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राष्ट्रपति मुर्मु की मौजूदगी में सजा दीक्षांत समारोह, मेधावी छात्रों को मिले गोल्ड मेडल

जबलपुर. रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का 36वां दीक्षांत समारोह रविवार को उस समय ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण का साक्षी बना, जब राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने समारोह में पहुंचकर मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए। विश्वविद्यालय परिसर में सुबह से ही उत्साह और गरिमा का माहौल था। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। सर्किट हाउस से विश्वविद्यालय तक पूरे मार्ग पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती रही। समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। राष्ट्रपति के पहुंचते ही परिसर में मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। शोभायात्रा और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के विश्वविद्यालय पहुंचने के बाद पारंपरिक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें मंचासीन अतिथि शामिल हुए। इसके बाद राष्ट्रपति ने दीप प्रज्वलित कर 36वें दीक्षांत समारोह का विधिवत शुभारंभ किया। कुलगान और अन्य औपचारिक कार्यक्रमों के साथ समारोह आगे बढ़ा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की थीं। कुलगुरु ने गिनाईं विश्वविद्यालय की उपलब्धियां दीक्षांत भाषण की शुरुआत करते हुए कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने वीरांगना रानी दुर्गावती को नमन किया। उन्होंने कहा कि 24 जून को रानी दुर्गावती का 462वां बलिदान दिवस है और विश्वविद्यालय उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए शिक्षा और शोध के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। कुलगुरु ने बताया कि 23 जुलाई 2024 को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) ने विश्वविद्यालय को 'ए' ग्रेड प्रदान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय मात्र 0.04 अंक से 'ए++' ग्रेड हासिल करने से चूक गया। इसके बावजूद यह उपलब्धि संस्थान की गुणवत्ता और शैक्षणिक उत्कृष्टता को दर्शाती है। रोजगारोन्मुखी शिक्षा और डिजिटल सुधारों पर जोर प्रो. वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय में कई नवाचार लागू किए गए हैं। रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) से 10 करोड़ रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने 28 घंटे में 28 परीक्षा परिणाम घोषित कर एक उल्लेखनीय रिकॉर्ड बनाया है। साथ ही डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को पूरी तरह लागू करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। 'भारत' शब्द को बनाया पहचान का हिस्सा अपने संबोधन में कुलगुरु ने एक विशेष पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय ने अपने सभी आधिकारिक दस्तावेजों में 'इंडिया' के स्थान पर 'भारत' शब्द का उपयोग प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय अस्मिता और आत्मगौरव से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया। मेधावियों को मिला राष्ट्रपति के हाथों सम्मान समारोह के अंतिम चरण में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने विभिन्न संकायों के चयनित विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और उपाधियां प्रदान कर सम्मानित किया। राष्ट्रपति के हाथों सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह क्षण जीवनभर की याद बन गया। पूरे समारोह के दौरान विश्वविद्यालय परिसर तालियों की गूंज और उपलब्धियों के उत्सव से सराबोर नजर आया।

भोपाल स्टेशन पर ‘हरित युवा–हरित भारत’ अभियान की शुरुआत, यात्रियों को बांटे गए 500 पौधे

