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श्याम बिहारी जायसवाल का पलटवार: सीएम साय और भूपेश बघेल के दौरे गिन लें, तब बात करें कांग्रेस वाले

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका के जिलों के दौरे पर सवाल उठाए जाने पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस को चुनौती दे डाली. उन्होंने कहा कि राज्यपाल सर्वेसर्वा होते हैं, अच्छा है वे दौरा कर रहे हैं. रहा सवाल मुख्यमंत्री के दौरे का तो कांग्रेस नेता निकाल कर देख लें कि बीते दो सालों में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कितना दौरा किया. मुख्यमंत्री कहीं ज्यादा दौरे कर रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मीडिया से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. बिरनपुर मामले में सुनवाई को लेकर कांग्रेस के बयान पर कहा कि कांग्रेस को लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं है. मामला न्यायालय में हैं, इस पर कांग्रेस कैसे टिप्पणी कर सकती है. न्यायालय जो भी तय करेगा वो मान्य होना चाहिए. वहीं ट्रिपल आईटी में छात्राओं की AI से बनाई गई अश्लील फोटो पर मंत्री ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यजनक है. ऐसी हरकतें न केवल शर्मनाक हैं, बल्कि हतोत्साहित करने वाली भी हैं. कॉलेज प्रबंधन ने आरोपी छात्र को निलंबित किया है. छात्र पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है. मैं इस मामले में शिक्षा मंत्री से बात करूंगा. इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जरूरी है. जिसने भी यह दुस्साहस किया, उसे बख्शा नहीं जाएगा. युवा पीढ़ी को सबक देने के लिए कठोर कदम उठाना जरूरी है. धान का एक-एक दाना खरीदने प्रतिबद्ध वहीं कांग्रेस ने 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की मांग पर मंत्री जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस जब सरकार में थी, जो भी करती थी सब जायज. फसल की स्थिति और मौसम को देखकर ही खरीदी की तारीख तय होगी. अगर 1 नवंबर उपयुक्त हुआ तो उसी दिन से खरीदी, नहीं तो 15 नवंबर से. रिपोर्ट लेकर ही फैसला लिया जाएगा. सरकार अच्छी क्वालिटी का धान खरीदना चाहती है, ताकि भंडारण और रखरखाव बेहतर हो. राज्य सरकार एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है. सारे चमचे, घोड़े और गधे कांग्रेस में कांग्रेस में जिला अध्यक्ष बनने के लिए जमकर हो रही लॉबिंग पर श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस दिशाहीन और व्यक्तिवादी पार्टी है. दो साल हो गया कांग्रेस संगठन चुनाव नहीं करा सकी. अब होटलों में पार्टी चल रही है, लोग लॉबिंग कर रहे हैं. कांग्रेस जब भी चुनाव कराती है, विवाद हो जाता है. सारे चमचे, घोड़े और गधे कांग्रेस में पाए जाते हैं. कांग्रेस के नेता इसकी व्याख्या अच्छे से कर सकते हैं. जहां-जहां भूपेश के पैर पड़े, वहां सूपड़ा साफ वहीं कांग्रेस ने बिहार में विधानसभा चुनाव प्रचार में शामिल नहीं किए जाने पर भाजपा नेताओं को अयोग्य बताए जाने पर मंत्री ने कहा कि जब-जब संतों के पैर पड़ते है, तब वहां उद्धार हो जाता है. जहां-जहां भूपेश बघेल के पांव पड़े, वहां सूपड़ा साफ हो गया. राहुल गांधी ने भी कई जगह पदयात्रा की. जहां-जहां राहुल गांधी गए, वहां से साफ हो गए.

