samacharsecretary.com

यमन में फिर भड़की जंग, हूती-सरकारी बलों की लड़ाई में 81 की मौत; रेड सी पर बढ़ा खतरा

सना  यमन में हूती विद्रोहियों और सरकारी बलों के बीच जारी संघर्ष ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया है. गुरुवार से शुरू हुई झड़पों में दोनों तरफ से अब तक कम से कम 81 लड़ाके मारे जा चुके हैं. मौतों का यह आंकड़ा सैन्य अधिकारियों और चिकित्सा सूत्रों के हवाले से सामने आया है।  मृतकों में सरकारी बलों के 39 जवान और हूती समूह के कम से कम 42 लड़ाके शामिल हैं. दोनों पक्षों के बीच संघर्ष के चलते हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. जानकारी के मुताबिक, देश के अलग-अलग इलाकों में हुई लड़ाई में दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।  रेड सी तट पर सरकारी बलों को पहुंचा नुकसान रेड सी यानी लाल सागर के तट पर तैनात एक सैन्य अधिकारी के मुताबिक, वहां हुई झड़पों में सरकारी बलों के 24 जवान मारे गए. यह इलाका संघर्ष के लिहाज से अहम माना जा रहा है।  यहां दोनों पक्षों के बीच लगातार टकराव की स्थिति बनी हुई है. ताइज शहर में तैनात एक दूसरे आर्मी ऑफिसर ने बताया कि वहां 15 जवान मारे गए हैं. इस तरह रेड सी तट और ताइज में सरकारी बलों के कुल 39 लड़ाके मारे गए हैं।  हूती पक्ष को भी भारी नुकसान हूती नियंत्रण वाले इलाकों से मिली चिकित्सा जानकारी के अनुसार, संघर्ष में कम से कम 42 हूती लड़ाके भी मारे गए हैं. इससे साफ है कि गुरुवार से जारी लड़ाई में दोनों पक्षों को बड़ा नुकसान हुआ है।  हालांकि, अभी तक संघर्ष में घायल हुए लोगों या नागरिकों के हताहत होने की संख्या की जानकारी नहीं दी गई है. इसी तरह झड़पों की वजह और आगे की स्थिति को लेकर भी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।  ईरान का दावा- 105 बच्चों और महिलाओं पर हमला दोनों देशों ने एक-दूसरे के अहम ठिकानों पर हमले किए हैं. इसमें 105 बच्चों और महिलाओं के जख्मी होने का आरोप ईरान की ओर की ओर से लगाया गया है. हाल के हफ्तों में दोनों के बीच सबसे भीषण सैन्य टकराव देखने को मिला है. दक्षिणी ईरान में एक शादी समारोह पर अमेरिकी हमले का आरोप इस तनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने रात में ईरान के कई ठिकानों पर बहुत भारी हमला किया. उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका जब चाहे, इस तरह की एक और कार्रवाई कर सकता है. ट्रंप ने कुछ समय के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदलकर ट्रंप स्ट्रेट रखने की बात भी कही. हालांकि ये ट्रंप का अपना काम करने का स्टाइल है लेकिन उन्हें इससे पीछे भी हटना पड़ा।  ताइज में यमनी सेना की बड़ी कार्रवाई, हूती विद्रोहियों के 3 ड्रोन मार गिराए यमनी सेना ने ताइज प्रांत के जबल हबाशी जिले में एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन चलाते हुए हूती विद्रोहियों के तीन ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया है. देश की सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हवाई हमले को नाकाम करने के साथ-साथ यमनी सेना और हूती लड़ाकों के बीच ताइज़ शहर के पश्चिम में स्थित अल-बराह मोर्चे पर भी भारी झड़प हुई है. सीमावर्ती इलाकों में हूती लड़ाकों की बढ़ती गतिविधियों के बीच सेना की इस त्वरित कार्रवाई ने विद्रोहियों के मंसूबों को नाकाम कर दिया है, हालांकि इस भीषण गोलाबारी और जंग के बाद इलाके में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।   होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए तेहरान की मंजूरी जरूरी, ईरान ने दी सख्त चेतावनी ईरान के सुरक्षा अधिकारी इब्राहिम अजीजी ने साफ कर दिया है कि तेहरान की इजाजत के बिना होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नहीं खोला जा सकता है. उन्होंने दावा किया कि ईरान की सख्त सैन्य रणनीति के आगे उसके विरोधी 500 मील पीछे हटने पर मजबूर हो गए हैं. अधिकारी के अनुसार, हाल ही में किए गए सैन्य हमलों ने दुनिया के सामने ये साबित कर दिया है कि ईरान अपनी चेतावनियों को अमलीजामा पहनाने और अपनी धमकियों को पूरा करने की पूरी क्षमता रखता है. इस बयान के बाद रणनीतिक रूप से बेहद अहम इस समुद्री मार्ग को लेकर वैश्विक स्तर पर तनाव और ज्यादा गहरा गया है।   दक्षिण लेबनान के अल-मंसूरी गांव पर इसराइली तोपों का जोरदार हमला दक्षिणी लेबनान में एक बार फिर भारी तनाव देखने को मिला है, जहां इसराइली तोपखाने ने अल-मंसूरी शहर को निशाना बनाते हुए भीषण गोलाबारी की है. लेबनान की आधिकारिक नेशनल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इसराइली सेना ने सीमा पार से अल-मंसूरी इलाके में तोपों से कई गोले दागे हैं. इस अचानक हुए हमले के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है और सुरक्षा को लेकर काफी चिंताएं बढ़ गई हैं. सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रही इस तरह की सैन्य कार्रवाइयों से दोनों देशों के बीच पहले से बने संवेदनशील हालात और भी ज्यादा गंभीर रूप ले रहे हैं। 

Penguin के बाद HarperCollins करेगा सोनिया गांधी की किताब प्रकाशित, 10 नवंबर को आएगी ‘Belonging’

