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सेमीकंडक्टर से टेक्नोलॉजी तक, प्रधानमंत्री मोदी के दौरे ने खोले विकास के नए रास्ते

नई दिल्ली  दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच इस समय भारत सिर्फ एक बाजार नहीं बल्कि एक भरोसेमंद ताकत बनकर उभर रहा है. यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया पांच देशों की यात्रा अब सिर्फ कूटनीतिक दौरा नहीं मानी गई, इसे भारत के आर्थिक भविष्य की बड़ी जीत के तौर पर देखा गया है. विदेशों में अक्सर भारत की राजनीतिक बहस चर्चा में रहती है, लेकिन इस बार तस्वीर अलग थी. दुनिया की दिग्गज कंपनियों के सीईओ भारत में निवेश बढ़ाने की बात कर रहे थे. सेमीकंडक्टर से लेकर लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी तक, हर सेक्टर में भारत को लेकर उत्साह दिखाई दिया. करीब ₹3.5 लाख करोड़ के निवेश और विस्तार योजनाओं ने यह संकेत दिया कि वैश्विक कंपनियां अब चीन प्लस वन रणनीति में भारत को सबसे मजबूत विकल्प मान रही हैं. यही कारण है कि इस दौरे को भारत की आर्थिक कूटनीति का बड़ा मास्टरस्ट्रोक कहा जा रहा है।  पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान 50 से ज्यादा वैश्विक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक हुई. इन कंपनियों की कुल वैल्यू लगभग 2.7 से 3 ट्रिलियन डॉलर बताई जा रही है. इनमें से कई कंपनियां पहले से भारत में काम कर रही हैं, लेकिन अब वे अपने कारोबार का दायरा बढ़ाना चाहती हैं. अधिकारियों के मुताबिक, भारत की तेज आर्थिक वृद्धि, बढ़ती खपत और स्थिर नीतियां विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं. संयुक्त अरब अमीरात ने अकेले करीब 5 अरब डॉलर यानी लगभग ₹45 हजार करोड़ के नए निवेश की घोषणा की. सरकार इसे भारत की मजबूत ग्लोबल इमेज और निवेशकों के भरोसे का बड़ा संकेत मान रही है. विपक्ष जहां सरकार पर सवाल उठाता रहा है, वहीं इस निवेश ने यह संदेश दिया कि वैश्विक मंच पर भारत की आर्थिक पकड़ लगातार मजबूत हो रही है।  किन सेक्टर्स में आएंगे सबसे ज्यादा पैसे प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की यात्रा के दौरान जिन कंपनियों से बातचीत हुई, उनमें टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और सेमीकंडक्टर सेक्टर की कई बड़ी कंपनियां शामिल थीं. अधिकारियों का कहना है कि इन कंपनियों का भारत में पहले से करीब 180 अरब डॉलर का निवेश और कारोबारी एक्सपोजर है. अब वे नए प्रोजेक्ट्स और एक्सपेंशन प्लान पर तेजी से काम करना चाहती हैं. इससे आने वाले वर्षों में लाखों रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।  इस दौरे का सबसे बड़ा संदेश यह रहा कि दुनिया की बड़ी कंपनियां भारत को सिर्फ एक उपभोक्ता बाजार नहीं बल्कि मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब के रूप में देख रही हैं. चीन और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते तनाव के बाद कई कंपनियां अपनी सप्लाई चेन भारत में शिफ्ट करना चाहती हैं. यही वजह है कि पीएम मोदी की बैठकों में “मेक इन इंडिया” और “डिजिटल इंडिया” जैसे अभियानों को काफी समर्थन मिला।  UAE ने सबसे बड़ा दांव क्यों लगाया? संयुक्त अरब अमीरात ने भारत में करीब 5 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया है. यह निवेश इंफ्रास्ट्रक्चर, बंदरगाह, ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में किया जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और UAE के बीच तेजी से मजबूत होते व्यापारिक रिश्तों का यह बड़ा असर है. दोनों देशों के बीच CEPA समझौते के बाद व्यापार और निवेश में लगातार बढ़ोतरी हुई है।  किन सेक्टर्स को होगा सबसे ज्यादा फायदा? सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, सेमीकंडक्टर, एआई, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर ऐसे सेक्टर हैं जहां सबसे ज्यादा निवेश आने की संभावना है. भारत सरकार इन सेक्टर्स में पहले ही कई प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है. विदेशी कंपनियां अब भारत को लंबे समय के निवेश केंद्र के रूप में देख रही हैं।  भारत की अर्थव्यवस्था के लिए कितना बड़ा संकेत? करीब ₹3.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों को भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. इससे न केवल रोजगार बढ़ेंगे बल्कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में भी इजाफा होगा. सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है।  क्या विपक्ष के सवालों का जवाब है यह दौरा? प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरों को लेकर अक्सर विपक्ष सवाल उठाता रहा है. लेकिन इस बार निवेश और व्यापारिक समझौतों ने सरकार को मजबूत राजनीतिक संदेश देने का मौका दिया है. भाजपा इसे भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत और मोदी की व्यक्तिगत कूटनीतिक क्षमता का प्रमाण बता रही है।  पीएम मोदी की इस यात्रा से भारत को कितना निवेश मिला? प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की यात्रा के दौरान करीब ₹3.5 लाख करोड़ यानी लगभग 40 अरब डॉलर के निवेश और कारोबारी विस्तार योजनाओं पर चर्चा हुई. इनमें कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं. UAE ने अकेले 5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है. यह निवेश भारत के कई रणनीतिक सेक्टर्स में होगा।  किन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा निवेश आने की उम्मीद है? सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, टेक्नोलॉजी, एआई और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सबसे बड़े निवेश होंगे. भारत सरकार पहले से इन क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने और विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए नीतियां चला रही है. इससे रोजगार और उत्पादन दोनों बढ़ सकते हैं।  क्या यह निवेश भारत की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा देगा? विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े निवेश से भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ेगी, नई टेक्नोलॉजी आएगी और लाखों रोजगार पैदा होंगे. साथ ही भारत की वैश्विक सप्लाई चेन में हिस्सेदारी मजबूत होगी. इससे भारत की आर्थिक वृद्धि को लंबी अवधि में बड़ा फायदा मिल सकता है। 

