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यात्रियों के लिए खुशखबरी: बिलासपुर-पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस के स्टॉपेज और रूट में बड़ा बदलाव

पटना बिलासपुर-पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22843/22844) का विस्तार कर दिया गया है। अब यह ट्रेन बक्सर स्टेशन तक जाएगी। 10 अक्टूबर से बिलासपुर से रवाना होने वाली 22843 बिलासपुर-पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस बक्सर तक जाएगी। वहीं, 11 अक्टूबर से पटना से रवाना होने वाली 22844 पटना-बिलासपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस बक्सर रेलवे स्टेशन से चलेगी। इन स्टेशनों पर होगा स्टॉपेज पटना-बक्सर के बीच छह स्टेशनों के यात्रियों को भी इस ट्रेन का लाभ मिलेगा। रेलवे ने दानापुर, बिहटा, आरा, बिहिया, रघुनाथपुर और डुमरांव स्टेशनों पर ट्रेन को वाणिज्यक ठहराव देने का निर्णय लिया है। रेलवे ने इन स्टेशनों पर ट्रेन के आगमन और प्रस्थान का समय भी जारी कर दिया है। इसके तहत बिलासपुर से यह ट्रेन 20:30 बजे छूटेगी। पटना 13:48 बजे, दानापुर 14:11 बजे, बिहटा 14:29 बजे, आरा 14:50 बजे, बिहिया 15:09 बजे, रघुनाथपुर 15:23 बजे, डुमरांव 15:38 बजे पहुंचेगी। इसके बाद बक्सर स्टेशन पर यह ट्रेन 16:10 बजे पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन बक्सर से 21:35 बजे रवाना होगी और पटना रात 12:03 बजे पहुंचेगी।  

महुआ में ओवैसी बोले – बिहार की सरकार है जुल्मी और अन्यायपूर्ण

वैशाली एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने वैशाली जिले के महुआ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में बिहार की सियासी पार्टियों पर तीखा हमला किया और राज्य में दलित‑पिछड़ों के साथ होने वाले कथित अन्याय पर चिंता जताई। ओवैसी ने कहा कि बिहार में दलितों और वंचितों से इंसाफ छीना नहीं जा सकता और राज्य में चल रहे “आरएसएस एजेंडा” को विफल किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या तेजस्वी यादव ओवैसी को रोकना चाहते हैं या बीजेपी को सफल बनाना चाहते हैं—यह निर्णय महुआ विधानसभा क्षेत्र की जनता को खुद लेना होगा। जनसभा में उन्होंने महुआ थाने से जुड़े एक विवादस्पद मामले का भी ज़िक्र किया। ओवैसी ने कहा कि 5 सितंबर को थाने में बंद एक कैदी (पहचान: नाजिर/नासिर साह) को राजापाकर थाने की पुलिस ने कथित रूप से बेवजह उठाकर ले जाया और मारपीट की गई। उनके अनुसार कैदी तीन दिन बाद शव के रूप में वापस आया। ओवैसी ने इस घटना को बिहार में शासकीय दोहरे मानकों का उदाहरण बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि मृतक का नाम नाजिर/नासिर साह था तो भी उसे न्याय और सुरक्षा मिलनी चाहिए थी, लेकिन सरकार और प्रशासन की नाकाफी प्रतिक्रिया इस बात का सबूत है कि सिस्टम कमजोर है। ओवैसी ने पूछा कि पुलिस ने कैसे किसी व्यक्ति को तीन दिन तक थाने में रखकर उसका जीवन प्रभावित होने दिया और इसे किसने सही ठहराया। ओवैसी ने मुख्यमंत्री और डीजीपी से इस मामले पर त्वरित कार्रवाई की मांग भी की। उन्होंने कहा कि कम से कम एसडीएम के नेतृत्व में एक स्वतंत्र जांच टीम गठित करके जिम्मेदारों की पहचान कर तत्काल सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यहाँ न्याय नहीं मिलता तो जनता को अपने वोट के जरिए अपनी आवाज़ उठानी पड़ेगी। सभा में ओवैसी ने जनता से अपील की कि वे पुलिस‑प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व से जवाबदेही मांगें और अपने अधिकारों के लिए संगठित रहें। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर अधिकारी न्याय नहीं कर सकेंगे तो अल्लाह ही न्याय देगा—फिर भी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई आवश्यक है।

