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RBI MPC: रेपो रेट स्थिर, GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया, जानें क्या हैं बड़े फैसले

 नई दिल्‍ली  भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. 5.25 फीसदी पर रेपो रेट को अनचेंज रखा है, जिसका मतलब है कि आपके लोन की ईएमआई पर कोई असर नहीं होगा. रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने कहा कि मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक में रेपो रेट को नहीं बदलने का फैसला किया है.  एमपीसी बैठक के फैसले पर अपडेट देते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि जहां ग्‍लोबल लेवल पर अनिश्चितता फैली हुई है, वहीं भारत में महंगाई पूरी तरह से कंट्रोल है. महंगाई दर आरबीआई के सीमा से नीचे बना हुआ है.  महंगाई दर 4 फीसदी के आसपास बना हुआ है, जिसका मतलब है कि हमारी इंडस्‍ट्री और देश पर महंगाई का ज्‍यादा भार नहीं है.  जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने कहा कि अगले दो दिनों में भारत को जीडीपी और महंगाई दोनों के लिए एक नया बेस ईयर मिलने वाला है. उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था लचीली बनी हुई है और घरेलू महंगाई और विकास के महंगाई सकारात्मक हैं. केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने ग्रोथ अनुमान को 7.3 प्रतिशत से संशोधित करके 7.4 प्रतिशत कर दिया है. उन्होंने कहा कि बजट 2026 में घोषित कई उपाय विकास के लिए अनुकूल होंगे, साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि सेवाओं के निर्यात में मजबूती बनी रहेगी.  भारत-अमेरिका डील से निर्यात को मजबूती उन्होंने कहा कि बजट 2026 में घोषित कई उपाय विकास के लिए अनुकूल होंगे और सेवाओं के निर्यात में मजबूती बनी रहेगी. इसके अलावा, उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता और संभावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता  का भी जिक्र किया और कहा कि इन डील्‍स से भारत के निर्यात को मजबूती मिलेगी.  रेपो रेट में बदलाव नहीं होने के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखी गई. सेंसेक्‍स 340 अंक टूटकर 83000 के नीचे आ गया, जबकि निफ्टी 150 अंक गिरकर 25500 के नीचे कारोबार कर रही थी. बैंक निफ्टी में भी करीब 300 अंकों की गिरावट देखने को मिली. आज ऑटो, बैंकिंग और रियल एस्टेट शेयरों में गिरावट देखी गई. बीएसई ऑटो इंडेक्स 542 अंक गिरकर 60,803 पर आ गया, जबकि बीएसई बैंकएक्स 158 अंक गिरकर 67,378 पर पहुंच गया. इसी दिन बीएसई रियल्टी इंडेक्स भी 49 अंक गिरकर 6,343 पर आ गया. 

