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जलवायु परिवर्तन का गहरा असर: बिहार में घट रही बारिश, बढ़ रहा तापमान

पटना बिहार सहित देश भर में जलवायु परिवर्तन का गंभीर असर अब साफ तौर पर दिखने लगा है, जिससे मौसम का स्वाभाविक तेवर पूरी तरह बिगड़ चुका है और ऋतुओं का स्वरूप बेरंग हो रहा है। मौसम विभाग ने पिछले दो दशकों में तेजी से बदले इस पर्यावरण संकट के कारणों का एक विशेष अध्ययन करने का फैसला लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार सहित देश भर में बारिश की गतिविधियां लगातार कम हो रही हैं और मानसून की चाल बुरी तरह बाधित हुई है। इस वजह से न केवल बारिश के दिनों में हीट वेव की स्थिति बन रही है, बल्कि सालभर के कुल वर्षापात (Rainfall) के आंकड़े भी साल-दर-साल लगातार घटते जा रहे हैं, जो कृषि प्रधान बिहार के लिए एक खतरे की बड़ी घंटी है। पिछले दो दशकों में 13 साल सूखा जैसे हालात आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 20 साल में बिहार के भीतर ऐसे 13 मौके आए हैं जब मानसून अवधि में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। आंकड़ों को देखें तो वर्ष 2025 में 31%, 2024 में 20%, 2023 में 23%, 2022 में 31% और 2018 में 25% कम वर्षा हुई थी, जबकि इस साल भी अब तक सूबे में 41% बारिश की भारी कमी बनी हुई है। जलवायु विशेषज्ञ प्रो. डॉ. प्रधान पार्थसारथी के अनुसार, बिहार में सावन और भादो के महीने में होने वाली पारंपरिक धीमी और लगातार बारिश, जिसे स्थानीय भाषा में 'झपसी' कहा जाता था, वह पिछले डेढ़ दशक से पूरी तरह गायब हो चुकी है। इस झपसी से न केवल धान की फसलों को प्रचुर लाभ मिलता था, बल्कि वातावरण का तापमान भी नियंत्रित रहता था, लेकिन अब नई पीढ़ी इस अनमोल मौसमी घटना से पूरी तरह वंचित हो चुकी है। देश के अलग-अलग केंद्रों को सौंपी गई जिम्मेदारी मौसम विभाग की इस विशेष योजना के तहत देश के विभिन्न प्रमुख केंद्रों को अध्ययन की अलग-अलग कमान सौंपी गई है। इसके तहत चंडीगढ़ केंद्र पश्चिमी विक्षोभ, अहमदाबाद हीट वेव व कोल्ड वेव, भोपाल मानसून के प्रसार, भुवनेश्वर ट्रॉपिकल साइक्लोन और जयपुर केंद्र डेजर्ट मेट्रोलॉजी पर अध्ययन करेगा, जबकि हैदराबाद को समेकित शहरी मौसम प्रणाली की जिम्मेदारी मिली है। गौरतलब है कि भारत में साल 1901 से 1930 की तुलना में 2015 से 2024 के बीच औसत तापमान में 0.9 डिग्री सेल्सियस की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों के कारण हरित क्षेत्र में कमी, वज्रपात की अप्रत्याशित घटनाएं, शहरी बाढ़, ग्राउन्ड वाटर पर असर पड़ रहा है, जिसे रोकने के लिए अब यह वैज्ञानिक अध्ययन बेहद मील का पत्थर साबित होगा।

अयोध्या राम मंदिर दान घोटाले की जांच तेज, शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर दर्ज हो सकती है FIR

