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कैंटीन से किराना दुकानों तक छापा, खाद्य विभाग ने पकड़ा एक्सपायरी सामान और गड़बड़ियों का जाल

खैरागढ़. जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे सघन निरीक्षण अभियान के दौरान व्यापक कार्रवाई देखने को मिली, जिससे अस्पताल कैंटीन संचालकों से लेकर किराना दुकानदारों तक हड़कंप मच गया। “सही दवा-शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार” अभियान के तहत यह जांच अभियान चलाया गया। अस्पताल कैंटीनों में मिली खामियां, सुधार के निर्देश बता दें कि अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा दल ने सिविल अस्पताल खैरागढ़ और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुईखदान की कैंटीनों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान महिला समूहों द्वारा संचालित किचन और कैंटीनों की साफ-सफाई, खाद्य भंडारण और सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई। निरीक्षण में कई स्थानों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं पाई गईं, जिसके बाद टीम ने तत्काल सुधार के सख्त निर्देश दिए। मावा केक का सैंपल लैब जांच के लिए भेजा गया कार्रवाई के दौरान छुईखदान स्थित मेसर्स कृष्णा बेकर्स से मावा केक का सर्विलांस सैंपल लिया गया। इस नमूने को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। एक्सपायरी सामान नष्ट, दुकानदारों को चेतावनी निरीक्षण के दौरान बाजार में बिक रहे एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक और कुरकुरे भी पाए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक्सपायरी खाद्य पदार्थों का विक्रय या भंडारण पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किराना दुकानों पर भी हुई जांच खाद्य सुरक्षा दल ने कई किराना दुकानों का निरीक्षण कर दुकानदारों को खाद्य अनुज्ञप्ति और पंजीयन अपडेट रखने, स्वच्छता बनाए रखने और एक्सपायरी सामान हटाने के निर्देश दिए। आगे भी जारी रहेगा अभियान विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में जिलेभर में इसी तरह की औचक कार्रवाई जारी रहेगी। खाद्य सुरक्षा को लेकर केंद्र और राज्य स्तर पर निगरानी तंत्र को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि आम लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।

सिटाडेल सीजन 2’ ने ओटीटी पर मचाया धमाल, प्रियंका चोपड़ा की दमदार वापसी

प्रियंका चोपड़ा की पॉपुलर हॉलीवुड सीरीज 'सिटाडेल' का दूसरा सीजन रिलीज हो चुका है। इस दिल दहलाने देने वाली जासूसी थ्रिलर में प्रियंका ने एक बार फिर एजेंट नादिया सिंह बनकर लौटी हैं, जो इंसानियत को बचाने के मिशन पर निकली हैं। हालांकि, इस बार एक नई टीम एक नए खतरनाक मिशन पर दिखी। 'सिटाडेल सीजन 2' 6 मई को ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर प्रीमियर हुई थी। इसके सात एपिसोड हैं। 'सिटाडेल सीजन 2' देखने के बाद दर्शक इसके मुरीद हो गए और प्रियंका चोपड़ा की तारीफ कर रहे हैं। हालांकि, कुछ को यह पसंद नहीं आई और इसे पहले सीजन की तुलना में कमजोर बताया। वहीं कुछ ने, 'सिटाडेल 2' की कहानी भी तारीफ की और बताया कि कौन सा एपिसोड सबसे ज्यादा पसंद आया। 'सिटाडेल सीजन 2' की कहानी 'सिटाडेल 2' में मेसन केन, नादिया सिंह, बर्नार्ड ऑर्लिक और मेसन केन दमदार जासूस हैं जो एक स्पाई एजेंसी का हिस्सा हैं, पर उसी एजेंसी को Manticore नाम का एक नेटवर्क बर्बाद कर देता है। लेकिन एक नया खतरा सामने आता है तो तीनों फिर एक होकर इसका सामना करने के लिए तैयार हो जाते हैं। लेकिन इस बार उन्हें एक नई टीम बनानी होगी। पहले सीजन में एक भयावह घटना के बाद नादियै और मेसन केन अपनी याददाश्त खो बैठे थे, पर दूसरे सीजन यानी 'सिटाडेल 2' में वो अपने अतीत को याद करने की कोशिश करते हैं औऱ नए खूंखार दुश्मनों से लड़ने के लिए कमर कसते हैं।  