 नई दिल्ली कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की आत्मकथा 'Belonging: A Journey of Love' को भारत में हर्परकॉलिन्स (HarperCollins) प्रकाशित करेगा। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा इस किताब को भारत में छापने से इनकार करने के बाद इसकी घोषणा की गई है। पेंगुइन ने सोनिया गांधी की किताब की पांडुलिपि के कुछ हिस्सों में कुछ बदलाव की मांग की थी। कुछ हिस्सों को हटाने का भी सुझाव दिया था। सोनिया गांधी ने इन बदलावों को स्वीकार करने से मना कर दिया। उनका कहना था यह उनके जीवन की कहानी है और वे इसमें ऐसा कोई संशोधन नहीं चाहतीं जिससे तथ्यों या उनके दृष्टिकोण का रूप बिगड़े। इसके बाद पेंगुइन इंडिया के साथ डील रद्द हो गई। हार्परकॉलिन्स ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में इसकी घोषणा करते हुए लिखा, ''हार्परकॉलिन्स इंडिया सोनिया गांधी की किताब Belonging: A Journey of Love पब्लिश करेगा। लंबे समय से इंतजार की जा रही यह आत्मकथा भारत में 10 नवंबर 2026 को पब्लिश होगी। हमारे समय की सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली राजनीतिक आत्मकथाओं में से एक प्यार, पहचान, कर्तव्य और अपनापन महसूस करने की एक रोमांचक और बेहद निजी कहानी है। यह भारत की यात्रा को अंदर से देखने का एक अनोखा नजरिया भी पेश करती है।'' पेंगुइन ने क्या कहा था? विवाद बढ़ने पर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि यह कहना गलत होगा कि उन्होंने केवल बदलाव नहीं मानने के कारण हाथ पीछे खींचे। पेंगुइन का कहना था कि तथ्यों की जांच और संपादकीय सुझाव देना किसी भी प्रकाशक की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और वे किताब छापने के इच्छुक थे। उन्होंने गोपनीयता का हवाला देते हुए विस्तृत जानकारी देने से मना कर दिया। कांग्रेस नेताओं जैसे कि अशोक गहलोत, कमलनाथ और गौरव गोगोई ने पेंगुइन के इस कदम को राजनीतिक दबाव और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला करार दिया। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब पेंगुइन का अंतरराष्ट्रीय ब्रांड वैश्विक स्तर पर इसे बिना बदलावों के छाप रहा है तो पेंगुइन इंडिया को इसमें आपत्ति क्यों हुई? बीजेपी नेताओं ने तर्क दिया कि तथ्य-जांच और ऐतिहासिक सत्यता सुनिश्चित करना प्रकाशक का अधिकार है न कि केवल मनगढ़ंत दावों को छापना।

अंतरिक्ष में भारत की बड़ी छलांग, EOS-05 सफलतापूर्वक ऑर्बिट में तैनात; मिलेगी लगातार निगरानी की ताकत

श्रीहरिकोटा  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ई.ओ.एस.05 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया. यह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक और बड़ी उपलब्धि है।  इसरो के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने कहा, 'मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि जीएसएलवी-एफ17 व्हीकल ने एडवांस्ड अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट ई.ओ.एस.05 को तय और जरूरी ऑर्बिट में सफलतापूर्वक और सही तरीके से पहुंचा दिया है।  रियल-टाइम इमेजरी देने और खेती और डिजास्टर मैनेजमेंट जैसे एरिया में देश की मदद करने के लिए तैयार जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट पेलोड लेकर स्पेसपोर्ट से भारतीय समयानुसार सुबह 2:55 बजे आसमान में उड़ा।  यह प्रक्षेपण जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट पर किया गया, जो भारत के जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी) की ईओएस-05 के रूप में सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (सब-जीटीओ) की ओर 19वीं उड़ान है. मिशन में शामिल इसरो और साइंटिस्ट्स की तारीफ करते हुए डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर लिखा, 'अंतरिक्ष में भारत की एक और बड़ी छलांग! जीएसएलवी-एफ17/ई.ओ.एस.05 के सफल लॉन्च पर टीम इसरो को बधाई।  ई.ओ.एस.05 एक अत्याधुनिक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है और जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट है, जो विजिबल, इंफ्रारेड, मल्टी-स्पेक्ट्रल और हाइपरस्पेक्ट्रल बैंड में एडवांस्ड इमेजिंग को सक्षम बनाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूर की सोच वाली लीडरशिप से भारत की स्पेस कैपेबिलिटी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है, जिससे ग्लोबल स्पेस पावर के तौर पर हमारी जगह और मजबूत हो रही है।  इस मिशन ने लोगों का काफी ध्यान खींचा, स्टूडेंट्स, टीचर्स और स्पेस के शौकीन लोग लॉन्च देखने के लिए श्रीहरिकोटा में इकट्ठा हुए. बारिश के बावजूद लोग रॉकेट को उड़ान भरते देखने के लिए लॉन्च-व्यूइंग एरिया में मौजूद रहे. ई.ओ.एस.05 सैटेलाइट को पृथ्वी के बड़े हिस्सों का बार-बार ऑब्जर्वेशन करने और मौसम, खेती से जुड़े अपडेट वगैरह से जुड़ी जानकारी देने के लिए डिजाइन किया गया है।  स्पेसक्राफ्ट को जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट से ले जाया गया, जिसके पेलोड फेयरिंग में 4-मीटर डायमीटर का ओगिव कम्पोजिट कॉन्फ़िगरेशन है. इस व्हीकल का मिशन ई.ओ.एस.05 को सब-जीटीओ में रखना है, जिसके बाद सैटेलाइट के अपने ऑपरेशनल ऑर्बिट में पहुंचने की उम्मीद है।  ऐसे कक्षा से उपग्रह को पृथ्वी के बड़े हिस्सों का बार-बार अवलोकन करने और मौसम, खेती से जुड़े अपडेट वगैरह से जुड़ी जानकारी देने के लिए डिजाइन किया गया है. पिछले जीएसएलवी मिशन, जीएसएलवी-एफ16 ने जुलाई 2025 में नासा -इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (NISAR) सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था. जीएसएलवी-एफ17 के सफल लॉन्च के साथ, इसरो ने एक बार फिर भारत के अर्थ ऑब्जर्वेशन प्रोग्राम को आगे बढ़ाते हुए अपने जीएसएलवी प्लेटफ़ॉर्म की क्षमताओं को दिखाया है। 

