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सिराज के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने मचाई तबाही, 44 रन बनाकर हुए आउट

नई दिल्ली दलीप ट्रॉफी 2026-27 के फाइनल में ईस्ट जोन का सामना साउथ जोन से है. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में सबकी निगाहें वैभव सूर्यवंशी पर हैं, जो ईस्ट जोन की टीम का हिस्सा हैं. ईस्ट जोन की ओर से वैभव ने पहली पारी में 5 चौके और एक छक्के की मदद से 37 बॉल पर 44 रन बनाए l   वैभव सूर्यवंशी को तेज गेंदबाज चामा मिलिंद ने सब्स्टीट्यूट प्लेयर तनय त्यागराजन के हाथों कैच आउट किया. वैभव शॉर्ट पिच गेंद पर छक्का लगाकार अर्धशतक पूरा करना चाहते थे. वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन के बीच पहले विकेट के लिए 100 रनों की साझेदारी हुई l वैभव सूर्यवंशी ने नजरें जमाने में देर नहीं लगाई. पारी के तीसरे ओवर में मोहम्मद सिराज की पहली गेंद पर उन्होंने शानदार चौका लगाया. वहीं छठे ओवर में एमडी निधीश को दो चौके जड़े. अगले ओवर में वैभव ने सिराज के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार किया और कुल 14 रन (2 छक्का और एक चौका) बटोरे l खिताबी मुकाबले में टॉस ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने जीता और पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया. ईस्ट जोन ने अपनी प्लेइंग-11 में सिर्फ एक बदलाव किया. जबकि साउथ जोन ने चार परिवर्तन किए. तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और युवा बैटर देवदत्त पडिक्कल भी साउथ जोन की प्लेइंग-11 का हिस्सा हैं l वैभव सूर्यवंशी नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 8 रन बना पाए थे. हालांकि उन्होंने तब गेंदबाजी में जरूर दो विकेट झटके. इसके बाद सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल में वैभव का बल्ला जमकर गरजा. वैभव ने पहली पारी में 92 और दूसरी पारी में 40 रन बनाए. वैभव ने इस दौरान एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया. वैभव दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक जड़ने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए थे l ईस्ट जोन की प्लेइंग-11: अभिमन्यु ईश्वरन, वैभव सूर्यवंशी, कुमार कुशाग्र, सुदीप कुमार घरामी, ईशान किशन (विकेटकीपर/कप्तान), शिखर मोहन, अनुकूल रॉय, मोहम्मद कौनैन कुरैशी, मोहम्मद शमी, अभिजीत के सरकार और मुकेश कुमार l साउथ जोन की प्लेइंग-11: रिकी भुई, नारायण जगदीशन (विकेटकीपर), देवदत्त पडिक्कल, शेख रशीद, तिलक वर्मा (कप्तान), स्मरण रविचंद्रन, श्रेयस गोपाल, त्रिपुराना विजय, मोहम्मद सिराज, चामा मिलिंद और एमडी निधीश l

सोने-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट, 5 दिन में चांदी ₹8 हजार सस्ती; गोल्ड भी फिसला

