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जनजातीय अधिकार, स्वाभिमान और स्वशासन को सशक्त करता है पेसा कानून: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनजातीय भाई-बहनों के अधिकार, स्वाभिमान और स्वशासन को सशक्त करने वाला है पेसा कानून: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेसा कानून स्थापना दिवस पर विचार व्यक्त किए विशाखापट्टनम में हो रहा है राष्ट्रीय पेसा महोत्सव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेसा कानून के स्थापना दिवस के अवसर पर, विशाखापट्टनम में आयोजित हो रहे राष्ट्रीय पेसा महोत्सव के आयोजन के लिए राज्य सरकार की ओर से जनजातीय भाई-बहनों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन जनजातीय स्वशासन, सम्मान और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सार्थक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की पावन भूमि पर आदिकाल से निवास करने वाले जनजातीय समुदाय हमारे राष्ट्र की सांस्कृतिक आत्मा हैं। उनके अधिकार, स्वाभिमान और स्वशासन को सशक्त करने वाला पेसा कानून सहभागी लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने पेसा अधिनियम को संवेदनशीलता और दृढ़ संकल्प के साथ लागू किया है। हमने ग्राम सभाओं के गठन से जनजातीय समाज को सशक्त बनाया है। मध्यप्रदेश का जनजातीय समाज अब, अपने जल-जंगल-जमीन, सामाजिक व्यवस्थाओं और विकास की प्राथमिकताओं पर स्वयं निर्णय लेकर स्वशासी समुदाय के रूप में आगे बढ़ रहा है। यह पेसा कानून की भावना और संविधान की आत्मा का सजीव उदाहरण है। मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय भाइयों-बहनों के हितों, संस्कृति और परम्पराओं के संरक्षण के लिए सदैव कृत संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशाखापट्टनम में जारी पेसा महोत्सव के लिए उपरोक्त वीडियो संदेश में अपने विचार व्यक्त किए।  

मंत्रालय में सुशासन दिवस का आयोजन, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्रीमती गौर ने दिलाई शपथ

भोपाल  पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस के एक दिन पूर्व मंत्रालय में सुशासन दिवस मनाया गया। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त , घुमन्तु, अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने मंत्रालय के सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में प्रात: 11 बजे अधिकारियों और कर्मचारियों को सुशासन दिवस की शपथ दिलाई। इससे पहले उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री श्री वाजपेयी के चित्र पर माल्यार्पण किया। भोपाल के सांसद श्री आलोक शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने प्रदेश में सुशासन के उच्चतम मापदण्डों को स्थापित करने के लिये संकल्पित रहकर शासन को अधिक पारदर्शी,सहभागी ,जनकल्याण केन्द्रित और जबावदेह बनाने के प्रयास करने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, श्री मनु श्रीवास्तव, श्री के.सी.गुप्ता, श्री संजय कुमार शुक्ला सहित मंत्रालय वल्लभ भवन, सतपुड़ा-विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी एवं पुलिस अधिकारी आदि उपस्थित थे।  

