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Axis My India के प्रदीप गुप्ता का बड़ा दावा, अगले दो दशक तक BJP रहेगी ताकतवर

नई दिल्ली एक्सिस माय इंडिया (Axis My India) के प्रमुख और पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रदीप गुप्ता ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर बड़ी भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा है कि 2014 में शुरू हुआ भाजपा के राजनीतिक दबदबे का मौजूदा दौर कम से कम 20 साल तक जारी रहेगा। 'द एक्सिस माई इंडिया' सर्वेक्षण संस्था के प्रमुख गुप्ता ने तर्क दिया कि सत्तारूढ़ दल की स्थिति तब तक सुरक्षित रहेगी जब तक उसके शासन का प्रदर्शन बहुत कमजोर नहीं हो जाता। मालूम है कि प्रदीप गुप्ता के एक्सिस माय इंडिया के अतीत में ज्यादातर सर्वे और एग्जिट पोल्स सही साबित हुए हैं। हालांकि, 2024 लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल में उनसे चूक हो गई थी। कांग्रेस के लंबे समय तक रहे राजनीतिक प्रभुत्व के साथ तुलना करते हुए, गुप्ता ने कहा कि भारतीय राजनीति एक पार्टी के प्रभाव के एक और दौर की साक्षी बन रही है। गुप्ता ने 'पीटीआई-भाषा' को दिए साक्षात्कार में कहा, ''राजनीति में एक सीमा होती है। पहले, कांग्रेस ने 1977 तक लगातार शासन किया। उसके बाद, उसे मुश्किलें आने लगीं। उन दिनों, हम लगभग 20 साल तक चलने वाली राजनीतिक पीढ़ी की बात करते थे। वह 20 साल का दौर अब भी बना रहेगा।'' 'राजनीति का केंद्रीय ध्रुव बनी रह सकती है BJP' उन्होंने कहा कि भाजपा भी इसी तरह लंबे समय तक भारतीय राजनीति का केंद्रीय ध्रुव बनी रह सकती है। उनके विचार में, सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दोनों का भविष्य काफी हद तक मौजूदा सरकार के कामकाज पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, ''इतना बड़ा जनादेश मिलने के बाद, भाजपा से उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। इसलिए भाजपा और एनडीए को अब शानदार कामकाज करना होगा।'' गुप्ता ने कहा, ''जब तक उनका प्रदर्शन कमजोर या खराब नहीं होता, वे जीतते रहेंगे और विपक्ष हारता रहेगा।'' 'कांग्रेस के लिए विरासत में मिले मुद्दों का बोझ बना हुआ है' उन्होंने कहा कि कांग्रेस पर पहले कुशासन रहने की धारणाओं से जुड़े 'विरासत में मिले मुद्दों' का बोझ बना हुआ है जिससे उसके राजनीतिक नुकसान की भरपाई एक लंबी प्रक्रिया बन गई है। उन्होंने कहा, ''अगर आप 2029 की भी बात करें, तो इसका मतलब होगा लगभग 15 साल (कांग्रेस के लिए सत्ता से बाहर रहने के)। मुझे लगता है कि उन्हें पूरे देश को मनाने में कम से कम पांच साल और लग सकते हैं।'' गुप्ता ने यह भी कहा कि राजनीतिक प्रभुत्व ने जनता की आकांक्षाएं भी बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा, ''जब आप बड़ी ऊंचाइयों पर पहुंचते हैं, तो बाद में नीचे आने की भी प्रवृत्ति बनी रहती है। भाजपा भी उस स्तर पर पहुंच गई है जहां उससे आकांक्षाएं बढ़ गई हैं।'' 'यूपी में शासन के प्रति संतुष्टि का स्तर अच्छा, पंजाब में मिला-जुला’ वहीं, प्रदीप गुप्ता का कहना है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में एक साल से भी कम समय बचा है और सत्तारूढ़ भाजपा मजबूत स्थिति में नजर आ रही है, क्योंकि जनता योगी आदित्यनाथ सरकार के कामकाज से काफी हद तक संतुष्ट है। गुप्ता ने कहा कि पंजाब में चार-कोणीय मुकाबले के उभरने के कारण सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के प्रति जनता की संतुष्टि का स्तर ''मिला-जुला' बना हुआ है। प्रदीप गुप्ता ने राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इन दोनों राज्यों में अपनी एजेंसी के जमीनी स्तर पर किए गए काम से प्राप्त अवलोकन साझा किए। दोनों राज्यों में 2027 की शुरुआत में चुनाव प्रस्तावित है और जिनके परिणामों का व्यापक राष्ट्रीय प्रभाव होने की उम्मीद है।