कोलार में पानी में मिली लाश के अंग, हत्या कर बोरे में फेंकने का मामला सामने आया

भोपाल राजधानी भोपाल के कोलार थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर बाद एक खाली पड़े प्लाट में मानव अंग मिलने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जिस खाली प्लाट में भरे पानी के अंदर मानव अंग मिले हैं, उससे 100 मीटर की दूरी पर ही पूरी कॉलोनी बसी हुई है। लाश किसकी है, किसने और कब हत्या की, इसका खुलासा नहीं हो सका है। कोलार पुलिस के अनुसार डी मार्ट के पास पुलिस हाउसिंग की कॉलोनी के पास एक खाली प्लाट में पानी के अंदर एक पैर दिखा। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो पैर निकाला तो किसी मनुष्य का निकला। इसके बाद तलाशी शुरू हुई तो एक बोरी के अंदर कुछ और मानव अंग मिले हैं। लेकिन सिर और धड़ देर रात तक नहीं मिला था। प्लॉट का पानी खाली करा रही पुलिस कोलार पुलिस के अनुसार प्लॉट में पानी अधिक होने के कारण तलाशी अभियान नहीं चलाया जा सका था। इसलिए मोटर लगाकर पानी बाहर फेंका जा रहा है। पानी निकालने के बाद बुधवार सुबह से प्लॉट के अंदर मानव अंगों की तलाश शुरू की जाएगी। फिलहाल पुलिस इतना ही बता पा रही है कि किसी व्यक्ति की हत्या करने के बाद उसकी लाश को बोर में भरकर पानी के अंदर करीब 25 से दिन पहले फेंका गया होगा। क्योंकि शव पूरी तरह से डिकंपोज हो चुका है। सिर्फ हड्डियां बची हैं, जो नहीं गल सकी थीं। पुलिस का मानना है कि हत्या को किसी दूसरे स्थान पर अंजाम देने के बाद शव को यहां छिपाया गया होगा। क्योंकि जिस क्षेत्र में घटना हुई है वहां से कोई गुमशुदगी दर्ज नहीं है। हालांकि घटना स्थल के आसपास करीब दो किलोमीटर के अंदर बड़ी संख्या में बाहरी मजदूर भी रहते हैं। पुलिस उन मजदूरों से भी पूछताछ कर जानकारी जुटाने में लगी है कि कोई व्यक्ति उनका परिचित लापता तो नहीं है।

सीट बंटवारे पर एनडीए में अब तक सहमति नहीं, चिराग पासवान ने पिता की सीख दिलाई याद

पटना बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में सीट बंटवारे का फॉर्मूला अब तक तय नहीं हुआ है। लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के प्रमुख व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को 35 सीटों से कम मंजूर नहीं है। इधर, भाजपा 28 देने तक ही देने के लिए तैयार है। मंगलवार को बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने चिराग पासवान से बातचीत की। उन्हें समझाने की कोशिश लेकिन बात नहीं बन पाई। बुधवार को चिराग पासवान ने सीट शेयरिंग के सवाल पर कहा कि अभी बातचीत चल रही है। बात फाइनल होने पर आपको जानकारी दे दी जाएगी। इन सब के बीच चिराग पासवान का एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। उन्होंने अपने पिता व पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की तस्वीर को शेयर करते हुए उन्हें याद किया। कहा कि पापा हमेशा कहा करते थे। जुर्म करो मत, जुर्म सहो मत। जीना है तो मरना सीखो। कदम-कदम पर लड़ना सीखो। अब चिराग पासवान के इस पोस्ट के बाद सियासी गलियारे में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। इससे पहले चिराग पासवान ने एक और पोस्ट लिखा। उन्होंने कहा कि पापा आपकी पुण्यतिथि पर आपको मेरा नमन। मैं विश्वास दिलाता हूं कि आपके दिखाए मार्ग और आपके विजन “बिहार फ़र्स्ट, बिहारी फर्स्ट” को साकार करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हूं। बिहार के समग्र और सर्वांगीण विकास का जो सपना आपने देखा था, अब समय आ गया है उसे धरातल पर उतारने का। आपने मेरे कंधों पर जो जिम्मेदारी सौंपी थी, उसे निभाना मेरे जीवन का उद्देश्य और कर्तव्य है। चिराग बोले- इस चीज के लिए मैं दृढ़ संकल्पित हूं बिहार में लोकतंत्र का महापर्व शुरू होने जा रहा है। आगामी चुनाव आपके संकल्प को पूरा करने का अवसर है। बिहार को नई दिशा देने, हर बिहारी के सपनों को साकार करने का अवसर है। आपके द्वारा बनाई गई लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कारवां को आगे बढ़ाने के लिए मैं दृढ़ संकल्पित हूं। पार्टी के हर एक कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों का सपना है कि आगामी चुनाव में आपके सपनों को पूरा किया जा सके। पापा आपकी प्रेरणा, आशीर्वाद और आदर्श सदैव मेरे मार्गदर्शक रहेंगे। एनडीए में चिराग-मांझी की जिद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीट बंटवारे का काम 80 फीसदी तक हो चुका है। भाजपा और जदयू दोनों 100 से अधिक पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। केंद्रीय चिराग पासवान की पार्टी को 28, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को आठ और उपेंद्र कुशवाह की पार्टी को करीब पांच सीटें  भाजपा और जदयू देना चाहती है। लेकिन, लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा मानने को तैयार नहीं। चिराग 40 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। वहीं जीतन राम मांझी का तर्क है कि राज्य स्तर की पार्टी बनने के लिए आठ विधायक चाहिए। हमारे पास पहले से चार विधायक हैं। ऐसे में 10 से 12 सीटों से कम पर चुनाव हमलोग नहीं लड़ कसते हैं। दोनों पार्टी के नेताओं ने चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से मिलकर अपनी-अपनी बात रख दी है। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने दावा किया है कि एनडीए के घटक दलों के कहीं कोई मतभेद नहीं है। सबलोग एकजुट हैं। जल्द ही सीट बंटवारे का एलान कर दिया जाएगा।