भोपाल पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से आज भोपाल रेलवे स्टेशन पर **हरित युवा–हरित भारत अभियान** का शुभारंभ मध्य प्रदेश समाज सेवा संस्था (MPSSS), ICYM एवं YCS द्वारा MIJARC के सहयोग से किया गया। अभियान के अंतर्गत भोपाल स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को 500 निःशुल्क फलदार पौधों का वितरण कर पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  आशीष दुबे  स्टेशन डायरेक्टर, भोपाल रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में  हैरिस लाल (मुख्य कार्यालय अधीक्षक, वाणिज्यिक – डीआरएम, भोपाल), राकेश (डिप्टी एसएस) तथा  सुरेन्द्र मोहन शर्मा (सेवानिवृत्त रिजर्वेशन सुपरिटेंडेंट) उपस्थित रहे। इस अवसर पर फादर शिल्टों अब्राहम, फादर जोशी, मध्य प्रदेश समाज सेवा संस्था (MPSSS) के समस्त स्टाफ सदस्य तथा एम.पी.आर.वाई.सी. (MPRYC) के सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत फादर शिल्टों द्वारा अभियान के परिचय के साथ की गई। इसके बाद MPRYC के सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत फलदार पौधे भेंट कर किया। मुख्य अतिथि श्री आशीष दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है तथा प्रत्येक नागरिक को वृक्षारोपण एवं पौधों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने इस जन-जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए इसे समाज और पर्यावरण के हित में एक सराहनीय पहल बताया। साथ ही उन्होंने भारतीय रेलवे द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि हैरिस लाल ने कहा कि पर्यावरण हमारे जीवन का आधार है। इसमें वायु, जल, भूमि, पेड़-पौधे और सभी जीव-जंतु शामिल हैं। स्वच्छ पर्यावरण स्वस्थ जीवन प्रदान करता है। बढ़ते प्रदूषण और पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, इसलिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण, जल संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रयास करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ पर्यावरण ही हमारे सुरक्षित भविष्य की नींव है। कार्यक्रम के दौरान यात्रियों को पौधों का वितरण किया गया तथा उन्हें पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और हरित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित अतिथियों एवं सदस्यों ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का सफल आयोजन मध्य प्रदेश समाज सेवा संस्था (MPSSS), ICYM, YCS, MIJARC तथा MPRYC के संयुक्त सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का समापन फादर जोशीके आभार उद्बोधन एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

इंदौर में NEET अभ्यर्थियों की सख्त चेकिंग, क्लचर से लेकर कानों की बाली तक हटवाई गई

इंदौर. मेडिकल में प्रवेश के लिए देश की सबसे बड़ी री परीक्षा NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर मध्यप्रदेश में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। नीट-यूजी परीक्षा केंद्र के बाहर सुबह 11 बजे से ही गहमागहमी शुरू हो गई थी। डेढ़ बजे तक प्रवेश मिलना था, लेकिन सुरक्षा के नियम इतने कड़े थे कि छात्र-छात्राएं हैरान रह गए। पेन-पेंसिल ले जाने पर भी पाबंदी केंद्र के बाहर ही पेन-पेंसिल रखवा लिए गए और बताया गया कि ये अंदर ही मिलेंगे। परीक्षार्थियों को केवल आधार कार्ड और प्रवेश पत्र ले जाने की अनुमति थी। जांच के दौरान पानी की पारदर्शी बोतलों से स्टिकर हटाए गए, हाथ के पवित्र धागे कटवाए गए और बालिकाओं के बालों से क्लच व पोनीटेल तक निकलवा दिए गए। पुलिस अधिकारियों ने संभाला छात्रा का मोबाइल इसी बीच छात्रा सेजल गुप्ता मोबाइल के साथ पहुंची। परिजन साथ नहीं थे, तो गेट पर तैनात पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसका मोबाइल सुरक्षित संभाला। कान की बाली के लिए भी छात्रा को रोका गया वहीं एक छात्रा सानिया मनियार की एक कान की बाली लाख कोशिशों के बाद भी नहीं निकली, तो गहन जांच के बाद उसे उसी हाल में प्रवेश दिया गया। सबसे ज्यादा परेशानी तब हुई जब एक अन्य छात्रा अपना आधार कार्ड लाना भूल गई। उसे रोका गया तो वह रोने लगी; उसके माता-पिता तुरंत प्रिंट आउट निकलवाने के लिए दौड़े। परीक्षा से पहले का यह दृश्य किसी कड़े इम्तिहान से कम नहीं था।

ट्रेन से उतरते समय हुआ झगड़ा, उज्जैन में युवक को चाकू मारे; नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती

उज्जैन. नर्मदा एक्सप्रेस के जनरल कोच में युवक पर जानलेवा हमला हो गया। कोच के गेट पर खड़े एक युवक को भीड़ में धक्का लग गया था। इस पर उसने चाकू निकालकर युवक पर हमला कर दिया। दोस्तों ने घायल को बचाया और आरोपित को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। उपचार के लिए घायल को चरक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां उसकी हालत नाजुक होने पर उसे इंदौर रैफर किया गया है। जीआरपी ने बताया कि अंशुमान पुत्र दिलीप कुमार तिवारी उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम सिलोटा रामनगर जिला बाराबंकी उत्तर प्रदेश किसी काम से इंदौर आया था। जहां से वह शुक्रवार को अपने साथियों के साथ ट्रेन संख्या 18233 नर्मदा एक्सप्रेस के जनरल कोच में इंदौर से उज्जैन की यात्रा कर रहा था। कोच में बहुत अधिक भीड थी। उज्जैन स्टेशन पर उतरने के लिए तिवारी कोच के गेट पर खड़ा था। ट्रेन की गति अचानक से धीमी होने के कारण तिवारी सामने खड़े एक व्यक्ति से टकरा गया था। जिससे आक्रोशित होकर सामने वाले व्यक्ति ने उसे गालियां देना शुरू कर दी थी। तिवारी ने उसे गाली देने से मना किया तो उसने जेब से चाकू निकालकर तिवारी पर हमला कर दिया। सिर में कान के पीछे और पेट पर चाकू लगने से तिवारी घायल हो गया। तिवारी ने चाकू पकड़ लिया था। इससे उसके हाथ में भी चोट लग गई थी। महाकाल मंदिर क्षेत्र में तिलक लगाता है आरोपित तिवारी के साथी देवा राजपूत ,लवलीन पांडे, और रामनाथ गुप्ता ने उसे बचाया। चाकू मारने वाले आरोपित ने अपना नाम अरुण वर्मन उर्फ लल्ला बताया था। घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां से उसे इंदौर रैफर कर दिया गया। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धारा 115(2),118(1),296(b), 351(2),बीएनएस व 25 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। जीआरपी ने बताया कि आरोपित अरुण महाकाल मंदिर क्षेत्र में दर्शनार्थियों को तिलक लगाने का काम करता है।

5000 साधकों ने किया योगाभ्यास, मध्यप्रदेश में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन

जबलपुर राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि हम भारत की उस महान योग परंपरा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने मानवता को स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग प्रदान किया है। योग विश्व समुदाय को हमारी सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल उपहार है। यह हमारे ऋषियों-मुनियों की हजारों वर्षों की साधना का परिणाम है। जिस भारतभूमि ने पूरे विश्व को योग का अमूल्य ज्ञान प्रदान किया, आज उसी पावन धरती से स्वास्थ्य, संतुलन, शांति और आत्मकल्याण का संदेश पुनः समस्त विश्व में प्रसारित किया जा रहा है। “योग स्वस्थ आयु के लिए” थीम पर राष्‍ट्रीय स्‍तरीय कार्यक्रम कलकत्‍ता में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के मुख्‍य आतिथ्‍य में आयोजित किया गया। साथ ही राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम महामहिम राष्‍ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु के मुख्‍य आतिथ्‍य में जबलपुर के गैरीसन ग्राउंड में राज्यस्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के कोलकाता से आयोजित कार्यक्रम का लोगो ने सजीव प्रसारण देखा व सुना। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्‍यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, राज्‍यसभा सांसद सुमित्रा वाल्‍मीक, सांसद आशीष दुबे, विधायक सर्वश्री अजय विश्‍नोई, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, डॉ. अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, संतोष बरकड़े, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्‍नू, मुख्‍य सचिव अनुराग जैन, मध्‍यप्रदेश तीर्थ क्षेत्र एवं मेला प्राधिकरण अध्‍यक्ष विनोद गोंटिया, भाजपा नगर अध्‍यक्ष रत्‍नेश सोनकर, भाजपा ग्रामीण अध्‍यक्ष राजकुमार पटेल, भाजपा प्रदेश कोषाध्‍यक्ष अखिलेश जैन, प्रदेश महिला भाजपा अध्‍यक्ष अश्विनी परांजपे, नगर निगम अध्‍यक्ष रिकुंज विज,  संभागायुक्‍त धनंजय सिंह, कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्‍याय, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा लगभग 5 हजार योग साधकों ने सहभागिता कर सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महामहिम राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्‍होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को जीवन की सफलता का आधार माना गया है। योग उसी संतुलन को स्थापित करने का मार्ग है। ‘योग’ शब्द का अर्थ है जोड़ना  व्यक्ति को स्वयं से, समाज को प्रकृति से और सम्पूर्ण मानवता को व्यापक विश्व चेतना से जोड़ना। योग एक सशक्त माध्यम है, जो हमें आंतरिक शांति, संतुलन और सामूहिक कल्याण की दिशा में आगे बढ़ाता है। आज जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब योग मानवता को शांति, संतुलन, समरसता और सामूहिक कल्याण का मार्ग दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2014 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। इस पहल से योग को विश्व कल्याण के एक सशक्त माध्यम के रूप में नई पहचान और व्यापक स्वीकार्यता मिली है। आज दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। योग अब जीवन शैली का अंग बनता जा रहा है। विदेशों में भी योग के प्रति लोगों का आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है, और यह भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रेरक उदाहरण है। राष्‍ट्रपति ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” है। यह थीम समाज के वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य, सक्रियता, आत्मनिर्भरता और गरिमापूर्ण जीवन में योग की उपयोगिता को रेखांकित करती है। योग बढ़ती आयु में भी व्यक्ति को स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में बहुत सहायक है। योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन को शांति और भावनात्मक संतुलन प्रदान करता है। आज की व्यस्त जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां हमारे सामने एक बड़ी चुनौती हैं। इनकी रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य के लिए योग एक सरल, प्रभावी और सुलभ उपाय है। यह प्रसन्नता का विषय है कि भारत सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए योग शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और जन-जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। सामूहिक प्रयासों से योग जन-जन तक पहुंचेगा और सामूहिक मानवता के कल्याण का आधार बनेगा। उन्‍होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों को योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्‍प दिलाया। योग को दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लें – राज्यपाल मंगुभाई पटेल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ बनाने का माध्यम ही नहीं, बल्कि यह संपूर्ण जीवन को संतुलित, सरल और आनंदमयी बनाने की पद्धति है। भारतीय ज्ञान परंपरा ने स्वस्थ जीवन का जो मार्ग दिखाया था, आज पूरी दुनिया उसे अपना रही है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा भारतीय योग को अंतरराष्ट्रीय सम्‍मान दिया गया। योग को पूरी दुनिया में सम्मान दिलवाने में प्रधानमंत्री श्री मोदी की दूरदृष्टि और अटूट प्रतिबद्धता के प्रति आभार व्यक्त करना हम सभी का कर्तव्य है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्राणायाम के जरिए हम नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच को  अपनाते हैं। ध्यान हमें अपने अंदर झांकने का अवसर देता है और मन की शांति प्रदान करता है। रोजाना केवल 20 से 30 मिनट का योगाभ्यास, ध्यान और प्राणायाम हमारे लिए प्रभावी और सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे सरल माध्यम है। आज  योग को आत्मिक उन्नति का माध्यम बनाकर दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लें। स्वस्थ तन, प्रसन्न मन और योग बने जीवन का धन। यही विकसित भारत का पथ है। वैश्विक शांति के लिए योग  एकमात्र उपाय – मुख्यमंत्री डॉ यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दुनियाभर में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम -योग फॉर हेल्दी एजिंग है। योग दिवस वैश्विक शांति और वैश्विक कल्याण को बढ़ावा देता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने पर यह सुखद संयोग बना है, इस वर्ष राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगरी कोलकाता से किया गया । दुनिया के करीब 2500 स्थानों पर योगाभ्यास किया , 210 से अधिक दूतावासों ने भी  भागीदारी की । भारत ने योग के रूप में दुनिया को मानव कल्याण का उपहार सौंपा है। योग का अर्थ है जोड़ना, भारत ने अपने ज्ञान- विवेक और विचार से सदैव सभी को … Read more