UPI ट्रांजेक्शन में बदलाव, फरवरी से लागू होंगे नए नियम; जानें इसके प्रभाव

नई दिल्ली भारत में डिजिटल पेमेंट अब हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. सब्जी खरीदने से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग, बिजली का बिल भरने और दोस्तों को पैसे भेजने तक, हर जगह यूपीआई (UPI) का यूज हो रहा है. ऐसे में अगर यूपीआई के नियमों में कोई बदलाव होता है, तो उसका असर करोड़ों लोगों पर पड़ता है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और NPCI ने फरवरी 2026 से यूपीआई के नए नियम लागू करने का फैसला किया है. इन नए नियमों का मकसद लेनदेन को और तेज बनाना, धोखाधड़ी से सुरक्षा बढ़ाना, यूजर्स को अपने पैसों और भुगतान पर ज्यादा नियंत्रण देना है. अगर आप Google Pay, PhonePe, Paytm या किसी भी UPI ऐप का यूज करते हैं, तो आइए आज हम आपको UPI के कौन से नए नियम फरवरी से लागू हो रहे हैं.  अब UPI पेमेंट होगा और भी तेज नए नियमों के तहत UPI लेनदेन और API रिस्पॉन्स को 10 सेकंड के भीतर पूरा करना जरूर होगा. पहले यह समय सीमा 30 सेकंड थी, जिसकी वजह से कई बार पेमेंट अटक जाता था या देर से पूरा होता था. अब फायदा यह होगा कि पेमेंट जल्दी पूरा होगा, Pending या Processing में फंसे ट्रांजैक्शन कम होंगे, भीड़-भाड़ वाले समय (जैसे सेल या महीने के आखिर में) भी सिस्टम बेहतर काम करेगा. इससे ग्राहकों के साथ-साथ दुकानदारों को भी राहत मिलेगी.  API क्या होता है API यानी एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस, इसे आप दो एप्स या सिस्टम के बीच बात करने का जरिया समझ सकते हैं. जब आप UPI से भुगतान करते हैं तो आपका UPI ऐप आपके बैंक से पूछता है क्या खाते में पैसे हैं फिर वह सामने वाले के बैंक से कहता है पैसे स्वीकार करो. यह पूरी बातचीत API के जरिए होती है. अब API तेज होगी, तो पूरा भुगतान भी जल्दी और स्मूथ होगा.  सुरक्षा पर खास जोर और यूजर्स को मिलेगा ज्यादा कंट्रोल 2026 के नए UPI नियमों में सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी, खासकर बड़े अमाउंट वाले लेनदेन के लिए. इसमें मुख्य बदलाव भुगतान से पहले स्पष्ट कन्फर्मेशन मैसेज, ऑटो पेमेंट और सब्सक्रिप्शन के लिए बेहतर सुरक्षा, यूजर्स आसानी से अपनी सब्सक्रिप्शन को देख, मैनेज और कैंसल कर पाएंगे. इससे गलत कटौती और धोखाधड़ी की संभावना कम होगी.  लंबे समय से यूज न हुई UPI ID पर रोक लग सकती है अगर आपकी कोई UPI ID लंबे समय से यूज नहीं हुई है, तो उसे अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है. इसे डॉरमेंट UPI ID कहा जाएगा. इसे दोबारा चालू करने के लिए यूजर को री-वेरिफिकेशन करना होगा. इस नियम का उद्देश्य है पुराने और भूले हुए अकाउंट्स का गलत यूज रोकना है. अब अगर कोई UPI पेमेंट फेल हो जाता है या अटक जाता है, तो बैंक और ऐप्स को कुछ घंटों के भीतर समस्या सुलझानी होगी, यूजर को साफ-साफ बताया जाएगा कि पैसा कटा या नहीं, कहां अटका, कब वापस मिलेगा, इससे यूजर्स की परेशानी और भ्रम दोनों कम होंगे.  UPI का रिकॉर्ड प्रदर्शन सरकार ने संसद में बताया कि चालू वित्त वर्ष में दिसंबर तक UPI के जरिए 230 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ. यह आंकड़ा 2022-23 के 139 लाख करोड़ रुपये से कहीं ज्यादा है. इससे साफ है कि UPI पर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है. UPI अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. वर्तमान में यह 8 देशों में यूज हो रहा है. जिसमें भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, कतर, सिंगापुर, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात शामिल है. सरकार और NPCI मिलकर विदेशों में व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) और व्यक्ति से व्यापारी (P2M) भुगतान को आसान बना रहे हैं. IMF की रिपोर्ट (जून 2025) के अनुसार, UPI दुनिया की सबसे बड़ी रियल-टाइम रिटेल पेमेंट सिस्टम है. ACI Worldwide रिपोर्ट 2024 के मुताबिक, दुनिया के कुल रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट्स में करीब 49 प्रतिशत  हिस्सा UPI का है. 

बंगाल SIR का महत्वपूर्ण दिन, 7 फरवरी को डेडलाइन खत्म, 15 लाख वोटर्स की सुनवाई पूरी

कोलकाता  पश्चिम बंगाल में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर दावों और आपत्तियों की सुनवाई पूरी करने की डेडलाइन खत्म होने में सिर्फ तीन दिन बाकी हैं। शेड्यूल के अनुसार इन तीन दिनों में लगभग 15 लाख वोटरों की सुनवाई पूरी करनी होगी। सुनवाई की डेडलाइन 7 फरवरी है और फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी को प्रकाशित होने वाली है। रोजाना की सुनवाई के ट्रेंड को देखते हुए भारतीय चुनाव आयोग को भरोसा है कि डेडलाइन पूरी की जा सकेगी। पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी के ऑफिस के एक सूत्र ने कहा, "अभी 6,500 सुनवाई केंद्र चल रहे हैं, जहां यह प्रक्रिया चल रही है। इसका मतलब है कि अगले तीन दिनों में हर केंद्र को रोजाना सुनवाई पूरी करनी होगी। यह बिल्कुल भी मुश्किल काम नहीं है।" इसका मतलब यह भी है कि 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच में एसआईआर पर अगली सुनवाई से पहले यह काम पूरा हो जाएगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी उम्मीद है कि वह तीन जजों की बेंच के सामने इस मामले पर अपना पक्ष रखेंगी, जैसा उन्होंने बुधवार को किया था। पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया की सुनवाई पिछले साल 27 दिसंबर को शुरू हुई थी। शुरुआती दौर में यह प्रक्रिया धीमी थी। लेकिन, बाद में हर सुनवाई केंद्र पर अधिकारियों की संख्या बढ़ने और नए सुनवाई केंद्रों की स्थापना के कारण यह तेज हो गई। 14 फरवरी को अंतिम वोटर लिस्ट जारी होने के बाद ईसीआई की पूरी बेंच स्थिति का जायजा लेने के लिए पश्चिम बंगाल आएगी। इसके तुरंत बाद आयोग महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा। मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय ने पहले ही ईसीआई को सुझाव दिया था कि राज्य में पिछले चुनावों की तरह सात-आठ चरणों की बजाय चुनाव प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाए। उम्मीद है कि चुनाव अप्रैल के अंत तक संपन्न हो जाएंगे और मई के पहले सप्ताह तक नई राज्य कैबिनेट का गठन हो जाएगा।