इंदौर   शादी-ब्याह के सीजन से पहले गहने खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए सर्राफा बाजार से एक सुकून देने वाली खबर आई है. पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से नई ऊंचाइयों को छू रहे सोने और चांदी की तेजी पर इस हफ्ते ब्रेक लग गया. दोनों ही कीमती धातुओं के दाम भरभराकर नीचे आ गए हैं. इस तेज गिरावट से आम खरीदारों के चेहरे खिल गए हैं। इस कारोबारी हफ्ते के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि सोना-चांदी में गिरावट का दायरा सामान्य से काफी बड़ा और चौंकाने है. महज पांच दिनों के भीतर सोने का रेट 4,000 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हो गया है. चांदी तो औंधे मुंह गिरी है. हफ्तेभर में सिल्‍वर 8,000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्‍ती हो गई है।  इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, सबसे शुद्ध यानी 24 कैरेट गोल्‍ड की चमक सबसे ज्यादा फीकी पड़ी है. इस हफ्ते 24 कैरेट सोने का भाव में प्रति 10 ग्राम 4,694 रुपये टूट गया. इस बड़ी कटौती के बाद अब इसका भाव घटकर 1,54,884 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया है. कुछ ही दिन पहले यह 1,59,578 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर ट्रे कर रहा था। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, सबसे शुद्ध यानी 24 कैरेट गोल्‍ड की चमक सबसे ज्यादा फीकी पड़ी है. इस हफ्ते 24 कैरेट सोने का भाव में प्रति 10 ग्राम 4,694 रुपये टूट गया. इस बड़ी कटौती के बाद अब इसका भाव घटकर 1,54,884 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया है. कुछ ही दिन पहले यह 1,59,578 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर ट्रे कर रहा था। जेवराती सोना यानी 22 कैरेट गोल्‍ड भी इस हफ्ते खूब सस्‍ता हुआ है. गहने बनवाने वाले आम ग्राहकों की पहली पसंद माना जाने वाला 22 कैरेट सोना 1,41,874 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ पहुंचा है. इससे पहले यह 1,46,173 रुपये प्रति 10 ग्राम मिल रहा था. यानी प्रति 10 ग्राम पर अब आपको 4,300 रुपये का फायदा होगा। बजट फ्रेंडली 18 कैरेट सोने के दाम भी औंधे मुंह नीचे गिरे हैं. 18 कैरेट गोल्ड का भाव इस हफ्ते 3500 रुपये प्रति दस ग्राम घटा है. इस कटौती के बाद अब यह 1,16,163 रुपये प्रति 10 ग्राम मिल रहा है. इससे पहले 18 कैरेट सोने का भाव 1,19,684 रुपये प्रति 10 ग्राम था।  इस कारोबारी हफ्ते के दौरान सोने के बाजार में जबर्दस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल. 24 कैरेट सोने ने 31 अगस्त को शाम के कारोबारी सत्र में 1,55,835 रुपये प्रति 10 ग्राम का अपना उच्चतम स्तर छुआ. इसके ठीक विपरीत, 2 सितंबर के शाम के सत्र में भारी बिकवाली के चलते यह लुढ़ककर हफ्ते के सबसे निचले स्तर यानी 1,51,184 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। चांदी के खरीदारों की तो इस हफ्ते लॉटरी ही लग गई है. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्‍योंकि क्योंकि चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ गिरावट आई है. चांदी का भाव सीधे 8,436 रुपये प्रति किलोग्राम लुढ़ककर 2,35,456 रुपये प्रति किलो पर आ गया है. इससे पहले सिल्‍वर का रेट 2,43,892 रुपये प्रति किलो था

अल्पेश कोगजे बनेंगे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के 30वें चीफ जस्टिस, केंद्र ने जारी की अधिसूचना

भोपाल भोपाल में राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार ने शनिवार रात गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का 30वां मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की।  कॉलेजियम की सिफारिश पर नियुक्ति जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे वर्तमान में गुजरात हाईकोर्ट के न्यायाधीश हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 31 अगस्त 2026 को हुई बैठक में उन्हें मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की थी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार ने उनकी नियुक्ति की औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए इन नियुक्तियों की घोषणा की।

किसानों के प्रदर्शन का छठा दिन, पंजाब सरकार को दोपहर तक का अल्टीमेटम; आंदोलन तेज करने की तैयारी

