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आज का राशिफल 30 अक्टूबर 2025: मकर वालों के लिए खुशियों का दिन, सभी 12 राशियों की भविष्यवाणी

मेष आज के दिन अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए दफ्तर में अवसरों का लाभ उठाएं। अपने पार्टनर के साथ टाइम बिताते हुए प्रेमी को खुश रखें। समृद्धि के कारण आप समझदारी भरे पैसों से जुड़े डिसीजन ले सकते हैं। आज आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। वृषभ आज के दिन ऐसे बिजनेस पर विचार करना अच्छा है, जिनमें विभिन्न संस्कृति के लोगों को पढ़ाने, लिखने या उनके साथ जुड़ने की आवश्यकता होती है। यह समय दूसरों के साथ अपने संबंधों पर ध्यान केंद्रित करने और अपने व्यक्तिगत और कामकाजी जीवन में संतुलन स्थापित करने का है। मिथुन आज के दिन नई चीजों की खोज करें, जिससे सोचने का नया तरीका विकसित होगा। सीखने और अधिक ज्ञान की खोज करने के लिए जिज्ञासु और उत्सुक रहने का आपका स्वभाव मददगार साबित होगा। कर्क आज के दिन लोगों के साथ काम करने का आपका अनुभव और एक टीम तैयार करने में सक्षम होने से आपको फायदा होगा। उन पदों के बारे में सोचें, जिनमें सामुदायिक भागीदारी, सोशल मीडिया सहभागिता या टीम वर्क की आवश्यकता होती है। सिंह आज के दिन एक छोटा सा बिजनेस शुरू करने या ऐसी एक्टिविटी में शामिल होने का एक अच्छा समय हो सकता है, जो आपकी स्किल्स में सुधार कर सकती है। दिल के मामलों में, आप पा सकते हैं कि आपका ध्यान रिश्ते के दोस्ताना पहलू की ओर अधिक केंद्रित हो रहा है। कन्या आज के दिन आपके टीममेट्स को आपकी परफॉर्मेंस अच्छी लगेगी और आपके बॉस आपके आइडिया की तारीफ भी करेंगे। सिंगल लोगों के लिए, डेटिंग शुरू करने का सबसे अच्छा टाइम है। तुला आज के दिन कुछ लोगों को मोटिवेट करने के लिए आपकी कंपनी आपको रिवर्ड दे सकती है, जो प्रमोशन या जिम्मेदारियों में तब्दील हो सकता है। अपने परिवार के सपोर्ट के लिए ग्रेटफुल रहें। वृश्चिक आज के दिन आपके आइडिया और कम्यूनिकेशन स्किल्स दूसरों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। इससे आपको पहचान मिल सकती है। प्रभावी ढंग से काम्पिटिशन करने के लिए या अपनी कम्यूनिकेशन स्किल्स को बढ़ाने के लिए किसी कोर्स में टाइम इन्वेस्ट करने का यह एक अच्छा समय है। धनु आज के दिन आप अपने जीवन के कई पहलुओं पर विचार करेंगे। वर्कप्लेस पर, उन पदों के बारे में सोचें, जो आपको नेम और फेम दोनों दिला सकें। आपके पास किसी प्रोजेक्ट को शुरू करने या मैनेजमेंट के सामने पेश करने के मौके होंगे। मकर आज के दिन सही पार्टनर ढूंढने का यह अच्छा समय रहेगा, खासकर सोशल इवेंट्स में या किसी एक्टिविटी में शामिल होने के दौरान। अपनी इन्श्योरेन्स पॉलिसीज पर फोकस रखें, खासकर जब बात किसी कार, बाइक या गैजेट्स की हो। कुंभ आज के दिन अगर शेयर बाजार में निवेश करने पर विचार कर रहे हैं तो किसी फाइनेंशियल एड्वाइजर से सलह लेने पर जरूर विचार करें। सिंगल लोगों को किसी पार्टी, स्कूल या यहां तक ​​कि सोशल इवेंट्स में कोई स्पेशल साथी मिल सकता है। मीन आज के दिन अपनी क्रीएटिवटी का पता लगाने का दिन है। आप अपनी क्षमता का पता लगाने के लिए अधिक इच्छुक महसूस करेंगे। जॉब इंटरव्यू के दौरान या जरूरी डॉक्युमेंट्स जमा करते समय अपनी स्किल्स दर्शाने की बात आती है तो संकोच न करें।

