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‘यूरोप ने भारत पर टैरिफ नहीं लगाया, ट्रंप के करीबी सहयोगी ने किया बड़ा दावा’

दावोस  अमेरिकी वित्त मंत्री स्‍कॉट बेसेंट ने यूरोपीय यूनियन को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्‍होंने दावोस में दिए एक इंटरव्‍यू में कहा कि यूरोपीय सहयोगियों ने रूसी तेल के आयात पर भारत के खिलाफ संयुक्त टैरिफ लगाने से इनकार कर दिया था, क्‍योंकि वे भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप देना चाहते थे.  स्‍कॉट बेसेंट का यूरोप पर किया गया यह व्‍यंग ऐसे वक्‍त में आया है, जब यूरोपीय यूनियन की अध्‍यक्ष उर्सला वॉन डेर लेयेन  की भारत यात्रा शनिवार से शुरू हो रही है. जिसका मकसद भारत के साथ सबसे बड़ी डील करना है. ट्रंप के खास ने पॉलिटिको को दिए एक इंटरव्‍यू में कहा कि 2025 से तीसरे देशों के खरीदारों पर 25 प्रतिशत जुर्माना लागू करने के अमेरिकी प्रयास 'सफल' रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि मैं यह भी बताना चाहूंगा कि हमारे दिखावटी यूरोपीय सहयोगियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था, क्योंकि वे भारत के साथ यह बड़ा व्यापार समझौता करना चाहते थे.  युद्ध को फंडिंग करने का आरोप  इस इंटरव्‍यू के दौरान स्‍कॉट बेसेंट ने यूरोप पर भारतीय रिफाइनरियों से रूसी तेल उत्‍पाद खरीदकर 'खुद के खिलाफ युद्ध को फंडिंग करने' का भी आरोप लगाया. वह यह कहने का प्रयास कर रहे थे कि एक तरफ यूरोप युक्रेन की तरफ है और दूसरी ओर वह रूसी तेल के खिलाफ टैरिफ न लगाकर रूस को फंड भी कर रहा है. बेसेन्ट ने आगे कहा कि विडंबना और मूर्खता की पराकाष्ठा यह है कि अनुमान लगाइए कि रिफाइन‍िंग उत्‍पाद कौन खरीद रहा था? यूरोपीय लोग…  भारत पर 25 फीसदी टैरिफ?  इस इंटरव्‍यू के दौरान स्‍कॉट बेसेंट ने संकेत दिया कि भारत पर लगा 25 फीसदी टैरिफ का जुर्माना हटाया जा सकता है. उन्‍होंने कहा कि हमाना 25 फीसदी टैरिफ बहुत सफल रहा है. रूस से भारत द्वारा तेल की खरीद ठप हो गई है. टैरिफ अभी भी लागू है, मुझे लगता है कि अब इन्‍हें हटाने का समय आ चुका है.  गौरतलब है कि अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है , जिसमें रूस से तेल खरीद पर 25 प्रतिशत का जुर्माना भी शामिल है. नई दिल्ली ने अमेरिकी कार्रवाई को बार-बार 'अनुचित, अन्यायपूर्ण और तर्कहीन' बताया है और साथ ही यह भी कहा है कि उसकी एनर्जी खरीद राष्‍ट्रीय हित के लिए है, ना कि किसी को फंडिंग के लिए.  500 फीसदी टैरिफ प्रस्‍ताव पर क्‍या बोले बेसेंट  रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने रूसी तेल की द्वितीयक खरीद और फिर रिसेल पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने के लिए एक विधेयक प्रस्तावित किया है. इस बिल पर बोलते हुए बेसेंट ने फॉक्‍स न्‍यूज को बताया कि प्रस्‍ताव सीटने के सामने है और हम देखेंगे कि यह पारित होता है या नहीं. हमारा मानना है कि ट्रंप को उस अधिकार की आवश्‍यकता न हीं है, वह इसे IEEPA के तहत कर सकते हैं, लेकिन सीनेट उन्‍हें वह अधिकार देना चाहती है. बता दें इस साल दिसंबर में, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और सरकारी स्वामित्व वाली रिफाइनरियों द्वारा मॉस्को से कच्चे तेल के आयात में भारी कटौती  के बाद, भारत रूसी ईंधन के खरीदारों में तीसरे स्थान पर आ गया है. 