गर्मियों में ग्लोइंग स्किन के लिए खीरे का फेस मास्क, घर पर बनाएं नेचुरल उपाय

गर्मियों के मौसम में स्किन का खास ख्याल रखना जरूरी होता है. इस मौसम में तेज धूप, पसीना और धूल-मिट्टी के कारण स्किन डल और बेजान नजर आने लगती है. लेकिन अच्छी बात यह है कि किचन में मौजूद कुछ चीजों से आप अपनी स्किन की देखभाल आसानी से कर सकते हैं. खीरे से बना नेचुरल फेस मास्क ऐसा ही एक आसान और असरदार उपाय है जो स्किन से जुड़ी समस्याओं को दूर कर ग्लोइंग स्किन पाने में मदद करता है. यह फेस मास्क त्वचा को सॉफ्ट, फ्रेश और हाइड्रेटेड बनाता है. खास बात यह है कि इसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है और इसमें इस्तेमाल होने वाली चीजें भी पूरी तरह नेचुरल होती हैं. आइए जानते हैं कि घर पर खीरे से फेस मास्क कैसे बनाया जा सकता है और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 1 खीरा 2 बड़े चम्मच एलोवेरा जेल 1 चम्मच शहद खीरे से फेस मास्क कैसे बनाएं?     खीरे से फेस मास्क बनाने के लिए सबसे पहले ताजे खीरे को अच्छी तरह धो लें.     इसके बाद खीरे को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें.     अब इन टुकड़ों को मिक्सी में डालकर स्मूद पेस्ट बना लें.     तैयार पेस्ट को एक साफ बाउल में निकाल लें.     इसमें एलोवेरा जेल और शहद डालें और सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर स्मूद पेस्ट बना लें.     इस तरह से आपका खीरे से बना होममेड फेस मास्क इस्तेमाल के लिए तैयार है. खीरे से बने फेस मास्क को लगाने का सही तरीका सबसे पहले चेहरे को फेस वॉश से अच्छे से धो लें. फिर चेहरा जब सूख जाएं तो हल्के हाथों या ब्रश से तैयार मास्क को पूरे चेहरे और गर्दन पर लगाएं. मास्क को 15-20 मिनट तक चेहरे पर रहने दें फिर ठंडे पानी से धो लें. बेहतर रिजल्ट के लिए इसे हफ्ते में कम से कम 2 बार जरूर लगाएं. वैसे तो खीरे से बना यह फेस मास्क स्किन के लिए काफी हेल्दी होता है. लेकिन आपकी स्किन बहुत सेंसिटिव है तो पहली बार चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें.

पहाड़ी और दूरस्थ कोरवा बस्तियों में अब नहीं होगी पानी की किल्लत, CM साय के निर्देश पर शुरू हुई बड़ी पहल

अम्बिकापुर. जिले के सुदूर एवं पहाड़ी कोरवा बसाहटों में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब इन क्षेत्रों में कुल 113 हैंडपंप एवं बोरवेल की खुदाई की जाएगी, जिससे ग्रामीणों को पारंपरिक स्रोतों से पानी लाने की मजबूरी से राहत मिलेगी। विगत दिनों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा जिले में पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं होना पड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि शासन की योजनाओं खासकर बुनियादी जरूरतों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना यह सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में सरगुजा कलेक्टर एवं जिला खनिज संस्थान न्यास अध्यक्ष अजीत वसंत ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों को एक माह के भीतर सभी 113 हैंडपंप एवं बोरवेल कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने बताया कि स्थलीय सर्वे पहले ही कर लिया गया है जिले के लुण्ड्रा में 34, बतौली में 06, लखनपुर में 22, अम्बिकापुर में 11, सीतापुर में 16, मैनपाट में 20 तथा उदयपुर में 04 इस तरह इन विकासखण्डों में डीएमएफ मद से 113 हैंडपंप एवं बोरवेल खनन की जाएगी। 24 अप्रैल को आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सहित अन्य सदस्यों की सहमति से यह कार्य की स्वीकृति दी गई है। कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायत सीईओ को हैंडपंप खनन, बोरवेल खनन कर दीर्घकालिक समाधान के लिए पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं तथा सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर तेजी से एक माह में पूर्ण किए जाएं, ताकि सुदूर एवं पहाड़ी कोरवा बसाहटों में स्थायी पेयजल सुविधा सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री साय के इस संवेदनशील पहल से जिले के दूरस्थ व वनांचल क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही पेयजल की समस्या से सैकड़ों गांवों के हजारों निवासियों को निश्चित ही राहत मिलेगी।

