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भगवंत मान का बयान: ‘अदरक, लहसुन, जीरा’ जैसे सांसद कभी सब्जी नहीं बनेंगे, AAP छोड़ने वालों पर तंज

चंडीगढ़  राघव चड्डा सहित आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। इस बीच, विदेश दौरे से लौटे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बीजेपी पर निशाना साधा। तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी की पंजाबियों के साथ बिल्कुल नहीं बनती है और बीजेपी ने पंजाबियों के साथ गद्दारी की है। मान ने आरोप लगाया कि बीजेपी केंद्रीय एजेंसियों ईडी, सीबीआई का इस्तेमाल करके आम आदमी पार्टी के नेताओं को डरा-धमका रही है और सरकार को अस्थिर करने के लिए ऑपरेशन लोटस चला रही है। बीजेपी के पास पंजाब में कोई चेहरा नहीं है। पंजाब में बीजेपी की वाशिंग मशीन चल रही है। बीजेपी पंजाब नहीं जीत सकती। उन्होंने आप छोड़ने वाले सातों सांसदों को गद्दार बताते हुए कहा कि भाजपा में उन्हें कुछ भी नहीं मिलने वाला है। 'पार्टी छोड़ने वाले कैप्टन और सिंधिया का हाल देख लें' सात राज्यसभा सांसदों के आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पार्टी बड़ी होती है, संगठन बड़ा होता है, व्यक्ति नहीं। ये सात लोग जो गए हैं, वे पंजाबियों के साथ गद्दारी करके गए है। यहां बैठे-बैठे इन्हें पद मिल गए, इन्हें किसी से वोट मांगने की जरूरत नहीं पड़ी। अब ये अपनी राजनीतिक नहीं जान बचाने के लिए वहां गए हैं, लेकिन वहां भी इनका कुछ नहीं होना है। वहां भी इन्हें इस्तेमाल करके छोड़ दिया जाएगा। पहले देख लो कैप्टन साहब की बात कोई नहीं सुनता। सिंधिया का हाल भी सबके सामने है। भगवंत मान ने आप छोड़कर बीजेपी जॉइन कर चुके और करने की आशंका वाले 7 सांसदों की तुलना 7 मसालों से की है. उन्होंने इन सब्जियों की खासियत बताते हुए कहा कि ये सब्जियां तब तक ही अहम हैं जब तक किसी में डाली जाए. अपने आप में इनकी कोई अहमयित नहीं है।  भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया. ये 7 चीजें मिलकर सब्जी को स्वादिष्ट बनाती हैं, लेकिन अकेले ये चीजें सब्जी नहीं बन सकतीं।  बलबीर सिंह ने भी दी प्रतिक्रिया बलबीर सिंह ने भी आप सांसदों के पार्टी छोड़ने पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, जिनको हमने चुन के भेजा था, 'पंजाब के MLAs ने भेजा था, उनको इन लोगों ने धोखा दिया है, विश्वास घात किया है हमारे साथ.अगर उनमे थोड़ी सी भी तमीज होती तो वो रिजाइन करके जाते. ये बीजेपी का ऑपरेशन लोटस है, यही काम करती है बीजेपी।  आज पूरी हो सकती है 7 सांसदों के बीजेपी में विलय की प्रक्रिया दूसरी तरफ, सूत्रों के हवाले से खबर है कि राज्यसभा में 'आप' के 7 सांसदों के बीजेपी में विलय की प्रक्रिया आज पूरी हो सकती है. विलय से जुड़ी सभी कानूनी और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं. इन सात सांसदों के गुट को बीजेपी संसदीय दल में शामिल करने की मंजूरी आज राज्यसभा के सभापति दे सकते हैं।  'भाजपा वाले हमारी सरकार के कामों से डरे ' उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के समय भी बीजेपी ने गद्दारी की। अब हमारे सांसदों को अपने साथ शामिल किया जा रहा है, क्योंकि पंजाब में उनका अपना कोई मजबूत आधार नहीं है। लेकिन वे पूछते हैं कि भगवंत मान सरकार का विकल्प क्या है। मान ने कहा कि भाजपा वाले हमारी सरकार के कामों से डरे हुए हैं। इन्होंने जरूर सर्वे करवाया होगा, जिसमें उन्हें पता चला होगा कि उनकी स्थिति बिल्कुल मजबूत नहीं है। इसलिए हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की गई। पंजाबी दिल से प्यार करते हैं, लेकिन अगर कोई उनसे धोखा करता है, तो वे उसे पीढ़ियों तक याद रखते हैं। मान ने कहा कि मैं सख्त शब्दों में इस चीज की निंदा करता हूं। अमित शाह को यह बात पसंद नहीं आई होगी कि भगवंत मान का कोई विकल्प नहीं है। रवनीत बिट्‌टू तीन-चार दिन पहले राघव चड्‌ढा को गालियां निकाल रहे थे। अब कैसे मिलेंगे। अगर सभापति आज इस विलय को मंजूरी दे देते हैं, तो आम आदमी पार्टी के लिए ये संसद में अब तक का सबसे बड़ा झटका होगा. इन सात सांसदों के जाने से उच्च सदन में 'आप' की ताकत काफी कम हो जाएगी, जबकि बीजेपी का पलड़ा और भारी हो जाएगा।  तीन नेता बीजेपी में शामिल, 4 पर सस्पेंस बता दें कि राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने शुक्रवार को बीजेपी जॉइन कर ली थी. वहीं, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी और राजिंदर गुप्ता के भी बीजेपी में शामिल होने की चर्चा है. हालांकि, इन चारों नेताओं के नाम पर अभी सस्पेंस जारी है। 