बलूचिस्तान में BLA का बड़ा हमला, 25 PAK सैनिकों की मौत का दावा; हथियार लेकर भागे हमलावर

बलोचिस्तान     पाकिस्तान के बलोचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों के खिलाफ दो अलग-अलग हमलों को लेकर बलोच लिबरेशन आर्मी यानी BLA ने बड़ा दावा किया है. संगठन का कहना है कि 3 सितंबर को हुए इन हमलों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के 25 जवान मारे गए।  BLA के मुताबिक, पहला हमला जियारत क्रॉस के पास पाकिस्तानी सेना के एक काफिले को निशाना बनाकर किया गया. संगठन ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने काफिले की दो गाड़ियों को नष्ट कर दिया और इस हमले में 18 सुरक्षाकर्मी मारे गए. BLA का कहना है कि पांच घायल जवान वहां से भागने में कामयाब रहे, जबकि हमलावरों ने हथियार भी अपने कब्जे में ले लिए।  संगठन ने दूसरे हमले का दावा सुराब के हाजीका इलाके में किया. BLA के मुताबिक, यहां उसके एसटीओएस ने रिमोट कंट्रोल से संचालित वाहन में विस्फोट किया. इस हमले में सात सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने का दावा किया गया है. BLA ने जियारत क्रॉस पर हुए हमले में अपने फतेह स्क्वाड के शामिल होने की बात कही है. संगठन ने दोनों हमलों की जिम्मेदारी भी ली है।  जियारत क्रॉस पर सैन्य काफिले को बनाया निशाना BLA के प्रवक्ता के मुताबिक, उसके लड़ाकों ने जियारत क्रॉस के पास एक सैन्य काफिले को निशाना बनाया। हमले में सैन्य वाहनों को निशाना बनाया गया और इनमें से दो वाहन नष्ट हो गए, जिनमें एक सैन्य ट्रक भी शामिल था। संगठन ने शुरुआत में इस हमले में 18 सैन्यकर्मियों के मारे जाने का दावा किया था। बाद में उसने मृतकों की संख्या बढ़ाकर 25 कर दी। BLA ने अपने आधिकारिक मीडिया चैनल हक्कल के जरिए एक मिनट 11 सेकंड का वीडियो ट्रेलर भी जारी किया। संगठन का कहना है कि इसमें जियारत क्रॉस हमले की तस्वीरें हैं। जारी किए गए फुटेज में कथित तौर पर जलते हुए पाकिस्तानी सैन्य वाहनों के पास हथियारबंद लड़ाके नजर आते हैं। मौके पर शव और हथियार भी दिखाई देने का दावा किया गया है। BLA ने कहा है कि वह बाद में इस हमले का पूरा वीडियो जारी करेगा। सुराब के हाजीका इलाके में भी हमला BLA के बयान के मुताबिक, दूसरा हमला सुराब के हाजीका इलाके में किया गया। संगठन की स्पेशल टैक्टिकल ऑपरेशंस स्क्वाड (STOS) ने विस्फोटकों से लदी एक गाड़ी को दूर से विस्फोट कर दिया। BLA के अनुसार, इस हमले में एक सैन्य वाहन नष्ट हुआ और सात सैन्यकर्मी मारे गए। दोनों हमलों में कुल 25 सैन्यकर्मियों के मारे जाने का दावा BLA की ओर से किया गया है। बलूचिस्तान में 21 आतंकवादी मारे गए इससे पहले पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार को दावा किया था कि उसके अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों और विद्रोहियों के बीच हुई दो अलग-अलग झड़पों में कम से कम 21 आतंकवादी मारे गए हैं। सेना ने एक बयान में कहा कि ये घटनाएं सोमवार रात चगाई जिले के नोकचा और पिशिन जिले के जियारत चौराहे पर हुईं, जिनमें सुरक्षा बल के पांच जवान और सीमा शुल्क विभाग का एक अधिकारी भी मारा गया। इसमें कहा गया है कि सुरक्षा बलों की प्रभावी जवाबी कार्रवाई में 'फितना-अल-खवारिज' से जुड़े 21 आतंकवादी मारे गए। 'फितना-अल-खवारिज' वह शब्द है जिसका इस्तेमाल सरकार प्रतिबंधित संगठन 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (टीटीपी) के लिए करती है। पहली घटना में, आतंकवादियों ने जबरन वसूली के लिए एन-40 क्वेटा-ताफ्टन राजमार्ग पर एक अवैध जांच चौकी बनाकर यात्रियों की आवाजाही में बाधा डालने की कोशिश की। पाकिस्तान ने नहीं की सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि इन हमलों में 25 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने के BLA के दावे की फिलहाल पाकिस्तानी अधिकारियों या किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है. BLA इससे पहले भी पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों पर किए गए हमलों में बड़ी संख्या में जवानों के मारे जाने का दावा करता रहा है।  बलोचिस्तान में लगातार बढ़ रही हिंसा बलोचिस्तान में अलगाववादी संगठन BLA लंबे समय से पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों के खिलाफ सशस्त्र अभियान चला रहा है. अगस्त 2026 में भी BLA ने 9 से 15 अगस्त के बीच आठ दिनों में 22 समन्वित हमले करने का दावा किया था. संगठन ने इन हमलों में 26 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की बात कही थी।  अगस्त के अंत में मस्तुंग के पास एक सैन्य काफिले पर IED हमले को लेकर भी BLA ने 13 सैनिकों को मारने का दावा किया था. वहीं जुलाई 2026 में ग्वादर कोस्ट गार्ड कैंप पर आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी BLA की मजीद ब्रिगेड ने ली थी और 30 से ज्यादा पैरामिलिट्री जवानों के मारे जाने का दावा किया था। 

डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ भारतीय रुपया, 2 महीने से ज्यादा के उच्चतम स्तर पर पहुंचा

नई दिल्ली भारतीय रुपया गुरुवार को डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 2 महीने से ज्यादा के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया. शुरुआती कारोबार में रुपया 94.27 प्रति डॉलर तक पहुंचा. यह 29 जून के बाद रुपये का सबसे मजबूत स्तर है. बुधवार को रुपया 94.98 पर बंद हुआ था. यानी एक दिन में रुपये की स्थिति में अच्छी मजबूती देखने को मिली. ब्लूमबर्ग के मुताबिक, गुरुवार को डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में करीब 0.74% की मजबूती आई और यह 94.2712 तक पहुंच गया।  हालांकि, बाद में यह मजबूती थोड़ी कम हुई और करीब 0.5% रह गई. अब डॉलर के मुकाबले 94 रुपये का स्तर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अगर डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट 94 से नीचे जाता है और वहां बना रहता है, तो निर्यातक अपनी हेजिंग बढ़ा सकते हैं. ऐसी स्थिति में रुपया और मजबूत होकर 92.50 प्रति डॉलर तक पहुंच सकता है. इसलिए आने वाले दिनों में बाजार की नजर 94 के स्तर पर रहेगी।  RBI की स्कीम से मिला बड़ा फायदा रुपये की मजबूती की एक बड़ी वजह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से की गई डॉलर की बिक्री और देश में आया बड़ा फॉरेन रिजर्व इंफ्लो माना जा रहा है. RBI ने कुछ महीने पहले विदेशी मुद्रा जुटाने के लिए एक खास योजना, फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) यानी FCNR(B) डिपॉजिट शुरू की थी. आरबीआई ने 31 अगस्त तक कुल 136.37 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा जुटाई. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा प्रवासी भारतीयों के जमा पैसे का रहा।  आंकड़ों के मुताबिक, FCNR(B) डिपॉजिट से 127.2 अरब डॉलर आए. इसके अलावा विदेश से ली गई विदेशी मुद्रा उधारी से 5.26 अरब डॉलर और एक्सटर्नल कमर्शियल बारोविंग (ECB) से 3.89 अरब डॉलर मिले. खास बात यह है कि शुरुआत में इस योजना से सिर्फ 50-60 अरब डॉलर आने का अनुमान था. बाद में इसे बढ़ाकर 80 अरब डॉलर किया गया, लेकिन वास्तविक रकम इससे काफी ज्यादा रही।  क्यों शुरू की गई थी यह योजना? RBI ने 8 जून को यह खास विदेशी मुद्रा योजना शुरू की थी. उस समय रुपये पर दबाव बढ़ रहा था. पश्चिम एशिया में तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमत और विदेशी मुद्रा भंडार में कमी जैसे कारणों से रुपये को नुकसान हो रहा था. ऐसे समय में RBI ने बैंकों और दूसरे माध्यमों से विदेशी मुद्रा जुटाने की सुविधा दी, ताकि देश में डॉलर की उपलब्धता बढ़े और रुपये को सहारा मिले. ऐसे माहौल में RBI ने NRI से विदेशी मुद्रा जुटाने के लिए FCNR(B) डिपॉजिट को बढ़ावा देने की रणनीति अपनाई।  फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) यानी FCNR(B) अकाउंट NRI के लिए एक फिक्स्ड टर्म डिपॉजिट होता है. इसमें NRI अपनी विदेशी कमाई को भारत में विदेशी मुद्रा में जमा कर सकते हैं. उन्हें रकम को पहले भारतीय रुपये में बदलने की जरूरत नहीं होती. इस खाते की खासियत यह है कि मूलधन और उस पर मिलने वाला ब्याज दोनों विदेशी मुद्रा में ही वापस मिलते हैं. ऐसे में NRI को रुपये में उतार-चढ़ाव का जोखिम नहीं उठाना पड़ता।  रुपये के लिए ये 3 बातें फायदेमंद कोटक सिक्योरिटीज के FX एनालिस्ट अनिंद्य बनर्जी के मुताबिक, रुपये को इस समय तीन चीजों से फायदा मिल रहा है. पहला, RBI की योजना से बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा आई है. इससे RBI के पास रुपये को संभालने की ज्यादा क्षमता है. दूसरा, भारत की GDP के मजबूत आंकड़ों से अर्थव्यवस्था को लेकर बाजार का भरोसा बढ़ा है. तीसरा, बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त पैसा मौजूद है. इससे आर्थिक गतिविधियों को भी सहारा मिल रहा है. बनर्जी का अनुमान है कि RBI की इस योजना से कुल फॉरेन रिजर्व इंफ्लो करीब 145 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।  FCNR(B) विंडो बंद, बाकी सुविधाएं जारी RBI की इस योजना के तहत FCNR(B) में नए जमा लेने की सुविधा 31 अगस्त को बंद हो गई. इसे तय समय से करीब एक महीने पहले बंद किया गया है. इसका मतलब है कि इस सुविधा को उम्मीद से ज्यादा अच्छा रिस्पॉन्स मिला. हालांकि, इस योजना के तहत RBI के साथ विदेशी मुद्रा स्वैप की सुविधा 11 सितंबर तक जारी रहेगी. वहीं ECB और OFCB से जुड़ी सुविधा 31 दिसंबर तक खुली रहेगी. CareEdge Ratings के मुताबिक, इस योजना के तहत बड़ी रकम आने से बैंकिंग सिस्टम में पैसे की उपलब्धता बढ़ी है. इससे बैंकों को आने वाले समय में फंडिंग जुटाने में कुछ राहत मिलेगी। 

