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शर्मनाक: 25 लाख के विवाद में टीम इंडिया की प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द, गेट पर सुरक्षा गार्ड्स ने अड़ाया रास्ता

कोच्चि भारतीय फुटबॉल एक बार फिर शर्मिंदगी का सामना कर रहा है. 26 मार्च 2026 को कोच्चि के जवाहरलाल नेहरू इंटरनेशनल स्टेडियम में ऐसा मामला सामने आया, जिसने देश की खेल व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. टीम इंडिया के हेड कोच खालिद जमील और कई खिलाड़ियों को स्टेडियम में घुसने से रोक दिया गया. यह घटना उस समय हुई जब टीम को एएफसी एशियन कप क्वालिफायर के मुकाबले से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी थी. भारत को 31 मार्च को हांगकांग के खिलाफ अहम मैच खेलना है, लेकिन उससे पहले ही इस विवाद ने माहौल बिगाड़ दिया है. सुरक्षा गार्ड्स ने रोका, लौटना पड़ा टीम को हेड कोच के साथ खिलाड़ी आशिक कुरुनियान, सहल अब्दुल समद और बिजॉय वर्गीस भी मौजूद थे. सभी को स्टेडियम के गेट पर ही रोक दिया गया. सुरक्षा कर्मियों ने साफ कहा कि जब तक जरूरी भुगतान नहीं होगा, तब तक एंट्री नहीं मिलेगी.  बताया जा रहा है कि केरल फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा स्टेडियम किराए के लिए 20 से 25 लाख रुपये की सिक्योरिटी जमा नहीं की गई थी. इसी वजह से यह स्थिति पैदा हुई. मजबूरी में पूरी टीम को बिना प्रेस कॉन्फ्रेंस किए वापस लौटना पड़ा. रद्द हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस, बढ़ी नाराजगी इस घटना के कारण आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द करनी पड़ी. इससे खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ में नाराजगी देखने को मिली. एक अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले इस तरह की अव्यवस्था ने भारतीय फुटबॉल की छवि को काफी नुकसान पहुंचाया है. पहले भी हो चुका है ऐसा विवाद यह पहली बार नहीं है जब कोच्चि में इस तरह का मामला सामने आया हो. इससे पहले फरवरी 2026 में भी केरल ब्लास्टर्स के खिलाड़ियों को इसी तरह के भुगतान विवाद के कारण स्टेडियम में एंट्री नहीं दी गई थी. एआईएफएफ ने दिया भरोसा ,मैच तय समय पर खेला जाएगा हालांकि AIFF ने भरोसा दिया है कि हांगकांग के खिलाफ मैच तय समय पर ही खेला जाएगा. उम्मीद है कि मैच से पहले सभी जरूरी भुगतान पूरे कर दिए जाएंगे. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं भारतीय फुटबॉल की साख को नुकसान पहुंचा रही हैं. अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते इन समस्याओं को सुलझा पाएगा या फिर ऐसे विवाद आगे भी जारी रहेंगे.