ग्वालियर में अमित शाह का दौरा, व्यापार मेला का उद्घाटन और सुरक्षा के सख्त इंतजाम

 ग्वालियर  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 24 दिसंबर को ग्वालियर आ जाएंगे। आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक रात करीब नौ बजे वह ग्वालियर विमानतल पर उतरेंगे। इसके बाद होटल ताज ऊषा किरण पैलेस के लिए रवाना होंगे। अगले दिन सुबह 11:50 बजे होटल से कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना होंगे। फिर मेला ग्राउंड से सभा संपन्न होने के बाद दोपहर करीब दो बजे विमानतल के लिए रवाना हो जाएंगे। कई बार सड़कों पर वीवीआइपी मूवमेंट रहेगा केंद्रीय गृह मंत्री के ग्वालियर आगमन से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित अन्य केंद्रीय, राज्यमंत्री ग्वालियर पहुंच जाएंगे। बुधवार शाम करीब सात बजे से लेकर 25 दिसंबर को कार्यक्रम संपन्न होने तक कई बार शहर की सड़कों पर वीवीआइपी मूवमेंट रहेगा। पुलिस ने एडवायजरी जारी की विमानतल से लेकर मेला ग्राउंड और होटल तक कई बार, कई रास्तों पर ट्रैफिक रोका जाएगा। इसके लिए पुलिस ने एडवायजरी भी जारी कर दी है। वहीं पुलिस ने सुरक्षा प्लान भी तैयार कर लिया है। सुरक्षा में करीब 4500 जवान रहेंगे। ऊंची इमारतों पर स्नाइपर तैनात होंगे। कार्यक्रम स्थल से लेकर होटल तक कड़ी सुरक्षा रहेगी। अमित शाह करेंगे ग्वालियर व्यापार मेला का शुभारंभ शहर की शान और मध्य भारत के सबसे बड़े 'ग्वालियर व्यापार मेले' का काउंटडाउन खत्म होने को है। 25 दिसंबर से शुरू हो रहे इस ऐतिहासिक मेले का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। प्रशासन और मेला प्राधिकरण ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है और अब बस उस पल का इंतजार है जब ग्वालियर की यह विरासत गुलजार होगी। मेले का आगाज बेहद खास होने जा रहा इस वर्ष मेले का आगाज बेहद खास होने जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति ने व्यापारियों और सैलानियों के उत्साह को दोगुना कर दिया है। प्राधिकरण को इस संबंध में सूचना मिल चुकी है, जिसके बाद सुरक्षा और स्वागत की भव्य तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर में शोरूम तैयार करने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। आरटीओ छूट की उम्मीद में बड़ी संख्या में लोग वाहन खरीदी की योजना बना रहे हैं। इलेक्ट्रोनिक्स सेक्टर में आधुनिक गैजेट्स और घरेलू उपकरणों के साथ विभिन्न जगह से आए व्यापारी अपने स्टॉल को अंतिम रूप दे रहे हैं। झूला सेक्टर और फूड जोन रोमांच युवाओं के लिए आधुनिक हाई-टेक झूले फिटनेस टेस्ट पास कर तैयार हैं। फूड जोन में प्रसिद्ध व्यंजनों के साथ-साथ राजस्थानी, पंजाबी और दक्षिण भारतीय स्वाद का तड़का भी लगेगा। मेला केवल व्यापार का नहीं, बल्कि कला और शक्ति का भी केंद्र बनेगा। एक जनवरी से कला के विविध रंगों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। पहलवानी का दम जनवरी का महीना दंगल के नाम रहेगा। 