samacharsecretary.com

सावधान! इन 6 दवाओं पर लगी पाबंदी, स्वास्थ्य विभाग ने उठाया बड़ा कदम

भोपाल  मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कफ सिरप के सेवन के बाद अबतक किडनी फेलियर के चलते 26 मासूमों की जान जा चुकी है। जबकि, नागपुर और छिंदवाड़ा में अब भी कई बच्चे दवा के रिएक्शन से आई समस्याओं के ग्रस्त होकर भर्ती हैं। वहीं, दूसरी तरफ इस मामले में प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर है। छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड के बाद हेल्थ डिपार्टमेंट प्रदेशभर में दवाओं की पड़ताल कर रहा है। इसी कड़ी में सूबे के ग्वालियर में विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 दवाओं के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। इसे लेकर विभाग ने जारी किया है। ग्वालियर में 6 दवाओं का उपयोग रोका गया है। मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के निर्देश पर संबंधित दवाओं के सेवन और वितरण पर रोक लगाई गई है। सिविल सर्जन को ई-मेल के जरिए निर्देश मिले हैं, जिसमें कहा गया कि 6 दवाओं को आगामी आदेश तक इस्तेमाल प्रतिबंधित है। जिला अस्पताल में आदेश जारी वहीं, सिविल सर्जन डॉ आरके शर्मा ने सरकारी अस्पतालों को लिखित आदेश जारी किया है। अस्पताल के सभी वार्डों के प्रभारी, दवा वितरण केंद्र, प्रसूति गृह के प्रभारी को लिखित में आदेश जारी किए गए हैं, जिसमें किसी वार्ड या सेक्शन में दवा होने पर तत्काल सिविल सर्जन स्टोर में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। इन दवाओं पर लगी रोक -एंटीबायोटिक इंजेक्शन मेरोपेनम -सिप्रोफ्लोक्सेसिन 250mg टेबलेट -पेट साफ करने का सिरप लेक्टूलोज 10ML और 15ML -पेट में कीड़े पड़ने पर दी जाने वाली दवा एल्बेंडाजोल 400MG -खाली पेट दी जाने वाली दवा रेबीप्राजोल 20MG टेबलेट -इलेक्ट्रोलाइट पी पर रोक लगाई गई है।

डॉ. रमन सिंह के गुणों की सराहना, CM साय बोले – मितभाषिता और सेवा ही उनकी पहचान

राजनांदगांव  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव के स्टेट स्कूल ग्राउंड में युवा वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित भव्य समारोह में  विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के जन्मदिन पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. रमन सिंह जी जन-जन के नेता हैं, जिन्होंने छत्तीसगढ़ को नई दिशा दी। प्रभु से मेरी यही प्रार्थना है कि वे दीर्घायु हों, स्वस्थ रहें और अपना मार्गदर्शन इसी तरह देते रहें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज हम एक ऐसे व्यक्तित्व का जन्मदिन मना रहे हैं, जिन्होंने पंद्रह वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास का नया इतिहास रचा।  उन्होंने कहा कि  डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का ऐसा प्रभावी मॉडल तैयार हुआ, जिसे पूरे देश ने अपनाया। गरीबों और वंचितों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने की यह योजना आज भी उनकी संवेदनशीलता की मिसाल है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. रमन सिंह ने किसानों को सशक्त बनाने के लिए धान खरीदी की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया और किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य दिलाया। आज छत्तीसगढ़ अपने किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का भुगतान कर रहा है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक की खरीदी कर रहा है — यह उनके द्वारा स्थापित मॉडल की निरंतरता है। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए। विशेषकर जनजातीय अंचलों में स्कूलों और अस्पतालों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। यही कारण है कि जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी दंतेवाड़ा के एजुकेशन सिटी पहुँचे, तो वहाँ के बच्चों से मिलकर उन्होंने राज्य की इस उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने कहा कि सादगी और मितभाषिता डॉ. रमन सिंह के स्वभाव की पहचान है। वे अपनी विशाल उपलब्धियों के बावजूद सदैव विनम्र रहे हैं। छोटे-बड़े हर व्यक्ति से वे सहजता से मिलते हैं और हर किसी पर अपनी सौम्य व्यक्तित्व की गहरी छाप छोड़ते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रही है। डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में विधानसभा ने कई नवाचार किए हैं, जैसे प्रबोधन कार्यक्रम, जिसमें विधायकों को संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की गहन समझ दी गई। कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक पद्मश्री कैलाश खेर ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से वातावरण को सुरमयी बना दिया।  इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल,  राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

