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आरक्षण सीमा पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त नसीहत, 50% से ऊपर नहीं होने की दी चेतावनी

नई दिल्ली आरक्षण से जुड़े मामले पर सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को चुनाव पर रोक तक लगाने की चेतावनी दे दी है। अदालत ने सोमवार को साफ कर दिया है कि स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण 50 प्रतिशत से ज्यादा की अनुमति नहीं दी जाएगी। खास बात है कि अदालत की तरफ से चेतावनी ऐसे समय पर आई है, जब निकाय चुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच मंगलवार से शुरू हो रही है। जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाला बगची की बेंच सुनवाई कर रही थी। कोर्ट में क्या कहा गया सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने कहा कि कुछ निकाय ऐसे हैं, जहां OBC यानी अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए 27 आरक्षण ने 50 फीसदी की सीमा पार कर दी है। ऐसे में यह सुप्रीम कोर्ट की तरफ से 6 मई को जारी आदेश का उल्लंघन है। सिंह ने कहा कि आदेश में चुनाव आयोग को जुलाई 2022 में आई बांठिया आयोग की रिपोर्ट से पहले के ओबीसी निर्देशों का पालन करने के आदेश दिए गए थे। एडवोकेट सिंह सिंह और नरेंद्र हुड्डा ने दावा किया कि 40 प्रतिशत से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा का उल्लंघन किया गया, जबकि कुछ स्थानों पर यह लगभग 70 प्रतिशत है। क्या बोला कोर्ट बेंच ने कहा कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव 2022 की जे के बांठिया आयोग की रिपोर्ट से पहले की स्थिति के अनुसार ही कराए जा सकते हैं, जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणियों में 27 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की गई थी। शीर्ष न्यायालय का कहना है कि अब जब बांठिया आयोग की सिफारिशों को राज्य सरकार ने पूरी तरह लागू नहीं किया है, तो स्थानीय निकाय के चुनाव जुलाई 2010 से पहले लागू क्षेत्रों में ओबीसी आरक्षण के हिसाब से होंगे। महाराष्ट्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुरोध पर पीठ ने मामले की सुनवाई 19 नवंबर के लिए तय की, लेकिन राज्य सरकार से कहा कि वह 50 प्रतिशत की सीमा से आगे न बढ़े। शीर्ष अदालत ने कहा, 'अगर दलील यह है कि नामांकन शुरू हो गया है और अदालत को अपना काम रोक देना चाहिए, तो हम चुनाव पर रोक लगा देंगे। इस अदालत की शक्तियों का इम्तिहान न लें।' पीठ ने कहा, “हमारा संविधान पीठ द्वारा निर्धारित 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा को पार करने का कभी इरादा नहीं था। हम दो न्यायाधीशों वाली पीठ में बैठकर ऐसा नहीं कर सकते। बांठिया आयोग की रिपोर्ट अब भी न्यायालय में विचाराधीन है, हमने पहले की स्थिति के अनुसार चुनाव कराने की अनुमति दी थी।” शीर्ष अदालत ने उन याचिकाओं पर भी नोटिस जारी किया, जिनमें आरोप लगाया गया है कि कुछ मामलों में राज्य के स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है। महाराष्ट्र में 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के लिए चुनाव दो दिसंबर को होंगे, जबकि मतगणना तीन दिसंबर को होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 नवंबर थी और 18 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। 21 नवंबर तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे, जबकि चुनाव चिह्न और उम्मीदवारों की सूची 26 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।

शेख हसीना को मौत की सजा पर बांग्लादेश में बवाल, स्थानीय हिंसा में दो लोगों की जान गई