जीतन राम मांझी का वार—राहुल गांधी की सभा पर कसा करारा तंज

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता जा रहा है। बिहार चुनाव के लिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की हुई चुनावी सभा पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि टूटा हुआ कांच कभी नहीं जुड़ता है। वे जो जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, वह कभी नहीं जुड़ेगा। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि बिहार की जनता समझदार है और एनडीए के साथ है। उन्होंने पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए महागठबंधन के घोषणापत्र को कागज का एक टुकड़ा करार दिया। उन्होंने कहा कि हम मगध से हैं। हमने जंगलराज और आतंक के दिन देखे हैं, जब विकास का नामोनिशान नहीं था। मांझी ने पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डबल इंजन सरकार ने जंगलराज वाले बिहार में बदलाव लाया है। अब स्थिति काफी सुधर चुकी है और निरंतर विकास के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि जंगलराज में उनके पिता ने जो बिहार को कलंकित किया, अब उस कलंक को मिटाने के लिए वे बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं। हमारा मानना है कि बिहार की जनता इतनी भोली नहीं है कि वे अपने पूर्वजों पर हुए अत्याचार को भूल जाएं। राहुल गांधी को जननायक और तेजस्वी को नायक कहे जाने पर उन्होंने कहा कि ये लोग जननायक कर्पूरी ठाकुर का मजाक उड़ा रहे हैं। लोगों को समझना चाहिए कि जनता में 'जननायक' उपाधि का व्यापक सम्मान और स्वीकृति है। उनका मजाक उड़ाकर वे कर्पूरी ठाकुर और उनकी विरासत का अपमान कर रहे हैं। बिहार के लोगों को यह समझना होगा कि यह पूज्य नेता और उनके योगदान का अनादर है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन का घोषणापत्र सिर्फ झूठ का एक पुलिंदा है, जिस पर बिहार की जनता कभी विश्वास नहीं कर सकती है। मांझी ने दावा किया कि बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनेगी। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए दो चरण में वोटिंग होगी। 14 नवंबर को परिणाम घोषित किए जाएंगे।

देशभर की अदालतों में देरी पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, कहा– अब बनेगा आरोप तय करने का एक समान नियम

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को देशभर की अदालतों में आपराधिक मामलों में आरोप तय करने में हो रही लंबी देरी पर चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि यह देरी न्याय प्रणाली की दक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। कई बार आरोपी सालों तक जेल में बंद रहते हैं, लेकिन मुकदमा शुरू ही नहीं हो पाता। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि देशभर में कई ऐसे केस हैं, जिनमें चार्जशीट दाखिल हुए 3-4 साल हो गए, लेकिन मुकदमा शुरू ही नहीं हुआ। अदालत ने साफ संकेत दिया कि वह अब इस समस्या पर पूरे देश के लिए समान दिशानिर्देश जारी करने पर विचार कर रही है, ताकि इस प्रणालीगत देरी को समाप्त किया जा सके। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा को अमाइकस क्यूरी (न्यायालय मित्र) नियुक्त किया है। साथ ही भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अटॉर्नी जनरल से भी इस विषय पर न्यायालय की सहायता करने को कहा गया है। अदालत ने बिहार राज्य के वकील को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया है। पीठ एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोपी करीब दो साल से जेल में था। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि चार्जशीट 2023 में दाखिल की गई थी, लेकिन अभी तक आरोप तय नहीं हुए हैं। इस पर जस्टिस अरविंद कुमार ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, "दीवानी मामलों में मुद्दे तय नहीं होते, आपराधिक मामलों में आरोप तय नहीं होते। आखिर कठिनाई क्या है? अगर यह स्थिति जारी रही, तो हम पूरे देश के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करेंगे।" सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 251(बी) में यह प्रावधान है कि सत्र न्यायालय के मामलों में पहली सुनवाई से 60 दिनों के भीतर आरोप तय किए जाने चाहिए, लेकिन अदालतों में इसका पालन नहीं हो रहा।