हवाला नेटवर्क का सतना लिंक आया सामने, 2 करोड़ से ज्यादा की रकम बरामद

सतना  सिवनी जिले के चर्चित हवाला कांड का धागा अब सतना से जुड़ गया है। पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि 8-9 अक्टूबर की रात चेकिंग के दौरान सिवनी में पकड़ी गई 2.96 करोड़ रुपए की रकम में से 2 करोड़ 1 लाख रुपए सतना से ले जाए जा रहे थे। यह राशि कथित रूप से सतना के हवाला कारोबारी मोंटी उर्फ अमित तोलवानी की बताई जा रही है। सिवनी पुलिस ने मामले की कड़ी जुड़ते ही रविवार को जीवन ज्योति कॉलोनी स्थित मोंटी के घर पर दबिश दी, मगर वह घर पर नहीं मिला। तब से मोंटी गायब बताया जा रहा है। सिवनी हवाला कांड ने प्रदेश में हवाला नेटवर्क की गहराई को उजागर कर दिया है। सतना से लेकर कटनी और जबलपुर तक फैले इस पैसों के खेल में कई बड़े नाम सामने आने की संभावना है। पुलिस लूट में शामिल रकम सतना और कटनी की थी प्राथमिक जांच में सिवनी पुलिस को जानकारी मिली कि पकड़े गए पैसों में से बड़ा हिस्सा सतना और कटनी से उठाया गया था। सूत्रों के अनुसार, मोंटी तोलवानी के हवाला नेटवर्क के जरिए यह रकम ट्रांसफर की जा रही थी। जैसे ही यह तथ्य सामने आया, सिवनी पुलिस तत्काल सतना पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के बाद से ही शहर के अन्य हवाला कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। पत्नी से लगवाया फोन, फिर नोटिस देकर लौटी पुलिस छापे के दौरान मोंटी घर पर नहीं मिला तो पुलिस ने उसकी पत्नी से उसके मोबाइल पर कॉल करवाया। इस दौरान मोंटी से सीधी बात भी हुई, जिसमें उसने सहयोग करने और सामने आने का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस ने औपचारिक नोटिस थमाया और सतना से रवाना हो गई। जबलपुर बायपास पर मिली थी आखिरी लोकेशन पुलिस सूत्रों ने बताया कि मोंटी का मोबाइल फोन आखिरी बार जबलपुर बायपास इलाके में सक्रिय पाया गया था। इसके बाद से उसका लोकेशन ट्रेस नहीं हुआ है। वहीं सिवनी पुलिस ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी है और हवाला नेटवर्क के अन्य शहरों से भी कनेक्शन तलाशे जा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने पेश किए पुलिस प्रताड़ना के सबूत, कोई ने कारोबारी को पुलिस सुरक्षा में भेजा घर  सिवनी पुलिस के द्वारा हवाला लूटकांड के शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट के उपस्थित होकर बताया कि पुलिस ने उसे मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया। आरोप को सिद्ध करने के लिए शिकायतकर्ता ने शारीरिक चोट के फोटोग्राफ भी पेश किए। हाईकोर्ट जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता को जिन स्थानों में पुलिस ने रखा था वहां के सीसीटीवी फुटेज एकत्र कर उन्हें सुरक्षित रखा जाए। शिकायतकर्ता को पुलिस सुरक्षा में उसके घर भेजा जाए। याचिकाकर्ता जालना निवासी गंगा बाई परमार की तरफ से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में आरोप लगाते हुए कहा गया था कि सिवनी पुलिस उसके पति सोहनलाल परमार को अवैध रूप से बंधकर बनाकर रखे हुए हैं। उसके पति सोहनलाल की शिकायत पर ही सिवनी हवाला कांड का मामला उजागर हुआ था। पुलिस ने उसे 10 अक्तूबर को गिरफ्तार किया था और 12 तारीख को जमानत पर छोड़ दिया था। जमानत पर छूटने के बाद पति अपने घर जालना आया था। उसी रात जालना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पुनः सिवनी पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद से सिवनी पुलिस उसके पति को बंधक बनाकर रखे हुए हैं। याचिकाकर्ता के तरफ से तर्क दिया गया कि उसके पति की ट्रांजिट रिमांड नहीं ली गई और उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष भी पेश भी नहीं किया गया। सरकार की तरफ से हाईकोर्ट को बताया गया था कि शिकायतकर्ता पुलिस अभिरक्षा में नहीं है। युगलपीठ ने गत दिवस याचिका की सुनवाई करते हुए अपने आदेश में कहा था कि शिकायतकर्ता पुलिस अभिरक्षा में नहीं है तो वह व्यक्तिगत हाईकोर्ट में उपस्थित हो। अभिरक्षा में है तो पुलिस उसे 24 घंटों में न्यायालय के समक्ष पेश करें। याचिका पर बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता व्यक्तिगत रूप से स्वयं युगलपीठ ने समझ उपस्थित हुआ। उसने बताया कि पुलिस ने उसे होटल तथा अन्य स्थानों में रखकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। उसके साथ मारपीट की गई थी और शारीरिक चोट के फोटोग्राफ भी पेश किए। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद याचिका का निराकरण करते हुए उक्त आदेश जारी किये। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता श्रेयस दुबे ने पैरवी की।  

