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डॉ. मोहन यादव बोले: मध्यप्रदेश में निवेश, नवाचार और रोज़गार के संकल्प का अभ्युदय

सीएम ब्लॉग भोपाल मध्यप्रदेश आज अपनी स्थापना के 70वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। एक नवंबर 1956 को अस्तित्व में आये मध्यप्रदेश में विकास की नई यात्रा विगत दो दशकों से आरंभ हुई, जो प्रदेश को देश में अग्रणी राज्य बनाने की संभावनाओं तक पहुंच गई है। यह सुखद संयोग है कि आज देवउठनी ग्यारस के पावन अवसर पर राज्योत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हमारे तीज, त्यौहार और परंपराएं हमारी संस्कृति का आधार हैं। उत्सव के आनंद से ही भविष्य निर्माण के भाव निर्मित होते हैं। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रदेश में सभी त्यौहारों को व्यापक स्वरूप में मनाया जा रहा है। अपने त्यौहारों का सांस्कृतिक संदर्भ ही हमें पुरातन से नूतन की प्रेरणा देता है। हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत का ह्दय मध्यप्रदेश वन, जल, अन्न, खनिज, शिल्प, कला, संस्कृति, उत्सव और परंपराओं से समृद्ध है। हमें मां नर्मदा, चंबल, पार्वती, शिप्रा नदियों का सान्निध्य और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त है। यह भगवान परशुराम की जन्मस्थली, भगवान कृष्ण की शिक्षास्थली और आदि शंकराचार्य जी की तपोस्थली है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने चित्रकूट में लंबा समय व्यतीत किया है। इतिहास प्रसिद्ध राजा नल, भर्तृहरि, विक्रमादित्य की जन्म स्थली भी मध्यप्रदेश रही है। सम्राट विक्रमादित्य ने ही शकों के आतंक से भारत को मुक्त किया था। संसार की पहली वैज्ञानिक कालगणना "विक्रम संवत्" का आरंभ भी मध्यप्रदेश के उज्जैन से हुआ था। मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि हम अपने ऐतिहासिक गौरव की दिव्यता और प्राकृतिक भव्यता के साथ विरासत से विकास की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत को विश्व में सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए विकसित भारत निर्माण का संकल्प दिया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हमारा देश विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री जी के इस संकल्प को साकार करने और विकसित भारत निर्माण के लिए मध्यप्रदेश में निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में उद्योग वर्ष मनाने के साथ राज्योत्सव की थीम 'उद्योग और रोज़गार' रखी गई है। इसमें प्रदेश के सतत विकास, सांस्कृतिक समृद्धि और जनभागीदारी का भाव है। यशस्वी प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से हमें निवेश और औद्योगिक विकास की यात्रा को परिणाम में बदलने का अवसर प्राप्त हो रहा है। विविधता से समृद्ध मध्यप्रदेश के हर क्षेत्र की अपनी विशेषता, क्षमता और दक्षता है, जिसमें अनंत संभावनाएं हैं। इसी को केन्द्र में रखकर हमने प्रदेश में रीजनल इन्वेस्टर्स समिट का नवाचार किया। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रदेश के हर क्षेत्र का कौशल और उद्योग इसमें शामिल हुआ है। व्यापार को सरल बनाने और निवेशकों से सीधे संवाद के लिए हमने मार्च 2024 से उज्जैन से निवेश यात्रा शुरू की और फिर जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम, मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरु, पुणे, दिल्ली, यूके, जर्मनी, जापान, दुबई तक इसे विस्तार दिया। विभिन्न सम्मेलनों, राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय रोड-शो के माध्यम से मध्यप्रदेश के निवेश में कई गुना वृद्धि हुई है। निवेशकों को एक सक्षम, सरल और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया गया है। प्रदेश में इनोवेशन हब, स्टार्टअप