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भविष्य की वॉर मशीन भारत में: PM मोदी करेंगे दुनिया की सबसे बड़ी रक्षा डील का ऐलान

नई दिल्ली  भारतीय वायुसेना ने रक्षा मंत्रालय को 114 नए राफेल फाइटर जेट खरीदने का आधिकारिक प्रस्ताव भेजा है। यह कदम बताता है कि भारत का भरोसा अब भी फ्रांस के राफेल पर पूरी तरह कायम है। अगर यह डील फाइनल होती है तो यह दुनिया के सबसे बड़े रक्षा समझौतों  में से एक होगी।यह खरीद MRFA (मीडियम रोल फाइटर एयरक्राफ्ट) कार्यक्रम के तहत होगी और इसका अनुमानित मूल्य  2 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है।भारतीय वायुसेना ने 114 विमानों का प्रस्ताव (SoC-Statement of Case)  रक्षा मंत्रालय को भेज दिया है। अब इस पर रक्षा और वित्त मंत्रालय समेत अन्य विभाग विचार करेंगे। इसके बाद यह मामला जाएगा  रक्षा खरीद बोर्ड (DPB) और फिर  रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC)  के पास। मंजूरी मिलते ही औपचारिक डील पर हस्ताक्षर होंगे।   नया F4 वैरिएंट "सुपर राफेल"? फ्रांस की कंपनी  डसॉल्ट एविएशन ने राफेल का एडवांस वैरिएंट  F4  पेश किया है। इसे "सुपर राफेल" कहा जा रहा है क्योंकि:     इसमें बेहतर राडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर क्षमता  है।     इसमें सैटेलाइट कम्युनिकेशन और नए हथियार सिस्टम जोड़े गए हैं।     यह पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स के काफी करीब है, हालांकि इसमें पूरी तरह से "स्टील्थ" तकनीक नहीं है।     F4 जेट्स से भारतीय वायुसेना को  6-7 नए स्क्वाड्रन  मिल सकते हैं।     अभी भारत के पास सिर्फ 2 स्क्वाड्रन राफेल के हैं। भारत के पास  मौजूदा राफेल (F3R वैरिएंट) की खासियत     भारत ने 2016 में फ्रांस से 36 राफेल F3R वैरिएंट खरीदने के लिए लगभग  59,000 करोड़ रुपए की डील की थी।     यह जेट 2020 से भारतीय वायुसेना में शामिल हैं।      भारत के लिए इसमें 13 विशेष बदलाव किए गए।      इसमें लगी SCALP क्रूज मिसाइल  250 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक वार कर सकती है और इसमें 450 किलोग्राम का वारहेड होता है।      चीन के साथ 2020 के लद्दाख विवाद के समय राफेल को तैनात किया गया था।      पाकिस्तान पर ऑपरेशन सिंदूर  के दौरान आतंकवादी ठिकानों पर हमला करने के लिए भी राफेल का इस्तेमाल किया गया।      इन अनुभवों ने राफेल की ताकत और विश्वसनीयता को साबित कर दिया।       दुनिया में F4 की मांग संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पहले ही फ्रांस से F4 वैरिएंट खरीदने की डील कर ली है। भारत भी अब उसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है। यदि यह डील होती है तो भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल होगा जिनके पास राफेल का सबसे एडवांस वैरिएंट  होगा।भारत यह डील करता है तो वायुसेना की संख्या और ताकत दोनों बढ़ेगी। भारत के पास ऐसा फाइटर जेट होगा जो आने वाले दशकों तक दुश्मनों पर  स्पष्ट तकनीकी बढ़त बनाए रखेगा। चीन और पाकिस्तान दोनों के लिए यह एक  स्ट्रॉन्ग स्ट्रैटेजिक मैसेज  होगा।

