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विजय ने खेली दोहरी रणनीति, TVK के हाथ में लड्डू; अंदरखाने क्या हो रहा है

चेन्नई तमिलनाडु चुनाव के नतीजे आ गए. अब सरकार कैसे गठित हो, इसकी कवायद है. विधानसभा नतीजों ने तमिलनाडु में सरकार गठन की प्रक्रिया को फंसा दिया है. तमिलनाडु चुनाव रिजल्ट में किसी भी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिला है. सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है टीवीके. जी हां, यह थलापति विजय की पार्टी है. एक्टर से नेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिलनाडु विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. अब यह सरकार बनाने को रेडी है. मगर नंबर गेम में टीवीके फंस गई है. अब तमिलनाडु में गठबंधन वाली सरकार ही एकमात्र विकल्प है. इस स्थिति को देखते हुए थलापति विजय ने डबल चाल चल दी है. हकीकत तो यह है कि टीवीके के दोनों हाथ में लड्डू है. चलिए जानते हैं तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर अंदरखाने क्या बातचीत हो रही।  दरअसल, तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर पेच फंसा हुआ है. तमिलनाडु में अब ऐसी चीज होने जा रही है, जो उसने दशकों से नहीं देखी थी. जी हां, एक गठबंधन सरकार. एक्टर विजय की पार्टी टीवीके पहली बार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पहली बार उतरी. पहली बार में ही एक्टर विजय ने अपना लोहा मनवा दिया. उसकी आंधी ऐसी चली कि डीएमके और एआईएडीएमको को समझ नहीं आया कि ये कैसा सियासी तूफान आया. जब तक समझ पाते तब तक टीवीके शतक मार चुकी थी।  टीवीके को बहुमत नहीं, फिर भी दोनों हाथ में लड्डू जी हां, तमिल फ़िल्मों के सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK ने चुनाव में 108 सीटें जीतीं. उसने सत्ताधारी DMK को काफी पीछे छोड़ दिया, जो 59 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही. हालांकि, 234 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत से टीवीके दूर रह गई. विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटे हैं. टीवीके के पास 10 सीटों की कमी है. इसलिए अब लोगों का ध्यान जश्न से हटकर गठबंधन बनाने पर चला गया है. अब विजय 10 सीटों के उपाय में लगे हैं ताकि किसी तरह सरकार गठन हो सके. फिलहाल, टीवीके के पास दोनों हाथ में लड्डू है. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस हो या एआईएडीएमके दोनों एक्टर विजय को सपोर्ट दे सकते हैं. टीवीके की दोनों से बातचीत कर रही है।  थलापति विजय की किससे बातचीत जी हां, कांग्रेस और AIADMK…दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने मंगलवार को कहा कि थलापति विजय ने सरकार बनाने में समर्थन के लिए उनकी पार्टियों से संपर्क किया. कांग्रेस तो पहले ही इशारा कर चुकी है कि वह टीवीके को सरकार बनाने में मदद कर सकती है. इससे पहले मंगलवार सुबह को विजय अपनी पार्टी के दफ़्तर पहुंचे थे और नए चुने गए विधायकों के साथ बैठक की थी. तब से ही गठबंधन बनाने की योजनाएं बन रही हैं।  कांग्रेस और एआईएडीएमके दोनों विकल्प इंडियन एक्सप्रेस के सूत्रों ने बताया कि एक प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अगर दोनों पार्टियां गठबंधन करने का फैसला करती हैं तो टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार में कांग्रेस को दो कैबिनेट पद दिए जा सकते हैं. कांग्रेस ने पांच सीटें जीती हैं. इस व्यवस्था के लिए दूसरे छोटे दलों के समर्थन की भी जरूरत होगी, ताकि विधानसभा में इस गुट के पास बहुमत हो सके. हालांकि, बाद में सूत्रों ने बताया कि कई छोटे दलों की हिचकिचाहट की वजह से TVK अब AIADMK के साथ गठबंधन करने पर विचार कर रही है. यहां बताना जरूरी है कि AIADMK के पास 47 सीटें हैं।  कांग्रेस सपोर्ट को रेडी शाम होते-होते कांग्रेस के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि राज्य कांग्रेस इकाई को विजय के समर्थन के अनुरोध पर अंतिम फ़ैसला लेने का निर्देश दिया गया है. वेणुगोपाल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई एक बैठक के बाद कहा कि टीवीके के अध्यक्ष थलापति विजय ने तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से समर्थन मांगा है. कांग्रेस ने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं से फैसला करने को कहा है. वहीं दूसरी ओर लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन की पत्नी लीमा रोज मार्टिन ने बताया कि विजय की पार्टी और AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी के बीच बातचीत चल रही है।  अगर गठबंधन हुआ तो सहयोगी को क्या मिलेगा? वहीं, टीवीके के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की कि शुरुआती बातचीत शुरू हो चुकी है. टीवीके का कहना है कि कांग्रेस ने गठबंधन पर पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया है. अभी तक CPI, CPM, VCK और IUML का रुख अभी तक स्पष्ट नहीं है. सूत्रों के अनुसार टीवीके का जिसके साथ गठबंधन होगा, उस दल को चार से छह मंत्री पद देने की योजना है. ऐसा करने के पीछे दो मुख्य मकसद हैं. पहला सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या बल जुटाना और दूसरा- शासन-प्रशासन के क्षेत्र में अपने अनुभव की कमी की भरपाई करना। 

