायत सदस्य के 14, सरपंच के 67 और 3872 पंच पद के लिये निर्वाचन होगा।  

‘आत्महत्या की धमकी भी मानसिक प्रताड़ना’ – हाईकोर्ट ने तलाक को दी हरी झंडी

बिलासपुर पति-पत्नी के बीच विवाद के मामले में पत्नी की तलाक के खिलाफ पेश अपील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, आत्महत्या करने की बार-बार धमकी देना क्रूरता है। जब ऐसी बात किसी इशारे या हाव-भाव के रूप में दोहराई जाती है तो कोई भी पति-पत्नी शांति से नहीं रह सकता। इस मामले में अपील करने वाले के पति ने यह दिखाने के लिए काफी सबूत पेश किए हैं कि पत्नी बार-बार आत्महत्या करने की धमकी देती थी और एक बार तो अपने ऊपर कैरोसिन डालकर आत्महत्या करने की कोशिश भी की थी। क्रूरता का मतलब है पति-पत्नी के साथ इतनी क्रूरता से पेश आना, जिससे उसके मन में यह डर पैदा हो कि दूसरे पक्ष के साथ रहना उसके लिए नुकसानदायक होगा। पत्नी के काम इतने गंभीर हैं कि पति को दर्द, और तकलीफ़ हुई है, जो शादी के कानून में क्रूरता मानी जाएगी। जानिए पूरा मामला अपीलकर्ता पत्नी की 11 मई 2018 को हिदू रीति-रिवाजों के साथ हुई थी। वह पति के साथ रह रही थी और उनकी शादी से उनका बेटा पैदा हुआ, जो अभी लगभग 03 साल का है। शादी के लगभग एक हफ्ते बाद पति-पत्नी मोटरसाइकिल पर डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी मंदिर जा रहे थे और रास्ते में अचानक उनके सामने एक भैंस आ गई और उनका एक्सीडेंट हो गया। पत्नी ने अपने पिता को बताई। पिता ने दोनों को बागतराई बुलाया और उन्हें अधारी नवगांव की दरगाह पर ले गए, यह कहकर कि उन पर भूत का साया है और हर गुरुवार को वहां आने को कहा और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनका बिजनेस अच्छा चलेगा। शादी के बाद पति लगभग 7-8 महीने तक पत्नी को हर गुरुवार बागतराई ले जाने लगा, जिससे उसे बिजनेस में नुकसान हुआ और इस दौरान पति को पता चला कि पत्नी और उसके माता-पिता मुस्लिम हैं और उन्होंने यह बात छिपाकर शादी की थी। फिर पति ने अपील करने वाले को हर गुरुवार उसके माता-पिता के घर ले जाने से मना कर दिया। पत्नी हर गुरुवार को अपने माता-पिता के घर जाने की जिद करने लगी। पत्नी और उसके माता-पिता ने उसे मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए कहना शुरू कर दिया, जिससे पति ने मना कर दिया। इस पर पत्नी का व्यवहार बहुत बदल गया और झगड़ा करने लगी। पत्नी ने अजीब तरह से व्यवहार करना शुरू कर दिया, गाली-गलौज करने लगी। 25 सितंबर 2019 को अपील करने वाली ने पति से बेवजह झगड़ा किया और केरोसीन डालकर खुद को आग लगाने की कोशिश की, जिसे पति ने किसी तरह बचाया। इसके बाद पत्नी अपने माता-पिता के घर चली गई। इस पर पति ने न्यायालय में तलाक के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। सुनवाई उपरांत न्यायालय ने तलाक के आवेदन को मंजूर किया। इसके खिलाफ पत्नी ने हाईकोर्ट में अपील पेश की थी। कोर्ट ने कहा, मामले में भी यह बिल्कुल साफ़ है कि पत्नी ने अपने पति को बार-बार सुसाइड करने की कोशिश करके धमकाया और यह भी बिल्कुल साफ़ है कि साल 2020 से पत्नी अपने पति से अलग रह रही है। पत्नी के व्यवहार को देखते हुए पति के लिए किसी भी मेंटल प्रेशर के साथ उसके साथ रहना मुमकिन नहीं है। इसके साथ हाईकोर्ट ने पत्नी की तलाक के खिलाफ पेश अपील को खारिज कर दिया है।