अयोध्या विवाद के बाद बड़ा फैसला, MP के मंदिरों में लागू होगा QR कोड आधारित दान सिस्टम

खंडवा. अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में दान राशि को लेकर उठे विवाद के बीच मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के प्रमुख मंदिरों की दान और प्रबंधन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की तैयारी कर रही है। देश के प्रतिष्ठित मंदिरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर नया मॉडल तैयार किया जाएगा, जिसे महाकाल एवं ओंकारेश्वर सहित प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में लागू किया जाएगा। दान और चढ़ावे का होगा पारदर्शी प्रबंधन ओंकारेश्वर प्रवास पर पहुंचे धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, संस्कृति तथा पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे के पारदर्शी प्रबंधन को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी, जो देश के प्रमुख मंदिरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के विश्वास और आस्था की रक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उज्जैन और ओंकारेश्वर की सतत निगरानी मौजूदा व्यवस्था ओंकारेश्वर दान पेटियां प्रशासन और मंदिर समिति की मौजूदगी में तय दिनों पर खोली जाती हैं। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होती है। शीघ्र दर्शन से प्राप्त राशि पूरी तरह ऑनलाइन जमा होती है। दान राशि के उपयोग और गणना पर सतत निगरानी रखी जाती है। महाकाल मंदिर नकद, ऑनलाइन और क्यूआर कोड से दान की व्यवस्था है। भेंट पेटियों की राशि पारदर्शी कांच कक्ष में सीसीटीवी निगरानी के बीच गिनी जाती है। बैंक कर्मचारी राशि सीधे मंदिर खाते में जमा करते हैं। दान राशि से श्रद्धालु सुविधाएं, निर्माण कार्य और सेवा प्रकल्प संचालित होते हैं। आय-व्यय की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अलग-अलग प्रकल्पों की पृथक लेखा व्यवस्था विकसित की जा रही है। पारदर्शिता के प्रमुख उपाय दान पेटियों की निगरानी वीडियोग्राफी और सीसीटीवी रिकार्डिंग ऑनलाइन दान और क्यूआर कोड व्यवस्था बैंक के माध्यम से राशि जमा आय-व्यय का पृथक लेखा-जोखा प्रशासनिक निगरानी में गणना प्रक्रिया।

चोरी के शक ने ली मासूम की जान, ग्वालियर में बच्ची की पीट-पीटकर हत्या, आरोपी आमीन गिरफ्तार

