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मध्यप्रदेश पुलिस में बैंड के 679 आरक्षक पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिस बैंड के अंतर्गत आरक्षक (बैंड) के कुल 679 पदों पर सीधी भर्ती वर्ष 2026 हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह भर्ती प्रक्रिया विशेष रूप से पुरुष अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जा रही है। इन पदों पर नियुक्ति हेतु इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी दिनांक 05 अप्रैल 2026 से 19 अप्रैल 2026 तक एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अभ्यर्थियों को आवेदन हेतु एमपी ऑनलाइन की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी मध्यप्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट mppolice.gov.in पर भी उपलब्ध है, जहाँ भर्ती से संबंधित नियम, पात्रता, चयन प्रक्रिया एवं अन्य आवश्यक निर्देश देखे जा सकते हैं। 

पंजाब में गेहूं खरीद आज से, आढ़तियों की हड़ताल के बावजूद सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी

अमृतसर  पंजाब में आज से गेहूं की खरीद शुरू हो रही है लेकिन आढ़तियों की हड़ताल से सीजन पर संकट गहरा गया है। केंद्र ने राज्य को 122 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया है जबकि पंजाब सरकार ने 132 लाख मीट्रिक टन खरीद की तैयारी की है।  खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आढ़तियों की कमीशन बढ़ाने का मुद्दा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष उठाया था जिसके बाद 4.75 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने आढ़तियों से हड़ताल खत्म कर खरीद में शामिल होने की अपील की ताकि किसानों को परेशानी न हो। मंत्री ने कहा कि सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था भी की है ताकि खरीद प्रभावित न हो। उन्होंने डीजीपी को पत्र लिखकर बॉर्डर जिलों में निगरानी बढ़ाने को कहा है ताकि दूसरे राज्यों से गेहूं लाकर बेचने पर रोक लगाई जा सके। राज्य में 1897 खरीद केंद्र अधिसूचित किए गए हैं और 266 अस्थायी यार्ड बनाए गए हैं। एमएसपी 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय है और केंद्र से 30973 करोड़ रुपये की नकद ऋण सीमा मिल चुकी है। वहीं आढ़ती एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अमनदीप सिंह ने कहा कि 2.50 प्रतिशत कमीशन मिलने तक हड़ताल जारी रहेगी।  बता दें कि आरबीआई ने अप्रैल माह के लिए 20,973 करोड़ की सीसीएल जारी की है। दूसरे राज्यों से अनाज लाकर पंजाब में एमएसपी पर बेचने के मामले में विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आम तौर पर गेहूं के सीजन में ऐसा कम ही देखने को मिलता है। मुख्य समस्या धान के सीजन में आती है।

IPL 2026: पंजाब किंग्स ने चहल, वैशाख और कोनोली की ताबड़तोड़ खेल से गुजरात को किया पस्त