विजय की सरकार तो बनेगी, मगर चलाने में RBI की मदद जरूरी, समझिए कैसे

चेन्नई  थलपति विजय की पार्टी टीवीके तमिलनाडु में सरकार बनाने की स्थिति में है. ऐसे में अब विजय ने चुनावी घोषणापत्र में जो वादे किए थे, उसपर निगाहें टिक गई हैं. इनमें से सबसे अहम है सोना बांटने वाला वादा. थलापति विजय ने अपने चुनावी घोषणापत्र में हर नवजात बच्‍चे को सोने की अंगुठी और दुल्‍हनों को 8 ग्राम सोना और सिल्‍क की साड़ी देने का वादा किया था. अब विजय प्रदेश में सरकार बनाने की रेस में सबसे आगे हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि थलापति विजय इतनी बड़ी मात्रा में सोना कहां से लाएंगे. बता दें कि तमिलनाडु में हर साल लाखों बच्‍चे जन्‍म लेते हैं और लाखों की तादाद में शादियां होती हैं. यदि गरीबी रेखा से नीचे वाले सिद्धांत पर भी चला जाए तो भी दोनों को मिलाकर लाखों की तादाद में लाभार्थी होंगे. इससे न केवल सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ेगा, बल्कि विजय को इसके लिए आरबीआई से भी मदद लेनी पड़ सकती है।  थलापति विजय ने सरकार बनने पर जिन कल्‍याणकारी योजनाओं को लागू करने का वादा किया है, यदि उसपर अमल किया गया तो तमिलनाडु सरकार का वेलफेयर बिल (कल्‍याणकारी योजनाओं पर होने वाला खर्च) 52 फीसद तक बढ़ सकता है. इस मद में फिलहाल 65000 करोड़ रुपया खर्च होता है जो बढ़कर 1 लाख करोड़ के आसपास पहुंच जाएगा. अब सोना देने के वादे के आर्थिक पहलू पर बात करते हैं. दरअसल, TVK ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग देने के लिए एक अहम वादा किया है. पार्टी ने सालाना 5 लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों की दुल्हनों को 8 ग्राम सोना और एक सिल्क साड़ी देने का आश्वासन दिया है. मौजूदा 22 कैरेट सोने की कीमत करीब 14,000 रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से केवल सोने की कीमत ही लगभग 1.12 लाख रुपये प्रति लाभार्थी बैठती है. तमिलनाडु में हर साल 4 से 5 लाख शादियां होती हैं. एक आकलन के अनुसार, 60 फीसद परिवार विजय की स्‍कीम के तहत फिट बैठते हैं. ऐसे में हर साल लगभग 2.7 लाख दुल्हन सोने की हकदार हो सकती हैं. इस तरह सिर्फ दुल्‍हनों को 8 ग्राम सोना देने में 3000 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का खर्च आने का अनुमान है।  