पॉलिसी, फंडिंग सपोर्ट और इन्क्यूबेशन नेटवर्क स्थापित कर देश की स्टार्टअप क्रांति को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। मुझे यह बताते हुए खुशी है कि मध्यप्रदेश ने पिछले एक वर्ष में औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त की हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों ने प्रदेश में निवेश के प्रति गहरी रुचि दिखाई है। खनिज कॉन्क्लेव में प्रदेश को 56 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले, जो खनिज नीति और प्रशासनिक सरलता का परिणाम हैं। आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक निर्माण इकाइयां और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भी निवेश को प्रोत्साहन मिला है। मुझे यह बताते हुए हर्ष है कि प्रदेश एक ऐसे परिवर्तनकाल से गुजर रहा है जहां निवेश, नवाचार और रोज़गार आधार स्तंभ हैं। लगभग दो वर्षों में प्रदेश ने उद्योग, कृषि, दुग्ध उत्पादन, पर्यावरण, ऊर्जा और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। भारत के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने हमें गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी (GYAN) के सम्मान का मंत्र दिया है। विकास के इन आधार स्तंभ के अनुरूप प्रदेश विकास और कल्याण के लिए युवा शक्ति, गरीब कल्याण, किसान कल्याण और नारी सशक्तिकरण मिशन के तहत कार्य किया जा रहा है। गरीब कल्याण मिशन में स्वरोज़गार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, आवास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य की सुविधा आदि की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश कौशल विकास मिशन और स्टार्टअप नीति 2025 ने युवाओं को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर में परिवर्तित किया है। कौशल विकास मिशन के माध्यम से युवाओं को उद्योग-आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रोज़गार मेले, अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम और डिजिटल स्किल सर्टिफिकेशन जैसे प्रयास युवाओं को रोज़गार से जोड़ रहे हैं। रोज़गार सृजन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासकीय और निजी क्षेत्रों में युवाओं के लिए स्थायी, कुशल और सम्मानजनक अवसर उपलब्ध किये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने शासकीय भर्ती का कैलेण्डर जारी किया और उसके अनुरूप भर्ती प्रक्रिया भी आरंभ हो गई है। कृषि क्षेत्र को नवाचार के साथ सशक्त बनाने की दिशा में एक नई क्रांति का सूत्रपात हुआ है। प्रदेश सरकार ने ड्रोन आधारित फसल निरीक्षण, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली और कृषि उत्पाद मूल्य संवर्धन पर विशेष फोकस किया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और मुख्यमंत्री खेत-तालाब योजना सहित अन्य प्रयासों से किसानों के लिए सिंचाई क्षेत्र बढ़ाने का लगातार प्रयत्न किया जा रहा है। केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से प्रदेश के किसानों को सिंचाई और पानी की सुविधा व्यापक स्तर पर उपलब्ध होगी। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 52 लाख हेक्टेयर से अधिक हो चुका है। इसे दोगुना करने का लक्ष्य है। आगामी 3 वर्षों में सिंचाई क्षेत्र का रकबा 100 लाख हेक्टेयर करने की योजना है। कृषि उपज का प्रत्यक्ष भुगतान, ऑनलाइन मंडी व्यवस्था और जैविक खेती के प्रोत्साहन ने अन्नदाताओं की आय में वृद्धि की है। मध्यप्रदेश गेहूं, सोयाबीन, चना और मसालों के उत्पादन में अग्रणी प्रदेश हैं। महिला सशक्तिकरण को आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ने की दिशा में नारी शक्ति मिशन परिवर्तनकारी सिद्ध हो रहा है। लाड़ली बहना योजना के माध्यम से लाखों … Read more