न्यू चंडीगढ़ IPL (इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग) 2026 के चौथे मुकाबले में मंगलवार (31 मार्च) को गजब का रोमांच देखने को मिला. जहां जीत अंतत: पंजाब किंग्स को को मिली. मैच में एक स्थ‍ित‍ि तो ऐसी लग रही थी कि गुजरात टाइटन्स और पंजाब किंग्स में पता नहीं कौन जीतेगा? लेकिन  पंजाब के कूपर कोनोली अंत तक ट‍िके रहे और अपनी टीम को जीत द‍िलाकर ही दम ली।   कुल म‍िलाकर पंजाब की जीत के सबसे बड़े हीरो कूपर कोनोली (Cooper Connolly) की शानदार नाबाद पारी (72, 44 गेंद, 5 चौके और 5 छक्के) रही. ज‍िसकी बदौलत पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटन्स (Gujarat Titans) को तीन विकेट से हराकर आईपीएल 2026 में जीत के साथ आगाज किया।   मैच में पहले गेंदबाजी करने का फैसला पंजाब के लिए सही साबित हुआ. अनुशासित गेंदबाज़ी के दम पर टीम ने गुजरात को 20 ओवर में 162/6 पर रोक दिया।  अपने-अपने 4 ओवर्स में विजयकुमार वैशाख (3/34), युजवेंद्र चहल (2/28) और मार्को जानसेन (1/20) ने कमाल की गेंदबाजी. गुजरात के लिए कप्तान शुभमन ग‍िल (39) और जोस बटलर (38) ने अच्छी शुरुआत दी, जबकि ग्लेन फ‍िल‍िप्स (25) और वॉश‍िंगटन सुंदर (18) ने योगदान दिया, लेकिन टीम बड़ा स्कोर नहीं बना सकी। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब की शुरुआत उतनी मजबूत नहीं रही, लेकिन कोनोली ने एक छोर संभालकर रखा. उन्होंने 44 गेंदों में नाबाद 72 रन बनाते हुए टीम को 19.1 ओवर में 165/7 तक पहुंचा दिया और जीत दिलाई. कुल म‍िलाकर कोनोली की पारी ही एक्स फैक्टर साब‍ित हुई.  गुजरात की ओर से प्रस‍िद्ध कृष्णा (3/29), राश‍िद खान (1/29) और वॉश‍िंगटन सुंद (1/27) ने विकेट लिए, लेकिन वे टीम को हार से नहीं बचा सके।  गुजरात ने ऐसे किया मैच रोमांचक  एक समय रनचेज के दौरान पंजाब किंग्स का स्कोर 83/1 था, फ‍िर 118/6 हो गया. लेकिन कूपर कोनोली ने अपनी बल्लेबाजी अंत तक डटे रहे. अंत में आए मार्को जानसेन ने 10 गेंदों पर 9 और जेव‍ियर बार्टलेट ने 5 गेंदों 11 रन बनाकर  नाबाद लौटे. जो पंजाब की जीत में अहम साब‍ित हुआ।  म‍िड‍िल ओवर्स में चहल की कमाल की गेंदबाजी  अनुभव और चतुराई का बेहतरीन मिश्रण दिखाते हुए युजवेंद्र चहल ने मिडिल ओवर्स में शानदार गेंदबाज़ी की, जिससे गुजरात को 162/6 के स्कोर पर रोका जा सका।  चहल ने अपने चार ओवर में 28 रन देकर 2 विकेट झटके, वहीं वैशाख व‍िजयकमार ने 3/34 के आंकड़े के साथ अहम योगदान दिया. गुजरात ने पहले तीन ओवर में 35 रन तक पहुंचाया।  इसके बाद पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर ने गेंदबाजी में बदलाव करते हुए मार्को जानसेन को आक्रमण पर लगाया, और यह फैसला तुरंत कारगर साबित हुआ. जानसेन ने साई सुदर्शन (13) को मिड-ऑफ पर कैच कराकर टीम को पहली सफलता दिलाई।  इसके बाद क्रीज़ पर आए जोस बटलर ने कुछ शानदार शॉट्स लगाए. उन्होंने कवर ड्राइव और कट शॉट के जरिए रन बटोरे और एक छक्का भी जड़ा. पावरप्ले के अंत तक गुजरात का स्कोर 54/1 था।  मिडिल ओवर्स में मैच का रुख बदला. चहल, जिनका गिल के खिलाफ अच्छा रिकॉर्ड रहा है, उन्होंने एक बार फिर उन्हें अपना शिकार बनाया. गिल ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की लेकिन गेंद बाउंड्री पार नहीं कर पाई और डीप मिडविकेट पर कैच आउट हो गए.  इसके बाद ग्लेन फिलिप्स ने जरूर कुछ बड़े शॉट लगाए, लेकिन पंजाब के गेंदबाज़ों ने दबाव बनाए रखा. धीरे-धीरे रन गति पर अंकुश लग गया और गुजरात की टीम 162/6 तक ही पहुंच सकी.  पंजाब किंग्स ने बीच के ओवरों में शानदार वापसी करते हुए मैच में अपनी पकड़ मजबूत कर ली, जहां चहल और वैशाख की भूमिका निर्णायक रही।   