देवास विस्फोट कांड का मुख्य आरोपी दिल्ली एयरपोर्ट से दबोचा गया, अब तक 5 गिरफ्तारी

देवास देवास जिले के टोंककला में बीते दिनों पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट और आग लगने की घटना सामने आई थी। इस हादसे में पांच से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। घटना के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया और कांग्रेस तथा बीजेपी के नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते नजर आए। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मामले की जांच के लिए विशेष दल का गठन किया गया, जिसने टोंककला पहुंचकर जांच शुरू की। मामले को गंभीरता से लेते हुए देवास पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई और मुख्य आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, मामले में अभी एक आरोपी की गिरफ्तारी बाकी है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को दिल्ली एयरपोर्ट से किया गिरफ्तार टोंककला पटाखा फैक्टरी विस्फोट मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी मुकेश विज को देवास पुलिस ने गुरुवार सुबह नई दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। आरोपी चीन के गुआंग्झू शहर से फ्लाइट के जरिए भारत लौटा था। देवास पुलिस की विशेष टीम पहले से एयरपोर्ट पर तैनात थी और “लुक आउट सर्कुलर (LOC)” के आधार पर उसे दबोच लिया गया। पुलिस ने इस मामले में एक अन्य फरार आरोपी महेश चौहान, निवासी उत्तराखंड, को भी दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इससे पहले फैक्टरी लाइसेंसी अनिल मालवीय, मुख्य ठेकेदार मोहम्मद अयाज और संयुक्त संचालक कपिल विज की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अब तक इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 13 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया एसपी देवास पुनीत गेहलोत ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश और तकनीकी जांच के लिए 13 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था। दोनों फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस की टीमें लगातार दिल्ली सहित कई स्थानों पर दबिश दे रही थीं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश और डीजीपी कैलाश मकवाना के मार्गदर्शन में की गई। एडीजी उज्जैन जोन राकेश गुप्ता और डीआईजी उज्जैन रेंज नवनीत भसीन की निगरानी में देवास पुलिस मामले की वैज्ञानिक और पेशेवर तरीके से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

समाधान योजना से 29.81 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत, ऊर्जा मंत्री तोमर का दावा