पुतिन के दिल में जगह बनाने वाली महिला, क्या रूस-यूक्रेन संघर्ष को खत्म कर सकती हैं?

मॉस्को  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने रफ-टफ अंदाज के लिए पहचाने जाते हैं. उनसे यूरोप-अमेरिका सब जरा डरकर चलते हैं. हालांकि, वो कई बार पुतिन का सॉफ्ट साइड भी दुनिया को हैरान कर देता है. ऐसी है एक नजारा तब देखने को मिला था जब पुतिन से एक दिन अचानक उनके बचपन की टीचर टकरा गई थीं. पुतिन ने उन्हें देखते ही गले लगा लिया और रूसी राष्ट्रपति के चेहरे पर वो स्माइल देखने को मिली जो बेहद रेयर है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि ये टीचर एकलौती महिला हैं, जो पुतिन को जंग रोकने के लिए राजी कर सकती हैं. कौन है पुतिन की जिंदगी की ये अहम महिला? पुतिन की इन टीचर का नाम वेरा दिमित्रीवना गुरेविच है, जिन्होंने पुतिन को बचपन के बुरे दौर से रूस का राष्ट्रपति बनते हुए देखा है और उन्हें यहां तक पहुंचने में मदद भी की है. अपनी आत्मकथा ‘व्लादिमीर पुतिन: माता-पिता: दोस्त: शिक्षक’ में वेरा ने बताया कि पुतिन स्कूल में कुछ शरारती बच्चों की संगत में आ गए थे, जिनका बुरा प्रभाव पड़ा था. पुतिन बचपन में बेहद फुर्तीले, बेचैन और ऊर्जा से भरे थे. वो एक जगह स्थिर होकर नहीं बैठते थे. पुतिन लगातार अपने क्लासमेट की नोटबुक में इधर-उधर देखते रहते थे और बार-बार उनका पेन-पेंसिल डेस्क के नीचे गिरती रहती थी. वेरा ने बताया बचपन में कैसे थे पुतिन? वेरा बताती हैं कि ‘पुतिन आसानी से झगड़ों में पड़ जाते थे और अपराधी पर झपट पड़ते, अपना पूरा वजन उस पर डालकर उसे पकड़ लेते, जैसे कोई बुलडॉग लड़ता हो’. वेरा सितंबर 1964 में, गुरविच पुतिन के घर गई थीं, जहां उन्होंने देखा कि एक 11 साल का बच्चा चूहों और कीड़े-मकोड़ों से भरे घर में जिंदगी बिता रहा है. पुतिन इस घर में दिन भर अकेले रहते थे और शाम 5 बजे तक उन्हें देखने वाला कोई नहीं होता था. कैसे बदली थी पुतिन की जिंदगी गुरविच ने उस बच्चे से कहा था ‘बस करो, अब और आवारागर्दी मत करो, पढ़ाई में लग जाओ’. ये सुनकर पुतिन ने पुतिन ने जवाब दिया कि ‘अगर वो चाहें तो अपना सारा होमवर्क एक घंटे में कर सकते हैं’. वेरा गुरविच समझ गईं कि इस पुतिन को मोटीवेशन की जरूरत है. उन्होंने पुतिन के गार्जियन की भूमिका निभाई और बदले में, पुतिन ने गुरविच की बेटियों की देखभाल करके अपना आभार व्यक्त किया. पुतिन कई बार अपनी टीचर के घर पर ही रुक जाते थे और खूब पढ़ाई करते थे. यही वजह है कि आगे जाकर उन्होंने कानून की डिग्री लेने का फैसला किया. रोक सकती है रूस-यूक्रेन जंग पुतिन आज भी अपनी इस टीचर को हर रिश्ते से बढ़कर सम्मान और प्यार देते हैं. कहा जाता है कि वो आज भी जिंदगी के हर बड़े फैसले के बारे में अपनी 88 वर्षीय टीचर वेरा से जरूर बात करते हैं. ऐसे में कई लोगों का मानना है कि सिर्फ यही महिला है जो पुतिन को जंग रोकने के लिए मना सकती है.

