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ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निपटारा, सुशासन तिहार शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे लोग

सुशासन तिहार शिविर में उमड़ा ग्रामीणों का भरोसा, 400 से अधिक आवेदन प्राप्त, कई समस्याओं का मौके पर हुआ समाधान हितग्राहियों को मिली विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ रायपुर दंतेवाड़ा जिले के ग्राम पंचायत मटेनार में सुशासन तिहार के तहत 12 ग्राम पंचायतों का संयुक्त शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और शासन की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। शिविर में 400 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई मामलों का मौके पर ही निराकरण कर लोगों को राहत प्रदान की गई। शिविर में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कमला विनय नाग, जनपद सदस्य श्रीमती संतनी ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, सरपंच, उपसरपंच, पंचगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ दिया गया। कृषि विभाग द्वारा 11 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किए गए। वहीं 6 हितग्राहियों को जन्म प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा शिविर में आधार कार्ड सुधार, नए आधार कार्ड निर्माण, महतारी वंदन योजना के लिए आधार लिंकिंग, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया भी पूरी की गई। ग्रामीणों ने शिविर में त्वरित समाधान और एक ही जगह पर विभिन्न विभागों की सेवाएं मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए बहुत लाभकारी साबित हो रहे हैं, क्योंकि अब उन्हें छोटे-छोटे कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। सुशासन तिहार के तहत आयोजित ये शिविर शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रहे हैं।

बिहार सरकार की नई टोल पॉलिसी तैयार, अब स्टेट हाईवे और पुलों पर बढ़ेगा टोल

पटना  बिहार में गाड़ी चलाना आपके लिए और महंगा होने जा रहा है। यूं समझिए कि पेट्रोल-डीजल के बाद अब बिहार में सरकार आपकी जेब का बोझ बढ़ाने जा रही है। बिहार की सम्राट चौधरी सरकार नई टोल नीति पर काम शुरू कर चुकी है। इसके लागू होने के बाद अब बिहार में आपको और टोल टैक्स चुकाना होगा। इसके लिए पथ निर्माण विभाग के अफसरों से लेकर कर्मचारियों तक को काम पर लगा दिया गया है। बिहार में टोल टैक्स होगा महंगा बिहार की सम्राट सरकार की नई टोल नीति लाने का मकसद राजस्व बढ़ाना है। इस राजस्व का इस्तेमाल सड़कों और पुलों के रखरखाव पर किया जाएगा। इसको लेकर अफसरों को नई नीति तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं और वो इस पर काम भी कर रहे हैं। पुल के लिए भी टोल टैक्स इसमें एक और भी बड़ी बात है। वो ये कि अब बिहार में पुल पार करने पर भी टैक्स लगेगा। एक न्यूज पोर्टल के मुताबिक जो प्रस्ताव रखा गया है उसके अनुसार पुल की एक किलोमीटर की लंबाई को साधारण सड़क के 10 किलोमीटर के बराबर माना जाएगा। ऐसे में सड़कों के मुकाबले पुल पर लगने वाला टोल टैक्स जाहिर तौर पर ज्यादा होगा। ऐसे समझिए कि आप जितना टोल सड़क पर 10 किमी गाड़ी चलाने के लिए देंगे, उतना पुल पर सिर्फ एक किलोमीटर का लग जाएगा। यही नहीं पुल तक पहुंचने के लिए अप्रोच रोड पर भी अलग टोल की दरें तय की जा रही हैं।     बिहार में जल्द आ सकती है नई टोल टैक्स पॉलिसी     इसके तहत पुलों के लिए भी लगेगा टोल टैक्स     स्टेट हाईवे पर भी वसूला जाएगा टोल     पथ निर्माण विभाग इसके लिए काम पर लगा सरकार क्यों बढ़ा रही टोल टैक्स पथ निर्माण विभाग के अनुसार बिहार में बड़े पुलों और स्टेट हाईवे के नेटवर्क को मेंटेन रखने के लिए मोटे बजट की जरूरत होती है। बिहार में टोल टैक्स को लेकर इस नई टोल नीति के बाद जो पैसा आएगा उससे पुलों और सड़कों की मरम्मत से लेकर सुरक्षा तक तय की जाएगी। हालांकि अभी प्रस्ताव पर सोच-विचार चल रहा है। ड्राफ्टिंग को पूरा होने में समय लगेगा। माना जा रहा है कि एक महीने के अंदर ही ये लागू किया जा सकता है। बिहार सड़क उपयोगकर्ता शुल्क (दर निर्धारण एवं संग्रह) अभी प्रक्रिया में है। लागू होने पर टोल वसूली के लिए एजेंसियों को चुना जाएगा।    