कटनी डायल-112 की टीम ने पलटी बस के घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया

कटनी के डायल-112हीरोज: अनियंत्रित होकर पलटी यात्री बस, घायलों को त्वरित सहायता से पहुँचाया अस्पताल कटनी कटनी जिले के थाना कुठला क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्पर एवं संवेदनशील कार्रवाई से अनियंत्रित होकर पलटी यात्री बस में घायल यात्रियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। इस त्वरित राहत कार्य से घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय सहायता मिल सकी। दिनांक 30 मार्च 2026 को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना कुठला क्षेत्र अंतर्गत लंतरा के पास यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई है, जिसमें लगभग 08 यात्री घायल हो गए हैं एवं तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही कुठला थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112एफआरव्ही वाहनों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक दुर्गेश एवं पायलट दीपक कुमार ने पाया कि दुर्घटना में 08 यात्री घायल हो गए थे। डायल-112 जवानों ने त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई करते हुए सभी घायलों को एफआरव्ही वाहन एवं चिकित्सा वाहनों की सहायता से शासकीय चिकित्सालय, कुठला पहुँचाया। डायल-112 की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से सभी घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका। डायल-112हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में त्वरित राहत एवं सहायता प्रदान करने हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

पुलिस मुख्यालय परिवार ने नौसेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी भावपूर्ण विदाई

पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा नौसेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को भावभीनी विदाई पुलिस महानिदेशक ने सभी को स्‍मृतिचिन्‍ह भेंट किए भोपाल पुलिस मुख्‍यालय की विभिन्‍न शाखाओं से माह मार्चमें सेवानिवृत्‍तनौकर्मचारियों कोपुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा नेमंगलवार को भावभीनी विदाई दी। पुलिस महानिदेशक ने सभी को पौधे एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए और उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की। सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को उनके विभिन्‍नस्‍वत्‍व (क्‍लेम) भुगतान के आदेश भी प्रदान किए गये। नवीन पुलिस मुख्‍यालय भवन कॉन्‍फ्रेंसहॉल में आयोजित विदाई समारोह में विशेष पुलिस महानिदेशकआदर्श कटियार, अनिल कुमार, आशुतोष राय, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक जयदीप प्रसाद,पुलिस महानिरीक्षक हरिनारायणचारी मिश्र, उप पुलिस महानिरीक्षक तरूण नायक एवं अन्‍य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के परिजन उपस्थित थे। पुलिस मुख्‍यालय से सेवानिवृत्‍तमानसेवी उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा रामनिवास यादव, कार्यवाहक सहायक अधीक्षक प्रशासन शाखा दिनेश पाटिल, कार्यवाहक सूबेदार (एम) एससीआरबी चन्‍द्रप्रकाश शर्मा, कार्यवाहक सूबेदार (एम) शिकायत शाखा महेश जयसिंघानी, कार्यवाहक आंकिक/सूबेदार (एम) प्रबंध शाखा प्रकाश तोलानी, सहायक उप निरीक्षक महिला सुरक्षा शाखा विजय सिंह ठाकुर, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक विशेष शाखा श्रीमती शोभा शर्मा, प्रधान आरक्षक एससीआरबी गणपत राव शिन्‍दे तथा कार्यवाहक प्रधान आरक्षक अजाक शाखा शिवशंकर भदौरिया को पुलिस मुख्‍यालय परिवार ने मंगलवार को भावभीनी विदाई दी। सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती अंशुमान अग्रवाल ने सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के कार्यकाल पर प्रकाश डाला। विदाई समारोह में मौजूद अधिकारियों ने सेवानिवृत कर्मचारियों की मेहनत और लगन की सराहना की।  