मध्‍यम और बड़े कृषकों के लिए गेहूं विक्रय की सुविधा: स्‍लॉट बुकिंग प्रणाली की शुरुआत

मध्‍यम एवं बड़े कृषकों को गेहूं विक्रय करने के लिये स्‍लॉट बुकिंग की सुविधा प्रारंभ स्‍लॉट बुकिंग की सुविधा 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई 2026 तक भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि विगत वर्ष समर्थन मूल्‍य पर लगभग 77 लाख मे.टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थिति के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 100 लाख मे.टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्‍य रखा गया है। इन्‍दौर, उज्‍जैन, भोपाल, नर्मदापुरम् संभागों के जिलों में 24 अप्रैल से शाम 6 बजे से मध्‍यम श्रेणी एवं बड़े किसानों के लिए स्‍लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्‍ध कराई गई है। यह सुविधा पूर्व वर्ष अनुसार ही की गई है। जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, ग्‍वालियर एवं चम्‍बल संभागों के जिलों में 25 अप्रैल (दोपहर 12 बजे) से मध्‍यम श्रेणी एवं बड़े किसानों से गेहूं उपार्जन के लिये स्‍लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्‍ध कराई जा रही है। पूरे प्रदेश में स्‍लॉट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 9 मई 2026 तक की गई है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्‍येक शनिवार को भी स्‍लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। अभी तक प्रदेश मे समर्थन मूल्‍य पर गेहूं उपार्जन के लिये 7.76 लाख किसानों द्वारा 32.16 लाख मे. टन गेहूं के विक्रय के लिये स्‍लॉट बुक किए जा चुके है। प्रदेश में 3 लाख 96 हजार 97 किसानों से 16 लाख 57 हजार 526 मे. टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। समर्थन मूल्‍य पर गेहूं विक्रय करने वाले 2,01,254 किसानों को 2166.29 करोड़ रुपये के भुगतान के लिये ईपीओ जनरेट किए गए। उपार्जन केन्‍द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके इसके लिये उपार्जन केन्‍द्र पर प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्‍द्र पर गेहूं विक्रय के लिये स्‍लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्‍द्र किया गया। कृषक द्वारा उपार्जन केन्‍द्र की प्रतिदिन तौल क्षमता 2250 क्विंटल के मान से स्‍लॉट बुकिंग की जा सकेगी। प्रत्‍येक उपार्जन केन्‍द्र पर तौल कांटों की संख्‍या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है, जिससे अधिक संख्‍या में किसान तथा मात्रा के स्‍लॉट बुकिंग कराकर गेहूं का उपार्जन किया जा सकेगा। किसानों को समर्थन मूल्‍य पर गेहूं विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिये किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्‍द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्‍ध कराई गई है। उपार्जन केन्‍द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्‍थान, जन सुविधाएं आदि की व्‍यवस्‍थाएं की गई हैं। किसानों को उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिये समस्‍त आवश्‍यक व्‍यवस्‍थाएं की गई हैं, जिसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्‍माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्‍प्‍यूटर, नेट कनेक्‍शन, गुणवत्‍ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्‍ना आदि की व्‍यवस्‍था की गई है। उपार्जन केन्‍द्र पर उपलब्‍ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के पीसी सेप पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्‍य एवं राज्‍य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्‍य पर गेहूं उपार्जन के लिये आवश्‍यक बारदानों की व्‍यवस्‍था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूं की भर्ती जूट बारदाने के साथ-साथ PP/HDP बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्‍य पर गेहूं उपार्जन के लिये भण्‍डारण की पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था की गई है, जिससे उपार्जित गेहूं का सुरक्षित भण्‍डारण किया जा सके।  

