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आदमपुर एयरपोर्ट से उड़ानों की ताज़ा जानकारी, यात्री रखें ध्यान

जालंधर    आदमपुर एयरपोर्ट से उड़ानों के बंद होने को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक है। पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद सुशील रिंकू ने आदमपुर एयरपोर्ट प्रबंधन से बात करके इस विषय पर स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट के रनवे मेंटेनेंस के कारण 8 महीने तक संचालन बंद रहने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। यहां से उड़ानों का संचालन जारी है। पूर्व सांसद सुशील रिंकू ने कहा कि आदमपुर एयरपोर्ट के डायरेक्टर पुष्पेंद्र कुमार निराला ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यहां से प्रतिदिन हिंडन, नांदेड़, बेंगलुरु और मुंबई के लिए फ्लाइट्स का नियमित संचालन जारी है। यात्रियों की आवाजाही भी सामान्य बनी हुई है और किसी प्रकार की बाधा नहीं आई है। सुशील रिंकू ने बताया कि एयरपोर्ट प्रशासन ने जानकारी दी है कि गत दिन शाम 5:48 बजे तक लगभग 505 यात्रियों ने आदमपुर एयरपोर्ट से यात्रा की, जो इस बात का प्रमाण है कि एयरपोर्ट पर गतिविधियां पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी प्रकार का मेंटेनेंस कार्य प्रस्तावित होता है, तो यात्रियों को समय रहते इसकी जानकारी दे दी जाएगी ताकि उन्हें असुविधा का सामना न करना पड़े। सुशील रिंकू ने कहा कि एयरपोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का आदमपुर एयरपोर्ट के संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। एयरपोर्ट प्रशासन ने भी यात्रियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें।

लावारिस बैग बना सुराग: एयरपोर्ट से 10 करोड़ का गांजा जब्त, चौंकाने वाला खुलासा

गया जी बिहार के गया जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर कस्टम विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की। इस बीच करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य का ‘हाईटेक गांजा’ जब्त किया।  बरामदगी के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और जांच प्रक्रिया को और सख्त कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, 14 मार्च को थाई एयरवेज की बैंकॉक से आई एक शेड्यूल फ्लाइट से पहुंचे दो संदिग्ध बैग को कस्टम अधिकारियों ने जांच के दौरान अलग कर लिया था। बैग की स्थिति और उसमें मौजूद सामान को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ, जिसके बाद उन्हें निगरानी में रखा गया। तीन दिनों तक लावारिस पड़े थे बैग चौंकाने वाली बात यह रही कि ये दोनों बैग एयरपोर्ट पर लगातार तीन दिनों तक लावारिस पड़े रहे, लेकिन कोई भी यात्री उन्हें लेने नहीं पहुंचा। इससे कस्टम विभाग का शक और गहरा गया। अंततः अधिकारियों ने नियमों के तहत बैग की तलाशी लेने का फैसला किया। कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई तलाशी के दौरान बैग के अंदर से करीब 10 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद किया गया। यह गांजा पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि उन्नत तकनीक यानी हाइड्रोपोनिक विधि से तैयार किया जाता है, जिसकी गुणवत्ता और कीमत दोनों काफी अधिक होती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई है। क्या कोई संगठित गिरोह है ? इस बरामदगी के बाद एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड में आ गईं। कस्टम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जुड़ा हो सकता है और इसके पीछे संगठित गिरोह की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल कस्टम विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन बैग को एयरपोर्ट तक कौन लाया और इन्हें लेने कोई क्यों नहीं पहुंचा। साथ ही अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की दिशा में कार्रवाई जारी है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला फेज: एक रनवे के साथ होगी शुरुआत