विश्व बैंक की रिपोर्ट: भारत की अर्थव्यवस्था महायुद्ध में ‘ग्लोबल स्टार’, पाकिस्तान है कंगाल

नई दिल्ली एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड महामारी के बाद भारत और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्थाओं ने बिल्कुल अलग दिशा पकड़ी है। जहां पाकिस्तान कई वर्षों से आर्थिक संकट में फंसा हुआ है, वहीं भारत तेजी से बढ़ते हुए विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। रिपोर्ट के अनुसार 2022 में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में 6% की बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन यह वृद्धि लंबे समय तक टिक नहीं पाई। 2023 में पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगभग ठहर सी गई और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने केवल 0.5% विकास का अनुमान लगाया। इसके विपरीत भारत की अर्थव्यवस्था 2023 में 6% से अधिक बढ़ी और इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था की “उजली किरण” माना गया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान की समस्याओं को उसके ही देश के अंदरूनी स्तर पर भी स्वीकार किया जा रहा है। इस्लामाबाद में हुए एक बिजनेस कार्यक्रम में विशेष निवेश सुविधा परिषद (SIFC) के राष्ट्रीय समन्वयक लेफ्टिनेंट-जनरल सरफराज अहमद ने कहा था कि पाकिस्तान के पास “कोई विकास योजना नहीं है” और देश की वित्तीय स्थिति बुरी तरह बिगड़ी हुई है। पाकिस्तान की सबसे बड़ी समस्या महंगाई रही है। 2022 से 2023 के बीच महंगाई दर 37.97% तक पहुंच गई, जो पिछले 30 वर्षों में सबसे ज्यादा मानी जा रही है। इससे आम लोगों की जिंदगी मुश्किल हो गई और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें बढ़ गईं। विश्व बैंक के अनुसार महंगाई के कारण लगभग 13 मिलियन पाकिस्तानियों को गरीबी में गिरना पड़ा।  2023-24 तक गरीबी दर बढ़कर 25.3% हो गई, यानी लगभग हर चार में से एक व्यक्ति गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहा है। यदि अंतरराष्ट्रीय गरीबी मानक (दैनिक 4 डॉलर से कम) लागू किया जाए तो पाकिस्तान की लगभग 45% आबादी गरीब मानी जा सकती है।भारत में भी इस अवधि में महंगाई रही, लेकिन यह पाकिस्तान की तुलना में काफी कम थी। भारत में 2023 में मुद्रास्फीति 5-6% के आसपास थी और 2024 में यह और कम हुई। 2023 के अंत में भारत में खुदरा महंगाई 5% से नीचे आ गई, खासकर खाद्य कीमतों के नियंत्रण के कारण। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक औसत पाकिस्तानी उपभोक्ता को भारत के मुकाबले लगभग पांच गुना अधिक महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। गरीबी के मामले में भी भारत ने बड़ी प्रगति की है। विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार भारत में दैनिक 4 डॉलर से कम पर जीने वाले लोगों की संख्या 2023 तक 16% से घटकर 2.3% रह गई है।

डोनाल्‍ड ट्रंप ने समझा भारत की अहमियत, जयशंकर ने की पूरी बात, दोनों हाथ में लड्डू