ढाका  बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को पिछले साल हुई हिंसा मामले में मौत की सजा सुनाए जाने के बाद पड़ोसी देश एक बार फिर उबल पड़ा है। न्यायाधिकरण ने पूर्व गृहमंत्री और शेख हसीना को सामूहिक हत्या का दोषी करार दिया था। वहीं अब आवामी लीग के समर्थक सड़कों पर उतर पड़े हैं। ढाका की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कई जगहों पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। स्थानीय मीडिया की बात करें तो हिंसा में अब तक दो लोगों के मारे जाने की खबर है। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार को फैसले के बारे में सारी जानकारी थी। इसीलिए ढाका में पहले ही पुलिस और सैन्य बल की तैनाती कर दी गई थी। मोहम्मद यूनुस के आवास की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके बावजूद सोमवार को फैसला आने केबाद से ही ढाका की तनाव बढ़ गया है। आवामी लीग का कहना है कि न्यायाधिकरण ने यह फैसला अंतरिम सरकार और सेना के इशारे पर केवल राजनीतिक बदले की भावना से सुनाया है। ऐसे में आवामी लीग ने दो दिन के राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया है। शेख हसीना को देश की विशेष अदालत 'अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने पिछले वर्ष जुलाई में हुए व्यापक विद्रोह के दौरान मानवता के विरुद्ध अपराधों के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी। न्यायाधिकरण ने पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी मृत्युदंड तथा पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल मामून को पांच साल की सजा दी है। मामून ने अपराध स्वीकार कर सरकारी गवाह बनने का निर्णय लिया था। न्यायाधिकरण ने हसीना और असदुज्जमां की संपत्तियाँ जब्त करने का आदेश भी दिया है। फैसला उनकी अनुपस्थिति में सुनाया गया क्योंकि शेख हसीना इन दिनों भारत में रह रही हैं। मामून हिरासत में हैं। फैसला आने के तुरंत बाद शेख हसीना ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "यह फैसला राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है और पूरी तरह पक्षपातपूर्ण है। मैंने कोई आदेश नहीं दिया, न किसी को उकसाया। यदि किसी निष्पक्ष अदालत में साक्ष्यों की ईमानदारी से जांच हो, तो मुझे अपने खिलाफ लगाए गए किसी भी आरोप का सामना करने में कोई डर नहीं है। मुझे न्यायपालिका पर विश्वास है, लेकिन जो प्रक्रिया अपनाई गई, वह न्याय का उल्लंघन है।" अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने कहा कि यह फैसला सिद्ध करता है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है और यह कदम लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि देश को अब कानून, जवाबदेही और भरोसे की नई संरचना तैयार करनी है। फैसला आने के तुरंत बाद शेख हसीना ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "यह फैसला राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है और पूरी तरह पक्षपातपूर्ण है। मैंने कोई आदेश नहीं दिया, न किसी को उकसाया। यदि किसी निष्पक्ष अदालत में साक्ष्यों की ईमानदारी से जांच हो, तो मुझे अपने खिलाफ लगाए गए किसी भी आरोप का सामना करने में कोई डर नहीं है। मुझे न्यायपालिका पर विश्वास है, लेकिन जो प्रक्रिया अपनाई गई, वह न्याय का उल्लंघन है।" अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने कहा कि यह फैसला सिद्ध करता है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है और यह कदम लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि देश को अब कानून, जवाबदेही और भरोसे की नई संरचना तैयार करनी है। बंगलादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत सरकार से शेख हसीना और असदुज्जमां को प्रत्यर्पित करने का औपचारिक अनुरोध भेजने की घोषणा की है। मंत्रालय ने कहा कि मानवता के विरुद्ध दोषी ठहराए गए व्यक्तियों को शरण देना किसी भी देश का गैरदोस्ताना कदम कदम होगा। दोनों देशों के बीच 2016 की प्रत्यर्पण संधि का हवाला दिया गया है। विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने बताया कि प्रत्यर्पण का अनुरोध पत्र ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग या नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के माध्यम से भेजा जाएगा। अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण में शेख हसीना के खिलाफ तीन और मामले लंबित हैं, जिन पर निर्णय अभी बाकी है। जुलाई 2024 में आर्थिक संकट, भ्रष्टाचार और बेरोज़गारी से उपजे छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के कारण हसीना सरकार गिर गयी थी। पाँच अगस्त को वह भारत आ गयीं और प्रोफ़ेसर यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने सत्ता संभाली। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, विद्रोह के दौरान लगभग 1,400 लोग मारे गए। हसीना ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया को दिए कई साक्षात्कारों में इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा था कि गोलीबारी "बंगलादेश पुलिस के सामान्य हथियारों जैसी नहीं थी"।