इंदौर: एग्जाम से बचने के लिए छात्रों ने फैलाई मौत की अफवाह, प्रिंसिपल के घर पहुंचा स्टाफ

 इंदौर  134 साल पुराने प्रतिष्ठित शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय में छात्रों ने परीक्षा स्थगित करवाने के लिए प्राचार्य अनामिका जैन की मौत की झूठी खबर फैला दी। कॉलेज प्रबंधन, कर्मचारी, स्टाफ प्राचार्य के घर पहुंच गया। जांच हुई तो पता चला कॉलेज में सीसीई की ऑनलाइन परीक्षा है और उसको निरस्त करवाने के किए इस तरह से संदेश वायरल किए गए हैं। भवरकुआं पुलिस ने बुधवार देर रात इस मामले में कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र मयंक कछावा और हिमांशु जायसवाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। परीक्षा कैंसल करवाने के लिए प्रिंसीपल के निधन की झूठी अफवाह फैलाने का मामला शहर के सबसे प्रतिष्ठित शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय में सामने आने के बाद विद्यार्थी हैरान हैं। परीक्षा से बचने के लिए दो छात्र इस हद तक पहुंच गए कि मौत की झूठी खबर फैला दी। पुलिस के साथ अब कॉलेज प्रबंधन भी इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकता है। जानकारी के मुताबिक दोनों छात्रों ने परीक्षा कैंसल करवाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। सोशल मीडिया पर यह सूचना मिलते ही कॉलेज का स्टाफ और शिक्षक चौक गए। वे सभी प्राचार्य के घर पहुंच गए। इसके साथ ही विद्या‍र्थी भी इस सूचना को लेकर शोक में डूब गए थे। 

मार्केट में धनतेरस वाली रौनक! निफ्टी ने पार किया 25500 का स्तर, इन शेयरों में आई बंपर तेजी