नई दिल्ली  क्रिटिकल या रेयर अर्थ मिनरल्‍स एक स्‍ट्रैटजिक मैटेरियल है. ग्रीन एनर्जी से लेकर इलेक्ट्रिक व्‍हीकल और फाइटर जेट से लेकर स्‍मार्टफो तक में इसका उपयोग होता है. इसके बिना इन सभी का उत्‍पादन संभव नहीं है. पिछले साल अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के टैरिफ वॉर के जवाब में चीन ने रेयर अर्थ मिनरल्‍स के निर्यात पर नकेल कस दी थी. बीजिंग के इस कदम से भारत से लेकर यूरोप और अमेरिका तक की ऑटो इंडस्‍ट्री से लेकर अन्‍य उद्योग धंधों पर बुरा असर पड़ा था. बता दें कि चीन ग्‍लोबल लेवल पर 90 फीसद से भी ज्‍यादा क्रिटिकल मिनरल्‍स का निर्यात करता है. इस सेक्‍टर में पड़ोसी देश का एकाधिकार है. अब अमेरिका ने चीन के इस वर्चस्‍व को तोड़ने की दिशा में मजबूत और सार्थक पहल की है. विदेश मंत्री मार्को रुबियो के आह्वान पर वॉशिंगटन में 55 देशों के विदेश मंत्री जुटे. रेयल अर्थ मिनरल्‍स की सप्‍लाई को बाधाओं से दूर रखने के लिए 50 देशों का ब्‍लॉक बनाने का प्रस्‍ताव रखा गया है. इसमें भारत की भूमिका अहम होने वाली है. भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस बैठक में शिरकत की. रेयर अर्थ मिनरल्‍स पर ग्‍लोबल पहल भारत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. भारत में क्रिटिकल मिनरल्‍स का भंडार है. इस ब्‍लॉक में शामिल होने से घरेलू स्‍तर पर रेयर अर्थ मिनरल्‍स की माइनिंग से लेकर उसकी प्रोसेसिंग तक में टेक्‍नोलॉजिकल सहयोग मिलेगा. दूसरी तरफ, चीन पर निर्भरता भी कम होगी, जिससे डोमेस्टिक इंडस्‍ट्री को महत्‍वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा. इससे भविष्‍य में भारत को रणनीतिक बढ़त भी हासिल होगी. बता दें कि वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार के बजट में रेयर अर्थ मिनरल्‍स कॉरिडोर बनाने का उल्‍लेख किया है. दरअसल, भारत ने अमेरिका में आयोजित पहले क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल के दौरान नई पहल फोरम ऑन रिसोर्स जियोस्ट्रैटेजिक एंगेजमेंट (FORGE) को समर्थन देने की घोषणा की है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि यह मंच वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण खनिजों की सप्‍लाई चेन को सुरक्षित, विविध और भरोसेमंद बनाने की दिशा में अहम कदम है. जयशंकर तीन दिवसीय दौरे पर वाशिंगटन पहुंचे हैं, जहां उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो द्वारा आयोजित इस मंत्रीस्तरीय बैठक में हिस्सा लिया. इस सम्मेलन में 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. जयशंकर ने इसे परिणाम देने वाला बताया. उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा कि भारत नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन, रेयर अर्थ कॉरिडोर्स और जिम्मेदार व्यापार जैसी पहलों के जरिए सप्‍लाई चेन को मजबूत करने पर काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि FORGE इनिशिएटिव अमेरिका-नेतृत्व वाले मिनरल सिक्योरिटी पार्टनरशिप की उत्तराधिकारी है और इसका उद्देश्य दुर्लभ खनिजों के प्रोडक्‍शन और प्रोसेसिंग में विविधता लाना है. ग्‍लोबल कॉन्‍फ्रेंस का क्‍या है लक्ष्‍य? वॉशिंगटन सम्मेलन का मुख्य लक्ष्य लिथियम, कोबाल्ट और निकल जैसे रेयर अर्थ मिनरल्‍स की आपूर्ति में चीन पर निर्भरता कम करना है. यूरोपीय संघ सहित कई देशों की भागीदारी को वैश्विक आपूर्ति कूटनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है. दौरे के दौरान जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो और ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट से द्विपक्षीय बैठकें भी कीं. इन बैठकों में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, परमाणु सहयोग और तकनीक जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. दोनों पक्षों ने क्वाड के माध्यम से सहयोग बढ़ाने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई. जयशंकर ने कहा कि यह दौरा भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में उपयोगी साबित हुआ है. अमेरिका ने चीन के प्रभुत्व वाले महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) सप्‍लाई नेटवर्क को चुनौती देने के लिए सहयोगी देशों के साथ एक विशेष व्यापार ब्लॉक बनाने का प्रस्ताव रखा है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बुधवार 4 फरवरी 2026 को वाशिंगटन में आयोजित मंत्रिस्तरीय बैठक में इस पहल की घोषणा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहन, डिफेंस सिस्‍टम समेत अन्‍य निर्माण के लिए आवश्यक खनिजों की आपूर्ति को सुरक्षित और स्थिर बनाना है. भारत सहित 55 देशों की भागीदारी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि इस बैठक में भारत, जापान, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य सहित कुल 55 देशों ने हिस्सा लिया. इन देशों के पास माइनिंग या प्रोसेसिंग (रिफाइनिंग) से जुड़ी क्षमताएं हैं और वे ग्‍लोबल सप्‍लाई चेन में विविधता लाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. रुबियो ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों का उत्पादन कुछ ही देशों में अत्यधिक केंद्रित है और यह स्थिति अब भू-राजनीतिक दबाव का साधन बन चुकी है. उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका अब इस क्षेत्र में सहयोगी देशों के साथ मिलकर रणनीतिक समाधान अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. बैठक के दौरान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर ने मैक्सिको के साथ द्विपक्षीय योजना और यूरोपीय संघ व जापान के साथ त्रिपक्षीय समझौते की घोषणा की, ताकि सप्‍लाई चेन को मजबूत किया जा सके. इसके अलावा अमेरिका, यूरोपीय संघ और जापान ने जी-7 और मिनरल्स सिक्योरिटी पार्टनरशिप जैसे मंचों पर भी सहयोग बढ़ाने का संकेत दिया.