 मोहाली  संयुक्त किसान मोर्चे की ओर से अपनी मांगों को लेकर 1 से 7 सितंबर तक मोहाली-चंडीगढ़ बार्डर पर मोहाली से चंडीगढ़ जाने वाली मुख्य सड़क की एक साइड मोर्चा लगाने का आज 6वां दिन है। इन 6 दिनों के दौरान सरकार की ओर से किसान नेताओं से किसी प्रकार की बातचीत नहीं की गई है जिससे किसान नेता गुस्से में। सरकार और किसान नेताओं के बीच तालमेल बैठाने के लिए चंडीगढ़ की एसएसपी और रोपड़ रेंज के डीआईजी नानक सिंह की ओर से मीटिंग की गई थी। जिसके बाद प्रशासन ने शुक्रवार को एक दिन का समय मांगा था। किसानों की ओर से अमेरिका के साथ ट्रेड डील न करने, पानी के मुद्दे को लेकर सेक्शन 78,79,80 रद्द करने, किसानों का पूरा कर्ज माफ करने, फसलों का दाम स्वामीनाथन रिपोर्ट के हिसाब से तय करने, बिजली बिल 2025 और बीज बिल 25 वापस लेने, गन्ने का दाम 500 रुपये प्रति क्विंटल करने, लैंड पुलिंग स्कीम रद्द करने सहित कई अन्य मांगों को लेकर मोहाली में पक्का मोर्चा लगाया गया है। रविवार 2 बजे तक करेंगे प्रशासन के जवाब का इंतजार पक्के मोर्चे से रोजाना स्टेज पर किसान नेता अपनी बातों को किसानों के सामने रख रहे है। सुबह 11 से 2 बजे तक स्टेज पर किसान नेता अपनी बात रखने के बाद रोजाना शाम को अपनी मीटिंग कर रहे है और अगली रणनीति तैयार कर रहे है। रविवार को दोपहर 2 बजे तक किसान नेता प्रशासन के जवाब का इंतजार कर रहे है अगर इस दौरान कोई संदेशा प्रशासन की ओर से नहीं आया तो किसान नेता शाम 5 बजे अपनी मीटिंग करने के बाद अगले संघर्ष का ऐलान कर देंगे। किसान नेताओं की ओर से 7 सितंबर तक मोर्चा लगाने की बात कही गई थी लेकिन आज कोई बात नहीं बनी तो हो सकता है किसान इस मोर्चे को और आगे बढ़ा सकते है। वैसे किसान नेताओं की बातों से लगता है कि वे इस मोर्चे से अपनी मांगों को मनवाने के बाद ही यहां से वापसी करेंगे। किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि माहिरों की एक रिपोर्ट के अनुसार पंजाब से 2039 में पानी खत्म हो जाएगा ऐसे में लोगों के सामने विकट स्थिति बन जाएगी। इस विकट स्थिति बनने से पहले पंजाब के लोग सरकारों से अपनी मांगों को मांग रहे है। उन्होंने कहा कि पानी के मुद्दे को सुलझाने के लिए पिछले काफी समय से सरकारों को मांग पत्र दिए जा रहे है और अपना विरोध जताया जा रहा है लेकिन सरकारों को पंजाब के किसानों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से एक दिन का समय मांगा गया था अब रविवार को प्रशासन जैसी जानकारी देगा उसके बाद वैसा संघर्ष का ऐलान किया जाएगा। भारी बारिश के बाद भी किसान मोर्चे पर डटे हुए पिछले दिनों हुई बारिश के बाद किसानों पूरी तरह से मोर्चे पर डटे हुए है। शनिवार शाम को बारिश में भीगने के बाद भी एयरपोर्ट रोड के चौकों पर हाथों में झंडे लेकर अपनी बात लोगों के सामने रखी। किसानों का कहना है कि सरकारों को अपनी मांगें मनवाने के लिए मोर्चे में बैठे हुए है।  

दिवाली से पहले बदलेंगे कई ग्रहों की चाल, इन 3 राशियों के करियर-धन में बनेंगे नए योग