मुंबई  धनतेरस और दिवाली से पहले शेयर बाजार में शानदार तेजी देखी जा रही है. सेंसेक्‍स और निफ्टी दोनों घरेलू इंडेक्‍स शानदार उछाल दिखा रहजे हैं. दोपहर 1.07 बजे तक निफ्टी 190 अंक चढ़कर 25512.95 पर कारोबार कर रहा था, तो 620 अंक चढ़कर 83220 पर था. बैंक निफ्टी में 418 अंकों की तेजी देखने को मिली. मिडकैप और स्‍मॉलकैप शेयरों में भी उछाल देखने को मिला है.  BSE टॉप 30 शेयरों की बात करें तो सिर्फ 4 शेयरों को छोड़कर बाकी के 26 शेयरों में शानदार तेजी आई है. इंफोसिस, सनफार्मा, टीसीएस और टेक महिंद्रा को छोड़कर बाकी सभी शेयर तेजी पर हैं. सबसे ज्‍यादा तेजी वाले शेयर Titan 2.5% चढ़कर 3638 रुपये पर कारोबार कर रहा है. कोटक महिंद्रा बैंक 2.44 फीसदी, एक्सिस बैंक 2 फीसदी और बाकी बैंक स्‍टॉक भी तेजी पर कारोबार कर रहे हैं.  20% चढ़े ये शेयर  शेयर इंडिया का स्‍टॉक 20% 178 रुपये पर पहुंच गया. इसके अलावा, BLS International Services के शेयर में 12 प्रतिशत की तेजी आई है. वारी रिन्‍यूवेबल एनर्जी के शेयर 11 प्रतिशत चढ़कर 1300 रुपये के ऊपर कारोबार कर रहा है. Tips म्‍यूजिक कंपनी के शेयर 8 फीसदी चढ़े हैं. एथर एनर्जी का शेयर 7.8 फीसदी चढ़ा है.  187 शेयरों में अपर सर्किट  बीएसई के 4,207 एक्टिव शेयरों में से 2,354 शेयर तेजी पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 1686 शेयरों में गिरावट आई है. 167 शेयर बिना बदलाव के कारोबार कर रहे हैं. 147 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई स्‍तर पर हैं और 76 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर हैं. 187 शेयरों में अपर सर्किट और 147 स्‍टॉक में लोअर सर्किट लगा है.  आज क्‍यों आई इतनी तेजी?  लार्ज कैप स्‍टॉक ने मार्केट को संभाला है और तेजी की ओर रुख किया है. टाइटन और बैंक स्‍टॉक में अच्‍छी ग्रोथ देखने को मिली है. कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और एसबीआई जैसे बैंक‍िंग शेयर 2.5 फीसदी तक चढ़े हैं. इसके अलावा, ग्‍लोबल सेंटीमेंट भी चेंज होता हुआ दिख रहा है. अमेरिकी फेड रेट में कटौती की भी उम्‍मीद बढ़ गई है. डॉलर के मुकाबले रुपया भी अच्‍छी ग्रोथ दिखा रहा है. 

