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NeoLiv Golf One की धमाकेदार एंट्री, लॉन्च होते ही पूरा प्रोजेक्ट हुआ सोल्ड आउट

फरीदाबाद  फरीदाबाद ने प्रॉपर्टी धमाका कर गुड़गांव और नोएडा को भी पछाड़ दिया है. यहां गोल्फ थीम वाली लग्जरी प्लॉटेड टाउनशिप में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है. जहां लांचिंग के महज 6 घंटे के भीतर ही 1251 करोड़ रुपये की कीमत के प्लॉट हाथों-हाथ बिक गए. यह कारनामा एनसीआर में गोल्फ थीम वाले लग्जरी प्लॉट काटने वाली कंपनी नियोलिव ने किया है. बता दें कि फरीदाबाद में नियोलिव गोल्फ वन (NeoLiv Golf One) नाम की टाउनशिप के लांच होते ही पूरा प्रोजेक्ट बिक गया. सिर्फ 6 घंटों के अंदर 1,251 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई. इस प्रोजेक्ट को देश के बड़े निवेशकों, हाई नेटवर्थ खरीदारों (HNI) और एनआरआई ग्राहकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिसके चलते इसकी सभी यूनिट्स बेहद कम समय में बिक गईं. कैसा है यह प्रोजेक्ट, क्या है खास? करीब 47 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट में 181 से 388 वर्ग गज तक के प्रीमियम रेजिडेंशियल प्लॉट्स उपलब्ध हैं. इसकी खास थीम गोल्फ ग्रीन्स पर आधारित है, जो इसे एक लग्जरी और आधुनिक टाउनशिप का रूप देती है. फरीदाबाद के सेक्टर 98 और 99A में स्थित यह प्रोजेक्ट एनसीआर की सबसे बड़ी और शानदार प्लॉटेड टाउनशिप्स बताया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट में प्लॉट्स की कीमत लगभग 2,37,436 रुपये प्रति वर्ग मीटर यानी करीब 2 लाख रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच गई है, जो इस क्षेत्र के रियल एस्टेट बाजार में एक नया रिकॉर्ड और बड़ा मानक माना जा रहा है. कैसे अलग हैं इसके प्लॉट नियोलिव की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि इस रिकॉर्ड तोड़ सफलता के पीछे सबसे बड़ी वजह एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जो एनसीआर के प्लॉटेड सेगमेंट में मौजूद अन्य प्रोजेक्ट्स से बिल्कुल अलग है. ‘नियोलिव गोल्फ वन’ को एक खास गोल्फ-लिविंग टाउनशिप के रूप में विकसित किया गया है. इसे सिर्फ गोल्फ कोर्स के पास नहीं, बल्कि पूरे गोल्फ लैंडस्केप को केंद्र में रखकर डिजाइन किया गया है, जिससे लोगों को प्रीमियम और अलग तरह का रहने का अनुभव मिल सके. भारत में 100 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स पर काम करने से मिले अनुभव का फायदा इस प्रोजेक्ट में साफ दिखाई देता है. नियोलिव ने बेहतर डिजाइन, मजबूत मास्टर प्लानिंग और लोगों को लंबे समय तक रहने का शानदार अनुभव देने पर विशेष ध्यान दिया है. यह प्रोजेक्ट केवल कीमत या लोकेशन के कारण नहीं, बल्कि अपनी बेहतरीन सोच और प्रीमियम विजन की वजह से लोगों को पसंद आया है. खरीदार इसे एक खास और लंबे समय तक मूल्य देने वाले अवसर के रूप में देख रहे हैं. इसे लेकर नियोलिव (NeoLiv) के फाउंडर और सीईओ मोहित मल्होत्रा ने कहा, ‘नियोलिव गोल्फ वन को मिली इस जबरदस्त प्रतिक्रिया से हम बेहद सम्मानित और उत्साहित महसूस कर रहे हैं. भारत के अब तक के सबसे बड़े प्लॉटेड लॉन्च का मात्र छह घंटों में पूरी तरह बिक जाना सिर्फ एक सेल्स उपलब्धि नहीं, बल्कि नियोलिव की प्रोडक्ट सोच और विजन पर लोगों के मजबूत भरोसे का प्रमाण है. हमारा हमेशा से मानना रहा है कि अच्छी योजना और अलग पहचान वाले प्रोजेक्ट हर तरह के बाजार में बेहतर प्रदर्शन करते हैं, और इसी विश्वास ने पहले दिन से इस गोल्फ-ग्रीन्स टाउनशिप को आकार दिया.’ फरीदाबाद बनता जा रहा प्रॉपर्टी का केंद्र दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के शुरू होने के बाद फरीदाबाद एनसीआर के सबसे तेजी से विकसित हो रहे माइक्रो-मार्केट्स में शामिल हो गया है. शहर में प्रीमियम प्लॉटेड प्रोजेक्ट्स की मांग में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है. इस ग्रोथ को मजबूत सामाजिक बुनियादी ढांचे का भी पूरा सहयोग मिल रहा है, जिसमें अमृता अस्पताल जैसी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं और कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं.  