डॉ. अजित बाबू जैन और डॉ. मनोरमा जैन ने जनगणना कार्य में भारतीय नागरिकों को किया जागरूक

ग्वालियर ग्वालियर के जैन दंपति जनगणना कार्य जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में स्वेच्छापूर्वक आम नागरिकों की मदद से भारत के विभिन्न राज्यों में आमजन को जनगणना कार्य में जागरूक करने के लिए अभियान चला रहे हैं । अप्रैल माह में इन्होंने इंदौर और ग्वालियर क्षेत्र में यह अभियान दो टीमों का गठन करके दो दर्जन सदस्यों के माध्यम से चलाया था । सफलता मिली तो अनेकों लोग जुड़ते गये । तो मप्र के अलग-अलग क्षेत्रों में टीम बनाकर यह कार्य जारी रखा । अनेक लोगों के जुड़ाव हुआ तो अब यही कार्य इतने विशाल स्वरूप में आ चुका है कि भारत के अनेक राज्यों में अलग-अलग टीमों का गठन करके महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, गुजरात में यह अभियान चलाया जा रहा है। यह जैन दंपति  पूरी लगन और मेहनत करके  लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं और टीम के सभी सदस्यों का मनोबल बढ़ा रहे हैं। इस जैन दंपति ने बताया कि उनका लक्ष्य भारत के प्रत्येक नागरिक तक पहुंच कर उन्हें जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने यह भी बताया कि वे  यह कार्य अपनी स्वेच्छा से एक जिम्मेदार भारतीय नागरिक होने के नाते कर रहे हैं। और वे यह कार्य वगैर किसी शासकीय सुविधा लिए स्वयं अपने खर्चे पर कर रहे हैं। जहां शासकीय सेवक ऐसी ड्यूटी से बचना चाहते हैं, वहां स्वेच्छा पूर्वक अपने खर्चे पर इस कार्य के लिए स्वयं को समर्पित करना सभी के लिए अनुकरणीय उदाहरण है।

DIG भुल्लर की मुश्किलें गहराईं, CFSL रिपोर्ट आई सामने, CBI की प्रारंभिक जांच मंजूर, पंजाब के अफसर रडार पर