25 जनवरी 2026 का राशिफल: ग्रहों की स्थिति बदलने से क्या होगा आपकी राशि पर प्रभाव

मेष आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। मौसम का लुत्फ उठाने के लिए अप लॉन्ग ड्राइव पर भी जा सकते हैं। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि हाेगी, परंतु कार्यक्षेत्र में बदलाव के साथ स्थान परिवर्तन भी हो सकता है। वर्क फ्रॉम होम वालों का दिन भी अच्छा रहने वाला है। वृषभ कल के दिन क्रोध से बचें। बातचीत में संतुलित रहें। पैसों के मामले में किसी चुनौती को आप अच्छे से संभाल लेंगे। टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के लिए बेहतरीन अवसर नजर आ रहे हैं। कल के दिन अपने पार्टनर के साथ कुछ बेहतरीन पल बिताएं। मिथुन परिस्थितियां अभी भी प्रतिकूल हैं। कोई रिस्क न लें। व्यापार भी अच्छा रहेगा। पूंजी का निवेश न करें। कुछ लोग घर की मरम्मत करा सकते हैं। किसी परीक्षा को हल्के में लेना आपके हित में नहीं होगा। एक नया शौक या एक्टिविटी कुछ लोगों को अपना समय क्रिएटिव रूप से मैनेज करने में मदद कर सकती है। कर्क आपके प्रयास किसी प्रोजेक्ट को पूरा करने में सफल रहेंगे। कल के दिन आपका साथी अपने दिल की बात आपसे कर सकता है। मौज-मस्ती भरी छुट्टियों पर कुछ जातकों का पैसा खर्च हो सकता है। डॉक्टर, वकील व बिजनेस करने वालों को अच्छा प्रॉफिट हो सकता है। सिंह बच्चों की सेहत पर थोड़ा ध्यान रखें। स्वास्थ्य अच्छा है लेकिन थोड़ी सी नरम गरम स्थिति रहेगी। संतान को लेकर मन में चिंता रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा। घूमने-फिरने के शौकीन लोग प्लान बना सकते हैं। स्टूडेंट्स को कल के दिन सावधानी बरतनी चाहिए। कन्या बेहतर होगा कि किसी भी वित्तीय विवाद में न पड़ें क्योंकि हो सकता है कि इसका निवारण आपके पक्ष में न हो। वेतन वृद्धि या प्रोमोशन के लिए पहल करने का यह सही समय है। अपने परिवार के संपर्क में रहने से आपको मानसिक शांति मिलेगी। तुला रुका हुआ कार्य चल पड़ेगा। आनंददायक जीवन बना रहेगा बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। गुण-ज्ञान की प्राप्ति होगी। भाग्य साथ देगा। यात्रा में लाभ मिलेगा। आर्थिक मामले सुलझेंगे। अच्छे समाचार की प्राप्ति होगी। वृश्चिक कुछ लोगों के लिए लंबे समय से बिछड़े दोस्तों से मुलाकात होना संभव है। ट्रैवल करने वालों को दिन को रोमांचक बनाने पर ध्यान देना चाहिए। जिस दोस्त पर आपने भरोसा जताया है, वह आपको निराश नहीं करेगा। धनु कल के दिन साथी के साथ गलतफहमी सुलझाने के लिए बात करें। सेहत के मामले में सावधानी बरतना फायदेमंद साबित हो सकता है। पिछले बकाया से कुछ लोगों को पैसों के मामले में राहत मिलने की संभावना है। कुछ जातक सैलरी बढ़ने की उम्मीद कर सकते हैं। मकर सिक्योर इन्वेस्टमेंट में पैसा लगाना सही दिशा में उठाया गया कदम साबित हो सकता है। बिजनेस करने वालों के लिए कल अच्छा दिन है। विदेश या शहर से बाहर का कोई व्यक्ति शुभ समाचार लेकर आ सकता है। यात्रा की समस्या से परेशान लोग अब छुट्टियों की योजना बनाना शुरू कर सकते हैं। कुंभ ट्रैवल करने वालों के लिए कल का दिन अच्छा रहेगा। कुछ लोगों को संपत्ति या धन विरासत में मिल सकता है। स्टूडेंट्स के लिए अच्छा प्रदर्शन करने की संभावना अधिक नजर आ रही है। घरेलू हेल्थ टिप्स कुछ लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी। मीन कल के दिन कम से कम विवाद होने की संभावना है। ऑफिस में किसी प्रोजेक्ट पर बारीकी से निगरानी करने की जरूरत पड़ सकती है। दिन आनंददायक बीतने वाला है, क्योंकि आप कल का दिन दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ बिता सकते हैं।