शिक्षा व्यवस्था में बड़ा एक्शन, भागलपुर-बांका के कोचिंग संस्थानों की होगी निगरानी

भागलपुर. प्रमंडल के 496 कोचिंग सेंटर पर अब जिला स्तर से निगरानी होगी। इसे लेकर जल्द ही पूरे राज्य में बिहार राज्य कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2026’ को लागू करने की तैयारी है। शिक्षा विभाग ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और इसे सार्वजनिक सुझाव के लिए विभागीय वेबसाइट पर जारी किया गया है। शिक्षा विभाग के सर्वे के अनुसार, भागलपुर में 295 और बांका में 201 कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। उनमें भागलपुर में लगभग 32,399 और बांका में 25733 बच्चे पढ़ रहे हैं। जिला शिक्षा विभाग से जुड़े एक पदाधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित कानून के तहत राज्य स्तर पर 13 सदस्यीय प्राधिकरण गठित होगा। इसके पदेन अध्यक्ष शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव होंगे। इसके अलावा अन्य पदाधिकारी शामिल रहेंगे। वहीं, जिले में 6 सदस्यीय टीम होगी। उन्होंने बताया कि यह समिति जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण, आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा मानकों और छात्र हितों की निगरानी करेगी। कोचिंग संस्थानों को अनिवार्य रूप से निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। बिना पंजीकरण संचालित संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी। रैंडम जांच में कई कोचिंग में मिली थी अनियमितता 2023 में पूर्व शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के कार्यकाल में जिले में बड़े स्तर पर कोचिंग संस्थानों की रैंडम जांच कराई गई थी। उस समय 50 से अधिक कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया था। जांच में बिना निबंधन संचालन, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था की कमी, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था नहीं होना, शिक्षकों और फीस संबंधी जानकारी प्रदर्शित नहीं करना जैसी कई अनियमितताएं सामने आई थीं। कुछ संस्थानों में सीसीटीवी और उपस्थिति पंजी भी नहीं मिली थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार द्वारा लगभग आधा दर्जन कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई भी की गई थी तथा कई संचालकों को नोटिस जारी कर सुधार का निर्देश दिया गया था। पूर्वी बिहार व कोसी सीमांचल के 3803 कोचिंग सेंटर पर कसेगा शिकंजा पूर्वी बिहार, कोसी और सीमांचल के 13 जिलों में कुल 3803 कोचिंग संस्थान संचालित हैं। वहां करीब 1.88 लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। भागलपुर प्रमंडल के भागलपुर में 295, बांका के अलावा जमुई में 238 और मुंगेर में 90 कोचिंग संस्थान चल रहे हैं। इनमें जमुई में 21,764 और मुंगेर में 7,022 छात्र-छात्राएं कोचिंग में पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं, कोसी क्षेत्र के खगड़िया में 145, मधेपुरा में 233, सहरसा में 522 और सुपौल में 395 कोचिंग संस्थान संचालित हैं। इन जिलों में सहरसा में 26,014, मधेपुरा में 24,884, सुपौल में 6,779 और खगड़िया में 14,937 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। वहीं, सीमांचल क्षेत्र के पूर्णिया में 598, कटिहार में 577, अररिया में 266 और किशनगंज में 243 कोचिंग संस्थान संचालित हैं। इन जिलों में पूर्णिया में 9,585, कटिहार में 21,840, अररिया में 15,823 और किशनगंज में 10,924 छात्र-छात्राएं कोचिंग में पढ़ाई कर रहे हैं।

दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर संयुक्त मॉक ड्रिल, CISF-NSG समेत कई एजेंसियां रहीं शामिल

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर सोमवार को संयुक्त आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें कई खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने हिस्सा लिया। इस तरह के अभ्यास के आयोजन का मुख्य मकसद यह था कि किसी भी संकट की स्थिति का सामना कैसे किया जाए। साथ ही, यदि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा होती है, तो उससे प्रभावी तरीके से निपटकर यात्रियों के लिए सुरक्षित माहौल कैसे सुनिश्चित किया जाए। इन्हीं सभी परिस्थितियों की रूपरेखा तय करने के उद्देश्य से एयरपोर्ट पर आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल का आयोजन डीआईजी, सीएसओ और एएसजी की देखरेख में किया गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस अभ्यास में दिल्ली पुलिस, सीआईएसएफ, एनएसजी, बीडीडीएस, डीएफएस, डीआईएलएल, बीसीएएस और एएआई जैसी खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियों ने हिस्सा लिया। सभी एजेंसियों ने यह सुनिश्चित किया कि अभ्यास सफलतापूर्वक संपन्न हो। सफल मॉक ड्रिल, तैयारियों का हुआ परीक्षण अभ्यास के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती गई। पूरा अभ्यास निर्धारित रूपरेखा के अनुरूप संपन्न हुआ। अभ्यास समाप्त होने के बाद इसे सफल बताया गया। इस अभ्यास का मकसद यह भी था कि यह आकलन किया जा सके कि मौजूदा समय में ये एजेंसियां कितनी कारगर हैं और क्या वे किसी भी संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इन्हीं पहलुओं का परीक्षण करने के लिए इस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। परखी गई क्षमता बता दें कि दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर समय-समय पर इस तरह की मॉक ड्रिल आयोजित की जाती हैं। इनका मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन करना होता है, ताकि भविष्य में किसी भी संकट की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। इस तरह के अभ्यासों से वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों की कार्यकुशलता का भी आकलन हो जाता है। साथ ही यह भी पता चलता है कि किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।

नोएडा में नवविवाहिता की मौत से सनसनी, छत से कूदने के मामले में पति और ससुर पर कार्रवाई