संस्कृति के सम्मान से होता है विकास का सशक्त आरंभ — मुख्यमंत्री साय

जहां संस्कृति का सम्मान होता है, वहीं से विकास की नई शुरुआत होती है — मुख्यमंत्री साय लोक-आस्था, परंपरा और विकास का संगम बना कुँवरगढ़ महोत्सव रायपुर छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकास के संगम का सशक्त प्रतीक ‘कुँवरगढ़ महोत्सव’ का आज धरसींवा  में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पर मुख्यमंत्री साय ने 136 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करते हुए क्षेत्र को बड़ी सौगात दी। उन्होंने ग्राम कूंरा का नाम उसके ऐतिहासिक गौरव के अनुरूप ‘कुँवरगढ़’ करने की महत्वपूर्ण घोषणा की, जिससे क्षेत्रवासियों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि कुँवरगढ़ महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक-आस्था, परंपरा और गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और उसे नई पहचान देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और बस्तर, सरगुजा, कोरिया तथा सिरपुर महोत्सव की श्रृंखला में अब कुँवरगढ़ महोत्सव भी एक विशिष्ट पहचान बनाएगा। इस दौरान उन्होंने नवनिर्मित तहसील कार्यालय का लोकार्पण करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के नागरिकों को राजस्व संबंधी कार्यों में त्वरित और बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्र के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से गौरवपथ निर्माण, रानीसागर तालाब के सौंदर्यीकरण, पुलिस चौकी की स्थापना, खारून नदी में एनीकट निर्माण, खेल मैदान के उन्नयन तथा रायपुर के टेकारी-नयापारा से बड़े नाला मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और आमजन के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उल्लेखनीय है कि धरसींवा क्षेत्र का प्राचीन ग्राम कूंरा, जिसे अब ‘कुँवरगढ़’ के रूप में पुनर्स्थापित किया जा रहा है, अपने भीतर गौरवशाली इतिहास समेटे हुए है। यह क्षेत्र आदिवासी शासक राजा कुँवर सिंह गोंड के साम्राज्य का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, जिनकी वीरता और विरासत आज भी यहां के जनजीवन में जीवंत है। उत्तर में माता कंकालिन, दक्षिण में माता चंडी, पश्चिम में माता महामाया और पूर्व में भगवान चतुर्भुजी की उपस्थिति इस क्षेत्र को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है। लगभग 12 हजार की आबादी वाला यह क्षेत्र अपनी परंपरा और विकास के संतुलन के साथ आगे बढ़ रहा है। महोत्सव में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं तथा स्थानीय लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि अनेक क्रांतियों और परंपराओं की साक्षी रही है। उन्होंने लोगों को नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय के अवलोकन के लिए भी प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की पावन धरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रभु राम का ननिहाल है और वनवास काल का अधिकांश समय उन्होंने यहीं व्यतीत किया।दंडकारण्य, माता शबरी का आश्रम, माता कौशल्या की नगरी तथा गुरु घासीदास जी और गहिरा गुरु जैसे संतों की तपोभूमि होने के कारण यह प्रदेश आध्यात्मिक रूप से अत्यंत समृद्ध है। उन्होंने आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करते हुए कहा कि अंग्रेजों के खिलाफ अनेक क्रांतियां इस धरती पर हुई हैं। मुख्यमंत्री ने धरसींवा विधायक अनुज शर्मा की इस पहल की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने दो वर्षों के कार्यकाल में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में धरसींवा विधायक अनुज शर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, सुमोना सेन, देवजीभाई पटेल, अंजय शुक्ला, संभागायुक्त महादेव कावरे, कलेक्टर गौरव सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