भाजपा-झेडीयू के बीच स्पीकर पद की जंग, दिल्ली पहुंचे ललन सिंह और संजय झा

नई दिल्ली बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार के गठन की कवायद चल रही है. मंगलवार को जेडीयू और भाजपा दोनों दलों के विधायक दलों की बैठक होने वाली है. इन बैठकों में दोनों दल अपने-अपने विधायक दल के नेता का चुनाव करेंगे. इस बीच मंत्रिमंडल के स्वरूप और मंत्री पद को लेकर दोनों दलों के बीच चर्चा चल रही है. अभी तक की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों दल बिहार सरकार में बराबर मंत्री पद लेंगे. इस बीच सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि दोनों दल विधानसभा अध्यक्ष पद चाहते हैं. इसी के मद्देनजर जेडीयू-बीजेपी के शीर्ष नेता आज दिल्ली में मीटिंग करेंगे. जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और जेडीयू कोटे के केंद्रीय मंत्री ललन सिंह बीती रात पटना से दिल्ली रवाना हुए थे. मंगलवार को ये दोनों नेता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं. स्पीकर के अलावा सरकार में महत्वपूर्ण विभागों को लेकर भी दोनों दलों की ओर से दावेदारी चल रही है. बीजेपी हर हाल में स्पीकर का पद अपने पास रखना चाहती है. सोमवार देर रात तक पटना में प्रदेश बीजेपी के नेताओं ने इस पर चर्चा की थी. इसके अलावा चिराग पासवान, जीतनराम मांझी और उपेन्द्र कुशवाहा से बातचीत का जिम्मा धर्मेंद्र प्रधान संभाल रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, इन तीनों सहयोगी दलों के साथ सरकार गठन को लेकर सहमति बन चुकी है. छोटे दलों से बात कर रहे हैं धर्मेंद्र प्रधान इस बीच बुधवार 19 नवंबर को बीजेपी और जेडीयू विधानमंडल दल की अलग–अलग बैठकें बुलाई गई हैं. दोनों दलों की बैठक के बाद एनडीए विधानमंडल दल की बैठक भी 19 नवंबर को होगी. 20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा. मौजूदा विधानसभा में तीन बार स्पीकर बदल चुके हैं. फिलहाल यह पद भाजपा के नंदकिशोर यादव के पास है. इससे पहले जेडीयू और राजद के बीच गठबंधन के वक्त स्पीकर पद राजद के अवध बिहारी चौधरी के पास था. उससे पहले भाजपा के विजय सिन्हा विधानसभा अध्यक्ष थे. हालांकि, इससे पहले यानी 2020 से पहले नीतीश कुमार की जेडीयू ने हमेशा अपने पास विधानसभा अध्यक्ष का पद रखा. विधायकों की अदला-बदली या फिर कमजोर बहुमत वाली सरकार होने की स्थिति में विधानसभा अध्यक्ष का पद राजनीतिक रूप से काफी अहम हो जाता है. वैसे एक मजबूत सरकार होने की स्थिति में इस पद को पार्टियां अपने किसी वरिष्ठ नेता को समायोजित करने का जरिया मानती हैं.  