गंदे वीडियो दिखाने वाले शिक्षक भिंड में गिरफ्तार, छात्राओं ने दी शिकायत

 भिंड  भिंड जिले में देहात थाना अंतर्गत विक्रमपुरा सरकारी स्कूल में शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शिक्षक पर कक्षा में छात्राओं को मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाने और आपत्तिजनक हरकतें करने का आरोप लगा है। घटना का खुलासा तब हुआ जब तीन छात्राओं ने हिम्मत जुटाकर इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने छात्राओं की शिकायत पर आरोपित शिक्षक रामेंद्र सिंह कुशवाह को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ पाक्सो एक्ट, धमकी देने और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। छात्राओं ने पुलिस को बताया कि शिक्षक कक्षा में पढ़ाते समय मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाता था और अनुचित व्यवहार करता था। जब छात्राओं ने घर जाकर शिकायत करने की बात कही तो आरोपी ने उन्हें डराया और धमकाया। डर के कारण छात्राएं कई दिनों तक स्कूल नहीं गईं। स्वजन की पूछताछ में खुला मामला बताया जाता है, कि जब छात्राओं ने स्कूल जाना बंद किया तो स्वजनों ने उनसे कारण पूछा। पूछताछ में छात्राओं ने पूरी घटना बताई। उन्होंने कहा कि मोबाइल पर सर गंदे वीडियो दिखाते हैं। इसके बाद स्वजन स्कूल पहुंचे और प्राचार्य से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर वे छात्राओं को लेकर देहात थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कक्षा 8वीं की एक छात्रा को मुख्य फरियादी बनाया और अन्य छात्राओं के बयान भी दर्ज किए। डीईओ ने आरोपित शिक्षक को निलंबित किया पुलिस की कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने देर रात आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी आरडी मित्तल ने बताया कि उच्च श्रेणी शिक्षक (उच्च पद प्रभार) मूल पद सहायक शिक्षक शासकीय माध्यमिक विद्यालय विक्रमपुरा बीटीआइ परिसर भिंड में पदस्थ रामेंद्र सिंह कुशवाह को शिक्षक की सामाजिक गरिमा को धूमिल करने पर मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में शिक्षक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। पाक्सो एक्ट में केस दर्ज     छात्रा की शिकायत पर आरोपी शिक्षक रामेंद्र सिंह कुशवाह के खिलाफ पाक्सो एक्ट, धमकी देने और एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।- मुकेश शाक्य, टीआई थाना देहात तुरंत निलंबन का आदेश जारी किया     शिक्षक द्वारा की गई हरकत शिक्षक समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है। पुलिस कार्रवाई के बाद विभाग ने तुरंत निलंबन आदेश जारी किया है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। – आरडी मित्तल, डीईओ भिंड  

BJP में 9 महीने की खींचतान खत्म, जिलाध्यक्ष ने नई कार्यकारिणी बनाई

गुना नौ महीने से बहुप्रतीक्षित गुना भाजपा की जिला कार्यकारिणी में महामंत्री पद पाने की दौड़ में लगी जोड़-तोड़ की राजनीति को उस समय विराम लग गया जब गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार ने अपने नौ महीने के कार्यकाल के बाद अपनी जिला कार्यकारिणी घोषित कर दी। इस 22 सदस्यीय कार्यकारिणी में 9 केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों को महत्वपूर्ण पद मिले है। विधायक के एक समर्थक को मिली जगह, बागी बाहर विधायक पन्नालाल शाक्य के एक मात्र समर्थक संतोष धाकड़ को महामंत्री पद से नवाजा गया है। वहीं सिंधिया समर्थक के रूप में पूर्व पार्षद रविन्द्र रघुवंशी और चन्द्रप्रकाश अहिरवार को महामंत्री बनाया गया है। इस कार्यकारिणी में आपस में लड़ने वाले भाजपा के उपाध्यक्ष आरएन यादव और हीरेन्द्र सिंह चौहान बंटी बना को बाहर का रास्ता दिखाया है। इस समाज ने किया कार्यकारिणी का विरोध इस कार्यकारिणी के बनते ही विरोध के स्वर शुरू हो गए हैं। गुर्जर समाज के सीताराम गुर्जर ने कहा कि इस कार्यकारिणी में गुर्जर समाज को स्थान नहीं देकर हमारे समाज के साथ धोखा किया है। जबकि यह समाज जिले में बहुतायत संख्या में है। भाजपा की जिला कार्यकारिणी को घोषित न किए जाने को लेकर पत्रिका ने 25 अक्टूबर के अंक में खबर प्रकाशित की थी।  जिला कार्यकारिणी में इन नेताओं मिले ये पद     जिला उपाध्यक्षः गिर्राज भार्गव,प्रबल प्रताप सिंह, महेन्द्र किरार, शिवपाल परमार, सुशील दहीफले, जगदीश मीना रिटायर्ड आरटीओ, गायत्री भील. गोमती ओझा     जिला महामंत्रीः संतोष धाकड़, रविन्द्र रघुवंशी, चन्द्रप्रकाश अहिरवार     जिला मंत्रीः कुसुमलता कुशवाह, रुद्र देव सिंह, श्रीकृष्ण भोला सोनी, अनिल जैन रुपश्री, सुनीता बंजारा, वीर बहादुर यादव, उमा लोधी, आशा शर्मा     कोषाध्यक्ष- मोहित नामदेव     सह कोषाध्यक्ष- राजेश साहू     कार्यालय मंत्री- सुरेन्द्र जीत सिंह     सह कार्यालय मंत्री बृज नारायण शर्मा     सह कार्यालय मंत्री- शंभू सेन     मीडिया प्रभारी अंकुर श्रीवास्तव     सह मीडिया प्रभारी-ओमप्रकाश राठौर