प्राचीन पांडुलिपियों और विरासत के संरक्षण में जुटी योगी सरकार, “ज्ञान भारतम् मिशन” को मिली नई गति

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इसी क्रम में प्रदेश में ज्ञान भारतम् मिशन के तहत प्राचीन पांडुलिपियों की खोज, संरक्षण और डिजिटलीकरण का व्यापक अभियान तेज कर दिया गया है। राज्य सरकार का उद्देश्य देश की प्राचीन बौद्धिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।       भारत सरकार के ज्ञान भारत मिशन के अंतर्गत दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। इस अभियान को गति प्रदान करते हुए सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, मठों, मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी एवं सार्वजनिक पुस्तकालयों तथा व्यक्तियों के पास उपलब्ध पाण्डुलिपियों को स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड कराया जाए, ताकि देश की सांस्कृतिक एवं बौद्धिक धरोहर का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।       प्रदेशभर में चलाए जा रहे सर्वे अभियान के दौरान अब तक हजारों दुर्लभ पांडुलिपियों की पहचान की जा चुकी है। इनमें धर्म, दर्शन, आयुर्वेद, ज्योतिष, साहित्य, संगीत, इतिहास और भारतीय संस्कृति से जुड़ी महत्वपूर्ण पांडुलिपियां शामिल हैं। विशेष रूप से वाराणसी, आयोध्या और रामपुर में सबसे अधिक पांडुलिपियां प्राप्त हुई हैं, जिनमें कई सदियों पुरानी दुर्लभ हस्तलिखित सामग्री भी शामिल है।     राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों, पुस्तकालयों, मठ-मंदिरों, निजी संग्रहकर्ताओं और शोध संस्थानों के सहयोग से विशेष सर्वे टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें गांव-गांव और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंचकर प्राचीन दस्तावेजों और हस्तलिखित ग्रंथों का पता लगा रही हैं। मिशन के तहत पांडुलिपियों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण, डिजिटलीकरण और सूचीकरण भी किया जाएगा ताकि शोधार्थियों और विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।     दरअसल, उत्तर प्रदेश सदियों से भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रमुख केंद्र रहा है। काशी, अयोध्या, मथुरा और रामपुर जैसे शहरों में संस्कृत, फारसी, अरबी और हिंदी की अनेक दुर्लभ पांडुलिपियां सुरक्षित हैं। अब “ज्ञान भारतम् मिशन” के माध्यम से इन्हें व्यवस्थित रूप से संरक्षित किया जा रहा है। यह अभियान केवल दस्तावेजों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और गौरव को पुनर्स्थापित करने का प्रयास भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। ज्ञान भारतम् मिशन उसी विजन को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण अभियान माना जा रहा है।