भारत-वियतनाम रिश्तों में मजबूती, 13 समझौते और जल्द ही UPI का फास्ट पेमेंट सिस्टम से कनेक्शन

नई दिल्ली  वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम के भारत दौरे को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में गति देने वाला माना जा रहा है. भारत और वियतनाम अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. दोनों देशों के बीच बुधवार को 13 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं।  पीएम मोदी ने बताया कि हमारी साझा विरासत को जीवंत रखने के लिए, हम वियतनाम के प्राचीन चम्पा सभ्यता के मी सॉन और न्हान टवर मंदिरों का पुनर्निमाण कर रहे हैं. अब हम चम्पा सभ्यता की मनुस्क्रिप्ट को भी डिजिटलाइज करेंगे, और इस अमूल्य धरोहर को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करेंगे।  मोदी ने कहा कि हिंद-प्रशांत के लिए दोनों देशों का नजरिया एक जैसा है और दोनों पक्ष कानून के राज, शांति, स्थिरता और खुशहाली में योगदान देते रहेंगे. ऐसा समझा जाता है कि दोनों पक्षों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत में चीन की बढ़ती मिलिट्री ताकत पर भी चर्चा हुई।  लाम, एक उच्च स्तर प्रतिनिधिमंडल के साथ, मंगलवार को भारत की अपनी तीन दिन की यात्रा पर निकले. इस महीने राष्ट्रपति चुने जाने के बाद यह देश की उनकी पहली सरकारी यात्रा है।  पीएम मोदी ने अपने मीडिया स्टेटमेंट में कहा कि भारत और वियतनाम ने रिश्तों को बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का फैसला किया है।  मोदी ने कहा, "वियतनाम भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और विज़न ओशन का एक अहम स्तंभ है. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी, हम एक जैसी सोच रखते हैं." उन्होंने कहा, "हमारे मजबूत रक्षा और सुरक्षा सहयोग के जरिए, हम कानून के राज, शांति, स्थिरता और खुशहाली में योगदान देते रहेंगे।  प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वियतनाम के सहयोग से आसियान (Association of Southeast Asian Nations) के साथ अपने संबंधों को और बढ़ाएगा. उन्होंने कहा कि वित्तीय संपर्क को बढ़ावा देने के लिए हमने दोनों देशों के सेंट्रल बैंकों के बीच सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है।  उन्होंने कहा कि भारत का यूपीआई और वियतनाम का फास्ट पेमेंट सिस्टम जल्द ही जुड़ जाएगा. अपनी बात में लैम ने कहा कि दोनों पक्ष राजनीतिक विश्वास को गहरा करने और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने पर सहमत हुए।  पिछले साल, दोनों पक्षों ने सबमरीन सर्च, रेस्क्यू और व्यवस्था के लिए एक फ्रेमवर्क बनाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा उद्योग सहयोग को मजबूत करने के लिए एक आशय का पत्र (LoI) पर भी हस्ताक्षर किया। 

असम में 12 मई को होगी शपथ ग्रहण समारोह, पीएम मोदी की उपस्थिति तय; नया CM चयन की तारीख का खुलासा