ईरान ने होर्मुज में टोल वसूली को दी मंजूरी, अमेरिकी और इजरायली जहाजों पर बैन

तेहरान  ईरान जंग में जिसका डर था, वो हो गया. ईरान की संसद ने होर्मुज पर टोल लगाने वाले ‘कानून’ को मंजूरी दे दी है. जी हां, ईरान की संसद की सुरक्षा समिति ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए एक नई प्रबंधन योजना को मंजूरी दी है. इसमें जहाजों पर टोल और कुछ देशों पर बैन लगाने का प्रस्ताव है. इस मंजूरी के बाद अब होर्मुज से अमेरिका और इजरायल के जहाजों पर बैन लग गया है. इस तरह अब ईरान ने दुनिया के इस सबसे अहम समुद्री व्यापारिक मार्ग यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना नियंत्रण और मजबूत करने का फैसला किया है. यह जानकारी ईरानी सरकारी मीडिया ने दी है।  इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) के अनुसार, इस नए प्लान में रणनीतिक जलमार्ग यानी होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए रियाल आधारित टोल सिस्टम लागू किया गया है. इसका मतलब है कि  होर्मुज से गुजरने पर सभी जहाजों को टोल देना होगा. इस प्लान में समुद्री सुरक्षा, जहाजों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और होर्मुज से गुजरने के वित्तीय नियमों से जुड़ी बातें भी शामिल हैं।  अमेरिकी-इजरायली जहाजों पर बैन IRIB के मुताबिक, इस योजना के तहत अमेरिकी और इजरायली जहाजों के गुजरने पर प्रतिबंध लगाया गया है और उन देशों पर भी प्रतिबंध बढ़ाया गया है, जो ईरान पर एकतरफा प्रतिबंध लगाते हैं. साथ ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता को फिर से मजबूत किया है और ओमान के साथ मिलकर इसके प्रबंधन के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने पर जोर दिया है।  ईरान के इस कदम से खलबली ईरान का यह कदम दुनिया में खलबली मचाने वाला है. यह कदम पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिकी-इजरायली गठबंधन के बीच चल रहे संघर्ष के बीच उठाया गया है, जो अब दूसरे महीने में है. इससे तेहरान की ओर से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक यानी होर्मुज पर नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश का संकेत मिलता है. अब तक जो हालात हैं, उससे साफ है कि होर्मुज पर ईरान का एकक्षत्र राज है।  अमेरिका रहा है होर्मुज पर फेल इसी बीच अमेरिका अब तक होर्मुज खोलने में विफल रहा है. वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वाशिंगटन होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण फिर से स्थापित करना चाहता है ताकि जहाजों की आवाजाही स्वतंत्र रूप से हो सके. उन्होंने फॉक्स न्यूज से कहा, ‘बाजार में पर्याप्त आपूर्ति है और हम देख रहे हैं कि रोजाना ज्यादा से ज्यादा जहाज गुजर रहे हैं, क्योंकि अलग-अलग देश फिलहाल ईरानी शासन के साथ समझौते कर रहे हैं. समय के साथ अमेरिका जलडमरूमध्य पर नियंत्रण फिर से हासिल करेगा और वहां जहाजों की आवाजाही स्वतंत्र होगी, चाहे वह अमेरिकी एस्कॉर्ट के जरिए हो या बहुराष्ट्रीय एस्कॉर्ट के जरिए। 

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की CSR पहल से शिक्षा में आ रही है सशक्तिकरण