समाधान योजना में 29 लाख 81 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने लिया लाभ : ऊर्जा मंत्री तोमर भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि समाधान योजना में 15 मई तक 29 लाख 81 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने सरचार्ज में छूट का लाभ लिया है। उन्होंने बताया है कि पिछले वर्ष 3 नवम्बर को समाधान योजना 2025-26 की शुरुआत हुई थी। योजना 15 मई तक लागू थी। 473 करोड़ 39 लाख का सरचार्ज हुआ माफ मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 में 29 लाख 81 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ लिया है। कुल 1497 करोड़ 45 लाख रूपये जमा किये गये हैं, जबकि 473 करोड़ 39 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 8 लाख 91 हजार बकायादार उपभोक्ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 834 करोड़ 55 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 331 करोड़ 60 लाख रूपए का सरचार्ज माफ किया गया है। इसी तरह पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 11 लाख 27 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है। कंपनी के खाते में 340 करोड़ 8 हजार रूपये जमा हुए हैं, जबकि 99 करोड़ 49 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 9 लाख 63 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है। कंपनी के खाते में 322 करोड़ 82 लाख रूपये जमा हुए हैं, जबकि 42 करोड़ 30 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है।  

राजस्थान-महाराष्ट्र पुलिस का जॉइंट ऑपरेशन, 4 करोड़ से ज्यादा के लैपटॉप बरामद

 जयपुर एक राज्य में चोरी करना और दूसरे राज्य में जाकर छिप जाना, अपराधियों का यह पुराना पैंतरा इस बार काम नहीं आया. महाराष्ट्र के नागपुर में हुई करोड़ों रुपये के लैपटॉप की एक बहुत बड़ी चोरी का पुलिस ने बुधवार को पर्दाफाश कर दिया. राजस्थान की डीग पुलिस और महाराष्ट्र की नागपुर पुलिस ने मिलकर एक बड़ा जॉइंट ऑपरेशन चलाया, जिसके तहत न सिर्फ चोरी के मुख्य मास्टरमाइंड को दबोचा गया, बल्कि उसके पास से 4 करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत के नए लैपटॉप भी बरामद कर लिए गए. आखिर कैसे हुआ इस बड़ी चोरी का खुलासा? यह पूरा मामला नागपुर के पारशिवनी इलाके का है, जहां मोटोरोला कंपनी के नए-नए लैपटॉप की एक बड़ी खेप चोरी हो गई थी. नागपुर पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए राजस्थान के डीग जिले के पहाड़ी थाने पहुंची. यहां के एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अपनी स्पेशल डीएसटी (DST) टीम और पहाड़ी थाना पुलिस को काम पर लगा दिया. इसी बीच पुलिस कांस्टेबल सहाबुद्दीन को एक पक्की खबर मिली कि चोरी का मुख्य आरोपी इसी इलाके में छिपा हुआ है. इस सटीक सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की और नागपुर पुलिस के साथ मिलकर आरोपी को धर दबोचा. पुलिस के हाथ क्या-क्या लगा? चोरों ने नागपुर से कुल 5 करोड़ 72 लाख रुपये की कीमत के 641 लैपटॉप उड़ाए थे. पुलिस ने जब पकड़े गए आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की और उसकी बताई जगह पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर सब हैरान रह गए. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 4 करोड़ 14 लाख रुपये से भी ज्यादा की कीमत के 464 बिल्कुल नए मोटोरोला लैपटॉप बरामद कर लिए. इसके साथ ही, चोरी की इस पूरी वारदात को अंजाम देने में जिस मारुति बलेनो कार का इस्तेमाल किया गया था, पुलिस ने उसे भी जब्त कर लिया है. कौन है यह शातिर आरोपी? पकड़े गए मुख्य आरोपी का नाम अजरूद्दीन उर्फ हजरूद्दीन है, जिसकी उम्र 28 साल है और वह डीग जिले के ही खल्लूका गांव का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक अजरूद्दीन कोई नौसिखिया नहीं है, बल्कि वह काफी शातिर और आपराधिक प्रवृत्ति का इंसान है. उसके खिलाफ पहले भी इस तरह की बड़ी चोरियों के दो मामले दर्ज हो चुके हैं. फिलहाल, चोरी के बचे हुए 176 लैपटॉप को ढूंढने के लिए पुलिस की टीमें लगातार भाग-दौड़ कर रही हैं. साथ ही, इस वारदात में अजरूद्दीन का साथ देने वाले उसके दूसरे साथियों को पकड़ने के लिए भी जगह-जगह दबिश दी जा रही है. क्या है ऑपरेशन सहयोग? इस पूरी कामयाबी के पीछे डीग पुलिस का 'ऑपरेशन सहयोग' है. यह एसपी डीग द्वारा चलाया जा रहा एक खास अभियान है, जिसका मकसद बेहद सीधा और साफ है- अगर किसी दूसरे जिले या दूसरे राज्य की पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए डीग आती है, तो यहां की लोकल पुलिस बिना किसी देरी के उनकी पूरी मदद करेगी. इसी शानदार तालमेल की वजह से नागपुर पुलिस को इतनी बड़ी सफलता मिल पाई है. अब इस पकड़े गए शातिर चोर और बरामद किए गए करोड़ों के लैपटॉप को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र पुलिस के हवाले किया जा रहा है.