चिराग पासवान का हमला: असदुद्दीन ओवैसी मुसलमानों को ‘अपनी प्रॉपर्टी’ समझते हैं

पटना  केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के मुसलमानों पर दिए बयान पर जोरदार पलटवार करते हुए कहा कि वे मुसलमानों को अपनी निजी संपत्ति मानते हैं। वह बिहार में आकर धर्म के आधार पर बांटने की राजनीति और डर पैदा करते हैं। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कई चुनावी सभाओं को संबोधित किया। उन्होंने संबोधन में कहा कि अगर 3 फीसदी वाला उपमुख्यमंत्री बन सकता है, तो 17 फीसदी वाला मुसलमान समाज से उपमुख्यमंत्री क्यों नहीं बन सकता? उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील की है कि वे अपनी नेतृत्व की क्षमता खुद विकसित करें। ओवैसी के बयान पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि इन लोगों ने मुसलमानों को अपनी निजी संपत्ति समझ लिया है। वे किस अधिकार से कह रहे हैं कि मुसलमानों को किसे वोट देना चाहिए या किसे नहीं देना चाहिए। मतदान करना एक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। लोकतंत्र में ओवैसी किस तरह की मानसिकता को बढ़ावा दे रहे हैं, सिर्फ इसलिए कि आप जीत नहीं सकते, सिर्फ इसलिए कि जब आपके विधायक जीतते हैं, तब भी वे आपको छोड़ देते हैं। चिराग ने कहा कि ओवैसी कब तक मुसलमानों में डर फैलाते रहेंगे? आप कब तक डर की राजनीति करते रहेंगे। मैं मुस्लिम समुदाय से कहना चाहता हूं कि आप कब तक डर की राजनीति से इस्तेमाल होते रहेंगे। इन चीजों से बाहर निकलिए। सत्ता में जिसे लाना है, उसे वोट कीजिए, जवाबदेही तय कीजिए। उन्होंने कहा कि बिहार में राजद की 15 साल की सरकार में मुसलमानों ने जवाबदेही तय की होती तो ये हालात नहीं होते। एनडीए सरकार का जिक्र करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि हमारी सरकार बिना भेदभाव के सभी धर्मों को लाभकारी योजनाएं दे रही है। हम भेद नहीं करते। सरकार की लाभकारी योजनाओं का लाभ मुसलमानों को भी मिल रहा है। लेकिन, ओवैसी की सिर्फ धर्म के नाम पर बांटने की राजनीति प्रदेश के लिए सही नहीं है। वे हमारे देश-प्रदेश को किस कगार पर ले जाना चाह रहे हैं। हमारा मंत्र विकास की बात करता है। मैं खुद बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट की बात करता हूं।

गुरुपर्व से पहले खुशखबरी! पाकिस्तान उच्चायोग ने 2100+ सिख तीर्थयात्रियों को दी अनुमति