 त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले ग्रहों की चाल में कई अहम बदलाव होने वाले हैं. सितंबर से दिवाली तक शुक्र, बुध, सूर्य और मंगल समेत कई ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं में ग्रहों के इन बदलावों को करियर, धन, कारोबार और निजी जीवन से जोड़कर देखा जाता है. सितंबर में शुक्र 2 तारीख को तुला राशि में, बुध 7 सितंबर को कन्या राशि में और मंगल 18 सितंबर को कर्क राशि में प्रवेश करेगा. इसके बाद 26 सितंबर को बुध तुला राशि में जाएगा. ऐसे में कुछ राशियों के लिए आने वाले सप्ताह नए अवसर लेकर आ सकते हैं. खासतौर पर वृषभ, मिथुन, सिंह, तुला और धनु राशि के जातकों के लिए यह अवधि महत्वपूर्ण मानी जा रही है. हालांकि, अक्टूबर-नवंबर में शुक्र और बुध की वक्री चाल भी रहेगी, इसलिए हर फैसला सोच-समझकर लेना जरूरी होगा. वृषभ राशि- करियर में बनेंगे आगे बढ़ने के मौके वृषभ राशि वालों के लिए आने वाला समय कामकाज के लिहाज से अच्छा रह सकता है. अगर आप लंबे समय से नौकरी बदलने के बारे में सोच रहे हैं तो इस अवधि में नए अवसर सामने आ सकते हैं.  कारोबारियों के लिए भी नए संपर्क बनना फायदेमंद साबित हो सकता है. आर्थिक मामलों में आमदनी के साथ खर्च भी बढ़ सकता है, इसलिए बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा. किसी बड़े निवेश में जल्दबाजी करने के बजाय पूरी जानकारी लेना आपके लिए फायदेमंद होगा . मिथुन राशि- धन कमाने के नए रास्ते खुल सकते हैं मिथुन राशि के जातकों के लिए सितंबर से दिवाली तक का समय नई संभावनाएं लेकर आ सकता है. बुध का कन्या राशि में प्रवेश इस राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है . बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार और तर्क का कारक माना जाता है. इस दौरान आपकी बातचीत और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हो सकती है. आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते तलाश रहे लोगों को सफलता मिल सकती है. हालांकि, किसी भी आर्थिक समझौते या साझेदारी में दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ना जरूरी रहेगा. सिंह राशि- मेहनत का मिल सकता है बड़ा फल सिंह राशि वालों के लिए यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है. कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता सामने आएगी.  लोग आपके फैसलों को महत्व दे सकते हैं . नौकरीपेशा लोगों को पद या जिम्मेदारी में बदलाव की संभावना दिखाई दे सकती है . कारोबारियों को किसी बड़े प्रोजेक्ट या नए सौदे से लाभ मिल सकता है.  हालांकि, किसी भी डील को अंतिम रूप देने से पहले उसकी शर्तों को अच्छी तरह जांच लें .   दिवाली से पहले कौन-कौन से बड़े गोचर होंगे? सितंबर 2026 में ग्रहों की चाल में कई बदलाव देखने को मिलेंगे.  2 सितंबर को शुक्र तुला में, 7 सितंबर को बुध कन्या में, 17 सितंबर को सूर्य कन्या में और 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में प्रवेश करेगा . 26 सितंबर को बुध तुला राशि में चला जाएगा . इसके बाद अक्टूबर में शुक्र की वक्री चाल शुरू होगी.  उपलब्ध ज्योतिषीय कैलेंडर के अनुसार शुक्र 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक वक्री रहेगा . बुध भी 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक वक्री रहने की बात कही गई है .

मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से झारखंड में शोक, दो दिन आधा झुका रहेगा राष्ट्रीय ध्वज

रांची  झारखंड में कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर 6 और 7 सितंबर को राजकीय शोक की घोषणा की गई है। मंत्रिमंडल एवं समन्वय विभाग ने इसको लेकर आदेश जारी किया है। राजकीय शोक के दौरान जिन भवनों नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाते हैं, वहां राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। इस दौरान सात सितंबर को राज्य सरकार के सभी कार्यालय, स्कूल आदि बंद रहेंगे। छह एवं सात सितंबर को कोई राजकीय समारोह आयोजित नहीं होगा। सुदिव्य कुमार का देहांत रविवार सुबह हार्ट अटैक से 56 साल की उम्र में अस्पताल में हुआ। उनके पास पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेलकूद और युवा कार्य विभाग के साथ नगर विकास और उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी थी। JMM पार्टी का झंडा भी झुका झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के सम्मान में JMM ने अपने कैंप ऑफिस में पार्टी का झंडा झुका दिया। इसके अलावा पार्टी ने अपने सारे प्रस्तावित कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। मंत्री सुदिव्य सोनू का पार्थिव शरीर विधानसभा नहीं लाया जाएगा। गृह क्षेत्र गिरिडीह में आज ही उनका दाह संस्कार होगा। कांग्रेस ने रद किया लोकभवन मार्च झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू जी के आकस्मिक निधन के कारण उत्पन्न शोक की घड़ी को देखते हुए 7 सितंबर को प्रस्तावित लोकभवन मार्च-प्रदर्शन कार्यक्रम एवं 8 सितम्बर को SIR पर आयोजित बैठक को भी स्थगित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस दुःख की घड़ी में कांग्रेस पार्टी शोकाकुल परिवार के साथ खड़ी है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें एवं शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दें। जिला ओलंपिक एसोसिएशन का सम्मान समारोह टला झारखंड के कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन से पश्चिमी सिंहभूम जिले में शोक की लहर है। इसके चलते पश्चिमी सिंहभूम जिला ओलंपिक एसोसिएशन ने खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक सम्मान समारोह को स्थगित कर दिया है। इसके साथ ही 7 सितंबर को पश्चिमी सिंहभूम के सभी प्रखंड मुख्यालयों में आयोजित होने वाला धरना-प्रदर्शन भी स्थगित रहेगा। आयोजकों के अनुसार इन सभी कार्यक्रमों की नई तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी।