रूसी तेल पर ट्रंप के आरोपों को भारत का जवाब – पहले देशहित, बाकी बाद में

नई दिल्ली डोनाल्ड ट्रंप के रूसी तेल वाले दावे पर भारत का जवाब आ गया है. भारत ने साफ कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता भारत के लोग हैं और कुछ नहीं. ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत का तेल आयात भारत के हितों की रक्षा के आधार पर तय होता है. भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना भारत की प्राथमिकता है. दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि उन्हें पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा. इसी दावे पर विदेश मंत्रालय ने बयान दिया है. ट्रंप के बयान पर भारतीय विदेश मंत्रालय का बयान विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ‘भारत तेल और गैस का एक प्रमुख आयातक देश है. अस्थिर वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना हमारी निरंतर प्राथमिकता रही है. हमारी आयात नीतियां पूरी तरह इसी उद्देश्य से निर्देशित होती हैं. ऊर्जा की स्थिर कीमतें सुनिश्चित करना और आपूर्ति को सुरक्षित रखना हमारी ऊर्जा नीति के दो प्रमुख लक्ष्य रहे हैं. इसके तहत हमने अपने ऊर्जा स्रोतों का विस्तार किया है और बाजार की परिस्थितियों के अनुसार विविधीकरण किया है.’ अमेरिका संग संबंधों पर क्या कहा? विदेश मंत्रायल ने आगे भारत संग संबंधों पर कहा, ‘जहां तक अमेरिका का संबंध है, हम कई वर्षों से अपनी ऊर्जा खरीद को बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं. पिछले एक दशक में इसमें लगातार प्रगति हुई है. वर्तमान प्रशासन ने भारत के साथ ऊर्जा सहयोग को और गहरा करने में रुचि दिखाई है. इस विषय पर बातचीत जारी है.’ डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा था?  डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समाचार एजेंसी एएनआई की ओर से पूछे गए एक सवाल के जवाब में दिया. एएनआई ने एक सवाल किया कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति भारत को एक विश्वसनीय साझेदार मानते हैं? इस पर ट्रंप ने कहा, ‘हां, बिल्कुल. वह (पीएम मोदी) मेरे मित्र हैं. हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं. भारत रूस से तेल खरीद रहा है, इससे मैं खुश नहीं था. हालांकि, उन्होंने अब मुझे आश्वासन दिया है कि भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा. यह एक बड़ा कदम है. अब हमें चीन से भी यही करवाना होगा.’ क्यों निराश हैं ट्रंप? ट्रंप यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने में अपनी असमर्थता के कारण निराश हैं. इस युद्ध की शुरुआत लगभग चार साल पहले रूस के आक्रमण से हुई थी. उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति असंतोष व्यक्त किया है, जिन्हें वह सुलह की राह में सबसे बड़ी बाधा बताते रहे हैं. ट्रंप का शुक्रवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मिलने का कार्यक्रम है. चीन के बाद भारत रूसी तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है और ट्रंप ने इसके दंड के तौर पर अगस्त में भारत पर शुल्क बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था.  

मप्र में मौसम का बदलता मिजाज: कई जिलों में ठंड बढ़ी, दक्षिण में बादल-बूंदाबांदी की संभावना

भोपाल मध्य प्रदेश में अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। मानसून विदा हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद कई जिलों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर जारी है। वहीं उत्तरी हवाओं के चलते प्रदेश के कई इलाकों में रातें ठंडी होने लगी हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। भोपाल, इंदौर और सागर संभाग में ठंडी हुईं रातें प्रदेश के बड़े शहरों में रात के तापमान में तेजी से गिरावट देखने को मिली है। भोपाल, इंदौर और सागर संभाग के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। भोपाल, इंदौर और सागर संभाग की रातें अब ठंडी होने लगी हैं। तापमान 17 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। दूसरी ओर, प्रदेश के दक्षिणी हिस्से के 9 जिलों में आज बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है। खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में आज मौसम भीग सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि भले ही प्रदेश से मानसून विदा हो चुका हो, लेकिन अगले कुछ दिन हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। रात के तापमान में गिरावट  प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 20 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। नौगांव और खंडवा में सबसे कम 15.4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। वहीं भोपाल में रात का तापमान 20.6 डिग्री, इंदौर में 18.2 डिग्री और ग्वालियर में 18 डिग्री रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में बर्फबारी के कारण ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश में पहुंच रही हैं, जिससे रातें सर्द होने लगी हैं। मानसून की विदाई, पर असर बरकरार इस साल मानसून 16 जून को प्रदेश में दाखिल हुआ था और 13 अक्टूबर को पूरी तरह विदा हो गया। कुल 3 महीने 28 दिन तक सक्रिय रहा। इसके बावजूद दक्षिणी एमपी में बारिश का असर बना हुआ है। मौसम विभाग ने 16 से 18 अक्टूबर तक हल्की बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है। ऐसी रही इस वर्ष की बरसात इस बार सबसे ज्यादा बारिश गुना में हुई – 65.6 इंच। मंडला और रायसेन में भी 62 इंच से ज्यादा पानी बरसा। वहीं, शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार जैसे जिलों में सबसे कम वर्षा हुई। सीजन की शुरुआत में बारिश की कमी से जूझ रहे इंदौर संभाग में सितंबर में झमाझम बारिश हुई, जिससे यहां सामान्य बारिश का लक्ष्य पूरा हो गया। हालांकि, उज्जैन जिले में अब भी कोटा पूरा नहीं हुआ है। सागर, रीवा, जबलपुर और शहडोल संभागों में मानसून का जोरदार असर रहा। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के सभी 8 जिलों ने औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की, जिनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं। 