नई दिल्ली पाकिस्तान उच्चायोग ने गुरु नानक जयंती पर्व से पहले 2100 से अधिक सिख तीर्थयात्रियों के वीजा जारी किए हैं। ये जानकारी बुधवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी गई। पाकिस्तानी हाई कमीशन ने एक्स पोस्ट में कहा,"नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन ने भारत से सिख तीर्थयात्रियों को बाबा गुरु नानक देव जी के जन्म उत्सव में शामिल होने के लिए 2100 से ज्यादा वीजा जारी किए हैं, जो 04-13 नवंबर 2025 तक पाकिस्तान में होंगे।" पिछले साल दोनों देशों ने डिप्लोमैटिक चैनलों के जरिए श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर पर हुए समझौते को और पांच साल के लिए बढ़ाने पर सहमति जताई थी। यह समझौता 24 अक्टूबर 2019 को भारत से तीर्थयात्रियों को करतारपुर साहिब कॉरिडोर के जरिए पाकिस्तान के नरोवाल में गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर जाने में आसानी के लिए किया गया था, और यह पांच साल के लिए मान्य था। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, इससे भारतीय तीर्थयात्रियों के पाकिस्तान में पवित्र गुरुद्वारे में जाने के लिए कॉरिडोर का बिना किसी रुकावट के इस्तेमाल सुनिश्चित हुआ। भारत ने पाकिस्तान से यह भी आग्रह किया था कि वह तीर्थयात्रियों पर कोई फीस या चार्ज न लगाए। तीर्थयात्री लगातार पाकिस्तान द्वारा प्रति तीर्थयात्री (प्रति यात्रा) पर लगाए जाने वाले 20 अमेरिकी डॉलर सर्विस चार्ज को हटाने की मांग कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2019 में करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन किया था, जब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में 550 भारतीय तीर्थयात्रियों का पहला जत्था सीमा पार पवित्र स्थान पर गया था। 1947 में बंटवारे के बाद भारत की सीमा पार से आने वाले लोगों के लिए यह पवित्र स्थान बंद कर दिया गया था। 1999 में मरम्मत और जीर्णोद्धार के बाद गुरुद्वारा तीर्थयात्रियों के लिए खोल दिया गया था, और तब से सिख जत्थे नियमित रूप से इस स्थान पर जाते रहे हैं। 22 अप्रैल को हुए भयानक पहलगाम आतंकी हमलों के बाद सुरक्षा हालात को देखते हुए करतारपुर साहिब कॉरिडोर की सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं। इस साल की शुरुआत में, गुरुद्वारा दरबार साहिब के गर्भगृह में बाढ़ का पानी घुसने के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों की भारी आलोचना भी हुई थी। इस बीच, कई रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने भारतीय सिख तीर्थयात्रियों, या "जत्थों" के देश में आने के दौरान भारत विरोधी बातें फैलाने की योजना बनाई है। 'खालसा वॉक्स' की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सोशल मीडिया पर चल रही बातों से पता चलता है कि 2 अगस्त को लाहौर के होटल गुलबर्ग में एक इंटर-एजेंसी मीटिंग हुई थी, जिसमें सिक्योरिटी एजेंसियों, इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीएसजीपीसी) के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों ने गुरुद्वारों में भारत विरोधी बैनर और नारे लगाने का आइडिया दिया था, लेकिन ईटीपीबी और पीएसजीपीसी दोनों ने इस प्रस्ताव का जबरदस्त विरोध किया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईटीपीबी के एक अपर सचिव ने चेतावनी दी कि तीर्थयात्रा का राजनीतिकरण करने से भारत ऐसी यात्राओं को अनिश्चित काल के लिए सस्पेंड कर सकता है, जो पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे बोर्ड के लिए एक बड़ा झटका होगा। इसमें बताया गया है कि सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया कि 8 मई को करतारपुर कॉरिडोर बंद होने के बाद से ईटीपीबी को हर महीने लगभग 70 मिलियन पाकिस्तानी रुपये का नुकसान हो रहा है, और दो बड़ी सालाना सिख तीर्थयात्राएं रद्द होने से यह नुकसान और भी बढ़ गया है।

‘सिलेबस से बाहर गया वादा’ — मैथिली ठाकुर ने तेजस्वी पर कसा तंज, कहा अब रोजगार का क्या हुआ?

