samacharsecretary.com

सियासी समीकरण बदलते ही केंद्र का बड़ा प्लान, परिसीमन और One Nation One Election पर बढ़े कदम

नई दिल्ली ONOE यानी एक देश एक चुनाव और परिसीमन विधेयक जल्द ही एक बार फिर संसद में पेश किया जा सकता है। खबर है कि पहली बार परिसीमन बिल पर चोट के बाद भारतीय जनता पार्टी अब बड़ी प्लानिंग कर रही है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है। खास बात है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहा है, जब पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और तमिलनाडु में द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम जैसे बड़े क्षेत्रीय दलों को चुनावी हार का सामना करना पड़ा है।  रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सरकार 2029 लोकसभा चुनाव से पहले एक देश एक चुनाव बिल पेश कर सकती है। खास बात है कि अप्रैल में संविधान संशोधन बिल फेल होने के बाद अब भाजपा नए सिरे से तैयारी कर रही है। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि केंद्रीय गृहमंत्रालय नया परिसीमन बिल तैयार कर रहा है। पहले क्या हुआ था जब संसद में लोकसभा की सीटों की सीमाएं दोबारा तय करने वाला परिसीमन बिल लाया गया, तो कांग्रेस, डीएमके और टीएमसी जैसी सभी विपक्षी पार्टियों INDIA गठबंधन के 230 सांसदों ने एकजुट होकर इसका विरोध किया। विपक्ष का मुख्य ऐतराज इस बात पर था कि सरकार ने महिलाओं को आरक्षण देने वाले कानून को लोकसभा की सीटें बढ़ाने के विवादित मुद्दे से जोड़ दिया है। साथ ही, विपक्ष को यह बड़ा डर भी था कि आबादी के हिसाब से सीटें तय होने पर उत्तर भारत की तुलना में दक्षिण भारत के राज्यों की सीटें कम हो जाएंगी। क्षेत्रीय दल निभाएंगे बड़ी भूमिका रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा की ये कोशिशें हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद तेज हुईं हैं। सूत्रों ने अखबार को बताया कि तमिलनाडु में हार और कांग्रेस के साथ छोड़ने के बाद DMK यानी द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम 'कुछ मुद्दों' पर भाजपा के साथ बातचीत के लिए तैयार है। कहा यह भी जा रहा है कि भाजपा की नजरें टीएमसी में जारी गतिविधियों पर भी हैं। ये अटकलें ऐसे समय पर सामने आईं हैं, जब बंगाल चुनाव में हार के बाद टीएमसी नेताओं में जमकर मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं। वहीं, पार्षद स्तर के नेता इस्तीफा सौंप रहे हैं। संघवाद प्रतिदिन की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि कुछ सांसद टीएमसी छोड़कर भाजपा में जा सकते हैं। ONOE पर भी बड़े ऐक्शन की तैयारी फिलहाल, संसदीय समिति की तरफ से एक देश एक चुनाव विधेयक की समीक्षा की जा रही है। अखबार से बातचीत में जेपीसी के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने कहा था, 'कानून में जल्द ही संशोधन किया जाएगा। रिपोर्ट के मामले में हम अच्छी प्रगति कर रहे हैं और हम समय पर रिपोर्ट जमा कर देंगे।' अखबार से बातचीत में भाजपा नेता ने कहा कि राज्यों में चुनावों को देखते हुए कानून को चरणों में लागू किया जा सकता है। इसके लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश और गुजरात चुनाव का हवाला दिया है। इन राज्यों में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। DMK किस मूड में रिपोर्ट के अनुसार, DMK के एक बड़े नेता ने कहा, 'परिसीमन सीटें बढ़ाने का काम और एक देश, एक चुनाव जैसे मुद्दों पर हमारी पार्टी का फैसला सिर्फ किसी राजनीतिक विचारधारा पर नहीं, बल्कि हमेशा तमिलनाडु के हक और फायदे को देखकर तय होता है। अगर केंद्र सरकार इस बात का पक्का भरोसा दे कि जिन राज्यों ने आबादी रोकने में अच्छा काम किया है, उन्हें संसद में सीटें कम करके सजा नहीं दी जाएगी। साथ ही सबकी सहमति से एक ऐसा फॉर्मूला बनाया जाए जिससे हमारी मौजूदा सीटों का हिस्सा सुरक्षित रहे, तो इस प्रस्ताव को ठुकराने की कोई वजह नहीं है। हमारी सबसे बड़ी चिंता बस यही है कि संसद में तमिलनाडु की आवाज कमजोर नहीं पड़नी चाहिए। DMK के एक पूर्व मंत्री ने अखबार से कहा, 'अभी हम गठबंधन करने के बारे में बिल्कुल नहीं सोच रहे हैं। बीजेपी के साथ हमारे मतभेद सबको अच्छे से पता हैं। लेकिन राजनीति में चीजें कभी हमेशा के लिए एक जैसी नहीं होतीं। भारतीय संसद के इतिहास में ऐसा पहले भी हुआ है जब पार्टियों ने खास मुद्दों पर सरकार का साथ दिया है या देश को संभालने के लिए मदद की है, जैसे वाजपेयी जी के समय में हुआ था। भविष्य का कोई भी फैसला उस समय के राजनीतिक हालात पर निर्भर करेगा और इस बात पर तय होगा कि तमिलनाडु के हक और राज्यों के अधिकार सुरक्षित हैं या नहीं।' खास बात है कि कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि सरकार को प्रक्रिया का पालन करना होगा। साथ ही कोई भी कदम उठाने से पहले सभी पार्टियों के साथ बात करनी होगी।