9 दिन तक सुरंग में फंसे रहे दो लोग, नेपाल में रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला

काठमांडू नेपाल में 26 अगस्त की फ्लैश फ्लड के नौ दिन बाद त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो लोगों को जिंदा बाहर निकाला गया है. रेस्क्यू किए गए लोगों की पहचान मैकेनिकल फोरमैन संजय साह और मैकेनिकल सुपरवाइजर कबीर महार्जन के तौर पर हुई है. शुक्रवार को पहले संजय साह को बाहर निकाला गया और उसके बाद कबीर महार्जन को भी सुरक्षित निकाल लिया गया।  यह रेस्क्यू तब संभव हुआ जब टीमों को सुरंग के अंदर से इंसानी आवाजें सुनाई दीं. रेस्क्यू टीम ने अंदर फंसे लोगों से कहा, "घबराएं नहीं, हम आपको बचाने आए हैं." इसके जवाब में अंदर से आवाज सुनाई दी।  इसके बाद नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल ने ऑपरेशन तेज किया और सुरंग के अंदर मौजूद लोगों से संपर्क स्थापित किया. रेस्क्यू टीमों को आशंका है कि अभी और लोग सुरंग के अंदर फंसे हो सकते हैं, इसलिए तलाश जारी है।  26 अगस्त को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने त्रिशूली नदी के पूरे कॉरिडोर में भारी तबाही मचाई थी. इस हादसे में 1,252 लोगों की मौत हुई और कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के साथ प्रमुख सड़क संपर्क भी प्रभावित हुए. मुश्किल हालात के बीच रेस्क्यू टीमें लगातार सुरंगों और क्षतिग्रस्त ढांचों में फंसे दूसरे लोगों की तलाश कर रही हैं।  900 से ज्यादा हाइड्रोपावर कर्मचारी लापता 26 अगस्त को आई भयानक फ्लैश फ्लड ने नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई थी. बाढ़ के बाद 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से जुड़े 900 से ज्यादा कर्मचारी लापता हो गए. इनमें से सैकड़ों के सुरंगों और जमीन के नीचे बने हिस्सों में फंसे होने की आशंका है।  रसुवा और नुवाकोट में बाढ़ से प्रभावित हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में लापता करीब 500 कर्मचारियों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका जताई गई है. बाढ़ शुरू होने के वक्त कुछ कर्मचारियों ने मदद के लिए आवाज लगाई थी. सुरंगों से बाहर निकलने में कामयाब कर्मचारियों ने भी बताया था कि उनके कई साथी अंदर फंसे हुए हैं।  ऑक्सीजन कम होने से बढ़ी चिंता रेस्क्यू ऑपरेशन लंबा खिंचने के बीच विशेषज्ञों को सुरंगों के अंदर ऑक्सीजन का स्तर कम होने की चिंता है. इससे अंदर फंसे लोगों के बचने की संभावना लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है।  इस बीच, सुरंग के अंदर से एक से ज्यादा लोगों की आवाज सुनाई देना रेस्क्यू टीम और उनके परिवारों के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आया है. नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें अब उन लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश में जुटी हैं। 

रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर! ऑनलाइन टिकट के बाद ये गलती पड़ी भारी, देना पड़ सकता है जुर्माना

 नई दिल्‍ली भारतीय रेलवे ने अनरिजर्व टिकट (जनरल टिकट) को लेकर एक बड़ा कंफ्यूजन दूर कर दिया है और कहा है कि अगर कोई यात्री जनरल टिकट के स्‍कीनशॉट या व्‍हाट्सऐप पर टिकट दिखाता है तो उसे भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।   दरअलस, वेस्‍ट रेलवे कोटा डिविजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर सौरभ जैन का कहना है कि RailOne ऐप के जरिए बुक किया गया जनरल टिकट ही मान्‍य होगा, लेकिन सिर्फ उसी स्‍पैसिफिक फोन में, जिसमें यह ऐप रजिस्‍टर्ड हो और ऐप में जाकर ही टिकट दिखाना होगा।  उन्‍होंने आगे कहा कि अगर किसी और फोन में किसी दूसरे व्‍यक्ति द्वारा जनरल टिकट की बुकिंग की गई है और वह टिकट व्‍हाट्सऐप या किसी अन्‍य तरह से शेयर किया गया है तो वह मान्‍य नहीं होगा. साथ ही अगर कोई उस टिकट का स्‍कीनशॉट भी दिखाता है तो भी ये वैलिड नहीं माना जाएगा।   रिपोर्ट में जैन ने कहा कि अगर कोई यात्री जनरल टिकट पर सफर कर रहा है, तो जर्नी के दौरान उसे टिकट बुक करने वाले फोन को साथ लेकर चलना चाहिए. साथ ही रजिस्‍टर्ड नंबर से ही बुकिंग करनी चाहिए. इससे वह भारी पेनल्‍टी से बच सकता है।  बोर्डिंग से पहले बुक होना चाहिए टिकट रेलवे की ओर से यह भी कहा गया है कि बोर्डिंग स्‍टेशन पर पहुंचने से पहले ही ट्रेन की बुकिंग हो जानी चाहिए, वरना बाद में टिकट को वैलिड नहीं माना जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि कोई भी यात्री बिना टिकट के ट्रेन में नहीं चढ़ सकता और टिकट चेकिंग स्टाफ को देखकर मोबाइल फोन से अनरिजर्व टिकट नहीं बना सकता है।  जैन ने कहा कि इसी तरह, किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल फोन से टिकट प्राप्त करना और उसका स्क्रीनशॉट साथ रखना निर्धारित डिजिटल टिकटिंग आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता है. अधिकारी ने कहा कि डिजिटल टिकट दिखाने के लिए, मोबाइल फोन चालू होना चाहिए और उसमें पर्याप्त चार्ज होना चाहिए।  ये सभी बातें जान लेनी चाहिए     यात्रा शुरू करने से पहले वैलिड टिकट लें.      अपने रजिस्‍टर्ड मोबाइल फोन का उपयोग करके RailOne ऐप के माध्यम से जनरल टिकट बुक कर सकते हैं.      टिकट उसी मोबाइल फोन पर उपलब्ध होना चाहिए जिसका उपयोग इसे बुक करने के लिए किया गया था.      व्हाट्सऐप के माध्यम से प्राप्त टिकट या स्क्रीनशॉट वैलिड नहीं माना जाएगा.      रजिस्‍टर्ड मोबाइल से बुक किया गया टिकट केवल उस मोबाइल के धारक के लिए ही मान्य है.      यात्रा के दौरान अपने साथ संबंधित मोबाइल फोन रखें और सुनिश्चित करें कि वह चार्ज हो.  रेलवे ने बढ़ाया जुर्माना रेलवे अधिकारी ने आगे कहा कि उचित टिकट के बिना या अनियमित टिकट के साथ यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माना 19 जून, 2026 से 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। 