जवाहर सर्किल पर दिखे CM भजनलाल शर्मा, बिना सिक्योरिटी के की सुबह की सैर

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शनिवार तड़के अचानक जवाहर सर्किल पहुंचे और आम लोगों के साथ करीब आधे घंटे तक मार्निंग वॉक की। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद सीमित रही और मुख्यमंत्री ने प्रोटोकॉल को भी साइड में रख दिया। सामान्य दिनों में मुख्यमंत्री के लिए रूट लगाया जाता है, लेकिन आज बिना किसी पूर्व सूचना के वे सीधे पार्क पहुंच गए। भजनलाल शर्मा इससे पहले भी मुख्यमंत्री बनने से पहले लगातार जवाहर सर्किल में सैर करते रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वे जयपुर के कई पार्कों में पहुंचकर सुबह की सैर और योग जारी रखे हुए हैं। मुख्यमंत्री निवास पर भी वे प्रतिदिन लगभग पौना घंटे योग और वॉक करते हैं। सुबह की सैर के पीछे मुख्यमंत्री का उद्देश्य सिर्फ फिटनेस नहीं, बल्कि ‘फिट राजस्थान’ का संदेश देना और आमजन से संवाद कायम रखना भी है। आज भी वॉक के दौरान उन्हें कई पुराने परिचित मिले, जिनसे उन्होंने आत्मीय बातचीत की और वे कुछ दूरी तक उनके साथ चले। मुख्यमंत्री की इस बिना प्रोटोकॉल वाली सैर ने आम लोगों को चौंकाया भी और उनके सरल स्वभाव की एक बार फिर झलक दिखाई।

चुनावी जीत पर BJP का मंथन, तीन दिवसीय मैराथन बैठक में रणनीति पर चर्चा

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की शानदार जीत के बाद अब भारतीय जनता पार्टी एक बड़ी बैठक का आयोजन करने जा रही है। यह बैठक राज्य के नेताओं और कार्यकर्ताओं को समर्पित रहेगा। तीन दिन यानी 8, 9 और 10 दिसंबर तक तक चलने वाली इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लोग क्षेत्रीय नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार तो जताएगी ही साथ ही जश्न भी मनाएगी। हालांकि इसके पीछे का एक मकसद आगामी 5 वर्ष के योजनाओं पर विचार विमर्श करना भी है। इसके लिए भी रणनीति तैयार की जाएगी। बताया जाता है कि इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिलीप जायसवाल, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री नागेंद्र समेत पार्टी के वरिष्ठ अधिकारी, क्षेत्रीय प्रभारी प्रभारी, जिला प्रभारी जिला, अध्यक्ष, महामंत्री, विधानसभा प्रभारी और संयोजक समेत कई नेता और कार्यकर्ता इस बैठक में शामिल होंगे। विधानसभा चुनाव के दौरान जो नेता पार्टी से नाराज हो गए थे उन्हें भी इस बैठक में बुलावा भेजा गया है। आठ, नौ और दस को होगी बैठक बैठक क्षेत्र वार तय किया गया है। 8 दिसंबर को मिथिला और तिरहुत क्षेत्र के जिलों की बैठक मुजफ्फरपुर पश्चिमी जिला कार्यालय में होगी। वही 9 दिसंबर को पटना मुंगेर शाहाबाद और मगध क्षेत्र की बैठक पटना के प्रदेश कार्यालय में होगी। वही 10 दिसंबर को कोसी सीमांचल और अंग प्रदेश के क्षेत्र की बैठक पूर्णिया स्थित जिला भाजपा कार्यालय में होगी। इससे पहले गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में जीते हुए विधायकों की महा बैठक हुई थी करीब 2 घंटे तक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने विधायकों के साथ बैठक की थी। इसमें वरिष्ठ नेता बीएल संतोष, प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिंह, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन, विधायक संजीव चौरसिया, समेत कई दिग्गज नेता शामिल हुए थे।

व्यापमं घोटाले से जुड़ा कांस्टेबल भर्ती मामला, सीबीआई ने की बड़ी कार्रवाई

 ग्वालियर  मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले से जुड़े एक और मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) को सफलता मिली है। पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2012 में हुए प्रतिरूपण (इम्परसनेशन) के एक मामले में ग्वालियर स्थित विशेष सीबीआइ न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए दो से सात साल तक की सजा सुनाई है। सीबीआई के अनुसार, 8वें अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (व्यापमं प्रकरण) ने रणवीर पुत्र चूरामन, हरवेंद्र सिंह चौहान उर्फ प्रवेंद्र कुमार पुत्र देवेंद्र को आपस में मिलीभगत कर आपराधिक षड़यंत्र रचने, धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और प्रतिरूपण के गंभीर अपराधों का दोषी पाया। न्यायालय ने आरोपियों को विभिन्न धाराओं में दो वर्ष से लेकर सात वर्ष तक का कठोर कारावास तथा जुर्माना की सज़ा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई को सौंपा गया था मामला मामला वर्ष 2012 की पुलिस कांस्टेबल परीक्षा के दौरान हुई अनियमितताओं से जुड़ा है। थाना सिटी कोतवाली, मुरैना में केंद्र अधीक्षक बीएस परिहार ने परीक्षा में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने रणवीर सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जबकि प्रवेंद्र कुमार के मामले में जांच जारी थी। बाद में यह पूरा प्रकरण सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद सीबीआई को सौंपा गया, जिसने जांच पूरी कर आरोपियों को अदालत में दोषसिद्ध कराया। इस फैसले को व्यापमं घोटाले की न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।