सैनिकों पर खूनी हमला, TTP ने हमले की जिम्मेदारी ली

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिमी इलाके में शनिवार तड़के पाकिस्तानी तालिबान (टीटीपी) द्वारा किए गए एक घातक हमले में कम से कम 12 सैनिक मारे गए, जबकि चार अन्य घायल हो गए। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों ने इस हमले की पुष्टि समाचार एजेंसी एएफपी को की है। जानकारी के अनुसार, यह हमला दक्षिण वजीरिस्तान जिले में सुबह लगभग 4 बजे उस समय हुआ जब सेना का एक काफिला इलाके से गुजर रहा था। स्थानीय सरकारी अधिकारी ने बताया कि “दोनों ओर से भारी हथियारों से फायरिंग की गई, जिसमें 12 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई और चार घायल हुए।” हमलावर मौके से सेना का हथियार-सामान भी लेकर फरार हो गए। इलाके के सुरक्षा प्रभारी ने भी हताहतों की संख्या की पुष्टि करते हुए कहा कि हमला बेहद योजनाबद्ध और तीव्र था। पाकिस्तानी तालिबान ने ली जिम्मेदारी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन पाकिस्तानी तालिबान ने ली है जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) भी कहा जाता है। हाल के महीनों में यह हमला खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सबसे घातक घटनाओं में से एक माना जा रहा है। टीटीपी कभी इस क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति रखता था, लेकिन 2014 में पाकिस्तानी सेना के बड़े अभियान के बाद उन्हें पीछे हटना पड़ा था। हालांकि, अफगानिस्तान में 2021 में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद से सीमावर्ती इलाकों में आतंकी गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। अफगानिस्तान से तनाव भले ही टीटीपी और अफगान तालिबान अलग-अलग संगठन हैं, लेकिन दोनों के बीच नजदीकी रिश्ते माने जाते हैं। पाकिस्तान लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकियों को खत्म करने में नाकाम रहा है, जो बाद में पाकिस्तान में हमले करते हैं। वहीं, काबुल प्रशासन इन आरोपों से इनकार करता रहा है। लोगों में बढ़ी आशंका हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा के कई जिलों में इमारतों की दीवारों पर टीटीपी का नाम लिखे पोस्टर और नारे (ग्रैफिटी) दिखाई दिए हैं, जिससे आम नागरिकों में भय और यह आशंका बढ़ी है कि कहीं फिर से वह दौर न लौट आए जब तालिबान ने इस क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लिया था। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने एएफपी को बताया कि पिछले कुछ महीनों में टीटीपी लड़ाकों की आवाजाही और हमलों की आवृत्ति में काफी वृद्धि हुई है। बढ़ती हिंसा के आंकड़े एएफपी के रिकॉर्ड के मुताबिक, 1 जनवरी 2025 से अब तक खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में करीब 460 लोग आतंकी हमलों में मारे जा चुके हैं जिनमें अधिकतर सुरक्षा बलों के जवान शामिल हैं। वहीं, इस्लामाबाद स्थित सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज के अनुसार, पिछले वर्ष पाकिस्तान ने लगभग एक दशक की सबसे घातक अवधि झेली थी, जब 1,600 से अधिक लोग हिंसा में मारे गए। इनमें से लगभग आधे सैनिक और पुलिसकर्मी थे।  

नेपाल की नई सत्ता का पहला वार, सुशीला कार्की ने केपी ओली पर कसा शिकंजा

काठमांडू सुशीला कार्की को नेपाल की सत्ता संभाले हुए अभी 24 घंटे भी नहीं हुए हैं और उन्होंने ताबड़तोड़ एक्शन लेना शुरू कर दिया है. नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के ख़िलाफ़ 8 सितंबर को हुई पुलिस दमन के विरोध में एफआईआर दर्ज की गई है. ओली के खिलाफ जघन्य अपराध के आरोप में जांच की मांग करते हुए एफआईआर दर्ज की गई है.  Gen Z के आक्रोश को देखते हुए 9 सितंबर को केपी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था. जुलाई 2024 में उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी और एक साल दो महीने के बाद ही गद्दी छोड़नी पड़ी. अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की कल कर सकती हैं कैबिनेट का विस्तार नेपाल में अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की कल (रविवार) को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकती हैं. सुशीला कार्की शनिवार को पूरे दिन Gen Z प्रतिनिधियों और विभिन्न अन्य राजनीतिक और सामाजिक दलों के साथ विचार-विमर्श में व्यस्त रहीं. उनके इस व्यापक संवाद का उद्देश्य आगामी कैबिनेट विस्तार के लिए सहयोग और समर्थन जुटाना बताया जा रहा है. कार्की के निकट सूत्रों के अनुसार, सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नए सदस्यों के नामों पर कल तक अंतिम निर्णय लिया जाएगा. उम्मीद जताई जा रही है कि नामों के ऐलान के साथ उसी दिन नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण भी हो जाएगा.  हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस कैबिनेट विस्तार में विभिन्न क्षेत्रीय और जातीय प्रतिनिधियों को शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे सरकार की स्थिरता और जनसमर्थन में ग्रोथ होने की उम्मीद है. सुशीला कार्की ने रचा इतिहास 12 सितंबर, 2025 का दिन नेपाल के लिए ऐतिहासिक रहा. क्योंकि पहली बार किसी महिला को नेपाल का सत्ता संभालने का मौका मिला. सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं. इससे पहले कभी भी कोई भी महिला ने नेपाल का नेतृत्व नहीं किया था.