वैज्ञानिक उपलब्धि से मिला किसानों को आर्थिक संबल

रायपुर बस्तर की पहचान अब धीरे-धीरे बदल रही है। पारंपरिक खेती वाले इस क्षेत्र में अब बागवानी के नए प्रयोग सफल होने लगे हैं। महात्मा गाँधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय द्वारा संचालित क्रांतिकारी डेब्रिधुर उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र जगदलपुर के वैज्ञानिकों की 09 वर्षों की सतत मेहनत ने इतिहास रच दिया है। पहली बार बस्तर में लीची के पौधों में सफल फलन हुआ है, जिसे कृषि क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस सफलता की शुरुआत वर्ष 2016-17 में हुई थी, जब तत्कालीन वैज्ञानिक डॉ. गणेश प्रसाद नाग ने अनुसंधान केंद्र अंबिकापुर से लीची की उन्नत किस्मों को लाकर जगदलपुर स्थित महाविद्यालय प्रक्षेत्र में रोपण कराया। उस समय बस्तर की जलवायु में लीची की खेती को लेकर कोई ठोस उदाहरण मौजूद नहीं था, बावजूद इसके वैज्ञानिकों ने इसे चुनौती के रूप में लिया और शोध कार्य शुरू किया।     उद्यानिकी महाविद्यालय प्रक्षेत्र में इंद्रा लीची-2, अंबिका लीची-1, चाइना, शाही और रोज सेंटेड जैसी पांच प्रमुख किस्मों के करीब 40 पौधे लगाए गए। शुरुआती वर्षों में इन पौधों की वृद्धि, जलवायु के प्रति अनुकूलन क्षमता और उत्पादन पर लगातार अध्ययन किया गया। लंबे इंतजार और वैज्ञानिक प्रबंधन के बाद अब इन पौधों में फल लगना शुरू हो गया है। फल विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. रामकुमार देवांगन ने पौध प्रावर्धन, पुष्पन, फल सेट सुधार, ट्रेनिंग, प्रूनिंग और फ्रूट क्रैकिंग जैसी समस्याओं पर गहन शोध किया। वहीं डॉ. भागवत कुमार भगत ने लीची के मूल्य संवर्धन जैसे जूस, जैली और अन्य उत्पाद पर काम कर इसे बाजार से जोड़ने की दिशा में पहल की है।     उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रवि रतन सक्सेना ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर में लीची की सफल फलन केवल एक शोध सफलता नहीं, बल्कि क्षेत्रीय कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि वैज्ञानिक अनुसंधान, धैर्य और नवाचार के माध्यम से बस्तर जैसे पारंपरिक कृषि क्षेत्र में भी उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों की अपार संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं। उन्होंने आगे कहा कि लीची जैसी नगदी फसल का सफल उत्पादन किसानों की आय बढ़ाने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने और क्षेत्र में बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी। कुलपति ने यह भी उल्लेख किया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल नई फसल तकनीकों का विकास करना ही नहीं, बल्कि उन्हें किसानों तक पहुंचाकर उनके आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करना है।  प्रो. सक्सेना ने वैज्ञानिकों के 09 वर्षों के सतत प्रयास, अनुसंधान क्षमता और समर्पण की प्रशंसा करते हुए विश्वास जताया कि आने वाले समय में बस्तर क्षेत्र लीची उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाएगा। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर कृषि, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला परिवर्तनकारी कदम बताया। वहीं उद्यानिकी महाविद्यालय जगदलपुर के वर्तमान अधिष्ठाता डॉ. नाग ने बताया कि जिन उन्नत किस्मों को विकसित करने में सफलता मिली है, उनके पौधे अब किसानों को उनकी मांग के अनुसार उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा, ताकि वे इस नई फसल को आसानी से अपना सकें। लंबी शोध से मिली ऐतिहासिक सफलता, किसानों के लिए साबित होगी गेम चेंजर       साल 2016-17 में इस परियोजना की शुरुआत एक प्रयोग के तौर पर की गई थी। अनुसंधान केंद्र, अंबिकापुर से लाई गई पांच उन्नत किस्मों इंद्रा लीची-2, अंबिका लीची-1, चाइना, शाही और रोज सेंटेड को केडीसीएचआरएस जगदलपुर के प्रक्षेत्र में रोपित किया गया। शुरुआती वर्षों में सबसे बड़ी चुनौती बस्तर की जलवायु के अनुसार पौधों को अनुकूल बनाना था। वैज्ञानिकों ने सिंचाई, पोषण प्रबंधन और रोग नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया। लगभग 09 वर्षों के धैर्यपूर्ण प्रयासों के बाद पौधों में सफल फलन हुआ, जो इस बात का प्रमाण है कि बस्तर में भी लीची की खेती संभव है।   लीची की सफल खेती बस्तर के किसानों के लिए नई आर्थिक संभावनाएं खोल रही है। अब तक सीमित फसलों पर निर्भर रहने वाले किसान इस नगदी फसल को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। बाजार में लीची की अच्छी मांग और कीमत मिलती है, जिससे किसानों…