इंदौर पुलिस ने पकड़ा फर्जी घी का बड़ा कारोबार, 600 लीटर नकली घी बरामद

 इंदौर  प्रदेश भर में मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में इंदौर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की टीम ने भारी मात्रा में मिलावटी घी जब्त किया है, जिसे नामी ब्रांड के पैकेट में पैक किया जा रहा था। पल्हर नगर में घर पर छापा खाद्य विभाग की टीम ने पल्हर नगर स्थित 60 फीट रोड पर एक मकान पर छापा मारा। यह मकान गिरिराज गुप्ता का है, जो मल्हारगंज क्षेत्र में प्रभुश्री ट्रेडर्स के नाम से दुकान संचालित करता है। निरीक्षण के दौरान इस मकान से मिलावट का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। नामी ब्रांड के रैपर में 'नकली घी' अधिकारियों को मौके से बड़ी मात्रा में वनस्पति तेल, एसेंस और तैयार घी मिला। चिंता की बात यह है कि मौके से सांची, अमूल, नोवा और मालवा जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड के रैपर और आउटर कवर भी बड़ी संख्या में पाए गए। आरोपी इन रैपर का इस्तेमाल वनस्पति तेल और एसेंस से बनाए गए मिलावटी घी को पैक करने के लिए करता था। 600 लीटर घी-तेल जब्त, 6 सैंपल भेजे खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके से घी, तेल और एसेंस समेत कुल 6 नमूने जांच के लिए हैं। खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि कार्रवाई में कुल 27 डिब्बे वनस्पति, 13 डिब्बे तेल, 3 डिब्बे घी, 5 बोतल एसेंस और लगभग 350 रैपर जब्त किए गए हैं। * उक्त संस्थान से लगभग 600 लीटर घी और तेल जब्त किया गया है। * निर्माता का परिसर बंद करा दिया गया है। * सभी नमूनों को विस्तृत जांच के लिए राज्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है। * संबंधित कंपनियों (अमूल, सांची आदि) को भी सूचित किया जा रहा है, ताकि वे भी अपने स्तर पर वैधानिक कार्रवाई कर सकें। मिलावटखोरी बर्दाश्त नहीं: कलेक्टर कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरी के विरुद्ध इस तरह की सख्त कार्रवाई भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी। 