सीढ़ियों का रंग तय करता है परिवार की प्रगति, जानें कैसे

वास्तु शास्त्र के अनुसार, सीढ़ियों का रंग न केवल घर की ऊर्जा पर प्रभाव डालता है, बल्कि घर के सदस्यों की तरक्की और मानसिक शांति से भी जुड़ा होता है। वास्तु के अनुसार सीढ़ियों के लिए शुभ रंग: हल्का भूरा : पृथ्वी तत्व से जुड़ा होता है, स्थिरता और मजबूती प्रदान करता है। मानसिक संतुलन और आर्थिक स्थायित्व में सहायक होता है। क्रीम या ऑफ-व्हाइट : प्रकाश और शांति का प्रतीक है। तनाव कम करता है, घर में मानसिक सुख और सहयोग को बढ़ाता है। हल्का ग्रे : यह न्यूट्रल और संतुलित रंग माना जाता है। स्पष्टता और फोकस को बढ़ाता है, घर के सदस्यों में एकाग्रता लाता है। हल्का हरा : प्रकृति का प्रतीक है, जीवन ऊर्जा को दर्शाता है। घर में तरक्की, शांति और स्वास्थ्य बनाए रखता है। हल्का पीला : यह सूर्य और सकारात्मकता का प्रतीक है। घर में ऊर्जा और प्रेरणा लाता है, विशेषकर बच्चों और विद्यार्थियों के लिए लाभकारी है। सीढ़ियों के लिए अवॉयड करें ये रंग, वास्तु दोष पैदा करते हैं: गहरा लाल या काला: ये रंग तनाव, क्रोध और नकारात्मक ऊर्जा ला सकते हैं। डार्क ब्लू या गहरा ग्रे: अवसाद और ठहराव की भावना को बढ़ा सकते हैं। बहुत चमकदार रंग (फ्लोरोसेंट शेड्स): मन को विचलित कर सकते हैं, स्थायित्व में कमी लाते हैं। विशेष सुझाव: सीढ़ियों की पेंटिंग करते समय साइड वॉल्स और स्टेप्स (पायदान) में हल्के और साफ रंगों का ही चयन करें। अगर आपके घर में सीढ़ियां दक्षिण या पश्चिम दिशा में हैं, तो हल्के अर्थी टोन्स (जैसे बेज या सेंड स्टोन) सबसे शुभ माने जाते हैं। ऊर्जा के प्रवाह के लिए सीढ़ियों पर किसी एक रंग का अधिक उपयोग न करें, हल्के शेड्स में संयोजन करना बेहतर होता है।

रामनवमी पर सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, निवेशकों को हुआ बड़ा झटका

इंदौर  आज रावनवमी के मौके पर सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है। चांदी तो अचानक 15000 रुपये टूट गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते दबाव और मजबूत अमेरिकी डॉलर के चलते घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में राम नवमी के दिन यह बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 26 मार्च को शेयर बाजार बंद रहा, लेकिन कमोडिटी मार्केट खुलते ही सोना और चांदी के दाम में भारी गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शाम के वक्त ट्रेडिंग शुरु होते ही कीमतें तेजी से टूट गईं, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। पीली धातु 3 हजार से ज्यादा टूटी एमसीएक्स (MCX) पर शाम करीब 7 बजे सोना 3000 रुपये से ज्यादा गिरकर करीब 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यह गिरावट तो  बुधवार के बंद भाव के मुकाबले 2 फीसदी से ज्यादा रही। चांदी में तो 15 हजार की भारी भरकम गिरावट कीमती धातु सोने के साथ ही चांदी में भी भारी गिरावट दर्ज की गई।  मई वायदा वाली चांदी करीब 15,000 रुपये टूटकर 2.20 लाख रुपये प्रति किलो से नीचे आ गई। यह गिरावट करीब  6% दर्ज की गई। सोना और चांदी फिर क्यों हुए धड़ाम? दरअसल अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध से  तनाव लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच, ईरान ने समुद्री रास्तों को बंद करने की चेतावनी दी है, जिससे वैश्विक सप्लाई पर असर पड़ सकता है। तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। तेल की कीमत बढ़ने से डॉलर मजबूत हुआ है, जिसका असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ा है और वो काफी गिर गए। वहीं जनवरी के मुकाबले देखें, तो सोना अपने रिकॉर्ड हाई 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से करीब 53,000 रुपये सस्ता हो चुका है जबकि चांदी भी 4.20 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर से गिरकर करीब 2.20 लाख रुपये पर आ गई है।

जबलपुर के NICU वार्ड में लगी आग, डॉक्टर ने फायर एक्सटिंग्विशर से 27 बच्चों की जान बचाई