अद्भुत कहानी जेल से: मुस्लिम महिला जेलर ने उम्रकैद के हिंदू युवक से बंधाई शादी

छतरपुर  जिले के लवकुशनगर में एक अनोखी प्रेम कहानी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। केंद्रीय जेल सतना में पदस्थ मुस्लिम महिला सहायक जेल अधीक्षिका फिरोजा खातून ने हत्या के मामले में सजा काट चुके हिंदू युवक धर्मेंद्र सिंह चंदला से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह कर लिया। यह शादी 5 मई को वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रस्मों के बीच संपन्न हुई। खास बात यह रही कि लड़की पक्ष के परिजन शादी में शामिल नहीं हुए, जिसके बाद बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कन्यादान की रस्म निभाई। जानकारी के मुताबिक रीवा निवासी फिरोजा खातून केंद्रीय जेल सतना में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। जेल में उनकी जिम्मेदारी वारंट इंचार्ज के रूप में थी, वहीं धर्मेंद्र सिंह चंदला हत्या के एक चर्चित मामले में उम्रकैद की सजा काट चुका था। जेल में अच्छे व्यवहार के चलते वह प्रशासनिक और वारंट संबंधी कार्यों में सहयोग करता था।  बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे दोस्ती और फिर प्रेम संबंध में बदल गई। लंबे समय तक एक-दूसरे को समझने के बाद दोनों ने विवाह करने का फैसला लिया। सूत्रों के अनुसार फिरोजा खातून के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे, जिसके चलते परिवार का कोई सदस्य शादी समारोह में शामिल नहीं हुआ। ऐसे में बजरंग दल के कार्यकर्ता आगे आए और विवाह की रस्मों में सहयोग करते हुए कन्यादान की जिम्मेदारी निभाई। शादी पूरी तरह हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई, जहां दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे लेकर साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया। जानकारी के अनुसार धर्मेंद्र सिंह वर्ष 2007 में नगर परिषद चंदला के तत्कालीन उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। इस चर्चित मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी। करीब 14 साल जेल में रहने और अच्छे आचरण के आधार पर उसे रिहा किया गया था और पिछले चार वर्षों से वह जेल से बाहर था।  विवाह की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस शादी को अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। कुछ लोग इसे प्रेम, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बता रहे हैं, तो कुछ सरकारी सेवा के दौरान कैदी से संबंध बनने को लेकर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल यह विवाह सतना केंद्रीय जेल से लेकर स्थानीय क्षेत्र और सोशल मीडिया तक चर्चा और बहस का विषय बना हुआ है। 