विश्व मधुमक्खी दिवस पर अनोखा स्टॉल: शहद का सिरका देख हैरान रह गए मुख्यमंत्री

झज्जर  विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर बीते बुधवार को पंचकूला में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उस समय बेहद दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब सूबे के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी झज्जर के प्रगतिशील मधुमक्खी पालक विनय फोगाट के स्टाल पर पहुंचे। वहां प्रदर्शित अनूठे उत्पादों को देखकर मुख्यमंत्री भी हैरान रह गए और उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, शहद का सिरका… यह तो मैंने पहले कभी सुना ही नहीं! कन्वेंशन सेंटर, रेड बिशप, सेक्टर-1 में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को विनय फोगाट द्वारा तैयार किया गया ''शहद का सिरका'' (हनी विनेगर) और ''बी प्रोबायोटिक'' इतना पसंद आया कि वे इसे विशेष रूप से अपने साथ लेकर गए। क्या खास है शहद के सिरके और बी प्रोबायोटिक में? प्रदर्शनी से वापिस लौटे विनय फोगाट ने बातचीत के दौरान उत्पादों की खासियत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शहद का सिरका (हनी विनेगर): यह आम सिरके की तरह तीखा नहीं होता। इसे शुद्ध शहद को लंबे समय तक प्राकृतिक रूप से फरमेंट (किण्वित) करके तैयार किया जाता है। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने, वजन नियंत्रित करने और शरीर को डिटाक्सिफाई करने में बेहद असरदार माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीआक्सीडेंट्स होते हैं। बी प्रोबायोटिक: यह मधुमक्खियों के प्राकृतिक स्लाइवा (लार) और शहद के कॉम्बिनेशन से तैयार एक ऐसा अनूठा उत्पाद है, जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करने में गेम-चेंजर साबित हो रहा है। 5 राज्यों का सफर और 18 तरह का शहद दरअसल, झज्जर जिले के मलिकपुर गांव के रहने वाले शहद उत्पादक विनय फोगाट आज क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुके हैं। उनके पास मौजूदा समय में करीब 1,100 मधुमक्खी कालोनियां हैं, जिनसे वे सालाना लगभग 38 से 40 टन शहद का रिकार्ड उत्पादन करते हैं। विनय फोगाट ने बताया कि वे केवल एक या दो नहीं, बल्कि 18 अलग-अलग तरह के शहद और उत्पाद तैयार करते हैं। इसके लिए वे मौसम और फूलों के खिलने के चक्र के हिसाब से अपने बी-फार्म को हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश के इलाकों में शिफ्ट करते हैं। उनके पिटारे में सरसों, नीम, शीशम, कीकर, हिमाचल व कश्मीर का पहाड़ी शहद, कश्मीर का एकेशिया, सूरजमुखी, सौंफ और जामुन का शहद प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा वे शहद से गुलकंद, हनी अर्क, बी प्रोपोलिस टिंक्चर और घुटनों के दर्द की विशेष जेल भी तैयार करते हैं। फसलों की सच्ची मित्र हैं मधुमक्खियां स्टाल के दौरे के दौरान विनय फोगाट ने मुख्यमंत्री के सामने किसानों से रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने की पुरजोर अपील की। उन्होंने कहा केमिकल और पेस्टीसाइड्स के अंधाधुंध इस्तेमाल से हमारी सबसे अच्छी मित्र कीट मधुमक्खियां बहुत तेजी से मर रही हैं। जबकि सच्चाई यह है कि जहां भी मधुमक्खी के बाक्स रखे जाते हैं, उसके 3 से 4 किलोमीटर के दायरे में क्रास-पालिनेशन (परागण) के जरिए फसलों की पैदावार ढाई से तीन क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बढ़ जाती है। वैज्ञानिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि मधुमक्खियों के पॉलिनेशन से तिलहनी फसलों में तेल के भीतर सल्फर कंटेंट 10 से 15% तक बढ़ जाता है। साथ ही, मधुमक्खियां अपने स्लाइवा (लार) से फूलों के अंदर जो यीस्ट छोड़ती हैं, उससे फसलों में प्राकृतिक मिनरल्स की मात्रा में भारी इजाफा होता है।  