ग्वालियर. पुरानी छावनी स्थित बरा गांव में आठ वर्षीय मासूम बालिका को बेरहमी से पीटने वाला आरोपी आमीन खान जेल भेज दिया गया है। बच्ची के शव को स्वजन के सुपुर्द कर दिया था। स्वजन ने शव को दफना दिया। आमीन खान ने पूछताछ में अपना जुर्म कुबूल किया है। उसने कहा कि डंडे से मारपीट की थी, लेकिन उसे यह नहीं लगा था कि उसकी मौत हो जाएगी। बरा गांव में रहने वाली आठ वर्षीय बालिका के पिता मजदूरी करते हैं। वह गुरुवार को काम पर गए थे। बच्ची आसपास के बच्चों के साथ खेल रही थी। तभी वह पड़ोस में रहने वाले आमीन खान के घर पहुंच गई। आमीन खान के घर के दरवाजे पर ताला लटका था। इस ताले पर लटककर खोल लिया, फिर घर के अंदर पहुंची। यहां गुल्लक में रुपये व आमीन की पत्नी रेशमा का सोने का पेंडेंट रखा हुआ था। जब आमीन घर पहुंचा तब चोरी होने का पता लगा। आसपास के लोगों ने आठ वर्षीय बालिका का नाम बताया। इसके बाद आमीन उसे घर से पकड़कर ले आया। उसने घर के अंदर बालिका को बंधक बना लिया और हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से डंडे बरसाए। रात में उसे आमीन घर छोड़कर आया। सुबह बालिका मृत अवस्था में मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने इस मामले में बालिका के पिता की ओर से आमीन खान व उसकी पत्नी रेशमा खान पर एफआइआर दर्ज की है। आमीन को हिरासत में ले लिया था। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने मारपीट करना स्वीकार किया। उसने बताया कि उसने इस उद्देश्य से नहीं पीटा था कि उसकी मौत हो जाए। बच्ची कितना तड़पी होगी… बालिका के शरीर पर चोट के निशान और डंडे में लगी कील से लगी चोट बताती है वह कितनी तड़पी होगी। उसके पंजे, पिंडली व कलाई में डंडे की कील के 17 निशान हैं। वहीं पुलिस ने फोरेंसिक और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं, जिससे इस मामले में दोषसिद्धि हो सके। आसपास रहने वाले लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। इस संबंध में पुरानी छावनी थाना प्रभारी डा. संतोष यादव ने बताया कि बच्ची की पीट-पीटकर हत्या के मामले में आरोपित आमीन खान को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। उसने अपना जुर्म स्वीकार किया है।

‘इंडिया’ की जगह ‘भारत’ को मिलेगी पहचान, विश्वविद्यालय ने लिया ऐतिहासिक निर्णय

 जबलपुर जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का रविवार को होने वाला दीक्षा समारोह इस बार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति के साथ-साथ एक ऐतिहासिक परिवर्तन के कारण भी विशेष बन गया है। विश्वविद्यालय ने पहली बार अपनी उपाधियों, अंकसूची, स्वर्ण पदक और प्रमाण-पत्रों पर 'इंडिया' के स्थान पर आधिकारिक रूप से 'भारत' शब्द अंकित किया है। भारतीय पहचान और सांस्कृतिक अस्मिता को केंद्र में रखकर किए गए इस परिवर्तन से दीक्षा समारोह को नई पहचान मिलेगी। आधिकारिक दस्तावेजों में 'भारत' शब्द की शुरुआत कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय ने जनवरी, 2025 से अपने पत्राचार और आधिकारिक दस्तावेजों में 'भारत' शब्द का उपयोग शुरू कर दिया था। बता दें, 21 जून को आयोजित 36वें दीक्षा समारोह की राज्यपाल व कुलाधिपति मंगुभाई पटेल अध्यक्षता करेंगे। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। भारतीयता के प्रति प्रतिबद्धता और परंपरा प्रो. वर्मा ने बताया कि भारतीय पहचान और सांस्कृतिक मूल्यों को प्राथमिकता देने की इस पहल को व्यापक सराहना भी मिली। उन्हें प्रयागराज महाकुंभ में सम्मानित भी किया गया था। उपाधियों और प्रमाण पत्रों पर 'भारत' अंकित करना विश्वविद्यालय की भारतीयता के प्रति प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण कदम है। प्रो. वर्मा के अनुसार इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने सबसे पहले अपने आधिकारिक दस्तावेज में 'भारत' शब्द का प्रयोग शुरू किया था। उसी परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है।  

दमोह के डायल-112 हीरोज 1 वर्ष 5 माह के मासूम को सकुशल दस्तयाब कर माँ के सुपुर्द किया