चंडीगढ़  चंडीगढ़ में रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और सह-आरोपी कृष्णु शारदा की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। विशेष अदालत ने सीबीआई की ओर से दायर प्रारंभिक जांच (पीई) से संबंधित अर्जी को मंजूर कर लिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अप्रैल की तारीख तय की है, जिसमें आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। जांच एजेंसी को नए और अहम सबूत मिले हैं, जिनसे पंजाब के कई IAS-IPS अधिकारियों की भूमिका सामने आई है। सीबीआई ने अज्ञात अफसरों के खिलाफ प्रारंभिक जांच (प्रिलिमनरी इंक्वायरी) जांच शुरू कर दी है। बचाव पक्ष ने किया विरोध सीबीआई की ओर से दायर इस अर्जी का दोनों आरोपियों की तरफ से विरोध किया गया था। बचाव पक्ष ने अदालत में अपने अलग-अलग जवाब दाखिल करते हुए कहा कि सीबीआई की यह अर्जी कानूनी रूप से सही नहीं है। उन्होंने दलील दी कि यह अर्जी अधिकार क्षेत्र से बाहर है और कानून के निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं करती, इसलिए इसे मंजूर नहीं किया जाना चाहिए। बचाव पक्ष के वकीलों ने यह भी कहा कि जांच एजेंसी बिना उचित आधार के कार्रवाई करना चाहती है और इस तरह की अनुमति देने से आरोपियों के अधिकारों का हनन हो सकता है। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि सीबीआई की इस अर्जी को खारिज किया जाए और उन्हें किसी भी तरह की अतिरिक्त जांच की अनुमति न दी जाए। वहीं, सीबीआई की तरफ से दलील दी गई कि मामले में नए और अहम सबूत सामने आए हैं, जिनकी गहराई से जांच जरूरी है। एजेंसी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य मामले की सच्चाई तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार किया और अंततः सीबीआई की अर्जी को मंजूरी दे दी। अदालत के इस फैसले से जांच एजेंसी को आगे की कार्रवाई करने और मामले की गहराई से जांच करने का अधिकार मिल गया है। CFSL रिपोर्ट अदालत में पेश सुनवाई के दौरान केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) की रिपोर्ट भी अदालत में पेश की गई, जिसे इस मामले में अहम कड़ी माना जा रहा है। यह रिपोर्ट उन इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच के आधार पर तैयार की गई है, जिन्हें पहले जांच एजेंसी ने जब्त कर फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा था। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट में शिकायतकर्ता और कथित बिचौलिए के बीच हुई बातचीत की ऑडियो सीडी या उससे संबंधित विश्लेषण शामिल हो सकता है। फॉरेंसिक जांच के जरिए इन ऑडियो क्लिप्स की सत्यता, एडिटिंग या छेड़छाड़ की संभावना और आवाज की पहचान जैसे पहलुओं की जांच की जाती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बातचीत असली है या नहीं। यदि रिपोर्ट में बातचीत प्रमाणित होती है, तो यह मामले में एक मजबूत साक्ष्य के तौर पर सामने आ सकती है। इससे यह भी स्पष्ट हो सकता है कि कथित रूप से किस तरह रिश्वत की मांग या बातचीत की गई थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। इसी कारण CFSL रिपोर्ट को इस केस में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिस पर आगे की सुनवाई और जांच की दिशा काफी हद तक निर्भर कर सकती है। मोबाइल, दस्तावेज और नकदी जब्त करने की मांगी अनुमति सीबीआई ने मार्च में दायर अपनी प्रारंभिक जांच (पीई) अर्जी में अदालत से आरोपियों के मोबाइल फोन, मूल दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य संबंधित वस्तुएं व नकदी अपने कब्जे में लेने की अनुमति मांगी थी। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान कुछ अहम इलेक्ट्रॉनिक सबूत सामने आए हैं, जिनकी गहराई से जांच जरूरी है। सीबीआई के मुताबिक, मोबाइल फोन, चैट्स, लैपटॉप और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड में ऐसे सुराग मिल सकते हैं, जो पूरे मामले की सच्चाई तक पहुंचने में मदद करेंगे। इसलिए इन सभी चीजों को जब्त कर उनकी फॉरेंसिक जांच कराना जरूरी बताया गया है, ताकि आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सके। DIG से पूछताछ में 14 अफसरों के नाम मिले CBI ने हरचरण सिंह भुल्लर को गिरफ्तार करने के बाद पहली बार 5 दिन का रिमांड लिया। CBI सोर्सेज के मुताबिक भुल्लर ने बताया कि पंजाब के अफसर पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर के जरिए प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करते हैं। इस पूछताछ में CBI को ऐसे 14 अफसरों का पता चला, जिसमें 10 IPS और 4 IAS अधिकारी थे। CBI ने जब छानबीन की तो पता चला कि 10 IPS में से 8 अभी भी फील्ड में अहम पदों पर तैनात हैं। वहीं 2 पंजाब पुलिस की एकेडमी में हैं। इसके अलावा 4 IAS अफसरों का संबंध किसी ने किसी तरह से मंडी गोबिंदगढ़ से है। इसके बाद CBI ने प्रॉपर्टी डीलर के पटियाला और लुधियाना के ठिकानों पर रेड कर डॉक्यूमेंट्स जब्त किए थे। बिचौलिए कृष्नु के मोबाइल से 50 अफसरों के लिंक मिले CBI कोर्ट में DIG हरचरण भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा की पेशी के दौरान जांच एजेंसी ने एक प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की थी। इसमें कहा गया कि पिछले रिमांड में कृष्णु शारदा के मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगाली गईं। इसके जरिए पता चला कि वह कई अफसरों की करप्ट डीलिंग में शामिल था। CBI ने डेटा के आधार पर बताया कि कृष्णु शारदा अफसरों के साथ मिलकर न केवल केसों की जांच को प्रभावित करता था बल्कि ट्रांसफर-पोस्टिंग, आर्म्स लाइसेंस बनवाने से लेकर FIR दर्ज करवाने या पहले से दर्ज FIR खारिज करवाने तक का काम करता था। ऐसे करीब 50 अफसर हैं, जिनमें IAS और IPS अफसर भी शामिल हैं।

42 हजार पदों के लिए आज से परीक्षा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