भारत बनाम साउथ अफ्रीका: गुवाहाटी टेस्ट में बदलाव, लंच से पहले ब्रेक और नई टाइमिंग

 गुवाहाटी टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका के हाथों कोलकाता के ईडन गार्डन्स में हुए टेस्ट मैच में 30 रनों से हार झेलनी पड़ी थी. भारतीय टीम को जीत के लिए 124 रनों का टारगेट मिला था, लेकिन शुभमन गिल ब्रिगेड 93 रनों पर ही सिमट गई. साउथ अफ्रीका ने भारत में 15 साल बाद कोई टेस्ट मैच जीता. इस जीत के चलते साउथ अफ्रीकी टीम टेस्ट सीरीज में 1-0 से आगे हो गई. अब भारतीय टीम को सीरीज बराबर करने के लिए दूसरे एवं आखिरी टेस्ट मैच में हर हाल में जीत हासिल करनी होगी. भारत-साउथ अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला 22 नवंबर (शनिवार) से गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है. इस मुकाबले की टाइमिंग बदली-बदली नजर आएगी. कोलकाता टेस्ट मैच भारतीय समयानुसार सुबह 9.30 बजे शुरू हुआ था, लेकिन इस मुकाबले के शुरू होने टाइमिंग भारतीय समयानुसार सुबह 9 बजे रखी गई है. भारत में टेस्ट मैच आमतौर पर सुबह 9.30 बजे शुरू होते हैं, लेकिन पूर्वोत्तर भारत में सूर्योदय और सूर्यास्त जल्दी होने के कारण भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने टाइमिंग में बड़ा बदलाव किया है. 22 नवंबर को गुवाहाटी में टॉस सुबह 8:30 बजे कराया जाएगा और फिर पहली गेंद 9 बजे फेंकी जाएगी. पांचों दिन पहला सत्र 9 से 11 बजे तक होगा. इसके बाद 20 मिनट का टी-ब्रेक लिया जाएगा. फिर दूसरा सत्र 11.20 बजे से 1.20 बजे तक होगा. दूसरे सत्र की समाप्ति के बाद 40 मिनट का लंच ब्रेक निर्धारित किया गया है. फिर दोपहर 2 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक आखिरी सत्र होगा. यदि निर्धारित समय में पूरे ओवर्स नहीं होते हैं तो खेल को आधा घंटा बढ़ाया भी जाएगा. यानी मुकाबला शाम 4.30 बजे तक चल सकता है. BCCI ने पूरे मसले पर क्या कहा? ऐसा शायद पहली बार होने जा रहा है, जब किसी डे टेस्ट में पहले टी ब्रेक और फिर लंच ब्रेक लिया जाएगा. यानी सालों की परंपरा टूटने जा रही है. बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने ईएसपीएन क्रिकइंफो से कहा, 'यह व्यावहारिक फैसला है. सर्दियों के समय पूर्वोत्तर भारत में सूर्योदय और सूर्यास्त बहुत जल्दी हो जाते हैं. शाम 4 बजे तक रोशनी काफी कम हो जाती है और उसके बाद ज्यादा खेल संभव नहीं हो पाता है. इसी चलते हमने इस टेस्ट मैच को जल्दी शुरू करने का फ़ैसला लिया, खेल सुबह 9 बजे शुरू होगा.' कोलकाता टेस्ट मैच में ऑफ-स्पिनर साइमन हार्मर ने कुल 8 विकेट लेकर साउथ अफ्रीका की जीत में अहम भूमिका निभाई. मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने पहली पारी में 159 रन बनाए थे. भारत के लिए जसप्रीत बुमराह ने पांच विकेट चटकाए. फिर भारतीय टीम की पहली पारी 189 रनों पर सिमटी, जिसके कारण उसे केवल 30 रनों की लीड मिली. इसके बाद साउथ अफ्रीका ने कप्तान टेम्बा बावुमा के नाबाद 55 रनों की बदौलत अपनी दूसरी इनिंग्स में 153 रन बनाए. भारतीय बल्लेबाजों से मैच की चौथी पारी में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने निराश किया और मुकाबला गंवा बैठे. वॉशिंगटन सुंदर (31) और अक्षर पटेल (26) ही कुछ संघर्ष कर सके. अब भारतीय टीम गुवाहाटी टेस्ट मैच में तीनों डिपार्टमेंट में अच्छा प्रदर्शन करना चाहेगी. दूसरे टेस्ट के लिए भारत का फुल स्क्वॉड: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उप-कप्तान/विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, अक्षर पटेल, देवदत्त पडिक्कल, आकाश दीप और नीतीश कुमार रेड्डी. दूसरे टेस्ट के लिए साउथ अफ्रीका का फुल स्क्वॉड: एडेन मार्करम, रयान रिकेल्टन, ट्रिस्टन स्टब्स, टेम्बा बावुमा (कप्तान), टोनी डी जोरजी, डेवाल्ड ब्रेविस, काइल वेरेने (विकेटकीपर), साइमन हार्मर, मार्को जानसेन, केशव महाराज, कगिसो रबाडा, कॉर्बिन बॉश, सेनुरन मुथुसामी, जुबैर हम्जा और वियान मुल्डर.