भारत-अमेरिका समझौता अंतिम चरण में, निर्णायक बैठकों का दौर आज से शुरू

 नई दिल्ली भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बड़ा अपडेट आया है, इसे लेकर अब फाइनल निर्णय हो सकता है. अमेरिका का एक हाई लेवल प्रतिनिधिमंडल सोमवार 1 जून को भारत की चार दिवसीय यात्रा पर दिल्ली पहुंचे और इसका उद्देश्य India-US अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना है. द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर 4 जून तक बैठकों का दौर चलेगा. अमेरिकी वार्ताकारों की टीम का नेतृत्व ब्रेंडन लिंच करेंगे, जबकि भारतीय प्रतिनिधिमंडल वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन के नेतृत्व में बात आगे बढ़ाएगा।  ट्रेड डील पर 99% बातचीत पूरी इस बीच केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत और अमेरिका अपने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने के करीब हैं और 99% बातचीत पूरी हो चुकी है, जबकि छोटी-मोटी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा कि भारत बहुत जल्द अमेरिका के साथ पहले BTA पर साइन करेगा. गोयल के मुताबिक, इस समझौते की औपचारिक घोषणा से पहले बचे हुए कुछ मुद्दों को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के बीच आज 2 जून से 4 जून तक चर्चा जारी रहेगी।  4 जून तक भारत में US अधिकारी India-US ट्रेड पर बातचीत 7 फरवरी को जारी संयुक्त बयान के बाद शुरू हो रही है, जिसमें दोनों देशों ने बीटीए के पहले चरण के ढांचे या एक अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति व्यक्त की थी. अब दोनों देशों को उस समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देना है. नई दिल्ली में 4 जून तक अमेरिकी अधिकारी रहेंगे और बातचीत के सिलसिले को आगे बढ़ाएंगे।  गौरतलब है कि वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने पिछले सप्ताह एक बयान में कहा था कि दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका अंतरिम समझौते के ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने और बाजार पहुंच, नॉन-टैरिफ उपायों, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, निवेश प्रोत्साहन और आर्थिक सुरक्षा जैसे तमाम क्षेत्रों पर व्यापक बीटीए के तहत बातचीत को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।  भारत को लेकर टैरिफ पर बात  ड्राफ्ट को देखें, तो अमेरिका ने भारत पर टैरिफ को 50% से घटाकर 18% करने पर सहमति जताई थी. इसके अलावा रूसी तेल खरीदने पर भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले 25% अतिरिक्त टैरिफ को हटा दिया था. हालांकि, इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा था और उनके टैरिफ को अवैध घोषित किया गया था. इस कानूनी झटके के बाद, ट्रंप ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10% टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया था. टैरिफ की इस बदली स्थिति पर भी दोनों पक्ष बातचीत के दौरान पुनर्विचार कर सकते हैं।  भारत ने अगले पांच सालों में 500 अरब डॉलर मूल्य के अमेरिकी एनर्जी, प्रोडक्ट्स से लेकर विमान और विमान के पुर्जे, कीमती धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला आयात करने की योजना के संकेत भी दिए हैं।  US राजदूत ने दिए ये सिग्नल एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते शुक्रवार को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी संकेत दिया था कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. उन्होंने IIT Delhi में यूएस-इंडिया ट्रस्ट इनिशिएटिव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि पिछले हफ्ते ही भारत ने उस ट्रेड डील के अंतिम 1% को अंतिम रूप देने के लिए वाशिंगटन डीसी में एक प्रतिनिधिमंडल भेजा था और अब यहां एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करेंगे. गोर ने आगे कहा था, 'हमें पूरी उम्मीद है कि अगले कुछ हफ्तों और महीनों में व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे। 

महिलाओं के लिए खुशखबरी! अन्नपूर्णा योजना के तहत मिलेगा 3000 रुपये महीना

कलकत्ता पश्चिम बंगाल की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मध्यप्रदेश की लाड़ली बहना योजना की तर्ज पर अब बंगाल सरकार ने भी महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए ‘अन्नपूर्णा योजना’ शुरू करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कल्याणी में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि 27 मई से इस योजना के आवेदन फॉर्म बांटने शुरू कर दिए जाएंगे। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना खासतौर पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए शुरू की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि जरूरतमंद महिलाओं को समय पर आर्थिक सहयोग मिले, ताकि वे अपने दैनिक खर्च और परिवार की आवश्यकताओं को आसानी से पूरा कर सकें।  कौन-कौन महिलाएं होंगी पात्र अन्नपूर्णा योजना का लाभ लेने के लिए महिला आवेदक को कुछ जरूरी पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा। योजना के अनुसार आवेदक महिला भारत की नागरिक होनी चाहिए और पश्चिम बंगाल की निवासी होना आवश्यक है। महिला की आयु सामान्यतः 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदक के परिवार की आय राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए। आर्थिक रूप से कमजोर, विधवा, परित्यक्ता, बेरोजगार और निम्न आय वर्ग की महिलाओं को इस योजना में प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। हालांकि अंतिम पात्रता मानदंड आवेदन फॉर्म के दिशा-निर्देशों में स्पष्ट रूप से दिए जाएंगे। कहां मिलेगा अन्नपूर्णा योजना का आवेदन फॉर्म मुख्यमंत्री के अनुसार अन्नपूर्णा योजना के आवेदन फॉर्म राज्य सचिवालय और संबंधित सरकारी कार्यालयों से प्राप्त किए जा सकेंगे। इसके अलावा जिला प्रशासन, ब्लॉक विकास कार्यालय (BDO ऑफिस), नगर निकाय कार्यालय और पंचायत कार्यालयों में भी फॉर्म उपलब्ध कराए जाने की संभावना है। सरकार जल्द ही एक आधिकारिक सूचना जारी कर फॉर्म वितरण केंद्रों की पूरी सूची सार्वजनिक करेगी, ताकि महिलाओं को आवेदन लेने में किसी तरह की परेशानी न हो।  आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को आवेदन फॉर्म के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज संलग्न करने होंगे। इनमें आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और आय प्रमाण पत्र शामिल हो सकते हैं। यदि आवेदक विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता हैं तो संबंधित प्रमाण पत्र भी जमा करना पड़ सकता है। दस्तावेजों की सत्यता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होगा, क्योंकि गलत जानकारी देने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।  फॉर्म कैसे भरें और कहां जमा करें महिलाओं को आवेदन फॉर्म सावधानीपूर्वक भरना होगा। फॉर्म में नाम, पता, आधार नंबर, बैंक खाता विवरण, मोबाइल नंबर और पारिवारिक आय से जुड़ी जानकारी सही-सही भरनी होगी। फॉर्म भरने के बाद इसे संबंधित ब्लॉक कार्यालय, नगर निगम कार्यालय, पंचायत कार्यालय या जिला प्रशासन के निर्धारित केंद्रों पर जमा करना होगा। कुछ जिलों में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी शुरू की जा सकती है।  फॉर्म भरते समय इन बातों का रखें ध्यान आवेदन करते समय सभी जानकारी स्पष्ट और सही दर्ज करें। बैंक खाता नंबर और IFSC कोड भरते समय विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि इसी खाते में योजना की राशि भेजी जाएगी। फॉर्म जमा करने से पहले सभी दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रतियां संलग्न करें और आवेदन की एक कॉपी अपने पास सुरक्षित रखें। गलत जानकारी या अधूरे दस्तावेज आवेदन खारिज होने का कारण बन सकते हैं।  महिलाओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी योजना पश्चिम बंगाल सरकार का कहना है कि अन्नपूर्णा योजना महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करेगी। हर महीने मिलने वाली 3,000 रुपये की सहायता से महिलाएं घरेलू जरूरतें पूरी करने के साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी। यह योजना राज्य की लाखों महिलाओं के लिए राहत और सम्मानजनक जीवन का नया आधार बन सकती है। 

गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए अलर्ट, LPG को लेकर बदले नियम; 30 दिन का मिला समय

 नई दिल्ली देश में जून महीने की शुरुआत कई बड़े बदलावों (Rule Change From 1st June) के साथ हुई है और इसमें एलपीजी सिलेंडर से जुड़े नियम में चेंज सबसे अहम है. वेस्ट एशिया संघर्ष के चलते देश में पैदा हुए गैस संकट से निपटने के लिए मोदी सरकार ने पहले ही कई बड़े कदम उठाए हैं. वहीं अब 1 जून 2026 के एलपीजी को लेकर नया नियम लागू किया जा रहा है, जो घरेलू उपभोग के लिए सिलेंडर की पर्याप्त आपूर्ति जारी रखने के उद्देश्य से लाया गया है।  दरअसल, देश में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG कनेक्शन बढ़ाए जा रही है, लेकिन इसके बाद भी एलपीजी का इस्तेमाल कम नहीं हो रहा है. इसे देखते हुए अब सरकार ने दोहरे गैस कनेक्शन को खत्म करने के लिए कमर कसी है. पहली तारीख से पीएनजी कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं के लिए 30 दिन की डेडलाइन तय की गई है, अगर इस समयसीमा में एलपीजी सिलेंडर सरेंडर नहीं किया जाता है, तो फिर उसे कैंसिल किया जा सकता है।  PNG कनेक्शन के साथ LPG  अमेरिका-ईरान में युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से गहराई एलपीजी किल्लत के बीच सरकार ने पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर जोर दिया और इसका आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. मार्च तक 6.5 लाख नए पीएनजी कनेक्‍शन दिए गए हैं, लेकिन इसके बाद भी LPG सिलेंडर का उपयोग कम नहीं हो रहा है. इससे साफ है कि कई परिवारों ने स्विच किए बिना ही नया पीएनजी कनेक्‍शन ले लिया है, जबकि सरकार ने साफ कहा था कि अगर पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्‍शन हैं, तो एलपीजी को सरेंडर करना होगा. इसके बावजूद भी लोग इसे सरेंडर नहीं कर रहे हैं।  30 दिन की डेडलाइन, फिर सिलेंडर कैंसिल  इस समस्या को देखते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय एक बड़ा बदलाव कर रहा है. इसका उद्देश्य उन इलाकों में दोहरे-ईंधन (dual-fuel) कनेक्शन को धीरे-धीरे खत्म करना है, जहाँ गैस ग्रिड चालू हैं यानी पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध हैं. LPG रेगुलेशन ऑर्डर में हाल ही में हुए संशोधनों के बाद, जिन उपभोक्ताओं को PNG का कनेक्शन मिलता है, उनके लिए अब 30 दिनों की अनिवार्य टाइमलाइन तय कर दी गई है. 1 जून 2026 से, परिवारों को PNG कनेक्शन चालू होने के 30 दिनों के अंदर अपने मौजूदा LPG Cylinder ks कनेक्शन को आधिकारिक तौर पर खत्म करके सरेंडर  करना होगा. ऐसा न किए जाने की स्थिति में इस कनेक्शन को कैंसिल किया जा सकता है।  नई प्रणाली के तहत होगा सरेंडर 'एक घर एक कनेक्शन' के टारगेट के साथ किए जाने वाले इस बदलाव को आसान बनाने में मदद के लिए, Indane, Bharat Gas और HP Gas जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों यानी OMCs एक कनेक्शन ट्रांसफर वाउचर सिस्टम शुरू कर रही हैं. यह पॉलिसी शहरी निवासियों को अपने एलपीजी सिलेंडर सुरक्षित रूप से अभी वापस करने की अनुमति देती है, साथ ही उन्हें बाद में अपना LPG कनेक्शन फिर से शुरू करने का कानूनी अधिकार भी इसके तहत दिया जाता है. इसका मतलब है कि अगरे वे आगे किसी ऐसे इलाके में चले जाते हैं जहां पर PNG की सुविधा नहीं है, तो वे अपने इस एलपीजी कनेक्शन को वापस पा सकते हैं।  जून के पहले दिन LPG सिलेंडर महंगा यहां बता दें कि जून महीने की शुरुआत होते ही पहले दिन एलपीजी सिलेंडर पर महंगाई का बम फूटा है. हालांकि, LPG Cylinder Price Hike कमर्शियल यूज वाले 19 किलोग्राम के सिलेंडर पर किया गया है, जबकि 14 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों को यथावत रखा गया है. दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (Delhi LPG Cylinder Price) 42 रुपये महंगा होकर 3113.50 रुपये का हो गया है. जबकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर 7 मार्च के दाम 913 रुपये पर मिल रहा है। 

सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, सहमति से सेक्स वर्क को लेकर पुलिस को दी नसीहत

 नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट की वेकेशन (अवकाश) बेंच ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा की बेंच ने स्पष्ट कर दिया है कि अब कोई भी वरिष्ठ वकील इस बेंच के सामने मामलों की जल्द सुनवाई (अर्जेंट मेंशनिंग) के लिए पेश नहीं होगा।  बेंच ने कहा कि वरिष्ठ वकीलों को कोर्ट के सामने मौखिक या लिखित रूप से अर्जेंसी दिखाते हुए मामले को जल्द सूचीबद्ध करने की मांग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मर्जी से सेक्स वर्क अपराध नहीं सुप्रीम कोर्ट ने साफ कह दिया है कि अपनी मर्जी से सेक्स वर्क करना गैरकानूनी नहीं है। वहीं वेश्यालय या कोठे चलाना गैरकानूनी है। बता दें कि इमोरल ट्रैफिक प्रिवेंशन ऐक्ट 1956 में बनाया गया था। इसके तहत कई धाराएं हैं और कोठे और वेश्यालय चलाने का अपराध बताया गया है। इस ऐक्ट की धारा 3 में कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति देह व्यापार के लिए अपनी जगह को किराए पर देता है या फिर उपयोग की अनुमति देता है तो उसे 1 से 3 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट में अवकाश के दौरान मामलों की सुनवाई कर रही जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली दो अलग-अलग जजों की पीठ ने सोमवार को एक बड़ा निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि मामलों पर जल्द सुनवाई या किसी भी प्रकार की अर्जेंट मेंशनिंग के लिए कोई भी वरिष्ठ वकील (सीनियर एडवोकेट) अब सीधे बेंच के सामने पेश नहीं होगा।  दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में आमतौर पर सीनियर वकील अर्जेंट मामलों में बेंच के सामने मेंशनिंग करते हैं और अर्जेंसी यानी अति आवश्यकता का हवाला देकर किसी भी मामले को तय समय से पहले सुनने की गुहार लगाते हैं. इस प्रक्रिया को मेंशनिंग कहा जाता है, जिसे अमूमन वरिष्ठ वकील कोर्ट रूम में मौखिक या लिखित रूप से जजों के सामने उठाते थे, जिसके बाद कोर्ट मामले की गंभीरता को तय कर जल्द सुनवाई या आदेश पारित करने पर विचार करता है।  सर्वोच्च न्यायालय ने अब इस पूरी व्यवस्था पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी है. कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वरिष्ठ वकीलों को मामलों की जल्द सुनवाई के लिए पीठ के सामने आने की इजाजत नहीं होगी, जिसके बाद अब वह मेंशनिंग नहीं कर पाएंगे  ITPA में क्या है इसकी धारा 4 में कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति सेक्स वर्कर की कमाई का इस्तेमाल करता है तो यह अपराध है। यह धारा सेक्स वर्कर के परिवार के लोगों पर भी लागू होती है। धारा 5 में कहा गया है कि जबरदस्ती, बहलाकर या फिर मजबूर करके किसी को देह व्यापार के लिए मजबूर करना भी अपराध है। धारा 7 में कहा गया है कि सार्वजनिक स्थान या किसी धार्मिक स्थान के 200म ीटर के दायरे में सेक्स वर्क करना अपराध है। हालांकि इस कानून में कहीं भी सहमतिसे सेक्स का जिक्र नहीं किया गया है। जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच ने बुद्धदेव कर्माकर बनाम बंगाल सरकार के मामले में भी बड़ा फैसला सुनाया था। यह मामला सेक्स वर्करों के पुनर्वास और अधिकारों को लेकर था। कोर्ट ने कहा था कि जिस तरह से संविधान के अनुच्छेद 21 में हर व्यक्ति को जीवन जीने का अधिकार मिला है उसी तरह सेक्स वर्कर भी भारत के नागरिक हैं और उन्हें कानूनी सुरक्षा मिलनी चाहिए। लॉ कमीशन ऑफ इंडिया की जांच में कई बार सामने आया है कि सेक्स वर्कर्स के साथ पुलिस का रवैया ठीक नहीं होता है। यह उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाता है। कोर्ट कई बार कह चुका है कि सहमित से सेक्स वर्क करना अपराध नहीं है। ऐसे में अगर कोई आईटीपीए की बाकी धाराओं का उल्लंघन नहीं कर रहा है तो उसे परेशान नहीं करना चाहिए। इस फैसले में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन ने कहा कि अगर कोई अपनी मर्जी से सेक्स वर्क कर रहा है तो उसे हिरासत में रखने, सुधार गृह बेजने की जरूरत नहीं है।