चंडीगढ़ पुलिस ने गैंगस्टर मॉड्यूल का किया पर्दाफाश, नाबालिग को काउंसलिंग की सलाह

चंडीगढ़  चंडीगढ़ पुलिस ने एक बड़े गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए हत्या की साजिश को नाकाम किया और 12वीं कक्षा के छात्र को पकड़ा. 12वीं कक्षा के छात्र को गैंगस्टरों के लिए तरन तारन के पट्टी इलाके में हत्या करने का काम दिया गया था. हालांकि माता-पिता को नाबालिग को सौंप दिया गया है और काउंसलिंग की सलाह दी गई है. जानकारी के अनुसार, 12वीं कक्षा के छात्र गैंगस्टर प्रभ दासूवाल और गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी टूटावाला के संपर्क में था और करीब दो महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए उसकी गैंगस्टरों से पहचान हुई थी, जो बाद में लगातार बातचीत में बदल गई. मार्च महीने में उसे खेमकरण भेजा गया, जहां वह गैंग के सहयोगियों लव भट्टी और अमन शर्मा के साथ रुका. उसी दौरान उसके परिवार ने स्थानीय थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत भी दर्ज करवाई थी. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गैंगस्टरों ने उसे अमरकोट बस स्टैंड के पास एक डॉक्टर की दुकान पर फायरिंग करने के लिए कहा था, लेकिन हथियार चलाने का अनुभव न होने के कारण उसने मना कर दिया. बाद में यही वारदात गैंग के अन्य सदस्यों लव भट्टी और अमन शर्मा ने अंजाम दी. करीब 20 दिन बाद नाबालिग वापस घर लौट आया था. चंडीगढ़ पुलिस ने 12वीं कक्षा के छात्र को किस अपराध की साजिश में पकड़ा?     Aहत्या की साजिश     Bचोरी की योजना     Cनशीले पदार्थों की तस्करी     Dअपहरण की कोशिश पुलिस के मुताबिक हाल ही में गैंगस्टरों ने उसे फिर से एक्टिव किया और पट्टी पहुंचकर एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या करने का आदेश दिया. इसके लिए वह चंडीगढ़ में किसी दूसरे व्यक्ति की आईडी पर फर्जी सिम लेने की कोशिश कर रहा था. गैंगस्टर समय-समय पर उसे पैसे भी भेज रहे थे और अब उस पर लगातार दबाव और धमकियां डाल रहे थे. फिलहाल नाबालिग को उसके माता-पिता के हवाले कर काउंसलिंग की सलाह दी गई है. अभी छात्र का रिजल्ट आना बाकी है पुलिस जांच में सामने आया कि नाबालिग सीधे तौर पर कुख्यात गैंगस्टर प्रभ दासूवाल और गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी टूटावाला के संपर्क में था. दोनों गैंगस्टर विदेश में बैठकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के जरिए युवाओं को अपने नेटवर्क में जोड़ रहे थे.12वीं कक्षा का छात्र है और उसका रिजल्ट अभी आना बाकी है. करीब दो महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए उसकी गैंगस्टरों से पहचान हुई थी, जो बाद में लगातार बातचीत में बदल गई. मारपीट का भी बदला लेना चाहता था पूछताछ में पता चला कि इलाके में कुछ युवकों की ओर से मारपीट किए जाने के बाद नाबालिग बदला लेना चाहता था. इसी कमजोरी का फायदा उठाकर गैंगस्टरों ने उसे अपने जाल में फंसा लिया. मार्च महीने में उसे खेमकरण भेजा गया, जहां वह गैंग के सहयोगियों लव भट्टी और अमन शर्मा के साथ रुका.  इतना ही नहीं, उसे फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर नए लड़कों की भर्ती करने का काम भी सौंपा गया था. चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी को काबू कर लिया, जिससे एक संभावित गैंगवार और हत्या की वारदात टल गई.