SBI ग्राहकों के लिए बड़ा अपडेट! 1 अक्टूबर से ATM से कैश निकालना होगा महंगा, जानें नया नियम

नई दिल्ली अगर आपका बैंक अकाउंट SBI (State Bank of India) में है और आप सैलरी पैकेज अकाउंट (Salary Package Account) का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। SBI ने सैलरी पैकेज अकाउंट होल्डर्स के लिए दूसरे बैंकों के ATM से मुफ्त लेनदेन की सीमा में बदलाव किया है। नया नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। इसके तहत SBI सैलरी पैकेज अकाउंट वाले ग्राहकों को दूसरे बैंकों के ATM या ADWM (Automated Deposit cum Withdrawal Machine) पर हर महीने मिलने वाले फ्री ट्रांजैक्शन की संख्या 10 से घटाकर सिर्फ 5 कर दी जाएगी। खास बात यह है कि इन 5 ट्रांजैक्शन में कैश निकालने जैसे फाइनेंशियल ट्रॉन्जैक्शन के साथ बैलेंस चेक, मिनी स्टेटमेंट जैसे नॉन-फाइनेंशियल ट्रॉन्जैक्शन भी शामिल होंगे, यानी 5 फ्री ट्रांजैक्शन पूरे होने के बाद दूसरे बैंक के ATM का इस्तेमाल करना ग्राहक की जेब पर भारी पड़ सकता है। अभी SBI के सैलरी पैकेज अकाउंट होल्डर्स को दूसरे बैंकों के ATM पर हर महीने 10 मुफ्त ट्रांजैक्शन की सुविधा मिलती है। लेकिन 1 अक्टूबर से सभी तरह के सैलरी पैकेज अकाउंट के लिए यह सीमा घटकर 5 ट्रांजैक्शन रह जाएगी। इसके बाद अगर ग्राहक दूसरे बैंक के ATM से कैश निकालता है, तो उसे हर अतिरिक्त कैश विड्रॉल पर ₹23 और GST देना होगा। वहीं, अतिरिक्त नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के लिए ₹11 और GST का शुल्क लगेगा। उदाहरण के लिए, अगर किसी ग्राहक ने महीने में दूसरे बैंक के ATM से 5 फ्री ट्रांजैक्शन पूरे कर लिए और छठी बार कैश निकाला, तो उस अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर ₹23+GST देना होगा। हालांकि, SBI ग्राहकों के लिए एक राहत की बात भी है। SBI के अपने ATM पर सैलरी पैकेज अकाउंट होल्डर्स को हर महीने 10 मुफ्त ट्रांजैक्शन मिलते रहेंगे। इनमें फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन शामिल हैं। इतना ही नहीं सैलरी पैकेज अकाउंट के लिए SBI ATM पर ट्रांजैक्शन की सुविधा कई मामलों में काफी उदार है। शौर्य फैमिली पेंशन अकाउंट और फैमिली सेविंग्स अकाउंट- SBI रिश्ते समेत सभी सैलरी पैकेज अकाउंट के ग्राहक SBI के ATM पर अनलिमिटेड फ्री ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। यह सुविधा सभी लोकेशन पर उपलब्ध रहेगी और अकाउंट के वेरिएंट से प्रभावित नहीं होगी। वहीं, जिन ग्राहकों के पास सैलरी पैकेज अकाउंट के अलावा SBI का कोई अन्य सामान्य अकाउंट है, उनके लिए फ्री ATM ट्रांजैक्शन की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे ग्राहकों को दूसरे बैंकों के ATM पर हर महीने पांच मुफ्त ट्रांजैक्शन मिलते रहेंगे। इसके बाद कैश निकालने पर ₹23+GST और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर ₹11+GST का शुल्क लागू होगा। ये शुल्क 1 दिसंबर 2025 से प्रभावी हैं। यहां यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि दूसरे बैंकों के ATM के लिए अब अलग-अलग मेट्रोल और नॉन-मेट्रो शहरों की फ्री ट्रांजैक्शन सीमा नहीं होगी। पहले 6 मेट्रो सेंटर्स के लिए अलग वर्गीकरण था, जिसमें मुंबई, नई दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद शामिल थे। 1 अक्टूबर 2026 से सबसे बड़ा असर SBI सैलरी पैकेज अकाउंट होल्डर्स पर पड़ेगा, क्योंकि दूसरे बैंक के ATM से मिलने वाली मुफ्त मासिक सुविधा आधी हो जाएगी। ऐसे ग्राहकों के लिए बेहतर होगा कि जहां संभव हो, SBI ATM का इस्तेमाल करें, ताकि अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सके। खासकर महीने में कई बार ATM से पैसे निकालने वाले ग्राहकों को इस बदलाव का ध्यान रखना चाहिए। हालांकि, SBI ATM पर मिलने वाली सुविधाओं के कारण ग्राहक अपने बैंक के ATM का इस्तेमाल करके इस अतिरिक्त लागत को आसानी से कम कर सकते हैं।