गुवाहाटी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात की और उन्हें इस्तीफा सौंप दिया। फिलहाल वह नई सरकार के गठन तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यभार संभालेंगे। जानकारी मिल रही है कि नई सरकार का शपथ समारोह 12 मई को होगा और इस आयोजन में पीएम नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के तमाम सीनियर नेता मौजूद रहेंगे। सूत्रों का कहना है कि लगातार तीसरी बार हिमंत बिस्वा सरमा को ही मुख्यमंत्री का पद मिलने की संभावना है। हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद एक फिर से राज्य की जनता का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि असम के लोगों ने हमारी सरकार पर भरोसा जताया है। उन्होंने पीएम मोदी के प्रति अपना समर्थन जताया है। जनता चाहती है कि असम में विकास की गंगा बह रही है, वह जारी रहे। असम के सीएम को लेकर जब हिमंत बिस्वा सरमा से पूछा गया तो उन्होंने अपने बारे में कुछ भी नहीं कहा। उनका कहना था कि राज्य में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक होगी। इस मीटिंग में ही असम के नए मुख्यमंत्री का चुनवा किया जाएगा। भाजपा इससे पहले मध्य प्रदेश, राजस्थान जैसे राज्यों में भी नेतृत्व को लेकर चौंका चुका है। ऐसे में हिमंत बिस्वा सरमा रिपीट होंगे या नहीं। इसे लेकर स्पष्ट तौर पर कुछ भी कहना मुश्किल है। हालांकि सीएम हिमंत ही रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि हिमंत बिस्वा सरमा की पिछले दो कार्यकालों में एक सख्त नेता की छवि बनी है। इसके अलावा हिंदुत्व के चेहरे के तौर पर भी उन्हें देखा जा रहा है। बांग्लादेशी घुसपैठियों का मसला हो या फिर आबादी के संतुलन का विषय हो। हिमंत बिस्वा सरमा ने हमेशा सख्ती के साथ बात रखी है। ऐसे में उन्हें नजरअंदाज कर पाना मुश्किल है। असम में यदि भाजपा ने लगातार तीसरी बार सफलता हासिल की है तो उसका श्रेय भी एक हद तक हिमंत बिस्वा सरमा को ही दिया जा रहा है। बंगाल में 9 मई को शपथ समारोह, कई नामों पर कयास बता दें कि बंगाल में 9 मई को ही शपथ समारोह होना है और शुक्रवार को मुख्यमंत्री चुनने के लिए विधायक दल की मीटिंग होगी। बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के अलावा समिक भट्टाचार्य, दिलीप घोष समेत कई नेताओं को रेस में माना जा रहा है। यहां तक कि रूपा गांगुली और अग्निमित्रा पॉल जैसी महिला नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं।

LPG कनेक्शन बचाने के लिए जरूरी, सरकार का नया नियम लागू; जानें क्या करना होगा

नई दिल्ली अगर आपके घर में भी रसोई गैस सिलेंडर (LPG) और पाइप वाली गैस (PNG) दोनों का इस्तेमाल हो रहा है, तो आपके लिए बड़ी खबर है। भारत सरकार अब एक घर, एक कनेक्शन (One Household, One Connection) के नियम को बेहद सख्ती से लागू कर रही है। नए नियमों के मुताबिक, किसी भी एक परिवार के लिए सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर और पीएनजी कनेक्शन दोनों को एक साथ रखना अब पूरी तरह से गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया है। पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसके चलते सरकार ने गैस के सही इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के लिए यह कड़ा कदम उठाया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि गैस सिलेंडर केवल उन जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे, जहां अभी तक पीएनजी की पाइपलाइन नहीं बिछी है। दिल्ली और देश के अन्य बड़े शहरों में गैस कंपनियां अब ऐसे घरों की पहचान कर रही हैं, जो दोनों कनेक्शन का एक साथ फायदा उठा रहे हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी नए आदेश के तहत ऑयल कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स को साफ निर्देश दिए गए हैं कि पीएनजी वाले घरों को नया एलपीजी सिलेंडर जारी या रीफिल न किया जाए।     एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करें- अगर आपके घर में पीएनजी (पाइपलाइन गैस) चालू हो चुकी है, तो आपको तुरंत अपना पुराना एलपीजी गैस कनेक्शन सरेंडर (वापस) करना होगा।     स्वेच्छा से छोड़ रहे हैं लोग- अब तक देश भर में 43,000 से अधिक उपभोक्ता स्वेच्छा से अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर चुके हैं, लेकिन सरकार के पास मौजूद डेटा के अनुसार ऐसे घरों की संख्या काफी अधिक है।     कार्रवाई की चेतावनी- अगर कोई परिवार इस नियम का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है और बिना किसी पूर्व सूचना के उसका कनेक्शन भी रद्द किया जा सकता है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल, 50% प्राकृतिक गैस और लगभग 60% एलपीजी विदेशों (मुख्य रूप से सऊदी अरब और यूएई) से आयात करता है। ईरान-इजराइल तनाव और वैश्विक संकट के कारण गैस सप्लाई काफी सीमित हो गई है। इसका असर न केवल घरों पर, बल्कि होटलों, रेस्तरां और कॉमर्शियल यूनिट्स पर भी पड़ रहा है, जहां एलपीजी की कम आपूर्ति के चलते वैकल्पिक ईंधन अपनाने को कहा जा रहा है। इसलिए, अगर आपके पास भी डबल कनेक्शन है, तो परेशानी से बचने के लिए जल्द से जल्द एक कनेक्शन सरेंडर कर दें। सबसे अधिक घरों में 14.2 किलो वाला सिलेंडर इस्तेमाल होता है। आज दिल्ली में यह एलपीजी सिलेंडर ₹913 में मिल रहा है। वहीं, छोटे परिवार या अस्थायी उपयोग के लिए 5 किलोग्राम का सिलेंडर ₹339 में उपलब्ध है।