19 से 20 जनवरी तक जिला स्तरीय और 23 से 25 जनवरी तक राज्य स्तरीय पुरुष व महिला कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित होगी, जो खेल प्रेमियों के लिए बड़ा आकर्षण होगी। व्यापारियों में नया उत्साह दुकान आवंटन की पारदर्शी प्रक्रिया के कारण इस साल उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली से बड़ी संख्या में व्यापारी पहुंचे हैं। हस्तशिल्प और फर्नीचर सेक्टर में इस बार ऐसी कलाकृतियां देखने को मिलेंगी जो पहले कभी नहीं आईं। सभी प्रकार के भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित सभी प्रकार के भारी वाहनों का प्रवेश शहर में प्रतिबंधित रहेगा। भिंड, मालनपुर की तरफ जाने वाले सभी वाहन लक्ष्मणगढ़ पुल होते हुए निरावली, अटल गेट, जलालपुर चौराहा से सागरताल होते हुए जाएंगे। भिंड, मालनपुर से आने वाले वाहन बेहटा चौकी, बड़ागांव पुल से एमएच तिराहा, हुरावली तिराहा, सचिन तेंदुलकर मार्ग होते हुए शहर में प्रवेश करेंगे। इन रूटों पर ट्रैफिक रहेगा डायवर्ट     गोला का मंदिर चौराहा से एमआइटीएस, दूध डेयरी तिराहे से इंद्रमणि नगर मार्ग, दुल्लपुर रोड से सूर्य नमस्कार तिराहा तक मार्ग पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।  मुरैना से आने वाले वाहन निरावली से प्रवेश करेंगे। मुरार से मुरैना की तरफ जाने वाले वाहन छह नंबर चौराहा, आर्मी एरिया, बड़ागांव हाईवे होते हुए जा सकेंगे।     मुरैना से दतिया, झांसी, शिवपुरी की तरफ जाने वाले वाहन निरावली से प्रवेश कर रायरू, अटल द्वार से मोतीझील, बहोड़ापुर, बेला की बावड़ी होते हुए जा सकेंगे।     मांढ़रे की माता से बहोड़ापुर जाने वाले वाहन इंदरगंज से डायवर्ट होकर पाटनकर बाजार, नई सड़क, हनुमान चौराहा, जीवाजीगंज, कटी घाटी होते हुए जा सकेंगे।     बहोड़ापुर से शिंदे की छावनी होते हुए मांढ़रे की माता चौराहे की तरफ जाने वाले वाहन बहोड़ापुर से कटीघाटी, जीवाजीगंज से हनुमान चौराहा, नई सड़क, पाटनकर चौराहा, इंदरगंज चौराहा, अचलेश्वर मंदिर होते हुए जा सकेंगे।     कोटेश्वर मंदिर से कंपू जाने वाले वाहन बहोड़ापुर से कटीघाटी, हनुमान चौराहा, पाटनकर चौराहा, इंदरगंज होते हुए जा सकेंगे।     कंपू से पड़ाव जाने वाले वाहन अचलेश्वर चौराहा, चेतकपुरी होते हुए जा सकेंगे। कोटेश्वर मंदिर से शिंदे की छावनी जाने वाले दोपहिया वाहनों को छोड़कर सभी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।     चिरवाई नाका से विक्की फैक्ट्री, बेला की बावड़ी, गोल पहाड़िया, हुरावली, मोहनपुर, बड़ागांव, लक्ष्मणगढ़ पुल, सुसैरा कोठी से शहर में आने वाले वाहन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे। अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट का शुभारंभ करेंगे शाह अमित शाह अटलजी के जन्मदिन पर गुरुवार को मेला मैदान पर राज्यस्तरीय आयोजन अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट में दो लाख करोड़ के उद्योगों का शुभारंभ-भूमि पूजन करेंगे। इस दौरान उद्योगपतियों से मुलाकात कराने की व्यवस्था भी की गई है। समिट का आयोजन सुबह 11 बजे से होगा जिसमें दो घंटे शाह मौजूद रहेंगे। उसके बाद यहां से रीवा जाएंगे। मेला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री सिंधिया सहित प्रदेश के मंत्रीगण-विधायक भी मंच पर रहेंगे। एमपी ग्रोथ समिट में प्रदेश में उद्योग-निवेश के लिए हुए प्रयासों को एक ही मंच से लोकार्पित व शिलान्यास किया जाएगा। इसमें 10 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव,आशय पत्र व आवंटन पत्र भी दिए जाएंगे। एक लाख लोगों की मौजूदगी का दावा है, जिसमें ग्वालियर-चंबल अंचल के सभी जिलों से लोगों को लाया जा रहा है।  