उड़ान रद्द, रोड पर सफर: PM मोदी ने मणिपुर में पीड़ितों से की मुलाकात

इम्फाल  भारी बारिश और खराब मौसम भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मणिपुर जातीय हिंसा के पीड़ितों से मिलने से नहीं रोक सका. पीएम मोदी शनिवार को मणिपुर के इम्फाल पहुंचे तो भारी बारिश हो रही थी. 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद यह राज्य का उनका पहला दौरा था. मई 2023 में मणिपुर में घाटी में रहने वाले प्रमुख मैतेई समुदाय और पहाड़ों पर रहने वाले कुकी-जो समुदाय के बीच जातीय संघर्ष छिड़ गया. इस हिंसा में 250 से ज्यादा लोग मारे गए. हिंसा के कारण लगभग 60,000 लोग विस्थापित भी हुए, जो अब भी सरकार द्वारा स्थापित अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं. प्रधानमंत्री का पहला पड़ाव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित चुराचांदपुर शहर का पीस ग्राउंड था. इसके बाद वे सांस्कृतिक और राजनीतिक महत्व वाले कंगला किले पर पहुंचे. चुराचांदपुर वह स्थान है जहां कुकी-जो लोग रहते हैं, और इम्फाल जो मैतेई लोगों का गढ़ है, दोनों के बीच 61 किमी की दूरी है. अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को बताया कि बारिश के कारण चुराचांदपुर तक हेलीकॉप्टर से यात्रा के लिए मौसम अनुकूल नहीं है. रैली स्थल सड़क मार्ग से लगभग डेढ़ घंटे की दूरी पर है. प्रधानमंत्री ने तय किया कि वह सड़क मार्ग से रैली स्थल पहुंचेंगे. सूत्रों ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे कितना भी समय लगे, वह अवश्य पहुंचेंगे, ताकि लोगों से बातचीत कर सकें. और उन्होंने ऐसा ही किया. पीएम मोदी ने चुराचांदपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं मणिपुर के लोगों के जज्बे को सलाम करता हूं. इतनी भारी बारिश में भी आप इतनी बड़ी संख्या में यहां आए. मैं आपके प्यार के लिए आपका आभार व्यक्त करता हूं. भारी बारिश के कारण मेरा हेलीकॉप्टर नहीं आ सका, इसलिए मैंने सड़क मार्ग से आने का फैसला किया. आज मैंने सड़क पर जो दृश्य देखे, मेरा दिल कह रहा है कि अच्छा हुआ कि आज मेरा हेलीकॉप्टर नहीं उड़ा और मैं सड़क मार्ग से आया. रास्ते भर तिरंगा हाथ में लिए हुए सभी ने मुझे जो प्यार और स्नेह दिया, मैं इस पल को जीवन में कभी नहीं भूल सकता. मैं सिर झुकाकर मणिपुर के लोगों को नमन करता हूं.' प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार हिंसा प्रभावित राज्य में जीवन को पटरी पर लाने के लिए प्रयासरत है. उन्होंने कहा, 'मणिपुर में जीवन को पटरी पर लाने के लिए भारत सरकार हर संभव प्रयास कर रही है.' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मैं आज आपसे वादा करता हूं कि मैं आपके साथ हूं. भारत सरकार मणिपुर के लोगों के साथ है.' उन्होंने सभी समूहों से अपने सपनों को साकार करने के लिए शांति का मार्ग अपनाने की अपील भी की.

अमेरिका में भारतीय की हत्या: सांसदों ने पुलिस पर उठाए सवाल, कहा– खूंखार अपराधी क्यों नहीं था सलाखों के पीछे?