रीवा की राजकुमारी अब आध्यात्मिक गुरु, 2 बच्चों की मां ने छोड़ी फिल्म इंडस्ट्री

रीवा एक्ट्रेस, डांसर, कोरियोग्राफर रह चुकीं मोहिना कुमारी शोबिज की दुनिया छोड़कर अब पति और बच्चों संग सादगी से जिंदगी गुजार रही हैं. रीवा की राजकुमारी मोहिना ने अपने करियर के पीक पर साल 2019 में सुयश रावत संग शादी रचाई थी. शादी के बाद वो इंडस्ट्री से दूर हो गईं. मगर अब कई लोगों का दावा है कि एक्ट्रेस आध्यात्मिक गुरु बन गई हैं.  आध्यात्मिक गुरु बनीं मोहिना? दरअसल, मोहिना कुमारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो एक बड़ी भीड़ के सामने प्रवचन देती नजर आ रही हैं. मोहिना अपने भाषण में, सादगी से जिंदगी गुजारने की अहमियत बताती दिखीं और इंसानियत का संदेश देती नजर आईं.  मोहिना का वीडियो देखने के बाद लोगों का मानना है कि वो अब ग्लैमर की दुनिया छोड़कर अध्यात्म और समाज सेवा के जरिए लोगों को सही रास्ता दिखाने की कोशिश कर रही हैं.  मोहिना वायरल वीडियो में इमोशनल होती हुई भी दिखीं. वो नम आंखों से कहती दिखीं- क्या मैं बुरे काम करके, बुरी कमाई करे, वो खिलाऊं अपने बच्चो को या मैं किसी के सिर पर चढ़कर सक्सेस पाऊं? ये आज हम सोच लें अगर कि बेइमानी नहीं करनी है तो नहीं करनी है. लेकिन हमें लगता है कि हमें अपने बच्चों को ये देकर जाना है. लेकिन आपके दादा जी और दादी जी भी एक मासूम जीवन जी रहे थे. मिट्टी के घर बना रहे थे, चूल्हे पर खाना बना रहे थे, मगर फिर भी आप लोग हो ना यहां, कहीं गए तो नहीं.  मोहिना कुमारी का वीडियो देख लोग कयास लगा रहे हैं कि शायद वो आध्यात्मिक गुरु बन गई हैं. अब सच क्या है ये तो वही बता सकती हैं. मोहिना की बात करें तो वो असल जिंदगी में एक राजकुमारी हैं. वो मध्य प्रदेश के रीवा के महाराज पुष्पाराज सिंह की बेटी हैं.  प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो वो एक ट्रेंड डांसर हैं. उन्होंने 'डांस इंडिया डांस' रियलिटी शो से अपने करियर की शुरुआत की थी. वो कई टीवी सीरियल्स में भी नजर आ चुकी हैं- जैसे ये रिश्ता क्या कहलाता है, सिलसिला प्यार का, कुबूल है. मगर करियर के पीक पर उन्होंने सुयश रावत संग शादी करके शोबिज को अलविदा कह दिया था. वो दो बच्चों की मां बन चुकी हैं और खुशहाल जिंदगी जी रही हैं. 