 ग्रेटर नोएडा  ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गांव में एक विवाहिता की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. करीब 14 महीने पहले 1 करोड़ से भी ज्यादा के खर्च से हुई धूमधाम वाली शादी अब एक दर्दनाक अंत की कहानी बन गई. आरोप है कि दहेज की मांग और लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर विवाहिता ने छत से कूदकर जान दे दी. घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पुलिस ने पति और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है।  घटना थाना ईकोटेक-3 के जलालपुर गांव की है. मृतका की पहचान दीपिका के रूप में हुई है. वह मूल रूप से कुड़ी खेड़ा गांव की रहने वाली थी. उसकी शादी करीब डेढ़ साल पहले जलपुरा निवासी ऋतिक के साथ हुई थी. परिवार का कहना है कि शादी में करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए थे और हैसियत से बढ़कर दान-दहेज दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष की मांगें खत्म नहीं हुईं।  शादी के कुछ महीनों बाद बदल गया माहौल परिजनों के मुताबिक शुरुआती कुछ महीने सब सामान्य रहा, लेकिन धीरे-धीरे दीपिका पर दबाव बढ़ने लगा. परिवार का आरोप है कि उसे दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था. कई बार मारपीट भी हुई. दीपिका के मायके वालों का कहना है कि बेटी अक्सर परेशान रहती थी, लेकिन समाज और रिश्तों को बचाने की कोशिश में वह सब सहती रही. परिजनों के अनुसार, कई बार समझौते की कोशिश भी हुई, मगर हालात नहीं बदले. फिर एक रात जो खबर आई, उसने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया. सूचना मिली कि दीपिका ने मकान की छत से नीचे कूदकर जान दे दी।  रात में मची अफरा-तफरी घटना की जानकारी मिलते ही थाना ईकोटेक-3 पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. देर रात तक मौके पर लोगों की भीड़ जमा रही. स्थानीय लोगों के मुताबिक घटना के बाद घर के बाहर भारी तनाव का माहौल था. परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल था. पड़ोसियों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा बनी रही. मृतका के पिता संजय ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था. उनका कहना है कि शादी में सबकुछ देने के बावजूद ससुराल पक्ष की मांगें खत्म नहीं हुई थीं।  पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार रात सूचना मिली थी कि जलपुरा में एक महिला की छत से गिरने के बाद मौत हो गई है. सूचना पर तत्काल पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की गई. पुलिस के मुताबिक मृतका के परिजनों की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मामले में पति ऋतिक और ससुर मनोज को गिरफ्तार कर लिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।  14 महीने पहले खुशियों से भरा था घर परिवार के लोगों के मुताबिक शादी बहुत ही धूमधाम से हुई थी. रिश्तेदारों और गांव के लोगों की मौजूदगी में समारोह आयोजित किया गया था. उस वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि इतनी जल्दी यह रिश्ता दर्दनाक मोड़ ले लेगा. दीपिका की तस्वीरें और शादी के वीडियो अब परिवार के लिए सिर्फ यादें बनकर रह गए हैं. मायके वालों का कहना है कि बेटी ने नए जीवन के कई सपने देखे थे, लेकिन लगातार बढ़ते दबाव ने उसे अंदर से तोड़ दिया. घटना के बाद गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं. लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर शादी के नाम पर बढ़ती मांगें कब रुकेंगी।  पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार जांच अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि घटना से पहले घर में क्या हुआ था. मोबाइल कॉल डिटेल, बातचीत और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. जलपुरा और आसपास के क्षेत्रों में यह घटना पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही. लोग अलग-अलग तरह की बातें करते नजर आए. कई लोगों का कहना था कि अगर समय रहते शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता तो शायद हालात यहां तक नहीं पहुंचते. वहीं, कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि शादी के बाद बढ़ते घरेलू विवाद अब तेजी से गंभीर घटनाओं में बदल रहे हैं। 

रेत माफियाओं पर प्रशासन का शिकंजा, भारी मात्रा में अवैध रेत जप्त

अवैध रेत भंडारण और परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 1740 घनमीटर रेत जप्त खनिज विभाग के लगातार कार्रवाई से अवैध खनन और परिवहन पर लग रही लगाम प्रशासन की सक्रियता से अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों को मिल रहा कड़ा संदेश रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देशों के तहत प्रदेश में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विभागीय अमला दिन-रात सक्रिय रहकर अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित कर रहा है। इसके लिए रात्रिकालीन गश्त, सघन निगरानी, औचक निरीक्षण और छापेमार कार्रवाई के साथ-साथ ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है।         सचिव खनिज साधन विभाग तथा संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने जिले के आरंग तहसील अंतर्गत ग्राम कागदेही में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान समोदा-कागदेही मार्ग तथा आर्या पेट्रोल पंप के दक्षिण दिशा में फॉरेस्ट नर्सरी के पास बिना वैध अनुमति के गौण खनिज साधारण रेत का अवैध भंडारण पाया गया। जांच में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम 2009 के उल्लंघन की पुष्टि होने पर खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए लगभग 1740 घनमीटर रेत जप्त की गई।                  जप्त रेत को नगर पंचायत समोदा के पार्षद देवेंद्र कुमार साहू के सुपुर्द किया गया। वहीं सघन जांच के दौरान ग्राम समोदा के पास अवैध रेत परिवहन में संलग्न दो हाईवा वाहनों को भी जप्त कर आरंग थाना परिसर में खड़ा कराया गया।

मनी लॉन्ड्रिंग केस में मंत्री संजीव अरोड़ा न्यायिक हिरासत में, अदालत में भावुक हुए