चुड़ादा गांव में चौपाल के बाद सीएम ने खाट पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की बातें

बांसवाड़ा बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ क्षेत्र के चुड़ादा गांव में बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का अलग ही अंदाज देखने को मिला. ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री गांव निवासी गट्टूलाल यादव के घर भोजन करने पहुंचे. परिवार के साथ जमीन पर बैठकर पत्तल-दोने में खाना खाया. भोजन में दाल-चावल के साथ मिक्स वेज परोसी गई, जिसमें आलू, ग्वार फली और मटर शामिल थी. इसके अलावा भोजन के साथ आमरस भी परोसा गया. खाट पर बैठकर ग्रामीणों से की बात मुख्यमंत्री ने परिवार के साथ बैठकर भोजन किया. भोजन के बाद वे घर के बाहर खाट पर बैठ गए और आसपास मौजूद ग्रामीणों, महिलाओं और बुजुर्गों से आत्मीय बातचीत की. इस दौरान उन्होंने गांव की स्थिति, खेती-बाड़ी, पशुपालन और परिवारों की आजीविका के बारे में जानकारी ली.  मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की कुशलक्षेम पूछते हुए सरकारी योजनाओं के लाभ और गांव की जरूरतों पर भी चर्चा की. जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील इससे पहले मुख्यमंत्री ने चुड़ादा गांव में आयोजित ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में किसानों और पशुपालकों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की मंशा है कि किसान लाभ की खेती अपनाएं, आय बढ़ाएं और विकास यात्रा में सहभागी बनें. मुख्यमंत्री ने किसानों से जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार बैलों से पारंपरिक और प्राकृतिक खेती करने पर 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दे रही है. "बिजली-पानी की उपलब्धता पर हो रहा काम" मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में बिजली और पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, आईजीएनपी और गंगनहर सुदृढ़ीकरण सहित माही, देवास और सोम-कमला-अंबा परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति की जा रही है, और वर्ष 2027 तक यह व्यवस्था पूरे राजस्थान में लागू करने का लक्ष्य है. पॉली हाउस को बढ़ावा देने की बात कही उन्होंने स्थानीय कृषि उत्पादों के अनुसार, प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने, ग्रीन हाउस और पॉली हाउस को बढ़ावा देने की बात कही.  मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान दुग्ध उत्पादन में नए रिकॉर्ड बना रहा है और मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दिया जा रहा है. कृषि क्षेत्र में नवाचार करने का आह्वान किया   मुख्यमंत्री ने युवाओं से कृषि क्षेत्र में नवाचार करने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार 4 लाख भर्तियों के संकल्प की दिशा में आगे बढ़ रही है और बड़ी संख्या में नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किसानों, पशुपालकों और युवा उद्यमियों को चेक और स्वीकृति पत्र भी वितरित किए. इस दौरान कई लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए सरकार की योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया.

सीमा पर तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ा अभियान, भारत-नेपाल बॉर्डर पर बढ़ी चौकसी