आयोग ने एसआईआर के दौरान दस्तावेज़ प्रस्तुत करने के नियम स्पष्ट किए

एसआईआर के दौरान दस्तावेज प्रस्तुति के संबंध में आयोग द्वारा निर्धारित किए गए नियमों को किया स्पष्ट भोपाल  भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2025 की प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और मतदाता–हितैषी बनाने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि Enumeration Phase के दौरान किसी भी मतदाता को अनावश्यक कागज़ी प्रक्रिया या दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की आवश्यकता न पड़े। इसी उद्देश्य से आयोग ने निम्नलिखित नियम अनिवार्य रूप से लागू किए हैं:         1. Enumeration Phase में किसी भी मतदाता से कोई भी दस्तावेज़ (जैसे जन्म प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण, पहचान पत्र आदि) नहीं लिया जाएगा।         BLO का कार्य केवल घर–घर जाकर भौतिक उपस्थिति की पुष्टि करना और उपलब्ध जानकारी को फॉर्म में दर्ज करना है।         2. ERO द्वारा दस्तावेज़ केवल तभी माँगे जाएंगे जब Draft Roll प्रकाशित होने के बाद किसी मतदाता की उपलब्ध जानकारी, Declaration या Enumeration Form या डेटाबेस से मेल न खाती हो।         3. जिन मतदाताओं या उनके माता–पिता का नाम राज्य की अंतिम Intensive Revision सूची (2003 या उससे पहले) में दर्ज है, ऐसे सभी मतदाताओं को ‘Pre-validated’ पूर्व-सत्यापित माना गया है। ऐसे मतदाताओं से BLO द्वारा किसी भी प्रकार के प्रमाण–पत्र या दस्तावेज़ की माँग नहीं की जाएगी। BLO केवल वर्तमान निवास की पुष्टि करेगा। आयोग का उद्देश्य नागरिकों को सरलीकृत, सुगम और भरोसेमंद प्रक्रिया उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता दस्तावेज़ों की कमी, भ्रम या अनावश्यक औपचारिकताओं के कारण मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।  