CEC ने बताया बिहार में वोटर लिस्ट सुधार और भाषा-अभिवादन नियम, जानें क्या कहा

पटना मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में बिहार के बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) के काम की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहार के 90217 BLOs ने अपने-अपने क्षेत्र में वोटर लिस्ट को सफलतापूर्वक अपडेट किया है। उन्होंने BLOs के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इनके प्रयासों ने न केवल मतदाता सूची को दुरुस्त किया, बल्कि पूरे देश के अन्य BLOs को भी ये काम करने के लिए प्रेरित किया है। भोजपुरी-मैथिली में अभिवादन CEC ने स्थानीय भाषाओं के प्रति सम्मान दिखाते हुए भोजपुरी और मैथिली में बिहार के लोगों का अभिवादन किया। उन्होंने राज्य के सभी मतदाताओं से लोकतंत्र के पर्व को उसी उत्साह से मनाने का आह्वान किया, जिस उत्साह से वे छठ पूजा और अन्य त्योहार मनाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाएं और अनिवार्य रूप से वोट डालें। बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर यह चुनाव होना है, क्योंकि प्रदेश की वर्तमान सरकार का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है। CEC ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में 16 सदस्यीय टीम दो दिनों से बिहार के दौरे पर थी और उसने चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए राजनीतिक दलों, प्रशासन, चुनाव अधिकारियों और पुलिस विभाग के साथ विस्तृत बैठकें कीं। 15 दिन में मिलेगा वोटर आईडी कार्ड भोजपुरी और मैथिली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कीस शुरुआत की। उन्होंने कहा कि बिहार के सब मतदाता के अभिवादन करत बानी, बिहार के सभी मतदाता के अभिवादन करई छी। जैसे हम महापर्व छठ को आस्था और उत्सव की तरह मनाते हैं, उसी तरह लोकतंत्र के महापर्व को भी मनाएं, अपना भागीदारी पक्का करीं, जिम्मेदारी निभाईं और वोट जरूर करीं। साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में पहली बार बड़ी पहल की गई है। CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सुनने में आता था कि वोटर आईडी कार्ड मिलने में देरी होती थी लेकिन अब चुनाव आयोग ने ऐसी व्यवस्था की है कि वोटर को 15 दिन के अंदर उनका वोटर आईडी कार्ड मिल जाएगा।

अशोक गहलोत का ‘जादूगर ट्रैक’: कांग्रेस की जीत की कहानी बिहार से पहले कहां-कहां हुई कामयाब

जयपुर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कांग्रेस हाईकमान ने बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मुख्य पर्यवेक्षक बनाया है। आगामी दिनों में गहलोत बिहार जाकर चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे। ये पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अशोक गहलोत पर भरोसा जताते हुए उन्हें चुनावी राज्य में मुख्य पर्यवेक्षक नियुक्त किया हो। आइए जाते हैं अशोक गहलोत को बिहार से पहले किस-किस चुनावी राज्य में जिम्मेदारी दी गई और वहां कांग्रेस की प्रदर्शन कैसा रहा… अशोक गहलोत के साथ इन नेताओं को भी दी गई बिहार की जिम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और लोकसभा में पार्टी के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षकनियुक्त किया है। अशोक गहलोत पर पार्टी ने एक बार फिर भरोसा जताया है। इससे पहले भी पार्टी ने उन्हें कई चुनावी राज्यों में बड़ी जिम्मेदारी दी है। आइए जानते हैं अशोक गहलोत का ट्रैक रिकॉर्ड कैसा रहा है… हरियाणा और महाराष्ट्र में सिमट गई कांग्रेस हरियाणा विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत, अजय माकन और प्रताप सिंह बाजवा को वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाया था। गहलोत के तमाम प्रयासों के बावजूद सत्ताधारी दल भाजपा को कांग्रेस मात नहीं दे सकी। कांग्रेस को 90 में से केवल 37 सीटों पर जीत मिली। उधर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में गहलोत के साथ जी परमेश्वर मुंबई और कोंकण जोन का पर्यवेक्षक बनाया गया था। पर्यवेक्षक होते हुए गहलोत अपना जादू नहीं दिखा सके। महाराष्ट्र में भी कांग्रेस सत्ता से बाहर है। गुजरात में भी नहीं चली अशोक गहलोत की रणनीति गुजरात विधानसभा चुनाव में भी अशोक गहलोत को पार्टी ने जिम्मेदारी दी। अशोक गहलोत सहित राजस्थान के कई नेताओं ने गुजरात में डेरा डाल रखा था। अशोक गहलोत ने कई विधानसभा क्षेत्रों में पैदल मार्च करके कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की। लेकिन शायद अशोक गहलोत की रणनीति काम नहीं आई और गुजरात में कांग्रेस एक बार फिर सत्ता में नहीं आ सकी। राजस्थान में भी करिश्मा नहीं दिखा सके गहलोत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत को राजनीति का जादूगर कहा जाता है, लेकिन उनके नेतृत्व में हुए चुनाव में वे कभी जादू नहीं दिखा सके। गहलोत जब पहली बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बने, तब वे विधायक नहीं थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके लिए जोधपुर की सरदारपुरा सीट को खाली किया गया, जहां हुए उपचुनाव में वे विधायक निर्वाचित हुए। तब से वे लगातार सरदारपुरा से विधायक बनते रहे हैं। राजस्थान में भी कभी कांग्रेस की सत्ता रिपीट नहीं करा सके अशोक गहलोत पहली बार 1998 से 2003 तक मुख्यमंत्री रहने के बावजूद गहलोत सरकार को रिपीट नहीं करा सके। वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस केवल 57 सीटों पर जीत दर्ज कर सकी। वर्ष 2008 से 2013 तक गहलोत दूसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन 2013 के विधानसभा चुनाव में भी वे कांग्रेस की सरकार को रिपीट कराने में कामयाब नहीं रहे। वर्ष 2018 से 2023 तक गहलोत तीसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन फिर वे सत्ता को बरकरार रखने में कामयाब नहीं हुए।