  चंडीगढ़ पंजाब सरकार के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोमवार को बड़ा झटका लगा. स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. अब इस मामले में उनकी अगली पेशी 1 जून को होगी. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दो दिन की रिमांड समाप्त होने के बाद संजीव अरोड़ा को कोर्ट में पेश किया था।  कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान संजीव अरोड़ा भावुक नजर आए. जैसे ही उनकी मुलाकात परिवार के सदस्यों से हुई, वह उन्हें गले लगाकर फफक कर रो पड़े. गिरफ्तारी के बाद यह पहला मौका था जब उनके परिजन उनसे मिल पाए. कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों ने भी इस भावुक पल को देखा. ईडी ने संजीव अरोड़ा को 9 मई की देर शाम चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया था।  जांच एजेंसी का आरोप है कि वह 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के फर्जी GST बिलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट से जुड़े हुए हैं. ईडी के मुताबिक मोबाइल फोन ट्रेडिंग के नाम पर कई शेल कंपनियों का इस्तेमाल कर फर्जी बिल तैयार किए गए और हवाला जैसे नेटवर्क के जरिए रकम को इधर-उधर किया गया. जांच एजेंसी का दावा है कि दिल्ली स्थित बोगस कंपनियों के माध्यम से संदिग्ध लेनदेन किए गए।  इसी मामले में ईडी ने दिल्ली, चंडीगढ़ और गुरुग्राम समेत कई स्थानों पर छापेमारी भी की थी. छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड मिलने का दावा किया गया है, जिनकी जांच अभी जारी है. सुनवाई के दौरान संजीव अरोड़ा की ओर से कोर्ट में आवेदन दाखिल कर अपनी पसंद का वकील नियुक्त करने और वकालतनामा पर हस्ताक्षर करने की अनुमति मांगी गई. ईडी के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर साइमन बेंजामिन ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई।  इसके बाद कोर्ट ने संजीव अरोड़ा को वकील नियुक्त करने की अनुमति दे दी और जांच अधिकारी को निर्देश दिया कि वकालतनामा से जुड़े दस्तावेज उनके वकील या परिवार के सदस्य को बिना देरी उपलब्ध कराए जाएं. इसके अलावा कोर्ट ने ईडी को यह भी निर्देश दिया कि संजीव अरोड़ा को रोजाना सुबह 10 बजे से 11 बजे तक अपने वकील से मिलने दिया जाए. साथ ही उनकी सेहत को देखते हुए सभी जरूरी मेडिकल सुविधाएं और दवाइयां उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए गए हैं। 

अब सीमित मिलेगा तेल! चंडीगढ़ में बाइक को ₹500 और कार को ₹1500 तक पेट्रोल-डीजल

चंडीगढ़. शहर में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई को लेकर एहतियात बरतते हुए कुछ पेट्रोल पंपों पर वाहनों में तेल भरवाने की सीमा तय कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत अब टू-व्हीलर में एक बार में अधिकतम 500 रुपये और फोर-व्हीलर में 1500 रुपये तक का ही पेट्रोल या डीजल दिया जा रहा है। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन सेक्टर-17 स्थित पेट्रोल पंप पर इस संबंध में पोस्टर लगाए गए हैं। पंप कर्मियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल की सप्लाई सामान्य से कम मिल रही है। ऐसे में यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक ईंधन पहुंच सके और किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े। पंप पर रविवार से ही नई व्यवस्था लागू कर दी गई है और उसी हिसाब से ग्राहकों को पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है। मधुमक्खी पिछले सप्ताह ही पेट्रोल और डीजल के रेट भी बढ़े हैं। पेट्रोल पंप ने अब बोतल में भी पेट्रोल और डीजल देना मना कर दिया है।