जबलपुर नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शिशु रोग विभाग में डॉक्टर ने ही फायर एक्सटिंग्विशर उठाकर शॉर्ट सर्किट लगी आग को काबू में पा लिया. जिस समय एनआईसीयू में आग लगी थी उस दौरान वार्ड में 27 नवजात भर्ती थे. हालांकि इस घटना के तुरंत पहले एक बच्चे की मौत हो गई थी. उनके परिजनो ने अस्पताल में भारी हंगामा भी मचाया था. आगजनी की घटना गुरुवार देर रात की है. एनआईसीयू वार्ड से निकलने लगा धुआं जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में शिशु रोग विभाग में उसे समय अफरा तफरी फैल गई. जब एक पंख से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आज बढ़ने लगी. यह पंखा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के NICU वार्ड के बाहर वेटिंग एरिया में लगा हुआ था. देखते ही देखते वेटिंग एरिया के साथ ही NICU के भीतर भी धुआ पहुंच गया. वार्ड में भर्ती थे 27 बच्चे जिस समय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बच्चा वार्ड में आग फैली उस समय वार्ड में 27 बच्चे भर्ती थे, इसलिए परिजन भी घबरा गए और लोगों ने बार्ड के भीतर जाना शुरू कर दिया. समस्या को देखते हुए तुरंत बच्चा वार्ड की बिजली को बंद कर दिया गया ताकि आज आगे न फैल सके. हालांकि मौके पर पहुंचे सिक्योरिटी और अग्निशमन दल ने तुरंत ही आग पर काबू पा लिया. इस बीच में तुरंत बच्चों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया. हालांकि स्थिति सामान्य होने के बाद दोबारा उन्हें एनआईसीयू में भर्ती कर दिया गया. लेकिन शिफ्टिंग की वजह से नवजात बच्चों की माताएं परेशान नजर आए और अफरा तफरी में वह अपने बच्चों को ढूंढती हुई देखी गई. लेकिन इसी दौरान अस्पताल में इलाज करवा रहे एक बच्चे की मौत हो गई. पीड़ित परिजन ने अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया. मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवार को लोगों को समझाया दी. ड्यूटी डॉक्टर ने वक्त रहते बुझाई आग मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर अरविंद शर्मा ने बताया कि, ''जैसे ही पंखे से धुआं निकला मौके पर मौजूद ड्यूटी डॉक्टर ने ही फायर एक्सटिंग्विशर उठाकर आग बुझा दी.'' मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बिल्डिंग 70 साल पुरानी है कुछ दिनों पहले मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने करोड़ों रुपया खर्च करके फायर सेफ्टी के समान लिए थे लेकिन अस्पताल की बिजली की वायरिंग अभी भी पुरानी है और उसमें ऐसी घटनाएं होने की संभावना बनी रहती है. काफी पुरानी हो चुकी है अस्पताल की बिल्डिंग जबलपुर का मेडिकल कॉलेज अस्पताल महाकौशल की सबसे बड़ी स्वास्थ्य इकाई है, इसमें केवल जबलपुर ही नहीं महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के लोग इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं. इसलिए इस इमारत में हमेशा हजारों लोग मौजूद रहते हैं. लेकिन इमारत अब इतनी पुरानी हो गई है कि मरीज के बढ़ते दबाव को यहां महसूस किया जा सकता है. मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में पहले भी आग की घटनाएं हुई हैं, जहां बच्चों की जलने से मौत हो गई. हालांकि जबलपुर के ड्यूटी डॉक्टर्स की सूझबूझ की वजह से जबलपुर का हादसा टल गया. आग की स्थिति में यदि तुरंत काबू पा लिया जाए तो आग को फैलने से रोका जा सकता है.

LPG नियमों में बदलाव: पंजाब में 25 दिन बाद ही सिलेंडर बुकिंग, कंपनियों ने लिया नया फैसला

