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छात्रों के लिए बड़ा अपडेट! 28 मई की CUET UG परीक्षा स्थगित, जल्द आएगी नई डेट

 लखनऊ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (यूजी) के तहत 28 मई को होने वाली परीक्षा को ईद-उल-अजहा (बकरीद) के चलते स्थगित कर दिया है। यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जानी थी। अब जल्द ही इसकी नई तिथि घोषित की जाएगी। इसकी सूचना रविवार को एनटीए ने अपनी वेबसाइट पर जारी की है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे एनटीए की अधिकारिक वेबसाइट (https://nta.ac.in) और https://cuet.nta.nic.in/) को नियमित रूप से देखते रहें। क्यों टाली गई परीक्षा NTA के मुताबिक, सरकार की ओर से ईद-उल-जुहा (बकरीद) की छुट्टी की तारीख में बदलाव किया गया है. इसी को ध्यान में रखते हुए 28 मई 2026 को होने वाली CUET-UG परीक्षा की दोनों शिफ्ट्स को स्थगित कर दिया गया है।  दोनों शिफ्ट्स प्रभावित एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि 28 मई को निर्धारित सुबह और दोपहर दोनों शिफ्ट्स की परीक्षाएं अब नहीं होंगी. इस दिन परीक्षा देने वाले सभी उम्मीदवारों पर यह फैसला लागू होगा. न्यूज एजेंसी ANI ने भी इस जानकारी अपने एक्स हैंडल से शेयर किया है।  नई तारीख का इंतजार NTA ने कहा है कि प्रभावित उम्मीदवारों के लिए नई परीक्षा तिथि जल्द घोषित की जाएगी. छात्रों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें, ताकि उन्हें ताजा अपडेट मिल सके।  क्या है CUET-UG परीक्षा CUET-UG (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) देशभर में आयोजित होने वाली एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है. इसके जरिए केंद्रीय, राज्य और निजी विश्वविद्यालयों समेत 280 से ज्यादा संस्थानों में स्नातक कोर्स में दाखिला मिलता है।  आधिकारिक नोटिस भी जारी NTA ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश भी जारी किया है, जिसमें 22 मई के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के मेमोरेंडम का हवाला दिया गया है. साथ ही छात्रों को हेल्पलाइन नंबर और ईमेल के जरिए सहायता लेने की सुविधा भी दी गई है.

फाल्टा के नतीजों ने बढ़ाई ममता-राहुल की टेंशन, आखिर BJP ने कैसे पलट दिया खेल?