Indus Water Treaty: पाकिस्तान दिखा रहा हेग कोर्ट का कागज, भारत ने ठुकराया फैसला; जानें पूरा विवाद

नई दिल्ली  पाकिस्तान के आतंकवादी कृत्यों की सजा देने के लिए भारत ने जब सिंधु जल समझौता रद्द किया, तो शहबाज शरीफ को भी नहीं उम्मीद रही होगी कि इस बार उसे वाकई अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आंसू बहाने पड़ जाएंगे. हैरानी की बात ये है कि उसने इसके खिलाफ सबसे बड़ा हथकंडा नीदरलैंड में मौजूद मध्यस्थता न्यायालय यानि कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन में भारत की शिकायत करके अपनाया. इस पर सुनवाई हुई और कोर्ट ने कह दिया कि 1960 के सिंधु जल समझौते को लागू रखना चाहिए. अब पाकिस्तान इसी जजमेंट को लेकर जगह-जगह अपना रोना रो रहा है, हालांकि भारत साफ कर चुका है कि वो इस कोर्ट को मान्यता नहीं देता, ऐसे में इसका फैसला उसके लिए कागज के टुकड़े से ज्यादा कुछ नहीं।  अब पाकिस्तान ने भारत के उस फैसले का औपचारिक विरोध किया है, जिसमें उसने स्थायी मध्यस्थता न्यायालय (Permanent Court of Arbitration-PCA) के हालिया आदेशों को मानने से इनकार कर दिया है. ये आदेश 1960 की सिंधु जल संधि से जुड़े विवाद को लेकर दिए गए हैं. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत को संधि का पूरी तरह पालन करना चाहिए. इस्लामाबाद का कहना है 60 साल पुरानी जल-बंटवारे की संधि अब भी कानूनी रूप से बाध्यकारी है और कोई भी देश एकतरफा तरीके से इसके प्रावधानों में बदलाव नहीं कर सकता. वो शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन में भी इस मुद्दे को उठा चुका है, लेकिन भारत का रुख साफ है कि वो इस फैसले को नहीं मानता।  भारत ने सिंधु जल संधि को किया रद्द भारत का रुख पाकिस्तान से बिल्कुल अलग है. नई दिल्ली ने सिंधु जल संधि को पूरी तरह स्थगित रखा है. भारत का कहना है कि इस पर दोबारा विचार तभी किया जाएगा, जब पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को स्थायी और सत्यापन योग्य तरीके से रोकने के लिए ठोस कदम उठाए. भारत ने PCA की कार्यवाही को भी मूल रूप से गलत और कानूनी रूप से अमान्य बताया है. भारत इस मामले में हेग स्थित इस न्यायिक मंच की कार्यवाही में शामिल नहीं हुआ. भारत का तर्क है कि इस आर्बिट्रल का गठन संधि में तय विवाद निपटाने की मूल व्यवस्था के खिलाफ हुआ है, इसलिए भारत PCA के आदेश या अंतरिम फैसले उसकी संप्रभु नीतियों पर लागू नहीं होते।  पाकिस्तान जगह-जगह पीट रहा छाती  पाकिस्तान लगातार बातचीत की मांग कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के फैसलों का हवाला दे रहा है. इसके पीछे मुख्य चिंता यह है कि भारत के फैसलों से पाकिस्तान को मिलने वाले पानी पर असर पड़ सकता है. इस्लामाबाद थर्ड पार्टी और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के जरिए भारत को फिर से बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहा है. हालांकि भारत का स्टैंड साफ है कि वो द्विपक्षीय मुद्दों पर किसी का दखल नहीं चाहता. सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान की कोशिशों के बीच उसकी व्यापक कूटनीतिक स्थिति भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है. पाकिस्तान ने कहा है कि चीन के साथ उसकी रणनीतिक साझेदारी पर भारत और चीन के बदलते संबंधों का कोई असर नहीं पड़ा है, लेकिन बिश्केक में पाकिस्तान के सिंधु के पानी का रोना रोने पर शी जिनपिंग ने कोई प्रतिक्रिया भी नहीं दी थी।  क्यों भारत ने रोका सिंधु का पानी? अप्रैल, 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगन में डाल दिया था. इस हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 निर्दोष नागरिकों, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे, की हत्या कर दी थी. इसके बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया कि जब तक सीमा पार आतंकवाद जारी रहेगा, तब तक संधि से जुड़े दायित्वों पर पुनर्विचार किया जाएगा. क्या है सिंधु जल संधि? सिंधु जल संधि वर्ष 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से भारत और पाकिस्तान के बीच हुई थी. इसके तहत भारत को पूर्वी नदियों रावी, ब्यास और सतलुज का पूरा अधिकार दिया गया, जबकि पश्चिमी नदियों सिंधु, झेलम और चिनाब का अधिकांश पानी पाकिस्तान को मिलता है. भारत को इन नदियों पर सीमित गैर उपभोगीय उपयोग, जैसे जलविद्युत उत्पादन, की अनुमति है. भारत का रुख अब बिल्कुल स्पष्ट है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते. जब तक हालात नहीं सुधरते, तब तक सिंधु जल संधि से जुड़े किसी भी अंतरराष्ट्रीय आदेश को वह स्वीकार नहीं करेगा।  भारत अपनी सुरक्षा चिंताओं, खासकर सीमा पार आतंकवाद, को इस पूरे विवाद का महत्वपूर्ण आधार मान रहा है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मध्यस्थता के जरिए दबाव बनाने की पाकिस्तान की कोशिशों का भारत पर अब तक सीमित असर दिखाई दे रहा है. दोनों देशों के बीच जल विवाद फिलहाल कूटनीतिक और रणनीतिक तनाव का एक अहम मुद्दा बना हुआ है। 