पटना में नाबालिग डांसर से रेप, पुलिस ने महिला सहित 6 आरोपी किए काबू

पटना बिहार में पटना जिले के बेऊर थाना क्षेत्र में शनिवार को एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के मामले में एक महिला और छह अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।   नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) भानुप्रताप सिंह ने बताया कि बेऊर थानांतर्गत कॉपरेटिव कॉलोनी, विष्णुपुर पकड़ी स्थित एक मकान में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किए जाने की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। गठित दल द्वारा विभिन्न स्थानों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र तीन घंटे के अंदर घटना में संलिप्त एक महिला और छह अपराधकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। सिंह ने बताया कि गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के क्रम में यह बात प्रकाश में आई है कि दुर्गा पूजा के अवसर पर डांस कार्यक्रम के लिए कोलकाता से लड़कियों को बुलाया गया था, जिसके लिए कोलकाता के ही एक व्यक्ति से सम्पर्क स्थापित किया गया था। घटनास्थल से विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम ने साक्ष्य संकलन किया है। गिरफ्तार लोगों की पहचान अशोक कुमार,धीरज कुमार,आर्यन कुमार, प्रिंस कुमार, शशिभूषण कुमार,सिंटू कुमार और प्रिया विश्वास के रूप में की गयी है। गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भजा जा रहा है।  

बिहार में हवाई सफर का विस्तार: मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट के लिए शुरू हुई प्रक्रिया

रांची बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को बताया कि मुज़फ्फरपुर हवाई अड्डे के विकास और उन्नयन की एक महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गयी है। सम्राट चौधरी ने बयान जारी कर बताया कि इस परियोजना के तहत मौजूदा हवाई अड्डे को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन योग्य बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत प्री-फैब स्टील संरचना आधारित टर्मिनल भवन, प्री-इंजीनियडर् एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर, प्री-इंजीनियडर् अग्निशमन केंद्र तथा अन्य सहायक भवन और सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। यह संपूर्ण कार्य इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर संपन्न किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 28.58 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। निर्माण कार्य की अवधि 11 माह तय की गई है, एयरपोट्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने इस परियोजना के लिए ऑनलाइन ई-टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। क्षेत्रीय संपर्क, निवेश और पर्यटन को मिलेगी नई गति उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मुज़फ्फरपुर हवाई अड्डे का उन्नयन उत्तर बिहार में हवाई सेवा का विस्तार है। इससे क्षेत्रीय संपर्क, निवेश और पर्यटन को नई गति मिलेगी। साथ ही उत्तर बिहार के लोगों को आधुनिक और बेहतर हवाई सेवा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम बिहार को विमानन क्षेत्र में नई ऊंचाई प्रदान करेगा और राज्य के आर्थिक तथा सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी और प्रदेश में नीतीश कुमार के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार, बिहार में हवाई सेवा को विश्वस्तरीय बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल में ही पटना के लोक नायक जयप्रकाश नारायण हवाई अड्डा का जहां कायाकल्प हुआ है, वहीं गया हवाई अड्डा को भी अपग्रेड किया गया है। सूबे में उड़ान योजना के तहत दरभंगा और पूर्णिया हवाई अड्डा से देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए हवाई सेवा का लाभ बिहार के लोगों को मिल रहा है। और अब इसी कड़ी में मुज़फ्फरपुर हवाई अड्डा का विकास इसे नई उंचाई पर पहुंचाएगा।