ईडी ने इंदौर कांग्रेस के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष को बनाया मुख्य आरोपी, 404 करोड़ के अवैध कारोबार में चार्जशीट दायर

इंदौर : शहर कांग्रेस के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री के मामले में ईडी ने कोर्ट में चार्जीशीट फाइल कर दी है. 2024 में ईडी ने कांग्रेस नेता विशाल अग्निहोत्री और उसके सहयोगियों के विभिन्न ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की थी. इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय को तकरीबन 404.46 करोड़ रु की अवैध ट्रेडिंग का पता चला था. इसी दिशा में जांच को आगे बढ़ाते हुए ईडी ने कोर्ट में चार्जशीट पेश कर मामले में विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री को मुख्य आरोपी बनाया है. अब इस पूरे मामले की स्पेशल कोर्ट के द्वारा सुनवाई की जाएगी. क्या है 404 करोड़ का ट्रेडिंग घपला? ईडी द्वारा शिकायत के आधार पर 2024 में विशाल अग्निहोत्री के खिलाफ बड़ी छापेमार कार्रवाई की थी. इस कार्रवाई में भारी मात्रा में कैश, रियल एस्टेट प्रॉपर्टी, करोड़ों की विदेशी घड़ियां व कारोबार से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए थे, जिन्हें अवैध कारोबार के पैसों से खरीदा गया था. ईडी को डिब्बा कारोबारी विशाल अग्निहोत्री की क्रिप्टो करेंसी से संबंधित खुफिया जानकारियां भी मिली थीं. जिसके बाद विशाल के सहयोगी तरुण श्रीवास्तव, श्रीनिवास रामासामी सहित अन्य आरोपियों के ठिकानों पर भी ईडी ने रेड मारी थी. छापेमार कार्रवाई के दौरान अवैध सट्टा संचालित करने, अवैध ट्रेडिंग, अवैध वेबसाइट्स चलाने व देश के बाहर अवैध व्यापार करने की भी जानकारियां ईडी की टीम को मिली. इसके बाद 404 करोड़ रुपए की अवैध ट्रेडिंग का राज खुला. कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाकर करोड़ों का अवैध कारोबार ईडी ने इस मामले में कई एंगल से जांच पड़ताल कर कोर्ट के समक्ष चार्जशीट पेश कर दी है, जिसमें मुख्य आरोपी विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री उसके सहयोगी तरुण श्रीवास्तव और श्री निवास रामासामी को बनया गया है. चार्जशीट में भी ईडी ने इस बात का उल्लेख किया है कि विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री के माध्यम से ही एक कमोडिटी एक्सचेंज ऑनलाइन प्लेटफॉर्म संचालित किया जा रहा था और इसमें लोगों को ठगा जा रहा था. ईडी ने इस मामले में गोलू अग्निहोत्री और उसके सिंडिकेट के तकरीबन 58.39 करोड़ की प्रॉपर्टी को अटैच किया है. कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाकर करोड़ों का अवैध कारोबार ईडी ने इस मामले में कई एंगल से जांच पड़ताल कर कोर्ट के समक्ष चार्जशीट पेश कर दी है, जिसमें मुख्य आरोपी विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री उसके सहयोगी तरुण श्रीवास्तव और श्री निवास रामासामी को बनया गया है. चार्जशीट में भी ईडी ने इस बात का उल्लेख किया है कि विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री के माध्यम से ही एक कमोडिटी एक्सचेंज ऑनलाइन प्लेटफॉर्म संचालित किया जा रहा था और इसमें लोगों को ठगा जा रहा था. ईडी ने इस मामले में गोलू अग्निहोत्री और उसके सिंडिकेट के तकरीबन 58.39 करोड़ की प्रॉपर्टी को अटैच किया है. वहीं, आरोपियों द्वारा फर्जी तरीके से सिंडिकेट वी मनी, लोटस बुक, 8स्टॉक हाइट और 11 स्टार जैसे अवैध ऑनलाइन पोर्टल बनाए गए थे. इन अवैध प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जाात था, जिसमें करोड़ों का खेल हुआ. ईडी ने प्रेस रिलीज से दी जानकारी आरोपियों के तार इंदौर से अहमदाबाद, मुंबई, चैन्नई होते हुए दुबई से भी जुड़े बताए जा रहे हैं. इस पूरे मामले में ईडी आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर कोर्ट में चार्ज शीट जारी कर दी है. ईडी ने प्रेस रिलीज जारी कर चार्जशीट और पूरी कार्रवाई की जानकारी मीडिया से साझा की है. जल्द ही स्पेशल कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई शुरू हो सकती है.