नवजात को भी गोल्‍ड रिंग देने का वादा इतना ही नहीं, थलापति विजय ने प्रदेश में पैदा होने वाले हर नवजात को गोल्‍ड रिंग देने का वादा किया है. 2011 की जनगणना के अनुसार, तमिलनाडु की आबादी करीब 7.21 करोड़ है. राज्य में जन्म दर फिलहाल देश में सबसे कम चल है. साल 2025 में करीब 7.8 लाख बच्चों ने जन्म लिया. विजय की योजना के मुताबिक, हर नवजात को सोने की अंगूठी दी जाएगी. अब अगर हम मान लें कि इसमें से 60 प्रतिशत बच्चे उन परिवारों में पैदा होते हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, तो भी हर साल करीब 4.7 लाख बच्चों को यह अंगूठी देनी होगी. भले ही एक छोटी अंगूठी की कीमत करीब 5,000 रुपये के आसपास हो, लेकिन जब इसे लाखों बच्चों से गुणा करते हैं, तो यह अकेले 235 करोड़ रुपये का सालाना खर्च बन जाता है।  BI से लेनी पड़ सकती है अनुमति दोनों गोल्‍ड स्‍कीम को मिला दिया जाए तो थलापति विजय को बड़ी मात्रा में सोने की जरूरत होगी. बता दें कि इतनी बड़ी मात्रा में सोना खरीदने के लिए कुछ नियम कायदे हैं. यदि दुल्‍हनों को दिए जाने वाले सोने की बात की जाए तो नई सरकार को 8 ग्राम के हिसाब से 2160000 ग्राम यानी हर साल 2160 किलो गोल्‍ड की जरूरत होगी. बच्‍चों को गोल्‍ड रिंग देने की स्‍कीम में मात्रा का उल्‍लेख नहीं है. यदि उसे भी जोड़ दिया जाए तो सैकड़ों किलो का और ईजाफा होगा. ऐसे में थलापति विजय आरबीआई की मदद के बिना इस वादे को पूरा नहीं कर पाएंगे।  वेलफेयर बिल पहुंच जाएगा सातवें आसमान पर फिल्म स्टार से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की शानदार चुनावी जीत के बाद अब घोषणापत्र में किए गए बड़े वादों पर चर्चा तेज हो गई है. पार्टी ने महिलाओं के मुखिया वाले परिवारों को हर महीने ₹2,500 देने, हर परिवार को साल में छह मुफ्त एलपीजी सिलेंडर और 10 लाख बेरोजगार ग्रेजुएट्स को ₹4,000 मासिक भत्ता देने जैसे कई बड़े ऐलान किए हैं. ‘इंडियन एक्‍सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, अनुमान है कि इन योजनाओं पर राज्य सरकार का सालाना खर्च करीब ₹1 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है. यह राशि 2025-26 में DMK सरकार द्वारा कल्याणकारी योजनाओं और सब्सिडी पर खर्च किए गए ₹65,000 करोड़ से लगभग 52% अधिक है. अगर राज्य के कुल राजस्व से तुलना करें, तो यह खर्च तमिलनाडु के 2025-26 के बजट में अनुमानित ₹3.31 लाख करोड़ के राजस्व का करीब एक तिहाई होगा। 