लखनऊ होमगार्ड के करीब 42 हजार पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन शनिवार से होगा। सोमवार तक यह परीक्षा रोजाना दो पालियों में सुबह 10 से 12 और शाम 3 से 5 बजे तक आयोजित होगी। इसमें करीब 25 लाख अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे। उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने परीक्षा को निष्पक्ष एवं शुचितापूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुख्ता बंदोबस्त किए हैं। परीक्षा के दौरान तीन दिन तक प्रदेश पुलिस अलर्ट पर रहेगी। शनिवार की परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों तक आने शुरू हो गए हैं। भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष एसबी शिरडकर ने बताया कि श्रावस्ती को छोड़कर अन्य सभी जिलों में एक हजार से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा के सकुशल आयोजन के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है, जिनकी देखरेख में प्रश्नपत्र जिलों के स्ट्रॉन्ग रूम में कड़ी सुरक्षा में पहुंच चुके हैं। परीक्षा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त रहेंगे। सभी जिलों के पुलिस प्रभारियों को इस बाबत पूर्व में निर्देश दिए जा चुके हैं। परीक्षा में सेंध लगाने का प्रयास करने वालों पर कई एजेंसियां पैनी नजर रख रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर परीक्षा से संबंधित जानकारी आदि का प्रचार-प्रसार करने वालों को सख्त कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है। वहीं सीएम योगी ने भी बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सभी वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ होमगार्ड भर्ती की लिखित परीक्षा की समीक्षा करने के साथ आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। होमगार्ड परीक्षा के चलेंगी चार स्पेशल ट्रेनें  उत्तर प्रदेश होमगार्ड परीक्षा को दृष्टिगत रखते हुए उत्तर रेलवे प्रशासन ने चार स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। इससे परीक्षार्थियों को आने-जाने में राहत होगी। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि 25, 26, 27 अप्रैल को उप्र होमगार्ड परीक्षा होनी है। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए चार परीक्षा स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। 04220 लखनऊ जंक्शन जौनपुर परीक्षा स्पेशल शाम 6:20 बजे चलकर बाराबंकी, रुदौली, अयोध्या कैंट, अयोध्या धाम, अकबरपुर, शाहगंज से होते हुए जौनपुर पहुंचेगी। 04222 लखनऊ जंक्शन प्रयाग परीक्षा स्पेशल शाम 5:30 बजे चलकर निहालगढ़, सुल्तानपुर, मां बेल्हादेवी धाम प्रतापगढ़ जंक्शन व फाफामऊ से होते हुए प्रयाग पहुंचेगी। 04223 वाराणसी मऊ परीक्षा स्पेशल शाम छह बजे चलकर जौनपुर, औड़िहार से होते हुए मऊ जाएगी तथा 04224 वाराणसी बिजौली स्पेशल शाम 6:35 बजे चलकर औड़िहार, गाजीपुर, यूसुफपुर होते हुए बिजौली पहुंचेगी।  

अरुण साव ने कहा: रायपुर में हर खिलाड़ी को मिलेगा मौका, उत्कृष्टता से संवरेगा भविष्य

रायपुर : हर प्रतिभा को मिलेगा मंच, उत्कृष्ट खिलाड़ियों का संवरेगा भविष्य : अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने पांच टीमों को प्रदान किए क्रिकेट किट क्रिकेट पिच पर दिखा युवाओं का जोश, खेल भावना से जीता सबका दिल रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने मुंगेली जिले के ग्राम अखरार में आयोजित रात्रिकालीन विधायक क्रिकेट कप प्रतियोगिता में शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विजेता टीम एसके हंटर औराबांधा को जीत की बधाई दी और उप विजेता अखरार इलेवन टीम को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। उप मुख्यमंत्री साव ने इस अवसर पर खिलाड़ियों व ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि फाइनल मुकाबले में युवाओं का जोश और ऊर्जा क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाली पांच टीमों को क्रिकेट किट वितरित किए और सभी खिलाड़ियों को अच्छे प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सारिसताल के बागेश्वर इलेवन, अखरार इलेवन, उरई कछार इलेवन, एसपी इलेवन सरईपटेरा और प्रिंस इलेवन कंसरी को क्रिकेट किट प्रदान किए।  साव ने कहा कि गांव-गांव से खेल प्रतिभाएं निकलें, यही हमारा लक्ष्य है। खेल के माध्यम से अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है, जो जीवन में सफलता दिलाने में मददगार साबित होता है। खेल युवाओं को स्वस्थ जीवन, अच्छे संस्कार और बेहतर समन्वय की सीख देता है। मुंगेली जिला पंचायत की सभापति सुअनिता साहू और जनपद पंचायत के सभापति वेदराम पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खेलप्रेमी और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