पाक सेना का दावा: बलूचिस्तान ऑपरेशन में 216 आतंकवादी ढेर, कई जानें गईं

पेशावर  पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में हुए आतंकी हमलों के जवाब में कई दिनों तक चले अभियान में कम से कम 216 आतंकवादी, 36 नागरिक और 22 जवान मारे गए हैं। सेना ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पाकिस्तान सेना की मीडिया शाखा 'इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस' (आईएसपीआर) ने एक बयान में कहा कि उसने 26 जनवरी को शुरू किया गया अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि विश्वसनीय और खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकवादियों की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद पंजगुर और हरनाई जिले के बाहरी इलाकों में अभियान शुरू किए गए। इसने बताया कि कई दिन चले अभियान में 216 आतंकवादियों को मार गिराया गया।  आईएसपीआर ने बताया कि अभियान के दौरान महिलाओं और बच्चों सहित 36 आम नागरिक तथा सुरक्षा बलों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के 22 कर्मी मारे गए। भारत ने बलूचिस्तान में शांति भंग करने की कोशिशों में उसकी संलिप्तता के पाकिस्तान के आरोपों को लगातार सिरे से खारिज किया है और कहा है कि यह इस्लामाबाद की अपनी ''आंतरिक विफलताओं'' से ध्यान भटकाने की रणनीति का हिस्सा है।

107 लोगों की मौत का मामला: SIR के खिलाफ बंगाल विधानसभा में प्रस्ताव मंजूर

कोलकाता पश्चिम बंगाल विधानसभा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किया गया है। इसमें दावा किया गया है कि राज्य में विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर फैली घबराहट और चिंता के कारण 107 लोगों की जान चली गई है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए SIR की प्रक्रिया चल रही है। सत्ताधारी दल TMC का आरोप है कि इस प्रक्रिया ने आम जनता के बीच भारी डर पैदा कर दिया है। लोगों को लग रहा है कि यह NRC का ही एक दूसरा रूप है, जिसके माध्यम से उनके नाम मतदाता सूची से काट दिए जाएंगे और उनकी नागरिकता पर सवाल खड़े होंगे। नियम 169 के तहत प्रस्ताव पेश करते हुए राज्य के संसदीय कार्य मंत्री शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया से मतदाताओं को परेशान किया गया और मानसिक तनाव के कारण 107 लोगों की मौत हो गई। निर्वाचन आयोग की आलोचना करते हुए उन्होंने दावा किया कि राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग 'परेशान करने का आयोग बन गया है। विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने इस प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मामला अभी उच्चतम न्यायालय में लंबित है, इसलिए विधानसभा इस पर विचार-विमर्श नहीं कर सकती। इस मुद्दे को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है: ममता बनर्जी का पक्ष: हाल ही में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य में हर दिन 3-4 लोग इस 'SIR के डर' के कारण अपनी जान दे रहे हैं। उन्होंने इसे पिछले दरवाजे से NRC लाने की कोशिश करार दिया है। BJP का पलटवार: विपक्षी दल बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि टीएमसी सरकार लोगों के बीच जानबूझकर अफवाहें और डर फैला रही है ताकि चुनावी लाभ लिया जा सके। उन्होंने इन मौतों को निजी त्रासदियों का राजनीतिकरण बताया है। सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद इस मामले में चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें SIR प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए हैं। इससे एक दिन पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उच्चतम न्यायालय से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की जारी कवायद में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया ताकि 'लोकतंत्र की रक्षा की जा सके।' उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य को निशाना बनाया जा रहा है और इसके लोगों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। ममता बनर्जी बुधवार को उच्चतम न्यायालय में बहस करने वाली पहली मौजूदा मुख्यमंत्री बन गईं। SIR क्या है और डर क्यों है? SIR चुनाव आयोग की एक नियमित प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है। हालांकि, बंगाल में विपक्ष और सरकार के बीच चल रहे टकराव के कारण यह एक संवेदनशील मुद्दा बन गया है। लोगों में डर है कि अगर उनके पास 1971 या पुराने दस्तावेज नहीं हुए, तो उन्हें अवैध घुसपैठिया घोषित कर दिया जाएगा, जैसा कि असम में NRC के दौरान देखने को मिला था। हालांकि चुनाव आयोग के अपने तर्क हैं।