अयोध्या अयोध्या राम मंदिर दान में कथित हेराफेरी की जांच के लिए बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) अपनी अंतरिम रिपोर्ट आज देर शाम तक सौंप सकती है। सूत्रों के अनुसार, अंतरिम रिपोर्ट पूरी हो चुकी है। इसे आज शाम को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय को सौंपा जा सकता है। 15 दिन बाद फाइनल रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि में रामलला के चढ़ावे में धांधली की जांच के लिए गठित एसआईटी सोमवार को प्रारम्भिक रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है। रिपोर्ट पूरी करने के लिए शासन से नामित वरिष्ठ जांच अधिकारी भले शनिवार शाम लखनऊ चले गए, लेकिन उनका स्टाफ देर रात तक श्रीराम जन्मभूमि परिसर के पीएफसी में कार्यरत रहा। यह टीम रविवार को भी पूरी सक्रियता से काम करती रही। 15 दिनों के बाद फाइनल रिपोर्ट सौंपी जाएगी। द्वितीय चरण की जांच एसआईटी सोमवार से शुरू करेगी। एसआईटी की प्रारम्भिक रिपोर्ट पर होगा मुकदमा टीम ने रिपोर्ट में शामिल लोगों के बयान में हुई भूल-चूक दुरुस्त करने के लिए दोबारा बुलाकर बयान दर्ज किया। सूत्र बताते हैं कि रिपोर्ट तैयार होने के बाद यह टीम या इनका कोई अधिकृत व्यक्ति लखनऊ जाएगा और सोमवार को जांच टीम के अधिकारी रिपोर्ट शासन को सौंप देंगे। पुनः शासन के निर्देश पर अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित होगी, जिसमें प्रथम दृष्टया दोषसिद्धि के आधार पर संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। नृपेन्द्र के बयानों से असहज हो रहे ट्रस्टी अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे में धांधली के साथ दिन-प्रतिदिन हो रहे नए खुलासों के बीच मीडिया में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पदेन सदस्य और भवन-निर्माण समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र के बयान ने कठघरे में खड़े ट्रस्टियों को असहज कर दिया है। किसी ने कहा कि प्रशासनिक सेवा से वरिष्ठतम अधिकारी के रूप में सेवानिवृत्त होकर और मंदिर ट्रस्ट में शामिल होते हुए भी उनकी ओर से बयान जारी करना उचित नहीं प्रतीत होता है। इससे ट्रस्ट की छवि ही नहीं प्रभावित हो रही, बल्कि मीडिया को भी अनर्गल प्रलाप का मौका मिल गया है। कई लोगों ने लगाए संगीन आरोप एक सप्ताह के भीतर देखें तो एसआईटी की जांच के बीच कुछ लोगों ने निर्माण से लेकर मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाने वाले रुपए और धातुओं को गायब करने का आरोप लगाया है। सूत्र बताते हैं कि अब जांच के दूसरे चरण में सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से जिन लोगों ने विभिन्न प्रकार के आरोप लगाए हैं अब उनसे भी पूछताछ की जाएगी। इसके बाद ही पता चल सकेगा कि उनके दावे में कितनी सच्चाई थी। इसके बाद बड़ी कार्रवाई की चर्चा है।