बिहार में अगले 3–4 दिन तक लू और तेज गर्मी का असर रहेगा

पटना  बिहार में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। शुक्रवार को रोहतास का डेहरी प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पटना का अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों के दौरान भीषण गर्मी का दौर बने रहने की संभावना जताई है। अरवल में सबसे कम तापमान मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार का अधिकतम तापमान 33.0 से 43.0 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। इस दौरान राज्य के अनेक स्थानों के अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं दर्ज की गई। सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस अरवल में दर्ज किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 22.0 से 27.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। निम्न दबाव क्षेत्र का दिखेगा असर पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों पर न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन दर्ज नहीं की गई। जबकि उत्तर पूर्व जिलों के भाग में एक से तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। अरवल जिले में अधिकतम हवा की गति 46 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। आज की मौसम प्रणाली की बात करें तो बिहार, झारखंड और गंगा के पश्चिमी बंगाल क्षेत्र से होकर 0.9 किलोमीटर समुद्र तल से ऊपर पर एक निम्न दबाव क्षेत्र विस्तृत है। अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान पटना स्थित मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि अगले 24 घंटों के दौरान बिहार राज्य के दक्षिण पश्चिमी भाग के एक या दो स्थानों में अधिकतम तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री अधिक रहने की संभावना है। अगले तीन से चार दिनों के दौरान राज्य के अनेक भागों के अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है। पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर समेत 6 जिलों में बारिश की संभावना मौसा विभाग के अनुसार 25 अप्रैल को राज्य के पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, अरिया और किशनगंज जिलों में एक या दो स्थानों पर बारिश की संभावना है। जबकि शेष जिलों का मौसम आमतौर से शुष्क बने रहने की संभावना है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर मेज गर्जन और वज्रपात के साथ तेज हवा चलने की भी संभावना है। वहीं राज्य के औरंगाबाद, भभुआ, गया, नवादा एवं रोहतास जिलों में एक दो स्थानों पर उमस भरा दिन होने की संभावना है।  

पश्चिमी विक्षोभ से मिलेगी राहत, जानें कब बदलेगा मौसम

लखनऊ उत्तर प्रदेश में प्रचंड गर्मी अपने पूरे रंग में है। शुक्रवार को प्रदेश के ज्यादातर इलाके भीषण गर्मी के चपेट में रहे। तपिश के प्रकोप से अब जनजीवन और लोगों का कामकाज प्रभावित होने लगा है। प्रयागराज, वाराणसी, हरदोई, आगरा, मेरठ,अलीगढ़ और शाहजहांपुर जैसे शहरों भयानक लू के थपेड़ों का प्रकोप रहा और दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। 45.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रयागराज प्रदेश में सर्वाधिक गर्म रहा। माैसम विभाग का कहना है कि 26 अप्रैल से यूपी में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बूंदाबांदी होगी और तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। साथ ही लू के थपेड़ों और तपिश से राहत मिलेगी। हालांकि शनिवार के लिए भी माैसम विभाग की ओर से प्रदेश के 45 जिलों में लू की चेतावनी जारी किया गया है। वहीं पश्चिम के 21 जिलों में वार्म नाइट की आशंका जताई गई है। आंचलिक माैसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 26 अप्रैल से एक नए विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश भर में बादलों की सक्रियता बढ़ेगी और पश्चिमी यूपी समेत विभिन्न इलाकों में बूंदाबांदी से पारे में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी। इन 45 जिलों के लिए है लू की चेतावनी बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नोज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मधुरा, हाथरस, कासगंज एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर संभल, बदायूं, जालोन, हमीरपुर, महोबा, झांसी व आस पास के क्षेत्र। यहां है वार्म नाइट होने की संभावना सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, बदायूं व आस पास के क्षेत्र । पारा 42.5 डिग्री पर, शुक्रवार बना सीजन का सबसे गर्म दिन  राजधानी में शुक्रवार को भीषण गर्मी के बीच पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा है। यह वर्तमान सीजन में लखनऊ में दर्ज हुआ सबसे ज्यादा तापमान है। अधिकतम तापमान अभी सामान्य से 3.4 डिग्री ज्यादा है। दूसरी तरफ न्यूनतम तापमान में 2.7 डिग्री की कमी भी आई है। शुक्रवार को यह 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार की सुबह से ही तेज धूप ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया। दोपहर तक झुलसा देने वाली धूप व गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों का राह चलना मुहाल कर दिया। गर्मी के असर से दोपहर में सड़कों पर सूनापन साफ नजर आया है। जरूरी काम से निकलने वाले लोग सिर को ढके और पानी की बोतल साथ लिए नजर आए। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार 26 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके चलते लखनऊ में 27 अप्रैल से बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और 28 व 29 अप्रैल को हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। इस बदलाव से तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट के संकेत हैं। इससे तपिश और लू जैसे हालात से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार तापमान में बढ़ोतरी जारी है। शनिवार व रविवार को लू का असर और तेज हो सकता है। ऐसे में दिन के समय बाहर निकलने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। परिषदीय स्कूलों में गर्मी और लू से बचाव के निर्देश जारी प्रदेश में भीषण गर्मी और लू के मद्देनजर बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप से बच्चों को बचाने के लिए हैं। धूप में किसी भी गतिविधि पर रोक लगाई गई है। प्रार्थना सभाएं छायादार स्थानों या कक्षाओं में होंगी। आउटडोर गतिविधियां सुबह 9 बजे तक पूरी करनी होंगी। विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, छाया और पंखों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। फर्स्ट-एड की भी व्यवस्था अनिवार्य है।  शिक्षकों को बच्चों को समय-समय पर पानी पीने और लू से बचाव के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है। बच्चों को जंक फूड, बासी या मसालेदार भोजन से बचने की सलाह दी गई है। विद्यालयों को पंखे, स्वच्छ शौचालय और मिड-डे-मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने फर्स्ट-एड किट में ओआरएस, बुखार और उल्टी-दस्त की दवाएं रखने को कहा है।  