त्री हों या विधायक, सब पर गिरेगी गाज! बिहार BJP में गुजरात मॉडल की एंट्री

पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा अगले कुछ दिनों में हो सकती है. दोनों प्रमुख गठबंधनों में सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है. भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती एंटी इनकंबेंसी से निबटना है. जनता के बीच लंबे समय से जीत रहे विधायकों और मंत्रियों को लेकर बेहद नाराजगी है. इस चुनाव में अधिक से अधिक सीटें जीतने के लिए भाजपा बिहार में गुजरात मॉडल लागू करने जा रही है. गुजरात की तरह बिहार में भी मौजूदा कई मंत्रियों और विधायकों का टिकट काटा जायेगा. ऐसे करीब 30 विधायकों की सूची तैयार की गयी है, जिन्हें पार्टी इस बार बेटिकट कर सकती है. वोटरों की नाराजगी पार्टी के लिए एक बड़ी बाधा बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में भाजपा का प्रदर्शन संतोषप्रद रहा था. नीतीश कुमार की कम सीटें आने के बाद भी बिहार में एनडीए की सरकार बनी. नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए पांचवीं बार चुनाव जीतने की उम्मीद कर रहा है. भाजपा के पास अभी 80 विधायक हैं, जिनमें 22 मंत्री हैं. कई सीटों पर इस बार स्थानीय विधायक के प्रति विरोधी लहर पहले के मुकाबले मजबूत है. भाजपा ऐसे विधायकों की जगह नये चेहरों को मौका देने पर विचार कर रही है. वैसे जमीनी स्तर पर पार्टी के लिए ऐसा करना आसान नहीं है. बिहार में भाजपा एक वरीय नेता इस बात को स्वीकार करते हैं कि सरकार की योजनाओं के कारण जनता में पार्टी नेतृत्व के प्रति नाराजगी नहीं है, लेकिन स्थानीय विधायकों से जनता नाराज है. मौजूदा विधायकों के प्रति मतदाताओं की नाराजगी पार्टी के लिए एक बड़ी बाधा बन सकती है. गुजरात की तरह कई कद्दावर नेता होंगे बेटिकट पार्टी का जनाधार बढ़ाने और एंटी इनकंबेंसी को साधने के लिए अमित शाह लगातार बिहार की टीम के साथ विचार मंथन कर रहे हैं. उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने से पहले एक फार्मूले पर काम किया जा रहा है. पार्टी सूत्रों की माने तो भाजपा बिहार में भी गुजरात मॉडल लागू कर सकती है. भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में इसपर गंभीरता से विचार-विर्मश हुआ है. भाजपा ने 2022 में गुजरात चुनाव के दौरान उम्मीदवारों की सूची में बड़ा बदलाव किया था. उसी तर्ज पर बिहार में भी एक व्यापक फेरबदल किया जा सकता है. लगातार सातवीं बार गुजरात जीतने के लिए भाजपा ने पूरा मंत्रिमंडल बदल दिया था. साथ ही अपने 108 मौजूदा विधायकों में से 45 का टिकट काट दिया था, जिनमें कई वरिष्ठ नेता और मंत्री शामिल थे. बिहार में भी भाजपा इसी रास्ते सत्ता में वापसी का प्लान बना रही है.

बिहार विधानसभा चुनाव: मौर्य बोले, NDA का रिकॉर्ड तोड़ेगा जीत का आंकड़ा

पटना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के सह प्रभारी केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को दावा किया कि राज्य में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) आगामी चुनाव में अब तक की सबसे बड़ी जीत हासिल करेगा। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मौर्य शुक्रवार को पटना पहुंचे, जहां पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। बिहार की जनता हर सवाल का जवाब वोट से देगी हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मौर्य ने आगामी चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की जीत का भरोसा जताते हुए कहा, ‘‘बिहार की जनता हर सवाल का जवाब वोट से देगी। राज्य के इतिहास में राजग की सबसे बड़ी जीत पहले हो चुकी है, उससे भी बड़ी जीत 2025 में होगी।'' ओवैसी व उद्धव ठाकरे पर जमकर साधा निशाना उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बिहार चुनाव का प्रभारी और केशव मौर्य को सह प्रभारी नियुक्त किया है। ‘आई लव मोहम्मद' बयान को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) नेता असदुद्दीन ओवैसी द्वारा भाजपा पर लगाए गए आरोपों पर मौर्य ने कहा कि जनता चुनाव में हर सवाल का जवाब देगी। शिवसेना (उबाठा) नेता उद्धव ठाकरे की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए मौर्य ने कहा कि विपक्ष केवल बयानबाजी तक सीमित है, जबकि भाजपा जनता के बीच जाकर काम कर रही है। कांग्रेस पर भी बोला हमला कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी विदेश जाकर भारत के लोकतंत्र पर सवाल उठाते हैं, जबकि इसी लोकतंत्र ने उन्हें संसद तक पहुंचाया है। विपक्ष के सवालों का जवाब भी जनता अपने वोट से देगी।''