बुध का कर्क राशि में प्रवेश, कई राशियों के लिए बदलेगा भाग्य का रास्ता

 वैदिक ज्योतिष के सभी ग्रहों में बुध अत्यंत प्रभावशाली ग्रहों में गिना जाता है. बुध को मिथुन और कन्या राशि का स्वामी माना जाता है और यह ग्रह विशेष रूप से बुद्धि, वाणी, संवाद क्षमता, व्यापारिक समझ और मानसिक चेतना से जुड़ा होता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, बुध 22 जून यानी आज दोपहर 3 बजकर 9 मिनट पर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. बुध का यह राशि परिवर्तन बहुत ही विशेष माना जा रहा है. ऐसे में कुछ राशियों के लिए यह गोचर बहुत ही शुभ है और कुछ राशियों को सावधान रहना होगा. 1. मेष बुध का गोचर मेष राशि के चौथे भाव में होगा. घर का माहौल सकारात्मक बना रहेगा. करियर और कार्यक्षेत्र के संदर्भ में यह समय मेहनत का फल देने वाला रहेगा. बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है. वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों का सहयोग भी मिल सकता है. आर्थिक मामलों में जमीन-जायदाद से जुड़े विवाद सामने आ सकते हैं. यह समय जीवनसाथी के लिए प्रगति लेकर आ सकता है. करियर में उन्नति या पदोन्नति मिलने की संभावना बन सकती है. 2. वृषभ बुध का गोचर वृषभ राशि के तीसरे भाव में होगा. अधूरे काम पूरे हो सकते हैं. आपके प्रयासों को सफलता मिल सकती है. आर्थिक मामले सही रहेंगे. रिश्ते मजबूत हो सकते हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अच्छे परिणाम मिलने की संभावना बढ़ सकती है. 3. मिथुन बुध का गोचर मिथुन राशि के दूसरे भाव में होगा. कम्युनिकेशन स्किल इस समय आपकी सबसे बड़ी ताकत बन सकती है. यह समय धन अर्जित करने के लिए बढ़िया माना जा रहा है. नई संपत्ति या प्रॉपर्टी खरीदने का विचार कर सकते हैं. 4. कर्क बुध आज कर्क राशि में ही जाने वाले हैं. सेहत का सबसे ज्यादा ध्यान रखना होगा. हालांकि, आर्थिक दृष्टि यह समय सकारात्मक रहेगा. विदेशी स्रोतों, विदेशी कंपनियों या विदेश से जुड़े कार्यों से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है. परिवार में मानसिक बनी रहेगी. करियर के क्षेत्र में नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समय अच्छा साबित हो सकता है. 5. सिंह बुध का गोचर सिंह राशि वालों के बारहवें भाव में होगा, जो खर्च, विदेश, एकांत, शोध और मानसिक चिंतन से जुड़ा होता है. आर्थिक योजना बनाकर चलना बेहद जरूरी रहेगा. अनावश्यक खर्चे बढ़ सकते हैं. इस दौरान लंबी दूरी की यात्रा करनी पड़ सकती है, जो भविष्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. 6. कन्या बुध कन्या राशि वालों के ग्यारहवें भाव में होगा. आपकी कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है. लंबे समय से रुका हुआ काम पूरा हो सकता है. सेहत अच्छी रहेगी. आप खुद को ऊर्जा से भरपूर और शारीरिक रूप से मजबूत महसूस कर सकते हैं. सामाजिक जीवन में इस दौरान आपकी सक्रियता बढ़ सकती है. नए रिश्तों की शुरुआत होने की संभावना भी बन सकती है. 7. तुला बुध का गोचर तुला राशि वालों के दसवें भाव में होगा. यह अवधि तुला राशि के जातकों के लिए सकारात्मक अवसर लेकर आ सकती है. कार्यक्षेत्र या बिजनेस से जुड़ी कोई ऐसी खुशखबरी मिल सकती है. करियर में पदोन्नति मिलने की संभावना बन सकती है. समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ सकता है. पारिवारिक जीवन में भी यह समय सुखद रह सकता है. भाग्य का साथ मिलेगा. 8. वृश्चिक बुध का गोचर वृश्चिक राशि वालों के नौवें भाव में होगा. इस दौरान कई मामलों में अप्रत्याशित लाभ मिलने की संभावना भी बन सकती है. इस दौरान अचानक यात्रा के योग भी बन सकते हैं, जो किसी जरूरी कार्य या अवसर के कारण हो सकती है. 9. धनु बुध का गोचर धनु राशि वालों के आठवें भाव में होगा. स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव आ सकता है. इस दौरान जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है. पिता से जुड़े आर्थिक मामलों में थोड़ी परेशानी आ सकती है. 10. मकर बुध का गोचर मकर राशि वालों के सातवें भाव में होगा. पदोन्नति या आय में वृद्धि होने की संभावना बन सकती है. पेशेवर जीवन में स्थिरता और प्रगति देने वाला साबित हो सकता है. पारिवारिक जीवन में भी सकारात्मक माहौल बना रह सकता है. आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है. 11. कुंभ बुध कुंभ राशि वालों के छठे भाव में प्रवेश करेंगे. पुराने कर्ज से मुक्ति मिलने की संभावना बन सकती है. खर्चों में बढ़ोतरी होने की संभावना भी बन सकती है. आर्थिक योजना बनाकर चलना जरूरी होगा. कानूनी मामला चल रहा है तो इस दौरान निर्णय आपके पक्ष में आने की संभावना बन सकती है. 12. मीन बुध मीन राशि वालों के पांचवें भाव में होगा. इस दौरान नई चीजें सीखने और ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा बढ़ सकती है. आर्थिक दृष्टि से यह समय आय में वृद्धि के संकेत दे सकता है. यदि आप विवाहित हैं तो जीवनसाथी को करियर में कोई महत्वपूर्ण उपलब्धि मिल सकती है. प्रेम विवाह के योग भी बन सकते हैं. 

राहुल गांधी का पंजाब कांग्रेस को कड़ा संदेश! गुटबाजी छोड़ने की नसीहत, 5 दिग्गज नेताओं संग बैठक