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की CSR पहल से सशक्त हो रही शिक्षा रामपुर शासकीय विद्यालय के 500+ विद्यार्थियों के लिए किया आधुनिक सुविधाओं का विस्तार भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) नीति के अंतर्गत प्रतिबद्धताओं को आगे बढ़ाते हुए जबलपुर मुख्यालय के अंतर्गत शासकीय विद्यालयों में शिक्षा उन्नयन के लिये महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के तहत पावर जनरेटिंग कंपनी ने हेल्थ फाउंडेशन के माध्यम से शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुर में शैक्षणिक संसाधनों एवं आवश्यक उपकरणों का वितरण किया, जिससे 500 से अधिक विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे और बेहतर शैक्षणिक वातावरण व उन्नत शिक्षण सुविधाएँ प्राप्त कर सकेंगे। शिक्षा में निवेश समाज के समग्र विकास की आधारशिला मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व नीति के तहत् शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुर को साइंस लैब की स्थापना के लिये उपकरण, विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ जल की व्यवस्था, खेल सामग्री(स्पोर्ट्स किट), स्मार्ट बोर्ड, पाठ्य-पुस्तकें एवं अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्रियाँ उपलब्ध कराई गईं। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संसाधन प्रदान कर उनकी सीखने की क्षमता को सुदृढ़ बनाना है। कंपनी का मानना है कि शिक्षा में निवेश समाज के समग्र विकास की आधारशिला है और इस दिशा में किए गए प्रयास दीर्घकालिक प्रभाव उत्पन्न करेंगे। समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रतिबद्धता शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामपुर में आयोजित कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी, पावर जनरेटिंग कंपनी के कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन व प्रशासन दीपक कश्यप, अतिरिक्त मुख्य अभियंता ट्रेनिंग अशोक कुमार तिवारी व महाप्रबंधक खुशबू शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में विद्यालय को सामग्री प्रदान की गई। इस अवसर पर पावर जनरेटिंग कंपनी के उपस्थित अधिकारियों ने CSR के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दोहराया। क्या है कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व का तात्पर्य कंपनियों द्वारा समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना है। यह एक स्व-विनियमन मॉडल है, जो यह सुनिश्चित करता है कि व्यवसाय आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय कल्याण के प्रति जवाबदेह बने रहें। भारत कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 135 के तहत CSR व्यय को अनिवार्य बनाकर देश ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने इन गतिविधियों के अंतर्गत जबलपुर के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में ऐसी ही आधुनिक सुविधाओं का विस्तार कर शिक्षा उन्नयन में सक्रिय योगदान दिया है।  

जनगणना के 33 सवालों में गलती पर क्या होगा? पहला चरण आज 1 अप्रैल से शुरू हो रहा

भोपाल  डिजिटल जनगणना का पहला चरण आज यानी 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रहा है. इसे दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना कहा जा रहा है और इस बार ये दो चरणों में होगी. पहली बार जनगणना डिजिटल रूप से आयोजित की जाएगी और पहली बार 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध होगा।  पहले चरण में मकानों की गणना होगी और उसमें 33 सवाल पूछे जाएंगे. ऐसे में इन सभी सवालों का सही जवाब देना जरूरी है और अगर कोई नहीं करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. ऐसे में जानते हैं कि अगर कोई गलत जानकारी देता है या फिर किसी सवाल का जवाब नहीं देता है तो क्या कार्रवाई की जा सकती है? गलत जानकारी दी तो क्या होगा? जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है या अपनी जानकारी के अनुसार सवालों का जवाब देने से मना करता है, तो यह कानूनन अपराध माना जाता है. इसके लिए 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. साथ ही, धारा 8 के अनुसार हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह जनगणना अधिकारी को सही और सटीक जानकारी दे. ऐसे में आपसे जो सवाल पूछा जाए उसका सही जवाब देना जरूरी है।  अधिकारियों के लिए भी सजा का प्रावधान कुछ मामलों में अधिकारियों के लिए भी सजा का प्रावधान है, जिसमें 1,000 रुपये के जुर्माने से लेकर तीन साल की कैद या दोनों तक शामिल है. सरकारी गाइडलाइन के अनुसार, अगर कोई भी जनगणना अधिकारी, या कोई भी व्यक्ति जिसे जनगणना करने में सहायता करने का कानूनी दायित्व सौंपा गया है… वो अधिनियम के तहत सौंपे गए कर्तव्यों का पालन करने से इनकार करता है…या किसी अन्य व्यक्ति को ऐसे कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोकता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. साथ ही कोई जनगणना अधिकारी जानबूझकर आपत्तिजनक या अनुचित प्रश्न पूछता है तो उस पर मुकदमा चलाया जा सकता है।  कौन से 33 सवाल पूछे जाएंगे? घर की बनावट: घर के फर्श, दीवार और छत में किस सामग्री (मटेरियल) का इस्तेमाल हुआ है?  परिवार का मुखिया: घर के मुखिया का नाम, लिंग और वह किस समुदाय (SC, ST या अन्य) से ताल्लुक रखते हैं?  सुविधाएं और वाहन: घर में पीने के पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं कैसी हैं? आपके पास किस तरह के वाहन (साइकिल, स्कूटर, कार आदि) हैं?  खान-पान: परिवार में मुख्य रूप से किस अनाज का सेवन किया जाता है?  शादीशुदा जोड़े: घर में कितने विवाहित जोड़े रहते हैं? (यहीं ल‍िव-इन कपल्स वाला नियम लागू होगा).  घर की स्थिति: मकान नंबर, बिल्डिंग नंबर और घर का मालिकाना हक (अपना या किराए का) क्या है? किस राज्य में कब से कब तक होगी जनगणना? दो चरण में होगी जनगणना पहला चरण– मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO), जो अप्रैल से सितंबर, 2026 के दौरान राज्यों की सुविधा के अनुसार 30 दिनों की अवधि में आयोजित की जाएगी. इसके साथ ही मकान सूचीकरण कार्य से पूर्व 15 दिनों की स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध होगी. इस चरण में मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। दूसरा चरण– जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगी. कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल के कुछ क्षेत्रों में ये सितंबर 2026 में करवाई जाएगी. CCPA के अनुसार, इस चरण में जातियों की गणना भी की जाएगी. भारत की पिछली जनगणना साल 2011 में हुई थी. जनगणना 2027 सीरीज की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी। 