पैक्स कम्प्यूटराईजेशन पूर्ण ; जल्द ही मोबाहल ऐप पर ट्रांजेक्शन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) में नवीन सदस्य बनने के लिए सदस्यता अभियान 30 जून तक चलाएं। गत 14 अप्रैल से शुरू सदस्यता अभियान के जरिए पैक्स में 10 लाख नवीन सदस्य जोड़ें। उन्होंने कहा कि वर्ष में सवा लाख नए केसीसी स्वीकृति का लक्ष्य रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन और प्रमुख सचिव श्री डी.पी. आहूजा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के सुदृढ़ीकरण की सराहना करते हुए कहा है कि अगले 3 साल में सभी कमजोर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का सुदृढ़ीकरण किया जाए। बताया गया कि गत ढाई वर्षों में 18 कमजोर जिला बैंकों में से 6 की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। शासकीय अंश पूंजी सहायता से 6 जिला बैंक रीवा, सतना, जबलपुर, शिवपुरी, ग्वालियर एवं दतिया को सुदृढ़ करने का प्रयास है। अगले चरण में अन्य 6 भिंड, मुरैना, रायसेन, सागर, सीधी और नर्मदापुरम बैंक के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पैक्स से लेन-देन की प्रक्रिया को मोबाइल ऐप के जरिए किए जाने के प्रयास किए जाएं। इस पर बताया गया कि प्रदेश की सभी 4536 पैक्स को केंद्र प्रायोजित कंप्यूटराइजेशन योजना अंतर्गत कंप्यूटरीकृत कराया गया है। शत-प्रतिशत कंप्यूटराइजेशन से योजना क्रियान्वयन में प्रदेश देश में अग्रणी है। जल्द ही मोबाइल ऐप के जरिए ट्रांजेक्शन भी किया जा सकेगा। बैठक में बताया गया की बीज उत्पादक सहकारी संस्थाओं के माध्यम से गत 2 वर्षों में 14 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का उत्पादन एवं विपणन हुआ है। 1102 नई दुग्ध समितियों का गठन कर 5562 दुग्ध समितियों तथा वित्तीय समावेशन के लिए 76 हजार सदस्यों के खाते जिला सहकारी बैंक में खोले गए हैं। व्यापक स्तर पर भर्ती एवं संस्थागत क्षमता निर्माण के प्रयास किए गए हैं। राष्ट्रीय स्तर की सहकारी समितियों के साथ भागीदारी एवं व्यवसाय बताया गया कि राष्ट्रीय स्तर की नवीन गठित तीन सहकारी समितियों के साथ भागीदारी एवं व्यवसाय किया गया है।भारतीय बीज सहकारी समिति लि. (BBSSL) के साथ प्रदेश के सहकारी बीज संघ ने MoU किया है जिससे 17 करोड़ रूपये का व्यवसाय और 844 पैक्स द्वारा सदस्यता प्राप्त हुई है।राष्ट्रीय सहकारी आर्गेनिक लि. (NCOL) के साथ प्रदेश के सहकारी विपणन संघ का MoU हुआ जिससे 1335 पैक्स द्वारा सदस्यता प्राप्त हुई। राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लि. (NCEL) और प्रदेश के सहकारी संघ के साथ MoU में 1612 पैक्स द्वारा सदस्यता प्राप्त हुई। अभी उत्पादों का चिन्हांकन प्रक्रियाधीन है।  

राज्यपाल जनजातीय समुदाय से संवाद कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं ने जनजातीय समुदाय के लिए आवास, आरोग्य और जन कल्याण के प्रभावी कार्य किए है। उन्होंने कार्यक्रम में जनजातीय लोक कलाकारों द्वारा पारंपरिक लोक नृत्य एवं गीतों की आकर्षक प्रस्तुतियां को क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया है। राज्यपाल  पटेल गुरुवार को पांढुर्णा के ग्राम आमला में आयोजित जनजातीय समुदाय से संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। आमजन को संबोधित किया। राज्यपाल  पटेल ने पांढुर्णा जिले के प्रवास के दौरान ग्राम खुटामा में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के हितग्राही  राजू धुर्वे के घर पर आत्मीय भोज किया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि आयुष्मान योजना हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की अभूतपूर्व योजना है। आमजन को गंभीर बीमारियों के उपचार में बड़ी राहत मिल रही है। उन्होंने बताया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को भी योजना में उपचार का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न आयोजनों में मिलने वाले परिवार उन्हें बताते है कि पक्के आवास का उनका सपना प्रधानमंत्री आवास योजना ने साकार किया है। उन्होंने सिकल सेल बीमारी की जांच एवं उपचार के लिए प्रदेश में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। मानव स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक खेती अत्यंत उपयोगी राज्यपाल  पटेल ने किसानों द्वारा उत्पादित प्राकृतिक जैविक उत्पादों को मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी एवं लाभकारी बताया हैं। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। राज्यपाल  पटेल ने यह बात ग्राम पंचायत आमला में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा लगाए गए प्राकृतिक जैविक उत्पादों के स्टॉल पर प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से चर्चा के दौरान कही है। उन्होंने कृषक  मटरूलाल डोंगरे, ग्राम भूम्मा से उनके द्वारा उत्पादित जैविक हल्दी एवं जैविक तुअर दाल तथा कृषक  मोरेश्वर दानवे, सौसर से उनके द्वारा उत्पादित शुगर फ्री जैविक काला आलू एवं प्राकृतिक सोना मोती गेहूं की जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने दी गोंडी नृत्य की प्रस्तुति राज्यपाल  पटेल का सांदीपनि विद्यालय सौंसर के विद्यार्थियों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत कर अभिनंदन किया गया। शासकीय हाईस्कूल आमला के विद्यार्थियों ने आकर्षक गोंडी नृत्य की प्रस्तुति दी। राज्यपाल  पटेल द्वारा विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए। दिव्यांगता प्रमाण पत्र, क्षय रोगियों को फूड बास्केट, आयुष्मान योजना के हितग्राहियों को कार्ड, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना के हितग्राहियों को सहायता, किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड और मध्यप्रदेश राज्य आजीविका मिशन तथा पशुपालन विभाग के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए। इस अवसर पर कलेक्टर  नीरज कुमार वशिष्ठ द्वारा राज्यपाल  पटेल का जामसांवली के प्रसिद्ध  हनुमान मंदिर की प्रतिमा भेंट कर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद  विवेक बंटी साहू, विधायक  विजय चौरे, विधायक  नीलेश उईके सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल रहे।  

लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत, योगी सरकार ने बढ़ाया DA

लखनऊ उत्तर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आज का दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। बढ़ती महंगाई के बीच योगी सरकार ने राज्य कर्मियों को एक शानदार तोहफा दिया है। प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस बड़े फैसले के बाद अब राज्य कर्मियों का डीए 58 फीसदी से बढ़कर सीधे 60 फीसदी हो गया है। अपर मुख्य सचिव (ACS) वित्त, दीपक कुमार ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। सरकार के इस कदम से न केवल कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में बंपर इजाफा होगा, बल्कि उनके घर का मासिक बजट भी काफी मजबूत हो जाएगा। 16 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा सीधा फायदा वित्त विभाग द्वारा जारी इस आदेश का लाभ उत्तर प्रदेश के करीब 16 लाख सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और लाखों पेंशनर्स को मिलेगा। इस फैसले से राज्य के खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ जरूर बढ़ेगा, लेकिन कर्मचारियों को महंगाई के इस दौर में बहुत बड़ी राहत मिलेगी। सैलरी में कितनी होगी बढ़ोतरी? समझिए इसका पूरा कैलकुलेशन महंगाई भत्ते की गणना हमेशा कर्मचारी की बेसिक सैलरी के आधार पर की जाती है। आइए एक उदाहरण से समझते हैं कि इस 2% की बढ़ोतरी से आपकी जेब में कितने रुपये बढ़ेंगे: मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹35,000 है। 58% डीए के हिसाब से उस पहले ₹20,300 मिलते थे। अब 60% डीए के हिसाब से ₹21,000 मिलेंगे। इस हिसाब से हर महीने इसकी सैलरी में ₹700 का सीधा फायदा होगा। (इसके साथ ही जनवरी से लेकर अप्रैल तक का मोटा एरियर भी खाते में एक साथ आएगा)। इसी तरह, जिन वरिष्ठ अधिकारियों की बेसिक सैलरी ₹1 लाख या उससे अधिक है, उनकी मासिक तनख्वाह में ₹2,000 से लेकर ₹5,000 तक की बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।  