कलकत्ता पश्च‍िम बंगाल के फाल्टा व‍िधानसभा चुनाव का नतीजा आया और सब शॉक्‍ड रह गए. क्‍योंक‍ि यह सिर्फ एक सीट का रिजल्ट नहीं, मुस्‍ल‍िमों के वोट बैंक को अपना हक समझने वाली पार्टियों के ल‍िए मैसेज है. क्‍योंक‍ि यहां कुल वोट पड़े 2,10,192… और इसमें से 72% वोट अकेले बीजेपी के कैंड‍िडेट को म‍िल गए. सवाल ये क‍ि जब हिंदू आबादी यहां करीब 63से 65% के आसपास है, तो बीजेपी को 71% वोट कैसे मिल गए? व‍िपक्ष इसे ध्रुवीकरण कह सकता है, लेकिन नतीजे बताते हैं क‍ि या तो बीजेपी को एक-एक ह‍िन्‍दू वोट म‍िल गए और व‍िपक्ष को स‍िर्फ मुसलमानों के वोट म‍िले, एक भी ह‍िन्‍दू ने वोट नहीं क‍िया और या फ‍िर तमाम मुसलमानों ने भी खुलकर बीजेपी को सपोर्ट क‍िया. लेकिन असली कहानी इतनी सीधी नहीं है ।  फाल्टा विधानसभा में इस बार र‍िकॉर्ड 87% वोट‍िंग हुई थी. यानी लोगों ने इस बार वोट डालने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी. ये भी नहीं कह सकते क‍ि मुस्‍ल‍िम वोटर घर से नहीं न‍िकले. अब नतीजा भी देख लीजिए. वोटिंग पैटर्न को देखें तो यह मुकाबला कई उम्मीदवारों के बीच था, लेकिन असल बढ़त बीजेपी को तब मिली जब मैदान में मुकाबला पूरी तरह एकतरफा होता दिखाझ बीजेपी ने लगभग हर बूथ पर मजबूत प्रदर्शन किया और बड़े वोट शेयर में तब्दील किया।  क‍िसे क‍ितने वोट म‍िले बीजेपी: 149666 वोट (71.2%) सीपीएम: 40645 वोट (19.34%) कांग्रेस: 10084 वोट (4.8%) टीएमसी: 7778 वोट (3.7%) अन्य/NOTA: बाकी हिस्सा आप सोच रहे होंगे क‍ि इसमें क्‍या खास है. लेकिन ठहरिए! असली पेंच यहीं छुपा है. फाल्टा विधानसभा में हिंदू मतदाता करीब 62 से 65% हैं और मुस्लिम मतदाता लगभग 34% से 36% के बीच हैं।  गणित के सामान्य नियम से भी देखें, तो अगर 100% हिंदू बीजेपी को वोट दे देता, जो कि आज तक कभी नहीं हुआ, तब भी बीजेपी का आंकड़ा 62-65% पर आकर थम जाना चाहिए था. लेकिन देवांग्शु पांडा को मिले हैं 71.2% वोट! यानी सीधे-सीधे हिंदू आबादी के कुल अनुपात से भी 10% से 11% ज्यादा वोट।  तो क्या फाल्टा के मुस्लिमों ने भी चुपके से कमल के बटन पर उंगली दबाई? या फिर कांग्रेस और लेफ्ट का वोट बैंक पूरी तरह मटियामेट होकर बीजेपी में समा गया? और सबसे बड़ा सस्पेंस… दीदी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान को सिर्फ 3.7% वोट क्यों मिले? खेल हुआ कैसे?  तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार जहांगीर खान ने ऐन वक्त पर मुकाबले से अपना नाम वापस ले लिया था या यूं कहें कि वे चुनावी रेस से तकनीकी या राजनीतिक कारणों से बाहर हो गए. लेकिन चूंकि तब तक बैलट पेपर प्रिंट हो चुके थे और ईवीएम सेट हो चुकी थी, इसलिए उनका नाम और सिंबल ‘दो फूल’ मशीन पर मौजूद रहा. नतीजा? मैदान में न होने के बावजूद जहांगीर खान के नाम पर 7,783 वोट (3.7%) पड़ गए. इसमें दिलचस्प बात ये है कि उन्हें ईवीएम से सिर्फ 6,257 वोट मिले, लेकिन पोस्टल बैलट से 1,526 वोट मिले, जो दिखाता है कि सरकारी कर्मचारियों या ड्यूटी पर तैनात लोगों का एक हिस्सा आंख मूंदकर टीएमसी के नाम पर बटन दबा गया।  दीदी के कैंडिडेट का मैदान से हट जाना ही इस चुनाव का टर्निंग पॉइंट बना. डायमंड हार्बर जैसी हाई-प्रोफाइल लोकसभा सीट के तहत आने वाले फाल्टा में टीएमसी का जमीन पर सक्रिय न होना एक बड़ा वैक्यूम पैदा कर गया. जब सत्ताधारी दल का मुख्य चेहरा ही गायब हो गया, तो टीएमसी का जो कोर वोटर था-विशेषकर मुस्लिम आबादी और सरकारी योजनाओं के लाभार्थी… वे पूरी तरह असमंजस में आ गए।  जहां पुरानी थ्योरी फेल हो गई फाल्टा विधानसभा मुख्य रूप से एक ग्रामीण इलाका है. इसके सामाजिक ढांचे को समझने के लिए हमें इसके डेमोग्राफी के आंकड़ों को देखना होगा।      धार्मिक समीकरण: इस निर्वाचन क्षेत्र में हिंदू मतदाताओं की संख्या लगभग 52% से 65% के बीच है. वहीं मुस्लिम मतदाताओं की आबादी काफी निर्णायक है, जो कुल मतदाताओं का लगभग 34% से 36% (कुछ अनुमानों में 38% तक) हिस्सा बनाती है. हासिमनगर, गोपालपुर, फतेहपुर, और भदुरा जैसे क्षेत्र मुस्लिम बहुल माने जाते हैं, जहाँ पारंपरिक रूप से टीएमसी की मजबूत पकड़ रही है।      जातीय समीकरण (SC फैक्टर): धार्मिक विभाजन के अलावा, यहां की स्थानीय जातियों में अनुसूचित जाति (SC) का बहुत बड़ा प्रभाव है. 2011 की जनगणना और मतदाता सूची के विश्लेषण के अनुसार, फाल्टा विधानसभा में अनुसूचित जाति (SC) के मतदाताओं की संख्या लगभग 25.66% है. स्थानीय ग्रामीण अंचलों और गांवों (जैसे फाल्टा गांव) में कई जगह SC आबादी 80% से भी अधिक है. शेष लगभग 33% से 35% आबादी सामान्य और अन्य पिछड़ी जातियों जैसे कि महिष्य, सद्गोप व अन्य बंगाली हिंदू समुदाय की है।  तो क्या मुस्लिमों ने भी बीजेपी को वोट दिया? पश्चिम बंगाल में यह राजनीतिक धारणा बहुत मजबूत है कि मुस्लिम समुदाय कभी भी किसी भी परिस्थिति में बीजेपी को वोट नहीं देता. लेकिन फाल्टा में परिस्थितियां बिल्कुल जुदा थीं. जब टीएमसी का उम्मीदवार मैदान में सक्रिय नहीं था, तो मुस्लिम मतदाताओं के सामने सबसे बड़ा संकट यह था कि उनका पारंपरिक ठिकाना गायब था. उनके पास दो ही रास्ते बचे थे या तो वे कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला या सीपीआई(एम) के शंभू नाथ कुर्मी की तरफ जाएं, या फिर स्थानीय सत्ता विरोधी लहर का हिस्सा बन जाएं . आंकड़े बताते हैं कि कांग्रेस को मात्र 10,084 वोट (4.8%) मिले और सीपीआई(एम) को 40,645 वोट (19.34%) मिले. अगर मुस्लिम आबादी ने एकमुश्त लेफ्ट या कांग्रेस को वोट दिया होता, तो इन दोनों पार्टियों का योग बहुत बड़ा होता. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. ग्राउंड रिपोर्ट इशारा करती है कि मुस्लिम बहुल पॉकेट्स (जैसे हासिमनगर और फतेहपुर) के कुछ हिस्सों में, विशेषकर युवा मुस्लिम मतदाताओं ने, रोजगार, स्थानीय विकास और केंद्रीय योजनाओं के प्रभाव में आकर पहली बार ‘कमल’ का बटन दबाया. हालांकि यह कोई सामूहिक बदलाव नहीं था, लेकिन इस ‘साइलेंट शिफ्ट’ ने बीजेपी के वोट शेयर को अप्रत्याशित ऊंचाई पर पहुंचा दिया . हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण 71.2% के जादुई आंकड़े के पीछे की जो दूसरी और सबसे सटीक थ्योरी है वह है हिंदू वोटों का शत-प्रतिशत कंसॉलिडेशन. जब किसी क्षेत्र में 87% मतदान होता है, तो इसका मतलब है कि सामान्य … Read more