वाशिंगटन यूएस में भारतीय मूल के शख्स की बेरहमी से की गई हत्या को लेकर अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने कहा है कि हत्यारे को अमेरिका में नहीं रहने देना चाहिए। बता दें कि 50 साल के भारतीय अमेरिकी चंद्र मौली बॉब नागमल्लैया को उनके ही एक सहकर्मी योर्डानिस कोबोस मार्टनेज ने मार डाला था। आरोपी ने चाकू से उनकी गर्दन पर तबतक वार किया जब तक कि सिर धड़ से अलग नहीं हो गया। इसके बाद सिर पर लात मारी और कूड़ेदान में फेंक दिया। घटना के वक्त मृतक की पत्नी और बच्चा भी वहीं मौजूद था। खन्ना ने कहा, कड़ी मेहनत करने वाले एक भारतीय मूल के अमेरिकी की उसकी पत्नी और बच्चे के सामने नृशंस हत्या बेहद खौफनाक है। उन्होंने कहा कि आरोपी को पहले भी चोरी और अन्य अपराध के चलते गिरफ्तार किया गया था। उसे अमेरिकी की गलियों में यूं घूमने के लिए छोड़ना ही नहीं चाहिए था। नागमलैय्या पर हमले की गवाह उनकी पत्नी निशा और 18 वर्षीय बेटे गौरव की मदद के लिए शुरू किए गए चंदा अभियान के तहत करीब दो लाख अमेरिकी डॉलर की धनराशि एकत्र हो चुकी है। इस धनराशि का उपयोग नागमलैय्या के अंतिम संस्कार और गौरव की कॉलेज की पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए किया जाएगा। नागमलैय्या (50) डाउनटाउन सुइट्स नामक होटल में काम कर करते थे। हिंसक आपराधिक इतिहास वाले क्यूबा के नागरिक और नागमलैय्या के सहकर्मी योरडानिस कोबोस-मार्टिनेज (37) ने सिर कलम करके उनकी हत्या कर दी थी। ह्यूस्टन स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास मामले पर नजर रखे हुए है और ‘कांसुलर’ सहायता प्रदान कर रहा है। महावाणिज्य दूत डी सी मंजूनाथ ने कहा कि वाणिज्य दूतावास “परिवार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रहा है।”  

सांसद भड़कीं: ब्रिटेन में सिख महिला के साथ रेप, नस्लभेदी टिप्पणी से मचा हंगामा

लंदन यूनाइटेड किंगडम के ओल्डबरी कस्बे में एक सिख महिला के साथ हुई हैवानियत ने स्थानीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। 20 साल की बताई जा रही इस महिला के साथ दो व्यक्तियों ने रेप किया और उससे नस्लभेद से जुड़े आपत्तिजनक शब्द भी कहे। हमला पिछले मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे टेम रोड के पास हुआ। पुलिस ने इस घटना को “नस्लीय रूप से गंभीर अपराध” करार दिया है और कहा है कि वे हमलावरों की तलाश में जुटे हुए हैं। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि हमलावरों ने उस पर नस्लीय टिप्पणी करते हुए कहा कि “अपने देश वापस जाओ।” पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी और फॉरेंसिक जांच की जा रही है। कौन हैं संदिग्ध? स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संदिग्ध दोनों श्वेत पुरुष हैं। एक का सिर मुंडा हुआ था और उसने गहरे रंग का स्वेटशर्ट पहना था, जबकि दूसरा ग्रे रंग की टी-शर्ट में था। सिख समुदाय में आक्रोश इस घटना ने स्थानीय सिख समुदाय में गहरा आक्रोश पैदा किया है। इसे सीधे तौर पर “जानबूझकर किया गया हमला” माना जा रहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि समुदाय का गुस्सा “पूरी तरह जायज है” और उन्होंने आश्वासन दिया कि इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी। सांसदों की प्रतिक्रिया बर्मिंघम एडगबास्टन की सांसद प्रीत कौर गिल ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा, “यह न सिर्फ अत्यधिक हिंसक अपराध है, बल्कि इसे नस्लीय रूप से भी अंजाम दिया गया है। हमलावरों ने कथित तौर पर पीड़िता से कहा कि वह यहां की नहीं है। सच्चाई यह है कि वह यहीं की है। हमारा सिख समुदाय और हर समुदाय सुरक्षित, सम्मानित और मूल्यवान महसूस करने का अधिकार रखता है। नस्लवाद और स्त्रीविरोध की ब्रिटेन में कोई जगह नहीं है।” इलफोर्ड साउथ से सांसद जस अठवाल ने इस हमले को “घृणित, नस्लवादी और स्त्री-विरोधी” करार दिया। उन्होंने कहा, “यह हमला हमारे देश में बढ़ते नस्लीय तनाव का नतीजा है। अब एक युवा महिला को जिंदगीभर के लिए मानसिक आघात झेलना पड़ेगा। इस मामले को पूरी गंभीरता से लेना चाहिए।” हाल की दूसरी घटना यह घटना ऐसे समय हुई है जब महज एक महीने पहले वॉल्वरहैम्प्टन में रेलवे स्टेशन के बाहर तीन किशोरों ने दो बुजुर्ग सिख पुरुषों पर हमला किया था। उस दौरान हमलावरों ने उन्हें जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटा और उनका पगड़ी भी खुल गया था। वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास इस घटना से जुड़ी जानकारी है तो तुरंत संपर्क करें ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।  