किशनगंज. भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती अब पहले से कहीं अधिक मजबूत और संगठित रूप में दिखाई देने लगी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की फरवरी में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह एक्टिव मोड में डाल दिया गया है। इसका असर अब जमीन पर साफ नजर आ रहा है, जहां भारत और नेपाल की सुरक्षा एजेंसियां केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संयुक्त अभियान चलाकर सीमा पार होने वाली हर गतिविधि पर कड़ी नजर रख रही हैं। साप्ताहिक समन्वय बैठक से बढ़ा तालमेल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB), नेपाल एपीएफ और बिहार पुलिस के बीच अब नियमित रूप से हर सप्ताह समन्वय बैठक आयोजित की जा रही है। पहले यह बैठकें अनियमित थीं, लेकिन अब लगातार संवाद और समन्वय ने सुरक्षा तंत्र को अधिक प्रभावी बना दिया है। इस बेहतर तालमेल के चलते इंटेलिजेंस शेयरिंग और संयुक्त पेट्रोलिंग को गति मिली है, जिससे मानव तस्करी, नशीले पदार्थों की तस्करी, फर्जी दस्तावेजों के उपयोग और संदिग्ध आवाजाही पर तेजी से कार्रवाई संभव हो रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि पहले जिन गतिविधियों पर कार्रवाई में समय लगता था, अब उन पर रियल टाइम में कदम उठाए जा रहे हैं। संवेदनशील प्वाइंट्स चिन्हित, बढ़ाई गई निगरानी सीमावर्ती इलाकों में कई ऐसे संवेदनशील स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी बढ़ाई गई है। इन क्षेत्रों में ड्रोन, डिजिटल सर्विलांस और मोबाइल ट्रैकिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इन तकनीकों के माध्यम से सीमाई गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिससे किसी भी संदिग्ध मूवमेंट की तुरंत पहचान संभव हो रही है। हाईटेक निगरानी प्रणाली पर जोर दो दिन पहले बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी सीमाई सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को हाईटेक मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने का निर्देश दिया है। इस दिशा में तकनीकी संसाधनों को और मजबूत करने पर काम शुरू हो गया है। वहीं नेपाल में नई सरकार बनने के बाद वहां की सुरक्षा एजेंसियों ने भी सीमावर्ती क्षेत्रों में सख्ती बढ़ा दी है। हाल के दिनों में थाई नागरिक की गिरफ्तारी, मादक पदार्थों की बड़ी खेप की बरामदगी और संदिग्ध गतिविधियों पर हुई कार्रवाई ने दोनों देशों की एजेंसियों को और अधिक सतर्क कर दिया है। तस्करी नेटवर्क पर बढ़ा दबाव सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी सतर्कता का सीधा असर सीमांचल क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। लंबे समय से खुली सीमा का फायदा उठाकर सक्रिय तस्कर गिरोह और अवैध नेटवर्क अब दबाव में आ गए हैं। संयुक्त अभियान और रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग के कारण सीमा पार अपराधियों के लिए गतिविधियां संचालित करना पहले की तुलना में काफी कठिन हो गया है। लगातार कार्रवाई से तस्करी के पुराने नेटवर्क भी कमजोर पड़ रहे हैं। SSB की 15 किलोमीटर तक बढ़ी सक्रियता इधर भारतीय सीमा में सशस्त्र सीमा बल (SSB) का दायरा 15 किलोमीटर तक बढ़ाए जाने का भी सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। बिहार पुलिस के साथ मिलकर एसएसबी न केवल निगरानी बढ़ा रही है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के बीच जागरूकता अभियान भी चला रही है। ग्रामीणों को सीमा सुरक्षा में सहयोगी भूमिका के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय पर सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंच सके। आधुनिक तकनीक का उपयोग कुल मिलाकर, भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी हुई सतर्कता, आधुनिक तकनीक का उपयोग और दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय ने सीमाई सुरक्षा को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। इससे न केवल तस्करी और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा है, बल्कि सीमांचल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से अधिक मजबूत हुई है।