ममता के इस्तीफे की घोषणा नहीं, बंगाल में असामान्य स्थिति अगले दो दिन

कलकत्ता पश्चिम बंगाल अगले कुछ घंटों के लिए एक गजब संवैधानिक संकट की ओर जा रहा है. सीएम ममता बनर्जी चुनाव हार चुकी हैं, लेकिन उन्होंने इस्तीफा देने से दो-दो बार इनकार कर दिया है. पश्चिम बंगाल की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल आज यानी कि 7 मई को खत्म हो रहा है. अगर ममता बनर्जी आज 12 बजे रात तक इस्तीफा नहीं देती हैं तो 8 मई की रात 12 बजे से लेकर राज्य में नई सरकार बनने तक पश्चिम बंगाल की कमान किसके हाथ में होगी. पश्चिम बंगाल को संभालेगा कौन? बीजेपी ने कहा है कि उसका नया सीएम 9 मई को शपथ लेगा. ऐसी स्थिति में बंगाल में क्या होगा. 8 से 9 मई तक पश्चिम बंगाल की संवैधानिक स्थिति क्या होगी?  बंगाल की मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति में ये अहम सवाल बनकर उभरा है।   संविधान का अनुच्छेद-172 राज्य विधानसभाओं का सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष निर्धारित करता है. पहली बैठक की तारीख से ये गणना शुरू होती है. 5 वर्ष पूरे होते ही विधानसभा का स्वतः विघटन (automatic dissolution) हो जाता है. इसके लिए किसी आदेश की जरूरत नहीं. इस लिहाज से गुरुवार (7 मई) रात 12 बजते ही पुरानी विधानसभा अपने आप भंग हो जाएगी, इसके साथ ही सीएम, मंत्री, विधायक सभी का दर्जा खत्म हो जाएगा और इनका वैधानिक अधिकार समाप्त हो जाएगा।  अब राज्यपाल आर एन रवि क्या करेंगे? संविधान का अनुच्छेद-164 कहता है कि मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल राज्यपाल के प्रसाद पर्यंत ही अपने पद पर बने रह सकते हैं. चुनाव हारने के बाद बहुमत खोने पर राज्यपाल उन्हें बर्खास्त कर सकता है और बहुमत वाली पार्टी के नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकता है।  अगर सत्ता गंवाने वाला CM इस्तीफा नहीं देते हैं तो राज्यपाल को अधिकार है कि वह मंत्रिपरिषद को बर्खास्त कर दे।  सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस संजय किशन कौल कहते हैं, "चूंकि ममता ने इस्तीफा नहीं दिया है, इसलिए उनका कार्यकाल 7 मई को अपने आप खत्म हो जाएगा।  गवर्नर को यह फैसला लेना होगा कि क्या वे उस परंपरा का पालन करेंगे जिसके तहत वे ममता को अगले CM के शपथ लेने तक पद पर बने रहने को कह सकते हैं।  पूर्व जज जस्टिस संजय किशन कौल कहते हैं कि हो सकता है कि राज्यपाल 9 तारीख को नई सरकार के शपथ लेने तक एक दिन के लिए कोई व्यवस्था कर दें. यह एक अभूतपूर्व स्थिति है. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. लेकिन रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि यथास्थिति कायम रखा जाएगा।  ECI ने केंद्रीय बल तैनात कर दिए हैं और गवर्नर ने आदेश जारी किया है कि कोई भी फाइल आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।  कानूनी तौर पर इसका कोई उदाहरण नहीं है लेकिन गवर्नर के पास अंतरिम व्यवस्था करने की शक्ति है. अब तक की परंपरा यही रही है कि वे मौजूदा CM से तब तक पद पर बने रहने को कहते हैं, जब तक कि अगला व्यक्ति शपथ न ले ले।  चुनाव आयोग के अनुसार मौजूदा बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 8 मई 2021 को शुरू हुआ था और 7 मई को समाप्त हो रहा है. इसके बाद, राज्यपाल को नई विधानसभा के गठन की प्रक्रिया शुरू करनी होगी. जिसका मतलब है कि नए विधायकों को शपथ लेनी होगी और एक नई सरकार का चुनाव करना होगा।  अगर बनर्जी सचमुच अपने फैसले पर कायम रहती हैं और कोई गतिरोध पैदा होता है तो यह एक अभूतपूर्व घटना होगी।  मैं इस्तीफा नहीं दूंगी-ममता ममता बनर्जी ने 5 मई 2026 को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि वे इस्तीफा नहीं देंगी, उन्होंने कहा, "मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, इसका सवाल ही नहीं उठता, मैं हारी नहीं हूं, मैं राजभवन नहीं जाऊंगी।  ममता ने कहा हम चुनाव नहीं हारे हैं, हमें हराया गया है. चुनाव आयोग के माध्यम से वे हमें हरा सकते हैं, लेकिन नैतिक रूप से हमने चुनाव जीता है।  6 मई 2026 को ममता बनर्जी ने TMC के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में अपने इस्तीफे पर दोबारा सख्त रुख दोहराया. उन्होंने कहा, "मैं इस्तीफा नहीं दूंगी.चाहे वे मुझे बर्खास्त कर दें. मैं चाहती हूं कि यह काला दिन हो।   