‘अनुपमा’ की मोटी बा अलका कौशल जेल जा चुकी हैं, चेक बाउंस केस से जुड़ा मामला

अनुपमा टेलीविजन के लोकप्रिय शोज में से एक है. पिछले कुछ महीनों में अनुपमा में कई नए किरदारों की एंट्री हुई है. पिछले साल सीरियल में एक्ट्रेस अलका कौशल मोटी बा बनकर आई हैं. अनुपमा में अलका एक विलेन का रोल प्ले कर रही हैं, जिन्हें उनके किरदार के लिए दर्शकों की नफरत भी झेलनी पड़ रही है. पर क्या आप जानते हैं कि अनुपमा को मुश्किल में डालने वाली मोटी बा रियल लाइफ में जेल जा चुकी हैं. चलिए जानते हैं कि पूरा विवाद है क्या. जेल जा चुकी हैं अलका ये विवाद 2015 से 2017 के बीच का है. अलका ने अपनी मां सुशीला बडोला के साथ मिलकर एक सीरियल बनाने का प्लान तैयार किया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीरियल बनाने के लिए एक्ट्रेस ने पंजाब के संगरूर जिले के अवतार सिंह नाम के किसान से 50 लाख रुपये उधार लिए थे. जब अवतार सिंह ने अपने पैसे वापस मांगे, तो अलका और उनकी मां ने 25 लाख के दो चेक दे दिए. किसान ने जब उन चेक को बैंक में जमा किया, तो वो बाउंस हो गए. चेक बाउंस होने के बाद अवतार सिंह ने 2015 में अलका सिंह और उनकी मां के खिलाफ मलेरकोटला की स्थानीय अदालत का दरवाजा खटखटाया. उन्होंने एक्ट्रेस और उनकी मां के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज कराया. सुनवाई के दौरान अदालत ने मां-बेटी को दोषी पाया. मामले में दोनों को दो साल कैद की सजा सुनाई गई. इसके बाद अलका और उनकी मां ने संगरूर कोर्ट में निचली अदालत के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की. 2017 में संगरूर कोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया. फिर अलका को तुरंत हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया. हालांकि, कुछ महीने जेल में बिताने के बाद अलका और उनकी मां 2018 में जमानत पर रिहा हो गई थीं. जेल से बाहर निकलने के बाद अलका ने फिर से अपने अभिनय पर फोकस किया और आज वो मनोरंजनजगत में खूब नाम चुकी हैं. अनुपमा से पहले अलका टेलीविजन पर कुबूल है, कुमकुम, स्वरागिनी, संतोषी मां, ये रिश्ता क्या कहलाता है और नजर जैसे तमाम शोज में काम कर चुकी हैं. टीवी सीरियल के अलावा उन्होंने क्वीन और बजरंगी भाईजान जैसी मूवीज में भी काम किया है.

चिड़ियाघर प्रशासन लगाएगा सेल्फ सर्विस कियोस्क, टिकटिंग होगी आसान

नई दिल्ली चिड़ियाघर घूमने परिवार या दोस्तों के साथ पहुंचने वाले विजिटर्स के लिए अब टिकट खरीदना आसान होने जा रहा है। अगर किसी ने पहले से ऑनलाइन टिकट बुक नहीं कराई है और मौके पर मोबाइल इंटरनेट स्लो चल रहा है, तब भी अब परेशानी नहीं होगी। चिड़ियाघर प्रशासन विजिटर्स की सुविधा के लिए सेल्फ सर्विस टिकेटिंग कियोस्क (SSTK) सिस्टम शुरू करने जा रहा है। इसके जरिए लोग बाजार में सामान खरीदने की तरह आसानी से UPI पेमेंट कर टिकट ले सकेंगे। शुरुआत में टिकट काउंटर परिसर में 4 कियोस्क लगाए जाएंगे। ऐसे काम करेगा सिस्टम विजिटर्स सीधे कियोस्क पर जाकर स्क्रीन में अपना नाम, मोबाइल नंबर और टिकटों की संख्या भरेंगे। इसके बाद UPI से पेमेंट करते ही कुछ ही सेकंड में टिकट मोबाइल पर आ जाएगी। साथ ही पेपर टिकट भी मिलेगी। चिड़ियाघर के एक अधिकारी ने बताया कि इस सिस्टम के लिए अलग इंटरनेट डोमेन की व्यवस्था की गई है। इससे इंटरनेट स्लो होने या वेबसाइट हैंग होने की समस्या से काफी राहत मिलेगी। ऑनलाइन टिकटिंग में स्लो इंटरनेट और रिजेक्शन से बढ़ रही परेशानी     अभी हालात यह है कि बिना ऑनलाइन टिकट बुकिंग के चिड़ियाघर पहुंचने वालों की एंट्री गेट के बाहर हर दिन लंबी लाइन लग जाती है।     लोगों को ऑनलाइन टिकट फॉर्म भरना पड़ता है।     इंटरनेट स्लो होने या प्रोसेस आगे नहीं बढ़ने पर दोबारा लॉगइन करना पड़ता है।     इसके लिए मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड भरना होता है।     अगर कैप्चा गलत हो जाए तो पूरी प्रक्रिया फिर से करनी पड़ती है।     इसके बाद पेमेंट के दौरान भी इंटरनेट स्लो होने या वेबसाइट पर ज्यादा लोड की वजह से वेबसाइट हैंग होने की शिकायत रहती है।     कई बार पेमेंट होने के बाद भी टिकट रिजेक्ट होने का खतरा बना रहता है।     हर दिन 20 प्रतिशत से ज्यादा टिकट रिजेक्शन के मामले सामने आ रहे थे।