भोपाल दमोह जिले के थाना हटा क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता, संवेदनशीलता एवं तकनीकी समन्वय से एक 1 वर्ष 5 माह मासूम बच्चे को सकुशल दस्तयाब कर उसकी माँ के सुपुर्द किया गया। समय पर की गई इस कार्रवाई से संभावित अनहोनी को टालते हुए बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकी। 19 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना हटा क्षेत्र में एक व्यक्ति अपने 1 वर्ष 5 माह के बच्चे को घर से साथ ले गया है। सूचना में बताया गया कि वह शराब के नशे में है तथा फोन पर परिजनों को लगातार धमकी दे रहा है और भ्रामक जानकारी एवं गलत लोकेशन बता रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल थाना हटा क्षेत्र में तैनात डायल-112 डायल 112 वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। सूचना प्राप्त होते ही डायल-112 वाहन को मौके पर रवाना किया गया तथा घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों एवं पीसीआर को भी दी गई। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री संजय आठिया एवं पायलट श्री हरेंद्र अहिरवार ने जानकारी एकत्रित कर बच्चे एवं उसके पिता की तलाश प्रारंभ की। चूँकि संबंधित व्यक्ति लगातार गलत लोकेशन बता रहा था, इसलिए पुलिस कंट्रोल रूम स्टाफ प्रधान आरक्षक श्री नागेन्द्र तिवारी एवं आरक्षक श्री जुनैद मिर्जा द्वारा साइबर सेल के प्रधान आरक्षक श्री सौरभ टंडन के सहयोग से तकनीकी माध्यमों से लोकेशन ट्रेस की गई। साइबर सेल से प्राप्त लोकेशन के आधार पर डायल-112 टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्ति एवं मासूम बच्चे को सकुशल दस्तयाब कर लिया। इसके उपरांत बच्चे को सुरक्षित उसकी माँ के सुपुर्द किया गया। डायल-112 जवानों, कंट्रोल रूम स्टाफ एवं साइबर सेल के उत्कृष्ट समन्वय एवं त्वरित कार्रवाई से एक मासूम बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकी। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा संवेदनशील मामलों में तकनीक एवं मानवीय दृष्टिकोण के समन्वय से आमजन की सुरक्षा हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।

सोने का छत्र, हीरे जड़ा मुकुट, चांदी के सिक्के, आईफोन एवं मोटरसाइकिल सहित लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपए की संपत्ति जब्त

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण तथा अपराधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी  कार्रवाई के तहत इंदौर पुलिस को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस थाना लसूड़िया की टीम ने कार शोरूम में हुई लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी का मात्र 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गई संपूर्ण संपत्ति बरामद किया है। 17 जून को इंदौर स्थित पटेल मोटर्स मारुति कार शोरूम के ऑपरेशन मैनेजर सुरेन्द्र चौधरी द्वारा थाना लसूड़िया में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि शोरूम के केबिन में रखे एप्पल आईफोन, सोने के आभूषण तथा चांदी के सिक्के अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर लिए गए हैं। शिकायत पर थाना लसूड़िया में प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए इंदौर पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों तथा अन्य उपलब्ध तथ्यों का गहन विश्लेषण किया। जांच के दौरान संदेह के आधार पर शोरूम में कार्यरत कर्मचारी लक्की बोरासी (19 वर्ष) निवासी बड़ी ग्वालटोली, इंदौर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह शोरूम में साफ-सफाई का कार्य करता था तथा उसे शोरूम की गतिविधियों एवं सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। इसी विश्वास का लाभ उठाकर उसने पहले एप्पल आईफोन चोरी किया तथा बाद में अवसर पाकर शोरूम मालिक के केबिन स्थित लॉकर से मंदिर का सोने का छत्र एवं हीरे जड़ा मुकुट सहित अन्य कीमती सामग्री चोरी कर ली। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लगभग 1 किलो 426 ग्राम वजनी सोने का छत्र, हीरे जड़ा मुकुट, 12 चांदी के सिक्के, एक एप्पल आईफोन तथा एक मोटरसाइकिल सहित  लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की  है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने महंगे शौक एवं ऐशो-आराम की जिंदगी जीने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस द्वारा आरोपी का रिमांड प्राप्त कर उससे अन्य अपराधों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा की गई यह त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई अपराध नियंत्रण, वैज्ञानिक विवेचना तथा नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करती है। प्रदेश में संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।