बिहार से सबक: चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में SIR पर कर सकता है ढील

नई दिल्ली बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर उठे विवादों और कानूनी चुनौतियों के बाद, चुनाव आयोग (EC) अब इस प्रक्रिया में बड़े बदलाव करने जा रहा है। इसका उद्देश्य मतदाताओं की परेशानियों को कम करना और प्रक्रिया को मतदाता अनुकूल बनाना है। बिहार में SIR के दौरान दस्तावेजों की जटिल मांग, फॉर्म न भरने पर नामों की बड़ी संख्या में हटाई गई प्रविष्टियां (डिलीशन) और बहुत कम समय सीमा जैसी समस्याओं को लेकर मतदाताओं में असंतोष था। अब आयोग इन तीनों बिंदुओं पर लचीलापन लाने की योजना बना रहा है। दस्तावेजों की अनिवार्यता में ढील बिहार में पहली बार हर मतदाता से नए दस्तावेजों की मांग की गई थी, जिससे लोगों में भ्रम और तनाव फैला। अब आयोग इस नीति में बदलाव पर विचार कर रहा है ताकि कम से कम मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने पड़ें। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) पुराने रजिस्टरों और पारिवारिक लिंक के आधार पर ऐसे मतदाताओं की पहचान कर रहे हैं जिनसे नए सिरे से प्रमाण पत्र नहीं मांगे जाएंगे। फॉर्म न भरने पर नाम हटाने की नीति में बदलाव बिहार में इस साल SIR के दौरान करीब 65 लाख नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे इनमें मृतक, स्थानांतरित व्यक्ति और वे लोग शामिल थे जिन्होंने एन्यूमरेशन फॉर्म या दस्तावेज जमा नहीं किए। यह प्रक्रिया पहले के रिवीजन की तुलना में असामान्य थी। अब आयोग विचार कर रहा है कि ड्राफ्ट सूची से नाम न हटाए जाएं, बल्कि हर मतदाता को अंतिम सूची प्रकाशित होने से पहले फिर से शामिल होने का अवसर दिया जाए। समय सीमा बढ़ाने पर विचार बिहार में SIR प्रक्रिया तीन महीने तक चली। 25 जून से एक महीने तक एन्यूमरेशन, फिर 30 दिन में वेरिफिकेशन, और 30 सितंबर को अंतिम सूची जारी की गई। यह कार्यक्रम विधानसभा चुनावों की घोषणा से सिर्फ छह दिन पहले पूरा हुआ। इस तंग समय सीमा ने मतदाताओं और सरकारी कर्मचारियों दोनों पर बेहद दबाव डाला। अब आयोग मानता है कि इतनी कठोर समय सीमा, वह भी चुनाव से ठीक पहले, व्यावहारिक नहीं है। इसलिए भविष्य के SIR में अवधि बढ़ाने का फैसला लिया जा सकता है। बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी में होंगे SIR चुनाव आयोग के पास अगले SIR के लिए ज्यादा समय नहीं है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में मई 2026 तक नई विधानसभा बननी है। आयोग आम तौर पर फरवरी के अंत तक चुनाव कार्यक्रम घोषित करता है, इसलिए दीपावली के तुरंत बाद इन राज्यों में SIR की घोषणा की संभावना है। हाल ही में बाढ़ या मौसम की विपरीत परिस्थितियों से प्रभावित राज्य तथा वे राज्य जहां स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं, उनमें SIR को अगले चरण में आयोजित किया जाएगा।