पहले चरण में एक रनवे के साथ संचालित होगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सालाना 1.20 करोड़ यात्रियों की क्षमता होगी, पहले चरण में प्रतिदिन औसतन 150 उड़ानें संचालित होंगी  लखनऊ गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तेजी से अपने संचालन की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में पहले चरण का करीब 95 प्रतिशत निर्माण कार्य संपन्न हो गया है। शेष कार्य 10 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। पहले चरण में एयरपोर्ट एक रनवे के साथ संचालित होगा और इसकी वार्षिक यात्री क्षमता 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों की होगी। औसतन प्रतिदिन करीब 150 उड़ानों के संचालन का अनुमान लगाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही यात्रियों की संख्या एक करोड़ को पार करेगी, एयरपोर्ट पर दूसरे रनवे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। दो रनवे के साथ यह एयरपोर्ट करीब 7 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा। जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण में लगभग 3,300 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे हिस्से का लोकार्पण किया जाएगा। परियोजना के लिए कुल 6,700 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है, जबकि शेष 5,100 एकड़ भूमि अगले तीन महीनों में अधिग्रहित किए जाने की योजना है। एयरपोर्ट के लिए भूमि खरीद पर लगभग 5000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि निर्माण कार्य पर करीब 7000 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। जेवर एयरपोर्ट को देश के सबसे बड़े और आधुनिक हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की योजना है। परियोजना के पूर्ण होने पर इस एयरपोर्ट पर कुल पांच रनवे होंगे और इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 11,750 एकड़ तक पहुंच जाएगा। अंतिम रूप से तैयार होने के बाद एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता 30 करोड़ यात्रियों तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल हो सकता है। परियोजना के साथ क्षेत्र में व्यापक आर्थिक और औद्योगिक विकास की भी उम्मीद जताई जा रही है। एयरपोर्ट के आसपास लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। प्रदेश सरकार का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र के रूप में उभरेगा। इसके संचालन से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध होगा। विशेषज्ञों के अनुसार जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते दबाव को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा। साथ ही यह परियोजना उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश और व्यापार के नक्शे पर और मजबूती से स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरलाइंस को हाईकोर्ट का नोटिस, ग्वालियर एयरपोर्ट की उड़ानों में कमी पर सवाल

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर एयरपोर्ट पर हवाई सेवाओं के विस्तार के बावजूद फ्लाइट्स की कमी पर अब हाईकोर्ट भी चिंतित है. जिसको लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने केंद्र सरकार के साथ नागरिक उड्डयन मंत्रालय और ग्वालियर एयरपोर्ट पर सेवाएं दे रही एयरलाइन कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. नियमित उड़ानों को लेकर लगाई गई जनहित याचिका असल में ये नोटिस एक जनहित याचिका पर चल रही सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर दिए गए हैं. मामला ग्वालियर एयरपोर्ट पर संचालित होने वाली नियमित हवाई उड़ानों को लेकर कोर्ट के संज्ञान में लाया गया था. ये जनहित याचिका कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के अध्यक्ष सुदर्शन झवर द्वारा दायर की गई है. नया एयरपोर्ट, यात्री बढ़े, लेकिन सीमित उड़ाने याचिकाकर्ता की ओर से दायर जनहित याचिका पर पैरवी कर रहे वकील सिद्धार्थ सिजौरिया के मुताबिक, "इस पीआईएल पर याचिकाकर्ता ने अपना पक्ष रखते हुए बताया है की, "ग्वालियर के नए एयरपोर्ट राजमाता विजयाराजे सिंधिया टर्मिनल का निर्माण करीब 450 करोड़ की लागत से कराया गया. इसके बाद ग्वालियर से हवाई सफर करने वालों की संख्या में भी 25 से 26 फीसदी तक बढ़ोत्तरी हो चुकी है. बावजूद इसके ग्वालियर को पर्याप्त हवाई सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं. देश के कई प्रमुख शहरों के लिए ग्वालियर से कोई सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं है. ऐसे में यात्रियों को ट्रेन या सड़क मार्ग पर निर्भर होना पड़ रहा है." एविएशन पॉलिसी लागू फिर भी प्रमुख शहरों के लिए नहीं फ्लाइट्स एडवोकेट सिद्धार्थ राजौरिया ने कोर्ट के सामने पक्ष रखते हुए कहा कि, केंद्र और राज्य सरकारों ने छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए नीतियां बनायी है. मध्य प्रदेश में भी एविएशन पॉलिसी लागु हो चुकी है, लेकिन ग्वालियर से देश और प्रदेश के प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ाने अब तक शुरू नहीं हो सकी है. कोर्ट ने संबंधित पक्षों को दिया नोटिस हालांकि इस दौरान वकील ने यह भी बताया कि, इस सुनवाई के लिए याचिकाकर्ता द्वारा नगर निगम को 25 हजार रुपए जमा करने की सहमति दी थी. जिसके बाद कोर्ट ने इस याचिका को सुनवाई योग्य माना और याचिका पर सुनवाई के बाद केंद्र सरकार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और संबंधित एयरलाइंस कंपनियों से 4 हफ्ते में जवाब देने के लिए नोटिस जारी किए हैं." 