मछली परिवार के खाते डीफ्रीज करने का आदेश, भोपाल हाईकोर्ट ने कलेक्टर और डीसीपी को किया निर्देशित

भोपाल  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने गैंगस्टर यासीन अहमद उर्फ मछली के परिजनों के बैंक खाते डिफ्रीज करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि भोपाल कलेक्टर और डीसीपी (क्राइम) ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्वीकार किया है कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, इसलिए उनके बैंक खाते डिफ्रीज किए जाएं। साथ ही अदालत ने कहा कि राशि का उपयोग आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किया जा सकेगा। गौरतलब है कि यासीन अहमद के परिजनों ने मकान तोड़ने और बैंक खाते फ्रीज करने की कार्रवाई को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि प्रशासन ने केवल उनकी संपत्ति ध्वस्त की, जबकि सरकारी भूमि पर बने अन्य मकानों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं है, फिर भी खाते फ्रीज, शस्त्र लाइसेंस निलंबित और ईमेल आईडी ब्लॉक कर दी गई, जिससे व्यावसायिक गतिविधियाँ ठप हो गईं। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने तर्क दिया कि एक याचिकाकर्ता के खाते से बड़ी राशि मुख्य अभियुक्त के खाते में ट्रांसफर हुई थी। इसलिए सीआरपीसी की धारा 102 के तहत जांच के लिए खाते फ्रीज किए गए। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि संबंधित लेनदेन पर टीडीएस का भुगतान किया गया था, और वे उस फर्म के साझेदार हैं, इसलिए रकम का लेनदेन वैध था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि फिलहाल बैंक खाते डिफ्रीज किए जाएं, लेकिन यदि आगे जांच में याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई आपत्तिजनक सामग्री मिलती है, तो कानून अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

हाईवे पर खौफनाक मंजर : सिलेंडर से भरे ट्रक में केमिकल टैंकर की टक्कर, धमाकों से दहला इलाका