पश्चिम बंगाल सरकार की नई पहल, अब महिलाएं सरकारी बसों में करेंगी फ्री सफर

कोलकत्ता   पश्चिम बंगाल में सोमवार से महिलाओं के लिए पूरे राज्य में मुफ्त बस यात्रा योजना लागू हो गई है। इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सत्ता में आने से पहले किया गया एक प्रमुख चुनावी वादा पूरा कर दिया है।पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सरकार गठन के बाद यह घोषणा की थी कि इस योजना को एक जून से लागू कर दिया जायेगा। राज्य में सरकारी बसों में यात्रा करने वाली महिला यात्रियों को अब किराया देने की आवश्यकता नहीं है। इस नयी व्यवस्था के तहत, सरकारी बसों में यात्रा करने वाली महिलाओं को आज से नियमित किराये के टिकट के बजाय 'शून्य-मूल्य' के टिकट जारी किये जा रहे हैं। ये सुविधा उत्तरी जिलों से लेकर दक्षिणी क्षेत्रों तक पूरे राज्य में उपलब्ध है। इसमें कम दूरी तथा लंबी दूरी दोनों तरह के मार्ग शामिल हैं। इन 12 दस्तावेजों की मदद से महिलाएं कर सकेंगी फ्री सफर लंबी दूरी की बसों में यात्रा करने के लिए, महिला यात्रियों को मुफ्त टिकट प्राप्त करने से पहले 12 स्वीकृत पहचान दस्तावेजों में से कोई भी एक दस्तावेज दिखाना अनिवार्य होगा। इन दस्तावेजों में आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, तस्वीर लगा हुआ पेंशन दस्तावेज, राज्य या केंद्र सरकार के कर्मचारी पहचान पत्र, विद्यालयों, महा विद्यालयों या विश्वविद्यालयों की ओर से जारी छात्र पहचान पत्र और सरकार की ओर से जारी कोई अन्य पहचान दस्तावेज शामिल हैं। महिलाओं की प्रतिक्रिया राज्य सरकार के इस फैसले से महिलाएं बेहद खुश हैं. उनका कहना है- इस सरकार ने हमारी लड़कियों के बारे में सोचा है. अब तक हमें अपने पिता या पति से मदद मांगनी पड़ती थी, इस नियम के लागू होने से हम बहुत खुश हैं. एक अन्य महिला यात्री ने कहा- मैं काउंटर पर टिकट खरीदने आई थी, उन्होंने कहा कि महिलाओं को टिकट की जरूरत नहीं है. एक कार्ड दिया जाएगा. चूंकि अभी तक ऐसा नहीं हुआ है, इसलिए फिलहाल आप अपना आधार कार्ड दिखाकर मुफ्त में यात्रा कर सकती हैं. हालांकि, एक युवती ने कहा कि यह पहल बहुत अच्छी है, लेकिन जो लोग इसका खर्च उठा सकते हैं उन्हें बस का किराया देना चाहिए।  शुभेंदु अधिकारी ने की घोषणा पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी राज्यभर की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा शुरू करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने राज्य द्वारा संचालित सभी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा के अपने चुनावी वादे को पूरा किया है. मुख्यमंत्री ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा कि पहाड़ों से लेकर मैदानों तक महिलाएं अब मुफ्त यात्रा के लाभों का आनंद ले रही हैं. महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने के क्षेत्र में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना एक और बड़ा कदम आगे बढ़ गया है।  जो वादा किया था वो पूरा किया उन्होंने आगे कहा कि राज्य की माताओं और बहनों ने हम पर भरोसा जताया है. चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का वादा किया था. उस वादे को पूरा करते हुए, आज से राज्य भर की सभी महिलाएं- पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक सभी सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकती हैं. राज्य सरकार पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक गरिमा, आर्थिक सुरक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।  इन दस्तावेजों की हो रही जरुरत बसों में मुफ्त यात्रा के लिए महिलाओं को गुलाबी कार्ड या स्मार्ट कार्ड तैयार रखना होगा. यदि आप वह कार्ड कंडक्टर को देंगी, तो वह आपको मुफ्त में यात्रा करने की अनुमति देगा. शून्य मूल्य का टिकट जारी करने के लिए ई-पीओएस मशीन को स्वाइप करना होगा. चूंकि यह कार्ड अभी तक लॉन्च नहीं हुआ है, इसलिए महिलाएं आधार कार्ड, वोटर कार्ड या राशन कार्ड जैसे सरकारी पहचान पत्र दिखाकर मुफ्त यात्रा कर सकेंगी।  लंबी दूरी की बसों के लिए भी मुफ्त टिकट छोटी दूरी की बस में चढ़ते समय हर कोई टिकट खरीदता है. इसलिए पहचान पत्र दिखाकर मुफ्त टिकट प्राप्त करने का विचार सभी को समझ में आता है, लेकिन लंबी दूरी की बस यात्रा के बारे में फ्री यात्रा के लिए क्या करना होगा. यदि कोई महिला यात्री सरकारी बस से दीघा या दार्जिलिंग जाना चाहती है, तो उसे सरकारी बस डिपो जाना होगा. वहां आपको अपना पहचान पत्र दिखाकर शून्य मूल्य का टिकट प्राप्त करना होगा।  महिलाओं को मिलेगा जीरो रुपये का टिकट सोमवार सुबह से ही सरकारी बसों के भीतर इस योजना की जानकारी देने वाले पत्रक प्रदर्शित कर दिये गये हैं। इसके साथ ही, बस कंडक्टरों और ड्राइवरों को भी इस कार्यक्रम को लागू करने तथा योग्य यात्रियों को शून्य-मूल्य टिकट जारी करने के संबंध में विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, महिला यात्रियों को बस में चढ़ते ही मुफ्त टिकट मिलेंगे। इस योजना के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार महिलाओं के लिए एक यात्रा कार्ड शुरू करने की योजना बना रही है। इस प्रस्तावित कार्ड प्रणाली का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल पात्र लाभार्थी ही इस सुविधा का लाभ उठा सकें। इस कार्ड को जारी किये जाने के संबंध में विस्तृत विवरण की घोषणा अभी नहीं की गयी है। इस योजना के शुभारंभ का कई महिला यात्रियों ने स्वागत किया है। सोमवार सुबह बस में यात्रा कर रही एक महिला यात्री ने कहा कि वह इस पहल से बेहद खुश हैं, क्योंकि इससे उनके दैनिक परिवहन खर्च में कमी आयेगी। सरकार ने कहा है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं पर वित्तीय बोझ को कम करना और पूरे राज्य में किफायती सार्वजनिक परिवहन तक उनकी पहुंच में सुधार करना है।

मौसम का डबल अटैक! 24 घंटे में 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश, IMD ने जारी की चेतावनी