राशन कार्डधारकों के लिए खुशखबरी, अब 5G टेक्नोलॉजी से आसान होगा अनाज वितरण

मोहाली. हरियाणा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब प्रदेश के राशन डिपो पर लाभार्थियों को 2-जी मशीनों से राशन बंद कर 5-जी आधारित नई मशीनों के माध्यम से राशन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का दावा है कि नई तकनीक से राशन वितरण प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और अधिक पारदर्शी होगी। इस बारे में आल राशन डिपो होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश मीडिया प्रभारी गुरतेज सिंह सोढ़ी ने कहा कि प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से पुरानी ई-पॉस मशीनों को हटाकर नई 5-जी सक्षम मशीनें लगाई जा रही हैं। इन मशीनों का फायदा यह रहेगा कि इनमें तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी, बेहतर बायोमेट्रिक सिस्टम और रियल टाइम डाटा अपडेट जैसी सुविधाएं होंगी। जिससे नेटवर्क की समस्या कम होगी और उपभोक्ताओं को लंबी लाइनों में इंतजार करने से मुक्ति मिल जाएगी। सोढ़ी ने राशन कार्डधारकों से अपील की है कि वे नई मशीनों के डिपो तक पहुंचने की प्रक्रिया के दौरान धैर्य रखें और मुनादी या आधिकारिक सूचना के बाद ही राशन लेने पहुंचें। यह बदलाव डिजिटल इंडिया की दिशा में विभाग का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बता दें कि पिछले 9 वर्षों से उपयोग हो रही 2-जी मशीनें तकनीकी रूप से पुरानी भी थीं और उनसे डिपो पर अक्सर भीड़ और अव्यवस्था का माहौल रहता था। नई 5-जी तकनीक से अब अंगूठे के निशान (बायोमेट्रिक) और डेटा प्रोसेसिंग की गति कई गुना बढ़ जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद लाभार्थियों को समय पर और बिना किसी परेशानी के राशन मिल सकेगा।

बेटियों की शिक्षा के पर्याप्त प्रबंध करना, हर माता-पिता का दायित्व

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन संस्कृति में विवाह जन्म-जन्मांतर का पवित्र बंधन है। गृहस्थ जीवन में प्रवेश कर रहे वर-वधुओं के लिए आने वाला समय कई जिम्मेदारियां लेकर आता है। सभी परिवारों के लिए विवाह का आयोजन आनंद और उत्सव का वातावरण निर्मित करता है। सामूहिक विवाह सम्मेलन में एक ही मंडप में समाज के विभिन्न वर्गों के बेटे-बेटी वैवाहिक बंधन में बंधते हैं, सामूहिक चेतना का यह उत्सव फिजूल खर्ची और दिखावे पर रोक का संदेश देता है। सरकार और समाज ने जब से सामूहिक विवाह का बीड़ा उठाया है तब से गरीब माता-पिता ने चैन की सांस ली है। समाज के समृद्ध लोग सादगी को अपने व्यवहार में उतारे और सामूहिक विवाह सम्मेलनों में विवाह का ट्रेंड सेट करें। इससे समाज का हर वर्ग विवाह के अनावश्यक खर्च से बचेगा और उपलब्ध संसाधनों का परिवार के भविष्य निर्माण में उपयोग किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उन्होंने स्वयं भी अपने पुत्र का विवाह सामूहिक सम्मेलन में ही किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटियों की शिक्षा की चिंता करना और उसके लिए पर्याप्त प्रबंध करना, हर माता-पिता का दायित्व हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित 200 बेटियों के सामूहिक विवाह सम्मेलन को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर-वधु को आशीर्वाद प्रदान कर उनके परिजन को शुभकामनाएं दीं। सामूहिक विवाहों के आयोजन से माता-पिता को नहीं लेना पड़ रहा है कर्ज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दिसंबर 2023 से अप्रैल 2026 तक 1 लाख 70 हजार 187 बेटियों के विवाह मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के तहत कराये गए है। योजना अंतर्गत अब तक लगभग 1000 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन से आर्थिक रूप से कमजोर भाई-बहनों की बेटियां भी पूरे सम्मान के साथ विदा होती हैं। समाज का कोई भी वर्ग हो, बच्चों का विवाह हर माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। सामूहिक विवाहों के आयोजन से अब विवाह के लिए माता-पिता को कर्ज नहीं लेना पड़ रहा है। समाज और सरकार एक-दूसरे के पूरक हैं। परिवर्तन के लिए समाज और सरकार दोनों का हाथ मिलाकर चलना जरूरी है। सामूहिक विवाह सम्मेलन जैसे आयोजन वर्तमान समय में समाज सेवा का सर्वोत्तम माध्यम बन चुके हैं। सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में विधायक आष्टा  गोपाल सिंह इंजीनियर, अध्यक्ष जनपद पंचायत आष्टा मती दीक्षा सोनू गुणवान, जनप्रतिनिधि सहित वर-वधु और उनके परिजन उपस्थित थे।  

आईटी कारोबारी के ठिकानों पर ED का छापा, मोहाली में नोटों से भरे बैग नीचे फेंकने से मचा हड़कंप