जयपुर जयपुर जिले के दूदू क्षेत्र में मौखमपुरा के पास मंगलवार रात एक खौफनाक हादसा हुआ। एलपीजी सिलेंडरों से भरे खड़े ट्रक को एक केमिकल टैंकर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही टैंकर के केबिन में आग लग गई, जो तेजी से ट्रक तक फैल गई। आग सिलेंडरों तक पहुंची तो एक के बाद एक करीब 200 गैस सिलेंडरों में विस्फोट हो गया। धमाकों की आवाज 10 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और कुछ सिलेंडर 500 मीटर दूर खेतों तक जा गिरे। घटना रात करीब 10 बजे हुई, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टैंकर चालक ने आरटीओ वाहन को देखकर अचानक ढाबे की ओर मोड़ काटी और सामने खड़े गैस सिलेंडर से लदे ट्रक से भिड़ गया। हादसे में टैंकर का चालक जिंदा जल गया। वहीं, आसपास खड़े पांच अन्य वाहन भी आग की चपेट में आ गए। दमकल की 12 गाड़ियों ने करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ट्रक में कुल 330 सिलेंडर लदे हुए थे, जिनमें से दो तिहाई से ज्यादा सिलेंडर फट गए। हाईवे पर दोनों ओर ट्रैफिक रोकना पड़ा, जिसे बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे दोबारा खोला गया। आरटीओ की गाड़ी देख घबराया टैंकर ड्राइवर, ढाबे में घुसा वाहन, हुई भीषण टक्कर एक दर्दनाक हादसे में केमिकल से भरा टैंकर सिलेंडर लदे ट्रक से टकरा गया, जिससे भयंकर आग लग गई। ट्रक ड्राइवर शाहरुख ने बताया कि हादसे में उसका ट्रक पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना के समय टैंकर जयपुर की ओर जा रहा था, तभी सामने से आरटीओ की गाड़ी आती दिखी। आरटीओ वाहन को देखकर टैंकर चालक घबरा गया और खुद को बचाने की कोशिश में उसने टैंकर को सड़क किनारे एक ढाबे में घुसा दिया। इस दौरान टैंकर की सीधी टक्कर वहां खड़े गैस सिलेंडर से लदे ट्रक से हो गई। दो घंटे तक मौके पर कोई दमकल वाहन नहीं पहुंचा टक्कर के तुरंत बाद स्पार्किंग हुई और आग फैल गई। केमिकल टैंकर के ड्राइवर ने जान बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन आग ने तेजी से घेर लिया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब दो घंटे तक मौके पर न तो कोई दमकल वाहन पहुंचा, न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था दिखाई दी।  ट्रैफिक डायवर्जन से 15 किमी लंबा सफर तय करना पड़ा हादसे के बाद सड़क पर जाम और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया। अजमेर से जयपुर की तरफ जाने वाले वाहनों को किशनगढ़ से रूपनगढ़ होते हुए आगे भेजा गया। इस डायवर्जन के कारण यात्रियों को सामान्य 115 किलोमीटर की जगह लगभग 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ी। वहीं, जयपुर से अजमेर आने वाले ट्रैफिक को 200 फीट बाइपास से टोंक रोड की ओर मोड़ा गया। 4 एसएमएस अस्पताल अलर्ट मोड पर, ICU बेड रिजर्व हादसे की जानकारी मिलते ही एसएमएस अस्पताल को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया। अस्पताल के नव नियुक्त अधीक्षक मृणाल जोशी ने बताया कि आपातकालीन स्थिति को देखते हुए प्लास्टिक सर्जन समेत संपूर्ण मेडिकल स्टाफ को इमरजेंसी में तैनात किया गया। इसके साथ ही आईसीयू बेड भी टेकओवर कर लिए गए थे, ताकि किसी भी गंभीर घायल को तुरंत उपचार मिल सके। वहीं, अभी तीन लोगों की तलाश जारी है। एक ट्रक में चालक का थोड़ा कंकाल मिला है। जबकि खलासी का पता नहीं चला। वहीं कैमिकल से भरे ट्रक के चलाक और खलासी का कोई पता नहीं चला है। अग्निशमन कर्मचारियों का कहना है कि कमिकल से भरे ट्रक में ब्लॉस्ट हो जाता तो हादसा और भी भयानक रूप ले सकता था। अब भी मौके पर दमकल कर्मी कमिकल से भरे ट्रक पर पानी का छिड़काव कर रहे हैं।   रात में ही मौके पर पहुंचे डिप्टी सीएम बैरवा वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा रात में ही मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि  टैंकर में मौजूद ड्राइवर और कंडक्टर घायल हो गए हैं और उन्हें अस्पताल भेजा गया है। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं और हाईवे पर दोनों ओर से ट्रैफिक रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की निगरानी में लगातार राहत और बचाव कार्य जारी है। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।   डिप्टी सीएम डॉ प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि हादसे में शामिल वाहन के ड्राइवर की पहचान अभी नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि आग पर अब पूरी तरह काबू पा लिया गया है। प्रशासन की टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं और पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं। इसके साथ ही राजस्थान के उपमुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि हालात पर प्रशासन की पूरी नजर है और हर संभव राहत और बचाव कार्य जारी है। सीएम भजनलाल ने जताया दुख मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संभावित घायलों की चिंता करते हुए कमिश्नर बीजू जॉर्ज को निर्देश दिए। सीएम ने दूदू सावरदा से जयपुर तक आने जाने के लिए दमकल एवं एम्बुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार रखे हैं। भजनलाल ने ट्वीट कर लिखा कि जयपुर ग्रामीण के मोजमाबाद थाना क्षेत्र में जयपुर–अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक में आग लगने की दुर्घटना अत्यंत दुखद है।घटना स्थल पर फायर ब्रिगेड एवं आपदा प्रबंधन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। जिला प्रशासन को घायलों के समुचित उपचार तथा प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस हृदयविदारक घटना से प्रभावित सभी नागरिकों की सुरक्षा और कुशलता के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं। गौरतलब है कि दिसंबर पिछले साल भी जयपुर-अजमेर हाइवे पर इसी तरह की दुर्घटना में एलपीजी टैंकर विस्फोट से 19 लोगों की मौत हो गई थी