भारत से नहीं, अब चीन से संपर्क करेंगे: बंगाल में बीजेपी जीत पर बांग्लादेश की प्रतिक्रिया

ढाका  पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने के तुरंत बाद पड़ोसी देश बांग्लादेश की तरफ से एक बड़ा बयान आया है। बांग्लादेश ने दोनों देशों के बीच सालों से अटके तीस्ता समझौते को लेकर कहा है कि इसके लिए अब वह भारत का इंतजार नहीं करेगा। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने एक बयान में यह बातें कही हैं। उन्होंने कहा है कि तीस्ता समझौते के लिए बांग्लादेश अब भारत का इंतजार नहीं कर सकता और इसीलिए अब चीन का रुख करेगा। डेली स्टार की एक रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेशी विदेश मंत्री ने इस समझौते को अपने देश के लिए बहुत जरूरी बताया। बता दें कि खलीलुर रहमान जल्द ही चीन के दौरे पर जाने वाले हैं। बीजिंग की आधिकारिक यात्रा से पहले मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि चीन में बातचीत के एजेंडे में तीस्ता परियोजना भी होगी। बंगाल में बीजेपी की सरकार पर क्या बोले रहमान? बांग्लादेशी विदेश मंत्री का यह बयान तब आया है जब पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार बनाने जा रही है। भाजपा की जीत पर पूछे गए सवालों पर रहमान ने कहा, “देखिए, पश्चिम बंगाल में अभी सरकार नहीं बनी है। वे क्या सोचते हैं या क्या करेंगे, यह उन्हें कहना है। उनका मन पढ़ना मेरा काम नहीं है। हम हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठ सकते, हमें अपना काम करना है।” तीस्ता पर क्या है विवाद? गौरतलब है कि तीस्ता नदी को लेकर दोनों देशों के बीच काफी समय से बात चल रही है, लेकिन अभी तक कोई समझौता नहीं हो पाया है। बांग्लादेश चाहता है कि उसे नदी में बराबर हिस्सा मिले, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार इसका विरोध करती है। 2011 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जब बांग्लादेश गए थे, तब इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश हुई थी। एक योजना के तहत तीस्ता का करीब 37.5 फीसदी पानी बांग्लादेश को और 42.5 फीसदी भारत को मिलने की योजना पर बात हुई थी। हालांकि बंगाल के विरोध के कारण यह बात आगे नहीं बढ़ सकी। 1983 में हुआ था अस्थायी समझौता इससे पहले 1983 में दोनों देशों के बीच एक अस्थायी समझौता हुआ था, जिसमें बांग्लादेश को 36 फीसदी और भारत को 39 फीसदी पानी देने की बात थी। वहीं बाकी 25 फीसदी का हिसाब बाद में तय होना था। लेकिन यह समझौता पूरी तरह लागू नहीं हो पाया। 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश दौरे के समय भी बांग्लादेश को उम्मीद थी कि कोई हल निकलेगा, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। बता दें कि भारत और बांग्लादेश आपस में बीच 54 नदियां साझा करते हैं, लेकिन अब तक सिर्फ दो पर ही समझौता हुआ है, गंगा और कुशियारा। अन्य नदियों के पानी के बंटवारे को लेकर अब भी विवाद चल रहा है। चीन के पास पहुंचा बांग्लादेश तीस्ता समझौते में देरी को देखते हुए बांग्लादेश ने 2019 में 'तीस्ता नदी व्यापक प्रबंधन और बहाली परियोजना' शुरू की और शेख हसीना की बीजिंग यात्रा के दौरान चीन से मदद मांगी थी। अब रहमान ने एक बार फिर चीन से सहयोग लेने की बात कही है। जानकारी के मुताबिक रहमान तीन दिवसीय इस दौरे पर वे चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान तीस्ता समझौते पर मदद के अलावा बांग्लादेश चीन से कम ब्याज दर पर कर्ज की मांग करेगा। वहीं बांग्लादेश चीन से निवेश भी मांगेगा। इससे पहले जुलाई के विद्रोह के बाद चीन की ओर से निवेश की गति धीमी रही है, जिसे अब नई सरकार फिर से रफ्तार देना चाहती है। वहीं चीन ने भी बांग्लादेश को करीबी पड़ोसी और रणनीतिक साझेदार बताते हुए संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा जताई है।