 चंडीगढ़ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले  पंजाब कांग्रेस के पांच नेताओं के साथ अहम बैठक की।  इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को समाप्त करना था। राहुल ने वरिष्ठ नेताओं को एकजुटता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में किसी भी तरह की गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और विजय इंदर सिंगला समेत अन्य नेता शामिल थे। बाजवा ने बताया कि राहुल गांधी ने सभी वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। संगठनात्मक बदलाव का फैसला राहुल गांधी पर छोड़ दिया गया है। पंजाब की जनता कांग्रेस को एक और अवसर देने के लिए तैयार है।  उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन का हवाला दिया। कांग्रेस ने तब 14 में से 8 संसदीय सीटें जीती थीं, जिनमें सात पंजाब की थीं। बाजवा के अनुसार, एकजुट होकर कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव में 70 से 80 सीटें जीत सकती है। 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां  पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने बताया कि यह बैठक 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए थी। सभी नेताओं ने इसमें अपनी राय रखी। वड़िंग ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान नितिन नबीन के पंजाब दौरे पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भाजपा का पंजाब में जबरदस्ती करने का सपना पूरा नहीं होगा। पंजाब के लोग ऐसी किसी भी जबरदस्ती को बर्दाश्त नहीं करेंगे। संगठनात्मक बदलाव पर मंथन  पार्टी में प्रधान पद में बदलाव को लेकर भी चर्चा चल रही है। सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम पर विचार हो रहा है। पार्टी आलाकमान इन दोनों नामों पर गहन मंथन कर रहा है। प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करना पार्टी आलाकमान के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। पार्टी ने गुटबाजी पर सख्त रुख अपनाया है। राहुल ने पहले भी पंजाब दौरे के दौरान चेतावनी दी थी कि जो नेता काम नहीं करेगा, उसे घर बैठा दिया जाएगा। नेताओं के साथ व्यक्तिगत बैठकें  बैठक से पहले पर्यवेक्षकों ने भी नेताओं के साथ व्यक्तिगत बैठकें की थीं। इन बैठकों में सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री और जिला प्रधान शामिल थे। नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले समय मांगा था। उन्होंने बैठक के दौरान अपनी बात विस्तार से रखी। ये बैठकें नेताओं की व्यक्तिगत राय जानने के लिए महत्वपूर्ण थीं।  

पंकज त्रिपाठी के परिवार पर हमला! भाई पर धारदार हथियार से वार, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

गोपालगंज  बिहार के गोपालगंज से बड़ी खबर सामने आई. बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी पर धारदार हथियार से हमला किया गया. हमले में बिजेंद्र नाथ तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना AIIMS रेफर कर दिया. इलाके में सनसनी फैल गई।  घटना जिले के माधोपुर थाना क्षेत्र के बेलसंड गांव की बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, घटना के पीछे पुरानी रंजिश को वजह माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि पड़ोस के कुछ लोगों ने विवाद के दौरान उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. हमले के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।  बिजेंद्र नाथ तिवारी की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है उन्हें पटना स्थित AIIMS रेफर किया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पंकज त्रिपाठी के भाई पर माधोपुर थाना क्षेत्र के बेलसंड गांव में यह हमला किया गया है। इस हमले के बाद वहां तनाव का भी माहौल है। कहा जा रहा है कि पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को पकड़ने के लिए स्पेशल टीम का गठन किया है। यह टीम हमले के आरोपियों की धर-पकड़ के लिए छापेमारी भी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि बिजेंद्र नाथ तिवारी पर उनके पड़ोस में रहने वाले लोगों ने ही पुरानी रंजिश में हमले की वारदात को अंजाम दिया। हमले के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। हालांकि, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। बताया जा रहा है कि फिलहाल पुलिस ने आरोपियों की पहचान भी कर ली है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। पुलिस ने पंकज त्रिपाठी के परिजनों और घर के आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की है। एक मशहूर अभिनेता के भाई पर इस हमले के पीछे पुरानी रंजिश की बात कही जा रही है लेकिन अभी हमले के वजहों को लेकर पुलिसिया तफ्तीश जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही इस जानलेवा हमले की असली वजह सामने आ पाएगी। पंकज त्रिपाठी का पैतृक गांव गोपालगंज का बेलसंड है। पंकज त्रिपाठी में कभी-कभी अपने गांव में आते रहते हैं। न्यूज एजेंसी IANS ने एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में अस्पताल के अंदर चिकित्सक बिजेंद्र नाथ तिवारी का इलाज करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो गोपालगंज के मॉडल अस्पताल का है। अस्पताल में कुछ लोगों की भीड़ भी नजर आ रही है। पटना AIIMS में चल रहा इलाज पुलिस ने कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया. आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है. फिलहाल घायल बिजेंद्र नाथ तिवारी का पटना AIIMS में इलाज चल रहा है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है।   

बिग बॉस के अंदर क्या होता है? दिव्या अग्रवाल ने इंटीमेसी और कैमरों को लेकर किया बड़ा खुलासा