कैलाश विजयवर्गीय का स्वास्थ्य ठीक, थकान पर अस्पताल में भर्ती, नियमित जांच पूरी

इंदौर  मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को गुरुवार को बांबे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह गुरुवार सुबह नियमित जांच के लिए अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टरों ने उनकी प्राथमिक जांच के बाद उन्हें भर्ती होने की सलाह दी।देर शाम तक विजयवर्गीय की कई जांचें हुईं। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें थकान थी। जांच रिपोर्ट सामान्य है। उन्हें आराम की सलाह दी है। व्यस्त दिनचर्या के चलते हुए थकान बॉम्बे अस्पताल के उप निदेशक राहुल पाराशर ने बताया, ''मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को पिछले चार-पांच दिनों से व्यस्त दिनचर्या के कारण अत्यधिक थकान महसूस कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें पर्याप्त आराम नहीं मिल पाया था. इसी के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. प्राथमिक जांच और परीक्षण किए गए हैं, अब उनकी हालत स्थिर है.'' उन्होंने कहा कि, ''विजयवर्गीय फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में एक वार्ड में आराम कर रहे हैं और उन्हें पूरी तरह आराम करने की सलाह दी गई है. उन्हें जल्द ही छुट्टी मिलने की उम्मीद है, हालांकि रात होते-होते विजयवर्गीय को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया.'' महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया थकान के कारण वे अस्पताल में भर्ती हुए थे. हालांकि अब उन्हें छुट्टी दे दी गई है वह घर पर आराम कर रहे हैं.'' उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, मंत्री बिल्कुल ठीक हैं आप लोग निश्चिंत रहें और बॉम्बे हॉस्पिटल की तरफ ना जाएं. डॉक्टरों ने दी आराम करने की सलाह कैलाश विजयवर्गीय के नजदीकी सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि, मंत्री कई दिनों से लगातार दौरे कर रहे हैं, जिसके चलते उन्हें थकान हुई है. इसी बीच उनकी तबीयत खराब हो गई थी. अस्पताल से उन्हें छुट्टी मिल गई है. डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है, अब वह घर पर ही आराम कर रहे हैं.   कैलाश विजयवर्गीय का सियासी करियर कैलाश विजयवर्गीय इंदौर-1 विधानसभा से विधायक हैं और मध्य प्रदेश में कैबिनेट मंत्री हैं. उनके पास नगरीय विकास एवं आवास विभाग है. उन्होंने इंदौर से अपने सियासी करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने वर्ष 1975 में विद्यार्थी परिषद के माध्यम से छात्र पॉलिटिक्स में प्रवेश किया. 1983 में वह पहली बार नगर पालिक निगम इंदौर के पार्षद बने. 2000 में उन्हें इंदौर पालिक नगर निगम का महापौर बनाया गया था. इसके बाद से उनका राजनीतिक करियर चमकता गया. 1990 में पहली बार विधायक बने. कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों को लेकर अकसर चर्चाओं में रहते हैं.  

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राष्ट्रीय एकता दिवस की दिलायी शपथ

भोपाल  मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में प्रात: 10 बजे राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलायी। इसके पूर्व सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। शपथ में सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करने और अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प लिया। इस अवसर पर  अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा,  के.सी. गुप्ता,  संजय दुबे,  संजय कुमार शुक्ल,  शिवशेखर शुक्लासहित मंत्रालय, विंध्याचल,सतपुड़ा भवन और पुलिस विभाग के अधिकारी- कर्मचारी उपस्थितरहे।