CCTV से बढ़ी निगरानी, पंचकूला में ई-चालान सिस्टम का दायरा हुआ और मजबूत

 पंचकूला  पंचकूला में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी वाहन चालकों पर भारी पड़ रही है। नियमों को तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस सख्ती से निपट रही है। ट्रैफिक पुलिस के अलावा तीसरी आंख सीसीटीवी से भी ज्यादा चालान काटे जा रहे हैं। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर काटे गए चालानों के आंकड़ों में पिछले दो वर्षों के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2024 और 2025 में हुए चालानों का आंकड़ों में खासा अंतर हैं। वर्ष 2025 में हर महीने औसतन सात हजार से ज्यादा चालान हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में कुल 87,618 चालान किए गए थे। इनमें 74,635 सीसीटीवी चालान और 12,983 ट्रैफिक पुलिस द्वारा किए गए (आफलाइन) चालान भी शामिल हैं। औसतन हर महीने औसतन 7301 चालान हुए हैं। वहीं वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 91,709 पहुंच गया। इसमें 72,294 सीसीटीवी और 19,415 आफलाइन चालान हैं। मार्च में सबसे ज्यादा चालान वर्ष 2025 में मार्च माह में सबसे अधिक 10,301 चालान हुए थे। इनमें सीसीटीवी से 8912 और आफलाइन 1389 चालान शामिल हैं। वहीं दिसंबर में सबसे कम 4927 चालान हुए थे। फरवरी में 9,975 और जनवरी में 9,911 चालान हुए थे।   वर्ष 2026 में 31 मार्च तक कुल तीन महीनों में कुल 11,750 चालान किए गए हैं। इनमें 7,819 सीसीटीवी और 3,928 आफलाइन चालान शामिल हैं। जनवरी 2026 में सबसे अधिक 5,756 चालान हुए थे, जबकि फरवरी में यह संख्या घटकर 2,566 रह गई। मार्च में 3,428 चालान किए गए हैं। आंकड़ों से स्पष्ट है कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करने वाल वाहन चालकों पर पुलिस सीसीटीवी और सड़कों पर उतरकर निगरानी कर रही है। सीसीटीवी के जरिये ई-चालान प्रणाली का दायरा लगातार बढ़ा है। महीना       सीसीटीवी (CCTV)     ऑफलाइन (Offline)     कुल चालान (Total) जनवरी         7,430                         2,481                 9,911 फरवरी         8,218                           1,757                  9,975 मार्च            8,912                          1,389                  10,301 अप्रैल          8,104                            1,556                 9,660 मई           7,570                              370                   7,940 जून         4,590                               696                   5,286 जुलाई       6,104                                2,195                8,299 अगस्त     5,311                                1,794                   7,105 सितंबर     5,323                                  1,435              6,758 अक्टूबर    4,291                                 1,426                5,717 नवंबर      4,080                                  1,750                 5,830 दिसंबर     2,361                                2,566                   4,927 महीना     सीसीटीवी (CCTV)     ऑफलाइन (Offline)     कुल चालान (Total) जनवरी     4,192                           1,564                        5,756 फरवरी     1,249                            1,317                        2,566 मार्च     2,378                                1,047                      3,428      पंचकूला शहर में 473 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। हालांकि इनमें से 200 से ज्यादा कैमरे खराब पड़े हैं। सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है। खराब कैमरों को लेकर बीते महीने हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट मांगी थी। वहीं कैमरों को ठीक करवाने के निर्देश दिए गए थे।  