उज्जैन के पत्रकारों ने पत्रकारिता जगत के प्रेरणास्रोत

डॉ. नवीन आनंद जोशी, अध्यक्ष – मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का किया सम्मान उज्जैन पत्रकारिता की तपस्विनी भूमि उज्जैन में उस समय गरिमा और गौरव का वातावरण सृजित हो उठा, जब प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार और मध्य प्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी का सम्मान स्थानीय पत्रकारों द्वारा बड़े आदर एवं उत्साह के साथ किया गया। समारोह में उपस्थित पत्रकार साथियों ने डॉ. जोशी को न केवल अपनी शुभकामनाएँ दीं, बल्कि यह संकल्प भी दोहराया कि देश–प्रदेश के पत्रकारों के विरुद्ध होने वाले शोषण, अन्याय और दमन के प्रत्येक प्रयास के सामने वे एकजुट होकर खड़े रहेंगे। डॉ. जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पत्रकार की कलम सिर्फ शब्द नहीं लिखती, वह समाज के अधिकारों की रक्षा की प्रहरी भी है। जब कभी सत्ता या व्यवस्था अन्याय के पक्ष में झुके, तब पत्रकार का साहस ही सच की लौ को जलाए रखता है। उन्होंने यह भी आह्वान किया कि"कलम की धार जितनी पैनी होगी, संघर्ष की राह उतनी ही उज्ज्वल बनेगी; पर आवश्यकता पड़े तो पत्रकार समाज तलवार की तरह तेज होकर भी खड़ा हो — क्योंकि सच की रक्षा के लिए दोनों ही आवश्यक हैं।" उज्जैन के पत्रकारों ने यह भरोसा दिलाया कि वे हर परिस्थिति में प्रेस क्लब और पत्रकार बिरादरी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे, ताकि सत्य, स्वतंत्रता और जनतंत्र की आवाज़ कभी कमजोर न पड़े। हमने कलम को दिया है जुनून का उजाला, अन्याय की दीवारों पर लिखा है हर दर्द का लफ़्ज़ निराला। जो चल पड़ा है सच की राह, उसे रोक न पाएगा कोई ज़माना — कलम भी हमारी हथियार, और हौसला हमारी चमकती तलवार का पाला। जहाँ हक़ की पुकार दबाने की कोशिश होगी, वहाँ हम आवाज़ बनकर उठ खड़े होंगे बार–बार; हम पत्रकार हैं, सच के सिपाही — कलम से भी लड़ेंगे, और ज़रूरत पड़ी तो हक़ की लड़ाई तलवार-सी धार।

अमित शाह की बैठक के बीच दिल्ली ब्लास्ट जांच में तेजी, 30 स्थानों पर ED और अन्य एजेंसियों की रेड