दुल्हन की अनोखी शादी: पहले 8 दूल्हों संग हो चुके फेरे, अब नौवां

बीड महाराष्ट्र के बीड़ जिले में फर्जी शादी कराकर युवाओं को लूटने वाला एक बड़ा गैंग सामने आया है. इस गैंग ने ग्रामीण इलाकों के कई युवाओं को अपनी ठगी का शिकार बनाया. ताजा मामला गेवराई तहसील के उमापुर गांव से सामने आया है, जहां एक युवती ने आठ बार शादी करने के बाद नौवीं बार उमापुर के एक युवक को अपने जाल में फंसाया और उससे लाखों रुपये ऐंठ लिए।  उमापुर के रहने वाले युवक की शादी के लिए कुछ एजेंटों ने मध्यस्थता की. शादी तय करने के नाम पर युवक से लाखों रुपये लिए गए. इसके बाद बाकायदा शादी हुई, लेकिन कुछ ही समय बाद दुल्हन और उसके साथ आए एजेंटों का असली चेहरा सामने आ गया. जांच में यह खुलासा हुआ कि जिस लड़की से युवक की शादी हुई, वह पहले आठ अलग-अलग लोगों से शादी कर चुकी थी. हर बार यह गैंग शादी के कुछ दिनों बाद पैसे और जेवर लेकर फरार हो जाता था।  इस धोखाधड़ी का शिकार हुआ उमापुर का युवक अब परेशान हो रहा है. उसने इस मामले की शिकायत एसपी से की. एसपी को जो एप्लिकेशन युवक ने दिया है, उसमें कहा है कि मेरे साथ लाखों की धोखाधड़ी हुई है. अब मेरे सामने कोई रास्ता नहीं बचा है. मुझे न्याय चाहिए।  युवक ने कहा कि उसे अंधेरे में रखकर शादी कराई गई थी. जिस युवती से शादी हुई, उसकी यह नौवीं शादी थी. इस पूरे मामले को लेकर चकलांबा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज हुई है. युवक का कहना है कि दुल्हन एक और दूल्हे अनेक बनाकर यह गिरोह युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर रहा है।  यह गैंग खासतौर पर ग्रामीण इलाकों के उन युवकों को निशाना बनाता था, जिन्हें शादी के लिए दुल्हन ढूंढने में परेशानी होती है. यह गैंग एजेंटों के जरिए युवकों को निशाना बनाया जाता है. गरीबी का हवाला देकर लाखों रुपये वसूले जाते हैं और शादी के कुछ दिन बाद दुल्हन गायब हो जाती है. शिकायत के आधार पर पुलिस अब इस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। 

अमेरिकी प्लेन का कतर में रहस्यमयी गायब होना, होर्मुज स्ट्रेट में चेतावनी जारी

वाशिंगटन मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अमेरिकी वायुसेना का KC-135 स्ट्रैटो टैंकर अचानक सुर्खियों में आ गया है. हवा में फ्यूल भरने की क्षमता के कारण फ्लाइंग गैस स्टेशन कहे जाने वाला ये विमान उड़ान के दौरान इमरजेंसी सिग्नल भेजने के बाद रडार से गायब हो गया. इसके बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं।  फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, बोइंग KC-135 ने कतर के पास 7700 स्क्वॉक कोड टेलिकास्ट किया यह एक अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी संकेत होता है. इसका इस्तेमाल तब किया जाता है, जब विमान किसी गंभीर स्थिति का सामना कर रहा हो. इसके कुछ ही समय बाद विमान रडार से गायब हो गया. माना जा रहा है कि उस समय यह किसी सैन्य बेस की ओर बढ़ रहा था।  