सिंचाई सुविधा से बदल रही तस्वीर, जिले में 3674 हेक्टेयर में गरमा खेती

सरायकेला सरायकेला खरसावां जिले में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष गरमा खेती का दायरा बढ़ा है. गरमा खेती को लेकर किसान भी खासा उत्साहित है. किसानो का रुझान गरमा धान की ओर देखा जा रहा है. जिले में गरमा धान की खेती का लक्ष्य के अनुसार हो रहा है. 1022 हेक्टेयर में गरमा धान की खेती हो रही है. जिले में पिछले वर्ष 955 हेक्येटर में गरमा धान की खेती हुई थी. गरमा धान की खेती में हुई लाभ से उत्साहित किसान इस साल ओर भी वृहद पैमाने पर खेती कर रहे हैं. धान में आने लगी है बालिया, 15-20 में होगी कटाई खेतों तैयार धान के बालियों आने लगी है. फसल भी पकने को तैयार हैं. इससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. अगले दो-तीन सप्ताह में गरमा धान पूरी तरह से तैयार हो जाएगा. इससे किसानों को अच्छी आमदानी भी होगी. किसानों ने बताया कि गरमा धान तीन से चार माह में तैयार हो जाता है. चांडिल और चौका क्षेत्र में सर्वाधिक हुई है खेती गरमा धान की खेती सबसे अधिक चांडिल व चौका क्षेत्र में हुई है. चौका के पालना डैम से सिंचाई नहर के कीनारे स्थित पालना, मुसरीबेडा, खूंटी, कुरली, दिरलोंग, झाबरी खेतों के साथ साथ तथा चांडिल डैम से निकलने वाली नहर के स्थित दालग्राम, गांगुडीह, रिमली, रुचाव, पाटा आदि गांवों में गरमा धान की अच्छी खेती हुई है. इसके अलावे खरसावां व कुचाई के पाहाड़ी क्षेत्र में कुछ कुछ स्थानों पर लोग नदी नाला के पानी से गरमा धान की खेती कर रहे है. राजनगर में भी जल संरक्षित कर गरमा धान की खेती की जा रही है. सिंचाई की व्यवस्था हुई तो बढ़ेगा खेती का दायरा जिले में गरमा धान समेत अन्य गरमा फसलों की खेती सिर्फ सिंचाई सुविधा उपलब्ध वाले क्षेत्रों में ही हो रही है. पालना व चांडिल डैम के अलावे पाहाड़ी क्षेत्रों में स्थित छोटे छोटे चैक डैम  ग्रामीण क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने पर गरमा धान की खेती का दायरा बढ़ सकता है. किसान उद्वह सिंचाई योजना की मांग कर रहे है, ताकि खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंच सके. सुरु डैम पुरा होते ही खरसावां में बढ़ेगी गरमा खेती खरसावां में निर्माणाधीन सुरु जलाशय योजना का कार्य पुरा होते ही क्षेत्र में खेती गरमा की खेती हो पाएगी. डैम का निर्माण कार्य जोरों पर चल रही है. निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद नहर के जरीये करीब एक दर्जन गांवों तक सिंचाई का पानी पहुंचेगा. इससे गरमा धान की खेती भी हो सकेगी. इस वर्ष जिले में 3674 हेक्टेयर में गरमा की खेती सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो इस वर्ष जिले में 3674 हेक्टेयर में गरमा की खेती हो रही है. गरमा फसल में अब तक लक्ष्य का 70 फीसदी आच्छादन हो चुका है. जिले में 5190 हेक्टेयर में गरमा की खेती का लक्ष्य रखा गया था.  1022 हेक्टेयर में गरमा धान, 360 हेक्टेयर में गरमा मक्का, 2175 हेक्टेयर में गरमा मुंग की खेती हो रही है. क्षेत्र के किसान गरमा सूर्यमुखी की खेती में दिलचस्पी नहीं ले रहे है. 850 हेक्टेयर में गरमा सूर्यमुखी की खेती का लक्ष्य था, परंतु सिर्फ 117 हेक्टेयर में ही गरमा सूर्यमुखी की खेती हो रही है. सरायकेला-खरसावां जिले में इस वर्ष हुई गरमा धान की खेती की स्थिति फसल : लक्ष्य (हेक्टयर) : अच्छादन : अच्छादन प्रतिशत     धान : 1025 : 1022 : 99.71     मक्का : 565 : 360 : 63.72     मुंग : 2750 : 2175 : 79.09     सूर्यमुखी : 850 : 117 : 1376     कुल : 5190 : 3674 : 70.79 क्या कहते हैं किसान? पालना के किसान पंचानन महतो कहते हैं कि इस वर्ष जिले में गरमा धान की अच्छी खेती हुई है. धान के बाली आने लगे हैं. अगले 15-20 दिनों में धान की कटाई की जाएगी. किसानों से सरकारी स्तर पर धान खरीद की व्यवस्था हो. धुनाडीह (कुचाई) के किसान गुरुलाल मुंडा कहते हैं कि सिंचाई की व्यवस्था हो तो जिले में गरमा फसल का दायरा भी बढ़ेगा. सिंचाई के अभाव में किसान गरमा धान समेत अन्य फसल उगा नहीं पा रहे हैं. सरकार छोटे-छोटे योजनाओं के माध्यम से सिंचाई की व्यवस्था करें.