मुंबई  'बिग बॉस' का घर हमेशा से ही अपने विवादों, लड़ाइयों और अनसुने रहस्यों के लिए दर्शकों के बीच चर्चा का विषय रहा है. हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक रहता है कि आखिर चौबीसों घंटे कैमरों की निगरानी में रहने वाले इस घर के अंदर असल में क्या-क्या होता है. अब इस रियलिटी शो से जुड़े कुछ ऐसे ही चौंकाने वाले और दिलचस्प राज खोले हैं 'बिग बॉस OTT' के पहले सीजन की विनर दिव्या अग्रवाल ने।  हाल ही में 'Shaardulogy' के पॉडकास्ट में शामिल हुईं दिव्या ने शो को लेकर फैली अफवाहों से लेकर घर के अंदर मिलने वाली शराब, सिगरेट और कंटेस्टेंट्स की पर्सनल लाइफ से जुड़े कई बड़े और हैरान करने वाले खुलासे किए हैं. दिव्या ने बेहद बेबाकी से उन सवालों के जवाब दिए हैं, जो अक्सर लोग शो के खत्म होने के बाद कंटेस्टेंट्स से पूछते हैं।  केचअप और कॉफी जैसी चीजें हैं लग्जरी पॉडकास्ट के दौरान दिव्या ने घर के अंदर के राशन और खाने-पीने के कड़े नियमों पर बात की. उन्होंने बताया कि बिग बॉस के घर में कॉफी और टोमैटो केचअप जैसी मामूली चीजें भी एक बड़ा लग्जरी आइटम होती हैं, जो आसानी से कंटेस्टेंट्स को नहीं मिलतीं. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि केचअप न मिलने पर वो खुद ही जुगाड़ से थोड़ा-बहुत बना लेती थीं. हालांकि, राशन पर इतनी पाबंदी के बावजूद सिगरेट को लेकर मेकर्स काफी नरम रहते हैं।  दिव्या के मुताबिक, सिगरेट कोई लग्जरी आइटम नहीं है, वो कंटेस्टेंट्स को लगातार मिलती रहती है. यहां तक कि सुबह-सुबह कंटेस्टेंट्स से बकायदा पूछा जाता है कि उन्हें कौन से ब्रांड की सिगरेट चाहिए और उनकी पसंद का ब्रांड उन्हें अंदर पहुंचा दिया जाता है।  क्या घर के अंदर सच में मिलती है शराब? शो से बाहर आने के बाद दर्शकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह रहता है कि क्या वीकेंड का वार या पार्टियों में कंटेस्टेंट्स को शराब परोसी जाती है? दिव्या ने इस राज से भी पर्दा उठाया और साफ किया कि लोगों को लगता है कि अंदर दारू मिलती होगी, लेकिन असलियत यह है कि बिग बॉस के घर के अंदर किसी को भी शराब या अल्कोहल नहीं दिया जाता. यह महज एक अफवाह है और लोग शो से निकलने के बाद उनसे यह सवाल सबसे ज्यादा पूछते हैं।  बाथरूम में होता है 'बहुत कुछ'  बातचीत के दौरान जब घर के अंदर की प्राइवेसी और कंटेस्टेंट्स के बीच के रिश्तों पर बात हुई, तो दिव्या ने बेहद हैरान करने वाली बात कही. उनसे पूछा गया कि क्या लोग यह भी पूछते हैं कि अंदर सेक्स होता है क्या? इस पर दिव्या ने हंसते हुए हामी भरी और एक बड़ा इशारा करते हुए कहा कि कैमरे के सामने भले ही कुछ न दिखे, लेकिन अंदर बहुत कुछ होता है।  इस बात को आगे बढ़ाते हुए शार्दूल पंडित ने कहा, 'होता तो बहुत कुछ है लेकिन बाथरूम के अंदर'. इसके अलावा दिव्या ने हंसते हुए यह भी बताया कि लोग उनसे इतने अजीब सवाल पूछते हैं कि एक बार तो किसी ने उनसे यह तक पूछ लिया था कि क्या घर के अंदर वैक्सिंग करने वाली लड़कियां आती हैं? जबकि ऐसा कुछ नहीं होता।   

महिला टी20 वर्ल्ड कप: सेमीफाइनल की राह में भारत के सामने ऑस्ट्रेलिया की बड़ी चुनौती