नोएडा एयरपोर्ट: लखनऊ की पहली उड़ान, टिकट बुकिंग शुरू और किराया जानें

 ग्रेटर नोएडा पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR के करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत की आधिकारिक तारीख और रूट फाइनल हो गया है. IndiGo आज से अपनी उड़ानों के लिए टिकटों की बिक्री शुरू करने जा रही है।  एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल फ्लाइट 15 जून को उड़ान भरेगी. यह न सिर्फ जेवर एयरपोर्ट के लिए बल्कि देश के एविएशन सेक्टर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर होगा. इंडिगो इस एयरपोर्ट से ऑपरेशन शुरू करने वाली पहली एयरलाइन बन गई है।  लखनऊ-नोएडा के बीच पहला रूट शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली उड़ान लखनऊ से नोएडा के लिए संचालित की जाएगी. यह रूट उत्तर प्रदेश की राजधानी और उभरते हुए औद्योगिक हब नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच कनेक्टिविटी को कई गुना मजबूत कर देगा. किराए की बात करें तो 10 हजार रुपये से शुरू होगा।  15 जून की स्पेशल फ्लाइट्स डिटेल:-  लखनऊ से नोएडा, नोएडा से लखनऊ नोएडा से बेंगलुरु, बेंगलुरु से नोएडा 16 जून से नोएडा से लखनऊ के अलावा जम्मू, श्रीनगर, धर्मशाला सहित 16 मंजिलों के लिए फ्लाइट्स चलेंगी।  1 जुलाई से उड़ानों के शेड्यूल का विस्तार होगा. दरअसल, 1 जुलाई से नोएडा पर हर दिन लगभग 28 उड़ानें उतरेंगी और उड़ान भरेंगी. इसके अलावा, कुछ स्पेशल डेस्टिनेशन के लिए स्पेशल उड़ानें भी होंगी।  बिजनेस और टूरिज्म को मिलेगा बूस्ट जेवर एयरपोर्ट को भारत के सबसे बड़े एविएशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है.  इसके शुरू होने से दिल्ली-NCR और पश्चिमी यूपी के यात्रियों को अब फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली (IGI) एयरपोर्ट जाने की मजबूरी नहीं होगी।  इसके अलावा, एयर कनेक्टिविटी मजबूत होने से इलाके में नए इन्वेस्टमेंट और व्यापारिक अवसरों के द्वार खुलेंगे. साथ ही आगरा और मथुरा जैसे पर्यटन केंद्रों के करीब होने के कारण विदेशी पर्यटकों के लिए भी यह पसंदीदा विकल्प बनेगा। 

दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स की प्लेइंग इलेवन पर सबकी नजर