सोमवार को महंगाई का डबल अटैक, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े; दिल्ली-कोलकाता में नई कीमतें लागू

नई दिल्ली  सोमवार को ईंधन की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी की गई, जिससे पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई, जो दो सप्ताह से भी कम समय में चौथी बढ़ोतरी है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गई है। प्रमुख शहरों में अब क्या है पेट्रोल की कीमत? अगर बात करें भारत के प्रमुख शहरों में तेल की कीमतों की तो दिल्ली में 102.12 रुपये, कोलकाता में 113.51, मुंबई में 111.21, नोएडा में 101.9 रुपये, बेंगलुरु में 110.6 रुपये, भूवनेश्वर में 108.8 रुपये, चंडीगढ़ में 101.5 रुपये, जयपुर में 113.4 रुपये, लखनऊ में 101.9 रुपये, पटना में 113.5 रुपये प्रति लीटर है। प्रमुख शहरों में अब क्या है डीजल की कीमत? अगर बात करें भारत के प्रमुख शहरों में डीजल के कीमत की तो नई दिल्ली में 95.2 रुपये, कोलकाता में 99.8 रुपये, मुंबई में 97.8 रुपये, चेन्नई में 99.6 रुपये, गुड़गांव में 95.4 रुपये, नोएडा में 95.4 रुपये, बेंगलुरु में 98.5 रुपये, भुवनेश्वर में 100.6 रुपये, चंडीगढ़ में 89.5 रुपये, हैदराबाद में 103.8 रुपये, जयपुर में 98.4 रुपये, लखनऊ में 95.4 रुपये, पटना में 99.5 रुपेय प्रति लीटर है। इस महीने यह चौथी बढ़ोतरी ईंधन की कीमतों में इस महीने में यह चौथी बढ़ोतरी है। 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हो गया। इससे पहले 23 मई को पेट्रोल 87 पैसे, डीजल 91 पैसे महंगा किया गया था। जबकि, 19 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी। 15 मई को भी कीमतों में ₹3 प्रति लीटर का भारी इजाफा किया गया था। अधिकतर राज्यों में पेट्रोल 100 के पार उत्तर प्रदेश में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.76 और पश्चिम बंगाल में ₹114.20 पर पहुंच गई है। आंध्र प्रदेश में पेट्रोल ₹117.35 वहीं, असम में ₹106.21, मध्य प्रदेश में ₹115.77,बिहार में ₹114.79, राजस्थान में ₹113.93 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। महाराष्ट्र में एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹113.05, दिल्ली में ₹102.11, छत्तीसगढ़ में ₹109.59, गुजरात में ₹102.92, हरियाणा में ₹103.57, हिमाचल प्रदेश में ₹101.64 और जम्मू और कश्मीर में ₹108.47 प्रति लीटर हो गई है। झारखंड में 1 लीटर पेट्रोल का दाम आज से ₹107.02, केरल में ₹114.31, मणिपुर में ₹114.76, मिजोरम में ₹104.74,ओडिशा में ₹110.30, पंजाब में ₹105.90, सिक्किम में ₹109.88 हो गया है। वहीं, तेलंगाना में ₹116.78, त्रिपुरा में ₹104.89, उत्तराखंड में ₹100.96 एक लीटर पेट्रोल का दाम अब इस रेट पर है। इन राज्यों में डीजल भी 100 के पार mypetrolprice के मुताबिक आंध्र प्रदेश में डीजल की कीमत ₹105.92 पर पहुंच गई है। बिहार में भी कई शहरों में डीजल के दाम 100 रुपये लीटर के पार पहुंच गए हैं। अररिया में, औरंगाबाद, बांका, भागलपुर में डीजल 100 के पार है। छत्तीसगढ़ में डीजल के रेट 100 के पार पहुंच गया है। गुजरात के राजकोट में डीजल 100.01 रुपये लीटर है। झारखंड, केरल, मध्यप्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के कुछ शहरों में डीजल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है। क्यों बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम ईरान युद्ध के चलते तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार, कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा था। चुनाव से पहले सरकार की कोशिशें कीमतें स्थिर रखने के लिए सरकार ने पहले ही पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में ₹10-10 प्रति लीटर की कटौती कर दी थी। पेट्रोल पर यह ड्यूटी ₹13 से घटाकर ₹3, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से पहले एक लीटर पेट्रोल पर कुल ₹21.90 एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी, जो घटकर ₹11.90 रह गई। इसी तरह, डीजल पर कुल केंद्रीय उत्पाद शुल्क ₹17.8 से घटकर ₹7.8 पर आ गया। इसी निर्णय की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े थे। पिछले शनिवार को बढ़ी थी कीमतें पेट्रोल-डीजल की कीमतें पिछले शनिवार को बढ़ी थी, जब पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे और डीजल की कीमत में 91 पैसे की वृद्धि की गई थी। शनिवार को ही दिल्ली में सीएनजी की कीमत में भी 1 रुपया प्रति किलोग्राम की वृद्धि के साथ 81.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। क्यों दोबारा बढ़ी ईंधन की कीमतें? अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के दौरान ईरान ने होर्मुज पर नियंत्रण कर लिया। जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो रही है। होर्मुज स्ट्रेट में ईरान द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। पिछले कई हफ्तों से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद भारत की तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल और डीजल को पुरानी कीमतों पर ही बेच रही थी। लेकिन पिछले दो हफ्तों से तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। अनुमानों के अनुसार, तीनों तेल और गैस कंपनियां – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) – प्रतिदिन सामूहिक रूप से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा उठा रही थीं। इसलिए, सरकार को कीमतें बढ़ानी पड़ीं।

पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ समेत मेयर के घर को उड़ाने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस

लुधियाना  पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ और लुधियाना की मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर के घर को बम से उड़ने की धमकी भरा मेल मिला है. यह मेल सोमवार की सुबह लुधियाना नगर निगम कमिश्नर की सरकारी ईमेल आईडी पर आया है. इस मेल में कहा गया है कि लुधियाना की मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर के घर को दोपहर 1:11 पर बम से उड़ा दिया जाएगा जबकि रात 9:11 पर दिलजीत दोसांझ के घर पर हमला होगा. यह मेल खालिस्‍तान नेशनल आर्मी की तरफ से भेजा गया बताया जा रहा है।  पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह-सुबह नगर निगम कमिश्नर के आधिकारिक ईमेल अकाउंट पर एक धमकी भरा मेल आया. बता दें कि इससे पहले पंजाब के कई स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकियां दी जा चुकी हैं।  इस ईमेल में लिखा था कि लुधियाना की मेयर और सिंगर दिलजीत दोसांझ के ठिकानों पर जोरदार धमाके किए जाएंगे. धमकी देने वाले ने इस हरकत को अंजाम देने के लिए बकायदा एक खास तारीख और समय का भी जिक्र किया था।  ईमेल में खास लोगों और संगठन के नामों का भी हवाला सूत्रों ने बताया कि इस ईमेल में कुछ खास लोगों और एक संगठन के नामों का भी हवाला दिया गया है. पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स की टीमें इस ईमेल की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके।  बम की इस खौफनाक धमकी के मिलते ही प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया. सुरक्षा के मद्देनजर मेयर के कैंप ऑफिस और शहर के सभी संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है।  क्या लिखा है धमकी भरे ईमेल में? सुबह करीब 7:28 बजे आई ईमेल आईडी का विषय "B"0mb Blast – Mayor Office Ludhiana!" रखा गया है। ईमेल में धमाकों का समय भी निर्धारित किया गया है। दोपहर 1:11 बजे लुधियाना मेयर पर हमले की धमकी दी गई है। इसके साथ ही रात 9:11 बजे दिलजीत दोसांझ के लुधियाना स्थित घर पर धमाके की चेतावनी दी है। हमलावरों ने स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि “कोई भी मदद दिलजीत दोसांझ करेगा, मारा जाएगा।” 1984 के दंगों का जिक्र, 6 जून तक का अल्टीमेटम ईमेल में 1984 के सिख दंगों का हवाला देते हुए "खून का बदला खून" की बात लिखी गई है। धमकी देने वालों ने लिखा है कि 6 जून तक बम धमाकों के जरिए निशाना बनाया जाएगा। किसने भेजी है यह धमकी? ईमेल के अंत में इसे 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' (KHALISTAN National ARMY) की तरफ से भेजा गया बताया गया है। इसमें भेजने वालों के रूप में दो नाम लिखे गए हैं: 1. इंजीनियर गुरनख सिंह (रुकन शाहवाला) 2. डॉ. गुरनिरवैर सिंह (खान राजादा) पुलिस महकमा और साइबर सेल पूरी तरह अलर्ट धमकी के बाद पुलिस महकमा और साइबर सेल पूरी तरह अलर्ट पर है। ईमेल के आईपी एड्रेस और सेंडर को ट्रेस करने की त्वरित जांच शुरू कर दी गई है। मेयर कार्यालय और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा कड़ी किए जाने की संभावना है। जांच में जुटी पुलिस और खुफिया एजेंसियां लुधियाना पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस धमकी की गंभीरता को परखने और ईमेल भेजने वाले के आईपी एड्रेस को ट्रैक करने में जुट गई हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक जांच के दौरान किसी भी जगह से कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है।  इसके बावजूद, प्रशासन इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है और पूरी सतर्कता के साथ चप्पे-चप्पे पर सर्च ऑपरेशन और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।   