ट्रांसफर आदेश पर हाईकोर्ट की रोक, 200 शिक्षक नहीं होंगे स्थानांतरित

 जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने जबलपुर सहित राज्य के अन्य जिलों के एकलव्य आवासीय विद्यालयों में पदस्थ 200 शिक्षकों को सामूहिक रूप से खंडवा स्थानांतरित करने के आदेश को अनुचित पाया। इसी के साथ आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। कोर्ट ने शिक्षकों को वर्तमान एकलव्य विद्यालय में पदस्थ रखने की व्यवस्था दी है। याचिकाकर्ता एकलव्य आवासीय विद्यालय, रामपुर छापर में पदस्थ उपमा शांडिल्य की ओर से अधिवक्ता सुधा गौतम ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि 23 सितंबर, 2025 को आदेश जारी कर याचिकाकर्ता सहित जबलपुर सहित राज्य के अन्य जिलों के विभिन्न एकलव्य आवासीय विद्यालयों में पदस्थ 200 शिक्षकों को सामूहिक रूप से खंडवा स्थानांतरित कर दिया गया था। याचिकाकर्ता 2024 में उच्च पद प्रभार पर रामपुर छापर के एकलव्य आवासीय विद्यालय में पदस्थ हुई थी। दरअसल, 11 नवंबर, 2024 को संभागायुक्त, जबलपुर ने एक पत्र जारी किया था, जिसके जरिये साफ किया गया था कि एकलव्य विद्यालयों में स्थान नहीं है, इसलिए शिक्षक स्थानांतरण के विकल्प पेश करें। जिसके बाद याचिकाकर्ता ने एकलव्य विद्यालय, रामपुर छापर, रांझी व सदर के विकल्प भरे थे। इसके बावजूद इन विकल्पों को दरकिनार कर खंडवा भेजने का आदेश जारी कर दिया गया। इसी लिए हाई कोर्ट की शरण ली गई। हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद 23 सितंबर, 2025 के आदेश को अनुचित पाकर स्थानांतरण पर रोक लगा दी।