IPL लीग स्टेज के आखिरी मैच में RCB और SRH आमने-सामने

हैदराबाद डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और सनराइजर्स हैदराबाद की टीम जब शुक्रवार को हैदराबाद में अपने आखिरी आईपीएल लीग मैच में आमने-सामने होंगी तो दोनों की कोशिश शीर्ष दो में जगह बनाने की होगी। आरसीबी अभी अंक तालिका में 18 अंक लेकर शीर्ष पर है और 10 टीम में उसका नेट रन रेट 1.065 सबसे अच्छा है। शुक्रवार को जीत उसे पहला स्थान और फाइनल में पहुंचने के दो मौके दिला देगी। आईपीएल 2026 न्यूज़,आईपीएल समाचार वहीं सनराइजर्स हैदराबाद 13 मैच में 16 अंक से तीसरे स्थान पर है और गुजरात टाइटन्स के बराबर है, लेकिन नेट रन रेट के मामले में पीछे है। सनराइजर्स हैदराबाद का नेट रन रेट 0.350 है जबकि गुजरात टाइटन्स का 0.400 है। शीर्ष दो में जगह बनाने के लिए उसे आरसीबी को बड़े अंतर से हराना होगा और उम्मीद करनी होगी कि चेन्नई सुपर किंग्स की टीम गुजरात टाइटन्स को हरा दे। कप्तान रजत पाटीदार की अगुवाई में आरसीबी ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है। विस्फोटक बल्लेबाजी और अनुशासित गेंदबाजी के मेल से आरसीबी ने लगातार दूसरे सत्र में खुद को खिताब के दावेदार के तौर पर साबित किया है। करिश्माई खिलाड़ी विराट कोहली ने शीर्ष क्रम में अपनी निरंतरता को नए सिरे से परिभाषित करना जारी रखा है और 13 मैच में 542 रन बनाए हैं। वहीं, देवदत्त पडिक्कल का सत्र भी अच्छा रहा है। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड की जोड़ी ने भी आरसीबी की सफलता में अहम भूमिका निभाई है। भुवनेश्वर इस सत्र में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में से एक रहे हैं और नयी गेंद से लगातार कमाल दिखाते रहे हैं। वहीं, हेज़लवुड ने अहम मौकों पर असरदार स्पैल डाले हैं। क्रुणाल पांड्या ने भी अपने हरफनमौला प्रदर्शन से प्रभावित किया है और विविधता भरी गेंदबाजी से बल्लेबाजों को परेशान किया है। लेग-स्पिनर सुयश शर्मा और ऑलराउंडर रोमारियो शेफर्ड ने भी योगदान दिया है। आरसीबी की टीम इस सत्र में उतार-चढ़ाव देखने वाली सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ प्रबल दावेदार के तौर पर मैदान में उतरेगी। जब सनराइजर्स हैदराबाद ने लगातार पांच मैच जीते तो ऐसा लग रहा था कि उसने लय वापस हासिल कर ली है लेकिन पिछले चार में से दो मैच में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। सनराइजर्स हैदराबाद के पास इस टूर्नामेंट में सबसे खतरनाक बल्लेबाजी लाइन-अप में से एक है। अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन जैसे खिलाड़ी किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं। हालांकि बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी ने अहम मौकों पर उन्हें नुकसान पहुंचाया है। टीम की हाल की हार की वजह बल्लेबाजी में रही कमियां थीं और टीम उम्मीद करेगी कि नॉक-आउट चरण में जाने से पहले वह इन कमियों को दूर कर लें। सकारात्मम पहलू यह है कि सनराइजर्स हैदराबाद को अपने कप्तान पैट कमिंस के नेतृत्व और कुछ युवा तेज गेंदबाजों के अच्छा करने से काफी मनोबल मिला है। श्रीलंकाई तेज गेंदबाज ईशान मलिंगा इस सत्र के चमकदार खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। उन्होंने दबाव में भी लगातार विकेट लिए हैं और किफायती गेंदबाजी की है। चोट से वापसी करने के बाद से कमिंस ने खुद गेंदबाजी इकाई में और भी ज्यादा जोश और नियंत्रण ला दिया है जिससे सनराइजर्स हैदराबाद को गेंदबाजी की रणनीति में भी ज्यादा स्पष्टता और धार मिली है। टीमें इस प्रकार हैं : सनराइजर्स हैदराबाद: पैट कमिंस (कप्तान), सलिल अरोड़ा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), रविचंद्रन स्मरण, अनिकेत वर्मा, अभिषेक शर्मा, आर एस अंबरीश, हर्ष दुबे, क्रेंस फुलेत्रा, लियाम लिविंगस्टोन, कामिंदु मेंडिस, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षल पटेल, शिवांग कुमार, अमित कुमार, गेराल्ड कोएत्जी, प्रफुल हिंगे, दिलशान मदुशंका, ईशान मलिंगा, साकिब हुसैन, ओंकार तरमाले, जयदेव उनादकट, जीशान अंसारी। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, फिलिप सॉल्ट, जितेश शर्मा, जैकब बेथेल, कृणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, अभिनंदन सिंह, जोश हेजलवुड, रसिक सलाम डार, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, स्वप्निल सिंह, नुवान तुषारा, वेंकटेश अय्यर, जैकब डफी, मंगेश यादव, जॉर्डन कॉक्स, विक्की ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा, कनिष्क चौहान, सात्विक देसवाल। समय: मैच भारतीय समयानुसार शाम साढ़े सात बजे शुरू होगा।