भारत में अमेरिका के राजदूत पद पर सर्जियो गोर की दावेदारी पर विवाद गहराया

नई दिल्ली अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जॉन बोल्टन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सर्जियो गोर को भारत में अमेरिका का अगला राजदूत और दक्षिण व मध्य एशिया मामलों के लिए विशेष दूत नियुक्त करने के फैसले पर कड़ा सवाल उठाया है। बोल्टन ने साफ कहा कि वह गोर को इस जिम्मेदारी के लिए "योग्य नहीं" मानते। बोल्टन ने कहा, "मैं नहीं मानता कि सर्जियो गोर भारत में अमेरिका के राजदूत बनने के योग्य हैं।" बोल्टन की यह टिप्पणी भारत-अमेरिका संबंधों में पिछले दो दशकों के संभवतः सबसे खराब दौर की पृष्ठभूमि में आई है, जिसमें ट्रंप की टैरिफ नीति और उनके प्रशासन द्वारा भारत की लगातार आलोचना के कारण तनाव और बढ़ गया है। 38 वर्षीय सर्जियो गोर ट्रंप के करीबी सलाहकार हैं और वाइट हाउस में सीधे राष्ट्रपति तक पहुंच रखते हैं। हालांकि एएनआई को दिए इंटरव्यू में बोल्टन ने उनकी अंतरराष्ट्रीय अनुभव और जटिल वैश्विक मुद्दों की समझ पर चिंता जताई। पूर्व एनएसए ने कहा कि गोर की नियुक्ति ट्रंप की "व्यवहारिक" विदेश नीति का हिस्सा लगती है, जो रणनीतिक नहीं बल्कि व्यक्तिगत वफादारी पर आधारित है। ट्रंप ने अगस्त में ट्रूथ सोशल पर घोषणा की थी कि वे सर्जियो गोर को भारत के लिए अमेरिकी राजदूत और दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के लिए विशेष दूत के पद पर पदोन्नत कर रहे हैं। ट्रंप ने गोर को "मेरा शानदार दोस्त" बताते हुए उनकी सराहना की थी। उन्होंने लिखा, "राष्ट्रपति कार्मिक निदेशक के रूप में, सर्जियो और उनकी टीम ने रिकॉर्ड समय में लगभग 4,000 अमेरिका फर्स्ट पैट्रियट्स को केंद्र सरकार के हर विभाग में भर्ती किया है- हमारे विभाग और एजेंसियां 95 प्रतिशत से अधिक भरी हुई हैं! सर्जियो अपनी वर्तमान भूमिका में तब तक बने रहेंगे जब तक उनकी (संसद द्वारा) पुष्टि नहीं हो जाती।" रूसी तेल खरीद पर बोल्टन की टिप्पणी: प्रतिबंधों में 'असंगति' ट्रंप के पिछले कार्यकाल में एनएसए रहे बोल्टन ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि कई देशों ने रूस से कच्चा तेल खरीदकर प्रतिबंधों की "कमजोरी" का फायदा उठाया। उनके अनुसार, प्रतिबंधों का मकसद रूस की आय को कम करना था ताकि उसका युद्ध तंत्र कमजोर हो सके, लेकिन तेल बिक्री को पूरी तरह रोकना नहीं था, क्योंकि ऐसा करने से यूरोप और अमेरिका में तेल की कीमतें बढ़ सकती थीं। बोल्टन ने कहा, “यहां तक कि तकनीकी रूप से कई देशों ने प्रतिबंधों का उल्लंघन भी नहीं किया, बल्कि रूस से कैप प्राइस से नीचे तेल खरीदकर उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंचे दाम पर बेचा। मूल उद्देश्य यही होना चाहिए कि रूस के युद्ध तंत्र को फंडिंग न मिले।” भारत को दी सलाह – "ट्रंप को वन-टाइम डील मानें" पूर्व NSA बोल्टन ने भारत को सलाह देते हुए कहा कि नई दिल्ली को ट्रंप को "एक बार की घटना" मानना चाहिए और अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखकर फैसले करने चाहिए। उन्होंने कहा, "भारत सरकार को चाहिए कि ट्रंप को एक ‘वन-टाइम प्रपोजिशन’ की तरह देखें और अपने हितों के अनुसार कदम उठाएं। ट्रंप की नीतियां अमेरिकी राजनीति के बड़े दृष्टिकोण को नहीं दर्शातीं।" ट्रंप की विदेश नीति शैली पर तीखी आलोचना बोल्टन ने ट्रंप की विदेश नीति को "अनिश्चित और लेन-देन आधारित" बताते हुए कहा कि भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव की बड़ी वजह ट्रंप का "अनियमित और अस्थिर" तरीका रहा है। ट्रंप ने भारत से आयातित वस्तुओं पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाते हुए कुल दंडात्मक टैरिफ 50% तक बढ़ा दिया है। यह दबाव इसलिए बनाया गया ताकि भारत रूस से सस्ते कच्चे तेल की खरीद बंद करे। इस कदम से दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच व्यापार वार्ता पर नकारात्मक असर पड़ा है।  