मेडिकल साइंस का कमाल… चीन में मौजूद डॉक्टर ने हैदराबाद में किया ऑपरेशन

हैदराबाद तकनीक और मेडिकल साइंस ने एक बार फिर ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने दुनियाभर का ध्यान खींच लिया है. चीन के वुहान में मौजूद भारतीय यूरोलॉजिस्ट डॉ. सैयद मोहम्मद गौस ने हैदराबाद में मौजूद एक मरीज की रोबोट की मदद से सफल सर्जरी की. खास बात यह रही कि डॉक्टर और मरीज के बीच करीब 3000 किलोमीटर की दूरी थी।  रिपोर्ट के मुताबिक, यह यूरेट्रल रीइम्प्लांटेशन सर्जरी थी, जिसमें यूरेटर (किडनी से यूरिन ब्लैडर तक ले जाने वाली नली) को दोबारा ब्लैडर से जोड़ा गया. यह ऑपरेशन चीन में विकसित रोबोटिक तकनीक और हाई-स्पीड 5G इंटरनेट की मदद से किया गया. पूरा ऑपरेशन करीब 90 मिनट तक चला. इस दौरान वुहान के टोंगजी हॉस्पिटल और हैदराबाद की मेडिकल टीम के बीच लगातार समन्वय बना रहा।  इस उपलब्धि को भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया. उन्होंने लिखा कि भारतीय यूरोलॉजिस्ट डॉ. सैयद मोहम्मद गौस ने वुहान में बैठकर हैदराबाद के मरीज की सिर्फ 90 मिनट में रोबोट-असिस्टेड सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की।  ऑपरेशन शुरू होने से पहले वुहान और हैदराबाद के डॉक्टरों ने ऑनलाइन मरीज की मेडिकल रिपोर्ट्स की संयुक्त समीक्षा की. इसके बाद रोबोटिक आर्म्स की मूवमेंट को लेकर पूरी योजना तैयार की गई. हैदराबाद में मौजूद मेडिकल स्टाफ ने मरीज को एनेस्थीसिया दिया और ऑपरेशन थिएटर में रोबोटिक सिस्टम को तैयार किया।  इस रोबोटिक सिस्टम में बेहद बारीक सर्जिकल उपकरण और हाई-डेफिनिशन 3D कैमरे लगे थे, जो हैदराबाद से लाइव तस्वीरें वुहान भेज रहे थे. डॉ. गौस वुहान के टोंगजी हॉस्पिटल में एक कंट्रोल कंसोल पर बैठे थे, जहां से उन्होंने पूरे ऑपरेशन के दौरान रोबोटिक आर्म्स को नियंत्रित किया।   200 मिलीसेकंड यानी 0.2 सेकंड रोबोट ले रहे थे निर्देश रिपोर्ट के अनुसार, 5G नेटवर्क की मदद से डॉक्टर के निर्देश सिर्फ 200 मिलीसेकंड यानी 0.2 सेकंड के भीतर हैदराबाद पहुंच रहे थे. इतनी कम देरी की वजह से रोबोटिक आर्म्स लगभग उसी समय डॉक्टर के हाथों की हरकतों को दोहरा पा रहे थे. यही वजह रही कि हजारों किलोमीटर दूर बैठने के बावजूद सर्जरी के दौरान सटीकता और नियंत्रण बनाए रखा जा सका।  हैदराबाद में मौजूद डॉक्टरों की टीम भी पूरे समय ऑपरेशन थिएटर में मौजूद रही और किसी भी इमरजेंसी स्थिति में तुरंत मदद के लिए तैयार थी.यह सर्जरी International Hepato-Pancreato-Biliary Association के चीनी चैप्टर की 10वीं कांग्रेस के दौरान दिखाई गई 26 सर्जरी में से एक थी. इनमें भारत, ब्राजील, जॉर्जिया, ग्रीस और उज्बेकिस्तान के विशेषज्ञों के साथ लाइव अंतरराष्ट्रीय रिमोट सर्जरी भी शामिल थीं।  टोंगजी हॉस्पिटल में सर्जरी विभाग के निदेशक चेन शियाओपिंग ने कहा कि AI, रोबोटिक्स और अगली पीढ़ी की कम्युनिकेशन तकनीकें दुनिया भर के हेल्थकेयर सिस्टम को तेजी से बदल रही हैं। 

सोमवार को बाजार में बुल्स का दमदार कमबैक, खुलते ही सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी तेजी

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार सप्ताह के पहले दिन सोमवार को खुलने के साथ ही बमबम नजर आ रहा है और दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ ओपनिंग करने के बाद रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए दिख रहे हैं. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलते ही जहां 800 अंकों से ज्यादा की धुआंधार तेजी लेकर 76000 के स्तर को पार कर गया. तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर करीब 250 अंकों की जोरदार बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।  खास बात ये है कि तेल कंपनियों ने देश में लगातार चौथी बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी (Petrol-Diesel Price Hike) का झटका दिया है, इसके बाद भी विदेशी कारणों की वजह से बाजार रफ्तार पकड़े हुए नजर आ रहा है।   सेंसेक्स-निफ्टी ने मचाया गदर शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने से पहले ही प्री-ओपनिंग सेशन में सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी के संकेत मिल गए थे. वहीं जब ट्रेडिंग शुरू हुई, तो BSE Sensex खुलते ही 76,000 का स्तर पार कर गया. ये इंडेक्स अपने पिछले शुक्रवार के बंद 75,415 की तुलना में जोरदार रफ्तार पकड़ते हुए 76,135 पर ओपन हुआ और महज पांच मिनट के कारोबार में ही 874 अंक उछलकर 76,289 पर जा पहुंचा।  बात NSE Nifty की करें, तो इसकी चाल भी सेंसेक्स के जैसी ही नजर आई. 50 शेयरों वाला ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,719 के मुकाबले चढ़कर 23,940 के लेवल पर खुला और फिर सेंसेक्स की तरह रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 23,984 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।  शेयर बाजार में तेजी के तीन कारण बात करें, सोमवार को शेयर मार्केट रैली के पीछे के बड़े कारणों के बारे में, तो एक नहीं बल्कि तीन-तीज वजह हैं. इनका सीधा कनेक्शन डोनाल्ड ट्रंप से भी है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान युद्ध खत्म किए जाने और दुनिया की तेल जरूरत को पूरा करने में अहम होर्मुज स्ट्रेट को फिर से जल्द खोले जाने के सिग्नल दिए हैं।  बाजार का सेंटीमेंट बदलने में दूसरा कारण भी इससे जुड़ा हुआ है, क्योंकि ट्रंप के ईरान-अमेरिका के बीच सुलह के संकेतों का सबसे बड़ा असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर दिखा, जो इस ग्लोबल टेंशन के बीच दुनिया को डरा रही थीं और महंगाई बढ़ाने में अहम रोल निभा रही थीं. सोमवार को Brent Crude Price 100 डॉलर के नीचे आ गया, जिससे महंगाई कम होने की उम्मीद बढ़ी।  तीसरा कारण भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर आया अपडेट है. दरअसल, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि India-US Trade Deal को जल्द अंतिम रूप दिया जा सकता है. यह समझौता दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा. बता दें रूबियो चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं।  ये 10 शेयर बने मार्केट 'हीरो' शेयर बाजार में तूफानी तेजी के बीच सबसे ज्यादा भागने वाले स्टॉक्स की बात करें, तो बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल M&M Share (2.90%), HDFC Bank Share (2.30%), IndiGo Share (2.10%) की तेजी के साथ ट्रेड कर रहे थे. वहीं दूसरी ओर मिडकैप में शामिल Hindustan Petroleum Share (4.20%), Ashok Leyland Share (3.60%), AU Bank Share (2.30%) की तेजी में नजर आए।  इसके अलावा स्मॉलकैप कंपनियों में NH Share (6%), Cohance Share (4.20%), IIFL Share (3%) और Inox Wind Share (2.50%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे। 