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर इडली की कीमत ₹315, यात्रियों ने जताई नाराजगी

बेंगलुरु    बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सामने आए एक बिल ने एयरपोर्ट पर खाने की कीमतों को लेकर नई बहस छेड़ दी है. टर्मिनल-1 पर स्थित रामेश्वरम कैफे में एक यात्री ने घी पोड़ी इडली की एक प्लेट के लिए ₹315 चुकाए. बिल की रसीद सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या एयरपोर्ट पर खाने-पीने की कीमतों पर कोई नियंत्रण होता है. कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद? यह पूरा मामला तब चर्चा में आया जब एक यात्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर अपने खाने का बिल शेयर किया. यात्री ने बताया कि वह बेंगलुरु एयरपोर्ट पर स्थित रामेश्वरम कैफे गया था. वहां उसने एक प्लेट घी पोड़ी इडली ऑर्डर की, जिसका बिल 315 रुपये आया. यात्री ने इस बिल की रसीद पोस्ट करते हुए लिखा कि शहर के अंदर इसी कैफे के दूसरे आउटलेट्स पर इसी इडली की कीमत लगभग 90 रुपये होती है. यानी एयरपोर्ट के अंदर उससे करीब चार गुना ज्यादा दाम वसूले गए. यात्री ने हैरानी जताते हुए पूछा कि क्या एयरपोर्ट अथॉरिटी इन कीमतों पर कोई लगाम लगाती है या रेस्टोरेंट अपनी मर्जी से दाम तय करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं. वायरल हो रही इस रसीद ने यात्रियों के बीच कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या एयरपोर्ट जैसे सार्वजनिक स्थानों पर खाने-पीने की चीजों की कीमतों की कोई ऊपरी सीमा होनी चाहिए? यात्री का कहना था कि चार गुना कीमत वसूलना किसी भी तर्क से सही नहीं लगता. लोग अक्सर यह सवाल पूछते हैं कि जब वही ब्रांड शहर में कम कीमत पर सामान बेचता है, तो एयरपोर्ट की बाउंड्री के अंदर घुसते ही ऐसा क्या बदल जाता है कि कीमतें आसमान छूने लगती हैं? सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस पोस्ट के आते ही लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं. इंटरनेट की जनता इस मुद्दे पर दो गुटों में बंट गई है. एक पक्ष उन लोगों का है जो इस बढ़ी हुई कीमत को सरासर गलत मान रहे हैं. उनका तर्क है कि भोजन एक बुनियादी जरूरत है और एयरपोर्ट जैसी जगह पर इसका इतना महंगा होना उन यात्रियों के लिए मुश्किल पैदा करता है जो बजट में सफर करते हैं. एक यूजर ने लिखा कि अगर लागत बढ़ती भी है, तो वह 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़नी चाहिए, न कि सीधे चार गुना. वहीं, दूसरा पक्ष उन लोगों का है जो बिजनेस के नजरिए से इसे सही ठहरा रहे हैं. उनका कहना है कि हवाई अड्डे के अंदर दुकान चलाने का हिसाब बिल्कुल अलग होता है. एक यूजर ने कमेंट किया, "एयरपोर्ट पर दुकान का किराया शहर के मुकाबले कई गुना ज्यादा होता है. इसके अलावा दुकान को 24 घंटे खुला रखना पड़ता है, सुरक्षा के कड़े नियमों का पालन करना होता है और सामान को टर्मिनल के अंदर लाने का लॉजिस्टिक्स खर्च भी बहुत अधिक होता है. इन सब खर्चों को निकालने के बाद ही दुकानदार अपना मुनाफा देख पाता है." रामेश्वरम कैफे बेंगलुरु का एक बहुत ही लोकप्रिय नाम है. इसकी आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इनके आउटलेट्स पर एक समय के भोजन की औसत कीमत लगभग 200 रुपये के आसपास रहती है. 