एयरपोर्ट पर महिला से बरामद हुआ 83 लाख का सोना, कैप्सूल में छिपाकर लाया था

अहमदाबाद कस्टम की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) की एक टीम ने अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विदेश से सोने की तस्करी कर रही एक महिला यात्री को गिरफ्तार किया और 83.29 लाख रुपये का सोना जब्त किया. कुआलालंपुर से फ्लाइट नंबर AK-91 से अहमदाबाद पहुंची इस महिला ने कस्टम अधिकारियों की नजरों से बचने के लिए अपने गुप्तांग में काले टेप में लिपटी दो अंडाकार कैप्सूल छिपा रखी थीं, जिनमें सोने का तरल रासायनिक पेस्ट मिला।  कस्टम एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) को मिली विशिष्ट सूचना और एपीआईएस प्रोफाइलिंग के आधार पर फ्लाइट नंबर AK-91 से कुआलालंपुर से अहमदाबाद पहुंची तब महिला पर नजर रखी गई. टर्मिनल-2 पर उतरने के बाद जब महिला ग्रीन चैनल से बाहर निकलने वाली थी, तभी अधिकारियों ने उसे रोककर पूछताछ शुरू की. शुरुआती पूछताछ में महिला ने संतोषजनक जवाब नहीं दिए और उससे गहन पूछताछ की गई।  काले टेप में लिपटी दो अंडाकार कैप्सूल बरामद हुई जिसमें जांच के दौरान महिला के गुप्तांग से काले टेप में लिपटी दो अंडाकार कैप्सूल बरामद हुई. इन कैप्सूलों में तरल रसायनों के साथ मिश्रित सोने का पेस्ट भरा हुआ था, जिसका कुल वजन 643.28 ग्राम था. इसके बाद विशेषज्ञों की उपस्थिति में शुद्धिकरण प्रक्रिया की गई और इनसे 999.0 शुद्धता का 553.07 ग्राम (24 कैरेट) सोना प्राप्त किया गया. जब्त किए गए सोने का बाजार मूल्य 83,29,234 रुपये और कर मूल्य 75,58,393 रुपये आंका गया है।  यात्री ने सीमा शुल्क विभाग को सूचित किए बिना और शुल्क से बचने के इरादे से अपने शरीर में सोना छिपाकर तस्करी करने का प्रयास किया था, इसलिए सोना जब्त कर लिया गया है और महिला को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है. वर्तमान में यह पता लगाने के लिए आगे की जांच तेज कर दी गई है, कि क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तस्करी के पीछे कोई अन्य गिरोह भी काम कर रहा है।