आखिरी लोकेशन और संभावित वजहें रिपोर्ट के मुताबिक विमान ने अपनी ऊंचाई कम की और कतर की दिशा में मुड़ने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऊपर सिग्नल खो दिया. यह भी कहा जा रहा है कि विमान उस समय खाड़ी के ऊपर एयर-टू-एयर रीफ्यूलिंग मिशन पर था. 7700 कोड कई वजहों से ट्रिगर हो सकता है, जैसे तकनीकी खराबी, आग लगना, मेडिकल इमरजेंसी या किसी बाहरी खतरे का सामना किया होगा।  रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ट्रांसपॉन्डर कोड 7700 जारी करने के बाद विमान नीचे उतर रहा था और अपना कोर्स बदलकर कतर की ओर मुड़ रहा था. तभी अचानक रडार से लापता हो गया. ये घटना खाड़ी में हवा में ईंधन भरने के अभियान के दौरान विमान द्वारा रास्ता बदलने और ऊंचाई कम करने के बाद हुई. हालांकि, अमेरिकी एयरफोर्स ने इस घटना को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।  शुरुआत में यह स्पष्ट नहीं था कि विमान में कितने चालक दल के सदस्य सवार थे. अमेरिकी वायु सेना के आंकड़ों के अनुसार, इस विमान को आमतौर पर एक ही चालक दल का सदस्य संचालित करता है और इसमें एक कार्गो डेक होता है, जिसमें यात्री भी बैठ सकते हैं. ट्रांसपॉन्डर सिग्नल गायब होने से दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है. हालांकि, अभी तक मलबे, डिस्ट्रेस कॉल, बचाव अभियान या समुद्री अलर्ट की कोई पुष्टि नहीं हुई है।  बता दें कि 28 फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद से ईरान ने इस क्षेत्र में लक्षित हमलों में कई अमेरिकी सैन्य विमानों को मार गिराने का दावा किया था।  एक घंटे बाद पूरी तरह गायब गल्फ न्यूज़ के अनुसार, इमरजेंसी कोड दिखने के लगभग एक घंटे बाद विमान का ट्रांसपोंडर सिग्नल पूरी तरह बंद हो गया. हालांकि, सिर्फ सिग्नल खो जाना किसी दुर्घटना की पुष्टि नहीं करता, लेकिन इमरजेंसी अलर्ट के बाद ऐसा होना चिंता बढ़ाता है. अब तक किसी मलबे, संकट संदेश (distress call), रेस्क्यू ऑपरेशन या समुद्री अलर्ट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. विमान में कितने क्रू मेंबर थे, यह भी स्पष्ट नहीं है, हालांकि आमतौर पर KC-135 सीमित क्रू के साथ ऑपरेट किया जाता है।  क्यों अहम है यह मामला? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ग्लोबल ऑयल सप्लाई का प्रमुख मार्ग है. इस इलाके में किसी भी सैन्य या तकनीकी घटना का असर सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पड़ सकता है. ऐसे में KC-135 का अचानक गायब होना सुरक्षा और रणनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