भारतीय टीम का ऐलान: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में इस स्टार की होगी वापसी

 नई दिल्ली भारतीय महिला क्रिकेट टीम को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मेजबान देश के खिलाफ एक टेस्ट मैच भी खेलना है. इस मैच के लिए भारतीय चयनकर्ताओं ने 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है. यह चार दिवसीय टेस्ट मैच 6 से 9 मार्च तक पर्थ के ऐतिहासिक WACA ग्राउंड पर खेला जाएगा. इस टेस्ट में भारतीय टीम की कमान हरमनप्रीत कौर के हाथों में होगी, जबकि स्मृति मंधाना को उप-कप्तान बनाया गया है. टीम में प्रतीका रावल को भी शामिल किया गया है, जो आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के दौरान चोटिल हो गई थीं. वैष्णवी शर्मा और क्रांति गौड़ को भी पहली बार टेस्ट टीम में जगह मिली है. यह मुकाबला भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे के अंतिम चरण में खेला जाएगा. भारतीय महिला टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा फरवरी के मध्य में शुरू होगा, जिसमें पहले छह सीमित ओवरों के मुकाबले खेले जाएंगे. दौरे की शुरुआत तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों से होगी, इसके बाद तीन वनडे मैच खेले जाने हैं. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टी20 मैच 15 फरवरी को सिडनी में होगा. कुल मिलाकर टेस्ट टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा संतुलन देखने को मिला है. उधर विकेटकीपर बल्लेबाज जी. कमलिनी चोट के कारण पूरे दौरे से बाहर हो गई हैं, उनकी जगह उमा छेत्री को सभी फॉर्मेट के लिए टीम में शामिल किया गया है. भारतीय महिला टीम ने अपना पिछला टेस्ट मैच जून 2024 में चेन्नई में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था, जिसमें भारत ने 10 विकेट से शानदार जीत दर्ज की थी. वहीं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत का आखिरी टेस्ट मुकाबला दिसंबर 2023 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में हुआ था, जहां भारतीय टीम ने आठ विकेट से जीत हासिल की थी. अब पर्थ की तेज और उछाल भरी पिच पर भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया को मात देना चाहेगी. भारत की टेस्ट टीम टीम:  हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, अमनजोत कौर, ऋचा घोष (विकेटकीपर), उमा छेत्री (विकेटकीपर), प्रतीका रावल, हरलीन देओल, दीप्ति शर्मा, रेणुका ठाकुर, स्नेह राणा, क्रांति गौड़, वैष्णवी शर्मा और सायली सतघरे. भारत की ओडीआई टीम: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), उमा छेत्री (विकेटकीपर), काश्वी गौतम, अमनजोत कौर, रेणुका सिंह ठाकुर, श्री चरणी, जेमिमा रोड्रिग्स और हरलीन देओल. भारत की टी20 टीम: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, रेणुका सिंह ठाकुर, श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), उमा छेत्री (विकेटकीपर), जेमिमा रोड्रिग्स, अरुंधति रेड्डी, अमनजोत कौर, भारती फुलमाली और श्रेयांका पाटिल. भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे का फुल शेड्यूल 15 फरवरी- पहला टी20, सिडनी 19 फरवरी- दूसरा टी20,कैनबरा 21 फरवरी- तीसरा टी20, एडिलेड 24 फरवरी- पहला वनडे, ब्रिस्बेन 27 फरवरी- दूसरा वनडे, होबार्ट 01 मार्च- तीसरा वनडे,होबार्ट टेस्ट मैच 6 मार्च से- पर्थ