नरेला में दिखा भाई-बहन के प्रेम का अनोखा संगम, 31 हजार से अधिक बहनों ने मंत्री सारंग को बांधी राखी

विविधता में एकता ही भारतीय संस्कृति की विशेषता- मंत्री सारंग नरेला रक्षाबंधन महोत्सव 2026: चौथे दिन 31 हज़ार 117 बहनों ने मंत्री सारंग को बांधे रक्षासूत्र विभिन्न धर्मों और समाजों की बहनों ने बांधी राखी; सामाजिक समरसता का दिया संदेश भोपाल  सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग को शनिवार को वार्ड क्रमांक 71 एवं 79 में आयोजित विश्व के सबसे बड़े नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन 31 हज़ार 117 बहनों ने राखी बांधकर अपना स्नेह और आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम में हिंदू, सिख और मुस्लिम सहित अन्य धर्मों और समाजों की बहनों ने राखी बाँधकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में GenZ बहनों ने भी महोत्सव में उत्साहपूर्वक भागीदारी की। मंत्री सारंग ने बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में स्नेह और रिश्तों की भावना किसी धर्म या समुदाय की सीमाओं में बंधी नहीं है। उन्होंने कहा कि बहनों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर रक्षाबंधन का पर्व मनाते हुए यह संदेश दिया कि स्नेह और विश्वास का यह बंधन समाज को जोड़ने वाली सबसे मजबूत कड़ी है। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता ही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता रही है। विविधता में एकता भारतीय संस्कृति की विशेषता मंत्री सारंग ने कहा कि विविधता में एकता ही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता रही है। नरेला रक्षाबंधन महोत्सव में विभिन्न धर्मों और समाजों की बहनों की एक साथ सहभागिता ने इसी महान भारतीय भावना को साकार किया। अलग-अलग आस्थाओं और सामाजिक पृष्ठभूमियों से आई बहनों ने एकजुट होकर रक्षासूत्र बांधा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। विभिन्न धर्मों और समाजों की बहनों ने की सहभागिता नरेला रक्षाबंधन महोत्सव-2026 के चौथे दिन विभिन्न धर्मों और समाजों की बहनों ने सहभागिता कर मंत्री सारंग को रक्षासूत्र बांधकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया। नरेला रक्षाबंधन महोत्सव केवल भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का उत्सव नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और आपसी विश्वास का महापर्व बन चुका है। विभिन्न धर्मों और समाजों की बहनों की सहभागिता ने इस आयोजन को और अधिक व्यापकता प्रदान कर रही है। बड़ी संख्या में GenZ बहनें हुई शामिल चौथ दिन वार्ड क्रमांक 71 एवं 79 में आयोजित नरेला रक्षाबंधन महोत्सव में बड़ी संख्या में GenZ बहनों की उत्साहपूर्वक भागीदारी ने महोत्सव की भव्यता को और बढ़ा दिया। GenZ बहनों ने पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ मंत्री सारंग को राखी बांधकर आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में युवा पीढ़ी का भारतीय परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ाव की झलक दिखाई दी। तीसरे दिन 29 हज़ार 179 बहनों ने बांधे रक्षासूत्र मंत्री सारंग को नरेला रक्षाबंधन महोत्सव-2026 के तीसरे दिन 29 हज़ार 179 बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर आशीर्वाद प्रदान किया। पिछले वर्ष 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने मंत्री सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। इस वर्ष भी बहनों के उत्साह और सहभागिता को देखते हुए पिछले वर्ष का रिकॉर्ड टूटने की संभावना है। 6 सितंबर को यहां होंगे कार्यक्रम दिनांक 6 सितंबर को वार्ड क्रमांक 36 (प्रातः 11:00 बजे), वार्ड क्रमांक 70 (दोप. 01:00 बजे) एवं वार्ड क्रमांक 37 (शाम 04:00 बजे) में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यहां भी हजारों की संख्या में बहनें रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल होंगी।  

नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब बस्तर में विकास और समृद्धि का नया अध्याय : मुख्यमंत्री