लेनिन की मूर्ति हुई क्षतिग्रस्त, TMC कार्यालय पर कांग्रेस का अधिकार—बंगाल में बढ़ा उबाल

कलकत्ता पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के जियागंज इलाके में लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों ने मौके पर पहुंचकर मूर्ति को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान आरोपियों ने नारेबाजी भी की। पुलिस के अनुसार आरोपियों की अभी पहचान नहीं हो सकती है। सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। रात के अंधेरे में तोड़फोड़ यह घटना श्रीपत सिंह कॉलेज के सामने स्थित जियागंज-अजीमगंज नगर पालिका के वार्ड नंबर 2 में मंगलवार रात करीब 10:30 बजे हुई। इस घटना का एक वीडियो क्लिप सामने आया है, जिसमें कुछ लोग मूर्ति को नुकसान पहुंचाते हुए नजर आ रहे हैं, वीडियो में लोग जय श्री राम के नारे लगाते हुए भी दिख रहे हैं। हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार, जब पुलिस को घटना की सूचना मिली तो मौके पर जियागंज थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उससे पहले ही घटना में शामिल लोग वहां से फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। इसके लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। दोषियों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आम लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। तोड़ी गई लेनिन की प्रतिमा पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद के जियागंज में एक घटना सामने आई है, जहां लेनिन की दशकों पुरानी प्रतिमा को तोड़ दिया गया. महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा को गिराया और उसकी जगह दूसरी प्रतिमा लगाने की योजना बनाई. तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि इस तोड़फोड़ में बीजेपी समर्थकों का हाथ है।  वहीं, बीजेपी का कहना है कि इस घटना में उसके कार्यकर्ताओं या समर्थकों की कोई भूमिका नहीं थी. पार्टी का दावा है कि चुनाव के बाद के जश्न के दौरान वहां अलग-अलग समूहों के लोग मौजूद थे, और हो सकता है कि किसी अज्ञात शख्स ने यह हरकत की हो।  कांग्रेस ने नदिया में टीएमसी कार्यालय परकब्ज़ा कर लिया है. यह घटना नदिया जिले के करीमपुर 2 ब्लॉक की नतिडांगा ग्राम पंचायत में हुई. कांग्रेस का कहना है कि यह दफ्तर पहले उसी का था, टीएमसी ने इस पर कब्जा कर लिया था TMC दफ्तर पर बुलडोजर मंगलवार रात को मध्य कोलकाता में उस वक्त तनाव फैल गया, जब बुलडोजरों के साथ आए लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर ऐतिहासिक हॉग मार्केट इलाके के पास तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक दफ़्तर को निशाना बनाया. इस घटना से दुकानदारों में दहशत फैल गई और उन्हें अपनी दुकानें अचानक बंद करनी पड़ीं।  टीएमसी का न्यू मार्केट में यूनियन दफ़्तर लोगों का मुख्य निशाना था और उसे पूरी तरह से ढहा दिया गया. इलाके में हुई तोड़-फोड़ और अफरा-तफरी की तस्वीरें तेज़ी से फैल गईं, जिससे स्थानीय दुकानदारों की चिंता और बढ़ गई. कोलकाता के सबसे व्यस्त कारोबारी केंद्रों में से एक में जब हालात बिगड़ने लगे, तो घबराए हुए व्यापारियों ने अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए और वहां से भाग निकले।  न्यू मार्केट इलाके में हिंसा और बुलडोजर एक्शन को लेकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्र ने सोशल मीडिया पर गुस्सा जाहिर किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "कोलकाता का ऐतिहासिक न्यू मार्केट. बंगाली परिवर्तन का आनंद ले रहे हैं।  TMC के सीनियर लीडर डेरेक ओ'ब्रायन ने यह भी आरोप लगाया कि यह तोड़फोड़ सरकारी निगरानी में की गई. उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “मध्य कोलकाता में न्यू मार्केट के पास पुलिस की अनुमति से जीत के जश्न के हिस्से के तौर पर मीट की दुकानों को गिराने के लिए एक बुलडोजर लाया गया. CAPF के जवान आस-पास खड़े थे.” उन्होंने आगे कहा, “यही है बीजेपी. दुनिया इन तस्वीरों को देखे।  टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने लिखा, "जगतबल्लभपुर में TMC पार्टी के दफ़्तर को कथित तौर पर बीजेपी के उपद्रवियों ने आग लगा दी है. यह उस स्थिति का एक चिंताजनक आईना है, जिसे झेलने के लिए अब बंगाल के लोग मजबूर हैं।  'बीजेपी का परिवर्तन बुलडोजर के साथ…' ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को बीजेपी पर मध्य कोलकाता में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया. पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी समर्थकों ने न्यू मार्केट इलाके के पास दुकानों और एक पार्टी दफ़्तर में तोड़फोड़ की।  सोशल मीडिया पर जारी एक कड़े बयान में टीएमसी ने दावा किया कि 'बीजेपी समर्थकों की भीड़' ने जमकर उत्पात मचाया. टीएमसी ने इस घटना को 'खुली गुंडागर्दी और अराजकता' करार दिया है. पार्टी ने आरोप लगाया कि इस हिंसा में स्थानीय कारोबारियों और तृणमूल कांग्रेस के दफ़्तर को निशाना बनाया गया, जिससे व्यापारियों में दहशत फैल गई।  टीएमसी ने आगे आरोप लगाया कि बीजेपी के सीनियर नेता पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा की गई ऐसी हरकतों को बढ़ावा दे रहे हैं. इन नेताओं में नरेंद्र मोदी और अमित शाह भी शामिल हैं. बढ़ते तनाव पर चेतावनी देते हुए टीएमसी ने कहा कि यह घटना एक बड़े पैटर्न का हिस्सा है, जिसे पार्टी ने 'बुलडोजर की राजनीति' का नाम दिया है।  TMC और BJP वर्कर की हत्या बंगाल में जारी हिंसा में अब तक दो लोगों की मौत का मामला सामने आया है. एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बंगाल पुलिस ने बताया कि मंगलवार को पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के एक-एक कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को दिन में बीरभूम के नानूर में बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई।  वहीं, मंगलवार शाम न्यू टाउन इलाके में जीत के जुलूस के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर पीटे जाने के बाद बीजेपी कार्यकर्ता मधु मंडल की मौत हो गई।  चुनाव आयोग ने दिए कार्रवाई के निर्देश… निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुखों को पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद किसी भी किस्म की और किसी के भी हिंसा फैलाने … Read more