नई दिल्ली महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत की शुरुआत किसी सपने जैसी हुई थी. पहले पाकिस्तान और फिर नीदरलैंड्स को हराकर हरमनप्रीत कौर की टीम ने सेमीफाइनल की तरफ मजबूत कदम बढ़ा दिए थे… लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली छह विकेट की हार ने पूरे समीकरण को उलट-पुलट कर दिया है. अब हालात ऐसे हैं कि ग्रुप-ए में भारत, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में से कोई भी टीम बाहर हो सकती है. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में हार सिर्फ दो अंक गंवाने की कहानी नहीं थी, बल्कि इसने भारत की सेमीफाइनल की राह को मुश्किल बना दिया है. अब टीम इंडिया के लिए हर रन और हर विकेट की कीमत बढ़ गई है, क्योंकि टूर्नामेंट का फैसला नेट रन रेट तक पहुंच सकता है. भारत के सामने क्या है रास्ता? भारत ने तीन मैचों में दो जीत के साथ चार अंक जुटाए हैं और उसका नेट रन रेट +2.511 है, जो फिलहाल काफी मजबूत स्थिति में है. टीम को अभी बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया से भिड़ना है. कागज पर बांग्लादेश के खिलाफ भारत को फेवरेट माना जा रहा है. अगर टीम इंडिया यह मैच जीत लेती है तो उसके छह अंक हो जाएंगे. लेकिन असली परीक्षा 28 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होगी. अगर भारत ऑस्ट्रेलिया को हरा देता है, तो सेमीफाइनल का टिकट लगभग पक्का हो जाएगा. लेकिन अगर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार मिलती है और दक्षिण अफ्रीका भी अपने बाकी दोनों मुकाबले जीत जाता है, तो भारत के लिए खतरे की घंटी बज सकती है. ऐसे में तीनों बड़ी टीमें आठ-आठ अंकों पर पहुंच सकती हैं और फैसला नेट रन रेट करेगा. अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद भारत के लिए समीकरण काफी साफ है- अगले दोनों मैच जीत लो और किसी गणित की जरूरत नहीं पड़ेगी. खासकर बांग्लादेश के खिलाफ बड़ी जीत भारत के नेट रन रेट को और मजबूत कर सकती है, जो आगे चलकर जीवनदान साबित हो सकता है. हरमनप्रीत कौर की टीम के लिए अब सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत भी महत्वपूर्ण हो गई है. दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदें भी जिंदा लॉरा वोलवार्ट  की कप्तानी वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया से हार के साथ की थी, जिससे उसका नेट रन रेट बुरी तरह प्रभावित हुआ. फिलहाल उसका नेट रन रेट -0.546 है. हालांकि भारत पर जीत ने उसकी उम्मीदों को नई जान दे दी है. दक्षिण अफ्रीका के सामने अब नीदरलैंड्स और बांग्लादेश जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीमें हैं. अगर वह दोनों मुकाबले जीत लेता है, तो आठ अंकों तक पहुंच सकता है. लेकिन उसके लिए सिर्फ जीत काफी नहीं होगी, बड़े अंतर की जीत भी जरूरी होगी ताकि नेट रन रेट सुधर सके. ऑस्ट्रेलिया सबसे मजबूत स्थिति में ग्रुप-ए में सबसे आरामदायक स्थिति ऑस्ट्रेलिया की है. टीम लगातार तीन जीत के साथ छह अंक जुटा चुकी है और उसका नेट रन रेट +4.391 है. यही वजह है कि कंगारू टीम फिलहाल सेमीफाइनल की सबसे बड़ी दावेदार नजर आ रही है. हालांकि अगर ऑस्ट्रेलिया अपने आखिरी दो मैचों में लड़खड़ा जाती है, तो समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं. ऐसे में 28 जून को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाला मुकाबला ग्रुप-ए का 'वर्चुअल क्वार्टर फाइनल' बन सकता है. सेमीफाइनल की चाबी किसके हाथ? फिलहाल तस्वीर साफ है- भारत की किस्मत अभी भी उसके अपने हाथ में है. लेकिन दक्षिण अफ्रीका से मिली हार ने सुरक्षा कवच छीन लिया है. अब हरमनप्रीत एंड कंपनी को सिर्फ जीत नहीं, दमदार जीत चाहिए. 28 जून को भारत और ऑस्ट्रेलिया की भिड़ंत सिर्फ एक लीग मैच नहीं होगी. यह मुकाबला तय कर सकता है कि महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत का सपना आगे बढ़ेगा या यहीं थम जाएगा. फिलहाल करोड़ों भारतीय फैन्स की नजरें उसी मैच पर टिक गई हैं.

सलाह ने पलट दी बाजी! न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर मिस्र ने वर्ल्ड कप में खोला जीत का खाता