देश के अग्रणी राज्यों में होगी छत्तीसगढ़ की पहचान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब बस्तर में विकास और समृद्धि का नया अध्याय : मुख्यमंत्री बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी अंचल बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही सरकार सुरक्षा कैंप अब बन रहे ‘सेवा डेरा’, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं पहुंच रहीं अंतिम छोर तक सवा आठ लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों से छत्तीसगढ़ में खुल रहे औद्योगिक विकास और रोजगार के नए द्वार सुशासन, डिजिटल गवर्नेंस और AI के उपयोग से भविष्य के छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव हो रही तैयार मुख्यमंत्री साय ‘नक्सलमुक्त विकासयुक्त छत्तीसगढ़@2047’ कार्यक्रम में हुए शामिल रायपुर   नक्सलवाद की चुनौती से आगे बढ़कर छत्तीसगढ़ अब विकास, सुशासन, निवेश और नवाचार के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। विकसित भारत@2047 की यात्रा में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बनाएगा। राज्य की प्राकृतिक संपदा, युवा शक्ति और विकास की अपार संभावनाओं को जनकल्याण और आर्थिक समृद्धि में बदलने के लिए सरकार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित एक निजी होटल में समाचार चैनल लाइव टाइम्स द्वारा आयोजित ‘नक्सलमुक्त विकासयुक्त छत्तीसगढ़@2047’ कार्यक्रम ‘एलटी एक्सचेंज’ में अपने विचार व्यक्त करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक अभियान से लेकर बस्तर के विकास, किसान कल्याण, महिला सशक्तीकरण, आवास, निवेश, सुशासन, डिजिटल गवर्नेंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कभी देश और दुनिया में छत्तीसगढ़ की चर्चा नक्सलवाद की समस्या को लेकर अधिक होती थी, लेकिन आज यह तस्वीर तेजी से बदली है। नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता के साथ विकास की नई संभावनाओं ने छत्तीसगढ़ के प्रति धारणा में सकारात्मक बदलाव लाया है। जल संचय के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का पूरे देश में शीर्ष स्थान हासिल करना इसी बदलते छत्तीसगढ़ की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली निर्णायक सफलता मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वे अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत से नक्सलवाद की समस्या को देखते-सुनते आए हैं। उनका गृह संभाग सरगुजा भी कभी नक्सलवाद से प्रभावित था और वहां नक्सल हिंसा की अनेक घटनाएं हुईं। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में सरगुजा को नक्सलवाद से मुक्त कराने में सफलता मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में प्रदेश में सरकार बनने के बाद जनवरी 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद को लेकर महत्वपूर्ण बैठक ली थी। उस समय देश में शेष नक्सलवाद का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा छत्तीसगढ़ में केंद्रित था, जबकि शेष लगभग एक चौथाई हिस्सा पांच-छह अन्य राज्यों में था। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नई रणनीति और बेहतर समन्वय के साथ नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक अभियान शुरू किया गया। संयुक्त सुरक्षा प्रयासों को मजबूत किया गया और हमारे सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस तथा वीरता का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जो सफलता मिली है, उसके पीछे हमारे जवानों का साहस, समर्पण और बलिदान है, जिसे छत्तीसगढ़ हमेशा याद रखेगा। नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई के साथ विकास को भी बनाया रणनीति का अभिन्न हिस्सा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार की रणनीति शुरू से स्पष्ट थी कि नक्सलवाद का समाधान केवल सुरक्षा अभियानों से नहीं, बल्कि विकास और जनविश्वास से भी होगा। बस्तर की जनता लगभग चार दशकों तक नक्सलवाद के कारण विकास से वंचित रही। नक्सली नहीं चाहते थे कि अंदरूनी क्षेत्रों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और शासन की योजनाएं पहुंचें। इसी सोच के साथ सरकार ने ‘नियद नेल्लानार’ योजना शुरू की। सुरक्षा कैंप स्थापित होने के साथ ही उनके आसपास के गांवों में सड़क, राशन, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं और सुविधाओं को तेजी से पहुंचाया गया। दूरस्थ अंचलों में पहली बार अनेक लोगों के राशन कार्ड बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कई ग्रामीणों को राशन लेने के लिए आने-जाने में पांच दिन तक लग जाते थे। अब शासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंच रहा है। बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी अंचल बनाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बस्तर को देश के सबसे विकसित आदिवासी अंचलों में स्थापित करना है। बस्तर में संचार और कनेक्टिविटी के साधनों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। नक्सल हिंसा के कारण बंद हो चुके  स्कूलों को फिर से खोला गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की लौ दोबारा जल उठी है। उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर’ योजना के अंतर्गत बड़े पैमाने पर लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा गया है। ‘बस्तर मुन्ने’ अभियान के माध्यम से अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर लोगों को शासन की आवश्यक सुविधाओं और योजनाओं से जोड़ रहे हैं। बस्तर के विकास में कृषि, पशुपालन, वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था और पर्यटन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। वनोपज के वैल्यू एडिशन के माध्यम से स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सुरक्षा कैंपों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं और  होमस्टे के लिए ऋण एवं सब्सिडी की व्यवस्था की जा रही है। ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी, गीदम में मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दंतेवाड़ा में विकसित एजुकेशन हब की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित करने का प्रावधान इस वर्ष के बजट में किया गया है। गीदम में मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति दी गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का परिणाम है कि आज बस्तर में  गंभीर बीमारियों का भी इलाज संभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चों को उनकी मातृभाषा में बेहतर ढंग से शिक्षा से जोड़ने के लिए प्राथमिक स्तर पर गोंडी और हल्बी जैसी स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। सरकार बस्तर के विकास का मॉडल बाहर से थोपने के बजाय वहां के … Read more