मैदान पर खेलते-खेलते थम गई धड़कन, 39 वर्षीय क्रिकेटर की मौत से सदमे में फैंस

 बेंगलुरु पूर्व तेज गेंदबाज एसएल अक्षय (SL Akshay) का रविवार को एक क्लब मैच के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. वह सिर्फ 39 साल के थे. अक्षय बेंगलुरु में KSCA थर्ड डिवीजन लीग मैच में सैफायर CC की ओर से खेल रहे थे. मैच के दौरान उन्होंने चार ओवर गेंदबाजी की, लेकिन इसके बाद अचानक उन्हें बेचैनी और सीने में दर्द महसूस हुआ।   तबीयत बिगड़ने पर वह मैदान से बाहर चले गए. स्थिति गंभीर होने पर उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके. अक्षय कर्नाटक की उस मजबूत टीम का हिस्सा रहे थे, जिसने 2014-15 सीजन में रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था. घरेलू क्रिकेट में उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी से पहचान बनाई थी।  ऐसा रहा अक्षय का रिकॉर्ड एसएल अक्षय ने 2011 से 2013 के बीच कर्नाटक के लिए 6 फर्स्ट क्लास, 3 लिस्ट-A और 9 टी20 मुकाबले खेले.फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अक्षय ने 18 विकेट चटकाए और 89 रन बनाए. वहीं लिस्ट-ए क्रिकेट में अक्षय के नाम पर 6 विकेट और 11 रन दर्ज हैं. टी20 क्रिकेट में अक्षर ने 8 विकेट झटकने के अलावा 10 रन स्कोर किए।  एसएसल अक्षय के निधन से भारतीय क्रिकेट में शोक की लहर दौड़ गई है, एसएल अक्षय का करियर ज्यादा लंबा नहीं चला, लेकिन क्रिकेट के प्रति उनका जुनून कभी कम नहीं हुआ. संन्यास के बाद भी अक्षय लगातार क्रिकेट से जुड़े रहे. वह कोचिंग में सक्रिय थे और कर्नाटक अंडर-19 टीम के साथ युवा खिलाड़ियों को तैयार करने का काम कर रहे थे।  कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया. KSCA ने बयान जारी कर कहा कि अक्षय ने खिलाड़ी और कोच दोनों रूपों में कर्नाटक क्रिकेट को अहम योगदान दिया और युवा क्रिकेटरों के विकास में उनकी भूमिका हमेशा याद रखी जाएगी. अक्षय के अचानक निधन की खबर से कर्नाटक क्रिकेट जगत में शोक का माहौल है. कई खिलाड़ियों एवं क्रिकेट प्रेमियों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। 