 वैंकूवर फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सोमवार (22 जून) को आयोजित ग्रुप-जी के एक अहम मुकाबले में मिस्र ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराया. फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में मिस्र की ये पहली जीत रही. एक समय मुकाबले में पिछड़ रही मिस्र की टीम ने दूसरे हाफ में शानदार वापसी की और स्टार स्ट्राइकर मोहम्मद सलाह की अगुवाई में मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया. कप्तान मोहम्मद सलाह एक गोल और एक असिस्ट के साथ इस जीत के हीरो रहे।  वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले की शुरुआत न्यूजीलैंड ने शानदार अंदाज में की. मैच के शुरुआती मिनटों में ऑल व्हाइट्स ने लगातार मिस्र के डिफेंस पर दबाव बनाया. सातवें मिनट में सरप्रीत सिंह गोल करने के करीब पहुंचे, लेकिन उनका प्रयास निशाने से चूक गया. इसके कुछ देर बाद एलिजाह जस्ट के शानदार मूव को मिस्र के गोलकीपर मोस्तफा शोबेर ने बेहतरीन बचाव कर विफल कर दिया।  न्यूजीलैंड की मेहनत आखिरकार रंग लाई और 16वें मिनट में टीम को बढ़त मिल गई. टिम पायने के कॉर्नर पर डिफेंडर फिन सुरमन ने ऊंची छलांग लगाकर शानदार हेडर लगाया और गेंद को जाल में पहुंचा दिया. शुरुआती बढ़त के बाद न्यूजीलैंड का आत्मविश्वास और बढ़ गया, जबकि मिस्र की टीम लय हासिल करने के लिए संघर्ष करती दिखी।  हालांकि पहले हाफ के अंत तक मिस्र ने वापसी के संकेत दे दिए थे. उमर मरमौश ने दूर से जोरदार शॉट लगाया, जिसे गोलकीपर मैक्स क्रोकॉम्ब ने मुश्किल से रोका. वहीं मोहम्मद सलाह की फ्री-किक भी मामूली अंतर से गोलपोस्ट के बाहर निकल गई. दूसरे हाफ में कहानी पूरी तरह बदल गई. 58वें मिनट में मोहम्मद हानी के सटीक क्रॉस पर मोस्तफा जिको ने शानदार हेडर लगाकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया. इस गोल के बाद मिस्र का आत्मविश्वास चरम पर पहुंच गया और टीम ने लगातार आक्रमण जारी रखा।  सिर्फ नौ मिनट बाद मिस्र ने मुकाबले में बढ़त भी हासिल कर ली. मोस्तफा जिको और मोहम्मद सलाह के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला. जिको के पास को सलाह ने शानदार तरीके से गोल में बदल दिया और मिस्र को 2-1 की बढ़त दिला दी. यह गोल मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ।  न्यूजीलैंड के पास वापसी का मौका था, लेकिन मिस्र के डिफेंडर्स और गोलकीपर मोस्तफा शोबेर ने कोई गलती नहीं की. इसके बाद 82वें मिनट में सलाह ने एक और कमाल किया. उनके कॉर्नर पर सब्स्टीट्यूट प्लेयर ट्रेजेगेट ने जोरदार हेडर लगाकर गोल दाग दिया और न्यूजीलैंड की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया।  न्यूजीलैंड के लिए स्थिति बेहद कठिन हो गई है. इस हार के बाद उसकी किस्मत अब अंतिम ग्रुप मैच पर टिकी है. अगर उसे अगले दौर में पहुंचने की उम्मीद जिंदा रखनी है, तो बेल्जियम के खिलाफ जीत दर्ज करनी ही होगी. न्यूजीलैंड के सिर्फ 1 अंक हैं और वो अपने ग्रुप में फिलहाल चौथे नंबर पर है। 

ट्रेन यात्रियों के लिए राहत, AI तकनीक से 94% सटीकता के साथ टिकट कन्फर्मेशन का अनुमान

नई दिल्ली ट्रेन से यात्रा का प्लान बनाते समय सबसे बड़ी टेंशन बर्थ कंफर्म होने की होती है। इस मामले में रेलवे से यात्रियों के लिए बड़ी राहत वाली खबर आई है। भारतीय रेलवे ने अपने आधिकारिक रेलवन एप को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से लैस कर दिया है। अब यात्रियों को वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने की संभावना का अनुमान लगाने के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। रेलवे के अनुसार, एप में जोड़ा गया नया एआई आधारित फीचर टिकट कन्फर्म होने की संभावना का अनुमान लगाता है और इसकी सटीकता लगभग 94 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह पहली बार है जब किसी सरकारी रेलवे एप में यात्रियों को वेटिंग टिकट की स्थिति के बारे में एआई आधारित पूर्वानुमान उपलब्ध कराया जा रहा है। इस सुविधा का उद्देश्य यात्रियों को यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद करना है। यदि किसी यात्री का टिकट वेटिंग में है, तो एप उपलब्ध आंकड़ों और पूर्व रिकॉर्ड के आधार पर यह अनुमान बताएगा कि टिकट कन्फर्म होने की कितनी संभावना है। एआई मॉडल लाखों पुराने रिजर्वेशन रिकॉर्ड, टिकट कैंसिलेशन के पैटर्न, विभिन्न रूटों पर यात्रियों की मांग, मौसम, छुट्टियों और त्योहारों के दौरान होने वाली अतिरिक्त भीड़ जैसे कई कारकों का विश्लेषण करता है। इसके बाद सिस्टम संभावित परिणाम का आकलन करता है। रेलवे का दावा है कि हालिया परीक्षणों और समीक्षा में इस तकनीक ने लगभग 94 प्रतिशत तक सटीक परिणाम दिए हैं। हालांकि रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल एक पूर्वानुमान है, कोई अंतिम गारंटी नहीं। टिकट का वास्तविक कन्फर्मेशन सीटों की उपलब्धता, कैंसिलेशन और चार्ट तैयार होने तक होने वाले बदलावों पर निर्भर करेगा। इसलिए यात्रियों को एआई के अनुमान को केवल एक मार्गदर्शक के रूप में देखना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम रेलवे सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अब यात्रियों को वेटिंग टिकट के कारण होने वाली अनिश्चितता से काफी हद तक राहत मिलेगी और वे समय रहते वैकल्पिक यात्रा की व्यवस्था भी कर सकेंगे। उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ पीआरओ डॉ. अमित मालवीय का कहना है कि भविष्य में एआई आधारित सेवाओं का दायरा और बढ़ाया जाएगा, जिससे यात्रियों को अधिक सटीक और उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। रेलवन एप में जोड़ी गई यह नई सुविधा भारतीय रेलवे के तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