मिजोरम और मणिपुर में PM मोदी का हमला: कहा- वोट बैंक की राजनीति ने पूर्वोत्तर की प्रगति रोकी

इंफाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नॉर्थईस्ट में मिजोरम और मणिपुर के दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान सबसे पहले मिजोरम पहुंचे, जहां उन्होंने मिजोरम को को दिल्ली, गुवाहाटी और कोलकाता से जोड़ने वाली तीन नयी एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री मोदी ने मिजोरम की राजधानी आइजोल को भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली 8,070 करोड़ रुपये की बैराबी-सैरांग लाइन का उद्घाटन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हुए पीएम मोदी ने कहा कि चाहे स्वतंत्रता आंदोलन हो या राष्ट्र निर्माण, मिजोरम के लोगों ने काफी योगदान दिया है। मिजोरम के लिए ऐतिहासिक दिन, आइजोल अब रेल मानचित्र पर आ गया है। बैराबी-सैरांग रेल लाइन से मिजोरम की जनता के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से पूरे क्षेत्र में शैक्षिक, सांस्कृतिक, आर्थिक संबंध मजबूत होंगे, रोजगार सृजित होंगे, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पीएम ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के कारण पूर्वोत्तर को बहुत नुकसान हुआ। जो पहले उपेक्षित थे वे अब सबसे आगे हैं, जो पहले हाशिये पर थे वे आज मुख्यधारा में हैं। पीएम ने कहा कि केंद्र पिछले 11 वर्षों से पूर्वोत्तर के विकास के लिए काम कर रहा है, यह क्षेत्र अब भारत का विकास इंजन है। मिजोरम 'एक्ट ईस्ट' नीति में प्रमुख भूमिका निभाएगा; कलादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट परियोजना, रेल लाइन राज्य को दक्षिण पूर्व एशिया से जोड़ेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर का भी दौरा करेंगे। मणिपुर में वह चूड़ाचांदपुर एवं इंफाल में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से बातचीत करेंगे। मणिपुर में दो वर्ष पहले जातीय हिंसा भड़कने के बाद मोदी का यह राज्य का पहला दौरा होगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री 8,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत भी करेंगे। मोदी के दौरे के मद्देनजर इंफाल और चूड़ाचांदपुर जिला मुख्यालय शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। प्रधानमंत्री के सभा स्थलों इंफाल में लगभग 237 एकड़ में फैले कांगला किले और चूड़ाचांदपुर के पीस ग्राउंड तथा उसके आसपास बड़ी संख्या में राज्य और केंद्रीय बलों के जवान तैनात किए गए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘मणिपुर के समावेशी, सतत और समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री चूड़ाचांदपुर में 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।'' इसमें कहा गया कि मोदी इंफाल में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे। मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने प्रधानमंत्री के दौरे की शुक्रवार को पुष्टि की। राज्य का मोदी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब विपक्षी दल कुकी और मेइती समुदायों के बीच जातीय संघर्ष के बाद प्रधानमंत्री द्वारा मणिपुर का दौरा नहीं करने के लिए कई बार आलोचना कर चुके हैं। मई 2023 से हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए। गोयल ने प्रधानमंत्री के दौरे की जानकारी देते हुए बताया, ‘‘दोपहर करीब 12:15 बजे चूड़ाचांदपुर पहुंचने पर वह सबसे पहले जिले के आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (आईडीपी) से बातचीत करेंगे। वह राज्य में शुरू की जाने वाली विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री चूड़ाचांदपुर के पीस ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।'' मुख्य सचिव ने कहा, ‘‘इसके बाद, वह अपराह्न लगभग 2:30 बजे कांगला पहुंचकर सबसे पहले आंतरिक रूप से विस्थापित कुछ लोगों से बातचीत करेंगे। वह विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कांगला में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।'' परियोजनाओं में, प्रधानमंत्री इंफाल के मंत्रिपुखरी में 101 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए मणिपुर पुलिस मुख्यालय और उसी इलाके में 538 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एक नागरिक सचिवालय का उद्घाटन करेंगे। चूड़ाचांदपुर से मोदी विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिनमें 3,647 करोड़ रुपये की जल निकासी और परिसंपत्ति प्रबंधन सुधार परियोजना और 550 करोड़ रुपये की मणिपुर इन्फोटेक डेवलपमेंट (एमआईएनडी) परियोजना शामिल है। यद्यपि मोदी के दौरे की आधिकारिक घोषणा शुक्रवार को ही की गई थी, लेकिन इसके बारे में लगभग दो सप्ताह से चर्चा जारी थी और मणिपुर सरकार ने बृहस्पतिवार शाम को एक बड़ा सूचना-पट्ट लगाया था। इसमें शनिवार को चुराचांदपुर के पीस ग्राउंड और इंफाल के कांगला किले में प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों की घोषणा की गई थी।