जालंधर. घरेलू गैस कनेक्शन उपभोक्ता को लेकर आयल कंपनियों द्वारा डिलीवरी के 35 दिनों के बाद दूसरे सिलिंडर की बुकिंग के फैसले को वापस ले लिया गया है। जिसके चलते अब घरेलू गैस कनेक्शन उपभोक्ता डिलीवरी के 25 दिनों के बाद दोबारा बुकिंग करवा सकेंगे। हालांकि उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए 45 दिनों के बाद बुकिंग के प्रावधान में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दरअसल, ईरान इजरायल युद्ध के चलते पैदा हो रही गैस की किल्लत को सामान्य करने के लिए तीनों आयल कंपनियों इंडियन आयल, भारत पेट्रोलियम तथा हिंदुस्तान पैट्रोलियम ने घरेलू गैस कनेक्शन उपभोक्ताओं को सिलिंडर की डिलीवरी के 35 दिनों के बाद दूसरी बुकिंग का प्रावधान दो दिन पहले ही निर्धारित किया था। इसके लिए सभी गैस एजेंसियों को निर्देश जारी करने के साथ ही ऑनलाइन पोर्टल में भी बदलाव किया गया था। वहीं, गैस की सप्लाई में इजाफा होने के बाद आयल कंपनियों ने 35 दिनों के प्रावधान में राहत देकर फिर से 25 दिन कर दिए हैं। जबकि उज्ज्वला योजना के उपभोक्ता सिलिंडर की डिलीवरी के 45 दिनों के बाद ही दोबारा बुकिंग करवा सकेंगे। इंडियन आयल के डीजीएम राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए तेल कंपनियों ने बुकिंग के प्रावधान में बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को जरूरत के मुताबिक ही सिलिंडर की बुकिंग करवानी चाहिए।

सांसद अमृतपाल सिंह की मांग ठुकराई, कोर्ट ने पैरोल देने से किया इनकार

चंडीगढ़. पंजाब की लोकसभा सीट खडूर साहिब से सांसद व खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। संसद सत्र में शामिल होने के लिए पैरोल दिए जाने की मांग को लेकर दायर उनकी याचिका को उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद अब अमृतपाल सिंह को मौजूदा संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति नहीं मिल पाएगी। जानकारी के अनुसार, अमृतपाल सिंह इस समय राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में हैं। उन्होंने न्यायालय में याचिका दाखिल कर यह आग्रह किया था कि वह एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं, इसलिए उन्हें संसद की कार्यवाही में भाग लेने के लिए अस्थायी रूप से रिहा किया जाए। उनकी ओर से यह भी कहा गया कि जनता ने उन्हें चुनकर भेजा है, ऐसे में उनका संसद सत्र से दूर रहना मतदाताओं के अधिकारों का भी हनन है। वहीं, राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने इस मांग का कड़ा विरोध किया। सरकार की ओर से न्यायालय को बताया गया कि अमृतपाल सिंह की रिहाई से कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। साथ ही, सुरक्षा से जुड़े गंभीर खतरे भी उत्पन्न हो सकते हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें बाहर आने की अनुमति देना उचित नहीं होगा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद लिया गया फैसला दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि सुरक्षा और कानून व्यवस्था सर्वोपरि हैं। राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के तर्कों पर विचार करते हुए याचिका खारिज कर दी गई। फिलहाल, उच्च न्यायालय के इस आदेश के चलते अमृतपाल सिंह को संसद सत्र में शामिल होने की अनुमति नहीं मिल सकी है और वह हिरासत में ही रहेंगे।