चार दिवसीय धार्मिक उत्सव में तीन दिन मंदिर के कपाट रहेंगे बंद

 गुवाहाटी पूर्वी भारत के सबसे बड़े धार्मिक उत्सवों में से एक अंबुबाची मेला 2026 के लिए असम सरकार और कामाख्या मंदिर प्रबंधन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। गुवाहाटी की ऐतिहासिक नीलाचल पहाड़ी पर स्थित माँ कामाख्या मंदिर में इस वर्ष देश-विदेश से 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं, साधु-संतों और तांत्रिक साधकों के जुटने की उम्मीद है। देवी कामाख्या के वार्षिक मासिक धर्म चक्र और स्त्री शक्ति के प्रतीक के रूप में मनाया जाने वाला यह चार दिवसीय उत्सव 22 जून को 'प्रवृत्ति' के साथ शुरू होगा और 26 जून को 'निवृत्ति' के साथ समाप्त होगा। इस दौरान तीन दिनों तक मंदिर के कपाट पूरी तरह बंद रहेंगे और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य और भोजन के विशेष प्रबंध किए गए हैं असम की पर्यटन मंत्री अजंता नियोग ने मेले की व्यवस्था को लेकर कहा, "यह देश का सबसे बड़ा धार्मिक अंबुबाची मेला है। भारत और विदेश से लाखों लोग यहां आते हैं। हम श्रद्धालुओं को पीने का पानी, भोजन, चिकित्सा सेवाएं और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर तरह से तैयार हैं। हमने निचले स्थानों पर शिविर और भोजन की व्यवस्था की है। लगभग 8 लाख लोगों के आने की उम्मीद है, इसलिए इस आयोजन का प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। हम श्रद्धालुओं से अनुरोध करते हैं कि वे मेले के दौरान सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक कामाख्या मंदिर अवश्य आएं।" असम सरकार ने भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की मेले के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए, असम सरकार ने भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा, परिवहन और आवास सुविधाओं के लिए 24 विभागों में 4.55 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। मंदिर अधिकारियों ने सभी ऑफलाइन विशेष दर्शन काउंटरों को भी बंद कर दिया है। विशेष दर्शन के इच्छुक श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पास बुक करना होगा, जबकि सामान्य दर्शन नि:शुल्क रहेंगे। अंबुबाची मेले का महत्व मां कामाख्या मंदिर में साल में एक बार अंबुबाची मेला लगता है। । इस मेले से बहुत ही प्राचीन और गहरी धार्मिक मान्यता जुड़ी हुई है। ऐसी मान्यता है कि इस वार्षिक मेले के दौरान मां कामाख्या अपने मासिक धर्म यानी रजस्वला से गुजरती हैं। यही कारण है कि इस दौरान देवी मां को पूरा आराम दिया जाता है और मंदिर के मुख्य कपाट तीन दिनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिए जाते हैं। इन तीन दिनों में मंदिर परिसर में किसी तरह की कोई पूजा-अर्चना, आरती या अन्य कोई भी धार्मिक अनुष्ठान नहीं होते। चौथे दिन, खास शुद्धिकरण अनुष्ठान करने के बादमंदिर के पट भक्तों के लिए खोले जाते हैं। इस साल अंबुबाची मेले की शुरुआत 22 जून 2026 से हो रही है, जो 26 जून तक चलेगा।