मिजोरम पहुंचे पीएम मोदी, आइजोल-दिल्ली ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

 आइजोल नॉर्थईस्ट में मिजोरम और मणिपुर के लोगों के लिए शनिवार का दिन काफी बड़ा दिन है. इस दिन प्रधानमंत्री कई सारे प्रोजेक्ट की शुरुआत करने जा रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने मिजोरम को हजारों करोड़ के प्रोजेक्‍ट की सौगात दी. मिजोरम की राजधानी आइजोल से उन्‍होंने तीन ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई. अब नॉर्थईस्‍ट का यह महत्‍वपूर्ण राज्‍य नेशनल कैपिटल दिल्‍ली से सीधे जुड़ गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिजोरम के बाद मणिपुर जाएंगे. बताया जा रहा है कि इंफाल में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है. आइजोल से आनंद विहार राजधानी एक्सप्रेस मिजोरम के लिए वरदान से कम नहीं है. यह सप्ताह में एक दिन चलेगी और 2510 किलोमीटर का सफर 45 घंटे 30 मिनट में  पूरा करके दिल्ली पहुंचेगी. इस ट्रेन की एवरेज स्पीड 57.8 1 किलोमीटर प्रति घंटे होगी. दूसरी ट्रेन सैरंग से कोलकाता के बीच चलेगी. यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलेगी. कोलकाता से सैरंग के बीच की 1530 किलोमीटर की दूरी 31.15 घंटे में पूरी होगी. यह ट्रेन सप्ताह में शनिवार, मंगलवार और बुधवार को चलेगी. इस ट्रेन की एवरेज स्पीड 48.96 किलोमीटर प्रति घंटे होगी. पीएम मोदी ने 05609 बरबई से कोलकाता, 05610 सायरंग से गुवाहाटी ओर सायरंग से आनंद विहार टर्मिनल के बीच चलने वाली ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने बताया कि बरबई से सायरंग के बीच बनी नई रेल लाइन पर्वतीय क्षेत्र होकर गुजरी है। इस क्षेत्र में रेल लाइन बनाना बड़ा दुष्कर कार्य था, लेकिन रेलवे के इंजीनियर्स और कर्मचारियों ने कठिन परिश्रम से यह कार्य पूरा कर दिखाया है। उन्होंने बताया कि इस लाइन पर 45 सुरंगे और 55 बड़े व 88 छोटे पुल हैं। 5 रोड ओवर ब्रिज और 6 रोड अंडर ब्रिज हैं। पीएम मोदी ने एक और ट्रेन का हरी झंडी दिखाई. यह ट्रेन सैरंग से गुवाहाटी के बीच चलेगी. यह ट्रेन सैरंग से दिन में 12:30 बजे प्र‍स्‍थान करेगी और आधी रात के बाद 2:30 बजे गुवाहाटी पहुंच जाएगी. इसके साथ ही एक मालगाड़ी भी सैरंग से निकलेगी जहां पर देश के दूसरे हिस्सों से जरूर की बुनियादी चीज सैरंग आएगी, जिससे कि आइजोल में कीमतें कम होगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सैरंग में सीमेंट, छड़ इत्यादि लेकर ट्रेन आएगी, जिससे कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट (जो कुछ भी मिजोरम के आइजोल में चल रही है) में गति आएगी. इससे चीजों की कीमतें भी कम होंगी. बता दें कि पीएम मोदी 9:25 पर आइजोल एयरपोर्ट पहुंचेंगे और उसके बाद 10:10 पर असम राइफल्स के मैदान में पहुंचेंगे. यहां वह जनता को संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी 11:10 पर असम राइफल ग्राउंड से निकलेंगे और 11:30 पर एयरपोर्ट पहुंचेंगे. पीएम मोदी 12:15 पर मणिपुर के चुरा चंद्रपुर पहुंच जाएंगे. कुतुब मीनार से भी अधिक ऊंचा पुल रिपोर्ट के मुताबिक, पुल संख्या 144 तो रेलवे पुलों में दूसरा सबसे ऊंचा पुल है। इसकी ऊंचाई दिल्ली की कुतुब मीनार से भी अधिक है। यह 114 मीटर ऊंचा यह पुल कुतुब मीनार से 42 मीटर ऊंचा है। बरबई से सायरंग के बीच की पूरी रेल लाइन हरे-भरे पहाड़ों और घाटियों के बीच होकर गुजरती