नई दिल्ली चिलचिलाती धूप और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से पुरा देश बेहाल है. मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में उठे एक शक्तिशाली चक्रवाती बवंडर का हाई अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, इस दोहरे मौसमी सिस्टम के कारण देश के 20 से अधिक राज्यों में अगले कुछ दिनों तक विनाशकारी आंधी, आसमानी बिजली और भीषण ओलावृष्टि के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होने वाला है।  मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैल चुकी है. अगले कुछ ही दिनों में मानसून केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप के बचे हुए सभी हिस्सों को अपनी चपेट में ले लेगा. इन इलाकों में मानसून की इस भारी सक्रियता के कारण लगातार घने बादल बन रहे हैं और कई तटीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो चुका है। चक्रवाती बवंडर के कारण कर्नाटक में तेज बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने राज्य में अगले चार दिनों के लिए भारी बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया है. राजधानी बेंगलुरु सहित राज्य के करीब 25 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है. विभाग ने चेतावनी दी है कि 1 जून से 3 जून के बीच राज्य के 19 से अधिक जिलों में लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी क्योंकि हवाओं की गति बेहद खतरनाक हो सकती है।  तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के क्षेत्रों में बंगाल की खाड़ी के इस बवंडर का सीधा और सबसे खतरनाक असर देखने को मिल रहा है. इन इलाकों में गरज-चमक के साथ ऐसी तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाएगी. इस चक्रवाती सिस्टम के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं, जिसे देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है। उत्तर प्रदेश में 24 से 48 घंटों में मौसम रौद्र रूप दिखाने वाला है. वेस्ट यूपी और पूर्वांचल दोनों ही हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की आशंका है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी दी गई है. कम से कम 32 से 40 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।  सोमवार को बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में इस चक्रवाती बवंडर का व्यापक असर दिखेगा. इन सभी राज्यों में भारी बारिश के साथ-साथ भयंकर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है. ओडिशा और झारखंड के कुछ हिस्सों में अचानक आने वाले तीव्र आंधी-तूफान (Thundersqualls) को लेकर प्रशासन ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. लोगों को पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है। देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों यानी कि एनसीआर क्षेत्र में सोमवार को पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के असर दिखेगा. दिनभर बादल छाए रह सकते हैं. दिल्ली के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जिससे पिछले कई दिनों से जारी उमस और भीषण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।  पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज इस समय सबसे ज्यादा डरावना बना हुआ है, खासकर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में. उत्तराखंड के अधिकांश पहाड़ी जिलों में घने बादलों की आवाजाही के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है. इसके अलावा, मौसम विभाग ने दोनों राज्यों के कई हिस्सों में भारी ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी दी है, जिसका सीधा असर चारधाम यात्रा मार्ग पर चल रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर पड़ सकता है। सेवेन सिस्टर्स राज्यों (असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैण्ड, और सिक्किम) में अगले एक हफ्ते तक लगातार मूसलाधार बारिश का सिलसिला चलने वाला है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है. लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों वाले क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslide) होने और निचले इलाकों में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बनने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।  जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर शुरू होगा, लेकिन सबसे खतरनाक चेतावनी राजस्थान के लिए है. राजस्थान के कई जिलों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की विनाशकारी रफ्तार से धूल भरी आंधी (Dust Storm) और चक्रवाती तूफान आने का अलर्ट है. धूल के इस गुबार के कारण विजिबिलिटी पूरी तरह समाप्त हो सकती है। आईएमडी ने लोगों से अपील की है कि आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के दौरान वे रूप से घरों के अंदर ही रहें. जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें. किसानों को अपनी तैयार फसलों को ओलावृष्टि और भारी बारिश से बचाने के उचित उपाय करने की सलाह दी गई है. मवेशियों को खुले स्थानों के बजाय सुरक्षित शेड में रखने के निर्देश दिए गए हैं। 