संविधान पर थरूर का बड़ा बयान, कहा– मोदी सम्मान करते हैं, RSS का रुख भी बदला

नई दिल्ली. कांग्रेस लीडरशिप से मतभेद की अटकलों के बीच वरिष्ठ नेता व सांसद शशि थरूर ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री संविधान को पवित्र मानते हैं और आरएसएस तक ने भी इसे अपना लिया है। संविधान समय की कसौटी पर खरा उतरा है। थरूर ने ये सब बातें कोझिकोड में केरल लिटरेचर फेस्टिवल में दर्शकों के एक सवाल का जवाब देते हुए कहीं। शशि थरूर ने कहा, ''आपको याद होगा मैंने 2014 में जब बीजेपी सत्ता में आई थी, तब इसके बारे में लिखा था। उस समय बहुत बातें हो रही थीं कि वे संविधान को खत्म कर देंगे और एक नया संविधान लाएंगे। यहां तक कि यह भी रिपोर्ट किया गया था कि आरएसएस के विचारक गोविंदाचार्य एक नए संविधान का ड्राफ्ट लिख रहे थे। और फिर भी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि संविधान उनकी पवित्र किताब है। असल में, अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र में अपने पहले भाषण में, उन्होंने कहा था कि संविधान ही मेरी एकमात्र पवित्र किताब है।'' कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, ''मैसेज यही था कि वह संविधान को पवित्र मानते हैं। और नतीजा यह हुआ कि जिन्होंने संविधान को रिजेक्ट किया था, जैसा कि आरएसएस ने किया था, उन्होंने भी अब इसे अपना लिया है। तो मैं कहूंगा कि समय की कसौटी पर खुद को साबित किया है। इसने अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों की सरकारों में बदलाव को झेला है और अब तो एक ऐसी पार्टी के सत्ता में आने का भी गवाह बना है जिसके आरएसएस में दार्शनिक पूर्वजों ने साफ तौर पर संविधान को रिजेक्ट कर दिया था, और फिर भी संविधान बचा रहा।" इससे पहले शुक्रवार को केरल विधानसभा चुनाव की तैयारियों और रणनीति को लेकर कांग्रेस हाईकमान ने अहम बैठक की, लेकिन शशि थरूर इसमें नहीं शामिल हुए। इससे एक बार फिर से उनके और कांग्रेस लीडरशिप के बीच मतभेद की अटकलें लगाई जाने लगीं। थरूर के कार्यालय ने कहा है कि उन्होंने कोझिकोड में केरल साहित्य महोत्सव में अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण बैठक में शामिल होने में असमर्थता के बारे में पार्टी को सूचित कर दिया था। हालांकि, थरूर के करीबी सूत्रों ने कहा कि वह बैठक में शामिल नहीं हुए क्योंकि वह इस बात से आहत हैं कि राहुल गांधी ने हाल में कोच्चि में एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर उनके मौजूद होने के बावजूद उनके नाम का उल्लेख नहीं किया और राज्य के नेताओं द्वारा बार-बार उन्हें दरकिनार करने की कोशिश की जा रही है।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण से बर्बाद हुए खेतों के लिए 1.16 करोड़ की भरपाई

गुवाहाटी गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) को आदेश दिया है कि वह नेशनल हाईवे-29 के निर्माण के दौरान एक स्थानीय भूस्वामी की संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई करे। अदालत ने कहा कि नागरिक को उसकी संपत्ति के लाभप्रद उपयोग से वंचित करना उसके मौलिक अधिकारों (अनुच्छेद 21 और 300A) का स्पष्ट उल्लंघन है। कोहिमा निवासी थजाओ सेखोसे ने अदालत में याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि NH-29 को फोर-लेन बनाने के दौरान की गई भारी खुदाई और मिट्टी कटाई की वजह से उनके क्षेत्र में भूस्खलन शुरू हो गया। उनका आरोप है कि इसके कारण उनकी तीन मंजिला आरसीसी इमारत, सूअर पालन केंद्र और सीढ़ीदार खेत पूरी तरह अनुपयोगी हो गए। निर्माण कार्य के दौरान उनके करीब 80 पेड़ काट दिए गए। उनका निजी रास्ता बंद कर दिया गया और वहां बिना अनुमति कचरा फेंका गया। जस्टिस मृदुल कुमार कलिता ने 20 जनवरी को दिए अपने आदेश में NHIDCL की दलीलों को खारिज करते हुए कई अहम बातें कहीं। कोर्ट ने कहा कि संपत्ति का नुकसान केवल आर्थिक नहीं बल्कि आजीविका के अधिकार (अनुच्छेद 21) और संपत्ति के अधिकार (अनुच्छेद 300A) का हनन है। याचिकाकर्ता को मुआवजा न देना समानता के अधिकार (अनुच्छेद 14) के खिलाफ है, क्योंकि इसी तरह के अन्य प्रभावित भूस्वामियों को NHIDCL पहले ही मुआवजा दे चुका था। NHIDCL ने तर्क दिया था कि इसके लिए ठेकेदार कंपनी (गायत्री प्रोजेक्ट्स लिमिटेड) जिम्मेदार है। लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मुख्य कार्यकारी प्राधिकरण होने के नाते जवाबदेही NHIDCL की है। वह भुगतान करने के बाद ठेकेदार से इसकी वसूली कर सकता है। 3 महीने के भीतर भुगतान का आदेश अदालत ने नुकसान का आकलन करते हुए मुआवजे का आदेश दिया है। करीब 1.16 करोड़ की संपत्ति का नुकसान हुआ है। 13.93 लाख के पेड़ काटे गए। अदालत ने सख्त निर्देश दिया है कि NHIDCL इस राशि का भुगतान तीन महीने के भीतर याचिकाकर्ता को करे। आपको बता दें कि याचिकाकर्ता 2018 से ही मुआवजे के लिए भटक रहा था। कोर्ट ने कहा कि 7 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद पीड़ित को अब सिविल कोर्ट भेजना अनुचित होगा, इसलिए हाईकोर्ट ने सीधे मुआवजे का आदेश जारी किया।