एयरपोर्ट ड्रग्स शॉक: साबुन के बॉक्स से मिली 6.8 करोड़ की हेरोइन, यात्री गिरफ्तार

 अहमदाबाद अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बार फिर नशीले पदार्थों की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है. एयर इंटेलिजेंस यूनिट और कस्टम्स विभाग की संयुक्त टीम ने एक यात्री के पास से 6.8 किलोग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत 6.8 करोड़ रुपये है. कस्टम अधिकारी ने बताया, ये हेरोइन कुदरती और हर्बल साबुन के पैकेट्स में चालाकी से छिपाई गई थी. आरोपी यात्री कुतुब सिहाबुद्दीन अब्बास अली जो चेन्नई का निवासी है, कुआलालंपुर से एयर एशिया की फ्लाइट AK91 से अहमदाबाद पहुंचा था. अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट के इंटरनेशनल टर्मिनल पर उतरने के बाद यात्रियों की प्रोफाइलिंग के दौरान कुतुब ग्रीन चैनल से गुजर रहा था. उसकी हरकतों पर शक होने के कारण कस्टम्स टीम ने उसे रोका. अधिकारियों ने उसे डोर मेटल डिटेक्टर से गुजरने को कहा और पूछताछ की, लेकिन कुतुब ने कोई प्रतिबंधित सामान होने से इनकार कर दिया. हालांकि, जब उसका बैग एक्स-रे स्कैन किया गया तो प्रतिबंधित सामान होने की आशंका बढ़ गई. बैग की गहन जांच में 29 पैकेट मिले जो बाहर से कुदरती और हर्बल साबुन के लग रहे थे. इन पैकेट्स को काटकर जांचने पर अंदर नशीला पदार्थ छिपा हुआ पाया गया. इसके अलावा आरोपी के पास से सिल्वर फॉयल और कार्बन पेपर में लपेटे हुए तीन सफेद कवर भी मिले, जिनमें ड्रग्स का जत्था छिपाया गया था.जिसका सैंपल एफएसएल को भेजा गया है. अधिकारियों ने बताया कि कड़ी पूछताछ के दौरान कुतुब सिहाबुद्दीन ने कबूल किया कि ये पार्सल उसे उसके दोस्त पानीर ने दिया था. उसे इस पार्सल को पहुंचाने के बदले एक बड़ी रकम देने का वादा किया गया था. पुलिस और कस्टम विभाग अब इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क की चेन खंगालने में जुटी है. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ कर ये पता लगाया जा रहा है कि ये नशे की खेप भारत में किसे सप्लाई की जानी थी.र्ट पर साबुन के बॉक्स से निकली 6.8 करोड़ की हेरोइन, यात्री गिरफ्तार

आने वाला है ग्लोबल हवाई संपर्क: एमपी के इस जिले में बनेगा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट

उज्जैन मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में अब इंटरनेशनल लेवल का एयरपोर्ट बनेगा। अभी तक यहां पर एटीआर 72 सीटर विमान के हिसाब से निर्माण की तैयारी चल रही थी, लेकिन जिला प्रशासन के द्वारा शासन को रिवाइज प्रस्ताव भेजा है। जिसे अगर स्वीकृति मिलती है तो जल्द काम शुरू किया जा सकेगा। इस एयरपोर्ट को सिंहस्थ के पहले शुरू करने की तैयारी है। दरअसल, उज्जैन-देवास मार्ग पर स्थित दताना-मताना की हवाई पट्टी को सरकार एयरपोर्ट की तर्ज पर निर्माण कर रही है। साल 2025 को 1 नवंबर को मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर मध्यप्रदेश सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच एयरपोर्ट निर्माण के लिए एमओयू साइन हुए थे। इसके बाद निर्माण प्रक्रिया में तेजी आई। जिसके बाद मिट्टी का परीक्षण किया गया। तब एटीआर-72 श्रेणी के विमानों के संचालन के प्रंबधन के हिसाब से निर्माण की योजना था, लेकिन इसे अब नया विस्तार दिया जाएगा। शासन क द्वारा बोइंग सी-20 के संचालन का प्रस्ताव भेजा गया है। सिंहस्थ के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनाने की तैयारी सिंहस्थ-2028 को देखते हुए एयरपोर्ट का विस्तार करने की योजना है। जिससे आने वाले समय से इस क्षेत्र को व्यावसायिक स्तर पर भी फायदा होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनने के बाद इंदौर से निर्भरता खत्म होगी। अधिग्रहण में होगा बदलाव वर्तमान में उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 241 एकड़ जमीन की जरूरत थी। जिसका दायरा बढ़ाकर अब 300 से अधिक किया जा सकता है। वहीं, पहले रनवे 1800 मीटर में बनाने की योजना थी। अब इसे 3600 मीटर तक विस्तारित किया जाएगा। रनवे को मिलाकर कुल 4100 मीटर जमीन चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से 45 करोड़ रूपये की प्रारंभिक राशि स्वीकृत की गई थी। इस लागत को बढ़ाया जा सकता है।