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने किया न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी का उद्घाटन, युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा और रोजगार से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने गुरुवार को आईटीओटी अलीगंज (आईटीआई परिसर), लखनऊ में न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी बिल्डिंग का उद्घाटन किया। नई बिल्डिंग में 10 नए व्यवसायों की शुरुआत के साथ संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता में बड़ा विस्तार हुआ है। सरकार इसे “आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” के संकल्प को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल के रूप में देख रही है। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं बल्कि युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार और स्वरोजगार के योग्य तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आईटीओटी जैसे संस्थान युवाओं के सपनों को साकार करने के केंद्र बन रहे हैं। प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों में आत्मविश्वास जगाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि आत्मविश्वास ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विशेष रूप से ड्रॉपआउट रोकने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र की निरंतर उपस्थिति और प्रगति सुनिश्चित करना संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। मंत्री ने कहा कि समाज के कमजोर और मध्यम वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों के लिए कौशल प्रशिक्षण जीवन बदलने वाला अवसर साबित हो सकता है। उन्होंने प्रशिक्षकों से छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों से भी संवाद बढ़ाने की अपील की, ताकि प्रशिक्षण और शिक्षा के प्रति भरोसा और मजबूत हो सके। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ. हरिओम ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में विभाग लगातार आधुनिक और उद्योग आधारित पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने बताया कि बदलते समय की जरूरतों के अनुसार पारंपरिक कोर्सेज के साथ नई तकनीकों और इंडस्ट्री आधारित ट्रेड्स को भी शामिल किया जा रहा है, ताकि युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि संस्थानों का मूल्यांकन केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इस आधार पर होना चाहिए कि वहां से प्रशिक्षित होकर कितने युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार प्राप्त हुआ। निदेशक प्राविधिक डी. के. सिंह ने बताया कि नई बिल्डिंग के निर्माण से पहले संस्थान में 10 व्यवसाय संचालित हो रहे थे, जो अब बढ़कर 20 हो गए हैं। इसके साथ ही संस्थान में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की संख्या भी लगभग 1300 तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि संस्थान में आईटीआई प्रशिक्षकों के लिए सीआईपीएस प्रशिक्षण भी संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 1338 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। वहीं हाल ही में चयनित 1781 नए अनुदेशकों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता और मजबूत होगी। न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी में शुरू किए गए नए व्यवसायों में ड्रेस मेकिंग, ड्राफ्ट्समैन मैकेनिक, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक, मैकेनिक डीजल, मैकेनिक ट्रैक्टर, ऑफिस मैनेजमेंट, पेंटिंग टेक्नोलॉजी, सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस (हिंदी), इलेक्ट्रीशियन पावर डिस्ट्रीब्यूशन और टर्नर जैसे आधुनिक एवं रोजगारपरक ट्रेड शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन कोर्सेज से युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण मिलेगा और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। कार्यक्रम के दौरान मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। साथ ही उन्होंने परिसर में नीम का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर निदेशक प्रशिक्षण अभिषेक सिंह, अपर निदेशक मानपाल सिंह सहित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