शादी के 21 दिन बाद सीएम मोहन यादव के बेटे-बहू नर्मदा परिक्रमा पर, यात्रा ओंकारेश्वर से शुरू

 खंडवा  मध्य प्रदेश के खंडवा के ओंकारेश्वर से सीएम डॉ. मोहन यादव के बेटे और बहू ने नर्मदा परिक्रमा शुरू की हैं। तीर्थनगरी ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी घाट पर नवविवाहित डॉ. अभिमन्यु यादव और उनकी पत्नी डॉ. इशिता ने मां नर्मदा की परिक्रमा का संकल्प लिया। परिक्रमा आरंभ करने से पूर्व दोनों ने संत विवेक गुरु से आशीर्वाद प्राप्त किया। परिजन के साथ भगवान के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की।  उज्जैन में हुआ था विवाह पिछले महीने 30 नवंबर को उज्जैन में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में डॉ. अभिमन्यु का विवाह खरगोन जिले की डॉ. इशिता से हुआ था। नवविवाहित जोड़ा अब सीधे आध्यात्मिक यात्रा पर निकल पड़ा है। पूरा परिवार साथ नर्मदा परिक्रमा में अभिमन्यु-इशिता के साथ उनकी बड़ी बहन डॉ. आकांक्षा यादव, जीजा जी और बड़े भाई वैभव यादव अपनी पत्नी के साथ शामिल हैं। पूरा परिवार मिलकर मां नर्मदा की परिक्रमा कर रहा है। 15 दिन में पूरी होगी यात्रा – जानिए पूरा रूट ओंकारेश्वर से शुरू हुई यह नर्मदा परिक्रमा महेश्वर, बड़वानी, राजपीपला-गरुड़ेश्वर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र), भरूच होते हुए नर्मदा सागर संगम यानी खंभात की खाड़ी तक जाएगी। करीब 15 दिन में यात्रा पूरी होने की उम्मीद है। हाल ही में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव के पुत्र अभिमन्यु यादव का विवाह संपन्न हुआ था। विवाह के बाद धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के क्रम में अभिमन्यु यादव और डॉ. इशिता यादव ने मां नर्मदा की परिक्रमा प्रारंभ करने का संकल्प लिया। जिसे पूरा करने के लिए नवदंपति रवाना हुए। यह यात्रा 15 दिन में पूरी होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री के बड़े बेटे-बहू और बेटी-दामाद भी साथ में मौजूद हैं। विवाह की कुछ खास बातें पिछले महीने 30 नवंबर को उज्जैन के सांवराखेड़ी में डॉ मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु और इशिता की शादी की रस्में सामूहिक सम्मेलन में संपन्न हुईं थीं। वरमाला के दौरान बाबा रामदेव ने मंत्र पढ़कर वरमाला की रस्म कराई थी। सामूहिक विवाह समारोह में अभिमन्यु इशिता के साथ 22 जोड़ों ने फेरे लिए थे सामूहिक सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया राज्यपाल मंगुभाई पटेलए मंत्री तुलसी सिलावट कथावाचक पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी सहित कई हस्तियां पहुंची थीं। 