एयरपोर्ट के लिए उज्जैन में शुरू होगा भूमि अधिग्रहण, AAI और सरकार के बीच MOU के बाद प्रोजेक्ट आगे बढ़ा

उज्जैन   उज्जैन एयरपोर्ट को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य शासन और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के बीच एमओयू के बाद जमीन अधिग्रहण की कवायद शुरु होगी। प्रयास है कि सिंहस्थ से पहले एयरपोर्ट का शुभारंभ हो जाए ताकि महापर्व के दौरान श्रद्धालु और पर्यटकों को हवाई मार्ग से भी सीधे उज्जैन पहुंचने की सुविधा मिल सके। दताना हवाई पट्टी के एयरपोर्ट में विकसित होने के बाद यहां से एटीआर-72 हवाई जहाज उड़ान भर सकेंगे। साथ ही नाइट लैडिंग की सुविधा भी उपलब्ध हो जाएगी। 241 एकड़ जमीन की जरूरत अभी देवास रोड ग्राम दताना में हवाई पट्टी है। जो चार्टड प्लेन की उड़ान के ही उपयोग में आती है। इसे विस्तारित करते हुए यहां एयरपोर्ट बनाया जाएगा। इसके लिए मौके पर करीब 241 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। भू-अर्जन को लेकर प्रशासन ने सर्वे पूरा कर शासन को रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। सर्वे अनुसार भू-अजर्न में करीब 180 किसान व भवन स्वामी प्रभावित होंगे। मुआवजा सहित विकास पर करीब 475 करोड़ रुपए खर्च होने का आंकलन है। सर्वे और एमओयू होने के बाद अब एयरपोर्ट के लिए अगला कदम भू-अर्जन की कार्रवाई का रहेगा। सक्षम स्वीकृति मिलने के बाद संभावना है कि दिसंबर में भू-अर्जन की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने बताया, एयरपोर्ट निर्माण को लेकर आवश्यक कार्रवाई प्रचलित है। 950 मीटर का रनवे होगा 1800 मीटर दताना-मताना हवाई पट्टी पर अभी करीब 950 मीटर का रन-वे है। एयरपोर्ट के लिए इसका विस्तार लगभग दोगुना करते हुए इसे 1800 मीटर का बनाया जाएगा। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ-२८ को अब तक का सबसे भव्य व सुविधायुक्त आयोजित करने का लक्ष्य रखा है। सीएम की मौजूदगी में हुआ MOU उज्जैन में एयरपोर्ट को लेकर मप्र शासन और एयरपोट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआइ) के मध्य कुछ सप्ताह पूर्व ही मप्र स्थापना दिवस के अवसर पर भोपाल में एमओयू साइन किया गया है। ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ कार्यक्रम में एमओयू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू की उपस्थिति में हुआ। हवाई यात्रा के लिए अभी इंदौर एयरपोर्ट का सहारा लेना पड़ता है। सिंहस्थ से पूर्व उज्जैन में एयरपोर्ट बनने से यात्री इंदौर की जगह सीधे उज्जैन पहुंच सकेंगे। सिंहस्थ बाद भी यह उपयोगी साबित होगा। यहां छोटे विमान (एटीआर) उतर व उड़ान भर सकेंगे। अभी नाइट लैंडिंग सुविधा नहीं है। एयरपोर्ट बनने से रात में भी हवाई मार्ग से उज्जैन आना-जाना संभव होगा।