‘जनजाति गरिमा उत्सव’ का शंखनाद

​रायपुर छत्तीसगढ़ के अंदरूनी और दूरस्थ अंचलों में बसे जनजातीय परिवारों के सशक्तिकरण और समग्र विकास के लिए नारायणपुर जिले में “सबसे दूर, सबसे पहले” की अनूठी थीम पर 'जनजाति गरिमा उत्सव' जन भागीदारी अभियान की शुरुआत हो गई है। जिले के 262 जनजातीय बाहुल्य गाँवों को पूरी तरह संतृप्त (Saturated) करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कलेक्टर ने अधिकारियों को मिशन मोड में काम करने के कड़े निर्देश दिए।         ​कलेक्टर ने कहा कि इस अभियान का मुख्य ध्येय शासन की हर एक कल्याणकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। इसके लिए ज़िला प्रशासन और नोडल अधिकारियों की टीम सीधे जमीनी स्तर पर मोर्चा संभालेगी। ​ तीन बड़े अभियानों का त्रिवेणी संगम: गाँव-गाँव शिविर        ​इस अभियान के तहत जिले के दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज करने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति तैयार की गई है। जिले के सभी 262 जनजातीय बाहुल्य गाँवों में विशेष जन भागीदारी शिविर लगाए जाएंगे। इसके अंतर्गत 255 गाँवों को कवर किया जाएगा, जहाँ 'आदि सेवा केंद्रों' के माध्यम से जनसुनवाई होगी और ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया जाएगा। विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए 204 गाँवों में पात्र हितग्राहियों को चिह्नित कर सीधे शासकीय योजनाओं से जोड़ा जाएगा। ​ एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी सुविधाएँ      ​18 मई से 25 मई 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान गाँवों में ही एकीकृत शिविरों का आयोजन हो रहा है। इन शिविरों के माध्यम से दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए विशेष मेडिकल कैंप,पात्रता के अनुसार ​ऑन-द-स्पॉट जनकल्याणकारी योजनाओं के फॉर्म भरना और मौके पर ही लाभान्वित करना तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे। ​     सामूहिक सहयोग और जनभागीदारी से ही जनजातीय क्षेत्रों का समग्र विकास संभव है। यह अभियान केवल सरकारी योजनाओं का वितरण नहीं, बल्कि शासन और ग्रामीणों के बीच के विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम है। यह आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण, सम्मान और विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।" जनप्रतिनिधियों और समाज से सहयोग की अपील     ​ कलेक्टर ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों तथा जागरूक ग्रामीणों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। प्रशासन का मुख्य फोकस ग्रामीणों को उनके अधिकारों और सुविधाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति हक से वंचित न रहे।

दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: लाखों परिवारों को मिलेगा राशन कार्ड, नई आय सीमा तय

 नई दिल्ली  दिल्ली में अब राशन कार्ड के लिए आय की सीमा सरकार ने बढ़ा दी है। इसकी घोषणा बृहस्पतिवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेसवार्ता में की। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि कुछ समय पहले राशन कार्ड के लिए परिवार की आय की शर्त वार्षिक एक लाख से बढ़ाकर 1.20 लाख की गई थी। अब इसे बढ़ाकर ढाई लाख करने की तैयारी है। उन्होंने राशन कार्ड के लिए आय की सीमा ढाई लाख रुपये करने के लिए मंत्रिमंडल में चर्चा हो चुकी है। मंत्रिमंडल की बैठक में इसे स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 13 वर्षों से दिल्ली की लाखों गरीब नागरिक राशन कार्ड बनाने के लिए अधिकारियों और नेताओं के चक्कर काटते रहे। लेकिन राशन कार्ड नहीं बनाए गए। 7.72 अपात्र लोगों के नाम योजना से काटे दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री की अंत्योदय योजना के अंतर्गत सभी पात्र लोगों को राशन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले एक वर्ष में राशन कार्ड धारकों का आडिट किया गया। इसमें 1.44 लाख धारक आय की शर्त में नहीं आते थे। 35 हजार ने कभी राशन नहीं लिया। 19 हजार मृत मिले। ऑडिट में सात लाख 72 हजार से अधिक अपात्र राशन कार्ड धारक मिले। इनका नाम हटाया गया है। अब इनकी जगह नए पात्र लोगों के राशन कार्ड बनेंगे। पोर्टल पर नए राशन कार्ड के लिए आवेदन शुरू 15 मई से पोर्टल पर आवेदन शुरू हो गया है। आवेदन से लेकर राशन देने की पूरी प्रक्रिया डिजिटल है। इससे लाभार्थी को पूरा राशन मिलेगा। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न सुरक्षा नियम 2026 लागू किया गया है। कोई भी व्यक्ति अपने घर के नजदीक आवेदन कर सकता है। पिछले 13 वर्षों में 3.72 लाख आवेदन किए गए लेकिन राशन कार्ड नहीं बने। अब इन्हें भी नए ट्रैक से आवेदन करना होगा। आय प्रमाण पत्र पहले स्वयं घोषित कर देता था जिससे अनियमितता का खतरा।