भोपाल में बच्चों ने सांता क्लॉज बनकर बाँटी खुशियाँ

भोपाल  सैपलिंग्स एवं स्वामी विवेकानंद इंग्लिश स्कूल द्वारा भोजपुर रोड समाज के वंचित वर्ग के बच्चों के साथ साझा करने और देखभाल की भावना को साकार करते हुए एक सराहनीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय ने निर्माण – परिवर्तन की ओर समिति के बच्चों के साथ मिलकर खुशियाँ बाँटी। निर्माण – परिवर्तन की ओर समिति एक सामाजिक संगठन है, जो भोपाल में वंचित बच्चों के लिए स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है। वर्तमान में संस्था शहर के तीन विभिन्न केंद्रों पर 250 से अधिक बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रही है। कार्यक्रम के अंतर्गत सैपलिंग्स भोजपुर रोड द्वारा निर्माण संस्था के बच्चों को स्टेशनरी सामग्री, कपड़े, ऊनी वस्त्र, खिलौने एवं जूते वितरित किए गए। निर्माण संस्था के संस्थापक श्री नरेश मोटवानी और समाज सेविका मीता वाधवा जी के मार्गदर्शन में इंदुरिया चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री लक्ष्मी नारायण एवं प्रभा इंदुरिया ने बच्चों को उपहार प्रदान किए। कार्यक्रम के दौरान सैपलिंग्स भोजपुर रोड के बच्चे सांता क्लॉज बनकर आए और उन्होंने सभी बच्चों को उपहार बाँटे। सांता क्लॉज के आगमन से बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे और पूरे कार्यक्रम में उत्सव का माहौल बन गया। इसके साथ ही विद्यालय के बच्चों ने एनजीओ के बच्चों के साथ मिलकर एक आनंदमय पार्टी का आयोजन किया, जिसमें Sharing & Caring की भावना को बढ़ावा दिया गया। बच्चों ने मिलकर खेलकूद किया और आपसी प्रेम व समानता का संदेश दिया। यह पहल बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी, करुणा और मानवीय मूल्यों को विकसित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।

सीनियर्स की टॉर्चर की शिकायत पर इंदौर डेंटल कॉलेज में 3 छात्राओं को सस्पेंड किया गया

इंदौर  एमजीएम मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला अभी थमा ही नहीं था कि दूसरा मामला इंदौर के शासकीय डेंटल कॉलेज से सामने आया है. यहां पर एमडीएस फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स ने यूजीसी को रैगिंग के संबंध में शिकायत की, जिसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने बड़ा एक्शन लिया है. शासकीय डेंटल कॉलेज प्रबंधन द्वारा जांच कर तीन सीनियर छात्राओं को सस्पेंड कर दिया गया है. इस तरह रैगिंग कर रही थीं सीनियर छात्राएं शासकीय डेंटल कॉलेज एमडीएस प्रथम वर्ष की छात्राओं द्वारा यूजीसी को रैगिंग के संबंध में एक मेल भेजा गया था. इस मेल में उन्होंने जानकारी दी कि कॉलेज की ही डेंटल की सीनियर छात्राएं उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही हैं. वह उनसे डिपार्टमेंट खोलने का काम करवाती हैं और शाम को छुट्टी होने के बाद भी काफी देर तक कॉलेज में ही बिठाए रखती हैं. साथ ही जब खाना खाने की बारी आती है तो सीनियर के द्वारा बाद में खाने का दबाव बनाया जाता है. यूजीसी के दखल के बाद कॉलेज प्रबंधन का एक्शन जैसे ही यूजीसी को पूरे मामले की जानकारी लगी तो अधिकारियों ने कॉलेज प्रबंधन को इस पूरे मामले से अवगत करवाया. इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने जूनियर छात्राओं की शिकायत पर रैगिंग की आरोपी तीन छात्राओं की जांच पड़ताल शुरू की. जांच पड़ताल के दौरान सीनियर छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन को यह जवाब दिया कि उन्होंने सिर्फ अनुशासन बनाए रखने के लिए इस तरह की हरकत की थी. इस पर कॉलेज प्रबंधन ने छात्राओं को बताया कि अनुशासन बनाने के लिए इस तरह का दबाव बनाना भी रैगिंग की श्रेणी में आता है. डेंटल फर्स्ट ईयर में केवल 6 छात्र शासकीय डेंटल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉक्टर अलका गुप्ता ने बताया, '' रैगिंग से संबंधित शिकायत कॉलेज की जूनियर छात्राओं द्वारा यूजीसी को की गई थी. उसी के बाद जांच कर तीन छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया है और पूरे मामले की जानकारी भी यूजीसी को दे दी गई है.'' इंदौर के शासकीय डेंटल कॉलेज के एमडीएस प्रथम वर्ष की बैच में 6 ही छात्र हैं, जिसमें एक छात्र और 5 छात्राएं हैं और इन्हीं लोगों ने तीन सीनियर छात्राओं की रैगिंग को लेकर शिकायत की थी.