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 51वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स (DC) का सामना कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से होगा। DC ने इस संस्करण 10 मुकाबले खेले हैं। 4 मैच में टीम को जीत मिली है। 6 मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। KKR ने अब तक 9 मैच खेले हैं। 3 मैच में उसे जीत और 5 मुकाबलों में हार मिली है। ऐसे में आइए मैच से जुड़ी जरूरी बातों पर एक नजर डालते हैं। DC के खिलाफ KKR का पलड़ा रहा है भारी IPL में दोनों के बीच 35 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान DC ने 15 मैचों में जीत दर्ज की है। KKR ने 19 मुकाबले जीते हैं। पिछले 3 मुकाबलों में DC की टीम को KKR के खिलाफ हार मिली है। IPL 2025 में KKR को 14 रन से जीत मिली थी। IPL 2024 में उसने पहले मैच में DC को 106 रन और दूसरे मैच में 7 विकेट से हराया था। DC को आखिरी जीत 2023 में मिली थी। ये हो सकती है KKR की प्लेइंग इलेवन KKR ने लगातार 3 मैच अपने नाम किए हैं। ऐसे में वह अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बड़ा बदलाव नहीं करना चाहेगी। कप्तान अजिंक्य रहाणे अभी भी अपने लय में नजर नहीं आए हैं। ऐसे में उनसे एक ताबड़तोड़ पारी की उम्मीद रहेगी। गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती और सुनील नरेन अच्छा करना चाहेंगे। संभावित एकादश: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरून ग्रीन, रोवमैन पॉवेल, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, अनुकूल रॉय, सुनील नरेन, वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी और वरुण चक्रवर्ती। इस संयोजन के साथ उतर सकती है DC DC की टीम को पिछले मैच में चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में वह अपने प्लेइंग इलेवन में कुछ बदलाव कर सकती है। पृथ्वी शॉ को पथुम निसांका की जगह मौका मिल सकता है। वहीं, डेविड मिलर की भी वापसी हो सकती है। संभावित एकादश: केएल राहुल (विकेटकीपर), पृथ्वी शॉ, नितीश राणा, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, अक्षर पटेल (कप्तान), आशुतोष शर्मा, मिचेल स्टार्क, कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी और मुकेश कुमार। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट प्लेयर DC: विप्रज निगम, अभिषेक पोरेल, आकिब नबी डार, करुण नायर और टि नटराजन। KKR: फिन एलन, रमनदीप सिंह, तेजस्वी दहिया, नवदीप सैनी और टिम साइफर्ट। कैसा है अरुण जेटली स्टेडियम की पिच का मिजाज? अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग है। तेज आउटफील्ड और छोटी सीमाएं बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने की प्रेरित करती हैं। इस पिच पर तेज गेंदबाजों के लिए ज्यादा कुछ नहीं है। ऐसे में उन्हें विकेट निकालने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होते हैं। स्पिनरों को पिच से मदद मिलती है और उनका रिकॉर्ड भी अच्छा है। हाउस्टेट के मुताबिक, इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 170 रन है। ऐसा रहेगा दिल्ली का मौसम एक्यूवेदर के मुताबिक, 8 मई को दिल्ली में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री रहने की उम्मीद है। मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। दिल्ली में मौसम साफ रहेगा और बारिश की संभावना नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रेहगी नजर राहुल ने पिछले 10 मुकाबलों में 180.89 की स्ट्राइक रेट से 445 रन बनाए हैं। KKR के लिए रघुवंशी के बल्ले से पिछले 10 मैचों में 132.39 की स्ट्राइक रेट से 282 रन निकले हैं। रिंकू ने पिछले 10 मैचों में 246 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में अक्षर ने पिछले 10 मैच में 9 विकेट चटकाए हैं। एनगिडी के नाम 7 मैच में 8 विकेट है। KKR के लिए नरेन ने पिछले 9 मैच में 11 विकेट लिए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? KKR और DC के बीच यह मुकाबला 8 मई को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