पटना  बिहार में अलीनगर से भाजपा प्रत्याशी और प्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर ने बुधवार को कहा कि जब से उन्होंने जंगलराज की परिभाषा समझी है और मुख्यमंत्री पद की अहमियत को समझा है, तब से वह नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री के रूप में देखती हैं। उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव के नौकरी से जुड़े बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तेजस्वी यादव के उस ऐलान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर हमारी सरकार सत्ता में आएगी, तो हर परिवार में से एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। मैथिली ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि मुझे यह समझ नहीं आ रहा है कि आखिर कैसे वो सत्ता में आने के बाद हर परिवार में से एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे पाएंगे। किसी भी सरकारी विभाग में नौकरी सीमित संख्या में होती है। ऐसी स्थिति में हर परिवार में से किसी एक सदस्य को नौकरी देने का विचार ही समझ से परे है। हमें अपने प्रदेश में नौकरियों का सृजन करने के लिए अपने यहां निवेशकों को आमंत्रित करना होगा, तभी यहां पर नौकरियों का सृजन करना होगा। मैथिली ठाकुर ने कहा कि बिहार में बेरोजगारी को दूर करने के लिए हमें युवाओं के कौशल निर्माण पर ध्यान देना होगा, तभी यहां से बेरोजगारी दूर होगी। अगर हम ऐसा करेंगे, तो निश्चित तौर पर लोगों के पास अपनी जीविका चलाने के लिए एक ठोस माध्यम होगा। अब ऐसी स्थिति में अगर कोई हर परिवार को सरकारी नौकरी देने का वादा कर रहा है, तो यह सिलेबस से ही बाहर नजर आता है। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में मैथिली ठाकुर ने प्रदेश की जनता से एक बार फिर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को एक बार फिर से नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। वह इस पद के लिए सबसे उपयुक्त दावेदार हैं। उन्होंने हमेशा से ही प्रदेश के विकास के लिए काम किया। उनके कार्यकाल में प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास कार्य होते हुए दिख रहे हैं। जब उनसे शराबबंदी पर सवाल किया गया, तो मैथिली ठाकुर ने कहा कि मैं इस विषय पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगी, क्योंकि अभी मेरा विशेष रूप से ध्यान मेरे विधानसभा क्षेत्र पर है। मैं अभी अपने क्षेत्र के लोगों की आवाज उठा रही हूं। उनकी समस्याओं पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही हूं। मैथिली ठाकुर ने अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन की तरफ से तारीफ किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए बहुत अच्छा अनुभव है कि कोई मेरी तारीफ कर रहा है। निसंदेह इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि पिछले कुछ दिनों से जिस तरह की स्थिति से मैं गुजर रही हूं और जिस तरह से उन्होंने मेरी तारीफ की है, उससे मेरा उत्सावर्धन हुआ है, जिसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने के बाद मुझे लगा था कि मैं इसे छोड़ दूं। मेरी बस की बात नहीं है, क्योंकि मैं संगीत के क्षेत्र से आती हूं। संगीत क्षेत्र हमेशा से ही मेरे लिए ऐसा रहा है, जहां पर लोगों ने मेरी तारीफ की है। मेरी प्रशंसा की है। जहां कहीं भी मैं गई हूं, लोगों ने मुझसे गाने की ही फरमाइश की है. लेकिन राजनीति में आने के बाद मेरा अनुभव अच्छा नहीं रहा। सभी लोग मेरी टांग खींचते नजर आए। हालांकि अब मेरे अंदर आत्मबल आ चुका है। मैं अंदर से काफी अच्छा महसूस कर रही हूं। अभी चुनाव प्रचार का दौर जारी है। मैं लोगों के बीच में जा रही हूं। मुझे अच्छा लग रहा है। मैथिली ठाकुर ने कहा कि मैं अपने जीवन के बारे में नहीं सोचती हूं। मैं यह विश्वास करती हूं कि एक अदृश्य शक्ति मुझे चला रही हूं। मुझे अच्छे से याद है कि मैं बचपन में सोचती थी कि मैं बड़ी होकर ब्यूरोक्रेट बनूंगी, लेकिन ईश्वर की इच्छा कुछ और रही और मैं गायिका बन गई। इसके बाद मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन में राजनीति में आ जाऊंगी, लेकिन स्थिति कुछ ऐसी हो गई कि मैं अब राजनीति में आ चुकी हूं। मैं यह विश्वास करती हूं कि एक अदृश्य ईश्वरीय शक्ति मुझे संचालित कर रही है।

दिल्ली में पार्किंग फीस में उछाल: NDMC ने ऑफ-रोड व इनडोर पार्किंग का शुल्क दोगुना किया — 29 अक्टूबर से