कोहरे का असर रेल ट्रांसपोर्ट पर, MP-मुंबई स्पेशल ट्रेनें लेट, यात्री परेशान

भोपाल  कोहरे का असर आम जनजीवन के अलावा रेल यातायात पर नजर आ रहा है। दिल्ली, नागपुर, जबलपुर और मुंबई की तरफ से आने वाली ट्रेनें अपने समय से लेट चल रही है। सोमवार को 18238 छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (Chhattisgarh Express) अपने निर्धारित समय से 1 घंटे की देरी से इटारसी रेलवे स्टेशन पहुंची। इसके अलावा 22533 यशवंतपुर सुपर फास्ट (Yesvantpur Superfast) 2 घंटे लेट चली। 12715 सचखंड एक्सप्रेस (Sachkhand Express) अपने तय समय से तीन घंटे की देरी से इटारसी स्टेशन पर पहुंची। कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली ट्रेनें लेट इधर, ठंड बढ़ने के साथ ही शहर में सुबह सूर्यउदय के समय घना कोहरा छाया रहा। जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं। कोहरे की वजह से दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। नगरपालिका ने शहर के जयस्तंभचौक, रेलवे स्टेशन के सामने रेन बसेरा के पास सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाए हैं। जिससे लोग राहत महसूस कर रहे हैं। रीवा-मुंबई के बीच चलेंगी दो स्पेशल ट्रेन रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और बढ़ती मांग को देखते हुए रीवा और मुंबई (सीएसएमटी) के बीच दो-दो ट्रिप स्पेशल ट्रेनें (Rewa-CSMT Special Trains) चलाने का निर्णय लिया है। ये ट्रेनें इटारसी होकर गुजरेंगी, जिससे नर्मदापुरम और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। पीआरओ रेलवे ने बताया कि रीवा से सीएसएमटी के लिए स्पेशल ट्रेन गुरुवार 1 जनवरी और 8 जनवरी को रवाना होगी। वापसी में सीएसएमटी से रीवा के लिए यह ट्रेन शुक्रवार 2 जनवरी और 9 जनवरी को चलाई जाएगी। 02187 रीवा-सीएसएमटी स्पेशल ट्रेन रीवा से दोपहर 3.50 बजे प्रस्थान करेगी।

सागर: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में एक साथ बनेंगे 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर

सागर  बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) सागर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। सागर विधायक शैलेंद्र जैन के सतत प्रयासों से अस्पताल परिसर में एक साथ 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे एक ही समय में 10 अलग-अलग विधाओं के ऑपरेशन संभव हो सकेंगे। 16 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण विधायक जैन ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से 60,000 वर्गफुट क्षेत्रफल में आधुनिक स्ट्रक्चर का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर की स्थापना के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि से अत्याधुनिक सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित है। सागर के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि साबित होगी उन्होंने कहा कि यह परियोजना सागर के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी। विधायक जैन ने बताया कि वर्तमान में ऑपरेशन थिएटर की कमी के कारण कई मरीजों को अपने ऑपरेशन के लिए कई दिनों तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है। 10 नए मॉड्यूलर ओटी के निर्माण से न केवल मरीजों को समय पर उपचार मिलेगा, बल्कि चिकित्सकों को भी बेहतर और सुगम कार्य वातावरण उपलब्ध होगा। विभिन्न प्रकार के रोगियों के ऑपरेशन एक साथ इससे विभिन्न प्रकार के रोगियों के ऑपरेशन एक साथ और अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे। मंगलवार को विधायक जैन ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पीएस ठाकुर के साथ निर्माणाधीन ऑपरेशन थिएटर भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए ठेकेदार को कार्य शीघ्र, गुणवत्तापूर्ण एवं समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के अधिकारी, चिकित्सक एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के हजारों मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा।