कांग्रेस में अंदरूनी वार? शकील अहमद बोले– मजबूत नेताओं से डरते हैं राहुल गांधी

नई दिल्ली. बिहार विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे चुके पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजीव और सोनिया गांधी के चहेते रहे शकील अहमद ने राहुल गांधी पर बड़ा प्रहार किया है। उन्होंने राहुल गांधी भारतीय राजनीति का सबसे डरपोक(इनसेक्योर) पॉलिटिशयन बता दिया है। कहा है कि वे मजबूत कांग्रेसियों से डरते हैं और पार्टी में लाए गए नए नेताओं को तरजीह देते हैं। यह भी दावा किया है कि मल्लिकार्जुन खरगे सिर्फ नाम के अध्यक्ष हैं। असली रिमोट राहुल गांधी के हाथ में है। शकील अहमद ने उनके संविधान और मुस्लिम कार्ड को भी फेल बताया। इलेक्ट्रानिक चैनल न्यूज18 के साथ खास वार्ता में शकील अहमद ने कहा कि राहुल जी की पौधा लगाने से ज्यादा उसे उखाड़ देने में रुची है। वे अपनी ही पार्टी के मजबूत नेताओं से डर लगता है। इस वजह से वे दूसरी पार्टी से आए नेताओं को ज्यादा तवज्जो देते हैं। मेरी नजर में राहुल जी से ज्यादा इनसेक्योर पॉलिटिशयन अब तक कोई नहीं दिखा। हिंदी में डरपोक बोलने में खराब लगता है क्योंकि यह गलत शब्द है। लेकिन सच्चाई यही है। अंग्रेजी कुछ इज्जत बचाती है। शकील अहमद ने कहा कि उनके पार्टी छोड़ने के बाद दूसरी पार्टी से आए नेता बड़े पदों पर बने हुए हैं। इसकी वजह यह है कि इन नेताओं की पार्टी में पकड़ नहीं है तो उन्हें जब चाहें उखाड़ कर फेंक सकते हैं। यह पहले से तय रखते हैं कि अमुक नेता पार्टी छोड़ दे तो क्या-क्या बिगाड़ सकता है। वह बॉस वाली फिलींग पसंद करते हैं। उन्हें कांग्रेस मजबूत चाहिए पर कांग्रेसी मजबूर चाहिए। जो उनके अलावे किसी और को नहीं जाने और उनके नियंत्रण में रहे। शकील अहमद ने यह भी कहा कि वे अपने से अधिक उम्र के नेताओं के साथ बैठना पसंद नहीं करते क्योंकि उम्रदराज नेताओं को 'आप' और 'जी' कहना पड़ता है। जहां उनके हाथ में कंट्रोल नहीं रहता है वहां से किनारा कर लेते हैं। वे सीनियर नेताओं को पसंद नहीं करते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनका संविधान बचाओ अभियान भी किसी मतलब का नहीं था। हाथ में संविधान लेकर घूमते रहे और भाषण देते रहे कि बीजेपी और आरएसएस से संविधान को बचाना है। लेकिन, इलेक्शन से कुछ पहले बीजेपी और आरएसएस के 16-17 नेताओं को कांग्रेस में शामिल कराया गया और उन्हें टिकट भी दी गई। इसका वीडियो भी है। शकील अहमद का यह बयान देश की सियासत में भूचाल लाने वाला है।