नई दिल्ली  पलूशन की मार के बीच दिल्लीवालों के लिए ये खबर टेंशन बढ़ा सकती है। CAQM के आदेश को मानते हुए नई दिल्ली नगर पालिका परिषद ने पार्किंग शुल्क को बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। नई दरें आज यानी 29 अक्टूबर से ही लागू हो गई हैं। आदेश के अनुसार,यह तब तक लागू रहेगा जब तक ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चरण-II हटाया नहीं जाता।   यह बढ़ोतरी NDMC क्षेत्र के सभी ऑफ-रोड और इनडोर पार्किंग स्थलों पर लागू होगी। यह फैसला ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-II के लागू होने के बाद लिया गया है,जो राजधानी में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने के कारण शुरू हुआ है। एक नोटिस के अनुसार वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में चरण-II ('बहुत खराब' हवा की गुणवत्ता) के उपायों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। एक वरिष्ठ एनडीएमसी (NDMC) अधिकारी ने न्यूज एजेंसी को बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की ओर से जारी आदेश के पालन में NDMC की तरफ से प्रबंधित पार्किंग (ऑफ-रोड/इनडोर) के लिए पार्किंग शुल्क को मौजूदा दरों से दोगुना कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी 29 अक्टूबर से GRAP के चरण-II के हटने तक जारी रहेगी। कहां लागू होगा यह फैसला? अधिकारी ने बताया कि NDMC वर्तमान में 126 पार्किंग स्थलों का प्रबंधन करती है। इन 126 साइट्स में 99 ऑफ-रोड, 3 इनडोर/मल्टी-लेवल कार पार्क और 24 ऑन-स्ट्रीट साइट्स शामिल हैं। अधिकारी ने कहा,"पार्किंग शुल्क बढ़ाने के फैसले से कुल 102 पार्किंग स्थल प्रभावित होंगे।" वाहन प्रकार     वर्तमान फीस (रुपये में)    नई फीस (रुपये में) चार पहिया वाहन     20    40 दो पहिया वाहन     10    20 बस                             150    300 कार (इंडोर)            10    20 स्कूटर (इंडोर)            5    10

बिहार में गरजे मोहन यादव: कांग्रेस को बताया राम और सीता के विरोधी विचारों वाली पार्टी

भोपाल/पटना मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 29 अक्टूबर को बिहार के बांका जिले की कटोरिया विधानसभा, भागलपुर जिले की नाथनगर विधानसभा और मधेपुरा जिले की आलमनगर विधानसभा में चुनाव प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने जनता से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पक्ष में समर्थन मांगा। उनकी सभा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज बिहार में अद्भुत काम हुए हैं। कांग्रेस की सरकारों ने किसानों की अवहेलना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार किसान सम्मान निधि प्रदान की। बिहार में 74 लाख किसानों को सम्मान निधि मिल रही है। बहनों को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिल रही है। बहनें एक-एक पैसे का उपयोग परिवार के लिए करती हैं। बहनें खाली पेट रहने के बाद भी परिवार का ख्याल रखती हैं। उनकी वजह से हमारा परिवार आगे बढ़ता है। उन्होंने कटोरिया विधानसभा से एनडीए प्रत्याशी के लिए कहा कि पूरन लाल पूरनमासी का चांद है। मैं आप सबके भरोसे पूरन लाल को विजय की माला पहनाता हूं। आप सब इन्हें समर्थन दें और कमल का फूल खिलाएं। सीएम डॉ. मोहन ने नाथनगर विधानसभा से मिथुन यादव और अलामपुर विधानसभा से नरेंद्र नारायण के समर्थन में जनता से वोट देने की अपील की।   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बिहार के अंदर आगे बढ़ने-विकास करने की अपार क्षमता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया भारत को सम्मान की दृष्टि से देख रही है। एनडीए सरकार के जरिये बिहार और देश आगे बढ़ें। हमारा मानना है कि हर घर का बेटा आगे बढ़ना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी एक मात्र ऐसी पार्टी है जो हर वर्ग को आगे बढ़ने का मौका देती है। उन्होंने कहा कि मेरे घर में कोई विधायक नहीं, कोई सांसद नहीं, मंत्री का तो सवाल ही नहीं उठता, मुख्यमंत्री की तो सोच भी नहीं सकते थे। उसके बावजूद एक किसान और यादव परिवार के व्यक्ति को भाजपा आगे बढ़ाती है। इस जातिवाद के माहौल में हमारी पार्टी सोचती है कि हर व्यक्ति आगे बढ़ना चाहिए। सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास के भाव के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी को आगे लेकर चलते हैं। कांग्रेसियों ने कुछ नहीं सोचा सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक के बाद एक धार्मिक पर्यटन के केंद्र बनते जा रहे हैं। कभी कोई कल्पना कर सकता है कि भगवान राम-कृष्ण के देश में उनका ही विरोध होगा। कांग्रेसी किस मुंह से चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेसियों ने तो सवाल किया कि इसका क्या प्रमाण है कि भगवान राम कहां पैदा हुए। कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं ने हाई कोर्ट-सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र देकर भगवान राम पर प्रश्न खड़े किए। माता सीता ने बिहार में जन्म लेकर राम राज्य की स्थापना की। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीता माता के जन्म स्थान को भी भव्य तीर्थ स्थल बना रहे हैं। कांग्रेस और उनके साथियों की इतनी सरकारें रहीं, लेकिन किसी ने इस ओर नहीं सोचा। पीएम मोदी के नेतृत्व में बदल रहा देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नाथनगर विधानसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश बदल रहा है। साल 2005 के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने भी करवट बदली है। प्राचीन काल में बिहार अंग प्रदेश का हिस्सा था, जिसकी राजधानी चंपानगर थी। भारत अपने गौरवशाली अतीत को साथ लेकर आगे बढ़ते हुए सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर बनवाया। कांग्रेस वाले तो कोर्ट में भी श्रीराम के बजूद को चुनौती देते हैं।