युजवेंद्र चहल का हवाई जहाज में वायरल VIDEO, ई-सिगरेट पीते पकड़े गए

मुंबई  पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के अनुभवी स्पिनर युजवेंद्र चहल आईपीएल 2026 के बीच विवादों में घिर गए हैं। चहल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा, जिसमें दावा किया जा रहा कि स्पिनर हवाई जहाज में ई-सिगरेट पीते हुए पकड़ा गया। यह वीडियो अहमदाबाद से हैदराबाद जाने के दौरान का है। पंजाब की बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद से टक्कर हुई, जिसमें उसे 33 रनों से हार का सामना करना पड़ा। चहल जिस वक्त वीडियो में दिखे, तब तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पंजाब टीम के खिलाड़ियों से बातचीत कर रहे थे। हालांकि, वेपिंग (ई-सिगरेट का इस्तेमाल करना) के दावे को लेकर अभी तक चहल, अर्शदीप, पीबीकीएस या आईपीएल की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लपेटे में आए थे रियान पराग फ्लाइट के अंदर धूम्रपान या ई-सिगरेट का इस्तेमाल करना मना है। भारत में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध है। बता दें कि कुछ दिन पहले राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते हुए टीवी कैमरों में कैद हुए थे। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीआई) ने पराग के खिलाफ एक्शन लिया था और उनपर खेल की छवि को नुकसान पहुंचाने के आरोप में लगाया गया। पराग पर ना सिर्फ मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना ठोका गया बल्कि उनके खाते में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया। भारत सरकार ने साल 2019 में ई-सिगरेट पर बैन लगा दिया था। कानून के अनुसार पहली बार अपराध करने पर दोषी को एक साल तक की जेल और/या एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। ई-सिगरेट निषेध अधिनियम (पीईसीए) 2019 के अनुसार, ''कोई भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ई-सिगरेट का उत्पादन या निर्माण या आयात या निर्यात या परिवहन या बिक्री या वितरण नहीं करेगा और ई-सिगरेट का विज्ञापन नहीं करेगा या किसी ऐसे विज्ञापन में भाग नहीं लेगा जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ई-सिगरेट के उपयोग को बढ़ावा देता हो।'' ई-सिगरेट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जाती है। जॉन हॉपकिंस मेडिसिन के अनुसार, ''ई-सिगरेट का इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, हालांकि यह सिगरेट पीने जितना हानिकारक नहीं हो सकता है।'' उसके अनुसार, ''निकोटिन नियमित सिगरेट और ई-सिगरेट का मुख्य घटक है और इससे लत लग जाती है। इससे धूम्रपान की तीव्र इच्छा पैदा होती।'' जॉन हॉपकिंस मेडिसिन की वेबसाइट पर एक विशेषज्ञ के लेख में कहा गया है, ''निकोटिन एक जहरीला पदार्थ है। यह रक्तचाप और एड्रेनालाईन का स्तर बढ़ाता है, जिससे हृदय गति बढ़ जाती है और दिल का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ जाती है।''

वन भूमि पर जल संरक्षण का बड़ा कदम, भूजल रिचार्ज के लिए बनाए जाएंगे चेकडैम

 रांची  वन भूमि पर जल स्तर बरकरार रखने के लिए करीब छह हजार कच्चे चेकडैम बनाए जाएंगे। पहाड़ियों से उतरने वाली नलिकाओं को जगह-जगह बांधकर ये चेकडैम तैयार किए जाएंगे। इससे भूमि के ऊपर तो जल मौजूद रहेगा ही, भूगर्भ जल भी रिचार्ज होगा। बांधवगढ़ वन क्षेत्र में यह प्रयोग करने वाले केंद्रीय पर्यावरण विशेषज्ञ दिनेश त्रिवेदी ने बताया कि गर्मी में वन्यजीवों के लिए यह आसानी से उपलब्ध होने वाला जलस्रोत होगा। मिट्टी में नमी रहने से हरियाली बढ़ेगी और राज्य के जंगलों में बायोमास की वृद्धि दर्ज की जाएगी। बरसात से पहले ये चेकडैम तैयार कर लिए जाएंगे। त्रिवेदी ने बताया कि राज्य के वन क्षेत्र में पहले से हजारों की संख्या में ऐसे चेकडैम बने हुए हैं। इनकी पहचान कर मरम्मत भी कराई जाएगी। एक लाख मिलियन जल भंडार बढ़ेगा पर्यावरणविद और रांची विश्वविद्यालय में भूगर्भ शास्त्र के अध्यापक नीतिश प्रियदर्शी ने बताया कि राज्य में इस तरह के प्रयोग से एक लाख मिलियन लीटर जल की उपलब्धता बढ़ेगी। वाटर रिचार्ज की वजह से यह जल स्थायी तौर पर जमीन के ऊपर मौजूद रहेगा। नीतिश प्रियदर्शी ने कहा कि जंगलों की प्राकृतिक वाटर रिचार्ज संरचना अतिक्रमण या वृक्ष कटाई की वजह से नष्ट हो गई है। नए तरीके से कच्चे चेकडैम बनाकर इस कमी को पूरा किया जा सकता है। आजीविका का भी बनेगा साधन जंगलों में बने ये वाटर रिचार्ज पिट मछली पालन के लिए भी उपयोगी होंगे। इससे ग्राम समितियों को जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। वन क्षेत्र में पहले से बड़े बांध बने हुए हैं और वहां मछली पालन हो रहा है। अब कच्चे चेकडैम में भी जल्द विकसित होने वाली मछली की प्रजाति डाली जाएगी।