आसमान से फुहार: बिहार में बारिश के संकेत, जानें अगले दिनों का मौसम

पटना बिहार के सभी जिलों में आज यानी शुक्रवार को भी बारिश और वज्रपात के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने बिहार के अधिकांश भागों में एक या दो स्थानों पर मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवा के साथ बक्सर, भोजपुर, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, बांका, जमुई, जहानाबाद, शेखपुरा, पटना, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद में एक या दो स्थानों पर बारिश का यलो का अलर्ट जारी किया है। वहीं पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, रोहतास, औरंगाबाद और नवादा में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इधर, गयाजी, कैमूर और पश्चिमी चंपारण में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटे में पटना, बक्सर, समस्तीपुर, पूर्णिया समेत कई जिलों में बारिश हुई। आज सुबह से ही कई जिलों में बारिश हो रही है। कुछ जिलों धूप छांव का खेल जारी है। अगले 48 घंटे में तीन डिग्री तक गिर सकता है अधिकतम तापमान मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और उससे जुड़ी ट्रफ रेखा के कारण भारी वर्षा की संभावनाएं बनी हुई हैं। तीन अक्टूबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इस कारण बिहार के अधिकांश हिस्सों में लगातार हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है। तीन, चार और पांच अक्टूबर को पूरे बिहार में अधिकतम स्थानों पर बारिश होगी। वहीं छह से आठ अक्टूबर के बीच वर्षा की तीव्रता धीरे-धीरे घटकर कुछ स्थानों तक सीमित हो जाएगी। अगले 48 घंटे में राज्य के अधिकांश इलाकों में अधिकतम तापमान में एक से तीन डिग्री तक कमी होने का पूर्वानुमान हैं। तीन अक्टूबर     गया, कैमूर और पश्चिम चंपारण में अत्यंत भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है     पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, रोहतास, औरंगाबाद, नवादा में भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।     अधिकांश जिलों में तेज हवा चलने और वज्रपात के आसार हैं। चार अक्टूबर     गोपालगंज, सीतामढ़ी, शिवहर, पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण में अत्यंत भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।     सीवान, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज में भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पांच अक्टूबर     पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, मधुबनी, अररिया, किशनगंज, भागलपुर, बांका, जमुई में अति भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। छह अक्टूबर     पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तर, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के जिलों  तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है।

शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी राहत: बिहार को मिले 19 नए केंद्रीय विद्यालय

पटना बिहार में केंद्र सरकार ने 19 नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दे दी है जिससे राज्य के सभी 38 जिलों में केंद्रीय विद्यालय खुल जाएंगे। शिक्षा विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नए विद्यालयों की स्थापना के लिए स्थायी भवन के वास्ते भूमि उपलब्ध कराने के साथ-साथ निर्माण मद एवं फर्नीचर मद में आवश्यक धनराशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।  इसके मुताबिक, शुरुआती संचालन के लिए अस्थायी भवन एवं स्थायी भवन के वास्ते भूमि चिह्नित कर ली गई है, जिससे इन विद्यालयों का संचालन सुगमता से हो सकेगा। अब तक मधुबनी, शेखपुरा, कैमूर, पूर्वी चंपारण और अरवल जिलों में केंद्रीय विद्यालय स्वीकृत नहीं थे। नए अनुमोदनों के बाद इन जिलों में भी केंद्रीय विद्यालय खुल जाएंगे। इसी के साथ प्रदेश के सभी 38 जिलों में केंद्रीय विद्यालय हो जाएंगे। बयान के अनुसार, राज्य में केंद्रीय विद्यालयों की कुल संख्या बढ़कर 72 हो जाएगी। अबतक 33 जिलों में कुल 53 केंद्रीय विद्यालय स्वीकृत थे। राज्य सरकार का मानना है कि इन विद्यालयों के खुलने से राज्य में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।