टूर्नामेंट में बवाल! बांग्लादेश के बाहर होने पर पाकिस्तान का बड़ा फैसला संभव

नई दिल्ली. टी-20 वर्ल्ड कप से आईसीसी ने बांग्लादेश को आधिकारिक तौर पर बाहर करते हुए स्कॉटलैंड को जगह दे दी है। आईसीसी का यह फैसला पाकिस्तान को गवारा नहीं है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पहले से ही बीसीसी के पक्ष में दिख रहा था। अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष का बयान सामने आया है। मीडिया से बात करते हुए पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने शनिवार को कहा कि बांग्लादेश जिसने भारत में होने वाले टी20 विश्व कप में खेलने से इनकार कर दिया है के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है और उसे टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति दी जानी चाहिए। मीडिया से बातचीत के दौरान मोहसिन नकवी ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश के साथ आईसीसी द्वारा किए गए अन्यायपूर्ण व्यवहार को देखते हुए पाकिस्तान भी विश्व कप ना खेलने का मन बना रहा है। अगर पाकिस्तान की सरकार बोर्ड को आदेश देती है कि आगामी विश्व कप में हिस्सा नहीं लेना है तो पाकिस्तान अपने आप खुद को बाहर कर लेगा। उन्होंने कहा टीम का विश्व कप में हिस्सा लेना पूरी तरह से सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा। PCB प्रमुख मोहसिन नकवी ने बयान दिया कि वे इस बात पर निर्णय लेने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और उनके निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं कि टीम वर्ल्ड कप में खेलेगी या नहीं। नकवी के इस बयान ने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है, क्योंकि टूर्नामेंट की तैयारियों के बीच इस तरह की अनिश्चितता बड़े सवाल खड़े करती है। बैकअप के लिए तैयार रहे ICC नकवी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) को भी स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटने का फैसला यानी पुल आउट करता है, तो ICC को वेटिंग लिस्ट में अगली टीम के साथ तैयार रहना चाहिए। यह संकेत देता है कि पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर बोर्ड किसी भी विकल्प के लिए तैयार है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अब गेंद पूरी तरह पाकिस्तान सरकार के पाले में डाल दी है और आईसीसी को चेतावनी दी है कि अगर सरकार बोर्ड को आदेश देती है तो वह टी-20 वर्ल्ड कप नहीं खेलेगा। पाकिस्तान के हटने की स्थिति में ICC को तुरंत दूसरी टीम को शामिल करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटता है तो इसके आयोजन और शेड्यूल पर इस फैसले का बड़ा असर पड़ सकता है।

मध्यप्रदेश एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: 5 अत्याधुनिक पिस्तौल जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार

मध्यप्रदेश एसटीएफ की अवैध शस्त्रों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई,  5 अत्याधुनिक पिस्तौल जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा अवैध शस्त्रों के विरुद्ध कार्यवाही कर बड़ी सफलता प्राप्त की है। एसटीएफ इंदौर की दो विशेष टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें मय मैगजीन जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाही उप पुलिस अधीक्षक STF इंदौर श्री राजेश सिंह चौहान के निर्देशन में दो विशेष टीमों द्वारा की गई। इनमें प्रथम टीम में इंस्पेक्टर श्री रमेश चौहान, प्र.आर. भूपेन्द्र गुप्ता एवं आर. विवेक द्विवेदी तथा द्वितीय टीम में प्र.आर. आदर्श दीक्षित, आर. देवराज बघेल एवं आरक्षक देवेन्द्र सिंह शामिल थे। STF को प्राप्त विश्वसनीय सूचना के आधार पर अवैध शस्त्रों की धरपकड़ हेतु दोनों टीमों को कार्रवाई के लिए रवाना किया गया। सूचना के अनुसार बताए गए स्थान पर पहुंचकर टीमों द्वारा घेराबंदी कर दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोका गया। विधिवत तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें एवं मैगजीन बरामद की गईं। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने ग्राम बोराड़िया, थाना भिकनगांव, जिला खरगोन के रहना बताया। दोनों आरो‍पी किसी भी प्रकार का वैध शस्त्र लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके, जिस पर सभी हथियारों को जब्त करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई। प्रकरण में अवैध शस्त्रों की आपूर्ति, नेटवर्क तथा इनके संभावित उपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई प्रचलन में है।