नई दिल्ली दिल्ली ब्लास्ट और उससे जुड़े फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल की जांच में अब केंद्र सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है. इसी सिलसिले में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर औपचारिक रूप से केस दर्ज कर लिया है और शनिवार सुबह से ही देश के तीन राज्यों में बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चल रहा है. ED के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार सुबह से दिल्ली, हरियाणा के फरीदाबाद और मध्यप्रदेश में कुल 30 लोकेशंस पर एक साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. यह छापेमारी सीधे तौर पर उस नेटवर्क को खंगालने के लिए है जो फरिदाबाद टेरर मॉड्यूल और कथित व्हाइट कॉलर आतंकी फंडिंग के शक के दायरे में आया है. अमित शाह की हाई-लेवल मीटिंग के बाद एक्शन में ED सूत्र बताते हैं कि यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई, बल्कि इसकी पृष्ठभूमि केंद्रीय गृह मंत्रालय में एक अहम बैठक में तैयार हुई थी. इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह के साथ केंद्रीय खुफिया एजेंसी IB, जांच एजेंसियाँ NIA और ED के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे. इस बैठक में दिल्ली ब्लास्ट के बाद सामने आए नए इनपुट्स खासकर टेरर फंडिंग, “व्हाइट कॉलर टेररिज़्म” और मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट पर विस्तृत चर्चा हुई थी. इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने साफ चेतावनी दी थी कि इस हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादी अगर पाताल में भी छुपे हैं, तो जांच एजेंसियां उन्हें खोज कर निकालेंगी. गृह मंत्री ने बैठक में साफ निर्देश दिया था कि दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े हर आर्थिक लिंक की गहराई से जांच की जाए. आतंकी फंडिंग या हवाला नेटवर्क को नहीं छोड़ा जाए. ED और NIA को विशेष अधिकारों के साथ त्वरित और संयुक्त कार्रवाई का “ग्रीन सिग्नल” दिया जाए. इसी मीटिंग के बाद यह तय हो गया था कि टेरर मॉड्यूल की फंडिंग लाइन को तलाशने के लिए ED एक अलग मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज कर तेज कार्रवाई शुरू करेगी. फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल कितना बड़ा? पिछले सप्ताह दिल्ली ब्लास्ट की जांच में यह संकेत मिला था कि मॉड्यूल के तार सिर्फ जमीन पर काम कर रहे आतंकियों से नहीं, बल्कि व्हाइट कॉलर नेक्सस से भी जुड़े हो सकते हैं, जहां शिक्षा संस्थानों, एनजीओ, निजी कारोबारियों और मध्यस्थों के जरिए धन का प्रवाह हो रहा था. इसी शक के बाद एजेंसियों ने अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े लेन-देन, फंड मूवमेंट और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी. अब जब पर्याप्त इनपुट्स सामने आए, तो ED ने PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग कानून) के तहत मामला दर्ज कर छापेमारी शुरू कर दी. अमित शाह की अध्यक्षता वाली हाई-लेवल बैठक के ठीक बाद इतनी बड़ी कार्रवाई से साफ है कि केंद्र सरकार दिल्ली ब्लास्ट को सिर्फ एक आतंकी घटना नहीं, बल्कि एक संगठित और व्यापक टेरर नेटवर्क की तरह देख रही है. इसी वजह से दिल्ली में धमाका करने वालों के साथ-साथ उन ‘व्हाइट कॉलर’ व्यक्तियों तक पहुंचने की कोशिश है, जो पर्दे के पीछे फंडिंग, लॉजिस्टिक्स और सपोर्ट सिस्टम खड़ा कर रहे थे.

अल फलाह ट्रस्ट पर ED का बड़ा एक्शन, केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं दिल्ली-फरीदाबाद में छापेमारी

 नई दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार सुबह दिल्ली के ओखला इलाके में स्थित अल-फलाह ट्रस्ट और फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कई ठिकानों पर बड़े स्तर पर छापेमारी की. ये छापे मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के एक मामले में हो रहे हैं, जिसमें यूनिवर्सिटी और इसके मालिकों-प्रबंधकों पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं. सूत्रों के मुताबिक, ED ने अल-फलाह ट्रस्ट के ओखला स्थित मुख्यालय, यूनिवर्सिटी कैंपस और संचालकों के निजी आवास समेत 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. दिल्ली के जामिया नगर, ओखला विहार और फरीदाबाद के सेक्टर-22 स्थित कैंपस में ED की टीमें सुबह से ही तैनात हैं. साथ ही ईडी ने अल फलाह और उसके मालिकों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं को लेकर पीएमएलए का मामला दर्ज किया है. कई ठिकानों पर छापेमारी सूत्रों के मुताबिक, ED की टीम दस्तावेज, बैंक खातों की डिटेल, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस को जब्त कर लिया है. छापेमारी अभी जारी है और शाम तक और ठिकानों पर दबिश पड़ने की संभावना है. वहीं, ईडी की कार्रवाई को देखते हुए दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है. अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते हैं. ED ने कुछ महीने पहले ही अल-फलाह यूनिवर्सिटी और इसके मालिकों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज किया था. आरोप है कि यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट के नाम पर करोड़ों रुपये की अवैध फंडिंग की गई, विदेशी डोनेशन के नियमों का उल्लंघन हुआ और संपत्तियों के गलत इस्तेमाल के जरिए काले धन को सफेद किया गया.