राजस्थान हाईकोर्ट को मिला नया सीजे, जस्टिस संजय के. अग्रवाल की नियुक्ति पर राष्ट्रपति की मुहर

जयपुर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार रात एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) नियुक्त करने का वारंट जारी कर दिया है। राष्ट्रपति के वारंट के तुरंत बाद केंद्र सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय ने भी उनकी आधिकारिक नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति के साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट को करीब 11 महीने के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार अपना नियमित और स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। हाईकोर्ट प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे राजभवन में आयोजित होने वाले एक गरिमामय समारोह में जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश, केंद्र की मुहर राजस्थान हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश का पद काफी समय से कार्यवाहक व्यवस्था के तहत चल रहा था। इस प्रशासनिक शून्यता को खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इसी सप्ताह जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की औपचारिक सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी। केंद्र सरकार और राष्ट्रपति भवन से त्वरित मंजूरी मिलने के बाद शनिवार देर रात अधिसूचना जारी कर दी गई। कॉलेजियम की इस सिफारिश के तहत देशभर के कई अन्य हाईकोर्ट में भी नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्तियां की गई हैं, जिसमें राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है। नए सीजे जस्टिस संजय के. अग्रवाल का सफर 15 जुलाई 1965 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक नगर रतनपुर में जन्मे जस्टिस संजय के. अग्रवाल एक बेहद सम्मानित, जमीनी और समृद्ध न्यायिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तित्व हैं। उनके पिता श्री वीरेंद्र अग्रवाल और माता श्रीमती चमेली अग्रवाल हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा रतनपुर से पूरी करने के बाद गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर से विज्ञान स्नातक (B.Sc.) और कानून स्नातक (LL.B.) की डिग्रियां प्राप्त कीं। इसके बाद उन्होंने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से मास्टर ऑफ लॉज (LL.M.) की उच्च शिक्षा हासिल की। 3 जनवरी 1989 को एक अधिवक्ता के रूप में अपना करियर शुरू करने वाले जस्टिस अग्रवाल ने बिलासपुर जिला अदालत, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (जबलपुर) और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में लंबे समय तक सिविल, क्रिमिनल और संवैधानिक मामलों में वकालत की। वे छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के स्थायी वकील रहे और न्यायाधीश बनने से पहले छत्तीसगढ़ के महाधिवक्ता (Advocate General) के शीर्ष संवैधानिक पद को भी संभाल चुके हैं। न्यायिक करियर में शानदार अनुभव जस्टिस संजय के. अग्रवाल का न्यायिक सफर बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्हें सितंबर 2013 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था, जिसके बाद मार्च 2016 में वे स्थायी न्यायाधीश बने। हाल ही में उन्हें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश भी बनाया गया था। कानूनी मामलों की गहरी समझ, निष्पक्ष कार्यशैली और स्पष्ट निर्णयों के लिए पहचाने जाने वाले जस्टिस अग्रवाल के राजस्थान हाईकोर्ट का सीजे बनने से राज्य में लंबित मुकदमों के त्वरित निस्तारण और न्यायिक प्रशासन में नई गति आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। मुख्य न्यायाधीशों के तबादले और नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों के आधार पर देश के विभिन्न हाईकोर्ट में भी नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्तियां की गई हैं: जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी: जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट जस्टिस वी. कामेश्वर राव: पटना हाईकोर्ट जस्टिस रविंद्र वी. घुगे: कलकत्ता हाईकोर्ट जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी: बॉम्बे हाईकोर्ट जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट जस्टिस कृष्ण राम महापात्र: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट  