छपरा में होगा सियासी मुकाबला, खेसारी की पत्नी RJD से, BJP की छोटी कुमारी से टक्कर

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव में भोजपुरी बेल्ट छपरा विधानसभा सीट पर दिलचस्प फाइट होने वाली है. इस सीट पर आरजेडी ने भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में झंडा गाड़ चुके एक्टर सिंगर खेसारी लाल यादव की पत्नी चंदा देवी को टिकट दिया है. खेसारी लाल यादव ने कुछ ही दिन पहले तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी. वहीं बीजेपी ने इस सीट पर छोटी कुमारी को टिकट दिया है. छोटी कुमारी स्थानीय नेता हैं.  बीजेपी उम्मीदवार छोटी कुमारी बिहार के सारण जिले में छपरा विधानसभा क्षेत्र की जिला परिषद अध्यक्ष हैं. बीजेपी ने छोटी कुमारी को ये टिकट वर्तमान विधायक सीएन गुप्ता का टिकट काट कर दिया है. इस तरह से इस सीट पर स्टार पावर से लैस चंदा देवी और जमीनी कार्यकर्ता छोटी कुमारी के बीच मुकाबला है.  खेसारी लाल यादव छपरा के ही रहने वाले हैं. इस लिहाज से इस बार उनकी सिनेमाई लोकप्रियता का सियासी टेस्ट होगा. खेसारी लाल यादव ने कहा था कि वे बिहार के लिए कुछ करना चाहते हैं, उन्होंने कहा कि वह अपनी पत्नी को चुनाव लड़ने के लिए मनाना चाह रहे थे तो उन्हें मुश्किल हो रही थी, क्योंकि उनकी पत्नी पारिवारिक महिला है और दो बच्चों की मां हैं. उन्होंने अपने बच्चे की परवरिश में थोड़ी सी भी कमी नहीं की है. इसलिए उन्हें लगता है अगर वे राजनीति में आएंगी तो उन्हें वक्त की दिक्कत हो सकती है. खेसारी ने कहा कि वे चार दिनों से पत्नी को मनाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन अब उनकी पत्नी चुनाव लड़ने को राजी हो गई हैं. आखिरकार आरजेडी ने चंदा देवी को टिकट दे दिया है. खेसारी मुंबई में रहकर एक्टिंग और सिंगिग पर ध्यान देते हैं. उनकी पत्नी भी वहीं रहती हैं.  वहीं बीजेपी ने चंदा देवी के टक्कर में छोटी कुमारी को मैदान में उतारा है. इसके लिए पार्टी ने मौजूदा विधायक सी.एन. गुप्ता का टिकट काट दिया है.  माना जा रहा है कि यह कदम क्षेत्र में एंटी-इनकंबेंसी के कारण उठाया गया माना जा रहा है. छोटी कुमारी एक महिला उम्मीदवार के रूप में पार्टी की रणनीति का हिस्सा हैं, जो स्थानीय स्तर पर सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता रही हैं.  छपरा सीट की कहानी छपरा विधानसभा सीट पर बीजेपी की परंपरागत सीट रही है. सी एन गुप्ता दो कार्यकाल से इस सीट से जीत रहे हैं. छपरा सीट पर यादव, राजपूत, ब्राह्मण, बनिया और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या निर्णायक रही है.  सीएन गुप्ता को 2020 के विधान चुनाव में 75,710 वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर रहने वाले रणधीर सिंह को 68, 939 वोट मिले थे. यानी कि सीएन गुप्ता की जीत का मार्जिन ज्यादा नहीं था.  2015 के चुनाव में सीएन गुप्ता को 71,646 वोट मिले थे. इस चुनाव में आरजेडी के रणधीर सिंह को 60,267 वोट मिले थे.  इस बार रणधीर सिंह आरजेडी जोड़ जेडीयू में शामिल हो चुके हैं और वे बगल की सीट मांझी से जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. इस लिहाज से यहां की पूरी टक्कर दिलचस्प हो चुकी है. 