मध्यप्रदेश पुलिस की सामुदायिक पुलिसिंग ने रोका बाल विवाह, मिली सकारात्मक परिणाम

सामुदायिक पुलिसिंग से बाल विवाह रोकने में मिलीं मध्यप्रदेश पुलिस को सफलताएं प्रदेशभर में जागरूकता अभियान और त्वरित हस्तक्षेप से प्रदेश में रोके जा रहे बाल विवाह भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही हैं। पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से तथा जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वय से विभिन्न जिलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए अनेक स्‍थानों पर बाल विवाह रुकवाए। साथ ही ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को कानूनी प्रावधानों, दुष्परिणामों तथा बच्चों के सुरक्षित भविष्य के प्रति सचेत किया जा रहा है। राजगढ़ अक्षय तृतीया के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के कंट्रोल रूम को प्राप्त शिकायतों पर जिला प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो स्थानों पर बाल विवाह रुकवाए। खोईरी स्थित महादेव मंदिर में एक युवक की आयु 21 वर्ष से कम पाए जाने पर विवाह रुकवाया गया। वहीं जीरापुर में सामूहिक विवाह सम्मेलन हेतु प्राप्त आवेदनों की जांच में 6 जोड़ों की आयु कम मिलने पर आवेदन निरस्त किए गए है । इसी क्रम में थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोहनपुरा कॉलोनी में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग, वन स्टॉप सेंटर तथा पुलिस टीम ने तत्काल संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर बाल विवाह रूकवाया। साथ ही आमजन से अपील की गई कि इस प्रकार की घटना की सूचना तत्काल पुलिस एवं संबंधित विभाग को दें, ताकि इस सामाजिक कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। देवास जिले में पुलिस एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई बाल विवाह रुकवाए। ग्राम डिंगरोदा में 14 वर्षीय नाबालिग बालिका का विवाह रुकवाकर उसे सुरक्षा की दृष्टि से वन स्टॉप सेंटर भेजा गया। ग्राम मानकुंड में 16 वर्षीय बालिका के बाल विवाह की सूचना पर डायल-112 ने मौके पर पहुंचकर विवाह रुकवाया तथा परिजनों को समझाइश दी। वहीं ग्राम अजीजखेड़ी में 16 एवं 17 वर्ष आयु की दो नाबालिग बालिकाओं के विवाह भी समय रहते रुकवाए गए। पुलिस की सक्रियता, सतर्कता एवं प्रभावी हस्तक्षेप से सभी मामलों में बाल विवाह पर सफलतापूर्वक रोक लगाई गई। मुरैना थाना स्टेशन रोड पुलिस एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने उत्तमपुरा स्थित मैरिज गार्डन में हो रहे बाल विवाह को रुकवाया। टीम द्वारा परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी देकर समझाइश दी गई। उज्जैन उज्जैन जिले के ग्राम इंगोरिया एवं पातिया खेड़ी में बाल विवाह की सूचना मिलने पर पुलिस टीम, तहसीलदार एवं पटवारी की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक साथ दो बाल विवाह रुकवाए। अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए समझाइश दी। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई कि बाल विवाह कराना, उसमें सहयोग करना अथवा शामिल होना दंडनीय अपराध है। मंदसौर ग्राम अरनिया मीणा में बाल विवाह की सूचना मिलने पर प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग बालक का विवाह रुकवाया। जांच में बालक की आयु निर्धारित वैधानिक आयु से कम पाई गई। अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों एवं दुष्परिणामों की जानकारी देकर विवाह स्थगित कराया। बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर अस्थायी रूप से ऑब्जर्वेशन होम में रखा गया। शिवपुरी ग्राम डबहारा में बाल विवाह होने की सूचना प्राप्त होते ही महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई की। टीम द्वारा बालिका के माता-पिता एवं परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों से अवगत कराते हुए समझाइश दी गई कि बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के पश्चात ही किया जाना विधिसम्मत है। पुलिस की सक्रियता, सतर्कता एवं प्रभावी हस्तक्षेप से बाल विवाह को समय रहते रुकवाया गया, साथ ही परिवारजनों को भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न करने हेतु समझाइश दी गई। रीवा थाना जवा अंतर्गत ग्राम गाढा भैंसो टोला में बाल विवाह आयोजित किए जाने की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस टीम ने तत्काल संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर त्वरित जांच की। जांच के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों एवं शैक्षणिक अभिलेखों के आधार पर बालिका की आयु वैधानिक विवाह आयु से कम पाई गई। इसके उपरांत पुलिस एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा परिजनों को समझाइश दी गई कि बालिग होने से पूर्व विवाह कराना कानूनन अपराध है। पुलिस के हस्तक्षेप से परिजनों ने विवाह रोकने पर सहमति व्यक्त की, जिससे समय रहते बाल विवाह रुकवाया गया तथा भविष्य में बालिग होने के उपरांत ही विवाह संपन्न कराने की सलाह दी गई। नीमच ग्राम पोखरदा में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग तथा राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान बालक की आयु वैधानिक विवाह आयु से कम पाई गई, जिस पर टीम द्वारा परिजनों को समझाइश दी गई और विवाह को तत्काल रुकवाया गया। मौके पर पंचनामा तैयार कर परिवार से लिखित आश्वासन लिया गया कि बालक के 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने के पश्चात ही विवाह संपन्न कराया जाएगा। साथ ही भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। छिंदवाड़ा थाना अमरवाड़ा अंतर्गत ग्राम पीपरपानी में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान दूल्हे के आयु संबंधी दस्तावेजों की जांच में उसकी आयु वैधानिक विवाह आयु से कम पाई गई। इसके बाद पुलिस, महिला बाल विकास विभाग, ग्राम सरपंच, आशा कार्यकर्ता, कोटवार एवं ग्रामीणों के सहयोग से परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों एवं कानूनी दंड के संबंध में समझाइश दी गई। प्रभावी समझाइश एवं पुलिस के त्वरित हस्तक्षेप से विवाह रुकवाया गया तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मौके पर पंचनामा तैयार कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की गई। प्रदेश में पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग, सतर्क निगरानी, सक्रिय सूचना तंत्र, व्यापक जन-जागरूकता अभियान तथा प्राप्त शिकायतों पर … Read more