मुख्यमंत्री योगी देंगे आधुनिक क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की सौगात

सीएम योगी देंगे उच्चीकृत क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की सौगात 72.78 करोड़ रुपये की परियोजना का मंगलवार को लोकार्पण करेंगे मुख्यमंत्री गोरखपुर  पुलिसिंग को अत्याधुनिक बनाने में जुटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर को उच्चीकृत क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की सौगात देंगे। वह मंगलवार (18 नवंबर) को गोरखपुर में शास्त्री चौक के समीप, जिला अस्पताल रोड पर 72.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के नवीन उच्चीकृत भवन का लोकार्पण करेंगे। अब यह प्रयोगशाला बी श्रेणी से अपग्रेड होकर ए श्रेणी की हो गई है। लोकार्पण का समारोह पूर्वाह्न 11 बजे से होगा।  गोरखपुर में स्थापित क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के भवन को उच्चीकृत कर छह मंजिला बनाया गया है। इसके साथ ही अब यहां फोरेंसिक जांच सुविधाओं का विस्तार हो जाएगा। उच्चीकृत लैब की बिल्डिंग में लैपटॉप, मोबाइल, सीसीटीवी के डाटा स्टोरेज की रिकवरी के साथ आवाज संबंधी फोरेंसिक जांच भी होगी। आग्नेय अस्त्र और विस्फोटक पदार्थों की जांच की भी मॉडर्न सुविधा उपलब्ध होगी। गृह विभाग के इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने कराया है।

बालाघाट में पुलिस का एकल सुविधा केन्द्र बना बदलाव का माध्यम, नक्सल प्रभावित क्षेत्र लाभान्वित

बालाघाट पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचालित एकल सुविधा केन्द्र की उल्लेखनीय सफलता एकल सुविधा केन्द्र के रोजगार मेले में 105 युवाओं को मिला रोजगार युवको ने हैदराबाद में किया प्रशिक्षण पूर्ण, L&T कंपनी ने देशभर के शहरों में किया पदस्थ भोपाल बालाघाट पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित “एकल सुविधा केन्द्र” लगातार महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ दर्ज कर रहा है। इसी क्रम में 36वीं बटालियन, कनकी में दिनांक 9 से 11 सितम्बर 2025 तक तीन दिवसीय रोजगार मेला आयोजित किया गया था, जिसमें लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (Larsen & Toubro Ltd.) द्वारा 105 युवाओं का प्रथम चरण में टेक्नीशियन पद पर चयन किया गया। कंपनी द्वारा चयनित सभी युवाओं को हैदराबाद में दो माह का निशुल्क प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें रहने, भोजन एवं यात्रा की संपूर्ण व्यवस्था भी कंपनी द्वारा ही की गई थी। अब इन सभी 105 युवाओं ने अपने प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है तथा उन्हें देश के विभिन्न बड़े शहरों में L&T कंपनी के तकनीशियन के रूप में पदस्थ कर किया गया है। इनमें मुंबई, पुणे, चेन्नई, बंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे औद्योगिक केंद्र शामिल हैं। यह उपलब्धि न केवल इन युवाओं के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि पूरे बालाघाट जिले के लिए प्रेरणास्रोत उदाहरण भी है। “एकल सुविधा केन्द्र” की यह पहल युवाओं को न केवल रोजगार दिलाने का माध्यम है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक ठोस कदम भी है। पुलिस प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में ऐसे रोजगार मेलों का नियमित आयोजन किया जाए ताकि अधिक से अधिक युवाओं को राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार के अवसर प्राप्त हों सकें। साथ ही, प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित की जाए जिससे वे स्थायी आजीविका की दिशा में अग्रसर हों। इस पहल ने बालाघाट पुलिस की छवि को केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था के रूप में ही  नहीं, बल्कि एक सामाजिक संरक्षक और विकास सहयोगी संस्था के रूप में स्थापित किया है। इस सफलता के साथ “एकल सुविधा केन्द्र” ने यह सिद्ध कर दिया है कि पुलिस और समाज के संयुक्त प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, समृद्धि और विकास का नया अध्याय लिखा जा सकता है।