जहरीले कफ सिरप से मासूमों की मौत का सिलसिला जारी, MP में21 बच्चों की गई जान

छिंदवाड़ा  जहरीले कफ सिरप और दवाइयों ने मध्यप्रदेश के चार और मासूमों की जान ले ली। इन सभी की जान 24 घंटे के भीतर गई। इनमें छिंदवाड़ा जिले की दो साल की जायूशा यदुवंशी, डेढ़ साल की धानी डेहरिया, ढाई साल का वेदांत पंवार और वेदांश काकोडिय़ा शामिल हैं। दावा है कि इनमें से तीन बच्चों का इलाज परासिया के आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी ने किया था। जहरीली कोल्ड्रिफ सिरप लिखी गई थी। तबीयत बिगड़ने के बाद ये बच्चे नागपुर के अस्पतालों में भर्ती थे। काकोड़िया के मामले की जांच की जा रही है। इस तरह मध्यप्रदेश अब तक 21 मासूमों को खो चुका है। इनमें 19 छिंदवाड़ा के हैं और दो बैतूल के हैं। इसमें से काकोड़िया की मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।  बैतूल जिले के अधिकारी कफ सिरप को नहीं मान रहे मौतों का कारण बैतूल जिले के अधिकारी बच्चों की मौत जहरीली कफ सिरप से होना नहीं मान रहे, जबकि दोनों का इलाज परासिया के डॉ. सोनी ने ही किया था। इनके पास दवा के पर्चे भी मिल चुके हैं। अभी जहरीली सिरप व दवाओं का खतरा टला नहीं है। नागपुर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती पांच बच्चों की हालत नाजुक है। कुछ तो कोमा जैसी स्थिति में हैं। कुछ को लगातार डायलिसिस की जरूरत पड़ रही है। इस बीच बच्चों की मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। पांच बच्चों का इलाज नागपुर के अस्पतालों में चल रहा है. दो बच्चे सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH), दो अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) और एक बच्चा एक निजी अस्पताल में भर्ती है. कई दिन से वेंटिलेटर पर थी धानी डहरिया तामिया के वार्ड 15 की डेढ़ वर्षीय धानी पुत्री नवीन डेहरिया कई दिन से वेंटिलेटर पर थी। सोमवार रात 11 बजे दम तोड़ दिया। किडनी फेल होने के बाद ब्रेन में गंभीर संक्रमण से जूझ रही थी। 10 लाख खर्च के बाद भी नहीं बचा वेदांत परासिया के रिधोरा के वेदांत की जान मंगलवार दोपहर गई। उसे सितंबर के पहले सप्ताह में डॉ. सोनी ने देखा था। 11 सितं. को रेफर किया था। उसे बचाने परिजन ने 10 लाख खर्च किए। दो साल की जायूशा ने भी तोड़ा दम जुन्नारदेव की दो वर्षीय जायूशा ने भी मंगलवार को एम्स नागपुर में दम तोड़ दिया। पिता राजेश ने बताया कि डॉ. सोनी ने कोल्ड्रिफ सिरप दी थी। इलाज में करीब 5 लाख रुपये खर्च किए। 3 साल के वेदांश की भी मौत लहगडुआ के 3 साल के वेदांश की तबीयत रविवार शाम बिगड़ी। टेस्ट में किडनीलिवर को नुकसान का पता चला। नागपुर में मंगलवार सुबह मौत हो गई। कौन सा सिरप दिया गया था, इसकी जांच की जा रही है। दवाओं की जांच हो, दो सप्ताह में जवाब मांगा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मध्य प्रदेश, राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिवों को कफ सिरप पीने से हुई बच्चों की मौत को लेकर नोटिस जारी किया है। दवाओं की व्यापक जांच की जरूरत बताई। आयोग ने स्वत: संज्ञान भी लिया। दोनों किडनी फेल, बच्चा वेंटिलेटर पर बैतूल. आमला ब्लॉक में जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप से दो बच्चों की मौत के बाद अब टीकाबर्री गांव के साढ़े तीन साल के हर्ष यदुवंशी की हालत गंभीर है। किडनी फेल हो चुकी हैं। नागपुर के निजी अस्पताल में वेंटिलेटर पर है। परिजन के अनुसार एक माह पहले डॉ. सोनी से इलाज कराया था। सर्दी-खांसी के लिए दी गई दवा के बाद तबीयत बिगड़ती गई। हालत गंभीर होने पर नागपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने किडनी फेल होने की पुष्टि की। दिल्ली से जाएगी टीम दिल्ली से जाएगी टीम स्वास्थ्य मंत्रालय की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कफ सिरप की प्रयोगशाला जांच में डायथिलीन ग्लाइकॉल का खतरनाक रूप से उच्च स्तर पाया गया है, जो अत्यधिक जहरीला होता है। जांच के लिए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), दिल्ली से एक विशेष टीम जल्द नागपुर जा सकती है। जिम्मेदारों पर एक्शन और जांच डिप्टी CM शुक्ला ने बताया कि मौतों के लिए जिम्मेदार सिरप तमिलनाडु स्थित एक कंपनी द्वारा निर्मित किया गया था. उन्होंने आगे कहा कि कंपनी के मालिक, दवा देने वाले डॉक्टर और संबंधित खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही बरतने के आरोप में कार्रवाई की गई है. सोमवार को, राज्य सरकार ने दो औषधि निरीक्षकों और FDA के एक उप निदेशक को निलंबित कर दिया और जांच के बीच राज्य के औषधि नियंत्रक का तबादला कर दिया. छिंदवाड़ा के डॉ. प्रवीण सोनी को कथित लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जबकि कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. मध्य प्रदेश पुलिस ने मौतों की जांच के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया है और कोल्ड्रिफ के तमिलनाडु स्थित निर्माता के खिलाफ मामला दर्ज किया है. घर-घर जाकर कोल्ड्रिफ बोतलें इकट्ठा करने का निर्देश छिंदवाड़ा में लगभग 600 कफ सिरप की बोतलें मिली हैं, जिनमें से 443 बोतलें पहले ही बरामद की जा चुकी हैं. उन्होंने बताया कि मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा) और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर बची हुई बोतलें इकट्ठा करने का निर्देश दिया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनमें से कोई भी इस्तेमाल में न रहे. उनके अनुसार, सरकार इस घटना की गहन जांच कर रही है. नए ड्रग कंट्रोलर ने शुरू करवाई दवा की जांच औषधि प्रशासन कार्यालय ने प्रदेश में कफ सिरप की जांच शुरू कराई है। नवनियुत नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन दिनेश श्रीवास्तव ने बताया, मंगलवार को पदभार संभालने के बाद प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप और प्रतिबंधित कॉिबनेशन वाली दवाओं की जांच शुरू करा दी है। बिकते हुए पाए जाने पर तत्काल जत किए जाएंगे। विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