PM Modi Birthday: BJP की देशभर में बड़ी तैयारी, एक महीने तक चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में 'सेवा संकल्प अभियान' शुरू करने जा रही है। एक महीने तक चलने वाले इस कार्यक्रम के तहत भाजपा देश भर में सेवा और जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित करेगी। इसका मकसद केंद्र सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं और सार्वजनिक जीवन में पीएम मोदी के 25 साल के सफर की अहम उपलब्धियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है। पीएम मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को समर्पित इस अभियान का उद्देश्य उनके सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कहा कि इस देशव्यापी अभियान के दौरान भाजपा विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के हर वर्ग (युवा, महिलाएं और किसान) तक पहुंचेगी। सरकार के प्रमुख के तौर पर इस साल 25 वर्ष पूरे बता दें कि भाजपा हर साल 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर पूरे देश में पखवाड़े भर चलने वाला 'सेवा पखवाड़ा' मनाती है लेकिन इस बार इसका दायरा बढ़ाकर एक महीने कर दिया गया है और थीम 'सेवा पखवाड़ा' से बदलकर सेवा संकल्प अभियान कर दिया गया है।। तावड़े ने कहा, ''मोदी का व्यक्तित्व ऐसा है कि वे हर पल सेवा के लिए समर्पित रहते हैं।'' उन्होंने कहा, ''मोदी इस साल 17 अक्टूबर को (सरकार के प्रमुख के तौर पर) 25 साल पूरे करने जा रहे हैं। उन्होंने पहली बार 7 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। इसलिए हमने इस 25 साल के अहम पड़ाव को ध्यान में रखते हुए एक महीने तक चलने वाला देशव्यापी 'सेवा संकल्प अभियान' शुरू करने का फैसला किया है।'' 13 बड़े कार्यक्रम तय भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि एक महीने तक चलने वाले इस अभियान में 'सेवा की भावना' (जो मोदी के व्यक्तित्व का अभिन्न अंग है) पर केंद्रित विभिन्न गतिविधियां शामिल होंगी। पार्टी ने इस अभियान के तहत 13 बड़े कार्यक्रम तय किए हैं, जिनमें जनभागीदारी, युवाओं की भागीदारी, समाज सेवा और सांस्कृतिक गौरव पर ध्यान दिया जाएगा। सेवा संकल्प अभियान के तहत 13 कार्यक्रम क्या? 1. आशीर्वाद का दीया: अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को देश भर के हर घर में दीया जलाकर होगी। इसमें उज्जैन के महाकाल महालोक में एक खास कार्यक्रम भी शामिल होगा, जो आभार व्यक्त करने का एक तरीका होगा। 2. वडनगर से वाराणसी यात्रा: पीएम मोदी के जन्मस्थान वडनगर को उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी से जोड़ने वाली एक खास 'जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा' आयोजित की जाएगी, जिसमें दस-दस लोगों के समूह अलग-अलग रास्तों से होते हुए लोगों से बातचीत करेंगे। 3. विकसित भारत संकल्प यात्रा: इन्फ्लुएंसर विकास की प्रमुख जगहों की यात्रा करेंगे और विकास की जमीनी कहानियाँ देश के सामने लाएंगे। 4. आंगन का उत्सव: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और योजनाओं का लाभ उठाने वाली माताओं को सम्मानित किया जाएगा, साथ ही पोषण और मातृ कल्याण योजनाओं पर बातचीत होगी। 5. 25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत: 'विकसित भारत' थीम पर देशभर में छात्रों के लिए ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। 6. नमो सेवा गाथा: संगीत वाले नुक्कड़ नाटकों के ज़रिए जनसेवा और बदलाव की कहानियाँ दिखाई जाएंगी। 7. सेवा ज्योति यात्रा: जनभागीदारी को बढ़ावा देने और सेवा के संकल्प को दोहराने के लिए स्थानीय स्तर पर यात्राएँ। 8. कहानी बदलाव की: सरकारी योजनाओं से लाभ उठाने वाले नागरिक असल बदलाव की अपनी प्रेरणादायक कहानियाँ साझा करेंगे। 9. सेवा मेरा योगदान: बड़े पैमाने पर सामाजिक सेवा गतिविधियाँ आयोजित करने की योजना है, जिनमें रक्तदान शिविर, सफाई अभियान, वृक्षारोपण और डिजिटल साक्षरता अभियान शामिल हैं। 10. सेवा सेतु अभियान: पात्र लाभार्थियों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए हर ब्लॉक और विधानसभा स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। 11. रंगोली राष्ट्र: एक ही दिन देश भर की प्रमुख जगहों पर स्थानीय कला शैलियों में 'मानव रंगोली' बनाना। 12. राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज: युवाओं और स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय इनोवेशन प्रतियोगिताएं। 13. जनसेवक महाकुंभ: इस अभियान का समापन 17 अक्टूबर को पंचायत से लेकर संसद तक के जन-प्रतिनिधियों के एक विशाल सम्मेलन के साथ होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सभा को संबोधित करेंगे। इस मौके पर, पार्टी 'वंदे मातरम' के सभी छह छंदों को एक साथ गाकर *गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड* बनाने की कोशिश करेगी। बीजेपी ने कहा कि यह अभियान सिर्फ एक जश्न नहीं है, बल्कि सेवा की भावना को हर नागरिक तक पहुंचाने का संकल्प है।