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव विद्यार्थियों के खातों में गुरूवार को अंतरित करेंगे 300 करोड़ रूपये की छात्रवृत्ति

 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों को पहुँचेगा फायदा भोपाल मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार 30 अक्‍टूबर को 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में समेकित छात्रवृत्ति योजना की 300 करोड़ रूपये से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन के सभागार में आयोजित होगा। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह और जनजातीय कल्याण मंत्री कुँवर विजय शाह भी मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव विद्यार्थियों और जन-समुदाय को वर्चुअली संबोधित करेंगे। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण सभी जिलों के समस्त विद्यालयों में भी होगा। कार्यक्रम में समेकित छात्रवृत्ति योजना के पात्र विद्यार्थी जिला अथवा विकासखण्ड के विद्यालयों के समेकित छात्रवृत्ति कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में विधायक और जन-प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। उल्‍लेखनीय है कि समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन में समेकित छात्रवृत्ति योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। इस योजना के तहत 6 विभागों स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय विभाग की 20 प्रकार की छात्रवृतियों की राशि प्रदान की जाती है। समेकित छात्रवृत्ति योजना में प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा-1 से 12 तक अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से स्वीकृत की गई है। मुख्‍यमंत्री द्वारा अंतरित की जाने वाली राशि में स्कूल शिक्षा विभाग की 7 प्रकार की छात्रवृत्ति जैसे सामान्य निर्धन वर्ग छात्रवृत्ति, सुदामा प्री-मेट्रिक, स्वामी विवेकानन्द पोस्ट मेट्रिक, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति, पितृहीन कन्याओं की छात्रवृत्ति, इकलोती बेटी की शिक्षा विकास छात्रवृत्ति की राशि भी शामिल है। लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किये निर्देश लोक शिक्षण संचालनालय ने समेकित छात्रवृत्ति-2025 के संबंध में समस्त जिला शिक्षा अधिकारी एवं जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्तों को निर्देश जारी किये हैं। निर्देश में जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रम में विद्यार्थियों और स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को शामिल किये जाने के संबंध में निर्देश दिये गये हैं।  

MLA पर टूटा कानून का शिकंजा: पंजाब पुलिस ने दर्ज की FIR, बढ़ी सियासी गर्मी

जालंधर  हरियाणा पुलिस ने आप विधायक कुलवंत सिंह बाजीगर (शुतराणा) और छह अन्य लोगों के खिलाफ थाना गुहला, कैथल में एफ.आई.आर. दर्ज की है। यह कार्रवाई 28 अक्टूबर 2025 को शिकायतकर्ता गुरचरण सिंह काला (कैथल) की शिकायत के आधार पर की गई। एफ.आई.आर. संख्या 217/2025 के तहत विधायक और अन्य आरोपियों पर कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। यह एफ.आई.आर. इस महीने के दौरान राजनीतिक और कानून व्यवस्था के लिहाज़ से एक बड़ी घटना मानी जा रही है। धारा 115 – अपराध के लिए उकसाना धारा 126 – राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ना धारा 140(2) – हथियारों के साथ गैरकानूनी जमावड़ा धारा 351(2) – हमला या बल प्रयोग धारा 61 बीएनएस – प्रतिबंधित पदार्थों का कब्ज़ा धारा 25 शस्त्र अधिनियम – आग्नेयास्त्रों का अवैध कब्ज़ा