पति-पत्नी के रिश्ते में दर्दनाक अंत, डॉक्टर ने पत्नी को इंजेक्शन देकर ली जान: पुलिस जांच जारी

बेंगलुरु बेंगलुरु के विक्टोरिया अस्पताल के 32 साल के जनरल सर्जन डॉ. महेंद्र रेड्डी ने अपनी चिकित्सकीय जानकारी का इस्तेमाल किसी की जान बचाने के बजाय अपनी पत्नी की जान लेने के लिए किया। छह महीने तक इसे प्राकृतिक मौत माना गया, लेकिन अब पुलिस ने खुलासा किया है कि यह एक सुनियोजित हत्या थी। 28 साल की त्वचा रोग विशेषज्ञ (डर्मेटोलॉजिस्ट) डॉ. कृतिका रेड्डी की मौत के मामले में उनके पति महेंद्र को 14 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, महेंद्र ने एनेस्थीसिया की जानलेवा खुराक देकर पत्नी की हत्या की। आपको बता दें कि दोनों का विवाह 26 मई 2024 को हुआ था। मौत से महज 11 महीने पहले। व्हाइटफील्ड डीसीपी एम. परशुराम ने बताया, “महेंद्र ने अपनी पत्नी की हत्या बड़ी सावधानी से योजनाबद्ध की थी। वह उसकी चिकित्सीय कमजोरियों को जानता था और उसने उसी का फायदा उठाया।” पुलिस जांच से पता चला कि 21 अप्रैल को महेंद्र ने अपने घर पर पत्नी को पेट दर्द के बहाने IV इंजेक्शन दिया। अगले दिन वह उसे मराठहल्ली स्थित मायके ले गया, यह कहते हुए कि उसे आराम की जरूरत है। 23 अप्रैल की रात, वह दोबारा ससुराल पहुंचा और एक और इंजेक्शन लगाया। अगले दिन सुबह 24 अप्रैल को कृतिका को बेसुध पाया गया। डॉक्टर होने के बावजूद महेंद्र ने सीपीआर देने का प्रयास नहीं किया और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पहले इसे अनैसर्गिक मृत्यु बताया गया था, लेकिन पोस्टमार्टम और एफएसएस रिपोर्ट में शरीर में एनेस्थीसिया के अंश पाए गए। इसके बाद केस को हत्या में बदला गया। कृतिका के पिता के. मुनी रेड्डी की शिकायत पर महेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। उन्होंने कहा, “हमारी बेटी को लगता था कि उसका विवाह सम्मान और प्रेम पर आधारित है। पर उसी मेडिकल ज्ञान का इस्तेमाल उसकी जान लेने के लिए किया गया।” जांच में पता चला कि शादी के बाद महेंद्र को यह मालूम हुआ कि कृतिका को लंबे समय से गैस्ट्रिक और मेटाबॉलिक विकार हैं। परिवार ने यह जानकारी पहले नहीं दी थी। पुलिस को शक है कि इसी बात ने उसके भीतर नाराजगी और प्रतिशोध की भावना पैदा की जो अंततः हत्या में बदल गई। पत्नी की मौत के बाद भी महेंद्र ने खुद को सामान्य दिखाने की कोशिश की। उसने पुलिस से कहा कि उसकी पत्नी की मौत स्वाभाविक थी। परंतु FSL रिपोर्ट के बाद पुलिस ने उसे भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) के तहत गिरफ्तार किया। बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने कहा, “पुलिस टीम ने उस हत्या को उजागर किया जिसे एक मेडिकल दुर्घटना की तरह पेश किया गया था।” डॉक्टर कृतिका वह 4 मई को अपना खुद का क्लिनिक स्किन एंड स्कैल्पेल खोलने वाली थीं। उनके सहयोगियों ने बताया, “वह हमेशा कहती थीं कि डर्मेटोलॉजी के जरिए महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती हैं। यह सोचना भी दर्दनाक है कि उनका अपना पति ही उनके खिलाफ हो गया।”