है। कुमार ने बताया कि इस लाइन के बन जाने से आइजोल रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इससे यहां के लोगों को देश के अन्य स्थानों पर आने-जाने में बड़ी सहूलियत होगी। देश के अन्य भागों से यहां माल ढुलाई आसान हो जाएगी। यहां के उत्पाद दूसरी जगहों पर भी रेल मार्ग से भेजा जा सकेगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही यहां के लोगों की आय भी बढ़ेगी। आवागमन के साधन सुलभ हो जाने से यहां पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मणिपुर को हजारों करोड़ का प्रोजेक्‍ट प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे मणिपुर की राजधानी इंफाल सीधे नहीं जा रहे हैं. इसके बजाय वे पहले चुराचांदपुर जाएंगे, फिर इंफाल जाएंगे. चुराचांदपुर कुकी समुदाय का गढ़ है. यह वह जिला है जहां सबसे अधिक हिंसा हुई थी. हिंसा में कम से कम 260 लोग मारे गए थे. हजारों लोग बेघर हो गए थे. प्रधानमंत्री मोदी चुराचांदपुर जाकर संदेश देना चाहते हैं. प्रधानमंत्री मोदी यहां विस्थापित लोगों से मिलेंगे. वे 7,300 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की नींव रखेंगे. चुराचांदपुर के बाद प्रधानमंत्री मोदी इंफाल जाएंगे. इंफाल मैतेई समुदाय का प्रमुख क्षेत्र है. वहां वे 1,200 करोड़ रुपये की योजनाओं का शुभारंभ करेंगे.  मिजोरम में मिलेंगे रोजगार के अवसर – पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि पहली बार मिजोरम का सैरांग राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सीधे जुड़ेगा. यह सिर्फ एक रेलवे नहीं है, बल्कि परिवर्तन की जीवनरेखा है. यह मिजोरम के लोगों के जीवन और आजीविका में क्रांति लाएगी. मिजोरम के किसान और व्यवसाय देश भर के ज्यादा बाजारों तक पहुंच पाएंगे. लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के बेहतर अवसर भी मिलेंगे. इस विकास से कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे. बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन एक हकीकत बन गई  मिजोरम में वर्चुअल तरीके से रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आज से आइजोल भारत के रेलवे मैप पर होगा. कुछ साल पहले मुझे आइजोल रेलवे लाइन की आधारशिला रखने का अवसर मिला था और आज हम इसे देश के लोगों को समर्पित करते हैं. कठिन भूभाग सहित कई चुनौतियों को पार करते हुए यह बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन एक हकीकत बन गई है. हमारे इंजीनियरों के कौशल और हमारे श्रमिकों की भावना ने इसे संभव बनाया है. हमारे दिल हमेशा एक-दूसरे से सीधे जुड़े रहे हैं. पहली बार मिजोरम में सैरांग राजधानी एक्सप्रेस द्वारा दिल्ली से सीधे जुड़ेगा.’  मिज़ोरम भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा – पीएम मोदी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चाहे स्वतंत्रता आंदोलन हो या राष्ट्र निर्माण, मिज़ोरम के लोग हमेशा योगदान देने के लिए आगे आए हैं. त्याग और सेवा, साहस और करुणा, ये मूल्य मिज़ो समाज के केंद्र में हैं. आज मिज़ोरम भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. यह राष्ट्र के लिए विशेषकर मिज़ोरम के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है. आपके प्‍यार और स्‍नेह को महसूस कर रहा हूं- पीएम मोदी पीएम मोदी लाइव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मैं यहां … Read more