सट्टेबाजों के लिए अलर्ट! IPL शुरू होने से पहले पुलिस का कड़ा संदेश, कार्रवाई तय

रायपुर. IPL शुरू होने से पहले रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की सट्टेबाजों के लिए खास संदेश जारी की है. ‘कानून के साथ मत खेलना’, वरना मैच ही नहीं, जेल भी देखनी पड़ेगी. दरअसल, हर साल आईपीएल के मैच के दौरान सट्टेबाजी बड़े पैमाने पर होती है. पुलिस हर बार कार्रवाई करती है, लेकिन सट्टेबाजों का नेटवर्क इतना बड़ा है कि कारोबार चलता ही रहता है. अबकी बार आईपीएल शुरू होने से पहले रायपुर पुलिस कमिश्नरेट इस पर लगाम कसने के लिए सक्रिय है. इस दिशा में सोशल मीडिया में बाकायदा मैसेज जारी कर सट्टेबाजों को चेतावनी दी है. रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने क्रिकेट की भाषा में समझाया है कि बेटिंग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई तय है. ‘चेज’ करने में माहिर है कानून की टीम. फर्जी सट्टा आईडी देने वालों से दूरी बनाने की अपील, नहीं माने तो ‘पार्टनरशिप’ नहीं टिकेगी… इसके साथ ही रायपुर पुलिस ने साफ संदेश दिया है. सट्टेबाजी छोड़िए, वरना सीधा जेल का रास्ता… बैंक खातों पर विशेष निगरानी कमिश्नरेट पुलिस ने सट्टेबाजों की आर्थिक गतिविधियों पर भी कड़ा शिकंजा कस दिया है। खासकर आईपीएल के दौरान खुलने वाले नए बैंक खातों और उनके ट्रांजेक्शन की जांच की जाएगी। प्राइवेट बैंकों के खातों पर विशेष नजर रखी जा रही है क्योंकि इन्हें खोलना आसान होता है। आईडी और कोड वर्ड के जरिये हो रही सट्टेबाजी सट्टेबाज अपने एजेंटों को विशेष आईडी और पॉइंट्स देकर सट्टे का खेल चला रहे हैं। एक-एक एजेंट को 50 लाख रुपये तक के पॉइंट और आईडी उपलब्ध कराई गई है। इसमें “लगाना” और “खाना” जैसे कोड वर्ड का इस्तेमाल होता है, जिससे सट्टेबाजी का संचालन किया जाता है। पुलिस की सख्त कार्रवाई की चेतावनी पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि सट्टेबाजी में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एसओजी, सर्विलांस सेल और एलआईयू के सहयोग से भौतिक और तकनीकी रूप से सट्टेबाजों की निगरानी की जा रही है। सट्टेबाजों की जगह केवल जेल होगी। 

राज्यपाल पटेल ने रामनवमी पर लोकभवन मंदिर में की पूजा-अर्चना

राज्यपाल पटेल ने रामनवमी पर लोकभवन मंदिर में की पूजा-अर्चना कन्या-पूजन कर उपहार प्रदान किए, प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने शुक्रवार को रामनवमी के पावन पर्व पर लोकभवन स्थित मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने कन्या-पूजन किया और कन्याओं को उपहार भी प्रदान किए। राज्यपाल पटेल ने श्रीराम जन्मोत्सव के अवसर पर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की है। कार्यक्रम में नियंत्रक हाउस होल्ड श्रीमती शिल्पी दिवाकर और लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

भोपाल में पॉश इलाकों में PNG कनेक्शन जरूरी, LPG सप्लाई 3 महीने में बंद हो सकती है नियमों का पालन न करने पर