परमानेंट नौकरी की मांग को लेकर सड़क पर उतरे रोडवेज कर्मचारी, लुधियाना में हंगामा

लुधियाना. पंजाब परिवहन विभाग में सेवाएं दे रहे संविदा कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर वीरवार को जोरदार प्रदर्शन किया। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी संविदा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारी बस स्टैंड पर एकत्रित हुए और करीब दो घंटे तक पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की मुख्य मांग उन्हें स्थायी किया जाना था। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी और परिवहन विभाग के निजीकरण को बढ़ावा देने के आरोप लगाए। इस मौके पर पंजाब रोडवेज पनबस पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के नेताओं ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार को बने चार साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक एक भी संविदा कर्मचारी को स्थायी नहीं किया गया। किमी स्कीम बसों की तरफ ध्यान केंद्रित लुधियाना बस स्टैंड और डिपो के अध्यक्ष जतिंदर सिंह सोनी तथा राज्य नेता गुरबाज सिंह ने कहा कि सरकार ने परिवहन विभाग में नई सरकारी बसें भी शामिल नहीं की हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विभाग को मजबूत करने की बजाय किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को बढ़ावा देकर विभाग के निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों और यूनियन कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आवाज उठाने वाले कर्मचारियों को गैरकानूनी तरीके से घरों से उठाकर गिरफ्तार किया जा रहा है और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। 25 से 27 मई तक मुख्यमंत्री निवास के बाहर बैठेंगे कर्मचारी प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई फैसला नहीं लिया गया तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। यूनियन नेताओं ने घोषणा की कि 25, 26 और 27 मई को पंजाब के मुख्यमंत्री के आवास के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से संविदा आधार पर काम करने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग में कार्यरत हजारों कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। यूनियन नेताओं ने सरकार से मांग की कि संविदा कर्मियों को तुरंत पक्का किया जाए, परिवहन विभाग में नई सरकारी बसें डाली जाएं और निजीकरण की नीति को रोका जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो राज्यभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा।

रोहतास का 150 साल पुराना ऐतिहासिक बराज फिर से बनेगा आकर्षण का केंद्र

 रोहतास सोन नदी पर बना 150 साल पुराना ऐतिहासिक एनीकट बराज एकबार फिर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। ब्रिटिश काल में यह प्रमुख पर्यटक स्थल था, जहां लोग नौकायन करने आते थे। सुविधाओं के अभाव में इसकी रौनक फीकी पड़ गई थी। सोन के सतही जल का उपयोग कर डेहरी, सासाराम और औरंगाबाद शहर के लिए 1350 करोड़ की पेयजल आपूर्ति योजना को लेकर एनीकट बराज के पास जल भंडारण के बाद अब जल संसाधन विभाग इसे नए सिरे से पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रहा है। जल संसाधान विभाग के अधिकारियों के अनुसार 1874 में निर्मित एनीकट बराज सिंचाई के साथ-साथ इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना है। 70 के दशक तक में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते थे। सोन नदी में नौकायन, बराज के फाटकों से गिरते पानी का नजारा और सूर्यास्त देखने के लिए लोग घंटों बैठते थे। आज भी भारी संख्या में लोग मॉर्निंग वॉक को यहां आते है। बराज में सिल्ट भरने से जल संग्रहण क्षमता काफी कम हो गई थी। जिससे नहरों में पर्याप्त जलापूर्ति में परेशानी उत्पन्न होने पर 1965 में इंद्रपुरी बराज के निर्माण के बाद पर्यटकों ने आना बंद कर दिया। फिर नौकायन का आनंद उठा सकेंगे पर्यटक विभागीय योजना के तहत यहां आधुनिक सुविधाओं के साथ नौकायन फिर शुरू किया जाएगा। बराज परिसर में सेल्फी प्वाइंट, चिल्ड्रेन पार्क, पाथवे, लाइट एंड साउंड शो और फूड कोर्ट बनाए जाएंगे। रात में आकर्षक लाइटिंग से बराज जगमगाएगा। सोन आरती का हो रहा आयोजन सामाजिक संगठन द्वारा प्रत्येक रविवार की शाम यहां सोन आरती का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें भारी संख्या में लोग भाग ले रहे है।  सोन तट के सौंदर्यीकरण का डीपीआर तैयार किया जा रहा है। टेंडर के बाद काम शुरू होगा। प्रयास है कि अगले मानसून सीजन तक बराज को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाए अजय कुमार, मुख्य अभियंता जलसंसाधन विभाग डेहरी। बराज के पुनर्विकास से फिर यहां रोजगार बढ़ेगा और डेहरी की पहचान पर्यटन मानचित्र पर बनेगी।  पहले यहां हर दिन मेला सा लगता रहता था। नाविक, दुकानदार और फोटोग्राफर सभी को रोजगार मिलता था। अनुभा सिन्हा, शिक्षाविद