हिमाचल के मंडी में भाजपा का एकछत्र राज बरकरार, कांग्रेस सिर्फ 4 सीटों पर सिमटी

मंडी  हिमाचल प्रदेश में मंडी जिला परिषद और नगर निगम चुनाव में भाजपा ने परचम लहराया है. पूर्व सीएम जयराम ठाकुर के जिले में भाजपा ने जहां नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को बुरी तरह हराया. वहीं, जिला परिषद में भी भाजपा का डंका देखने को मिला।  जानकारी के अनुसार, मंडी जिले में कुल 36 जिला परिषद की सीटें हैं. इसमें भाजपा ने 25 सीटों पर जीत दर्ज की और तीन पर भाजपा के बागी जीते. जबकि कांग्रेस 4 सीटों पर सिमट गई. सीपीआईएम को दो सीटें मिली हैं. इन चुनावों में कुछ दिग्गज भी चुनाव हारे हैं, जिनमें सबसे प्रमुख नाम मंडी जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा एवं पूर्व मंत्री कौल सिंह की बेटी चंपा ठाकुर का है. वह कोटली वार्ड से भाजपा की प्रत्याशी से चुनाव हार गई।  इसके बाद पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की बेटी वंदना गुलेरिया भी टिहरा वार्ड से चुनाव हार गई. सराज से कांग्रेस के नेता चेत राम ठाकुर का बेटा तरुण ठाकुर भी ब्रयोगी वार्ड से चुनाव हार गया है. सुंदरनगर में कांग्रेस के पूर्व विधायक सोहन सिंह का भतीजा चुनाव जीत गया।  ये हैं भाजपा के 25 अधिकृत विजेता प्रत्याशी मंडी जिला परिषद चुनाव में भाजपा ने कुल कितनी सीटों पर जीत दर्ज की?     वार्ड नंबर 2 बथेरी से रोशन लाल     वार्ड नंबर 3 नेर घरवासड़ा से बिंदु बाला     वार्ड नंबर 6 नगवाईं से विद्या देवी     वार्ड नंबर 7 स्योग से धर्मपाल ठाकुर     वार्ड नंबर 8 कटौला से दीपक कुमार शर्मा     वार्ड नंबर 9 थाची से बोदी देवी     वार्ड नंबर 10 बासा से पदमा देवी     वार्ड नंबर 11 मझोठी से इंद्र देव     वार्ड नंबर 12 रोड़ से शिव चंद     वार्ड नंबर 13 ब्रयोगी से रोहित कुमार     वार्ड नंबर 14 नौण से टिक्कम सिंह     वार्ड नंबर 15 चुराग से शकुंतला देवी     वार्ड नंबर 16 लोअर करसोग से अनिता देवी     वार्ड नंबर 17 सराहन से नोमलता     वार्ड नंबर 18 सांवीधार से कमल सिंह     वार्ड नंबर 19 डैहर से रोशन लाल     वार्ड नंबर 21 खिलड़ा से अमरू राम     वार्ड नंबर 23 कोट बल्ह से प्रेम सिंह     वार्ड नंबर 25 बैहल से संजय कुमार रावत     वार्ड नंबर 27 कोट गोपालपुर से सुष्मिता शर्मा     वार्ड नंबर 30 सदयाणा से परस राम     वार्ड नंबर 31 कोटली से हेमलता     वार्ड नंबर 32 सरी से रीना देवी     वार्ड नंबर 33 नवाही से श्याम लाल     वार्ड नंबर 35 सोहर से अंजना कुमारीवार्ड     नंबर 4 डलाह से चंपा देवी (भाजपा से बागी)     वार्ड नंबर 24 गोड़ा गागल से डिम्पल कुमार सैनी (भाजपा से बागी)     वार्ड नंबर 28 भाम्बला से अभिलाषा ठाकुर(भाजपा से बागी). कांग्रेस कहां कहां जीती     वार्ड नंबर 20 सलापड़ से मोहित ठाकुर     वार्ड नंबर 26 लोअर रिवालसर से पवन कुमार     वार्ड नंबर 34 टिहरा से अनिता कुमारी     वार्ड नंबर 29 थौना से अंजनी देवी     वार्ड नंबर 22 महादेव से किरणा कुमारी (कांग्रेस की बागी) मंडी के सेरी मंच पर विजेताओं के साथ जयराम. सीपीआईएम ने दो सीटें जीतीं     वार्ड नंबर 1 भडयाडा से कुशाल भारद्वाज     वार्ड नंबर 5 कुफरी से शिवानी ठाकुर     वार्ड नंबर 36 लांगणा से राखी शर्मा निर्दलीय. जयराम को जीत का श्रेय 2027 में जब भाजपा विधानसभा चुनाव जीती थी तो मंडी जिले की 10 विधानसभा सीटों मेंसे 9 भाजपा ने जीती थी. इसके बाद 2022 में भाजपा ने 9 सीटें जीती और एक कांग्रेस को गई. इसके बाद लोकसभा चुनाव में जयराम का डंका बजा और वह कंगना को जिताने में कामयाब रहे. अब नगर निगम चुनाव और जिला परिषद चुनाव में जयराम ठाकुर को पूरी तरह से क्रेडिट जाता है. जीत के बात जयराम ठाकुर ने मंडी में कहा कि मंडी भाजपा की थी और भाजपा की रहेगी। 

CM शुभेंदु ने क्रिकेटर पर जताया भरोसा, बंगाल कैबिनेट में मिली बड़ी जिम्मेदारी

कलकत्ता पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार 1 जून (सोमवार) को संपन्न हुआ. राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आरएन रवि की मौजूदगी में कुल 35 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली. इस दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।  नबन्ना में आयोजित समारोह की शुरुआत कैबिनेट मंत्रियों के शपथ ग्रहण से हुई. सबसे पहले 7 विधायकों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई. इसके बाद तीन विधायकों ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली, जबकि अंत में 19 विधायकों ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण किया।  टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज अशोक डिंडा भी बंगाल सरकार में मंत्री बने हैं. उन्होंने राज्य मंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ली. डिंडा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर हालिया विधानसभा चुनाव में मोयना सीट से धमाकेदार जीत हासिल की थी. डिंडा ने अपने निकटमतम प्रतिद्वंद्वी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) के चंदन मंडल को 16241 मतों से हराया था।  यह लगातार दूसरी बार है जब अशोक डिंडा ने मोयना सीट पर जीत दर्ज की है. इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में 42 वर्षीय डिंडा ने तृणमूल कांग्रेस के संग्राम डोलुई को बेहद करीबी मुकाबले में 1260 वोटों से हराया था. क्रिकेट के बाद राजनीति में उनकी यह जीत भाजपा के लिए भी बड़ा संदेश मानी गई थी।  अशोक डिंडा का क्रिकेट करियर भी काफी चर्चित रहा है. उन्होंने दिसंबर 2009 में श्रीलंका के खिलाफ भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया था. दाएं हाथ के तेज गेंदबाज डिंडा ने भारत के लिए 13 वनडे और 9 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले. वनडे इंटरनेशनल में उन्होंने 12 विकेट लिए, जबकि टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम 17 विकेट दर्ज हैं।  IPL में इन टीमों के लिए खेले घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए अशोक डिंडा का योगदान बेहद अहम रहा. वहीं इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई. डिंडा ने IPL में कुल 78 मैच खेलते हुए 69 विकेट झटके. इस दौरान वह कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR), दिल्ली कैपिटल्स (DC), पुणे वॉरियर्स इंडिया (PWI), रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स (RPS) जैसी टीमों का हिस्सा रहे।  क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अशोक डिंडा ने फरवरी 2021 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था. इसके बाद उन्होंने राजनीति में तेजी से अपनी पहचान बनाई और अब मंत्री पद तक पहुंचकर यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ क्रिकेट मैदान पर ही नहीं, राजनीति की पिच पर भी लंबी पारी खेलने के लिए तैयार हैं। अशोक डिंडा-जॉयल मुर्मू समेत कई MLA's बने राज्य मंत्री समारोह में जॉयल मुर्मू, पूर्व क्रिकेटर व विधायक अशोक डिंडा और आनंदमय बर्मन ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली. इनके अलावा बीजेपी विधायक शांतनु प्रमाणिक, पूर्णिमा चक्रवर्ती और उमेश राय को भी शुभेंदु अधिकारी कैबिनेट में राज्य मंत्री (MoS) के तौर पर शामिल किया गया है।  पश्चिम बंगाल सरकार का ये शपथ ग्रहण समारोह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के शपथ लेने के ठीक तीन हफ्ते बाद हुआ है. शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई को ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की गरिमामयी उपस्थिति में शपथ ली थी. उनके अलावा इस शपथ ग्रहण समारोह में दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निशित प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू मंत्री पद की शपथ ली थी।  सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश वहीं, बंगाल में मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए बीजेपी ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को साधने की कोशिश की है. नए मंत्रिमंडल में ब्राह्मण, ओबीसी (OBC), आदिवासी, मतुआ और राजबंशी समुदायों को उचित प्रतिनिधित्व दिया गया है।  आपको बता दें कि हाल में संपन्न हुआ बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत हासिल कर ममता बनर्जी की 15 साल पुरानी सत्ता को फेंका. बीजेपी ने 294 सीटों में से अकेले दम पर 200 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की।     