भोपाल   मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट का असर भारत पर भी देखने को मिल रहा है. देश में लोगों को LPG गैस सिलेंडर को लेकर कई दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं. इसी बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है कि जिन इलाकों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) उपलब्ध है, वहां के परिवार यदि इसे अपनाते नहीं हैं, तो उनकी LPG सिलेंडर सप्लाई 3 महीने बाद बंद कर दी जाएगी. यह आदेश पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा नए नियमों, 'प्राकृतिक गैस तथा पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026' को अधिसूचित करते हुए जारी किया गया है. इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं, कि नया PNG कनेक्शन कैसे लिया जा सकता है और इसके लिए किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होती है।  शहर के अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा सहित कई पॉश इलाकों में पीएनजी लाइन बिछाई जा चुकी है। ऐसे में इन सभी इलाकों के एलपीजी उपभोक्ताओं को पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन लेना अब अनिवार्य हो गया है। यदि वह नए नियमों का पालन नहीं करते हैं तो तीन महीने बाद एलपीजी आपूर्ति बंद की जा सकती है। इनमें से शहरी क्षेत्र में करीब साढ़े तीन लाख उपभोक्ता हैं, जिनमें से बाग मुगलिया, बागसेवनियां, रोहित नगर, सलैया और पिपलानी क्षेत्र में करीब 36 हजार घरों में पीएनजी कनेक्शन लगाए जा चुके हैं और आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है। जबकि अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा, गुलमोहर, बावड़िया कलां, कोलार रोड, होशंगाबाद रोड, कटारा हिल्स, अयोध्या बायपास और करोंद सहित कई इलाकों में लाइन बिछाई जा चुकी है। ऐसे में अब इन इलाकों के करीब एक लाख से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन देने की तैयारी है। इन उपभोक्ताओं को नए नियमों के अनुसार पीएनजी कनेक्शन लेना होगा, यदि वह नहीं लेते हैं तो एलपीजी कनेक्शन काट दिया जाएगा। अब नए नियमों के तहत एक उपभोक्ता के पास एलपीजी-पीएनजी दोनों कनेक्शन नहीं हो सकते हैं, इनमें से उन उपभोक्ताओं को पीएनजी देने की तैयारी है, जिनके घर से तीन किमी दूर थिंक गैस की पाइपलाइन गुजरी है। नए PNG कनेक्शन के लिए कैसे अप्लाई करें?     सबसे पहले अपने स्थानीय गैस प्रोवाइडर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं, जैसे इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) और महानगर गैस लिमिटेड (MGL)     वेबसाइट पर जाकर 'New PNG Connection' के ऑप्शन पर क्लिक करें.     वहां मांगी गई पर्सनल डिटेल्स और एड्रेस से जुड़ी जानकारी दर्ज करें.     इसके बाद जरूरी दस्तावेज अपलोड करें.     अब इंस्टॉलेशन या रजिस्ट्रेशन फीस का ऑनलाइन पेमेंट करें.     एप्लिकेशन सबमिट करने के बाद रेफरेंस नंबर नोट कर लें, ताकि भविष्य में एप्लिकेशन का स्टेटस चेक किया जा सके. किन डॉक्यूमेंट्स की होती है जरूरत?     फोटो आइडेंटिटी प्रूफ (कोई एक): आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस     एड्रेस प्रूफ (कोई एक): हाल का बिजली बिल, BSNL टेलीफोन बिल, रेंट एग्रीमेंट, राशन कार्ड या प्रॉपर्टी टैक्स बिल     ओनरशिप प्रूफ (कोई एक): रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट या सेल डीड, सोसाइटी का लेटर या शेयर सर्टिफिकेट, या प्रॉपर्टी टैक्स रिसिप्ट     किराएदारों के लिए: मकान मालिक का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) और उनके ओनरशिप प्रूफ     पासपोर्ट साइज फोटो कितना होता है खर्चा? PNG गैस कनेक्शन लेते समय सिक्योरिटी डिपॉजिट एक अहम खर्च होता है. इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक घरेलू PNG कनेक्शन के लिए एक रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट लिया जाता है. यह राशि आमतौर पर करीब 5,000 रुपये से 10,000 रुपये के बीच होती है, जो कनेक्शन के टाइप और गैस की खपत पर निर्भर करती है. IGL के अनुसार, नए PNG कनेक्शन के लिए 7,000 रुपये की रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट ली जाती है. इस सिक्योरिटी डिपॉजिट में 15 मीटर तक की GI या कॉपर पाइपलाइन शामिल होती है. अन्य सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां भी इसी तरह का डिपॉजिट सिस्टम अपनाती हैं, लेकिन अलग‑अलग शहरों और गैस प्रोवाइडर्स के हिसाब से डिपॉजिट की राशि में थोड़ा फर्क हो सकता है। 

चंडीगढ़ एयर शो में तिरंगा आसमान में, लोगों में जोश; सुखना लेक पर एंट्री केवल प्री-बुकिंग वालों के लिए