भीषण हीटवेव से पंजाब बेहाल, हेल्थ डिपार्टमेंट अलर्ट पर, एडवाइजरी जारी

कपूरथला. शहरवासियों को  शुक्रवार को भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने झुलसा दिया पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही तपिश ने आम जनजीवन को अस्तव्यस्त कर दिया है। दोपहर के समय लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि बाजारों में सन्नाटा छाने लगा है। सुबह और शाम के समय जहां कुछ चहल-पहल नजर आती है, वहीं दोपहर के समय मुख्य बाजार, सड़कें और सार्वजनिक स्थान लगभग खाली दिखाई देते हैं। मौसम विभाग के अनुसार जिले में तापमान लगातार बढ़ रहा है और यह 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है, जिससे लोगों को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। भीषण गर्मी का असर सिर्फ आम जनजीवन पर ही नहीं, बल्कि बाजारों और छोटे व्यापारियों पर भी पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि दोपहर के समय ग्राहक न के बराबर आते हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। विभाग के अनुसार इस मौसम में लापरवाही बरतना खतरनाक साबित हो सकता है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग लू की चपेट में जल्दी आ सकते हैं। सिविल अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि इन दिनों हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। डिहाइड्रेशन से बचाव जरूरी एसएमओ डॉ. परमिंदर कौर का कहना है कि शरीर में पानी की कमी से कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए लोगों को दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थ शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा अत्यधिक मीठे और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों से दूरी बनाकर रखना चाहिए। लू के लक्षण और सावधानियां लू लगने पर सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार, कमजोरी और शरीर में ऐंठन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे लक्षण महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें तथा सिर को ढककर रखें। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यदि इसी तरह तापमान बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।