PM मोदी के भाषण में अचानक आया मास्टर सदानंद का नाम, विपक्ष पर साधा गया निशाना

 नई दिल्ली राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक हिंसा का जिक्र किया और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को अपमानित करने का भी आरोप लगाया। पीएम मोदी ने इसी बहाने कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कल लोकसभा में राष्ट्रपति के संबोधन पर चर्चा नहीं हो सकी। यह संविधान का अपमान है, आदिवासी परिवार से आई महिला राष्ट्रपति का अपमान है। पीएम ने कहा कि देश के शीर्ष पद पर बैठे शख्स का अपमान करने वाले विपक्ष को संविधान शब्द बोलने का अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कल लोकसभा में बड़ी दर्दनाक घटना घटी। सदन में इस तरह का माहौल बना दिया गया कि मंगलवार को आसन पर कागज फेंके गए, तब आसन पर असम के ही एक सदस्य थे। पीएम ने पूछा कि क्या यह असम का अपमान नहीं है? पीएम ने कहा कि कल बुधवार को भी आसन पर कागज फेंके गए, तब आंध्र प्रदेश के एक दलित सदस्य पीठासीन थे। शातिर दिमाग युवराज ने गद्दार कहा पीएम ने आरोप लगाया कि जब भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिया गया, तब भी कांग्रेस ने उसका विरोध किया। उन्होंने कहा, "ये असम का विरोध है, पूरे देश के कला प्रेमियों का विरोध है। असम इसे भूलने वाला नहीं है। इसी सदन के एक माननीय सांसद को कांग्रेस के शातिर दिमाग युवराज ने गद्दार कह दिया। अहंकार कितना सातवें आसमान पर पहुंच गया है इनका। कांग्रेस छोड़कर कितने ही लोग निकले हैं, किसी और को नहीं कहा लेकिन ये सिख थे, इसलिए इन्हें गद्दार कहा, ये सिखों का, गुरुओं का अपमान है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि सिखों के प्रति उनके मन में जो नफरत भरी पड़ी है, इसी के कारण कल ऐसा कहा गया। उन्होंने कहा कि वह भी ऐसे व्यक्ति को गद्दार कहा गया, जिनका परिवार देश के लिए शहादत देने वाला परिवार रहा है। पीएम ने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है। सिखों के प्रति कांग्रेस के मन में क्या भाव है। मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं प्रधानमंत्री ने इसी दौरान एक दूसरे दर्द का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "एक तरफ ये दर्द, दूसरी तरफ सदानंद मास्टर का दर्द है। राजनीतिक द्वेष के कारण भरी जवानी में उनके दोनों पैर काट दिए गए। कटे पैर से जिंदगी गुजार रहे, लेकिन संस्कार इतने ऊंचे हैं कि वाणी में जरा भी कटुता नहीं। उन्होंने जब अपने लिंब को टेबल पर रखा, वह दृष्य़ पीड़ादायक था। हम ऐसे लोगों से ही राजनीति में जीने-मरने की प्रेरणा पाते हैं।" प्रधानमंत्री ने इसके बाद कांग्रेस को मोहब्बूत की तथाकथित दुकान पर भी तंज कसा और कहा कि मोहब्बत की बात करने वाले लोग मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं। कौन हैं मास्टर सदानंद, कैसे कटे दोनों पैर? सी. सदानंदन मास्टर (C. Sadanandan Master) केरल के एक प्रमुख शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनेता हैं, जिन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जुलाई 2025 में राज्यसभा के लिए मनोनीत किया था। वह भारतीय जनता पार्टी की केरल इकाई के उपाध्यक्ष हैं और लंबे समय तक RSS से जुड़े रहे हैं। 25 जनवरी 1994 को, जब वे मात्र 30 वर्ष के थे,तब केरल के कन्नूर जिले में उन पर एक जानलेवा हमला हुआ था। कथित तौर पर कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) के कार्यकर्ताओं ने उनके दोनों पैर काट दिए थे। यह हमला उनकी विचारधारा बदलने (वामपंथ से संघ की ओर) की सजा के तौर पर किया गया था। कृत्रिम पैरों के सहारे खड़े हुए इस भयानक त्रासदी के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। वे कृत्रिम पैरों के सहारे खड़े हुए और 25 वर्षों तक त्रिशूर के एक स्कूल में सामाजिक विज्ञान के शिक्षक के रूप में सेवा दी। वे नेशनल टीचर्स यूनियन के उपाध्यक्ष भी रहे हैं। दो दिन पहले ही राज्यसभा में अपने भाषण के दौरान उन्होंने अपनी नकली टांगें टेबल पर रखकर राजनीतिक हिंसा का मुद्दा उठाया, जिसकी देश भर में चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें "साहस का प्रतीक" बताया है। उन्हें भाजपा और संघ के हलकों में एक "जीवित शहीद" के रूप में देखा जाता है। मास्टर सदानंद ने राज्यसभा में बताई थी आपबीती राज्यसभा में सोमवार को अपने संबोधन में सदानंद मास्टर ने बताया कि किस तरह विचारधारा अलग होने के कारण केरल में भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओं को अमानवीय यातनाएं सहनी पड़ी हैं। वर्षों से कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमले किए गए, कई लोगों की हत्या हुई और कई को स्थायी शारीरिक नुकसान झेलना पड़ा। उन्होंने अपने भाषण में उन दृश्यों का उल्लेख किया, जिन्हें देखकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी का पैर काट देना या केवल वैचारिक असहमति के कारण किसी की जान ले लेना किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। उन्होंने इस हिंसा को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि इसके बावजूद भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओं ने धैर्य, साहस और लोकतंत्र में विश्वास बनाए रखा।