रामपुर में सियासी हलचल: अखिलेश-आज़म की तीन साल बाद मुलाकात, मीडिया पर रोक

मुरादाबाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव बुधवार दोपहर बाद रामपुर पहुंचे। उनका हेलीकॉप्टर जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में उतरा। इसके बाद वह सीधे आजम खां के घर पहुंचे। लगभग तीन साल बाद अखिलेश यादव की आजम खां से आमने-सामने मुलाकात हो रही है। उनके पहुंचते ही यूनिवर्सिटी के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई। पुलिस ने मीडिया कर्मियों को आजम के घर के बाहर ही रोक दिया है। अखिलेश यादव का काफिला जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचा तो सपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। कार्यकर्ताओं की भीड़ नारे लगाती रही। जिले के सपा जिलाध्यक्ष समेत तमाम वरिष्ठ नेता पहले से ही यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूद थे। पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन मंगलवार से ही सतर्क था। जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खां के घर के आसपास कई थानों की पुलिस तैनात की गई है। पुलिस के आला अधिकारी लगातार मौके पर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। खुफिया विभाग ने भी इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव और आजम खां के बीच यह मुलाकात करीब एक घंटे तक चलेगी। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चल रहे गिले-शिकवे दूर करने और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। साथ ही अखिलेश यादव आजम खां की सेहत का हालचाल भी जानेंगे। प्रशासन ने अखिलेश यादव की सुरक्षा के लिए तीन मजिस्ट्रेट और सीओ स्तर के अधिकारी तैनात किए हैं। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। आजम खां के मोहल्ले की ओर जाने वाले कई रास्तों और दुकानों को बंद करा दिया गया है। सपा कार्यकर्ताओं में अखिलेश यादव के दौरे को लेकर जबरदस्त उत्साह है। रामपुर में अखिलेश से मिलेंगे सपाई, दफ्तर प्रकरण पर होगी चर्चा समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी बुधवार को रामपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर जिला कार्यालय विवाद पर उनके साथ चर्चा करेंगे। सपा को कार्यालय खाली करने के लिए प्रशासन ने चार दिनों की मोहलत दी ही हुई है जिसे लेकर सपाइयों में गहरा अंसतोष है। जिलाध्यक्ष जयवीर यादव के अनुसार पार्टी कार्यालय विवाद को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि बुधवार को रामपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से पूरी जानकारी साझा की जाएगी और उनके निर्देशों के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी। रामपुर में जिलाध्यक्ष जयवीर यादव के अलावा जिला महासचिव, कोषाध्यक्ष, महिला सभा की अध्यक्ष और युवा प्रकोष्ठ के कई पदाधिकारी भी जाएंगे जो सपा प्रमुख अखिलेश यादव को सीधा रिपोर्ट करेंगे।