केएल राहुल की तूफानी पारी और कुलदीप की फिरकी, दिल्ली ने KKR को घर में दी मात

 कोलकाता इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के आखिरी लीग मैच में रविवार (24 मई) को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का सामना दिल्ली कैपिटल्स (DC) से हुआ. कोलकाता के ईडन गार्डन्स में आयोजित मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स पर 40 रनों से जीत दर्ज की. कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत के लिए 204 रनों का टारगेट मिला था, लेकिन उसकी पूरी टीम 18.4 ओवरों में 163 रनों पर सिमट गई।  दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स प्लेऑफ की रेस से पहले ही बाहर हो गई थी. दिल्ली कैपिटल्स के 14 मैचों से 14 अंक रहे और उसने छठा स्थान हासिल किया. दूसरी ओर तीन बार की चैम्पियन कोलकाता नाइट राइडर्स ने 14 मैच खेलकर 6 में जीत हासिल की. कोलकाता नाइट राइडर्स 13 पॉइंट्स के साथ सातवें नंबर पर रही।  रनचेज में कोलकाता नाइट राइडर्स को पहला झटका फिन एलन (20 रन) के रूप में लगा, जो लुंगी एनगिडी की गेंद पर बोल्ड हुए. फिन एलन और कप्तान अजिंक्य रहाणे के बीच पहले विकेट के लिए 43 रनों की साझेदारी हुई. इसके बाद अजिंक्य रहाणे ने मनीष पांडे के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 44 रन जोड़े. मनीष पांडे ने 2 छक्के और दो चौके की मदद से 16 गेंदों पर 25 रनों की पारी खेली. मनीष पांडे का विकेट भी लुंगी एनगिडी ने चटकाया।  कैमरन ग्रीन (2 रन) इस मुकाबले में कुछ खास नहीं कर सके और कुलदीप यादव की फिरकी में फंस गए. कुलदीप ने फिर अजिंक्य रहाणे और रिंकू सिंह (0 रन) को भी लगातार गेंदों पर पवेलियन लौटा दिया. रहाणे ने 39 गेंदों पर 63 रन बनाए, जिसमें चार छक्के और चार चौके शामिल रहे. यहां से कोलकाता की इनिंग्स ट्रैक पर नहीं लौट पाई. तेजस्वी दहिया (1 रन), अनुकूल रॉय (9 रन), रोवमैन पॉवेल (29 रन), कार्तिक त्यागी (0 रन) और वरुण चक्रवर्ती (5 रन) कुछ खास योगदान नहीं दे पाए. कुलदीप यादव और लुंगी एनगिडी ने तीन-तीन विकेट झटके. मिचेल स्टार्क को दो सफलताएं मिलीं।  दिल्ली की पारी की हाइलाइट्स मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 5 विकेट पर 203 रन बनाए. दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत अच्छी रही. अभिषेक पोरेल (22 रन) और केएल राहुल ने मिलकर पहले विकेट के लिए 40 रन जोड़े. सौरभ दुबे ने अभिषेक पोरेल को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा. फिर साहिल पारख (24 रन) और केएल राहुल के बीच दूसरे विकेट के लिए 47 रनों की पार्टनरशिप हुई. साहिल का विकेट स्पिनर सुनील नरेन ने झटका।  इसके बाद केएल राहुल के रूप में दिल्ली कैपिटल्स का तीसरा विकेट गिरा, जो अनुकूल रॉय की फिरकी का शिकार हुए. राहुल ने 5 चौके और 4 छक्के की मदद से 30 बॉल पर 60 रन बनाए. यहां से कप्तान अक्षर पटेल और डेविड मिलर ने तूफानी बल्लेबाजी की, जिसने टीम को अच्छे स्कोर तक पहुंचाने में मदद की. अक्षर ने 25 बॉल पर 39 रनों का योगदान दिया, जिसमें 3 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. वहीं मिलर ने तीन छक्के की मदद से 19 गेंदों पर 28 रनों की पारी खेली. आशुतोष शर्मा 18 रन बनाकर नाबाद रहे. सौरभ दुबे ने कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए सबसे ज्यादा दो विकेट चटकाए।  इंडियन प्रीमियर लीग में कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच अब तक 37 मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स ने 20 मैचों में जीत हासिल की. जबकि दिल्ली कैपिटल्स को 16 मैचों में जीत नसीब हुई. एक मुकाबले का नतीजा भी नहीं निकल पाया. मौजूदा सीजन में दोनों टीमें दूसरी बार आमने-सामने हुई हैं. 8 मई 2026 को खेले गए मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने दिल्ली कैपिटल्स पर 8 विकेट से जीत दर्ज की थी।  कोलकाता vs दिल्ली h2h कुल IPL मैच: 37 कोलकाता ने जीते: 20 दिल्ली ने जीते: 16 बेनतीजा: 1  

RR ने मारी बाजी, IPL प्लेऑफ से बाहर हुए पंजाब और KKR… बदल गई पूरी पिक्चर

मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में प्लेऑफ की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है. 2008 के सीजन की चैम्पियन राजस्थान रॉयल्स 16 अंकों के साथ प्लेऑफ में पहुंचने वाली चौथी टीम बनी. राजस्थान रॉयल्स ने अपने आखिरी लीग मुकाबले में रविवार (24 मई) को मुंबई इंडियंस (MI) को 30 रनों से परास्त किया. मुंबई के वानखेडे़ स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस के सामने 206 रनों का टारगेट सेट किया था, जिसका वो सफलतापूर्वक पीछा नहीं कर पाई. राजस्थान रॉयल्स की जीत के साथ ही पंजाब किंग्स (PBKS) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) टूर्नामेंट से बाहर हो गई।  डिफेंडिंग चैम्पियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), गुजरात टाइटन्स (GT) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) पहले ही प्लेऑफ में जगह बना चुकी थीं. लीग स्टेज के दौरान अंकतालिका में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पहला, गुजरात टाइटन्स ने दूसरा और सनराइजर्स हैदराबाद ने तीसरा स्थान हासिल किया. जबकि राजस्थान रॉयल्स चौथे पायदान पर रही।  अब आईपीएल 2026 में क्वालिफायर-1 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटन्स के बीच 26 मई (मंगलवार) को खेला जाना है. उस मुकाबले की विजेता टीम सीधे फाइनल में पहुंच जाएगी. जबकि क्वालिफायर-1 में हारने वाली टीम को एक और मौका मिलेगा और वो क्वालिफायर-2 खेलेगी. सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के बीच होने वाले एलिमिनेटर मुकाबले में जो टीम जीतेगी, उसे भी क्वालिफायर-2 खेलने का मौका मिलेगा. क्वालिफायर-2 की विजेता टीम का सामना फाइनल में क्वालिफायर-1 की विनर टीम से होगा।  क्वालिफायर-1 धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम में खेला जाएगा. वहीं एलिमिनेटर और क्वालिफायर-2 मुकाबले क्रमश: 27 मई (बुधवार) और 29 मई (शुक्रवार) को न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होने हैं. खिताबी मुकाबला 31 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में निर्धारित है।  प्लेऑफ मैचों का शेड्यूल क्वाल‍िफायर 1: 26 मई- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु VS गुजरात टाइटन्स, धर्मशाला एलिमिनेटर: 27 मई- सनराइजर्स हैदराबाद vs राजस्थान रॉयल्स, न्यू चंडीगढ़ क्वाल‍िफायर 2: 29 मई- क्वालिफायर-1 की विजेता vs एलिमिनेटर की विजेता, न्यू चंडीगढ़  फाइनल: 31 मई- क्वालिफायर-1 की विजेता vs क्वालिफायर-2 की विजेता, अहमदाबाद