सुपर फास्ट! चीन ने 1000 की स्पीड वाली ट्रेन का सफल परीक्षण किया

बीजिंग  सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो चीन की 1000 किलोमीटर प्रति घंटे से चलने वाली ट्रेन का है. जी हां, चीन 1000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेन पर काम कर रहा है और अब चीन ने इसका परीक्षण किया है. सोशल पर दावा किया जा रहा है चीन ने इस खास ट्रेन का एडवांस स्टेड परीक्षण किया है।  ये ट्रेन मैग्नेटिक लेविटेशन वाली वैक्यूम ट्यूब के अंदर 1000 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है. इससे 200 किलोमीटर की दूर कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाएगी. ऐसे में जानते हैं कि आखिर ये ट्रेन कितनी खास है और चीन का ये खास प्रोजेक्ट कैसा है? सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है,  उसमें ट्रेन की वैक्यूम ट्यूब को दिखाया जा रहा है और इस ट्रेन के बारे में बताया जा रहा है कि ये कितनी तेज है. ये कई मायनों में एयरप्लेन से भी तेज साबित हो सकती है।  ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, ये अल्ट्रा हाई स्पीड लॉ वैक्यूम ट्यूब माग्लेव ट्रांसपोर्ट सिस्टम है. इस ट्रेन सिस्टम की हाई स्पीड 1000 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. बताया जा रहा है कि जब ये ट्रेन चलेगी तो बीजिंग से शंघाई का सफर सिर्फ 90 मिनट में हो जाएगा, जो करीब 1200 किलोमीटर है।  4000 तक स्पीड ले जाने पर काम अगर भारत के शहरों से हिसाब से लगाया जाए तो दिल्ली से पटना तक की दूरी करीब 1 घंटे में पूरी हो सकती है. इस ट्रेन की खास बात ये है कि इतनी तेज चलने के बाद भी इस हाईस्पीड ट्रेन में पैसेंजर अपने स्मार्टफोन पर अल्ट्रा-हाई-डेफिनिशन वीडियो देख सकते हैं या ऑनलाइन गेम का आनंद ले सकते हैं. इतनी तेज स्पीड होने के बाद भी इसमें 5 जी इंटरनेट भी चलेगा. इसके साथ ही चीन का ये प्लान भी है कि इस ट्रेन की स्पीड को 4000 तक भी किया जाएगा।  ये ट्रेन ट्यूब के अंदर चलेगी. चीन की 1000 किमी/घंटा की रफ्तार वाली मैगलेव ट्रेन के 2027-2035 के बीच चालू होने की संभावना है. कुछ साल पहले चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CASIC) ने इस मैग्लेव ट्रेन का परीक्षण शांसी स्थित टेस्ट जोन में किया था।  यहां पर दो किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के अंदर वैक्यूम क्रिएट करके ट्रेन को चलाया गया था. अब चीन इस ट्रेन को बड़े शहरों के बीच चलाने की कोशिश कर रहा है. उत्तर चीन के शांसी प्रांत के डाटोंग शहर में इस ट्रेन के लिए सुपरकंडक्टिंग मैग्लेव टेस्ट लाइन बनाई गई है।  इससे पहले भी चीन हाई स्पीड ट्रेन के मामले में काफी तरक्की कर चुका है और 600 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड वाली बुलेट ट्रेन चला रहा है। 

घरों से विधानसभा तक का सफर: कलिता माझी बनी बीजेपी विधायक

कोलकाता  पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक ऐसी कहानी उभरी है, जो सिर्फ जीत-हार से कहीं आगे जाकर उम्मीद, संघर्ष और बदलाव की मिसाल बन गई. बीजेपी की कलिता माझी ने, तृणमूल कांग्रेस के श्यामा प्रसन्न लोहार को हराकर औसग्राम (SC) विधानसभा क्षेत्र संख्या 273 में जीत हासिल की है. कलिता माझी ने श्यामा प्रसन्न को 12,535 वोटों के अंतर से हराया।  कलिता माझी को कुल 107692 वोट मिले, जबकि श्यामा प्रसन्न को 95157 वोटों से ही संतुष्ट करना पड़ा. इसके अलावा सीपीआई (एम) के चंचल कुमार माझी को 16478, कांग्रेस के तापस बराल को 2082 और निर्दलीय उम्मीदवार निहार कुमार हाजरा को महज 994 वोट ही मिल सके।  बीजेपी सांसद पी. सी. मोहन ने ‘एक्स’ पर लिखा, “बीजेपी बंगाल की उम्मीदवार कलिता माझी, जो 4 घरों में घरेलू कामगार के तौर पर काम करती हैं और महीने के ₹2,500 कमाती हैं, ने औसग्राम निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की है. यही बीजेपी की ताकत है, जहां एक आम नागरिक भी आगे बढ़ सकता है और एक सचमुच प्रेरणादायक कहानी लिख सकता है।  औसग्राम सीट से बीजेपी उम्मीदवार कलिता माझी (Kalita Majhi) की जीत ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में आम आदमी की ताकत क्या होती है. चार घरों में घरेलू काम करके हर महीने महज 2,500 रुपये कमाने वाली कलिता माझी का सफर आसान नहीं रहा।  रोज़मर्रा की ज़िंदगी की चुनौतियों से जूझते हुए उन्होंने कभी यह नहीं सोचा होगा कि एक दिन वे विधानसभा तक पहुंचेंगी. लेकिन यही भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती है, जहां जमीन से जुड़ा एक साधारण नागरिक भी अपनी मेहनत और हौसले के दम पर इतिहास रच सकता है।  औसग्राम जैसे क्षेत्र में, जहां लंबे समय से पारंपरिक राजनीति का असर रहा है, वहां कलिता माझी की जीत सिर्फ एक सीट की जीत नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का संकेत भी मानी जा रही है. यह जीत उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद की किरण है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हैं।