मोहाली. मोहाली जिले के खरड़ स्थित नामी हाउसिंग सोसायटी वेस्टर्न टावर्स में वीरवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रेड की है। रेड के दौरान नौवीं मंजिल के एक फ्लैट से नकदी से भरे दो बैग नीचे फेंके गए, जिसके बाद सोसायटी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार ईडी की टीम सुबह करीब सात बजे दिल्ली से खरड़ पहुंची और चज्जूमाजरा स्थित वेस्टर्न टावर्स सोसायटी के फ्लैट नंबर 906 में तलाशी अभियान शुरू किया। बताया जा रहा है कि यह फ्लैट आईटी कारोबारी नितिन गोयल से जुड़ा हुआ है। ईडी अधिकारियों ने फ्लैट के अंदर कई घंटों तक दस्तावेजों और अन्य रिकार्ड की गहन जांच की। इस दौरान फ्लैट अंदर से बंद बताया गया। ईडी ने कब्जे में लिए दोनों बैग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रेड के दौरान अचानक फ्लैट की ऊपरी मंजिल से दो बैग नीचे फेंके गए। बैग गिरते ही उनमें से 500-500 रुपये के नोट सोसायटी परिसर में बिखर गए। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए और कुछ ही देर में बड़ी संख्या में निवासी वहां इकट्ठा हो गए। बाद में ईडी अधिकारियों ने नकदी से भरे दोनों बैग अपने कब्जे में ले लिए। सूत्रों के मुताबिक बैगों से करीब 21 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक ईडी की ओर से बरामद रकम या कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। ईडी के अधिकारी पूरे मामले में फिलहाल चुप्पी बनाए हुए हैं। सूत्रों का दावा है कि यह कार्रवाई मनी लान्ड्रिंग से जुड़े किसी बड़े मामले की जांच का हिस्सा है। बताया जा रहा है कि जिस कारोबारी के यहां रेड हुई, उसके संबंध राज्य सरकार के एक वरिष्ठ राजनीतिक पदाधिकारी के करीबी लोगों से बताए जा रहे हैं। हालांकि, इस राजनीतिक कनेक्शन की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि गुरुवार (07 मई, 2026) ईडी को ईडी ने पंजाब में बड़ी कार्रवाई करते हुए मोहाली और चंडीगढ़ में 12 अलग-अलग ठिकानों पर छापामारी शुरू की है। यह तलाशी अभियान सनटेक सिटी परियोजना, अजय सहगल, एबीएस टाउनशिप्स प्राइवेट लिमिटेड, अल्टस बिल्डर्स, धीर कंस्ट्रक्शंस और उनके सहयोगियों के खिलाफ चलाया जा रहा है।

फर्जी इनकम टैक्स रिफंड मामले में बड़ा खुलासा, खंडवा के कारोबारी में मचा हड़कंप

खंडवा  फर्जी कंपनी बनाकर 263 करोड़ रुपये इनकम टैक्स रिफंड के फर्जीवाड़े में खंडवा के सराफा कारोबारी के नाम सीबीआई ने नोटिस जारी किया है। गुरुवार को सीबीआई का कांस्टेबल दिल्ली से नोटिस तामील करवाने आया। इससे हड़कंप मच गया। सराफा कारोबारी अंकित जैन को इससे पहले वाट्सएप और डाक से सीबीआई से नोटिस जारी हो चुके हैं। यह सिलसिला वर्ष 2022 से चल रहा है। गुरुवार सुबह करीब सात बजे नोटिस तामील कराने आए व्यक्ति को फर्जी समझकर वहां भीड़ जमा हो गई। भाजपा नेता सुधांशु जैन सहित स्वजन वास्तविकता जानने के लिए उसे कोतवाली थाने लेकर पहुंचे। यहां काफी देर तक नोटिस और तामील करवाने वाले की वैधता को लेकर बहस चली। इनकम टैक्स फर्जीवाड़े मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सराफा कारोबारी जैन को पूछताछ के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 160 के तहत नोटिस जारी कर 14 मई 2026 को नई दिल्ली स्थित सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। बिलासपुर में घर में खड़ी कार पर लगा दिया टोल Tax…FASTag से रुपए कटने का मैसेज देखकर मालिक हैरान दिल्ली से आए सीबीआई कांस्टेबल रिझपाल सिंह ने बताया कि सीबीआई के दिल्ली कार्यालय से उसे नोटिस तामील करवाने के लिए भेजा गया है। इससे पूर्व डाक और वाट्सएप से भी नोटिस भेजे गए थे लेकिन इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया गया। नोटिस फर्जी होने जैसी कोई बात नहीं है। सीबीआई के नोटिस के संबंध में आरोपित अंकित जैन ने बताया कि पूर्व में वाट्सएप और टेलीफोन पर लगातार नोटिस व सूचना मिलने पर खंडवा पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर अवगत करवा चुके हैं। मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। मेरे पैनकार्ड का फर्जी तौर पर प्रयोग हुआ है। बताया जाता है कि तानाजी मंडल के मुंबई में बैंक खाते में करीब 263 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स रिफंड जमा हुआ था। यह राशि खाते से निकलने पर बैंक द्वारा इसका सोर्स पूछा गया था। इस पर उन्होंने खंडवा के अंकित जैन की फर्म से यह राशि एमओयू के तहत मिलने का पत्र दिया था। एमओयू में अंकित जैन का पैन कार्ड नंबर, हस्ताक्षर तथा मोबाइल नंबर का उल्लेख था। इस आधार पर सीबीआई द्वारा उन्हें इस मामले में पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया है।  