चीखों से गूंजा महाबलेश्वर… खाई में समाई स्कॉर्पियो, रस्सियों से निकाले गए शव

 महाबलेश्वर महाराष्ट्र के महाबलेश्वर में रविवार देर रात एक भयावह सड़क हादसे ने आठ लोगों की जिंदगी छीन ली. पोलादपुर-आंबेनळी घाट मार्ग पर एक स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर लगभग 700 से 800 फीट गहरी खाई में जा गिरी. हादसा इतना भीषण था कि वाहन में सवार सभी लोगों की मौत की आशंका ताई जा रही है. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया।  बताया जा रहा है कि हादसा देर रात करीब 12:30 बजे से 1 बजे के बीच हुआ. रात का अंधेरा और घाट क्षेत्र का दुर्गम रास्ता बचाव कार्य में सबसे बड़ी चुनौती बन गया. सूचना मिलते ही महाबलेश्वर ट्रैकर्स की टीम, स्थानीय पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे. गहरी खाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को बेहद सावधानी के साथ चलाना पड़ा।  मृतकों की पहचान सातारा जिले के कोरेगांव तहसील के आसगांव गांव के रहने वाले लोगों के रूप में हुई है. इनमें 25 वर्षीय महेश अनिल पवार, 21 वर्षीय आदित्य अशोक सालुंखे, 25 साल के रितेश राजेंद्र लोखंडे, 20 साल के सुहास जितेंद्र लोखंडे, 18 साल के अंश समीर चव्हाण, 21 साल के उत्कर्ष आनंद शिंगटे, 25 साल के अनिल अभिमन्यू शिंगटे और 35 वर्षीय नितीन किसन नायकोंडे शामिल हैं।  कोंकण से लौटते समय तड़के हुआ हादसा यह दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो गाड़ी सतारा जिले के कोरेगांव तालुका के आसगांव की है. यह हादसा तब हुआ जब ये सभी लोग कोंकण से वापस सतारा की ओर लौट रहे थे. आंबेनली घाट में तड़के करीब 2:45 बजे यह दर्दनाक हादसा हुआ. यह घटना उसी क्षेत्र में हुई है, जहां साल 2018 में दापोली कृषि विश्वविद्यालय की बस खाई में गिरी थी।  खाई अत्यधिक गहरी होने के कारण बचाव दल ने शुरुआत में दूरबीन की मदद से तलाश शुरू की, जिसमें पहला शव दिखाई दिया. बेहद कठिन परिस्थितियों में रेस्क्यू टीम को करीब 500 से 700 फीट की गहराई पर 2 शवों को ढूंढने में सफलता मिल चुकी है. पोलादपुर पुलिस और बचाव दल द्वारा दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी और बाकी शवों को बाहर निकालने के लिए खोजी अभियान लगातार जारी है।  सभी मृतक सतारा के रहने वाले शुरुआती जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो गाड़ी सतारा जिले की है. गाड़ी में सवार पर्यटक सतारा, आसगांव और कोरेगांव इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं. बचाव दल द्वारा स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार अन्य यात्रियों के शवों को ढूंढने का काम लगातार जारी है।  पोलादपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारी आनंद रावड़े ने बताया कि मृतक सतारा के आसगांव के थे. 24 तारीख को तड़के वे हरणे बीच से वापस सतारा की ओर जा रहे थे, तब पोलादपुर मार्ग से आंबेनळी घाट में दाबेली गांव की सीमा में उनकी गाड़ी पर से नियंत्रण छूट गया और गाड़ी गहरी खाई में गिर गई।  सुबह करीब छह बजे से चार अलग-अलग रेस्क्यू टीमें युद्धस्तर पर बचाव अभियान में जुटी हुई हैं. अब तक दो शवों को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी शवों को खाई से बाहर लाने की प्रक्रिया जारी है. स्थानीय प्रशासन और पुलिस लगातार घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं।  फिलहाल दुर्घटना की असली वजह सामने नहीं आई है. पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि घाट मार्ग के खतरनाक मोड़, रात का समय या वाहन के नियंत्रण खोने जैसी परिस्थितियां हादसे की वजह बन सकती हैं. इस हादसे के बाद मृतकों के गांव में शोक की लहर है और परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।