हाई कोर्ट ने नगर निगम को रोका, स्कूल और कॉलेजों से उपकर वसूलने से मना किया

 इंदौर  शैक्षणिक संस्थानों को राहत देते हुए हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने कहा है कि नगर निगम शैक्षणिक संस्थानों के भूमि-भवन जिनका उपयोग वे खुद कर रहे हैं, उस पर शिक्षा उपकर और शहरी विकास उपकर नहीं ले सकता। कोर्ट की एकलपीठ ने एक निजी स्कूल की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने वसूली के आदेश को निरस्त कर दिया है। निगम ने इस निजी स्कूल को वर्ष 2021 में लाखों रुपये की वसूली के लिए नोटिस जारी किया था। इसे चुनौती देते हुए स्कूल ने याचिका दायर की। स्कूल प्रबंधन का कहना था कि पूर्व में हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ शैक्षणिक संस्थानों को संपत्तिकर, शिक्षा उपकर और शहरी विकास शुल्क से छूट दे चुकी है। इस पर निगम की तरफ से तर्क रखा गया था कि हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के फैसले के खिलाफ अपील की गई है। हालांकि इस पर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था जो गुरुवार को जारी हुआ। कोर्ट ने नगर निगम से कहा है कि वह निजी स्कूल द्वारा जमा की गई राशि को उसके खातों में समायोजित करे। इसके साथ ही दो माह में जो राशि शिक्षा उपकर और शहरी विकास उपकर के रूप में जमा की गई है, उसे भी निजी स्कूल को लौटाया जाए। इस तरह मामले में स्कूल प्रबंधन को राहत मिली। पदोन्नति मामले में चार सप्ताह में लें निर्णय इंदौर नगर निगम अपर आयुक्त की पदोन्नति से जुड़े मामले में हाई कोर्ट ने नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे को चेतावनी जारी की है। कोर्ट ने कहा है कि वे पूर्व में दिए गए फैसले के अनुसार अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर के आवेदन पर चार सप्ताह में निर्णय लें। निगम के अपर आयुक्त राजनगांवकर ने पदोन्नति नहीं दिए जाने के खिलाफ एक याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पांच मई 2025 को आदेश दिया था कि सरकार राजनगांवकर की पदोन्नति के आवेदन पर एक माह में निर्णय लें। सात मई को राजनगांवकर ने कोर्ट के आदेश की प्रति के साथ नगरीय प्रशासन विभाग को नया आवेदन किया। इस आवेदन पर जब सरकार ने पांच माह बाद भी फैसला नहीं लिया तो राजनगांवकर ने अवमानना याचिका दायर कर दी। गुरुवार को कोर्ट में इस पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने प्रमुख सचिव को चेतावनी के साथ पूर्व में दिए आदेश का पालन करने के लिए एक मौका दिया है। कोर्ट ने राजनगांवकर से कहा है कि वे सात दिन में नया आवेदन दें। कोर्ट ने पीएस से कहा है कि वे चार सप्ताह में इस आवेदन पर निर्णय लें।

अंजुमन इस्लामिया स्कूल का नया फरमान, रविवार स्कूल लगाने पर बवाल

जबलपुर  शहर में स्कूल की छुट्टी का एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां अंजुमन इस्लामिया नाम के स्कूल ने शुक्रवार की छुट्टी रखी है और रविवार के दिन स्कूल लगाने का फरमान जारी किया है. इस फरमान के खिलाफ अल्पसंख्यक मोर्चा के एक नेता ने आपत्ति जाहिर की है, उनका कहना है कि स्कूल के स्टाफ और कई अभिभावकों ने इस फैसले को गलत माना है लेकिन स्कूल प्रबंधन उनकी बात नहीं सुन रहा है.मामले में जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत की गई है. जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि वे जल्द ही इस मामले में जांच करके फैसला देंगे. पाकिस्तान और बांग्लादेश में होती है शुक्रवार की छुट्टी जबलपुर अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता मुजम्मिल अली ने अंजुमन इस्लामिया स्कूल के एक अनोखे फरमान के खिलाफ कलेक्टर कार्यालय में शिकायत की है. मुजम्मिल अली ने कहा, '' स्कूल में एक अनोखा फरमान निकला है, जिसमें स्कूल में साप्ताहिक अवकाश रविवार की जगह शुक्रवार के दिन रखा जाएगा और रविवार के दिन स्कूल लगाया जाएगा. भारत में रविवार की ही छुट्टी होती है, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे मुस्लिम देश में शुक्रवार के दिन की छुट्टी रखी जाती है इसलिए भारत में इस तरह की छुट्टी सही नहीं है. मुजम्मिल ने प्रशासन से इस मामले में दखल देने की अपील की है. शुक्रवार की छुट्टी पर मैनेजमेंट की सफाई इस मामले में अंजुमन इस्लामिया स्कूल के प्रबंधक अनवर अली ने कहा, '' अंजुमन इस्लामिया संस्था पांच स्कूल और एक कॉलेज का संचालन करती है और केवल एक स्कूल नहीं बल्कि सभी स्कूलों में शुक्रवार के दिन की छुट्टी पहले से ही रहती है. मैंने केवल इंग्लिश मीडियम स्कूल की छुट्टी की है और रविवार के दिन इसलिए स्कूल लगाया जा रहा है ताकि बच्चों की पढ़ाई का नुकसान ना हो.'' डीईओ के पास पहुंची अंजुमन की शिकायत वहीं, जबलपुर के जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने कहा, '' हमारे पास यह शिकायत आई है क्योंकि अंजुमन इस्लामिया स्कूल एक निजी संस्था चलाती है ऐसी स्थिति में हमें उनके नियम देखने होंगे. हालांकि, भारत में रविवार को ही छुट्टी की परंपरा है. ऐसी स्थिति में अंजुमन इस्लामिया स्कूल ने मनमाने ढंग से कैसे नियम बदला है, इसे देखना होगा. यदि संस्थान नियम विरुद्ध तरीके से काम करेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.'' अब देखना ये होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और अंजुमन इस्लामिया स्कूल ने किस नियम के तहत ये बदलाव किया.