इंदौर से यूरोप और अफ्रीका के लिए रोजाना कनेक्टेड फ्लाइट्स, देश के अन्य शहरों के लिए भी नई फ्लाइट्स

इंदौर   इंदौर से शारजाह सहित दुबई और अन्य देशों के लिए बढ़ते एयर ट्रैफिक के चलते एयर इंडिया ने बड़ा कदम उठाया है. इंदौर से शारजाह चलने वाली फ्लाइट अब रोज उड़ेगी. रविवार 26 अक्टूबर से यह फ्लाइट अब सातों दिन उड़ान भरेगी. इसके अलावा देश के अन्य शहरों की कनेक्टिविटी के लिए भी इंदौर से लगातार फ्लाइट संख्या में वृद्धि हो रही है. विंटर शेड्यूल में अब इंदौर से जोधपुर, उदयपुर, जम्मू और नासिक के लिए भी नई फ्लाइट शुरू हो रही है. इंदौर से शारजाह फ्लाइट की टाइमिंग इंदौर से शारजाह फ्लाइट सप्ताह में 4 दिन उड़ान भरती थी. इस फ्लाइट को डिमांड के चलते विंटर शेड्यूल में सातों दिन के लिए किया गया है. इंदौर से यह फ्लाइट सुबह 9:25 बजे उड़ान भरकर 11:20 पर शारजाह पहुंचेगी. इसी तरह शारजाह से उड़ान भरकर यह फ्लाइट शाम 5:05 पर इंदौर पहुंचेगी. इंदौर एयरपोर्ट से देश के विभिन्न टूरिस्ट डेस्टिनेशन और शहरों के लिए बढ़ती फ्लाइट संख्या के साथ अब इंदौर से जोधपुर, उदयपुर, जम्मू और नासिक के लिए भी नई फ्लाइट शुरू हो रही है. इसके अलावा विंटर शेड्यूल में विभिन्न डेस्टिनेशन के लिए जो फ्लाइट पहले से चल रही हैं, उनकी संख्या भी बढ़ाई जा रही है. इंदौर से जोधपुर फ्लाइट का टाइमटेबल इंदौर से जोधपुर के लिए अब प्रतिदिन हवाई सेवा उपलब्ध होगी, जो सुबह 11:40 डिपार्चर होकर 1:10 पर जोधपुर पहुंचेगी. इसी प्रकार जोधपुर से 1:30 बजे उड़ान भरकर दोपहर 2:50 पर इंदौर लैंड करेगी. इंदौर से उदयपुर के लिए फ्लाइट सोमवार, बुधवार, शुक्रवार, रविवार को रहेगी. इसकी टाइमिंग दोपहर 1:30 टेकऑफ होकर 2:30 बजे उदयपुर पहुंचेगी. उदयपुर से 2:50 को टेकऑफ होकर 4:15 बजे इंदौर पहुंचेगी. इंदौर से जम्मू हवाई सेवा इस प्रकार है इसी प्रकार जम्मू की फ्लाइट सोमवार बुधवार, शुक्रवार और रविवार को चलेगी, जो सुबह 9:00 बजे उड़ान भरकर 11:05 पर जम्मू पहुंचेगी और जम्मू से 11:30 बजे उड़ान भरकर दोपहर 1:35 पर इंदौर लैंड करेगी. नासिक की फ्लाइट मंगलवार, गुरुवार और शनिवार चलेगी, जो 1:30 बजे उड़ान भरकर 2:40 पर नासिक पहुंचेगी और नासिक से 3:00 बजे उड़ान भरकर 4:30 बजे इंदौर लैंड करेगी. यूरोपियन व अफ्रीकन देशों के लिए वाया शारजाह फ्लाइट ट्रैवल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन के मुताबिक "इंदौर से देश के विभिन्न टूरिस्ट डेस्टिनेशन के अलावा इंटरनेशनल ट्रैफिक इसलिए भी बढ़ रहा है, क्योंकि इंदौर से सीधे इंटरनेशनल फ्लाइट की व्यवस्था है. यहां से यात्री उड़ान भरकर शारजाह और दुबई के रास्ते आसानी से यूरोपीय देशों के अलावा अफ्रीका, कनाडा और अमेरिका की ओर इंटरनेशनल उड़ान भर सकते हैं. इंदौर से इंटरनेशनल फ्लाइंग की सुविधा होने से यात्रियों को सीधे इंटरनेशनल बैगेज की सुविधा मिल जाती है, जिससे वह अपने 25 किलो तक का लगेज फ्लाइट के साथ ले जा सकते हैं." लगैज का डोमेस्टिक खर्च कम हो जाता है इसके अलावा यदि मध्य प्रदेश के अन्य शहरों से इंटरनेशनल फ्लाइट लेना हो तो आमतौर पर दिल्ली या मुंबई का रुख करना पड़ता है, जिस कारण यात्रियों के रूट में एक अन्य स्थान पर फ्लाइट चेंज करने से असुविधा होती है. वहीं लगैज का डोमेस्टिक खर्च भी बढ़ जाता है. इस कारण लोग इंदौर से इंटरनेशनल फ्लाइट लेकर यात्रा करना पसंद करते हैं. इंदौर सांसद एवं अध्यक्ष इंदौर एयरपोर्ट परामर्शदात्री समिति शंकर लालवानी ने बताया "नया विंटर शेड्यूल इंदौर के लिए खुशिया लेकर आया है."