चुनाव के मद्देनजर भोजपुरी स्टार पवन सिंह को मिली Y कैटेगरी सुरक्षा

पटना  बिहार चुनावी सरगर्मी के बीच भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह को Y कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है. गृह मंत्रालय (MHA) के सूत्रों के मुताबिक ये सुरक्षा केंद्र सरकार के स्तर पर मंजूर की गई है. अब पवन सिंह के साथ हमेशा सशस्त्र कमांडो तैनात रहेंगे. जानकारी के मुताबिक ये फैसला उनकी सुरक्षा को लेकर मिली रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है. पवन सिंह हाल के दिनों में लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं. कभी अपनी फिल्मों और गानों को लेकर, तो कभी राजनीतिक चर्चाओं के कारण. बेहद खास है ये फैसला बिहार में चुनावी माहौल गर्म है और कई स्टार चेहरे राजनीतिक मंचों पर दिख रहे हैं. ऐसे में पवन सिंह को Y कैटेगरी की सुरक्षा मिलना खास माना जा रहा है. माना जा रहा है कि यह कदम चुनावी दौर में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है. सूत्रों के मुताबिक, पवन सिंह की सुरक्षा में अब कम से कम 11 सशस्त्र कमांडो तैनात रहेंगे, जो उनके आने-जाने और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे. बीजेपी में वापसी बता दें कि भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में लौट आए हैं. उनकी वापसी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं रही. पिछले हफ्ते दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह और उपेंद्र कुशवाहा ने खुद उन्हें पार्टी में दोबारा शामिल कराया. ये वापसी बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुई है. इसलिए इसे राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है. लड़ेंगे चुनाव सूत्रों के मुताबिक अब बीजेपी पवन सिंह को आरा विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतार सकती है. पवन सिंह जल्द ही वहां का दौरा भी करेंगे. पार्टी को उम्मीद है कि उनकी एंट्री से शाहाबाद क्षेत्र (भोजपुर, बक्सर, कैमूर और रोहतास) की 22 सीटों पर असर पड़ेगा. पवन सिंह का संबंध भोजपुर के बरहरा से है. इस इलाके में राजपूत और लव-कुश (कुर्मी-कोइरी) वोटरों की संख्या ज्यादा है. बीजेपी मान रही है कि पवन सिंह और कुशवाहा की जोड़ी इस क्षेत्र में पार्टी को मजबूती देगी. नए समीकरण बता दें कि 2024 लोकसभा चुनाव में जब बीजेपी ने पवन सिंह का टिकट वापस ले लिया था, तो उन्होंने करकट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था. उस चुनाव में उन्होंने कुशवाहा को पीछे छोड़ दिया था. अब दोनों के गले मिलने की तस्वीरें बीजेपी के नए समीकरणों की झलक दे रही हैं.  

केजरीवाल का पंजाब दौरा: जालंधर में शुरू होंगे 5000 करोड़ के बिजली ट्रांसमिशन कार्य

 जालंधर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पंजाब के दो दिवसीय दौरे पर हैं। केजरीवाल जालंधर और बठिंडा के दौरे पर रहेंगे।केजरीवाल आज जालंधर में मुख्यमंत्री मान के साथ बतौर मुख्य अतिथि शामिल होकर 5000 करोड़ के निवेश के साथ पंजाब में पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कार्यों की शुरुआत करेंगे। इसी के साथ लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में आयोजित होने वाले वन इंडिया 2025 राष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव में शिरकत करेंगे। गुरुवार को वह सीएम मान के साथ बठिंडा में 3100 नए खेल मैदानों का नींव पत्थर रखेंगे। यह पूरे पंजाब में विश्वस्तरीय खेल मैदान बनाने की परियोजना है। इनकी लागत 1184 करोड़ रुपये रखी है। इसके बाद वीरवार दोपहर को चंडीगढ़ में आयोजित एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट कोर्स का मुख्यमंत्री मान के साथ शुभारंभ करेंगे।