इस्तीफे से इनकार के बीच बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम, बंगाल विधानसभा भंग

पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार करने वाली ममता बनर्जी का दांव नहीं चला है। राज्यपाल ने बंगाल विधानसभा को भंग कर दिया है। चार मई को आए चुनावी नतीजों में न सिर्फ ममता बनर्जी को भवानीपुर से हार का सामना करना पड़ा, बल्कि 15 सालों तक रही सत्ता भी चली गई। भाजपा ने बंपर जीत हासिल करते हुए 207 सीटों पर जीत दर्ज की। एक आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, राज्यपाल आरएन रवि ने पश्चिम बंगाल राज्य विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद, सात मई से उसे भंग कर दिया है। वर्तमान विधानसभा का गठन मई 2021 में हुआ था, जब ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटी थी। विधानसभा का भंग किया जाना हाल ही में संपन्न हुए दो चरणों के चुनावों के बाद मौजूदा विधानसभा के कार्यकाल की औपचारिक समाप्ति का प्रतीक है। चुनावी नतीजे लोगों का जनादेश नहीं, बल्कि साजिश थे, यह आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद राज्य में एक संवैधानिक अनिश्चितता और राजनीतिक टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी। बनर्जी ने नतीजे को मनगढ़ंत बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि उनकी पार्टी भाजपा से नहीं, बल्कि चुनाव आयोग से लड़ रही है। हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा, ''मैं इस्तीफा क्यों दूं? हम हारे नहीं हैं। जनादेश को लूट लिया गया है। इस्तीफे का सवाल ही कहां उठता है?'' उन्होंने कहा, "मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि हम लोगों के जनादेश से नहीं, बल्कि एक साजिश की वजह से हारे हैं… मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी।"

ई-चालान धारकों के लिए अलर्ट: रायपुर में आज अंतिम दिन, नहीं भरा जुर्माना तो बढ़ सकती है परेशानी

रायपुर. रायपुर में 2025 के लंबित ई-चालानों के निपटारे के लिए आज अंतिम अवसर दिया गया है। यदि वाहन मालिक अपने चालान का समाधान नहीं करते हैं, तो आगे चलकर वाहनों की जब्ती की कार्रवाई की जा सकती है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, ई-चालान मामलों को 9 मई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए 7 मई तक आवेदन करना अनिवार्य है। प्राप्त आवेदनों को ट्रैफिक पुलिस लोक अदालत में पेश करेगी। इस प्रक्रिया के लिए कालीबाड़ी स्थित यातायात मुख्यालय में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा नौ अन्य ट्रैफिक थानों में भी रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि केवल रजिस्ट्रेशन के बाद ही मामलों को लोक अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, 2025 के अब तक एक लाख से अधिक ई-चालान लंबित हैं। इन मामलों को पहले नियमित अदालत में भेजा गया था, लेकिन वाहन मालिकों की अनुपस्थिति के कारण समाधान नहीं हो सका। एसीपी ट्रैफिक सतीश ठाकुर ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 से पहले के सभी लंबित ई-चालानों के निपटारे के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। संबंधित वाहन स्वामियों को कॉल और व्हाट्सएप के माध्यम से नोटिस भी भेजे जा रहे हैं। पुलिस ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में लंबित चालानों पर कार्रवाई और तेज की जाएगी।