कोहली का फैन के लिए खास अंदाज: एयरपोर्ट पर किया ये यादगार काम

नई दिल्ली भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली की तगड़ी फैन फॉलोइंग है। उनकी एक झलक पाने को फैंस बेकरार रहते हैं। अगर किसी फैन को ऑटोग्राफ मिला जाए तो सोने पर सुहागा। कोहली ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रवाना होने से पहले एक फैन का दिन बना दिया। उन्होंने दिल्ली एयरपोर्ट पर फैन का दिल जीता, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा। शुभमन गिल की अगुवाई वाली वनडे टीम का पहला बैच बुधवार को दिल्ली से पर्थ के लिए रवाना हुआ। भारत को 19 अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया में तीन वनडे मैच खेलने हैं। वनडे सीरीज का पहला मुकाबला पर्थ के मैदान पर आयोजित होगा। वीडियो में देखा जा सकता है कि 36 वर्षीय कोहली जब बस में बैठे थे तो उन्हें भीड़ के बीच एक छोटा सा आरसीबी फैन नजर आया। उन्होंने फौरन बाहर खड़े सिक्योरिटी का हिस्सा शख्स को रोका और उस बच्चे के हाथ से 'कोहली' का पोस्टर लाने को कहा। फिर कोहली ने पोस्टर पर अपना ऑटोग्राफ दिया और उसे आरसीबी की जर्सी पहने हुए फैन को लौट दिया। इसके बाद, फैन ने बस के सामने आकर एक तस्वीर खिंचवाई। उस वक्त फैन की खुशी देखने लायक थी। वीडियो पर जमकर रिएक्सन आ रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट किया, ''कोहली के नाम इतने सारे रिकॉर्ड हैं, शोहरत और बुलंदी पर सालों से होने के बावजूद भी वह उन लोगों को कभी नहीं भूलते, जिन्होंने उन्हें बनाया। छोटी-छोटी बातें हैं लेकिन बड़ा दिल दिखाया। यही चीज दिग्गजों को स्टार्स से अलग करती है।'' अन्य ने कहा, ''किंग कोहली यूं नहीं कहा जाता। यह बहुत ही प्यारा जेस्चर है। इससे पता चलता है कि वह अपने फैंस का कितना सम्मान करते हैं।'' कोहली आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के लिए खेलते हैं। कोहली पत्नी अनुष्का शर्मा और अपने दो बच्चों के साथ इंग्लैंड में बस गए हैं। कोहली चार महीने बाद मंगलवार को भारत लौटे। वह आईपीएल 2025 खत्म होने के बाद इंग्लैंड चले गए थे, जहां उन्होंने कुछ हफ्तों के आराम के बाद फिर से ट्रैनिंग शुरू की। उन्होंने बीसीसीआई द्वारा अनिवार्य प्री-सीजन फिटनेस टेस्ट भी दिया। टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके कोहली सात महीने बाद भारतीय टीम के लिए खेलते हुए नजर आएंगे। वह पिछली बार मार्च में चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में खेले थे।