2027 में योगी के नेतृत्व में फिर यूपी फतह करेगी भाजपा: विनोद तावड़े

लखनऊ भाजपा, सीएम योगी आदित्यनाथ की कप्तानी में ही 2027 के रण में उतरेगी। पार्टी का यूपी प्रभारी बनाए जाने के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने बीजेपी की अंदरुनी सियासत को लेकर राजनीतिक गलियारों में लगाई जाने वाली तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया। शनिवार को उन्होंने कहा कि सीएम योगी की अगुआई में भाजपा एक बार फिर 2027 में यूपी फतेह करेगी। दो दिवसीय दौरे पर आए तावड़े ने सपा के पीडीए पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि सपा के पीडीए का मतलब पराया धन अपना है। इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी योगी के नेतृत्व में 2027 का विधानसभा चुनाव लड़े जाने की बात कह चुके हैं। अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। तैयारियों की थाह लेने और पार्टी की चुनावी रणनीति की दिशा तय करने के लिए शनिवार को विनोद तावड़े दो दिवसीय दौरे पर राजधानी पहुंचे हैं। तावड़े ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यूपी पर पूरा फोकस है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के दिशा-निर्देशन में एनडीए के कार्यकर्ता पूरी ताकत से चुनाव लड़ेंगे और यूपी में जीत हासिल करेंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह, प्रदेश महामंत्री संजय राय, मुख्यालय प्रभारी गोविन्द नारायण शुक्ला समेत वरिष्ठ नेताओं ने उनका एयरपोर्ट पर स्वागत किया। नारी सुरक्षा को मुद्दा बनाएगी भाजपा तावड़े ने पीडीए पर तंज कसते हुए जिस तरह से पराया धन अपना कहा और उसकी व्याख्या करते हुए रुपया-पैसा और जमीन-जायदाद के साथ स्त्रीधन का जिक्र किया, उससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि भाजपा सपा शासन काल में महिला सुरक्षा की स्थिति को बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है। तावड़े ने कहा कि सपा के पीडीए का मतलब पराया धन अपना है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा सपा सरकार के कार्यकाल में महिलाओं और बहू-बेटियों की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों को पार्टी आगामी चुनाव में फिर जनता के बीच ले जाएगी। छेड़छाड़, महिला उत्पीड़न और दुष्कर्म जैसी घटनाओं को लेकर भाजपा पहले भी सपा सरकार पर हमलावर रही है। कोर कमेटी की बैठक यूपी दौरे के दूसरे दिन भाजपा कोर कमेटी की बैठक होगी। रविवार को मुख्यमंत्री के साथ तावड़े की मुलाकात होगी। इसमें चुनाव की रणनीति और व्यापक बातचीत करके अहम फैसले लिए जाएंगे। इसके अलावा रविवार को क्षेत्रीय प्रभारियों, क्षेत्रीय अध्यक्षों और क्षेत्रीय महामंत्रियों के साथ भी बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में क्षेत्रवार राजनीतिक स्थितियों का जायजा लेकर उनके मुताबिक चुनावी रणनीति पर बातचीत होगी। केशव और ब्रजेश पाठक से मिले तावड़े यूपी भाजपा के नए प्रभारी विनोद तावड़े ने शनिवार देर शाम दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के सरकारी आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की।सूत्रों के मुताबिक दोनों उप मुख्यमंत्रियों से प्रदेश सरकार के कामकाज और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की पर चर्चा हुई। आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संगठन की भावी रणनीति को लेकर भी बातचीत हुई है।विनोद तावड़े और सह प्रभारी जगदीप भाई पटेल का बेहद सादगी से उनका स्वागत हुआ।