मेघालय कोयला खदान हादसा: विस्फोट में 16 मजदूरों की मौत

मेघालय मेघालय में कोयला खदान में विस्फोट से 16 लोगों की मौत; PM ने किया दो-दो लाख रुपये के मुआवजे का एलान मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक अवैध कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट में 16 लोगों की मौत हो गई। वहीं, एक व्यक्ति के घायल होने की भी खबर है। यह कोयला खदान जिले के मिसिंगेट-थांग्स्को इलाके में है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवाजा देने की घोषणा की है।   पुलिस ने क्या कहा? पूर्वी जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि दूरदराज के इलाके में स्थित इस खदान से चार शव बरामद किए गए हैं और एक झुलसे हुए व्यक्ति को उपचार के लिए शिलांग भेजा गया है।  घटना को लेकर अधिकारियों ने क्या बताया?  अधिकारियों ने कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और दमकल व आपात सेवाओं की टीमें मौके पर भेजी गईं।      उन्होंने कहा कि मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।     घटनास्थल से मिली जानकारी के अनुसार, जिस पहाड़ी में अवैध खनन हो रहा था, विस्फोट के बाद उसका एक हिस्सा धंस गया, जिससे और खनिकों के फंसे होने की आशंका है। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। दिसंबर 2025 में भी हुआ था ऐसा ही विस्फोट यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब जिले में अवैध कोयला खनन को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। इसी थांग्स्को इलाके में पिछले साल 23 दिसंबर को भी ऐसा ही डायनामाइट विस्फोट हुआ था। उस विस्फोट में दो खनिकों की मौत हो गई थी।  तब पुलिस शुरू में विस्फोट की खबरों को बेबुनियाद बताया था। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद मेघालय हाईकोर्ट ने राज्य में अवध कोयला खनन और उसके परिवहन की जांच के लिए गठित एक सदस्यीय समिति (सेवानिवृत्त जज बीपी काटेकी समिति) ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। मेघायल के मानवाधिकार आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया था और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी।  इससे पहले 14 जनवरी को असम के होजाई जिले में भी अवैध कोयला खदान में हादसा हुआ था। उसमें जिले के जमुना मौदंगा निवासी मौसाद अली (48 वर्षीय) की मृतक के रूप में पहचान हुई थी, जो उम्थे गांव के निवासी थे। पुलिस ने उस घटना की पुष्टि की थी। वह मामला भी जस्टिस काटेकी समिति की जांच के दायरे में आया था।  प्रधानमंत्री मोदी ने घटना पर क्या कहा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोयला खदान में विस्फोट की घटना पर दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने पीएम मोदी के हवाले से कहा, मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स में हुई दुर्घटना से व्यथित हूं। अपनो को खोने वालों के प्रति गहरी संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। पीएम मोदी ने घोषमा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।  एनडीआरएफ की तीन टीमें मौके पर भेजी गईं: अधिकारी अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध अवैध कोयला खदान में हुए विस्फोट में 16 लोगों की मौत हो गई और कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। बचाव अभियान चलाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की तीन टीमें भेजी गई हैं।  