भोपाल में रोड विस्तार के लिए 7 हजार से अधिक पेड़ों की कटाई, NHAI के दावे पर उठे सवाल

भोपाल देश में विकास बनाम पर्यावरण की बहस अभी थमी भी नहीं थी कि अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक और चिंता बढ़ाने वाली तस्वीर सामने आ रही है. झीलों और हरियाली के लिए पहचाने जाने वाले भोपाल में अब विकास के नाम पर हज़ारों पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलने वाली है. मामला शहर के बीचोबीच स्थित अयोध्या बायपास का है, जहां सड़क चौड़ीकरण की आड़ में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई शुरू हो चुकी है. जिस विकास की बात की जा रही है, उसकी कीमत भोपाल की हरियाली को चुकानी पड़ रही है. अयोध्या बायपास, जो भोपाल के सबसे व्यस्त और अहम मार्गों में से एक है, अब फोर लेन से सिक्स लेन बनने जा रहा है. इसके साथ ही दोनों ओर दो-दो लेन की सर्विस रोड भी तैयार की जाएगीए जिसके बाद यह सड़क 10 लेन की हो जाएगी. इस परियोजना के तहत हजारों पेड़ों की कटाई होनी है. जैसे ही यह जानकारी सामने आई, पर्यावरणविदों, प्रकृति प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी फैल गई. सवाल उठने लगे कि क्या ट्रैफिक समाधान का यही एकमात्र रास्ता है, और क्या हर बार विकास की कीमत पेड़ों को चुकानी पड़ेगी? इस पूरे प्रोजेक्ट की ज़िम्मेदारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI के पास है. एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर देवांश नुवल का तर्क है कि आने वाले वर्षों में ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ेगा और सड़क चौड़ीकरण से जाम की समस्या से राहत मिलेगी.  मामला NGT तक पहुंचा और NGT के निर्देश पर एक विशेष समिति का गठन किया गया, जिसने पूरे प्रोजेक्ट और पेड़ों की स्थिति की जांच की. जांच के बाद समिति ने 10 हजार की बजाय 7,871 पेड़ों की कटाई को सशर्त मंजूरी दी. इन शर्तों के मुताबिक, काटे जाने वाले हर एक पेड़ के बदले 10 नए पौधे लगाए जाएंगे. यानी लगभग 80 हज़ार पौधरोपण का दावा किया गया है. NHAI का कहना है कि पौधरोपण सिर्फ कागज़ों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसकी निगरानी भी की जाएगी और पौधों के जीवित रहने की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी लेकिन पर्यावरण विशेषज्ञ इन दावों पर सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि वर्षों पुराने, बड़े और छायादार पेड़ों की भरपाई केवल पौधे लगाकर नहीं की जा सकती. एक पेड़ बनने में दशकों लगते हैं और उसका पर्यावरणीय योगदान किसी नए पौधे से तुरंत पूरा नहीं हो सकता. भोपाल के रहने वाने नितिन सक्सेना ने इन पेड़ों की कटाई को लेकर एनजीटी में याचिका भी लगाई लेकिन पेड़ों की कटाई को रोक नहीं पाए विकास की रफ्तार तेज है, लेकिन उसकी कीमत भी कम नहीं. आज सड़कें चौड़ी होंगी, ट्रैफिक सुगम होगा, लेकिन क्या कल शहर सांस ले पाएगा? कागजों पर दस गुना पौधरोपण के वादे हैं, मगर जमीन पर गिरते पुराने पेड़ उस भरोसे को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहे हैं. भोपाल, जो कभी हरियाली की पहचान था, अब एक अहम मोड़ पर खड़ा है जहां फैसला सिर्फ सड़क का नहीं, आने वाली पीढ़ियों की सांसों का भी है