चंडीगढ़ चंडीगढ़ में सुखना लेक पर 27 मार्च से दो दिवसीय एयर शो की शुरुआत हो गई है, जिसमें भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने आसमान में शानदार करतब दिखाए। कार्यक्रम के दौरान फाइटर जेट्स ने आकाश में तिरंगा, डायमंड और अंग्रेजी अक्षर ‘A’ की आकृतियां बनाकर दर्शकों को रोमांचित किया। शो देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर बिना प्री-बुकिंग एंट्री पर रोक लगाई है। इस दौरान सुखना लेक को आम लोगों के लिए बंद रखा गया है और मुख्य अतिथि के रूप में चीफ सेक्रेटरी राजेश प्रसाद भी कार्यक्रम में शामिल हुए। आसमान में दिखा वायुसेना का दम एयर शो के दौरान सूर्यकिरण टीम ने समन्वय और सटीकता के साथ कई हवाई करतब पेश किए। फाइटर जेट्स ने एक साथ उड़ान भरते हुए आकाश में अलग-अलग आकृतियां बनाई, जिसमें डायमंड फॉर्मेशन और अंग्रेजी अक्षर ‘A’ प्रमुख रहे। सबसे खास पल तब रहा जब जेट्स ने तिरंगा बनाकर देशभक्ति का संदेश दिया, जिसे देखकर दर्शकों ने उत्साह के साथ तालियां बजाईं। भारी भीड़ और सख्त सुरक्षा सुखना लेक पर आयोजित इस शो को देखने के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रशासन ने पहले से ही स्पष्ट कर दिया था कि केवल प्री-बुकिंग वाले लोगों को ही प्रवेश मिलेगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए NDRF की टीम को भी तैनात किया गया है, जो आसमान में उड़ने वाले पक्षियों पर नजर बनाए हुए है, ताकि शो के दौरान किसी तरह की बाधा न आए। शो देखने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे। मुख्य अतिथि के तौर पर चीफ सेक्रेटरी राजेश प्रसाद शामिल हुए। एयर शो में बिना प्री-बुकिंग के एंट्री नहीं दी गई। इस दौरान लेक आम लोगों के लिए बंद कर दी गई है। NDRF की टीम आसमान में उडने वाले पक्षियों पर नजर रखी। इस शो में दो पायलट चंडीगढ़ के विंग कमांडर तेजेश्वर सिंह और दिवाकर शर्मा भी शामिल हैं। इसके साथ ही आर्मी पब्लिक स्कूल चंडी मंदिर के 2005 बैच के छात्र रहे विंग कमांडर तेजेश्वर सिंह भी सूर्य किरण की एरोबैटिक टीम का हिस्सा रहे और इस टीम को लीड किया। इनके साथ ही फ्लाइट लेफ्टिनेंट कमल संधू भी टीम का हिस्सा रहे। वहीं इससे पहले सुबह से ही बूंदाबांदी हुई। हालांकि इससे शो पर कोई असर नहीं पड़ा। प्रशासन की तरफ से शो में आने वाले लोगों के लिए बैठने की व्यवस्था सुखना लेक पर खुले में की गई है। स्थानीय पायलटों की खास भागीदारी इस एयर शो में चंडीगढ़ के दो पायलटों की भागीदारी खास आकर्षण का केंद्र रही। विंग कमांडर तेजेश्वर सिंह और दिवाकर शर्मा इस टीम का हिस्सा हैं। तेजेश्वर सिंह, जो आर्मी पब्लिक स्कूल चंडी मंदिर के 2005 बैच के छात्र रह चुके हैं, इस एरोबैटिक टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके साथ फ्लाइट लेफ्टिनेंट कमल संधू भी टीम में शामिल हैं, जिन्होंने अपने प्रदर्शन से दर्शकों को प्रभावित किया। मौसम का हल्का असर, शो जारी कार्यक्रम शुरू होने से पहले सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई थी, जिससे कुछ समय के लिए मौसम को लेकर आशंका बनी रही। हालांकि इसका एयर शो पर कोई खास असर नहीं पड़ा और सभी निर्धारित कार्यक्रम समय पर पूरे किए गए। दर्शकों के लिए बैठने की व्यवस्था खुले में की गई थी, जहां से उन्होंने पूरे शो का आनंद लिया। दो दिन तक बंद रहेगा सुखना लेक एयर शो के चलते सुखना लेक को दो दिनों के लिए आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है और आयोजन के सफल संचालन के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। शो के दौरान सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।