गद्दार बयान पर बवाल: सिख पहचान को लेकर राहुल गांधी पर मोदी का पलटवार

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को गद्दार कहा, क्योंकि वह सिख हैं। उन्होंने कहा कि यह सिखों का अपमान है। राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कल जो हुआ, कांग्रेस के ‘युवराज’ जिनका शातिर दिमाग है, उन्होंने इस सदन के एक सांसद को ‘गद्दार’ कहा। प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका अहंकार चरम पर है। उन्होंने कांग्रेस छोड़ने वाले किसी और को गद्दार नहीं कहा। लेकिन उन्होंने उस सांसद को गद्दार इसलिए कहा क्योंकि वे एक सिख हैं। यह सिखों का अपमान था, गुरुओं का अपमान था। यह सिखों के प्रति उस नफरत का इजहार था जो कांग्रेस में भरी हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि रवनीत बिट्टू उस परिवार के सदस्य हैं, जिसने देश के लिए खुद को कुर्बान कर दिया। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे लोग कांग्रेस को डुबो देंगे। क्या हुआ था राहुल गांधी-बिट्टू के बीच गौरतलब है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच बुधवार को नोक-झोंक देखने को मिली जब संसद परिसर में कांग्रेस नेता ने उन्हें ‘गद्दार’ कहा। इसके जवाब में बिट्टू ने ‘देश का दुश्मन’ कहा। यह घटना संसद के मकर द्वार के निकट उस वक्त हुई, जब संसद के बजट सत्र की शेष अवधि से निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसद प्रदर्शन कर रहे थे। कांग्रेस के सांसद रह चुके बिट्टू संसद भवन में प्रवेश कर रहे थे और यह टिप्पणी करते हुए सुने गए कि ये (प्रदर्शन कर रहे सांसद) जंग जीतकर आए हैं। इस पर, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देखिए यहां एक गद्दार चला आ रहा है…मेरे गद्दार मित्र, चिंता मत करो, वापस आओगे। सोनिया गांधी का ‘बिगड़ा हुआ बेटा’ बिट्टू ने बाद में राहुल गांधी को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का ‘बिगड़ा हुआ बेटा’ करार दिया। भाजपा नेता ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने यह बात कई अन्य सांसदों से क्यों नहीं कही, बल्कि केवल एक सिख से ही क्यों कही? बिट्टू ने एक वीडियो संदेश में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि गांधी परिवार खुद को सबसे बड़ा ‘देशभक्त’ मानते हैं क्योंकि उनके पिता (राजीव गांधी) ने अपना जीवन कुर्बान किया था। मैंने पार्टी में यह लड़ाई लड़ी कि मेरे दादा, बेअंत सिंह गांधी परिवार द्वारा लगाई गई आग के कारण पंजाब में शहीद हुए। सिखों के खून से रंगे हैं हाथ सांसद ने आगे दावा किया कि कांग्रेस देश के खिलाफ है और उनके हाथ सिखों के खून से रंगे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरदार और पगड़ी देखकर कांग्रेस नेता ने इस तरह का व्यवहार किया। बिट्टू ने कहा कि यह सरदार गांधी परिवार के उस वंशज से कभी हाथ नहीं मिलाएगा, जो सिखों का हत्यारा है और जिसने गुरुद्वारों को ध्वस्त किया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कांग्रेस में दोबारा शामिल होंगे, तो बिट्टू ने पलटवार किया, ‘वापस आए, मेरी जूती।’ बिट्टू ने कहा कि इस मामले को लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष उठाना होगा क्योंकि वही इसके संरक्षक हैं।