राज्यपाल ने आयोजित किया एकता दिवस समारोह और शपथ ग्रहण

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने दिलाई एकता दिवस की शपथ राज्यपाल ने आयोजित किया एकता दिवस समारोह और शपथ ग्रहण  सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर राज्यपाल  पटेल ने किया पुण्य स्मरण भोपाल   राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने राजभवन के अधिकारी-कर्मचारियों को एकता दिवस पर शपथ दिलाई। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर पुण्य स्मरण किया और सादर श्रद्धांजलि अर्पित की। एकता दिवस शपथ समारोह का आयोजन राजभवन के बैंक्वेट हॉल में शुक्रवार को किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव सहित राजभवन में पदस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल के नेतृत्व में राजभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने शपथ ली कि "मैं राष्ट्र की एकता, अखण्डता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिये स्वयं को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भी भरसक प्रयत्न करूंगा। मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूँ जिसे सरदार वल्लभ भाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प करता हूँ।"  

मध्यप्रदेश में पुलिस अफसरों का बड़ा फेरबदल, जिले में 24 पदों पर बदलाव

ग्वालियर  मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने ग्वालियर शहर और देहात के 24 निरीक्षकों, कार्यवाहक निरीक्षकों, उपनिरीक्षकों और कार्यवाहक उपनिरीक्षकों के तबादले किए हैं। लंबे समय से पुलिस लाइन में पदस्थ अधिकारियों को अब थानों की कमान सौंपी गई है। निरीक्षकों की नई जिम्मेदारी: आलोक सिंह परिहार — पड़ाव से बहोडापुर आसिफ मिर्जा बेग — ग्वालियर से बिजौली हितेन्द्र सिंह राठौर — भितरवार से साइबर क्राइम सुधीर सिंह कुशवाह — पुलिस लाइन से भितरवार शैलेन्द्र भार्गव — पुलिस लाइन से पड़ाव यशवंत गोयल — डबरा से महाराजपुरा कार्यवाहक निरीक्षकों को थानों की कमान: प्रशांत शर्मा — पुलिस लाइन से ग्वालियर जितेन्द्र सिंह तोमर — बहोडापुर से हजीरा पूरन शर्मा — यातायात थाना कंपू से घाटीगांव शिवराम सिंह कंसाना — साइबर क्राइम से तिघरा धर्मेन्द्र सिंह यादव — महाराजपुरा से डबरा उपनिरीक्षकों के तबादले: देवेन्द्र कुमार लोधी — करहिया से हस्तिनापुर अभिनव शर्मा — पुलिस लाइन से आरीन महेन्द्र प्रजापति — पुलिस लाइन से बेलगढ़ा नरेन्द्र सिसौदिया — मुरार से उटीला उपेन्द्र सिंह धाकड़ — सिरोल से गिजौरी संजू सिंह यादव — विश्वविद्यालय से करहिया अन्य तबादले: शिखा दंडौतिया — विश्वविद्यालय से चौकी प्रभारी बड़ागांव सतीश यादव — गिर्जीरा से मुरार शिवम सिंह राजावत — उटीला से क्राइम ब्रांच अजय सिंह सिकरवार — बेलगढ़ा से ग्वालियर दिनेश सिंह — बड़ागांव से विश्वविद्यालय थाना अतुल सिंह चौहान — आरोन से बहोडापुर राजकुमार सिंह राजावत — हस्तिनापुर से हजीरा इस फेरबदल के बाद ग्वालियर पुलिस के थानों में नई ऊर्जा के साथ व्यवस्था संभालने की उम्मीद जताई जा रही है।