शुभेंदु सरकार का बड़ा विस्तार, 35 मंत्रियों को मिला मौका; जानें किसे कौन सा पद

कलकत्ता  पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनाने के तीन हफ्ते बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया है। आज सुबह 11 बजे से कोलकाता के नबन्ना में भाजपा के 35 विधायकों को राज्यपाल आरएन रवि ने मंत्री पद की शपथ दिलाई।  इस विस्तार से मंत्रिमंडल का आकार बढ़ गया, जिसमें अभी अधिकारी और 9 मई को शपथ लेने वाले उनके पांच कैबिनेट सहयोगी शामिल हैं। शुभेंदु कैबिनेट में अब 13 कैबिनेट मंत्री, 19 राज्य मंत्री और 3 स्वतंत्र प्रभार मंत्री हो गए हैं।  कौन बना कैबिनेट मंत्री? पश्चिम बंगाल में इस बार मंत्रिमंडल में क्षेत्र और अनुभव को ध्यान में रखते हुए संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। कैबिनेट में इस बार अनुभवी और युवा नेताओं को जगह दी गई।  जिन 13 चेहरों को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है उनमें     दीपक बर्मन     तापस रॉय     डॉ शंकर घोष     मनोज कुमार उरांव     अर्जुन सिंह     गौरी शंकर घोष     स्वपन दासगुप्ता     जगन्नाथ चट्टोपाध्याय     कल्याण चक्रवर्ती     अजय पोद्दार     सारद्वत मुखर्जी     दूध कुमार मंडल     अनूप कुमार दास मंत्रिपरिषद कितनी बड़ी होगी? 35 नए मंत्रियों के शामिल होने के साथ ही पश्चिम बंगाल मंत्रिपरिषद की संख्या बढ़कर 41 हो गई। पांच कैबिनेट मंत्री पहले ही शपथ ले चुके हैं, जो महिलाओं (अग्निमित्रा पॉल), मतुआ समुदाय (अशोक कीर्तनिया), राजबंशी समुदाय (निसिथ प्रमाणिक) और आदिवासियों (क्षुदीराम टुडू) का प्रतिनिधित्व करते हैं। पार्टी नेताओं ने बताया कि मंत्रिपरिषद के विस्तार से अन्य समुदायों को भी प्रतिनिधित्व मिलेगा। 91वें संवैधानिक संशोधन के तहत किसी भी राज्य की कैबिनेट का आकार विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यों वाली विधानसभा में मंत्रियों की अधिकतम अनुमत संख्या 44 है। इस हिसाब से अधिकारी सरकार के पास अभी भी इस सीमा से तीन पद कम हैं। इन विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ सोमवार को शपथ लेने वालों में दीपक बर्मन, अर्जुन सिंह, शंकर घोष, गौरी शंकर घोष, तापस रॉय, स्वप्न दासगुप्ता, डीके मंडल, राजेश महता, इंद्रनील खान, मालती रेवा रॉय, जॉयल मुर्मू, अशोक डिंडा, आनंदमय बर्मन, शांतनु प्रमाणिक, पूर्णिमा चक्रवर्ती, उमेश रॉय और मनोज कुमार ओरान शामिल हैं। भाजपा ने हालिया विधानसभा चुनाव में 294 सदस्यीय सदन में 208 सीटें जीतकर पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनाई थी। मुख्यमंत्री अधिकारी ने नौ मई को शपथ ली थी। उस समय उनके साथ केवल पांच अन्य मंत्रियों को शामिल किया गया था और मंत्रियों की संख्या छह थी। नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 41 हो जाएगी, जो संवैधानिक सीमा के भीतर है। संविधान के अनुसार 294 सदस्यीय विधानसभा में मंत्रियों की अधिकतम संख्या 44 हो सकती है। बंगाल सरकार का फॉर्मूला एजेंसी वार्ता ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि मंत्रिमंडल विस्तार में देरी क्षेत्रीय संतुलन और विभिन्न जिलों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए की गई। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि पार्टी की चुनावी सफलता राज्य के लगभग हर जिले के समर्थन से मिली है, इसलिए अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को मंत्रिमंडल में समायोजित करने के प्रयास किए गए। राजनीतिक हलकों की नजर अब इस बात पर है कि किन विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिलती है और महत्वपूर्ण विभाग किसे सौंपे जाते हैं। माना जा रहा है कि शपथ ग्रहण के तुरंत बाद विभागों का बंटवारा भी घोषित किया जा सकता है। पहले 9 मंत्री हुए थे शामिल शुभेंदु के साथ भाजपा विधायकों दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निसिथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी। छह सदस्यीय मौजूदा मंत्रिमंडल भाजपा के सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन के प्रयास को दर्शाता है जिसमें ब्राह्मण, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), आदिवासी, मतुआ और राजबंशी समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। कैबिनेट विस्तार के जरिए भाजपा का क्या लक्ष्य है? कैबिनेट विस्तार में व्यापक सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर जोर दिया गया है। मौजूदा मंत्रिमंडल में पहले से ही महिलाओं, आदिवासियों, मतुआ और राजबंशी समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता शामिल हैं।